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Panini Aur Computers

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Panini Aur Computers, panini and computers, sanskrit and computers, sanskrit best language
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05/03/2013

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पाणि का संगिक क्य  ूटर क आंतरक भाषा म  योगदा 
 
डॉ. मध  ुस  ूदन 
 
 स टाल ईसा प  ूव 
5
ी शती कभारतीय भाषा ानी 
19
ी शती कए पिमी भाषा ानय क अपेा अधक जानते थेऔर समझते थे। पान को आध  ुनक गतीय तकका भी ान था।
 
ऋ नओम िोक आध  ुनक अथवम  भी पहला जनन.शील याकर पान का याकर ह है।पतेज पान का अकला याकर ह   ुट रहत है। अय कसी भाषा का याकर ऐसा नहहै। न लातनी का न ीक का न िीनी का न ह  ुका न अरबी का न फारसी का न अेी का।
 
पान क अटायायी का उपयोग सगक म  सशत 
-
पॉरफ  ुल आतरक परिालन. म इटनवल ोामग म  ह  ुआ है
 
अिरज क बात : बडेअिरज क बात है क आज भी भारत कफ टे प  ुराने
,
ट  ूे फ  ूटे अतीत केखणडहर से ान.ान क घणटयाबज ह रह ह   और उन घणटय क मज  ुल न ससार भर म   ल कर ग  ू ज रह है। सारे भ  ूमडल को ऊजावभी दान कर रह है। यह हो भी रहा है पर बना कसी नयोजन या बना कसी ोसाहन  बना कसी उतेजना क। यह हो रहा है पर हम  पता तक नह है और पता हो तो कोई बोलता भी नह। हम ह भौिकह   
,
ातक प म  िकत ह   क ऐसा या है
,
हमारे पास 
?
ात म  हम तो इहत  ुओको यागनेलए उस  ुक है। क  ुछ पढे लखे ान को तो यह हमारे ास का कार भी दखाई देता है।
 
म  ुवाद ामिवाद 
 
ऐसे लोग नेमन  ुाद ामाद दकयान  ूसी 
 
इयाद सयता.प  ूवगालयाभी रि ल ह   । ऐसेक  ुछ पढे लखेबह  ुत अचछा शसनीय काम करनेाले हद कान प  ुरकतावभी सक  ृत करोधक मलते ह   । और े अपनेआप को उदारमताद मानते ह  ुए अय सभी सक  ृतय का उदारता प  ूवक बखान ह कर  गे पर जब बात हमारउनकअपनेभारतीय मानिन क आएगी तो सक  ुिा जाएगे।अय सभी सक  ृतयााय है ीकायवह   
,
पर जस सक  ृत नेयह उदारता सखायी है ह याय है
,
यह कसे
?
मेर समझ कपरे है।
 
ाची भारतीय ा वा का औचय 
 
आज भी ािीन भारतीय ान.ान क उपलधय का नये नये ेो म  औिय और उपय  ुतता मात हो रह है। इसका महप  ूवउदाहर है सगक कय  ूटर क सरिना म  आयोजत कया जानेाला तक.म। सगक का सजवन मान मतक कतक.म को तबबत करता है इस  लए गत िार.पाि दशक से यह े सघन शोध का षय रहा है। माना जाता है क क 
-
नय याय का तकशा और ख 
-
पान क अटायायी का उपयोग। सगक म  सशत 
-
पॉरफ  ु परिालन म ोामग कसदभवम  शोध कतावओयान म  आया था। इसका पट उलेख करनेाले ामाक ान ह   तटत भाषा ानी   टाल और नओम िोक।
 
 
फ स टाल कौ है
 
अभी एक षवपहले ह फ रर 
19
को 
2012
म  जनका नधन ह  ुआ े  स टाल य  ुनरसट ऑ क  ॅलफोनवया बकले कदशवन शा कायापक ह  ुआ करते थे। क 
-
ैदक कमवकाणड और म 
,
ख 
-
ग  ूढाद और कमवकाणड उनकैानक सशोधन कशेष े थे। ग 
-
े ीक और भारतीय तकवशा और घ 
-
दशवन ए सक  ृत याकर कभी ान थे। भारतीय दशवन और सक  ृत कअययन हेत  ुआपकसतत सपकम  बनारस और मास का भी उलेख मलता है।
 
टाल कहते ह   फक 
 
ािीन भारतीय ैयाकरय नेशेषत: पान नेसभी भाषा ैानक सात पर भ   ु पाया था। पान ारा योजत सारे सात नॉम िक ने 
1950
म   
2400
ष पिात प  ुन: शोधेथे
 
आगे कहते ह   क आध  ुनक गतीय तकका भाषाान म  योग भी पान को ात ह  ुए बना ऐसा सभ नहहै। इसका अथवह  ुआ क पान को आध  ुनक गतीय तकका भी ान था। कब 
?
तो बोले ईसा प  ूव 
5
ी शताद म   
2400
षवपहले टाल का म कषय का अययन भी उस षय पर नया काश फ  कता है ह अययन हमारे कमवकाणड को भी मात करता है। और उसे प  ुन: जीत करनेक मता रखता है। लेखक इस षय पर त  ुत लेख नहहै।
 
य  ुगानतरकार यतव. ोएम चोक 
 
द  ूसरे इस े कनवाद ान जह  भाषाान के म  य  ुगातर कार यत ालेसचि ान माना जाता ह   े ह   नोएम िोक। उह  भाषा ान े म  इस य  ुग कगत 
50
षवका य  ुगातरकार यत माना जाता है। उह नेभी कहा है क आध  ुनक अथवम  भी पहला जनन.शील याकर पान का याकर ह है। जनन शील 
-
जस कनयम म  बार बार योजना करनेक अतहन मता होती है। भारत का भाषा ान पिम से
2400
षवआगे। एक अय थान पर फर टाल जो कहते ह   उसे पढनेपर आपका गौर जगे बना नहरहेगा। े कहते ह    क अब यद हम पीछे म  ुड केख  तो न:सदेह ढता प  ूवक कह सकते ह   क ईसा प  ूव 
5
ी शती केभारतीय भाषा ानी 
19
ी शती कपिमी भाषा ानय क अपेा अधक जानतेथेऔर समझतेथे।
 
नित े पान कयोगदान क ह बात कर रहे ह   । यह साधार सी बात नहहै। म   नेइसे बार बार पा 
,
एक एक शद पर क क कर पा। यह असामाय बात ह   । मेरा अन  ुरोध भारत हतैषी सारे पाठक इस उर को ह आमसात कर लय 
,
जैसेआप भगत गीता कलोक को पाठ कर लेते ह   । यह टाल और िोक दोनो ककथन का भी साराश है।
 
भारत का भाषा वा 
 
अिरज नहहै क जब 
5
ी शती म  भारत भाषा ान म   
2400
षवआगे था 
,
तो आज का भारती भाषा ान भी जो पान क परपरा क धारा सेह ज  ुडा ह  ुआ है ह पिम से आज भी आगेह है
,
ऐसा ात म  है ह। उसे कल ात यागनी पडेगी। ढकोसला नय यागना पडेगा। उित 
 
गौर जगाना पडेगा। ग  ुलामी यागनी पडेगी।
 
 टस टाल कअन  ुसार जब ईसा प  ूव 
5
ी शती का भारतीय भाषा ानी 
19
ी शती कपिमी भाषा ानी से भी आगे था 
,
तो आजका भारतीय भाषा ानी पिम कभाषा ानी कपीछहोना असभ है।
 
 अटाधयायी का याकरि 
 
अटायायी कयाकर म  ाय रिना और रिना.म कनरपाद बना अपाद और   ुट.रहत नयम ह   । याकर प  ूावतप  ूवहै। उसम  स  ुधार कलए कोई अकाश ह नह। यह सारा 
3965
आधी आधी पत कस  ू म  गठत कया गया है।
 
ाय रिना रिना म और याकर इन तीन बद  ुओपर ह सगक कय  ुटर िलता है। यह तीन उसे   ुट रहत िाहए। और पान का याकर ह एकमे एक अकला ह ऐसा याकर है। ससार क कसी भी अय भाषा का याकर ऐसा नहहै। न लातनी का न ीक का न िीनी का न ह  ु का न अरबी का न फारसी का न अेी का।
 
डॉ. ल  ुमफ ड और डॉ. ह  ॅरस 
 
डॉ. ल  ुम   फ ड और डा. ह  ॅरस नाम कदो भाषा ानी 
20
ीशती म  हो गए। दोनो भाषाानी अेी भाषा ैानक कअनेक सात ढ   ू ढ पाए थे। जनका उपयोग प  ुरानेपहल पीढ कसगक सिालक याओोामग म  कया गया था। उपय  ु वत दोन भाषा ानी डॉ.ल  ुम   फ ड और डॉ ह  ॅरस 
20
ी शताद कारभ म  जमवनी जाकर ैदक याकर तशायम  ्और पान का याकर आमसात करकआये थे। उनका यह अययन जमवनी म  एक दो नह प  ूरे सात षवतक िला था। मानता ह  ू क ापस आनेपर भी उनका अययन अबाधत ह रहा होगा।
 
चंदपदप 
 
पान याकर क याओका उपयोग नओम िोक नेपान याकर क याओका  उपयोग करकसगक क जनन शील याओका नमाव कया। जनका उलेख पहलेय  ुगातरकार भाषा ानी कनाते कर ि  ुका ह  ू े नओम िोक ऊपर उलेखत सक  ृत याकर ाता डॉ. ह  ॅरस कछा रह ि  ु
 
थे
,
और कह ि  ुका ह  ू  क यह डॉ हरस जमवनी जाकर सतत 
7
षवतक पान का याकर और ैदक याकर पढकर आए थे। न: सदेह उनकयाथ नओम िोक भी पान से भात हगे ह। िोक को सगक परिालन हेत  ुसगक आाओको मब रत से परिालत करनेलए जननशील याकर िाहए था। े भाषा क सरिना को नदशत करना िाहते थे। ऐसा करनेम  उह  ऐसे नयम को बनानेक आयकता थी जो नयम बार बार उपयोग म  लाया जा सक। जो िालत हो और जसका प  ुन: प  ुन: उपयोग कया जा सके
,
तो नओम िोक नेपान याकर क याओका उपयोग करकसगक क जनन शील याओका नमाव कया।
 
 आगे जॉह बॉस ामक 
 

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