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कहानी

साहसी राजन -राजकमारी ^ीवा तव राजक ु
कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती ह िजनकी न तो संभावना होती है और न िजनक घटने े की कोई आशा ही कर सकता है . एक िदन करल क कोÒटायम िजले क ओलासा नामक े े े थान म एक ऐसी ही अनोखी घटना घट गई. जब तुम उस अनोखी घटना को सुनोगे तो वयं कहोगे िक हाँ, सचमुच यह एक अनोखी घटना थी. Èया तुमने यह कभी सुना है िक िकसी लड़की क बड़े -बड़े बाल और उसक कपड़े भस क े े े सींग म उलझ गए ह और भस उसे खींच कर िलए जा रही हो? पर उस िदन ओलासा म सचमुच एक लड़की क बड़े -बड़े बाल और उसक कपड़े भस क सींग म उलझ गए थे. भस े े े तो भस ही थी. वह चुपचाप आगे बढ़ती जा रही थी. लड़की भी रोती-चीखती हई, घसीटतीु घसीटती सी उसक साथ-साथ चली जा रही थी. े लड़की क बड़े -बड़े बाल और उसक कपड़े भस क सींग म िकस तरह उलझे - इसक बारे े े े े े े म कोई Èया कह सकता है ? पर यह बात तो ठीक ही है िक लड़की क बाल और उसक कपड़े भस क सींग म उलझे हए थे, और भस उसे अपने साथ खींच कर िलए जा रही थी. े ु यही गनीमत थी िक भस धीमी-धीमी चाल से चल रही थी. यिद कहीं वह भागती होती, तब तो लड़की क े ाण पर आ बनती. पर कोई कह नहीं सकता था िक वह भागेगी नहीं. वह तो भस थी. जरा सी बात म उसक भड़क उठने की आशंका थी. े उस समय ओलासा क सीएसएस हाई े कछ बÍचे ु ु कल म दोपहर क खाने की छÒटी हो चुकी थी. ू े

कल म ही खाने पीने म åय त थे और कछ खाना खाने क िलए अपने-अपने ू ु े

घर जा रहे थे. राजन भी खाना खाने क िलए अपने घर जा रहा था. े राजन का पूरा नाम सी.सी. राजन था. अचानक लड़की क चीखने-िचãलाने की आवाज े उसक कान म पड़ी. वह भस क सींग क े े े कछ दर जाने पर, जो ु ू ारा िखंचती हई, उधर रोती-चीखती हई चली ु ु ाण कांप उठे . लड़की क बड़े -बड़े बाल और े जा रही थी. राजन उस ओर दौड़ पडा िजधर से रोने-चीखने की आवाज आ रही थी. उसने य दे खा, उससे उसक े उसक कपड़े भस क सींग म उलझे हए थे. भस आगे-आगे चली जा रही थी, उसक साथे े े ु

बड़ी मजबूती से भस क सींग को जा पकड़ा. उसने तो कभी अपने मन म ऐसे तक भी न की होगी. राजन ने उससे शी\ एक चाक लाने क िलए कहा. वह सोचने लगा . वह भस क सींग को पकड़कर लड़की क उलझे हए कपड़ को े े ु ु छड़ाने लगा. और उसे चोट लगेगी.साथ रोती चीखती हई लड़की भी िखंचती हई चली जा रही थी. राजन ने भस को छोड़ िदया. उसक े ाण पर भी आ बनेगी. ू कपड़े तो िकसी तरह छट गए. भस रह-रह कर भागने की कोिशश कर ु रही थी. राजन मजबूती क साथ उसक सींग को पकड़े हए था. इसी समय उधर से एक े े ु आदमी िनकला. भस भाग गई. लड़की की जान म जान आई. पर लड़की क बड़े -बड़े बाल को जो सींग म बुरी तरह े ु उलझ गए थे. **** . उसने ु दौड़कर. े राजन क इस साहस क िलए उसे रा ीय पुर कार से सàमािनत िकया गया. उस लड़की का Úयान था. िफर वह भस की ओर दौड़ पडा. यिद भस भड़क गई और जोर से भागने लगी. उसने इस बात की िबलकल िचÛता े ु नहीं की िक भस अपने सींग से उसे झटक दे गी. दे खने को कौन कहे . उसका आदर े े िकया गया. लड़की सींग से छट गई. ू े वह आदमी दौड़कर चाक ले आया.लड़की को िकस तरह भस क सींग से े ु छड़ाया जाए. उसे अपना नहीं. य कभी य की कãपना राजन िवचार म डू ब गया. राजन ने उसे मृ×यु क मुख म जाने से बचा िलया था. राजन ने चाक से लड़की क उलझे हए बाल को काट ू ू े ु ू िदया. राजन ने ऐसा ु ु नहीं दे खा था. छड़ाना बहत ही किठन हो रहा था. तो लड़की को चोट तो लगेगी ही. राजन कछ दे र तक खड़ा-खड़ा सोचता रहा.