पश
समाचरत।
आददयाव
मततय
त। ु ु े े े ् उाय
धताकर
कतभावकठन॥
द ृुसामासमय
चयरमरम।
वशसमय
ब
म े े् नवाणदत॥
आचायबधकैन
(
साधकैतमत
)
ादशा
वचयत।
नामान
चा
ान
चराण
च
कतयत॥ े े े ् ् वमजन
कयात
गा
दश
यथचतम॥ ु् ् ेउदखऽहास
रजा
दणामख।
ूावदन ु ु ु या
दनपवापराधय।
उदख
मा
रजा ुुेदणामख।
नभवमद ु
(
सयिधनाराभदशनमत ु
)
सयतारादशनम॥ ्
(
दवालयजा े
)
दवगमनवूसख
च
ववजयत। े े ुु्तृणैपाय
मयाह
रानपयगभ॥
लाैवा
न ु ु सपणकाफलादभ।
अध
ूजनन ुगामन
पाणना।
जलााशमपाग
शच
कवत ृेुुमृलै।
एका
ल
गद
प
दश
वामकर
मृद।
ष
च े े े ुपृ
चा
च
करय
मृका॥
वाक
वमल
च
गह े े े े े ृृमाग
जलार।
ऊषर
मषकात
गोज
दवतालय॥ े े े े े े वापकपतटाकादमल
च
सकताल॥
वा
ँमशान े े े कटातषाारादषत।
पासल ु ु े े परशचाधशमृणभतल॥
हलात
च
जबाल
शकर े े े े
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