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3 Yug Ki Mang Pratibha Parishkar - I

3 Yug Ki Mang Pratibha Parishkar - I

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Published by Brijesh Verma
3 Yug Ki Mang Pratibha Parishkar - I doc
3 Yug Ki Mang Pratibha Parishkar - I doc

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 गमंथ  
:
 
ॐ भू भु  वः वः
 
 सिवु व   रे णयं
 
भगो दे वय धीमिह 
 
 धय य नः पचदया्
 
 उस पाव 
,
 द   ुःखनाशक 
,
 सु खव 
,
ेष 
,
 े जवी 
,
 ानाशक 
,
 दे वव रमामा क हम अनी 
 
अं ःकर म   धार कर   
.
 वह रमामा हमारी बु  क समाग  म   पे र करे
. -
 
 ऋवेद ३
/
६२
/
१०
,
 सामवेद १४६२
,
 यजु व     द ३
/
३५
,
२२
/
,
३०
/
,
३६
/
.
Gayatri Mantra and its meaning:
Om bhurbhuvaha swahatatsaviturvarenyambhargo devasya dhimahidhiyo yo naha prachodayat.We embrace that supreme being, the effulgent divine sun, the ultimate life force, omnipresentand omnipotent, the destroyer of all sins and sufferings and the bestower of bliss. May he inspire andenlighten our intellect to follow righteous path. -Rigveda 3/62/10, Samveda 1462, Yajurveda 3/35,22/9, 30/2, 36/3.
 
 
 य   ु ग  ग िर 
-
 
भाग १
- (
 
 ि ा 
- 03)
 सर 
-
 
 संे 
 
भगवसा का िनकटम और सु िनच थान एक ही है
,
अं राल म   िवमान पाा। उसी क जानने
-
 
 उभारने से वह सब क   ु छ िमल सका है
,
 जसे धार करने क मा मनु य कास है। पावान्पिभा सं  म    
 
 उस पाा का अनु ा सामाय से अधक हा है। उसी क आमबल 
-
 
 सं कबल भी कहा गया है
 
 ारस क छ   ू  कर लहा सना बना भी है या नह 
?
 इसम   िकसी क सं दे ह ह सका है
,
 र यह सु िनच है
 
 िक महापाी 
-
 
आमबल सं  य असं य क अना अनु यायी 
-
 
 सहयगी बना ले े ह   । इह पिभावान ने सदा 
 
 से जमाने क बदला है
-
 
 रव   न क ृ षभू  िम बनाई है। पिभा िकसी र आसमान से नह बरसी 
,
 वह  अं दर से
 
 जागी है। सवो  ंक छडकर वह कबीर और रै दास क भी वर कर सकी है। बलवान 
,
 सु ं दर क छडकर गाँधी 
 
 जै से कमजर शरीर वाले व चाय जै से क   ु  का वर करी है। जस िकसी म   वह जाग जाी है
,
 साहसका 
 
और सु यवथा कद गु  म   जस िकसी क भी अय 
-
 
अनुशास कर लया जाा है
,
 सव   मु खी पगि का ार 
 
 ख   ु ल जाा है। पिभा 
-
 
 रकार 
-
 
 ेजवा का िनखार आज क अरहाय  आवयका है एवं इसी आधार र 
 
 नवय   ु ग क आधारिशला रखी जाएगी।
 
 िा 
1.
 प् पिज 
2.
 ििरे से र 
3.
 पिध   न   
4.
 य   ु ग जििि नी 
5.
 पिसंध   न ू   कए 
6.
 पि क   ुर हर िकसी म   िवमान ह   
7.
 उक   ृा कसाथ जु डे
,
 पि द
 
 
 प् पिज 
 
 समय क माँ ग अनु  
,
 द दबाव इन िदन िनरं र बढे जा रहे ह   । एक याक अवां छनीयाओं से
 
 जू  झना और उह   रा करना। द   ू  सरा है नवय   ु ग क सृ जन यवथा क काया व करने क समथ   ा। िनजी और 
 
 छटे ेत म   भी यह दन काय  अि किठन डे ह   
,
 िफर जहाँ देश 
,
 समाज या िवव का पन है
,
 वहाँ  किठनाई 
 
 का अनु ा असाधार हगा ही।
 
 पगि थ र असर हने लए दनु  यया एवं कम   िनषा उ करनी डी है। साधन जु टाने
 
 डे ह   । इनके िबना सामाय थि म   रहे ह    ए िकसी पकार िदन काटे ही बन डा है। इसी पकार किठनाइय 
 
 से जू  झने
,
अडचन किनर करने और माग  रककर बै ठे ह    ए अवरध क िकसी पकार हटाने लए समु िच 
 
 साहस 
,
शौय  और सू  झ 
-
 
 बू  झ का रचय दे ना डा है। अनेक समयाएँ और किठनाइयाँ
,
आए िदन तास और सं कट 
 
भरी रथियाँ
,
 बनी ही रही ह   । ज किठनाइय से जू  झ सका है और पगि क िदशा म   बढ चलने कसाधन 
 
 जु टा सका है
,
 उसी क पिभावान्कहे ह   
 
 पिभा क िनजी जीवन िवकास म   िनरं र आवयका डी है और अवरध क िनर करने म   भी।
 
 ज आगे बढे
-
 
 ऊँ चे उठे ह   
,
 उह   यह दन ही सरं जाम जु टाने डे। उक   क सू  झ 
-
 
 बू  झ और किठनाइय से लड सकने
 
 क िहम 
,
 इन दन िबना उिशील जीवन जी सकना संभव ही नह हा। िफर सामु दाियक साव   जिनक ेत म   
 
 सु यवथा बनाने लए और भी अधक पखरा चािहए। यह िवशाल े त 
,
आवयकाओं और गु थय क  से
 
  और भी बढा 
-
 
 चढा हा है
 
 मनु य क आक   ृि 
-
 
 पक   ृि  एक जै सी ही है
,
 र उनकर म   भारी िभा ाई जाी है। हीन र के
 
 लग रावलं बी हे ह   । वे आँख   बं द करकद   ू  सर कीछचले ह   । औिचय कहाँ है
,
 इसक िववे चना बु  इनम   नह 
 
 कबराबर ही है। वे साधन कलए 
,
 माग   दश   न लए द   ू  सर र िनभ   र रहे ह   
,
 यहाँ क िक जीवनयगी साधन 
 
 क अनी वं त चेना बलबू  े जु टा नह ाे। उनकउथान 
-
 
 न का िनिम कार द   ू  सरे ही बने रहे ह   । यह 
 
 रजीवी वग  ही मनु य म   बह    ला साथ ाया जाा है। अनु कर और आय ही उनकवभाव अं ग बनकर 
 
 रहे है। िनजी िनधा र कदािच् ही कभी कर ाे ह   । यह हीन वग  है
,
 सं दा रहे ह    ए भी इह   दीन ही कहा जा 
 
 सका है
 
 द   ू  सरा वग  वह है ज समझदार हे ह    ए भी सं क  वाथ   रा से िघरा रहा है। यया और रा जै सी 
 
 िवशेाएहे ह    ए भी वे उह   मात लभ 
,
 मह 
,
अहं कार क ू  ि  लए ही िनयज िकए रहे ह   । उनक नीि 
 
अने मलब से मलब रखने क ही है। आदश  उह   पभािव नह करे। क   ृा और कायरा के दबाव से वे
 
 ु णय रमाथ  क बा  सच ही नह ाे
,
अवसर िमलने र अनु िच कर बै ठने से भी नह चू  के
,
 महव न िमलने
 
 र वे अनथ  कर बै ठे ह   गू  लर भु नगे जै से वक    ि जं दगी ही जी ाे ह   बु मान और धनवान् हे ह    ए भी 
 
 इन लग क िनवा ह भर म   समथ  पजाजन ही कहा जाा ह। वे जस िस पकार जी  लेे ह   
,
 र ेय समान 
 
 जै सी िकसी मानविच उलध साथ उनका कई सं बंध ही नह जु डा है। उह    जनसं या का एक घटक भर 
 
 माना जाा है। िफर भी वे दीन 
-
 
 हीन क रह रावलं बी या भारभू   नह हे। उनक गना यव क  से
 
अं ग 
,
अिवकस और असहाय म   नह ही। कम 
-
 से
-
 
 कम अना बझ अने ै र र  उठा लेे ह   
 
 ीसरा वग  पिभाशालय का है। वे भौिक े त म   काय   र रहे ह   
,
  अनेक यवथाएबनाे ह   
 
अनुशासन म   रहे और अनु बंध से बँधे रहे ह   । अनी नाव अने बलबू  े खेे ह   और उसम   िबठाकर अय िकन 
 
 क ही ार करे ह   । बडी यजनाएँ बनाे और चलाे ह   कारखान कयवथाक और शासनाय पाय 
:
 इह 
 
 िवशेाओं से सं  हे ह   । जहने महवू    सफलाएँ ाई  ं
,
 उलधयाँ हग क 
,
 पिधा एजी 
,
 उनम   
 
 ऐसी ही मौलक सू  झ 
-
 
 बू  झ ही ह। बल 
-
 
 चाल क भाा म   उह   ही पिभावान कहे ह   । अने वग  का नेृ व भी वही 
 
 करे ह   गु थयाँ सु लझाे और सफलाओं का थ पश करे ह   । िमत और शतु सभी उनका लहा माने ह   
 
 मथल म   उान खडे करने जै से चमकार भी उह से बन डे ह   । भौिक पगि का िवशे ेय यिद उह   ही 
 
 िदया जाए  अय   ु  हगी। सू  झ 
-
 
 बू  झ धनी 
,
 एक साथ अने क  र  रख सकने क मा भी  उह 
 
 म   ही है। समय सबके ास सीिम है। क   ु छ लग उसे ऐसे ही दै िनक रो  ंकायो  ंम   गु जार दे े ह   
,
 र क   ु छ ऐसे भी 
 
 हे ह   ज एक ही समय म   
,
 एक ही शरीर 
-
 
 मक से
,
अनेक ाने
-
 
 बाने बु ने और अनेक जाल 
-
 
 जं जाल सु लझाे ह   
 
 सफला और पशं सा उनकआगे
-
 
 ीछिफरी ह। अने ेत समु दाय या देश क पगि ऐसे सु यवथ पिभावान 
 
 र ही िनभ   र रही है

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