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बरगद का पेड़

बरगद का पेड़ तो बूढा ही पैदा ह



आ था
वह सदा झु का रहा है
हथेिियां जमीं पर ििक रही
सूरज के ताप से झु िसता
ता!" #$पाये सा पी% झुकाये &ड़ा रहा
वह 'ासमझ समझता था िक
सूय ( की िकर)* तो जीव'दािय'ी ह+ ,
-क िद' ह%ात .
!सकी मुिाकात ह

/
हकीम 01ा&ा'ा से
साथ म* थी &ोयी ह

/ जवा'ी
वापस िदिा'े का वादा,
!सके वादे से आ23त
जैसे ही हथेिियां जमी' से !%ा4
वह 5हरहरा कर 6े र हो गया,
वह 7ू ि गया था िक
!स'े तो जवा'ी क7ी &ो/ ही 'हीं थी
वह तो बु6ा ही पैदा ह

आ था
वह यह 7ी 'हीं जा'ता था िक
&ुद हकीम 7ी सूरजमु&ी ही था
8र मा9 प:; वी
ि'<3प=द थी
>य?िक बेा कमा!ं 'हीं था