जीवन मन्त-४

Life Tips-4

पांच आयुवे ि दिक नुस् खे : िमले ग ी 30 िदिनो मे
दिमकती गोरी त्वचा
अकसर कुछ लोग अपने सांवले रंग से परेशान रहते है। सांवला रंग कभी िकसी के किरयर मे रकावट बनता
है तो कभी शादिी बयाह मे। जयादिातर लडके लडिकयां भी अपने िलए गोरे रंग के हमसफर को पीफर करते
है। अगर आप अपने सांवले रंग से परेशान है तो घबराइये नही कुछ आसान आयुवेदि नुस्खे ऐसे है िजनसे
आपका सांवलापन दिरू हो सकता है।

- एक बालटी ठणडे या गुनगुने पानी मे दिो नीबू का रस िमलाकर गिमर यो मे कुछ महीने तक नहाने से त्वचा
का रंग िनखरने लगता है (इस िविध को करने से त्वचा से समबन्धी कई रोग ठीक हो जाते है)।

- आं वला का मुरबबा रोज एक नग खाने से दिो तीन महीने मे ही रंग िनखरने लगते है।

- गाजर का रस आधा िगलास खाली पेट सुबह शाम लेने से एक महीने मे रंग िनखरने लगता है। रोजाना
सुबह शाम खाना खाने के बादि थोडी माता मे सांफ खाने से खून साफ होने लगता है और त्वचा की रंगत
बदिलने लगती है।

- पितिदिन खाने के बादि सोफ का सेवन करे। - रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ िनयिमत रप से
ितफला चूणर का सेवन करे।

अस्सी की उम मे भी िदिखे गे अठारह के आजमाएं
ये दिे स ी फं डा
वतर मान समय मे अिनयिमत खानपान व िदिनचयार के कारण समय से पहले बाल सफेदि होना, कम उम मे
झुिरर यां आ जाना या अन्य ऐिजंग साइन एक आम समस्या है। ऐसे मे दिवाईयां या एं टीएं िजंग कीम युज करना
काफी नही होगा। अगर आप वाकई लंबे समय तक जवान बने रहना चाहते है।अगर चाहते है िक अस्सी की
उम मे भी आपके शरीर मे अठारह सी फूितर रहे तो नीचे िलखे योगासन को िनयिमत रप से करे।
हलासन िविध - समतल जमीन पर आसन िबछाएं । आसन पर शवासन मे लेट जाएं । शवांस को अंदिर भरकर
दिोनो पैरो को एक साथ ऊपर की और उठाना पारंभ करे। पैरो को ऊपर उठाते हु ए सवारगासन मे आइये,
िफर पैरो को िसर के पीछे तक झुकाते हु ए जमीन से स्पशर कराइये। दिोनो पैरो को घुटनो से न मुडऩे दिे। पैरो
को सीधा रखे। दिोनो हाथो से पैरो के अंगूठो को पकड ले। हाथो की कोहनी को सीधा रखे। कुछ कण इसी
तरह रकने के बादि, सामान्य रप से शवासन मे आ जाइये। शरीर के तनाव को िमटाने के िलये आसन के
अंत मे कुछ दिेर शवासन मे रहे।
लाभ - यह आसन थायराइड गिन्थ को पभािवत करता है। इस आसन के करने से कणठकूपो पर दिवाब
पडता है िजससे थाइराइड संबंधी समस्याएं दिरू होती है। भावनात्मक संतुलन और तनाव िनवारण के िलये
यह आसन लाभपदि है। इससे मेरदिणड लचीला बनता है िजससे आप लंबे समय तक जवान बने रहेगे। इस
आसन से पाचन तंत और मांसपेिशयो को शिक िमलती है। इसके अभयास से पाचन तंत ठीक रहता है। इस
आसन के िनयिमत अभयास से िवशुद चक जागत होता है। गले और वाणी से संबंिधत बीमािरयां दिरू होती
है।

हलासन के अभयास से मन शांत और िस्थर होता है, तनाव दिरू होता है। इसके िनयिमत अभयास से पाण
सूकम होकर सुषुमना नाडी मे पवािहत होने लगता है।इसे करने से मन, आनंदि और उत्साह से भरा रहता है
तथा शरीर मे स्फूितर और ताजगी बनी रहती है। साथ ही पितिदिन सुबह उठने के बादि खाली पेट एक चममच
चयवनपाश लेना चािहए। इसके बादि दिध
ू पीएं । इसी तरह रात को सोने से पहले एक चममच चयवनपाश ले
और िफर दिध
पीएं

रोज
अनार

चु


दिर
का भी सेवन करे। खूब पानी पीएं । छ: से आठ घंटे गहरी नीदि ले।

घृतकुमारी के जयूस का िनयिमत रप से सेवन करे। सदिा जवान बने रहने के िलए आयुवेदि मे हरड को भी
वरदिान माना गया है।

गमर दि ध
ू के इस नुस् खे से 20 िमनट मे बाल हो
जाएं गे शाइनी और िसलकी
आजकल बढते पदिषू ण व अिनयिमत खान-पान के कारण बाल रखे व बेजान हो जाते है। ऐसे मे अपने
बालो की खूबसूरती और मजबूती के िलये अिधकतर लोग बाजार के कैिमकल युक कंिडशनर का उपयोग
करते है। लेिकन ये बाजार के कंिडशनर थोडे समय के िलए भले ही बालो को चमकदिार बना दिे। परन्तु
इसके लगातार पयोग से बालो को नुकसान पहु च
ं ता है।
ऐसे मे समस्या ये है िक बालो को िबना कंिडशिनंग के भी तो नही रखा जा सकता। अगर आप के साथ भी
यही समस्या है तो यहां दिी जा रही है डीप कंडीशनर की एक बेहदि आसान िविध िजसे कोई भी आसानी से
कर सकताहै। आप इस आयुवेिदिक डीप कंडीशनर का पयोग 20 िदिन मे एक बार करे। आप इस कंडीशनर
को स्वयं घर पर झटपट बना सकते है तथा 20 िमनट मे बालो की डीप कंडीशिनंग कर सकते है।
बनाने और लगाने की आसान िविधआधा कटोरी हरी मेहदि
ं ी पाउडर लेकर इसमे गमर दिध
ू (गाय का) डालकर पतला लेप बना ले। इसी लेप मे
एक बडा चममच आयुवेिदिक हेयर ऑइल डाले। इसे अचछी तरह से िमला ले। जब यह लेप ठंडा हो जाए तब
बालो की जडो मे लगाएं । 20 िमनट छोडकर आयुवेिदिक शैपू पानी मे घोलकर बालो को धो ले। इस डीप
कंडीशनर दारा आपके बालो को पोषण तो िमलेगा ही साथ ही उनमे बाउं स भी आ जाएगा।

इस एक फं डे को अपना ले तो िदिनभर नही
महसूस होगी थकान
जयादिा वकरलोड करने के िलए अिधकांश लोगो के साथ थकान की समस्या बनी रहती है। ऑिफस कायर
जयादिातर बैठे रहने वाला होता है ऐसे मे बैठे-बैठे भी थकावट महसूस होने लगती है। ऐसे मे कई अन्य
समस्याएं शुर हो जाती है शरीर की रोगपितरोधी कमता घटती जाती है। इन सभी से बचने के िलए जररी
है कुछ वयायाम जररी है।थकान से बचने के िलए सबसे सरल और कारगर उपाय है भूनमनासन। इस

आसन से कुछ ही िदिनो मे आपकी थकान दिरू हो जाएगी और हर कायर पूरी स्फूितर के साथ कर सकेगे। यह
आसन कमर और रीढ के िलए काफी लाभदिायक है। इसमे हम शरीर को पीछे या आगे की ओर न झुकाकर
दिाएं या बाएं घुमाते है। इससे लंबे समय तक बैठने या खडे होने से आई थकावट दिरू होती है।

भूनमनासन की िविधसमतल स्थान पर कंबल आिदि िबछाकर बैठ जाएं । दिोनो पैर सामने रखे। शरीर को सीधा रखकर सांस
भिरए। कमर से ऊपर के भाग को सीधे हाथ की ओर मोडे और दिोनो हथेिलयो को जमीन पर दिािहनी तरफ
रखे। अब सांस छोडते हु ए अपने िसर को जमीन से छूने का पयास करे। इस िस्थित मे कुछ कण रके। सांस
सामान्य रखे। इसके बादि सांस भरते हु ए शरीर को ऊपर की ओर लाएं और सांस को छोडते हु ए शरीर को
सीधा कर ले। ऐसे ही दिस
ू री और से इस पिकया को करे।

भूनमनासन के िलए सावधािनयां

- इस आसन को सभी आसनो के अंत मे करे।

- भू-नमनासन करते समय अपना धयान पीठ और कंधे की मांसपेिशयो पर लगाकर रखे।

- आसन के दिौरान कोिशश करे िक रीढ की हडी सीधी रहे और शरीर का वजन हाथो पर आए।

- इससे रीढ की हडी और कमर के िनचले िहस्से का तनाव कम होता है।

- गभर वती मिहलाएं शुरआत के तीन महीनो तक इस आसन का अभयास कर सकती है। इसके बादि इस
आसन को न करे।

- िजन लोगो को हािनर यां और अलसर की परेशानी हो वे भी इस आसन को न करे।

नहाने से पहले भी खा सकते है ये चीजे ...
शासो के अनुसार भगवान की पूजा के संबंध मे कई िनयम बताए गए है। इन्ही िनयमो मे से एक है िक कुछ
खाने के तुरत
ं बादि पूजा नही करना चािहए। साथ ही स्नान के बादि ही भोजन आिदि गहण करना चािहए।
इसके अलावा ऐसा भी िनयम है िक दिान करने के बादि हमे भोजन या अन्य अन गहण करना चािहए। इस
संबंध मे आचायर चाणकय कहते है िकऊख वािर पय मूल, पुिन औषधहू खायके।
तथा खाय तांबूल, स्नान दिान आिदिक उिचत।।
ऊख, जल, दिध
ू , पान, फल-फूल, औषिध इन 6 चीजो को खाने के बादि भी हम स्नान कर सकते है, दिान
कर सकते है, पूजा कर सकते है।
सामान्यत: ऐसा माना जाता है िक भगवान की पूजा से पहले हमे कुछ भी खाद पदिाथर गहण नही करना
चािहए। भोजन आिदि खाने की चीजो को नहाने के बादि ही खाना चािहए। जबिक इस संबंध मे आचायर
चाणकय कहते है िक यिदि कोई वयिक िकसी बीमारी से गस्त है तो उसे इन िनयमो मे बांधा नही जा सकता
है। बीमारी की अवस्था मे रोगी वयिक दिध
ू , जल, फल, दिवाई आिदि गहण करके भी स्नान आिदि िकयाएं कर
सकता है। इसके बादि वह पूजा आिदि धािमर क कायर भी कर सकता है, ऐसा करने से भी रोगी पाप का भागी
नही होता है।

अनोखा पयोग-बालटी भर पानी मे कु छ चममच
नमक से होगा चमत्कारी असर
जयादिा वकर लोड के कारण टे श न व थकान हो जाना आजकल एक आम समस्या है। इसीिलए यहां
तक िक बडे -बडे होटलो मे तो तनाव से छु टकारा िदिलाने के नाम पर मं ह गी से मं ह गी मसाज
थै र पी का पचलन चल पडा है। ले ि कन अगर आप टे श न और थकान से परेश ान है तो नमक का
ये आसान घरेल ु पयोग से अपनाकर आप तनाव व थकान से तुरंत मुि क पा सकते है। मात 15
िमिनटो मे ही आप इस पयोग के चमत्कारी पभाव से पिरिचत हो जाएं गे ....

पयोग: िदिन भर के तमाम कायो ं से िनवृत होकर सोने से ठीक पहले यह पयोग करना चािहये । 1
बालटी मे सामान्य गमर यानी गुन गुन ा पानी भर ले । इस पानी मे लगभग 4 चममच साधारण और
सस्ते से सस्ता यानी िक रपय-दिो रपए िकलो वाला नमक ले क र डालकर अचछी तरह से िमला

ले । अब इस नमक घुले हु ए गुन -गुने पानी मे अपने दिोनो पै र ो को घुट नो तक डु बो ले । पै र ो को
पानी मे डु बाकर लगभग 10 से 15 िमनट तक रहे , इस बीच लगातार गहरी सांस ले और छोडे ।
पयोग के दिौरान मन मे िकसी भी तरह के ख्यालो को जगह नही दिे न ा चािहये ।

वै ज्ञ ािनक आधार: नमक सोिडयम और कलोराइड का िमश्रण होता है । सोिडयम कलोराइड के
इस घोल की यह खािशयत होती है िक यह िदिन भर के काम-काज के दिोरान शरीर मे बनी
ने गे ि टव एनजी को सोखकर वयिक को पूर ी तरह से तनाव मुक कर दिे त ा है । इस पयोग के पूणर
होने पर आप दिे खे गे िक आपका सारा शारीिरक और मानिसक तनाव जा चुक ा है तथा आप िफर
से कायर करने के िलये पूर ी तरह से िरचाजर हो जाएं गे । इस पयोग का दि स
ू रा लाभ यह होता है िक
आपको गहरी और सुकू न दिे ने वाली नीदि आती है।

हाथो को आपस मे ऐसे िमलाकर बै ठ ने से
सुंदि रता मे लग जाएं गे चार चांदि
सुंदिर िदिखना हर लडकी की चाह होती है। इसीिलए वे अपने शरीर का पुरषो से जयादिा धयान रखती है
लेिकन िफर भी अिधकांश मिहलाओं का शरीर मोटापे का िशकार हो जाता है या ठीक से िवकिसत नही हो
पाता। इन कारणो से कई बार उनमे हीन भावना िवकिसत हो जाती है।
सही योगासन और मुदाओं के आिदि िनयिमत अभयास से मिहलाएं अपना पूणर सौदियर पाप कर सकती है।
यहां हम एक मुदा िजसे हस्तपादि मुदा कहते है की जानकारी दिे रहे है। इस मुदा के िनयिमत पयोग से िसयो
का शारीिरक सौदियर पूणर िवकिसत हो जाता है। शरीर के अंगो मे कसावट आ जाती है।
हस्तपादि मुद ा बनाने का तरीका
इस मुदा के अभयास के िलए िकसी आरामदिायक स्थान पर बैठ जाएं । अब दिोनो हाथो की हथेिलयो को पीछे
की ओर से आपस मे जोड ले। हाथो की सभी उंगिलयां आपस मे िमल जाती है इसे हस्तपात मुदा कहा
जाता है।
इस मुदा से सांस के रोग, गले के रोग जैसे- दिदिर , सूजन या टॉिन्सल आिदि मे काफी आराम िमलता है। इसके
िनयिमत अभयास से ये रोग आपसे दिरू ही रहेगे। हस्तपादि मुदा िसयो के िलए बहु त ही जयादिा लाभकारी है।
िजन िसयो का शरीर ठीक से िवकिसत नही हु आ है या शरीर ढीला पड गया है उनके िलए यह मुदा बेहदि
लाभदिायक है। इसके िनयिमत इस्तेमाल से िसयां सुंदिर सुडौल और स्वस्थ हो जाती है। िसयो का िफगर
आकषर क हो जाता है।

भूख नही लगती या जी मचलाता है तो अपनाएं
धिनये की पती के आयुवे ि दिक पयोग
धिनये की हरी-हरी पितयो की सुगंध िकसी भी वयंजन की सुगं ध और उसके स्वादि को कई गुना बढा दिेती
है। सिबजयो मे हरे धिनये के साथ ही सुखे धिनये का उपयोग भी भारतीय भोजन मे बहु त अिधक माता मे
िकया जाता है।
लेिकन हरे धिनए की कोमल पितयां िसफर भोजन का स्वादि बढाने के िलए ही नही डाली जाती बिलक इनका
औषधीय महत्व भी है। इसका सेवन जाने-अनजाने ही आपको कई बीमािरयो से िनजात भी िदिलाता है।
आइये जाने िक धिनया िकन-िकन बीमािरयो या परेशािनयो मे मदिदिगार हो सकता है...
- आं खो के िलए धिनया बडा गुणकारी होता है। थोडा सा धिनया कूट कर पानी मे उबाल कर ठंडा कर के,
मोटे कपडे से छान कर शीशी मे भर ले। इसकी दिो बूंदि आं खो मे टपकाने से आं खो मे जलन, दिदिर तथा पानी
िगरना जैसी समस्याएं दिरू होती है।
- हरा धिनया 20 गाम व चुटकी भर कपूर िमला कर पीस ले। सारा रस िनचोड ले। इस रस की दिो बूंदि नाक
मे दिोनो तरफ टपकाने से तथा रस को माथे पर लगा कर मलने से खून तुरत
ं बंदि हो जाता है।
- गभर धारण करने के दिो-तीन महीने तक गभर वती मिहला को उिलटयां आती है। ऐसे मे धिनया का काढा
बना कर एक कप काढे मे एक चममच िपसी िमश्री िमला कर पीने से जी घबराना बंदि होता है।
- िपत बढ जाने से जी िमचलाना रहता हो तो हरा धिनया पीसकर उसका ताजा रस दिो चममच की माता मे
िपलाने से लाभ होता है। भोजन मे हरे धिनये की ताजी िपसी चटनी का पयोग करते रहने से भी जी
िमचलाना कम होता है।
- धिनये की हरी पितयो को लहसुन, प्याज, गुड, इमली, अमचूर, आं वला, नीबू, पुदिीना आिदि के साथ
बारीक पीसकर चटनी के रप मे खाते रहने से पाचन िकया दिर
ु स्त बनी रहती है तथा भूख खूब लगती है।
- सामान्य त्वचा रोगो तथा मौसम के बदिलाव पर यिदि खुजली होती हो तो उस स्थान पर हरे धिनया को
पीसकर लगाने से खुजली दिरू हो जाती है।

- िपत बढ जाने पर हरी-पीली उिलटयां आनी शुर हो जाती है। इस अवस्था मे हरे धिनया का रस
िनकालकर उसमे गुलाब जल िमलाकर िपलाने से लाभ होता है।

पुर षो की सारी पॉबलमस को दि रू कर दिे ग ा ये
आसान तरीका
कया आप दिबु र लता या कमजोरी से परेशान है?आपका वैवािहक जीवन खुशहाल नही है। सारी दिवाओं और
तेल का उपयोग करने के बादि भी कोई असर नही हो रहा है तो योग आपकी मदिदि कर सकता है। आप
रोजाना नीचे िलखा
योगासन करे आपकी सारी समस्या िबना दिवा के ही खत्म हो जाएगी।

सन्तुलनासन की िविध-आसन का अभयास स्वचछ व साफ हवादिार जगह पर करे। आसन को करने के िलए
नीचे दिरी या चटाई िबछाकर बैठ जाएं । अब दिाएं पैर को घुटने से मोडकर पीछे की ओर ले जाएं और घुटने व
पंजे को जमीन पर िटकाते हु ए उस पर िनतमब (िहप्स) रखकर बैठ जाएं । इसके बादि बाएं पैर को मोडकर
दिाई ं जांघ पर रखे। इसके बादि पूरे शरीर का भार दिाएं पैर व घुटनो पर डालकर संतुिलत करे।
इस आसन की शुरआती अवस्था मे किठनाई हो तो सहारे के िलए दिीवार आिदि का सहारा ले सकते है।
अब अपने दिोनो हा़ थो को कमर पर रखकर िजतनी दिेर सांस को रोक सके रोके और उसके बादि धीरे-धीरे
सांस को छोडे। आसन की इस िस्थित मे अपनी दिष को दिोनो आं खो के बीच मे लगाएं और मन को एकाग
करे तथा भगवान का िचंतन करे। बाहरी िचंता को अपने मन मे न आने दिे। आसन की इस िस्थित मे कुछ
दिेर रहने के बादि यह िकया दिस
ू रे पैर से भी करे।

िवशेष- इस आसन को आरमभ मे करना किठन होता है इसिलए आसन के शुरआती अभयास मे दिीवार
आिदि का सहारा ले सकते है। इस आसन का पितिदिन अभयास करने से आसन करने मे आसानी होती है।
इस आसन मे शारीिरक संतुलन बनाना आवशयक है।

सन्तुलनासन से रोग मे लाभ-अचछे जीवन के िलए तथा स्वस्थ शरीर के िलए यह आसन अिधक लाभकारी
है। इसके अभयास से गुदिा व गुपेिन्दय के भीतरी अंग पुष होते है। इस आसन से वीयर निलका पर दिबाव पडऩे
से अनैिचछक वीयर पात नही होता तथा स्वप्नदिोष भी दिरू होता है। पमेह तथा कामेिदयो का आन्तिरक पवाह
सिकय होता है साथ ही कमजोरी भी दिरू होती है।