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अखल भारतीय ूितिनिध सभाÑ
सभाÑ2013
केशव %व&ापीठ,जामडोली, जयपुर

माननीय सुरेश जी जोशी "भै/या जी जोशी "
सर काय वाह, रा0ीय ःवंयसेवक संघ

ूःताव तथा सर काय वाह जी के वय

15-17
15 17 माच 2013

जयपुर ःथत
म3

१५

से

केशव %व&ापीठ, जामडोली
१७

माच

२०१३

को

आयोजत अखल भारतीय ूितिनिध सभा
म3 सर काय वाह माननीय सुरेश जी जोशी
"भै/या

जी जोशी" ;ारा <दए गए वय

तथा ूितिनिध सभा ;ारा पा@रत <कये गए
ूःताव का संकलन आपके िलए ूःतुत है .

%वB संवाद क3ि
जोधपुर

2

थार

संवाद

vf[ky Hkkjrh; izfrfuf/k lHkk 2013 t;iqj

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3

थार

संवाद

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4

थार

संवाद

ूःताव
बंगलादे श और पा<कःतान के उGपी<ड़त <हIदओ
ु ं कK समःयाओं
का िनराकरण कर3
अखल भारतीय ूितिनिध सभा इस बात पर गंभीर िचंता य करती है <क
पा<कःतान और बंगलादे श म3 <हIदओ
ु ं पर हो रहे

अIतहNन अGयाचारO के

प@रणामःवPप वे लगातार बड़N संQया म3 शरणाथR बनकर भारत म3 आ रहे हS । यह
बहुत हN लUजा एवम ् दःु ख का %वषय है <क इन असहाय <हIदओ
ु ं को अपने अपने
मूल ःथान और भारत दोनO म3 हN अGयंत दयनीय जीवन %बताने को %ववश होना
पड़ रहा है ।
अ. भा. ू. सभा बंगलादे श के बौ[O स<हत समःत <हIदओ
ु ं एवं उनके पूजाःथलO पर
वहाँ कK <हं द ु %वरोधी तथा भारत %वरोधी कुQयात जमाते इःलामी स<हत %विभIन
क]टरपंथी संगठनO ;ारा हाल हN म3 <कये गए हमलO कK तीो िनंदा करती है । यह
घटनाबम बंगलादे श म3 %पछले कई दशकO से लगातार जारN है । वहाँ के <हं द ु और
अIय अcपसंQयक उनकK कुछ भी गलती न होते हुए भी इःलािमक आबामकता कK
आग म3 झुलस रहे हS । इस उGपीडन से असहाय होकर हजारO लोग अपनी जान और
इUज़त बचाने के िलए पलायन कर भारत म3 आने के िलए बाfय हो रहे हS । प.
बंगाल और आसाम म3 ऐसे हजारO बंगलादे शी <हं द ु तथा चकमा कई दशकO से
शरणाथR बनकर रह रहे हS और जब भी बंगलादे श म3 <हं साचार होता है तो इनम3
और नए लोग आकर जुड़ते रहे हS ।
अ. भा. ू. सभा पा<कःतान के <हIदओ
ु ं कK दद
ु शा पर भी रा0 का fयान आक%ष त
करना चाहती है । सभी उपलhध सूचनाओं से यहN ूकट हो रहा है <क पा<कःतान के
<हं द ु सुरiा, सjमान और मानवािधकारO से वंिचत िनjन ःतर का जीवन %बता रहे
हS । िसkखO स<हत समःत <हIदओ

ु ं पर िनGय हमले एक आम बात है । बलपूवक
मताIतरण, अपहरण, बलाGकार, जबरन %ववाह, हGया और धम ःथलO को %वनl
करना वहाँ के <हIदओ
ु ं के ूित<दन के उGपी<ड़त जीवन का भाग हो गये हS ।
5

पा<कःतान कK कोई भी संवध
ै ािनक संःथा उनकK सहायता के िलए आगे नहNं आती
है । प@रणामःवPप पा<कःतान के <हं द ु भी पलायन कर भारत म3 शरण मांगने को
%ववश हो रहे हS ।
अ. भा. ू. सभा भारत के राजनैितक, बौ%[क एवं सामाजक नेतGृ व तथा केIिNय
सरकार को यह ःमरण <दलाना चाहती है <क ये असहाय <हं द ु अपने ःवयं के <कसी
कृ Gय के कारण इस इःलामी उGपीड़न का िशकार नहNं हुए हS । १९४७ म3 हुए
मातृभिू म के दःु खद और %ववेकहNन %वभाजन के प@रणामःवPप हN वे इस ःथित म3
आये हS । पा<कःतान और बंगलादे श के इन िनरपराध <हIदओ
ु ं पर राजनैितक नेतGृ व
;ारा %वभाजन थोपा गया था। एक हN रा%ऽ म3 अचानक उनके िलए उनकK अपनी हN
मातृभिू म पराई हो गयी। वाःतव म3 यह एक %वडjबना हN है <क ये अभागे <हं द ु
अपने पूव के नेताओं कK जोड़ तोड़ कK राजनीित कK गलितयO कK कKमत अपने
जीवन से चुका रहे हS ।
अ. भा. ू. सभा भारत सरकार को आवाहन करती है <क पा<कःतान और बंगलादे श
के <हIदओ
ु ं कK ःथित और वहाँ से आये हुए शरणािथ यO के पूरे %वषय पर पुन%व चार
करे । सरकार यह कह कर बच नहNं सकती <क यह उन दे शO का आIत@रक %वषय
है । १९५० के नेहq-िलयाकत समझौते म3 यह ःपl Pप से कहा गया है <क दोनO
दे शO म3 अcपसंQयकO को पूण सुरiा और नाग@रकता के अिधकार ूदान <कये
जाय3गे। भारत म3 हर संवध
ै ािनक ूावधान का उपयोग तथाकिथत अcपसंQयकO को
न केवल सुरiा ूदान करने के िलए <कया गया अ%पतु उनको तु%lकरण कK सीमा
तक जानेवाले %वशेष ूावधान भी <दए गए। वे आज भारत म3 जनसांQयकK,
आिथ क, शैiक, और सामाजक सभी r%l से सुःथा%पत हS ।
इसके

%वपरNत,

पा<कःतान

और

बंगलादे श

के

<हं द ु

लगातार

उGपीडन

के

प@रणामःवPप घटती जनसंQया, असीम गरNबी, मानवािधकारO के हनन और
%वःथापन कK समःयाओं से मःत है । पूव और पtम पा<कःतान म3 %वभाजन के
समय <हIदओ
ु ं कK जनसंQया बमश: २८% और ११% थी तथा खं<डत भारत म3 ८%
मुःलम थे। आज जब भारत कK मुःलम आबादN १४% तक बढ़ गयी है वहNं
बंगलादे श म3 <हं द ु घटकर १०% से कम रह गए है और पा<कःतान म3 वे २% ूितशत
से भी कम है ।
6

अ. भा. ू. सभा का यह सुिनtत मत है <क नेहP-िलयाकत समझौते के उcलंघन
के िलए पा<कःतान और बंगलादे श कK सरकारO को चुनौती दे ना भारत सरकार का
दाियGव है । लाखO <हIदओ
ु ं के %वलुy होने को केवल उन दे शO कK संूभुता का %वषय
मानकर उपेiत नहNं <कया जा सकता। इन दोनO दे शO को, भारत म3 लगातार आ
रहे <हं द ु शरणािथ यO के बारे म3 कटघरे म3 खड़ा करना चा<हए। भारत के तथाकिथत
अcपसंQयक समुदाय से एक भी य% इन दे शO म3 शरणाथR बन कर नहNं गया है
जब<क लाखO लोग वहाँ से यहाँ आए हS और आ रहे हS ।
इस zदय%वदारक rँय को दे खते हुए अ. भा. ू. सभा भारत सरकार से यह अनुरोध
करती है <क इन दोनO दे शO म3 रहनेवाले <हIदओ
ु ं के ू| पर नए r%lकोण से दे खे,
kयO<क उनकK ःथित अIय दे शO म3 रहनेवाले <हIदओ
या अलग है ।
ु ं से पूणत
अ. भा. ू. सभा भारत सरकार से आमह करती है <क:
बंगलादे श और पा<कःतान कK सरकारO पर वहाँ के <हIदओ
ु ं कK सुरiा सुिनtत
करने के िलए दबाव बनाए।
रा0ीय शरणाथR एवं पुनवा स नीित बनाकर इन दोनO दे शO से आनेवाले <हIदओ
ु ं
के सjमानजनक जीवन यापन कK यवःथा भारत म3 तब तक कर3 जब तक
<क उनकK सुरiत और सjमानजनक वापसी कK ःथित नहNं बनती।
बंगलादे श और पा<कःतान से %वःथा%पत होनेवाले <हIदओ
ु ं के िलए दोनO दे शO से
उिचत iितपूित कK मांग करे ।
संय

रा0

संघ

के

शरणाथR

तथा

मानवािधकार

से

सjबंिधत

संःथाओं

[UNHCR, UNHRC] से यह मांग करे <क <हIदओ
ु ं व अIय अcपसंQयकO कK
सुरiा व सjमान कK रiा के िलए वे अपनी भूिमका का िनवा ह करे ।
अ. भा. ू. सभा यह कहने को बाfय है <क हमारN सरकार का इन लोगO के ूित
उदासीन रवैया केवल इसिलए हN है kयO<क वे <हं द ु हS । सभी दे शवािसयO को सरकार
के इस संवेदनहNन और गैरजjमेदार यवहार के %वq[ खुलकर आगे आना चा<हए।
पा<कःतान और बंगलादे श के वहाँ रहनेवाले तथा शरणाथR बनकर भारत म3 आए
हुए <हIदओ
ु ं कK सुरiा एवं जीवन यापन के अिधकार कK रiा के िलए समूचे दे श
को उनके साथ खड़े रहने कK आवँयकता है ।

7

िचऽ सभा ःथल से
ताप

ाण ा


मह

मुQय ;ार

ूदश नी का इक rँय

8

खबरे समाचार
पऽO से

9

%वB संवाद क3ि,
ि, जोधपुर
www.vskjodhpur.blogspot.in
10

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