जिन बातों पर साथ हंसा करते थे, अब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ याद कर के रोता हूठठ…केले

में, जहाठहर शाम बैठा करते थे , वह तेरी यादो की कतरन सीता हूठठ…केले में, तू जहाठà¤à¥€ है खà¥à¤¶ है, खà¥à¤¦ को तसà¥à¤¸à¤²à¥à¤²à¥€ देता हूà¤, और अपनी बेबसी को à¤à¤¸à¥‡ ही, छà¥à¤ªà¤¾à¤¯à¤¾ करता हूठअकेले में , तà¥à¤à¥‡ खो कर तेरी अहमियत को जाना है , हर सांस पछताता हूठअकेले में , आज à¤à¥€ यकीन नहीं की तू चला गया, अपनी ही आà¤à¤–ों को à¤à¥à¤ लाया करता हूठअकेले में , रातो को घà¥à¤®à¤¨à¥‡ की आदत हो ही गई थी , अब हर रात तà¥à¤à¥‡ सितारों में ढूंढा करता हूठ. कà¥à¤¯à¥‚ठइतने करीब था तू मेरे दोसà¥à¤¤ की बिलकà¥à¤² तनहा सा हो गया हूठठ…केले मैं

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