ओमप्रकरकाश कशकश्यकश्य

जनसंसककृतति एवं नकश्यरकाकश्य
नकश्यरकाकश्य ककी संकलल्पनरका इतिनतनी न नैसतसर्गिक और मन मनुष्कश्यतिरका ककी इतिनतनी सरकावर्गिभौमिार्वभौतमक, सरकावर्गिजनतनीन
चरकाहति ह नै कक इसकरका ससरकान सभौमितनी करकानानूनू, दलू तिसरका धमर्मों सों से ऊल्पर कदखाईरकाई ल्पड़तिरका ह नै .—
वरकालतिों सेकश्यर.

जब सभौमितनी सवतिंत्र हर, अतधकरकारू कों से मरकामलों से मम

सवतिंत्रतिरका भौमितनी, जजसों से इससों से ल्पहलों से हमनों से आभौमिरकासतनी

एक-दस
ानू रों से कों से बररकाबर हर, एक ही तमट्ी मम

सवतिंत्रतिरका कहरका ह नै, खाईतिरों से मम ल्पड़ सकतितनी ह नै.

समरकाज मम इतिनतनी ववषमतिरकाएं ककश्यू हर? कश्यकद एक

मानूलकश्यरकांकन कोई और करों से. ल्पसतनीनरका मजदरानू बहरकाए

जनमों से, एक ही हवरका-ल्परकानतनी ल्परकाकर ल्पलों से हर, तिब
ओर करोड़ू ‘सवतिंत्र’ नरकासरिक रक भौमितनीषण ववल्पननतिरका

वरनरका कश्यह ककश्यरका ह मनुआ कक श्रम ककसतनी करका,

और म मनुनरकाफरका मरकातलक ककी जों सेब मम चलरका जरकाए .

करका जतनीवन जतनीनों से कों से तलए वववश हर , तिब दस
ानू री

और

ककश्यरका

कश्यह

सवतिंत्रतिरका

ववलरकातसतिरका और अकानूति स मनुखाई-समकृव्धि सों से भौमिरल्पानूर

ककी,

फसल

उसकों से

खाईानून-ल्पसतनीनों से

कश्यकद सरकामरकाजजक असमरकानतिरका कड़वरका सच ह नै , और

कश्यकद कश्यही सवतिंत्रतिरका ह नै तिो ऐसतनी सवतिंत्रतिरका कों से

नजर

और

कश्यह भौमितनी क् मनु सतकश्य ह नै कक असमरकानतिरका-ग्रसति

चरकाकहए. सरकाफ ह नै असमरकानतिरका कों से तशकरकार करोड़ू

आम आदमतनी कों से कहससों से महज आभौमिरकासतनी सवतिंत्रतिरका

दरअसल कश्यसरकाजससतति मम बनों से रहनों से, मानूक सहतिों से

कंकरकाल, असवरका ल्प मनुररकानतनी ककससरकासोइकश्यू मम बंद

उसतनी मम संतिोष करनों से ककी सवतिंत्रतिरका ह नै. सच कहम

चरकालरकाक जरकादस
ानू रनतनी ककी म मनुटठठी मम होतितनी सतनी.

समरकाज मम व्यकश्यरकाप्त असमरकानतिरका को लों सेकर उठनों से

रूल्प सों से सवतिंत्र होतिरका ह नै. मरकानतसक सतिर ल्पर

वचर्गिसवकरकारी सतरकाओं कों से सवरकासर्गि और शोषणकरकारी

बह मनुआकश्यरकामतनी. आससरका मम डानूबरका ह मनुआ एक व्यकश्यवं व्यक्ति

ओर क मनुछ सार्वभौ कश्यरका हजरकार लोसू को धन-व नैभौमिव,
जतनीवन जतनीनों से करका अवसर क नैसों से तमल जरकातिरका ह नै?
तनससंदों सेह वह ह नै भौमितनी, ककश्यूकक एकदम सरकाफ
आतिरका

ह नै,

तिो

सवतिंत्रतिरका

समरकानरकातधकरकारिक रतिरका कों से दरकावू को संव्धिगध होनरका ही

नरकासरिक रक जजसों से अल्पनतनी सवतिंत्रतिरका मरकानतिों से हर, वह
जरकानों से और जो, ज नैसरका, जजतिनरका कदकश्यरका सकश्यरका ह नै—
तिो आभौमिरकासतनी सवतिंत्रतिरका. उसकरका म मनुखकश्य उदों सेशकश्य
वरकालों से

प्रशू

को

्रकालतिों से

रहनरका

ह नै.

तिरकाकक

चरिक रत्र ल्पर कम सों से कम सवरकालरकाति हू. उससों से
आसों से कश्यकद वों से करकामनरका करम तिो कश्यह आधतनी-अधानूरी

और

समरकान

ककी

कमरकाई,

अतधकरकारिक रतिरका करका लक्षण ह नै कक जमतनीन ककसरकान
अनरकाज ककी बोलतनी सरकरकार कश्यरका व्यकश्यरकाल्परकारी लसरकाएं!
बरकारों से मम सोचनरका भौमितनी भौमिदों से मजरकाक ज नैसरका ह नै. लों सेककन
समरकाजू मम, जहरकां तनणर्गिकश्य ऊल्पर सों से सोल्पों से जरकातिों से हर,
ही आतितनी ह नै—कश्यरका कश्यानूं कहो कक सवतिंत्रतिरका करका
तिोतिरका,

जजसककी

जरकान

ककसतनी

ररकाक्षस

असवरका

असमरकानतिरकाग्रसति समरकाजू मम व्यकश्यवं व्यक्ति ररकाजनतनीततिक

दरकास. दरकासतिरका भौमितनी इकहरी नहीं, बह मनुरूल्पतनी और
मंकदर जरकातिरका ह नै. जजस आरतितनी को ल्प मनुजरकारी सरकातिरका

ह नै, उसों से वह घर ल्पर स मनुबह-शरकाम संल्पानूणर्गि श्र्धिरका और

भौमिवं व्यक्तिभौमिरकाव सों से सरकातिरका ह नै. जजस दक
मनु रकान सों से ल्प मनुजरकारी

समसकश्यरका, म मनुकदमों से ककी जससततिकश्यू तिसरका अल्पनतनी

उसतनी सों से वह श्र्धिरकाल मनु भौमितनी घर मम अल्पनतनी आससरका

सवकश्यं अतभौमिव्यकश्यं व्यक्ति कर सकतिरका ह नै, वह दस
ानू रू कों से

मंकदर कों से तलए धानूल्प-दील्प-न नैवों सेद्य आकद खाईरीदतिरका ह नै,

व्यकश्यसरका को जजतिनतनी प्ररकामरकाजणकतिरका कों से सरकास वह

को खाईरकाद-ल्परकानतनी दों सेतिरका ह नै. ईश्वर कों से बरकारों से मम ल्प मनुजरकारी

तलए असंभौमिव ह नै. लों सेककन अदरकालति कों से आसों से

और भौमिं व्यक्ति दोनू कों से ववचरकार भौमितनी समरकान हर. दोनू

उसकों से अन मनुभौमिव ककी प्ररकामरकाजणकतिरका और अतभौमिव्यकश्यवं व्यक्ति

उसों से कण-कण व्यकश्यरकाल्पतनी और अंतिकश्यरकार्गिमतनी बतिरकातिों से हर.

करका कोई मोल नहीं. इसकों से बरकावजानूद व्यकश्यवं व्यक्ति को

जरकाए बस नैर संल्पनन नहीं होतिरका. मंकदर मम ल्प मनुजरकारी

वह सतनीधों से अल्पनरका ल्पक्ष प्रसति मनुति करनों से कों से बजरकाकश्य

दों सेवतिरका और भौमिं व्यक्ति कों से बतनीच मधकश्यसस बनरका ल्प मनुजरकारी

उसकरका वककील दों सेतिरका ह नै. वककील कों से तलए प्रतकश्यों सेक

कश्यह अतधकरकार भौमिं व्यक्तिू नों से उसों से कदकश्यरका ह नै? शरकाकश्यद

म मनुकदमों से सों से ज मनुड़ों से घ्नरकाक्रम को ज्कश्यू करका तकश्यू

ल्पानूजरका-अचर्गिनरका करका एकमरकात्र अभौमितनीष्ट ह नै तिो हर भौमिं व्यक्ति

धरकाररकाओं कों से भौमितनीतिर अल्पनों से कहतिरकान मनुकानूल उसककी

तमलनरका चरकाहों सेसरका. जरूरी नहीं ह नै कक ल्प मनुजरकारी उसकों से

को दस
ानू री स नै्धिरकांततिक व्यकश्यरकाखकश्यरका आसरकानतनी सों से करका्

इन कमर्गिकरकांडू जो ल्पतनीढी-दर-ल्पतनीढी दोहररकाकश्यों से जरकातिों से

होकर करकानानूनतनी बहस तिक सतनीतमति हो जरकातिरका ह नै .

बरकातिचतनीति आकद जजनहम समरकाज मम लोस आल्पस मम

असवरका उसको आवरण मम प्रसति मनुति करनों से ककी

कह ल्परकातिरका. इसकों से बरकावजानूद धमर्गि कों से मरकामलों से मम

संरक्षक होनों से करका दरकावरका करनों से वरकालतनी संससरकाओं

ककसतनी स मनुण कों से सवकश्यं-ससरकावल्पति ववशों सेषज्ञतिरका ह नै,

जनसरकाधरकारण दों सेश कों से करकानानून को जरकानों से-समझों से,

बरकावजानूद इसकों से उस व्यकश्यवं व्यक्ति करका ल्पानूजरका-धमर्गि मंकदर
उससों से सतनीधों से ल्पानूजरका करका अतधकरकार छठीन लों सेतिरका ह नै.
मंकदर ककी व्यकश्यवससरका मम ववशों सेषज्ञ ह नै . ककश्यू? ककश्यरका
नहीं. कश्यकद तिसरकाकतसति ईश्वर सों से म मनुलरकाकरकाति ही
उससों से सतनीधों से असवरका अल्पनों से वप्रकश्यजनू कों से सरकास
वप्रकश्यजनू ककी सानूचतनी मम सजंमतलति हो. ल्प मनुजरकारी
रहों से

हर,

और

उन

न नैततिकतिरकावरकादी

कहरकावतिू,

एक-दस
ानू रों से सों से अकसर करतिों से हर, क मनुछ नकश्यरका नहीं
उसकरका तनणर्गिकश्य अंततिम मरकानरका जरकातिरका ह नै. कश्यह वबनरका
जजसककी जड़म दो सों से तितनीन हजरकार वषर्गि ल्प मनुररकानतनी हर.
एक

अनकश्य

व्यकश्यवं व्यक्ति

ह नै.

समरकान

प्रों सेरिक रति, कभौमितनी-कभौमितनी तिो बरकाधकश्य कककश्यरका जरकातिरका कक
वककील ककी मदद लों से. वही कहों से-बोलों से ज नैसतनी सलरकाह

म मनुकदमरका करकानानून ककी ववतशष्ट धरकाररका होतिरका ह नै. वह
बकश्यरकान नहीं करतिरका, बजलक करकानानून ककी ववतभौमिनन
व्यकश्यरकाखकश्यरका करतिरका ह नै. चानूंकक एक स नै्धिरकांततिक व्यकश्यरकाखकश्यरका
दों सेतितनी ह नै, अतिएव मरकामलरका सच ककी स मनुनवरकाई करका न

कहरका जरका सकतिरका ह नै कक सच को तिोड़नों से -मरोड़नों से
ल्पहलतनी प्रों सेरणरका सवकश्यं को नकश्यरकाकश्य एवं करकानानून कों से

और व्यकश्यवं व्यक्तिकश्यू ककी ओर सों से ही प्ररकाप्त होतितनी ह नै .
ऐसतनी कोई कोतशश सरकरकार असवरका अदरकालति दरकाररका

नहीं ककी जरकातितनी. कश्यह व्यकश्यवं व्यक्ति-कहति कों से नरकाम ल्पर
व्यकश्यवससरका को वसवर्गीकश्य सवरकासर्मों कों से अन मनुकानूल बनरकाए

अतधकरकारिक रतिरका, सवतिंत्रतिरका और बररकाबरी करका दरकावरका

रखाईनों से करका षड्कश्यंत्र ह नै, जो ववशों सेषज्ञ संसककृतति ककी

को

जससतति दस
ानू री होतितनी ह नै. उसककी समरकाजरकातसर्गिक

करतिों से ह मनुए, नकश्यरकाकश्य-करकामनरका कों से सरकास वह प्रततिल्पक्षतनी
नकश्यरकाकश्यरकालकश्य

मम च मनुनार्वभौतितनी

दों सेतिरका

ह नै.

अल्पनतनी

नतनींव ल्प मनुखतिरका करतिरका ह नै. अतभौमिजन कों से मरकामलों से मम

ह नैतसकश्यति ही ऐसतनी होतितनी ह नै कक तनकश्यम-करकानानूनू को

सम मनुदरकाकश्य अल्पनों से ही समानूह कों से क मनुछ सदसकश्यू ककी

अल्पनों से सवरकासर्गि कों से तनतमत इसतिों सेमरकाल कर सकों से. वह

बतल सहषर्गि दों से दों सेतिरका ह नै. सरकामरकानकश्यतिायः उसकरका

सवकश्यं दार्वभौड़ों से चलों से आतिों से हर. कश्यहरकां तिक कक घर सों से

कर, अल्पनतनी उचच जससतति को बनरकाए रखाईनरका

अदरकालति जरकातिरका ह नै. ककृल्परका ब्ोरनों से कों से तलए वककील

ही उसकरका तशक्षण-प्रतशक्षण आरंभौमि कर दों सेतिों से हर.

तनणर्गिकश्य जनरकाक्रोश ककी संभौमिरकावनरकाओं को नकश्यानूनतिम
होतिरका ह नै, जजसमम वह करकामकश्यरकाब भौमितनी होतिरका ह नै.

इसकरका उदरकाहरण वल्पछलों से कदनू तिब दों सेखाईनों से मम

आकश्यरका जब एक म मनुकदमों से मम अतनल अंबरकानतनी को

संसककृततिकश्यू कों से दंद मम ववशों सेषज्ञ संसककृतति

अदरकालति मम सवरकाही दों सेनों से हरकाजजर होनरका ल्पड़रका. उस

करका जनसंसककृतति ल्पर प्रहरकार हमों सेशरका सतनीधरका हो कश्यह

मरकामलों से को स मनुसंसति ढंस सों से रखाईनों से कों से बजरकाकश्य

ल्पतनीड़रकाकर एवं दरानू सरकामतनी प्रभौमिरकाव तलए होतितनी ह नै. एक

कक जखाईनन होकर जज महोदकश्य को उनहम ्ोकनरका

उसरकानरका चरकाहतिरका ह नै. एकरकाएक वह ल्परकातिरका ह नै कक जो

व्यकश्यवसरकाकश्य संभौमिरकालनों से वरकालों से अंबरकानतनी तिसरका असलों से

ररकाष्ट्रकहति करका हवरकालरका दों सेतिों से ह मनुए आकश्यरकाति-कर सों से म मनुं व्यक्ति

म मनुकदमों से सों से संबंतधति कोई तिथकश्य कश्यरकाद नहीं सरका.

उतल्परकाकदति जजंस सों से ससतितनी ल्पड़तितनी ह नै . ककसरकान

च मनुकों से सों से, जजसकरका उनहूनों से क मनुछ ही वषर्गि ल्पहलों से

तिो उसों से अल्पनतनी बरकाककी जरूरतिम ल्पानूरी करनों से मम

कश्यह उदरकाहरण अकों सेलरका नहीं ह नै. ऐसों से अनों सेक मरकामलों से

ववकलल्प

अन मनुसरकार

ककी

बरकाजरकार कों से हवरकालों से कर दों से. भौमिलों से ही बरकाजरकार कों से

तनणर्गिकश्य ऐसों से भौमितनी होतिों से हर जब अतभौमिजन शवं व्यक्तिकश्यू

बरकाजरकार इतिनरका तिरकाकतिवर क नैसों से बन जरकातिरका ह नै ?

नकश्यरकाकश्य एवं करकानानून को खाईों सेल समझनों से वरकालों से

करकानानून बनरकानों से करका अतधकरकार. बरकाजरकार कों से दस
ानू रों से

प्ररकाकश्यायः कश्यह मरकामलों से कों से स मनुजखाईर्गिकश्यू मम आनों से कों से बरकाद

करकारोबरकार उसकों से ग्ररकाहक कों से कंधू ल्पर क्करका होतिरका

सतरका

आधरकार ल्पर ग्ररकाहक सवकश्यं बरकाजरकार को तनकश्यंवत्रति

समकश्य अदरकालति मम मार्वभौजानूद ल्पक्ष-ववल्पक्ष कों से वककील
अंबरकानतनी को प्रभौमिरकाववति करनों से मम लसों से सों से. इतिनरका
ल्पड़रका. मजों से ककी बरकाति कश्यह ह नै कक अरबू डरकालर करका
कदन उसतनी नकश्यरकाकश्यरकालकश्य मम ल्पह मनुंचतनी उनककी ल्पततनी को

कश्यहरकां तिक कक उस कंल्पनतनी करका नरकाम भौमितनी वह भौमि मनुलरका

सल्पों सेक्ट्रम ककी खाईरीद कों से तलए सठन कककश्यरका सरका.
हर जजनमम असर्गिशवं व्यक्ति एवं ररकाजनतनीततिक ह नैतसकश्यति कों से
अदरकालतिू

को

दबरकाव

मम

लरकानों से

कोतशश ककी जरकातितनी ह नै. अल्पवरकाद-सवरूल्प क मनुछ
कों से सरकारों से दरकांव-ल्पों सेच ववफल हो जरकातिों से हर, तिसरका
अतभौमिजन सवकश्यं उसकों से चंस मनुल मम फंस जरकातिों से हर .
ही हो ल्परकातिरका ह नै. उस समकश्य अल्पनतनी वचर्गिसवकरकारी
को

बचरकाए

रखाईनों से

कों से

तलए

अतभौमिजन

आवशकश्यक नहीं ह नै. कई बरकार ल्परोक्ष मरकार ज्कश्यरकादरका
ककसरकान जमतनीन सों से अल्पनतनी जरूरति ककी जजंस

वसति मनु वह उसरकानरका चरकाहतिरका ह नै, उसों से सरकरकार नों से
कर च मनुककी ह नै. आकश्यरकाततिति जजंस ककसरकान दरकाररका
कश्यकद अब भौमितनी अल्पनतनी जजद ल्पर अ्ल रहतिरका ह नै

समसकश्यरका होसतनी. उस समकश्य उसकों से ल्परकास एकमरकात्र
शों सेष

बचतिरका

ह नै

कक

ज नैसों से

भौमितनी

हो,

आकश्यरकाततिति जजंस सों से करकाम चलरकाए और खाईों सेतितनी को

मरकामलू मम उसकरका अन मनुभौमिव अल्पकश्यरकार्गिप्त हो. आजखाईर
उसकों से ल्परकास न तिो न नैततिकबल होतिरका ह नै न ही

छोर ल्पर ग्ररकाहक होतिरका ह नै. बरकाजरकार करका सरकाररका
ह नै. होनरका तिो कश्यह चरकाकहए कक अल्पनों से संखकश्यरकाबल कों से

और कदशरका-तनद्देतशति करम. मसर होतिरका इसकों से

ककी

ववल्परीति ह नै. बरकाजरकार ककी कदशरका तनधरकार्गिरिक रति करतिों से

अल्पनतनी

कश्यह ह नैररकानतनी ककी बरकाति ह नै कक बरकाजरकार को उतल्परकादन

सों से मोड़नों से मम करकामकश्यरकाब रहतिरका ह नै.

समकश्य ग्ररकाहक एकदम अलस-सलस ल्पड़ जरकातिरका ह नै.
ककी कदशरका तिकश्य करनों से ककी प्रों सेरणरका ग्ररकाहकू सों से नहीं
तमलतितनी. कश्यह प्रों सेरणरका उसों से अतभौमिजन समानूहू कों से

आवशकश्यकतिरकान मनुसरकार
बह मनुव्यकश्यरकाल्पतनी

मदद

ल्प नैठ

कों से

लों सेतिरका

ह नै.

कफर

बानूतिों से

ररकाजनतनीतति,

असर्गिव्यकश्यवससरका एवं करकानानून को भौमितनी अल्पनों से कहसरकाब

उल्पभौमिों व्यक्तिरका

अतधकरकार

ज नैसतनी

क मनुछ

लरकालच, उनककी धन-संल्पदरका, व नैभौमिव-ववलरकास तिसरका

व्यकश्यवससरकाओं दरकाररका कभौमितनी-कभौमितनी करकानानून भौमितनी बरकाजरकार

सवकश्यं ल्पानूंजतनील्पततिकश्यू कों से एकरकातधकरकारवरकादी द्रवष्टकोण

ककी मनमरकानतनी कों से ववरोध मम उल्पभौमिों व्यक्तिरका कों से सरकास

नकश्यानूनतिम लरकासति मम अतधकतिम स मनुखाई-स मनुववधरकाएं,

ह नै. ककंति मनु ल्पकश्यरकार्गिप्त लोक तनसररकानतनी कों से अभौमिरकाव मम

इसकों से तलए वों से ग्ररकाहक करका उल्पभौमिों व्यक्तिरकाकरण करतिों से

होतिरका ह नै. उल्पभौमिों व्यक्तिरका वववरकाद कों से दरकाकश्यरों से मम आनों से कों से

ल्पानूंजतनी करका घोड़रका बों सेलसरकाम दार्वभौड़नों से लसतिरका ह नै . कश्यह

ववतिरक और उल्पभौमिों व्यक्तिरका कों से बतनीच तसम् जरकातिरका ह नै.

समसति करकानानून लोककहति कों से दरकावों से कों से सरकास ,

जरकातिरका ह नै. ल्पहलरका वों से जो अल्पनों से उल्पभौमिों व्यक्तिरका अतधकरकार

कमद्र मम रखाईकर बनरकातितनी ह नै. करकानानून बननों से कों से सरकास

कों से ववरु्धि उल्पकश्य मनुं व्यक्ति नकश्यरकाकश्यरकालकश्य मम दरकावरका करनों से करका

ववशों सेषरकान मनुररकास सल्पष्ट हो जरकातिरका ह नै. सरकरकार कों से सरकास

उल्पभौमिों व्यक्तिरका अतधकरकार सों से अल्परिक रतचति हर, असवरका

सों से तमलतितनी ह नै, जो कम सों से कम समकश्य और
ल्पद-प्रततिषरका और म मनुनरकाफरका ब्ोर लों सेनरका चरकाहतिों से हर.
हर, सरकरकार करका करकारल्पोरों से्ीकरण. ल्परिक रणरकामसवरूल्प
तिब होतिरका ह नै जब तनवरकार्गितचति सरकरकार अल्पनों से
कतसति रूल्प सों से आम आदमतनी को कलकश्यरकाण को
ही

सरकरकार

करका

अतभौमिजन

वसर्गि

कों से

प्रतति

होनों से करका भौमिरोसरका ल्परकाकर सतरकाधरकारी अतभौमिजन अल्पनों से

खाईड़रका नजर आतिरका ह नै. उससों से एक उंमतनीद जसतितनी
अंतितिायः वह भौमितनी बरकाजरकार करका कहतितचंतिक तस्धि
ल्पशरकाति मरकामलरका सतनीधों से उतल्परकादक-उल्पभौमिों व्यक्तिरका असवरका
इससों से उल्पभौमिों व्यक्तिरका समानूह ल्प मनुनायः दो कहससू मम बं्

सों से ल्परिक रतचति ह नै और सों सेवरका मम खाईरकामतनी कों से तलए दोषतनी

सरकाहस ज मनु्रका ल्परकातिों से हर. दस
ानू री ओर वों से जो कश्यरका तिो

उतल्परकाद मम कमतनी को सहजतिरकाल्पानूवर्गिक ल्पचरका जरकातिों से हर .

संव नैधरकातनक दरकातकश्यतवू ककी ओर सों से उदरकासतनीन होनों से

नकश्यरकाकश्यरकालकश्य कों से ‘धककों से खाईरकानरका’ उनहम सवरकाररका नहीं

सवरकासरकार्गिन मनुकानूल व्यकश्यरकाखकश्यरका करनों से सों से होतितनी ह नै. बरकाजरकार

उल्पभौमिों व्यक्तिरकाओं करका भौमितनी हो सकतिरका ह नै. भौमिरकारति ज नैसों से

करकानानून ककी सतरका. सरकरकार कों से ल्परोक्ष समसर्गिन

उल्पभौमिों व्यक्तिरका वववरकाद को नकश्यरकाकश्यरकालकश्य तिक लों से जरकानों से

को तनधरकार्गिरिक रति करनों से लसतिरका जरकातिरका ह नै. अल्पनों से

होतिरका ह नै. असंति मनुष्ट उल्पभौमिों व्यक्तिरकाओं कों से उस छो्ों से -सों से

लसतिरका ह नै. श मनुरुआति तनकश्यमू और करकानानूनू ककी
जजसकों से ल्परकास न तिो न नैततिक बल रहतिरका ह नै, न ही
तिसरका प्रोतसरकाहन कों से बल ल्पर वह लोसू ककी ल्पसंदू

धकश्यों सेकश्य मम सफल होनों से कों से तलए वह ज्ञरकान -ववज्ञरकान,
कलरका, संसककृतति एवं संचरकार कों से समसति उल्परकादरकानू

होतिरका.

तितनीसररका

वसर्गि

उस

उतल्परकाद

सों से

संति मनुष्ट

अतशजक्षति समरकाजू मम सों सेवरका मम कमतनी कों से बरकावजानूद

वरकालरका वसर्गि बह मनुति छो्रका, करीब-करीब नसणकश्य
वसर्गि को संति मनुष्ट करनरका, ल्पानूंजतनील्पतति वसर्गि कों से तलए
ककठन भौमितनी नहीं होतिरका. इससों से उनकरका नकश्यरकाकश्य ककी

प्रततिषरका करका दरकावरका ल्प मनुष होतिरका ह नै, जजससों से उनहम

उतल्परकादन-नतनीतति कों से तिहति तनवष्धि ह नै. अब उद्यमतनी

अल्पनतनी शरकाखाई बनरकानों से मम मदद तमलतितनी ह नै. दस
ानू री

बननों से ककी चरकाहति रखाईनों से वरकालतनी सतनी कों से ल्परकास

बड़ी आसरकानतनी सों से अल्पनरका दरकामन बचरका लों से जरकातितनी ह नै .

क्षों सेत्रतनीकश्य

ओर सरकरकार इसों से दो ल्परकाक्र्गिकश्यू करका वववरकाद बतिरकाकर

तनमरकार्गिण ककी खाईरकामतनी आनों से कों से बरकावजानूद अदरकालति

एकमरकात्र ववकलल्प ह नै. अल्पनों से ह मनुनर को ककनरकारों से रखाई
उतल्परकादन

नतनीतति

कों से

अन मनुसरकार

कश्योजनरका

बनरकाए, असवरका ऐसों से उतल्परकादन क्षों सेत्र मम जरकाकर

कों सेवल नकश्यरकाकश्यरकालकश्य मम फरिक रकश्यरकाद दों सेनों से वरकालों से को

करकाकश्यर्गि करों से, जहरकां उसककी अन मनुमतति हो. तितनीसररका

जजनहूनों से समरकान ब नैच करका उतल्परकाद खाईरीदरका सरका,

करकारखाईरकानरका लसरकानों से करका मोह तकश्यरकासकर ककसतनी

कश्यरका ककसतनी अनकश्य करकारण सों से अदरकालति करका दरकावरका

लरकाभौमि कों से तलए अल्पनों से ह मनुनर को आजमरकाए. इनमम

ल्पह मनुंचरकानों से करका कोई प्रबंध अदरकालति असवरका सरकरकार

च मनुनार्वभौतितनील्पानूणर्गि

ही न हो, ररकाज्कश्य ककी कश्यह जजंमों सेदरकारी ह नै कक

नार्वभौकरी

वबनरका भौमितनी नकश्यरकाकश्य ककी व्यकश्यवससरका करों से . जरकासरूक

आतमति मनुवष्ट हरकातसल कर सकों से. लों सेककन उन सभौमितनी

आसरकान नहीं होतिरका. अल्पनतनी आतसर्गिक तिरकाकति कों से

अल्पनों से ल्परिक रवरकार सों से, समरकाज और खाई मनुद सों से संघषर्गि

ववशों सेषरकातधकरकार प्ररकाप्त व्यकश्यवं व्यक्तिकश्यू को अल्पनों से ल्पक्ष मम

शों सेष रह जरकातिरका ह नै. वववश होकर व्यकश्यवं व्यक्ति को उसतनी

कों से जतनीवन मम मनमरकानरका हसतिक्षों सेल्प करनों से ककी

जो आतमतनभौमिर्गिर और सवरकावलंबतनी होनों से करका इररकादरका

ररकाहति दों सेकर संति मनुष्ट हो जरकातितनी ह नै. ऐसों से उल्पभौमिों व्यक्तिरकाओं,
ककंति मनु अल्पनतनी अज्ञरकानतिरका, लरकाल्परवरकाही, उदरकासतनीनतिरका
खाई्खाई्रकानों से

मम असमसर्गि रहों से

हर,

उनहम ररकाहति

दरकाररका नहीं कककश्यरका जरकातिरका. जबकक अदरकालति ककी भौमिलों से
अल्पनों से प्रतकश्यों सेक नरकासरिक रक कों से तलए उसककी मरकांस कों से
उल्पभौमिों व्यक्तिरका कों से तलए भौमितनी अदरकालति मम नकश्यरकाकश्य ल्परकानरका
बल

ल्पर

बरकाजरकार

ल्पहलों से

ववशों सेषज्ञू

तिसरका

खाईड़रका कर लों सेतिरका ह नै. कफर उनकों से बानूतिों से जनसरकाधरकारण
तिरकाकति भौमितनी ल्परका लों सेतिरका ह नै.

जतनीवन मम बरकाजरकार ककी घ मनुसल्प नैठ कों से और
भौमितनी

कई

ह नै.

सबसों से

आसरकान

और

कम

हरकालरकांकक

उसमम

शोषण

ककी

अल्पनतनी

कलरका

और

सवरकार्गितधक संभौमिरकावनरकाएं हर. कश्यह भौमितनी जरूरी नहीं कक
करतिों से

उद्यमशतनीलतिरका

ह मनुए

करका

सतनी

भौमिलतनी-भौमिरकांतति

ल्परिक रष्करकार

कर,

कों से तलए जो आतमतनभौमिर्गिर बननों से ककी कोतशश मम

करतिों से-करतिों से सक च मनुकों से हर, कश्यही अंततिम ववकलल्प
कों से तलए ति नैकश्यरकार होनरका ल्पड़तिरका ह नै. कश्यरकानतनी एक व्यकश्यवं व्यक्ति
रखाईतिरका सरका, वह ल्परिक रजससततिकश्यू जो जरकानबानूझकर
समरकाज कों से ववतशष्ट वसर्मों को लरकाभौमि ल्पह मनुंचरकानों से कों से

तलए ल्प नैदरका ककी सई हर, कों से चलतिों से वचर्गिसवकरकारी

अल्पनतनी आजरकादी समझतिरका ह नै, वह उसककी आजरकादी

वसति मनु वह बनरका रही ह नै, उसकरका उतल्परकादन क्षों सेत्रतनीकश्य

व्यकश्यरकाल्परकारी

कोतशश

मम

ह नै

ववकलल्प

करकारखाईरकानरका लसरकानरका चरकाहतितनी ह नै. वह करकाम श मनुरू

ककी

सतनी

अंततिम

तिरकाकतिू कों से समक्ष घ मनु्नों से ्ों सेकनों से को वववश हो

बननों से

हर—एक

करकारखाईरकानों से मम नार्वभौकरी कर लों से. वहरकां मरकातलक कों से

जो

आतमतनभौमिर्गिर

उदरकाहरण

ववकलल्प कश्यह भौमितनी हो सकतिरका ह नै कक अल्पनरका

घरों सेलानू

करतितनी ह नै. सहसरका उसको बतिरकाकश्यरका जरकातिरका ह नै कक जो

जरकातिरका ह नै. आशकश्य ह नै कक आम आदमतनी जजसों से
नहीं होतितनी. उसककी सवतिंत्रतिरका बरकाबानू ककी फरकाइलू,
ककी

ततिजोरिक रकश्यू

तिसरका

नों सेतिरकाओं

ककी

खाई मनुदसजवर्गी मम क नैद रहतितनी ह नै. उसतनी कों से चलतिों से

नतनीतति-अनतनीतति

म मनुटठठी-भौमिर अतभौमिजन बह मनुसंखकश्यक सरकामरकानकश्यजन को

ककसरकान

करतिों से रहतिों से हर. उसककी ल्पसंदू को अल्पनों से सवरकासर्गि

लसतिों से हर कक करकारखाईरकानरका चलनों से सों से उनकों से बचचू

सरकामरकानकश्य जन करका तनणर्गिकश्य ककतिनरका उल्पकश्योसतनी ह नै ,

जतनीवन जो खाईों सेतितनी-ककसरकानतनी ककी अतनजशतितिरका कों से

ककश्यरका मोल होनरका चरकाकहए. ऐसतनी व्यकश्यवससरका ववतध कों से

ज नैसों से समकश्य बतनीतितिरका ह नै, ल्पानूंजतनील्पतति करका असलतनी रूल्प

वह अल्पनों से समसर्गिन मम अतभौमिकश्यरकान चलरकानों से मम

बनरकाए रखाईनों से कों से नरकाम ल्पर सबसों से ल्पहलों से ससरकानतनीकश्य

नहीं

ह नै. कदखाईरकाव्ी घरका्ों से और कर-चोरी करका लंबरका

अल्पनों से सवरकासर्गि कों से अन मनुरूल्प तनणर्गिकश्य लों सेनों से को वववश

ककी कदशरका मम मोड़ दों सेतिों से हर. वही तिकश्य करतिों से हर कक
ककतिनरका नहीं. कश्यरका उसनों से जो श्रम कककश्यरका ह नै उसकरका
शरकासन दरकाररका मरकानकश्य होतितनी ह नै. इसतनी ककी ओ् मम
सफल हो जरकातितनी ह नै. कश्यह कहनों से ककी आवशकश्यकतिरका
ह नै

कक

ववतध

करका

तनमरकार्गिण

म मनुखकश्यतिायः

अतभौमिजनू दरकाररका अतभौमिजन कहतिू ककी दों सेखाईभौमिरकाल कों से
तलए कककश्यरका जरकातिरका ह नै.
लोककहति करका दरकावरका करनों से वरकालतनी सरकरकारम

ककस तिरह अतभौमिजन कहति मम करकाम करनों से लसतितनी

करका

जजनहूनों से

समसर्गिन
अल्पनों से

करनों से
ल्पानूवर्गिजू

लसतिों से
ककी

हर.

जमतनीन

करकारखाईरकानों से कों से तलए सौंल्पतनी सतनी, वों से सल्पनरका दों सेखाईनों से
को बों सेहतिर रोजसरकार तमलों सेसरका और वों से बों सेहतिर
चलतिों से संभौमिव नहीं सरका, जतनी सकमसों से. लों सेककन ज नैस-ों से
सरकामनों से आनों से लसतिरका ह नै. करकारखाईरकानों से मम जससरतिरका
नवकश्य मनुवकू ककी भौमितिवर्गी ल्पर ल्परकाबंदी लसरका दी जरकातितनी
तसलतसलरका चलतिरका रहतिरका ह नै. सरकरकार ककी मदद
ब्ोरनों से कों से तलए नकलतनी ब नैलमस शतनी् बनवरकाई

जरकातितनी ह नै. ककसरकानू को अन मनुदरकान, छानू्, ससतिों से
ऋण कों से रूल्प मम सहरकाकश्यतिरका उल्पलब्ध कररकानों से कों से

नरकाम ल्पर घरका्ों से ककी बरकाति करनों से वरकालतनी सरकरकारम

हर, इसकों से अनों सेक उदरकाहरण हर. एक ल्पानूंजतनील्पतति जब

ल्पानूंजतनील्पततिकश्यू

रिक रकश्यरकाकश्यतिू ककी ततिजोरी खाईोल दों सेतितनी ह नै. ससतितनी

प्रशरकासन कों से समसर्गिन और सहकश्योस करका भौमिरोसरका

सों से लों सेकर वषर्मों तिक तमलनों से वरकालतनी कर छानू् आकद.

कों से चलतिों से वह अल्पनों से उतल्परकाद ककी खाईल्पति कों से तलए

करकारखाईरकानरका लसरकातिरका ह नै तिो सरकरकार उसकों से तलए

जमतनीन, ससतिों से ऋण, कर-म मनुं व्यक्ति आकश्यरकाततिति मशतनीनू
इसकों से तलए ल्पानूंजतनील्पतति भौमिरोसरका कदलरकातिरका ह नै कक वह

कों से

तलए

अल्पनों से

खाईजरकानों से

और

स मनुववधरकाओं कों से दरवरकाजों से खाईोल दों सेतितनी ह नै . शरकासनल्पानूंजतनील्पतति को प्रोतसरकाकहति करतिरका ह नै. इसतनी ववश्वरकास
स मनुतनकश्योजजति

करकाकश्यर्गिकश्योजनरका

बनरकातिरका

ह नै,

जजसमम

अम मनुक संखकश्यरका मम रोजसरकार दों सेसरका. उससों से ररकाष्ट्र ककी

सबसों से ल्पहलरका हमलरका उल्पभौमिों व्यक्तिरका कों से कदमरकास ल्पर

आकद-आकद. नए रोजसरकार सकृजन कों से आश्वरकासन

ल्पोषण कों से तलए प्ररकाकश्यायः अल्पनरका श्रम-कार्वभौशल होतिरका

समकृव्धि करका ऊल्पर सों से नतनीचों से ककी ओर तनससरण

तनभौमिर्गिर करतिरका ह नै. रोजतनी-रो्ी ककी अतनजशतितिरका

सकल आकश्य मम वकृव्धि होसतनी. तनकश्यरकार्गिति बढों सेसरका
कों से बरकाद जनतिरका भौमितनी मरकान लों सेतितनी ह नै कक उससों से

होसरका. असर्गिशरकासतनी ल्पानूंजतनीवरकाद को आदशर्गि बतिरकानों सेवरकालतनी
क्ट्रककल डरकाउन थकश्योरी कों से बहरकानों से सरकरकार ककी हर

कककश्यरका जरकातिरका ह नै. जनसरकाधरकारण कों से ल्परकास भौमिरणह नै. उसकों से मानूलकश्यरकांकन कों से तलए भौमितनी वह दस
ानू रू ल्पर

उसकों से आतमववश्वरकास को चो् ल्पह मनुंचरकातितनी ह नै . उसों से
कश्योजनरकाब्धि आधरकार ल्पर करकाम करनों से ल्पर रोकतितनी

ह नै.
लसरकातिरका

बड़रका
ह नै

ल्पानूंजतनील्पतति

तिो

मरकाल

दवरकाई
ककी

करका

खाईल्पति

करकारखाईरकानरका
कों से

तलए

दस
ानू री ओर मजदरानू और करकामसरकार वसर्गि ककी
सवतिंत्रतिरका ल्पानूंजतनील्पततिकश्यू कों से कश्यहरकां तसरवतनी रखाईतनी होतितनी

ह नै. उसकों से तलए नकश्यरकाकश्य बस नैर ‘अतभौमिजन ककृल्परका’ कों से

असल्पतिरकाल भौमितनी खाई मनुलवरका दों सेतिरका ह नै. वह डरका॓क्रू को

आसों से नहीं बढ ल्परकातिरका. सरकरकार ल्पानूंजतनील्पतति को

अल्पनों से ल्पानूंजतनीबल ल्पर वह बरकाजरकार करका कतिरकार्गि-धतिरकार्गि

दत मनु नकश्यरका ककी ककसतनी भौमितनी मंडी मम बों सेचों से . अवसर तमलों से

ह नै कक अल्पनों से उतल्परकाद कों से दरकाम सवकश्यं तनधरकार्गिरिक रति

स मनुववधरकाएं भौमितनी उसों से सरकरकार ककी ओर सों से प्ररकाप्त होतितनी

श्रम-कार्वभौशल ककी भौमितनी ल्पकश्यरकार्गिप्त मरकांस होतितनी ह नै. लों सेककन

तलए सरकरकार ककी शतिर्मों करका अन मनुल्परकालन करनरका

अंतिर होतिरका ह नै. ल्पानूंजतनील्पततिकश्यू मम लरकाभौमि को लों सेकर

आतिरका ह नै. दमन ककी ऐसतनी घ्नरकाएं कभौमितनी-कभौमितनी

लरकाभौमि ककी वरकांछरका मम दस
ानू रों से को मरकाति दों सेनों से ल्पर ति मनुलरका

को ववरोध करका ठोस आधरकार प्रदरकान करतितनी हर .

सल्पधरकार्गि मम सतनीधों से-सतनीधों से उनकरका अजसतितव दरकांव ल्पर

हर कक ‘जनमति कों से आसों से घ मनु्नों से ्ों सेक दों सेनरका

श्रतमक को बस इतिनरका तमल ल्परकातिरका ह नै कक ककसतनी

इसतलए वों से कश्यह भौमितनी जरकानतिों से हर एक ककसरकान कश्यकद

ल्पोषण कर, असलों से कदन कों से श्रम कों से तलए ति नैकश्यरकार

दों से तिो सरकरकार उसककी ओर सरकामरकानकश्यतिायः धकश्यरकान न

सलरका-क्रकाऊ प्रततिसल्पधरकार्गि करनों से वरकालों से उद्योसल्पतति

इनकरकार कर दम तिो वह बसरकावति कही जरकाएसतनी.

एकज मनु् होकर वों से शोषण ककी एकसमरकान नतनीतति

करकानानून करका हवरकालरका दों सेतिों से ह मनुए ककसरकानू को अल्पनतनी

झ मनुकनरका ल्पड़तिरका ह नै. मजदरानू ी कों से रूल्प मम बं्नों से वरकालतनी

सकतितनी ह नै. हरकालरकांकक कश्यह तिभौमितनी संभौमिव ह नै जब

ल्पानूंजतनील्पतति तिकनतनीक कों से सवचरकालतनीकरण ल्पर ज्कश्यरकादरका

मतिभौमिों सेद हू. कश्यकद ककसतनी एक प्रदों सेश कश्यरका दों सेश -भौमिर

प्रभौमिरकाववति कर उनसों से मनचरकाहरका करकाम लों सेतिरका ह नै .
और सवर्गितनकश्यंतिरका होतिरका ह नै. इस जससतति मम होतिरका

कर सकों से. बरकाजरकार मम हरकालरकांकक जनसरकाधरकारण कों से
श्रतमक और ल्पानूंजतनील्पतति ककी सल्पधरकार्गि मम मानूलभौमिानूति

सल्पधरकार्गि होतितनी ह नै. प्रतकश्यों सेक ल्पानूंजतनील्पतति अतधकतिम
होतिरका ह नै. दस
ानू री ओर श्रतमक और करकामसरकारू ककी
होतिरका ह नै. अल्पनतनी एकमरकात्र ल्पानूंजतनी श्रम कों से तनवों सेश सों से

प्रकरकार अल्पनरका और अल्पनों से ल्परिक रवरकार करका भौमिरणहो सकम. अल्पनों से म मनुनरकाफों से कों से तलए दस
ानू रों से कों से सरकास
श्रम कों से मानूलकश्यरकांकन को लों सेकर एकमति होतिों से हर .
अल्पनरकातिों से हर. उनककी एकतिरका कों से चलतिों से श्रतमक को
धनररकातश

को

म मनुनरकाफों से

मम

बदलनों से

कों से

तलए

सों से ज्कश्यरकादरका खाईचर्गि करतिरका ह नै. ववशों सेषज्ञ अतभौमिजनू कों से
सहकश्योस कों से बल ल्पर वह करकामकश्यरकाब भौमितनी होतिरका ह नै .

अतधकरकार दों सेतितनी ह नै कक वह अल्पनों से उतल्परकाद को

तिो तनकश्यरकार्गिति भौमितनी करों से. तनकश्यरकार्गिति ल्पर प्रोतसरकाहन
हर. ककंति मनु ककसरकान को अल्पनों से उतल्परकाद ककी वबक्रकी कों से
ल्पड़तिरका ह नै. उनकरका उललंघन अल्पररकाध ककी श्रों सेणतनी मम

जनक्ररकांतति ककी उतप्रों सेरक तस्धि होतितनी हर. कश्यों से जनतिरका
सभकश्यतिरकाओं कों से इततिहरकास सों से ल्परिक रतचति लोस जरकानतिों से
अतभौमिजन

सरकरकारू

ककी

ववशों सेषतिरका

होतितनी

ह नै.’

सरकरकारी मोल ल्पर अनरकाज बों सेचनों से सों से इनकरकार कर
दों सेसतनी. ककसतनी इलरकाकों से कों से ककसरकान अनरकाज बों सेचनों से सों से
सरकरकार वहरकां बल प्रकश्योस दरकाररका, ररकाष्ट्रकहति एवं
शतिर्मों ल्पर अनरकाज बों सेचनों से कों से तलए वववश कर

ककसरकान बं्ों से ह मनुए हू. उनकों से बतनीच कहतिू को लों सेकर

कों से ककसरकान अल्पनों से कहतिू को दों सेखाईतिों से ह मनुए ससतिों से
मोल अनरकाज न बों सेचनों से करका तनणर्गिकश्य लों से लम तिो वह

क्ररकांतति होसतनी. दस
ानू रों से शब्दू मम जजसों से क्ररकांतति कहतिों से

च मनुनतिों से समकश्य जनतिरका ककी अल्पों सेक्षरका होतितनी ह नै कक

तनणर्गिकश्य कों से आसों से, चरकाहों से वह सरकरकार करका हो असवरका

सच करनों से कों से तलए उल्पकश्य मनुं व्यक्ति कदम उठरकाएंसों से. ककंति मनु

हर, वह कहतिू कों से सरकामरकानकश्यतनीकरण और अन मनुतचति

तनवरकार्गितचति सदसकश्य उसकों से सरकामरकानकश्य सल्पनू को

ककसतनी और शवं व्यक्तिशरकालतनी वसर्गि करका, न झ मनुकनों से तिसरका

सरकरकार

ह नै. उसकों से तलए बलप्रकश्योस आवशकश्यक नहीं ह नै.

इचछरका-आकरकांक्षरकाओं को समझकर उनकों से तलए

दीघर्गिजतनीवतनी

इचछरकाएं

उसकों से संसकठति प्रततिरोध कों से रूल्प मम सरकामनों से आतितनी
बजलक अकहंसक क्ररकांततिकश्यरकां अतधक प्रभौमिरकावकरकारी एवं
तस्धि

होतितनी

हर.

उनमम

अल्पों सेक्षरकाककृति

अतधक समकश्य लसतिरका ह नै, ककंति मनु उनकरका ल्परिक रणरकाम
भौमितनी उतिनरका ही स मनुदीघर्गि एवं बह मनुआकश्यरकामतनी होतिरका ह नै.

बनतिों से

ही

तनवरकार्गितचति

सदसकश्यू

ककी

प्ररकासतमकतिरकाएं बदल जरकातितनी हर. आमजन ककी
सम मनुतचति प्रकश्यरकास करनों से कों से बजरकाकश्य वों से अल्पनतनी
समरकाज

जनसरकाधरकारण

कों से

ल्पर

लरकादनों से

मनोभौमिरकावू

को

लसतिों से

समझनों से

हर.
कों से

बजरकाकश्य वों से उसों से समझरकानों से मम ज्कश्यरकादरका कश्यककीन करतिों से
हर. इस करकाकश्यर्गि मम भौमितनी उनककी सफलतिरका संव्धिगध

ववककृति लोकतिंत्रू, कश्यरकानतनी ऐसों से लोकतिंत्रू मम जहरकां

होतितनी ह नै. ककश्यूकक अततिबार्वभौव्धिकतिरका कों से दबरकाव मम
उनककी

भौमिरकाषरका

आमजन

ककी

ल्पह मनुंच

सों से

द रानू

सरकामानूकहक चों सेतिनरका व्यकश्यरकाल्पक लोककहति कों से बजरकाकश्य

तनकलतितनी जरकातितनी ह नै. उसों से समझनरका तिसरका उससों से

बरकाह मनुबल आकद सों से प्रभौमिरकाववति होतितनी ह नै , सरकरकारम

ककठन होतिरका ह नै. इस समसकश्यरका को समझकर

बनतितनी हर. असल मम वों से अतभौमिजन दरकाररका, अतभौमिजन

सतरकाधतनीश, जनसरकाधरकारण ककी ररकाकश्य को ‘सरकाधरकारण’

जनतिरका ककी फानू् और अज्ञरकान करका लरकाभौमि उठरकाकर

लों सेतिों से हर कक सरकाधरकारण मों सेधरका सद नैव सरकाधरकारण बनतनी

ऐसतनी

आमजन तिक तितकरकाल ल्पह मनुंचरकानों से तिसरका उसकरका

धमर्गि, जरकातति, क्षों सेत्र, संप्रदरकाकश्य, जमतनीन-जरकाकश्यदरकाद,
कदखाईरकावों से कों से तलए आमजन कों से मतिरकातधकरकार सों से

कहति कों से तलए बनतनीं, अतभौमिजन सरकरकारम होतितनी हर.

सवरकासवर्गी तित्व सतरका-तशखाईर तिक ल्पह मनुंच जरकातिों से हर .
सरकरकारम

अल्पनों से

नरकासरिक रकू

कों से

सरकास

ल्पक्षल्परकातिल्पानूणर्गि ढंस सों से ल्पों सेश आतितनी हर. संव नैधरकातनक
प्रकक्रकश्यरकाओं

को

उतरोतर

जक्ल

बनरकाकर

वों से

आमजन तिसरका सरकरकार कों से बतनीच ककी दरानू ी को
बढरकातितनी

रहतितनी

हर.

ल्परिक रणरकामसवरूल्प

ववशों सेषज्ञ

लरकाभौमिरकाजनवति होनरका आमजन कों से तलए अतकश्यंति
उसकरका

तनदरकान

करनों से

कों से

बजरकाकश्य

अतभौमिजन

कहकर उसककी उल्पों सेक्षरका करनों से लसतिों से हर . कश्यह मरकान
रहतितनी ह नै. अतिएव ज्ञरकान कों से नए आववष्करकारू को

बार्वभौव्धिक ल्परिक रष्करकार करनों से ककी कोई कोतशश तिक
नहीं ककी जरकातितनी.
अतभौमिजन

ब मनुव्धिजतनीववकश्यू

ककी

अतति

संसककृतति को प्रोतसरकाहन तमलतिरका ह नै. ववशों सेषज्ञ कश्यानूं

बार्वभौव्धिकतिरका तनरुदों सेशकश्य असवरका सवकश्यं सफानूत्र्त नति नहीं

तिो जनतिरका कों से बतनीच सों से ही उभौमिरकर आतिों से हर,

होतितनी.

आमजन सों से ऊल्पर समझनों से लसतिों से हर. सरकरकार

लोककलकश्यरकाण

ककंति मनु

ववतशष्टतिरकाबोध

कों से

मरकारों से

वों से

सवकश्यं

को

कश्यह

खाईोखाईलों सेल्पन

प्रकरकाररकांतिर

को

ककी

ही

मम

उजरकासर

आड़

मम

उनककी

करतितनी

तनषरका

कों से

ह नै,

जो

सवरकासर्गितसव्धि

करका

आकश्योजन रचतिरका ह नै. इसतलए उन ववचरकारू ककी

उनककी सवरकासर्गि-तलपसरकाओं कों से ववरोध मम जनमरकानस

अतभौमिव्यकश्यवं व्यक्ति हों सेति मनु जजनहम वह लोककहतिकरकारी मरकानतिरका

कों से बतनीच सोड़ी-बह मनुति स मनुसब मनुसरकाह् श मनुरू सों से ही बनतनी

जनसरकाधरकारण कों से अन मनुभौमिव तिसरका श नैजक्षक सतिर सों से

ववरोध करका रूल्प लों से लों सेतितनी ह नै. कश्यह बरकाति अलस ह नै

भौमिरकाषरका

उसककी आरंतभौमिक सफलतिरका संव्धिगध रहतितनी ह नै.

ह नै,

ऐसतनी भौमिरकाषरका करका उल्पकश्योस

करतिरका ह नै जो

करकाफकी ऊल्पर ककी हो. आमजन कों से तलए ऐसतनी
को

समझनरका

तिसरका

असमरकानतिरका

एवं

भौमिों सेदभौमिरकाव कों से ववरु्धि करकानानूनतनी लड़रकाई लड़नरका बह मनुति

रहतितनी ह नै. अन मनुकानूल ल्परिक रजससततिकश्यू मम वही सरकासर्गिक

कक छो्ों से-छो्ों से समानूहू मम बं्ों से होनों से कों से करकारण
ववशों सेषरूल्प सों से व नैकजलल्पक जनसंसककृतति कों से उदकश्य

ककठन हो जरकातिरका ह नै. नतितनीजन नकश्यरकाकश्य उनकों से तलए

तिक.

दों सेखाई शतनीषर्गिसस अतभौमिजन अल्पनों से ववशों सेषरकातधकरकारू करका

व्यकश्यवं व्यक्तिमरकात्र को अल्पनतनी सवतिंत्रतिरका ककी ल्पानूणरकार्गिन मनुभौमिानूतति

ररकाज्कश्य कों से इकतिरफरका आचरण सों से उसकों से सठन करका

दबरकावू और दखाईल सों से म मनुं व्यक्ति होतिरका ह नै. इस

जनसरकामरकानकश्य कों से ल्पह मनुंच सों से द रानू होतिों से ही ररकाज्कश्य ककी
समसति

उल्पलजब्धकश्यरकां,

जतनीवनल्प्धितति ववकतसति कर लों सेतिरका ह नै, जो उसककी

सरकाधन

शतनीषर्गि

तनरंतिर जक्ल होतिरका जरकातिरका ह नै. उनहम सफलति मम
उल्पकश्योस सतनीतमति सवरकासर्मों कों से तलए करनों से लसतिों से हर.
औतचतकश्य ही समरकाप्त हो जरकातिरका ह नै. नकश्यरकाकश्य कों से

ल्पर

धन-संल्पदरका

ववररकाजमरकान

और

स मनुखाई-

सवतिंत्र

व नैकजलल्पक

जनसंसककृतति

ववकरकास

ककी

वह

लोकचों सेतिनरका

अवससरका

ह नै,

कों से

जब

होनों से लसतितनी ह नै. वह ककसतनी भौमितनी प्रकरकार कों से बरकाहरी
अवससरका को ससरकाकश्यतनी बनरकानों से कों से तलए वह ऐसतनी
सवतिंत्रतिरका,

आतमतनभौमिर्गिरतिरका,

तनभौमिवर्गीकतिरका

और

अतभौमिजन

ककी

सरकामानूकहक संल्पननतिरका को दशरकार्गितितनी ह नै. उस अवससरका

नशों से

डानूबों से

उजरकासर हो च मनुककी होतितनी हर. च नैतिनकश्य, वववों सेकवरकान,

उसककी कश्यरकात्ररका तनववर्गिघ्न ह नै. च मनुनार्वभौततिकश्यरकां समरकाप्त हो

जनसमरकाज कों से मन-मजसतिष्क मम शरकासक और

इजरकारों सेदरकारी बन जरकातिों से हर. एक समकश्य ऐसरका भौमितनी
आतिरका

ह नै

जब

करकामकश्यरकाबतनी

कों से

मम

अलल्पसंखकश्यक अतभौमिजन को लसतिरका ह नै कक आसों से

च मनुककी हर. जनसरकाधरकारण भौमितनी लसभौमिस मरकान लों सेतिरका ह नै

मम

अलल्पसंखकश्यक

अतभौमिजन

ककी

चरकालरकांकककश्यरकां

अल्पनों से अतधकरकारू कों से प्रतति जरकासरूक और संसकठति
शरकातसति करका भौमिों सेद समरकाप्त हो जरकातिरका ह नै.

कक अलल्पसंखकश्यक अतभौमिजन ककी मनमरकानतनी को

सहतिों से जरकानरका ही उसककी तनकश्यतति ह नै. इस सोल्पों से सए

वरकासतिववक बदलरकाव ककी श मनुरुआति ररकाज्कश्य

तनकश्यततिवरकाद को धमर्गि तनरंतिर हवरका दों सेतिरका रहतिरका ह नै.

कों से

ककी लरकालसरका तिसरका ईश्वरीकश्य ककृल्परका मम बदल दों सेतिरका ह नै .

ह नै. कश्यह लोकतिंत्र ककी ही ववडंबनरका ह नै कक जजस

ल्पानूवर्गिजनमू कों से कमर्मों को जजंमों सेदरकार ठहररकाकर वह

उससों से शरकातसति बननरका सवतनीकरकार कर ररकाज्कश्य ककी

इसकों से बरकावजानूद शतनीषर्गिसस शवं व्यक्तिकश्यू कों से षड्कश्यंत्र तिसरका

को ररकाज्कश्य ककी उल्पजससतति खाईलनों से लसतितनी ह नै. ररकाज्कश्य

वह बदलरकाव ककी संभौमिरकावनरका को मकृतकश्योल्पररकांति सवसर्गि
वतिर्गिमरकान

ककी

दद
मनु र्गिशरका

कों से

तलए

भौमिरकागकश्य

और

लोसू कों से ववचरकारकमर्गि ककी कदशरका ही मोड़ दों सेतिरका ह नै .

सवरकासर्गिल्पानूणर्गि

आचरण

ककी

प्रततिकक्रकश्यरकासवरूल्प

नरकासरिक रकू कों से मन मम ल्पनल्पों से अववश्वरकास सों से होतितनी

ररकाज्कश्य को नरकासरिक रक अल्पनतनी मजवर्गी सों से च मनुनतिों से हर ,
अतधसतरका को संभौमिव बनरकातिों से हर, करकालरकांतिर मम उनहीं

तिसरका नरकासरिक रकू कों से बतनीच अववश्वरकास ल्पनल्पनों से सों से

नरकासरिक रकू सों से अल्पों सेक्षरका करतिों से हर. ककंति मनु जब वों से

लोस आकहसतिरका-आकहसतिरका ररकाज्कश्य दरकाररका बनरकाए सए

दों सेखाईतिों से हर कक समरकाज मम अतभौमिजन करका चरकाल -

चानूंकक शतनीषर्गिसस अतभौमिजन जजसल्पर करकानानून बनरकानों से

ह नै, तिब उनकरका कतसति ‘करकानानून कों से ररकाज’ सों से

होतितनी ह नै, सवकश्यं करकानानून कों से ल्परकालन कों से प्रतति

लों सेकर दंद ककी जससतति उतल्पनन हो जरकातितनी ह नै.

दरकाररका बनरकाए सए करकानानून शों सेष समरकाज कों से तलए भौमितनी

हसतिक्षों सेल्प चरकाहतिों से हर. दस
ानू री ओर वों से करकामनरका करतिों से

जनसरकाधरकारण भौमितनी करकामनरका करतिरका ह नै कक उसकों से

कोई उनकों से कहतिू को न मनुकसरकान ल्पह मनुंचरकातिरका ह नै तिो

करकानानूनू करका हसतिक्षों सेल्प नकश्यानूनतिम हो. ररकाज्कश्य अल्पनरका

कक सरकामरकानकश्य कदनचकश्यरकार्गि मम करकानानून कों से हसतिक्षों सेल्प

सवचछंदतिरका ककी सतनीमरका तिक भौमिोस लों सेनरका चरकाहतिरका ह नै .

तिरह दों सेखाईनों से वरकालों से लोस भौमितनी अल्पनों से कहतिू ककी

हो. करकानानून करका सरकासर्गिक हसतिक्षों सेल्प वह तिभौमितनी

लसतिों से हर. कश्यह समरकाज मम बढतिों से अववश्वरकास और

करकानानूनू ककी ओर सों से उदरकासतनीन होनों से लसतिों से हर .
और उनहम लरकासानू करनों से ककी सवरकार्गितधक जजंमों सेदरकारी
उदरकासतनीन और लरकाल्परवरकाह होतिरका ह नै, इसतलए उसकों से
कोई आदशर्गि रह ल्परकातिों से. अतभौमिजन ककी दों सेखाईरका-दों सेखाईतनी
जतनीवन मम ररकाज्कश्य तिसरका उसकों से दरकाररका बनरकाए सए
करकाम करों से, वह अल्पनरका. अल्पनतनी सवतिंत्रतिरका को वह

चरकाहतिरका ह नै कक उसल्पर कोई बरकाहरी तनकश्यंत्रण न
चरकाहतिरका ह नै जब सरकरकार कोई संससरका असवरका

व्यकश्यवं व्यक्ति उसकों से अतधकरकार-क्षों सेत्र ल्पर सवरकाल उठरकातिरका
ह नै; तिसरका करकानानूनतनी कश्यरका स नैरकरकानानूनतनी तिरीकों से सों से उसकों से

चलन उसतनी कों से दरकाररका ससरकावल्पति मरकाल्पदंडू कों से ववरु्धि

ववश्वरकास उठनों से लसतिरका ह नै. समरकाज मम करकानानून को
लोस एक ओर जतनीवन मम करकानानून करका नकश्यानूनतिम

हर कक करकानानून इतिनरका शवं व्यक्तिशरकालतनी हो कक कश्यकद

वह उनककी तितकरकाल रक्षरका कर सकों से. आशकश्य ह नै
को अनरकावशकश्यक मरकाननों से तिसरका उसको बोझ ककी

स मनुरक्षरका हों सेति मनु करकानानून और नकश्यरकाकश्य ककी दह
मनु रकाई दों सेनों से

चरिक रत्र कों से दह
मनु रों सेल्पन को दशरकार्गितिरका ह नै. कश्यह तिब होतिरका
ह नै जब शतनीषर्गिसस शवं व्यक्तिकश्यू ककी तनणर्गिकश्य-प्रकक्रकश्यरका ल्पर

उनकों से सवरकासर्गि हरकावतनी हो जरकातिों से हर. ल्परिक रणरकामसवरूल्प

आसों से समसकश्यरकाएं खाईड़ी कर दों सेतिरका ह नै. दस
ानू रों से शब्दू

सतरकाल्पक्ष कों से प्रतति आमजन करका ववश्वरकास कडसनों से

अतधकरकार-क्षों सेत्र ल्पर संक् कदखाईरकाई ल्पड़तिरका ह नै, तिब

करकानानून कों से सकरकाररकातमक ल्पक्ष सों से ह्कर उसकों से

हसतिक्षों सेल्प

ककी

करकानानून करका ल्परकालन करनों से कों से बजरकाकश्य उससों से बचनों से

अववश्वरकास कश्यरका दर मनु रकाव कमोबों सेश प्रतकश्यों सेक नरकासरिक रक

समरकाज दोनू कों से प्रतति उदरकासतनीनतिरका करका मरकाहार्वभौल

चरकाहतिों से हर कक ररकाज्कश्य दरकाररका बनरकाए सए करकानानून भौमितनी

शरकासन-प्रशरकासन कों से सतिर ल्पर उसककी समसकश्यरकाएं

भौमितनी उतिनों से ही उतरदरकाकश्यतनी हू, जजतिनतनी वों से सरकामरकानकश्य

जनसंखकश्यरका

मम जब ककसतनी व्यकश्यवं व्यक्ति को अल्पनों से अजसतितव असवरका
वह अल्पों सेक्षरका करतिरका ह नै कक करकानानून अल्पनों से प्रभौमिरकावतनी
जजंमों सेदरकारी

दरकाररका

उसों से

तनभौमिरकाए.

संक्

करकानानून

सों से

को

उबरकारनों से
लों सेकर

कश्यह

कों से मन मम होतिरका ह नै. लोस आमतिार्वभौर ल्पर कश्यह भौमितनी
प्रभौमिरकावतनी हू, मसर उनकों से प्रतति करकानानून बनरकानों से वरकालों से

लसतिरका ह नै. इसकों से सरकास ही लोसू करका धकश्यरकान

तनषों सेधरकातमक ल्पक्ष ल्पर कमकद्रति हो जरकातिरका ह नै, जो
कों से तलए प्रों सेरिक रति करतिरका ह नै. कश्यह प्रवकृवत ररकाष्ट्र और
ति नैकश्यरकार करतितनी ह नै. आम आदमतनी को लसतिरका ह नै कक
स मनुनतनी नहीं जरका रही हर. वहीं शरकासन-प्रशरकासन
मम

वकृव्धि,

सरकामरकाजजक

अंतिद्द्वंद,

संसरकाधनू ककी कमतनी, अतशक्षरका, उद्यमशतनीलतिरका करका

अतभौमिजरकाति प्रततितनतधकश्यू कों से बतनीच जनसरकाधरकारण कों से

अभौमिरकाव

वरकासतिववक प्रततितनतध अल्पनों से समानूह ककी वरकांछरकाओं

आकद

करका

बहरकानरका

बनरकाकर

अल्पनतनी

जजंमों सेदरकारिक रकश्यू को वरकाल्पस जनसमरकाज ल्पर सोल्पनों से

को कों सेवल अल्पनों से बल ल्पर ल्पानूररका करनों से मम असमसर्गि

लसतिों से हर. लोकतिरकांवत्रक ल्परिक रवों सेश करका लरकाभौमि उठरकाकर

होतिों से

मम हसतिक्षों सेल्प ककी कश्योजनरकाएं बनरकातिरका ह नै . ककंति मनु

करका अन मनुकानूलन करनों से मम ज मनु्ों से रहतिों से हर. उनहम बरकार-

तिरकालमों सेल

मरकामानूलतनी

वसर्गि और वबररकादरी को बह मनुति ल्पतनीछों से छोड़ आए हर,

तिरकातकरकातलक जरूरतिू सों से आसों से बढकर सोचनों से करका

वबररकादरी कों से संमरकातनति सदसकश्य हर. इसतलए

कभौमितनी-कभौमितनी जनसमरकाज भौमितनी आसों से बढकर शरकासन
ररकाजनतनीततिक
स मनुववधरकाओं

अन मनुभौमिव

ककी

कों से

करका

कमतनी,
तलए

अभौमिरकाव,

जतनीवन

बड़ों से-बड़ों से

ककी

आल्पसतनी

संघषर्गि

उसों से

अवसर ही नहीं दों सेतिों से.

कभौमितनी-कभौमितनी कश्यह भौमितनी होतिरका ह नै कक लोकतिंत्र

हर.

इस

बतनीच

संसद

कों से

अतभौमिजरकातकश्य

प्रततितनतध जनसरकाधरकारण कों से सचचों से प्रततितनतधकश्यू
बरकार कश्यह एहसरकास कदलरकाकश्यरका जरकातिरका ह नै कक वों से अल्पनों से

अब वों से ववधरकातकश्यकरका कों से तलए च मनुनों से सए सदसकश्यू ककी
उनकरका आचरण भौमितनी उनकों से ल्पद ककी सरिक रमरका कों से

अन मनुकानूल होनरका चरकाकहए. चानूंकक शरकासन-प्रशरकासन
दोनू

करका

ल्परिक रवों सेश

अतभौमिजरकाति

मनोवकृवत

कों से

ककी खाईानूवबकश्यू करका लरकाभौमि उठरकाकर जनसरकाधरकारण कों से

अन मनुकानूल होतिरका ह नै. अतिायः अकों सेलों से ल्पड़ जरकानों से करका डर,

जरकातिों से हर. आरंभौमि मम उनककी वसवर्गीकश्य तनषरकाएं प्रबल

करकारण जनसरकामरकानकश्य कों से वरकासतिववक प्रततितनतधकश्यू

ल्पह मनुंचों से हर , उसों से जलदी सों से जलदी ल्पानूररका कर लों सेनरका

कों से तलए प्रों सेरिक रति करतिों से हर. उनहम कश्यह भौमितनी लसतिरका ह नै

आसरकान नहीं होतितनी. संसद मम उनकरका सरकामनरका,

कों से बह मनुसंखकश्यक सदसकश्यू ककी अन मनुमतति कश्यरका समसर्गिन

होतिरका ह नै. आमानूल ल्परिक रवतिर्गिन कों से लककश्य, जजसकों से

वह उनकों से करीब आनों से लसतिरका ह नै. जरूरति कों से

को

कों से

इसकों से तलए इचछरका असवरका अतनचछरका सों से भौमितनी, उनहम

अतभौमिजरकातकश्य प्रततितनतधकश्यू कों से सहकश्योस एवं समसर्गिन

करनरका ल्पड़तिरका ह नै. हरकालरकांकक उनमम सों से क मनुछ उसकों से

सरकाधरकारणजन संसद कों से बरकाहर भौमिलों से ही बह मनुमति

प्रततिकानूल हो सकतिों से हर. संसद मम अकों सेलरका ल्पड़

अतभौमिजरकाति वसर्गि करका ही प्रततितनतधतव करतिों से हर .

समसर्गिन प्ररकाप्त करनों से ककी वववशतिरका, ववधरकातकश्यकरकाओं

वरकासतिववक प्रततितनतध च मनुनकर संसद तिक ल्पह मनुंच

होतितनी हर. जजस संकलल्प को लों सेकर वों से संसद तिक
चरकाहतिों से हर. लों सेककन उनककी आसों से ककी कश्यरकात्ररका भौमितनी
अतभौमिजन वसर्गि कों से अन मनुभौमिवतस्धि प्रततितनतधकश्यू सों से

तलए उनकों से समरकाज नों से उनहम तनवरकार्गितचति कककश्यरका ह नै,
प्ररकाप्त

वरकासतिववक
ककी

अल्पों सेक्षरका

करनों से

कों से

प्रततितनतधकश्यू
होतितनी

ह नै.

तलए

को

जनसरकाधरकारण

कश्यसरकाजससततिवरकादी

उललों सेखाईनतनीकश्य

ह नै

कक

मम हो, संसद मम उसकों से च मनुनों से ह मनुए प्रततितनतध

जरूरति ल्पड़नों से ल्पर समसर्गिन ककी लरकालसरका ज नैसों से
को उस वरकातिरकावरण सों से तिरकादरकातंकश्य ससरकावल्पति करनों से

कक अल्पनों से समानूह ककी आकरकांक्षरकाओं ककी ल्पानूततिर्गि संसद

कों से बस नैर असंभौमिव ह नै, इसतलए भौमितनी चरकाहों से-अनचरकाहों से
समकश्य अतभौमिजन सदसकश्यू करका समसर्गिन प्ररकाप्त हो,
ववश मनु्धि अतभौमिजन-कहति

कों से म मनुदू

ल्पर सहकश्योस

अल्पनों से समानूह कश्यरकानतनी जनसरकाधरकारण कों से कहतिू कों से
जरकानों से

करका

डर,

अतभौमिजरकातकश्य

प्रततितनतधकश्यू

करका

मम अलल्पसंखकश्यक होनों से करका एहसरकास, ररकाजनतनीततिक

शवं व्यक्तिकश्यू कों से कमजोर ल्पड़नों से सों से अतभौमिजन वसर्गि को

अजससरतिरका

मनमरकानतनी करनों से करका अवसर ल्प मनुनायः तमल जरकातिरका ह नै .

तिसरका

संसरकाधनू

ल्पर

प्रभौमि मनुवसर्गि

कों से

अतधकरकार को करकानानून करका समसर्गिन—ज नैसों से ल्परोक्ष

मरकाहार्वभौल

करका

फरकाकश्यदरका

दों सेतिरका

ह नै.

व्यकश्यरकाल्पक

जनसम मनुदरकाकश्य

—कश्यहरकां तिक कक असंभौमिव मरकाननों से लसतिों से ह नै.

उनकों से ववकरकास सों से दरानू तिक करका संबंध नहीं होतिरका.

दों सेतितनी हर.

बनरकाकर वह जनसरकाधरकारण कों से बतनीच अजसतितव ककी

ववल्परीति ल्परिक रजससततिकश्यरकां अंतितिायः उनहम हतिरकाश कर

बरकां्

वह

दबरकावू कों से बतनीच, जनसरकामरकानकश्य कों से प्रततितनतध
व्यकश्यवससरका मम आमानूल ल्परिक रवतिर्गिन को बह मनुति ककठन

को

उठरकाकर

लोसू

ककी

प्ररकासतमकतिरकाओं को ऐसों से बदल दों सेतिरका ह नै, जजसकरका
कश्यही

नहीं,

संसरकाधनू

ककी

कमतनी

करका

बहरकानरका

सल्पधरकार्गि को जनम दों सेतिरका ह नै, जजससों से आम आदमतनी
सरकाफ ह नै कक लोकवप्रकश्य ररकाजनतनीतति मम ल्पहलों से

अल्पनों से ही संसतनी-सरकासतनी को संदों सेह ककी नजर सों से

बनरकानों से कों से तलए जनसरकाधरकारण को करकाफकी संघषर्गि

मतिू कों से आधरकार ल्पर तशखाईर ल्पर ल्पह मनुंचनों से वरकालों से

जदोजहद सों से बचनों से कों से तलए संसद मम ल्पहलतनी

कों से संरक्षक तस्धि होतिों से हर. इस बतनीच अतभौमिजन

प्रततितनतध, अतभौमिजन सदसकश्यू कों से अन मनुसरण ककी

कोतशशू मम होतिरका ह नै. करकानानून, धमर्गि, ररकाजनतनीतति

छोड़कर वों से अल्पनों से लोसू को व नैसों से ही बहलरकानों से

लसरकातिरकार

करकाकश्यर्गिकरकाल भौमितनी ल्पानूररका होनों से कों से करीब होतिरका ह नै . ल्प मनुनायः

जनसरकाधरकारण, जजसों से रोजमररकार्गि ककी जरूरतिू कों से

तसरों से सों से च मनुनरकाव मम उतिरनरका ल्पड़तिरका ह नै. चानूंकक अल्पनों से

सल्पधरकार्गि करनतनी ल्पड़तितनी ह नै, अतभौमिजन कों से म मनुकरकाबलों से

सों से ही ल्परकांव जमरकाए अतभौमिजनू कों से बतनीच ससरकान
और

समझार्वभौतिू सों से

स मनुजरनरका

ल्पड़तिरका

ह नै.

इस

बरकार तनवरकार्गितचति होकर ल्पह मनुंचों से अतधकरकांश जनलतनीक अल्पनरका लों सेतिों से हर. बदलरकाव ककी उंमतनीद
लसतिों से ह नै, ज नैसों से दस
ानू रों से प्रततितनतध. इस बतनीच उनकरका
जनसमसर्गिन हरकातसल करनों से कों से तलए उनहम नए
ल्पहलों से करकाकश्यर्गिकरकाल मम वों से जनरकाकरकांक्षरकाओं ल्पर खाईररका
उतिरनों से मम असमसर्गि रहों से हर,

इसतलए अल्पनों से

दों सेखाईनों से लसतिरका ह नै. आशकश्य ह नै कक जनसरकाधरकारण कों से
जनप्रततितनतध भौमितनी प्रकरकाररकांतिर मम अतभौमिजन कहतिू
अतधकतिम को समों से्नों से, बरकाजरकार ल्पर छरका जरकानों से ककी
तिसरका ल्पानूंजतनी कों से सरकास सठबंधन कर वह खाई मनुद को
जरकासरूकतिरका

तिरकाकतिवर
एवं

बनरकातिरका

संसठन

रहतिरका

कों से

ह नै.

अभौमिरकाव

वहीं
मम

तलए अल्पनों से ही वसर्गि कों से प्रततितनतधकश्यू सों से ककठन
तनरंतिर वल्पछड़तिरका रहतिरका ह नै.

मतिदरकातिरकाओं कों से क् मनु प्रशू सों से बचनों से कों से तलए उनहम

प्रतकश्य मनुतर मम कहरका जरका सकतिरका ह नै कक

तिरह-तिरह सों से बरसलरकातिों से और बहरकानों से बनरकातिों से हर.

संववधरकान कों से अन मनुसरकार तिो सभौमितनी बररकाबर हर . सभौमितनी

लोकवप्रकश्य ररकाजनतनीतति करका कहससरका बन जरकातिों से हर ,

कों से ररकाष्ट्रल्पतति और सरकाधरकारण नरकासरिक रक को एक ही

अतभौमिकश्यरकान श मनुरू कककश्यरका सरका. जनतिरका ककी एककीककृति

तलकश्यरका जरकाए कक दों सेश मम लोकतिंत्र कदखाईरकाव्ी और

धतनीरों से-धतनीरों से

वों से

अतभौमिजन-वचर्गिसव

सों से

कश्य मनुं व्यक्ति

उस

जजसकों से ववरोध मम उनहूनों से अल्पनरका ररकाजनतनीततिक

को समरकान मतिरकातधकरकार ह नै. जनरकादों सेश कों से तलए दों सेश
कतिरकार मम दों सेखाईरका जरका सकतिरका ह नै. कफर क नैसों से मरकान

तितप्रदत समरकानतिरका आभौमिरकासतनी ह नै? कश्यह भौमितनी ककश्यू

और व्यकश्यवहरकार-क मनुशलतिरका करका जजक्र तिक नहीं

सवतनीकरकाररका जरकाए कक सरकरकार ल्पक्षल्परकाति करतितनी ह नै

करतिों से. अल्पनों से बार्वभौव्धिक श्रों सेषतव ल्पर वों से न तिो सवकश्यं

दद
मनु र्गिशरका एवं संक्ू कों से तलए जजंमों सेदरकार होतिों से हर ?

करका ववषकश्य बननों से दों सेतिों से हर. बजरकाए इसकों से वों से ऐसों से

जरकातिरका ह नै कक वों से ब मनुव्धि-सरकामथकश्यर्गि मम दस
ानू रू सों से आसों से

शवं व्यक्ति सों से अल्परिक रतचति बनरका रहों से. इस करकाम मम धमर्गि,

उठरकाकर एक प्रकरकार सों से वों से समरकाज करका ही भौमिलरका

होतिों से हर. धमर्गि अतभौमिजन ककी शोषणकरकारी नतनीततिकश्यू

ब मनुव्धि-सरकामथकश्यर्गि मम जनसरकाधरकारण सों से आसों से तिसरका

ककृल्परका’

तिसरका अतभौमिजन सरकामरकानकश्यजन ककी समरकाजरकातसर्गिक
अतभौमिजनू को नों सेतिकृतव करका अवसर इसतलए कदकश्यरका

होतिों से हर और दस
ानू रू कों से ववकरकास ककी जजंमों सेदरकारी
करतिों से हर. इसमम कोई संदों सेह नहीं कक अतभौमिजन
व्यकश्यवहरकारक मनुशल होतिों से हर. ककठन ल्परिक रजससततिकश्यू मम

चचरकार्गि करतिों से हर, न ही जनसरकाधरकारण मम उसों से चचरकार्गि

तिकर्गि च मनुनतिों से हर, जजससों से जनसरकाधरकारण ज्ञरकान ककी
ररकाजनतनीतति और बरकाजरकार तितनीनू उसकों से मददसरकार
ल्पर ल्पदरकार्गि डरकालतिों से ह मनुए उसककी उल्पलजब्धकश्यू को ‘द नैवतनी
ककी

जनसरकाधरकारण

श्रों सेणतनी
को

मम

लों से

समझरकातिरका

आतिरका
ह नै

कक

ह नै .

वह

उसककी

तनणर्गिकश्य लों सेनों से ककी उनककी क्षमतिरका भौमितनी अतधक होतितनी

समसकश्यरकाओं ककी वजह उसककी अल्पनतनी सलततिकश्यरकां

वों से दस
ानू रू सों से आसों से तनकल जरकातिों से हर. प्रककृतति मम भौमितनी

उनहम धमर्गि, जरकातति और क्षों सेत्रतनीकश्यतिरका कों से ऐसों से म मनुदू मम

दस
ानू रू सों से बलशरकालतनी ह नै, जो अल्पनतनी सानूझबानूझ सों से

संबंध

क मनुशलतिरकाल्पानूवर्गिक कर सकतिरका ह नै, वही दीघर्गिजतनीववतिरका

सतनीतमति कर दों सेतितनी ह नै, ल्परिक रणरकामसवरूल्प ववकरकास कों से

जरकाए तिो अतभौमिजन वही प्ररकाप्त करतिों से हर, जजसकों से

धकश्यरकान ही नहीं जरका ल्परकातिरका. बरकाजरकार ककी तनसरकाह मम

अजजर्गिति करतिों से हर, वह उनकरका अतधकरकार ह नै. ऐसों से

दृवष्ट कभौमितनी भौमितनी अल्पनों से लरकाभौमि सों से आसों से नहीं जरकातितनी.

ह नै. अतिएव प्ररकाप्त अवसरू करका उल्पकश्योस करतिों से ह मनुए
उतरजतनीववतिरका करका तस्धिरकांति चलतिरका ह नै. वहरकां जो
प्ररकाककृततिक

च मनुनार्वभौततिकश्यू

करका

सरकामनरका

अतधक

को प्ररकाप्त होतिरका ह नै. इस तिकर्गि ल्पर ववश्वरकास कककश्यरका

वह कश्योगकश्य हर. कश्योगकश्यतिरका कों से आधरकार ल्पर वों से जो
तिकर्मों करका एकरकाएक खाईंडन संभौमिव भौमितनी नहीं ह नै.

खाईरकास बरकाति कश्यह नहीं ह नै कक अतभौमिजन

तिसरका आसल्परकास कों से लोसू ककी ईषकश्यरका ह नै . ररकाजनतनीतति
उलझरका दों सेतितनी ह नै, जजसकरका उनकों से ववकरकास सों से कोई
नहीं

होतिरका.

वह

जतनीवन

ककी

जक्ल

वरकासतिववकतिरका को लोकवप्रकश्यतिरका कों से उल्परकादरकानू तिक
ररकासतिों से ककी वरकासतिववक अड़चनू ककी ओर उनकरका

हर व्यकश्यवं व्यक्ति ल्पहलों से एक उल्पभौमिों व्यक्तिरका होतिरका ह नै. उसककी
इसकों से चलतिों से अतभौमिजन ववशों सेषज्ञ, जजनहम उल्पकश्य मनुर्गिं व्यक्ति
तितनीनू करका समसर्गिन प्ररकाप्त होतिरका ह नै , अल्पनतनी उस
छलल्पानूणर्गि ससरकाल्पनरका को समरकाज मम बनरकाए रखाईनों से मम

ब मनुव्धि-सरकामथकश्यर्गि, व्यकश्यवहरकार-कार्वभौशल एवं तशक्षरका-दीक्षरका

सफल हो जरकातिों से हर, जजसकों से अन मनुसरकार अल्पनों से

हर और इस करकारण उनकरका आतमववश्वरकास बह मनुति

तलए आम आदमतनी को सवकश्यं जजंमों सेदरकार मरकानरका

कों से मरकामलों से मम जनसरकाधरकारण सों से करकाफकी आसों से होतिों से
बढरका ह मनुआ होतिरका ह नै. खाईरकास बरकाति कश्यह ह नै कक श्रों सेषतव

करका दरकावरका करतिों से समकश्य वों से अल्पनतनी बार्वभौव्धिक श्रों सेषतिरका

जतनीवन ककी ववसंसततिकश्यू, दखाई
मनु ू और अभौमिरकावू कों से
जरकातिरका ह नै. इससों से जनसमानूह कों से भौमितनीतिर अववश्वरकास

को बल तमलतिरका ह नै. दस
ानू रों से उनकों से भौमितनीतिर चल रही

अजसतितव ककी सल्पधरकार्गि सवरकाभौमिरकाववक मरकान लतनी जरकातितनी
ह नै.

दो हरकातसकश्यू मम सों से एक सार्वभौ सननों से खाईरकातिरका ह नै, दस
ानू ररका
एक

सार्वभौ दस.

तिो

कश्यह

उनककी

क्षमतिरका

कश्यरका

आवशकश्यकतिरका ह नै. एक हरकासतनी ज्कश्यरकादरका सननों से खाईरकानों से मम
अल्पनतनी वसवर्गीकश्य श्रों सेषतिरका को तस्धि करनों से कों से

तलए अतभौमिजन वसर्गि दरकाररका सढों से सए तिकर्गि प्ररकाकश्यायः

स मनुननों से मम बह मनुति स मनुंदर और तिकर्गिसंसति प्रतितनीति होतिों से
हर. ऐसों से ही तिकर्मों कों से आधरकार ल्पर शतनीषर्गिसस शवं व्यक्तिकश्यरकां
समरकाजतनीकरण

करका

मानूल

रही,

सहकश्योस

सक्षम ह नै तिो इसकरका करकारण ह नै कक प्रककृतति नों से ही
उसों से ऐसरका बनरकाकश्यरका ह नै.’’

ऐसों से ही अनसर्गिल और आधरकारहीन तिकर्मों

ककी

कों से आधरकार ल्पर अतभौमिजन ब मनुव्धिजतनीवतनी मन मनुष्कश्य ककी

मम सफल हो जरकातितनी हर. ज नैसों से मजदरानू ी कों से संबंध

सफल हो जरकातिों से हर. वों से इस तिथकश्य को जरकानबानूझकर

करकानानूनतनी रूल्प सों से मरकानकश्य, ‘अततिरिक रं व्यक्ति करकाकश्यर्गि कों से तलए

तभौमिननतिरकाएं जो छो्ों से सतिर ल्पर अजसतितव ककी

—‘‘मरकान लतनीजजए दो मजदरानू ू को एक ्ट्रक ल्पर

ववशों सेषज्ञ

जरकातिरका ह नै. मजदरानू ी तिकश्य कर दी जरकातितनी ह नै—दस

व्यकश्यवं व्यक्ति को उसककी कश्योगकश्यतिरका और ल्परिक रश्रम करका

बंडल चढरका ल्परकातिरका ह नै, जबकक दस
ानू ररका उतिनतनी ही दों सेर

सरकामरकाजजक संल्पदरका ककी वकृव्धि मम सवों सेचछरकाल्पानूवर्गिक

‘अततिरिक रं व्यक्ति करकाकश्यर्गि कों से तलए अततिरिक रं व्यक्ति मजदरानू ी’ कों से

कतिर्गिव्यकश्य ह नै कक उसों से प्रोतसरकाकहति करनों से कों से तलए जो

श्रतमक को अतधक मजदरानू ी तमलनतनी ही चरकाकहए.

ल्परकारिक रश्रतमक असवरका ल्प मनुरसकरकार कों से रूल्प मम हो

प्रसम-द्रष्टकश्यरका इसमम अनतनीतति कहीं ह नै ही नहीं.

सों से भौमितनी. ककंति मनु समरकाज ककी जजंमों सेदरकारी मरकात्र इसतनी

मजदरानू ी तमलों सेसतनी, दस
ानू रों से को 150 रुल्पकश्यों से. मजदरानू ू

ककी जजंमों सेदरकारी और उसकों से औतचतकश्य ककी कसार्वभौ्ी

अतधक करकाकश्यर्गि करनों से वरकालों से को अततिरिक रं व्यक्ति करकाकश्यर्गि कों से

शतिर्गि सतनी कक समरकाज अल्पनतनी सदसकश्य इकरकाइकश्यू कों से

आसों से बढरकातिों से ह मनुए वों से कहमसों से—‘ईखाई कों से खाईों सेति मम घ मनुसों से

समरकाज करका ह नै, वह सबकरका होसरका और जो सबकरका

सहसरकाजब्दकश्यू ल्प मनुररकानतनी भौमिरकावनरका को सल्पधरकार्गि मम बदलनों से
मम

ल्पानूंजतनीवरकादी

अतभौमिजन

करका

सरकामरकानकश्य

तिकर्गि,

अततिरिक रं व्यक्ति मजदरानू ी’ कों से तस्धिरकांति ल्पर क्करका होतिरका ह नै
क मनुछ बंडल चढरकानों से कों से तलए करकाम ल्पर लसरकाकश्यरका

रुल्पकश्यों से प्रतति बंडल. अब एक मजदरानू कश्यकद बरकारह
मम ल्पंद्रह बंडल चढरकानों से मम सफल हो जरकातिरका ह नै .
तस्धिरकांति कों से अन मनुसरकार तिो ल्पंद्रह बंडल चढरकानों से

श्रम-करकानानूनतनी मम भौमितनी कश्यही व नैध मरकानरका जरकाएसरका.

ककए सए करकाम कों से अन मनुसरकार ल्पहलों से को 120 रुल्पकश्यों से
को भौमितनी इससों से तशकरकाकश्यति न होसतनी. अनतनीतति तिो
लरकाभौमि सों से वंतचति कर दों सेनरका ह नै.’ इसतनी तिकर्गि को

आभौमिरकासतनी सवतिंत्रतिरका को वरकासतिववक तस्धि करनों से मम
नजरंदरकाज कर दों सेतिों से हर कक व्यकश्यवं व्यक्ति ककी न नैसतसर्गिक
सल्पधरकार्गि को जनम दों सेतितनी हर, शतनीषर्गि ल्पर उनहीं सों से
संसककृतति

को

ल्पनल्पनों से

करका

अवसर

तमलतिरका ह नै. नकश्यरकाकश्य संसति कश्यही ह नै कक प्रतकश्यों सेक
ल्पानूररका-ल्पानूररका

लरकाभौमि

तमलों से.

कश्यकद

कोई

व्यकश्यवं व्यक्ति

अतधक कश्योसदरकान दों सेतिरका ह नै तिो समरकाज करका भौमितनी

भौमितनी उतचति समझों से कदम उठरकाए. प्रोतसरकाहन नकद
सकतिरका ह नै; असवरका ककसतनी अनकश्य संमरकातनति ढंस

सों से ल्पानूरी नहीं हो जरकातितनी. बजलक कश्यह तिो समरकाज
ककी श मनुरुआति-भौमिर ह नै. समरकाजतनीकरण ककी ल्पहलतनी
बतनीच ककसतनी प्रकरकार करका भौमिों सेदभौमिरकाव नहीं करों सेसरका. जो

ह नै, उसकरका लरकाभौमि समरकाज ककी प्रतकश्यों सेक इकरकाई तिक

इसकों से अभौमिरकाव मम समरकाज मम असमरकानतिरका ल्पनल्पतितनी

ल्पह मनुंचरकानों से ककी व्यकश्यवससरका समरकाज ककी ओर सों से ककी

ह नै और अतभौमिजन संसककृतति को बढरकावरका तमलतिरका ह नै .

दृवष्टकोण सरका. कश्यह मरकानरका सकश्यरका सरका कक हर व्यकश्यवं व्यक्ति

ककी दकश्यरका असवरका ल्परोल्पकरकार-भौमिरकाव कों से दरकाररका संभौमिव

होतिरका ह नै. उसककी रुतच कों से सरकास-सरकास करकाकश्यर्गिक्षमतिरका

हर—

न नैसतसर्गिक

आध मनुतनक संसककृतति ककी ससरकाल्पनरका.

जरकाएसतनी. इसकों से ल्पतनीछों से सोचरका-समझरका, व्यकश्यरकावहरकारिक रक
अल्पनों से स मनुण एवं सवभौमिरकाव मम दस
ानू रू सों से तभौमिनन
भौमितनी

दस
ानू रू

सों से

अलस

भौमिलों से

हो,

होतितनी

ह नै.

मसर

कश्यह

ल्पकश्यरकार्गिप्त

अंतिर

अन मनुभौमिव,

प्रतशक्षण कों से मरकाधकश्यम कश्यों से इसों से आसरकानतनी सों से ल्परका्रका

जरका सकतिरका ह नै. कश्यही समरकाजतनीकरण करका मानूल
उदों सेशकश्य

भौमितनी

रहरका

ह नै.

इसतनी

कों से

तलए

व्यकश्यवं व्यक्ति

सवों सेचछरकाल्पानूवर्गिक समरकाज सों से ज मनुड़नों से को उतस मनुक होतिरका

समरकानतिरका कों से लककश्य ककी ससरकाल्पनरका कों सेवल अतभौमिजन

नहीं ह नै. सरकामरकानकश्यतिायः इसकों से दो लककश्य हो सकतिों से
क.

जनसंसककृतति

असरकार्गिति

समरकावों सेशतनी

खाई. सरकामरकाजजक दरकातकश्यतव कों से रूल्प मम नकश्यरकाकश्य
करका संववतिरण.

ह नै तिसरका अल्पनतनी न नैसतसर्गिक सवरकाधतनीनतिरका कों से बड़ों से

© ओमप्रकरकाश कशकश्यकश्य

कहससों से करका बतलदरकान कर, सरकामरकाजजक मकश्यरकार्गिदरकाओं

opkaashyap@gmail.com

मम रहनों से को ति नैकश्यरकार हो जरकातिरका ह नै . अतिएव समरकाज
करका कतिर्गिव्यकश्य ह नै कक वह अल्पनतनी इकरकाइकश्यू कों से प्रतति
समरकानतिरका

ससरकावल्पति

करनों से

कों से

तलए जो

भौमितनी

आवशकश्यक हो करों से, न कक मन मनुष्कश्य ककी न नैसतसर्गिक
तभौमिननतिरकाओं

समरकाजरकातसर्गिक

को

आधरकार

व नैषंकश्य

बनरकाकर

को

बढरकावरका

समरकाज

दों से.

मम

वल्पछलों से

उदरकाहरण ककी बरकाति करम, जजसमम एक व्यकश्यवं व्यक्ति

अल्पनतनी शरकारीरिक रक सतनीमरकाओं कों से करकारण मरकात्र 120
रुल्पकश्यों से प्रततिकदन कमरका ल्परकातिरका ह नै, जबकक उतिनतनी ही
अवतध मम दस
ानू ररका व्यकश्यवं व्यक्ति 150 रुल्पकश्यों से अजजर्गिति करनों से
मम सक्षम ह नै. ऐसों से मम समरकाज करका दरकातकश्यतव ह नै कक

उन करकारणू करका ल्पतिरका लसरकाए जो व्यकश्यवं व्यक्ति ककी
उतल्परकादकतिरका

को

प्रभौमिरकाववति

करतिों से

हर,

तिसरका

समकश्यरकान मनुसरकार उनहम दरानू करनों से ककी कश्योगकश्यतिरका भौमितनी
बनरकाए. कश्यही नकश्यरकाकश्य करका वह रूल्प ह नै जो ककसतनी भौमितनी
कलकश्यरकाणकरकारी

समरकाज मम

अल्पों सेजक्षति

होतिरका

ह नै.

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