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hindi grammer

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09/18/2014

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िजन सवरो के उचचारण मे दीघर सवरो से भी अिधक समय लगता है उनहे पलुत सवर कहते है। पायः इनका
पयोग दूर से बुलाने मे िकया जाता है।

माताएँ

सवरो के बदले हुए सवरप को माता कहते है सवरो की माताएँ िनमनिलिखत है-
सवर माताएँ शबद
अ × कम
आ ाा काम
इ िा िकसलय
ई ाी खीर
उ ाु गुलाब
ऊ ाू भूल
ऋ ाृ तृण
ए ाे के श
ऐ ाै है
ओ ाो चोर
औ ाौ चौखट
अ वणर (सवर) की कोई माता नही होती। वयंजनो का अपना सवरप िनमनिलिखत है-
क् च् छ् ज् झ् त् थ् ध् आिद।
अ लगने पर वयंजनो के नीचे का (हल) िचह हट जाता है। तब ये इस पकार िलखे जाते है-
क च छ ज झ त थ ध आिद।

वयंजन

िजन वणों के पूणर उचचारण के िलए सवरो की सहायता ली जाती है वे वयंजन कहलाते है। अथारत वयंजन
िबना सवरो की सहायता के बोले ही नही जा सकते। ये संखया मे 33 है। इसके िनमनिलिखत तीन भेद है-

1. सपशर
2. अंतःसथ
3. ऊषम

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