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Alternative Indian Therapies in Hindi_A Collection by Kamlesh Maheshwari

Alternative Indian Therapies in Hindi_A Collection by Kamlesh Maheshwari

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Alternative Indian Therapies in Hindi_A Collection by Kamlesh Maheshwari
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07/15/2013

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ाकितक िचक×सा व£ान अथवा ाकितक िचक×सा णाली ाकितक िचक×सा व£ान अथवा ाकितक िचक×सा णाली ाकितक िचक×सा व£ान अथवा ाकितक िचक×सा णाली ाकितक िचक×सा व£ान अथवा ाकितक िचक×सा णाली 
उतनी ह पुरानी है जतनी क कित वयं। इसकआधार ह- पंचतव- आकाश तव 
,
वायु तव 
,
अÊन तव 
,
जल तव और पृØवी तव। इस तरह यह णाली संसार मचिलत सभी िचक×सा  णािलय मसेपुरानी अथवा उसक जननी है। वेद मजो संसार कआद \ंथ ह। इस व£ान  क समत मोट-मोट बात जैसेजल िचक×सा उपवास िचक×सा आद का वण[न पाया जाता  । वेदकाल कपुराणकाल मभी ाकितक िचक×सा चिलत थी। रोग को न करने किलए हमारश मिमÒट का उपयोग ाचीन समय सेह कया जा रहा है। ाचीनकाल मकसी भी  कार क दवाएं
,
हापटल आद नहं थेफर भी लोग आज क तुलना मकाफ वथ और लàबी उ वालेहोते थे। एक युग था जब क लोग ाितक प सेवथ रहते थे। वत[मान  समय क तरह ये लोग असमय मह िनब[ल नहं होतेथे। उनक शाररक 
,
मानिसक तथा आ×मक तीन शयां शशाली बनी रहती थी। ाचीन समय कलोग वत[मान समय क तरह न तो जãद सेबूढे़होते थेऔर न ह कम उ कहोते थे। ाचीन काल कलोग अपना  जीवनयापन ाचीन िचक×सा पित क ह सहायता सेकया करते थे।
 
 
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ाकितक िचक×सा मसमाहत कछ अÛय िचक×सा पितयांाकितक िचक×सा मसमाहत कछ अÛय िचक×सा पितयांाकितक िचक×सा मसमाहत कछ अÛय िचक×सा पितयां ाकितक िचक×सा मसमाहत कछ अÛय िचक×सा पितयांाचीन काल सेह हमयह £ात हो चुका है क रोग का इलाज हमारे चार ओर उपथित ाकितक त×व क सहायता सेकया जा सकता ह। इÛहं त×व ककारण ह हमारा जीवन चलता रहता है। यद कसी कारणवश यह अंसतुिलत हो जाता है तो हमारा वाØय खराब हो जाता है। एक ऐसी ाचीन िचक×सा णाली जो बना दवाओं कह 
,
åयायाम 
,
व^ाम 
,
वÍछता 
,
उपवास 
,
आहार 
,
पानी 
,
हवा 
,
काश 
,
िमÒट आद कसंतुिलत उपयोग सेह शरर को रोग सेमु  कर दती है तथा åय को वथ और दघ[जीवन का राता दखाती है वह 
``
ाकितक िचक×सा 
``
पित कहलाती ह। ाकितक िचक×सा कअÛतग[त िचक×सा पितयां ह-
 
1. योग िचक×सा।
 
2. जल िचक×सा।
 
3. सूय[िचक×सा।
 
4. फल-सÞजी िचक×सा।
 
योग िचक×सा योग िचक×सा योग िचक×सा योग िचक×सा 
 
हमारा देश योिगय का देश कहा जाता है। आज भी संसार मभारतीय योग का अपना वशेष मह×व ह। पमी देश ममाना जाता है क भारतीय पव] \ंथ 
`
रामायण 
´
मवण[त पुपक  वमान का वण[न कवल कãपना मा] नहं है। रावण क नािभ मअमृत होने ककारण वह अमर  हो गया था। इसकबारे मयूरोपीय देश कवै£ािनक को भी सÍचाई नज़र आती है। महभारत यु मयु अ मपरमाणु संपÛन अ भी थे। अब यह िस हो चुका है क महाभारत  यु कबाद ^ीकण भगवान ारा अजु[न करथ सेउतरते ह रथ का जल जाना योिगराज भगवान कण ककारण ह था। योिगराज भगवान कण ने योग कबल पर ह गोवध[न पव[त को एक ह हाथ क अंगुली पर उठा िलया था। इसी बल कारण ह हनुमान जी हमालय से गंधमादन पव[त को उठाकर लाये थे। भगवान ^ीकण का च सुदश[न इÍछा क गित पर  चलता था। आदकव शंकराचाय[ने योग कबल सेह अपना शरर ×यागकर द  ूसर देह को धारण करके
`
कामशा 
`
को सीखा और इसकबाद पुन: अपने शरर मआ गये। यह सब योग कारण ह सàभव ह  ुआ था।
 
 
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जापानी डाÈटर ने योग ारा यह िस कया है क योग शा मबताए गये शरर केभीतर मौजूद छह च मअनÛत ऊजा[भर ह   ुई है। इन च को जागृत तथा िनयं]त करने से चम×कारक शयां उ×पÛन होती ह। पंताजिल ऋष ने योग को शरर मिछपी ह  ुई ¢मताओंउपयोग का साधन माना है।
 
ऋÊवेद 
,
अथवद तथा पूव[उपिनषद मयोग क विभÛन मुाओं तथा उनकचम×कारक भाव  का वण[न कया गया है कÛतु िचक×सा क¢े] मयोग कयोग पर सव[थम यूरोपीय देश  वै£ािनक ने अपना Úयान दया जब उÛहने दखा क शीषा[सन करने से मतक कउन अंग मर जाता है जसमर वाह ाय: कम ह होता है। सभी आसन का अÚययन करने बाद जब 1945 कबाद शोध अÚययन कआधार पर योग कभाव को िस करने क कोिशश क गई तो इसकफलवप 
`
योग िचक×सा 
´
एक अलग ह वा बन गई। वत[मान समय मसंपूण[व कलोग योगासन कित आकष[त होकर योग को अपना रहे ह।
 
योगसू] कयोगसू] कयोगसू] क योगसू] क8888 भाग होते ह जो िनàन कार कहोते ह।भाग होते ह जो िनàन कार कहोते ह।भाग होते ह जो िनàन कार कहोते ह।भाग होते ह जो िनàन कार कहोते ह।
 
1. यम 
 
2. िनयम 
 
3. आसन 
 
4. ाणायाम 
 
5. ×याहार 
 
6. धारणा 
 
7. Úयान 
 
8. समािध 
 
इन सभी योगसू] म 
`
यम 
´
योग क पहली तथा 
`
समािध 
´
सबसे अंितम अवथा होती ह
`
योग िचक×सा 
´
मिसफ[ आसन तथा उससेहोने वालेभाव कबारे मचचा[क जाती है।

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