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सिफ् यहीं

चिन‍ पर प्रश्नचिन‍

आवरण कथा

रुपये के बहुचबचर्त नए प्रतीक के पीछे भ्र‍ाचार का एक कम
चबचर्त पक् भी है और एक बबल्कुल ही नई बकस्म का यह
भ्र‍ाचार बिफर् रुपये के प्रतीक तक ही िीबमत नहीं है

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तहलका 15 अप्रैल 2013

मनीषा यादव

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भ्र‍ाचार
रािुल कोटियाल

15 अप्रैल 2013 तहलका

आवरण कथा

की िई और इि प्रतियोतििा में िबिे बेहिरीि तचि‍ प्रथिुि करिे िाले को तिजेिा
घोतषि करिे हुए उिके तचि‍ को रुपये का प्रिीक बिा तलया िया. लेतकि ऐिा िहीं
'भारतीय रुपये के प्रिीक तचि‍ का तिमार्िा कौि है?'- िामान्य ज्ाि की तकिाबों
है. इि पूरे मामले में हुई िड़बतड़यों को िमझिे के तलए इिे उिी िम में देखिा
िे लेकर कई प्रतियोतििाओं और परीक्षाओं में आपका भी िामिा शायद इि ििाल
अतििायर् हो जािा है तजि िम में इि िड़बतड़यों का खुलािा होिा चला िया.
िे हो चुका होिा. यतद आपिे इि प्रचि का जिाब 'डी उदया कुमार' तदया होिा िो
फरिरी, 2009 में भारि िरकार ि‍ारा रुपये का तचि‍ चुििे के तलए एक
आपको पूरे अंक भी तमले होंिे. लेतकि यतद आपको यह बिाया जाए तक यह तचि‍
प्रतियोतििा के आयोजि की घोषणा की िई. कई अखबारों और िेबिाइटों पर इि
िो उदया कुमार िे बहुि पहले ही तकिी दूिरे व्यतति िे बिा तलया था िो तया िब
िंबिं में तिज्ापि जारी तकये िए. तिज्ापि भले ही अंग्रेजी और तहंदी दोिों ही
भाषाओं में जारी तकए िए थे लेतकि प्रतियोतििा की शिोों को तिफर् अंग्रेजी में जारी
भी आप मािेंिे तक इि प्रचि का िही जिाब उदया कुमार ही होिा चातहए?
िैिे इि िथ्य को महज एक िंयोि िमझकर आप माि भी िकिे हैं तक िही
तकया िया. ऐिा करिा राजभाषा अतितियम का िीिा उकलंघि था. प्रतियोतििा
जिाब िो डी उदया कुमार ही होिा चातहए. लेतकि तजि शख्ि िे यह तचि‍ उदया
के तिज्ापि में यह भी तलखा िया था तक यह तचि‍ भारि की ऐतिहातिक और
कुमार िे बहुि पहले बिाया था उििे इिे अपिे िक ही िीतमि िहीं रखा
िांथकृतिक तिरािि को पतरलतक्षि करिा हो, लेतकि प्रतियोतििा के तियम ि शिोों
बतकक भारिीय तरजिर् बैंक और प्रिािमंत्री कायार्लय को एक िुझाि पत्र के िाथ
को तिफर् अंग्रेजी में जारी करके भारि की ऐतिहातिक और िांथकृतिक तिरािि को
भेजा भी था. इि िुझाि पत्र में इि शख्ि िे कहा था तक अब भारिीय रुपये का
िमझिे िाले उि िमाि लोिों को इिमें तहथिा लेिे िे िंतचि कर तदया िया जो
भी कोई प्रिीक तचि‍ होिा चातहए तजिके तलए उिके ि‍ारा बिाए िए तचि‍ पर
अंग्रेजी में तिपुण िहीं थे. तिि्ि मंत्रालय ि‍ारा जारी तकए िए इि तिज्ापि में आिेदि
तिचार तकया जा िकिा है. प्रिािमंत्री कायार्लय िे यह िुझाि पत्र तिि्ि मंत्रालय
जमा करिािे की अंतिम तितथ 15 अप्रैल, 2009 तििार्तरि की िई थी. प्रत्यक

भेजा िया और इि िरह िे िरकारी महकमा इि तचि‍ िे कई िाल पहले ही
आिेदि के िाथ 500 रुपये के आिेदि शुकक की मांि भी की िई थी. देश भर के
हजारों िाितरकों िे रुपये का प्रिीक दशार्िी अपिी-अपिी रचिाएं मंत्रालय में जमा
पतरतचि हो चुका था. तफर एक प्रतियोतििा आयोतजि करिाई िई और डी उदया
करिाईं. प्रतियोतििा आयोतजि करिे िाले तिि्ि मंत्रालय के पाि इि बारे में कोई
कुमार िही तचि‍ प्रथिुि करके तिजेिा बि िए.
लेतकि इि प्रतियोतििा के तलए उदया कुमार एक अयोग्य प्रतिभािी थे. िे
जािकारी िहीं है तक कुल तकििे आिेदि मंत्रालय को देश भर िे प्राप्ि‍ हुए. कुछ
डीएमके के पूिर् तििायक श्री िमर्तलंिम के पुत्र हैं और जब यह प्रतियोतििा
रा£‍ीय िमाचार पत्रों की मािें िो यह िंख्या 25,000 के करीब है. हालांतक िूचिा
करिाई िई थी उि दौराि डीएमके भी केंद्र िरकार का एक तहथिा थी. िैिे उिकी
के अतिकार में पूछे जािे पर अतिकारी बिािे हैं तक कुल आिेदिों की िंख्या का
अयोग्यिा का कारण यह िहीं तक िे एक पूिर् तििायक के पुत्र हैं बतकक यह है
कोई भी धयोरा मंत्रालय के पाि िहीं है, लेतकि मौतखक रूप िे िणिा करिे पर
तक उन्होंिे प्रतियोतििा की शिोों का उकलंघि तकया था तजि कारण िे प्रतियोतििा
3,331 आिेदि िही पाए िए थे तजन्हें जूरी के िमक्ष प्रथिुि तकया िया.
प्रतियोतििा में भाि लेिे िाले हजारों प्रतिभािी पतरणाम घोतषि होिे की प्रिीक्षा
हेिु अयोग्य हो चुके थे. इि िथ्यों को जाििे के बाद भी तया आप मािेंिे तक इि
में थे. इन्ही में िे एक थे लखिऊ तििािी राकेश कुमार तिंह. िरकारी िेिा में िैिाि
ऐतिहातिक महत्ि के प्रचि का 'िही जिाब' डी उदया कुमार ही होिा चातहए?
दरअिल रुपये का प्रिीक तचि‍ चुििे के तलए भारि िरकार ि‍ारा 2009 में
राकेश बिािे हैं, ‘पतरणामों के प्रति हमारा उत्िक
ु होिा थिाभातिक था. आतखर यह
एक प्रतियोतििा आयोतजि करिाई िई थी. इि प्रतियोतििा का पतरणाम 15
एक ऐिी प्रतियोतििा थी तजििे एक ऐतिहातिक फैिला होिे िाला था और जो
जुलाई, 2010 को घोतषि हुआ और रुपये को
भी इिमें तिजेिा घोतषि होिा उिका
उिकी िई पहचाि तमल िई. देश के करोड़ों
िाम हमेशा के तलए इि ऐतिहातिक
लोिों िे इि बाि पर ििर् तकया तक अब रुपया
फै
िले के िाथ ही अमर हो जािा.’
प्रतीक, प्रततयोतिता और प्रश्न
भी दुतिया की िबिे मजबूि मुद्राओं यािी
प्रतियोतििा के अंतिम चरण में पांच
डॉलर, यूरो और येि की श्रेणी में आ खड़ा
प्रतिभातियों का चयि होिा था
l प्रतियोतििा के तियम और शितें तिफर् अंग्रेजी में जारी हुए जो
हुआ है. इिके िाथ ही देश के इतिहाि में इि
तजन्हें 25-25 हजार रुपये का पुरथकार
राजभाषा अतितियम का उकलंघि है
तचि‍ को बिािे िाले का िाम भी हमेशा के
तदया जािा था और अंतिम तिजेिा को
l चयि के तलए बिी जूरी के िभी िदथय प्रतियोतििा के दौराि
तलए अमर हो िया.
ढाई लाख का इिाम तदया जािा था.
एक बार भी एक िाथ िहीं बैठे
लेतकि िहलका को तमले दथिािेजों िे
इिी िम में आठ तदिंबर, 2009 को
l
प्रतिभातियों
ि‍ारा
प्रिीक
तचि‍
के
िाथ
जमा
की
िई
तथिप्

जू


यह थपष्ट‍ होिा है तक रा£‍ीय महत्ि की यह
अंतिम पांच प्रतिभातियों के िाम तिि्ि
के िामिे पेश ही िहीं की िई
मंत्रालय की िेबिाइट पर घोतषि कर
प्रतियोतििा एक औपचातरकिा मात्र थी जो
l एक प्रतिभािी दो ही तचि‍ जमा कर िकिा था, पर तिजेिा डी
तदए िए. इिमें िे चार मुबं ई िे ही थे.
तिफर् लोिों को भ्रतमि करिे के तलए
उदयाकु

ार
िे
एक
बयाि
में
कई
तचि‍
जमा
करिे
की
बाि
तिभाि की िेबिाइट पर इिके िाम
आयोतजि की िई थी. तजि िरह िे इि
कही. कायदे िे उन्हें अयोग्य घोतषि तकया जािा चातहए था
िो घोतषि कर तदए िए थे लेतकि इिके
प्रतियोतििा की प्रतिया िंपन्ि हुई, उििे यह
ि‍ारा प्रथिुि तकए िए तचि‍ों को िहीं
भी िंकेि तमलिा है तक िरकार पहले ही यह
l प्रिीक तचि‍ रा£‍ीय िममाि िे जुड़े िो होिे ही हैं, िे अरबों
दशार्या िया था. प्रतियोतििा में तहथिा
मि बिा चुकी थी तक भारिीय रुपये का
रुपये के व्यापार को भी प्रभातिि करिे हैं. इितलए कुछ
लेिे िाले अन्य प्रतिभातियों को अपिा
प्रिीक तचि‍ तया होिा.
व्यापातरक कंपतियों के भी इि िड़बड़झाले में शातमल होिे के
रुपये के प्रिीक तचि‍ के बारे में अतिकिर
िाम अंतिम पांच में ि पाकर हिाशा िो
आरोप लि रहे हैं
लोि बि यही जाििे हैं तक इिके तििार्रण के
हुई लेतकि उििे ज्यादा उि तचि‍ों को
l ऐिी िड़बतड़यां दूिरे प्रिीक तचि‍ों के चयि में भी हुई हैं
तलए एक रा£‍ीय थिर की प्रतियोतििा आयोतजि
देखिे की तजज्ािा हुई तजन्हें अंतिम
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आवेदनों में से सबसे बेहतरीन चिन‍ िुने जाते
वक्त जूरी की अध्यक्ष और चरजवर् बैंक की
चिप्टी गवनर्र श्रीमती उषा थोराट अनुपचथथत थीं

आवरण कथा

पांच में चुना गया था. इसी जिि्ासा के चलते
लखनऊ के राकेश कुमार ने सूचना के
अजिकार के िजरए जित्त मंत्रालय से इन जचन‍ों िाििुख जे ईिानी
की प्रजतजलजप मांगी. साथ ही उन्होंने
िूरी/चयन सजमजत के सदथयों के नाम एिं
कुछ अन्य िानकाजरयां भी मांगीं. देश के
कोने-कोने से अन्य लोगों ने भी मंत्रालय से
इस बारे में जिजभन्न सूचनाएं मांगीं. आिेदनों
के ििाब में िो िानकाजरयां मंत्रालय ि‍ारा
प्रदान की गईं उनसे िीरे-िीरे इस प्रजतयोजगता
की खाजमयां सामने आने लगीं.
इस महत्िपूणर् जचन‍ को चुनने के जलए
सात लोगों की एक िूरी बनाई गई थी.
इस सजमजत में भारतीय जरििर् बैंक से
लेकर संथकृजत मंत्रालय तक के
प्रजतजनजियों को सजममजलत जकया गया
था. लेजकन यह िूरी इस रा£‍ीय जचन‍
के चयन को जकतनी गंभीरता से ले रही
थी इसका अंदािा इस तथ्य से लगाया
िा सकता है जक पूरी चयन प्रजिया के
दौरान एक बार भी िूरी के सभी
डी उिया कुमाि
सदथय एक साथ नहीं बैठे. संथकृजत
मंत्रालय के प्रजतजनजि तो इस पूरी चयन
प्रजिया में एक जदन भी उपजथथत नहीं
हुए. प्रजतयोजगता में हुई गड़बजड़यों को
उिागर करने िालों में शाजमल रहे मुबं ई
जनिासी अजनल खत्री कहते हैं,
‘संथकृजत मंत्रालय के एक प्रजतजनजि को
िूरी में इसजलए शाजमल जकया गया था ताजक यह सुजनजचचत हो सके जक रुपये का
जचन‍ भारतीय सांथकृजतक िरोहर को भी पजरलजक्षत करता हो. लेजकन पूरी चयन
प्रजिया में एक जदन भी संथकृजत मंत्रालय से कोई भी उपजथथत नहीं हुआ. तो जिर
इस बात को जकसने सुजनजचचत जकया जक हिारों आिेदनों में से यही जचन‍ भारतीय
संथकृजत का सबसे बेहतर पजरचायक है?’ चयन प्रजिया का पहला चरण 29 और
30 जसतंबर को आयोजित जकया गया. इस पहले और मुख्य दौर में िब कुल
आिेदनों में से सबसे बेहतरीन जचन‍ों को चुना िाना था तो िूरी के सात में से तीन
सदथय उपजथथत ही नहीं थे. इनमें िूरी की अध्यक्ष और जरििर् बैंक की
जिप्टी गिनर्र श्रीमती उषा थोराट भी शाजमल थीं. िूरी के िो सदथय उपजथथत
थे उन्होंने भी यह चयन प्रजिया टालने िाले अंदाि में पूरी की. इन दो जदन में िूरी
ने सुबह 10 बिे से शाम पांच बिे तक काम जकया. इस दौरान िूरी ि‍ारा कुल 3,331
जचन‍ों का अिलोकन जकया गया. जिि्ापन के अनुसार प्रत्यक
े जचन‍ को जिजभन्न
आकारों में िमा करिाना था जिनमें सबसे छोटा आकार '4 पॉइंट िॉन्ट' में होना
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तहलका 15 अप्रैल 2013

शितेि पम‍िाली

नोंशिता कोशिया

अजनिायर् था. इस तरह से प्रत्यक
े जचन‍
का अिलोकन करने के जलए कािी
ध्यान जदए िाने की िरूरत थी.
लेजकन िूरी ने जितना समय इन
आिेदनों के अिलोकन में जबताया
उसका यजद औसत देखा िाए तो
मात्र 16 सेकंि में िूरी ि‍ारा प्रत्येक
जचन‍ का अिलोकन कर जलया गया.
राकेश कुमार कहते हैं, ‘दुजनया का
जिि‍ान से जिि‍ान व्यजतत भी 16
सेकिं में जकसी जचन‍ का अिलोकन
करके उसे समझ नहीं सकता. यह
जचन‍ तो देश का भजिष्य होने िाला
था, रा£‍ीय सममान का प्रतीक बनने िाला था. इतने महत्िपूणर् जचन‍ को िूरी
ि‍ारा चुटकी बिाते ही चुन जलया गया. तया दुजनया का कोई भी व्यजतत कुछ
सेकंि में ही जकसी जचन‍ को देखकर यह तय कर सकता है जक कैसे िह भारत
की ऐजतहाजसक और सांथकृजतक िरोहर को पजरलजक्षत करता है?’
प्रत्येक आिेदन के साथ ही प्रजतभाजगयों को जचन‍ से संबंजित जथिप्ट भी
जलजखत रूप में िमा करिानी थी. इस जथिप्ट में प्रत्येक प्रजतभागी को अपने
जचन‍ की व्याख्या करते हुए यह बताना था जक कैसे िह जचन‍ भारत में रुपए
का प्रतीक हो सकता है और कैसे िह भारत की ऐजतहाजसक और सांथकृजतक
िरोहर को पजरलजक्षत करता है. लेजकन चौंकाने िाली बात यह है जक पूरी
चयन प्रजिया के दौरान प्रजतभाजगयों की जथिप्ट को िूरी के सामने प्रथतुत ही नहीं
जकया गया. जबना जथिप्ट देखे ही अंजतम पांच जचन‍ों का जनिार्रण कर जलया गया.
जकसी भी प्रतीक जचन‍ को समझने के जलए उसकी जथिप्ट को पढ़ा िाना िरूरी
होता है. उदाहरण के जलए, जिस व्यजतत को यह पता न हो जक भारत के रा£‍ीय
ध्िि में तीनों रंग जकन-जकन चीिों को पजरलजक्षत करते हैं या बीचोबीच मौिूद
चि तया दशार्ता है, िह व्यजतत जसिर् जतरंगे को देखने भर से उसकी अहजमयत
नहीं समझ सकता. जचन‍ों का कोई जनिार्जरत अथर् नहीं होता और प्रत्येक व्यजतत
अपने जििेकानुसार ही उनका अथर् समझता है. एक गोल आकृजत का अथर् सूयर्
से लेकर और शून्य तक कुछ भी हो सकता है. ऐसे में िूरी का जथिप्ट देखे जबना
ही इस रा£‍ीय जचन‍ का जनिार्रण कर देना कई सिाल खड़े करता है.
ये सारी िानकाजरयां राकेश कुमार सूचना के अजिकार से हाजसल कर ही रहे थे
जक इस बीच उन्हें सबसे महत्िपूणर् िानकारी हाजसल हुई. 18 जदसंबर 2009 के एक
रा£‍ीय दैजनक समाचार पत्र में एक खबर छपी जिसके अनुसार नोंजदता कोजरया ने
शिशिन केके

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भ्र‍ाचार
कई तचि‍ जमा करिाए थे िो िूचिा अतिकारी को मजबूरि यह कबूलिा पड़ा और
उन्होंिे तफर िे िूचिा प्रदाि करिे हुए यह माि तलया तक उदया कुमार ि‍ारा चार
तचि‍ जमा करिाए िए थे. इिके बाद तिि्ि मंत्रालय का कहिा था तक उदया कुमार
के पहले दो तचि‍ों को ही जूरी के िामिे भेजा िया था और तिफर् उन्हें िही मािा
िया था जो तक मंत्रालय को पहले प्राप्ि‍ हुए थे.
लेतकि थियं तिि्ि मंत्रालय िे यह थिीकार तकया है तक उिके पाि इिका कोई
भी तरकॉडड िहीं है तक उन्हें कौि-िा आिेदि तकि तितथ को प्राप्ि‍ हुआ. िभी
आिेदिों की जांच मंत्रालय ि‍ारा आिेदि प्राप्ि‍ करिे की अंतिम तितथ के पांच तदि
बाद शुरू की िई. ऐिे में डी उदया कुमार के कौि-िे तचि‍ पहले प्राप्ि‍ हुए थे यह
मंत्रालय िे कैिे िय तकया, इिका जिाब थियं मंत्रालय के पाि भी िहीं है.
प्रतियोतििा में हुई इििी िलतियों की पुख्िा जािकारी जब राकेश कुमार को हो
िई िो उन्होंिे तिि्ि मंत्री, प्रिािमंत्री एिं रा£‍पति को 138 पन्िों का एक ज्ापि
भेजकर इि पूरी प्रतिया में हो रही िड़बतड़यों िे अििि करिाया और इि िंबिं
में उच्च थिरीय जांच की मांि की. लेतकि कई िाक्ष्य उपलधि करािे के बाद भी उि
पर जांच करिे के बजाय 15 जुलाई, 2010 को उदया कुमार को तिजेिा घोतषि कर
तदया िया. इिके बाद राकेश कुमार िे उि्िर प्रदेश उच्च न्यायालय में एक जितहि
यातचका दायर की तजिमें उन्होंिे िरकार के इि फैिले पर रोक लिािे एिं पूरी
प्रतिया पुिः आयोतजि करिािे की प्राथर्िा की. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की
लखिऊ खंडपीठ िे क्षेत्रातिकार के आिार पर यह यातचका खातरज कर दी. अदालि
िे यह भी कहा तक चूतं क यातचकाकिार् थियं प्रतियोतििा का एक प्रतिभािी था
इितलए उिके ि‍ारा जितहि यातचका िहीं की जा िकिी.
राकेश कुमार की ही िरह कुछ अन्य लोि भी तितभन्ि तिभािों िे इि
प्रतियोतििा के िंबंि में जािकारी मांि रहे थे. िोंतदिा कोतरया का जो िुझाि पत्र
तिि्ि मंत्रालय िे कई बार आिेदि करिे पर भी राकेश को पूणर् रूप िे प्राप्ि‍ िहीं
हुआ था िही पत्र मुंबई के एक प्रतिभािी अतिल खत्री को तरजिर् बैंक िे िूचिा
मांििे पर हातिल हो िया. इि पत्र के प्राप्ि‍ होिे पर िभी को हैराि करिे िाली
जािकारी तमली. िोंतदिा कोतरया ि‍ारा रुपये का जो प्रिीक 2005 में तरजिर् बैंक
को भेजा िया था िह तचि‍ तबककुल िही था तजिे आज हम रुपये के प्रिीक के
िौर पर पहचाििे हैं. इि जािकारी िे िबको चौंकाया जरूर लेतकि इििे ही
िरकार की मंशा भी िमझिे में मदद तमली. राकेश कुमार बिािे हैं, ‘िोंतदिा
कोतरया के पत्र में िुझाए िए तचि‍ को देखकर यह थपष्ट‍ हुआ तक िरकार पहले
ही अपिा मि बिा चुकी थी तक रुपए का प्रिीक तकिे चुििा है. यह पूरी
प्रतियोतििा तिफर् एक तदखािा और अपिे कुछ िजदीतकयों को पुरथकृि करिे
का माध्यम ही थी.’ जूरी के िदथय तिि्ि मंत्रालय और तरजिर् बैंक िे भी थे तजन्हें
इि तचि‍ की पहले िे ही जािकारी थी. चुिे िए अंतिम पांच तचि‍ देखकर भी
यह िाफ होिा है तक ये िभी एक ही िरह की िोच के हैं. शायद यही कारण था
तक इििा कम िमय लिािे हुए जूरी िे हजारों आिेदिों में िे उन्हीं को चुिा
तजिका िुझाि िालों पहले ही प्राप्ि‍ हो चुका था. िरकार के इि पूिार्ग्रह के
कारण शायद कई ऐिी रचिाओं को देखा भी िहीं िया होिा जो एक बेहिर
तिककप हो िकिी थीं.

आवरण कथा

कुछ िषर् पूिर् तरजिर् बैंक और प्रिािमंत्री कायार्लय को यह िुझाि तदया था तक भारि
में रुपये का कोई प्रिीक तचि‍ होिा चातहए. राकेश कुमार को आचचयर् इि बाि का
हुआ तक िोंतदिा कोतरया िाम की ही एक प्रतिभािी अंतिम पांच में भी चुिी िई थी.
उन्होंिे पहले यह िुतितचचि तकया तक तया अंतिम पांच में चुिी िई िोंतदिा कोतरया
िही हैं तजन्होंिे कुछ िाल पहले िरकार को िुझाि भेजा था. इि िथ्य के िुतितचचि
होिे िे यह पूरी प्रतिया और भी ज्यादा िंदहे के घेरे में आ िई. िरकारी थिर पर कहीं
भी इि बाि का तजि िहीं हुआ था तक भारि िरकार को कभी कोई िुझाि इि
िंबिं में प्राप्ि‍ हुआ हो. तफर तजि व्यतति िे िुझाि भेजा था, प्रतियोतििा में भी उिी
व्यतति का अंतिम पांच में चुिा जािा िंदहे के और भी कारण पैदा करिा था. राकेश
कुमार एिं अन्य प्रतिभातियों ि‍ारा इि िंबिं में िूचिाएं मांिी िईं. िोंतदिा कोतरया
मशहूर िाथिुकार चाकिर् कोतरया की बेटी हैं. चाकिर् भारि में िाथिु के क्षेत्र के एक
तदग्िज मािे जािे हैं और पम‍श्री एिं पम‍ तिभूषण िे िममातिि हो चुके हैं. चाकिर्
कोतरया ि‍ारा अिथि, 2005 में तरजिर् बैंक के तडप्टी िििर्र को एक पत्र तलखा िया
था. इि पत्र में उन्होंिे अपिी बेटी िोंतदिा कोतरया ि‍ारा बिाए िए रुपये के प्रिीक
को भारिीय रुपये का प्रिीक बिाए जािे के िंबिं में तिचार करिे को तलखा था.
इिके िाथ ही िोंतदिा कोतरया का पत्र भी तरजिर् बैंक को भेजा िया था. तफर 2006
में प्रिािमंत्री कायार्लय को भी चाकिर् ि‍ारा ऐिा ही एक पत्र भेजा िया तजिके िाथ
िोंतदिा का पत्र एिं िुझाि भी मौजूद था. प्रिािमंत्री कायार्लय िे इि पत्र को तिि्ि
मंत्रालय को भेजिे हुए कहा तक तरजिर् बैंक की राय लेिे हुए इि िंबिं में उतचि
कदम उठाए जाएं. ित्कालीि तिि्ि मंत्री िे भी इि िुझाि पत्र एिं रुपये के प्रथिातिि
तचि‍ को देखा और तफर तिि्ि मंत्रालय िे तिज्ापि और दृचय प्रचार तिदेशालय को
इि िंबिं में एक तिज्ापि जारी करिे को कहा.
कई बार िूचिा मांििे पर भी तिि्ि मंत्रालय िे िोंतदिा कोतरया ि‍ारा तदए िए
िुझाि िे िंबतं िि िूचिा राकेश कुमार को िहीं दी. िूचिा आयोि के आदेश के
बाद जब तिि्ि मंत्रालय िे मजबूरि िूचिा प्रदाि भी की िो उिमें िोंतदिा कोतरया
ि‍ारा भेजे िए िुझाि पत्र की प्रतितलतप िो उपलधि करिा दी िई लेतकि जो तचि‍
उन्होंिे भेजा था उिे प्रतितलतप में िे हटा तदया िया. िोंतदिा ि‍ारा भेजा िया प्रिीक
प्रदाि ि तकए जािे के पीछे िरकार का िकर् था तक यह तचि‍ उिकी 'बौति‍क िंपदा'
होिे के चलिे िािर्जातिक िहीं तकया जा िकिा.
अभी िक यह िथ्य िबके तलए एक रहथय ही बिा हुआ था तक िोंतदिा िे
2005 और 2006 में जो तचि‍ प्रिािमंत्री कायार्लय को भेजा था िह तया था.
राकेश कुमार और उिके िाथी इि पूरी प्रतियोतििा में हुई िड़बतड़यों के तिरुि‍
कदम उठािे की िोच ही रहे थे तक उन्हें एक और तििादाथपद िथ्य मालूम हुआ.
प्रतियोतििा की शिोों के अिुिार एक प्रतिभािी तिफर् दो तचि‍ जमा कर िकिा था.
लेतकि अंतिम पांच में चुिे िए प्रतिभातियों में िे डी उदया कुमार िे एक िमाचार
पत्र को तदए बयाि में यह कह तदया तक उिके ि‍ारा कई तचि‍ जमा करिाए िए थे.
कायदे िे िो ऐिा करिे पर िे अयोग्य हो चुके थे और उिकी प्रतिभातििा रद‍ हो
जािी चातहए थी लेतकि उन्हें ि तिफर् अंतिम पांच में जिह तमली बतकक अंििः
उन्हें ही तिजेिा भी घोतषि तकया िया. अतिल खत्री बिािे हैं, ‘हमें िूचिा के
अतिकार में यह भी जािकारी तमली तक दो िे ज्यादा तचि‍ जमा करिािे िाले कुछ
प्रतिभातियों को प्रतियोतििा िे बाहर कर तदया िया था. तफर उदया कुमार को बाहर
तयों िहीं तकया िया इिका िही कारण िो िरकार ही बिा िकिी है.’ राकेश
कुमार िे इि िंबिं में तिि्ि मंत्रालय िे िूचिा मांिी तक तया चुिे िए अंतिम पांच
प्रतिभातियों में िे तकिी िे भी दो िे ज्यादा तचि‍ जमा करिाए थे. जिाब में िूचिा
अतिकारी िे यह िथ्य पूरी िरह तछपािा चाहा और झूठी िूचिा प्रदाि करिे हुए
कहा तक अंतिम पांच में िे तकिी भी प्रतिभािी िे दो िे ज्यादा तचि‍ जमा िहीं
करिाए हैं. लेतकि डी उदया कुमार खुद ही अपिे बयाि में कह चुके थे तक उन्होंिे

नोंचदता कोचरया व‍ारा जो प्रतीक 2005 में चरजवर् बैंक
को भेजा गया था वह चबल्कुल वही था चजसे आज
हम रुपये के प्रतीक के तौर पर पहिानते हैं
15 अप्रैल 2013 तहलका

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आवरण कथा

डी उदया कुमार के तजि तचि‍ को आज हम रुपये के प्रिीक के रूप में
पहचाििे हैं उिके बारे में यह भी कहा जा रहा है तक िह प्रतियोतििा के मािकों
पर भी खरा िहीं उिरिा था. इि तचि‍ को िबिे पहले बिािे िाली िोंतदिा
कोतरया बिािी हैं, ‘मैंिे प्रतियोतििा के दौराि इि तचि‍ में िंशोिि और
िुिार करके एक िया तचि‍ प्रथिुि तकया था. पुरािे तचि‍ को जब छोटा तकया
जािा था िो उिकी ऊपर की दोिों रेखाएं आपि में तमल जािी थीं इितलए िह
प्रतियोतििा के मािकों पर खरा िहीं उिरिा था.’ खत्री
बिािे हैं, ‘तिज्ापि के अिुिार प्रतिभातियों िे अपिे तचि‍
को तितभन्ि आकारों में प्रथिुि करिे को कहा िया था.
उदया कुमार का यह तचि‍ उि मािकों पर खरा िहीं उिरिा
था. जूरी िे भी यह खामी देखी होिी लेतकि तफर भी िही
तचि‍ चुि तलया िया.’
इि प्रतियोतििा के तलए प्रत्यक
े प्रतिभािी को 500 रुपये
आिेदि शुकक के िौर पर जमा करिे थे. हजारों प्रतिभातियों
ि‍ारा जमा तकए िए आिेदि शुकक िे िो िरकार की कमाई
हुई ही लेतकि पैिों का यह खेल यहीं िमाप्ि‍ िहीं होिा.
जािकार बिािे हैं तक रा£‍ीय थिर के ये प्रिीक तचि‍ रा£‍ीय
िममाि िे जुड़े िो होिे ही हैं िाथ ही िे अरबों रुपये के
व्यापार को भी प्रभातिि करिे हैं. रुपये के इि तचि‍ को
भारिीय मुद्रा के िाथ-िाथ कंप्यटू र, लैपटॉप और मोबाइल
फोि के कीपैड िक में उिारा जािा है. ऐिे में बड़ी कंपतियां
िबिे पहले इि तचि‍ को अपिे
उत्पादों में उिारिे के तलए
करोड़ों रुपए लिा िकिी हैं और
िबिे पहले इिे हातिल करके
हर जिह छापिा चाहिी हैं.
आरोप लि रहे हैं तक अिर
िरकार िे पहले ही िय कर
तलया था तक रुपये का तचि‍ तया
होिा है िो मुमतकि है तक कुछ
बड़े व्यापातरयों की भी इिमें
महत्िपूणर् भूतमका रही हो.
IN
उिर, डी उदया कुमार
कहिे हैं, ‘मुझे इि िंबंि में
कोई भी जािकारी िहीं थी
तक तकिी िे रुपये के प्रिीक के
िंबंि में पहले कभी िरकार
को िुझाि तदया है. प्रतियोतििा
के बारे में मुझे आईआईटी बॉमबे के मेरे एक तमत्र िे बिाया था. तफर तदकली में
अंतिम प्रेजेंटेशि के दौराि मैंिे िुिा तक तकिी प्रतिभािी िे इि िंबंि में पहले
कभी िरकार को िुझाि भेजा था.’
यह बाि तिफर् रा£‍ीय थिर िक िीतमि िहीं है. रुपये का प्रिीक तचि‍ अब
अंिररा£‍ीय बाजार में भी हमारी पहचाि बि चुका है या बि रहा है. इििे
महत्िपूणर् और रा£‍ीय िममाि के तचि‍ के चयि में हुई अतियतमििाओं िे आप
लोि भी शतमोंदा िो हो िकिे हैं लेतकि भतिष्य में जब भी आपका िामिा इि
प्रचि िे होिा तक भारिीय रुपये के प्रिीक का तिमार्िा कौि है िो पूरे अंक आपको
डी उदया कुमार के रूप में तदया हुआ उि्िर ही तदला िकिा है.
NONDITA CORREA-MEHROTRA

architect
B S Arch (Michigan), M Arch (Harvard)

21 April 2006

Sub : Rupee Symbol

Dear Mr. Chatterji:

For some time now I have felt that our Indian rupee suffers from not having an
identifiable symbol. Unlike the dollar $, the Pound Sterling £, the Yen ¥, and now
even the Euro €, the rupee continues to be written in any of the following ways:
Re, Re., Rs, Rs., etc.

To mark the resurrection of the strong Indian economy, could we launch a new
symbol for the Rupee?
I have a suggestion :

Or more specifically:

नोंदिता कोदरया

अिथि, 2005 में एक तदि मैं अपिे खािों िे िंबंतिि कुछ काम कर रही
थी. उिमें मेरे अकाउंटेंट िे रुपये को कहीं 'Rs' तलखा था िो कहीं 'Rs.'.
इि िजह िे कई बार पूणर् तिराम और दशमलि में अंिर कर पािा बहुि
ही मुतचकल हो रहा था. िभी मुझे यह खयाल आया तक भारिीय रुपये का
भी कोई प्रिीक तचि‍ होिा चातहए. आतथर्क
उदारीकरण के िाथ हमारे रुपये का िैतचिक
बाजार में भी व्यापार बढ़िा िय था, इितलए मुझे
लिा तक हमारे पाि रुपये का एक ऐिा प्रिीक
होिा चातहए तजिे अंिररा£‍ीय थिर पर भी
पहचािा जा िके. िो मैंिे एक प्रिीक तचि‍ बिाया
और अिथि, 2005 में ही तरजिर् बैंक के तडप्टी
िििर्र को यह िुझाि भेजा. कई महीिों िक जब
तरजिर् बैंक िे कोई भी प्रतितिया िहीं तमली िो
अप्रैल, 2006 में मैंिे प्रिािमंत्री कायार्लय को
इि िंबंि में तलखिे हुए अपिा बिाया हुआ
प्रिीक तचि‍ भेजा. मुझे लििा था तक यह एक
महत्िपूणर् तिषय है और िरकार को इि क्षेत्र में
आिचयक कदम उठािे चातहए.
अंििः माचर्, 2009 में मैंिे इंटरिेट पर
प्रतियोतििा के बारे में पढ़ा. प्रतियोतििा के
तिज्ापि में रुपये के प्रिीक की तबककुल िही
व्याख्या की िई थी जो मैंिे प्रिािमंत्री कायार्लय और तरजिर् बैंक को भेजी
अपिी तथिप्ट में की थी. मैंिे भी इिमें तहथिा तलया और तदिंबर, 2009 में
मुझे पिा चला तक हजारों प्रतिभातियों में िे चुिे िए अंतिम पांच में मेरा भी
िाम है. मैंिे तदकली जाकर अपिे प्रिीक को जूरी के िामिे प्रथिुि तकया.
यह िो िरकार का तििेकातिकार है तक िह तकिी भी तचि‍ को चुिे
लेतकि उन्हें इििा िो थिीकार करिा चातहए था तक इि प्रिीक और इि
तिचार को मूलिः मैंिे जन्म तदया था और िरकार को यह िुझाया था. यह
ककपिा मेरी बौति‍क िंपदा है. आप यतद चुिे िए अंतिम पांच प्रिीकों को
देखें िो पाएंिे तक िे िभी मेरे िुझाए उि प्रिीक के ही इदर्-तिदर् थे.

It perhaps may be used by other South Asian countries which use the term rupee
or which ~ from a time when once before, the Indian economy was robust.
I look forward to hearing from you on this matter, and would be happy to work
further on this if you think that the idea has potential.
With kind regards,

Nondita Correa-Mehrotra

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तहलका 15 अप्रैल 2013

अन्य प्रतीक चिन‍
दिफर् रुपए का प्रिीक तचि‍ ही ऐिा िहीं है तजिमें तियमों की अिदेखी की िई
हो. रा£‍ीय महत्ि के अन्य कई प्रिीक तचि‍ों का चयि तपछले कुछ िालों में इिी
िरह िे तकया िया है. ऐिे ही तचि‍ों के तििार्रण में हुई िड़बतड़यों के बाद राकेश
कुमार तिंह ि‍ारा तदकली उच्च न्यायालय में एक जितहि यातचका दायर की िई थी.
इि यातचका में ऐिे कुल पांच तचि‍ों का तजि तकया िया था तजिमें िरकार मिमािे
िरीकों िे फैिले कर चुकी है. िूचिा के अतिकार का प्रिीक/लोिो भी इिमें िे एक
है. िूचिा का अतिकार एक ऐिा अतिकार है जो िीिे िौर िे जििा के ही हाथों
में है. इि अतिकार के बारे में जािरूकिा फैलािे के तलए कई िंथथाएं कायर् कर रही
हैं. थियं िरकार भी इि अतिकार के प्रति लोिों को जािरूक करिे की बाि करिी
है. लेतकि इि अतिकार का जो 'लोिो' िरकार ि‍ारा िय तकया िया है उििे अभी
िक अतिकिर लोि पतरतचि िहीं हैं. राकेश कुमार की जितहि यातचका की पैरिी
कर रहे अतिितिा कमल कुमार पांडे बिािे हैं, ‘िूचिा के अतिकार के 'लोिो' का

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भ्र‍ाचार

रेलवे व‍ारा लाखों रुपये खिर् करके और लाखों का
इनाम देकर बनवाए गए इस नए लोगो को आज
कहीं भी इथतेमाल नहीं चकया जा रहा है
को एक लाख रुपये का इिाम तमला और 'आिार' को उिका लोिो.
ये तचि‍ या लोिो तिफर् रा£‍ीय महत्ि के मुद‍ों, िंथथाओं या िंथथािों के प्रिीक
िहीं होिे बतकक उिको एक ऐिी तिशेष पहचाि भी देिे हैं तजिमें हमारे िमाज और
िांथकृतिक िरोहर की भी झलक तमलिी है. अतिल खत्री बिािे हैं, ‘ऐिी
प्रतियोतििाओं में तहथिा लेिे िाले प्रतिभातियों को तकिी इिाम का लालच िहीं
बतकक देश के प्रति अपिे योिदाि की लालिा होिी है. यह िथ्य ही प्रतिभातियों
को उत्िातहि कर देिा है तक उिकी रचिा देश के तकिी महत्िपूणर् मुद‍े या िंथथाि
का प्रिीक बिेिी. लेतकि जब इि प्रतियोतििाओं में ऐिी िोखािड़ी िामिे आिी
है िो लोि अपिे ही देश िे ठिा हुआ महिूि करिे हैं.’
इंतडयि तडजाइि काउंतिल िे भी एक ऐिी ही प्रतियोतििा आयोतजि की थी.
इि िंथथा पर िारे देश के तडजाइिों की तजममेदारी है, लेतकि तडजाइि के तििार्रण
में िबिे ज्यादा िड़बतड़यां यहीं हुई हैं. जापाि के 'जी माकर्' और जमर्िी के 'रेड
डॉट' की ही िरह भारि में 'आई माकर्' के चयि हेिु यह प्रतियोतििा आयोतजि
हुई थी. इि प्रतियोतििा का तिज्ापि तिफर् एक इंटरिेट ग्रुप पर जारी तकया िया.
यह ग्रुप िुिीर शमार् िाम के एक व्यतति ि‍ारा बिाया िया था जो थियं ही इि

प्रतियोतििा की जूरी में भी शातमल थे. इि ग्रुप के िीतमि िदथय हैं और तिफर् िे
िदथय ही इि ग्रुप की ितितितियों को देख िकिे हैं. प्रतियोतििा के तलए चुिे
िए पांच िबिे बेहिरीि लोिो में िे चार िुिीर शमार् के िंथथाि िे ही थे. चयि
प्रतिया में भी िुिीर शमार् की अहम भूतमका थी. आतखर में जो तडजाइि चुिा
िया िह िुिीर शमार् के िंथथाि िालों ि‍ारा ही बिाया िया था. इि िरह िे एक
रा£‍ीय तचि‍ चुििे पर काफी लोिों ि‍ारा आपति्ि जिाई िई तजिके चलिे इि
प्रतियोतििा को रद‍ करके एक िए तिरे िे आयोतजि तकया िया.
ऐिी ही एक प्रतियोतििा रेल मंत्रालय िे भी आयोतजि की थी. प्रतियोतििा
के तिज्ापि में कहा िया तक भारिीय रेल के लोिो की पुिकर्कपिा हेिु प्रतियोतििा
आयोतजि की जा रही है. इि प्रतियोतििा में तिजेिा के तलए पांच लाख रुपये
का इिाम रखा िया. पांच मई, 2010 को जारी हुए तिज्ापि में आिेदि जमा
करिे की अंतिम तितथ 12 मई, 2010 िय की िई. इि िरह िे पूरी प्रतियोतििा
के तलए तिफर् एक िप्ि‍ाह का िमय तदया िया. इि प्रतियोतििा में तजि 'पैम
एडिटार्इतजंि ऐंड माककेतटंि'
कंपिी को तिजेिा घोतषि
तकया िया िह पहले िे भी
भारिीय रेल के तलए काम
कर रही थी. कुछ िमय
बाद रेल मंत्रालय ि‍ारा यह
कहा िया तक िया लोिो तिफर् रा£‍मंडल खेलों
के दौराि इथिेमाल तकया जाएिा और भारिीय
रेल का लोिो िही रहेिा जो कई िालों िे है.
इि प्रतियोतििा की चयि ितमति में िभी लोि
रेल मंत्रालय िे ही थे और तडजाइि के क्षेत्र
िे तकिी भी तिशेषज् को चयि ितमति में
तियुति िहीं तकया िया. रा£‍मंडल खेलों में
भारिीय रेल भी एक प्रमुख प्रायोजक था. जातहर
है इि िए लोिो को खेलों के तटकट िे लेकर
और कई जिह छापिे का काम बड़ी-बड़ी कंपतियों को तदया िया होिा.
यातचकाकिार् के अतिितिा बिािे हैं, ‘रेलिे ि‍ारा करिाई इि प्रतियोतििा िे उि
कंपतियों के अलािा तकिी को फायदा िहीं हुआ तजिको इि िए लोिो को
छापिे के ठेके तदए िए होंिे और तजििे इिे बिाकर इिाम जीिा. ऐिी अिािचयक
प्रतियोतििा आयोतजि करिा खुले आम जििा के पैिों को लूटिे का एक िरीका
ही है.’ रेलिे ि‍ारा लाखों रुपये खचर् करके और लाखों का ईिाम देकर बििाए
िए इि िए लोिो को आज कहीं भी इथिेमाल िहीं तकया जा रहा है.
बहरहाल राकेश कुमार ि‍ारा इि िभी िड़बतड़यों को न्यायालय के िामिे प्रथिुि
करिे िे आिे िाले िमय में ऐिी लूट होिे की आशंका कुछ हद िक कम हो िई
है. बीिी 30 जििरी को तदकली उच्च न्यायालय िे इि जितहि यातचका में फैिला
देिे हुए केंद्र िरकार को तिददेश तदए हैं. इि तिददेशों में िीि महीिे के भीिर िरकार
को अपिे िभी मंत्रालयों एिं तिभािों में ऐिी प्रतियोतििाएं आयोतजि करिािे हेिु
तियमािली िैयार करिे को कहा िया है. अतिितिा कमल कुमार पांडये कहिे हैं,
‘उच्च न्यायालय का यह फैिला हमारे तलए एक बड़ी उपलतधि है. अभी िो िरकार
िे इि तचि‍ों के जतरए लूट का िया राथिा ढूढ़ं ा ही था. न्यायालय का अिर यह
आदेश ि आिा िो आिे िाले कुछ िमय में ि जािे तकििे और ऐिे ही मिमािे
फैिले िरकार ि‍ारा कर तलए िए होिे. इि तलहाज िे राकेश कुमार देश के तलए
एक बहुि बड़ा काम इि मायिे में िो कर ही चुके हैं तक भ्रष्ट‍ाचार की एक पूरी िड़क
l
पर उन्होंिे िाकाबंदी कर दी है.’
15 अप्रैल 2013 तहलका

आवरण कथा

तििार्रण यतद एक रा£‍ीय थिर पर प्रतियोतििा आयोतजि करके होिा और ज्यादा िे
ज्यादा लोि इिमें शातमल होिे िो इिके दोहरे पतरणाम होिे. एक िरफ िो ज्यादा
लोिों की भािीदारी िे ज्यादा तिचार और रचिाएं िरकार िक पहुंचिीं िहीं दूिरी
िरफ ऐिी प्रतियोतििा लोिों को इि अतिकार के प्रति जािरूक भी करिी.’
िूचिा के अतिकार का 'लोिो' िरकार िे तबिा कोई प्रतियोतििा करिाए ही
तकिी व्यतति िे बििा तलया था. लेतकि तजि प्रिीक तचि‍ों अथिा 'लोिो' के
तििार्रण के तलए िरकार ि‍ारा प्रतियोतििाएं आयोतजि की भी िईं िहां भी ऐिा
तिफर् औपचातरकिा पूरी करिे को ही तकया िया. िरकार की अति महत्िाकांक्षी
योजिा 'आिार' के लोिो का चयि भी कई खातमयों िे भरा है. 'िमाज के अंतिम
व्यतति को उिकी पहचाि का बोि करािे' के उद‍ेचय िे चलाई जा रही इि योजिा
के लोिो के तलए एक प्रतियोतििा करिाई िई. प्रतियोतििा का तिज्ापि तिफर्
अंग्रेजी भाषा में जारी तकया िया. इि योजिा के बारे में लोिों को जािकारी
देिे और अतिक िे अतिक लोिों को इििे जोड़िे के तलए भारिीय तितशष्ट‍
पहचाि प्रातिकरण में अलि िे एक ितमति का भी िठि तकया िया है तजििे
तक इि प्रतियोतििा में जूरी का भी कायर् तकया. लेतकि इि तिशेष ितमति
ि‍ारा भी इि प्रतियोतििा में ज्यादा िे ज्यादा लोिों को शातमल
करिे के तलए कोई भी कदम िहीं उठाया िया.
लोिो का चयि करिे हेिु तजि जूरी को चुिा
िया था उिमें िे कई लोि चयि
के तदि उपतथथि भी िहीं थे और
जो िदथय उपतथथि थे उन्होंिे मात्र
िीि घंटे में 2,270 आिेदिों में िे
िबिे बेहिरीि लोिो को छांटिे
का कतरचमा कर तदखाया. तिजेिा

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