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नादान दोसत

के शव के घर मे कािनर स के ऊपर एक िचिडया ने अणडे िदए थे। के शव और उसक !"न #यामा दोन$ !डे
%यान से िचिडय$ को व"ा& 'ते - (ाते दे)ा करते । सवेरे दोन$ '& )े म*ते कािनर स के सामने प"+ ,च (ाते
और िचडा या िचिडया दोन$ को व"ा& !- .ा पाते। उनको दे)ने मे दोन$ !/च$ को न मा*0म 1या म(ा िम*ता,
द0 2 और (*े!3 क 43 स52 न र"त3 थ3। दोन$ के िद* मे तर"- तर" के सवा* उ.ते। अणडे िकतने !डे "$6े
? िकस र& 6 के "$6े ? िकतने "$6े ? 1या )ाते "$6े ? उनमे !/चे िकस तर" िनक* 'ये6े ? !/च$ के पर
क- से िनक*े6े ? घ$स*ा क- सा "-? *ेिकन 7न !ात$ का (वा! देने वा*ा को8 न"9। न अ:मा& को घर के
काम- 2& 2$ से ;5 सर त थ3 न !ा!0(3 को प<ने - =*)ने से । दोन$ !/चे 'पस "3 मे सवा*- (वा! करके अपने
िद* को तस>3 दे =*या करते थे।
— #यामा क"त3 1य$ 47या, !/चे िनक*कर ;5 र से उड (ाये6े ?
— के शव िव?ान$ (- से 6वर से क"ता न"9 र3 प6*3, प"*े पर िनक*े6े। !6-र पर$ के !ेचारे क- से उडे6े ?
— #यामा !/च$ को 1या =)*ाये63 !ेचार3 ?
के शव 7स पेच3दा सवा* का (वा! क5 @ न दे सकता था।
7स तर" त3न- चान िदन 65 (र 6ए। दोन$ !/च$ क =(Aासा िदन- िदन !<त3 (ात3 थ9 अणड$ को दे)ने के
=*ए व" अ23 "ो उ.ते थे। उB"ोने अन5मान *6ाया िक अ! !/चे (Cर िनक* 'ये "$6े । !/च$ के चार$
का सवा* अ! उनके सामने ' )डा "+ '। िचिडया& !ेचार3 7तना दाना क"ा& पाये63 िक सारे !/च$ का पेD
4रे । Eर3! !/चे 40 ) के मारे च0&- च0& करके मर (ाये6े।
7स म5स3!त का अBदा(ा करके दोन$ घ!रा उ.े । दोन$ ने ;- स*ा िकया िक कािनर स पर थोडा- सा दाना र)
— िदया (ाये। #यामा )5 श "ोकर !ो*3 त! तो िचिडय$ को चारे के =*ए क"9 उडकर न (ाना पडे6ा न ?
— के शव न"9, त! 1य$ (ाये63 ?
— #यामा 1य$ 47या, !/च$ को 20प न *6त3 "ो63?
— के शव का %यान 7स तक*3; क तर; न 6या था। !ो*ा (Cर तक*3; "ो र"3 "ो63। !ेचारे Fयास के
मारे पड; र"े "$6े। ऊपर @ाया 43 तो को8 न"9 ।
'=)र य"3 ;- स*ा "+ ' िक घ$स*े के ऊपर कपडे क @त !ना देन3 चाि"ये। पान3 क Fया*3 और थोडे -
से चाव* र) देने का Gसताव 43 सव3कH त "ो 6या।
दोन$ !/चे !डे चाव से काम करने *6े #यामा मI, क '& ) !चाकर मDके से चाव* िनका* *ाय3। के शव ने
पJथर क Fया*3 का ते* च5पके से (म3न पर ि6रा िदया और )0! साK करके उसमे पान3 4रा।
अ! चा&दन3 के =*ए कपडा क"ा& से *ाए ? ि;र ऊपर !6-र @िडय$ के कपडा ."रे 6ा क- से और @िडया& )ड3
"$63 क- से ?
के शव !ड3 देर तक 7स3 उ2ेड- !5 न मे र"ा। '=)रकार उसने य" म5L#क* 43 "* कर द3। #यामा से !ो*ा
— (ाकर क0 डा ;े कने वा*3 Dोकर3 उ.ा *ाM। अ:मा&(3 को मत िद)ाना।
— #यामा व" तो !3च मे ;D3 "+ 8 "- । उसमे से 20प न (ाए63 ?
— के शव ने N5& N*ाकर क"ा त0 Dोकर3 तो *ा, म- उसका स5रा) !Bद करने क को8 ि"कमत िनका*0& 6ा।
– #यामा दOडकर Dोकर3 उ.ा *ाय3। के शव ने उसके स5रा) मे थोडा सा का6( .0,स िदया और त! Dोकर3
— को एक D"न3 से िDकाकर !ो*ा दे) Pसे "3 घ$स*े पर उसक 'ड द0 & 6ा। त! क- से 20प (ाए63?
#यामा ने िद* मे सोचा, 47या िकतने चा*ाक "Q ।
R
6मS के िदन थे। !ा!0(3 दTतर 6ए "+ ए थे। अ:मा& दोनो !/च$ को कमरे मे स5*ाकर )5 द सो 6य3 थ9। *ेिकन
!/च$ क '& )$ मे '( न9द क"ा& ? अ:मा(3 को !"काने के =*ए दोन$ दम रोके '& )े !Bद िकए मOके का
7Bत(ार कर र"े थे। Uय$ "3 मा*0म "+ ' िक अ:मा& (3 अ/@3 तर" सो 6य9, दोन$ च5 पके से उ.े और !"+ त
23रे से दरवा(े क =सDकन3 )ो*कर !ा"र िनक* 'ये। अणड$ क ि";ा(त करने क त- याVरया& "ोने
*69। के शव कमरे मे से एक सD0* उ.ा *ाया, *ेिकन (! उससे काम न च*ा, तो न"ाने क चOक *ाकर
सD0* के न3चे र)3 और डरते- डरते सD0* पर च<ा।
#यामा दोन$ "ाथ$ से सD0* पकडे "+ ए थ3। सD5 * को चार$ Dा6े !रा!र न "ोने के कारW =(स तर; Uयादा
द!ाव पाता था, (रा- सा ि"* (ाता था। उस वX के शव को िकतन3 तक*3; उ.ान3 पडत3 थ3। य" उस3
— का िद* (ानता था। दोनो "ाथ$ से कािनर स पकड *ेता और #यामा को द!3 'वा( से डा&Dता अ/@3
तर" पकड, वनार उतरकर !"+ त माC, 6ा। म6र !ेचार3 #यामा का िद* तो ऊपर कािनर स पर था। !ार- !ार
उसका %यान उ2र च*ा (ाता और "ाथ Y3*े पड (ाते।
के शव ने Uय$ "3 कािनर स पर "ाथ र1)ा, दोन$ िचिडया& उड 6य3 । के शव ने दे)ा, कािनर स पर थोडे- से
ितनके ि!@े "+ ए "-, और उस पर त3न अणडे पडे "Q । (- से घ$स*े उसने पेड$ पर दे)े थे , व- सा को8 घ$स*ा
— न"9 "- । #यामा ने न3चे से प0 @ा क- !/चे "Q 47या?
— के शव त3न अणडे "Q, अ43 !/चे न"9 िनक*े।
— #यामा (रा "मे िद)ा दो 47या, िकतने !डे "- ?
— के शव िद)ा द0 & 6ा, प"*े (रा िचथडे *े ', न3चे ि!@ा द0 ,। !ेचारे अ&डे ितनक$ पर पडे "- ।
#यामा दOडकर अपन3 प5रान3 2ोत3 ;ाडकर एक D5 कडा *ाय3। के शव ने N5 ककर कपडा *े =*या, उसके
क8 त" करके उसने एक 6Z3 !नाय3 और उसे ितनक$ पर ि!@ाकर त3न$ अणडे उस पर 23रे से र) िदए।
— #यामा ने ि;र क"ा "मको 43 िद)ा दो 47या।
— के शव िद)ा द0 ,6ा, प"*े (रा व" Dोकर3 दे दो, ऊपर @ाया कर द0 ,।
— #यामा ने Dोकर3 न3चे से थमा द3 और !ो*3 अ! त5म उतर 'M, मQ 43 तो दे)0&।
— के शव ने Dोकर3 को एक D"न3 से िDकाकर क"ा (ा, दाना और पान3 क Fया*3 *े ', मQ उतर 'ऊ, तो
िद)ा द0 ,6ा।
#यामा Fया*3 और चाव* 43 *ाच3 । के शव ने Dोकर3 के न3चे दोन$ च3(े र) द9 और 'ि"सता से उतर
'या।
— #यामा ने ि6डि6डा कर क"ा अ! "मको 43 च<ा दो 47या
— के शव त0 ि6र पडे63 ।
— #यामा न ि6C& 63 47या, त5म न3ये से पकडे र"ना।
— के शव न 47या, क"9 त0 ि6र- ि6रा पड3 तो अ:मा& (3 मेर3 चDन3 "3 कर डा*े63। क"े63 िक त0 ने "3 च<ाया
था। 1या करे 63 दे)कर। अ! अणडे !डे 'राम से "Q । (! !/चे िनक*े6े, तो उनको पा*े6े।
दोन$ िचिडयI, !ार- !ार कािनर स पर 'त3 थ9 और !6-र !- .े "3 उड (ात3 थ9। के शव ने सोचा, "म *ो6$ के
डर के मारे न"9 !- .त9। सD0* उ.ाकर कमरे मे र) 'या , चOक ("ा& क थ3, व"ा& र) द3।
— #यामा ने '& )$ मे '& स0 4रकर क"ा त5मने म5Nे न"9 िद)ाया, मQ अ:मा& (3 से क" द0 ,63।
— के शव अ:मा& (3 से क"े63 तो !"+ त माC, 6ा, क"े देता "[,।
— #यामा तो त5मने म5Nे िद)ाया 1य$ न"9 ?
— के शव और ि6र पडत3 तो चार सर न "ो (ाते।
— #यामा "ो (ाते , "ो (ाते। दे) *ेना मQ क" द0 ,63।
7तने मे को.र3 का दरवा(ा )5 *ा और मा& ने 20 प से '& )े को !चाते "+ ए क"ा- त5म दोन$ !ा"र क! िनक*
'ए ? मQ ने क"ा था न िक दोप"र को न िनक*ना ? िकसने िकवाड )ो*ा ?
िकवाड के शव ने )ो*ा था, *ेिकन #यामा न मा& से य" !ात न"9 क"3। उसे डर *6ा िक 4-या िपD (ाये6े।
के शव िद* मे का&प र"ा था िक क"9 #यामा क" न दे। अणडे न िद)ाए थे , 7ससे अ! उसको #यामा पर
िव#वास न था #यामा =स;र म5"\!त के मारे च5प थ3 या 7स ]स0र मे ि"ससेदार "ोने क व(" से , 7सका
;- स*ा न"9 िकया (ा सकता। शायद दोन$ "3 !ाते थ9।
मI, ने दोन$ को डI,D- डपDकर ि;र कमरे मे !& द कर िदया और 'प 23रे - 23रे उB"े प& )ा N*ने *63। अ43
=स;र दो !(े थे !ा"र ते( *0 च* र"3 थ3। अ! दोन$ !/च$ को न9द ' 6य3 थ3।
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चार !(े यकायक #यामा क न9द )5 *3। िकवाड )5 *े "+ ए थे। व" दOड3 "+ 8 कािनर स के पास 'य3 और
ऊपर क तर; ताकने *63 । Dोकर3 का पता न था। स&यो6 से उसक न(र न3चे 6य3 और व" उ*Dे पा& व
— दOडत3 "+ 8 कमरे मे (ाकर (ोर से !ो*3 47या, अणडे तो न3चे पडे "Q, !/चे उड 6ए!
के शव घ!राकर उ.ा और दOडा "+ ' !ा"र 'या तो 1या दे)ता "- िक त3न$ अणडे न3चे D0Dे पडे "Q और
उनसे को च0 ने क- स3 च3( !ा"र िनक* 'य3 "- । पान3 क Fया*3 43 एक तर; D0D3 पड3 "Q ।
उसके चे"रे का र& 6 उड 6या। स"म3 "+ 8 '& )$ से (म3न क तर; दे)ने *6ा।
— #यामा ने प0@ा !/चे क"ा& उड 6ए 47या ?
— के शव ने क_W सवर मे क"ा अणडे तो ;0 D 6ए ।
‘ और !/चे क"ा& 6ये ?’
— के शव तेरे सर मे। दे)त3 न"9 "- अणड$ से उ(*ा- उ(*ा पान3 िनक* 'या "- । व"3 दो- चार िदन मे !/चे
!न (ाते।
— मा& ने सोD3 "ाथ मे =*ए "+ ए प0@ा त5म दोनो व"ा& 20 प मे 1या कर र"े "ो ?
— #यामा ने क"ा अ:मा& (3, िचिडया के अणडे D0Dे पडे "- ।
— मा& ने 'कर D0Dे "+ ए अणड$ को दे)ा और 65 ससे से !ो*9 त5म *ो6$ ने अणड$ को @5 ' "ो6ा ?
अ! तो #यामा को 47या पर `रा 43 तरस न 'या। उस3 ने शायद अणड$ को 7स तर" र) िदया िक व"
— न3चे ि6र पडे। 7सक उसे स(ा िम*न3 चाि"ए& !ो*3 7B"$ने अणड$ को @े डा था अ:मा& (3।
— मा& ने के शव से प0 @ा 1य$ रे?
के शव 4363 ि!>3 !ना )डा र"ा।
— मा& त0 व"ा& प"+ ,चा क- से ?
— #यामा चOके पर सD0* र)कर च<े अ:मा&(3।
— के शव त0 सD0* थामे न"9 )ड3 थ3 ?
— #यामा त5:"9 ने तो क"ा था !
— मा& त0 7तना !डा "+ ', त5Nे अ43 7तना 43 न"9 मा*0म िक @0 ने से िचिडय$ के अणडे 6Bदे "ो (ाते "Q ।
िचिडया ि;र 7B"े न"9 सेत3।
#यामा ने डरते- — डरते प0 @ा तो 1या िचिडया ने अणडे ि6रा िदए "Q, अ:मा& (3 ?
— मा& और 1या करत3। के शव के =सर 7सका पाप पडे6ा। "ाय, "ाय, (ाने *े *9 द5 a ने!
— के शव रोन3 स0रत !नाकर !ो*ा मQ ने तो =स;र अणड$ को 6Z3 पर र) िदया था, अ:मा (3 !
मा& को "& स3 ' 6य3। म6र के शव को क8 िदन$ तक अपन3 6*त3 पर अ;सोस "ोता र"ा। अणड$ क
ि"Kा(त करने के (ोश मे उसने उनका सJयानाश कर डा*ा। 7से याद करके व" क43- क43 रो पडता था।
दोन$ िचिडया& व"ा& ि;र न िद)ाय3 द9।
--‘ ’ )ाके परवाना से

नीचे िबछा दँ। ू बेचारे अंडे ितनको पर पडे है। शयामा दौडकर अपनी पुरानी धोती फाडकर एक टु कडा लायी। क े शव ने झुककर कपडा ले िलया. वनार उतरकर बहु त मार ँ गा। मगर बेचारी शयामा का िदल तो ऊपर कािनर स पर था। बार-बार उसका धयान उधर चला जाता और हाथ ढीले पड जाते। क े शव ने जयो ही कािनर स पर हाथ रकखा. हम लोगो क े डर क े मारे नही बैठती। स्टू ल उठाकर कमरे मे रख आया . लेिकन शयामा न मां से यह बात नही कही। उसे डर लगा िक भैया िपट जायेगे। क े शव िदल मे कांप रहा था िक कही शयामा कह न दे। अणडे न िदखाए थे. इससे अब उसको शयामा पर र मुहबबत क िवशवास न था शयामा िसफ े मारे चुप थी या इस कसूर मे िहस्सेदार होने की वजह से. तुम नीये से पकडे रहना। क े शव—न भइया. उसक े कई तह करक े उसने एक गदी बनायी और उसे ितनको पर िबछाकर तीनो अणडे उस पर धीरे से रख िदए। शयामा ने िफर कहा—हमको भी िदखा दो भइया। क े शव—िदखा दँग ू ा. अभी बचचे नही िनकले। शयामा—जरा हमे िदखा दो भइया. और उस पर तीन अणडे पडे है। जैसे घोसले उसने पेडो पर देखे थे.अणडे तो नीचे पडे है. चौकी जहां की थी. कही तू िगर-िगरा पडी तो अममां जी मेरी चटनी ही कर डालेगी। कहेगी िक तूने ही चढाया था। कया करेगी देखकर। अब अणडे बडे आराम से है। जब बचचे िनकलेगे. दाना और पानी की पयाली ले आ. मै भी तो देखूं। क े शव ने टोकरी को एक टहनी से िटकाकर कहा—जा . कािनर स पर थोडे-से ितनक े िबछे हु ए है. बचचे उड गए! . तो उनको पालेगे। दोनो िचिडयॉँ बार-बार कािनर स पर आती थी और बगैर बैठे ही उड जाती थी। क े शव ने सोचा. वैसा कोई घोसला नही है। शयामा ने नीचे से पूछा—क ै बचचे है भइया? क े शव—तीन अणडे है. इसका फ ै सला नही िकया जा सकता। शायद दोनो ही बाते थी। मॉँ ने दोनो को डॉँट-डपटकर िफर कमरे मे बंद कर िदया और आप धीरे-धीरे उनहे पंखा झलने लगी। अभी र दो बजे थे बाहर तेज लू चल रही थी। अब दोनो बचचो को नीद आ गयी थी। िसफ ३ चार बजे यकायक शयामा की नीद खुली। िकवाड खुले हु ए थे। वह दौडी हु ई कािनर स क े पास आयी और ऊपर की तरफ ताकने लगी । टोकरी का पता न था। संयोग से उसकी नजर नीचे गयी और वह उलटे पांव दौडती हु ई कमरे मे जाकर जोर से बोली—भइया. पहले जरा िचथडे ले आ. पहले जरा वह टोकरी दे दो.शयामा दोनो हाथो से स्टू ल पकडे हु ए थी। स्टु ल को चारो टागे बराबर न होने क े कारण िजस तरफ जयादा दबाव पाता था. कहे देता हू ँ। शयामा—तो तुमने मुझे िदखाया कयो नही ? क े शव—और िगर पडती तो चार सर न हो जाते। शयामा—हो जाते. ऊपर छाया कर दँ। ू शयामा ने टोकरी नीचे से थमा दी और बोली—अब तुम उतर आओ. मै उतर आऊ ँ तो िदखा दँग ू ा। शयामा पयाली और चावल भी लाची । क े शव ने टोकरी क े नीचे दोनो चीजे रख दी और आिहस्ता से उतर आया। शयामा ने िगडिगडा कर कहा—अब हमको भी चढा दो भइया क े शव—तू िगर पडेगी । शयामा—न िगर ं गी भइया.तुम दोनो बाहर कब िनकल आए ? मैने कहा था न िक दोपहर को न िनकलना ? िकसने िकवाड खोला ? िकवाड क े शव ने खोला था. मै अममां जी से कह दँग ू ी। क े शव—अममां जी से कहेगी तो बहु त मार ँ गा. वहां रख दी। शयामा ने आं खो मे आं सू भरकर कहा—तुमने मुझे नही िदखाया. जरा-सा िहल जाता था। उस वक क े शव को िकतनी तकलीफ उठानी पडती थी। यह उसी का िदल जानता था। दोनो हाथो से कािनर स पकड लेता और शयामा को दबी आवाज से डांटता—अचछी तरह पकड. दोनो िचिडयां उड गयी । क े शव ने देखा. िकतने बडे है ? क े शव—िदखा दग ं ू ा. हो जाते। देख लेना मै कह दँग ू ी। इतने मे कोठरी का दरवाजा खुला और मां ने धूप से आं खे को बचाते हु ए कहा.