फचऩन

इस अध्माम भें गाॉधी जी क े फचऩन क े घटनाओॊ क े फाये भें वर्णन ककमा गमा है | गाॉधी जी फताते है ककस तयह उसका फचऩन उन्हें जीवन बय प्रेरयत कयता आमा है | जफ गाॉधी ६ ७ वषण क े थे तो वे याजकोट क े ऩाठशारा भें ऩयते थे| वहाॊ उन्हें फहुत क ु छ ससखने को सभरा. उन्होंने म्हर्त से काभ ककमा औय सपरताऩव ण ऩढ़ाई की | ू क इस बाग भें गाॉधी जी अऩने फाये भें सच कयते हुए अऩने कभज़ोरयमों का बी फखान कयते है | स्क ू र भें ककस्सी से फात नह ॊ कयते थे क्मोंकक उन्हें डय था की अन्म रोग उनका भजाक न उड़ाए | वे क े वर अऩने काभ से काभ यखते थे| इस से ऩता चरता है की वे ककतने सच्चे औय भेहनती छात्र थे | एक फाय ककसी अध्माऩक ने ऩय ऺा क े ददन उन्हें नक़र कयने की अनभ ु तत द ऩयन्तु गाॉधी जी न भाने | क्मोंकक उन्हें ऩता था की मे गरत है | महाॉ हभ मह ग्रहर् कयते है कक गाॉधी जी फचऩन से ह ससद्ाॊतवाद यहे है | गाॉधी जी इतने सर े ु झे हुए छात्र थे कक वे उस अध्माऩक का सम्भान जीवन बय कयते यहे क्मोंकक वे उनक गरु ु थे| इसक े अततरयक्त इस अध्माम भें श्रवर् औय हरयश्चॊद्र क े फाये भें वर्णन हुआ है जजन्होंने उन्हें जीवन बात सत्म क े भागण ऩय चरने क े सरए प्रेरयत ककमा है | उनसे अऩनी दातमत्वों का ऩारन कयना ससखा है | कह सकते है की गाॉधी जी छात्र क े रूऩ भें फहुत ह अच्छे थे| उन्होंने अऩने अध्माऩकों का हभेशा भान यखा औय सत्म की याह ऩय अग्रसय यहे |

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