शीमती इिरा गाधी व बांलाे एक बड़ा मथक आज पाक युद का खतरा ितज पर मंडरा रहा है। सवाभावक तौर े इ वषय म जनमत हेतु
mass
मीडया म काफी गोयां व वाताय हो रहंह। अनेक गोय म लोग इिरा गाधी की
statesmanship,
बहार ु की चचा कर रह ह। हमारे जानकार गण यथा शीमान पाथारथी नेकहा क इिरा जी े पाकसतानी डरनेलग गयेथे। कुछ लोग कह रह ह क आज हमारे पा वैा बहार
ु यव वाला नेतृव का अभाव हमारे े की कमजोर बन गया है।कभी कभी कुछ लोग अानव ऐेम का कार होते ह और कभी कभी तथाकथत उंची आवाज एवं
larger then life
छव वाले लोग ऐे म पैा करवाने म फल होतेरह ह।आजके परपे म इ मुे पर चचा आज की परिसथतय का बेहतर आंकलन करने म हायक होगी।
वहां:
न 1971 म पाकसतान के आम चुनाव के पात पूव पाकसतान की आवामी लीग का बह ुमत पिमी पाकसतानी के आकाओंएवंपंजाबी बाह
ुय पाकसतानी ेना को बलकुल भी गवारा नहं था। पुव पाकसतानी या वहां का बंगाली पिमी पाकसतान म हमेा ेोयम ज का गरब व मूख नागरक
माना जाता था। इन मायताओंके बीच इसलामाबा की ग एक बंगाली को प ेना , ताकालीन पिमी पाकसतान को गवारा नहं ह ुआ। फलसवप जनमत कुचलने हेतूेना ारा लन और कले आम का कुच चलाया जा रहा था। अप मय मह पाकसतानी ेना पूव पाकसतान या बांलाे म ुमन ेना हो चुकी थी।
यहां
: इिरा गाधी को न 1966 मकुछ मनबार नेताओं, ने अपने सवाथ व, भारत का
कठपुतली धानमी बनाया । उनकी धानमी के प मजो छव थी क मोरारजी भाई नेउनको गु ंगी गुडया
की पवी े डाली। न 1969 तक इिरा जी ं मपूर तरह अपनी अमताओंका परचय े चुकी
थी। न 1969 म रापत चुनाव म अभूतपूव भतरघात करते ह
ुयेअपने ह ारा नामांकत उमीवार केिखलाफ चार कर उेहरवाया। न 1967 के चुनाव म वैेभी कांे की िसथत बगड़ चुकी थी। न
1971 म इिरा गाधी की ं सवयंअपनी िसथत भी काफी कमजोर थी।
युद
: इिरा गाधी को इ पृभुम म अपनी कमजोर िसथत े उबरने का एक अवर नजर आया।पूव बंगाल ेकाफी ताा म ह
ुरणाथ भारत आ रहे थे।उहं न भारत के एक वमान का अपहरण कर भुटो की नजर के ाम लाहौर हवाई अडे पर उड़ा या गया। पूव पाकसतान म जनमत ेखते ह ुए इिरा गाधी नेनैः नैः भारतीय ेना को मुजीब वाहनी के भेष पूव पाकसतान म वे
करवाया। जब बर के महने म अधकारक प े युद ु ह ुआ तब तक वहां, पाकसतानी ेना पूण प े
HOSTILE TERRITORY
मथी। इ लये युद जीतना आान हो चुका था।
परणाम:
बह ुचचत धारणा है क भारत को इ युद े काफी लाभ ह ुआ है। मेर धारणा है क बांलाे की आजा भारत के लये
लाभ नहीं हान का ौा
था। न 1971 तक पूव पाकसतान आथक प ेपाकसतान एक एक गरब अंग था। न 1971 के युद के पहले पाकसतानी ेना अपने नरंहार के
ारा वहां तकरबन ती लाख लोग का खून बहा चुकी थी। पूव पाकसतान के त पिमी पाकसतान
का रवैया कभी भी ौहा पूण नहं रहा था। भाषा के मुे पाकसतान के ोन धड़ म गहरे मतभे या
थे। इन ब के बीच अगर इिरा जी नेूझबूझ का परचय े वहां फ गहृयुद को ह बढावा या
होा , तो ाय आजतक पाकसतान का पूव अंग, पाकसतान का भार प े
र रहा कैिर काफोड़ा बन कर पाकसतान को अिर ही अिर कमजोर
कर रहा होता। पूव पाकसतान की ेष पाकसतान े भौगोलक र ू उे कभी भी एक
Contiguous/Harnonious
े का प लेने नहं ेती।
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