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'रात हुई तो तांितर्क (अघोरी) नेमेरे
को बोलािक माताको भोगलगानेकेिलएदारू चािहए। पाँचिदन
तक उसे दारू की बोतल दी और पूरा िदन सुबह से शाम तक बैठा रहा उसके पास। उसने
(वासनापूितर् के िलए) लड़की की माँग की। छठे िदन उसे 'सं द े श ' (अखबार) मेल
ं ेजाकरसौंपा।
सातव े िद न उस े िद ल ल ी लाया , मीिडयामेिदया।

आठवेिदनउसे

इंिडयाटी.वी. को सौंप िदया। आठ िदन
मैंनउ
ेसेकंिटन्युअसझेलाहै।' – यह कहना है राजू चांडक उफर् राजू लम्बू का, जो रचता आया है
िवश् वपर्िसद्धसंत शर्ी आसारामजी बापू के िखलाफ षडयंतर्। पिढ़ये एक सनसनीखेज
खुलासा....
िहन्दू धमर् व भारतीय संस्कृित को तोड़ने तथा उसे बदनाम करने के षड्यंतर्
सिद यो स े रच े जात े रह े ह ै । इसी कड ी म े वतर म ा न म े भारती य सं स कृ ित क े महान
पर्चारक, गुजरात का गौरव बढ़ान वाले तथा जन-जन में भिक्त, योग व ज्ञान की भावधारा
पर्वािहत करने वाले लोकसंत शर्ी आसारामजी बापू के िवरुद्ध भी षड्यंतर् िकये जा रहे
हैं। उन्हें बदनाम करने की कुचेष्टा लम्बे समय से की जा रही है।
करीब डेढ़ वषर् से संत शर्ी आसाराम जी बापू व उनके आशर्म के िवरूद्ध लगातार हो
रहे कुपर्चार का भांडा आिखर फूट ही गया और इन सारे षड्यंतर्ों की योजनाएँ बनाने वाला
िवधिमर्यों का चमचा राजू लम्बू बेनकाब हो गया।
बापू जी पर लगाये िपछले तमाम आरोपों का कोई िवशेष असर न होता देखकर राजू
बौखला गया था और उसे एक नयी कहानी गढ़ने के िलए एक लड़की की तलाश थी। पूज्य बापू
जी पर लगाये गये अनगर्ल आरोपों से व्यिथत िवजय (नामबदलाहुआ) नेउसकी इस कमजोरीका
लाभ उठाया और सीमा (डमी युवती) को उससे िमलाकर उसकी सारी करतूत उजागर कर दी।
खुिफयाकैमरे
केसामनेराजूनेजोबयानिदयेहैव
ंेबेहदचौंकानेवालेहैऔ
ं रइससेयहबातसाफतौरपरसामनेआजाती
है िक िकस तरह के िघनौने षड्यंतर् रचकर राजू व उसके गैंग के द्वारा संत शर्ी
आसाराम जी बापू की छिव को धूिमल करने के पयास िकये जा रहे थे। इस कुकृतय मे िलपत अनेक लोगो के नाम भी
सामन े आय े ह ै , िजसमें गुजरात का 'सं द े श ' नामकािबकाऊ अखबारखासतौरसेशािमलहै।इस
िसटं ग ऑपर े श न म े उजाग र हु ई बात े बड ी रोचक ह ै , जो इन षड्यंतर्कािरयों की पोल
खोलकररख देतीहै।िस्टंगऑपरेशनकी यहिरपोटर्
जब 'A2Z' चैनल पर पर्सािरत हुई तो इस खबर ने
तहलका मचा िदया।
िसटं ग ऑपर े श न म े राजू कहता ह ै िक 'बापू को फँसाना बेहद आसान काम है। यह
कोई बहुत बड़ा काम नहीं है पर करने से पहले सौ बार सोच के काम करना है।'
अपनी बात को अच्छी तरह समझाते हुए राजू लम्बू ने कहाः 'मुझेजोभीकामकरनाहैसोिलड
करना है। करेगा तो एकदम धड़ाक से करेगा, कुछ भी पता नहीं चलेगा। काम चाहे नहीं हो
लेिकन करने के पहले सौ बार सोचकर काम करूँगा। दूसरा एडवोकेट अपनी स्टोरी को इनको
(सीमा को) समझ ाय े ग ा। कु छ चीज े ऐसी ह ै जो इसम े नही ह ै , वो इनसे (सीमा स े )
पूछकर इस (स टोर ी ) मेए
ं डकरेगा।एडवोकेटजोचीजबतायेगाउससेउसके(बापू के) ऊपर धारा ए ँ
लगेंगी। वो स्टोरी ठीक से तैयार करेगा।'
अघोरी तांितर्क वाले पर्करण का िजकर् करते हुए लम्बू ने कहाः 'और व े ता ित क
बाबे को, िजसने इनके (बापू के) अगेंस्ट केस िकया था, उसक े ल े क र हम गय े थ े ,
'सं द े श ' वाले के पास। तो 'सं द े श ' वाले ने मेरा नाम डाल िदया एफ.आई.आर. में।'
इस सवीकारोिकत से यह सपष हो जाता है िक अघोरीकाड भी राजू व लमबू व 'सं द े श ' वाले ने मेरा
नामडालिदयाएफ.आई.आर. में।'
इस सवीकारोिकत से यह सपष हो जाता है िक अघोरीकाड भी राजू लमबू व 'सं द े श ' वाले के िदमाग की
उपज थी।
राजू ने पाँच िदन तक अघोरी तांितर्क के िलए दारू का इंतजाम िकया। यहीं यह बता
देना पर्ासंिगक होगा िक गुजरात में शराब पर पूणर् पर्ितबंध है, ऐ से मे इसने लगातार
पाँच िदन तक उसे शराब दी। यह एक दण्डनीय अपराध है। गाँधी जी के गुजरात में एक

ऐयाश आदमी खुलेआम शराब का लेन-देन करता है और उसे स्वीकार भी करता है, िफर भी पर्शासन
चुप है।
िसटं ग ऑपर े श न म े राजू न े यह भी बताया िक अघोर ी को इस काम क े िल ए उसन े
िकसी पाटीर् से 30-40 हजार रुपये िदलाये थे !
अमृत पर्जापित भी इस गर्ुप का था, उसका िज क करत े ह ु ए राजू कहता ह ै ः 'अमृत भाई
उतावल े प न म े काम करता ह ै । म ै उतावल े प न म े काम नही करता , बहुत सोच-समझकर
चार कदम फूँक-फूँककर रखता हूँ।'
यहाँ यह बात ध्यान देने योग्य है िक िपछले वषर् एक बुरकेवाली लड़की ने
बापूजी पर मनगढंत चािरितर्क आरोप लगाये थे। आपको िजज्ञासा होगी िक वह बुरकेवाली
कौन थी ? वह थी अमृत पर्जापित की पत्नी। अमृत ने चंदेर (सू र त ) पुिलस थाने में स्वीकार
िकया िक 'बापू को बदनाम करने के िलए मैंने अपनी पत्नी को ही बुरका पहनाकर खड़ा िकया
था।' पर इस बात को कहीं िकसी ने पर्काश ितनहीं िकया।
अपनी गहरी पैठ बताते हुए राजू आगे कहता हैः 'चार लोग मेरे वाले हैं-दो
जुडीश् यरी(न्यायपािलका) मेह
ंै
, ंदो इस लाइन के महामिहम हैं – उनसे सलाह लेकर काम करता
हूँ।'
आिखर वे लोग कौन है ? उनक े नाम राजू न े नही बताय े । िव जय और सीमा को पू णर
आशसत करते हुए राजू लमबू ने कहाः 'िदनेश भाई (भागचंदानी) मेरे
साथ है
, ंशेखर भाई भी मेरे साथ है, कौश िक
भाई (पटेल) भी मेरे साथ हैं, सब पू र ी टीम ही म े र े साथ ह ै । आज आसार ा म क े ऊपर
'सं द े श ' नेटाइटकरकेरखाहैमामला। उसका 'डायरेक्ट इन्वोल्वमेंट' है। इसके (डमी युवती
सीमा ) केस में तो मेरे को पूरा 'सपोटर ' करेगा। वो पूरी 'िडटेल स्टोरी' इस केस मे मुझे देगा,
एिफडेिवट, एफ.आई.आर. भी देगा, सब कु छ वो द े ग ा। उसक े पी छ े बचन े का रा स ता भी बना कर
देगा।' षडयंत मे सटंटरप िकसी दूसरी लडकी की बात चलने पर लमबू ने कहाः 'वो लड़की गुजरात की थी,
उस े मना कर िद या।'
िवजय को लम्बू 'सं द े श ' के ऑिफस में भी ले गया था। िवजय को लड़की का स्टंट
खड़ाकरनेकेिलएढाईलाखलम्बूऔरढाईलाख'सं द े श ' देने वाला था। 'सं द े श ' के एक मैनेजर
लेवल के व्यिक्त पटेल ने बातचीत में िवजय से कहा िक 'अब हम पैसा लगाने के िलए
जल्दी तैयार नहीं होंगे। अघोरी भी भाग गया, उसन े कु छ खास नही बोला। इसस े हमार ा
सक य ुर ल े श न (खपत) करीब आधा हो गया है।'
अमृत पर्जापित, महेन्दर्
चावला, राजेश सोलंकी, देवेन्दर् भँवरिसंह, बारेला (गुजरात)
के रमेश पटेल, अिदन वमार्, वीणा चौहान आिद समाजकंटकों के नाम भी बेनकाब हुए हैं।
इस िसटंग ऑपेशन ने संत शी आसाराम जी बापू पर लगाये गये अनेको झूठे इलजामो की पोल खोल दी है और गुजरात की
जागर्त जनता 'सं द े श ' का बिहष्कार कर रही है।
'सं द े श ' अखबार वाला, राजू लम्बू और उसके सािथयों के गैंग पर कानूनी कायर्वाही
करने की माँग को लेकर संत शर्ी आसारामजी बापू के साधक अब मैदान में उतर चुके
हैं। साधकों ने गाँधीवादी मागर् को अपना कर िदनांक 12 नवम्बरसेहीउपवास-धरना 'सं द े श '
पर्ेस के सामने मौनपूवर्क बैठकर चालू कर िदया। अमदावाद, राजकोट, सू र त , भावनगर,
पाटण, मेहसाणा, भरुच, बड़ौदा, गाँधीनगर आिद समगर् गुजरात में जगह-जगह िवशाल रैिलयाँ
िनकालीं। साधकोंकेअनशनव धरनेपरबैठ15-15

िदन होने पर भी पर्शासन की ओर से उनके पर्ित न
तो कोई सहानुभूित िदखायी गयी, न हीषड्यंतर्कािरयोंकेिखलाफकोई कायर्वाहीकी गयी। इससेक्यास्पष्टहोता
है ?
वास्तव में बापू जी के िखलाफ षड्यंतर् करने वालों को खोजकर उन पर कानूनी
कायर्वाही करने का काम तो पर्शासन का है। यह काम तो उनसे न हुआ परंतु िकसी के द्वारा
बेनकाब िकये गये षड्यंतर्कािरयों पर अब तक कोई भी कायर्वाही क्यों नहीं की गयी ? यह
पर्श् नभी बहु सारी शंका-कुशंकाएँ पैदा कर रहा है।
उल ल े ख न ी य ह ै िक आश म क े सात िन द ो ष साधको पर कलम 304 लगाये जाने से
षडयंतकािरयो का मनोबल बढ गया है और पशासन मे भी उनकी गहरी पहुँच का संदेह वयकत हो रहा है।

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