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Testimony of Domestic violence

Testimony of Domestic violence

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08/17/2013

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भारत : सभय समाज मे पु लिलसया पशय के कारण दररि दा अधेड उम के पति दवारा नवयु वति पतनी का

बाि काटकर जबरदसिी पागिो वािी दवा खििाकर िथा सावव जतनक िौर पर नि गा कर हवस का लिकार
बनाने के सि दरव मे ।
मु दे : पु लिस यािना, धनपिु (पति) की दबि गिा, है वातनयि व दररनदगी, सथानीय पु लिस – पिासन के
पशय से पति दवारा है वातनयि की लिकार पतनी को सु रका नही दे ना और पाथव ना पत पर कायव वाही नही
करने के सनदरव मे !
05 दिसमबर, 2012
पिय ममत,
मानवाधधकार जन तनगरानी सलमति ( PVCHR ) कायाविय मे मदद के लिए आयी 23 वरीय नीिम
(कालपतनक नाम) अपने पति हबसी और है वान ककसम के आदमी जो बाि-बाि मे गािी दे ने , िाना दे ने
और िारीररक दु वयवव हार के अिावा पति-पतनी के बीच पेम ररा वयवहार न कर सावव जतनक यौन उतपीडन
और MMS बनाना जैसी अतयाचारो को सहिी रही है ! जब करी िि ग आकर अपनी माा के पास जाने को
कहिी िो वे नही आने दे िे । उनहे पररवार, ररशिे दार पडोलसयो ककसी से बाि करने की मनाही थी, पति
सरी को धमकाकर रििे थे कक कोई मु झे बािचीि ना करे ।
दररनदा पति के पू वव पतनी ने री समरविः इसी पकार के वयवहार से िि ग आकर घर मे ही आतमहतया
कर िी थी। जजसके बाद उनके मै के वािो से सु िह हो गया। कोई कानू नी कायव वाही नही होने से इनका
मन बढा है । वे कई बडे नामी माकियाओि का जजक अकसर करिा है और उनके नाम से सरी को डरा
धमकाकर रििे है। पीडडिा ने एक बार िोजवा पु लिस चौकी मे अपने उतपीडन के खििाि लिकायि दजव
कराई, िेककन पु लिस वािे उलटा उनहे ही समझाने और डराने िगे।
एक बार जब वे अपने पति के मार-पीट से िि ग आकर अपनी माा के घर चिी आयी थी िब उसने उसके
घर पर रिे कपडो को बु री िरह काटकर उसका किरन ककसी आदमी के हाथ रेजवाया और कहा “जिस
तरह तु महारे कपड़ की कतरन काटकर भे िा ह

ू उसी तरह तु महारे बचचे को भी काटकर तुमहारे माू के घर
भेिवा ि ू गा। अगर बचचे की सलामती चाहती हो तो घर वापस चली िाओं।“ जब पीडडिा िौट कर नही
आयी िब उनके राई शयाम सु नदर को कई घि टे थाने मे बि द रिवाया ! मज़बू र होकर वापस सु नीि के
साथ जाने को िै यार ह

ई िब शयाम सु नदर को छोडा गया।


िकरण पवसतार :
‘‘मै जिनिा रहना चाहती ह

ू....!!’’
मेरा नाम नीलम (कालपननक नाम), उम-23 वरष है । मेरी माू मु ननी िे वी और पपता सव0 रामनारायण
चैरमसया, ननवासनी सामने घाट (मिवािी नगर कालोनी), थाना-लं का, वाराणसी, उततर ििे ि है । हम िो भाई
और चार बहने है , जिसमे मै सबसे छोटी ह

ू।
मेरे माा के घर के पास लिवाजी नगर कािोनी मे रहने वािी एक महहिा ककरन जजनका मेरे घर आना
जाना था, उनके साथ मेरी माा ने िादी के लिए िोटो खिचवाने रेजा था। िोटो खिचवाने के बाद ककरन
मु झे सि दे ि रे सटोरे नट मे क

छ खििाने -पपिाने के बहाने िे गयी और क

छ ही दे र मे ही वहाा सु नील
चौरमसया, पु त-कनहै या गु पता, ननवासी B24/151, कशमीरी गं ि, राम मं दिर, खोिवां , थाना-भेल पु र, वाराणसी
और उनके क

छ िोसत (पवनोि, धोबी, बनटी, लमब ) वकील सदहत पह

ाच गये और मु झसे जबरी ककसी पेपर
पर हसिाकर करने को कहे । मै बु री िरह घबरा गयी कक यह कया हो रहा है ? मै रोने िगी और कहाा कक
इस िरह मै कै से िादी कर सकिी ह

ा ? मेरे घरवािे मेरी माा यहाा नही है , िेककन ककरन ने मु झसे जबरी
हसिाकर करवा लिया। यह घटना 26 जून, 2005 की है ।
िकरीबन चार हदन बाद मु झे अगवा कर लिव मजनदर मे िादी कर घर िे गये। मेरी माा अके िी है और
इसकी दबि गई से डर कर क

छ री नही कर पायी, िेककन वहाा जाने के िु रनि बाद मेरे पति ने मेरे साथ
सरी अपने पररवार वािो के सामने अपमानजनक वयवहार करना िु र कर हदया। मेरे मना करने पर मु झे
वही चािटा जड हदया। मु झे सु नीि और उनके पररवार के बारे मे पहिे से क

छ री पिा नही था। ससु राि
पह

ाचकर पिा चिा उनके दो बचचे एक बेटा और एक बेटी है (जो आज कमिः 17 और 15 साि के है ।)
मु झे यह सब पहिे से क

छ री नही पिा था। मेरा िो माथा ठनक गया िाम होिे होिे मै ने मना कर
हदया कक मै आपके साथ नही रह सकिी मु झे मेरी माा के पास पह

ाचा हदजजये िो बबमारी का नाटक कर
मु झे समझा लिया, मै ने री यही ककसमि समझ वहाा रहने का पयास ककया।
िेककन मेरे पति हबसी और है वान ककसम के आदमी है , मेरे साथ बाि-बाि मे गािी दे ने , िाना दे ने और
िारीररक दु वयवव हार के अिावा जैसे पति-पतनी के बीच पेम ररा वयवहार िो जैसे मेरे साथ करी रू िकर
री नही ककया, मै चुपचाप सहिी रहिी। जब करी िि ग आकर अपनी माा के पास जाने को कहिी िो वे
नही आने दे िे । मु झे उनके पररवार, ररशिे दार पडोलसयो ककसी से बाि करने की मनाही थी, वे सरी को
धमकाकर रििे थे कक कोई मु झे बािचीि ना करे ।
वे िुद मु झसे करी बािचीि करिे ही नही और न उनके घरवािे मु झे बह

समझकर बह

जैसा वयवहार
ककया, ऐसा मु झे याद री नही है । मै हमेिा इिसानो जै से वयवहार के लिए िरसिी रहिी। मेरे मायके वािो
को री मेरे घर आने की इजाजि नही थी।
मेरे पति ने मेरे साथ अपने िारीररक समबनधो के MMS री बनाया था, जब करी उनके साथ नही रहने
की बाि करिी िो वे मु झे डरािे की मै िु महे बदनाम कर दू ा गा। वे मु झे मेरे राई को जान से मारने की
धमकी दे िे रहिे ।
उनकी पू वव पतनी ने री समरविः इसी पकार के वयवहार से िि ग आकर घर मे ही आतमहतया कर िी थी।
जजसके बाद उनके मै के वािो से सु िह हो गया। कोई कानू नी कायव वाही नही होने से इनका मन बढा है ।
मेरे पति कई गै र कानू नी कायो मे लिपि है । कई बडे नामी माकियाओि का जजक करिे है और उनके नाम
से सरी को डरा धमकाकर रििे है। मै ने एक बार िोजवा चौकी मे उनके उतपीडन के खििाि लिकायि
दजव कराई, िेककन पु लिस वािे उलटा मु झे ही समझाने और डराने िगे।
एक बार जब मै अपने पति के मार-पीट से िि ग आकर अपनी माा के घर चिी आयी थी िब उसने उसके
घर पर रिे मेरे कपडो को बु री िरह काटकर उसका किरन ककसी आदमी के हाथ रेजवाया और कहा कक
जजस िरह िु महारे कपडो की किरन काटकर रेजा ह

ा उसी िरह िु महारे बचचो को री काटकर िु महारे माा
के घर रेजवा दू ा गा। अगर बचचे की सिामिी चाहिी हो िो घर वापस चिी जाओि। मेरी वजह से उनहोने
मेरे राई शयाम सु नदर को री कई घि टे थाने मे बि द रिवाया और जब मै वापस अपने घर सु नीि के साथ
जाने को िै यार ह

ई िो उनहोने मेरे राई को छोडा।
सु नीि मु झे मानलसक रप से कमजोर करने के लिए एक साि िक दवाईया और इिजेकिन री दे िा रहा
जजससे मेरा चेहरा सू ि गया था। मै हर समय निे मे रहिी थी अपने बचचे की दे िराि री नही कर
पािी थी मेरा 5 साि का छोटा बचचा अि ि उनहीि िोगो के पास है । दवाईयो के असर से जयादा बीमार
होने पर उनहोने मु झे कािी हहनदू पवशवपवधदािय (BHU) के पतिजठठि मानलसक डाकटर के अि डर मे रिी
री ककया। वहाा काउि सिर ने मु झे अपने पति के साथ न रहने का कारण पू छा िेककन मै डरकर उनहे क


सचची जसथति नही बिा पायी, जजससे वे मु झे समझािे रहे । सु नीि ने वहाा पहिे से बिाया था कक मेरी
पतनी मेरे साथ नही रहना चाहिी है वह कहीि मेरे साथ नही जाना चाहिी, मै उसे बह

ि पयार करिा ह

ा।
यह सच री था कक कोई री सु नीि के हदिावे वयवहार मे आ जािा था। वह डाकटर के सामने मु झसे
बह

ि ही पयार हदिाने वािा वयवहार करिे रहे जजससे वे री धोिे मे थे।
सु नीि िगािार मु झे पागि, मानलसक रप से कमजोर करने का पयास करिे रहे और कहिे री कक िु म
मर जाओगी िो मु झे बह

ि पै सा लमिेगा। उनके दवारा मेरा बीमा री कराया गया था।
एक बार जब दवा के असर से मै निे मे बेपरवा थी उनहोने मेरा बेिरीब ढि ग से बाि काट हदया और
सबको बु िाकर हदिाया कक दे िो पागि हो गयी है अपना बाि काट िी है । मु झे समझ नही आ रहा था
कक मै कया कर और मे रे साथ कया हो रहा है घ् आज री सबक

छ सोचकर हदि डर से कािपने िगिा है ।
हम अगर अपने पति के यहा वापस घर जायेगे िो वह हमे जान से मार डािेगा। हम अपने बचचे से
बह

ि पयार करिे है और उसके लिए जजनदा रहना चाहिे है । मेरी सरी से यह गु हार है कक यहद मु झे
जजिदा रहना चाहिे है िो मेरे पति के घर मु झे वापस न रेजा जाए, मै ककसी री ककमि पर उसके साथ
नही रह सकिी। मु झे उससे ििाक और मेरा और मेरे बचचे कक जान-माि की सु रका चाहहए।

सेवा मे ,
…………………..
…………………..
…………………..
पवरय: सभय समाज मे पु लिलसया पशय के कारण दररि दा अधेड उम के पति दवारा नवयु वति पतनी का
बाि काटकर जबरदसिी पागिो वािी दवा खििाकर िथा सावव जतनक िौर पर नि गा कर हवस का लिकार
बनाने के सि दरव मे ।
पीडडत़ के नाम : -
1. नीलम (कालपननक नाम), उम- 23 वरव , पु ती – सव0 राम नरायन चौरलसया, पिा – सामने घाट
(लिवाजी नगर कािोनी), थाना – िि का, जनपद – वाराणसी – (उतिर पदे ि) – रारि !
2. मु ननी िे वी, पतनी - सव0 राम नरायन चौरलसया, पिा – सामने घाट (लिवाजी नगर कािोनी),
थाना – िि का, जनपद – वाराणसी – (उतिर पदे ि) – रारि !
3. अं ि, उम – 5 वरव , पु त – नीिम (कालपतनक नाम), उम- 23 वरव , पु ती – सव0 राम नरायन
चौरलसया, पिा – सामने घाट (लिवाजी नगर कािोनी), थाना – िि का, वतष मान पता - B24/151,
कशमीरी गि ज, राम मि हदर, िोजवाि , थाना-रेिू पु र, जनपद – वाराणसी – (उतिर पदे ि) – रारि !
4. शयाम सु निर, उम – लगभग – 26 वरव , पु त - सव0 राम नरायन चौरलसया, पिा – सामने घाट
(लिवाजी नगर कािोनी), थाना – िि का, जनपद – वाराणसी – (उतिर पदे ि) – रारि !


पिय सर / मै डम,
पवरय: सभय समाि मे पु मलमसया िशय के कारण िररं िा अधेड उम के पनत दवारा नवयु वनत पतनी का
बाल काटकर िबरिसती पागल़ वाली िवा खखलाकर तथा सावष िननक तौर पर नं गा कर हवस का मिकार
बनाने के सं िभष मे ।
हम आपका धयान 23 वरीय नीलम (कालपननक नाम), पु ती सव0 राम नरायन चै रलसया व मािा का नाम
मु ननी दे वी, तनवासनी सामने घाट (लिवाजी नगर कािोनी), थाना-िि का, वाराणसी, उतिर पदे ि की ओर
आक

ठट कराना चाह

ागा। जजनका आसु री पववाह अपहरण िथा जबरदसिी 26 जून, 2005 को वाराणसी िहर
जसथि सि दे ि रे सटूरे ट मे वकीि की उपजसथति मे िजकि पयोग करके कागजािो पर हसिाकर कराकर िादी
की पककया पू री कर लिया गया। अधेड उम के िररं िा पनत सु नील गु पता, पु त-कनहै या गु पता, ननवासी
B24/151, कशमीरी गं ि, राम मं दिर, खोिवां , थाना-भेल पु र, वाराणसी दवारा अपने असमाजजक ितवो व
सथानीय गु णडो के सहयोग से जबरदसिी िादी ककया गया, जजसमे ककरन नामक महहिा दोनो के बीच
दिािी का काम की है ।
पवहदि हो कक िादी के पककया के िु रि ि बाद सरी के सामने ही उकि पति सु नीि गु पिा दवारा कपडो का
उिारा जाना और िारीररक समबनध बनाने जैसी जबरदसिी क

तय की जाने िगी। वहाा से ककसी पकार
िोक-िाज से बचकर पहिी बार ससु राि आयी। वहाा री पररवार के अनय सदसयो के सामने री उसी
पकार का क

तय ककया जािा रहा है । पवरोध करने पर िारीररक मारपीट, जिाना िथा मायके के पररजनो
जैसे राई को थाने के पु लिस कलमव यो दवारा बि द करवा और जान से मारने जैसी धमकी दी जािी रही।
सब क

छ सहिे ह

ए वह एक बचचा पै दा ह

आ, जजसका उम लगभग 5 वरष है और नाम अं ि है । िेककन
पति का वयवहार और है वातनयि पर कोई िकव नही पडा। वह पीड डिा के राई के सामने ही उसके साथ
समबनध बनाने का जोर-जबरदसिी करिा िथा नही मानने पर मारपीट कर कपडो को उिार दे िा। इन
सरी से िि ग परे िान पीड डिा मौका पाकर सथानीय पु लिस चैकी िोजवा मे गयी, जहाा उलटी पीड डिा को ही
चुप रहने को कहा गया।
एक बार वह रागकर अपने माा के घर गयी, ककनिु उलटे पु लिस उसके राई को बनद रिी, उसके सु नीि के
घर जाने के बाद उसके राई को छोडा गया। उसके बाद पति का दु वयवव हार या दु राववना और बढ गया।
पीड डिा को जबरदसिी पागिो वािी दवा खििवाया गया और उसी दौरान इसके लसर के बाि कटवा हदया
गया िथा घर मोहलिा मे पागि कहकर सावव जतनक पदिव नी की गयी। अब बचचे री पीड डिा को दे िकर
उसे पागिो के जैसा वयवहार करिे है । जजससे उनकी मनोजसथति सही मे गमरीर बनी ह

यी है ।
िगािार सावव जतनक यौन-उतपीडन, नि गा करके िारीररक उतपीडन िथा मनोवै जातनक पिाडना के कारण
पीड डिा ककसी पकार से वहाि से जान बचाकर राग तनकिी। दू सरी िरि सथानीय पु लिस िथा दररि दा पति
उनके जान के पीछे पडे ह

ए है । उनके मायके वािो को परे िान ककया जा रहा है ।
पीड डिा ककसी पकार जान बचािे -बचािे िथा छु पकर जजिा मु खयािय, कचहरी पह

ाची। जहाा मानव अधधकार
कायव किाव ओि और मानव सि रकण के लिए सि घरव रि वकीिो ने उनकी आपबीिी सु नने के बाद सलमति के
पास िे आये। जहाा इनको सव0 वयथा-कथा (टे सटीमनी) दवारा मनोवै जातनक उपचार ककया गया, किर री
इनकी मनोजसथति दयनीय व घबडाहट बनी ह

यी है ।
महोदय, आज री सभय समाज मे असु री पव

जति िथा महहिाओि को रोग की वसिु समझिे ह

ए तनजीविा
जैसी वयवहार सावव जतनक यौन िोरण से समाज किि ककि है । अगर इस दु राचारी पति िथा सथानीय
पु लिस कलमव यो पर कठोर से कठोर कानू नी कायव वाही नही की गयी िब क

छ री अनहोनी घटना घहटि
होने के साथ समाज दू परि होिा रहे गा।
पवहदि हो कक इसके पू वव पहिी पतनी को मार हदया और उसके मै के वािो से समझौिा कर मामिा दबा
हदया िथा सथानीय सिर पर कई माकियाओि के साथ समबनध रििे ह

ए मोहलिा के बदमािो को पास मे
रिा है , जजससे कोई री वयजकि उसके खििाि क

छ बोिने से डरिे है । यह दररि दा अपने पराव से
सथानीय थाना के साथ केताधधकारी सिर के पु लिस अधधकाररयो को परापवि करिा है िथा उकि
पु लिसकमी उसका ररपू र सहयोग करिे है ।
उसी पकार कािी हहनदू पवशवपवदयािय (BHU) के पतिजठठि डाकटर के यहाि पराव मे पीड डिा का
जबरदसिी मानलसक परे िानी का दवा चिवािा था, जजससे पागि घोपरि ककया जा सके और दररि दा पति
दवारा िारीररक समबनधो का MMS री बनाया गया है , जजसके आधार पर िोरण करिे ह

ए बदनाम करने
का धमकी हदया जािा था। पीड डिा के अनु सार उसका बीमा कराया गया है और उसे जान से मारे जाने
की पू री आिि का है ।
अतः आपसे अनु रोध है कक मामले मे तवररत हसतके प कर पीड डता व पररिऩ को सु रका ििान कराये
और समभापवत िोपरय़ व पु मलस अधधकाररय़ पर कठोर से कठोर काननी कायष वाही हो। जिससे भपवषय मे
सबक सवरप उिाहरण हो सके । िो आपकी बडी क

पा होगी।
आपको धनयवाद !
भविीय

(डा0 लेननन)
महासधचव
मानावाधधकार िन ननगरानी सममनत,
सा 4/2ए., दौििपु र, वाराणसी – 221002.
उतिर पदे ि – रारि !
िोन न0. - +91-5422586688,
मोबाईि न0. - +91 – 9935599333.
ई-मेि – pvchr.india@gmail.com, lenin@pvchr.asia
बेबसाईट – www.pvchr.asia

पत भेिे :
1. Hon'ble President,
President of India,
Rashtrapati Bhawan,
New Delhi – 110001,
India.

2. Hon'ble Vice – President,
(Shri M. Hamid Ansari)
Vice President of Inda,
Vice president House,
6, Maulana Azad Road,
New Delhi – 110011, India.
Tel - +91 – 11-23016422, 23016344.
Email – vpindia@nic.in



3. The Registrar,
Supreme court of India,
Tilak marg, New Delhi – 110001 – India.
Tel - +91-1123388922 – 24, 23388942 – 44,
Fax no. - +91-1123381508, 23381584,23384336 / 23384533 / 23384447.
Email – supremecourt@nic.in

4. The prime minister,
Prime minister of India,
South block, Raisina hill,
New Delhi – 110011, India.
Tel - +91-1123012312,
Fax - +91-1123019545 / 23016857.

5. The chairperson,
National Human Rights Commission,
Faridkot house, Copernicus Marg,
New Delhi – 110001, India.
Fax no. - +91-1123384863.
Email – covdnhrc@nic.in, ionhrc@nic.in

6. The Chairperson,
National commission for backward classes,
Trikoot – 1, Bhikaji Kama Place,
New Delhi – 110066, India.

7. Hon'ble Chief justice,
High court, Uttar Pradesh,
1, Lal Bahadur Shastri marg, Allahabad,
Uttar Pradesh – India.

8. The Chief Minister,
Chief Minister of Uttar Pradesh,
Lal Bahadur Shastri Bhawan,
Lucknow – 226001, Uttar Pradesh – India.

9. Ms. Margrate Sekagya,
UN Special Reporteur on Human Rights Defenders,
Email – urgent-action@ohchr.org, dinfane@ohchr.org



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