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ध्यान के माध्यम से स्वयं को तरोताज़ा एवं रोग-मुक्त करें

ध्यान के माध्यम से स्वयं को तरोताज़ा एवं रोग-मुक्त करें

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Length: 267 pages2 hours

Description

इस पुस्तक में दिए गए ज्ञान और अभ्यासों का प्रयोग करने से, आपके शरीर में मौजूद बीमारियाँ ठीक हो सकती हैं, और आप एक तरोताज़ा, स्वस्थ अवस्था में बने रह सकते हैं। भले ही आपका शरीर रोग-ग्रस्त नहीं है, तब भी आप इस पुस्तक को पढ़ सकते है, ताकि आप यह बेहतर तरीके से समझ पाए की:

कैसे ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं आपको अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। ईश्वर, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, आदि से आपका क्या सम्बन्ध है।

यह पुस्तक समझाती है की:

आप कैसे ईश्वर की ऊर्जा को अवशोषित कर अपने शरीर में मौजूद किसी भी बीमारी का उपचार कर सकते हैं। किस तरह से ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं को स्वयं को बेहतर तरीके से सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करें, ताकि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए एक बेहतर एवं स्वस्थ जीवन व्यतीत कर पाएं। ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं पर सकारात्मक प्रभाव के माध्यम से आप किस तरह खुद का उपचार कर स्वस्थ बने रह सकते हैं, क्योंकि ब्रह्मांडीय ऊर्जा आपके विचारों, भावनाओं, उद्देश्यों, आदि के आधार पर आपको अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। आप किस तरह अपने होलोग्राफिक शरीर के माध्यम से रोग-मुक्त हो सकते हैं। सार्वभौमिक कानूनों के बारे में, जिनके माध्यम से आपका उपचार होता है। वे प्रथाएं जिनमें ची और प्राण शामिल हैं, उनका किस प्रकार सफलतापूर्वक उपयोग, किसी भी दवाई के बिना लोगों के उपचार के लिए किया गया है। किस प्रकार आपकी आत्मा की अशुद्ध ऊर्जाएं आपके शरीर को रोग-ग्रस्त होने के लिए प्रभावित करती हैं, और किस प्रकार आपकी आत्मा की शुद्ध ऊर्जाएं आपके शरीर के उपचार को प्रभावित करती हैं। कैसे आप आत्म जागरूक अवस्था के माध्यम से आसानी से ठीक हो सकते हैं। कैसे आप अपने मन, बुद्धि और स्मृतियों पर अधिक नियंत्रण पा सकते हैं; और यह किस तरह आपके उपचार में सहायक होगा। आप किस प्रकार ईश्वर से एक करीबी रिश्ता विकसित कर सकते हैं, जिसके माध्यम से आपको अच्छे स्वास्थ्य सहित जो भी चाहिए या पाना है, उसके लिए आपको ईश्वर की सहायता प्राप्त होगी। कैसे आप अपनी आभा और वातावरण के भीतर एंजेलिक (दैवीय) संसार की ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं; और यह कैसे आपके रोगों को ख़त्म करने में मददगार होगा। दूरस्थ उपचार के माध्यम से, कैसे आपका और दूसरों का उपचार हो सकता है। कैसे आपके पास वे हाथ हो सकते हैं, जो आपके स्पर्श मात्र से उपचार करने में सक्षम हों। कैसे ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं, बेहतर पोषक तत्त्व और औषधीय मूल्यों वाला भोजन प्रदान कर सकती हैं। कैसे ईश्वर का स्मरण करते हुए सोने से, आपका शरीर रोग-मुक्त हो सकता है। 

इस पुस्तक में दिए गए ज्ञान और ध्यान दिशानिर्देशों का उपयोग कर, आप ईश्वर से संपर्क स्थापित कर अपने शरीर की उपचार प्रक्रिया का आरम्भ करेंगे, इनके संपर्क में आने के माध्यम से:

ईश्वर की रोग हरनेवाली शक्तिशाली ऊर्जा, और ईश्वर की ऊर्जा द्वारा सक्रीय की गयी ब्रह्मांडीय ऊर्जा। ये शक्तिशाली ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं (ची या प्राण), ईश्वर और आपको अच्छी तरह अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं, क्योंकि वे एक शक्तिशाली स्तर पर हैं।  इस प्रकार, आपके शरीर के सारे रोग तुरंत समाप्त किये जा सकते हैं।

 आप ताज़ा होने और बने रहने के लिए, अपने आपको ईश्वर की ऊर्जा के संपर्क में भी ला सकते हैं।

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इस पुस्तक में दिए गए ज्ञान और अभ्यासों का प्रयोग करने से, आपके शरीर में मौजूद बीमारियाँ ठीक हो सकती हैं, और आप एक तरोताज़ा, स्वस्थ अवस्था में बने रह सकते हैं। भले ही आपका शरीर रोग-ग्रस्त नहीं है, तब भी आप इस पुस्तक को पढ़ सकते है, ताकि आप यह बेहतर तरीके से समझ पाए की:

कैसे ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं आपको अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। ईश्वर, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, आदि से आपका क्या सम्बन्ध है।

यह पुस्तक समझाती है की:

आप कैसे ईश्वर की ऊर्जा को अवशोषित कर अपने शरीर में मौजूद किसी भी बीमारी का उपचार कर सकते हैं। किस तरह से ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं को स्वयं को बेहतर तरीके से सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करें, ताकि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए एक बेहतर एवं स्वस्थ जीवन व्यतीत कर पाएं। ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं पर सकारात्मक प्रभाव के माध्यम से आप किस तरह खुद का उपचार कर स्वस्थ बने रह सकते हैं, क्योंकि ब्रह्मांडीय ऊर्जा आपके विचारों, भावनाओं, उद्देश्यों, आदि के आधार पर आपको अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं। आप किस तरह अपने होलोग्राफिक शरीर के माध्यम से रोग-मुक्त हो सकते हैं। सार्वभौमिक कानूनों के बारे में, जिनके माध्यम से आपका उपचार होता है। वे प्रथाएं जिनमें ची और प्राण शामिल हैं, उनका किस प्रकार सफलतापूर्वक उपयोग, किसी भी दवाई के बिना लोगों के उपचार के लिए किया गया है। किस प्रकार आपकी आत्मा की अशुद्ध ऊर्जाएं आपके शरीर को रोग-ग्रस्त होने के लिए प्रभावित करती हैं, और किस प्रकार आपकी आत्मा की शुद्ध ऊर्जाएं आपके शरीर के उपचार को प्रभावित करती हैं। कैसे आप आत्म जागरूक अवस्था के माध्यम से आसानी से ठीक हो सकते हैं। कैसे आप अपने मन, बुद्धि और स्मृतियों पर अधिक नियंत्रण पा सकते हैं; और यह किस तरह आपके उपचार में सहायक होगा। आप किस प्रकार ईश्वर से एक करीबी रिश्ता विकसित कर सकते हैं, जिसके माध्यम से आपको अच्छे स्वास्थ्य सहित जो भी चाहिए या पाना है, उसके लिए आपको ईश्वर की सहायता प्राप्त होगी। कैसे आप अपनी आभा और वातावरण के भीतर एंजेलिक (दैवीय) संसार की ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं; और यह कैसे आपके रोगों को ख़त्म करने में मददगार होगा। दूरस्थ उपचार के माध्यम से, कैसे आपका और दूसरों का उपचार हो सकता है। कैसे आपके पास वे हाथ हो सकते हैं, जो आपके स्पर्श मात्र से उपचार करने में सक्षम हों। कैसे ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं, बेहतर पोषक तत्त्व और औषधीय मूल्यों वाला भोजन प्रदान कर सकती हैं। कैसे ईश्वर का स्मरण करते हुए सोने से, आपका शरीर रोग-मुक्त हो सकता है। 

इस पुस्तक में दिए गए ज्ञान और ध्यान दिशानिर्देशों का उपयोग कर, आप ईश्वर से संपर्क स्थापित कर अपने शरीर की उपचार प्रक्रिया का आरम्भ करेंगे, इनके संपर्क में आने के माध्यम से:

ईश्वर की रोग हरनेवाली शक्तिशाली ऊर्जा, और ईश्वर की ऊर्जा द्वारा सक्रीय की गयी ब्रह्मांडीय ऊर्जा। ये शक्तिशाली ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं (ची या प्राण), ईश्वर और आपको अच्छी तरह अपनी सेवाएं प्रदान करती हैं, क्योंकि वे एक शक्तिशाली स्तर पर हैं।  इस प्रकार, आपके शरीर के सारे रोग तुरंत समाप्त किये जा सकते हैं।

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