साभर्थमय

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साभर्थमय
अधधकाय भेया नब ऩे होना

शशशप्रकाश सैनी

साभर्थमय

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सर्ायधधकाय सयु क्षऺत | इस प्रकाशन का कोई बी बाग
इरेक्ट्रॉननक, माॊत्रिक, छामाप्रनत, रयकार्डिंग अथर्ा ककसी
बी अन्म तयीके से, यचनाकाय की शरखित अनभ
ु नत के
त्रफना ऩन
ु भद्रुय ित नहीॊ ककमा जा सकता |

© शशशप्रकाश सैनी

प्रकाशक :
शशशप्रकाश सैनी
(saini.shashiprakash@gmail.com )
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आबाय :
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साभर्थमय

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उताय ऩे चढ़ार् ऩे, िड़ी थी हय ऩड़ार् ऩे
फयसी फयसात तो छाता हो गई
योमा भै तो रुभार, सफ भेयी भाॉ का कभार

पऩता के शौक साये , धूर िाते यहे त्रफचाये
धूर जफ बी झाड़ी
कबी हुआ र्ाकभैन, कबी हुआ कैभया
जो बी कबी जजद की, झट हो गई ऩूयी
सफ भेये पऩता की जादग
ू यी

मे काव्म सॊग्रह
सभपऩयत उनको
कहता हूॉ भै ऩरयर्ाय जजनको
भम्भी ऩाऩा फहनों त्रफना
जीर्न व्मथय हैं
भेया ऩरयर्ाय भेया साभर्थमय हैं
साभर्थमय

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साभर्थमय

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प्रर्ेशशका
र्ो ऩूछते हैं

कपर्ताओ भे क्ट्मा हैं
ऩैसा हैं ईनाभ हैं

मा नाभ हैं फहुत
योटी शभरेगी घय चरेगा
चूल्हा जरेगा

बूि शभटाएगी कपर्ता

मा प्मास फुझाएगी कपर्ता
पप्रमशी के शरए तोहपे भे
क्ट्मा राएगी कपर्ता

भै भानता हूॉ
मे योटी औय दार नहीॊ दे गी
तन ऩे कऩड़ा

ऩसीना ऩोछने को रुभार नहीॊ दे गी

साभर्थमय

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र्ैसे तो भै बी कभा रेता हूॉ
चाय ऩैसे

दौड़ता हूॉ िटता हूॉ
धूर िाता हूॉ

फयसात बीगता हूॉ
दनु नमा सभझती हैं भशीन भुझे
सुफह भशीन फन
ऩेट की िानतय

ईंधन जुटाता हूॉ
यात कपर्ता कयता हूॉ
इॊसान हो जाता हूॉ

जैसे तन के शरए योटी सुपर्धा हैं
भन के शरए कपर्ता हैं
: शशशप्रकाश सैनी

साभर्थमय

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अनक्र
ु म
काशी जया सी ................................................................ 12
भझ
ु ें भेया गार्ॉ यहने दो .................................................. 14
दआ
रामा हूॉ .................................................................. 17

दीर्ाये .............................................................................. 18
जीना चाहते हैं

कपय से फचऩन की तयह ..................... 20

बट्टी चढ़ा यक्ट्िी हैं ..................................................... 21
मे जजॊदगी हैं

क्ट्मा ......................................................... 24

भॊदफद्
ु धध इॊजजननमय ....................................................... 26
भैं चरने के शरए फना था भैं उड़ न सका .................... 29
काश हभ बी ककसीके र्रेंटाइन होते.............................. 32
द्रदर अफ तक भेया फच्चा हैं ........................................ 34
िारी ऩन्नें ..................................................................... 36
साभर्थमय ........................................................................... 39
ना का डय हाॊ से हल्का हैं ............................................ 41
एक यात द्रहम्भत हुई औय भैंने कह द्रदमा...................... 42
ना से डयना क्ट्मा ............................................................ 43
साभर्थमय

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कोमशरमा जफ गाती हैं ................................................. 44
अफ नहीॊ पुसयत कोई र्ो धडकनों भे हो गमी ................ 45
भन तम्
ु ही को िोजता हैं ............................................. 46
जफ बी उसका भस्
ु कुयाना हुआ ...................................... 47
कन्मादान भनु नमा का ..................................................... 49
फीर्ी राए हो दासी नहीॊ ................................................. 51
दरयॊदगी फेिौप हैं ......................................................... 54
सर्ार कयता फहोत दे ता उसे कोई जर्ाफ नहीॊ .............. 57
हाॊ भै दीर्ाना यहूॉ ............................................................ 58
ऩगडॊडी गामफ हैं ........................................................... 60
दघ
य ना से दे य बरी........................................................ 62
ु ट
अऩनी डोय सॊबाशरए ....................................................... 64
कुहुक फोरे ना ................................................................ 66
सायी गरती ये र की ....................................................... 67
रूऩमा चरा पर्दे श .......................................................... 69
अठन्नी चर्न्नी .............................................................. 72
आस्था महाॉ जीर्नी हैं .................................................. 75
साभर्थमय

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भेयी भद्रदया भेये ऩास ...................................................... 76
ऩछ
ू े यात सफ
ु ह से ........................................................... 78
काशी ना छोड़ी जाए ....................................................... 80

साभर्थमय

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साभर्थमय

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काशी जया सी
काशी को कैसे कपर्ता भें राए

रािो के ऩर हैं हजायों की िुशशमाॉ

धुशभर हुआ दि
ु हुई ओझर उदासी
शब्द ऩड़े छोटे फड़ी हैं जी काशी
कपर्ता भें हभने बयी हैं जया सी
गॊगा की काशी फाफा की काशी
दि
ु बी हैं बूरे बूरे उदासी

मे क्ट्मा हैं जो राती रािो को काशी
कोई गॊगा की प्मासी
कोई फाफा अशबराषी

ननकरे हैं जीने एक ऩर दो घर्डमाॊ
जाए तो जाए रे जाए जया सी
फसा भन भें काशी

जो चर बी ना ऩाए
र्ो बी हैं आए

कॊधों सहाया मा करश भें सभाए

इनके बी द्रहस्से शरिी हैं जया सी
साभर्थमय

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सफको मे चाहे फुराए जी काशी
न बाषा का बेद
न जाती प्रथाएॊ

जफ फाफा फुराए
कोई यह न ऩाए

दौड़े आए जफ फुराए जी काशी
ऩैसो भें ढूढे रयश्तों भें ढूढे

िश
ु ी दनु नमा ने ताजों तराशी

अस्सी ऩे आए औय गॊगा नहाए

ऩार्न मे गॊगा भन ऩार्न कये गी

िुशी िुद की िुद के दाभन शभरेगी
यातो का सामा भै र्ही छोड़ आमा

जीर्न भें भेये आई काशी सफ
ु ह सी

साभर्थमय

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भुझें भेया गार्ॉ यहने दो
र्ो बी क्ट्मा द्रदन थे
भुगे की फाॊग ऩे
नीद टूटती थी

दादी उठाती थी
रल्रा जागो

अॉधधमाया छटा हैं

सूयज यौशनी शरए आमा हैं
सर्ेया हो चरा हैं
भुह धोओ

कयो स्नान जा के

अम्भा योटी फनाती हैं

जाना हैं तुम्हे स्कूर
ननर्ारे िा के

तफ धन की अधधकता न थी
इसशरए दध
ू दही न शभरी

ऩाऩा ऩयदे श भें कभाने रगे

तो जा के कुछ ऩैसे घय आने रगे
ऩाऩा अफकी घय आए थे
कऩड़ें खिरौने

साभर्थमय

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टोफो साइककर राए थे
जजतनी योटी द्रहस्से भें जरुयी थी
उतनी न शभरी थी
अभीयी न थी

कपय बी जजॊदगी से िश
ु था
आभ की डार ऩे चढ़ा था
फेय अभरूद सह्तुत
करुन्दा

तयह तयह के ऩेडों से

भेया घय पऩछर्ाड़ा दर्
ु ाय
बया था

अफ तो गैमा बी आगे थी
शभरने रगी दध
ू दही थी

अचानक रोगो को ख्मार आमा
इसे ऩढ़ामा जाए

फड़ा आदभी फनामा जाए
रे जाओ इसे भहानगय

ऩढ़ाओ अॊग्रेजी स्कूर भें
क्ट्मा यिा हैं गाॉर्

औय गाॉर् की धूर भें
ऩाऩा अम्भा औय भझ
ु ें
साभर्थमय

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फम्फई रे आए
फड़े स्कूरों

मुननपभो भें

भेया गाॉर् धॊुधरा हो गमा
भेया गाॉर् ऩीछे यह गमा
क्ट्मों आज बी

हभ ऻान तयक्ट्की के शरए
इस शहय के भोहताज हैं
क्ट्मों द्रदल्री अफ बी
गाॊर्ों से नायाज हैं

क्ट्मों रल्रा फढ़ना चाहे
तो द्रदल्री ही जाए

क्ट्मों शशऺा उसके दय तक न आए
पर्कास शहयो के शरए
गार्ो को गुराभी क्ट्मों
ऐसा कुछ कये

कोई गार्ॉ छोड़ने ऩे पर्र्श न हो
शहयी नहीॊ होना भझ
ु ें

भुझें भेया गार्ॉ यहने दो

साभर्थमय

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दआ
रामा हूॉ

तोहपे नहीॊ रामा हूॉ
भैं फस दआ
रामा हूॉ

कड़कती धुऩ भें फचा सके

ऐसी फदरीम रामा हूॉ
अगय याह के कॊकड़ न हटा सकू

चरें गे नॊगे ऩैय की भैं अऩने चप्ऩर छुऩा आमा हूॉ

जाभ कोई बी भेये रफो ऩे आता नहीॊ कबी
ऩय भैं तेये शरए जजॊदगी का नशा रामा हूॉ
भैं कर्ी हूॉ कोई भहर नहीॊ रा सकता हूॉ
िश
ु ी भैं शसपय शब्दों से जता सकता हूॉ

स्कूर की दीर्ाये राॊगते करॊदय थे

शसनेभा की सीटों के जफ शसकॊदय थे
भैं उन द्रदनो की सदा रामा हूॉ
तोहपे नहीॊ रामा हूॉ

भैं फस दआ
रामा हूॉ

साभर्थमय

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दीर्ाये
ईट दय ईट हभ दीर्ाय फना यहे हैं

द्रहपाज़त की कीभत आजादी से चूका यहे हैं
काॊच के टुकडो औय कटीरी तायो से
घय सजा यहे हैं

ईट दय ईट हभ दीर्ाय फढ़ा यहे हैं
योशनदान छोटे हो गमे हैं
खिडककमों ऩे जाशरमाॊ हैं

कपय बी जया सी सयसयाहट से
डय जाता हैं

आज क्ट्मों आदभी आदभी से शभरने भें
िौप िाता हैं

िुरी हर्ाओ भें यहने से र्ो इतना िौफ़जदा हैं
की आज दीर्ायों का कद हभसे बी ज्मादा हैं
एक हल्की सी दयाय बी इसे डया दे ती हैं

आखिय एक द्रदन दयाये ही दीर्ाय धगया दे ती हैं

साभर्थमय

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गय ितया अॊदय होगा
मे नहीॊ झुकेंगी

औय आऩ दीर्ायें राॊघ नहीॊ ऩाएॊगे
गय जजॊदगी दीर्ायों भें जजमेंगें

तो एक द्रदन दीर्ायों भें भय जाएॊगे
जया सी फात अफ रोगो को फयदास्त नहीॊ
सारो के रयश्तों ऩे मे ईट धगया दे ता हैं
द्रदर के कयता हैं टुकड़े

औय दीर्ाये उठा दे ता हैं

जहा बी जाता हैं फस दीर्ाये फना दे ता हैं
फडों की गरनतमों की सजा
रयॊकू क्ट्मों ऩाता हैं

दीर्ाय ऩाय का द्रटॊकू अफ िेरने नहीॊ आता हैं
फड़प्ऩन की दीर्ायों भें
फचऩन फट जाता हैं

फड़प्ऩन फस दीर्ाये उठाता हैं

साभर्थमय

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जीना चाहते हैं कपय से फचऩन की तयह

हभसे अफ नहीॊ शभरता र्ो फचऩन की तयह
इतने फड़े जो हो गए हैं

हभ बी रूठे यहते हैं उससे फड़प्ऩन की तयह
एक जभाना था उसका दय था
हभाये घय के आगन की तयह

जजन ईटो ऩे फैठ फाते ककमा कयते थे

र्ो ईटे जाने कफ हभाये दयशभमा दीर्ाय हो गमी
अफ योकती हैं हभे फॊधन की तयह

जानते हैं तुभ बी शभरना चाहते हो
हभ बी आना चाहते हैं

कपय बी तने हैं हभ अकड़ी गदय न की तयह
कोई चीज़ तेयी भेयी न थी सफ हभायी थी
आज मु हैं की िुशी क्ट्मा गभ भें बी
दयू यिते हो हभे दश्ु भन की तयह

फहोत जी शरए हभ फड़े होके फड़प्ऩन की तयह
कोई रौटा दे हभाये दोस्त
की हभ हॉ सना

औय जीना चाहते हैं कपय से फचऩन की तयह

साभर्थमय

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बट्टी चढ़ा यक्ट्िी हैं
सफने जजॊदगी की आग ऩे
बट्टी चढ़ा यक्ट्िी हैं
कोई ऩकाता हैं सऩने
ककसीने जजॊदगी अऩनी जरा यक्ट्िी हैं

चाहे ऩत्थय हो तोड़ता
मा कोर्डॊग का ननशाचय
महाॉ सफ हैं करॊदय
सफने अऩनी रकर्ड़मा जाभा यािी हैं
जजॊदगी की आग ऩे
बट्टी चढ़ा यक्ट्िी हैं

साभर्थमय

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फचाता यहता हैं
बट्टी को हर्ाओॊ से
अधऩकी खिचड़ीमा ककसे अच्छी रगती हैं
जजॊदगी की आग ऩे
बट्टी चढ़ा यक्ट्िी हैं

कॊधो ऩे बाय घय का
द्रदर ऩे भोहब्फत का ़ज़य
हय फ़ज़य ननबाने के शरए
जजॊदगी अऩनी जरा यक्ट्िी हैं
जजॊदगी की आग ऩे
बट्टी चढ़ा यक्ट्िी हैं

साभर्थमय

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एक द्रदन तो अऩने शरए फना रे कुछ
थोड़ी चढ़ा रे कुछ
थोड़ी आग कभ ही यहने दे
थोड़ा भुस्कुया रे कुछ
एर्ड़मा यगड कोर्डॊग कय
मा जभी को सभॊदय कयके
जहा से शभरे र्ो रकड़ी उठा रेता हैं
कपय जजॊदगी जराता हैं
औय बट्टी चढ़ा दे ता हैं

साभर्थमय

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मे जजॊदगी हैं क्ट्मा

जफ ऩैसो के ऩहाड़ ही द्रदिे
पूर की घाद्रटमाॊ न द्रदिे

अफ नहीॊ भैं नततशरमाॉ ढूॊढता
मे जजॊदगी हैं क्ट्मा
भैं िुद से ऩूछता

मे जजॊदगी हैं क्ट्मा
फस द्रदन बय दौड़ता
हूॉ तन से भैं थका
भन बी हैं थका

फन गमा हूॉ भैं धोफी का गधा
मे जजॊदगी हैं क्ट्मा

ककसी बी पर ऩे
नहीॊ रगाता ननशाना
सफ ऩैसो से तोरता

रयश्तों भें बी नपा नक
ु शा ही दे िता
मे जजॊदगी हैं क्ट्मा

साभर्थमय

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कॉरेज कैंटीन

भें बुिड़ था फड़ा

प्रेटो ऩे था भैं टुटता
अफ 5 स्टाय की सीट
औय िारी हैं जगह

ऐ दोस्त आके फैठा जा
मे जजॊदगी हैं क्ट्मा

ककस्भत फनाने के शरए
भैं इतना बागा

प्माय रूठा हैं ऩड़ा

घय ऩीछे यह गमा

मे जजॊदगी हैं क्ट्मा
भैं िद
ु से ऩूछता

मे जजॊदगी हैं क्ट्मा

साभर्थमय

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भॊदफुद्धध इॊजजननमय
खिरौने तोड़ता था
उन्हेँ जोड़ता था

महीॊ थी उसकी जजॊदगी

इन्हीॊ भें कऩाय पोड़ता था
दयाज टुकडों से ऩटी

ना जाने ककतनी दघ
य नाएॊ घटी
ु ट
रड़का होशशमाय था

फस क्रीएटीर्ीटी का शशकाय था

इॊजजननमय फनने की चाह
ऩकड़ीॊ सही याह

बौनतकी भें की जादग
ू यी
यसामन भें फाजीगयी

पर्पर्ध शास्िों से िेरने रगा

द्रदन फ द्रदन नमे ताय छे ड़ने रगा
प्रमोग कुछ हो गए सपर
कुछ यह गए अपसर

कहता सभॊदय की रहयों ऩे सऩने तैयाऊॊगा
उन्ही से त्रफजरी फनाऊॊगा

साभर्थमय

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जफ उसे आमा

जस्र्ॊग टाइऩ जेनये टय फनाने का आईर्डमा
प्रोपेसय से फात की

उसने उसे एच.ओ.डी के ऩास द्रदमा
एच.ओ.डी ने सभझामा

व्मथिं भें ना सभम गर्ाओॊ

ककताफे यटो औय भाक्ट्सय राओ

कॉरेज को नहीॊ चाद्रहए था कोई इन्नोर्ेटय
उनकी भाॊग थी ज़्मादा भाक्ट्सय र्ारा
भॊदफुद्धध इॊजजननमय

साधथमों ने छे डा

मे फनेगा भोहन बागयर् स्र्दे श का
ऩानी से त्रफजरी फनाएगा

बाग्म योशन कये गा प्रदे श का

अबी जख्भ नहीॊ हुए थे हीर
तबी सेभस्
े टय ने ठोक दी आखियी कीर

साभर्थमय

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ख्र्ाफ उम्भीद औय ज़ज्फा

सफ मेअय ड्रॉऩ भें फह गमा
इन्नोर्ेशन ढह गमा

फस भॊदफुद्धध इॊजजननमय यह गमा
कपय शसपय ककताफे यटी

जज़ॊदगी फस इम्तेहानो तक शसभटीॊ

उसने बी रे री

भॊदफुद्धध इॊजजननमय की र्डग्री
जजन हाथों भें ताकत थी
डोय िीचने की

अफ र्ो यह गमी फस कठऩुतरी
भैंने बी आखियकाय रे री

भॊदफुद्धध इॊजजननमय की र्डग्री

साभर्थमय

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भैं चरने के शरए फना था भैं उड़ न सका

रुकना साॉस रेना भेयी ज़रूयत थी
जफ बी भैं रुका

दनु नमा ने कह द्रदमा भैं ऩीछें यह गमा
भैं चरने के शरए फना था

र्ो कहते यहे भैं उड़ न सका

पर्चाय फीज थे
भैं शभट्टी था

दनु नमा से अरग सोचता
भैं शभट्टी था

फारयश की फूदों ऩड़े तो भैं िश
ु फू
सूयज की योशनी भें जाद ू

की पर्चायों भें जजॊदगी बय द ू
उऩजाऊ था

ऩय था तो भैं शभट्टी ही

साभर्थमय

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कइमो ने सभझामा

सोना होना ज़रुयी हैं

शभट्टी का नहीॊ हैं भोर
सोना हैं अनभोर

भुझें िशरहानोँ भें होना था
फारयश धुऩ भें शबगोना था

ऩय बट्टी भें जरामा गमा भुझें
की रोगो की चाह भें सोना था
ऩय भैं तो शभट्टी था

भझ
ु ें शभट्टी ही होना था

भैं चरने के शरए फना था
भैं उड़ न सका

क्ट्मा सोना होना इतना ज़रुयी हैं
क्ट्मा सोना पसर फनेगा
क्ट्मा सोना ऩेट बये गा

क्ट्मा सोना आसभान से फयसेगा
औय फीजो भें जीर्न बये गा
सोना कीभती हैं

ऩय भैं बी हूॉ अनभोर
ऩय भुझें इतना तऩामा गमा

की भैं शभट्टी बी न यह सका
साभर्थमय

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पर्चाय भेये जर गए

नसों भें रड़ने की कूफत थी
सफ बाऩ फन ननकर गए

भैं चरने के शरए फना था
भैं उड़ न सका

सासे रेना धडकना

दनु नमा के यॊ ग यॊ गना चहकना
मे भेयी ताकत थी

ऩय उसे सभझ ना आमा
जफ बी तोरा भुझें

उसने सोने के शसक्ट्को से
हभेशा कभ ऩामा

भैं चरने के शरए फना था
भैं उड़ न सका

साभर्थमय

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काश हभ बी ककसीके र्रेंटाइन होते
यात हभ बी ककसे के
सऩनो भें सोते

ककसीकी फाहों भें हभ बी िोते
ककसीके इश्क के सभॊदय भें
हभ बी रगाते गोते

काश हभ बी ककसीके र्रेंटाइन होते
तेयी आॉिों भें अऩने ननशाॊ बय दे ते
तेये रफों को अऩना कय दे ते
तू हॉ सतीॊ तो

हभ बी हॉ सतें
तू योती तो

हभ बी यो दे ते

काश हभ ही तेये र्रेंटाइन होते

साभर्थमय

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र्ो हभ भें फसते

हभ उनकी सासों भें

र्ो धड़कते हभाये द्रदर भें
हभ उनकी आॉिों भें

हभ उनकी जजॊदगी होते
र्ो हभायी फॊदगी होती

काश हभ बी ककसीके र्रेंटाइन

होते

उनके ख्र्ाफा हभाये

औय उनके अयभा हभ होते
हभ उनकी आयजू होते
र्ो हभायी आफरू होती
र्ो रैरा

हभ बी भजनॊू होते

काश हभ बी ककसीके र्रेंटाइन होते

साभर्थमय

Page 33

द्रदर अफ तक भेया फच्चा हैं
भन की बी कुछ सोच हैं
कुछ इच्छा हैं

कफ तक द्रदर को सभझाऊ
तू अफ तक फच्चा हैं
भानी के भनभानी के
िेर िेर जर्ानी के

फुजग
ु ो की सन
ु े तो फच्चा हैं
छोटे कहे की

तेया सभम ननकर चूका हैं
भन की बी कुछ इच्छा हैं

द्रदर को कफ तक फहराऊ
की तू फच्चा हैं

ऩरॊग की शसरर्टो भें
कोई कहानी नहीॊ

कबी कोई भानी नहीॊ

हभ ने की कोई भनभानी नहीॊ
ऩरॊग की शसरर्टो भें
कोई कहानी नहीॊ

साभर्थमय

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न फोतरों भें नशा हैं
न होठो भें धुआ हैं

न कही ऩैय कपसरा हैं

द्रदर को कैसे फतराऊ

दनु नमा सभझती तू फच्चा हैं
मही तेयी गरती हैं
मही तेया दोष हैं

तू यात के रयश्तो से

जज़न्दगी का साथ चाहता हैं
त्रफके हुए से
जो अऩनी कीभत ऩूछता हैं
मही तेयी गरती हैं
मही तेया दोष हैं
मे तो सही हैं

की द्रदर अफ तक तेया फच्चा हैं
कोई तो ऐसी फची होगी
जो द्रदर की फच्ची होगी
भन की सच्ची होगी

फस उसी की इच्छा हैं

द्रदर अफ तक भेया फच्चा हैं
साभर्थमय

Page 35

िारी ऩन्नें
ककस्भत ने छोड़े

कुछ सर्ारी ऩन्नें

जजॊदगी के िारी ऩन्नें
र्ैसे तो भेयी कहानी से
ऩूयी ककताफ बयी हैं

रडकऩन हैं जर्ानी हैं
नादान हैं समानीॊ हैं
भेयी ऩूयी कहानी हैं

धुॊधरी हैं सुनहयी हैं
ऩूयी ककताफ बयी हैं

इश्क ऩे यिा मकीन

ऩय फयसीॊ नहीॊ फयसात फन के
यह गमा द्रदर का िारीऩन
कोई आई नहीॊ

सौगात फन के

ककस्भत ने छोड़े

कुछ सर्ारी ऩन्नें

द्रदल्रगी के िारी ऩन्नें
साभर्थमय

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रयश्ता दे परयश्ता नहीॊ
इॊसान ही दे
भोहब्फत दे

बरे थोड़ी नादान ही दे
जजॊदगी भहका सकें
र्ो िुशफू दे

द्रदर धड़कता यहे
कोई आयजू दे

कफ तक ख्मारों से बये
द्रदल्रगी के िारी ऩन्नें
नायाज़गी दे भनाना दे
ऐसा कोई तयाना दे

धड़कने को फहाना दे

कफ तक कयें गे सर्ार
मे सर्ारी ऩन्ने

अकेराऩन िटकता हैं
द्रदिे जफ बी
िारी ऩन्ने

चुबते हैं सर्ारी ऩन्ने

साभर्थमय

Page 37

कोई तो उबये
अऺय शब्द

ऩूयी कहानी फने

ख्मारों से कपर्ताओॊ से ननकरे
ऩन्नें भेये िारी न यहे
हभ दीर्ानें से

र्ो दीर्ानी फने

भोहब्फत भेयी बी कहानी फने

साभर्थमय

Page 38

साभर्थमय
प्रश्न र्ाचका हो

प्रश्न ऩूछना हैं तो साभर्थमय होना चाद्रहमे
प्रेभ की ऩरयबाषा फता
आदशय को प्रेभ र् प्रेभ को आदशय फना
ऩय साभर्थमय होना चाद्रहमे
साभर्थमय हैं थो प्रेभ कय
साभर्थमय हैं इज़हाय कय
ऩरयणाभ कुछ बी हो

जज़न्दगी शसॊह सी जजमो
तॊग आ गमा हैं

ननमभो से फॊधनो से

तो दफ के जीना छोड़ दे
अगय साभर्थमय हैं

साभर्थमय हैं तो पर्िोह कय

साभर्थमय हैं तो फन स्र्मॊ का ईश्र्य
तू चून कॊकड़ों से बयी धया

मा भिभर सा ऩयतॊिता का हो पर्ष बया

साभर्थमय

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कभजोय हैं मा के ननफयर

फना अटर अऩनी यहा ऩय चर
गय साभर्थमय का ऩमायम हैं
तो शजक्ट्त प्रदशयन कय

ऩैदा कय प्रनतर्ॊदी भें डय

साभर्थमय हैं तो इजन्िमों को हय
सुऩाि फना मा कुऩाि
मश पैरेगा सर्यि

शसॊह अऩना साभर्थमय नहीॊ िोता

इस शरमे हय जॊगरी जानर्य शसॊह नहीॊ होता
मा तो अच्छा फन मा फुया

शसिॊडी की जजॊदगी जीना छोड़

ऩर्न सा आर्ेगा रा सूमय का मश तो द्रदिा
अगय साभर्थमय हैं तो इॊसान फन

साभर्थमय

Page 40

ना का डय हाॊ से हल्का हैं
जफ तक इज्ज़त की कफ़क्र थी
भै फोरता न था

कबी हौसरा कभ था
कबी पासरा था फहोत
कबी आर्ाज़ की कशशश थी
कबी नज़यों भें था नशा

कपय जो नज़य का असय होने रगा
होश भै िोने रगा

नशा भोहब्फत का सय ऩे तायी हो गमा
हौसरा इज्ज़त से बायी हो गमा
ना का डय हाॊ से हल्का हैं

भोहब्फत जाभ हैं औय जाभ छरका हैं
पैसरे की चाह भें
हौसरा फढ़ामा हैं

पऩॊजये तोड़ मे ऩरयॊदा उड़ने आमा हैं
एक हाॊ की ररक भें हौसरा फढ़ामा हैं

साभर्थमय

Page 41

एक ना के डय से अफ तक िुद को आजभामा ना था
सीने भें प्माय था दनु नमा को द्रदिामा ना था
हाॊ से हाशसर होगा

ना से पासरा होगा
होने को र्ही होगा

जो ककस्भत भें शरिा होगा
करभकाय हूॉ करभ चराता यहूॉगा
जज़ॊदगी की बट्टी ऩे जज्फात जराता यहूॉगा

एक यात द्रहम्भत हुई औय भैंने कह द्रदमा
एक यात द्रहम्भत हुई औय भैंने कह द्रदमा
धड़कने कुछ कह यही कय गौय भैंने कह द्रदमा
भेये हाॉ ऩे हाॉ हो गई र्ो भेयी दनु नमा हो गई
धड़कने तेयी हुई तू शशयभौय भैंने कह द्रदमा

साभर्थमय

Page 42

ना से डयना क्ट्मा

भेये इजहाय ऩे तू शयभाई नहीॊ
भै अस्भा हो के बी झुका

तू जभी हो के बी आई नहीॊ
र्ो सभझी हभ टूटें गे त्रफिय जाएॊगे
पकीय की भाननन्द दय-दय जाएॊगे
एक ना से डय जाऊ त्रफिय जाऊ
भझ
ु भे इतनी नासभझी नहीॊ
तुने ना दी हैं

ठुकयामा हैं भुझें

तो कही ककसी के होठो भें हाॊ होगी

यात घनी हैं तो जल्द ही सुफह होगी
भेये इजहाय ऩे उसे शभायना हैं
रफो को हौरे से द्रहराना हैं
की उसको हाॊ हो जाना हैं

साभर्थमय

Page 43

कोमशरमा जफ गाती हैं
चर झठ
ू रूठना हैं तेया
आॊिें सफ फतरातीॊ हैं

कोमशरमा जफ गाती हैं
माद भीत की आती हैं

आॉिों से अफ ना आस धगया
फातों ऩे यि पर्श्र्ास जया
जाने दे भत योक भुझें
सय ऩे दनु नमाॊ दायी हैं

कोमशरमा जफ गाती हैं
माद भीत की आती हैं
न तू बर
ू ीॊ न भैं बर
ू ा

जफ झूरे थे सार्न झूरा

भौसभ अफ के फयसातीॊ हैं
कोमशरमा जफ गाती हैं
माद भीत की आती हैं

चरतें थे तट ऩे साथ पप्रमे
नटिट हाथों भें हाथ पप्रमे
रहयें तफ बी आती थी

साभर्थमय

Page 44

रहयें अफ बी आती हैं

कोमशरमा जफ गाती हैं
माद भीत की आती हैं
तू ककतनीॊ हैं दयू फड़ी

हैं कैसी मे भजफूय घड़ी

सऩनों भें तू जफ आती हैं
भुझकों फड़ा सताती हैं

कोमशरमा जफ गाती हैं
माद भीत की आती हैं

अफ नहीॊ पुसयत कोई र्ो धडकनों भे हो गमी

अफ नहीॊ पुसयत कोई र्ो धडकनों भे हो गमी
द्रदन अठिेशरमाॊ हुई यात फाहों भे सो गमी
प्माय ऩे टूटा भेये जज़्फात साये रे गमा

छोड़ के दनु नमा चरी र्ो आॉसओ
शबगो गमी

साभर्थमय

Page 45

भन तुम्ही को िोजता हैं
दयू हैं आॉिों से ओझर

भीत भेयी प्रीत ननश्छर

ऩि तेया हाथ रेकय , फस तुझी को सोचता हैं
भन तुम्ही को िोजता हैं
हाथ भें हाथ थाभे

फाहों भें कटती हैं शाभे

नर् मग
ु र का प्रेभ दे ि , अश्रु अऩने ऩोछता हैं
भन तम्
ु ही को िोजता हैं
प्रेशभमों का द्रदन हैं आमा
यॊ ग राशरभा का छामा

उऩर्न के गुराफ साये , हाथ भेया नोचता हैं
भन तम्
ु ही को िोजता हैं
हैं महाॉ सफ ऩयामे

जाने कफ हभ ऩास आमे
हैं जुदाई टीस ऐसी , साॉऩ तन ऩे रोटता हैं
भन तुम्ही को िोजता हैं

साभर्थमय

Page 46

जफ बी उसका भुस्कुयाना हुआ
जजस दनु नमा भें हॉ सना भस्
ु कुयाना हैं गन
ु ाह
तेर्य तल्िी ताना हुआ
जफ बी उसका भुस्कुयाना हुआ

फदसूयती को आजाफ सभझती थी दनु नमा

आऩ ने फतामा की िूफसूयत होना बी ऩाऩ हैं
जफ बी आऩ हॉ सी खिरखिराई

जफ बी आऩका भुस्कुयाना हुआ
फात से शसपय फात हुई

रोगो ने सभझा द्रदर रगाना हुआ
आऩ हॉ सती यही िुशी की तयह
उन्हें हॉ सी रगी आशशकी की तयह
र्ो हसें बी ना योए बी ना

हय भुस्कान भें भतरफ ननकारने रगी दनु नमा
हॉ सना भस्
ु कुयाना गन
ु ाह हुआ

कबी नछटाकशी कबी शसटी फजाना हुआ
कबी तेर्य तल्िी ताना हुआ
हसीन यॊ गत गोयाऩन

सफ छे डने का फहाना हुआ
उस गरी से भुजश्कर आना जाना हुआ
साभर्थमय

Page 47

ऑकपस कॉरेज साये शहय से फचाना हुआ
हाथ दोस्ती हभददी का
मा इज्ज़त ऩे अजभाना हुआ
भजु श्कर दोस्त फनाना हुआ
ओछा ऩूया जभाना हुआ
ककस से कहे क्ट्मा

कॊधो ऩे सय यि योए बी नहीॊ

फात फात ऩे छुना फहाना हुआ
हाथ हाथ से भजु श्कर फचाना हुआ
िुफसूयती ऩाऩ हुई अऩयाध हुआ
काभमाफी की डगय
भेहनत शशद्दत से होकय

जफ बी आना हुआ
िुफसूयती रोगो का फहाना हुआ
फस तोहभत रगाना हुआ
जफ बी उसका भुस्कुयाना हुआ

साभर्थमय

Page 48

कन्मादान भुननमा का
ऩुिी होना

अफ बी अऩयाध दनु नमा का
हैंर्ानों के घय

ना कीजजए कन्मादान भुननमा का
कन्मादान भहादान
ना सभझेंगें शैतान

भुननमा गुणों की िान
भनु नमा रक्ष्भी सभान
भाॊगते र्ो दौरत

इतना बया रारच

चाहे जाए भुननमा के प्राण
जफ गुॊजी थी ऩहरी ककरकायी
भनु नमा तफ से घय की दर
ु ायी
कबी फकईमा चरना

कबी ऩाऩा के कॊधों की सर्ायी
भुननमा बईमा की प्मायी
भुननमा घय की दर
ु ायी

र्य को ना गड्र्डमों से
साभर्थमय

Page 49

ना सोने से तोरो

जहा त्रफक यहा हो शौहय
र्हा से दयू हो रो

गय आऩने भाॊग भानी हैं

डोरी भें गड्र्डमाॉ डारी हैं
जान रीजजए आऩने डोरी नहीॊ
भुननमा की अथी ननकरी हैं
दहे ज रोशबमो से फचाए
ऐसे घय ना बजे

भुननमा को जजॊदा ना जराए
बाई के शरए यािी हैं

भाॉ की नानी होने की इच्छाएॊ फाकक हैं
भुननमा के बी कुछ अयभान हैं

थोड़ी समानीॊ हैं थोड़ी नादान हैं
भनु नमा घय की शान हैं

कन्मादान भहादान मे जान जाइए
फेटी राइए फहु भत राइए
ककसी की भुननमा को न सताइए
आऩकी बी भनु नमा हैं

भनु नमाओ के शरए दनु नमा फेहतय फनाइए
साभर्थमय

Page 50

फीर्ी राए हो दासी नहीॊ
न नौकय न फार्ची

न कोई साभान राए हो
ध्मान से दे िो
डोरीॊ भें

तभ
ु बी इॊसान राए हो
जैसे तुम्हाये सऩने हैं

उसकी बी इच्छाएॊ हैं

ऩुरुषत्र् का ढोर न ऩीटो

टटोरो भन उसका सभझदाय फनो
शसपय जजम्भेदायीमा ना धगनाओ
थोड़ा तुभ बी जजम्भेदाय फनो

दककमानस
ू ी शक्ट्की शभजाज़ हो जाओगे
तो द्रदर से दयू ऩाओगे

अऩने रयश्तों को अहशभमत दोगे
उसके नातो को िाजाओगे

अऩने शरए िुशी उसको उदासी
फीर्ी राए हो मा दासी

साभर्थमय

Page 51

दीर्ायों भें खिड़ककमाॊ यहने दो

भॊगर जो सूि हैं उसे फेर्डमाॊ न कयो
रयश्तों भें जगह यहने दो
हर्ा ऩानी फयसात शभरे
यात से दयू यिो

धूऩ शभरे सफ
ु ह यहने दो
प्रेभ फीज ऩौधा हो जाए

कर को पूर दे िुश्फू दे

रयश्तों भें इतनी सभझ यहे

एक के आॉसू ऩे दस
ू या कैसे ऩनऩे
कतयव्म अधधकाय फयाफयी के यहे
शसपय उसे ना झुकाओ
िद
ु बी झक
ु ो

शसपय अऩनी न धगनाओ

उसकी बी भजफूरयमाॊ सभझो

साभर्थमय

Page 52

फॊधुआ भजदयु

कोई नौकय नहीॊ हैं र्ो

जैसे अऩने घय के तुभ धचयाग हो
र्ैसे फड़े नाज़ों से ऩरी हैं

भाॉ फाऩ की ऩरकों ऩे चरी हैं
र्ो बी अऩने घय की ऩयी हैं

तुभ र्कीर डॉक्ट्टय इॊजीननमय

उसकी र्डग्री फस दीर्ाय की सोबा
ऩसीना फहा

यात जगी हैं

भेहनत इतनी जो की हैं
तफ र्डग्री शभरी हैं

र्डग्री उसकी दीर्ायों से उतयने दो
ऩॊि उसके बी हैं

उसे उड़ान बयने दो

घय को पऩॊजया न कयो

साभर्थमय

Page 53

दरयॊदगी फेिौप हैं
मे हुआ क्ट्मों
इॊसा की िार भे
बेर्ड़मे सभा गए

ऩहरे की छीटाकसी

कपय नोचने ऩे आ गए

क्ट्मों क्ट्मोंकी डय नहीॊ हैं
जानते कुछ कय रो

होना कुछ असय नहीॊ हैं
कानून का डय था नहीॊ

बीड़ से कुछ होना नहीॊ
मू बीड़ भे छुऩें गे

औय जभीय न जग ऩाएगा
हय यें गता कीड़ा

नोचेगा काट िाएगा
आज का कीड़ा

कर जानर्य हो जाएगा
आज कपक्र नहीॊ की कोई औय हैं

कर होगी फहन फेटी फहूॉ घय की
हय कीड़ा जानर्य हो जाएगा

साभर्थमय

Page 54

क्ट्मा हारत हो जाएगी शहय की
र्दी के बयोसे क्ट्मू यहना
र्दी काभ नहीॊ कयती

फस रूटने भे आयाभ नहीॊ कयती
र्दी काभ नहीॊ कयती

जो यऺक हो गमा बऺक
र्ो क्ट्मा फचाएगा

अफ की कोई कान्हा न आएगा
गय गुॊडई को हद भे राना था
आभ आदभी को

अऩना हधथमाय उठना था
दनु नमा को फताना था

बीड़ की ताकत हैं क्ट्मा
जत
ू े चप्ऩर औजाय थे
उठाना था चराना था

सजा राठी गोशरमो से
फड़ी हो जाएगी

जनता जफ चप्ऩर चराएगी
गय बीड़ थी दोषी

तो आऩ बी ननदोष ना

जत
ू े चप्ऩर आऩके बी चरने थे
साभर्थमय

Page 55

ऩय चरता यहा फस कैभया
कय फहाना कभय का

धत
ृ याष्ट्र आऩ हो गए
िौऩदी रट
ु ती यही

कैभये की आड़ भे

भानर्ता गई बाड़ भे
र्ो तो दरयॊदे थे

कयते यहे दरयॊदगी
ऩय इन्सानो भे

भैंने इॊसाननमत दे िी नहीॊ
बीड़ सफ चुऩ यही

बीड़ के शरए तभाशा था
आऩके शरए टीआयऩी

औय फच्ची नोची गई
बीड़ की आड़ भे

छुऩने रगा हैं आदभी
फहन भाॉ फेद्रटमाॉ

सड़कों ऩे उसे द्रदिती नहीॊ
जफ तक बीड़ भे

फहन फेद्रटमाॉ न द्रदिेंगी
दरयॊदगी कैसे थभेगी

साभर्थमय

Page 56

सर्ार कयता फहोत दे ता उसे कोई जर्ाफ
नहीॊ
सर्ार कयता फहोत दे ता उसे कोई जर्ाफ नहीॊ
ऩढ़े कैसे र्ो दनु नमा ने दी उसे कोई ककताफ नहीॊ
स्कूर की खिडककमों ऩे रगाए कान सन
ु ता हैं

अगय अन्दय ऩनऩते पूर क्ट्मा र्ो गर
ु ाफ नहीॊ
जूठे फतयन धोते हुए ऩूया फचऩन त्रफताता हैं
रोग अफ बी कहते दनु नमा इतनी ऽयाफ नहीॊ
शभरती उसे ऩूयी योटी नहीॊ बूिा सोता हैं र्ो

जफ ऩेट कये आर्ाज़ यातो को आते ख्र्ाफ नहीॊ
जया से ददय ऩे छरक जाती हैं आॊिे "सैनी"
र्ो तो फच्चे हैं उनके गभो का कोई द्रहसाफ नहीॊ

साभर्थमय

Page 57

हाॊ भै दीर्ाना यहूॉ
नपा नुकशान नहीॊ
इॊसा हूॉ भै

द्रहसाफ ककताफ भेये ककताफो भें यहे
भै रयश्तों ऩे दार् ऩेच रगाता नहीॊ
भतरफ की भतरफ से मायी यहे
न भुझभें ऐसी सभझ
न मे सभझदायी यहे

भतरफ ननकर जाए

औय भै अऩनों भें फेगाना यहूॉ

इस से तो अच्छा हैं भै दीर्ाना यहूॉ
भन की भजी ऩे धथयकने र्ारा
भै दज
ू े इशायों नाचता नहीॊ
जफ बी धड़कन ने कही
कदभो ने सन
ु ी

जजॊदगी उस तयप हो री
भेया अऩना तयीका हैं
भेयी हयकते बी भेयी
ककसी औय की नहीॊ

भेये ऩैय ऩड़े फयाफय की टे ढ़े ऩड़े
साभर्थमय

Page 58

भै मे नाऩता नहीॊ
चरना भेयी भजी

भै दज
ू े इशायों नाचता नहीॊ

भिभरी गर
ु ाभी भै चाहता नहीॊ
आज़ाद यहूॉ बरे पर्याना यहूॉ
हाॊ भै दीर्ाना यहूॉ

घाटो ऩे फैठता हूॉ घॊटो
गशरमों भें गभ
ु हो जाता हूॉ
फहोत दे ि शरए भैंने जानने र्ारे

भै महाॉ िोने आता हूॉ
महाॉ कोई भुझें भेये नाभ से जनता नहीॊ
भतरफ ऩे जात भजहफ ननकारता नहीॊ
जाने ऩहचाने चेहयों से डय रगे

अनजानो भें अनजान यहूॉ
सभझदायों की भुझको सभझदायी नहीॊ
भै िुद को दीर्ाना कहूॉ

साभर्थमय

Page 59

ऩगडॊडी गामफ हैं
न हैं मे पूरों की घाटी

न धचर्डमों की चहक बयी

द्रदन भें जजसके ऩीछे आए
यात बमार्ह हो ननकरी
आॊगन के तेये ऩेड़ नहीॊ

मे जाने कुछ औय हुआ
जड़ दे िो शभट्टी से ननकरी
डारी भें बी शोय हुआ

जजस ऩगडॊडी चर कय आए
र्ो ऩगडॊडी गामफ हैं

बर
ू गए यास्ता घय का
भुजश्कर सायी अफ हैं

चीिो औय चीत्कायों से
साया जॊगर गूॊज यहा

औय सन्नाटा छामा जफ
भन को मे बी गॉथ
ू यहा

न करकल़ हैं न नद्रदमा
साभर्थमय

Page 60

न झयने साया शोय बमार्ह हैं
जजस ऩगडॊडी चर कय आए
र्ो ऩगडॊडी गामफ हैं
हाथ ऐठे ऩैय ऐठे

हैं फदन ऩूया ऐठा

ऩेडों भें हैं शोय हुआ
मे डारी ऩे हैं क्ट्मा फैठा
हैं चीि चीि हैं आॊसू ना

िून फहा िूनी कोना कोना

द्रदन भें जजसको दे र् था सभझा
यात दानर्ों भें फैठा

यात मे फात फता दे गी

ककसका क्ट्मा असरी चेहया
दाॊत गडाए िून ऩी यहे

घार् फदन ऩे कय गहया

साभर्थमय

Page 61

दघ
य ना से दे य बरी
ु ट
पऩघर गए भुस्कान ऩे ऩहरी
जजसको सयर बार् थे सभझे
र्ो ननकरी जी गूढ़ ऩहे री

र्ो चक्रव्मह
ू की व्मह
ू यचना

प्राण फहोत भजु श्कर फचना

हाड भॉस को भोभ हैं सभझी
आग दे यही बट्टी भें

शभट्टी से आकाय हुआ हूॉ
उसके साॉचे भें ढारना ना

चाहे शभर जाऊ कपय शभट्टी भे
यॊ गयोगन दीर्ाये यॊ ग दी
ऩर बय की िुशी ने
दनु नमा ही फदर दी

कैची फन चरी रयश्तों ऩे

की रयश्तों की डोय काटने रगी

अऩने अतीत से भेया अतीत ऩाटने रगी
दोस्तों की पेहरयस्त फदर दी गई
कैची दोस्ती ऩे बी चरी
दनु नमा की नज़य भें

कहने को उसकी ऩहचान फदरी
साभर्थमय

Page 62

नाभ भेया ऩीछे रगाने रगी

डभरू फजा के फन्दय फनामा
सये फाज़ाय नचाने रगी

गय फनना चाहते हैं फॊदय नहीॊ

इशायों ऩे नाचना नहीॊ आता हैं यास
सौ फाय सोचे आॊिे भरे

आज की हूय ऩयी
कर डामन न फन ननकरे
उसी से फात फढ़ाईए
जो भन जचें

हुस्न की जादग
ू यी से फचे
हड़फड़ी भें मे ये िा न ऩाय कये
फात फढ़ाए जहा प्माय कये

दनु नमा की यफ़्ताय भें ना िोए
बरे यहे गाड़ी िड़ी की िड़ी
दघ
य ना से दे य बरी
ु ट

साभर्थमय

Page 63

अऩनी डोय सॊबाशरए
नीरी ऩीरी औय हयी
ऩेडों ऩे हैं िेतों भें

नज़य जहाॊ जहाॊ चरी
ऩतॊगों से दनु नमा बयी
नीरी ऩीरी औय हयी

जॊग नछड़ेगी छत छत ऩे
र्ो ऩतॊग उड़ाएॊ डट के

र्ो नज़य रड़ाए हट के
ध्मान न तेया बटके

कही गीय न जाए कट के
न गगन शभरा
न िेत

भुझको ऩूया िेद

याह से थोड़ा बटके
अफ ऩेडों ऩे मे अटके

ककस से ककतना दयू यिे
ककस से ककतना सटके
यॊ गत ऩे मॉू जाना ना

साभर्थमय

Page 64

भै सभझामा र्ो भाना ना
जो ध्मान जया मे ऩाए
कोई ऩेच सही रगाए

र्क्ट्त र्क्ट्त ऩे ढीर ढीर
हैं हर्ा चरी उड़ने दे

ठीक से ऩकडो भाॊझा
डोय नहीॊ उरझेगी

गय गरती की न भाना
रग जाए जभ
ु ायना

धागे ऩे यिा ध्मान नहीॊ

उरझन का सभाधान नहीॊ
मे टूटे गी त्रफिये गी
गाठे सफ उबये गी

नब हो जजसका सऩना
धगय जाए तो रट
ू भचे
हाथों इतनी रग जाए
कपय मे ना उड़ ऩाए

अऩनी डोय सॊबाशरए

गय छूना हो आकाश

ध्मान हटे गा कट जाएगी
हाथों हाथों पट जाएगी

साभर्थमय

Page 65

कुहुक फोरे ना
भै कुहूॉ फोरू तो बी कुकू फोरे ना

द्रदर उसका कबी कुहुक फोरे ना
दय ऩे यहे जजसके इॊतज़ाय भें फयसों
ककर्ाड़ िोरे ना कुहुक फोरे ना
भुझें ऩड़ार् की जजॊदगी नहीॊ
भॊजजर की आश थी

र्ो ऩड़ार्ो की यानी थी

उसे फस यात त्रफतानी थी
हाॊ ऩे हाॊ ना हो सकी
ना ऩे मे इतयाए

रयश्ता ऩैसो तोरती

ऩैसा फयसेगा जहा राय र्ही टऩकाए
कुहूॉ कुहूॉ कयते यहे
काक को कोमर सभझ फैठे
जजसकी फोरी कार् थी

र्ो कुहुक फोरे बी कैसे

साभर्थमय

Page 66

सायी गरती ये र की
एक को छोड़न दस चरे
दस को छोड़न सौ

दो चरे थे आदभी
झोरा दस ठे हो
फोयी भें गेहूॉ बये
औय बये जी दार

जैसे शभरना कुछ नहीॊ
शहय हुआ कॊगार

ऩें री सायी भय गई
एॊरी कैसे हो

िाना रे कय सफ चरे
द्रदन दो हो मा दो सौ
सड़ा गरा सफ िाइए
फोगी बी भहकाइए
िचाय कैसे हो

द्रदन दो हो मा दो सौ

साभर्थमय

Page 67

एक द्रटकट ऩे दस चरे
दस ऩे चरेंगे सौ

क्ट्मा कटे गी ऩार्ती

जफ गाॉधी जेफो भें हो
ये र फाऩ की हो गई
जजतना हो बय रो

गभी की छुट्टी हुई
भुरूक चरें गे बाम

रे न रुकेगी हय घड़ी

जजसका जफ घय आए

चैन ऩुशरॊग हैं हक महाॉ
हक से खिचो जी

एक्ट्सप्रेस को ऩसेंजय करू
मे भेयी भज़ी

सायी गरती ये र की

रेट हुई तो रेट
आग रगा के याि करू
कय द ू भद्रटमाभेट

ये र बरा बी क्ट्मा कये
जफ ऩसेंजय ऐसा हो

साभर्थमय

Page 68

रूऩमा चरा पर्दे श
क्ट्मा िफ
ू मे फाज़ाय हैं

अगय भाॉ को हैं ऩूजना

पऩता के शरए प्माय हैं

फस एक डे का इॊतज़ाय हैं
चाकरेट केक औय फूके

प्माय के ऩैभाने हुए
मे माद नहीॊ कफ शरए थे
आशीर्ायद आखियी
कफ ऩैयो ऩे झुके

झुकना शान नहीॊ
अकड़ना भान हैं
नमा दौय हैं

ऩैय छुना अऩभान हैं

कहते हैं आऩा धाऩी भें
र्क़्त ननकारना नाभुभककन
इसशरए हय रयश्ते ऩे द्रदन
ऩूछते हैं इसभें ऩाऩ क्ट्मा
फाऩ शसपय पादय डे

साभर्थमय

Page 69

फाकी द्रदनों फाऩ ना

भाॉ के शरए भदय डे
फाकी सफ सन्डे

शसस्टय ब्रदय दादा दादी
अफ ककसको कफ प्माय दो
छीन कय तेयी आजादी
कॊऩननमा कयें गी तम

काडय त्रफके केंडर त्रफके

रारी औय सेंडर त्रफके

बेड़ चार हभ चर यहे
त्रफक जाए साया दे श
रूऩमा चरा पर्दे श

कोरा औय फगयय हुआ
पास्ट फ़ूड की फाॊग
रे भुगे की टाॊग
तेयी जफे रट
ु ने

आए शेय सर्ाय

तू फड़ा व्माऩाय

िचे फड़े तू कय
साभर्थमय

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ऩय जफ बी तू िचाय कये
इनकी जेफे बय

द्रदर्ारी होरी हुई

न रड्डू न फपी हुई
चाकरेट ऩेस्री हुई

तू हुआ व्माऩाय
फहना का अफ प्माय
यािी हैं त्मौहाय

हरर्ाई बूिा भये

दे फस चाकरेटी उऩहाय

बेड़ चार हभ चर यहे
त्रफक जाए साया दे श
रूऩमा चरा पर्दे श

साभर्थमय

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अठन्नी चर्न्नी
रोकर के धक्ट्के औय भेरो की बीड़
दफ्तय भे िटता हैं ऩीटे रकीय
टाई औय फूट ऩूया हैं सूट
भैनज
े य जी ननकरे
घय ऩहुचे पकीय
िट िट के जीता
घुट घुट के जीता

औय ज़ेफो भे क्ट्मा हैं

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

त्रफजरी का त्रफर हैं
भुननमा की पीस

ऩेरोर डराए मा याशन बयाए

फीर्ी बी फोरे की अफ भैके जाए
औय ज़ेफो भे क्ट्मा हैं

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

आरू हैं बारू

टभाटय की टीस
साभर्थमय

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रहसुन औय काॊदा

हुआ सफ से र्ाॊदा
फच्चे कहते सॊडे को हैं आना
तो भग
ु ाय ही राना

औय ज़ेफो भे क्ट्मा हैं

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

साफुन कॊघी रारी शरपऩजस्टक
भेकअऩ के िचे

औय घय भे हैं खझकखझक

फीर्ी जी भाॊगे फनायसी साड़ी

तनख्र्ा ने सायी कपय इज्ज़त उतायी
ज़ेफो भे ढूॊढा तो क्ट्मा भैंने ऩामा

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

गभी हैं आई औय छुट्टी हैं राई
भुन्ना ने भुन्नी ने भाॊग रगाई

अफ सैय कयाओ द्रदल्री द्रदिाओ
भुॊफई घुभाओ

नानी औय नाना

औय दादी औय दादा

घूभना मही नहीॊ इससे ज्मादा
साभर्थमय

Page 73

की ज़ेफो भे क्ट्मा हैं

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

िेर खिरौने गुड़ा औय गुर्ड़मा
भाॊगे भेया भुन्ना

भाॊगे भेयी भुननमा

अऩने शरए था जो रुऩमा जुटामा

आॊिो के तायो ऩे सफ कुछ रुटामा
आॊसू न आए फच्चे भेये हॉ से
औय भुस्कुयाएॊ

भैंने रूटा दी सायी

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

अफ भॊिी शसिाए

कैसे जजए हभ कैसे िाए

जफ भन भे आए र्ो रुऩमा फढ़ाए
भेहनत का ऩैसा हैं
िट िट कभामा

न फटोया न रूटा न कही से चुयामा
सड़कों ऩे आओ तबी जान ऩाओ
कैसे कभाते

साभर्थमय

Page 74

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

ऐठे हैं फैठे

कुछ कयते हैं नहीॊ हैं
रेते हैं रािो

एक रुऩमा फढ़ाने से इनका क्ट्मा हो
भेहनत की योटी सच की कभाई
िून ऩसीने से भैंने उगाई

तफ जाके ज़ेफो भे भेये हैं आई

अठन्नी चर्न्नी अठन्नी चर्न्नी

आस्था महाॉ जीर्नी हैं
जफ बी महाॉ भाथा द्रटकाते हैं

ईश्र्य को द्ु ि सुि का साथी फनाते हैं
जफ बी उसके घय आते हैं

आऩकी आस्था चूल्हा हो जाती हैं
कइमो के घय चराती हैं
पूर नारयमर चुनयी हैं
आस्था महाॉ जीर्नी हैं

साभर्थमय

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भेयी भद्रदया भेये ऩास
न बट्टो ऩे जाता हूॉ

न दे शी दारू की दक
ु ान
न भैिाने से ऩहचान

जो नशा जज़ॊदगी दे ती भुफ्त भें

भै उन्हें फोतरों भें ियीदता नहीॊ
भेयी भद्रदया भेये ऩास

तीिे भोड चडाई ढरान

भुजश्कर जज़ॊदगी कबी आसान
भेयी भद्रदया इन्ही भें हैं
नशा जज़ॊदगी भें हैं

भेयी भद्रदया भेये ऩास
एक कद्रटॊग चाम
दो र्ाडा ऩाॉर् भें

सभोसे जरेफी से रगार् भें
भेयी भद्रदया इन्ही भें हैं
नशा हय ककसी भें हैं

भेयी भद्रदया भेये ऩास
भाॉ की राड भें

ऩाऩा की डाट भें
साभर्थमय

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फहना से उरझने भें
कपय सुरझने भें
इनके प्माय भें

नशा ऩुये सॊसाय भें

भेयी भद्रदया भेये ऩास
मायो की मायी भें

इश्क की िुभायी भें
रूठने भनाने भें

होठो के टकयाने भें
प्माय जताने भें

उनसे नज़य शभराने भें
जज्फात द्रदिाने भें
नशा इतना हैं

क्ट्मों जाए भैिाने भें

भेयी भद्रदया भेये ऩास
कपर्ता भें शामयी भें
ऩूयी भेयी डामयी भें

हय शब्द नशीरा हैं
द्रदर से जो ननकरा हैं
जफ छरके इतनी
तो क्ट्मों ियीदनी

साभर्थमय

Page 77

ऩूछे यात सुफह से
ऩूछे यात सुफह से

मे सयू ज आमा कैसे

तुझको साया उजजमाया
भेये द्रहस्से अॊधधमाया

ऩुष्ट्ऩ गुच्छ बी भहके
जग के साये िग

तेये नब भें हैं चहके
द्रहस्से भेये गडफड

उल्रू हैं चभगादड

योष भेया जफ दे िा

भुझको हैं चाॉद द्रदरामा

अॉधधमाया क्ट्मा र्ो घटाए
जो िद
ु ही घटता जाए

भेया बी सूयज होता

तो जग भुझभे ना सोता
नद्रदमाॊ झयने करकर

भुझभे बी होती हरचर
द्रदन जो हो जाए

साभर्थमय

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न दोष जया बी आए
यात कदभ जो फहके

जग दोष रगाए कह के

भेये नब भें हैं ताये
फस द्रटभद्रटभ कयते साये
कोई रौ ना ऐसी हैं

तेये सूयज के जैसी हैं

सुफह सुहानी तो होनी

जग साया ही जग जाए
नदी तार औय तट ऩे

सफ ऩहुचे ऩनघट ऩे
सुफह हुई तो ऩर्य हुआ

यात हुई अशबशाऩ
भाथे भेये भढ़ते जग के साये ऩाऩ

साभर्थमय

Page 79

काशी ना छोड़ी जाए
जजतना जजए हभ इसको
उतना मे द्रदर भें आए
धड़कन भें धड़के भेये

साॊसो भें मे घर
ु जाए
काशी ना छोड़ी जाए

घाटो की सुफह हो के
फनके हर्ा के झोके

हभने जी काशी दे िी
नैमा के चप्ऩू हो के
गॊगा भें डूफकी गोते
तैये जहाॊ ऩे भन तो

ठहये र्हाॉ ऩे भन तो

तुरसी ऩे तुरसी होना
चेत कफूतय दाना

रहयों की बाषा जानी
भन के भुतात्रफक भैंने

जभ के जी काशी दे िी

साभर्थमय

Page 80

द्रदन भें था घाटो का भै
शाभों गरी का होके
स्र्ाद फटोये ककतने
चाट चटोये ककतने
एक ठॊ डाई गोरी

ऩूयी गरे से होरी

यॊ गीन चस्का चि के
काशी बये हभ इतनी

काशी जजए हभ इतनी
जाए तो रे के जाए

काशी ना छोड़ी जाए
कपर्ता डुफोई काशी
शब्दों कपयोई काशी

पोटो बी होई काशी

ऩहय दो ऩहय मे क्ट्मा हैं
हय ऩर फटोयी काशी
काशी ना छोड़ी जाए
जो जजरे जया सी

उनसे तो ना छोड़ी जाए
औय जो तयफतय हैं
काशी डूफे हैं

साभर्थमय

Page 81

काशी घुरे हैं

उनसे कैसे छोड़ी जाए

तन को हैं योटी कऩड़ा
योटी जहाॉ रे जाए

भन तो फसा हैं काशी
काशी ना छोड़ी जाए

साभर्थमय

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बार्नाओ को शब्दों भें पऩयोता हूॉ
आऩकी हय आह र्ाह ऩे
जीता हूॉ भयता हूॉ

ताशरमों भें जान हैं फसी

औय भै सन्नाटे से डयता हूॉ

भै कपर् हूॉ फस कपर्ता कयता हूॉ

साभर्थमय

Page 83

साभर्थमय

Page 84

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