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Do You Have Laxmi Yoga in Your Kundali(HINDI)

Do You Have Laxmi Yoga in Your Kundali(HINDI)

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Do you have Laxmi Yoga in your kundali

जयोितषशास की दिष मे धन वै भव और सुख के िलए क

ण¬लî मे
म< धन<ायक यो1 या ल°मî यो1 का9ी मa°व9¸7 aोते a . «·म


ण¬लî एव ¤ ¢ क

¬लî मे िवशे ष धन यो1 त¤ ¤नते a «¤ «·म व
¤ ¢ क

¬लî मे यि< ि¤तîय भाव का ¹वामî एका<श भाव मे और
एका<शे श <
¸
सरे भाव मे ि¹°त aो ¹°वा ि¤तîये श एव एका<शे श एक
सा° व नवमे श ¤ारा दष aो तो ¤यि+ धनवान aोता aै .
जयोितषशास की दिष मे धन वै भव और सुख के िलए क

ण¬लî मे म<
धन<ायक यो1 या ल°मî यो1 का9ी मa°व9¸7 aोते a. «·म क

ण¬लî एव
¤¢ क

¬लî मे िवशेष धन यो1 त¤ ¤नते a «¤ «·म व ¤¢ क

¬लî मे यि<
ि¤तîय भाव का ¹वामî एका<श भाव मे और एका<शेश <
¸
सरे भाव मे ि¹°त
aो ¹°वा ि¤तîयेश एव एका<शेश एक सा° व नवमेश ¤ारा दष aो तो
¤यि+ धनवान aोता aै.
शु4 की ि¤तîय भाव मे ि¹°ित को धन लाभ के िलए ¤a त मa°व ि<या 1या
aै, यि< शु 4 ि¤तîय भाव मे aो और 1ु¢ सातवे भाव, ¤तु°श ¤î°े भाव मे
ि¹°त aो तो ¤यि+ रा«ा के समान «îवन «îने वाला aोता aै . (से यो1 मे
साधार7 9îरवार मे «·म लेकर भî «ातक ¹°यिधक स 9ित का मािलक
¤नता aै. सामा·य ¤यि+ भî sन यो1î के रaते ¨¤¤ ि¹°ित 7ाP कर
सकता aै.
मे ष लû के िलए धन यो1 (Mesh alagna dhana yoga)
लûेश म1ल कम श शिन और भा¹येश 1ु¢ 9¤म भाव मे aोतो धन यो1
¤नता aै.
sसî 7कार यि< स¸ य 9¤म भाव मे aो और 1ु¢ ¤¢ एका<श भाव मे aî तो
भî धन यो1 ¤नता aै और «ातक ¹¤Fî धन स9िV 9ाता aै.
वष लû के िलए धन यो1 (Vrisha lagna dhana yoga)
िम°ुन मे शु4, मîन मे ¤ुध त°ा 1ु¢ के ·¢ मे aो तो ¹¤ानक धन लाभ
िमलता aै. sसî 7कार यि< शिन और ¤ुध <ोनî <
¸
सरे भाव मे िम°ुन रािश मे
aî तो ख¸¤ सारî धन स 9<ा 7ाP aोतî aै.
िम°ुन लû के िलए धन यो1 ( Mithuna lagna dhana yoga)
नवम भाव मे ¤ुध और शिन की यु ित ¹¤Fा धन यो1 ¤नातî aै. यि< ¤¢मा
¨¤¤ का aो तो 9ै तक स 9िV से धन लाभ 7ाP aोता aै.
कक लû के िलए धन यो1 (Karka lagna dhana yoga)
यि< क

ण¬लî मे शु4 <
¸
सरे और ¤ारaवे भाव मे aो तो «ातक धनवान
¤नता aै. ¹1र 1ु ¹ श¬ु भाव मे ि¹°त aो और के तु के सा° यु ित मे aो तो
«ातक भर9¸र धन और 9°वय 7ाP करता aै.
िस a लû के िलए धन यो1 (Simha lagna dhana yoga)
शु4 ¤¢मा के सा° नवाश क

ण¬लî मे ¤लî ¹व¹°ा मे aो तो ¤यि+ ¤या9ार
एव ¤यवसाय ¤ारा ख¸¤ धन कमाता aै. यि< शु4 ¤लî aोकर म 1ल के सा°
¤î°े भाव मे ि¹°त aो तो «ातक को धन लाभ का सु ख 7ाP aोता aै.
क·या लû के िलए धन यो1 (Kanya lagna dhana yoga)
शु4 और के तु <
¸
सरे भाव मे aî तो ¹¤ानक धन लाभ के यो1 ¤नते a. यि<


ण¬लî मे ¤¢मा कम भाव मे aो त°ा ¤ुध लû मे aो व शु4 <
¸
सरे भाव
ि¹°त aो तो «ातक ¹¤Fî स9िV स9¬ ¤नता aै.
तुला लû के िलए धन यो1 (Tula lagna dhana yoga)


ण¬लî मे <
¸
सरे भाव मे शु4 और के तु aî तो «ातक को ख¸¤ धन स 9िV
7ाP aोतî aै. ¹1र म1ल, शु4, शिन और राa ¤ारaवे भाव मे aîतो ¤यि+
को ¹तु~य धन िमलता aै.
वि°¤क लû के िलए धन यो1 (Vrishchika lagna dhana yoga)


ण¬लî मे ¤ुध और 1ु¹ 9ा¤वे भाव मे ि¹°त aो त°ा ¤¢मा एका<श भाव
मे aो तो ¤यि+ करो÷9ित ¤नता aै.
यि< ¤¢मा, 1ु ¹ और के तु <सवे ¹°ान मे aîतो «ातक धनवान व भा¹यवान
¤नता aै.
धनु लû के िलए धन यो1 (Dhanu lagna dhana yoga)


ण¬लî मे ¤¢मा ¹õवे भाव मे ि¹°त aो और स¸य , शु4 त°ा शिन कक
रािश मे ि¹°त aî तो «ातक को ¤a त सारî स9िV 7ाP aोतî aै. यि< 1ु¹
¤ुध लû मेषî त°ा स¸य व शु 4 <ु सरे भाव मे त°ा म 1ल और राa Fõे भाव
मे aî तो ¹¤Fा धन लाभ 7ाP aोता aै.
मकर लû के िलए धन यो1 (Makar lagna dhana yoga)
«ातक की क

ण¬लî मे ¤¢मा और म 1ल एक सा° के ·¢ के भावî मे aो या
ि¬को7 भाव मे ि¹°त aî तो «ातक धनî ¤नता aै. धनेश तु ला रािश मे
और म1ल ¨¤¤ का ि¹°त aो ¤यि+ करो÷9ित ¤नता aै.


भ लû के िलए धन यो1 (Kumbha lagna dhana yoga)
कम भाव ¹°ात <सवे भाव मे ¤¢ और शिन की यु ित ¤यि+ को धनवान
¤नातî aै. यि< शिन लû मे aो और म 1ल Fõे भाव मे aो तो «ातक 9°वय
से यु + aोता aै.
मîन लû के िलए धन यो1 (Meena lagna dhana yoga)


ण¬लî के <
¸
सरे भाव मे ¤¢मा और 9ा¤वे भाव मे म 1ल aो तो ¹¤Fे धन
लाभ का यो1 aोता aै. यि< 1ु¢ Fõे भाव मे शु4 ¹õवे भाव मे शिन
¤ारaवे भाव और ¤¢मा एका<शेश aो तो «ातक क

¤ेर के समान धन 9ाता
aै.


F ¹·य धन यो1 (More dhana yogas)
यa तो ¤ात a , लû ¤ारा धन लाभ के यो1î की ¹¤ aम क

F ¹·य धन
यो1î के िवषय मे ¤¤ा करे 1े «ो sस 7कार ¤नते a .
मेष या कक रािश मे ि¹°त ¤ुध ¤यि+ को धनवान ¤नाता aै, «¤ 1ु¢ नवे
और ¹यारaवे और स¸य 9ा¤वे भाव मे ¤ै õा aो त¤ ¤यि+ धनवान aोता aै .
«¤ ¤¢मा और 1ु¢ या ¤¢मा और शु4 9ा¤वे भाव मे ¤ै õ «ाए तो ¤यि+
को ¹मîर ¤नाता aै.
स¸य का Fõे और ¹यारaवे भाव मे aोना ¤यि+ को ¹9ार धन ि<लाता aै.
यि< सातवे भाव मे म1ल या शिन ¤ै õे aî और ¹यारaवे भाव मे शिन या
म1ल या राa¸ ¤ै õा aो तो ¤यि+ धनवान ¤नता aै.
म1ल ¤î°े भाव, स¸य 9ा¤वे भाव मे और 1ु¢ ¹यारaवे या 9ा¤वे भाव मे aोने
9र ¤यि+ को 9ै त क स 9िV से लाभ िमलता aै

यिद गुर . र कक लग क िलए धन योग (Karka lagna dhana yoga) े यिद कणडली मे शुक दसरे और बारहवे भाव मे हो तो जातक धनवान ु ू बनता है. शिन और राहु बारहवे भाव मे होतो वयिक को अतुलय धन िमलता है. िसं ह लग क िलए धन योग (Simha lagna dhana yoga) े शुक चंदमा क साथ नवांश कणडली मे बली अवसथा मे हो तो वयिक वयापार े ु एवं वयवसाय दारा खूब धन कमाता है. यिद शुक बली होकर मंगल क साथ े चौथे भाव मे िसथत हो तो जातक को धन लाभ का सुख पाप होता है. यिद े े ू कणडली मे चंदमा कमर भाव मे हो तथा बुध लग मे हो व शुक दसरे भाव ु ू िसथत हो तो जातक अचछी संपित संपन बनता है. इसी पकार यिद शिन और बुध दोनो दसरे भाव मे िमथुन रािश मे ू हो तो खूब सारी धन संपदा पाप होती है. यिद चंदमा ु उचच का हो तो पैतृक संपित से धन लाभ पाप होता है. शुक. अगर गुर शतु भाव मे िसथत हो और कतु क साथ यित मे हो तो े े ु जातक भरपूर धन और ऎशवयर पाप करता है. मीन मे बुध तथा गुर कनद मे हो तो अचानक धन लाभ े िमलता है. धनु लग क िलए धन योग (Dhanu lagna dhana yoga) े र कणडली मे चंदमा आठवे भाव मे िसथत हो और सूयर. तुल ा लग क िलए धन योग (Tula lagna dhana yoga) े कणडली मे दसरे भाव मे शुक और कतु हो तो जातक को खूब धन संपित े ु ू पाप होती है. गुर और कतु दसवे सथान मे होतो जातक धनवान व भागयवान े बनता है.िमथुन मे शुक. कनया लग क िलए धन योग (Kanya lagna dhana yoga) े शुक और कतु दसरे भाव मे हो तो अचानक धन लाभ क योग बनते है. शुक तथा शिन कक ु रािश मे िसथत हो तो जातक को बहु त सारी संपित पाप होती है. यिद चंदमा. वृि शचक लग क िलए धन योग (Vrishchika lagna dhana yoga) े कणडली मे बुध और गुर पांचवे भाव मे िसथत हो तथा चंदमा एकादश भाव ु मे हो तो वयिक करोडपित बनता है. अगर मंगल. िमथुन लग क िलए धन योग ( Mithuna lagna dhana yoga) े नवम भाव मे बुध और शिन की यित अचछा धन योग बनाती है.

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