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Amrit Ki Disha

Amrit Ki Disha

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Published by M K Mishra
osho discourses consciousness
osho discourses consciousness

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Published by: M K Mishra on Sep 03, 2013
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09/03/2013

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ve`r dh fn’kk ve`r dh fn’kk ve`r dh fn’kk ve`r dh fn’kk 
Page 1 of 139http://www.oshoworld.com 
एक साधुआ^म मɅएक युवक बहत समय से रहता था। Ǒफर ऐसा संयोग आया Ǒक   ुयुवक को आ^म सेǒवदा होना पड़ा। राǒ] का समय है
,
बाहर घना अंधेरा है। युवक नेकहा 
,
रोशनी कȧ कछ åयव·था करने कȧ पा करɅ।उस साधुने एक दȣया जलाया 
,
उस युवक कहाथ मɅ दȣया Ǒदया 
,
उसेसीǑढ़यां उतारनेिलए खुद उसकसाथ हो िलया। और जब वह सीǑढ़यांपार कर चुका और आ^म का Ʈार भी  पार कर चुका 
,
तो उस साधुनेकहा Ǒक अब मɇअलग हो जाऊ
,
ÈयɉǑक इस जीवन केरा·तेपर बहत दर तक कोई Ǒकसी का साथ नहȣंदे सकता है। और अÍछा है Ǒक मɇइसके  ु ूपहले ǒवदा हो जाऊǑक तुम साथ कआदȣ हो जाओ। और इतना कह कर उस घनी रात मɅ
,
उस अंधेरȣ रात मɅउसने उसकहाथ कदȣये को फ ंक कर बुझा Ǒदया। वह युवक बोला 
,
यह Èया पागलपन हआ  ु
?
अभी तो आ^म कहम बाहर भी नहȣं िनकल पाए 
,
साथ भी छोड़ Ǒदया और दȣया भी बुझा Ǒदया!उस साधुने कहा 
,
दसरɉ कजलाए हए दȣये का कोई मूãय नहȣं है। अपना हȣ दȣया हो तो  ू ुअंधेरे मɅकाम देता है
,
Ǒकसी दसरे कदȣये काम नहȣं देतेहɇ। खुद कभीतर सेήकाश   ूिनकलेतो रा·ता ήकािशत होता है
,
और Ǒकसी तरह रा·ता ήकािशत नहȣं होता है।तो मɇिनरंतर सोचता हं ू
,
लोग सोचते हɉगे Ǒक मɇआपकहाथ मɅकोई दȣया दे दंगा  ू
,
ǔजससे आपका रा·ता ήकािशत हो जाए 
,
तो आप गलती मɅ हɇ। आपकहाथ मɅ कोई दȣया होगा तो मɇउसेबड़ȣ िनम[मता से ंक कर बुझा दे सकता हं। मेरȣ मंशा और मेरा इरादा यहȣ है Ǒक   ूआपकहाथ मɅ अगर कोई दसरे का Ǒद  ूया हआ ήकाश हो तो मɇउसे फू ंक दं ु ू
,
उसेबुझा दं। ूआप अंधेरे मɅ अकले छट जाएं
,
कोई आपका संगी-साथी हो तो उसे भी छȤन लू ं। और तभी  जब आपकपास दसरɉ का जलाया हआ ήकाश न रह जाए और दसरɉ का साथ न रह जाए  ू ु
,
तब आप ǔजस रा·ते पर चलते हɇ
,
उस रा·ते पर परमा×मा आपकसाथ हो जाता है और आपकȧ आ×मा का दȣया जलने कȧ संभावना पैदा हो जाती है।सारȣ जमीन पर ऐसा हआ है। स×य कȧ तो बहत खोज है ु
,
परमा×मा कȧ बहत चचा[है ु
,
लेǑकन 
,
लेǑकन ये सारे कमजोर लोग कर रहे हɇ
,
जो साथ छोड़ने को राजी नहȣं हɇ और जो दȣया बुझाने को राजी नहȣं हɇ। अंधेरे मɅ जो अकले चलने का साहस करता है ǒबना ήकाश 
,
उसकभीतर साहस का ήकाश पैदा होना शुǾ हो जाता है। और जो सहारा खोजता है
,
वह िनरंतर कमजोर होता चला जाता है।भगवान को आप सहारा न समझɅ। और जो लोग भगवान को सहारा समझते हɉगे
,
वेगलती मɅ हɇ। उÛहɅ भगवान का सहारा नहȣं उपलÞध हो सकगा। कमजोरɉ किलए इस जगत मɅछ 
 
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भी उपलÞध नहȣं होता। और जो शǒƠहȣन हɇ और ǔजनमɅ साहस कȧ कमी है
,
धम[उनका रा·ता नहȣं है। Ǒदखता उलटा है। Ǒदखता यह है Ǒक ǔजतने कमजोर हɇ
,
ǔजतनेसाहसहȣन हɇ
,
वेसभी धािम[क होतेहए Ǒद   ुखाई पड़ते हɇ। कमजोरɉ को 
,
साहसहȣनɉ को 
,
ǔजनकȧ मृ×यु करȣब आ रहȣ है उनको 
,
घबड़ाहट मɅ
,
भय मɅ धम[हȣ माग[मालूम होता है। इसिलए धम[ आस-पास कमजोर और साहसहȣन लोग इकÒठे हो जाते हɇ। जब Ǒक बात उलटȣ है। धम[तो उनकिलए है
,
ǔजनकभीतर साहस हो 
,
ǔजनकभीतर शǒƠ हो 
,
ǔजनकभीतर बड़ȣ दद[àय  ुǑहàमत हो और जो कछ अंधेरे मɅअकले ǒबना ήकाश कचलने का द·साहस कर सकɅ  ु तो यह मɇήाथिमक Ǿप सेआपसे कहं। दिनया मɅ यहȣ वजह है Ǒक जब सेकमजोरɉ ने धम[   ू ुको चुना है
,
तब सेधम[कमजोर हो गया। और अब तो सारȣ दिनया मɅ ुकमजोर हȣ धािम[क हɇ। ǔजनमɅथोड़ȣ सी Ǒहàमत है
,
वेधािम[क नहȣं हɇ। ǔजनमɅ थोड़ा सा साहस है
,
वेनाǔ·तक हɇ। और ǔजनमɅ साहस कȧ कमी है
,
वेसब आǔ·तक हɇ।भगवान कȧ तरफ सारे कमजोर लोग इकÒठे हो गए हɇ
,
इसिलए दिनया मɅधम[नƴ होता  ुचला जा रहा है। इन कमजोरɉ को भगवान तो बचा हȣ नहȣं सकता 
,
येकमजोर भगवान को से बचाएंगे
?
कमजोरɉ कȧ कोई र¢ा नहȣं ह
,
और कमजोर तो Ǒकसी कȧ र¢ा कसे करɅगे
?
सारȣ दिनया मɅ मनुΆय कइितहास कइन Ǒदनɉ मɅ ु
,
इन ¢णɉ मɅ
,
जो धम[का अचानक ηास और पतन हआ है ु
,
उसका बुिनयादȣ कारण यहȣ है।तो मɇआपको कहं ू
,
अगर आपमɅसाहस हो 
,
तो हȣ धम[रा·ते पर चलने का माग[खुलता  है। न हो 
,
तो दिनया मɅबहत रा·ते हɇ। धम[आपकिलए नहȣं हो सकता। ु ु तो जो आदमी भय ककारण भयभीत होकर धम[कȧ तरफ आता हो 
,
वह गलत आ रहा है।लेǑकन सारे धम[-पुरोǑहत तो आपको भय देते हɇ--नरक का भय 
,
·वग[का ήलोभन 
,
पाप-पुÖय का भय और ήलोभन 
,
और घबड़ाहट पैदा करतेहɇ। वेघबड़ाहट कƮारा आपमɅधम[का  ήेम पैदा करना चाहते हɇ। और यह आपको पता है
,
भय से कभी ήेम पदा नहȣंहोता। और  जो ήेम भय सेपैदा होता है
,
वह एकदम झूठा होता है
,
उसका कोई मूãय नहȣं होता। आप भगवान सेडरते हɇ
,
तो आप नाǔ·तक हɉगे
,
आǔ·तक नहȣं हो सकतेछ लोग कहते हɇ Ǒक जो भगवान सेडर
,
वह आǔ·तक है। गॉड Ǒफयǐरंग 
,
जो ईƳर से डरता हो 
,
ईƳर-भीǽ हो 
,
वह आǔ·तक है।यह ǒबलकल झूठȤ बात है। ईƳर से डरने वाला कभी आǔ·तक नहȣंहो सकता। ÈयɉǑक डरने  से कभी ήेपैदा नहȣं होता। और ǔजसको हम भय करतेहɇ
,
उसेबहत ήाणɉ कήाण मɅ  ुघृणा करते हɇ। यह तो संभव हȣ नहȣं है। भय कसाथ भीतर घृणा िछपी होती है। जो लोग 
 
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भगवान से भयभीत हɇ
,
वेभगवान कश]ुहɇ
,
और उनकमन मɅभगवान कήित घृणा होगी।तो मɇआपसे कहं ू
,
ईƳर सेभय मत खाना। ईƳर से भय खानेका कोई भी कारण नहȣं है।इस सारे जगत मɅअकला ईƳर हȣ है ǔजससेभय खाने का कोई कारण नहȣं है। और सारȣ चीजɅ भय खाने कȧ हो सकती हɇ। लेǑकन हआ उलटा है। और मɇबड़े ु-बड़े धािम[कɉ को यह कहते सुनता हं ू: ईƳर का भय खाओ। और ईƳर कभय खानेसे पुÖय पैदा होगा। और ईƳर  भय खाने से सÍचǐर]ता पैदा होगी।ये िनहायत झूठȤ बातɅ हɇ। भय से कहȣं सदाचार पैदा हआ है ु
?
जैसेहमनेरा·तɉ पर  पुिलसवाले खड़े कर रखेɇ
,
वैसेहȣ हमनेपरलोक मɅ भगवान को खड़ा कर रखा है। वह एक  बड़े पुिलसवालेकȧ हैिसयत से है। एक बड़े कां·टेबल कȧ हैिसयत से है। भगवान को ǔजÛहɉने  कां·टेबल बना Ǒदया है
,
उन लोगɉ नेधम[को बहत नुकसान पहंचाया है।  ु भगवान कήित भय सेकोई ǒवकिसत नहȣं होता। भगवान कήित तो बड़ा अभय चाǑहए।और अभय का अथ[Èया होगा 
?
अभय का अथ[होगा Ǒक जो लोग ^ƨा करतेɇ
,
वेलोग भय ककारण ^ƨा करतेहɇ। इसिलए ^ƨा को मɇधम[कȧ आधारभूत शत[नहȣं मानता। आपनेसुना होगा Ǒक ǔजसको धािम[क होना है
,
उसे^ƨालुहोना चाǑहए।गांधीजी को एक बहत बड़े åयǒƠ ने जाकर पूछा Ǒक मɇपरमा×मा को जानना चाहता हं तो  ुÈया कǾं
?
तो गांधीजी नेकहा 
,
ǒवƳास करो। अगर वह मुझसे पूछता 
,
मɇउससेयह नहȣंकह सकता था Ǒक ǒवƳास करो। गांधीजी कȧ बात ठȤक नहȣंहै। और उस आदमी नेगांधीजी को कहा Ǒक ǒवƳास कǾं
?
ǔजस बात को मɇजानता नहȣं
,
ǒवƳास कसेकǾ
?
ǔजस बात से मɇपǐरिचत नहȣं हं ू
,
उसे मानू ंसे
?
गांधीजी नेकहा 
,
ǒबना माने तो परमा×मा को जाना नहȣं जा सकता। और मɇआपसे यह कहना चाहता हं ू
,
जो मान लेतेहɇ
,
वेकभी नहȣं जान सकɅगे। मɇआपसे यह कहता हं Ǒक जो परमा×मा  ूको मान लेतेहɇ
,
वेकभी नहȣं जान सकɅगे।यह आपका दभा[Êय होगा Ǒक आप परमा×मा को मानते हɉ। ÈयɉǑक माननेका अथ[यह हआ   ु ुǑक आपने ǔज£ासा और खोज कƮार बंद कर Ǒदए। मानने का अथ[यह हआ Ǒक अब  ुआपकȧ कोई तलाश नहȣं है
,
आपकȧ कोई खोज नहȣंहै
,
अब आपकȧ कोई इंÈवायरȣ नहȣं है।अब आप कछ खोज नहȣं रहहɇ
,
आप तो मान कर बैठ गए 
,
आप तो मर गए।^ƨा मृ×युहै। और संदेह 
?
संदेह जीवन है। संदेह खोज है। तो मɇआपसे ^ƨालुहोने को  नहȣं
,
मɇआपसे संदेह करने को कहता हं। लेǑकन संदेह करने का यह मतलब मत समझ   ूलेना Ǒक मɇआपको ईƳर को न मानने को कह रहा हं। ÈयɉǑक न मानना भी मानने का एक  ूǾप है। आǔ·तक भी ^ƨालुहोता है
,
नाǔ·तक भी ^ƨालुहोता है। आǔ·तक कȧ ^ƨा है Ǒक 

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