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'बबबब बब बब बबबबब बबबबबबबब बबबब बबब बब'

शी चंदपकाश ितवारी (शबनम मौसी) िकनर समाज के राषटीय अधयक है, िजनका नाम िवश के पथम िकनर-
िवधायक के रप मे िगिनज बुक मे दजर है। उनहोने पूजय बापू जी के पित अिडग शदा तथा षडयंतकािरयो के पित तीवर रोष
वयकत करते हएु कहाः
"परम आदरणीय संत हमारे आसाराम बापू जी, जो जान के सागर है, जान के भंडार है, वे आज देश-िवदेश के
लोगों में अपना ज् ञ ान, उन्हे
बाँट ंरहे
अच्छी
हैं पर्ेरण, अचछे
ा देसंरहे
सकार हैदे ंरहे है, लोगों को बुरे रास्तों से
बचा रहे है और उनमे उनत भावनाएँ जगा रहे है। वे ऐसे महान आतमा है िजनके दारा अनेक पकार के जनिहतकारी
सेवाक ायर् चलाये ,जा जैसरहे
े िनःशुहै
लक
ं िचिकतसा िशिवरो दारा लोगो का इलाज कराया जाता है, गरीबों, अनाथो मे
भोजन अनाज बाँटा जाता , घर हैबनवाकर गरीबों को भेंट िकये , बाल जात
संसकार े है
केंनद चलाये जाते है आिद-आिद।
ऐसे लोग दुिनया मे बहुत कम होते है जो समाज के कलयाण मे रत रहते है और सेवाधमर को आगे बढाते है। हमे बडे-बडे
िदगगजो ने पैसे का और अनय पकार का लालच िदया और कहा िक "बापू के िखलाफ बोलो।" हमने कहाः "िवश के करोडो
लोगों की तरह हम भी आसारामजी बापू को समिपर्त हैं। आप पैसा दें चाहे हीरा दें, चाहे
मोती दे, हम बापू जी के िलए कोई गलत शबद नही बोल सकते।"
जो लोगो को भटकने से बचा रहे है, उन्हीं बापू जी के िखलाफ षड्यंतर् करके लोगों को
भटकाया जा रहा है, गुमराह िकया जा रहा है। मैं आप सबसे िनवेदन करना चाहती हूँ िक
आपलोगदुष्पर्चारकरनेवालेइनदुष्टलोगोंकी, चाडाल लोगो की बातो को सुनना कभी पसंद मत किरये और पतकार-
वाता एवं अनय माधयमो से अपने बयान जारी किरये िक 'हम अपने बापू जी के िखलाफ कुछ नही सुनना चाहते। उनके बारे
मे कोई भी अपशबद नही सुनना चाहते।'
सर्ोतः ऋिष पर्साद, पृष संखया 20, फरवरी2010, अंक 206
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