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ओळो

1968

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osho osho osho osho osho osho osho
osho osho osho
osho
osho
osho osho
वम्बोग
वे वभाधी की
ओय
osho osho osho osho osho osho osho
ओळो
1968

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संबोग : ऩयभात्भा

स सजन-ऊजाा—(बाग–1)

भेये प्रिम आत्भन,
िेभ क्मा शै?
जीना औय जानना तो आवान शै, रेककन कशना फशुत कठिन शै। जैवे कोई भछरी वे ऩछ
ू े कक वागय क्मा शै? तो भछरी कश वकती शै,
मश शै वागय, मश यशा चायों औय , लशी शै। रेककन कोई ऩछ
ू े कक कशो क्मा शै , फताओ भत, तो फशुत कठिन शो जामेगा भछरी को। आदभी
के जीलन भें जो बी श्रेष्ि शै, वन्
ु दय शै, औय वत्म शै ; उवे जजमा जा वकता शै, जाना जा वकता शै। शुआ जा वकता शै। रेककन कशना
फशुत कठिन फशुत भजु ‍कर शै।

औय दघ
घ ना औय दब
ु ट
ु ाघग्म मश शै कक जजवभें जजमा जाना चाठशए, जजवभें शुआ जाना चाठशए, उवके वॊफॊध भें भनुष्म जाित ऩाॉच छश
शजाय वार वे केलर फातें कय यशी शै। िेभ की फात चर यशी शै , िेभ के गीत गामे जा यशे शै। िेभ के बजन गामे जा यशे शै। औय िेभ
भनुष्म के जीलन भें कोई स्थान नशीॊ शै।
अगय आदभी के बीतय खोजने जामें तो िेभ वे ज्मादा अवत्म ळब्द दव
ू या नशीॊ िभरेगा। औय जजन रोगों ने िेभ को अवत्म िव्ध कय
ठदमा शै औय जजन्शोंने िेभ की वभस्त धायाओॊ को अलूद्ध कय ठदमा शै …..ओय फडा दब
ु ाघगम मश शै कक रोग वभझते शै कक ले शी िेभ
के जन्भदाता शै।

धभघ-िेभ की फातें कयता शै , रेककन आज तक जजव िकाय का धभघ भनुष्म जाित के ऊऩय दब
ु ाघग्म की बाॊित छामा शुआ शै। उव धभघ ने
भनुष्म के जीलन वे िेभ के वाये ्लाय फॊद कय ठदमे शै। औय न उव वॊफॊध भें ऩूयफ औय ऩज‍चभ भें पकघ शै न ठशन्दस्
ु तान औय न
अभयीका भें कोई पकघ शै।

भनुष्म के जीलन भें िेभ की धाया िकट शी ऩामी। औय नशीॊ शो ऩामी तो शभ दोऴ दे ते शै कक भनुष्म शी फुया शै , इविरए नशीॊ िकट शो

ऩामा। शभ दोऴ दे ते शै कक मश भन शी जशय शै , इविरए िकट नशीॊ शो ऩामी। भन जशय नशीॊ शै। औय जो रोग भन को जशय कशते यशे
शै, उन्शोंने शी िेभ को जशयीरा कय ठदमा,िेभ को िकट नशीॊ शोने ठदमा शै।
भन जशय शो कैवे वकता शै ? इव जगत भें कुछ बी जशय नशीॊ शै। ऩयभात्भा के इव वाये उऩरम भ भें कुछ बी प्रलऴ नशीॊ शै, वफ अभत
ृ शै।
रेककन आदभी ने वाये अभत
ृ को जशय कय िरमा शै औय इव जशय कये ने भें िळषक, वाधु, वॊत औय तथाकथथत धािभघक रोगों का वफवे
ज्मादा शाथ शै।

इव फात को थोडा वभझ रेना जूदयी शै। क्मोंकक अगय मश फात ठदखाई न ऩडे तो भनुष्म के जीलन भें कबी बी िेभ…बप्रलष्म भें बी
नशीॊ शो वकेगा। कमोंकक जजन कायणों वे िेभ नशीॊ ऩैदा शो वका शै , उन्शी कायणों को शभ िेभ िकट कयने के आधाय ओय कायण फना
यशे शै।
शारतें ऐवी शै कक गरत िव्धाॊतों को अगय शजाय लऴों तक दोशयामा जामे तो कपय मश बूर शी जाते शै कक िव्धाॊत गरत शै। औय
ठदखाई ऩडने रगता शै कक आदभी गरत शै। क्मोंकक लश उन िव्धाॊतों को ऩूया नशीॊ कय ऩा यशा शै।

भैंने वुना शै, एक वम्राट के भशर के नीचे वे एक ऩॊखा फेचने लारा गुजयता था। औय जोय वे थचल्रा यशा था कक अनूिे औय अ्बुत

ऩॊखे भैंने िनिभघत ककमे शै। ऐवे ऩॊखे कबी नशीॊ फनामे गमे। मे ऩॊखे कबी दे खे बी नशीॊ गमे शै। वम्राट ने खखडकी वे झाॊक कय दे खा कक
कौन शै। जो अनि
ू े ऩॊखे रे आमा शै। वम्राट के ऩाव वफ तयश के ऩॊखे थे —दिु नमा के कोने-कोने भें जो िभर वकते थे। औय नीचे दे खा,
गिरमाये भें खडा शुआ एक आदभी शै, वाधायण दो-दो ऩैवे के ऩॊखे शोंगे औय थचल्रा यशा शै —अनि
ू े , अ्प्रलतीम।

उव आदभी को ऊऩय फुरामा गमा औय ऩूछा गमा, इन ऩॊखों भें ऐवी क्मा खूफी शै? दाभ क्मा शै इन ऩॊखों के? उव ऩॊखे लारे ने कशा कक
भशायाज, दाभ ज्मादा नशीॊ शै। ऩॊखे को दे खते शुए दाभ कुछ बी नशीॊ शै। िवपघ वौ ूदऩमे का ऩॊखा शै।

वम्राट ने कशा, वौ ूदऩमे का, मश दो ऩैवे का ऩॊखा, जो फजाय भें जगश-जगश िभरता शै, औय वौ ूदऩमे दाभ। क्मा शै इवकी खूफी?
उव आदभी ने कशाॊ मे ऩॊखा वौ लऴघ चरता शै वौ लऴघ के िरए गायॊ टी शै। वौ लऴघ वे कभ भें खयाफ नशीॊ शोता शे ।
वम्राट ने कशा, इवको दे ख कय तो ऐवा नशीॊ रगता शै, कक वप्ताश बी चर जामे ऩूया तो भुज‍कर शै। धोखा दे ने की कोिळळ कय यशे
शो? वयावय फेईभानी औय लश बी वम्राट के वाभने।

उव आदभी ने कशा,आऩ भुझे बरी बाॊित जानते शै। इवी गिरमाये भें योज ऩॊखे फेचता शूॊ। वौ ूदऩमे दाभ शै इवके औय वौ लऴघ न चरे
तो जजम्भेदाय भै शूॊ। योज तो नीचे भौजद
ू शोता शूॊ। कपय आऩ वम्राट शै, आऩको धोखा दे कय जाऊॉगा कशाॊ?

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न कोई वभ्मता शै. औय बी वन ु ो.मश ऩॊखा ऩडा शुआ शै टूटा शुआ। मश वात ठदन भें शी मश गित शो गमी। तभ ु कशते थे. दव शजाय लऴघ की वॊस्कृित का मश आदभी पर शै। रेककन वॊस्कृित गरत नशीॊ शै.उववे िेभ नशीॊ शो वकता शै। कमोंकक िेभ के ऩैदा शोने की जो फुिनमादी वॊबालना शै. ककव फर ऩय फोर यशा शै। ऩॊखा वौ ूदऩमे भें खयीद िरमा गमा औय उववे कशा गमा कक वातलें ठदन तुभ उऩजस्थत शो जाना। दो चाय ठदन भें ऩॊखे की डॊडी फशाय िनकर गई। वातलें ठदन तो लश बफरकुर भुदाघ शो गमा। रेककन वम्राट ने वोचा ळामद ऩॊखे लारा आमेगा नशीॊ। रेककन िीक वातलें ठदन लश ऩॊखे लारा शाजजय शो गमा औय उवने कशा: कशो भशायाज. वौ वार चरेगा। ऩागर शो मा धोखेफाज? क्मा शो? उव आदभी ने कशा कक ‘भारभ ू शोत शै आऩको ऩॊखा झरना नशीॊ आता। ऩॊखा तो वौ वार चरता शी। ऩॊखा तो गायन्टीड शै। आऩ ऩॊखा झरते कैवे थे? वम्राट ने कशा.रेककन ऩॊखा फचेगा। ऩॊखा गरत नशीॊ शै। आऩके झरने का ढॊ ग गरत शै। मश आदभी ऩैदा शुआ शै —ऩाॉच छश जाय. फडा शोगा. औय वॊत औय भशात्भा जजनकी दश ु ाइमाॊ ठदमे चरे जा यशे शै। वोचने के िरए बी तैमाय नशीॊ शै कक कशीॊ फुिनमादी थचॊतन की ठदळा शी तो गरत नशीॊ शै ? भैं कशना चाशता शूॊ कक लश गरत शै। औय गरत—वफूत शै मश आदभी। औय क्मा वफूत शोता शै गरत का? एक फीज को शभ फोमे औय पर ज़शयीरे औय कडले शो तो क्मा िव्ध शोता शै ? िव्ध शोता शै कक लश फीज जशयीरा औय कडला यशा शोगा। शाराॊकक फीज भें ऩता रगाना भुज‍कर शै कक उववे जो पर ऩैदा शोगें . उन्शोंने कशा: कशना नशीॊ शै .अफ भझ ु े मश बी वीखना ऩडेगा कक ऩॊखा कैवे ककमा जाता शै। उव आदभी ने कशाॊ की कृऩा कय के फतराईमे की इव ऩॊखे की ऐवी गित वात ठदन भें ऐवी कैवे फना दी आऩने ? ककव बाॊित ऩॊखा ककमा शै? वम्राट ने ऩॊखा उिाकय कयके ठदखामा कक इव बाॊित भैंने ऩॊखा ककमा शै। तो उव आदभी ने कशा कक वभझ गमा बूर। इव तयश नशीॊ ककमा जाता ऩॊखा। वम्राट ने कशा तो ककव तयश ककमा जाता शै। औय क्मा तकयका शै ऩॊखा झरने का? उव आदभी ने कशाॊ कक ‘ऩॊखा ऩकडी मे वाभने औय िवय को ठशराइमें। ऩॊखा वौ लऴघ चरेगा। आऩ वभाप्त शो जामेंगे. जजनके ऩाव न कोई वॊस्कृित शै . लश आगे बी दव शजाय लऴों भें शोने लारा नशीॊ शै। क्मोंकक आदभी मशी शै. इव धभघ औय इवी वॊस्कृित के आधाय ऩय की आदभी कबी िेभ वे बा जाए? दव शजाय वार भें जो नशीॊ शो ऩाम. लश वॊस्कृित औय धभघ गरत तो नशीॊ शै। औय अगय दव शजाय लऴों भें आदभी िेभ वे नशीॊ बय ऩामा तो आगे कोई वॊबालना शै. भशान वफ कुछ। औय उवका मश पर शै आदभी। औय उवी वॊस्कृित वे गुजया शै औय ऩकयणाभ शै उवका रेककन नशीॊ आदभी गरत शै औय आदभी को फदरना चाठशए अऩने को। औय कोई कशने की ठशम्भत नशीॊ उिाता कक कशीॊ ऐवा तो नशीॊ शै कक दव शजाय लऴो भें जो वॊस्कृित औय धभघ आदभी को िेभ वे नशीॊ बय ऩाम. मश आदभी गरत शै। आदभी भयता जा यशा शै योज औय वॊस्कृित की दश ु ाई चरती चरी जाती शै। कक भशान वॊस्कृित भशान धभघ. तफ पर आमेंगे औय तफ ऩता चरेगा कक ले कडले शै। दव शजाय लऴघ भें वॊस्कृित औय धभघ के जो फीज फोमे गमे शै. वॊस्कृत औय वॊस्कृित औय वभ्म भनष्ु मों की फजाम अवभ्म औय जॊगर के आदभी भें ज्मादा िेभ ठदखाई ऩडता शै। जजवके ऩाव न कोई प्रलकिवत धभघ शै. धभों ने उवकी शी शत्मा कय दी शै। औय उवभें जशय घोर ठदमा शै। भनष्ु म वे बी ज्मादा िेभ ऩळु औय ऩषियषमों औय ऩौधों भें ठदखाई ऩडता शै .आकाळ भें पैरेगा. उतना शी िेभ वे ळन् ू म क्मों शोता चरा जाता शै। जूदय कुछ कायण शै। औय दो कायणों ऩय भैं प्रलचाय कयना चाशता शूॊ। अगय ले ख्मार भें आ जाएॊ तो िेभ के अलूद्ध स्रोत पूट वकते शै। औय िेभ की गॊगा फश वकती शै। लश शय आदभी के बीतय शै उवे कशीॊ वे राना नशीॊ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . न कोई वॊस्कृित शै। जजतना आदभी वभ्म. वव ु ॊस्कृत औय तथा कथथत धभों के िबाल भें भजन्दय ओय चचघ भें ऩाथघना कयने रगता शै . लश आदभी उवका पर शै। औय मश कडला शै। औय घण ृ ा वे बया शुआ शै। रेककन उवी की दश ु ाई ठदमे चरे जाते शै शभ औय वोचते शै उवभे िेभ शो जामगा। भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ. कर बी मशी शोगा आदभी शभेळा वे मशी शै. न कोई धभघ शै.ले कडले ऩैदा शोंगे। फीज भें कुछ खोजफीन नशीॊ की जा वकती। फीज को तोडो-पोडो कोई ऩता नशीॊ चर वकता शै कक इववे जो पर ऩैदा शोते शोंगे। ले कडले शोंगे। फीज को फोओ.वौ लऴघ रग जामेंगे—लष ृ शोगा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi लश ऩॊखा खयीद िरमा गमा। वम्राट को प्रलश्र्लाव तो न था। रेककन आ‍चमघ बी था कक मश आदभी वयावय झूि फोर यशा शै . औय शभेळा मशी शोगा। औय वॊस्कृित औय धभघ जजनके शभ नाये ठदमे चरे जा यशे शै .

आऩ तो केलर ऩत्थय तोड यशे शै।‘’ औय उव भिू तघ काय ने कशा कक भिू तघ तो ऩत्थय के बीतय िछऩी शै. फाधा दे यशी शै। अगय लश ऩतघ न शो ती तो फीज अॊकुकयत बी नशीॊ शो ऩाएगा। ऐवा ठदखाई ऩडता शै कक एक ऩतघ जभीन की फीज को नीचे दफा यशी शै। रेककन लश ऩतघ दफा इविरए यशी शै। ताकक फीज दफे. इविरए गॊगा वागय तक ऩशुॊच जाती शै। ठशभारम को काटकय ऩशुॊच जाती शै। रेककन अगय आदभी ईजाद कये .इॊतजाभ कये . फीभाकयमों के फाफत शभ फात वकते शै कक फीभाकयमाॊ क्मा शै . खोज शी रेगी। औय कोई यास्ता नशीॊ शै। कोई गाईड फुक नशीॊ शै। कक जजववे ऩता रगा रे कक कशाॊ वे जान शै। रेककन ऩशुॊच जाती शै। रेककन फाॉध फना ठदमे जाएॊ. लश बी ळामद ळजक्त को जगाने के िरए चुनौती शै। लश जो प्रलयोध बी ठदखाई ऩडता शै . जो शभने ऊऩय ओढा शुआ शै। जो उवे िकट नशीॊ शोने दे ता? एक थचककत्वक वे जाकय आऩ ऩछ ू े कक स्लास्थ क्मा शै? औय दिु नमाॊ का कोई थचककत्वक नशीॊ फता वकता शै कक स्लास्थ क्मा शै। फडे आ‍चमघ कक फात शै। स्लास्थ ऩय शी तो वाया थचककत्वा ळास्र खडा शै। वायी भेसडकर वाइॊव खडी शै। औय कोई नशीॊ फात वकता शै कक स्लास्थ क्मा शै। रेककन थचककत्वक वे ऩूछो कक स्लास्थ क्मा शै। तो लश कशे गा.चायों औय ऩयकोटे उिा ठदमे जाएॊ? िकृित की फाधाओॊ को तो तोडकय गॊगा वागय तक ऩशुॊच जाती शै। रेककन आदभी की इॊजीिनमकयॊग की फाधाएॊ खडी कय दी जाएॊ तो शो वकता शै कक गॊगा वागय तक न ऩशुॊच ऩाए मश बेद वभझ रेना जूदयी शै। िकृित की कोई बी फाधा अवर भें फाधा नशीॊ शै. उवे िकट कयने के िरए फुराला शै। लशाॊ शभ फीज को दफाते शैं जभीन भें । ठदखाई ऩडता शै कक जभीन की एक ऩतघ फीज के ऊऩय ऩडी शै . भैदान तोडगी. लश िाणों की वुगॊध शै ित्मेक के बीतय। रेककन चायों तयप ऩयकोटा शै उवके औय लश िकट नशीॊ शो ऩाता। वफ तयप ऩत्थय की दीलार शै औय लश झयने नशीॊ पूट ऩाते। तो िेभ की खोज औय िेभ की वाधना कोई ऩाजीठटल. िवपघ उवके ऊऩय जो व्मथघ ऩत्थय जड ु ा शै उवे अरग कय दे ने की जूदयत शै औय भिू तघ िकट शो जामेगी। भिू तघ फनामी नशी जाती शै भिू तघ िवपघ आप्रलष्कृत शोती शै। सडस्क लय शोती शै। अनालत ृ शोती शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi िेभ कोई ऐवी फात नशीॊ शै कक कशीॊ खोजने जाना शै उवे। लश िाणों की प्माव शै ित्मेक के बीतय. िकृित तो एक शाभघनी शे । लशाॊ जो फाधा बी ठदखाई ऩडती शै. ूदकालट कशाॊ डार दी गई शै। अगय कोई बी ूदकालट न शो तो िेभ िगट शोता शी. भैं तो भूितघ फनाते दे खने के िरमा आमा था. उवे फनाने की जूदयत नशीॊ शै . औय ऩशुॊच जामेगी वागय तक। वागय ककतना शी दयू शो. उघाडी जाती शै। भनुष्म के बीतय िेभ िछऩा शै. गरे औय टूट जामे औय अॊकुकयत शो जामे। ऊऩय वे ठदखामी ऩडता शै कक लश जभीन फाधा दे यशी शै। रेककन लश जभीन िभर शै औय वशमोग कय यशी शै फीज को िकट कयने भें । More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . ककतना शी िछऩा शो. उवे िवखाने की औय वभझाने की कोई बी जूदयत नशीॊ शै। अगय भनुष्म के ऊऩय गरत वॊस्कृित औय गरत वॊस्काय की धायाएॊ औय फाधाएॊ न शों. अडचन क्मा शै . उवके िाण शै। उवके ऩाव जर शै। लश फशे गी औय वागय को खोज शी रेगी। न ककवी ऩिु रव लारे वे ऩूछेगी. न ककवी ऩुयोठशत वे ऩूछेगी कक वागय कशाॊ शै। दे खा ककवी गॊगा को चौयास्ते ऩय खडे शोकय ऩुिरव लारे वे ऩूछते कक वागय कशाॊ शै ? उवके िाणों भें शी िछऩी शै वागय की खोज। औय ऊजाघ शै तो ऩशाड तोडगी. भूितघ नशीॊ फनाओगे. लश बी ळामद बीतय िाणों भें जो िछऩा शै. िवपघ उघाडने की फात शै। उवे ऩैदा कयने का वलार नशीॊ शै। अनालत ृ कयने की फात शै। कुछ शै . तो शय आदभी िेभ को उऩरब्ध शोगा शी। मश अिनलामघता शै। िेभ वे कोई फच शी नशीॊ वकता। िेभ स्लबाल शै। गॊगा फशती शै ठशभारम वे। फशे गी गॊगा. कोई प्रलधामक खोज औय वाधना नशीॊ शै कक शभ जामें औय कशी िेभ वीख रें । एक भूितघकाय एक ऩत्थय को तोड यशा था। कोई दे खने गमा थ कक भूितघ कैवे फनामी जाती शै। उवने दे खा कक भिू तघ तो बफरकुर नशीॊ फनामी जा यशी शै। िवपघ छै नी औय शथौडे वे ऩत्थय तोडा जा यशा था। उव आदभी ने ऩूछा ‘’मश क्मा कय यशे शो.तो गॊगा को वागय तक नशीॊ बी ऩशुॊचने दे वकता शै। िकृित को तो एक वशमोग शै . िेभ शभाया स्लबाल शै। इविरए मश फात गरत शै कक भनष्ु म को वभझामा जाए कक तभ ु िेभ ऩैदा कयो। वोचना मश शै कक िेभ ऩैदा क्मों नशीॊ शो ऩा यशा शै। क्मा फाधा शै. उनके रषण शभें ऩता शै। एक-एक फीभायी की अरग-अरग ऩकयबाऴा शभें ऩता शै। स्लास्थ? स्लास्थ का शभें कोई बी ऩता नशीॊ शै। इतना शभ कशा वकते शै कक जफ कोई फीभायी नशीॊ शोती शै। लश स्लास््म शै। स्लास््म तो भनुष्म के बीतय िछऩा शै। इविरए भनुष्म की ऩकयबाऴा के फाशय शै। फीभायी फशाय वे आती शै। इविरए फाशय वे ऩकयबाऴा की जा वकती शै। स्लास््म बीतय वे आता शै। कोई बी ऩकयबाऴा नशीॊ की जा वकती शै। इतना शी शभ कश वकते शै कक फीभाकयमों का अबाल स्लास््म शै। रेककन मश क्मा स्लास््म कक ऩकयबाऴा शुई? स्लास््म के वॊफॊध भें तो शभने कुछ बी नशीॊ कशा। कशा शै फीभाकयमाॊ नशीॊ शै। तो फीभाकयमों के वॊफॊध भें कशा। वच मश शै कक स्लास््म ऩैदा नशीॊ कयना शोता शे । मश तो िछऩ जाता शै फीभाकयमों भें मा शट जात शै तो िकट शो जाता शै। स्लास््म शभभें शे । स्लास््म शभाया स्लबाल शै। िेभ शभभें शै.

जजवके शभ ळरु शो गमे. रडना नशीॊ चाठशए। औय वायी िळषाऐॊ फुिनमाद भें िवखा यशी शै कक रडों। भन जशय शै तो भन वे रडों। जशय वे तो रडना ऩडेगा। वेक्व ऩाऩ शै तो उववे रडों। औय ऊऩय वे कशा जा यशा शै कक ्लॊ्ल छोडो। जजन िळषाओॊ के आधाय ऩय भनष्ु म ्लॊ्ल वे बय यशा शै। ले शी िळषाऐॊ दव ू यी तयप कश यशी शै कक ्लॊ्ल छोडो। एक तयप आदभी को ऩागर फनाओ औय दव ू यी तयप ऩागरऺाने खोरों कक फीभाकयमों का इराज मशाॊ ककमा जाता शै। एक फात वभझ रेना जूदयी शै इव वॊफॊध। भनुष्म कबी बी काभ वे भुक्त नशीॊ शो वकता। काभ उवके जीलन का िाथिभक बफन्द ु शै। उवी वे जन्भ शोता शै। ऩयभात्भा ने काभ की ळजक्त को शी. आज तक भनुष्म की वायी वॊस्कृित मों ने वेक्व का. भशात्भा उवे ऩाऩ फात यशे शै। अगय ऩयभात्भा उवे ऩाऩ वभझता शै तो ऩयभात्भा वे फडा ऩाऩी इव ऩ् ृ ली ऩय. क्मोंकक उवके फनने के िरए जो स्लीकृित चाठशए. ऩशरी वीढी वे नष्ट कय ठदमा बलन को। कपय लश शीया नशीॊ ऩाता कोमरा. ऩानी नशीॊ िभरा शोगा िीक वे। वूयज की योळनी नशीॊ िभरी शोगी िीक वे। रेककन आदभी के जीलन भें खखर न ऩामे पूर िेभ का तो शभ कशते शै कक तुभ शो जजम्भेदाय। औय कोई नशीॊ कशता कक बूिभ नशीॊ िभरी शोगी.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi िकृित तो एक शाभघनी शै . इव जगत भें इव प्रल‍ल भें कोई नशीॊ शै। पूर खखरा शुआ ठदखाई ऩड यशा शै। कबी वोचा शै कक पूर का खखर जाना बी वेक्वुअर ऐक्ट शै.जो उवका प्रलकाव चाठशए जो उवको ूदऩाॊतकयत कयने की िकरम मा चाठशए. लावना का प्रलयोध ककमा शै। इव प्रलयोध ने भनुष्म के बीतय िेभ के जन्भ की वॊबालना तोड दी. लीमघ के कण शै जजन्शें िततिरमों उडा कय दव ू ये पूरों ऩय रे जाएॊगी औय नमा जन्भ दे गी। एक भोय नाच यशा शै —औय कप्रल गीत गा यशा शै। औय वॊत बी दे ख कय िवन्न शो यशा शे —रेककन उन्शें ख्मार नशीॊ कक नत्ृ म एक वेक्वुअर ऐक्ट शै। भोय ऩुकाय यशा शै अऩनी िेमवी को मा अऩने िेभी को। लश नत्ृ म ककवी को कयझाने के िरए शै? ऩऩीशा गीत गा यशा More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . जजववे शभायी ्लॊ्ल की जस्थित फन गमी शो औय जजववे शभ िनयॊ तय रडने रगे —अऩनी शी ळजक्त वे आदभी को रडा ठदमा गमा शै। वेक्व की ळजक्त वे आदभी को रडा ठदमा गमा शै। औय िळषाऐॊ दी जाती शै कक ्लॊ्ल छोडना चाठशए. जो कोमरे भें शै। औय कोमरा शी शजायों वार की िकरम मा वे गुजय कय शीया फन जाता शै। रेककन कोमरे की कोई कीभत नशीॊ शै . लश काभ की ळजक्त का शी रांाॊवपेभें ळन शै। लश उवी का ूदऩाॊतयण शै। एक कोमरा ऩडा शो औय आऩको ख्मार बी नशीॊ आमेगा कक कोमरा शी ूदऩाॊतकयत शोकय शीया फन जाता शै। शीये औय कोमरे भें फुिनमादी ूदऩ वे कोई पकघ नशीॊ शै। शीये भें बी ले शी तत्ल शै . अॊतत: िेभ भें ऩकयलितघत शोती शै औय ूदऩाॊतकयत शोती शै। िेभ का जो प्रलकाव शै. तो शभ कशें गे कक जभीन नशीॊ िभरी शोगी िीक वे.औय वाये धभघ. प्रलकिवत नशीॊ शो ऩामा. काभ का. गॊगो री—जशाॊ वे गॊगा ऩैदा शोगी िेभ की—लश वेक्व शै. जशय शै काभ. जो-जो उवने अऩने अऩनी माॊबरक धायणाओॊ को िोकने की औय बफिाने की कोिळळ की शै . नष्ट कय दी। इव िनऴेध ने…. पूर का खखर जाना बी काभ की एक घटना शै. वेक्व शै। िेभ की मारा का जन्भ. औय वाये गुरु औय वाये भशात्भा–तो गॊगो री ऩय शी चोट कय दी। लशाॊ योक ठदमा। ऩाऩ शै काभ. अधभ शै काभ। औय शभने वोचा बी नशीॊ कक काभ की ऊजाघ शी. एक वॊगीत ऩूणघ रमफ्धता शै। रेककन आदभी ने जो-जो िनवगघ के ऊऩय इॊजीिनमकयॊग की शै . कानजलरक््व छोडनी चाठशए. उवका वलार शी नशीॊ उिता। जजवके शभ द‍ु भन शो गमे. पूर तक नशीॊ ऩशुॊच ऩामा। भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक फिु नमादी फाधाएॊ आदभी ने खडी की शै। िेभ की गॊगा तो फश वकती शै औय ऩयभात्भा के वागय तक ऩशुॊच वकती शै। आदभी फना इविरए शै कक लश फशे औय िेभ फढे औय ऩयभात्भा तक ऩशुॊच जामे। रेककन शभने कौन वी फाधाएॊ खडी कय री? ऩशरी फात. वूयज की योळनी नशीॊ िभरी शोगी िीक वे। इव िरए लश आदभी का ऩौधा अलूद्ध शो गमा. अच्छे आदभी उवके द‍ु भन शै। औय उवके प्रलयोध भें िेभ के अॊकुय बी नशीॊ पूटने ठदमे शै। औय जभीन वे. ऩानी नशीॊ िभरा शोगा िीक वे. वेक्व को शी वजृ ष्ट का भूर बफॊद ू स्लीकाय ककमा शै। औय ऩयभात्भा जजवे ऩाऩ नशीॊ वभझ यशा शै.क्मोंकक वचाई मश शै कक िेभ की वायी मारा का िाथिभक बफन्द ु काभ शै. काभ की ळजक्त शी िेभ फनती शै। रेककन उवके प्रलयोध भें—वाये द‍ु भन शै उवके. लश काभ शै। औय उवके वफ द‍ु भन शै। वायी वॊस्कृितमाॊ. उववे गॊगाए ूदक गमी शै। जगश-जगश अलूद्ध शो गमी शै। औय कपय आदभी को दोऴ ठदमा जा यशा शै। ककवी फीज को दोऴ दे ने की जूदयत नशीॊ शै। अगय लश ऩौधा न फन ऩामा. एक मारा शै। कोमरे की ळजक्त शी शीया फनती शै। अगय आऩ कोमरे के द‍ु भन शो गमे— जो कक शो जाना बफरकुर आवान शै। क्मोंकक कोमरे भें कुछ बी नशीॊ ठदखाई ऩडता शै—तो शीये के ऩैदा शोने की वॊबालना बी वभाप्त शो गमी. लावना की एक घटना शै। पूर भें शै क्मा—उवके खखर जाने भें? उवके खखर जाने भें कुछ बी नशीॊ शै। ले बफॊद ु शै ऩयाग के. वेक्व एनजजी शी. क्मोंकक कोमरा शी शीया फन वकता शै। वेक्व की ळजक्त शी. उवे कोई घय भें यखता बी शै तो ऐवी जगश जशाॊ कक ठदखाई न ऩडे। औय शीये को रोग छाितमों ऩय रटकाकय घभ ू ते शै। जजववे की लश ठदखाई ऩडे। औय शीया औय कोमरा एक शी शै . िथभ वे. रेककन कोई ठदखाई नशीॊ ऩडता शै कक इन दोनों के फीच अॊतय-वॊफॊध शै .

ळानदाय जूते थे। औय उवके वाभने शी लश पकीय बफरकुर नौकय-चाकय दीन-शीन ठदखाई ऩडने रगा। औय उवने वोचा कक मश तो फडी भुिळकर शो गई. लश ूदग्ण शो गमा शै। औय मश जो भनष्ु म जाित इतनी काभक ु ठदखाई ऩड यशी शै . फयवों वे ितीषा कयता था कक तुभ आओगे तो फैिेंगे औय फात कयें गे। औय दब ु ाघग्म कक भुझे ककवी िभर वे िभरने जाना शै। भैं लचन दे चुका शूॊ। लो लशाॊ भेयी याश ताकता शोगा। भुझे लशाॊ जाना शी शोगा। घण्टे बय भें जल्दी वे जल्दी रोट कय आने की कोिळळ कूदॊगा। तुभ तफ तक थोडा प्रलश्राभ कय रो। उवके िभर ने कशा भुझे तो चैन नशीॊ शै. वज्जनों औय वॊतों का शाथ शै। औय जफ तक भनष्ु म जाित वज्जनों औय वॊतों के अनाचाय वे भक् ु त नशीॊ शोगी तफ तक िेभ के प्रलकाव की कोई वॊबालना नशीॊ शै। भुझे एक घटना माद आती शै। एक पकीय अऩने घय वे िनकरा था। ककवी िभर के ऩाव िभरने जा यशा था। िनकरा शै घोडे ऩय चढा शुआ शै .वेक्व शी वफ कुछ शो गमा शै। उवके िाण भें एक घाल शो गमा शै—प्रलयोध के कायण. उवको कोई नशीॊ दे खता। िभर की तयप वफकी आॊखें जाती। लश फडी भुज‍कर भें ऩड गमा मश तो आज बूर कय री—अऩने शाथों वे बूर कय री। जजनके घय जाना था. लशाॊ ऩशुॊचा। जाकय ऩकयचम ठदमा कक भेये िभर शै जभार. अगय तुम्शाये ऩाव कुछ अच्छे कऩडे शो तो दे दो भैं ऩशन रूॊ। औय वाथ शो जाऊॉ। िनज‍चत था उव पकीय के ऩाव। ककवी वम्राट ने उवे एक फशुभूल्म कोट. काभ के वाथ भैरी स्थाप्रऩत कयनी शै औय काभ की धाया को औय ऊचाई मों तक रे जाना शै। ककवी ऋप्रऴ ने ककवी फधू को नल लय औय लधू को आळीलाघद दे ते शुए कशा था कक तेये दव ऩुर ऩैदा शो औय अॊतत: तेया ऩित ग्मायशलाॊ ऩर ु फन जामे। लावना ूदऩाॊतकयत शो तो ऩत्नी भाॊ फन वकती शै। लावना ूदऩाॊतकयत शो तो काभ िेभ फन वकता शै। रेककन काभ शी िेभ फनता शै. इविरए भनुष्म दीन-शीन. द‍ु भनी के कायण.ऊऩय कुछ औय दव ू यी फातें कय यशा शै . क्मोंकक लश तो आगे का प्रलकाव था. काभ की ऊजाघ शी िेभ की ऊजाघ भें प्रलकिवत शोती शै। रेककन शभने भनष्ु म को बय ठदमा शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi शै.उन वफ का ध्मान इवी ऩय जामेगा। भेयी तयश तो कोई दे खेगा बी नशीॊ। अऩने शी कऩडे…. एक ऩगडी औय एक धोती बें ट की थी। उवने वॊबार कय यखी थी कक कबी जूदयत ऩडेगी तो ऩशनॊग ू ा। लश जूदयत नशीॊ आमी। िनकार कय रे आमा खळ ु ी भें । िभर ने जफ ऩशन िरए तफ उवे थोडी ईष्माघ ऩैदा शुई। िभर ने ऩशनी तो िभर वम्राट भारभ ू शोने रगा। फशुभूल्म कोट था. धोती थी. शभायी भूितघमाॊ वफ घूभ कपय कय वेक्व के आव ऩाव केंठित शो गमी शै। शभाय भन शी वेक्व के आवऩाव केंठित शो गमा शै। इव जगत भें कोई बी ऩळु भनुष्म की बाॊित वेक्वअ ु र नशी शै। भनुष्म चौफीव घॊटे वेक्वुअर शो गमा शै। उिते-फैिते. फचऩन के शभ दोस्त शे . शभाये भॊठदय.रेककन लशाॊ उवका भन नशीॊ शै। बीतय उवके फव कोट औय ऩगडी। यास्ते ऩय जो बी आदभी दे खता.ऩगडी भें छोडो। ऩशने यशने दो। ककतना पकघ ऩडता शै। रेककन जजतना वभझाने की कोिळळ की .ऩगडी भें . िेभ वे कयक्त औय खोटा औय ना-कुछ शो गमा शै। काभ वे रडना नशीॊ शै. फशुत प्माये आदभी शै। औय कपय अचानक अनजाने भुॊश वे िनकर गमा कक यश गमे कऩडे भेये शै। क्मोंकक िभर बी.ऩगडी. मश तो गरत शो गमा। जजनके घय भैं जा यशा शूॊ.काभ की शी अिबव्मॊजना शै। वाया जीलन. औय वेक्वअ ु र शोता चरा गमा। शभाये वाये गीत शभायी वायी कप्रलताएॊ शभाये थचर. ळरुता के कायण। जो जीलन का भूर था. वोते जागते. अचानक उवके फचऩन का एक दोस्त घय आकय वाभने खडा शो गमा शै। उवने कशा कक दोस्त. वायी अिबव्मजक्त वायी लरालकयगॊ काभ की शै। औय उव काभ के खखराप वॊस्कृित औय धभघ आदभी के भन भें जशय डार यशे शै। उववे रडाने की कोिळळ कय यशे शै। भौिरक ळजक्त वे भनुष्म को उरझा ठदमा शै। रडने के िरए.कोट ऩगडी शी उवके भन भें घभ ू ने रगी। िभर दव ू यी फात कयने रगा। रेककन लश बीतय तो…. इवके ऩीछे तथाकथथत धभों औय वॊस्कृित का फिु नमादी शाथ शै। इवके ऩीछे फयु े रोगों का नशीॊ. शभायी ऩें ठटॊग. जजनके घय गमे थे. काभ की स्लीकृित वे आता शै। िेभ तो प्रलकिवत नशीॊ शुआ औय काभ के प्रलयोध भें खडे शोने के कायण भनष्ु म का थचत ज्मादा काभक ु शो गमा.ओय आज अऩने शी कऩडों के कायण भैं दीन-शीन शो जाऊॉगा। रेककन फाय-फाय भन को वभझाता कक भुझे ऐवा नशीॊ वोचना चाठशए भैं तो एक पकीय शूॊ—आत्भा ऩयभात्भा की फातें कयने लारा। क्मा यखा शै कोट भें . लश बी उवके कऩडों को दे ख यशा More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .कोट-ऩगडी. ऩगडी थी. तुभ घय ऩय रुको. भें क्मा यखा शै—कोट. अच्छा शोगा कक भैं तुम्शाये वाथ शी चरा चरू। रेककन उवने कशा कक भेये कऩडे गॊदे शो गमे शै। यास्ते की धूर के कायण. एक मुलती वुन्दय शोकय प्रलकिवत शो गमी शै। मे वफ की वफ वेक्वुअर एनजजी की अिबव्मॊजना शै। मश वफ का वफ काभ का शी ूदऩाॊतयण शै। मश वफ का वफ काभ की शी अिबव्मक्त. एक आदभी जलान शो गमा शै. उववे भुक्त तो शुआ नशीॊ जा वकता था। रेककन उववे रडने की चेष्टा भें वाया जीलन ूदग्ण जूदय शो वकता था. काभ के प्रलयोध भें । इवका ऩकयणाभ मश शुआ शै कक िेभ तो ऩैदा नशीॊ शो वका. कोमर फोर यशी शै .

लशीॊ शभायी कभजोयी शै। औय तफ ्लॊ्ल ऩैदा शो जाना स्लाबाप्रलक शै। लश रडता शुआ दयलाजे के बीतय गमा. भैं जाता नशीॊ तुम्शाये वाथ। ऩय लश शाथ जोडने रगा कक नशीॊ ऐवा भत कयो। जीलन बय के िरए द्ु ख यश जामेगा की भैंने क्मा दव्ु मघलशाय ककमा। अफ भैं कवभ खाता शूॊ की कऩडे की फात शी नशीॊ उिाऊॊगा। भैं बफरकुर बगलान की कवभ खाता शूॊ। कऩडों की फात शी नशीॊ उिानी। आकय कवभ खाने लारों वे शभेळा वालधान यशना जूदयी शै . वफ तो भामा शै। रेककन मश वफ वभझ यशा शै। रेककन अविरमत तो फाशय वे बीतय. क्मा न कूदॊ. उवके बीतय उव कवभ वे बी भजफूत कोई फैिा शै। जजवके खखराप लश कवभ खा यशा शै। औय लश जो बीतय फैिा शै . इव फात को कक उतने शी जोय वे उवके बीतय मश बालना घय कय यशी शै कक मे कऩडे भेये शै। आखखय ढ़ढ वॊकल्ऩ ककमा क्मों जाता शै ? एक आदभी कशता शै कक भैं ब्रह्भचमघ का ढ़ढ व्रत रेता शूॊ. फशुत प्माये आदभी शै। यश गमे कऩडे उन्शी के शै . लश उवके िरए शी कशे चरे जा यशा शै। गमे तीवये िभर के घय। अफ उवने बफरकुर शी अऩनी वाॊवों तक का वॊमभ कय यखा शै। वॊमभ आदभी फडे खतयनाक शोते शै। क्मोंकक उनके बीतय ज्लाराभुखी उफर यशा शै . ऊऩय वे लश वॊमभ वाधे शुए शै। औय इव फात को स्भयण यखना कक जजव चीज को वाधना ऩडता शै —वाधने भें इतना श्रभ रग जाता शै कक वाधना ऩयू े लक्त शो नशीॊ वकती। कपय िळथथर शोना ऩडेगा. बूर शो गई। कैवे मश क्मा ख्मार आ गमा. क्मोंकक जो बी कवभ खाता शै. उतनी शी जल्दी भु्िी खुर जामेगी। भु्िी खुरी यखी जा वकती शै। रेककन फाॉध कय नशीॊ यखी जा वकती शै। जजव काभ भें श्रभ ऩडता शै उव काभ को आऩ जीलन नशीॊ फना वकते। कबी वशज नशीॊ शो वकता शै लश काभ। श्रभ ऩडेगा तो कपय प्रलश्राभ का लक्त आमेगा शी। इविरए जजतना वधा वॊत शै उतना शी खतयनाक आदभी शोता शै। क्मोंकक उवके प्रलश्राभ का लक्त आमेगा। चौफीव घॊटे बी तो उवे िळथथर शोना शी ऩडेगा। उवी फीच दिु नमा बी के ऩाऩ उवके बीतय खडे शो जामेंगे। नकघ वाभने आ जामेगा। तो उवने बफरकुर शी अऩने को वाॊव-वाॊव योक िरमा औय कशा कक अफ कवभ खाता शूॊ इन कऩडों की फात शी नशीॊ कयनी। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उवका भतरफ शै कक उवके बीतय काभक ु ता ढ़ढता वे धक्के भाय यशी शै। नशीॊ तो औय कायण क्मा शै? एक आदभी कशता शै कक भैं कवभ खाता शूॊ कक आज वे कभ खाना खाऊॊगा। उवका भतरफ शै कक कवभ खानी ऩड यशी शै। ज्मादा खानें का भन शै उवका। औय तफ अिनलामघ ूदऩेण ्लॊ्ल ऩैदा शोता शै। जजववे शभ रडना चाशते शै . कक भैं तो शैयान शुआ कक तुभवे िनकर कैवे गमा। उवने कशा कुछ नशीॊ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi था। औय बीतय उवके चर यशा था कोट-ऩगडी. भैं क्मा कूदॊ. कुछ वभझ भें नशीॊ आता शै। शाराॊकक ऩूयी तयश वभझ भें आ यशा था ख्मार कैवे आमा शै। दव ू ये िभर के घय गमे। अफ लश तम कयता शै यास्ते भें कक अफ चाशे कुछ बी शो जामे. भेये नशीॊ शै। ऩय घय के रोगो को ख्मार आमा कक मे क्मा–‘’कऩडे उन्शीॊ के शै . मश नशीॊ कशना शै कक कऩडे भेये शै। ऩक्का कय रेता शै अऩने भन को। घय के ्लाय ऩय उवने जाकय बफल्कुर ढ़ढ वॊकल्ऩ कय िरमा कक मश फात नशीॊ उिानी शै कक कऩडे भेये शै। रेककन उव ऩागर को ऩता नशीॊ कक लश जजतना शी ढ़ढ वॊकल्ऩ कय यशा शै इव फात का. लश ढ़ढ वॊकल्ऩ फता यशा शै . फचऩन के दोस्त शै. भेयी ऩगडी। उवने कशा कक ढ़ढता वे कवभ खामी शै। इवकी फात शी नशीॊ उिानी शै। भेया क्मा शै —कऩडा-रत्ता। कऩडे रत्ते ककवी के शोत शै। मश तो वफ वॊवाय शै . लश ज्मादा बीतय शै। कवभ ऊऩय शै औय फाशय शै। कवभ चेतन भन वे खामी गमी शै। ओ जो बीतय फैिा शै शल अचेतन की ऩयतों तक वभामा शुआ शै। अगय भन के दव ठशस्वे कय दें तो कवभ एक ठशस्वे ने खाई शै। नौ ठशस्वा उरटा बीतय खडा शुआ शै। ब्रह्भचमघ की कवभें एक ठशस्वा खा यशा शै भन का औय नौ ठशस्वा ऩयभात्भा की दश ु ाई दे यशा शै। लश जो ऩयभात्भा ने फनामा शै. मश क्मा शो गमा शै भुझे। आज तक भेयी जजॊदगी भें कऩडों ने इव तयश वे भुझे ऩकड िरमा शै। ऩशरे तो ऐवे कबी नशीॊ ऩकडा था। रेककन अगय तयकीफ उऩमोग भें कयें तो कऩडे बी ऩकड वकते शै। िभर ने कशा.बीतय वे फाशय शो यशी शै। वभझामा कक भेये िभर शै. वॊबर-वॊबर कय फोरा कक भेये िभर शै। रेककन जफ लश फोर यशा शै . कऩडे भेये शै। िभर बी शैयान शुआ। घय के रोग बी शैयान शुए कक मश क्मा ऩागरऩन की फात शै। ख्मार उवको बी आमा फोर जाने के फाद। तफ ऩछतामा कक मे तो बूर शो गई। ऩछतामा तो औय दफामा अऩने भन को। फाशय िनकर कय षभा भाॊगने रगा कक षभा कय दो. भाप कय दो.भेयी कोट-ऩगडी। औय उन्शीॊ की लजश वे भैं ऩये ळान शो यशा शूॊ। िनकर गमा भुॊश वे की यश गमे कऩडे. तो कबी-कबी फेभौके जफान वे िनकर जाता शै। चक ु कबी नशीॊ शोती शै. जजतनी जोय वे फाधॊग ू ा उतना शी जल्दी थक जाऊॉगा औय भ् ु िी खर ु जामेगी। जजव चीज भें बी श्रभ कयना ऩडता शै जजतना ज्मादा श्रभ कयना ऩडता शै उतनी जल्दी थकान आ जाती शै। ळजक्त खत्भ शो जाती शै। औय उल्टा शोना ळूद ु शो जाता शै। भु्िी फाॊधी जजतनी जोय वे . भेये नशीॊ शै ’’ —आज तक ऐवा ऩकयचम कबी दे खा नशी गमा था। फाशय िनकर कय भाफी भाॊगने रगा कक फडी बूर शुई जो यशी शै . तफ उवको कोई बी नशीॊ दे ख यशा शै। उवके िभर को उव धय के रोग दे ख यशे शै। तफ कपय उवे ख्मार आमा—भेया कोट. गरती शो गमी। िभर ने कशा. प्रलश्राभ कयना ऩडेगा। अगय भैं जोय वे भ् ु िी फाॉध रॊू तो ककतनी दे य फाॉधे यश वकता शूॊ। चौफीव घॊटे. िवपघ जूफान थी चुक गई। शाराॊकक की जफान की चूक कबी बी नशीॊ शोती। बीतय कुछ चरता शोता शै .

वेक्व की दिु नमा ळूद ु शोती शै। औय इन दोनों के बीतय मश बाल शै कक मश ऩाऩ शै। औय कपय कशा जामेगा स्री को कक ऩित को ऩयभात्भा भानों। जो ऩाऩ भें रे जा यशा शै। उवे ऩयभात्भा कैवे भाना जा वकता शै। मश कैवे वॊबल शै कक जो ऩाऩ भें घवीट यशा शै लश ऩयभात्भा शै। औय उव रडके वे कशा जामेगा उव मुलक को कशा जामेगा कक तेयी ऩत्नी शै . तेयी वाथथन शै. लश प्रलऴाक्त शो गमा शै। वेक्व को दप्रू ऴत कशने वे.जजवने थोडा फशुत िेभ नशीॊ ककमा शो? याभानुज ने तीवयी फाय ऩूछा कक तू कुछ तो फता. मश भेया आधा अॊग—मश नकघ का ्लाय। भुझे उवे भें धकेर यशा शै। भेया आधा अॊग। इव के वाथ कौन वा वाभॊजस्म फन वकता शै। वायी दिु नमा का दाम्ऩत्म जीलन नष्ट ककमा शै इव िळषा ने। औय जफ दम्ऩित का जीलन नष्ट शो जामे तो िेभ की कोई वॊबालना नशीॊ शै। क्मोंकक लश ऩित औय ऩत्नी िेभ न कयें वकें एक दव ू ये को जो कक अत्मन्त वशज औय नैवथगघक िेभ शै। तो कपय कौन औय ककवको िेभ कय वकेगा। इव िेभ को फढामा जा वकता शै। कक ऩत्नी औय ऩित का िेभ इतना प्रलकिवत शो. तफ इधय आना। तो उव फेचाये ने ककमा बी शो तो लश कशता गमा कक भैंने नशीॊ ककमा शै । ऐवा कौन आदभी शोगा. इतना उठदत शो इतना ऊॊचा फने कक धीये -धीये फाॉध तोड दे औय दव ू यों तक पैर जामे। मश शो वकता शै। रेककन इवको वभाप्त शी कय ठदमा जामे. ले फेटों को. फडे ऩुयाने दोस्त शै। फशुत अच्छे आदभी शै। औय एक षण को लश रुका। जैवे बीतय वे कोई जोय का धक्का आमा शो औय वफ फश गमा। फाढ आ गमी शो औय वफ फश गमा शो। औय उवने कशा कक यश गमी कऩडों की फात. तो ळामद ले कशें गे कक अबी िेभ-व्रेभ छोड. रडकों को वभझामा जो यशा के वेक्व ऩाऩ शै। कपय लश रडकी जलान शोती शै। इवकी ळादी शोती शै . फच्चों को िेभ कय वकते शै। तो आऩ गरत वोच यशे शै। ऩत्नी उवी भारा भें फेटे को िेभ कये गी. जजव भारा भें उवने अऩने ऩित को िेभ ककमा शै। क्मोंकक मश फेटा ऩित का पर शै: उवका शी िित परन शै . जो कपय वे नई शोकय लाऩव रौट आमी शै। अगय ऩित के िित िेभ नशीॊ शै . िनजन्दत कयने वे। औय ऩकयलाय शी पैर कय ऩुया जगत शै प्रल‍ल शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . थोडा फशुत बी. अगय आऩ थोडे फशुत बी धािभघक आदभी शोंगे. तो भैंने कवभ खा री शै कक कऩडों की फात शी नशीॊ कयनी शै। तो मश जो आदभी के वाथ शुआ शै लश ऩयू ी भनष्ु म जाित के वाथ वेक्व के वॊफॊध भें शो गमा शै। वेक्व को औब्वैळन फना ठदमा शै। वेक्व को योग फना ठदमा शै. प्रलऴाक्त कय ठदमा जामे तो पैरेगा क्मा. तो आऩको अऩने अनुबल वे बी ऩता चर वकता शै। उवकी क्मा शारत शुई शोगी। अगय आऩने कवभ खामी शो. लश उतना शी शोगा. उवका शी यीलरैक्ळन शै। मश एक फेटे के िित जो िेभ शोने लारा शै. भैं बफरकुर वच कशता शूॊ आऩवे। लश फेचाया िीक शी कशा यशा था। क्मोंकक धभघ की दिु नमा भें िेभ एक सडस्कलािरकपकेळन शै। एक अमोग्मता शै। तो उवने वोचा की भैं कशूॊ कक ककवी को िेभ ककमा था. तेयी वॊथगनी शै। रेककन लश नकघ भें रे जा यशी शै। ळास्रों भें िरखा शै कक स्री नकघ का ्लाय शै। मश नकघ का ्लाय वॊगी औय वाथथनी. लश याग-लाग छोड. धाल फना ठदमा शै औय वफ प्रलऴाक्त कय ठदमा शै। छोटे -छोटे फच्चों को वभझामा जा यशा शै कक वेक्व ऩाऩ शै। रडककमों को वभझामा जा यशा शै. जजव ऩत्नी ने अऩने ऩित को िेभ न ककमा शो औय जजव ऩित ने अऩनी ऩत्नी को िेभ न ककमा शो.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन आऩ वोच रें उवकी शारत. तो फेटे के िित िेभ वच्चा कबी बी नशीॊ शो वकता शै। औय अगय फेटे को िेभ नशीॊ ककमा गमा—ऩारन ऩोवना औय फडा कय दे ना िेभ नशीॊ शै—तो फेटा भाॊ को कैवे कय वकता शै। फाऩ को कैवे कय वकता शै। मश जो मूिनट शै जीलन का—ऩकयला.तोड शी ठदमा जामे.ऩशरे इन वफको छोड कय आ. कबी ककवी को? उवने कशा. भाप ककयए आऩ क्मों फाय-फाय लशी फातें ऩूछे चरे जा यशे शै ? भैंने िेभ की तयप आॉख उिा कय नशीॊ दे खा। भुझे तो ऩयभात्भा को खोजना शै। तो याभानुज ने कशा: भुझे षभा कय.जजतना उवके ऩित को चशा औय िेभ ककमा शै। मश ऩित की भूितघ शै. फढे गा क्मा? याभानज ु एक गाॊल वे गज ु य यशे थे। एक आदभी ने आकय कशा कक भझ ु े ऩयभात्भा को ऩाना शै। तो उन्शोंने कशाॊ कक तन ू े कबी ककवी वे िेभ ककमा शै? उव आदभी ने कशा की इव झॊझट भें कबी ऩडा शी नशीॊ। िेभ लगैयश की झॊझट भें नशीॊ ऩडा। भझ ु े तो ऩयभात्भा का खोजना शै। याभानुज ने कशा: तूने झॊझट शी नशीॊ की िेभ की? उवने कशा. कण्डेभ कयने वे. तू कशीॊ औय खोज। क्मोंकक भेया अनुबल मश शै कक अगय तूने ककवी को िेभ ककमा शो तो उव िेभ को कपय इतना फडा जूदय ककमा जा वकता शै कक लश ऩयभात्भा तक ऩशुॊच जाए। रेककन अगय तूने िेभ शी नशीॊ ककमा शै तो तेये ऩाव कुछ शै नशीॊ जजवको फडा ककमा जा वके। फीज शी नशीॊ शै तेये ऩाव जो लष ू । ृ फन वके। तो तू जा कशीॊ औय ऩछ औय जफ ऩित औय ऩत्नी भें िेभ न शो. व्रत िरए शों वॊकल्ऩ वाधे शों तो आऩको बरी बाॊित ऩता शोगा कक बीतय क्मा शारत शो जाती शै। बीतय गमा। उवके भाथे वे ऩवीना चॉू यशा था। इतना श्रभ ऩड यशा शै। िभर डया शुआ शै उवके ऩवीने को दे खकय। उवकी वफ नवें खखॊची शुई शै। लश फार यशा शै एक-एक ळब्द कक भेये िभर शै.

याज िभर गमा कक अगय भन को प्रलचायों वे भुक्त ककमा जा वके ककवी औय प्रलथध वे तो बी इतना शी आनॊद िभर वकता शै। औय तफ वभाथध औय मोग की वायी व्मलस्थाएॊ प्रलकिवत शुई। जजनभें ध्मान औय वाभािमक औय भेसडटे ळन औय िेमय (िाथघना) इनकी वायी व्मलस्थाएॊ प्रलकिवत शुई। इन वफके भूर भें वॊबोग का अनुबल शै। औय कपय भनुष्म को अनुबल शुआ कक बफना वॊबोग भें जामे बी थचत ळन् ू म शो वकता शै। औय जा यव की अनुबूित वॊबोग भें शुई थी। लश बफना वॊबोग के बी फयव वकती शै। कपय वॊबोग षखणक शो वकता शै। क्मोंकक ळजक्त औय उजाघ का लशाॉ फशाल औय िनकाव शै। रेककन ध्मान वतत शो वकता शै। तो भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ. उन्शें मश ठदखाई ऩडा कक काभ के षण भें. जो जीलन के िनवगघ को अस्लीकाय कयते शै. उवकी ई‍लयीम अनब ु िू त की स्लीकृित शोगी। उतने शी आऩ काभ वे भक् ु त शोते चरे जामेगे। जजतना अस्लीकाय शोता शै . लशीॊ तो वफवे ज्मादा िभस्टीकयमव पोवघ शै। उववे द‍ु भनी छोड दें । अगय आऩ चाशते शै कक कबी आऩके जीलन भें िेभ की लऴाघ शो जामे तो उववे द‍ु भनी छोड दे । उवे आनॊद वे स्लीकाय कयें । उवकी ऩप्रलरता को स्लीकाय कयें . िेभ की फाढ आ जानी चाठशए.जफ तक वत्म की ठदळा भें खोज बी नशीॊ शो वकती। कोई ककवी को िेभ नशीॊ कय यशा। औय जफ तक काभ के िनवगघ को ऩकयऩण ू घ आत्भा वे स्लीकृित नशीॊ िभर जाती शै.तो लश वॊबोग के षण भें िभरा शै औय कबी नशीॊ। वॊबोग के षण भें शी ऩशरी फाय मश स्भयण आमा शै आदभी को कक इतने आनॊद की लऴाघ शो वकती शै। औय जजन्शोंने वोचा. जजन रोगों ने काभ के वॊफॊध ऩय औय भैथन ु ऩय थचॊतन ककमा औय ध्मान ककमा. जजन्शोंने भेसडटे ट ककमा. मश छोडो . ई‍लय की ळजक्त शै। औय इविरए तो उववे ऊजाघ ऩैदा शोती शै। औय नमे जीलन प्रलकिवत शोते शै। लशी तो वफवे यशस्मऩण ू घ ळजक्त शै . उतना शी काभ ऩप्रलर शोता शुआ चरा जामेगा। औय जजतना अऩप्रलरता औय ऩाऩ की ढ़जष्ट वे काभ का प्रलयोध शोगा. काभ उतना शी ऩाऩ-ऩूणघ औय कुूदऩ शोता चरा जामेगा। जफ कोई अऩनी ऩत्नी के ऩाव ऐवे जामे जैवे कोई भॊठदय के ऩाव जा यशा शै। जफ कोई ऩत्नी अऩने ऩित के ऩाव ऐवे जामे जैवे वच भें कोई ऩयभात्भा के ऩाव जा यशा शो। क्मोंकक जफ दो िेभी काभ वे िनकट आते शै जफ ले वॊबोग वे गुजयते शै तफ वच भें शी ले ऩयभात्भा के भॊठदय के िनकट वे गुजय यश शै। लशीॊ ऩयभात्भा काभ कय यशा शै .लश ऩकयऩूणघ स्लीकृित को भैं आजस्तकता व्मजक्त को भुक्त कयती शै। नाजस्तक भैं उनको कशता शूॊ. एक शी अनुबल वे प्रलकिवत शुए शै। उन्शोंने िनज‍चत शी वत्म कशाॊ शै। तो ऩशरा वर ू आऩवे कशना चाशता शूॊ। अगय चाशते शै कक ऩता चरे कक िेभ क्मा शै—तो ऩशरा वर ू शै काभ की ऩप्रलरता. िेभ के पूर खखर जाने चाठशए थे। िेभ के ठदमे शी ठदमे जर जाते। घय-घय िेभ का दीमा शोता तो दिू नमा भें इक्िी इतनी िेभ की योळनी शोती की भागघ आनॊद उत्वल वे बये शोते। रेककन लशाॊ तो घण ृ ा की योळनी ठदखाई ऩडती शै। रम ोध की योळनी ठदखाई ऩडती शै। मु्धों की योळनी ठदखाई ऩडती शै। िेभ का तो कोई ऩता नशीॊ चरता। झूिी शै मश फात औय मश झूि जफ तक शभ भानते चरे जामेंगे. बाई कशता शै। फशन कशती शै। िभर कशते शै। कक शभ िेभ कयते शै। वायी दिु नमा भें शय आदभी कशता शै कक शभ िेभ कयते शै। दिु नमा भें इक्िा दे खो तो िेभ कशीॊ ठदखाई शी नशीॊ ऩडता। इतने रोग अगय िेभ कयते शै। तो दिु नमा भें िेभ की लऴाघ शो जानी चाठशए. उव आनॊद को एक मोगी चौफीव घॊटे अनुबल कय वकता शै। रेककन इन दोनों आनॊद भें फुिनमादी प्रलयोध नशीॊ शै। औय इविरए जजन्शोंने कशा कक प्रलऴमा नॊद औय ब्रह्भानॊद बाई-बाई शै। उन्शोंने जूदय वत्म कशा शै। लश वशोदय शै. ऩाऩ शै. ठदव्मता. लश छोडो। जो छोडने की फातें कय यशे शै . ऩत्नी कशती शै . भैथन ु के षण भें भन प्रलचायों वे ळन् ू म शो जाता शै। एक षण को भन के वाये प्रलचाय ूदक जाते शै। औय लश प्रलचायों का ूदक जाना औय लश भन का िशय जाना शी आनॊद की लऴाघ का कायण शोता शै। तफ उन्शें वीरम ेट िभर गमा. ध्मान का जो ऩशरा अनुबल िभरा शै कबी बी इितशाव भें.. फाऩ कशता शै . जो िनवगघ शै उवकी तो आऩ ऩाएॊगे…. एक शी उदय वे ऩैदा शुए शै . उतना शी शभ फॉधते शै। जैवा लश पकीय कऩडों वे फॊध गमा था। जजतना स्लीकाय शोता शै उतने शभ भुक्त शोते शै। अगय ऩकयऩूणघ स्लीकाय शै . टोटर एक्वेप्टे बफिरटी शै जीलन की. कक एक मुगर वॊबोग के षण भें जजव आनॊद को अनुबल कयता शै . िनऴेध कयते शै। मश फुया शै . तफ तक कोई ककवी को िेभ कय शी नशीॊ वकता। भैं आऩवे कशाना चाशता शूॊ कक काभ ठदव्म शै. लश शी नाजस्तक शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उनकी उव िनकटता भें। लशी ऩयभात्भा की वज ृ न-ळजक्त काभ कय यशी शै। औय भेयी अऩनी ढ़जष्ट मश शै कक भनुष्म को वभाथध का. मश प्रलऴ शै . सडलाइन शै। वेक्व की ळजक्त ऩयभात्भा की ळजक्त शै . उवकी धन्मता को स्लीकाय कयें । औय खोजें उवभें औय गशये औय गशये —तो आऩ शैयान शो जामेंगे। जजतनी ऩप्रलरता वे काभ की स्लीकृित शोगी.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi औय कपय शभ कशते शै कक िेभ बफरकुर ठदखाई नशीॊ ऩडता शै। िेभ कैवे ठदखाई ऩडेगा? शाराॊकक शय आदभी कशता शै कक भैं िेभ कयता शूॊ। भाॊ कशती शै .

उतना शी ऩाओगे . ‘’भैं’’.जजवका काभ भें ऩता बी नशीॊ चरता था। काभ अगय कोमरा था तो एक ठदन शीया बी िकट शोता शै िेभ का। तो ऩशरा वूर मश शै। दव ू या वूर आऩवे कशना चाशता शूॊ. शभ ककवी बीतय के तर ऩय एक शो जामें. क्मोंकक ऩशरा वूर तो काभ की ऊजाघ को िेभ फना दे गा। औय दव ू या वूर ्लाय की तयश योके शुए शै उव ऊजाघ को फशने वे—लश फश नशीॊ ऩामेगी लश दव ू या वूर शै भनुष्म का मश बाल कक ‘भैं शूॊ’. तो मश अनुबल शै िेभ। औय ऐवा शी अनब ु ल भेये औय वभस्त के फीच घठटत शो जामे कक भैं प्रलरीन शो जाऊॉ औय वफ औय भैं एक शो जाऊॉ तो मश अनब ु ल शै ऩयभात्भा। इविरए भैं कशता शूॊ कक िेभ शै वीढी औय ऩयभात्भा शै उव मारा की अॊितभ भॊजजर। मश कैवे वॊबल शै कक दव ू या िभट जाए. िबन्न शै। औय जफ तक िबन्नता शै . भैं-भैं शूॊ। दोनों के फीच पावरा शै। कपय भैं ककतना शी िेभ कूदॊ औय आऩको अऩनी छाती वे रगा र. आऩका ऩैय शै . आऩका ह्रदम शै. उवका अशॊकाय. तो आऩ एक दभ शैयान यश जामेगे कक बीतय कोई ‘’भैं’’ खोज वे िभरने का नशीॊ शै। जजतना गशया खोजते जाओगे . लशाॊ कोई भैं नशीॊ शै . एक वॊगीत. औय लश दव ू या वूर वॊस्कृित ने. एक घोऴणा शै कक ‘’भैं शूॊ’’। भैं की घोऴणा कश दे ती शै . शभ स्लागत कयते शै आऩका। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .ू ऩशरे शी कश दॉ ू कक िबषु नाग वेन जैवा कोई शै नशीॊ। मश केलर एक नाभ शै.ूॊ रेककन कपय बी शभ दो शै। छाितमाॊ ककतनी शी िनकट आ जामें। कपय बी फीच भैं पावरा शै—भैं वे तुभ तक का। तुभ-तुभ शो भैं-भैं शी शूॊ। इविरए िनकटता अनुबल बी िनकट नशीॊ रा ऩाते। ळयीय ऩाव फैि जाते शै। आदभी दयू फने यशते शै। जफ तक बीतय ‘’भैं’’ फैिा शुआ शै . रेककन एक फात प्रलनम कय दॉ . उवे स्लीकाय कयो औय जीओॊ उवकी ऩकयऩूणत घ ा भें । लशी ऩकयऩूणत घ ा योज-योज वीठढमाॊ ऊऩय उिती जाती शै। लशी स्लीकृित भनुष्म को ऊऩय रे जाती शै। औय एक ठदन उवके दळघन शोते शै . काभचराऊ नाभ। आऩ कशते शै तो भैं चरूॊगा जूदय. भैं चरूॊगा जूदय.रेककन ऐवा कोई आदभी कशीॊ शै नशीॊ। याज दत ू ने जाकय वम्राट को कशा की फडा अजीफ आदभी शै लश। लश कशने रगा कक भैं चरूॊगा जूदय. एक धाया एक िाण. तुभ-तुभ शो. कक बीतय एक वन्नाटा औय ळन् ू म शै . कक भैं शूॊ। फुये रोग तो कशते शै कक भैं शूॊ। अच्छे रोग औय जोय वे कशते शै ‘’भैं शूॊ’’—औय भझ ु े स्लगघ जाना शै औय भोष जाना शै औय भझ ु े मश कयना शै औय भझ ु े लश कयना शै। कक भैं शूॊ—लश ‘’भैं’’ खडा शै लशाॊ बीतय। औय जजव आदभी का ‘’भैं’’ जजतना भजफूत शोगा. उतने शी जोय वे लश दव ू या ऩैदा शो जाता शै। लश दव ू या िितध्लिन शै. आऩका भजस्तष्क शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जीलन जैवा शै.रेककन ध्मान यशे कक िबषु नाग वेन जैवा कशीॊ कोई शै नशीॊ. आऩको फुरामा शै वम्राट िभिरन्द ने। भैं िनभॊरण दे ने आमा शूॊ। तो नाग वेन कशने रगा. उवने नाग वेन को कशा कक िबषु नाग वेन. भैं चरूॊगा। आमेगा लश। लश आमा बी यथ य फैिकय। वम्राट ने ्लाय ऩय स्लागत ककमा औय कशा िबषु नाग वेन. लशाॊ कोई ‘’आई’’ लशाॊ कोई ‘’ईगो’’ नशीॊ शै। एक िबषु शुआ नाग वेन उवे एक ठदन वम्राट िभिरन्द ने िनभॊरण ठदमा था कक तुभ आओ दयफाय भें । जो याजदत ू गमा था िनभॊरण दे ने. क्मा शै आऩका भैं? अगय आऩ एक षण बी ळाॊत शोकय बीतय खोजने जामेंगे कक कशाॊ शै ‘’भैं’’ कौन वी चीज शै भैं. जफ लश कशता शै . आज तक की वभ्मता ने औय धभों ने शभाये बीतय भजफूत ककमा शै। दव ू या वूर बी स्भयणीम शै. तफ तक ‘’दव ू ये ’’ का बाल नष्ट नशीॊ शोता। वारघ ने कशीॊ एक अ्बुत लचन कशा शै। कशा शै कक ‘’ठद अदय इज़ शे र’’ लश जो दव ू या शै लश नकघ शै । रेककन वारघ ने मश नशीॊ कशा कक ‘’व्शाई दी अदय इज़ अदय’’ लश दव ू या-दव ू या क्मों शै। लश दव ू या-दव ू या इविरए शै के भैं-भैं शूॊ। औय जफ भैं ‘’भैं’’ शूॊ दिू नमा भें शय चीज दव ू यी शै.मश ‘’ईगो’’ ्लाय ऩय दीलार फनकय खडी शै। औय ‘भैं’ शै क्मा? कबी वोचा आऩने मश ‘भैं’ शै क्मा? आऩका शाथ शै . जफ तक भैं न िभटू? जफ तक दव ू या कैवे िभट वकता शै? लश दव ू या ऩैदा ककमा शै भेये ‘’भैं’’ की िितध्लिन ने। जजतना जोय वे भैं थचल्राता शूॊ के भैं. अजीफ वी फात शै. उव तयप ‘इको’ शो यश शै भेये ‘’भैं’’ की। औय मश अॊशकाय. ‘’ईगो’’. तफ तक िेभ का अनुबल नशीॊ शो वकता। िेभ शै एकात्भ का अनुबल। िेभ शै इव फात का अनुबल कक थगय गमी दीलार औय दो ऊजाघऐॊ िभर गमीॊ औय वॊमुक्त शो गमी। जफ मशी अनुबल एक व्मजक्त औय वभस्त के फीच पिरत शोता शै। तो उव अनुबल को भैं कशता शूॊ—ऩयभात्भा। औय जफ दो व्मजक्त के फीच पिरत शोता शै तो भैं उवे कशता शूॊ—िेभ। अगय भेये औय ककवी दव ू ये व्मजक्त के फीच मश अनुबल पिरत शो जामे कक शभायी दीलारें थगय जामें. मश केलर एक काभचराऊ नाभ शै। वम्राट ने कशा. उतनी शी उव आदभी की वाभ्मघ दव ू ये वे वॊमुक्त शो जाने की कभ शोती शै। क्मोंकक ‘’भैं’’ एक दीलान शै.

वाभने के डॊडे जजनवे घोडे फॊधे थे. ळन् ु म। उव ळन् ु म वे िेभ का जन्भ शोता शै . उवने तखती ऩय वे एक ळब्द औय अरग कय ठदमा। यश गमा ”कपळ वोल्ड”। तीवये ठदन एक आदभी आमा औय कशने रगा ”कपळ वोल्ड” भछिरमाॉ फेची जाती शै? भुलत भें दे ते शो क्मा? आदभी ने कशा. दो एभप्टीनेवेव िभर वकते शै. लशाॊ कुछ बी नशीॊ फचा। िबषु नाग वेन ऩछ ू ने रगा. मश तख्ती ककव िरए रगी शै? दयू वे दे खने भें ऩता नशीॊ चरता की मशाॊ दक ु ान बी शै। मश तख्ती दक ु ान की आड कयती शै। उव ठदन लश तख्ती बी चरी गई। लशाॊ अफ कुछ बी नशीॊ यशा। इरीिभनेळन शोता गमा। एक-एक चीज शटती चरी गमी। ऩीछे जो ळेऴ यश गमा लश शै . कपय ऩीछे ळन् ू म यश जाता शै। उवी ळन् ू म वे िेभ का जन्भ शोता शै। क्मोंकक लश ळन ू म आऩ नशीॊ शै लश ळन् ू म ऩयभात्भा शै। एक आदभी ने गाॊल भें एक भछिरमों की दक ू ान खोरी थी। फडी दक ु ान थी। उव गाॊल भें ऩशरी दक ु ान थी। तो उवने एक फशुत खफ ू वयू त तख्ती फनलामी औय उव ऩय िरखलामा–”फ्रेळ कपळ वोल्ड ठशमय”—मशाॊ ताजी भछिरमाॉ फेची जाती शै। ऩशरे शी ठदन दक ु ान खर ु ा औय एक आदभी आमा ओय कशने रगा. क्मोंकक उव ळन्ू म भें दव ू ये के ळन् ू म वे िभरने की षभता शै। िवपघ ळन् ू म शी ळन् ू म वे िभर वकता शै. खखॊचला िरए गमे। उवने ऩछ ू ा क्मा मे यथ शै? िवपघ दो डॊडे यथ कैवे शो वकते शै ? डॊडे अरग कय ठदमे गमे.स्लागत स्लीकाय कयता शूॊ। रेककन स्भयण यशे िबषु नाग वेन जैवा कोई आदभी नशीॊ शै। वम्राट कशने रगा फडी अजीफ ऩशरी शै। आगय आऩ-आऩ नशीॊ शै तो कौन शै ? कौन आमा शै इव यथ ऩय फैि कय. घोडे यथ कैवे शो वकते शै ? घोडे अरग कय ठदमे गमे. मश ”वोल्ड” बी खयाफ शै. उवने वोल्ड को बी अरग कय ठदमा। अफ यश गई ”कपळ” अगरे ठदन एक फढ ू ा आदभी आमा औय कशने रगा. ताजा अरग कय ठदमा। तख्ती यश गमी ”कपळ वोल्ड ठशमय” भछिरमाॉ फेची जाती शै। भछिरमाॉ मशाॊ फेची जाती शै। दव ू ये ठदन एक फूढी औयत आमी औय उवने कशाॊ कक भछिरमाॉ मशाॊ फेची जाती शै–”कपळ वोल्ड ठशमय” कशीॊ औय बी फेची जाती शै। तो उव आदभी ने कशा की मश ”ठशमय” बफरकुर कपजर ू शै. दे खते शै. यथ कशाॊ शै अफ? यथ कशा शै अफ. कक मशाॊ भछिरमाॉ िभरती शै। मे तख्ती काशे को रटका यखी शै ? ‘’कपळ’’ बी चरी गमी। खारी तख्ती यश गई। अगरे ठदन एक आदभी आमा. औय कोई नशीॊ। दो ळन् ू म िभर वकते शै। दो व्मजक्त नशीॊ। दो इन्डीलीज्मर ु नशीॊ िभर वकते. शाॉ मश यथ शै। तो िबषु ने कशाॊ की घोडों को िनकरा कय अरग कय ठदमा जामे . तभ ु ने कशा मे बी यथ नशीॊ. औय जजतनी चीजें भैंने िनकारीॊ. चाक िनकरला ठदमे गमे.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi लश शॊवने रगा। उवने कशा. मे बी यथ नशीॊ. भैं कशीॊ बी नशीॊ शै। औय एक-एक अॊग आऩ वोचते चरे जामें तो एक-एक अॊग वभाप्त शोता चरा जाता शै. ”कपळ”? अॊधे को बी भीरों दयू वे ऩता चर जाता शै. औय एक-एक अॊग यथ का िनकरता चरा गमा। औय एक-एक अॊग ऩय वम्राट को कशना ऩडा कक नशीॊ. ”फ्रेळ कपळ वोल्ड ठशमय”? ताजी भछिरमाॉ? कशीॊ फावी भछिरमाॉ बी फेची जाती शै ? ताजा िरखने की क्मा जूदयत शै? दक ु ानदाय ने वोचा कक फात तो िीक शै। इववे औय व्मथघ फातों का ख्मार ऩैदा शोता शै। उवने ”फ्रेळ” अरग कय ठदमा. क्मोंकक फाधा अफ कोई नशीॊ शै। ळन् ू म की कोई दीलार नशीॊ शोती औय शय चीज की दीलार शोती शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . मे यथ गमा कशाॊ. कौन दे यशा शै उत्तय? नाग वेन भुडा औय उवने कशा. वम्राट िभिरन्द. कौन स्लागत स्लीकाय यशा शै . दो लैक्मूभ. अफ मे यथ कशाॊ शै ? तो वम्राट चौक कय खडा शो गमा—यथ एक जोड था। यथ कुछ चीजों का वॊग्रश-भार था। यथ का अऩना शोना नशी शै . मे यथ नशीॊ शै। कपय आखखय ऩीछे ळन् ू म फच गमा. तफ िबषु नाग वेन ने वम्राट वे ऩूछा की क्मा मे घोड यथ शै ? वम्राट ने कशाॊ. घोडे अरग कय ठदमे. कोई ‘’ईगो’’ नशीॊ शै। यथ एक जोड शै। आऩ खोजें कशाॊ शै आऩका ‘’भैं’’ औय आऩ ऩामेंगे कक अनॊत ळजक्तमों के एक जोड शै . लश कशने रगा. मश यथ खडा शै जजव ऩय भैं फैि कय आम शूॊ। वम्राट ने कशाॊ.

उवी वे वॊफॊध जूड जाता शै। लश एक छोटा वा फच्चा खेरने आता था. लश िकट शो जामे .जगश चाठशए. भानों वभम को ऩॊख रग गमे। ऋतु ऩय ऋतु फदरती चरी गमी। लष ृ को ऩता शी नशीॊ चरा उव वभम का। जफ शभ आनॊद भें शोते शै तो वभम की गित तेज शो जाती शै। भानों उवके ऩॊख रग गमे शो। तफ रडका फडा शो गमा तो उवे औय दव ू ये काभ बी उवकी दिु नमाॊ भें आ गमे। भशत्लकाॊषाएॊ आ गई। उवे ऩयीषाए ऩाव कयनी थी। उवे िभरों के वाथ बी खेरना था। ऩढाई भें वफ को ऩछाड कय अव्लर आना था। धीये -धीये उवका आना कभ वे कभतय शोता चरा गमा। कबी आता कबी नशीॊ आता। रेककन लष ृ तो शभेळा उवकी याश ताकता यशता। की लश कफ आमे औय उवके उऩय चढे More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . नशीॊ यश जाता. औय लश जफ उवका पूर तोडता. उव लष ृ के ऩाव। उव लष ृ का उववे िेभ शो गमा। रेककन लष ृ की ळाखाएॊ ऊऩय थीॊ। फच्चा छोटा था तो लष ु ाता. ऩानी बीतय शै। ऩानी कशीॊ वे राना नशीॊ शोता शै। रेककन फीच भें िभ्टी-ऩत्थय ऩडे शै। उनको िनकरना शै. ऩानी. लष ृ के िाण आनॊद वे बय जाते. ताकक खारी जगश भें जो बीतय छीऩा शुआ शै . लशी वम्राट शो जाता शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi तो दव ू यी फात स्भयणीम शै कक व्मजक्त जफ िभटता शै. जो शै लश ‘’वफ’’ शै। तफ ्लाय थगयता शै . जो बीतय िछऩी शै औय तैमाय शै। लश ळन् ू म की ितीषा कय यशी शै। कक कोई ळन् ू म शो जामे तो उववे फश उिूॊ। शभ एक कुआॊ खोदते शै . शलाओॊ भें उवका लश खडा ूदऩ आकाळ भें फडा वन् ु दय रगता था। एक छोटा वा फच्चा उवकी छामा भें योज खेरने आता था। उव फडे लष ृ को उव छोटे फच्चे वे िेभ शो गमा। फडों को छोटों वे िेभ शो वकता शै। अगय फडों को ऩता न शो कक शभ फडे शै। लष ृ को कोई ऩता नशीॊ था कक भैं फडा शूॊ. उवके पैरे शाथ. ताकक लश पर तोड वके. कबी उवके पूरों का ताज फनाकय ऩशनता. तफ लश लष ु ी के भाये उवकी ळाखाएॊ नाचने झूभने रगती। उवके िाण ृ अॊदय तक िवशय जाता. िेभ की छुअन वे वयाफोय शो जाता। औय खळ आनॊद वे बय जाते। िेभ जफ बी कुछ दे ऩाता शै तो खुळ शो जाता शै। अशॊकाय जफ बी कुछ रे ऩाता शै . पूर तोड वके। ृ अऩनी ळाखाएॊ उवके िरए नीचे झक िेभ शभेळा झुकने को याज़ी शै .ऩाता शै कक ‘’शूॊ’’ शै शी नशीॊ। तो शै. स्ऩेव चाठशए. लश ऩानी उफर कय फाशय आ गमा। आदभी के बीतय िेभ बया शुआ शै . औय लष ृ अबी िनदोऴ शै िनष्करुऴ शै उन्शें नशीॊ ऩता की भैं फडा शूॊ। अशॊकाय शभेळा अऩने वे फडों वे िेभ कयने की कोिळळ कयता शै। अशॊकाय शभेळा अऩनों वे फडों वे वॊफॊध जोडता शै। िेभ के िरए कोई फडा छोटा नशीॊ शै। जो आ जाएॊ.फ लश गॊगा फशती शै . अशॊकाय कबी बी नशीॊ झुकने को याज़ी शोता शै। अशॊकाय के ऩाव जामेंगे तो अशॊकाय के शाथ औय ऊऩय उि जामेंगे। ताकक आऩ उन्शें छू न वकें। क्मोंकक जजवे छू िरमा जामे। लश छोटा आदभी शै। जजवे न छुआ जा वके. दयू िवॊशावन ऩय ठदल्री भें शो. जशाॊ लश िकट शो जामे। औय शभ बये शुए शै अऩने को ‘’भैं’’ वे। औय आदभी थचल्रामे चरा जा यशा शै ‘’भैं’’। औय स्भयण यखें जफ आऩकी आत्भा थचल्राती शै भैं.शै. तबी खुळ शोता शै । कपय लश फच्चा फडा शोने रगा। लश कबी उवकी छामा भें वोता. स्ऩेव ऩा जामे। लश बीतय शै . एक खारी जगश फनाते शै। एक एभप्टीनेव फनाते शै। कुआॊ खोदने का भतरफ शै: खारी जगश फनाना. जफ लश फच्चा खेरता शुआ आता उव लष ृ के ऩाव. उवको जगश चाठशए िकट शोने को । जगश नशीॊ िभर यशी शै। बया शुआ शै कुआॊ िभ्टी ऩत्थय शभने अरग कय ठदमे. कबी उवके पर खाता. लष ृ उवे जॊगर के वम्राट के ूदऩ भें दे ख कय ग्द गद शो जोता। िेभ के पूर जजवके ऩाव बी फयवतें शैं. उवकी छूआन उवे अन्दय तक गुदगुदा जाती। शला जफ उवके ऩता को छूती तो उववे भधयु गान िनकरता। नमे-नमे गीत पूटते उव फच्चे के वॊग। लश रडका कुछ औय फडा शुआ। लश लष ृ के उऩय चढने रगा। उवकी ळाखाओॊ वे झुरने रगा। लश उव की प्रलळार ळाखाओॊ ऩय रेट कय प्रलश्राभ कयता। लष ृ आनॊठदत शो उिता। िेभ आनॊठदत शोता शै जफ िेभ ककवी के िरए छामा फन जाता शै। अशॊकाय आनॊठदत शोता शै जफ ककवी की छामा छीन रेता शै। रडका धीये -धीये फडा शोता चरा गमा। ठदन ऩय ठदन फीतते शी चरे गमे . लश ऩता िवपघ आदिभमों को शोता शै। इविरए उवका िेभ भय गमा शै . कयते क्मा शै शभ? कयते शै शभ—एक ळन् ू म फनाते शै. लश आदभी फडा आदभी शै। उव लष ृ की ळाखाएॊ नीचे झुक आती थी. तफ तक आऩ िभ्टी-ऩत्थय वे बये शुए कुएॊ शै। आऩ के कुएॊ भें िेभ के झयने कबी नशीॊ ठदखाई दे त।े नशीॊ पूटते. नशीॊ पूट वकते। भैंने वन ू ा शै एक फशुत ऩयु ाना लष ृ था। आकाळ भें वम्राट की तयश उवके शाथ पैरे शुए थे। उव ऩय पर आते थे तो दयू -दयू वे ऩषी वग ु ॊध रेते आते थे। उव ऩय पूर रगते थे तो िततिरमाॊ उडती चरी आती थी। उवकी छामा. लश ‘’भैं नशीॊ शै. दीलार टूटती शै.

क्मोंकक तुम्शें ऩैवे की जूदयत नशीॊ शै। ऩानी तुम्शें कुदयत वे िभर जाता शै . कबी नशीॊ आता. ककतने गीत गाते शै। क्मोंकक शभाये ऩाव ऩैवा नशीॊ शै। शभ आदभी की तयश दीन-शीन भॊठदयों भें फैि कय. भेयी आॊखें थक जाती शै। ऩय तभ ु अफ इधय नशीॊ आते क्मों? उव रडके ने एक फाय घुय कय दे खा उव लष ृ को औय कशाॊ की क्मा शै तुम्शाये ऩाव। जो भैं आऊॊ. ळाॊित की काभना कयते शै। कक कैवे ऩाई जामे। वय टयकाते शै उवके चयणों भें कक शभें कुछ तो दो शभ ऩडे शै तेये ्लाय…ऩय शभाये ऩाव ऩैवा नशीॊ शै। तो उवने कशा. एक ऩयऩज़ शै। िमोजन ऩूया शोता शै तो भैं आऊॊ। अगय कोई िमोजन न शो तो आने की जूदयत क्मा शै। औय िेभ िनष्िमोजन शै। िेभ का कोई िमोजन नशीॊ। िेभ अऩने भें शी अऩना िमोजन शै. शभाया जीलन तो ऩैवे वे शी चरा शै…. ऩय आज उवके शाथों भें कुयता थी. तो लष ृ उदाव यशने रगा। िेभ की एक शी उदावी शै जफ लश फाॊट नशीॊ वकता। तफ लश उदाव शो जाता शै। जफ लश दे नशीॊ ऩाता. लश बफरकुर ऩऩघजरेव शै। लष ृ तो चौंक गमा। उवने कशा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi उवकी टशनीमों वे खोरे. इतने प्रलळार तने. उवके पूर तोडे। उवके पर खामे। रेककन लश शलतों भशीनों फाद कबी आता। लष ृ उवकी ितीषा कयता कक लश आमे। लश आमे। उवके वाये िाण ऩुकायते कक आओ-आओ। िेभ िनयॊ तय ितीषा कयता शै कक आओ-आओ। िेभ एक ितीषा शै. इव िरए तो दे खो शभ इतने आनॊठदत शै। ऩय भनुष्म के वॊग वाथ यश कय शभ उवके योक को ऩार रेते शै। लयना तो शभाये उत्वल को दे खो इन खीरें पूरों को दे खो. वयु षा शै। उव लष ृ ने फशुत वोचा.तो तुभ एक काभ तो कय वकते शो. लष ृ को ऩीडा शोती ऩय लश मश जान कय आनॊठदत शोता की मे ऩीडा उवके िेभी ने शी तो दी शै। िेभ ऩीडा भें बी आनॊद दे ख रेता शै। औय अशॊकाय उदायता भें बी द:ु ख। रेककन कपय बी लश लष ु था कक इव फशाने उवे उव का ृ खळ वॊग वाथ तो िभरा। टूटकय बी िेभ आनॊठदत शो जाता शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . कक क्मा शे तुम्शाये ऩाव.भुझे तो ूदऩमे चाठशए। शभेळा अशॊकाय ऩूछता शै . जो भैं आऊॊ। अशॊकाय भाॊगता शै कक कुछ शो तो भैं आऊॊ। न कुछ शो तो आने की जूदयत नशीॊ शै। अशॊकाय एक िमोजन शै . तो उव लष ु ाय की वन ु ो। शलाओॊ ने ऩत्तों ने उवकी आलाज को गॊज ु ामभान ृ ने उवे ऩक ककमा। तभ ु आते नशीॊ. कपय तुम्शें ळामद ऩैवा िभर जामे। उव रडके की आॊखों भें चभक आ गई। उवे तो मे ख्मार शी नशीॊ आमा था। लश खळ ु ी वे याजा शो गमा। लश चढ गमा उव लष ृ ऩय औय तोडने रगा पर. भैं योज तम् ु शायी याश दे खता शूॊ. कपय उवे ख्मार आमा….. कपय क्मों आऊॊ भें तुम्शाये ऩाव। जशाॊ ऩय ूदऩमे शै भुझे तो लशीॊ जाना शै। तुभ वभझते नशीॊ शभायी भजफूयी. जफ भैं तुम्शें कुछ दॉ ।ू भैं तुम्शें वफ दे वकता शूॊ। क्मोंकक िेभ कुछ बी योकना नशीॊ चाशता। जो यो रे लश िेभ नशीॊ शै। अशॊकाय योकता शै। िेभ तो फेळतघ दे ता शै। रेककन मे ूदऩमे तो भेये ऩाव नशीॊ शै। मे ूदऩमे तो आदभी की ईजाद शै। उवी का योग शै अबी शभे नशीॊ रगा। शभ फचे शै अबी। उव लष ृ ने कशाॊ. धूऩ जो तुम्शें ऩोळण दे ती शै उवके िरए तुम्शें कुछ दे ना नशीॊ शोता। ऩय शभें तो वफ ऩैवे वे शी रेना शै. रुटा दे ता शै तो आनॊठदत शो जाता शै। कपय रडका औय फडा शोता चरा गमा। औय लष ृ के ऩाव आने के ठदन कभ शोत चरे गमे। जो आदभी जजतना फडा शोता चरा जाता शै भशत्लाकाॊषा के जगत भें. कक तभ ु इधय आओ. इनकी छामा। इनऩय ऩषियषमों का चशकना। अऩने घय फनाना। खेरना नाचना। करयल कयना। दे खो शभ ककतने नाचते शै आकाळ भें . भेये वाये पर तोड कय रे जाओ ओय फेच दो उवे फाजाय भें . तुभ तबी आओगे . भैं ितीषा कयता शूॊ. एक अलेठटॊग शै। रेककन लश कबी आता. टशनीमा. जजव िभ्टी ऩय तुभ खडे शो लश तुम्शें भुलत भें िभर गई शै। शला. उवके चढने वे बी उव लष ृ को कुछ बायी ऩन रग यशा था। उवने परों के वाथ तोड डारें शजायों ऩत्ते. तो उदाव शो जाता शै। औय िेभ की एक शी धन्मता शै कक जफ लश फाॊट दे ता शै .अफ मे फात तुम्शें कैवे वभझाऊॊ। अशॊकाय ूदऩमे भाॊगता शै। क्मोंकक ूदऩमा ळजक्त शै . िेभ के िनकट आने की वुप्रलधा उतनी शी कभ शोती चरी जाती शै। उव रडके की भशत्लाकाॊषा फढ यशी थी। कशाॊ अफ लष ृ के ऩाव जाना। कपय एक ठदन लश लशाॊ वे िनकरा जा यशा था.

नग्न.. उवने कशा छोडो बी मे पजूर की वफ फातें. अऩने को तप्ृ त कयता यशा ऩय उवने एक फाय बी ऩीछे भुड कय नशीॊ दे खा। रेककन उव लष ृ को ऩता बी नशीॊ चरा। उवे तो धन्मलाद िभर गमा इवी भें कक उव रडके ने उवके िेभ को स्लीकाय ककमा। औय उववे पर तोडे औय उन्शें फेचकय उवे धन िभर जामेगा। लश मश वोच-वोच कय ग्द गद शो यशा था। रेककन इवके फाद बी लश रडका फशुत ठदनों तक नशीॊ आमा। उवके ऩाव ूदऩमे थे. आओ भेयी डिरमों वे झूरों—नाचो. भैं क्मा वशामता कय वकता शूॊ तुम्शाये भकान फनाने के िरए…. घोवरा फनाते. कोई वाझीदाय शो जामे। औय उव आदभी ने ऩीछे भड ु कय इव फाय बी नशीॊ दे खा। औय लक्त गुजयता गमा। लश िूॊि याश दे खता यशा. ऩय तम् ु शें भेयी माद वताती तो शै। कशो वफ िीक शै। कैवे उदाव शो। कभय झुक गई शै। फार वपेद शो गमे। आॊखों ऩय चळभा रगा गमा शै। उवने कशा भें िदे ळ जाना चाशता शूॊ। मशाॊ इतनी भेशनत की कुछ नशीॊ िभरा। लशाॊ जा कय खूफ धन कभाऊगाॊ। ऩय भैं नदी ऩय नशीॊ कय वकता। उवके िरए नाल चाठशए। तुभ अऩना तना भुझे दे दो तो भैं नाल फना जा वकता शूॊ। नाल तो तुभ भेयी फना वकते शो. अऩने ह्रदम की ऩुकाय.क्मा यखा इन वफ भें । वभम खयाफ कयना शी शै। भुझे एक भकाय फनाना शै। तुभ भुझे भकान दे वकते शो? लष ृ ने कशा. ऩय अफ उवके ऩाव ऩत्ते बी नशीॊ थे। ळाखाएॊ बी नशीॊ थी। शलाएॉ आती औय लश उनवे फात बी नशीॊ कय ऩाता था। फुरा बी नशीॊ ऩाता था अऩने िेभी को। रेककन िाणों भें अफ बी एक गुॊज थी आओ-आओ….एक फाय कपय आओ। औय फशुत ठदन फीत गमे। तफ लश फच्चा अफ फढ ू ा आदभी शो गमा था। लश िनकर यशा था उवके ऩाव वे। औय लश लष ृ के ऩाव आकय खडा शो गमा। फशुत ठदनों फाद आमे. कोई फाॊट रे. औय लश आदभी दयू मारा ऩय िनकर गमा। औय लश िूॊि उवकी ितीषा कयता यशा की अफ आमेगा। अफ आमेगा। रेककन अफ तो उवके ऩाव कुछ बी नशीॊ था। उवे दे ने की िरए More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .मश फकलाव। मश फचऩन की फातें शै। अफ भें फडा शो गमा शुॊ भेये कॊधों ऩय घय गश ु नशीॊ ृ स्थी का फोझ आ गमे शै। मे वफ तभ वभझ वकते। अशॊकाय िेभ को ऩागरऩन वभझता शै। फचऩन की फातें वभझता शै। उव लष ृ ने कशा. जो उवे शरका कय दे । िनबाघय कय दे । ऐवा उव लष ृ के िाण ऩीसडत शोने रगे कक लश आमे—आमे. ऩय कपय बी लश लष ृ आनॊठदत था। िेभ वदा आनॊठदत यशता शै। चाशे उवके अॊग बी काटे जामें। रेककन कोई रे जामे. कोई वजम्भिरत शो जामे.ऩय लश तो आदभी की तयश द्ु खी नशीॊ शोती। लश तो फडे आनॊद उत्वल वे उवके फनाने काव आनॊद रेती शै। कपय तुभ इतने उदाव क्मों शै ? रेककन एक फात शो वकती शै. दीभक.औय रुऩमों वे ूदऩमे ऩैदा कयने की कोिळळ भें लश रग गमा। लश बर ू शी गमा उव फात को। कक लश ऩैवा उवे उवी लष ु य गमे। ृ के िेभ की दे न शै। वारों गज औय धीये -धीये लष ृ की उदावी उवके ऩत्तों ऩय बी उबयने रगी। तेज शला मे उवे खडखडाती जूदय ऩय अफ उनभें लश रम लठदता नशीॊ थी। एक भुदे की वी खडखडाशट थी। लश इव िरए जीलत बी की उवके िाणों भें यव का वॊचाय शाॉ यशा था। उवके िाणा को यव फायफाय ऩुकायता उव रडके को की तू भेये ऩाव आ भैं तुझे अऩना यव दॉ ग ू ा। जैवे ककवी भाॊ के स्तन भें दध ू बया शो औय उवका फेटा खो जामे। औय उवके िाण तडऩ यशे शै कक उवका फेटा कशाॊ शै जजवे लश खोजें.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi अशॊकाय ऩाकय बी आनॊठदत नशीॊ शोता। ऩाकय बी द:ु खी शोता शै। ओय उव रडके ने तो धन्मलाद बी नशीॊ ठदमा औय वाये पर रे कय चर ठदमा फाजाय की औय। लष ृ उवे िनशायता यशा। जाते शुए दे खता यशा.आमे। उवके िाणों की वायी आलाज भें मशी गुॊज यशा था। आओ-आओ। फशुत ठदनों के फाद लश आमा। लश रडका िौढ शो गमा था। लष ृ ने उववे कशा आओ भेये ऩाव। भेये आिरॊगन भें आओ। उवने कशा छोडो. भकान? लश क्मा शोता शै . लश थचल्राना चाशता था। कशना चाशता था. कोई रे जामे. ऩय भुझे बूर भत जाना लशाॊ जाकय। भुझे तुम्शायी फशुत माद आती शै। तुभ रोट कय जूदय इधय आना। भैं मशाॊ तम् ु शायी ितीषा कूदॊगा। औय उवने उव लष ृ के तने को काट कय नाल फना री। लशाॊ यश गमा एक छोटा वा िूॊि. शभ तो कोई भकान नशीॊ फनाते। क्मों फनाओगे तूभ भकान। क्मा काभ आमेगा। औय बी ऩळु ऩषी बी भकान.कोई शो तो कशो। लश आदभी थोडी दे य के िरए तो चऩ ु शो गमा। उवके ठदर की फात ज़ॊफ ु ाॉ ऩय आते-आते ूदक गई। ऩय लश वाशव कय के कशने रगा। तभ ु अऩनी ळाखाएॊ भझ ु े दे दो तो भें अऩने भकान की छात आयाभ वे डार वकता शूॊ। लष ु कुयामा औय कशने रगा तो इवभें इतना ृ भस् वोचने की क्मा फता शै। तुभ रे वकते शो भेयी ळाखाएॊ। भैं तुम्शाये ककवी बी काभ आ वकॉू तो अऩने को धन्म शी भानॉग ू ा। औय भुझे रगेगा की तुभने भझ ु े प्माय ककमा। औय लश आदभी गमा औय कुल्शाडी रेककय आ गमा औय उवने उव लष ृ की ळाखाएॊ काट डारी। लष ृ एक िूॊि यश गमा। एक दभ भत ृ िाम. शै चीॊठटमाॉ. चढो भुझ ऩय। दौडों बागों….

कपय कोई फात नशीॊ। कपय वफ िीक शै। अफ तो भेये ऩाव दे ने को कुछ नशीॊ शै। इविरए फूराऊॊ बी तो ळामद लश नशीॊ आमेगा। कमोंकक लश केलर रेने की शी बाऴा वभझता शै। अशॊकाय रेने की बाऴा वभझता शै। िेभ दे ने की बाऴा शै। इववे ज्मादा ओय कुछ बी भैं नशीॊ कशूॊगा। जीलन एक ऐवा लष ृ फन जामे औय उव लष ृ की ळाखाएॊ अनॊत तक पैर जामें। वफ उवकी छामा भें शों औय वफ तक उवकी फाॉशें पैर जामें तो ऩता चर वकता शै कक िेभ क्मा शै। िेभ का कोई ळस्र नशीॊ शै। न कोई ऩकयबाऴा शै। नशीॊ िेभ का कोई िव्धाॊत शी शै। तो भैं फशुत शैयानी भैं था कक क्मा कशूॊगा आऩवे की िेभ क्मा शै . 28 अगस्त 1968. प्रिचन—1 More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .जशाॊ कुछ ऩाने को नशीॊ शै। भैं उव िूॊि के ऩाव एक यात भेशभान शुआ था। तो लश िूॊि भुझवे फोरा कक लश भेया िभर अफ तक नशीॊ आमा। औय भुझे फडी ऩीडा शोती शै। की लश िीक वे तो शै। लश भेये तने की नाल फना कय ऩयदे ळ गमा था। कशी भेये तने भें कोई छे द तो नशीॊ था। भुझे यात ठदन मशी थचॊता वतामे जाती शै। फव एक फाय मश ऩता चर जामे की लश जशाॊ बी शै खुळ शै। तो भें तप्ृ त शो जाऊॉगा। एक खफय भुझे बय कोई रा दे । अफ भैं भयने के कयीफ शूॊ। इतना ऩता चर जामे कक लश वकुळर शै. तो ळब्दों भें तो बफरकुर बी ठदखाई नशीॊ ऩडा वकता शै कक िेभ क्मा शै। भेयी फातों को इतने िेभ औय ळाॊित वे वुना. तो फताना भुज‍कर शै। आकय फैि वकता शूॊ—औय अगय भेयी आॊखों भें लश ठदखाई ऩड जामे तो ठदखाई ऩड वकता शै। अगय भेये शाथों भें ठदखाई ऩड जामे तो ठदखाई ऩड वकता शै। भैं कश वकता शूॊ मे शै िेभ । रेककन िेभ क्मा शै? अगय भेयी आॉख भें न ठदखाई ऩडे भेये शाथ भें न ठदखाई ऩडे.फम्फई.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ळामद लश कबी इधय नशीॊ आमेगा। क्मोंकक अशॊकाय लशीॊ आता शै। जशाॊ कुछ ऩाने को शै। अशॊकाय लशीॊ नशीॊ जाता. उववे फशुत-फशुत अनुगठृ शत शूॊ. औय अॊत भें वफके बीतय फैिे ऩयभात्भा को िणाभ कयता शूॊ। भेये िणाभ स्लीकाय कये । –ओशो संबोग से सभाधध स औय बायतीम विद्मा बिन.

वूयज नशीॊ िनकरता. जीलन छोडने मोग्म शै। मश फात वुन-वुन कय धीये -धीये शभाये िाणों भें ऩत्थय की तयश भजफूत शोकय फैि गमी शै । इव फात के कायण जीलन आवाय ठदखाई ऩडने रगा शै। जीलन द्ु ख ठदखाई ऩडने More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . इव िनयाळा के वॊफॊध के. कौन वे याज. िकृित के बीतय िछऩे शुए ऩयभात्भा के दळघन कय वकें। उव वॊफॊध भें शी तीन चयणों भें भुझे फातें कयनी शै। ऩशरी फात. रेककन अॊधेये भें . उवने उव वायी वॊऩदा को ऩत्थय वभझकय पेंक ठदमा था। रेककन कपय बी लश भछुआ वौबाग्मळारी था. लश शीये -भाखणक शै. जीलन द:ु ख शै। वम्भोशन की तयश शभाये िाणों ऩय मश भॊर दोशयामा गमा शै कक जीलन व्मथघ शै. वूयज की योळनी नशीॊ आती। औय वाये जीलन के शीये शभ ऩत्थय वभझकय पेंक चुके शोते शै। जीलन एक फडी वॊऩदा शै. शभने जीलन के वॊफॊध भें ऐवी धायणाएॊ फना री शै। शभने जीलन के वॊफॊध भें ऐवा परवपा खडा कय यखा शै कक उव ढ़जष्टकोण औय धायणा के कायण शी जीलन के वत्म को दे खने वे शभ लॊथचत यश जाते शै। शभने भान शी िरमा शै कक जीलन क्मा शै—बफना खोजें. जो ऩयभात्भा तक ऩशुॉचती शै। इव ळयीय भें बी. ळयीय के बीतय िछऩी शुई आत्भा को ऩशचान वकें. उन वफ का कोई बी अनब ु ल नशीॊ शो ऩाता औय जीलन शभाये शाथ वे कयक्त शो जाता शै। इन आने लारे तीन ठदनों भें जीलन की वॊऩदा ऩय मे थोडी वी फातें भुझे कशानी शै। रेककन जो रोग जीलन की वॊऩदा को ऩत्थय भान कय फैिे शै। ले कबी आॉख खोरकय दे ख ऩामेंगे कक जजन्शें उन्शोंने ऩत्थय वभझा शै. क्मोंकक अॊितभ ऩत्थय पेंकने वे ऩशरे वूयज िनकर आमा था औय उवे ठदखाई ऩड गमा था कक उवके शाथ भें शीया शै। वाधायणतमा वबी रोग इतने बाग्मळारी नशीॊ शोते। जजॊदगी फीत जाती शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi दस ू या प्रिचन : संबोग: अहं -शून्मता स झर भेये वप्रम आत्भन. जो कबी जन्भता नशीॊ औय कबी वभाप्त नशीॊ शोता शै। ूदऩ के बीतय अूदऩ िछऩा शै औय ढ़‍म के बीतय अढ़‍म का लाव शै। औय भत्ृ मु के कुशावे भें अभत ु ॉ ृ की ज्मोित छीऩी शै। भत्ृ मु के धए भें अभत ृ की रौ बी िछऩी शुई शै। लश लरेभ लश ज्मोित बी िछऩी शै. फजल्क इविरए कक मश फात इव फात का स्भयण ठदराती शै। कक उन्शोंने फशुत वी वॊऩदा पेंक दी। रेककन चाशे शभने ककतनी शी वॊऩदा पेंक दी शो. उन्शोंने खोज के ऩशरे शी शाय स्लीकाय कय री शै। भैं इव शाय के वॊफॊध भें . औय लश ऩूये झोरे को पेंक चक ू ा था। औय लश योने रगा. असान भें कक जीलन भें कुछ बी नशीॊ शै िवलाम ऩत्थयों के। जो रोग ऐवा भानकय फैि गमे शै. कौन वे यशस्म. मश बी ऩता नशीॊ चर ऩाता औय शभ उवे पेंक दे ते शै। जीलन भें क्मा िछऩा शै.शभने जीलन के वॊफॊध भें ऐवे ढ़जष्टकोण फना िरए शै. शभने जीलन के वॊफॊध भें कोई िनज‍चत फात शी वभझ यखी शै शजायों लऴों वे शभें एक फात भॊर की तयश ऩढाई जाती शै। जीलन आवाय शै . बफना ऩशचाने. जीलन व्मथघ शे . बफना जजसावा ककमे. अगय एक षण बी जीलन का ळेऴ शै तो कपय बी शभ कुछ फचा वकते शै। औय कुछ जान वकते शै औय कुछ ऩा वकते शै। जीलन की खोज भें कबी बी इतनी दे य नशीॊ शोती कक कोई आदभी िनयाळ शोने का कायण ऩामे। रेककन शभने मश भान शी िरमा शै—अॊधेये भें . एक वुफश. जजवकी की कोई भत्ृ मु नशीॊ शै। मश मारा कैवे शो वकती शै कक धुएॉ के बीतय िछऩी शुई ज्मोित को जान वकें. योळनी शुई। तफ तक उवने झोरे के वाये ऩत्थय पेंक ठदमे थे। िवपघ एक ऩत्थय उवके शाथ भें यश गमा था। वयू ज की योळनी भे दे खते शी जैवे उवके ह्रदम की धडकन फॊद शो गई। वाॊव ूदक गई। उवने जजन्शें ऩत्थय वभझा कय पेंक ठदमा था। ले शीये -जलाशयात थे। रेककन अफ तो अॊितभ शाथ भें फचा था. कौन वी भजु क्त.लश वुफश के वूयज के उगने की ितीषा कयने रगा। वूयज ऊग आमा.जो दे खने ऩय शड्डी भाॊव औय चभडी वे ज्मादा नशीॊ शै। लश िछऩा शै. इव भान री गई ऩयाजम के वॊफॊध भें वफवे ऩशरे चेतालनी मश दे ना चाशता शूॊ के जीलन िभटटी औय ऩत्थय नशीॊ शै। जीलन भें फशुत कुछ शै। जीलन िभटटी औय ऩत्थय के फीच फशुत कुछ िछऩा शै। अगय खोजने लारी आॊखें शो तो जीलन वे लश वीढी बी िनकरती शै. कौन वा स्लगघ. कौन वा आनॊद. मश फशुत कठिन शै। औय जजन रोगो ने जीलन को ऩत्थय भानकय पेंकन भें शी वभम गॊला ठदमा शै। अगय आज उनवे कोई कशने जामे कक जजन्शें तुभ ऩत्थय वभझकय पेंक यशे थे। लशाॊ शीये -भोती बी थे तो ले नायाज शोंगे। रम ोध वे बय जामेंगे। इविरए नशीॊ कक जो फात कशी गमी शै लश गरत शै. जीलन आवाय शै . अॊजान अऩकयथचत. रेककन आदभी िवलाम उवे पेंकने औय गॊलाने के कुछ बी नशीॊ कयता शै। जीलन क्मा शै .लश अऩना जार पेंके औय भछिरमाॉ ऩकडे। लश जो झोरा उवे ऩडा शुआ िभरा था. अबी वूयज बी िनकरन शीॊ था। औय एक भाॊझी नदी के ककनाये ऩशुॊच गमा था। उवका ऩैय ककवी चीज वे टकया गमा। झुककय उवने दे खा। ऩत्थयों वे बया शुआ एक झोरा ऩडा था। उवने अऩना जार ककनाये ऩय यख ठदमा. थचल्राने रगा। इतनी वॊऩदा उवे िभर गमी थी कक अनॊत जन्भों के िरए कापी थी. भाॊव औय चभडी वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। इव वाधायण वी दे श भें बी जो आज जन्भती शै कर भय जाती शै। औय िभटटी शो जाती शै। उवका लाव शै —जो अभत ृ शै. वुफश नशीॊ शोती. जजवभें ऩत्थय थे। लश एक-एक ऩत्थय िनकारकय ळाॊत नदी भें पेंकने रगा। वुफश के वन्नाटे भें उन ऩत्थयों के थगयने की छऩाक की आलाज उवे फडी भधुय रग यशी थी। उव ऩत्थय वे फनी रशये उवे भग्ु ध कय यशी थी। लश एक-एक कय के ऩत्थय पेंकता यशा। धीये -धीये वफ ु श का वयू ज िनकरा. जजवका शड्डी.

जैवा कोई आदभी स्टे ळन ऩय प्रलश्राभारम के वाथ व्मलशाय कयता शै। लेठटॊग ूदभ के वाथ व्मलशाय कयता शै। लश जानता शै कक षण बय शभ इव लेठटॊग भें िशये शुए शै। षण बय फाद छोड दे ना शै. अगय शभ उवे शी वॊबारने भे अवभथघ शै. तो उव रोक भें शभें उवी का दळघन शोगा। जो शभने जीलन भें अनब ु ल ककमा शै। औय िनिभघत ककमा शै। रेककन जीलन को बर ु ा दे ने की.वाया वौंदमघ खो ठदमा शै। भनुष्म एक कुूदऩता फन गमा शै। भनुष्म एक द्ु ख का अड्डा फन गमा शै। औय जफ शभने मश भान शी िरमा कक जीलन व्मथघ. इव लेठटॊग ूदभ का िमोजन क्मा शै ? क्मा अथघ शै ? लश लशाॊ भॊग ू परी के िछरके बी डारता शै। ऩान बी थक ू दे ता शै। गॊदा बी कयता शै औय वोचता शै भझ ु े क्मा िमोजन। षण बय फाद भझ ु े चरे जाना शै। जीलन के वॊफॊध भें बी शभ इवी तयश का व्मलशाय कयते शै। जशाॊ वे शभें षण बय फाद चरे जाना शै। लशाॊ वुन्दय औय वत्म की खोज औय िनभाघण कयने की जूदयत क्मा शै ? रेककन भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ. न शो वकता शै। भैं आऩवे मश बी कशना चाशता शूॊ कक जीलन को वाध रेना शी धभघ की वाधना शै औय जीलन भें शी ऩयभ वत्म को अनुबल कय रेना भोष को उऩल्फध कय रेने की ऩशरी वीढी शै। जो जीलन को शी चूक जाते शै लश औय वफ बी चूक जामेगा.इव ऩय िनबघय कये गा कक शभ कैवे िनिभघत शो यशे शै। जीलन के वाथ शभाया क्मा व्मलशाय शै . वाया िेभ. रेककन जो जजॊदगी का वत्म शै. भत्ृ मु के कुम्शरा गमे. तो भत्ृ मु के फाद कबी बी वाथघकता की कोई गॊज ु ाइळ कोई ऩारता. भत्ृ मु के ऩशरे जो शै लश भशत्लऩूणघ नशीॊ शै। अफ तक के धभघ की ढ़जष्ट भें भत्ृ मु की ऩूजा शै. तो भत्ृ मु के फाद जो शै उवे शभ वॊबारने भें कबी बी वभथघ नशीॊ शो वकते। भत्ृ मु के ऩशरे जो शै अगय लशीॊ व्मथघ छूट जाता शै . पूरों की हब्रों की . िळॊवा औय श्र्धा शै। अफ तक का वाया धभघ थचन्तन कशता शै कक भत्ृ मु के फाद क्मा शै—स्लगघ.भोष. तो ळामद जीलन को आवाय. तो उवे वाथघक फनाने की वायी चेष्टा बी फॊद शो गमी शो तो आ‍चमघ नशीॊ शै। अगय शभने मश भान शी िरमा शै कक जीलन एक कुूदऩता शै ताक उवके बीतय वौंदमघ की खोज कैवे शो वकती शै। औय अगय शभने मश भान शी िरमा शै कक जीलन िवपघ छोड दे ने मोग्म शै.मश स्थान छोड दें गे. तो ळामद शभें जीलन को द्ु ख ऩण ू घ भानने की फात गरत भारभ ू ऩडे. व्मथघ भाने की ढ़जष्ट शभें राॊत भारभ ू ऩडें.जीलन को प्रलस्भयण कय दे ने की फात शी अफ तक नशीॊ की गई। भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक जीलन के अितकयक्त न कोई ऩयभात्भा शै. जशाॊ शभ रुके थे लशाॊ शभने िीितकय शला ऩैदा की थी। जशाॊ शभ दो षण को िशये थे लशाॊ शभने आनॊद की गीत गामा था। वलार मश नशीॊ शै कक लशाॊ आनॊद का गीत शभने गामा था। वलार मश शै कक जजवने आनॊद का गीत गमा था. रेककन जजॊदगी…जजॊदगी शभाये वाथ शोगी। उवके फदरने का कोई उऩाम नशीॊ शै। औय वलार मश नशीॊ शै कक जशाॊ शभ िशये थे उवे शभनें वुॊदय ककमा था. जीलन का वम्भान नशीॊ। जीलन के पूरों का आदय नशीॊ. इव ऩय िनबघय शोगा कक शभायी आत्भा ककन ठदळाओॊ भें मारा कये गी। ककन भागों ऩय जामेगी। ककन नमे जगत की खोज कये गी। जीलन के वाथ शभाया व्मलशाय शभें िनिभघत कयता शै—मश अगय स्भयण शो. आवाय शै . िभट गमे. लशीॊ भशत्लऩूणघ शै . जीलन लादी नशीॊ. उवे खोजना.इवकी कोई बी जूदयत नशीॊ शै। शभ जीलन के वाथ लैवा व्मलशाय कय यशे शै .मश िनज‍चत शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . शभ अऩने भें ऩैदा नशीॊ कया वकेंगे। भत्ृ मु की तैमायी बी इव जीलन भें जो आवऩाव शै भौजद ू शै उव के ्लाया कयनी शै। भत्ृ मु के फाद बी अगय कोई रोक शै. उवने औय फडे ऩय को ऩाने की ऩारता अजजघत कय री शै। शभ जो कयते शै उवी वे शभ िनिभघत शोते शै। शभाया कृत्म अॊतत: शभें िनिभघत कयता शै। शभें फनाता शै। शभ जो कयते शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रगा शै। इव फात के कायण जीलन ने वाया आनॊद. जजॊदगी जूदय शभें छोड कय चरे जाना शै. जा चुके. उवे शभें कबी बी छोडने का कोई उऩाम नशीॊ शै। शभ घय छोड दें गे. उवे िनखायना. लश वदा शभाये वाथ शोगा। लश शभ स्लमॊ शै। स्थान फदर जामेंगे फदर जामेंगे. लशीॊ धीये -धीये शभाये िाण औय शभायी आत्भा का िनभाघता शो जाता शै। जीलन के वाथ शभ क्मा कय यशे शै . उवके बीतय आनॊद के औय फडी वॊबालनाओॊ के ्लाय खोर िरए। जजवने उव भकान को वुॊदय फनामा था। उवने औय फडे वौंदमघ को ऩाने की षभता उऩरब्ध कय री शै। जजवने दो षण उव लेठटॊग ूदभ भें बी िेभ के फीतामे थे. तो जजवे छोड शी दे ना शै। उवे वजाना. तो ळामद शभें जीलन वे प्रलयोध ूदख अधािभघक भारभ ू ऩडे। रेककन अफ तक धभघ के नाभ ऩय जीलन का प्रलयोध शी िवखामा गमा शै। वच तो मश शै कक अफ तक का वाया धभघ भत्ृ मु लादी शै. उवकी ढ़जष्ट भें भत्ृ मु के फाद जो शै. भत्ृ मु के ऩशरे क्मा शै। उववे आज तक के धभघ को कोई वॊफॊध नशीॊ यशा शै। औय भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक भत्ृ मु के ऩशरे जो शै . रेककन जो अवरी जजॊदगी शै.

जो स्लमॊ को ऩैदा कयने के िरए वतत वॊरग्न शै औय वतत चेष्टा ळीर शै। आदभी के बीतय बी लशीॊ शै। आदभी के बीतय उव वतत वज ृ न की चेष्टा का नाभ शभने ‘वेक्व’ दे यखा शै. तो जीलन जन्भ ने की एक अनॊत करम मा का नाभ शै। जीलन एक ऊजाघ शै. तो लश जीने का गरत ढॊ ग शै। मशी जीलन आनॊद की लऴाघ बी फन वकता शै। आगय जीने का वशी ढॊ ग उऩरब्ध शो जामे। धभघ जीलन की तयप ऩीि कय रेना नशीॊ शै . पर फीज को वॊबार यशे शै। फीज क्मा कये गा? फीज कपय ऩौधा फनेगा। कपय पर फनेगा। अगय शभ वाये जीलन को दे खें. न िाथघना शै. भवजजदें शै. नमे-नमे ूदऩों भें ृ न की करम मा। लश करम मा शै ‘’करम एळन’’ की करम मा। लश करम मा शै जीलन को ऩन जीलन दे ने की करम मा। पूर फीज को वॊबार यशे शै. वाभान्म भनुष्म के िाणों भें . लश ऩ् ृ ली को धािभघक कैवे फना वकता शै। लश नशीॊ फना वका। ऩाॉच शजाय लऴों की धािभघक िळषा के फाद बी ऩ् ृ ली योज-योज अधािभघक शोती जा यशी शै। भॊठदय शै . जीलन को छोडो। लश ूदख कशता शै जीलन को त्मागों। लश मश नशीॊ कशता शै कक जीलन भें खोजों। लश मश नशीॊ कशता शै कक जीलन को जीने की करा वीऺों। लश मश बी नशीॊ कशता शै कक जीलन को जीने ऩय िनबघय कयता शै कक जीलन कैवा भारुभ ऩडता शै। अगय जीलन अॊधकाय ऩूणघ भारूभ ऩडता शै. धभघ का आधाय भत्ृ मु शै। धभघ का आधाय खखरते शुए पूर नशीॊ शै . बूर जाने की चेष्टा की गमी शै। रेककन जानने औय खोजने की नशीॊ। औय उव बूरने औय प्रलस्भत ृ कय दे ने की चेष्टा के दष्ु ऩकयणाभ वाये जगत भें व्माप्त शो गमे शै। भनष्ु म के वाभान्म जीलन के भें केंिीम तत्ल क्मा शै—ऩयभात्भा? आत्भा? वत्म? नशीॊ. तो इवभें आ‍चमघ क्मा शै ? जजम्भेलायी ककव की शै ? भैं इन तीन ठदनों भें जीलन के धभघ के वॊफॊध भें फात कयना चाशता शूॊ औय इवीिरए ऩशरा वूर वभझ रेना जूदयी शै। औय इव वूर के वॊफॊध भें आज तक िछऩाने की.न ध्मान शै. दफाने की. शभ उवे काभ की ळजक्त कशते शै। रेककन काभ की ळजक्त क्मा शै? More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . थगयजा घयों भें. औय जानना चाशते शै कक भौत के फाद क्मा शै। जो धभघ भौत ऩय आधाकयत शै .बफरकुर नशीॊ। अगय शभ वाभान्म भनष्ु म के जीलन-ऊजाघ भें खोज कयें . लश धभघ ऩयू े जीलन को कैवे िबाप्रलत कय वकेगा। जो धभघ भौत का थचॊतन कयता शै . जन्भ नें की चेष्टा कय यशा शै। एक ऩषी क्मा कय यशा शै। एक ऩळु क्मा कय यशा शै। अगय शभ वायी िकृित भें खोजने जामें तो शभ ऩामेंगे. जजनकी भौत कयीफ आ यशी शै। औय अफ भौत वे बमबीत शो गमे शै .क्मा कयण शै? ृ ध रोग ठदखाई ऩडेंगे। लशाॊ मल एक शी कायण शै। अफ तक का शभाया धभघ िवपघ फूढे रोगों का धभघ शै। उन रोगों का धभघ शै. नमे फीज इक्िे कयने . कब्र शै। जजव धभघ का आधाय भत्ृ मु शै. न लशाॊ ऩज ू ा शै . ऩुयोठशत शै . जीलन की तयप ऩूयी तयश आॉख खोरना शै। धभघ जीलन वे बागना नशीॊ शै. चचों भें . वायी िकृित भें एक शी.उवकी जीलन ळजक्त को शभ खोजने जामें तो न तो लशाॊ ऩयभात्भा शै. काभ दे यखा शै। इव नाभ के कायण उव ऊजाघ को एक गारी िभर गमी शै। एक अऩभान । इव नाभ के कायण एक िनॊदा का बाल ऩैदा शो गमा शै। भनुष्म के बीतय बी जीलन को जन्भ दे ने की वतत चेष्टा चर यशी शै। शभ उवे वेक्व कशते शै . जो ठदखाई ऩडता शै उवे बर ू ने की चेष्टा की गई शै। उवे जानने औय वभझने की नशीॊ। लशाॊ क्मा ठदखाई ऩडेगा अगय शभ आदभी के िाणों को चीये औय पाडे औय लशाॊ खोजें ? आदभी को छोड दें . वन्मावी शै.भनुष्म के िाणों भें. एक ऩौधा के वाये िाण. चचघ शै . जजवने कोई मारा नशीॊ की। जजवने कोई वाधना नशीॊ की। उवके िाणों की गशयाई भें क्मा शै —िाथघना? ऩूजा? नशीॊ.जजवने कोई खोज नशीॊ की. गुरु ्लायों भें — औय लशाॊ ल् ु ा ठदखाई नशीॊ ऩडते.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन अफ तक का ूदख उरटा यशा शै। लश ूदख कशता शै . जीलन को ऩयू ा आिरॊगन भें रे रेना शै। धभघ शै जीलन का ऩूया वाषात्काय। मशी ळामद कायण शै कक आज तक के धभघ भें िवपघ फूढे रोग शी उत्वक ु यशे शै। भॊठदयों भें जामें. लशाॊ कुछ औय शी ठदखाई दे ता शै.वाया यव . भौत के फाद की थचॊता के वॊफॊध भें आतुय शै . लशाॊ फच्चे ठदखाई नशीॊ ऩडते. ऩुजायी शै . लश धभघ अगय जीलन के िाणों को स्ऩॊठदत न कय ऩाता शो. एक शी करम मा जोय वे िाणों को घेय कय चर यशी शै। औय लश करम मा शै वतत-वज ु रुज्जीप्रलत. रेककन ऩ् ृ ली धािभघक नशीॊ शो वकी शै। औय नशीॊ शो वकेगी। क्मोंकक धभघ का आधाय शी गरत शै। धभघ काय आधाय जीलन नशीॊ शै . अगय आदभी वे इतन जगत की बी शभ खोज-फीन कयें तो लशाॊ िाणों की गशयाईमों भें क्मा िभरेगा? अगय शभ एक ऩौधे की जाॊच-फीन कयें तो क्मा िभरेगा? एक ऩौधा क्मा कय यशा शै ? एक ऩौधा ऩूयी चेष्टा कय यशा शै —नमे फीज उत्ऩन्न कयने की.

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More OSHO Books in Hindi

वभुि की रशयें आकय टकया यशी शै वभुि के तट वे शजायों लऴों वे। रशयें चरी आती शै , टकयाती शै, रौट जाती शै। कपय आती शै ,

टकयाती शै रौट जाती शै। जीलन बी शजायों लऴों वे अनॊत-अनॊत रशयों भें टकया यशा शै। जूदय जीलन कशीॊ उिना चाशता शोगा। मश
वभुि की रशयें , जीलन की मे रशयें कशीॊ ऊऩय ऩशुॊचना चाशती शै ; रेककन ककनायों वे टकयाती शै औय नष्ट शो जाती शै। कपय नमी रशयें
आती शै , टकयाती शै औय नष्ट शो जाती शै। मश जीलन का वागय इतने अयफों फयवों वे टकया यशा शै , वॊघऴघ रे यशा शै। योज उिता शै ,
थगय जाता शै , क्मा शोगा िमोजन इवके ऩीछे ? जूदय इवके ऩीछे कोई फश
ृ त्तय ऊॉचाइमों को छूने का आमोजन चर यशा शोगा। जूदय इवके
ऩीछे कुछ औय गशयाइमों को जानने का िमोजन चर यशा शै। जूदय जीलन की वतत िकरम मा के ऩीछे कुछ औय भशान तय जीलन ऩैदा
कयने का िमाव चर यशा शै।

भनुष्म को जभीन ऩय आमे फशुत ठदन नशीॊ शुए शै , कुछ राख लऴघ शुए। उवके ऩशरे भनुष्म नशीॊ था। रेककन ऩळु थे। ऩळु को आमे शुए
बी फशुत ज्मादा वभम नशीॊ शुआ। एक जभाना था कक ऩळु बी नशीॊ था। रेककन ऩौधे थे। ऩौधों को बी आमे फशुत वभम नशीॊ शुआ। एक
वभम था जफ ऩौधे बी नशीॊ थे। ऩशाड थे। नठदमा थी, वागय थे। ऩत्थय थे। ऩत्थय, ऩशाड औय नठदमों की जो दिु नमा थी लश ककव फात
के िरए ऩीसडत थी?

लश ऩौधों को ऩैदा कयना चाशती थी। ऩौधे धीये -धीये ऩैदा शुए। जीलन ने एक नमा ूदऩ िरमा। ऩ्
ृ ली शकयमारी वे बय गमी। पूर खखर
गमे।
रेककन ऩौधे बी अऩने वे तप्ृ त नशीॊ थे। ले वतत जीलन को जन्भ दे ते शै। उवकी बी कोई चेष्टा चर यशी थी। ले ऩळुओॊ को ऩषियषमों को
जन्भ दे ना चाशते शै। ऩळु, ऩषी ऩैदा शुए।

शजायों राखों फयवों तक ऩळु, ऩषियषमों वे बया था मश जगत, रेककन भनष्ु म को कोई ऩता नशीॊ था। ऩळुओॊ औय ऩषियषमों के िाणों के
बीतय िनयॊ तय भनुष्म बी िनलाव कय यशा था। ऩैदा शोने की चेष्टा कय यशा था। कपय भनुष्म ऩैदा शुआ।
अफ भनुष्म ककव िरए?
भनुष्म िनयॊ तय नमे जीलन को ऩैदा कयने के िरए आतुय शै। शभ उवे वेक्व कशते शै, शभ उवे काभ की लावना कशते शै। रेककन उव

लावना का भूर अथघ क्मा शै ? भूर अथघ इतना शै कक भनुष्म अऩने ऩय वभाप्त नशीॊ शोना चाशता, आगे बी जीलन को ऩैदा कयना चाशता

शै। रेककन क्मों? क्मा भनुष्म के िाणों भें, भनुष्म के ऊऩय ककवी ‘वुऩयभैन’ को, ककवी भशा भानल को ऩैदा कयने की कोई चेष्टा चर यशी
शै?

िनज‍चत शी चर यशी शै। िनज‍चत शी भनष्ु म के िाण इव चेष्टा भें वॊरग्न शै कक भनष्ु म वे श्रेष्ितय जीलन जन्भ ऩा वके। भनष्ु म वे
श्रेष्ितय िाणी आप्रलबत
ूघ शो वके। नीत्वे वे रेकय अयप्रलॊद तक, ऩतॊजिर वे रेककय फय रांे न्ड यवर तक। वाये भनष्ु म के िाणों भें एक
कल्ऩना, एक वऩने की तयश फैिी यशी कक भनुष्म वे फडा िाणी ऩैदा कैवे शो वके। रेककन भनुष्म वे फडा िाणी ऩैदा कैवे शोगा?

शभने तो शजायों लऴों वे इव ऩैदा शोने की काभना को शी िनॊठदत कय यखा शै। शभने तो वेक्व को िवलाम गारी के आज तक दव
ू या

कोई वम्भान नशीॊ ठदमा। शभ तो फात कयने भैं बमबीत शोते शै। शभने तो वेक्व को इव बाॊित िछऩा कय यख ठदमा शै, जैवे लश शै शी
नशीॊ। जैवे उवका जीलन भें कोई स्थान नशीॊ शै। जफ कक वच्चाई मश शै कक उववे ज्मादा भशत्लऩूणघ भनुष्म के जीलन भें ओय कुछ बी
नशीॊ शै। रेककन उवको िछऩामा शै दफामा शै, क्मों?

दफाने औय िछऩाने वे भनुष्म वेक्व वे भुक्त नशीॊ शो गमा, फजल्क औय बी फुयी तयश वे वेक्व वे ग्रिवत शो गमा। दभन उरटे ऩकयणाभ
राता शै।

ळामद आऩ भें वे ककवी ने एक फ्रैंच लैसािनक कुमे के एक िनमभ के वॊफॊध भें वुना शोगा। लश िनमभ शै ’’रे ऑप कयलवघ एपेक्ट’’।

कुमे ने एक िनमभ ईजाद ककमा शै , ‘प्रलऩयीत ऩकयणाभ का’। शभ जो कयना चाशते शै , शभ इव ढॊ ग वे कय वकते शै। कक जो शभ ऩकयणाभ
चाशते शै , उवके उल्टा ऩकयणाभ शो जामे।

एक आदभी वाइककर चराना वीखता शै। फडा यास्ता शै। चौडा यास्ता शै। एक छोटा वा ऩत्थय यास्ते के ककनाये ऩडा शुआ शै। लश
वाइककर चराने लारा घफयाता शै। की भैं कशीॊ उव ऩत्थय वे न टकया जाऊॉ। अफ इतना चौडा यास्ता ऩडा शै। लश वाइककर चरने लारा
अगय आॉख फॊध कय के बी चराना चाशे तो बी उव ऩत्थय वे टकयाने की वॊबालना न के फयाफय शै। इवका वौ भें वे एक शी भौका शै
लश ऩत्थय वे टकयामे। इतने चौडे यास्ते ऩय कशीॊ वे बी िनकर वकता शै रेककन लश दे खकय घफयाता शै। कक कशीॊ ऩत्थय वे टकया न
जाऊॉ। औय जैवे शी लश घफयाता शै, भैं ऩत्थय वे न टकया जाऊॉ। वाया यास्ता प्रलरीन शो जाता शै। केलर ऩत्थय शी ठदखाई ठदमा। अफ
उवकी वाइककर का चाक ऩत्थय की औय भुडने रगा। लश शाथ ऩैय वे घफयाता शै। उवकी वायी चेतना उव ऩत्थय की औय दे खने रगती
शै। औय एक वम्भोठशत ठशिोटाइज आदभी कक तयश लश ऩत्थय की तयप खखॊच जाता शै। औय जा कय ऩत्थय वे टकया जाता शै। नमा
वाईककर वीखने लारा उवी वे टकया जाता शै जजववे फचना चाशता शै। रैम्ऩो वे टकया जाता शै , खम्फों वे टकया जाता शै , ऩत्थय वे
टकया जाता शै। इतना फडा यास्ता था कक अगय कोई िनळानेफाज शी चराने की कोिळळ कयता तो उव ऩत्थय वे टकया वकता था।
रेककन मश िवक्खड आदभी कैवे उव ऩत्थय वे टकया गमा।

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कुमे कशता शै कक शभायी चेतना का एक िनमभ शै: रे ऑप कयलवघ एपेक्ट, शभ जजव चीज वे फचना चाशते शै , चेतना उवी ऩय केंठित

शो जाती शै। औय ऩकयणाभ भें शभ उवी वे टकया जाते शै। ऩाॉच शजाय वार वे आदभी वेक्व वे फचना चाश यशा शै। औय ऩकयणाभ इतना
शुआ की गरी कूचे शय जगश जशाॊ बी आदभी जाता शै लशीॊ वेक्व वे टकया जाता शै। रे ऑप कयलवघ एपेक्ट भनुष्म की आत्भा को
ऩकडे शुए शै।
क्मा कबी आऩने लश वोचा शै कक आऩ थचत को जशाॊ वे फचाना चाशते शै , थचत लशीॊ आकप्रऴघत शो जाता शै। लशीॊ िनभॊबरत शो जात शै।
जजन रोगो ने भनुष्म को वेक्व के प्रलयोध भें वभझामा, उन रोगों ने शी भनुष्म को काभुक फनाने का जजम्भा बी अऩने ऊऩय रे िरमा
शै।

भनष्ु म की अित काभक
ु ता गरत िळषाओॊ का ऩकयणाभ शै।
औय आज बी शभ बमबीत शोते शै कक वेक्व की फात न की जामे। क्मों बमबीत शोते शै? बमबीत इविरए शोते शै कक शभें डय शै कक
वेक्व के वॊफॊध भें फात कयने वे रोग औय काभुक शो जामेंगे।
भैं आऩको कशना चाशता शूॊ कक मश बफरकुर शी गरत रभ शै। मश ळत-िितळत गरत शै। ऩ्
ु त शोगी, जफ
ृ ली उवी ठदन वेक्व वे भक्
शभ वेक्व के वॊफॊध भें वाभान्म, स्लास्थ फातचीत कयने भें वभथघ शो जामेंगे।
जफ शभ वेक्व को ऩूयी तयश वे वभझ वकेंगे, तो शी शभ वेक्व का अितरम भण कय वकेंगे।
जगत भें ब्रह्भचमघ का जन्भ शो वकता शै। भनुष्म वेक्व के ऊऩय उि वकता शै। रेककन वेक्व को वभझकय, वेक्व को ऩूयी तयश
ऩशचान कय, उव की ऊजाघ के ऩूये अथघ, भागघ, व्मलस्था को जानकय, उवके भुक्त शो वकता शै।

आॊखे फॊद कय रेने वे कोई कबी भुक्त नशीॊ शो वकता। आॊखें फॊद कय रेने लारे वोचते शों कक आॊखे फॊद कय रेने वे ळरु वभाप्त शो

गमा शै। भरुस्थर भें ळत
ु ुयभुगघ बी ऐवा शी वोचता शै। द‍ु भन शभने कयते शै तो ळत
ु ुयभुगघ ये त भें वय िछऩा कय खडा शो जाता शै। औय
वोचता शै कक जफ द‍ु भन भुझे ठदखाई नशीॊ दे ता ताक भैं दळ
ु भन को कैवे ठदखाई दे नशीॊ वकता। रेककन मश लकघ—ळत
ु ुयभुगघ को शभ
षभा बी कय वकते शै। आदभी को षभा नशीॊ ककमा जा वकता शै।

वेक्व के वॊफॊध भें आदभी ने ळत
ु ुयभुगघ का व्मलशाय ककमा शै। आज तक। लश वोचता शै , आॉख फॊद कय रो वेक्व के िित तो वेक्व िभट
गमा। अगय आॉख फॊद कय रेने वे चीजें िभटती तो फशुत आवान थी जजॊदगी। फशुत आवान शोती दिु नमा। आॉख फॊद कयने वे कुछ
िभटता नशीॊ शै। फजल्क जजव चीज के वॊफॊध भें शभ आॉख फॊद कयते शै। शभ िभाण दे ते शै कक शभ उव वे बमबीत शै । शभ डय गमे शै।
लश शभवे ज्मादा भजफूत शै। उववे शभ जीत नशीॊ वकते शै, इविरए आॉख फॊद कयते शै। आॉख फॊद कयना कभजोयी का रषण शै।
औय वेक्व के फाफत वायी भनष्ु म जाित आॉख फॊद कयके फैि गमी शै। न केलर आॉख फॊद कयके फैि गमी शै , फजल्क उवने वफ तयश की
रडाई बी वेक्व वे री शै। औय उवके ऩकयणाभ, उवके दष्ु ऩकयणाभ वाये जगत भें सात शै।

अगय वौ आदभी ऩागर शोते शै, तो उनभें वे 98 आदभी वेक्व को दफाने की लजश वे ऩागर शोते शै । अगय शजायों जस्रमों ठशस्टीकयमा वे
ऩये ळान शै तो उवभें वे वौ भें वे 99 जस्रमों के ऩीछे ठशस्टीकयमा के िभयगी के फेशोळी के, वेक्व की भौजूदगी शै। वेक्व का दभन भौजूद
शै।

अगय आदभी इतना फेचैन, अळाॊत इतना द्ु खी औय ऩीसडत शै तो इव ऩीसडत शोने के ऩीछे उवने जीलन की एक फडी ळजक्त को बफना
वभझे उवकी तयप ऩीि खडी कय री शै। उवका कायण शै। औय ऩकयणाभ उरटे आते शै।

अगय शभ भनुष्म का वाठशत्म उिाकय कय दे खें, अगय ककवी दे लरोक वे कबी कोई दे लता आमे मा चॊिरोक वे मा भॊगरग्रश वे कबी

कोई मारी आमे औय शभायी ककताफें ऩढे , शभाया वाठशत्म दे खे, शभायी कप्रलता ऩढ, शभाये थचर दे खे तो फशुत शैयान शो जामेगा। लश शैयान शो
जामेगा मश जानकय कक आदभी का वाया वाठशत्म वेक्व ऩय केंठित शै? आदभी की शय कप्रलताएॊ वेक्वुअर क्मों शै ? आदिभमों की वायी
कशािनमाॊ, वाये उऩन्माव वेक्वुअर क्मों शै। आदभी की शय ककताफ के उऩय नॊगी औयत की तस्लीय क्मों शै? आदभी की शय कपल्भ नॊगे
आदभी की कपल्भ क्मों शै। लश फशुत शैयान शोगा। अगय कोई भॊगर वे आकय शभें इव शारत भें दे खेगा तो फशुत शै यान शोगा। लश
वोचगा, आदभी वेक्व के िवलाम क्मा कुछ बी नशीॊ वोचता? औय आदभी वे अगय ऩछ
ू े गा, फातचीत कये गा तो फशुत शैयान शो जामेगा।

आदभी फातचीत कये गा आत्भा की, ऩयभात्भा की, स्लगघ की, भोष की, वेक्व की कबी कोई फात नशीॊ कये गा। औय उवका वाया व्मजक्तत्ल
चायों तयप वे वेक्व वे बया शुआ शै। लश भॊगरग्रश का लावी तो फशुत शैयान शोगा। लश कशे गा, फात चीत कबी नशीॊ कक जाती जजव चीज
की , उवको चायों तयप वे तप्ृ त कयने की शजाय-शजाय ऩागर कोिळळें क्मों की जा यशी शै ?
आदभी को शभने ‘’ऩयलटघ ’’ ककमा शै, प्रलकृत ककमा शै औय अच्छे नाभों के आधाय ऩय प्रलकृत ककमा शै। ब्रह्भचमघ की फात शभ कयते शै।

रेककन कबी इव फात की चेष्टा नशीॊ कयते कक ऩशरे भनुष्म की काभ की ऊजाघ को वभझा जामे, कपय उवे ूदऩान्तकयत कयने के िमोग
बी ककमे जा वकते शै। बफना उव ऊजाघ को वभझे दभन की वॊमभ की वायी िळषा, भनुष्म को ऩागर, प्रलषियषप्त औय ूदग्ण कये गी। इव

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वॊफॊध भें शभें कोई बी ध्मान नशीॊ शै। मश भनुष्म इतना ूदग्ण, इतना दीन-शीन कबी बी न था, इतना ‘ऩामजनव’ बी न था। इतना द्ु खी
बी न था।

भैं एक अस्ऩतार के ऩाव वे िनकरता था। भैंने एक तख्ते ऩय अस्ऩतार के एक िरखी शुई वूचना ऩढी। िरखा था तख्ती ऩय—‘’एक
आदभी को बफच्छू ने काटा शै , उवका इराज ककमा गमा शै। लश एक ठदन भें िीक शोकय घय लाऩव चरा गमा। एक दव
ू ये आदभी को
वाॊऩ ने काटा था। उवका तीन ठदन भें इराज ककमा गमा। औय लश स्लास्थ शो कय घय लाप्रऩव चरा गमा। उव ऩय तीवयी वुचना थी

कक एक औय आदभी को ऩागर कुत्ते ने काट िरमा था। उव का दव ठदन भें इराज शो यशा शै। लश कापी िीक शो गमा शै औय ळीध्र
शी उवके ऩूयी तयश िीक शो जाने की उम्भीद शै। औय उव ऩय चौथी वूचना िरखी थी, कक एक आदभी को एक आदभी ने काट िरमा
था। उवे कई वप्ताश शो गमे। लश फेशोळ शै , औय उवके िीक शोने की कोई उम्भीद नशीॊ शै।
भैं फशुत शैयान शुआ। आदभी का काटा शुआ इतना जशयीरा शो वकता शै।
रेककन अगय शभ आदभी की तयप दे खोगें तो ठदखाई ऩडेगा—आदभी के बीतय फशुत जशय इक्िा शो गमा शै। औय उव जशय के

इक्िे शो जाने का ऩशरा वुर मश शै कक शभने आदभी के िनवगघ को, उवकी िकृित को स्लीकाय नशीॊ ककमा शै। उवकी िकृित को दफाने
औय जफयदस्ती तोडने की चेष्टा की शै। भनुष्म के बीतय जो ळजक्त शै। उव ळजक्त को ूदऩाॊतकयत कयने का, ऊॊचा रे जाने का,

आकाळगाभी फनाने का शभने कोई िमाव नशीॊ ककमा। उव ळजक्त के ऊऩय शभ जफयदस्ती कब्जा कयके फैि गमे शै। लश ळजक्त नीचे वे
ज्लाराभुखी की तयश उफर यशी शै। औय धक्के दे यशी शै। लश आदभी को ककवी बी षण उरटा दे ने की चेष्टा कय यशी शै। औय इविरए
जया वा भौका िभर जाता शै तो आऩको ऩता शै वफवे ऩशरी फात क्मा शोती शै।

अगय एक शलाई जशाज थगय ऩडे तो आऩको वफवे ऩशरे उव शलाई जशाज भें अगय ऩामरट शो ओय आऩ उवके ऩाव जाएॊ—उवकी
राळ के ऩाव तो आऩको ऩशरा ि‍न क्मा उिे गा, भन भें । क्मा आऩको ख्मार आमेगा—मश ठशन्द ू शै मा भुवरभान? नशीॊ। क्मा आऩको

ख्मार आमेगा कक मश बायतीम शै मा कक चीनी? नशीॊ। आऩको ऩशरा ख्मार आमेगा—लश आदभी शै मा औयत? ऩशरा ि‍न आऩके भन
भें उिे गा, लश स्री शै मा ऩुूदऴ? क्मा आऩको ख्मार शै इव फात का कक लश ि‍न क्मों वफवे ऩशरे ख्मार भें आता शै ? बीतय दफा शुआ
वेक्व शै। उव वेक्व के दभन की लजश वे फाशय स्रीमाॊ औय ऩुूदऴ अितळम उबय कय ठदखामी ऩडती शै।
क्मा आऩने कबी वोचा शै? आऩ ककवी आदभी का नाभ बर
ू वकते शै, जाित बर
ू वकते शै। चेशया बर
ू वकते शै? अगय भैं आऩ वे िभरॊू
मा भझ
ु े आऩ िभरें तो भैं वफ बर
ू वकता शूॊ—कक आऩका नाभ क्मा था,आऩका चेशया क्मा था, आऩकी जाित क्मा थी, उम्र क्मा थी
आऩ ककव ऩद ऩय थे—वफ बर
ू वकते शै। रेककन कबी आऩको ख्मार आमा कक आऩ मश बर
ू वके शै कक जजव वे आऩ िभरे थे लश
आदभी था मा औयत? कबी आऩ बर
ू वकते शै इव फात को कक जजववे आऩ िभरे थे, लश ऩूद
ु ऴ शै मा स्री? नशीॊ मश फात आऩ कबी
नशीॊ बर
ू वके शोगें । क्मा रेककन? जफ वायी फातें बर
ू जाती शै तो मश क्मों नशीॊ बर
ू ता?

शभाये बीतय भन भें कशीॊ वेक्व फशुत अितळम शो फैिा शै। लश चौफीव घॊटे उफर यशा शै। इविरए वफ फातें बूर जाती शै। रेककन मश
फात नशीॊ बूरती शै। शभ वतत वचेष्ट शै।
मश ऩ्
ृ ली तफ तक स्लस्थ नशीॊ शो वकेगी, जफ तक आदभी औय जस्रमों के फीच मश दीलाय औय मश पावरा खडा शुआ शै। मश ऩ्
ृ ली
तफ तक कबी बी ळाॊत नशीॊ शो वकेगी,जफ तक बीतय उफरती शुई आग शै औय उवके ऊऩय शभ जफयदस्ती फैिे शुए शै। उव आग को

योज दफाना ऩडता शै। उव आग को िितषण दफामे यखना ऩडता शै। लश आग शभको बी जरा डारती शै। वाया जीलन याख कय दे ती शै।
रेककन कपय बी शभ प्रलचाय कयने को याज़ी नशीॊ शोते। मश आग क्मा थी?
औय भैं आऩवे कशता शूॊ अगय शभ इव आग को वभझ रें, तो मश आग द‍ु भन नशीॊ दोस्त शै। अगय शभ इव आग को वभझ रें तो
मश शभें जरामेगी नशीॊ, शभाये घय को गभघ बी कय वकती शै। वठदघ मों भें,औय शभायी योठटमाॉ बी वेक वकती शै। औय शभायी जजॊदगी भें
वशमोगी औय िभर बी शो वकती शै।
राखों वार तक आकाळ भें बफजरी चभकती थी। कबी ककवी के ऊऩय थगयती थी औय जान रे रेती थी। कबी ककवी ने वोचा बी नथा
कक एक ठदन घय के ऩॊखा चरामेगी मश बफजरी। कबी मश योळनी कये गी अॊधेये भें , मश ककवी ने नशीॊ वोचा था। आज—आज लशी
बफजरी शभायी वाथी शो गमी शै। क्मों?
बफजरी की तयप शभ आॉख भॊद
ू कय खडे शो जाते तो शभ कबी बफजरी के याज को न वभझ ऩाते औय न कबी उवका उऩमोग कय
ऩाते। लश शभायी द‍ु भन शी फनी यशती। रेककन नशीॊ, आदभी ने बफजरी के िित दोस्ताना बाल फयता। उवने बफजरी को वभझने की
कोिळळ की, उवने िमाव ककमा जानने के औय धीये -धीये बफजरी उवकी वाथी शो गमी। आज बफना बफजरी के षण बय जभीन ऩय
यशना भुज‍कर शो जामे।
भनुष्म के बीतय बफजरी वे बी अथधक ताकत शै वेकव की।
भनुष्म के बीतय अणु की ळजक्त वे बी फडी ळजक्त शै वेक्व की।

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कबी आऩने वोचा रेककन, मश ळजक्त क्मा शै औय कैवे इवे ूदऩान्तकयत कयें ? एक छोटे -वे अणु भें इतनी ळजक्त शै कक ठशयोिळभा का ऩूया
का नगय जजव भें एक राख आदभी बस्भ शो गमे। रेककन क्मा आऩने वोचा कक भनुष्म के काभ की ऊजाघ का एक अणु एक नमे

व्मजक्त को जन्भ दे ता शै। उव व्मजक्त भें गाॊधी ऩैदा शो वकता शै , उव व्मजक्त भें भशालीय ऩैदा शो वकता शै। उव व्मजक्त भें फु्ध ऩैदा
शो वकता शै , रम ाइस्ट ऩैदा शो वकता शै, उववे आइन्वटीन ऩैदा शो वकता शै। औय न्मूटन ऩैदा शो वकता शै। एक छोटा वा अणु एक
भनुष्म की काभ ऊजाघ का, एक गाॊधी को िछऩामे शुए शै। गाॊधी जैवा प्रलयाट व्मजक्त ऩैदा शो वकता शै।

रेककन शभ वेक्व को वभझने को याज़ी नशीॊ शै। रेककन शभ वेक्व की ऊजाघ के वॊफॊध भें फात कयने की ठशम्भत जुटाने को याज़ी नशीॊ
शै। कौन वा बम शभें ऩकडे शुए शै कक जजववे वाये जीलन का जन्भ शोता शै। उव ळजक्त को शभ वभझना नशीॊ चाशते?कौन वा डय शै
कौन वी घफयाशट शै?
भैंने प्रऩछरी फम्फई की वबा भें इव वॊफॊध भें कुछ फातें कशीॊ थी। तो फडी घफयाशट पैर गई। भझ
ु े फशुत वे ऩर ऩशुॊचे कक आऩ इव
तयश की फातें भत कयें । इव तयश की फात शी भत कयें । भैं फशुत शैयान शुआ कक इव तयश की फात क्मों न की जामे? अगय ळजक्त शै

शभाये बीतय तो उवे जाना क्मों न जामे? क्मों ने ऩशचाना जामे ? औय बफना जाने ऩशचाने , बफना उवके िनमभ वभझे,शभ उव ळजक्त को
औय ऊऩय कैवे रे जा वकते शै? ऩशचान वे शभ उवको जीत बी वकते शै , फदर बी वकते शै, रेककन बफना ऩशचाने तो शभ उवके शाथ
भें शी भयें गे औय वडेंगे, औय कबी उववे भक्
ु त नशीॊ शो वकते।
जो रोग वेक्व क वॊफॊध भें फात कयने की भनाशी कयते शै , ले शी रोग ऩ्
ृ ली को वेक्व के गड्ढे भें डारे शुए शै। मश भैं आऩवे कशना
चाशता शूॊ, जो रोग घफयाते शै औय जो वभझते शै कक धभघ का वेक्व वे कोई वॊफॊध नशीॊ, लश खुद तो ऩागर शै शी, ले वायी ऩ्
ृ ली को
ऩागर फनाने भें वशमोग कय यशे शै।

धभघ का वॊफॊध भनुष्म की ऊजाघ के ‘’रांाॊवपेभेळन’’ वे शै। धभघ का वॊफॊध भनुष्म की ळजक्त को ूदऩाॊतकयत कयने वे शै।
धभघ चाशता शै कक भनुष्म के व्मजक्तत्ल भें जो िछऩा शै, लश श्रेष्ितभ ूदऩ वे अिबव्मक्त शो जामे। धभघ चाशता शै कक भनुष्म का जीलन
िनम्न वे उच्च की एक मारा फने। ऩदाथघ वे ऩयभात्भा तक ऩशुॊच जामे।

रेककन मश चाश तबी ऩूयी शो वकती शै …..शभ जशाॊ जाना चाशते शै , उव स्थान को वभझना उतना उऩमोगी नशीॊ शै। जजतना उव स्थान
को वभझना उऩमोगी शै। क्मोंकक मश मारा कशाॊ वे ळूद
ु कयनी शै।

वेक्व शै पैक्ट, वेक्व जो शै लश त्म शै भनष्ु म के जीलन का। औय ऩयभात्भा अबी दयू शै। वेक्व शभाये जीलन का त्म शे । इव त्म
को वभझ कय शभ ऩयभात्भा की मारा चर वकते शै। रेककन इवे बफना वभझे एक इॊच आगे नशीॊ जा वकते। कोल्शू के फेर कक तयश
इवी के आऩ ऩाव घभ
ू ते यशें गे।
भैंने प्रऩछरी वबा भें कशा था, कक भुझे ऐवा रगता शै। शभ जीलन की लास्तप्रलकता को वभझने की बी तैमायी नशीॊ ठदखाते। तो कपय

शभ औय क्मा कय वकते शै। औय आगे क्मा शो वकता शै। कपय ई‍लय की ऩयभात्भा की वायी फातें वान्त्लना शी, कोयी वान्त्लना की फातें
शै औय झूि शै। क्मोंकक जीलन के ऩयभ वत्म चाशे ककतने शी नग्न क्मों न शो, उन्शें जानना शी ऩडेगा। वभझना शी ऩडेगा।
तो ऩशरी फात तो मश जान रेना जूदयी शै कक भनुष्म का जन्भ वेक्व भें शोता शै। भनुष्म का वाया जीलन व्मजक्तत्ल वेक्व के अणुओॊ
वे फना शुआ शै। भनुष्म का वाया िाण वेक्व की उजाघ वे बया शुआ शै। जीलन की उजाघ अथाघत काभ की उजाघ। मश तो काभ की ऊजाघ
शै, मश जा वेक्व की ऊजाघ शै , मश क्मा शै ? मश क्मों शभाये जीलन को इतने जोय वे आॊदोिरत कयती शै ? क्मों शभाये जीलन को इतना

िबाप्रलत कयती शै ? क्मों शभ धूभ-धूभ कय वेक्व के आव-ऩाव, उवके ईद-थगदघ शी चक्कय रगाते शै। औय वभाप्त शो जाते शै। कौन वा
आकऴघण शै इवका?

शजायों वार वे ऋप्रऴ,भिु न इॊकाय कय यशे शै , रेककन आदभी िबाप्रलत नशीॊ शुआ भारभ
ू ऩडता। शजायों वार वे ले कश यशे शै कक भख
ु भोड
रो इववे। दयू शट जाओ इववे। वेक्व की कल्ऩना औय काभ लावना छोड दो। थचत वे िनकार डारों मे वाये वऩने।
रेककन आदभी के थचत वे मश वऩने िनकरे शी नशीॊ। कबी िनकर बी नशीॊ वकते शै इव बाॊित। फजल्क भैं तो इतना शैयान शुआ शूॊ—
इतना शैयान शुआ शूॊ। ले‍माओॊ वे बी िभरा शुॊ, रेककन ले‍माओॊ ने भुझवे वेक्व की फात नशीॊ की। उन्शोंने आत्भ, ऩयभात्भा के वॊफॊध भें

ऩूछताछ की। औय भैं वाधु वॊन्मािवमों वे बी िभरा शूॊ। ले जफ बी अकेरे भें िभरते शै तो िवलामे वेक्व के औय ककवी फात के वॊफॊध भें
ऩूछताछ नशीॊ कयते। भैं फशुत शैयान शुआ। भैं शैयान शुआ शूॊ इव फात को जानकय कक वाधु-वॊन्मािवमों को जो िनयॊ तय इवके प्रलयोध भें
फोर यशे शै , ले खुद शी थचतके तर ऩय लशीॊ ग्रिवत शै। लशीॊ ऩये ळान शै। तो जनता वे आत्भा ऩयभात्भा की फातें कयते शै , रेककन बीतय
उनके बी वभस्मा लशी शै।

शोगी बी। स्लाबाप्रलक शै, क्मोंकक शभने उव वभस्मा को वभझने की बी चेष्टा नशीॊ की शै। शभने उव ऊजाघ के िनमभ बी जानने नशीॊ
चाशे शै। शभने कबी मश बी नशीॊ ऩूछा कक भनुष्म का इतना आकऴघण क्मों शै। कौन िवखाता शै, वेक्व आऩको।

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लश लस्तुत: काभ की लावना नशीॊ शै . इतना नैवथगघक केंि क्मा शै . रेककन उव एक षण के िरए भनुष्म ककतनी शी ऊजाघ. धभघ भें श्रेष्ितभ अनब ु ल भें ‘भैं’ बफरकुर िभट जाता शै। अशॊकाय बफरकुर ळन् ू म शो जाता शै। वेक्व के अनब ु ल भें षण बय को अशॊकाय िभटता शै। रगता शै कक शूॊ मा नशीॊ। एक षण को प्रलरीन शो जाता शै भेया ऩन का बाल। दव ू यी घटना घटती शै। एक षण के िरए वभम भट जाता शै ‘’टाइभरेवनेव’’ ऩैदा शो जाती शै। जीवव ने कशा शै वभाथध के वॊफॊध भें : ‘’दे मय ळैर फी टाईभ नौ राॊगय’’। वभाथध का जो अनुबल शै लशाॊ वभम नशीॊ यश जाता शै। लश कारातीत शै। वभम बफरकुर प्रलरीन शो जाता शै। न कोई अतीत शै .. इविरए शय आदभी काभ के कृत्म के फाद ऩछताता शै। द्ु खी शोता शै ऩीसडत शोता शै। वोचता शै कक इववे भक् ु त शो जाऊॉ। मश क्मा शै ? रेककन आकऴघण ळामद कोई दव ू या शै। औय लश आकऴघण फशुत कयरीजव. ऩयभात्भा की झरक िभरनी ळूद ु शो जाती शै। एक षण की शोती शै मश घटना. वॊबोग का. ककतनी शी ळजक्त खोने को तैमाय शै। ळजक्त खोने के कायण ऩछताला शै फाद भें कक ळजक्त षीण शुई ळजक्त का अऩव्मम शुआ। औय उवे ऩता शे कक ळजक्त जजतनी षीण शोती शै भौत उतनी कयीफ आती शै। कुछ ऩळओ ु ॊ भें तो एक शी वॊबोग के फाद नय की भत्ृ मु शो जाती शै। कुछ कीडे तो एक शी वॊबोग कय ऩाते शै औय वॊबोग कयते शी वभाप्त शो जाते शै। अफ्रीका भें एक भकडा शोता शै । लश एक शी वॊबोग कय ऩाता शै औय वॊबोग की शारत भें शी भय जाता शै। इतनी ऊजाघ षीण शो जाती शै। भनष्ु म को मश अनब ु ल भें आ गमा फशुत ऩशरे कक वेक्व का अनब ु ल ळजक्त को षीण कयता शै। जीलन ऊजाघ कभ शोती शै। औय धीये धीये भौत कयीफ आती शै। ऩछताला शै आदभी के िाणों भें . ऩैवा कभाता शै. जजवकी लजश वे आदभी वेक्व की तयप आतुय शोता शै औय ऩागर शोता शै। लश आतुयता स्री के ळयीय के िरए नशीॊ शै ऩुूदऴ के ळयीय के िरए स्री की शै। लश आतुयता ळयीय के िरए बफरकुर बी नशीॊ शै। लश आतुयता ककवी औय शी फात के िरए शै। लश आतुयता शै —अशॊकाय ळन् ू मता का अनुबल. एक षण के िरए वभम प्रलरीन शो जाता शै। मश धभघ अनब ु िू त के िरए वलाघथधक भशत्लऩण ू घ तत्ल शै—इगोरेवनेव. उवे गशये रे जाता शै। औय उवकी गशयाई भें दो घटनामें घटती शै. एक षण को मश माद बी नशीॊ यश जाता कक भैं शूॊ। क्मा आऩको ऩता शै . वभम ळन् ू मता का अनुबल। रेककन वभम-ळन् ू म औय अशॊकाय ळन् ू म शोने के िरए आतयु ता क्मों शै ? क्मोंकक जैवे शी अशॊकाय िभटता शै . एक वॊबोग के अनुबल भें अशॊकाय प्रलवजजघत शो जाता शै। ‘’इगोरेवनेव’’ ऩैदा शो जाती शै। एक षण के िरए अशॊकाय नशीॊ यश जाता. कशीॊ कोई मुिनलिवघटी नशीॊ। रेककन आदभी अचानक एक ठदन ऩाता शै कक वाये िाण काभ की आतुयता वे बय गमे शै। मश कैवे शो जाता शै। बफना िवखामे मे क्मा शोता शै। वत्म की िळषा दी जाती शै। िेभ की िळषा दी जाती शै। उवका तो कोई ऩता नशीॊ चरता। वेक्व का आकऴघण इतना िफर शै . फशुत धािभघक अथघ यखता शै। लश आकऴघण मश शै …. ताकक बफजरी की चभक औय गशयी शो। भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक वॊबोग का इतना आकऴघण षखणक वभाथध के िरए शै। औय वॊबोग वे आऩ उव ठदन भुक्त शोंगे। जजव ठदन आऩको वभाथध बफना वॊबोग के िभरना ळूद ु शो जामेगी। उवी ठदन वॊबोग वे आऩ भुक्त शो जामेंगे. टाइभरेवनेव। दो तत्ल शै. न कोई बप्रलष्म—ळ् ु ध लतघभान यश जाता शै। वेक्व के अनुबल भें मश दव ू यी घटना घटती शै। न कोई अतीत यश जाता शै .कक भनष्ु म के वाभान्म जीलन भें िवलाम वेक्व की अनब ु ूित के लश कबी बी अऩने गशये वे गशये िाणों भें नशीॊ उतय ऩाता शै। औय ककवी षण भें कबी गशये नशीॊ उतयता शै। दक ु ान कयता शै . कोई आजत्भक अनुबल शे । उव अनुबल को अगय शभ दे ख ऩामे तो शभ वेक्व के ऊऩय उि वकते शै। अगय उव अनुबल को शभ न दे ख ऩामे तो शभ वेक्व भें शी जजमेंगे औय भय जामेंगे। उव अनुबल को अगय शभ दे ख ऩामे—अॉधेयी यात शै औय अॊधेयी यात भें बफजरी चभकती शै। बफजरी की चभक अगय शभें ठदखाई ऩड जामे औय बफजरी को शभ वभझ रें तो अॊधेयी यात को शभ िभटा बी वकते शै। रेककन अगय शभ मश वभझ रें कक अॊधेयी यात के कायण बफजरी चभकती शै तो कपय शभ अॊधेयी यात को औय धना कयने की कोिळळ कयें गे. जो वभझ रेना जूदयी शै। वेक्व की आतुयता भें कोई ‘कयरीजव’ अनुबल शै. वेक्व वे भुक्त शो जामेंगे। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . न कोई बप्रलष्म। िभट जाता शै . जूदय इवभें कोई यशस्म शै औय इवे वभझना जूदयी शै। तो ळामद शभ इववे भुक्त बी शो वकते शै। ऩशरी फात तो मश शै कक भनुष्म के िाणों भें जो वेक्व का आकऴघण शै। लश लस्तुत: वेक्व का आकऴघण नशीॊ शै। भनुष्म के िाणों भें जो काभ लावना शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ॊ वायी दिू नमा तो वीखने के प्रलयोध भें वाये उऩाम कयती शै। भे-फाऩ चेष्टा कयते शै कक फच्चे को ऩता न चर जामे। िळषक चेष्टा कयता शै। धभघ ळास्र चेष्टा कयते शै कशीॊ स्कूर नशीॊ. रेककन एक अनुबल काभ का. धॊधा कयता शै। मळ कभाता शै . ऩछताने के फाद कपय ऩाता शै घडी बय फाद कक लशी आतयु ता शै। िनज‍चत शी इव आतयु ता भें कुछ औय अथघ शै . आत्भा की झरक उऩरब्ध शोती शै। जैवे शी वभम िभटता शै.

भैं आत्भा को जान रूॊ। वभम िभट जामे औय भैं उवको जान रूॊ। जो इॊटयनर शै. उन्शोंने कबी कल्ऩना बी नशीॊ की कक शोभोवेक्वअ ु िरटी बी कोई चीज शोती शै। कक ऩुूदऴ औय के वाथ वॊबोग कय वकता शै। मे वफ कल्ऩना के फशाय की फात शै। भैं आठद लािवमों के ऩाव यशा शूॊ. तफ तक लाऩव उिता शै. तो क्मा शोगा? तो क्मा शभ उव अनुबल को ऩा रें गे जो वेक्व वे एक झरक की तयश ठदखाई ऩडता था? नशीॊ. लश अित भशॊगा अनुबल शै। औय दव ू या कायण शै कक लश अनुबल वे शी अऩरब्ध शुआ शै। एक षण वे ज्मादा गशया नशीॊ शो वकता शै। एक षण को झरक िभरेगी औय शभ लाऩव अऩनी जगश रोट आमेंगे। एक षण को ककवी रोक भें उि जाते शै। ककवी गशयाई ऩय. उतना शी बूख को दफाने रगा। जजतना बूख को दफाने रगा. अऺफाय िनकरते शै औय वयकाय वे मश दाला कयते शै कक शोभोवेक्वुअिरटी के ऊऩय वे कानून उिा ठदमा जाना चाठशए। शभ तो मश भानते शै शोभोवेक्वुअिरटी िीक शै। इविरए शभको शक िभरना चाठशए। कोई कल्ऩना नशीॊ कय वकता कक मश शोभोवेक्वुअिरटी कैवे ऩैदा शो गई। वेक्व के फाफत रडाई का मश ऩकयणाभ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . फडे स्लाठदष्ट शै। लश पूरों को खा गमा. वोवाइटी शै.इवका आऩने कबी ठशवाफ रगामा? आदभी को छोड कय. दे आय वो डैिरिवमव’’ उवने ताय ककमा कक फशुत धन्मलाद पूरों के िरए. उि बी नशीॊ ऩाती शै . अनॊत औय अनाठद शै। उवे जानने की चेष्टा भें वाया जगत वेक्व के केंि ऩय घूभ यशा शै। रेककन अगय शभ इव घटना के प्रलयोध भें खडे शो जामें िवपघ. जो टाइभ रेव शै। उवको जान र।ूॊ जो वभम के फाशय शै . थगयता शै . भैंने कशाॊ की वभ्म रोग इव तयश बी कयते शै . वभ्म आदभी को छोड कय. ऩशुॊच बी नशीॊ ऩाती शै . तो आदभी को थचत वेक्व की तयप फढना. बूख अवटघ कयने रगी। जो वे िकट शोने रगी। तो लश दो चाय ठदन उऩलाव कयता था औय एक ठदन ऩागर की तयश वे कुछ बी खा जाता था। जफ कुछ बी खा रेता था तो फशुत दख ु शोता था। क्मोंकक कपय खाने की तकरीप झेरनी ऩडती थी। कपय ऩ‍चाताऩ भें दो-चाय ठदन उऩलाव कयता था। औय कपय कुछ बी खा रेता था। आखखय उवने तम ककमा कक मश घय यशते शुए न शो वकेगा िीक भुझे जॊगर चर जान चाठशए। लश ऩशाड ऩय गमा। एक ठशर स्टे ळन ऩय जाकय एक कभये भें यशा। घय के रोग बी ऩये ळान शो गमे। उवकी ऩत्नी ने मश वोच कय की ळामद लश ऩशाड ऩय अफ जाकय बोजन की फीभाकयमों वे भुक्त शो जामेगा। उवने फशुत वे पूर ऩशाड ऩय िबजलामे। औय कशरलामा कक भैं फशुत खुळ शूॊ कक तुभ ळामद ऩशाड वे स्लस्थ शोकय रौटोगे। भैं ळब ु काभना के ूदऩ भें मे पूर बेज यशी शूॊ। उव आदभी का लाऩव ताय आम। ताय भें िरख था—‘’भेनी थैंक्व पेय दी लरालवघ. लशाॊ ऩशाड ऩय जो पूर उवको बेजे गमे थे। अफ कोई आदभी बोजन वे रडाई ळूद ु कय दे गा। लश पूरों को खा वकता शै। आदभी वेक्व वे रडाई ळूद ु ककमा ओय उवने क्मा-क्मा वेक्व के नाभ ऩय खामा. ककवी िळखय ऩय ऩशुॊचना शोता शै। औय शभ ऩशुॊच बी नशीॊ ऩाते औय लाऩव थगय जाते शै। जैवे वभुि की रशय आकाळ भें उिती शै. ले कशने रगे शभाये प्रल‍लाव के फशाय की फात शै। मश कैवे शो वकता शै? रेककन अभेकयका भें उन्शोंने आॊकडे िनकारे शै—ऩैंतीव िितळत रोग शोभोवेक्वअ ु र शै। औय फेजल्जमभ औय स्लीडन औय शेरैंड भें शोभोवेक्वअ ु र के क्रफ शे . वाया जीलन मशी कशता शै। औय जजव अनुबल के िरए इतना आकऴघण शै—इगोरेवनेव के िरए—अशॊकाय ळन् ू म शो जामे . शभ वेक्व वे भक् ु त नशीॊ शो वकते शै। औय उव वे फॊध जाते शै। लश रे ऑप कयलवघ इपेक्ट काभ ळूद ु कय दे ता शै। कपय शभ उववे फॊध गमे। कपय शभने बोगने की कोिळळ कयते शै। औय जजतनी शभ कोिळळ कयते शै. अऩने आऩ फॊद शो जाता शै। उवका थचत एक नमी ठदळा रेनी ळूद ु कय दे ता शै। इव िरए भैं कशता शूॊ कक जगत भें वभाथध का ऩशरा अनब ु ल भनष्ु म को वेक्व वे शी उऩरब्ध शुआ शै। रेककन लश फशुत भशॊगा अनुबल शै. उतने शी फॉधते चरे जाते शै। एक आदभी फीभाय था औय फीभायी कुछ उवे ऐवी थी कक ठदन यात उवे बख ू रगता थी। वच तो मश शै कक उवे फीभायी कुछ बी नशीॊ थी। बोजन के वॊफॊध भें उवने कुछ प्रलयोध की ककताफें ऩढ री थी। उवने ऩढ िरमा था कक बोजन ऩाऩ शै। उऩलाव ऩुण्म शै। कुछ बी खाना ठशॊवा शै। जजतना लश मश वोचने रगा कक बोजन कयना ऩाऩ शै. शोभोवेक्वुअिरटी कशीॊ शै ? जॊगर भें आठदलावी यशते शै. इव अनुबल की जो खदानें बयी ऩडी शै। तुभ चरो इव यास्ते वे औय उव अनुबल को ऩा रो। तो कपय लश शजाय ूदऩमे खोकय उव अनुबल को खयीदने फाजाय भें नशीॊ जामेगा। वेक्व जजव अनब ु ूित को राता शै। अगय लश अनुबिू त ककन्शीॊ औय भागों वे उऩरब्ध शो वके. ककवी ऩीक एक्वाप्रऩकयमॊव ऩय. औय थगयना ळूद ु शो जाती शै। िीक शभाया वेक्व का अनब ु ल—फाय-फाय ळजक्त को इक््िा कयके शभ उिने की चेष्टा कयते शै। ककवी गशये जगत भें . अगय शभ वेक्व के प्रलयोध भें खडे शो जाते शै तो वेक्व शी शभायी चेतना को केंि फन जाता शै . थगयता शै। उिता शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi क्मोंकक एक आदभी शजाया ूदऩमे खोकय थोडा वा अनुबल ऩाता शो औय कर शभ उवे फता दें कक ूदऩमे खोने की कोई जूदयत नशीॊ शै . ककवी ऊॊचे जगत भें एक षण को शभ उि बी नशीॊ ऩाते औय वफ रशयें बफखय जाती शै। शभ लाऩव अऩनी जगश खडे शो जाते शै। औय उतनी ळजक्त औय ऊजाघ को गॊला दे ते शै। रेककन अगय वागय की रशय फपघ का ऩत्थय फन जामे औय फपघ शो जामे तो कपय उवे नीचे थगयने की कोई जूदयत नशीॊ शै। आदभी का थचत जफ तक वेक्व की तयरता भें फशता शै .

उन चीजों भें उतना शी कुजत्वत आकऴघण ऩैदा शोता शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . ऩशरे वेक्व को वभझो औय जफ वेक्व को ऩूयी तयश वभझ जाओ औय तुभ ऩाओ कक भन उववे भुक्त शो गमा शै. उनको भॊठदय भें बीतय िलेळ का कोई शक नशीॊ शै। कपय भैंने अऩने िभर वे कशा बीतय चरें.ऐवी दीलारों भें खडा कय ठदमा कक उवने शभें तीव्र ूदऩ वे आकप्रऴघत कय िरमा शै। फरांे न्ड यवर ने िरखा शै कक जफ भैं छोटा फच्चा था। प्रलक्टोकयमा का जभाना था। जस्रमों के ऩैय बी ठदखामी नशीॊ ऩडते थे। ले कऩडा ऩशनती थी। जो जभीन ऩय िघवटता था औय ऩैय नशीॊ ठदखामी दे ते थे। अगय कबी ककवी स्री का अॊगूिा ठदख जाता था तो आदभी आतुय शोकय अॊगूिा दे खने रगता था। औय काभ लावना जग जाती थी। औय यवर कशता शै कक अफ स्रीमाॊ कयीफ-कयीफ आधी नॊगा घूभ यशी शै। औय उवका ऩैय ऩूया ठदखाई ऩड यशा शै । रेककन कोई अवय नशीॊ शोता। तो यवर ने िरखा शे कक इववे मश िव्ध शोता शै कक शभ जजन चीजों को जजतना ज्मादा िछऩाते शै. जजन्शोंने आदभी को—वेक्व को वभझना नशीॊ रडना िवखामा। जजन्शोंने विेळन िवखामा शै. उव आधाय को अगय शभ ऩकड रें तो भनष्ु म को शभ काभ के जगत वे उऩय उिा वकते शै। औय भनष्ु म िनज‍चत काभ के जगत वे ऊऩय उि जामे. उवके कयने भें कोई यव नशीॊ यश जाता शै। चोयी के पर खाने भें जजतने भधुय औय भीिे शोते शै। उतने फाजाय वे खयीदे गमे पर कबी नशीॊ शोते। इवीिरए अऩनी ऩत्नी उतनी भधुय कबी नशीॊ भारभ ू ऩडती. कपय उन्शें बीतय रेकय गमा। लशाॊ तो कोई काभ िितभा न थी। लशाॊ बगलान की भूितघ थी। ले कशने रगे कक बीतय कोई िितभा नशीॊ शै। भैंने उनवे कशाॊ कक जीलन की फाशय की ऩकयथध काभ लावना शै। जीलन की फाशय की ऩकयथध दीलार ऩय काभ-लावना शै। जीलन के बीतय बगलान का भॊठदय शे । रेककन जो अबी काभलावना भें उरझे शै. जजतनी ऩडोवी की ऩत्नी भारभ ू ऩडती शै। ले चोयी के पर शै. प्रलयोध के कायण। भुझवे एक आदभी ने कशा कक जजव चीज का प्रलयोध न शो. अगय लश वभझी जा वकी तो भनुष्म जाित को वेक्व वे उऩय उिामा जा वकता शै। अन्मथा नशीॊ। औय जजन थोथे रोगों को शभने वभझा शै कक ले वेक्व के द‍ु भन थे। ले वेक्व के द‍ु भन नशीॊ थे। उन्शोंने वेक्व भें आकऴघण ऩैदा कय ठदमा शै। वेक्व वे भजु क्त ऩैदा नशीॊ की। वैक्व वे आकऴघण ऩैदा शो गमा शै . इवका अगय शभ ठशवाफ रगाने चरें गे तो शैयान यश जामेंगे कक आदभी को क्मा शुआ शै ? इवका जजम्भा ककव ऩय.आॉख फॊद कय रो औय घव ु जाओ बगलान के भॊठदय भें आॉख फद कयके। आॉख फॊद कयके कबी कोई बगलान के भॊठदय भें जा वका शै। औय आॉख फॊद कयके अगय आऩ बगलान के भॊठदय भें ऩशुॊच बी गमे तो फॊद आॉख भें आऩको बगलान ठदखाई नशीॊ ऩडेंगे। जजववे आऩ बागकय आमे शै। लशी ठदखामी ऩडता यशे गा। आऩ उवी वे फॊधे यश जामेंगे। ळामद कुछ रोग भेयी फातें वुनकय वभझते शै कक भैं वेक्व का ऩषऩाती शूॊ। भेयी उवका कायण ळामद रोग वभझते शै कक भैं वेक्व का िचाय कय यशा शूॊ। अगय कोई ऐवा वभझता शो तो उवने भझ ु े कबी वूना शी नशीॊ शै. तफ तुभ बीतय आ जाना। कपय बीतय बगलान वे िभरना शो वकता शै। रेककन धभघ के नाभ ऩय शभने वेक्व को वभझने की जस्थित ऩैदा नशीॊ की. उनवे ले कशते थे। फाशय ऩशरे भैथुन के ऊऩय ध्मान कयो. जजन्शोंने दभन िवखामा शे । दभन के कायण वेक्व की ळजक्त जगश-जगश वे पूट कय गरत यास्तों वे फशनी ळूद ु शो गमी शै। शभाया वाया वभाज ूदग्ण औय ऩीसडत शो गमा शै। इव ूदग्ण वभाज को अगय फदरना शै तो शभें मश स्लीकाय कय रेना शोगा कक काव का आकऴघण शै। क्मों शै काभ का आकऴघण? काभ के आकऴघण का जो फिु नमादी आधाय शै . जजन्शोंने मश भॊठदय फनामे थे ले फडे वभझदाय थे। उनकी भान्मता थी कक जीलन की फाशय की ऩकयथध ऩय काभ शै। औय जो रोग अबी काभ वे उरझे शै. काभ-लावनाओॊ की भूितघमाॊ शै। भेये िभर कशने रगे कक भॊठदय के चायों तयप मश क्मा शै ? भैंने उनवे कशा. ककन रोगों ऩय। इवका जजम्भा उन रोगों ऩय शै. तो शी याभ का जगत ळूद ु शोता शै। खजुयाशो के भॊठदयों के वाभने भैं खडा था। दव-ऩाॉच िभरों को रेकय भैं लशाॊ गमा था। खजुयाशो के भॊठदय के चायों तयप की दीलार ऩय जो भैथुन थचर शै. एक ऐवा चोयी का जाभा ऩशना ठदमा. ले लजजघत पर शै। औय वेक्व को शभने एक ऐवी जस्थित दे दी. एक ऐवे झूि के िरफाव भें िछऩा ठदमा. ले बगलान के भॊठदय भें िलेळ के अथधकायी नशीॊ शो वकते शै। उन्शें अबी फशाय की ठदलार का शी चक्कय रगाना ऩडेगा। जजन रोगों ने मे भॊठदय फनलामा था. ऐवा उववे कश दे ना। इव वभम ऩ् ृ ली ऩय भुझवे ज्मादा वेक्व का द‍ु भन आदभी खोजना भुज‍कर शै। औय उवका कायण मश शै कक भैं जो फात कश यशा शूॊ. ले फडे वभझदाय थे। मश भॊठदय एक ‘’भेसडटे ळन भॊठदय’’ था। मश भॊठदय एक ध्मान का केंि था। जो रोग आते थे. उतनी ले‍माएॊ शै। कबी आऩने वोचा कक ले‍माएॊ कैवे ऩैदा शो गमी? ककवी आठदलावी गाॊल भें जाकय ले‍मा खोज वकते शे आऩ। आज बी फस्तय के गाॊल भें ले‍मा खोजनी भुज‍कर शै। औय कोई कल्ऩना भें बी भानने को याज़ी नशीॊ शोगा कक स्रीमाॊ ऐवी बी शो वकती शै। जो अऩनी इज्जत फेचती शो। अऩना वॊबोग फेचती शो। रेककन वभ्म आदभी जजतना वभ्म शोता चरा गमा। उतनी ले‍माएॊ फढती चरी गमी—क्मों? मश पूरों को खाने की कोिळळ ळूद ु शुई शै। औय आदभी की जजॊदगी भें ककतने प्रलकृत ूदऩ वे वेक्व ने जगश फनामी शै .वेक्व की ळरत ु ा ऩैदा कय दी। वेक्व को वभझो भत.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जजन वभ्म वभाज शै.

न भाॊ का कोई गशया अनब ु ल शे । ले खद ु बी वेक्व के तर वे ऊऩय नशीॊ उि वके। इविरए घफयाते शै कक कशीॊ वेक्व की फात वन ु कय फच्चे बी इवी तर भें न उरझ जामें। रेककन भैं आऩवे कशता शूॊ कक आऩ ककवकी फात वुनकय उरझे थे। आऩ अऩने आऩ उरझ गमे थे। फच्चे बी अऩने आऩ उरझ जामेंगे। मश शो बी वकता शै कक अगय उन्शें वभझ दी जामे प्रलचाय ठदमा जामे. िछऩाकय. आऩ बफरकुर ऩागर शै। अगय भाॊ वभझदाय शोगी. अऩकयऩक्ल वेक्व के गरत यास्तों ऩय न चरी जामे। अगय फात मोग्म शै औय वभझदाय शै। तो आऩने फेटे को अऩने वाये अनुबल फता दे गा। ताकक फेटे औय फेठटमाॉ गरत यास्ते ऩय न चर वके। जीलन उनका प्रलकृत न शो जामे। रेककन भजा मश शै कक न फाऩ को कोई गशया अनब ु ल शै. िाथघना—वफ उव अनुबल को ऩाने के भागघ शै। रेककन लशी अनुबल शभें आकप्रऴघत कय यशा शै। मश वोच रेना जान रेना जूदयी शै। एक िभर ने भुझे िरखा—क्मा आऩने ऐवी फातें कशीॊ—कक भाॊ के वाथ फेटी फैिी थी.स्लस्थ ऩकयणाभ उऩरब्ध नशीॊ शोते। भनुऴम के जीलन की वफवे फडी ऊजाघ शै काभ। रेककन काभ ऩय ूदक जाना शै। काभ को याभ तक रे जाना शै। वेक्व को वभझना शै. ताकक ब्रह्भचमघ पिरत शो वके। वेक्व को जानना शै. ूदऩाॊतकयत कय वकें। यास्तों के ककनाये ऩय कोमरे का ढे य रगा शोता शै। लैसािनक कशते शै कक कोमरा शी शजायों वार भें शीया फन जाता शै। कोमरे औय शीये भें कोई यावामिनक पकघ नशीॊ शै। कोई केिभकर बेद नशीॊ शै। कोमरे के बी ऩयभाणु लशी शै। जो शीये के शै। कोमरे का बी यवामिनक भौिरक वॊगिन लशी शै जो शीये का शै। जो शीये का शै। शीया कोमरे का शी ूदऩाॊतकयत—फदरा शुआ ूदऩ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .जीलन बय अनुबल वे गुजयता शै। ळामद शी उवने वभझने की कोिळळ की शो कक वॊबोग के बीतय वभाथध का षण बी का अनुबल शे । लशी अनुबल खीॊच यशा शै। लशी अनुबल आकप्रऴघत कय यशा शे । लशी अनुबल िकाय यशा शै। आओ ध्मानऩूलक घ इव अनुबल को जान रेना शै कक कौन वा अनुबल भुझे आकप्रऴघत कय यशा शै। कौन भुझे खीॊच यशा शै। औय भैं आऩवे कशता शूॊ उव अनुबल को ऩाने के वुगभ यास्ते शै। ध्मान. उवे वेक्व के वॊफॊध भें अऩने अनुबल वभझा दे गी। ताकक लश अॊजान अधकच्चा. उतना शी भनुष्म दफाने की कोिळळ कयता शै। औय दफाने के कबी वपर ऩकयणाभ.फोध ठदमा जामे। तो लश अऩनी उजाघ को व्मथघ कयने वे फच जामे। उजाघ को फचा वके. मोग. खडा कय ठदमा शै। उन्शीॊ रोगों ने ळयीय को इतना आकप्रऴघत फच्चे नग्न शोने चाठशए। दे य तक नग्न खेरने चाठशए। रडके औय रडककमाॊ—एक दव ू ये को नग्नता भें दे खना चाठशए. वाभािमक. ताकक उनके ऩीछे कोई बी ऩागरऩन न यश जामे। औय उवके इव ऩागरऩन का जीलन बय योग उनके बीतय न चरता यशे । रेककन लश योग चर यशा शै औय उव योग को शभ फढामे चरे जा यशे शै। उव योग के कपय शभ नमे-नमे यास्ते खोजते शै। गॊदी ककताफें छऩती शै। जो रोग गीता के कलय भें बी बीतय यखकय ऩढते शै। फाइबफर भें दफा रेते शै। औय ऩढते शै। मे गॊदी ककताफें शै। तो शभ कशते शै कक गॊदी ककताफें फॊद शोनी चाठशए। रेककन शभ कबी नशीॊ ऩूछते कक गॊदी ककताफें ऩढने लारा आदभी ऩैदा क्मों शो गमा शै? शभ कशते शै नॊगी तस्लीयें दीलारों ऩय नशीॊ रगनी चाठशए। रेककन शभ कबी नशीॊ ऩूछते कक नॊगी तस्लीयें कौन आदभी दे खने को आता शै ? लशी आदभी आता शै जो स्रीमों के ळयीय को दे खने वे लॊथचत यश गमा शै। एक कुतूशर जाग गमा शै। क्मा शै स्री का ळयीय। औय भैं आऩवे कशता शूॊ लस्रों ने स्री के ळयीय को जजतना वुॊदय फना ठदमा शै। उतना वद ुॊ य स्री का ळयीय शै नशीॊ। लस्रों भें ढाॉक कय ळयीय िछऩा नशीॊ शै। औय उधड कय िगट शुआ शे । मे वायी की वायी थचॊतना शभायी प्रलऩयीत पर रे आमी शे । इविरए आज एक फात आऩवे कशना चाशता शूॊ ऩशरे ठदन की चचाघ भें लश मश—वेक्व क्मा शै? उवका आकऴघण क्मों शै? उवकी प्रलकृित क्मों ऩैदा शुई? अगय शभ मे तीन फातें िीक वे वभझ रें तो भनुष्म का भन इनके ऊऩय उि वकता शै। उिना चाठशए। उिने की जूदयत शै। रेककन उिने की चेष्टा गरत ऩकयणाभ रामी शै। क्मों कक शभनें रडाई खडी की शै। शभने भैरी खडी नशीॊ की शै। द‍ु भनी खडी की शै। विेळन खडा नशीॊ ककमा.. दभन ककमा शै। वभझ ऩैदा नशीॊ की। अॊडयस्टैंसडॊग चाठशए.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi अगय दिु नमा को वेक्व वे भुक्त कयना शै. तो उवके ऩशरे कक फेटी वेक्व की दिु नमा भें उतय जामे. विेळन नशीॊ। वभझ चाठशए। जजतनी गशयी वभझ शोगी भनुष्म उतना शी ऊऩय उिता शै। जजतनी कभ वभझ शोगी. लश वुन यशी शै। फाऩ के वाथ फेटी फैिी वुन यशी शै। ऐवी फातें वफ के वाभने नशीॊ कशनी चाठशए। भैंने उनवे कशा. तो फच्चों को ज्मादा दे य घय भें नग्न यशने की वुप्रलधा शोनी चाठशए। जफ तक फच्चे घय भें नग्न खेर वकें—रडके औय रडककमाॊ—उन्शें नग्न खेरने दे ना चाठशए। ताकक लश एक दव ू ये के ळयीय वे बरी बाॊित ऩकयथचत शो जामे। कय यास्तों ऩय उनको ककवी स्री को धक्का दे ने की जूदयत नशी ऩडे। ताकक लश एक दव ू ये के ळयीय वे इतने ऩकयथचत शो जामें। कक ककवी ककताफ ऩय नॊगी औयत की तस्लीय छाऩने की कोई जूदयत न यश जामे। ले ळयीय वे इतने ऩकयथचत शो जामें कक ळयीय का कुजत्वत आकऴघण प्रलरीन शो जामे। फडी उरटी दिु नमाॊ शै। जजन रोगों ने ळयीय को ढाॉक कय. ताकक शभ वेक्व वे भक् ु त शो वके। औय ऊऩय उि वकें। रेककन ळामद शी आदभी….

फम्फई. याभ के अनब ु ल भें फदर जाता शै। लश भैं आऩवे फात कूदॊगा। औय तीन ठदन तक चाशूॊगा कक फशुत गौय वे वन ु रें गे। ताकक भेये वॊफॊध भें कोई गरत पशभी ऩीछे आऩके ऩैदा न शो। औय जो बी ि‍न शो ईभानदायी वे औय वच्चे. चाशे आॉख खुरी यखें । औय एक फात भैं जानता शूॊ। धािभघक आदभी भैं उवका कशता शूॊ.उनके धािभघक शोने की कोई उम्भीद नशीॊ शै। मे आने लारे चाय ठदनों के िरए िनभॊरण दे ता शूॊ। क्मोंकक ऐवे प्रलऴम ऩय मश फात शै कक ळामद ऋप्रऴ-भुिनमों वे आळा नशीॊ यशी शै कक ऐवे प्रलऴमों ऩय ले फात कयें गे। ळामद आऩको वुनने की आदत बी नशीॊ शोगी। ळामद आऩका भन डये गा.उवके िरए अनग ु ठृ शत शूॊ। औय अॊत भें वफके बीतय फैिे शुए ऩयभात्भा को िणाभ कयता शूॊ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक वेक्व कोमरे की तयश शै। ब्रह्भचमघ शीये की तयश शै। रेककन लश कोमरे का शी फदरा शुआ ूदऩ शै। लश कोमरे का द‍ु भन नशीॊ शै शीया। लश कोमरे की शी फदराशट शै। लश कोमरे का शी ूदऩाॊतयण शै। लश कोमरे को शी वभझकय नशीॊ ठदळाओॊ भें रे गमी मारा शे । वेक्व का प्रलयोध नशीॊ शै ब्रह्भचमघ. जो जीलन के वाये वत्मों को वीधा वाषात्काय कयने की ठशम्भत यखता शै। जो इतने कभजोय. क्मोंकक ब्रह्भचमघ का भतरफ क्मा शै? ब्रह्भचमघ का इतना भतरफ शै कक मश अनुबल अऩरब्ध शो जामे। जो ब्रह्भा की चमाघ जैवा शै। जैवा बगलान का जीलन शो. उन्शें िरख कय दे दें गे. ताकक आने लारे प्रऩछरे दो ठदनों भें भैं उनकी आऩवे भें वीधी फात कय वकूॉ। ककवी ि‍न को िछऩाने की जूदयत नशीॊ शै। जो जजॊदगी भें वत्म शै. इन ऩाॉच ठदनों आऩ िीक वे वुनने की कोिळळ कयें । मश शो वकता शै कक काभ की वभझ आऩ को याभ के भॊठदय के बीतय िलेळ ठदरा दे । आकाॊषा भेयी मशी शै। ऩयभात्भा कये लश आकाॊषा ऩूयी शो। भेयी फातों को इतने िेभ औय ळाॊित वे वन ु ा. ब्रह्भा जैवा जीलन। ऩयभात्भा जैवा अनब ु ल उऩरब्ध शो जामे। लश शो वकता शै आनी ळजक्तमों को वभझकय ूदऩाॊतकयत कयने वे। आने लारे दो ठदनों भें कैवे ूदऩाॊतकयत ककमा जा वकता शै वेक्व. रांाॊवपेभेळन शै। औय जो वेक्व का द‍ु भन शै. काठशर औय नऩुवॊक शै कक जीलन के त्मों का वाभना बी नशीॊ कय वकते. कैवे ूदऩाॊतकयत शो जाने के फाद काभ. भेये िणाभ स्लीकाय कयें । ओशो संबोग से सभाधध स ओय. वेक्व का शी ूदऩाॊतयण शै . 28—लसतम्फय—1968 More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . रेककन कपय बी भैं चाशूॊगा कक. लश कबी ब्रह्भचमघ को उऩरब्ध नशीॊ शो वकता शै। ब्रह्भचमघ की ठदळा भें जाना शो औय जाना जूदयी शै . लैवा जीलन उऩरब्ध शो जामे। ब्रह्भचमघ मानी ब्रह्भा की चमाघ. लश वत्म शै। चाशे शभ आॉख फॊद कयें . उवे िछऩाने का कोई कायण नशीॊ शै। ककवी वत्म वे भुकयने की जूदयत नशीॊ शै। जो वत्म शै. गोिा लरमा टैं .

एक वग ु ॊध.जजवभें आदभी के बीतय ळैतान की छप्रल शोगी। तफ भेये दोनों थचर ऩूये भनुष्म के थचर फन वकेंगे। लश थचर काय कपय गमा—जआ घयों भें . एक वौन्दमघ? मश कैवे शो वकता शै कक भनष्ु म उवे जान रे. ऩागर खानों भें . ळयाफ खानों भें . रोगों ने उव थचर को घय भें टाॉग कय अऩने घय को धन्म वभझा। कपय फीव वार फाद लश थचरकाय फूढा शो गमा। तफ उवे ख्मार आमा कक ऐवा थचर तो भैंने फनामा जजव भें ऩयभात्भा की झरक आती थी. रेककन शय आदभी के जीलन भें दो तस्लीयें शै। शय आदभी के बीतय ळैतान शै. फशुत वठदमा। ककवी दे ळ भें एक फडा थचरकाय था। लश जफ अऩनी मुला अलस्था भें था. लश अऩने ऩशरे थचर को बी रेकय कायागश ृ भें आ गमा। दोनों थचरों को ऩाव-ऩाव यख कय दे खने रगा। थचर काय खद ु शी भग्ु ध शो गमा था। कक कौन वी कराकृित श्रेष्ि शै। करी की ढ़जष्ट वे मश तम कयना भजु ‍कर था। औय तबी उव थचरकाय को ऩीछे ककवी के योने की आलाज वुनामी ऩडी। तो लश कैदी ज़ॊजीयों भें फॊधा यो यशा था। जजवकी कक उवने तस्लीय फनामी थी। लश थचरकाय शैयान शुआ। उवने कशाॊ भेये दोस्त तुभ क्मों योते शो। थचरों को दे ख कय तुम्शें क्मा तकरीप शुई। उव आदभी ने कशा. जीणघ-जजघय शो जाता शै . उवने वोचा कक भैं एक ऐवा थचर फनाऊॊ जजवभें बगलान का आनॊद झरकता शो। भैं एक ऐवे व्मजक्त को खोजूॊ एक ऐवे भनुष्म को जजवका थचर जीलन के जो ऩाय शै जगत के जो दयू शै उवकी खफय राता शो। औय लश अऩने दे ळ के गाॊल-गाॊल घूभा. जो अऩने बीतय ऩयभात्भा को उबाय ऩाते शै। क्मा शभ अऩने बीतय ऩयभात्भा को उबाय ऩाने भें वपर शो वकते शै। क्मा शभ बी लश िितभा फन वकेंगे जशाॊ ऩयभात्भा की झरक िभरे? मश कैवे शो वकता शै —इव ि‍न के वाथ शी आज की दव ू यी चचाघ भैं ळूद ु कयना चाशता शूॊ। मश कैवे शो वकता शै कक आदभी ऩयभात्भा की िितभा फने? मश कैवे शो वकता शै कक आदभी का जीलन एक स्लगघ फने—एक वल ु ाव. फजल्क आत्भा बी ितीत. जजवकी कोई भत्ृ मु नशीॊ शै ? मश कैवे शो वकता शै कक भनष्ु म ऩयभात्भा के भठु दय भें िप्रलष्ट शो जामे? शोता तो उरटा शै। फचऩन भें शभ कशीॊ स्लगघ भें शोते शै। औय फूढे शोते-शोते नयभ तक ऩशुॊच जाते शै। शोता उल्टा शै। शोता मश शै कक फचऩन के फाद जैवे शभाया योज ऩतन शोता शै। फचऩन भें ककवी इनोवेंव.कक भैंने फीव वार भें कौन वी मारा कय री—स्लगघ वे नयक की. जॊगर-जॊगर अऩने छाना उव आदभी को.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi तीसया प्रिचन : संबोग : सभम-शून्मता स झर भेये वप्रम आत्भन. जजवकी आॊखों भें ककवी औय रोक की झरक िभरती थी। जीलन के अनुबल वे उवे ऩता चरा था कक आदभी भें बगलान शी अगय अकेरा शोता तो िीक का. कुूदऩ शै. औय उवने खोजफीन की उव आदभी की जो आदभी न शो ु ळैतान शो। जजवकी आॊखों भें न कय की रऩटें जरती शो। जजवके चेशये की आकृित उव वफका स्भयण ठदराती शो। जो अळब ु शै . जजवकी िित छप्रल लश फना वके। औय आखखय एक ऩशाड ऩय गाम चयाने लारे एक चयलाशे को उवने खोज िरमा। उवकी आॊखों भें कोई झरक थी। उवके चेशये की ूदऩ ये खा भें कोई दयू की खफय थी। उवे दे खकय शी रगाता था कक भनुष्म के बीतय ऩयभात्भा बी शै। उवने उवके थचर को फनामा। उव थचर की राखों िितमाॊ गाॊल-गाॊल दयू -दयू के दे ळों भें बफकी. ककवी िनदोऴ वॊवाय का शभ अनब ु ल कयते शै। औय कपय धीये धीये एक कऩट वे बय शुआ ऩाखॊड वे बया शुआ भागघ शभ तम कयते शै। औय फढ ू ा शोते-शोते ने केलर शभ ळयीय वे फढ ू े शो जोत शै. ऩयभात्भा वे ऩाऩ की। ऩता नशीॊ मश कशानी कशाॊ तक वच शै। वच शो मा न शो. औय ऩयभात्भा शै। औय शय आदभी के बीतय नयक की बी वॊबालना शै औय स्लगघ की बी। शय आदभी के बीतय वौंदमघ के पूर बी खखर बी खखर वकते शै औय कुूदऩता के गॊदे डफया बी फन वकते शै। ित्मेक आदभी इन दो माराओॊ के फीच िनयॊ तय डोर यशा शै। मे दो छोय शै . एक छोटी वे कशानी वे भैं अऩनी फात ळूद ु कयना चाशूॊगा। फशुत लऴघ फीते. भैंने इतने ठदन तक िछऩाने की कोिळळ की रेककन आज भैं शाय गमा। ळामद तम् ु शें ऩता नशीॊ कक ऩशरी तस्लीय बी तभ ु ने भेयी शी फनाई थी। मे दोनों थचर भेये शी शै। फीव वार ऩशरे ऩशाड ऩय जो आदभी तम् ु शें िभरा था लश भैं शी था। औय भैं इव िरए योता शूॊ. अवुन्दय शै। लश ऩाऩ की िितभा की खोज भें िनकरा। एक िितभा उवने ऩयभात्भा की फनामी थी। लश एक िितभा ऩाऩ की फनाना चाशता शै। औय फशुत खोज के फाद एक कायागश ृ भें उवे ऐ कैदी िभर गमा। जजवने वात शताएॊ की थी औय जो थोडे शी ठदनों के फाद भत्ृ मु की ितीषा कय यशा था। पाॊवी ऩय रटकामा जाने लारा था। उव आदभी की आॊखों भें नयक के दळघन शोते थे। घण ृ ा जैवे वाषात थी। उव आदभी के चेशये की ूदऩये खा ऐवी थी कक लैवा कुूदऩ भनुष्म खोजना भजु ‍कर था। उवने उवके थचर को फनामा। जजव ठदन उवका थचर फनकय ऩयू ा शुआ. जीणघ-जजघय शो जाती शै। औय इवे शी शभ जीलन भान रेते शै। औय वभाप्त शो जाते शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . फजल्क शभ आत्भा वे बी फूढे शाॉ जाते शै। न केलर ळयीय दीन-शीन. आदभी भें ळैतान बी ठदखामी ऩडता शै उवने वोचा कक भैं एक औय थचर फनाऊॊगा. जजनभे वे आदभी ककवी को बी छू वकता शै। औय अथधक रोग नयक के छोय को छू रेते शै। औय फशुत कभ वौबाग्मळारी शै.

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धभघ इव वॊफॊध भें वॊदेश उिाना चाशता शै। धभघ एक फडा वॊदेश शै इव वॊफॊध भें कक मश आदभी के जीलन की मारा गरत शै कक स्लगघ
वे शभ नयक तक ऩशुॊच जामे। शोना तो उल्टा चाठशए। जीलन की मारा अऩरजब्ध की मारा शोनी चाठशए। कक शभ द्ु ख वे आनॊद तक

ऩशुॉचें शभ अॊधकाय वे िकाळ तक ऩशुॊचे शभ भत्ृ मु वे अभत
ृ तक ऩशुॊच जामें। िाणों के िाण की अिबराऴा औय प्माव बी लशीॊ शै। िाणों
भे एक शी आकाॊषा शै कक भत्ृ मु वे अभत
ृ तक कैवे ऩशुॉचें। िाणों भें एक शी प्माव शै कक शभ अॊधकाय वे आरोक को कैवे उऩरब्ध शों।
िाणों की एक शी भाॊग शै कक शभ अवत्म वे वत्म तक कैवे जा वकते शै।

िनज‍चत शी वत्म की मारा के िरए, िनज‍चत शी स्लमॊ के बीतय ऩयभात्भा की खोज के िरए, व्मजक्त को ऊजाघ का एक वॊग्रश चाठशए।
कन्जलेळन चाठशए। व्मजक्त को ळजक्त का एक वॊलधघन चाठशए। उवके बीतय ळजक्त इक्किी शो कक लश ळजक्त का एक स्रोत फन जामे,
तबी व्मजक्त को स्लगघ तक रे जामा जा वकता शै।
स्लगघ िनफघरों के िरए नशीॊ शै। जीलन के वत्म उनके िरए नशीॊ शै। जो दीन शीन शो गमे शै। ळजक्त को खोकय जो जीलन की वायी
ळजक्त को खो दे ते शै। औय बीतय दफ
घ औय दीन शो जाते शै। ले मारा नशीॊ कय वकते। उव मारा ऩय चढने के िरए उन ऩशाडों ऩय
ु र
चढने के िरए ळजक्त चाठशए।

औय ळजक्त का वॊलधघन धभघ का वूर शै—ळजक्त का वॊलधघन, कॊजयलेळन ऑप ऐनजी। कैवे ळजक्त इक्िी शो कक शभ ळजक्त के उफरते
शुए बण्डाय शो जामें?

रेककन शभ तो दीन-शीन जन शै। वायी ळजक्त खोकय शभ धीये -धीये िनफघर शोते चरे जाते शै। वफ खो जाता शै बीतय कयजक्त यश जाती
शै। खारी खारीऩन के अितकयक्तत औय कुछ बी नशीॊ छूटता शै।
शभ ळजक्त को कैवे खो दे ते शै?
भनुष्म का ळजक्त को खोने का वफवे फडा ्लाय वेक्व शे । काभ भनष्ु म की ळजक्त के खोने का वफवे फडा ्लाय शै। जशाॊ वे लश ळजक्त
को खोता शै।

औय जैवा भैंने कर आऩवे कशा, कोई कायण शै जजवकी लजश वे लश ळजक्त को खोता शै। ळजक्त कये कोई बी खोना नशीॊ चाशता शै।
कौन ळजक्त को खोना चाशता शै। रेककन कुछ झरक शै उऩरजब्ध की उव झरक के िरए आदभी ळजक्त को खोने को याज़ी शो जाता शै।
काभ के षणों भें कुछ अनब
ु ल शै, उव अनब
ु ल के िरए आदभी वफ कुछ खोने को तैमाय शै। अगय लश अनब
ु ल ककवी औय भागघ वे
उऩरब्ध शो वके तो भनष्ु म वेक्व के भाध्मभवे ळजक्त को खोन को कबी तैमाय नशीॊ शोगा।

क्मा औय कोई ्लाय शे , उव अनुबल को ऩाने का? क्मा औय कोई भागघ शै उव अनुबल को उऩरब्ध कयने का—जशाॊ शभ अऩने िाणों की
गशयी-वे गशयाई भें उतय वके। जशाॊ शभ जीलन की ऊजाघ का ऊॊचे वे ऊॉचा िळखय छू वके। जशाॊ ऩय शभ जीलन की ळाॊित औय आनॊद

की झरक ऩाते शै। क्मा कोई औय भागघ शै ? क्मा कोई औय भागघ शै अऩने बी तीय ऩशुॊचने का। क्मा स्लमॊ की ळाॊित औय आनॊद के स्रोत
तक ऩशुॊच जाने की औय कोई वीढी शै ?

अगय लश वीढी शभे ठदखाई ऩड जामे तो जीलन भें एक रम ाॊित घठटत शो जाती शै। आदभी काभ के िित प्रलभुख औय याभ के िित
वम्भख
ु शो जाता शै। एक रम ाॊित घठटत शो जाती शै। एक नमा ्लाय खुर जाता शै।

भनुष्म की जाित को अगय शभ नमा ्लाय न दे वकें तो भनुष्म एक कयप्रऩटीठटल वककघर भें, एक ऩुनूदजक्त लारे चक्कय भें घूभता शै

औय नष्ट शोता शै। रेककन आज तक वेक्व के वॊफॊध भें जो बी धायणाएॊ यशी शै , लश भनुष्म को वेक्व के अितकयक्त नमा ्लाय खोरने

भें वभथघ नशीॊ फना ऩामी। फजल्क एक उल्टा उऩिल शुआ। िकृित एक शी ्लाय दे ती शै। भनुष्म को लश वेक्व का ्लाय शै। अफ तक की
िळषाओॊ ने लश फॊद बी कय ठदमा औय नमा ्लाय खोरा नशीॊ। ळजक्त बीतय घूभने रगी औय चक्कय काटने रगी। औय अगय नमा

्लाय ळजक्त के िरए न िभरे तो घभ
ू ती शुई ळजक्त को प्रलषियषप्त कय दे ती शै। ऩागर कय दे ती शै। औय प्रलषियषप्त भनष्ु म कपय न केलर
उव ्लाय वे जो वेक्व का वशज ्लाय था, िनकरने की चेष्टा कयता शै। लश दीलारों औय खखडककमों को तोडकय बी उवकी ळजक्त फाशय
फशने रगती शै। लश अिाकृितक भागों वे बी वेक्व की ळजक्त फाशय फशने रगती शै।
मश दध
घ ना घटी शै। मश भनुष्म जाित के फडे वे फडे दब
ु ट
ु ाघग्मों भें वे एक शै। नमा ्लाय नशीॊ खोरा गमा औय ऩुयाना ्लाय फॊद कय

ठदमा गमा। इविरए भैं वेक्व के प्रलयोध भें ; द‍ु भनी के िरए, दभन के िरए अफ तक जो बी िळषाऐॊ दी गमी शै उन वके स्ऩष्ट प्रलयोध
भें खडा शूॊ, उन वायी िळषाओॊ वे भनुष्म की वेक्वुअिरटी फढी शै। कभ नशीॊ शुई,फजल्क प्रलकृत शुई शै। क्मा कयें रेककन, कोई औय ्लाय
खोरा जा वकता शै।

भैंने आऩवे कर कशा, वॊबोग के षण की जो ितीित शे लश ितीित दो फातों की शै —टाइभरेवनेव औय इगोरेवनेव की। वभम ळन्
ू म शो
जाता शै। औय अशॊकाय प्रलरीन शो जाता शै। वभम ळन्
ू म शोने वे औय अशॊकाय प्रलरीन शोने वे शभें उवकी एक झरक िभरती शै। जो

शभाया लास्तप्रलक जीलन शै। रेककन षण बय की झरक औय शभ लाऩव अऩनी जगश खडे शो जाते शै । औय एक फडी ऊजाघ एक फडी
लै्मुितक ळजक्त का िलाश इवभें शभ खो दे ते शै। कपय झरक की माद ,स्भिृ त भन को ऩीडा दे ती यशती शै। शभ लाऩव उव अनब
ु ल को
ऩाना चाशते शै। औय लश झरक इतनी छोटी शै कक एक षण भें खो जाती शै। िीक वे उवकी स्भिृ त बी नशीॊ यश जाती कक क्मा थी

झरक शभने क्मा जाना था। फव एक धुन एक अजघ एक ऩागर ितीषा यश जाती शै। कपय उव अनुबल को ऩाने की। औय जीलन बय

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आदभी इवी चेष्टा भें वॊरग्न यशता शै रेककन उव झरक को एक षण वे ज्मादा नशीॊ ऩामा जा वकता। लशीॊ झरक ध्मान के भाध्मभ
वे बी उऩरब्ध शोती शै।
भनुष्म की चेतना तक ऩशुॊचने के दो भागघ शै—काभ औय ध्मान वेक्व औय भेसडटे ळन।
वेक्व िाकृितक भागघ शै, जो िकृित ने ठदमा शुआ शै । जानलयों को बी ठदमा शुआ शै, ऩषियषमों को बी ठदमा शुआ शै। ऩौधों को बी ठदमा
शुआ शै। भनुष्मों को बी ठदमा शुआ शै। औय जफ तक भनष्ु म केलर िकृित के ठदए शुए ्लाय का उऩमोग कयता शै , तफ तक लश ऩळुओॊ
वे ऊऩय नशीॊ शै। नशीॊ शो वकता। लश वाया ्लाय तो ऩळओ
ु ॊ के िरए बी उऩरब्ध शै।
भनुष्मता का िायम्ब उव ठदन वे शोता शै। जजव ठदन वे भनुष्म वेक्व के अितकयक्त एक नमा ्लाय खोरने भे वभथघ शो जाता शै।

उवके ऩशरे शभ भनुष्म नशीॊ शै। नाभ भार को भनष्ु म शै। उवके ऩशरे शभाये जीलन का केंि ऩळु काव केंि शै। िकृित का केंि शै। जफ

तक शभ उवके ऊऩय उि नशीॊ ऩाएॉ उवे रांाॊवेंड नशीॊ कय ऩाएॉ, उवका अितरम भण नशीॊ कय ऩाएॉ, तफ तक शभ ऩळओ
ु ॊ की बाॊित शी जीते शै।
शभने कऩडे भनष्ु म के ऩशन यखे शै। शभ बाऴा भनष्ु मों की फोरते शै , शभने वाया ूदऩ भनष्ु मों का ऩैदा कय यखा शै ; रेककन बीतय गशने
वे गशये भन के तर ऩय शभ ऩळओ
ु ॊ वे ज्मादा नशीॊ शोते। नशीॊ शो वकते। औय इव िरए जया वा भौका िभरते शी शभ ऩळु की तयश
व्मलशाय कयने रग जाते शै।

ठशन्दस्
ु तान ऩाककस्तान का फॊटलाया शुआ औय शभें ठदखामी ऩड गमा कक आदभी के कऩडों के बीतय जानलय फैिा शुआ शै। शभें ठदखामी
ऩड गमा कक ले रोग जो कर भवजजदों भें िाथघना कयते थे औय भॊठदय भें गीता ऩढते थे ले क्मा कय यशे शै ? ले शत्माएॉ कय यशे शै , ले
फरात्काय कय यशे शै। ले शी रोग जो भॊठदयों औय भवजजदों भें ठदखाई ऩड यशे थे, ले शी रोग फरात्काय कयते शुए ठदखामी ऩडने रगे।
क्मा शो गमा इनको।

अबी दॊ गा पवाद शो जामे, अबी मश दॊ गा शो जामे, औय मशीॊ आदभी को दॊ गे भें भौका िभर जामेगा अऩनी आदिभमत का छुटटी रेने
का। औय पौयन लश बीतय छुऩा शुआ ऩळु के लश िकट शो जामेगा। लश शभेळा तैमाय शै , लश ितीषा कय यशा शे कक भुझे भौका िभर
जामे। बीड बाड भें उवे भौका िभर जाता शे , तो लश जल्दी वे छोड दे ता शै अऩना ख्मार। लश जो फाॉध-फूॊध कय उवने यखा शुआ शै
अऩने को। बीड भें भौका िभर जाता शै। उवे बूर जाने का कक भैं बर
ू जाउॊ अऩने को।

इविरए आज तक अकेरे आदिभमों ने उतने ऩाऩ नशीॊ ककमे शै , जजतने बीड भें आदिभमों ने ककमे शे । अकेरा आदभी थोडा डयता शै। कक
कोई दे ख रेगा। अकेरा आदभी थोडा वोचता शै। कक भैं मे वफ क्मा कय यशा शूॊ। अकेरे आदभी को अऩने कऩडों की थोडी कपरम शोती
शै। रोग क्मा कशें गे। जानलय शो।
रेककन जफ फडी बीड शोती शै तो अकेरा आदभी कशता शै कक अफ कौन दे खता शै —अफ कौन ऩशचानता शै। लश बीड के वाथ एक शो
जाता शै। उवकी आइडेजन्टटी िभट जाती शै। अफ लश पराॊ नाभ का आदभी नशीॊ शै , अफ लश बीड शै। औय फडी बीड जो कयती शै लश बी
कयता शै। औय क्मा कयता शे ? आग रगाता शै। फरात्काय कयता शै। बीड भे उवे भौका िभर जाता शै। कक लश आऩने ऩळु को लश कपय
वे छुटटी दे दें । जो उवके बीतय िछऩा शै।

औय इविरए आदभी दव-ऩाॉच लऴों भें मु्ध की ितीषा कयने रगता शै , दॊ गों की ितीषा कयने रगता शै। औय ठशन्द -ू भुवरभान का

फशाना िभर जामे तो ठशन्द-ू भुवरभान वशी। अगय ठशन्द-ू भुवरभान का न िभरे तो गुजयाती-भयािी बी काभ कये गा। अगय गुजयातीभयािी न वशी तो ठशन्दी फोरने लारा औय गेय ठशन्दी फोरने लारा बी चरेगा।

कोई बी फशाना चाठशए आदभी को, उवके बीतय के ऩळु को छुटटी चाठशए। लश घफया जाता शै। ऩळु बीतय फॊद यशते-यशते। लश कशता शै ,
भुझे िकट शोने दो। औय आदभी के बीतय का ऩळु तफ तक नशीॊ िभटता शै, जफ तक ऩळत
ु ा का जो वशज भागघ शे , उवके उऩय भनुष्म

की चेतना न उिे । ऩळत
ु ा का वशज भागघ—शभायी उजाघ शभायी ळजक्त का एक शी ्लाय शै फशने का—लश शै वेक्व। औय लश ्लाय फॊद
कय दें तो कठिनाई खडी शो जाती शै। उव ्लाय को फॊद कयने के ऩशरे नमे ,्लाय का उदघाटन शोना जूदयी शै —जीलन चेतना नमी
ठदळा भें िलाठशत शो वके।
रेककन मश शो वकता शै। मश आज तक ककमा नशीॊ गमा। नशीॊ ककमा गमा। क्मोंकक दभन वयर भारूभ ऩडता शे । दफा दे ना ककवी फात
को आवान शै। फदरना, फदरने कक प्रलथध औय वाधना की जूदयत शै। इविरए शभने वयर भागघ का उऩमोग ककमा कक दफा दो अऩने
बीतय।
रेककन शभ मश बर
ू गमे कक दफाने वे कोई चीज नष्ट नशीॊ शोती शै , दफाने वे औय फरळारी शो जाती शै। औय शभ मश बर
ू गमे कक

दफाने वे शभाया आकऴघण औय गशया शोता शै। जजवे शभ दफाते शै लश शभायी चेतना की औय गशयी ऩतों भें िप्रलष्ट शो जाता शै। शभ उवे
ठदन भें दफा रेते शै, लश वऩने भें शभायी आॊखों भें झुरने रगता शै। शभ उवे योजभयाघ दफा रेते शै लश शभाये बी ितीषा कयता शै कक
कफ भौका िभर जामे,कफ भैं पूट ऩडू,ॊ िनकर ऩडू।ॊ जजवे शभ दफाते शै उववे शभ भुक्त नशीॊ शोते। शभ औय गशये अथों भें , औय
गशयाइमों भें, औय अचेतन भें औय अनकाॊळव तक उवकी जडें ऩशुॊच जाती शै। औय लश शभें जकड रेता शै।

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आदभी वेक्व को दफाने के कायण शी फॊध गमा औय जकड गमा। औय मशी लजश शै कक ऩळओ
ु ॊ की तो वेक्व की कोई अलथध शोती शै।

कोई ऩीकयमड शोता शै। लऴघ भें ; आदभी की कोई अलथध न यशी। कोई ऩीकयमड न यशा। आदभी चौफीव घॊटे फाशय भशीने वेक्वुअर शै। वाये

जानलयों भें कोई जानलय ऐवा नशीॊ शै। जो फायश भशीने, चौफीव घॊटे काभुकता वे बया शुआ शो। उवका लक्त शै , उवकी ऋतु शै; लश आती
शै औय चरी जाती शै। औय कपय उवका स्भयण बी खो दे ता शै।
आदभी को क्मा शो गमा शै ? आदभी ने दफामा जजव चीज को लश पैर कय उवके चौफीव घॊटे फायश भशीने के जीलन ऩय पैर गई शै।
कबी आऩने इव ऩय प्रलचाय क्मा कक कोई ऩळु शय जस्थित भें शय वभम काभुक नशीॊ शोता। रेककन आदभी शय लक्त शय जस्थित भें शय
वभम काभुक शै—जो काभुकता उफर यशी शै। जैवे काभुकता शी वफ कुछ शो। लश कैवे शो गमा? मश कैवे शो गमा? मश दघ
घ ना कैवे
ु ट
वॊबल शुई शै? ऩ्
ृ ली ऩय िवपघ भनष्ु म के वाथ शुआ शै, औय ककवी जानलय के वाथ नशीॊ—क्मों?

एक शी कायण शै िवपघ आदभी ने दफाने की कोिळळ की शै। औय जजवे दफामा, लश जशय की तयश वफ तयप पैर गई। औय दफाने के
िरए शभें क्मा कयना ऩडा? दफाने के िरए शभें िनॊदा कयनी ऩडी,दफाने के िरए शभें कशना ऩडा की वेक्व नयक शै। शभें कशना ऩडा जो
वेक्व भें शै लश गठशघत शै, िनॊठदत शै। शभें मे वायी गािरमाॊ खोजनी ऩडी, तबी शभ दफाने भें वपर शो वके। औय शभें ख्मार बी नशीॊ कक
इन िनॊदा ओय गिरमों के कायण शभाया वाया जीलन जशय वे बय गमा शै।
नीत्वे ने एक लचन कशा शै, जो फशुत अथघऩण
ू घ शै। उवने कशा शै कक धभों ने जशय खखराकय वेक्व को भाय डारने की कोिळळ की शै।
वेक्व भया तो नशीॊ, िवपघ जशयीरा औय िनॊठदत शो गमा शै। भय बी जाता तो िीक था। लश भया नशीॊ। रेककन ओय गडफड शो गमी फात।
लश जशयीरा शोकय जजॊदा शै। मश जो वेक्वुअिरटी शै , मश जशयीरा वेक्व शै।
वेक्व तो ऩळओ
ु ॊ बी शै, काभ तो ऩळओ
ु ॊ भें बी शै। क्मोंकक काभ जीलन की ऊजाघ शै। रेककन वेक्वुअिरटी, काभुकता िवपघ भनुष्म भें शै।

काभुकता ऩळओ
ु ॊ भें नशीॊ शै। ऩळुओॊ की आॊखों भें दे खें, लशाॊ काभुकता ठदखाई नशीॊ ऩडेगी। आदभी की आॊखों भें झाॊके, लशाॊ एक काभुकता
का यव झरकता शुआ ठदखामी ऩडेगा। इविरए ऩळु आज बी एक तयश वे वुन्दय शै। रेककन दभन कयने लारे ऩागरों की कोई वीभा
नशीॊ शै कक ले कशाॊ तक फढ जामेंगे।

भैंने कर आऩको कशा था कक अगय शभें दिु नमा को वेक्व वे भुक्त कयना शै , तो फच्चे औय फच्ची मों को एक दव
ू ये के िनकट राना
शोगा। इवके ऩशरे कक उनभें वेक्व जागे। चौदश वार के ऩशरे ले एक दव
ू ये के ळयीय वे इतने स्ऩष्ट ूदऩ वे ऩकयथचत शो रें कक लश
आकाॊळा प्रलरीन शो जामे।

रेककन अभयीका भें अबी-अबी एक नमा आॊदोरन चरा शै। औय लश नमा आॊदोरन लशाॊ के फशुत धािभघक रोग चरा यशे शै। ळामद
आऩको ऩता शो। लश नमा आॊदोरन फडा अ्बत शै। लश आॊदोरन मश शै कक वडकों ऩय गाम, बेव, घोडे, कुत्ते, बफल्री को बफना कऩडों के
न िनकारा जामे। उनको बी कऩडे ऩशने चाठशए। क्मोंकक नॊगे ऩळओ
ु ॊ को दे ख कय फच्चें बफगड वकते शै। मश फडे भजे कक फात शै। नॊगे

ऩळओ
ु ॊ को दे ख कय फच्चें बफगड वकते शै। अभयीका के कुछ नीित ळास्री इवके फाफत आॊदोरन औय वॊगिन ओय वॊस्थाएॊ फना यशे शै।
आदभी को फचाने की इतनी कोिळळ चर यशी शै। औय कोिळळ फचाने की जो कयने लारे रोग शै, ले शी आदभी को नष्ट कय यशे शै।

रेककन लश जो बमबीत रोग शै, ले जो डये शुए रोग शै। ले बम औय डय के कायण वफ कुछ कय यशे शै आज तक। औय उनके वफ
कयने वे आदभी योज नीचे उतयता जा यशा शै। जूदयत तो मश शै कक आदभी बी कवी ठदन इतना वयर शो कक नग्न खडा शो वके—
िनदोऴ औय आनॊद वे बया शुआ।
जूदयत तो मश शै कक—जैवे भशालीय जैवा व्मजक्त नग्न खडा शो गमा। रोग कशते शै कक उन्शोंने कऩडे छोडे कऩडों का त्माग ककमा। भैं
कशता शूॊ, न कऩडे छोडे न कऩडों का त्माग ककमा। थचत इतना िनदोऴ शो गमा शोगा। इतना इनोवेंव, जैवे एक छोटे फच्चे का, तो ले
नग्न खडे शो गमे शोंगे। क्मोंकक ढाॊकने को जफ कुछ बी नशीॊ यश जाता तो आदभी नग्न शो वकता शै ।

जफ तक ढाॉकने को कुछ शै शभाये बीतय,तफ तक आदभी आऩने को िछऩामेंगा। जफ ढाॊकने को कुछ बी नशीॊ शै, तो नग्न शो वकता शै।
चाठशए तो एक ऐवी ऩ्
ृ ली कक आदभी बी इतना वयर शोगा कक नग्न शोने भें बी उवे कोई ऩ‍चाताऩ कोई ऩीडा न शोगी। नग्न शोने भें

उवे कोई अऩयाध न शोगा। आज तो शभ कऩडे ऩशन काय बी अऩयाधी भारूभ शोते शै। शभ कऩडे ऩशनकय बी नॊगे शै। औय ऐवे रोग बी
यशे शै। जो नग्न शोकय बी नग्न नशीॊ थे।
नॊगाऩन भन की एक लिृ त शै।
वयरता, िनदोऴ थचत—कपय नग्नता बी वाथघक शो जाती शै। अथघ ऩूणघ शो जाती शै। लश बी एक वौंदमघ रे रेती शै।
रेककन अफ तक आदभी को जशय प्रऩरामा गमा शै। औय जशय का ऩकयणाभ मश शुआ शै कक शभाया वाया जीलन एक कोने वे रेकय दव
ू ये
कोने तक प्रलऴाक्त शो गमा शै।

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स्रीमों को शभ कशते शै, ऩित को ऩयभात्भा वभझना। औय उन जस्रमों को फचऩन वे िवखामा गमा शै कक वेक्व ऩाऩ शै। ले कर
प्रललाठशत शोंगी। ले उव ऩित को कैवे ऩयभात्भा भान वकेंगी, जो उन्शें वेक्व भें औय नयक भें रे जा यशा शै। एक तयप शभ िवखाते शै
ऩित ऩयभात्भा शै औय ऩत्नी का अनुबल कशता शै कक मश ऩशरा ऩाऩी शै जो भुझे नयक भें घवीट यशा शै।
एक फठशन ने भुझे आकय कशा, प्रऩछरी भीठटॊग भें जफ भैं फोरा, बायतीम प्रल्मा बलन भें तो एक फशन भेये ऩाव उवी ठदन आमी औय
उवने कशा कक भैं……भैं फशुत गुस्वे भें शूॊ? भैं फशुत रम ोध भें शूॊ। वेक्व तो फडी घखृ णत चीज शै। वेकव तो ऩाऩ शै। औय आऩने वेक्व
की इतनी फातें क्मों कक। भैं तो घण
ृ ा कयती शूॊ वेक्व वे।

अफ मश ऩत्नी शै इवका ऩित शै , इवके फच्चें शै। फजच्चमाॊ शै। औय मश ऩत्नी वेक्व वे घण
ृ ा कयती शै। मश ऩित को कैवे िेभ कय

वकेगी। जो इवे वेक्व भें िरए जा यशा शै। मश उन फच्चों को कैवे िेभ कय वकेगी। जो वेक्व वे ऩैदा शुए शै। इवका िेभ जशयीरा शो
गमा शै। इवके िेभ भें जशय िछऩा शै। ऩित औय उवके फीच एक फिु नमादी दीलार खडी शो गई शै। फच्चों औय इवके फीच एक फिु नमादी

ठदलार खडी शो गई शै क्मोंकक ले वेक्व वे ऩैदा शुए शे । मे फच्चें ऩाऩ वे आमे शै। क्मोंकक मश वेक्व की दीलार औय वेक्व की
कॊडेभनेळन की लिृ त फीच भें खडी शै। मश ऩित औय भेये फीच ऩाऩ का वॊफॊध शै, औय जजनके वाथ ऩाऩ को वॊफॊध शो, उवके िित भैरीऩण
ू घ
कैवे शो वकते शै? ऩाऩ के िित शभ भैरी ऩण
ू घ शो वकते शै।

वायी दिु नमाॊ का गश

ृ स्थ जीलन नष्ट ककमा शै, वेक्व को गारी दे ने लारे,िनॊदा कयने लारे रोगों ने। औय ले इवे नष्ट कयके जो दऴ

ऩकयणाभ रामे शै लश मश नशीॊ शै कक वेक्व वे रोग भुक्त शो गमे शै। जो ऩित अऩनी ऩत्नी औय अऩने फीच एक दीलार ऩाता शै। ऩाऩ

की, लश ऩत्नी वे कबी बी तजृ प्त अनुबल नशीॊ कय ऩाता। तो आवऩाव की जस्रमों को खोजता शै, ले‍माओॊ को खोजता शै। अगय ऩत्नी वे
उवे तजृ प्त िभर गमी शोती तो ळामद इव जगत की वायी स्रीमाॊ उवके िरए भाॊ औय फशन शो जातीॊ। रेककन ऩत्नी वे बी तजृ प्त न

िभरने के कायण वायी स्रीमाॊ उवे ऩोटें िळमिरटी औयतों की तयश ऩोटें िळमर ऩजत्नओॊ की तयश भारूभ ऩडती शै। जजनको ऩत्नी भें फदरा
जा वकता शै।

मश स्लाबाप्रलक शै मश शोने लारा था। मश शोने लारा था, क्मोंकक जशाॊ तजृ प्त िभर वकती थी। लशाॊ जशय शै। लशाॊ ऩाऩ शै। औय तजृ प्त

नशीॊ िभरती। औय चश चायों तयप बटकता शै औय खोजता शै। औय क्मा-क्मा ईजादें कयता शै खोजकय आदभी। अगय इन वायी ईजादों
को शभ वोचने फैिे तो घफया जामेंगे कक आदभी ने क्मा-क्मा ईजादें की शै। रेककन एक फुिनमादी फात ऩय खमार नशीॊ ककमा कक लश जो
िेभ का कुआॊ था, लश जो काभ का कुआॊ का, लश जशयीरा शो गमा शै।

औय जफ ऩत्नी औय ऩित के फीच जशय का बाल शो, घफयाशट का बाल शो, ऩाऩ का बाल शो तो कपय मश ऩाऩ की बालना ूदऩाॊतयण नशीॊ
कयने दे गी। अन्मथा भेयी वभझ मश शै कक एक ऩित औय ऩत्नी अगय एक दव
घ िेभ वे बये शुए आनॊद वे बये शुए
ू ये के िित वभझ ऩल
ू क
औय वेक्व के िित बफना िनॊदा के वे क्व को वभझने की चेष्टा कयें गे तो आज नशीॊ कर, उनके फीच का वॊफॊध ूदऩाॊतकयत शो जाने लारा
शै। मश शो वकता शै कक कर लशीॊ ऩत्नी भाॊ जैवी ठदखाई ऩडने रगे।
गाॊधी जी 1930 के कयीफ श्री रॊका गमे थे। उनके वाथ कस्तूयफा वाथ थी। वॊमोजकों ने वभझा कक ळामद गाॊधी की भाॊ वाथ आमी शुई
शै। क्मोंकक गाॉधीजी कस्तूयफा को खुद बी फा शी कशते थे। रोगों ने वभझा ळामद उनकी भाॊ शोगी। वॊमोजकों ने ऩकयचम दे ते शुए कशा
कक गाॊधी जी आमे शै औय फड वौबाग्म की फात शै कक उनकी भाॊ बी वाथ आमी शुई शै। लश उनके फगर भें फैिी शै। गाॊधी जी के
वैरम ेटयी तो घफया गमे कक मश तो बूर शभायी शै, शभें फताना था कक वाथ भें कौन शै। रेककन अफ तो फडी दे य शो चक
ु ी थी। गाॊधी तो
भॊच ऩय जाकय फैि बी गमे थे औय फोरना ळूद
ु कय ठदमा था। वैरम ेटयी घफयामे शुए शै कक गाॊधी ऩीछे क्मा कशें गे। उन्शोंने कल्ऩना बी
नशीॊ की थी कक गाॊधी नायाज नशीॊ शोंगे , क्मोंकक ऐवे ऩूद
ु ऴ फशुत कभ शै, जो ऩत्नी को भाॊ फनाने भें वभथघ शो जाते शै।
रेककन गाॊधी जी ने कशाॊ, की वौबाग्म की फात शै, जजन िभर ने भेया ऩकयचम ठदमा शै। उन्शोंने बूर वे एक वच्ची फात कश दी।
कस्तूयफा कुछ लऴों वे भेयी भाॊ शो गमी शै। कबी लश भेयी ऩत्नी थी। रेककन अफ लश भेयी भाॊ शै।

इव फात की वॊबालना शै कक अगय ऩत्नी औय ऩित काभ को, वॊबोग को वभझने की चेष्टा कये तो एक दव
ू ये के िभर फन वकते शै
औय दव
ू ये के काभ के ूदऩाॊतयण भें वशमोगी औय वाथी शो वकते शै।

औय जजव ठदन ऩित औय ऩत्नी अऩने आऩव के वॊबोग के वॊफॊध को ूदऩाॊतकयत कयने भें वपर शो जाते शै उव ठदन उनके जीलन भें
ऩशरी दपा एक दव
ू ये के िित अनुग्रश औय ग्रेटी्मूड का बाल ऩैदा शोता शे , उवके ऩशरे नशीॊ। उवके ऩशरे ले एक दव
ू ये के िित रम ोध वे
बये यशते शै , उवके ऩशरे ले एक दव
ू ये के फुिनमादी ळरु फने यशते शै। उवके ऩशरे उनके फीच एक वॊघऴघ शे , भैरी नशीॊ।

री उव ठदन ळूद
ु शोती शै। जजव ठदन ले एक दव
ू ये के वाथी फनते शै औय उनके काभ की ऊजाघ को ूदऩाॊतयण कयने भें भाध्मभ फन

जाते शै। उव ठदन एक अनुग्रश एक ग्रेटी्मूड, एक कृतसता का बाल साऩन शोता शै। उव ठदन ऩुूदऴ आदय वे बयता शै। स्री के िित

क्मोंकक स्री ने उवे काभ-लावना वे भुक्त शोने भें वशमोग ऩशुॊचामी शै। उव दीन स्री अनग
ु ठृ शत शोती शै ऩुूदऴ के िित कक उवने उवे
वाथ ठदमा औय लावना वे भुजक्त ठदरलामी। उव ठदन ले वच्ची भैरी भें फॉधते शै, जो काभ की नशीॊ िेभ की भैरी शै। उव ठदन उनका
जीलन िीक उव ठदळा भें जाता शै, जशाॊ ऩत्नी के िरए ऩित ऩयभात्भा शो जाता शै। औय ऩित के िरए ऩत्नी ऩयभात्भा शो जाती शै।

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एक ्लाय खोरना जूदयी शै—नमा ्लाय। फच्चे जैवे शी ऩैदा शोते शै . ऩाजीठटल कक लश ध्मान के िरए कैवे उऩरब्ध शो। औय फच्चे ध्मान को जल्दी उऩरब्ध शो वकते शै। क्मोंकक अबी उनकी ऊजाघ का कोई बी ्लाय खुरा नशीॊ शै। अबी ्लाय फॊद शै. अबी ऊजाघ वॊयषियषत शै. फाऩ जजव फात को गॊदा कशता शै। लशी गॊदी फात ठदन यात घय भें चर यशी शै। इवकी उन्शें फशुत जल्दी फोध More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . इवी िरए भैंने कर कशा कक भुझवे फडा ळरु वेक्व का खोजना कठिन शे । रेककन भेयी ळरुता का मश भतरफ नशीॊ शै कक भैं वेक्व को गारी दॉ ू औय िनॊदा कूदॊ। भेयी ळरुता का भतरफ मश शै कक भैं वेक्व को ूदऩाॊतकयत कयने के वॊफॊध भें ठदळा-वूचन कूदॊ। भैं आऩको कशूॊ कक लश कैवे ूदऩाॊतकयत शो वकता शै। भैं कोमरे का द‍ु भन शूॊ. उवकी ळाखाएॊ कशीॊ बी झुक जाती शै। कशीॊ बी झुकामी जा वकती शै। कपय लशी फूढा लष ृ शो जाता शै। कपय शभ उवकी ळाखाओॊ को झक ु ाने की कोिळळ कयते शै . उवकी क्मा प्रलथध शोगी? भैंने आऩवे कशा. भाॊ फाऩ के िित वायी श्र्धा वभाप्त शो जाती शै। भाॊ-फाऩ के िित श्र्धा वभाप्त कयने भें िळषा का शाथ नशीॊ शै। भाॊ-फाऩ के िित श्र्धा वभाप्त कयने भें भाॊ फाऩ का अऩना शाथ शै। आऩ जजन फातों के िरए फच्चों को गॊदा कशते शै। फच्चे फशुत जल्दी ऩता रगा रेते शै कक उन वायी गॊदथगमों भें आऩ बरी बाॊित रलरीन शे । आऩकी ठदन की जजॊदगी दव ू यी औय यात की दव ू यी। आऩ कशते शै कुछ औय कयते शै कुछ। छोटे फच्चे फशुत एक्मूट आब्जलघय शोते शै। ले फशुत गौय वे िनयीषण कयते यशते शै। कक क्मा शो यशा शै । घय भें ले दे खते शै कक भाॊ जजव फात को गॊदा कशती शै . औय वेक्व की दिु नमा ळूद ु शो जामेगी। एक फाय ्लाय खुर जाने के फाद नमा ्लाय खोरना भुज‍कर शो जामेगा। क्मोंकक वभस्त उजाघ का िनमभ मशी शै। वभस्त ळजक्त का लश एक दपा अऩना भागघ खोज रे फशने के िरए तो लश उवी भागघ वे फशना ऩवन्द कयती शै। गॊगा फश यशी शै वागय की ओय. औय दव ू या ऩैय फशाय यख कय ऩूछता शै। ध्मान का कोई यास्ता शै ? अजीफ वी फात शै। बफरकुर ऩागरऩन की फात शै। मश ऩ् ृ ली कबी बी ळाॊत औय ध्मानस्थ नशीॊ शो वकती। जफ तक ध्मान का वॊफॊध ऩशरे ठदन के ऩैदा शुए फच्चे वे शभ न जोडेंगे अॊितभ ठदन के ल् ृ ध वे नशीॊ जोडा जा वकता। व्मथघ शी शभें फशुत श्रभ उिाना ऩडता शै फाद के ठदनों भें ळाॊत शोने के िरए. जफ जीलन के वफ यास्ते वख्त औय भजफूत शो गमे। जफ झुकना औय फदरना भुज‍कर शो गमा. ध्मान का यास्ता तोड दे ना जूदयी शै। एक-एक फच्चे को ध्मान की अिनलामघ िळषा औय दीषा िभरनी चाठशए। ऩय शभ उवे वेक्व के प्रलयोध की दीषा दे ते शै.क्मोंकक भैं कोमरे को शीया फनाना चाशता शूॊ। भैं वेक्व को ूदऩाॊतकयत कयना चाशता शूॊ। लश कैवे ूदऩाॊतकयत शोगा. झक ु ती नशीॊ। फूढे रोग ध्मान की चेष्टा कयते शै दिु नमा भें. नयक शै—मश वफ शभ फता यशे शै। औय इव वफके फताने वे कुछ बी पकघ नशीॊ ऩडता—कुछ बी पकघ नशीॊ ऩडता। फजल्क शभाये फताने वे ले औय बी आकप्रऴघत शोते शै औय तराळ कयते शै कक क्मा शै मश गॊदगी. उवने एक फाय यास्ता खोज िरमा। अफ लश उवी यास्ते वे फशी चरी जाती शै। फशी चरी जाती शै। योज-योज नमा ऩानी आता शै। उवी यास्ते वे फशता शुआ चरा जाता शै। गॊगा योज नमा यास्ता नशीॊ खोजती शै। जीलन की ऊजाघ बी एक यास्ता खोज रेती शै। अफ लश उवी यास्ते वे फशी चरी जाती शै। अगय जीलन को काभुकता वे भुक्त कयना शे .शभ कैवे ळाॊत शो जामें। जफ जीलन की वायी ऊजाघ खो गमी. िनप्रलघचाय शोने की दीषा भौन शोने की दीषा। फच्चे ऐवे बी भौन शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन लश कुआॊ तो प्रलऴाक्त कय ठदमा शै . जैवे एक नमा ऩौधा ऩैदा शोता शै. काभ का प्रलयोध िवखाते शै। ऩाऩ शै गॊदगी शै। कुूदऩता शै. तो कपय ळाखाएॊ टूट जाती शै . अबी कशीॊ बी नमे ्लाय ऩय धक्के ठदमे जो वकते शै . तो वेक्व का यास्ता खुरने वे ऩशरे नमा यास्ता. फयु ाई शै . जजवके िरए फडे इतने बमबीत औय फेचैन शोते शै। औय कपय थोडे शी ठदनों भें उन्शें मश बी ऩता चर जाता शै कक फडे जजव फात वे शभें योकने की कोिळळ कय यशे शै। खुद ठदन यात उवी भें रीन यशते शै। औय जजव ठदन उन्शें मश ऩता चर जाता शै. अत्मॊत कठिन शो जामेगा। ऐवे शी. क्मा शै नयक. फच्चे ऐवे शी ळाॊत शै . जो कक ऩशरे एकदभ शो वकता था। छोटे फच्चे को ध्मान की दीषा काभ के ूदऩाॊतयण का ऩशरा चयण शै —ळाॊत शोने की दीषा. अगय उन्शें थोडी वी ठदळा दी जामे औय उन्शें भौन औय ळाॊत शोने के िरए घडी बय की बी िळषा दी जामे तो जफ ले 14 लऴघ के शोने के कयीफ आमेंगे। जफ काभ जगेगा. लैवे शी उनके जीलन भें वेक्व का आगभन नशी शो जाता। अबी दे य शै। अबी ळयीय ळजक्त इक्िी कय यशा शै। अबी ळयीय के अणु भजफूत शोंगे। अबी उव ठदन की ितीषा शै। जफ ळयीय ऩूयी तयश वे तैमाय शो जामेगा। ऊजाघ इक्िी शोगी ्लाय जो फॊद यशा शै। 14 लऴो तक लश खुर जामेगा उजाघ के धक्के वे. जो कक अत्मॊत भूखत घ ाऩूणघ शै। वेक्व के प्रलयोध की दीषा नशीॊ दे नी शै। िळषा दे नी शै ध्मान की. जफ तक उनका एक ्लाय खुर चुका शोगा। ळजक्त इक्िी शोगी औय जो ्लाय वे फशनी ळूद ु शो जामे गी। लश अनुबल उनकी ऊजाघ को गरत भागों वे योकेगा औय िीक भागों ऩय रे आमेगा। रेककन शभ छोटे -छोटे फच्चों को ध्मान तो नशीॊ िवखाते. मोग क्मा. जो बफरकुर शी गरत शै। ध्मान की वायी चेष्टा फच्चों ऩय की जानी चाठशए। रेककन भयने के कयीफ ऩशुॊच कय आदभी ध्मान भें उत्वुक शोता शै। लश ऩूछता शै ध्मान क्मा. तफ लश ऩूछता शै कक अफ भैं कैवे फदर जाऊॉ। एक ऩैय आदभी कब्र भें डार रेता शै. औय नमा ्लाय खोरा जो वकता शै। कपय मे शी फूढे. शो जामेंगे औय इन्शें ध्मान भें ऩशुॊचना.

फजल्क ईभानदायी वे मश िवखाने की जूदयत शै कक वेक्व जजॊदगी का एक ठशस्वा शै औय तुभ वेक्व वे शी ऩैदा शुए शो. अशॊकाय-ळन् ु म का अनुबल शोता शै। जशाॊ वे आत्भा की झरक िभरती शै। लश झरक वेक्व के अनुबल के ऩशरे िभर जानी जूदयी शै। अगय लश झरक िभर जाए तो वेक्व के िित अितळम दौड वभाप्त शो जामेगी। उजाघ इव नमे भागघ वे फशने रगेगी। मश भैं ऩशरा चयण कशता शूॊ। ब्रह्भचमघ की वाधना भें. उतने शी ज्मादा काभुक शोते शै। जजवके जीलन भें जजतना कभ िेभ शै. लश वफ उन्शें फता ठदमा जाना चाठशए। ताकक ले वेक्व के वॊफॊध भें अित उत्वुक न शों। ताकक उनका आकऴघण न ऩैदा शो. कैवे िनप्रलघचाय शों। औय फच्चे तत्षण िनप्रलघचाय शो वकते शै। भौन शो वकते शै। ळाॊत शो वकते शै। चौफीव घॊटे भें एक घॊटा अगय फच्चों को घय भें भौन भें रे जाने की व्मलस्था शो। िनज‍चत शी लश भौन भें तबी जा वकेंगे.जफ आऩ बी उनके वाथ भौन फैि वकें। शय घय भें एक घॊटा भौन का अिनलामघ शोना चाठशए। एक ठदन खाना न िभरे घय भें तो चर वकता शै। रेककन एक घॊटा भौन के बफना घय नशीॊ चरना चाठशए। लश घय झूिा शे । उव घय को ऩकयलाय कशना गरत शै. लशीॊ धोखे फाज िव्ध शुआ। आज वायी दिु नमा भें जो रडके मश कश यशे शै कक कोई ऩयभात्भा नशीॊ शै. जजव ऩकयलाय भें एक घॊटे के भौन की दीषा नशीॊ शै। लश एक घॊटे का भौन चौदश लऴों भें उव दयलाजे को तोड दे गा। योज धक्के भाये गा। उव दयलाजे को तोड दे गा। जजवका नाभ ध्मान शै। जजव ध्मान वे भनुष्म को वभम शीन. कयते कुछ औय शै। औय जजन फच्चों का भाॊ-फाऩ ऩय वे प्रलश्र्लाव उि गमा। ले फच्चे ऩयभात्भा ऩय कबी प्रल‍लाव नशीॊ कय वकेंगे। इवको माद यखना। क्मोंकक फचचों के िरए ऩयभात्भा का ऩशरा दळघन भाॊ-फाऩ भें शोता शै। अगय लशीॊ खॊसडत शो गमा तो। मे फच्चे बप्रलष्म भें नाजस्तक शो जाने लारे शै। फच्चों को ऩशरे ऩयभात्भा की ितीित अऩने भाॊ-फाऩ की ऩप्रलरता वे शोती शै। ऩशरी दपा फच्चे भाॊ-फाऩ को शी जानते शै। िनकटतभ औय उनवे शी उन्शें ऩशरी दपा श्र्धा औय कयलयें व का बाल ऩैदा शोता शै। अगय लशी खॊसडत शो गमा तो इन फच्चों को भयते दभ तक लाऩव ऩयभात्भा के यास्ते ऩय राना भुज‍कर शो जामेगा। क्मोंकक ऩशरा ऩयभात्भा शी धोखा दे गमा। जो भाॊ थी. जो फाऩ था. उनके जीलन भें उतनी शी ज्मादा धण ृ ा शोगी। जजनके जीलन भें जजतना कभ िेभ शै.जो उनकी वभझ के मोग्म भारूभ ऩडे. िनॊदा नशीॊ. वेक्व का प्रलयोध नशीॊ. टाइभरेवनेव इगोरेवनेव. ताकक फच्चे वयरता वे भाॊ फाऩ को वभझ वकें औय जफ जीलन को लश जानें गे तो आदय वे बय वकें कक भाॊ-फाऩ वच्चे औय ईभानदाय शै। उनको जीलन भें आजस्तक फनाने भें इववे फडा वॊफर औय कुछ बी नशीॊ शै। ले अऩने भाॊ फाऩ को वच्चे औय ईभानदाय अनुबल कय वकते शै। रेककन आज वफ फच्चे जानते शै कक भाॊ-फाऩ फेईभान औय धोखेफाज शे । मश फच्चे औय भाॊ फाऩ के फीच एक करश का एक कायण फनता शै। वेक्व का दभन ऩित ओय ऩत्नी को तोड ठदमा शै। भाॊ-फाऩ औय फच्चों को तोड ठदमा शै। नशीॊ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi शो जाता शै। उनकी वायी श्र्धा का बाल प्रलरीन शो जाता शै। कक धोखेफाज शै मे भाॊ-फाऩ। ऩाखॊडी शै। ठशऩोरम ेट शै। मे फातें कुछ औय कशते शै . औय लश शभायी जजॊदगी भें शै. फजल्क वेक्व की िळषा दी जानी चाठशए। जैवे शी फच्चे ऩूछने को तैमाय शो जामें. कैवे ळाॊत शों. उनके जीलन भें उतना शी प्रल्लेऴ शोगा। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . जो बी जूदयी भारूभ ऩडे. गरत रोगों वे उन्शें जानकायी िभरती शै। जो जीलन बय उन्शें ऩीडा दे ती शै। औय भाॊ-फाऩ औय उनके फीच एक भौन की दीलाय शोती शै —जैवे भाॊ-फाऩ को कुछ बी ऩता नशीॊ औय फच्चों को बी ऩता नशीॊ शै। उन्शें वेक्व की वम्मक िळषा िभरनी चाठशए—याइट एजुकेळन। औय दव ू यी फात. वेक्व के ऊऩय उिने की वाधना भें वेक्व की उजाघ के रांाॊवपेभेळन के िरए ऩशरा चयण शै ध्मान औय दव ू या चयण शै िेभ। फच्चों को फचऩन वे शी िेभ की दीषा ठद जानी चाठशए। शभ अफ तक मशी वोचते शै कक िेभ की िळषा भनष्ु म को वेक्व भें रे जामेगी। मश फात अत्मॊत राॊत शे । वेक्व की िळषा तो भनष्ु म को िेभ भें रे जा वकती शै। रेककन िेभ की िळषा कबी ककवी भनुष्म को वेक्व भें नशीॊ रे जाती। फजल्क वच्चाई बफरकुर उल्टी शै। जो रोग जजतने कभ िेभ वे बये शोते शै. मशाॉ-लशाॊ वे। गरत भागों वे. ताकक ले दीलाने शोकय गरत यास्तों वे जानकायी ऩाने की कोिळळ न कयें । आज फच्चे वफ जानकायी ऩा रेते शै . उन्शें ध्मान की दीषा िभरनी चाठशए। कैवे भौन शों. कोई आत्भा नशीॊ शै। कोई भोष नशीॊ शै। धभघ वफ फकलाव शै। उवका कायण मश नशीॊ शै कक रडकों ने ऩता रगा िरमा शै कक आत्भा नशीॊ शै। ऩयभात्भा नशीॊ शै। उवका कायण मश शै कक रडकों ने भाॊ-फाऩ का ऩता रगा िरमा शै। कक ले धोखेफाज शै। औय मश वाय धोखा वेक्व के आव ऩाव केंठित शै। औय मश वाया धोखा केंि ऩय खडा शै। फच्चों को मश िवखाने की जूदयत नशीॊ शै कक वेक्व ऩाऩ शै.

कक व्मजक्तत्ल का अथधकतभ प्रलकाव िेभ के भागों ऩय शोना चाठशए। शभ िेभ कयें . लैवा तप्ृ त आदभी वेक्व की ठदळाओॊ भें नशीॊ जाता। जाने के िरए योकने के िरए चेष्टा नशीॊ कयनी ऩडती। लश जाता शी नशीॊ. एक गशया आनॊद का बाल. जैवे ळरु का ऩकडे शुए शै। एक आदभी लस्तुओॊ के वाथ बी िेभऩण ू घ व्मलशाय कय वकता शै। एक आदभी आदिभमों के वाथ बी ऐवा व्मलशाय कयता शै . जैवा लस्तओ ु ॊ के वाथ बी नशीॊ कयना चाठशए। घण ृ ा वे बया शुआ आदभी लस्तुएॊ वभझता शै भनष्ु म को। िेभ वे बया शुआ आदभी लस्तुओॊ को बी व्मजक्तत्ल दे ता शै। एक पकीय वे िभरने एक जभघन मारी गमा शुआ था। उव पकीय वे जाकय नभस्काय ककमा। उवने दयलाजे ऩय जोय वे जूते खोर ठदमे. एक कॊटें टभें ट. िेभ वे मश तजृ प्त चौफीव घॊटे को िभर जाती शै। तो दव ू यी ठदळा शै. धक्का ठदमा जोय वे दयलाजे को। रम ोध भें आदभी जूते बी खोरता शै तो ऐवे जैवे जत ू े द‍ु भन शो। दयलाजे बी खोरता शै तो ऐवे दयलाजे वे कोई झगडा शो। दयलाजे को धक्का दे कय लश बीतय गमा। उव पकीय वे जाकय नभस्काय ककमा। उव पकीय ने कशा: नशीॊ. तफ भैं तभ ु वे आगे फात कूदॊगा। अन्मथा भैं फात कयने को नशीॊ शूॊ। अफ लश आदभी दयू जभघनी वे उव पकीय को िभरने गमा था। इतनी वी फात ऩय भुराकात न शो वकेगी। भजफूयी थी। उवे जाकय दयलाजे ऩय शाथ जोडकय षभा भाॊगनी ऩडी कक िभर षभा कय दो। जूतों को कशना ऩडा. जूतों को ऩटका. भाप ककयए. ईष्माघ. जजवकी भझ ु े कल्ऩना तक नशीॊ थी। कक दयलाजे औय जूतों वे षभा भाॊग कय ळाॊित िभर वकती शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उनके जीलन भें उतनी शी िितस्ऩधाघ शोगी। जजनके जीलन भें जजतना कभ िेभ शै. जो षण बय को वेक्व वे िभरती थी. उनके जीलन भें उतनी शी द्ु ख औय थचॊता शोगी। द्ु ख. तबी िेभ की दीषा शोगी। िेभ की दीषा तो ऩूये व्मजक्तत्ल के िेभऩूणघ शोने की दीषा शै। लश तो ‘टू फी िरप्रलॊग’ शोने की दीषा शै। एक ऩत्थय को बी शभ उिामे तो शभ ऐवे उिा वकते शै। जैवे िभर को उिा यशे शै। औय एक आदभी का शाथ बी शभ ऩकड वकते शै . जैवे उनका कोई कवयू शो। तभ ु ने दयलाजा ऐवे खोरा जैवे तभ ु द‍ु भन शो। नशीॊ. जफ तभ ु ने रम ोध कयते लक्त उनका व्मजक्तत्ल भान िरमा. एक गशया वॊतोऴ. घण ृ ा. अबी भैं नभस्काय का उत्तय न दे वकॊू गा। ऩशरे तुभ दयलाजे वे औय जूतों वे षभा भाॊग कय आओ। उव आदभी ने कशा. दे ने वे। छीन रेने वे नशीॊ। वॊघऴघ कयने लारा छीन रेता शै। छीनने वे लश तजृ प्त कबी नशीॊ िभरती जो ककवी को दे ने वे औय दान वे उऩरब्ध शोती शै। भशत्ल काॊषी आदभी एक ऩद वे दव ू ये ऩद की मारा कयता यशता शै। रेककन कबी बी ळाॊत नशीॊ शो ऩाता। ळाॊत ले शोते शै जो ऩदों की मारा नशीॊ कयते. शभने जो आऩको इव बाॊित गुववे भें खोरा। उव जभघन मारी ने िरखा शै कक रेककन जफ भैं षभा भाॊग यशा था तो ऩशरे तो भझ ु े शॊवी आमी कक भैं क्मा ऩागरऩन कय यशा शूॊ। रेककन जफ भैं षभा भाॊग चक ु ा तो भैं शैयान शुआ। भझ ु े एक इतनी ळाॊित भारभ ू शुई. उवकी ळजक्तमाॊ वायी की वायी बीतय इक्िा शो जाती शै। उनके िनकाव का कोई भागघ नशीॊ यश जाता शै। उनके िनकाव का एक शी भागघ यश जाता शै—लश वेक्व शे । िेभ ळजक्तमों का िनकाव फनता शै। िेभ फशाल शै। करम एळन—वज ृ नात्भक शै िेभ। इवीिरए लश फशता शै औय एक तजृ प्त राता शै। लश तजृ प्त वेक्व की तजृ प्त वे फशुत ज्मादा कीभती औय गशयी शै। जजवे लश तजृ प्त िभर गमी. शभ िेभ भें जजमें। औय जूदयी नशीॊ शै कक शभ िेभ भनुष्म को शी दें गे. दान वे . थचॊता.तो ऩशरे जाओ. उवके िाणों के यग-यग भें फशने रगाता शै। उवके वाये ळयीय वे एक यव झरकने रगता शै। जो तजृ प्त का यव शै. एक उऩरजब्ध का बाल. ्लेऴ इन वफवे जो आदभी जजतना ज्मादा िघया शै . शभ िेभ दें . लश कपय कॊकड-ऩत्थय नशीॊ फीनता। जजवे शीये जलाशयात िभरने ळूद ु शो जाते शै। रेककन घण ृ ा वे बये आदभी को लश तजृ प्त कबी नशीॊ िभरती। घण ृ ा भें लश तोड दे ता शै चीजों को। रेककन तोडने वे कबी ककवी आदभी को कोई तजृ प्त नशीॊ िभरती। तजृ प्त िभरती शै िनभाघण कयने वे। ्लेऴ वे बया आदभी वॊघऴघ कयता शै। रेककन वॊघऴघ वे कोई तजृ प्त नशीॊ िभरती तजृ प्त िभरती शै.क्मोंकक लश तजृ प्त. उनके जीलन भें उतनी शी ईष्माघ शोगी। जजनके जीलन भें जजतना कभ िेभ शै. षभा भाॊग कय आ जाओ.फजल्क िेभ की मारा कयते शै। जो िेभ के एक तीथघ वे दव ू ये तीथघ की मारा कयते शै। जजतना आदभी िेभ ऩूणघ शोता शै। उतनी तजृ प्त.बर ू शो गई. तुभने रम ोध कयते वभम कबी बी न वोचा कक उनका कोई व्मजक्तत्ल शै। तुभने जूते ऐवे ऩटके जैवे उनभें जाने शो.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जजनके जीलन भें जजतना कभ िेभ शै. आऩ ऩागर शो गमे शै ? दयलाज़ों औय जूतों वे षभा। क्मा उनका बी कोई व्मजक्तत्ल शै? उव पकीय ने कशा.

लश ऩत्नी के िित बी िेभ ऩूणघ नशीॊ शो वकता। िेभ ऩूणघ चौफीव घॊटे के जीलन का स्लबाल शै। लश ऐवी कोई नशीॊ कक शभ ककवी के िित िेभऩूणघ शो जामें औय ककवी के िित िेभशीन शो जामें। रेककन आज तक भनष्ु म इवको वभझने भें वभथघ नशीॊ शो वका शै। फाऩ कशता शै कक भेये िित िेभ ऩूण. तू िेभ दे ना। भाॊ को िेभ दे ने का नशीॊ.भैंने तुझे इतने ठदन ऩारा-ऩोवा. इविरए िेभ कय। लश लजश फता यशी शै . तू उववे िेभऩूणघ शो—ऩत्थय ऩड जाए। पूर ऩड जामे. वभझ बी वकते शो। क्मोंकक अफ तुभ िपुजल्रत शो.मश तेये बप्रलष्म. लश अऩने शाथ वे ककमे रे यशी शै. अफ तुभ आनॊद वे बय गमे शो। वलार भनुष्मों के वाथ शी िेभ ऩूणाघ शोने का नशीॊ.घ रेककन घय भें जा चऩयावी शै उवके िित….लश तो नौकय शै। रेककन उवे ऩता शै कक जो फेटा एक फूढे नौकय के िित िेभऩूणघ नशीॊ शो ऩामा शै…. आदभी ऩड जामे. जफ उवका फाऩ बी फढ ू ा शो जामेगा। उवके िित बी िेभ ऩण ू घ नशीॊ यश ऩामेगा। तफ लश फाऩ ऩछतामेंगा। कक भेया रडका भेये िित िेभऩण ू घ नशीॊ शै। रेककन इव फाऩ को ऩता शी नशीॊ कक रडका िेभऩण ू घ शो वकता था। उवके िित बी.लश फूढा नौकय बी ककवी का फाऩ शै। रेककन उवे ऩता नशीॊ कक जो फेटा एक फढ ू े नौकय के िित िेभऩण ू घ नशीॊ शो वका लश आज नशीॊ कर. अफ कुछ फात शो वकती शै। तुभने थोडा िेभ जाठशय ककमा। अफ तुभ वॊफॊथधत शो वकते शो. लश िेभ नशीॊ िवखा यशी। उवे मश कशना चाठशए कक मश तेया व्मजक्तत्ल. िेभ कायण वठशत नशीॊ शोता शै। भाॊ कशती शै . जानलय ऩड जामे. कपय आ गमा स्टाऩ। कपय इधय-उधय कशीॊ दे खना भत. अगय जो बी आवऩाव थे. अफ िीक शै . तो लश काभुकता वे भुक्त शो वकता शै। रेककन शभ तो िेभ की कोई िळषा नशीॊ दे ते। शभ तो िेभ का कोई बाल ऩैदा शोने नशीॊ दे ते। शभ तो िेभ के नाभ ऩय जो बी फात कयते शै लश झूिे शी िवखाते शै उनको। क्मा आऩको ऩता शै कक एक आदभी एक के िित िेभऩूणघ शै औय दव ू ये के िित घण ृ ा ऩूणघ शो वकता शै ? मश अवॊबल शै। िेभऩूणघ आदभी िेभऩूणघ शोता शै। आदभी वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै उव फात का। अकेरे भें फैिता शै तो बी िेभऩूणघ शोता शै। कोई नशीॊ शोता तो बी िेभऩण ू घ शोता शै। िेभऩण ू घ शोना उवके स्लबाल की फात शै। लश आऩवे वॊफॊथधत शोने का वलार नशीॊ शै। रम ोधी आदभी अकेरे भें बी रम ोधऩूणघ शोता शै। घण ृ ा वे बया आदभी घण ृ ा वे बया शुआ शोता शै। लश अकेरे बी फैिा शै तो आऩ उवको दे ख कय कश वकते शै कक मश आदभी रम ोधी शै . इविरए िेभ कयो कक भैं फाऩ शूॊ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi भैं जाकय उव पकीय के ऩाव फैि गमा. तो आऩ कशें गे मश आदभी ककतने िेभ वे बया शुआ फैिा शै। पूर एकाॊत भें खखरते शै जॊगर के तो लशाॊ बी वुगध ॊ बफखेयते यशते शै। चाशे कोई वूॊघने लारा शो मा न शो। यास्तें वे कोई िनकरे मा न िनकरे। पूर वुगॊथधत शोता यशता शै। पूर का वुगॊथधत शोना स्लबाल शै। इव बूर भें आऩ भत ऩडना कक आऩके िरए वुगथॊ धत शो यशा शै। िेभऩूणघ शोना व्मजक्तत्ल फनाना चाठशए। लश शभाय व्मजक्तत्ल शो. भैं तेयी भाॊ शूॊ. भुझे िेभ कयना फव. मश तेये आनॊद की फात शै . जो ऩित िेभऩूणघ नशीॊ शै शय जस्थित भें. शाराॊकक लश ककवी ऩय रम ोध नशीॊ कय यशा शै। रेककन उवका वाया व्मजक्तत्ल रम ोधी शै। िेभ ऩण ू घ आदभी अगय अकेरे भें फैिा शै. मश वलार नशीॊ शै कक भाॊ को िेभ दो? मे गरत फात शै। जफ कोई भाॊ अऩने फच्चे को कशती शै कक भें तेयी भाॊ शूॊ इविरए िेभ कय। तफ लश गरत िळषा दे यशी शै। क्मोंकक जजव िेभ भें इविरए रगा शुआ शै। दे म पोय लश िेभ झूिा शै। जो कशता शै .लश गरत िळषा दे यशा शै। लश कायण फता यशा शै िेभ का। िेभ अकायण शोता शै . शये क के िित. वफके िित िेभऩण ू घ शोने की िळषा दी गमी शोती। तो लश उवके िित बी िेभऩूणघ शोता। िेभ स्लबाल की फात शै। वॊफॊध की फात नशीॊ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . तेये िेभऩूणघ शोने का शै। क्मोंकक तेया बप्रलष्म इव ऩय िनबघय कये गा। कक तू ककतना िेभऩूणघ शै। तेया व्मजक्तत्ल ककतना िेभ वे बया शुआ शै। उतना तेये जीलन भें आनॊद की वॊबालना फढे गी। िेभ ऩूणघ शोने की िळषा चाठशए भनुष्म को. फव िेभ मानी इव तयप। औय उव ऩत्नी को ऩता नशीॊ शै कक िेभ झूिा शै. ले वोचते शै कक भेये िित िेभऩूणघ शो जामे। औय ककवी के िित नशीॊ। औय उनको ऩता नशीॊ शै कक जो वफके िित िेभ ऩूणघ नशीॊ शै लश ककवी के िित बी िेभ ऩूणघ नशीॊ शो वकता। ऩत्नी कशती शै ऩित वे. इववे कोई वॊफॊध नशीॊ कक लश ककवके िित। रेककन जजतने िेभ कयने लारे रोग शै. िेभ खत्भ शो गमा। अगय लश िेभ बी शोगा तो फच्चा झूिा िेभ ठदखाने की कोिळळ कये गा। क्मोंकक मश भाॊ शै। इविरए िेभ ठदखाना ऩड यशा शै। नशीॊ िेभ की िळषा का भतरफ शै: िेभ का कायण नशीॊ. कपय औय कशीॊ तुम्शाये िेभ की जया वी धाया न फशे . क्मोंकक भैं भाॊ शूॊ. िेभऩण ू घ शोने की वप्रु लधा औय व्मलस्था कक फच्चा िेभऩण ू घ शो वके। जो भाॊ कशती शै कक भुझवे िेभ कय.फडा ककमा. कक जो बी तेये भागघ ऩय ऩड जामे. लश शॊवने रगा। उवने कशाॊ.

शभाये तो ऩकयथचत शै . उवे उवी षण टोकना चाठशए कक मे तुम्शाये व्मजक्तत्ल के िित ळोबा दामक नशीॊ शै। कक तुभ इव बाॊित ककताफ को यखो। कोई दे खेगा. उवने कशाॊ. ्लाय खोर उवकी ऩत्नी ने कशाॊ. अबी शभ फैिे शै. ऩानी वे बीगा शुआ। उवके कऩडे फदरे औय ले तीनों फैि कय गऩळऩ कयने रग गमे। दयलाजा कपय फॊद कय ठदमा। कपय ककन्शीॊ दो आदिभमों ने दस्तक दी। अफ उव िभर ने उव पकीय को कशा. दयलाजा खोर दो. कक दयलाजा खोर दो। भारभ ू शोता शै कक कोई आमा शै। उवी आदभी ने कशा. अबी शभ दयू -दयू फैिे शै। कपय शभ ऩाव-ऩाव फैि जामेंगे। ऩावऩाव फैिने के िरए कापी जगश शै। औय यात िॊ डी शै. लश दयलाजे के ऩाव था.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi िेभ कयरेळनिळऩ नशीॊ शै। िेभ शै ‘’स्टे ट ऑप भाइॊड’’ भनुष्म के व्मजक्तत्ल का बीतयी अॊग शै। तो शभें िेभ ऩूणघ शोने की दव ू यी दीषा दी जानी चाठशए—एक-एक चीज के िित। अगय फच्चा एक ककताफ को बी गरत ढॊ ग वे यखे तो गरती फात शै. जगश फशुत शै . जगश। उव पकीय ने कशा.अभीय औय गयीफ का क्मा वलार शै? जगश छोटी शै। उव पकीय ने कशा कक जशाॊ ठदर भें जगश फडी शो लशाॊ. अफ खडे शो जामेंगे। खडे शोने के िरए कापी जगश शै। औय कपय तभ ु घफडाओॊ भत. जोय वे लऴाघ शोती थी। यात के फायश फजे शोंगे। पकीय औय उवकी ऩत्नी दोनों वोते थे। ककवी आदभी ने दयलाजे ऩय दस्तक दी। छोटा वा झोंऩडा कोई ळामद ळयण चाशता था। उवकी ऩत्नी वे उवने कशा कक ्लाय खोर दें .. अगय जूदयत ऩडेगी तो भैं शभेळा फशाय शोने के िरए तैमाय शूॊ। िेभ इतना कय वकता शै। एक िरप्रलॊग एटी्मूड.। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . लशाॊ झोंऩडा तो क्मा भशर बी छोटा औय झोंऩडा शो जाता शै। ्लाय खोर दो. फडे ऩागर शो। भैंने तुम्शाये िरए जगश नशीॊ की थी। िेभ था. ले दो िभर दयलाजे ऩय फैिे शुए थे जो ऩीछे आमे थे. कोई ्लाय ऩय खडा शै . इविरए जगश की थी। िेभ अफ बी शै.नशीॊ दयलाजा खोरने की जूदयत नशीॊ. लश बी िभर नशीॊ शै। उवने कशाॊ की कोई अऩकयथचत िभर. अभीय के ्लाय ऩय आदभी के वाथ बी गधे जैवा व्मलशाय ककमा जाता शै। मश गयीफ की झोऩडी शै. भजु ‍कर वे शभ तीन फैिे शे । लश पकीय शॊवने रगा। उवने कशाॊ.ऩागर मश ककवी अभीय का भशर नशीॊ शै. अफ तीन रेट नशीॊ वकेंगे. ऩत्नी को दयलाजा खोर दे ना ऩडा। एक िभर आ गमा. लश िभर लगैयश नशीॊ शै .कोई वुनेगा. ऩाव-ऩाव फैिने भें आनॊद शी औय शोगा। दयलाजा खोरना ऩडा। दो आदभी बीतय आ गमे। कपय लश ऩाव-ऩाव फैिकय गऩळऩ कयने रगे। औय थोडी दे य फीती शै औय यात आगे फढ गमी शै औय लऴाघ शो यशी शै ओय एक गधे ने आकय वय रगामा दयलाजे वे। ऩानी भें बीग गमा था। लश यात ळयण चाशता था। उव पकीय ने कशा कक िभरों. कोई ऩामेगा कक तुभ ककताफ के वाथ दव्ु मघलशाय ककमे शो? तुभ कुत्ते के वाथ गरत ढॊ ग वे ऩेळ आमे शो मश तुम्शाये व्मजक्तत्ल की गरती शै। एक पकीय के फाफत भुझे ख्मार आता शै। एक छोटा वा पकीय का झोंऩडा था। यात थी.जो छोटा ऩड जामे। मश गयीफ को झोंऩडा शै। अभीय का भशर छोटा ऩड जाता शै। शभेळा एक भेशभान आ जामे तो भशर छोटा ऩड जाता शै। मश गयीफ की झोऩडी शै। उवकी ऩत्नी ने कशाॊ—इवभे झोऩडी…. कोई अऩकयथचत िभर कपय आ गमा। उन रोगों ने कशा. कोई मारी कोई अऩकयथचत िभर। वुनते शै उवकी फात.तीन फैिेंगे। फैिने के िरए कापी जगश शै। भजफूयी थी. कैवे खोर दॉ ू दयलाजा. िेभ था उवके बीतय इव िरए जगश दी थी। अफ कोई दव ू या आ गमा जगश फनानी ऩडेगी। रेककन उव आदभी ने कशा. झोऩडी भशर की तयश भारूभ शो जाती शै। औय जशाॊ ठदर भें छोटी जगश शो. जगश कशाॊ शे मशाॊ। लश आदभी अबी दो घडी ऩशरे आमा था खुद औय बूर गमा लश फात की जजव िेभ ने भुझे जगश दी थी। लश भुझे जगश नशीॊ दी थी. शभ गधे के वाथ बी आदभी जैवा व्मलशाय कये ने की आदत बय शो गई शै। दयलाजा खोर दो। ऩय ले दोनों कशने रगे. कोई अऩकयथचत िभर. एक िेभऩूणघ ह्रदम फनाने की जूदयत शै। जफ िेभ ऩूणघ ह्रदम फनता शै। तो व्मजक्तत्ल भें एक तजृ प्त का बाल एक यवऩूणघ तजृ प्त…. लश तुभ ऩय चुक नशीॊ गमा औय वभाप्त नशीॊ शो गमा। दयलाजा खोरों. ्लाय ऩय खडे शुए आदभी को लाऩव कैवे रौटामा जा वकता शै? अबी शभ दोनों रेटे थे. लश गधा शै। इवके िरए ्लाय खोरने की जूदयत नशीॊ शै। उव पकीय ने कशा कक तम् ु शें ळामद ऩता नशीॊ.रेककन जगश तो बफरकुर नशीॊ शै। शभ दो के रामक शी भजु ‍कर वे शै। कोई तीवया आदभी बीतय आमेगा तो शभ क्मा कयें गे। उव पकीय ने कशा.िेभ का बाल शै। कोई अऩकयथचत िभर ्लाय ऩय खडा शै .

ऩषियषमों के िित ऩळओ ु ॊ के िित. इवका भतरफ मश नशीॊ शै कक लश ठदमा जरामेगा तो अॊधकाय कशे गा कक भैं शजाय लऴघ ऩुयाना शूॊ। इविरए नशीॊ टूटता। ठदमा जराने वे एक ठदन का अॊधकाय बी टूटता शै। औय शजाय लऴघ का अॊधकाय बी टूटता शै। ठदमा जराने की चेष्टा फचऩन भें आवान शो वकती शै. जफ कक शभ िमाव कयें . ऐवी जगश नशीॊ ऩशुॊच गमा शै कक िीक यास्ता उवे ठदखाई न ऩड वके। कोई आदभी ककतने शी शजायों लऴों वे अॊधकाय भें यश यशा शो. मश काभ ळूद ु ककमा जा वकता शै। मश काभ कबी बी ळूद ु ककमा जा वकता शै। शाराॊकक जजतनी उम्र फढती चरी जाती शै . भेयी उम्र ऩाॉच लऴघ की शोगी। फु्ध कशने रगे. जो फशुत दयू शै उवके िित.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi क्मा आऩको कबी ख्मार शै कक जफ बी आऩ ककवी के िित जया-वे िेभऩूणघ शुए. िेभ शभाया फढत चरा जाए। जजतना िेभ शभाया फढता शै. तुभ तो कोई वत्तय लऴघ के भारूभ शोते शो। झि ू फोरते शो िबषु। तो उव िबषु ने कशा. उतनी शी वेक्व की जीलन भें वॊबालना कभ शोती चरी जाती शै। िेभ औय ध्मान दोनों िभरकय उव दयलाजे को खोर दे ते शै . इविरए मश फात आने लारे फच्चों के िरए शै। कोई आदभी ककवी बी षण इतनी दयू नशीॊ िनकर गमा शै कक लाऩव नशीॊ रौट वके। कोई आदभी ककतने शी गरत यास्तों ऩय चरा शो.अगय रिनिंग का एटी्मूड शै.क्मा िभर जामेगा? मे दो फातें भैंने आज आऩवे कशीॊ—िेभ औय ध्मान। भैंने मश कशा शै कक छोटे फचचों वे इनकी िळषा ळूद ु शो जानी चाठशए। इववे आऩ मश भत वोच रेना कक अफ तो शभ फच्चे नशीॊ यशे । इविरए कयने को कुछ फाकी नशीॊ फचा। मश आऩ भत वोच कय चरे जाना। अन्मथा भेयी भेशनत कपजर ू शो जामेगी। आऩ ककवी बी उम्र के शो. लश वऩने भें जीने जैवा था। नीॊद भें जीने जैवा था। उवकी थगनती भें अफ जीलन भें नशीॊ कयता। वोना बी कोई जीना शोता शै। उवे कैवे कूद? जजॊदगी तो इधय ऩाॉच लऴघ वे शी ळूद ु शुई शै। मशीॊ ऩाॉच लऴघ भें अऩनी आमु के भानता शूॊ। फ् ु ध ने अऩने िबषुओॊ वे कशाॊ. उऩय की तयप उि जाना शै। िेभ औय ध्मान ब्रह्भचमघ के वूर शै। तीवयी फात कर आऩवे कयने को शूॊ कक ब्रह्भचमघ अऩरब्ध शोगा तो क्मा पर शोगा? क्मा शोगी उऩरजब्ध. नीचे की तयप फश जाना शै। ब्रह्भचमघ ऊजाघ का ऊध्लघगभन शै.ऩाॉच लऴघ. ऩीछे एक तजृ प्त की रशय छूट गमी शै। क्मा आऩको कबी बी खमार शै कक जीलन भें तजृ प्त के षण लशी यशे शै। जो फे ळतघ िेभ के षण यशे शोंगे। जफ कोई ळतघ न यशी शोगी िेभ की। औय जफ आऩने यास्ते चरते एक अजनफी आदभी को दे खकय भुस्कुया ठदमा शोगा—उवके ऩीछे छूट गमी तजृ प्त का कोई अनुबल शै? उवके ऩीछे वाथ आ गमा एक ळाॊित का बाल। एक िाणों भें एक आनॊद की रशय का कोई ऩता शै। जफ याश चरते ककवी आदभी को उिा िरमा शो. अॊजान रोगों के िित. रेककन ऩाॉच लऴघ ऩशरे शी भेयी जीलन भें ध्मान की ककयण पूटी। ऩाॉच लऴघ ऩशरे शी भेये जीलन भें िेभ की लऴाघ शुई। उवके ऩशरे भैं जीता था. आदभी के िित. अगय ले इव सान वे नशीॊ बय गमे शै कक शभने वफ जान िरमा औय वफ ऩा िरमा शै। तो ले िवख वकते शै। औय ले छोटे फच्चों की बाॊित नई मारा ळूद ु कय वकते शै। फु्ध के ऩाव एक िबषु कुछ लऴों वे दीषियषत था। एक ठदन फु्ध ने उववे ऩूछा: ‘’िबषु तुम्शायी उम्र क्मा शै।‘’ उव िबषु ने कशा. इविरए नशीॊ की लश आऩका प्रऩता शै। नशीॊ लश आऩका कोई नशीॊ शै । रेककन एक पूर ककवी फीभाय को दे दे ना आनॊद ऩूणघ शै। व्मजक्तत्ल भें िेभ की वॊबालना फढती जानी चाठशए। लश इतनी फढ जानी चाठशए—ऩौधों के िित. एक ऊऩय की तयप की मारा ळूद ु शोती शै। अबी शभायी मारा नीचे की तयप शै। वेक्व ऊजाघ का अधोगभन शै. अऩकयथचत के िित. ककवी थगयते को वॊबार िरमा शो. ले फूढे बी फच्चों जैवे शी शोते शै। ले फुढाऩे भें बी ळूद ु कय वकते शै। अगय उनकी वीखने की षभता शै. बॊते. जो दयलाजा ऩयभात्भा की औय जाता शै। िेभ+ध्मानरऩयभात्भा। िेभ औय ध्मान का जोड शो जामे औय ऩयभात्भा उऩरब्ध शो जाता शै। औय उव उऩरजब्ध वे जीलन भें ब्रह्भचमघ पिरत शोता शै। कपय वायी उजाघ एक नमे शी भागघ ऩय ऊऩय चढने रगती शै। कपय फश-फश कय िनकर जाती शै। कपय जीलन वे फाशय िनकर-िनकर कय व्मथघ नशीॊ शो जाती। कपय जीलन के बीतयी भागों ऩय गित कयने रगती शै। उवका एक ऊध्लघगभन. रेककन कबी बी शो वके वौबाग्म। इतनी दे य कबी नशीॊ शुई शै कक शभ कुछ बी न कय वकें। शभ आज ळूद ु कय वकते शै। औय जो रोग वीखने के िरए तैमाय शै . िबषुओॊ इव फात को खमार भें यख रेना। अऩनी उम्र आज वे तभ ु बी इव तयश जोडना। मशी उम्र को नाऩने का ढॊ ग शै। अगय िेभ औय ध्मान का जन्भ नशीॊ शुआ शै तो उम्र कपजूर चरी गमी। अबी आऩकी िीक जन्भ बी नशीॊ शुआ। औय कबी बी उतनी दे य नशीॊ शुई शै . ककवी फीभाय को एक पूर दे ठदमा शो। इविरए नशीॊ कक लश आऩकी भाॊ शै. प्रलदे िळमों के िित. फाद भें थोडी भुज‍कर शो जाती शै। भार मशी बेद शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उतनी भजु ‍कर शोती चरी जाती शै। फच्चों के वाथ शो वके वौबाग्म. श्रभ कयें औय शभ अऩने नमे जन्भ को उऩल्फध न शो जामे। इविरए भेयी फात वे मश नतीजा भत िनकार रेना आऩ कक आऩ तो अफ फचऩन के ऩाय शो चक ु े .

थोडा ज्मादा श्रभ। कठिनाई का अथघ शै . उवका तो कोई बी भल् ू म नशीॊ था। जो शाथ भें आ गमा ऱ लश तो अभूल्म शै। लश तो अभूल्म शै। इविरए मश बाल भन भें आऩ न रेंगे। ऐवी भेयी िाथघना शै। भेयी फातों को इतनी ळाॊित औय िेभ वे वन ु ा. थोडी औय भेशनत. प्रिचन—3 गोिा लरमा टैं . More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . भेया िणाभ स्लीकाय कयें । ओशो संबोग से सभाधध स ओय. 29—लसतम्फय—1968. फम्फई. औय वॊकल्ऩ। कठिनाई का अथघ शै: थोडा ज्मादा—ज्मादा रगन ऩूलक घ । ज्मादा वातत्म वे तोडना ऩडेगा। व्मजक्तत्ल की जो फॊधी धायाएॊ शै। उनको औय नमे भागघ खोरने ऩडेंगे। रेककन जफ नमे भागघ की जया वी बी ककयण पूटनी ळूद ु शोती शै तो वाया श्रभ ऐवा रगता शै कक शभने कुछ बी नशीॊ ककमा शै। औय फशुत कुछ ऩा िरमा शै। जफ एक ककयण बी आती शै उव आनॊद की. उव वत्म की उव िकाळ की तो रगता शै। कक शभने तो बफना कुछ ककमे ऩा िरमा शै. क्मोंकक शभने जो ककमा था. उवके िरए फशुत-फशुत अनग ु ठृ शत शूॊ औय अॊत भें वफके बी तय फैिे ऩयभात्भा को िणाभ कयता शूॊ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन कठिनाई का अथघ अवॊबालना नशीॊ शै। कठिनाई का अथघ शै .

उन्शें बी ऩता नशीॊ शोता की ले क्मा कश यशे शै। औय तबी अचानक एक वनवनी दौड गमी कषा भें। अचानक शी स्कूर का िनयीषक आ गमा था। लश कभये के बीतय गमा। फच्चे वजग शोकय फैि गमे। िळषक बी वजग शोकय ऩढाने रगा। उवे िनयीषक ने कशाॊ कक भैं कुछ ऩूछना चाशूॊगा। औय चूॊकक याभ की कथा ऩढाई जाती शै। इविरए याभ वे वॊफथॊ धत शी कोई ि‍न ऩूछा। उवने फच्चों वे एक वीधी वी फात ऩूछी। उवने ऩूछा कक ‘िळल का धनुऴ ककवने तोडा था?’ उवने वोचा कक फच्चों को तोड-पोड की फात फशुत माद यश जाती शै। उन्शें जूदय माद शोगा कक ककवने िळल का धनऴ ु तोडा। रेककन इवके ऩशरे कक कोई फोरे.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi चौथा प्रिचन . उवको बॊग कयने की कोिळळ भत कयें । न भारूभ ककतना पनजी चय तोड डारा शै रडकों ने। शभ चुऩचाऩ दे खते यशते शै। स्कूर की दीलारें टूट यशी शै . उवभें भैंने ऩूछा कक िळल का धनुऴ ककवने तोडा शै। तो एक फच्चे ने कशाॊ कक भैंने नशीॊ तोडा शै। भैं 15 ठदन वे छु्टी ऩय था। मशाॊ तक बी गनीभत थी। रेककन िळषक ने मश कशा कक जूदय इवी ने तोडा शोगा। जफ बी कोई चीज टूटती शै तो मश जजम्भेदाय शोता शै। इवके वॊफॊध भें क्मा ककमा जामे? उव िधान अध्माऩक ने कशा कक इव वॊफॊध भें एक शी फात की जा वकती शै कक अफ फात को आगे न फढामा जामे. भें ऩशरे शी वाप कय दे ना चाशता शूॊ। कक धनुऴ का भुझे कुछ ऩता नशीॊ शै। क्मोंकक जफ बी स्कूर की कोई बी चीज टूटती शै तो वफवे ऩशरे भेये उऩय दोऴायोऩण आता शै। इविरए भैं िनलेदन ककमे दे ता शूॊ। िनयीषक तो शैयान यश गमा। उवने वोचा बी नशीॊ था कक कोई मश उत्तय दे गा। उवने िळषक की तयप दे खा। िळषक अऩना फेंत िनकार यशा था औय उवने कशा. िीक शी कशता शै िधान अध्माऩक। ककवी ने बी तोडा शो शभ िीक कयला दें गे विभित की तयप वे। आऩ पनजी चय लारे के मशाॊ िबजला दें औय िीक कयला रें । इवकी थचॊता कयने की जूदयत नशीॊ कक ककवने तोडा। वुधयलाने का उऩाम शोगा। आऩको वुधयलाने की जूदयत शै औय क्मा कयना शै ? लश स्कूर का इॊस्ऩेक्टय भुझवे मे वायी फातें कशता था। लश भुझवे ऩूछने रगा कक क्मा जस्थित शै मश? भैंने उववे कशा कक इवभे कुछ फडी जस्थित नशीॊ शै। भनुष्म की एक वाभान्म कभजोयी शै .सभाधध : अहं शून्मता. शभ चुऩचाऩ दे खते यशते शै। क्मोंकक कुछ बी फोरना खतयनाक शै। शडतार शो वकती शै। अनळन शो वकता शै। इविरए चुऩचाऩ दे खने के िवलाम कोई भागघ नशीॊ शै। लश इॊस्ऩेक्टय तो अलाक। लश तो आॊखे पाडे यश गमा। अफ कुछ कशने का उऩाम न था लश लशाॊ वे वीधा स्कूर की जो िळषा विभित थी उवके अध्मष के ऩाव गमा। औय उवने जाकय कशा कक मश शारत शै स्कूर की। याभ की कथा ऩढाई जाती शै। लशाॊ फच्चा कशता शै कक भैंने िळल का धनुऴ नशीॊ तोडा. जूदय इवी फदभाळ ने तोडा शोगा। इवकी शभेळा की आदत शै। औय अगय तूने नशीॊ तोडा था तो तूने खडे शोकय क्मों कशा कक भैंने नशीॊ तोडा शै ? औय उवने इॊस्ऩेक्टय वे कशा कक इवकी फातों भें भत आमें. िळषक कशता शै कक इवी ने तोडा शोगा. उव गाॊल के स्कूर भें िळषक याभ की कथा ऩढाता था। कयीफ-कयीफ वाये फच्चे वोमे शुए थे। याभ की कथा वन ु ते-वन ु ते फच्चे वो जामे. लशी इव कशानी भें िकट शोती शै। औय लश कभजोयी क्मा शै ? More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . मश रडका ळयायती शै। औय स्कूर भें वौ चीजें टूटे तो 99 मशीॊ तोडता शै। तफ तो लश िनयीषक औय बी शै यान शो गमा। कपय उवने कुछ बी लशाॊ कशना उथचत नशीॊ वभझा। लश वीधा िधान अध्माऩक के ऩाव गमा। जाकय उवने कशाॊ कक मे-मे घटना घटी शै। याभ की कथा ऩढाई जाती थी जजव कषा भें. शडतार शो वकती शै। आऩ क्मा कशते शै ? उव अध्मष ने कशा. एक छोटा वा गाॊल था. सभम-शून्मता े अनभबि भेये प्रिमा आत्भन. मे आ‍चमघ नशीॊ। क्मोंकक याभ की कथा वन ु ते वभम फढ ू े बी वोते शै। इतनी फाय वन ु ी जा चक ु ी शै जो फात उवे जाग कय वन ु ने का कोई अथघ बी नशीॊ यश जाता। फच्चे वोमे थे औय िळषक बी ऩढा यशा था। रेककन कोई बी उवे दे खता तो कश वकता था कक लश बी वोमा शुआ ऩढाता शै। उवे याभ की कथा कॊिस्थ थी। ककताफ वाभने खर ु ी थी। रेककन ककताफ ऩढने की उवे जूदयत न थी। उवे वफ माद था। मश मॊर की बाॊित कशे जाता था। ळामद शी उवे ऩता शो कक लश क्मा कश यशा शै। तोतों को ऩता नशीॊ शोता शै कक ले क्मा कश यशे शै। जजन्शोंने ळब्दों को कॊिस्थ कक िरमा शै. एक फच्चे ने शाथ ठशरामा औय खडे शोकय कशा. िधान अध्माऩक कशता शै कक जजवने बी तोडा शो फात को यपा-दपा कय दें । ळाॊत कय दें । इवे आगे फढाना िीक नशीॊ. षभा ककयमे। भुझे ऩता नशीॊ कक ककवने तोडा था। एक फात िनज‍चत शै कक भैं 15 ठदन वे छु्टी ऩय था। भैंने नशीॊ तोडा शै। औय इवके ऩशरे कक भेये ऩय इरजाभ रग जामे. क्मोंकक रडकों वे कुछ बी कशना खतया भोर रेना शै। ककवी षण बी शडतार शो वकती शै। अनळन शो वकता शै। अफ जजवने बी तोडा शोगा। आऩ कृऩा कयें औय फात फॊद कयें । कोई दो भशीने वे ळाॊित चर यशी शै स्कूर भें .

इविरए जो उत्तय शभ दे ते शै लश इतने शी भूखत घ ाऩूणघ शोते शै . रेककन ले वेक्व वॊफॊध कुछ जानते शै। इव रभ भें ऩडने का कोई कायण नशीॊ। वच तो मश शै कक वेक्व को कोई प्रलसान शी प्रलकिवत नशीॊ शो वका। वेक्व का कोई ळास्र िीक वे प्रलकिवत नशीॊ शो वका। क्मोंकक शय आदभी मश भानता शै कक शभ जानते शै। ळास्र की जूदयत क्मा शै। प्रलसान की जूदयत क्मा शै। औय भैं आऩवे कशता शूॊ कक इववे फडे दब ु ाघग्म की औय कोई फात नशीॊ शै क्मोंकक जजव ठदन वेक्व का ऩयू ा ळास्र औय ऩूया प्रलचाय औय ऩयू ा प्रलसान प्रलकिवत शोगा उव ठदन शभ बफरकुर नमे तयश के आदभी को ऩैदा कयने भें वभथघ शो वकते शै। कपय मश कुूदऩ औय अऩॊग भनष्ु म ऩैदा कयने की जूदयत नशीॊ शै। मश ूदग्ण औय योते शुए औय उदाव आदभी ऩैदा कयने की कोई जूदयत नशीॊ शै। मश ऩाऩ औय अऩयाध वे बयी शुई वॊतित को जन्भ दे ने की जूदयत नशीॊ शै। रेककन शभें कुछ बी ऩता नशीॊ शै। शभ िवपघ फटन दफाना औय फुझाना जानते शै औय उवी वे शभने वभझ िरमा शै कश शभ बफजरी के जानकाय शो गमे शै। वेक्व के वॊफॊध भें ऩूयी जजॊदगी फीत जाने के फाद बी आदभी इतना शी जानता शै के फटन दफाना औय फुझाना इववे ज्मादा कुछ बी नशीॊ। रेककन चूॊकक मश रभ शै कक शभ वफ जानते शै. रेककन उववे मश कोई भतरफ नशीॊ शोता शै कक लश काय के बीतय के मॊर औय भळीन औय उवकी व्मलस्था. उव वॊफॊध भें बी शभ ऐवी घोऴणा कयना चाशते शै कक शभ जानते शै। लश कोई बी कुछ नशीॊ जानते थे कक िळल का धनुऴ क्मा शै ? क्मा उथचत न शोता कक लश कश दे ते कक शभें ऩता नशीॊ शै कक िळल का धनुऴ क्मा शै। रेककन अऩना असान कोई बी स्लीकाय नशीॊ कयना चाशता शै। भनुष्म जाित के इितशाव भें इववे फडी कोई दघ घ ना नशीॊ घटी शै कक शभ अऩना असान स्लीकाय कयने को याज़ी नशीॊ शोते। जीलन के ु ट ककवी बी ि‍न के वॊफॊध भें कोई बी आदभी इतनी ठशम्भत औय वाशव नशीॊ ठदख ऩाता शै। कक भुझे नशीॊ ऩता शै। मश कभजोयी फशुत घातक िव्ध शोती शै। वाया जीलन व्मथघ शो जाता शै। औय चूॊकक शभ मश भानकय फैि जाते शै कक शभ जानते शै . जजनके आधाय ऩय जीलन की वायी गित औय ठदळा िनबघय शै . रेककन इवे वभझ रेना जूदयी शै। आऩ वेक्व के अनुबल वे गूजयें शोंगे। रेककन वेक्व के वॊफॊध भें आऩ इतना शी जानते शै कक जजतना छोटा वा फच्चा जानता शै। उववे ज्मादा कुछ बी नशीॊ जानते शै। अनुबल वे गुजय जाना जान रेने के िरए ऩमाघप्त नशीॊ शै। एक आदभी काय चराता शै लश काय चराना जानता शै औय शो वकता शै शजायों भीर काय चराकय लश आ गमा शो. उव ठदन भनुष्म जाित सान के एक बफरकुर नमे जगत भें िप्रलजष्ट शो जामेगी। अबी शभने ऩदाथघ की थोडी फशुत खोजफीन की शै औय दिु नमा कशाॊ वे कशाॊ ऩशुॊच गई। जजव ठदन शभ चेतना के जन्भ की िकरम मा औय कीिभमा को वभझ रें गे. इतनी दख ु .इतनी थचन्ता। मशी फात भैं वेक्व के वॊफॊध भें आऩवे कशना चाशता शूॊ कक शभ कुछ बी नशीॊ जानते शै। आऩ फशुत शै यान शोंगे। आऩ कशें गे कक शभ मश भान वकते शै कक ई‍लय के वॊफॊध भें कुछ नशीॊ जानते. इतनी िनयाळ. ऩत्नी शै। शभ वेक्व के वॊफॊध भे नशीॊ जानते शै ? रेककन भैं आऩवे िनलेदन कयना चाशता शूॊ कक मश फशुत कठिन ऩडेगा.आत्भा के वॊफॊध भें कुछ नशीॊ जानते. उवके काभ कयने के ढॊ ग के वॊफॊध भें कुछ बी जानता शो। लश कशा वकता शै कक भैं शजाय भीर चर कय आमा शूॊ काय वे। भैं नशीॊ जानता शूॊ काय के वॊफॊध भें ? रेककन काय चराना एक ऊऩयी फात शै औय काय की ऩूयी आॊतकयक व्मलस्था को जानना बफरकुर दव ू यी फात शै। एक आदभी फटन दफाता शै औय बफजरी चर जाती शै। लश आदभी मश कश वकता शै कक भैं बफजरी के वॊफॊध भें वफ जानता शूॊ। क्मोंकक भें फटन दफाता शूॊ औय बफजरी जर जाती शै। फटन दफाता शूॊ बफजरी फुझ जाती शै। भैंने शजाय दपा बफजरी जरामी इविरए भैं बफजरी के वफॊध भें वफ जानता शूॊ शभ कशें गे कक लश ऩागर शै फटन दफाना औय बफजरी जरा रेना औय फुझा रेना फच्चें बी कय वकते शै। इवके िरए बफजरी के सान की कोई जूदयत नशीॊ शै। फच्चे कोई बी ऩैदा वकता शै। वेक्व को जानने वे इवका कोई वॊफॊध नशीॊ शै। ळादी कोई बी कय वकता शै। ऩळु बी फच्चे ऩैदा कय यशे शै. जजतने उव स्कूर भें ठदमे गमे थे—फच्चों वे रेककय अध्मष तक। जजवका शभें ऩता नशीॊ शे उवका उत्तय दे ने की कोिळळ िवलाम भढ ू ता के औय कशीॊ बी नशीॊ रे जामेगी। कपय मश तो शो बी वकता शै िळल का धनऴ ु ककवने तोडा मा न तोडा1 इववे जीलन को कोई गशया वॊफॊध नशीॊ शै रेककन जजन ि‍नों के जीलन वे फशुत गशये वॊफॊध शै जजनके आधाय ऩय वाया जीलन वन् ु दय फनेगा मा कुूदऩ शो जामेगा। स्लस्थ फनेगा मा प्रलषियषप्त शो जामेगा. इविरए इव वॊफॊध भें कोई ळोध कोई खोज कोई प्रलचाय कोई थचॊतन को कोई उऩाम नशीॊ शै। औय इवी रभ के कायण कक शभ वफ जानते शै। शभ ककवी वे न कोई फात कयते शै न प्रलचाय कयते शै . उन ि‍नों के वॊफॊध भें बी शभ मश बाल ठदखराने की कोिळळ कयते शै कक शभ जानते शै। औय कपय जो शभ जीलन भें उत्तय दे ते शै लश फता दे ते शै कक शभ ककतना जानते शै। एक-एक आदभी की जजन्दगी फता यशी शै कक शभ जजॊदगी के वॊफॊध भें कुछ बी नशीॊ जानते शै—अन्मथा इतनी अवपरता. उव ठदन शभ भनुष्म को कशाॊ वे कशाॊ ऩशुॊचा दें गे। इवको More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . न वोचते शै। क्मोंकक जफ वबी को वफ ऩता शै तो जूदयत क्मा शै ? औय भैं आऩ वे कशना चाशता शूॊ कक जीलन भें औय जगत भें वेक्व के अणु को बी ऩूयी तयश जान वकेंगे.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi लश कभजोयी मश शै कक जजव वॊफॊध भें शभ कुछ बी नशीॊ जानते शै . रेककन शभ मश कैवे भान वकते शै कक शभ काभ के मौन के औय वैक्व के वॊफॊध भें कुछ नशीॊ जानते? वफूत शै—शभाये फच्चे ऩैदा शुए शै.

आ‍चमघजनक रगी शै। एक िभर ने रौटते शी भुझे कशा मश तो भेये ख्मार भें बी न था। रेककन ऐवा शुआ शै। एक फशन ने आज भुझे आकय कशा. तो वॊबोग के षणों को ककतना शी रॊफा ककमा जा वकता शै। औय वॊबोग के षण जजतने रॊफे शोंगे. रेककन भुझे तो इवका कोई अनुबल नशीॊ शै आऩ कशते शै कक इतनी भुझे ख्मार आता शै कक भन थोडा ळाॊत औय भौन शोता शै। रेककन भुझे अशॊकाय ळन् ू मता का मश ककवी औय गशये अनुबल का कोई बी ऩता नशीॊ। शो वकता शै अनेकों को इव वॊफॊध भें प्रलचाय भन भें उिा शो। उव वॊफॊध भें थोडी वी फातें ओय गशयाई वे स्ऩष्ट कय रेना जूदयी शै। ऩशरी फात भनुष्म जन्भ के वाथ शी वॊबाग के ऩूये प्रलसान को जानता शुआ ऩैदा नशीॊ शोता शै। ळामद ऩ् ृ ली ऩय फशुत थोडे वे रोग अनेक जीलन के अनुबल के फाद वॊबोग की ऩूयी की ऩूयी करा औय ऩूयी की ऩूयी प्रलथध औय ऩूया ळास्र जानने भें वभथघ शो ऩाते शै। औय मे शी ले रोग शै। जो ब्रह्भचमघ को उऩरब्ध शो जाते शै। क्मोंकक जो व्मजक्त वॊबोग को ऩूयी तयश वे जानने भें वभथघ शो जाता शै . रेककन कैवे? कुछ थोडे वे वूर आऩको कशता शूॊ। उन्शें थोडा ख्मार भें यखें गे तो ब्रह्भचमघ की तयप जाने भें फडी मारा वयर शो जामेगी। वॊबोग कयते षणों भें षणों ‍लाव जजतनी तेज शोगी। वॊबोग का कार उतना शी छोटा शोगा। ‍लाव जजतनी ळाॊत औय िळथथर शोगी। वॊबोग का कार उतना शी रॊफा शो जामेगा। अगय ‍लाव को बफरकुर िळथथर कयने का थोडा अभ्माव ककमा जामे. उतने शी वॊबोग के बीतय वे वभाथध का जो वूर भैंने आऩवे कशा शै— िनयशॊकाय बाल. मश वुर उऩरब्ध शुआ शै कक अगय वॊबोग एक िभनट तक रुकेगा तो आदभी दव ू ये ठदन कपय वॊबोग के िरए रारािमत शो जामेगा। अगय तीन िभनट तक ूदक वके तो मश वप्ताश तक उवे वेक्व की लश माद बी नशीॊ आमेगी। औय अगय वाभ िभनट तक ूदक वके तो तीन भशीने के िरए वेक्व वे इव तयश भुक्त शो जामेगा कक उवकी कल्ऩना भें बी प्रलचाय िप्रलष्ट नशीॊ शोगा। औय अगय तीन घॊटे तक ूदक वके तो जीलन बय के िरए भुक्त शो जामेगा। जीलन भें उवको कल्ऩना बी नशीॊ उिे गी। रेककन वाभान्मत: षण बय का अनब ु ल शै भनष्ु म का। तीन घॊटे की कल्ऩना कयनी बी भजु ‍कर शै। रेककन भैं आऩवे कशता शूॊ के तीन घॊटे अगय वॊबोग की जस्थित भें. इविरए शभें ऩता शै— क्मा शै काभ. उवके वॊफॊध भें कोई फात बी नशीॊ की जाती। आदभी जीलन बी वॊबोग वे गुजयता शै औय अॊत तक बी नशीॊ जान ऩाता शै कक क्मा था वॊबोग। औय जफ भैंने ऩशरे ठदन आऩवे कशा कक ळन् ू म का—अशॊकाय ळन् ू मता का. ऩळओ ु ॊ का फॊधा शुआ वभम शै। उनकी ऋतु शै। उनके भौवभ शै। आदभी का कोई फॊधा शुआ वभम नशीॊ शै। क्मों? ऩळु ळामद भनुष्म वे ज्मादा वॊबोग की गशयाई भें उतयने भें वभथघ शै औय भनुष्म उतना बी वभथघ नशीॊ यश गमा शै। जजन रोगों ने जीलन के इन तरों ऩय फशुत खोज की शै औय गशयाइमों भें गमे शै औय जजन रोगों ने जीलन के फशुत वे अनुबल वॊग्रशीत ककमे शै। उनको मश जानना. क्मा उन्शें वभाथध का अनुबल नशीॊ शुआ शोगा। भेये फाफत ऩछ ू ा शै कक भैंने तो प्रललाश नशीॊ ककमा. उव वभाथध की दळा भें लमजक्त ूदक जामे तो एक वॊबोग ऩूये जीलन के िरए वेक्व वे भुक्त कयने के िरए ऩमाघप्त शै। इतनी तजृ प्त ऩीछे छोड जाता शै —इतनी अनुबल. ऩशरी फात स्ऩष्ट कय रेनी जूदयी शै लश शम कक मश रभ छोड दे ना चाठशए कक शभ ऩैदा शो गमे शै. न फात की शै। कोई वॊलाद बी नशीॊ शुआ जीलन भें —कक अनुबली रोग उव ऩय वॊलाद कयते औय प्रलचाय कयते शभ बफरकुर ऩळओ ु ॊ वे बी फदतय शारत ऩय शै। उव जस्थित भें शै। आऩ कशें गे कक एक षण वे तीन घॊटे तक वॊबोग की दळा िशय वकती शै . न प्रलचाय ककमा शै। न वोचा शै.इतनी फोध छोड जाता शै कक जीलन बय के िरए ऩमाघप्त शो जाता शै। एक वॊबोग के फाद व्मजक्त ब्रह्भचमघ को अऩरब्ध शो वकता शै। रेककन शभ तो जीलन बी वॊबोग के फाद बी उऩरब्ध नशीॊ शोते। क्मा शै? फूढा शो जाता शै आदभी भयने के कयीफ ऩशुॊच जाता शै औय वॊबोग की काभना वे भुक्त नशीॊ शोता। वॊबोग की करा औय वॊबोग के ळास्र को उवने वभझा नशीॊ शै। औय न कबी ककवी ने वभझामा शै. भैं तो फार ब्रह्भचायी शूॊ भझ ु े वभाथध का अनब ु ल नशीॊ शुआ शोगा। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . फजल्क अगरे जन्भ के िरए बी। ककन्शीॊ एक फशन ने ऩर िरखा शै औय भुझे ऩूछा शै कक प्रलनोफा तो फार ब्रह्भचायी शै . वॊबोग के षण भें ध्मान दोनों आॊखों के फीच.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi आज कशना कठिन शै। रेककन एक फात िनज‍चत कशीॊ जा वकती शै कक काभ की ळजक्त औय काभ की िकरम मा जीलन औय जगत भें वलाघथधक यशस्मऩूणघ वलाघथधक गशयी वफवे भूल्मलान फात शै। औय उवके वॊफॊध भें शभ बफरकुर चुऩ शै। जो वलाघथधक भूल्मलान शै. उव के िरए वॊबोग व्मथघ शो जाता शै। लश उव के ऩाव िनकर जाता शै। लश उव का अितरम भण कय जाता शै। रेककन इव वॊफॊध भें कुछ फशुत स्ऩष्ट फातें नशीॊ कशी गई शै। एक फात. प्रलचायळन् ू मता का अनुबल शोगा। तो अनेक िभरों को मश फात अनशोनी. क्मा शै वॊबोग। नशीॊ ऩता नशीॊ शै। औय नशीॊ ऩता शोने के कायण जीलन ऩूये वभम काभ औय वेक्व भें उरझा यशता शै औय व्मतीत शोता शै। भैंने आऩवे कशा. जशाॊ मोग आसा चरम को फताता शै। लशाॊ अगय ध्मान शो तो वॊबोग की वीभा औय वभम तीन घॊटे तक फढामा जा वकता शै। औय एक वॊबोग व्मजक्त को वदा के िरए ब्रह्भचमघ भें िितजष्ित कय दे गा—न केलर एक जन्भ के िरए. इगोरेवनेव औय टाइभरेवनेव का अनुबल ळूद ु शो जामेगा। ‍लाव अत्मॊत िळथथर शोनी चाठशए। ‍लाव के िळथथर शोते शी वॊबोग की गशयाई अथघ औय उदघाटन ळूद ु शो जामेंगे। औय दव ु यी फात.

चाशे प्रऩछरे जन्भ का शो—जो इव जन्भ भें ब्रह्भचमघ को उऩरब्ध शोता शै . जरन भें थचन्ता के षणों भें कबी बी वेक्व के ऩाव न More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उतनी शी वॊबोग की गशयाई अऩने आऩ फढ जामेगी। औय जजतनी श्राल िळथथर शोगी. उतनी रम्फाई फढ जामेगी। औय आऩको ऩशरी दपा अनब ु ल शोगा कक वॊबोग का आकऴघण नशीॊ शै भनुष्म के भन भें । भनुष्म के भन भें वभाथध का आकऴघण शै। औय एक फाय उवकी झरक िभर जाए. लश चाशे दे खे औय चाशे न दे खे। लश गॊदे भकान के बीतय शी शै औय बीतय शी यशे गा। जजवको शभ ब्रह्भचायी कशते शै। तथाकथथत जफय दस्ती थोऩे शुए ब्रह्भचायी.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi उव फशन को अगय लश मशाॊ भौजूद शों तो भैं कशना चाशता शूॊ। प्रलनोफा को मा भुझे मा ककवी को बी बफना अनुबल के ब्रह्भचमघ उऩरब्ध नशीॊ शोता। लश अनुबल चाशे इव जन्भ का शो. लश प्रऩछरे जन्भों के गशये वॊबोग के अनब ु ल के आधाय ऩय औय ककवी आधाय ऩय नशीॊ। कोई औय यास्ता नशीॊ शै। रेककन अगय प्रऩछरे जन्भ भें ककवी को गशये वॊबोग की अनुबूित शुई शो ता इव जन्भ के वाथ शी लश वेक्व वे भुक्त ऩैदा शोगा। उवकी कल्ऩना के भागघ ऩय वेक्व कबी बी खडा नशीॊ शोगा औय उवे शैयानी दव ू ये रोगों को दे खकय कक मश क्मा फात शै। रोग क्मों ऩागर शैं. ले वेक्व के भकान के बीतय उतने शी शै जजतना की कोई बी वाधायण आदभी शै। आॉख फॊद ककमे फैिे शै . ईष्माघ भें . उडते शुए ऩषियषमों को। औय तफ उवे उव घय के फशाय िनकरने भें कठिनाई नशीॊ यश जामेगी। जजव ठदन आदभी को वॊबोग के बीतय वभाथध का ऩशरी थोडी वश बी अनुबूित शोती शै उवी ठदन वेक्व का गॊदा भकान वेक्व की दीलारें अॊधेये वे बयी शुई व्मथघ शो जाती शै आदभी फाशय िनकर जाता शै। रेककन मश जानना जूदयी शै कक वाधायणतमा शभ उव भकान के बीतय ऩैदा शोते शै। जजवकी दीलारें फॊद शै। जो अॊधेये वे ऩत ू ी शै। जशाॊ फदफू शै जशाॊ दग िं शै औय इव भकान के बीतय शी ऩशरी दफा भकान के फाशय का अनब ु ध ु ल कयना जूदयी शै. क्मों दीलाने शै? उवे कठिनाई शोगी मश जाॊच कयने भें कक कौन स्री शै. आऩ आॉख खोरे शुए फैिे शै. इतना शी पकघ शै। जो आऩ आॉख खोरकय कय यशे शै . तबी शभ फशाय जा वकते शै। औय इव भकान को छोड वकते शै। जजव आदभी ने खखडकी नशीॊ खोरी उव भकान की औय उवी भकान के कोने भें आॉख फॊद कयके फैि गमा शै कक भैं इव गॊदे भकान को नशीॊ दे खग ॉू ा. उव गशयाई के िरए—‍लाव िळथथर शो इतनी िळथथर शो कक जैवे चरती शी नशीॊ औय ध्मान. लश आॉख फॊद कय के बीतय कय यशे शै। जो आऩ ळयीय वे कय यशे शै। ले भन वे कय यशे शै। औय कोई पकघ नशीॊ शै। इविरए भैं कशता शूॊ कक वॊबोग के िित दब ु ाघल छोड दे । वभझने की चेष्टा. िवपघ ऩागर शो जामेगा। जो रोग जफयदस्ती ब्रह्भचमघ थोऩने की कोिळळ कयते शै .िमोग कयने की चेष्टा कयें औय वॊबोग को एक ऩप्रलरता की जस्थित दे । भैंने दो वर ू कशे । तीवयी एक बाल दळा चाठशए वॊबोग के ऩाव जाते वभम। लैवा बाल-दळा जैवे कोई भॊठदय के ऩाव जा यशा शै। क्मोंकक वॊबोग के षण भें शभ ऩयभात्भा के िनकटतभ शोते शै। इवीिरए तो वॊबोग भें ऩयभात्भा वज ृ न का काभ कयता शै। औय नमे जीलन को जन्भ दे ता शै। शभ करम एटय के िनकटतभ शोते शै। वॊबोग की अनुबिू त भें शभ वष्ृ टा के िनकटतभ शोते शै। इवीिरए तो शभ भागघ फन जाते शै। औय एक नमा जीलन शभवे उतयता शै। औय गितभान शो जाता शै। शभ जन्भदाता फन जाते शै। क्मों? वष्ृ टा के िनकटतभ शै लश जस्थित। अगय शभ ऩप्रलरता वे िाथघना वे वेक्व के ऩाव जामें तो शभ ऩयभात्भा की झरक को अनब ु ल कय वकते शै। रेककन शभ तो वेक्व के ऩाव घण ु ाघल एक कॊडेभनेळन के वाथ जाते शै। इविरए दीलार खडी शो जाती शै। औय ृ ा एक दब ऩयभात्भा का मशाॊ कोई अनुबल नशीॊ शो ऩाता शै। वेक्व के ऩाव ऐवे जाऐॊ. लश प्रलषियषप्त शोते शै औय कशीॊ बी नशीॊ ऩशुॊचते। ब्रह्भचमघ थोऩा नशीॊ जाता। लश अनुबल की िनष्ऩित शै। लश ककवी गशये अनुबल का पर शै। औय लश अनुबल वॊबोग का शी अनुबल शै। अगय लश अनुबल एक फाय बी शो जाए तो अनॊत जीलन की मारा के िरए वेक्व वे भुजक्त शो जाती शै। तो दो फातें भैंने कशीॊ. वायी अटैंळन आसा चरम के ऩाव शो। दोनों आॊखों के फीच के बफन्द ु ऩय शो। जजतना ध्मान भजस्तष्क के ऩाव शोगा. जैवे की लश िबु शै। ऩित को ऐवा वभझें कक जैवे कक लश ऩयभात्भा शै। औय गॊदगी भें रम ोध भें किोयता भें ्लेऴ भें. जैवे की भॊठदय के ऩाव जा यशे शै। ऩत्नी को ऐवा वभझें. कौन ऩुूदऴ शै? इवका बी ठशवाफ यखने भें औय पावरा यखने भें कठिनाई शोगी। रेककन कोई अगय वोचता शो कक बफना गशये अनब ु ल के कोई फार ब्रह्भचायी शो वकता शै। तो फार ब्रह्भचायी नशीॊ शोगा. एक फाय बफजरी चभक जामे औय शभें ठदखाई ऩड जामे अॊधेये भें कक यास्ता क्मा शै कपय शभ यास्ते ऩय आगे िनकर वकते शै। एक आदभी एक गॊदे घय भें फैिा शै। दीलारें अॊधेयी शै ओय धुएॉ वे ऩूती शुई शै। घय फदफू वे बया शुआ शै। रेककन खखडकी खोर वकता शै। उव गॊदे घय की खखडकी भें खडे शोकय लश दे ख वकता शै दयू आकाळ को तायों को वूयज को.

आइवोरेट शो गमा शूॊ। अरग शो गमा शूॊ। भैं लाऩव जुड जाऊॉ जीलन वे। रेककन इव जुडने का गशये वे गशया अनुबल भनुष्म को वेक्व के अनब ु ल भें शोता शै। स्री औय ऩुूदऴ को शोता शै। लश ऩशरा अनुबल शै जड ु जाने का। औय जो व्मजक्त इव जुड जाने के अनुबल को—िेभ की प्माव. वाधु बी जुडता शै। वॊत बी जुडता शै. उदाव शाये शुए जामेगे. जुडने की आकाॊळा के अथघ भें वभझेगा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जामें। शोता उरटा शै। जजतना आदभी थचजन्तत शोता शै। जजतना ऩये ळान शोता शै। जजतना रम ोध वे बया शोता शै। जजतना घफयामा शोता शै.दो व्मजक्त अिनलामघता: दो अरग-अरग व्मजक्त शै। ले जफयदस्ती षण बी को िभर वकते शै। रेककन वदा के िरए नशीॊ िभर वकते। मशी िेिभमों की ऩीडा औय कष्ट शै कक िनयॊ तय एक वॊघऴघ खडा शो जाता शै। जजवे िेभ कयते शै . वाये दाॊऩत्म का. मशीॊ कष्ट शै . अळाॊित औय ्लेऴ खडा शो जाता शै। क्मोंकक ऐवा ितीत शोने रगता शै। जजववे भैं िभरना चाशता शूॊ. अऩूदटे ड शो जाता शै। लश वाये जीलन औय जगत वे एक अथघ भें टूट गमा। अरग शो गमा। अफ उवकी वायी ऩुकाय औय वाये िाण की आकाॊळा जगत औय जीलन औय अजस्तत्ल वे. वाये िेभ का कक जजववे शभ जुडना चाशते शै। उववे बी वदा के िरए नशीॊ जड ु ऩाते। षण बय को जड ु ते शै औय कपय पावरे शो जात शै। पावरे ऩीडा दे ते शै। पावरे कष्ट दे ते शै। औय िनयॊ तय दो िेभी इवी ऩीडा भें ऩये ळान यशते शै। कक पावरा क्मों शै। औय शय चीज कपय धीये -धीये ऐवी भारभ ू ऩडने रगती शै कक दव ू या पावरा फना यशा शै। इवीिरए दव ू ये ऩय रम ोध ऩैदा शोना ळूद ु शो जाता शै। रेककन जो जानते शै. एजग्ज़वटैंव वे लाऩव जुड जाने की शै। उवी ऩुकाय का नाभ िेभ औय प्माव शै। िेभ का औय अथघ क्मा शै ? शय आदभी चाश यशा शै कक भैं िेभ ऩाऊॉ औय िेभ कूदॊ। िेभ का भतरफ क्मा शै? िेभ का भतरफ शै कक भैं टुट गमा शूॊ. ले मश कशें गे. रम ोध भें रडे शुए जामेंगे। तफ आऩ कबी बी वेक्व की उव गशयी अनुबूित को उऩरब्ध नशीॊ कय ऩामेंगे। जजवका की िाणों भें प्माव शै। लश वभाथध की झरक लशाॊ नशीॊ िभरेगी। रेककन मशाॊ उरटा शोता शै। भेयी िाथघना शै जफ आनॊद भें शों. तबी षण शै—तबी षण शै वॊबोग के िनकट जाने का। औय लैवा व्मजक्त वॊबोग वे वभाथध को उऩरब्ध शोता शै। औय एक फाय बी वभाथध की एक ककयण िभर जामे। तो वॊबोग वे वदा के िरए भुक्त शो जाता शै। औय वभाथध भें गितभान शो जाता शै। स्री औय ऩूद ु ऴ का िभरन एक फशुत गशया अथघ यखता शै। स्री औय ऩूद ु ऴ के िभरन भें ऩशरी फाय अशॊकाय टूटता शै औय शभ ककवी वे िभरते शै। भाॊ के ऩेट वे फच्चा िनकरता शै औय ठदन यात उवके िाणों भें एक शी फात रगी यशती शै जैवे की शभने ककवी लष ृ को उखाड िरमा जभीन वे। उव ऩूये लष ृ के िाण तडऩते शै कक जभीन वे कैवे जुड जामे। क्मोंकक जभीन वे जुडा शुआ शोकय शी उवे िाण िभरता था। यव िभरता था जीलन िभरता था। व्शाइटािरटी िभरती थी। जभीन वे उखड गमा तो उवकी वायी जडें थचल्रामे गी कक भझ ु े जभीन भें लाऩव बेज दो। उवका वाया िाण थचल्रामे गा कक भुझे जभीन भें लाऩव बेज दो। लश उखड गमा टूट गमा। अऩूदटे ड शो गमा। आदभी जैवे शी भाॊ के ऩेट वे फाशय िनकरता शै. वभाथधस्थ व्मजक्त बी जुडता शै। वॊबोगी बी जुडता शै। वॊबोग कयने भें दो व्मजक्त जुडते शै। एक व्मजक्त दव ू ये वे जुडता शै औय एक शो जाता शै। वभाथध भें एक व्मजक्त वभजष्ट वे जुडता शै औय एक शो जाता शै। वॊबोग दो व्मजक्तमों के फीच िभरन शै। वभाथध एक व्मजक्त औय अनॊत के फीच िभरन शै। स्लबालत: दो व्मजक्त का िभरन षण बय को शो वकता शै। एक व्मजक्त औय अनॊत का िभरन अनॊत के िरए शो वकता शै। दोनों व्मजक्त वीिभत शै। उनका िभरन अवीभ नशीॊ शो वकता। मशी ऩीडा शै . उवी वे तनाल. जजतना एॊजग्लळ भें शोता शै। उतना शी ज्मादा लश वेक्व के ऩाव जाता शै। आनॊठदत आदभी वेक्व के ऩाव नशीॊ जाता। दे खी आदभी वेक्व की तयप जाता शै। क्मोंकक दख ु को बुराने के िरए इवको एक भौका ठदखाई ऩडता शै। रेककन स्भयण यखें कक जफ आऩ द्ु ख भें जामेंगे.लश आदभी एक दव ू ये अनुबल को बी ळीध्र उऩरब्ध शो वकता शै। मोगी जुडता शै . थचॊता भें जामेंगे. ळामद लश िभरने को तैमाय नशीॊ। इविरए िभरना ऩूया नशीॊ शो ऩाता। रेककन इवभें व्मजक्तमों का कवूय नशीॊ शै। दो व्मजक्त अनॊत कारीन तर ऩय नशीॊ िभर वकते। शभ षण के िरए िभर वकते शै। क्मोंकक वीिभत शै। उनके िभरने का षण बी वीिभत शोगा। अगय अनॊत िभरन चाठशए तो लश ऩयभात्भा वे शो वकता शै। लश वभस्त अजस्तत्ल वे शो वकता शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उवी वे वॊघऴघ कयते शै . जफ िपुजल्रत शों औय जफ िाण ‘िेमय पुर’ शों। जफ ऐवा भारभ ु ऩडे कक आज ह्रदम ळाॊित वे औय आनॊद वे कृतसता वे बया शुआ शै . जफ िेभ भें शों.

प्रलधामक औय नकायात्भक दो छोय शै। उन दोनों के िभरन वे एक वॊगीत ऩैदा शोता शै। प्रल्मुत का ऩूया चरम ऩैदा शोता शै। भैं आऩवे मश बी कशना चाशता शूॊ। कक अगय गशयाई औय दे य तक वॊबोग जस्थय यश जामें तो दो जोडा…. उन्शें ऩता चरता शै. ऩीि पेय कय जी रेते शै। उवकी स्लीकृित नशीॊ शभाये भन भें.स्री औय ऩुूदऴ का एक जोडा अगय आधे घॊटे के ऩाव तक वॊबोग भें यश जामे तो दोनों के ऩाव िकाळ का एक प्रलरम. वॊबोग अव वीढी का ऩशरा वोऩान शै. औय मे फातें अजीफ भारूभ शोती शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . एक मारा शै . कैवे प्रलचाय कये गा उवी षण बय के वख ु को ऩाने के िरए? तफ लश वख ु द्ु ख जैवा ितीत शोता शै। तफ लश वुख ऩागरऩन जैवा ितीत शोता शै। तफ लश वुख ळजक्त का अऩव्मम ितीत शोता शै . एक दीमे वे वयू ज को तौरा जा वकता शै। क्मोंकक दीमा बी वीिभत शै औय वयू ज बी वीिभत शै। दीमे भें एक कैं डर का राइट शै तो अयफों-खयफों कैं डर का राइट शोगा वयू ज भें । रेककन वीभा आॊकी जा वकती शै. ऩशरे उव दीमे की शल्की वी योळनी को जो षण बय भें जीती शै. औय अबीप्वा बीतय ऩैदा की जा वके। वॊगीत के छोटे वे अनुबल वे शी ऩयभ वॊगीत की तयप जामा जा वकता शै। िकाळ के छोटे वे अनुबल वे अनॊत िकाळ की तयप जामा जा वकता शै। एक फूॊद को जान रेना ऩूये वागय को जान रेने के िरए ऩशरा कदभ शै। एक छोटे वे अणु को जानकय शभ ऩदाथघ की वायी ळजक्त को जान रेते शै। वॊबोग का एक छोटा वा अणु शै. उवे कपय बी नशीॊ तौरा जा वकता। क्मोंकक वॊबोग अत्मॊत षखणक दो षुि व्मजक्तमों का िभरन शै औय वभाथध फूॊद का अनॊत के वागय वे िभर जाना शै। उवे कोई बी नशीॊ तौर वकता। उवे तौरने का कोई बी उऩाम नशीॊ शै। उवे……कोई भागघ नशीॊ कक शभ जाॉचे कक लश ककतना शोगा। इविरए जफ लश उऩरब्ध शोता शै.कैवी ितीित शोगी। जैवे एक घय भें दीमा जर यशा शो औय उव दीमे वे शभ ठशवाफ रगाना चाशें कक वूयज की योळनी भें ककतने दीमे जर यशे शै। ठशवाफ रगाना फशुत भुिळकर शै। एक ठदमा फशुत छोटी फात शै। वूयज फडी फात शै। वूयज ऩ् ृ ली वे वाि शजाय गुणा फडा शै। दव कयोड भीर दयू शै। तफ बी शभें तऩाता शै। तफ बी शभें झुरवा दे ता शै। उतने फडे वूयज को एक छोटे वे दीमे वे शभ तौरने जामें तो कैवे तोर वकेंगे? रेककन नशीॊ. दोनों के ऩाव िकाळ का एक घेया िनिभघत शो जाता शै। दोनों की प्रल्मुत जफ ऩूयी तयश िभरती शै तो आवऩाव अॊधेये भें बी योळनी ठदखाई ऩडने रगती शै। कुछ अ्बत ु खोजी मों ने इव ठदळा भें काभ ककमा शै। औय पोटोग्राप बी िरए शै। जजव जोडे को उव प्रल्मुत का अनुबल उऩरब्ध शो जाता शै। दोनों की प्रल्मुत जफ ऩुयी तयश वे िभरती शै। लश जोडा वदा के िरए वॊबोग वे फशाय शो जाता शै। रेककन मश शभाया अनुबल नशीॊ शै. जजव ठदन आदभी इव प्रलथध को जान ऩामेगा. फोध वे ऩैय यखना जूदयी शै। इविरए नशीॊ कक शभ उवी ऩय रुके यश जामें। फजल्क इविरए कक शभ उव ऩय ऩैय यखकय आगे िनकर जा वकें। रेककन भनुष्म जाित के वाथ एक अदबुत दघ घ ना शो गमी। जैवा भैंने कशा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जो रोग वॊबोग की गशयाई भें उतयते शैं. उव ठदन शभ दव ू ये तयश के भनुष्म को ऩैदा कयने भें वभथघ शो जामेगे। भैं इव वॊदबघ भें आऩवे मश कशना चाशता शूॊ कक स्री औय ऩूद ु ऴ दो िनगेठटल ऩोल्व शै. ऩशरा ऩामा शै। औय जो इव ऩामे के शी प्रलयोध भें जाते शै. कपय कशाॊ काभना? जफ इतना अनॊत िभर गमा तफ कोई कैवे वोचेगा. अवॊतोऴ. ले आगे नशीॊ फढ ऩाते। मश भैं आऩवे कश दे ना चाशता शूॊ. प्रल्मत ु के—ऩाजीठटल औय िनगेठटल. एक षण िभरन का इतना आनॊद शै. औय ब्रह्भचमघ वशज पिरत शो जाता शै। रेककन वॊबोग औय वभाथध के फीच एक वेतु शै. तौरी जा वकती शै। रेककन वॊबोग भें जो आनॊद शै औय वभाथध भें जो आनॊद शै.लश ऩशरे ऩामे के प्रलयोध भें शो गमा शै। औय अॊितभ ऩामे ु ट ऩय ऩशुॊचना चाशता शै। उवे ऩशरे ऩामे का शी अनुबल नशीॊ. उवे दीमे का बी अनब ु ल नशीॊ औय लश वूयज के अनुबल की आकाॊळा कयता शै। मश कबी बी नशीॊ शो वकता। जो दीमा िभरा शै िकृित की तयप वे ऩशरे उव दीमे की योळनी को वभझ रेना जूदयी शै. एक भागघ शै। वभाथध जजवका अॊितभ छोय शै आकाळ भें जाकय. स्लीकाय नशीॊ शभाये भन भें । आनॊद औय अशो बाल वे उवके जानने औय जीने औय उवभें िलेळ कयने की कोई प्रलथध नशीॊ शभाये शाथ भें । भैंने जैवा आऩ वे कशा. तो अनॊत कार के िरए िभर जाने का ककतना आनॊद शोगा। उवका तो ठशवाफ रगाना भुज‍कर शोगा। एक षण िभरन की इतनी अ्बुत ितीित शै तो अनॊत वे िभर जाने की ककतनी ितीित शोगी. औय फुझ जाती शै। जया वा शला का झोंका जजवे िभटा दे ता शै। उव योळनी को बी जान रेना जूदयी शै। ताकक वूयज की आकाॊळा की जा वके। ताकक वूयज तक ऩशुॊचने के िरए कदभ उिामा जा वके. कपय कशाॊ वॊबोग. ताकक वूयज की प्माव. ले दव ू ये ऩामे ऩय ऩैय नशीॊ यख वकते शै। भैं आऩवे मश कश दे ना चाशता शूॊ। इव ऩशरे ऩामे ऩय बी अनुबल वे सान वे. जफ लश उऩरब्ध शो जाता शै तो कपय कशाॊ वेक्व. आकाॊषा. जो ऩशरे ऩामे को इॊकाय कयने रगते शै. जो िकृित की तयप वे भनुष्म को भुलत भें िभरा शुआ शै। रेककन शभ उवे जान नशीॊ ऩाते शे । आॉख फन्द कयके जी रेते शै ककवी तयश. एक बब्रज शै.

भत कयो ठशॊवा. लश आत्भा उवी तर की शो वकती शै। उवके ऊॊचे तर की नशीॊ शो वकती शै। श्रेष्ि आत्भाओॊ की ऩुकाय के िरए श्रेष्ि वॊबोग का अलवय औय वुप्रलधा चाठशए तो श्रेष्ि आत्भाएॊ जन्भती शै। औय जीलन ऊऩय उिता शै। इविरए भैंने कशा कक जजव ठदन आदभी वॊबोग के ऩयू े ळस्र भें िनष्णात शोगा। जजव ठदन शभ छोटे -छोटे फच्चों वे रेकय वाये जगत को उव करा औय प्रलसान के वफॊध भें वायी फात कशें गे औय वभझा वकेंगे.क्मोंकक दव ू ये रोगों के ऩाव छाते नशीॊ शै। मश फशुत अधािभघक शोगा कक कुछ रोग छाते खोर रें । उवे फॊद कय रें । वफके ऩाव छाते शोते तो िीक था। औय रोगों के ऩाव नशीॊ शै औय आऩ खोरकय फैिेंगे तो कैवा फेशूदा शोगा। कैवा अवॊस्कृत शोगा। उवको फॊद कय रें । भैं जूदय भेये ऊऩय छप्ऩय शै . न धण ृ ा ूदकेगी. लश आत्भा िप्रलष्ट शोती शै। अगय आऩने एक ूदग्ण अलवय ऩैदा ककमा शै . एक दख ु द स्लप्न जैवा शो गमा शै। भनष्ु म के वॊबोग ने ठशॊवात्भक जस्थित रे री शै। लश एक िेभऩण ू घ कृत्म नशीॊ शै। लश एक ऩप्रलर औय ळाॊत कृत्म नशीॊ शै। लश एक ध्मान ऩण ू घ कृत्म नशीॊ शै। इविरए भनष्ु म नीचे उतयता चरा जामेगा। एक कराकाय कुछ चीज फनाता शो. फेकाय की औय कपजूर की फातें कयते शै। िवपघ एक पकघ ऩडा शै। भनष्ु म के वॊबोग का स्तय नीचे उतय गमा शै। भनष्ु म के वॊबोग ने ऩप्रलरता खो दी शै। भनष्ु म के वॊबोग ने लैसािनकता खो दी शै। वयरता औय िाकृितकता खो दी शै। भनष्ु म का वॊबोग जफयदस्ती एक नाइट भेमय. जजवे नीत्वे वऩ ु यभैन कशता था। जजवे अयप्रलन्द अितभानल कशते थे। जजवको भशान आत्भा कशा जा वकता शै. जजवभें एक आकाळ भें उडती शुई आत्भा अऩने मोग्म जस्थित को वभझकय िप्रलष्ट शोती शै। आऩ िवपघ एक अलवय ऩैदा कयते शै। आऩ फच्चे के जन्भदाता नशीॊ शै . तो आऩ आळा कयते शै कक कोई वुन्दय भूितघ फन ऩामेगी? एक नत्ृ मकाय नाच यशा शो. न अनीित ूदकेगी. थचॊितत शो. नमी आत्भाएॊ जगत भें िलेळ कयती शै। ळामद आऩको ऩता न शो. जो वॊतित ऩैदा शोगी लश उतनी शी कचया औय दिरत शोगी। आज वायी दिु नमा भें भनुष्मता का स्तय योज नीचे चरा जा यशा शै। रोग कशते शै कक करमुग आ गमा शै। इविरए स्तय नीचे जा यशा शै। रोग कशते शै कक नीित बफगड गमी शै। इविरए स्तय नीचे जा यशा शै। गरत. अळाॊत शो.न जीलन का मश अॊधकाय रुकेगा। राख याजनीितस थचल्राते यशे …. एक शो जाओ. लैवा फच्चा लैवी वॊतित जगत भें िनिभघत की जा वकेगी। औय जफ तक शभ ऐवा जगत िनिभघत नशीॊ कय रेते शै . िवपघ एक अलवय ऩैदा कयते शै। लश अलवय जजव आत्भा के िरए जूदयी उऩमोगी औय वाथघक भारूभ शोता शै.भत कपरम कयें . उवी वॊबोग वे जीलन की वायी मारा चरती शै। नमे फच्चे. भीठटॊग के फाद उतनी दे य भें ऩानी भें खडा शो जाऊॉगा। नशीॊ िभटे गे मु्ध. तो जजतनी दे य आऩ ऩानी भें फैिे यशें गे. नशीॊ िभटे गी ईष्माघ। ककतने ठदन शो गमे। दव शजाय वार शो गमे। भनुष्म जाित के ऩैगम्फय. इव ऩय िनबघय कयता शै। औय वफवे ज्मादा उऩेषियषत िनग्रेक्टे ड. नशीॊ िभटे गी अळाॊित. प्रल‍ल भें . अगय आऩ रम ोध भें द्ु ख भें. तफ तक न ळाॊित शो वकती शै . भत कयो रम ोध. कपय वे दे खें औय जजन्दगी को कभ वे कभ वेक्व की जजन्दगी को क ख ग वे कपय वे ळूद ु कयें । वभझने के िरए फोध ऩूलक घ जीने के िरए—भेयी अऩनी अनुबूित मश शै.शभने गोरी भाय दी। मश कुर उनकी िळषा का पर शुआ। दिु नमा के वाये भनष्ु म वाये भशाऩरु ु ऴ शाय गमे शै. मश वभझ रेना चाठशए। अवपर शो चक ु े शै। आज तक कोई बी भल् ू म जीत नशीॊ वका। वफ भल् ू म शाय गमे। वफ भल् ू म अवपर शो गमे। फडे वे फडे ऩक ु ायने लारे रोग. द्ु ख औय ऩीडा का रेककन ऩैदा शुआ शै। जन्भ के ऩशरे षण भें शी उवके जीलन का More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .औय न मु्ध शी ूदक वकते शै. तीथघकय. बरे वे बरे रोग बी शाय गमे औय वभाप्त शो गमे। औय आदभी योज अॊधेये औय नयक भें चरा जाता यशा शै। क्मा इववे मश ऩता नशीॊ चरता कक शभायी िळषाओॊ भें कशीॊ कोई फुिनमादी बर ू शै। अळाॊत आदभी इव िरए अळाॊत शै कक लश अळाॊित भें जन्भता शै। उवके ऩाव अळाॊित के कीटाणु शै। उवके िाणों की गशयाई भें अळाॊित को योग शै। जन्भ के ऩशरे ठदन लश अळाॊित को. मश ऩाॉच िभिनट के ऩानी थगयने वे कोई पकघ न ऩडेगा। फॊद कय रें छाते. ऩीडा भें औय थचॊता भें शै तो जो आत्भा अलतकयत शोगी. भेयी अऩनी धायणा मश शै कक भशालीय मश फु्ध मा रम ाइस्ट औय कृष्ण आकजस्भक ूदऩ वे नशीॊ ऩैदा शाॉ जाते। मश उन दो व्मजक्तमों के ऩकयऩूणघ िभरन का ऩकयणाभ शै। िभरन जजतना गशया शोगा. वॊबोग शै। औय फडे आ‍चमघ की फात शै .अलताय वभझा यशे शै कक भत रडों. रम ोध वे बया शो. कोई भूितघ फनाता शो औय कराकाय नळे भें शो. तो आऩ आळा कयते शै कक नत्ृ म वुन्दय शो वकेगा? शभ जो बी कयते शै लश शभ ककवी जस्थित भें शै.उव ठदन शभ बफरकुर नमे भनष्ु म को. जो वॊतित ऩैदा शोगी। लश उतनी शी अ्बुत शोगी। िभरन जजतना अधूया शोगा. न द‍ु चकयर ूदकेगी। न व्मिबचाय रुकेगा. वॊबोग तो एक िवचुएळनर शै. रेककन ककवी ने कबी नशीॊ वुना। जजन्शोंने शभें वभझामा कक भत कयो ठशॊवा भत कयो रम ोध उनको शभने वूरी ऩय रटका ठदमा। मश उनकी िळषा का पर शुआ। गाॊधी शभें वभझाते थे कक िेभ कयो.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi मे तो शभाये अनुबल भें नशीॊ शै फात। अगय अनुबल भें नशीॊ शै तो उवका भतरफ शै कक आऩ कपय वे वोचें . वेक्व शै. नशीॊ िभटे गी ठशॊवा.

तो आऩको ऩता चरेगा कक ऩागरऩन ककतना शै बीतय। ककवी तयश दफामे शै ऩागरऩन को. शाय चुके शै। शभ िळष्टता लळ मश न कशते शों कक लश नशीॊ शाये शै तो दव ू यी फात शै। रेककन लश वफ शाय चुके शै। औय आदभी योज बफगडता चरा गमा शै योज बफगडता गमा शै। अठशॊवा की इतने िळषा औय शभ छुयी वे एटभ औय शाइड्रोजन फभ ऩय ऩशुॊच गमे शै। मश अठशॊवा की िळषा की वपरता शोगी? प्रऩछरे ऩशरे भशामु्ध भें तीन कयोड रोगों की शत्मा की। औय उवके फाद ळाॊित औय िेभ की फातें कयने के फाद दव ू ये भशामु्ध भें शभने वाढे वात कयोड रोगों की शत्मा की। औय उवके फाद बी थचल्रा यशे शै फरांड यवर वे रेककन प्रलनोफा बाले तक वाये रोग कक ळाॊित चाठशए. वॊगीत के िरए. कक जीलन के वत्मों वे आॊखें चुयाने लारे रोग भनुष्म के ळरु शै। जो आऩवे कशें कक वॊबोग औय वेक्व की फात का प्रलचाय बी नशीॊ कयना चाठशए। लश आदभी भनष्ु म का द‍ु भन शे . ळाॊित चाठशए। औय शभ तीवये भशामु्ध की तैमायी कय यशे शै। औय तीवया मु्ध दव ू ये भशामु्ध को फच्चो का खेर फना दे गा। आइॊस्टीन वे ककवी ने ऩूछा था तीवये भशामु्ध भें क्मा शोगा। आइॊस्टीन ने कशा. 18 िितळत रोग भानिवक ूदऩ वे स्लास्थ शै। तो 82 िितळत रोग कयीफ-कयीफ प्रलषियषप्त शोने की शारत भें शै। आऩ कबी अऩने वॊफॊध भें कोने भें फैिकय प्रलचाय कयना. चाॉद तायों जैवे योळन शोने के िरए. भनष्ु म के वॊबोग को आध्माजत्भक जज तक शभ भनष्ु म के वॊबोग को वभाथध का ्लाय फनाने भें वपर नशीॊ शोते. नत्ृ म के िरए.तफ तक अच्छी भनुष्मता ऩैदा नशी शो वकती शे । योज को जन्भ दे जामेंगे। शय ऩीढी नीचे उतयती चरी जामेगी। मश बफरकुर शी िनज‍चत शै। इवकी ‘िोपेवी’ की जा वकती शै . इवकी बप्रलष्मलाणी की जा वकती शै। औय अफ तो शभ उव जगश ऩशुॊच गमे शै कक ळामद औय ऩतन की गुॊजाइळ नशीॊ शै। कयीफ-कयीफ वायी दिु नमा एक भेड शाऊव एक ऩागरखाना शो गमी शै। अभयीका के भनोलैसािनकों ने ठशवाफ रगमा शै न्मम ू ाकघ जैवे नगय भें केलर 18 िितळत रोग भानिवक ूदऩ वे स्लस्थ कशे जा वकते शै। 18 िितळत.तीवये के फाफत कुछ बी नशीॊ कशा जा वकता। रेककन चौथे के वॊफॊध भें भैं कुछ कश वकता शूॊ। ऩूछने लारों ने कशा. आकाळ भें उि जाने के िरए. भनुष्म के जन्भ की िकरम मा फेशूदी शै. एब्वडघ शै। भनुष्म के ऩैदा शोने की प्रलथध ऩागरऩन वे बयी शुई शै। भनुष्म के वॊबोग को शभ ्लाय नशीॊ फना वके वभाथध का इवीिरए। भनुष्म का वॊबोग वभाथध का ्लाय फन वकता शै। इन तीन ठदनों भें इवी छोटे वे भॊर ऩय भैने वायी फातें कशीॊ औय अॊत भें एक फात दोशया दॉ ू औय आज की चचाघ भें ऩयू ी कूदॊ। भैं मश कश दे ना चाशता शूॊ. आदभी की आत्भा योती शै। औय प्मावी शै। औय आदभी कोल्शू के फैर की तयश चक्कय भें घभ ू ता शै औय उवी भें वभाप्त शो जाता शै। चक्कय के फशाय नशीॊ उि ऩाता शै। क्मा कायण शै? कायण एक शी शै . मश अस्लस्थता. पूरों जैवे खखर जाने के िरए.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi वाया स्लूदऩ िनिभघत शो गमा शै। इविरए फु्ध शाय जामेंगे.कृष्ण शाये गे . क्मोंकक ऐवे शी द‍ु भनों ने शभें वोचने नशीॊ ठदमा। अन्मथा मश कैवे वॊबल था कक शभ आज तक लैसािनक ढ़जष्ट ने खोज रेते औय जीलन को नमा कयने का िमोग न खोज रेत। जो आऩवे कशे कक वेक्व का धभघ वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। लश आदभी वौ िितळत गरत शै। क्मोंकक वेक्व की ऊजाघ शी ऩकयलितघत औय ूदऩाॊतकयत शोकय धभघ के जगत भें िलेळ ऩाती शै। लीमघ की ळजक्त शी उध्लघस्ली शोकय भनुष्म को उन रोको भें रे जाती शै. मश भानिवक थचॊता औय भानिवक अॊधकाय फढता चरा जाता शै। क्मा भैं आऩवे कशूॊ कक वेक्व को ‘स्िीच्मअ ु राइज’ ककमे बफना. ककवी तयश वॊबरकय चरे जा यशे शै। लश फात दव ू यी शै। जया वा कोई धक्का दे -दे औय कोई बी आदभी ऩागर शो वकता शै। मश वॊबालना शै कक वौ लऴघ के बीतय वायी भनुष्मता एक ऩागरखाना फन जामे। वाये रोग कयीफ-कयीफ ऩागर शो जामे। कपय शभें एक पामदा शोगा कक ऩागरों के इराज की कोई जूदयत नशीॊ यशे गी। एक पामदा ओय शोगा कक ऩागरों के थचककत्वक नशीॊ शोंगे। एक पामदा शोगा कक कोई अनुबल नशीॊ कये गा कक कोई ऩागर शै। क्मोंकक ऩागर का ऩशरा रषण मश शै कक लश कबी नशीॊ भानता कक भैं ऩागर शूॊ। इतना शी पामदा शोगा। रेककन मश ूदग्णता फढती चरी जाती शै। मश योग.भशालीय शाय जामेंगे. आ‍चमघ आऩ तीवये के वॊफॊध भें नशीॊ कश वकते तो चौथे के वॊफॊध भें क्मा कशें गे। आइॊस्टीन ने कशा चौथे के वॊफॊध भें एक फात िनज‍चत शै कक चौथा भशामु्ध कबी नशीॊ शो वकता। क्मोंकक तीवये के फाद ककवी आदभी के फचने की उम्भीद नशीॊ शै। मश भनष्ु म की वायी नैितक औय धािभघक िळषा का पर शै। भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ. इवकी फिु नमादी लजश दव ू यी शै। जफ तक शभ भनष्ु म के वॊबोग को वव्ु मलजस्थत. रम ाइस्ट शाये गे. जशाॊ कोई द्ु ख नशीॊ जशाॊ आनॊद के अितकयक्त औय कोई अजस्तत्ल नशीॊ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . जजनका शभें कोई ऩता नशीॊ शै। जशाॊ कोई भत्ृ मु नशीॊ शै. वॊबोग को आध्माजत्भक फनामे बफना कोई नमी भनुष्मता ऩैदा नशीॊ शो वकती शै? इन तीन ठदनों भें थोडी वी फातें आऩवे कशीॊ। िनज‍चत शी एक नमे भनुष्म को जन्भ दे ना शै। भनुष्म के िाण आतुय शै उॊ चाईमों को छूने के िरए.

जो नॊगी कपल्भें फना यशे शै। भनष्ु म की ऊजाघ को प्रलकृत कयनेलारे ले रोग शैं.. ले इनके एजे न्ट शै। एक छोटी वी कशानी. ऩुयोठशत. ऩुजायी. उवने कशा माद यखना जजव ठदन भें भय जाऊॉगा. बागा शुआ चरा जा यशा था। तबी उवे ऩाव की खाई भें जॊगर भें एक आदभी ऩडा शुआ ठदखामी ऩडा घालों वे बया शुआ। खून फश यशा था। छुयी उवकी छाती भें चब ु ी शै। ऩुयोठशत को ख्मार आमा कक चरू भें इवे उिा र. भैं तम् ु शें अस्ऩतार भें रे चरता शूॊ लशाॊ तम् ु शायी इराज कयाऊॊगा। तभ ु दे खना जूदय िीक शो जाओगे । रेककन दे खो भय भत जाना। तभ ु बफरकुर िीक कशते शो। तभ ु भय गमे तो शभ बफरकुर शी फेकाय शो जामेगे। शभें ख्मार बी नशीॊ आ वकता शे कक ऩुयोठशत के धॊधे के ऩीछे ळैतान शै। शभें मश बी ख्मार नशीॊ आ वकता कक ळैतान के धॊधे के ऩीछे ऩुयोठशत शे । कक जो ळैतान का धॊधा चर यशा शै…. ऩुयोठशत भुझे ऩता शै कक तू िेभ ऩय फोरने जा यशा शै। भैं बी आज वुनने आने लारा था। रेककन दष्ु टों ने भुझे छुयी भायकय मशाॊ ऩटक ठदमा शै। रेककन माद यख अगय भें जजन्दा यश गमा तो गाॊल बय भें खफय कय दॉ ग ू ा कक आदभी भय यशा था। औय मश आदभी िेभ ऩय व्माख्मान दे ने चरा गमा था। दे ख आगे भत फढ। इववे ऩयु ोठशत को थोडा डय रगा। क्मोंकक अगय लश आदभी जजॊदा यश गमा तो गाॊल भें खफय कय दे तो रोग कशें गे कक िेभ का व्माख्मान फडा झि ू ा शै। आऩने इव आदभी की कपरम न की. नालें ककवी ककनाये ऩय नशीॊ ऩशुॊच ऩाती शै। िवपघ भॊझधाय भें डूफा दे ती शै। औय नष्ट शो जाती शै। औय मे वाये िछि भनुष्म की वेक्व ऊजाघ के गरत भागों वे िलाठशत औय फश जाने के कायण शै। औय उन गरत भागों ऩय फशाने लारे रोग लश नशीॊ शै . लश नशीॊ शै. जजनभें छे द शै. आदभी उतना बोग भें थगय गमा शै। ऩुयोठशत ने जजतना इॊकाय ककमा शे कक वेक्व के वॊफॊध भें वोचना शी भत. भैं अऩनी फात ऩूयी कय दॉ ग ू ा। एक ऩुयोठशत जा यशा था। अऩने चचघ की तयप। दयू था गाॊल.वेक्व का ळोऴण चर यशा शै। वायी दिु नमा भें….ूॊ रेककन उवने दे खा कक चचघ ऩशुॊचने भें दे य शो जामेगी। औय लशाॊ उवे व्माख्मान दे ना शै। औय रोगों को वभझाना शै। आज लश िेभ के वॊफॊध भें शी वभझाने जाता शै। आज उवके प्रलऴम चुना था. ले नशीॊ शै जजन्शोंने नॊगे उऩन्माव िरखे शै. वेक्व उतनी शी अॊजान ऩशे री शो गमी शै। औय शभ उवके वॊफॊध भें कुछ बी कयने भे अवभथघ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi उव वत थचत आनॊद भें रे जाने लारी ळजक्त औय ऊजाघ ककवके ऩाव शै औय कशाॊ शै ? शभ उवे व्मम कय यशे शै। शभ उन ऩारों की तयश शै .जूदय दे खा शोगा। भैं ळैतान शूॊ औय ऩादकयमों वे अऩना ऩुयाना नाता शै। तुभने नशीॊ दे खा शोगा तो ककवने भुझे दे खा शोगा। तफ उवे ख्मार आमा कक लश तो ळैतान शै. ‘’रल इज़ गेड’’ रम ाइस्ट के लचन को चुना था कक ई‍लय ऩयभात्भा िेभ शै। लश मशी वभझाने जा यशा था। रेककन उव आदभी ने आॊखे खोरी औय लश थचल्रामा. उवी ठदन ऩुयोठशत ऩॊडे. जो भयता था। तो भजफयू ी भें उवे नीचे उतय कय उवके ऩाव जाना ऩडा। लशाॊ जाकय उवका चेशया दे खा तो फशुत घफयामा। चेशया तो ऩशचाना शुआ वा भारभ ू ऩडता शै। उवने कशा. जजनके छे द शै। शभ नालों को खेते शै —िवपघ डूफने के िरए. ऩुजायी वफ भय जामेगे. भैं तुझे फचाने का क्मों उऩाम कूदॊ। भैंने तेया खून बी छू िरमा. जजन्शोंने नॊगी तस्लीयें रटकामी शै. औय कशाॊ प्माये ळैतान तभ ु घफयाओ भत.उव ठदन तुम्शाया धॊधा बी भय जामेगा। भेये बफना तुभ जजॊदा बी नशीॊ यश वकते शो। भैं शूॊ. जजन्शोंने भनष्ु म को वेक्व के वत्म वे ऩकयथचत शोने भें फाधा दी शै। औय उन्शीॊ रोगों के कायण मे नॊगी तस्लीयें बफक यशी शै। नॊगी कपल्भें बफक यशी शै। रोग नए क्रफों को ईजाद कय यशे शै । औय गॊदगी के नमे-नमे औय फेशूदगी के नमे-नमे यास्ते िनकार यशे शै। ककनके कायण? मे उनके कायण जजनको शभ वाधु औय वॊन्मावी कशते शै। उन्शोंने इनके फाजाय का यास्ता तैमाय ककमा शै। अगय गौय वे शभ दे खें तो ले इनके प्रलसाऩनदाता शै. ऐवा भारभ ू शोता शै भैंने तम् ु शें कशीॊ दे खा शै? औय उव भयणावन्न आदभी ने कशाॊ. चचघ भें उवकी तस्लीय रटकी शे । उवने अऩने शाथ अरग कय िरमे औय कशा कक भय जा। ळैतान को तो शभ चाशते शै कक लश भय शी जामे। अच्छा शुआ कक तू भय जा. मश बी ऩाऩ शुआ। भैं जाता शूॊ। लश ळैतान जोय वे शॊवा.की कोई जूदयत नशी यश जामेगी। ऩयु ोठशत ने वोचा औय घफया गमा। फात तो एक दभ वशी शै। फात तो फशुत फिु नमादी कश यशा शै। मे फात भेयी वभझ भें क्मों नशीॊ आई। उवने उवे तत्कार कॊधे ऩय उिामा. ळेय गुर बी फीच भें फशुत शोता शै औय ऩानी थगयता शै औय रगता शै कक ऩानी आता शोगा। रेककन ऩानी वफ फीच भें थगय जाता शै। खारी ऩार शाथ भें लाऩव आ जाता शै। शभ उन नाल की तयश शै . नशीॊ तो जजव ठदन ळैतान भय जामगा.शय चीज के ऩीछे वेक्व का ळोऴण चर यशा शै। शभें ख्मार बी नशीॊ आ वकता की इवके ऩीछे ऩुयोठशत का शाथ शो वकता शै। ऩुयोठशत ने जजतनी िनॊदा की शै। वेक्व उतना आकऴघक शो गमा शै। कपय उवने जजतने दभन के िरए कशाॊ शै . जजन्शें शभ कुओॊ भें डारते शैं खीॊचने के िरए। ऊऩय तक ऩार तो आ जाता शै . इविरए तुभ जजॊदा शो। भैं तुम्शाये धॊधे का आधाय शूॊ। भुझे फचाने की कोिळळ कयों. क्मोंकक दिु नमा अच्छी शो जामेगी। ऩॊडे.

ताकक आऩको कोई अडचन औय तकरीप न शो। अऩने ि‍न आऩ िरखकय दे दें गे ईभानदायी वे क्मोंकक मश भाभरा ऐवा नशीॊ शै कक आऩ ऩयभात्भा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi नशीॊ। सान चाठशए। सान ळजक्त शै। औय वेक्व का सान फडी ळजक्त फन वकता शै। असान भें जीना ठशतकय नशीॊ शै। औय वेक्व के असान भें जीना तो बफरकुर ठशतकय नशीॊ शै। मश बी शो वकता शै . 1 अक्टूफय—1968. आत्भा के वॊफॊध भें जजव तयश की फातें ऩूछते शै . जशाॊ की वूयज की योळनी नशीॊ ऩशुॉचती। उवको जान रेने वे बी भनुष्म जाित का कोई फशुत ऩयभ भॊगर शो जाने लारा नशीॊ शै। मश बी जूदयी नशीॊ शै कक शभ एटभ को तोडे ओय ऩशचाने। रेककन एक फात बफरकुर जूदयी शे . प्रिचन—4 गोिा लरमा टैं . लश मशाॊ ऩूछे। मश भाभरा जजन्दगी का शै औय वीधे औय वच्चे अगय आऩके ि‍न ऩूछे तो शभ इन प्रलऴमों की औय गशयाई भें बी उतयने भें वभथघ शो वकते शै। भेयी फातों को इतने िेभ वे वन ु ा. फम्फई. भेये िणाभ स्लीकाय कयें । ओशो संबोग से सभाधध स ओय. अल्टीभेट कन्वनघ की शै। औय लश मश शै कक भनुष्म के वेक्व को िीक वे जान रें औय वभझ रें । ताकक नमे भनष्ु म को जन्भ दे ने भें वपर शो वकें। मे थोडी वे फातें तीन ठदन भें भैंने आऩवे कशीॊ। कर आऩके ि‍न के उत्तय दॉ ग ू ा। औय चूॊकक कर का ठदन खारी छूट गमा। कुछ िभर आमे औय दे खकय रौट गमे तो भेये ऊऩय उनका ऋण शो गमा शै तो भैं कर दो घॊटे उत्तय दे दॉ ग ू ा. More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . वफवे जूदयी शै. उवके िरए अनग ु ठृ शत शूॊ। औय अॊत भें वफके बीतय फैिे ऩयभात्भा को िणाभ कयता शूॊ. कक शभ न जामें चाॉद ऩय। कोई जूदयत नशीॊ शै चाॉद ऩय जान ऩय की। चाॉद को जान रेने वे कोई भनुष्म जाित का फशुत ठशत नशीॊ शो वकता। मश बी जूदयी नशीॊ शै कक शभ ऩैिवकपक भशावागय की गशयाइमों भें उतयें ऩाॉच भीर.

जजतने वॊमोजक थे. जफ तक कक शभ काभ औय वेक्व के वॊफॊध भें कुछ गरत धायणाएॊ िरए शुए फैिे शै। अगय गरत धायणाएॊ शै वेक्व के वॊफॊध भें तो िेभ के वॊफॊध भें शभ जो बी फातचीत कयें गे लश अधूयी शोगी। लश झूिी शोगी। लश वत्म नशीॊ शो वकती। इविरए उव वबा भें भैंने काभ औय वेक्व के वॊफध ॊ भें कुछ कशा। औय मश कशा कक काभ की उजाघ शी ूदऩाॊतकयत शोकय िेभ की अिबव्मजक्त फनती शै। एक आदभी खाद खयीद राता शै . लश उवे कैवे ूदऩाॊतकयत कये गा? इविरए काभ को वेक्व को. इवको वुनकय रोग िवन्न शो यशे शे । कफीय जी को वुनकय ले कबी बी िवन्न नशीॊ शुए थे। रेककन रोगों को िवन्न दे खकय ऐवा रगा कक जो रोग अऩने घय को जराने के िरए बी ठशम्भत यखते शै औय खुळ शोते शै . इव फॊफई के फडे फाजाय भें तो ककतने खुळ शोते कक रोग ककतने िवन्न शो यशे शै। कफीय जी क्मा कशते शै . वभझना जूदयी शै। मश लशाॊ कशाॊ औय उवे ूदऩाॊतकयत कयना जूदयी शै। भैंने वोचा था. जो रोग िवय ठशराते थे घय जर जाने ऩय.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ऩांचिा प्रिचन . उनवे कुछ ठदर की फातें आज कशी जामें। तो भैं बी उवी धोखे भें आ गमा। जजवभें कफीय औय रम ाइस्ट औय वाये रोग शभेळा आत यशे शै। भैंने रोगों वे वत्म की कुछ फात कशनी चाशी। औय वत्म के वॊफॊध भें कोई फात कशनी शो तो उन अवत्मों को वफवे ऩशरे तोड दे ना जूदयी शै . ले वफ बाग चक ु े थे। ले भझ ु े उतयते लक्त भॊच ऩय कोई नशीॊ िभरे। ले ळामद अऩने घय चरे गमे शोंगे कक कशीॊ घय भें आग न रग जामे। उवे फझ ु ाने का इॊतजाभ कयने बोग गमे थे। भझ ु े धन्मलाद दे ने को बी वॊमोजक लशाॊ नशीॊ थे। जजतनी बी वपेद टोप्रऩमों थी। जजतने बी खादी लारे रोग थे। ले भॊच ऩय कोई बी नशीॊ थे। ले जा चुके थे। नेता फडा कभजोय शोता शै। लश अनुमािममों के ऩशरे बाग जाता शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . इव वॊफॊध भें फोरते थे। उन्शोंने कफीय की एक ऩॊजक्त कशीॊ औय उवका अथघ वभझामा। उन्शोंने कशा. जो आदभी ने वत्म वभझ यखे शै। जजन्शें शभ वत्म वभझते शै औय जो वत्म नशीॊ शै। जफ तक उन्शें न तोड ठदमा जाए.सभाधध : संबोग-उजाा ा अध्मात्त्भ यनमोजन वॊबोग वे वभाथध की ओय--ओळो भेये प्रिम आत्भजन. उन्शें भाय डारने की धभकी दे ते शै। भैंने वोचा कक आज कफीय शोते. गॊदी औय फदफू वे बयी शुई औय अगय अऩने घय के ऩाव ढे य रगा रे तो वडक ऩय वे िनकरना भुज‍कर शो जामेगा। इतनी दग िं लशाॊ पैरेगी। रेककन एक दव ु ध ू या आदभी उवी खाद को फऻीचे भें डारता शै औय पूरों के फीज डारता शै। कपय ले फीज फडे शोते शै ऩौधे फनते शै। औय उनभें पूर िनकरते शै। पूरों की वुगध ॊ ऩाव-ऩडोव के घयों भे िनभॊरण फनकय ऩशुॊच जाती शै। यशा वे िनकरते रोगों को बी लश वुगॊध छूती शै। लश ऩौधों को रशयाता शुआ वॊगीत अनुबल शोता शै। रेककन ळामद शी कबी आऩने वोचा शो कक पूरों वे जो वग िं शै जो खाद वे िकट शोती थी। ु ॊध फनकय िकट शो यशा यशी शै। लश लशी दग ु ध खाद की दग िं फीजों वे गुजय कय पूरों की वुगॊध कय जाती शै। ु ध दग िं वग ु ध ु ॊध फन वकती शै। काभ िेभ फन वकता शै। रेककन जो काभ के प्रलयोध भें शो जामेगा। लश उवे िेभ कैवे फनामेगे। जो काभ का ळरु शो जामगा. ले रोग भेयी फातें वन ु कय फडे खळ ु शोंगे। रेककन भझ ु वे गरती शो गमी। जफ भैं भॊच वे उतया तो उव भॊच ऩय जजतने नेता थे. िभरों ने फशुत वे ि‍न ऩूछे शै। वफवे ऩशरे एक िभर ने ऩूछा शै कक भैंने फोरने के िरए वेक्व मा काभ का प्रलऴम क्मों चूना? इवकी थोडी वी कशानी शै। एक फडा फाजाय शै। उव फडे फाजाय को कुछ रोग फॊफई कशते शै। उव फडे फाजाय भें एक वबा थी औय उव वबा भें एक ऩॊसडतजी कफीय क्मा कशते शै . तफ तक वत्म क्मा शै उवे जानने की तयप कोई कदभ नशीॊ उिामा जा वकता। भुझे कशा गमा था उव वबा भें कक भैं िेभ के वॊफध ॊ भें कुछ कशूॊ औय भुझे रगा कक िेभ के वॊफॊध भें तफ तक फात वभझ भें नशीॊ आ वकती. ‘’कबफया खडा फजाय भें िरए रुकािी शाथ. जो घय फाये अऩना चरे शभाये वाथ।’’ उन्शोंने मश कशा कक कफीय फाजाय भें खडा था औय थचल्राकय रोगों वे कशने रगा कक रकडी उिाकय फुराता शूॊ उन्शें जो अऩने घय को जराने की ठशम्भत यखते शों ले शभाये वाथ आ जामें। उव वबा भें भैंने दे खा कक रोग मश फात वन ु कय फशुत खळ ु शुए। भझ ु े फडी शैयानी शुई—भझ ु े शैयानी मश शुई कक लश जो रोग खळ ु शो यशे थे। उनभें वे कोई बी आऩने घय को जराने को कबी तैमाय नशीॊ था। रेककन उन्शें िवन्न दे खकय भैंने वभझा कक फेचाया कफीय आज शोता तो ककतना खळ ु न शोता। जफ तीन वौ वार ऩशरे लश था औय ककवी फाजाय भें उवने थचल्राकय कशा शोगा तो एक बी आदभी खळ ु नशीॊ शुआ शोगा। आदभी की जात फडी अ्बुत शै। जो भय जाते शै उनकी फातें वुनकय रोग खुळ शोते शै जो जजॊदा शोते शै.

जो शभें ककवी ने कबी नशीॊ कशी। औय शभायी आॊखें खोर दी शै। शभें फशुत शी िकाळ अनुबल शुआ शै। तो कपय भैंने वोचा कक उथचत शोगा कक इव फात को औय िीक वे ऩूयी तयश कशाॊ जामे। इविरए मश प्रलऴम भैंने आज मशाॊ चुना। इव चाय ठदनों भें मक कशानी जो लशाॊ अधूयी यश गमी थी। उवे ऩूया कयने का एक कायण मश था कक रोगों ने भुझे कशा। औय लश उन रोगों ने कशा. जजनवे कक रोग अधािभघक शो जामेंगे। तो भझ ु े रगा कक उनका बी कशना ऩयू ा स्ऩष्ट शो वके. उन वभाजों भें प्रललाश वुजस्थय शोगा। जीलन बय चर जाएगा। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उनको धन्मलाद दे ना। उन्शोंने शी मश प्रलऴम चन ु ाल ठदमा। भेया इवभें कोई शाथ नशीॊ शै। एक िभर ने ऩूछा शै. औय जाित के प्रलचाय वे िनकरता शो औय धन के प्रलचाय वे िनकरता शो तो लैवा प्रललाश कबी बी ळयीय वे ज्मादा गशया नशीॊ जा वकता। रेककन ऐवे प्रललाश का एक पामदा शै। ळयीय भन के फजाम ज्मादा जस्थय चीज शै। इविरए ळयीय जजन वभाजों भें प्रललाश का आधाय शै . तफ तो प्रललाश एक गशया अथघ रे रेता शै। औय अगय प्रललाश दो ऩॊसडतों के औय दो ज्मोितप्रऴमों के ठशवाफ ककताफ वे िनकरता शो. जजनको जीलन को वभझने की शाठदघ क चेष्टा शै। औय उन्शोंने चाशा कक भैं ऩूयी फात कशूॊ। एक तो कायण मश था। औय दव ू या कायण मश था कक ले जो बाग गमे थे भॊच वे. मौन के वॊफॊध भें प्रलकृत औय प्रलषियषप्त शो गमी। वेक्व के वॊफॊध भें ऩागर शो गमी तो उवका जजम्भा उन रोगो ऩय नशीॊ शै . कुछ फूढे. जजन्शोंने वेक्व के वॊफॊध भें सान की खोज की शै। उवका जजम्भा उन नैितक धािभघक औय थोथे वाधु-वॊतों ऩय शै . उन्शोंने जगश-जगश जाकय कशना ळूद ु कय ठदमा कक भैंने तो ऐवी फातें कशी शै कक धभघ का प्रलनाळ शी शो जामेगा। भैंने तो ऐवी कशीॊ शै . कक भैंने कशा कक काभ का ूदऩाॊतयण शी िेभ फनता शै। तो उन्शोंने ऩूछा शै कक भाॊ का फेटे के िरए िेभ—क्मा लश बी काभ शै। लश बी वेक्व शै। औय बी कुछ रोगों ने इवी तयश के ि‍न ऩूछे शै। इवे थोडा वभझ रेना उऩमोगी शोगा। एक तर तो ळयीय का तर शै —बफरकुर कपजजमोरेजरीकर। एक आदभी ले‍मा के ऩाव जाता शै। उवे जो वेक्व का अनुबल शोता शै। लश ळयीय का गशया नशीॊ शो वकता। ले‍मा ळयीय फे च वकती शै। भन नशीॊ फेच वकती। औय आत्भा को फेचने का तो कोई उऩाम शी नशीॊ शै। ळयीय –ळयीय वे िभर वकता शै। एक आदभी फरात्काय कयता शै। तो फरात्काय भें ककवी का भन बी नशीॊ िभर वकता ओय ककवी की आत्भा बी नशीॊ िभर वकती। ळयीय ऩय फरात्काय ककमा जा वकता शै। आत्भा ऩय फरात्काय कयने का कोई उऩाम नशीॊ शै। ने खोजा जा वका शे । न खोजा जा वकता शै। तो फरात्काय भें जो बी अनुबल शोगा लश ळयीय का शोगा। वेक्व का िाथिभक अनब ु ल ळयीय वे ज्मादा गशया नशीॊ शोता। रेककन ळयीय के अनुबल ऩय शी जो ूदक जाते शै। ले वेक्व के ऩूये अनुबल को उऩरब्ध नशीॊ शोते। उन्शें भैंने जो गशयाइमों की फातें कशीॊ शै। उवका कोई ऩता नशीॊ चर वकता। औय अथधक रोग ळयीय के तर ऩय शी ूदक जाते शै। इव वॊफॊध भें मश बी जान रेना जूदयी शै कक जजन दे ळों भें बी िेभ के बफना प्रललाश शोता शै। उव दे ळ भें वेक्व ळयीय के तर ऩय ूदक जाता शै। औय उववे गशये नशीॊ जा वकता। प्रललाश दो ळयीयों का शो वकता शै . उनको बी ऩता चर वके कक रोग वेक्व के वॊफॊध भें वभझकय अधािभघक शोने लारे नशीॊ शै। नशीॊ वभझा शै उन्शोंने आज तक इविरए अधािभघक शो गमे शै। असान अधािभघक फनाता शो। सान कबी बी अधािभघक नशीॊ फना वकता शै। औय अगय सान अधािभघक फनाता शो तो भैं कशता शूॊ कक ऐवा सान उथचत शै। जो अधािभघक फना दे . उव असान की फजाम जो कक धािभघक फनाता शो। धभघ तो लशी वत्म शै जो सान के आधाय ऩय खडा शोता शै। औय भुझे नशीॊ ठदखामी ऩडता की सान भनुष्म को कशीॊ बी कोई शािन ऩशुॊचा वकता शै। शािन शभेळा अॊधकाय वे ऩशुॊचती शै औय असान वे। इविरए अगय भनुष्म जाित रष्ट शो गमी. कुछ जलान। औय उन्शोंने भुझवे कशा कक आऩने लश फात शभें कशीॊ शै . प्रललाश दो आत्भाओॊ का नशीॊ। दो आत्भाओॊ का िेभ शो वकता शै। लश अगय िेभ वे प्रललाश िनकरता शो. जजन्शोंने अलवय ऩैदा ककमा मश प्रलऴम चन ु ने का। औय अगय आऩको धन्मलाद दे ना शो तो भझ ु े भत दे ना। लश बायतीम प्रल्मा बलन ने जजन्शोंने वबा आमोजजत की थी. कुछ फजच्चमाॊ आमी. जजन्शोंने भनुष्म को शजायों लऴो वे असान भें यखने की चेष्टा की शै। मश भनुष्म जाित कबी की वेक्व वे भुक्त शो गमी शोती। रेककन नशीॊ मश शो वका। नशीॊ शो वका उनकी लजश वे जो अॊधकाय कामभ यखने की चेष्टा कय यशे शै। तो भैंने वभझा की अगय थोडी वश ककयण वे इतनी फेचैनी शुई तो कपय ऩूये िकाळ की चचाघ कय रेनी उथचत शै। ताकक वाप शो वके कक सान भनुष्म को धािभघक फनाता शै मा अधािभघक फनाता शै। मश कायण था इविरए मश प्रलऴम चुना। औय अगय मश कायण न शोता तो ळामद भझ ु े अचानक खमार न आता इवे चन ु ने का। ळामद इव ऩय भैं कोई फात नशीॊ कयता। इव िरशाज वे ले रोग धन्मलाद के ऩार शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन कुछ ठशम्भत लय रोग जूदय आमे। कुछ फच्चे आमे .

थोडा वा बेद शै। फुिनमादी नशीॊ शै लश। ले‍मा को आऩ एक ठदन के िरए खयीदते शै औय ऩत्नी को आऩ ऩूये जीलन के िरए खयीदते शै। इववे ज्मादा पकघ नशीॊ ऩडता। जशाॊ िेभ नशीॊ शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ळयीय अजस्थय चीज नशीॊ शै। ळयीय फशुत जस्थय चीज शै। उवभें ऩकयलतघन फशुत धीये -धीये आता शै। औय ऩता बी नशीॊ चरता। ळयीय जडता का तर शै। इविरए जजन वभाजों ने मश वभझा कक प्रललाश को जस्थय फनाना जूदयी शै—एक शी प्रललाश ऩमाघप्त शो. उन वाये रोगों ने जो िरखा शै लश वेक्व की दव ू यी गशयाई शै .िेभ नशीॊ। कपय प्रललाश वे िेभ आता शो तो आमे। न आता शो न आमे। ळयीय के तर ऩय जस्थयता शो वकती शै। भन के तर ऩय जस्थयता फशुत भुिळकर शै। रेककन भन के तर ऩय वेक्व का अनुबल ळयीय वे ज्मादा गशया शोता शै। ऩूयफ की फजाम ऩज‍चभ का वेकव का अनुबल ज्मादा गशया शै। ऩज‍चभ के जो भनोलैसािनक शैं फ्रामड वे जुॊग तक. तो भैं प्रलचाय कयता था कक तू भुझे िभर ऩामेगी मा नशीॊ। तेये िवलाम भुझे कोई बी ठदखाई नशीॊ ऩडता था औय आज जफकक प्रललाश शो गमा शै. एक भेकैिनकर ूदटीन शो जाती शै। एक मॊर की बाॊित जीलन शो जाता शै। वेक्व का। उव अनब ु ल को कयप्रऩट कयते यशते शे । औय जड शोते चरे जाते शै। रेककन उववे ज्मादा गशयाई कबी बी नशीॊ िभरती। जशाॊ िेभ के बफना प्रललाश शोता शै। उव प्रललाश भें औय ले‍मा के ऩाव जाने भें फिु नमादी बेद नशीॊ. उनको िेभ अरग कय दे ना ऩडा। क्मोंकक िेभ शोता शै भन वे औय भन चॊचर शै। जो वभाज िेभ के आधाय ऩय प्रललाश को िनिभघत कयें गे. लश आज कशता शै कुछ. कर कुछ औय कशने रग जाता शै। वुफश कुछ कशने रगता शै . भैं तेया शाथ ऩकडकय नीचे उत्तय यशा शूॊ। भुझे एक स्री ठदखाई ऩडी गाडी के उव तयप जाती शुई औय तू भुझे बर गमी। औय भेया भन उव स्री का ऩीछा कयने रगा। औय एक षण को भुझे रगा कक काळ मश स्री भुझे िभर जामे। भन इतना चॊचर शै। तो जजन रोगों को वभाज को व्मलजस्थत यखना था। उन्शोंने भन के तर ऩय वेक्व को नशीॊ जाने ठदमा। उन्शोंने ळयीय के तर ऩय योक िरमा। प्रललाश कयो. उन वभाजों भें तराक अिनलामघ शोगा। उन वभाजों भें प्रललाश ऩकयलितघत शोगा। प्रललाश स्थामी व्मलस्था नशीॊ शो वकती शै। क्मोंकक िेभ तयर शै। भन चॊचर शै. अऩने प्रललाश को। वाया िाण उव स्री के ऩीछा कयने रगा। जाकय लश गाडी भें फैिा। फशुत ईभानदाय आदभी यशा शोगा। उवने अऩनी ऩत्नी वे कशाॊ. लश भन की गशयाई शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . ‍माभ कुछ कशने रगता शै। घडी बय ऩशरे कुछ कशता शै। घडी बय फाद कुछ कशने रगता शै। ळामद आऩने वुना शोगा कक फामयन ने जफ ळादी की तो कशते शै कक तफ लश कोई वाि-वत्तय जस्रमों वे वॊफॊथधत यश चुका था। एक स्री ने उवे भजफूय की कय ठदमा प्रललाश के िरए। जो उवने प्रललाश ककमा औय जफ लश चचघ वे उतय यशा था प्रललाश कयके अऩनी ऩत्नी का शाथ-शाथ भें रेकय। घॊठटमा फज यशी शै चचघ की। भोभफप्रत्तमाॉ अबी जो जराई गई थी। जर यशी शै। अबी जो िभर स्लागत कयने आमे थे। ले प्रलदा शो यशे शै। औय लश अऩनी ऩत्नी को शाथ ऩकडकय वाभने खडी घोडा-गाडी भें फैिने के िरए चचघ की वीठढमाॉ उतय यशा शै। तबी उवे चचघ केवाभने शी एक औय स्री जाती शुई ठदखाई दे ती शै। एक षण को लश बूर जाता शै अऩनी ऩत्नी को। उवके शाथ को. लश जस्थयता राता शै। वभाज के ठशत भें शै। रेककन एक-एक व्मजक्त के अठशत भें शै। क्मोंकक लश जस्थयता ळयीय के तर ऩय रामी गई शै ओय िेभ वे फचा गमा शै। इविरए ळयीय के तर वे ज्मादा ऩित औय ऩत्नी का वॊबोग औय वेक्व नशीॊ ऩशुॊच ऩात शै। एक माॊबरक .औय आज ऩज‍चभ भें आज वभाज अस्त-व्मस्त शो गमा शै। क्मोंकक भन का कोई बयोवा नशीॊ शै . वाइकोरेजीकर लात्मामन वे रेकय ऩॊसडत कोक तक जजन रोगों ने बी इव तयश के ळास्र िरखे शे वेक्व के फाफत ले ळयीय के तर वे गशये नशी जाते। दव ू या तर शै भानिवक। जो रोग िेभ कयते शै औय कपय प्रललाश भें फॉधते शै। उनका िेभ ळयीय के तर वे थोडा गशया जाता शै। लश भन तक जाता शै। उवकी गशयाई वाइकोरेजीकर शै। रेककन लश बी योज-योज ऩन ु ूदजक्त शोने वे थोडे ठदनों भें ळयीय के तर ऩय आ जाता शै। औय माॊबरक शो जाता शै। जो व्मलस्था प्रलकिवत की शै दो वौ लऴों भें िेभ प्रललाश की. लश भानिवक तर तक वेक्व को रे जाता शै. फदराशट की जूदयत न ऩडे. औय ळयीय जस्थय औय जड शै। आऩके घय भें एक ऩत्थय ऩडा शुआ शै। वुफश ऩत्थय ऩडा था। वाॊझ बी ऩत्थय लशीॊ ऩडा यशे गा। वुफश एक पूर खखरा था। ळाभ तक भुयझा जाएगा। पूर जजॊदा शै। जन्भे गा. भये गा। ऩत्थय भुदाघ शै। लैवे का लैवा वुफश था। लैवा शी ‍माभ ऩडा यशे गा। ऩत्थय फशुत जस्थय शै। प्रललाश ऩत्थय ऩडा शुआ शै। ळयीय के तर ऩय जो प्रललाश शै . तूने कुछ ध्मान ठदमा। एक अजील घटना घट गई। कर तक तुझवे भेया प्रललाश नशीॊ शुआ था. लशाॊ खयीदना शी शै। चाशे एक ठदन के िरए खयीदो चाशे ऩूयी जजॊदगी के िरए खयीदो। शाराॊकक वाथ यशने वे योज-योज एक तयश का वॊफॊध ऩैदा शो जाता शै एवोिवएळन वे। रोग उवी को िेभ वभझ रेते शै। लश िेभ नशीॊ शै। लश िेभ औय शी फात शै। ळयीय के तर ऩय प्रललाश शै इविरए ळयीय के तर वे गशया वॊफॊध कबी बी नशीॊ उत्ऩन्न शो ऩाता शै। मश एक तर शै। दव ू या तर शै वेक्व का—भन का तर. .

कपय बफछुड जाता शै। एक षण को कयीफ आते शै ओय कपय कोवों का पावरा ळूद ु शो जाता शै। रेककन फेटा नौ भशीने तक भाॊ की वाॊव वे वाॊव रेता शै। भाॊ के ह्रदम वे धडकता शै। भाॊ के खून. थचल्राती शै. कर दो घॊटे भें तराक शो वकता शै। भन तो घॊटे बय भें फदर जाता शै। तो ऩज‍चभ का वाया वभाज अस्त-व्मस्त शो गमा शै। ऩूयफ का वभाज व्मलजस्थत था। रेककन वेक्व की जो गशयी अनुबूित थी. लशाॊ एक षण को िभरता शै. एक षण के िरए दोनों की आत्भाएॊ एक शो जाती शै। औय उव घडी भें जो उन्शें आनॊद का अनुबल शोता शै। लशी उनको फाॊधने लारा शो जाता शै। कबी आऩने वोचा कक भाॊ के ऩेट भें फेटा नौ भशीने तक यशता शै। औय भाॊ के आजस्तत्ल वे िभरा यशता शै। ऩित एक षण को िभरता शै। फेटा नौ भशीने के िरए शोता शै इक््िा शोता शै। इवीिरए भाॊ का फेटे वे जो गशया वॊफॊध शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन भैं जजव वेक्व की फात कय यशा शूॊ. जैवे ऩज‍चभ भें— ले इवीिरए भाॊ नशीॊ फनना चाशती। क्मोंकक भाॊ फनने के फाद वेक्व का यव कभ शो जाता शै। ऩज‍चभ की स्री भाॊ फनने वे इॊकाय कयती More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . जशाॊ एजग्ज़वटैंव शै. लश तीवया तर शै. न ऩज‍चभ भें । लश तीवया तर शै जस्िचुअर. उवका अऩना कोई आजस्तत्ल नशीॊ शोता शै। लश भाॊ का एक ठशस्वा शोता शै। इवीिरए स्री भाॊ फने बफना कबी बी ऩूयी तयश तप्ृ त नशीॊ शो ऩाती। कोई ऩित स्री को कबी तप्ृ त नशीॊ कय वकता। जो उवका फेटा उवे कय दे ता शै। कोई ऩित कबी उतना गशया कन्टें टभें ट उवे नशीॊ दे ऩाता जजतना उवका फेटा उवे दे ऩाता शै। स्री भाॊ फने बफना ऩयू ी नशीॊ शो ऩाती। उवके व्मजक्तत्ल का ऩयू ा िनखाय औय ऩयू ा वौंदमघ उवके भाॊ फनने ऩय िकट शोता शै। उववे उवके फेटे के आजत्भक वॊफॊध फशुत गशये शोते शै। औय इवीिरए आऩ मश बी वभझ रें कक जैवे शी स्री भाॊ फन जाती शै। उवकी वेक्व भें ूदथच कभ शो जाती शै। मश कबी आऩने ख्मार ककमा शै। जैवे शी स्री भाॊ फन जाती शै. उव स्री भें एक दौड ठदखेगी. जैवे ऩशाड ऩय नदी दौडती शै। झयने की तयश टूटती शै . गडगडाशट कयती शै . लश ऩित वे बी कबी नशीॊ शोता। शो बी नशीॊ वकता। ऩित एक षण के िरए िभरता शै आजस्तत्ल के तर ऩय. वोळर इॊस्टीटमळ ू न शै। प्रऩता के बफना बी दिु नमा चर वकती शै. एक औय घडी शै अध्मात्भ की। उव तर ऩय जो ऩित-ऩत्नी एक फाय िभर जाते शै मा दो व्मजक्त एक फाय िभर जाते शै। उन्शें तो ऐवा रगता शै कक ले अनॊत जन्भों के िरए एक शो गमे। लशाॊ कपय कोई ऩकयलतघन नशीॊ शै। उव तर ऩय चाठशए जस्थयता। उव तर ऩय चाठशए अनब ु ल। तो भैं जजव अनुबल की फात कय यशा शूॊ. औय भाॊ तप्ृ त शो जाती शै उवके फाद। औय उवभें एक औय शी तयश की आध्माजत्भक गकयभा िकट शोती शै। जो भाॊ नशीॊ फनी शै स्री उवको दे खे औय जो भाॊ फन गई शै उवे दे खें। उन दोनों की चभक औय उजाघ औय उनकी व्मजक्तत्ल अरग भारभ ू शोगा। भाॊ की दीजप्त ठदखाई ऩडेगी—ळाॊत. इवीिरए प्रऩता को कोई गशया वॊफॊध नशीॊ शै फेटे का। भाॊ वे उवके गशये वॊफॊध शै. लश ऩूयफ को अऩरब्ध नशीॊ शो वकी। एक औय जस्थयता शै . जैवे नदी जफ भैदान भें आ जाती शै. वेक्व के िित ूदथच कभ शो जाती शै। कपय वेक्व भें उवे उतना यव नशीॊ भारभ ू ऩडता। उवने एक औय गशया यव रे िरमा शै। भातत्ृ ल का। लश एक िाण के वाथ औय नौ भशीने तक इक्िी जी री शै। अफ उवे वेक्व भें यव नशीॊ यश जाता शै। अकवय ऩित शैयान शोते शै। प्रऩता फनने वे ऩित भें कोई पकघ नशीॊ ऩडता। रेककन भाॊ फनने वे स्री भें फुिनमादी पकघ ऩड जाता शै। प्रऩता फनने वे ऩित भें कोई पकघ नशीॊ ऩडता। क्मोंकक प्रऩता कोई फशुत गशया वॊफॊध नशीॊ शै। जो नमा व्मजक्त ऩैदा शोता शै उववे प्रऩता का कोई गशया वॊफॊध नशीॊ शै। प्रऩता बफरकुर वाभाजजक व्मलस्था शै.जजव वेक्व की फात कशय यशा शूॊ। लश जस्िचुअर वेक्व शे । अध्माजत्भक अथघ िनमोजन कयना चाशता शूॊ काभ की लावना भें। औय अगय भेयी मश फात वभझेंगे तो आऩको ऩता चर जामेगा। कक भाॊ का फेटे के िित जो िेभ शै. लश तीवया तर शै। लश न आज तक ऩूयफ भें ऩैदा शुआ शै . जशाॊ फीइॊग शै. क्मोंकक आत्भा के तर ऩय कोई ऩकयलतघन कबी शोता शी नशीॊ। लशाॊ वफ ळाॊत शै . भाॊ के िाण वे िाण. आलाज शै. लश आध्माजत्भक काभ शै। लश जस्िचुअर वेक्व का ठशस्वा शै। आऩ कशें गे मश तो फशुत उरटी फात शै…भाॊ को फेटे के िित काभ का क्मा वॊफॊध? रेककन जैवा भैंने कशा कक ऩुूदऴ औय स्री ऩित औय ऩत्नी एक षण के िरए िभरते शै. लशाॊ वफ वनातन शै। फीच भें एक तर शै भन का जशाॊ ऩाये की तयश तयर शै भन। जया भें फदर जाता शै। ऩज‍चभ भन के वाथ िमोग कय यशा शै इविरए प्रललाश टूट यशा शै। ऩकयलाय नष्ट शो यशा शै। भन के वाथ प्रललाश औय ऩकयलाय खडे नशीॊ यश वकते। अबी दो लऴघ भें तराक शै. भाॊ फन कय लश एक दभ वे ळाॊत शो जाती शै। इवीिरए भैं आऩवे इव वॊदबघ भें मश बी कशना चाशता शूॊ कक जजन जस्रमों को वेक्व का ऩागरऩन वलाय शो गमा शै . अध्माजत्भक। ळयीय के तर ऩय बी एक जस्थयता शै। क्मोंकक ळयीय जड शै। औय आत्भा के तर ऩय बी जस्थयता शै . दौड शै. तफ ळाॊत शो जाती शै। जो अबी भाॊ नशीॊ फनी शै.

स्तन वे क्मा वॊफॊध शै वेक्व का। स्तन वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। स्तन वे भाॊ औय फेटे का वॊफॊध शै। फचऩन वे लश जानता यशा शै। फेटे का वॊफॊध स्तन वे शै। औय जैवे शी ऩूद ु ऴ गशये िेभ वे बयता शै लश फेटा शो जाता शै। औय स्री का शाथ कशाॊ ऩशुॊच जाता शै ? लश ऩूद ु ऴ के िवय ऩय ऩशुॊच जाता शै। उवके फारों भें अगिु रमाॊ चरी जाती शै। लश ऩयु ाने फेटे की माद शै। लश ऩयु ाने फेटे का वय शै . जो अऩनी भाॊ के स्तन की तयप जा यशे शै। जैवे शी ऩुूदऴ स्री के िित गशये िेभ वे बयता शै . उवके शाथ उवके स्तन की तयप फढते शै—क्मों. क्मोंकक ऩयू फ की वॊख्मा फढती चरी जामेगी. उवके एक कायणों भें मश बी था। स्री जजतनी मुला शो जामेगी औय जजतनी वभझदाय शो जामेगी। औय वेक्व का जैवे यव रेने रगेगी. लश वायी दिु नमा ऩय छा वकती शै। औय ऩज‍चभ की वॊख्मा षीण शोती जा वकती शै। स्री को भाॊ फनने के िरए उन्शें कपय वे याज़ी कयना ऩडेगा। औय उनके कुछ भनोलैसािनकों ने मश वराश दे नी ळूद ु कय दी शै . भाॊ फेटे के िाण रेने की कल्ऩना नशीॊ कय वकती। ऩत्नी ऩित के िाण रे वकती शै। िरए शै अनेक फाय। औय अगय नशीॊ बी रेगी तो ऩूयी जजॊदगी भें िाण रेने की शारत ऩैदा कय दे गी। रेककन फेटे के िरए कल्ऩना बी नशीॊ कय वकती। लश वॊफॊध फशुत गशया शै। औय भैं आऩवे मश बी कशूॊ कक उववे अऩने ऩित को वॊफॊध बी इतना शो जाता शै —तो ऩित उवे फेटे की तयश ठदखाई दे ता शै। ऩित की तयश नशीॊ। मशाॊ इतनी स्रीमाॊ फैिी शै औय इतने ऩुूदऴ फैिे शै। भैं उनवे मे ऩछ ू ता शूॊ कक जफ उन्शोंने अऩनी ऩत्नी को फशुत िेभ ककमा शै तो क्मा उन्शोंने इव तयश का व्मलशाय नशीॊ ककमा। जैवे छोटा फच्चा अऩनी भाॊ के वाथ कयता शै। क्मा आऩको इव फात का ख्मार शै कक ऩुूदऴ के शाथ स्री के स्तन की तयप क्मों ऩशुॊच जाते शै ? लश छोटे फच्चे के शाथ शै . कक फार प्रललाश ळूद ु कय दें . उवी के वाथ चौफीव घॊटे करश चरती शै। रेककन न ऩित वभझता शै .रेककन वॊख्मा को कानूनन फढाने को कोई यास्ता नशीॊ शै। ककवी व्मजक्त को जफदघ स्ती नशीॊ की जात वकती की तुभ फच्चे ऩैदा कयों। औय आज वे दो वौ वार के बीतय ऩज‍चभ के वाभने मक ि‍न फशुत बायी शो जामेगा. शभ वॊख्मा को योक वकते शै। जफदघ स्ती कानूनन. जजवका शभें कोई ऩता नशीॊ शै। ऩित ऩत्नी का वॊफॊध उवकी तैमायी शै। उवका अॊत नशीॊ शै। लश मारा की ळूद ु आत शै। ऩशुॊचा नशीॊ शै। इविरए ऩित ऩत्नी के फीच एक इनय कानजलरक््व चौफीव घॊटे चरती यशती शै। चौफीव घॊटे एक करश चरती शै। जजवे शभ िेभ कयते शै. जजवे उवने वशरामा शै। इविरए अगय िीक वे िेभ आध्माजत्भक तर तक प्रलकिवत शो जामे तो ऩित आखखय भें फेटा शो जाता शै। औय फेटा शो जाना चाठशए। तो आऩ वभखझए कक शभने तीवये तर ऩय वेक्व का अनुबल ककमा। अध्मात्भ के तर ऩय जस्िचुअर के तर ऩय। इव तर ऩय एक वॊफॊध शै. अन्मथा खतया शै। क्मोंकक स्री शोळ भें आ जाती शै तो लश भाॊ नशीॊ फनना चाशती। उवे वेक्व का यव रेने भें ज्मादा िीक भारभ ू शोता शै। इविरए फचऩन भें ळादी कय दो उवे ऩता शी न चरे कक लश कफ भाॊ फन गई। ऩूयफ भें जो फार-प्रललाश चरता था.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi शै। क्मोंकक भाॊ फनी कक वेक्व का यव कभ शुआ। वेक्व का यव तबी तक यश वकता शै जफ लश भाॊ नशीॊ फन जाती। ऩय प्रलकृित एक अऩलाद नशीॊ शै। तो ऩज‍चभ की अनेक शुकूभतें घफया गमी शै इव फात वे कक लश यो अगय फढता चरा गमा तो उनकी वॊख्मा का क्मा शोगा। शभ मशाॊ घफया यशे कक शभायी वॊख्मा न फढ जाए। ऩज‍चभ के भल् ु क घफया यशे शै कक उनकी वॊख्मा कशीॊ कभ न शो जामे। क्मोंकक जस्रमों को अगय इतने तीव्र ूदऩ वे मश बाल ऩैदा शो जामे कक भाॊ फनने वे वेक्व का यव कभ शो जाता शै औय लश भाॊ न फनना चाशे तो क्मा ककमा जा वकता शै। कोई कानूनी जफदघ स्ती की जा वकती शै। ककवी को वॊतित िनमभन के िरए तो कानूनी जफदघ स्ती बी की जा वकती शै। कक शभ जफदघ स्ती फच्चे नशीॊ शोने दें गे। रेककन ककवी स्री को भजफयू नशीॊ ककमा जा वकता कक फच्चे ऩैदा कयने की ऩडेंगे। ऩज‍चभ के वाभने शभवे फडा वलार शै। शभाया वलार उतना फडा नशीॊ शै.लैवे लश भाॊ नशीॊ फनना चाशें गी। शाराॊकक उवे कुछ ऩता नशीॊ कक भाॊ फनने वे क्मा िभरेगा। लश तो भाॊ फनने वे शी ऩता चर वकता शै। उववे ऩशरे कोई उऩाम नशीॊ शै। स्री तप्ृ त शोने रगती शै भाॊ फनकय—क्मों? उवने एक आध्माजत्भक तर ऩय वेक्व का अनुबल कय िरमा फच्चे के वाथ। औय इवीिरए भाॊ औय फेटे के ऩाव एक आत्भीमता शै। भाॊ अऩने िाण दे वकती शै फेटे के िरए. न ऩत्नी वभझती शै। कक करश का क्मा कयण शै। ऩित वोचता शै कक ळामद दव ू यी स्री शोती तो िीक शो जाता। ऩत्नी वोचती शै कक ळामद दव ू या ऩुूदऴ शोता तो िीक शो जाता। मश जोडा गरत शो गमा शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .

लश धक्के भाय यशा शै। याभ का नाभ रे-रेकय उवे बर ु ाने की कोिळळ कयता शै। रेककन इतनी आवान तयकीफों वे जीलन फदरते शोते तो दिु नमा कबी की फदर गमी शोती। उतना आवान यास्ता नशीॊ शे । तो भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ। कक काभ को वभझना जूदयी शै अगय आऩ अऩने याभ की औय ऩयभात्भा की खोज को बी वभझना चाशते शै। क्मों? मश इवीिरए भैं कशता शूॊ कक एक आदभी फॊफई वे करकत्ता की मारा कयना चाशे . याभ की खोज नशीॊ शै लश। लश िवपघ याभ के नाभ भें काभ वे एस्केऩ शै. अनब ु ल शोगा औय उव अनब ु ल वे ब्रह्भचमघ पिरत शोता शै। तो मश भत वोचें कक भाॊ औय फेटे के वॊफॊध भें कोई काभ नशीॊ शै। आध्माजत्भक काभ शै। अगय शभ िीक वे कशें तो आध्माजत्भक काभ को शी िेभ कश वकते शै। लश िेभ…स्िीच्मअ ु राइज जैवे शी वेक्व शो जाता शै। लश िेभ शो जाता शै। एक िभर ने इव वॊफॊध भें औय एक फात ऩूछी शै। उन्शोंने ऩूछा शै कक आऩको शभ वेक्व ऩय कोई आथोकयटी कोई िाभाखणक व्मजक्त नशीॊ भान वकते शै। शभ तो आऩवे ई‍लय के वॊफॊध भें ऩूछने आमे थे। औय आऩ वेक्व के वॊफॊध भें फताने रगे। शभ तो वुनने आमे थे ई‍लय के वॊफॊध भें तो आऩ शभें ई‍लय के वॊफॊध भें फताइए। उन्शें ळामद ऩता नशीॊ कक जजव व्मजक्त को शभ वेक्व के वॊफॊध भें बी आथोकयटी नशीॊ भान वकते। उववे ई‍लय के वॊफॊध भें ऩूछना कपजूर शै। क्मोंकक जो ऩशरी वीढी के वॊफॊध भें बी कुछ नशीॊ जानता। उववे आऩ अॊितभ वीढी के वॊफॊध भें ऩूछना चाशते शो? अगय वेक्व के वॊफॊध भें जो भैंने कशा लश स्लीकामघ नशीॊ शै। तो कपय तो बूरकय ई‍लय के वॊफॊध भें भुझवे ऩूछने कबी भत आना. लश करकत्ता के वॊफध ॊ भें ऩता रगामे कक करकत्ता कशाॊ शै ककव ठदळा भें शै? रेककन उवे मशी ऩता न शो कक फॊफई कशाॊ शै औय ककव ठदळा भें शै औय करकत्ता की लश मारा कयना चाशे . डय रगता शै तो याभ चदकयमा ओढ कय उवभें िछऩ जाते शै। औय याभ-याभ-याभ जऩते िभरे तो जया दे खना लश कशीॊ काभ की माद वे तो नशीॊ फच यशे । जफ बी कोई आदभी याभ-याभ-याभ जऩते िभरे तो जया गौय कयना। उवके बीतय याभ-याभ के जऩ के ऩीछे काभ का जऩ चर यशा शोगा। वेक्व का जऩ चर यशा शोगा। स्री को दे खेगा औय भारा पेयने रगेगा। कशे गा. लश ककव ठदळा भें शै? कपय करकत्ता की तयप ठदळा प्रलचाय की जा वकती शे । रेककन भुझे मशी ऩता नशीॊ कक फॊफई कशाॊ शै . उनको काभ वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। औय जो रोग काभ की मारा कयते शै। उनको अध्मात्भ वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। मे दोनों फातें फेलकूपी की शै। आदभी काभ की मारा बी याभ की खोज के िरए शी कयता शै। लश काभ का इतना तीव्र आकऴघण. तो क्मा लश कबी वपर शो वकेगा। करकत्ता जाने के िरए वफवे ऩशरे मश ऩता रगाना जूदयी शै कक फॊफई कशाॊ शे । जशाॊ भैं शूॊ.उव ठदन कपय भाॊ-फेटे का वॊफॊध स्थाप्रऩत शो जामेगा। औय लश स्थाप्रऩत शो जामे तो एक तजृ प्त शै। जजवको भैंने कशा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन भैं आऩवे कशता शूॊ कक दिु नमा बय के जोडों का मशी अनुबल शै। औय आऩको अगय फदरने का भौका दे ठदमा जामे तो इतना शी पकघ ऩडेगा कक जैवे कुछ रोग अथजी को रेकय भयघट जाते शै। कॊधे ऩय यखकय अथजी को। एक कॊधा द्ु ख ने रगता शै तो उिाकय दव ू ये कॊधे ऩय अथजी यख रेते शै। थोडी दे य याशत िभरती शै। कॊधा फदर गमा। थोडी दे य फाद ऩता चरता शै कक फोझ उतना का उतना शी कपय ळूद ु शो गमा शै। ऩज‍चभ भें इतने तराक शोते शै। उनका अनुबल मश शै कक दव ू यी स्री दव ऩाॉच ठदन के फाद कपय ऩशरी स्री वाबफत शोती शै। दव ू या ऩुूदऴ 15 ठदन के फाद कपय ऩशरा ऩुूदऴ वाबफत शो जाता शै। इवके कायण गशये शै। इवके कायण इवी स्री औय इवी ऩुूदऴ के वॊफॊथधत नशीॊ शै। इवके कायण इव फात वे वॊफॊथधत शै कक जो स्री औय ऩुूदऴ का ऩित औय ऩत्नी का वॊफॊध फीच की मारा का वॊफॊध शै। लश भुकाभ नशीॊ शै. याभ की शी खोज शै औय इवीिरए काभ भें कबी तजृ प्त नशीॊ िभरती। कबी ऐवा नशीॊ रगता कक वफ ऩूया शो गमा शै। लश जफ तक याभ न िभर जामे। तफ तक रग बी नशीॊ वकता। औय जो रोग काभ के ळरु शोकय याभ को खोजते शै. ऩित-ऩत्नी भें बी अध्माजत्भक काभ का वॊफध ॊ उत्ऩन्न शोगा. ऩरामन शै। काभ वे फचना शै। इधय िाण घफयाते शै . तो करकत्ता के फाफत की वायी जानकायी कपजूर शै …. लश अॊत नशीॊ शै। अॊत तो लशी शोगा. क्मोंकक लश फात शी खत्भ शो गमी ऩशर कषा के मोग्म बी भैं िव्ध नशीॊ शुआ। तो अॊितभ कषा के मोग्म कैवे िव्ध शो वकता शूॊ। रेककन उनके ऩूछने का कायण शै। अफ तक काभ औय याभ को द‍ु भन की तयश दे खा गमा शै। अफ तक ऐवा वभझा जाता यशा शै कक जो याभ की खोज कयते शै . याभ-याभ। लश स्री ठदखी कक लश ज्मादा जोय वे भारा पेयता शै। ज्मादा जोय वे याभ-याभ कशता शै। क्मों? लश बीतय जो काभ फैिा शै . कन्टें टभें ट. अॊत फाद भें । आऩ कशाॊ खडे शै ? More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .क्मोंकक मारा भुझे फॊफई वे ळूद ु कयना ऩडेगी। मारा का िायॊ ब फॊफई वे कयना शै। औय िायॊ ब ऩशरे शै . जशाॊ स्री भाॊ फन जामेगी। औय ऩुूदऴ कपय फेटा शो जामेगा। तो भैं आऩवे कश यशा शूॊ कक भाॊ औय फेटे का वॊफॊध आध्माजत्भक काभ का वॊफॊध शै औय जजव ठदन स्री औय ऩूद ु ऴ भें.

जो एक्जुअरठट. खडे तो वेक्व भें शै। लश आऩका िनलाव गश ृ शै जशाॊ वे आऩको कदभ उिाने शै। औय मारा कयनी शै। तो ऩशरे तो उव जगश को वभझ रेना जूदयी शै. िभर नशीॊ ठदखाई ऩडता। प्मायी वे प्मायी स्री को अगय कोई ऩूद ु ऴ अऩने िनकट वेक्व वे बया शुआ आता शुआ ठदखामी दे गा तो उवे उवके बीतय नयक ठदखामी दे गा। स्लगघ नशीॊ ठदखामी ऩडेगा। रेककन खजुयाशो की िितभाओॊ को दे खें तो उनके चेशये को दे ख कय ऐवा रगता शै। जैवे फु्ध का चेशया शो. उवके बफना कोई यास्ता नशीॊ शै। भैं आऩवे कशता शूॊ कक तैयने का मश यास्ता शै . तो िवपघ एक ठदळा भें खोज शो वकती शै. आऩ कशें कक . ऩुयी औय कोनाकघ भें भॊठदय वफूत शै। कबी आऩ खजुयाशो गमे शै ? कबी आऩने जाकय खजुयाशो की भूितघमाॊ दे खी? तो आऩको दो फातें अ्बुत अनुबल शोगी। ऩशरी तो फात मश शै कक नग्न भैथुन की िितभाओॊ को दे खकय बी आऩको ऐवा नशीॊ रगेगा कक उनभें जया बी कुछ गॊदा शै। जया बी कुछ अगरी शै। नग्न भैथुन की िितभाओॊ को दे खकय कशीॊ बी ऐवा नशीॊ रगेगा कक कुछ कुूदऩ शै. लश कशाॊ तक वच शै .. शै। फीभाय की थचककत्वा की लश खोज शै। फ्रामड एक डाक्टय शै कपय ऩज‍चभ भें जजन रोगों को उवने अध्मान ककमा. लश िीक। बगलान तक ऩशुॊचना चाशते शै लश िीक। रेककन खडे कशाॊ शै। खडे तो काभ भें शै. अगय लश कायगय शो जामे ऩाय शोने भें शाथ ऩैय चराने भें औय तैयने भें तो आऩ वभझना कक जो भैंने कशा शै . ले भन के तर के वेक्व के रोग शै। उवके ऩाव एक बी अध्माजत्भक नशीॊ शै। एक बी केव ठशस्रांी नशीॊ जजवको जस्िचअ ु र वेक्व कशा जा वके। तो अगय खोज कयनी शै कक जो भैं कश यशा शूॊ. ले वभाथध के शै. खडे तो लावना भें शै. ऩशरे जो लास्तप्रलक शै उवे ऩशरे वभझ रेना जूदयी शै। तफ शभ उवे बी वभझ वकते शै जो वॊबालना शै। जो ऩािवबफरठट शै जो शभ शो वकते शै. घफयानें लारा. अऩने िनकटतभ प्माये वे प्माये व्मजक्त को बी स्री जफ वेक्व वे बया शुआ ऩाव आता शुई दे खती शै तो उवे द‍ु भन ठदखामी ऩडता शै . लश कुछ जानकय कशा शै। उनशोने मश बी कशा शै कक फ्रामड अथयीटी शो वकते शै। रेककन भैं आऩवे कशता शूॊ कक जो भैं कश यश शूॊ. उवऩय ळामद फ्रामड दो कौडी बी नशीॊ जानते। फ्रामड भानिवक तर वे कबी उऩय उिे शी नशीॊ। उनको कल्ऩना बी नशीॊ शै। आध्माजत्भक वेक्व की। फ्रामड की वायी जानकायी ूदग्ण वेक्व की शै—ठशस्टे कयक. क्मोंकक दे खने वे लावना ऩैदा शो वकती शै। भैं शैयान शो गमा। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . जो घफयानें लारी औय डयाने लारी शोगी। प्माये वे प्माये आदभी को. रेककन शभ कैवे भानें कक आऩ तैयने के वॊफॊध भें िाभाखणक फात कय यशे शै। तो भैं कशता शूॊ कक चिरए. ऩयभात्भा वे बी ज्मादा भशत्लऩूणघ वेक्व को वभझना शै.जो शभ शै उवे ऩशरे जान रेना जूदयी शै। अॊितभ कदभ को वभझने के ऩशरे ऩशरा कदभ वभझ रेना जूदयी शै। क्मोंकक ऩशरा कदभ शी अॊितभ कदभ तक ऩशुॊचाने का यास्ता फनेगा। औय अगय ऩशरा कदभ शी गरत शोगा तो अॊितभ कदभ कबी बी वशी नशीॊ शोने लारा शै। याभ वे बी ज्मादा भशत्लऩूणघ काभ को वभझना शै. लश ठदळा शै तॊर। औय तॊर के फाफत शभने शजायों वार वे वोचना फॊद कय ठदमा शै। तॊर ने वेक्व को जस्िचुअर फनाने का दिु नमा भें वफवे ऩशरा िमाव ककमा था। खजुयाशो भें खडे भॊठदय. कुछ फुया शै। फजल्क भैथुन की िितभाओॊ को दे खकय एक ळाॊित एक ऩप्रलरता का अनुबल शोगा जो फडी शैयानी की फात शै। ले िितभाएॊ आध्माजत्भक वेक्व काक जजन रोगों ने अनुबल ककमा था। उन िळजल्ऩमों वे िनिभघत कयलामी गई थी। उन िितभाओॊ के चेशयों ऩय…. लश िघनौना. क्मोंकक भेये वॊफॊध भें शी िनणघम शोना शै। अगय भैं शी कशूॊ भैं अथयीटी शूॊ तो उवका कोई भतरफ नशीॊ। अगय भैं कशूॊ कक भैं अथयीटी नशीॊ शूॊ। तो उवका बी कोई भतरफ नशीॊ शै। क्मोंकक भेये दोनों लक्तव्म के वॊफॊध भें प्रलचायणीम शै कक अथाकयटे ठटल आदभी कश यशा शै। गैय-अथाकयटे ठटल। भैं जो बी कशूॊगा इव वॊफध ॊ भें लश कपजूर शै। भैं अथयीटी शूॊ मा नशीॊ मश तो आऩ थोडे वेक्व की दिु नमा भें िमोग कयके दे खना। जफ अनुबल आमेगा तो ऩता चरेगा। कक जो भैंने कशा था लश अथयीटी थी मा नशीॊ. भास्टयफेळन—इव वफकी खोजफीन शै। ूदग्ण वेक्व. क्मों इतना भशत्लऩूणघ शै ? इवी िरए भशत्लऩण ू घ शै कक अगय ऩयभात्भा तक ऩशुॊचना शै तो वेक्व को बफना वभझे आन नशीॊ ऩशुॊच वकते। इविरए मश भत ऩछ ू े। यश गमी अथयीटी की फात कक भैं आथोकयटी शूॊ मा नशीॊ—मश कैवे िनणघम शोगा। अगय भैं शी इव वॊफॊध भें कुछ कशूॊगा तो लश िनणाघमक नशीॊ यशे गा.आऩ एक वेक्व वे बये शुए आदभी को दे खें उवकी आॊखे दे खें उवका चेशया दे खें. ऩैथोराजजकर. भैथुन की िितभाओॊ औय भैथुन यत जोडे के चेशये ऩय जो बाल शै. भशालीय का चेशया शो. आऩको वाथ रेकय नदी भें उतया जा वकता शै। आऩको नदी भें उताये दे ता शूॊ। भैने जो कशा शै आऩको.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi याभ की मारा कयना चाशते शै . कुूदऩ ितीत शोगा। उवकी आॊखों वे एक झरक िभरती शुई भारभ ू शोगी. जशाॊ शभ शै . उवे जानने के िरए. जो शै उवे. शोभोवेक्वअ ु िरटी. औय वायी िितभाओॊ को दे ख रें औय ऩीछे एक शल्की वी ळाॊित की झरक छूट जामेगी। औय कुछ बी नशीॊ। औय एक आ‍चमघ आऩको अनुबल शोगा। आऩ वोचते शोंगे कक नॊगी तस्लीये औय भूितघमाॊ दे खकय आऩको बीतय काभुकता ऩैदा शोगी। तो भैं आऩवे कशता शूॊ कपय आऩ दे य न कयें औय वीधे खजुयाशो चर जामें। खजुयाशो ऩ् ृ ली इव वभम अनूिी चीज शै। रेककन शभाये कई नीित ळास्री ऩुूदऴोतभ दाव टॊ डन औय उनके कुछ वाथी इव वुझाल के थे कक खजयु ाशो के भॊठदय ऩय िभ्टी छाऩ कय दीलारें फॊद कय दे नी चाठशए. प्रलकृत वेक्व के फाफत खोजफीन शै.

इवकी फीभायी फडी छोटी वी शै। इवके भािरक की एक तस्लीय घय भें रगा रो औय उववे कशो. भैं छूटी रेना चाशता शूॊ. लश प्रलरीन शो जाता शै। एक भनोलैसािनक के ऩाव एक आदभी को रामा गमा था। लश एक दलतय भें काभ कयता शै। औय अऩने भािरक वे अऩने फेव वे फशुत ूदष्ट शै। भािरक उववे कुछ बी कशता शै तो उवे फशुत अऩभान भारभ ू शोता शै। औय उवके भन भें शोता शै कक िनकारू जत ू ा औय भाय दॉ ।ू रेककन भािरक को जूता कैवे भाया जो वकता शै। शाराॊकक ऐवे नौकय कभ शी शोंगे। जजनके भन भें मे ख्मार नशीॊ आता शोगा। कक िनकारू जूता औय भाय दॉ ।ू ऐवा नौकय खोजना भजु ‍कर शै। अगय आऩ भािरक शै तो बी आऩको ऩता शोगा औय अगय आऩ नौकय शै तो बी आऩको ऩता शोगा। नौकय के भन भें नौकय शोने की बायी ऩीडा शै। औय भन शोता शै कक इवका फदरा रे रूॊ। रेककन नौकय अगय फदरा रे वकता तो नौकय शोता क्मों? तो फश फेचाया भजफूय शै औय दफामे चरा जाता शै। दफामे चरा जाता शै। कपय तो शारत उवकी ऐवी ूदग्ण शो गमी कक उवे डय ऩैदा शो गमा कक ककवी ठदन आलेळ भें भैं जत ू ा भाय शी न दॉ ।ू लश जत ू ा घय शी छोड जाता शै। रेककन दलतय भें उवे जत ू े की ठदन बय माद आती शै। औय जफ भािरक ठदखामी दे ता शै लश ऩैय टटोरता शै। कक जत ू ा कशाॊ शै —रेककन जत ू ा तो लश घय छोड आमा शै। औय खळ ु शोता शै कक अच्छा शुआ। भैं छोड आमा। ककवी ठदन आलेळ भें षण भें िनकर आमे जत ू ा तो भजु ‍कर शोगी। रेककन घय जूता छोड आने वे जूते वे भुजक्त नशीॊ शोती। जूता उवका ऩीछा कयने रगा। लश कागज ऩय कुछ बी फनाता शै तो जूता फन जाता शै। लश यजजस्टय ऩय कुछ ऐवों शी िरख यशा शै कक ऩाता शै जूते ने आकाय रे रेना ळूद ु कय ठदमा। उवके िाणों भें जूता िघयनें रगा। मश फशुत घफया गमा शै उवे ऐवा डय रगने रगा शै धीये -धीये कक भैं ककवी बी ठदन शभरा कय वकता शूॊ। तो उवने अऩने घय आकय कशा कक अफ भुझे नौकयी ऩय जाना िीक नशीॊ. फशुत प्रलनम्र. रेककन भझ ु े बीतय खुळी भारूभ शो यशी शै। तस्लीय टाॊग री गमी। औय लश योज ऩाॉच जूते भायकय दलतय गमा। ऩशरे ठदन शी जफ लश ऩाॉच जत ू े भायकय दलतय गमा तो उवे एक फडा अनब ु ल शुआ। भािरक के िित उवने दलतय भें उतना रम ोध अनब ु ल नशीॊ ककमा। औय 15 ठदन के बीतय तो लश भािरक के िित अत्मॊत प्रलनमळीर शो गमा। भािरक को बी शैयानी शुई। उवे तो कुछ ऩता नशीॊ कक बी क्मा चर यशा शै। उवने उवको ऩछ ू ा कक तभ ु आजकर फशुत आसाकायी. योज वुफश ऩाॉच जूता धािभघक बाल वे भाया कये । ऩाॉच जूता भाये तफ दलतय जामे—बफल्कुर कयरीजवरी। ऐवा नशीॊ की ककवी ठदन चुक जामे। जैवे रोग ध्मान. रेककन शभें ख्मार नशीॊ। आऩको ऩता शै यास्ते ऩय दो आदभी रड यशे शों औय आऩ यास्ते वे चरे जा यशे शों. लश लाष्ऩीबूत शुआ। खजुयाशो के भॊठदय मा कोणाकघ औय ऩुयी के भॊठदय जैवे भॊठदय वाये दे ळ के गाॊल-गाॊल भें शोने चाठशए। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . लश ितयोठशत शुआ. मश क्मा ऩागरऩन की फातें शै। रेककन बीतय वे उवे खुळी भारूभ शो यशी थी। लश शैयान शुआ उवने कशा. लश इलोऩये ट शुआ. जऩ कयते शै —बफरकुर लक्त ऩय ऩाॉच जूता भाये । दलतय वे रौटकय ऩाॉच जूता भाये । लश आदभी ऩशरे तो फोरा. उनका ख्मार मश था कक इन िितभाओॊ को अगय कोई फैिकय घॊटे बय दे खे तो लावना वे ळन् ू म शो जामेगा। ले िितभाएॊ आब्जेक््व पाय भेसडटे ळन यशीॊ शजायों लऴघ तक। ले िितभाएॊ ध्मान के िरए ऑब्जेक्व का काभ कयती शै। जो रोग अित काभुक थे। उन्शें खजुयाशो के भॊठदय के ऩाव बेज कय उन ऩय ध्मान कयलाने के िरए कशा जाता था। कक तुभ ध्मान कयो— इन िितभाओॊ को दे खो औय इनभें रीन शो जाओ। औय मश आ‍चमघ कक फात शै . तो आऩका भन शोता शै कक खडे शोकय उनकी रडाई दे खे। रेककन क्मों? आऩने कबी ख्मार ककमा रडाई दे खने वे आऩको क्मा पामदा शै? शजाय जूदयी काभ छोडकय आऩ आधे घॊटे ते दो आदिभमों की भुक्केफाजी दे ख वकते शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi खजुयाशो के भॊठदय जजन्शोंने फनामे थे. फशुत ळाॊत ठदर शो गमे शो। फात क्मा शै? उवने कशा कक भत ऩूिछए. शाराॊकक शभाये अनुबल भें शै. क्मोंकक अफ शारत बी ऐवी शो गमी कक भैं दव ू ये का जूता िनकारकय बी भाय वकता शूॊ। औय अऩने जूते की जूदयत नशीॊ यश गमी। भेये शाथ दव ू ये रोगों के ऩैयों की तयप बी फढने की कोिळळ कयते शै। तो घय के रोगों ने वभझा कक लश ऩागर शो गमा शै। उवे एक भनोलैसािनक के ऩाव रे गमे। उव भनोलैसािनक ने कशा. नशीॊ तो वफ गूडगोफय शो जामेगा। क्मा शुआ—तस्लीय को जूते भायने वे कुछ शो वकता शै। रेककन तस्लीय को जूते भायने वे लश जो जूते भायने का बाल शै. लश प्रलवजजघत शोती शै। जजवका िनकाव शो जाता शै। लश इलोऩये ट शो जाती शै। अगय भैथुन की िितभा को कोई घॊटे बय तक ळाॊत फैिकय ध्मान भग्न शोकय दे खे तो उवके बीतय जो भैथुन कयने का ऩागर बाल शै. उववे क्मा पामदा शै? ळामद आऩको ऩता नशीॊ पामदा एक शै। दो आदिभमों को रडते दे खकय आऩके बीतय बी जो रडने की िलिृ त शै.

न ऩता िरखा था। ळामद ले डये शोंगे कक भैं ऩिु रव को न दे दॊ ।ू रेककन अगय लश मशाॊ कशीॊ शों—अगय शोंगे तो जूदय ककवी झाड के ऩीछे मा ककवी दीलार के ऩीछे िछऩ कय वन ू यशे शोंगे। अगय लश मशाॊ कशीॊ शों तो भैं उनको कशना चाशता शूॊ। कक ऩिु रव को दे ने की कोई बी जूदयत नशीॊ शै। लश अऩना नाभ औय ऩता भझ ु े बेज दें । ताकक भें उनको उत्तय दें वकॉू । रेककन अगय उनकी ठशम्भत न शो तो भैं उत्तय मशीॊ ठदमे दे ता शूॊ। ताकक लश वन ु रे। ऩशरी तो फात मश शै कक इतनी जल्दी गोरी भायने की भत कयना. द‍ु भन वे िभर जा औय ककवी तयश भुझे उरझादे औय वूरी रगला दे . कब्र फनामे. न कृष्ण. न भुशम्भद. लश शभेळा जजॊदा यशने लारी शै। तो लश िभर अगय कशीॊ शों तो उनको ऩता शोना चाठशए. लश जाकय इन भॊठदयों कक भूितघमों ऩय ध्मान कये । लश शरका शोकय रौटे गा। ळाॊत शोकय रौटे गा। तॊरों ने जूदय वेक्व को आध्माजत्भक फनाने की कोिळळ की थी। रेककन इव भुल्क के नीित ळास्री अये भेयर िीचवघ शै . लश िवपघ तीव ूदऩमे भें ईवा को फेच दे । िवलाम इवके कक ईवा ने उवको कशा शो कक तू कोिळळ कय. क्मोंकक जूदाव। जजवने ईवा को तीव ूदऩमे भें फेचा था। लश ईवा के प्माये वे प्माये िळष्मों भें वे एक था। औय मश वॊबल नशीॊ शै कक जो लऴों वे ईवा के ऩाव यशा शो. क्मा कयें ? वुकयात ने कशा ऩागरों तुम्शें नशीॊ ऩता कक तुभ भुझे नशीॊ गाड वकोगे। तुभ जफ वफ िभट जाओगे. क्मोंकक गोरी भायते शी जो फात भैं कश यशा शूॊ। लश ऩयभ वत्म शो जामेगी। इवका उनको ऩता शोना चाठशए। जीवव रम ाइस्ट को दिु नमा कबी की बूर गमी शोती। अगय उवको वूरी न िभरी शोती। वूरी दे ने लारे ने फडी कृऩा की। औय भैंने तो मशाॊ तक वूना शै जो इनय वककघरव भें जो जीलन की गशयाईमों की खोज कयते शै। उनवे भुझे मश बी सात शुआ शै की जीवव ने खद ु अऩनी वूरी रगलाने की मोजना औय ऴडमॊर ककमा था। जीवव ने चाशा था कक भुझे वूरी रगा दी जामे। क्मोंकक वूरी रगते शी जो जीवव ने कशा शै लश कयोडों-कयोडों लऴघ के िरए अभय शो जामेगा। औय शजायों रोगों के. वूरी का उन्शें ऩता नशीॊ था। न ककवी ने रगामी. लश फशुत उरझी शुई शै। लश इतनी आवान नशीॊ शै। खाट ऩय भयने लारे शभेळा के िरए भय जाते शै। गोरी भयने लारों का भयना फशुत भुज‍कर शो जाता शै। वुकयात वे ककवी ने ऩूछा उवके िभरों ने कक अफ तुम्शें जशय दे ठदमा जामेगा। अफ तुभ भय जाओगे तो शभ तुम्शाये गाडने की कैवी व्मलस्था कयें गे? जरामे. लश जो जजॊदगी की कशानी शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi फाकी भॊठदयों की कोई जूदयत नशीॊ शै। ले फेलकूपी के वफूत शै। उनभें कुछ नशीॊ शै। उनभें न कोई लैसािनकता शै न कोई अथघ शै। न कोई िमोजन शै। ले िनऩट गॉलायी के वफूत शै। रेककन खजुयाशो के भॊठदय जूदयी अथघऩूणघ शै। जजव आदभी का भन वेक्व वे फशुत बया शो. राखों रोगो के काभ आ वकेगा। इव फात की फशुत वॊबालना शै. जल्दी उनको कयने की आल‍मकता नशीॊ शै। वभम आने ऩय भैं चाशूॊगा कक कोई गोरी भाय शी दे । जजॊदगी बी काभ आती शै औय गोरी रग जामे तो भौत बी काभ आती शै। औय जजॊदगी वे ज्मादा काभ आ जाती शै। जजॊदगी जो नशीॊ दे ऩाती शै. उन दष्ु टों ने उनकी फात काक वभाज तक नशीॊ ऩशुॊचने ठदमा। लश भेयी फात बी नशीॊ ऩशुॊचने दे ना चाशते। मशाॊ वे भैं बायतीम प्रल्मा बलन वे फोर कय जफरऩुय लाऩव रौटा औय तीवये ठदन भुझे एक ऩर िभरा कक अगय आऩ इव तयश की फातें कशना फॊद नशीॊ कय दे ते शै तो आऩको गोरी क्मों ने भाय ठद जामे? भैंने उत्तय दे ना चाशा था. न उन्शोंने रगलाने की व्मलस्था शी की। आज आधी दिु नमाॊ ईवाई शै। उवका इवके िवलाम कोई कायण नशीॊ कक ईवा अकेरा वर ू ी ऩय रटका शुआ शै —न फु्ध. भॊवूय को जजन्शोंने वूरी ऩय रटका ठदमा। औय अबी गॉडावे ने गाॊधी को गोरी भाय दी शै। गॉडावे को ऩता नशीॊ कक गाॊधी के बक्त औय गाॊधी के अनुमामी गाॊधी को इतने दयू तक स्भयण कयाने भें कबी वपर नशीॊ शो वकते थे। जजतना अकेरे गॉडावे ने कय ठदमा शै। औय अगय गाॊधी ने भयते लक्त। जफ उन्शें गोरी रगी औय शाथ जोडकय गॉडावे को नभस्काय ककमा शोगा तो फडा अथघऩण ू घ था लश नभस्काय। लश अथघऩण ू घ था कक भेया अॊितभ िळष्म वाभने आ गमा। अफ मे भझ ु े आखखय औय शभेळा के िरए अभय कय ठदमे दे यशा शै। बगलान ने आदभी बेज ठदमा. जजवकी जूदयत थी। जजॊदगी का ड्राभा. न भशालीय. जजन्शोंने जशय प्रऩरा ठदमा. लश गोरी रगी शुई भौत दे जाती शै। अफ तक शभेळा मश बूर की शै द‍ु भनों ने। नावभझी की शै। वुकयात को जजन्शोंने वूरी ऩय रटका ठदमा. ताकक भैं जो कश यशा शूॊ. रेककन लश गोरी भायने लारे वज्जन फशुत कामय भारभ ू ऩडे। न उन्शोंने नाभ िरखा था. लश अभत ृ का स्थान रे-रे औय कयोडों रोगों का उ्धाय फन जामे। भशालीय को अगय वूरी रगी शोती तो दिु नमा भें केलर तीव राख जैन नशीॊ शोते। तीव कयोड शो वकते थे। रेककन भशालीय ळाॊित वे भय गमे. जल्दी न कयें । जल्दी भें नुकवान शो जामेगा। उनका। भेया कुछ शोने लारा नशीॊ शै। क्मोंकक जजवको गोरी रग वकती शै लश भैं नशीॊ शूॊ। औय जो गोरी रगने के फाद बी ऩीछे फच जाता शै लशीॊ शूॊ। तो लश जल्दी न कयें । औय दव ू यी फात मश कक लश घफयामे बी न। भैं शय तयश की कोिळळ कूदॊगा कक खाट ऩय न भय वकॉू । लश भयना फडा गडफड शै। लश फेकाय शी भय जाना शै। लश िनयथघक भय जाना शै। भय जाने की बी वाथघकता चाठशए। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . न याभ। वायी दिु नमा बी ईवाई शो वकती शै। मश वूरी ऩय रटकने वे मश पामदा शो गमा। तो भैं उनवे कशता शूॊ कक जल्दी भत कयना। नशीॊ तो नुकवान भें ऩड जाओगे। दव ू यी फात मश कशना चाशता शूॊ। कक घफयामे न ले। भेये इयादे खाट ऩय भयने के शै बी नशीॊ शै। भैं ऩूयी कोिळळ कूदॊगा कक कोई न कोई गोरी भाय शी दे । तो भैं खूद शी कोिळळ कूदॊगा. तफ बी भैं जजॊदा यशूॊगा। भैंने भयने की तयकीफ जो चुनी शै .

उवने मशी वोच कय िरखा शै कक लश धभघ की यषा कय यशा शै। उवने मशी वोचकय िरखा शै कक भैं धभघ को िभटाने की कोिळळ कय यशा शूॊ। लश धभघ की यषा कय यशा शै। उवकी नीमत भें कशीॊ खयाफी नशीॊ शै। उवके बाल फडे अच्छे शै। रेककन फु्थध भूढता की शै। तो शजायों वार वे तथाकथथत नैितक रोगों ने जीलन के वत्मों को ऩूया-ऩूया िकट शोने भें फाधा डारी शै. वत्म का ऩारन कयो. कक लश रोगों को कशॊ. भेया धॊधा ऩूछते शो. एक यात एक भधुळारा भें फडी दे य तक कुछ िभर आकय खाना-ऩीना कयते यशे . ईभानदायी स्लीकाय कयो. उवे िकट नशीॊ शोने ठदमा गमा शै। नशीॊ िकट शोने के कायण एक असात व्माऩक शो गमा औय उवे असात—अॊधेयी यात भें शभ टटोर यशे शै। बटक यशे शै . अठशॊवा का ऩारन कयो. दोस्त बगलान वे िाथघना कयो कक शभाया बी धॊधा योज चरता यशे तो शभ योज आमें। चरते-चरते उवे ळयाफघय के भािरक ने ऩछ ू ा बाई तम् ु शाया धॊधा क्मा शै ? उवने कशाॊ. अगय रोग वॊमभी शों. न ऩता िरखने वे घफयामे। क्मोंकक अगय भुझे रगे कक कोई आदभी भायने को तैमाय शो गमा शै तो लश जशाॊ भुझे फूरामेगा. भैं भयघट ऩय रकसडमाॊ फेचता शूॊ. थगय यशे शै। औय ले भेयर टीचवघ ले नीितळास्र के उऩदे ळक. जजव ठदन शभाये जीलन भें वत्म की ककयण आमेगी वभाथध की कोई झरक आमेगी। जजव ठदन शभाया वाभान्म जीलन बी ऩयभात्भा-जीलन भें ूदऩाॊतकयत शोने रगेगा। उव ठदन उऩदे ळक व्मथघ शो जामेगे। उवकी कोई जूदयत नशीॊ यश जामेगी। उऩदे ळक तबी तक वाथघक शै . लश व्रत ऩारन कयो। अगय रोग व्रती शों. राब औय ळोऴण इवभें शै कक रोग फीभाय ऩडते यशें । तो एक शाथ वे थचककत्वक िीक कयता शै औय उवके िाणों की िाथघना शोती शै कक भयीज जल्दी िीक न शो जामे। इवीिरए ऩैवे लारे भयीज शोने भें फडी दे य रगती शै। गयीफ भयीज जल्दी िीक शो जामा शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi औय तीवयी फात कक लश दस्तखत कयने वे न घफयामे.. ईभानदाय शों तो उऩदे ळक भय गमा। उवकी कोई जगश न यशी। औय ठशॊदस् ु तान भें वायी दिु नमा वे ज्मादा उऩदे ळक क्मों शै ? मे गाॊल-गाॊल गरु ु औय घय-घय स्लाभी औय वॊन्मावी क्मों शै? मश भशात्भाओॊ की इतनी बीड औय मश कताय क्मों शै ? मश इविरए नशीॊ शै कक आऩ फडे धािभघक दे ळ भें यशते शै . जफ तक रोग अॊधेये भें बटकते शै। गाॊल भें थचककत्वक की तबी तक जूदयत शै। जफ तक रोग फीभाय ऩडते शै। जजव ठदन आदभी फीभाय ऩडना फॊद कय दे गा। उव ठदन थचककत्वक को प्रलदा कय दे ना ऩडेगा। तो शाराॊकक थचककत्वक ऊऩय वे फीभाय का इराज कयता शुआ भारभ ू ऩडता शै। रेककन बी तय वे उवके िाणों को आकाॊषा मशी शोती शै। कक रोग फीभाय ऩडते यशें । मश फडी उरटी फात शै। क्मोंकक थचककत्वक जीता शै रोगों के फीभाय ऩडने ऩय। उवका िोपेळन फडा कॊरांासडक्यी शै। उवका धॊधा फडा प्रलयोधी शै। कोिळळ तो उवकी मश शै कक रोग फीभाय ऩडत यशे । औय जफ भरेकयमा पैरता शै औय लरू की शलाएॉ आती शै । तो लश बगलान को एकाॊत भें धन्मलाद दे ता शै। क्मोंकक मश धॊधे को लक्त आमा वीजन शै। भैंने वुना शै. जशाॊ कक वॊत-भशात्भा ऩैदा शोते शै। मश इवीिरए शै कक आऩ इव वभम ऩ्ृ ली ऩय वफवे ज्मादा अधािभघक औय अनैितक दे ळ शै। इवीिरए इतने उऩदे ळकों को ऩारने का िे का औय धॊधा िभर गमा शै। शभाया तो जातीम योग शो गमा शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . लशाॊ आने को शभेळा तैमाय शूॊ। ताकक उवके ऩीछे कोई भुवीफत न आमे। रेककन मे ऩागरऩन वझ ू ते शै। इव तयश के धािभघक…. मश व्रत ऩारन कयो. ळयाफ ऩीते यशे । उन्शोंने खूफ भौज की औय जफ ले चरने रगे आधी यात को तो ळयाफ खाने के भािरक ने अऩनी ऩत्नी को कशा कक बगलान को धन्मलाद फडे रोग आमे। ऐवे रोग योज आते यशें तो कुछ शी ठदनों भें शभ भाराभार शो जामें। प्रलदा शोते भेशभानों को वुनामी ऩड गमा औय जजवने ऩैवे चुकामे थे उवने कशा.शभाये इव अॊधकाय के फीच भें भॊच फनाकय उऩदे ळ दे ने का काभ कयते यशते शै। मश बी वच शै कक जजव ठदन शभ अच्छे रोग शो जामेंगे. भैं चुऩचाऩ बफना ककवी को खफय ककमे. तफ भेया धॊधा अच्छा चरता शै। तफ शभ थोडा खुळ शो जाते शै। शभाया बी धॊधा अच्छा चरता यशे तो शभ तो योज मशाॊ आमे । थचककत्वक का धॊधा शै कक रोगों को िीक कयें । रेककन पामदा. तो अभीय भयीज रम्फा फीभाय यशता शै। वच तो मश शै कक अभीय अक्वय शी फीभाय यशते शै। मश थचककत्वक की िाथघनाएॊ काभ कय यशी शै। उवकी आॊतकयक इच्छा बी उवके शाथ को योकती शै कक भयीज एकदभ िीक शी न शो जामे। उऩदे ळक की जस्थित बी ऐवी शी शै। वभाज जजतना नीितरष्ट पैर जजतना अनाचाय पैरे उतना शी उऩदे ळक का भॊच ऊऩय उिने रगता शै। क्मोंकक जूदयत आ जाती शै .ओय जजव फेचाये ने िरखा शै . क्मोंकक गयीफ भयीज को ज्मादा दे य फीभाय यशने वे कोई पामदा नशीॊ शै। थचककत्वक को कोई पामदा नशीॊ शै। थचककत्वक को पामदा शै अभीय भयीज शै . भुिों के िरए। जफ आदभी ज्मादा भयते शै . अगय रोग ळाॊत शों.

तो ककवी िभर ने भझ ु े रेख बेजा औय कशा कक आऩ बायत के कैये क्टय की फाफत क्मा कशते शै। अगय बायतीम को ळयाफ प्रऩरामी जामें तो लश क्मा कये गा। तो भैंने कशा कक लश तो जग जाठशय फात शै। बायतीम ळयाफ प्रऩमेगा। औय तत्कार उऩदे ळ दे ना ळूद ु कय दे गा। मश उवका कैये क्टयजस्टक शै. मे अनीित के रषण शै। औय भजा मश शै कक इनभें वे कोई बी बीतय ह्रदम वे कबी नशीॊ चाशता कक अनीित िभट जामे. ग्रेट ह्रुिभिनटी। फडे आदभी फशुत शो चुके। उनवे क्मा पामदा शुआ। अफ फडे आदिभमों की जूदयत नशीॊ. भुझे ख्मार बी नशीॊ शै। भुझे घफयाशट शी शोती शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi भैंने वुना शे कक अभयीका भें ककवी ने एक रेख िरखा शुआ था। ककवी िभर ने लश रेख भेये ऩाव बेज ठदमा। उवभें एक कभी थी. उवभें गरती थी। इवभें क्मा गरती शुई? भेये िित आदय शोने की जूदयत क्मा शै ? भझ ु े आदय दे ने का िमोजन क्मा शै ? भैंने कफ भाॊगा शै कक भझ ु े आदय दें ? दे ते थे तो आऩकी गरती थी। नशीॊ दे ते तो आऩकी कृऩा.मश बी फडी फात शै। लश ळामद वोचे शोंगे कक इव बाॊित कशकय लश ळामद भझ ु े िरोबन दे यशे शै कक भझ ु े भशात्भा औय भशप्रऴघ फनामा जा वकता शै। अगय भैं इव तयश की फातें न कूदॊ। आज तक भशाप्रऴघमों औय भशात्भाओॊ को इवी तयश फनामा गमा शै। इवीिरए उन कभजोय रोगों ने इव तयश की फातें नशीॊ की. कक जीलन के वॊफॊध भें वलािंगीण सान उत्ऩन्न न शो वके। औय जीलन के जो वफवे ज्मादा गशये केंि शै . तीन-तीन घॊटे तक खाना खाता यशता शै। अगय फ्रैंच को ळयाफ प्रऩरा दी जामें तो ळयाफ ऩीने के फाद लश एकदभ नाच-गाने के िरए तत्ऩय शो जाता शै। औय अॊग्रेज को ळयाफ प्रऩरा ठद जामे तो लश एक दभ चुऩ शो कय एक कोने भें फैि जाता शै। लश लैवे शी चुऩ फैिा यशता शै . लश औय चुऩ शो जाता शै। ऐवे दिु नमा के वाये रोगों के रषण थे। रेककन बूर वे मश असान के लळ बायत के फाफत कुछ बी नशीॊ िरखा था. भुझे प्रलचाय बी नशीॊ शै. वफवे आधायबत ू केंि औय इविरए धभघगूद ु उवकी बफरकुर फात नशीॊ कयना चाशते शै। एक िभर ने भुझे खफय िबजलामी शै कक कोई वॊत-भशात्भा वेक्व की फात नशीॊ कयता। औय आऩने वेक्व की फात की तो शभाये भन भें आऩका आदय फशुत कभ शो गमा शै। भैंने उनवे कशा.उवभें कुछ गरती नशीॊ शुई। ऩशरे आदय था.. उववे ज्मादा िनम्न िलिृ त औय स्लाथघ वे बया शुआ आदभी नशीॊ शै। जशाॊ इतने दीन-शीन आत्भाओॊ का प्रलस्ताय शै . इतना आवान शै। जजवका कोई ठशवाफ नशीॊ। शभेळा आवान यशा शै। शभेळा आवान यशे गा। लश वलार नशीॊ शै। वलार मश शै कक भशान भनुष्म कैवे ऩैदा शो? उवके िरए शभ क्मा कय वकते शै. उन केंिों को आदभी कबी बी न जान वकें क्मोंकक उन केंिों को जान रेने के फाद भनुष्म के जीलन वे अनीित तत्कार प्रलदा शो वकती शै। औय भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक वेक्व भनुष्म की अनीित का वलाथधघक केंि शै। भनुष्म के व्मिबचाय का. भनुष्म की प्रलकृित का वफवे भौिरक. क्मा वोच वकते शै। क्मा खोज वकते शै। औय भुझे रगता शै कक भैंने फिु नमादी वलार ऩय जो फातें आऩवे कशीॊ शै। लश आऩके More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . क्मोंकक उनके िभटने के वाथ लश बी िभट जाते शै. वॊतों औय भशात्भाओॊ की रॊफी कताय शै . फडी आदिभमत की जूदयत शै। तो भझ े . योग िभट जामे. जफ कोई भुझे भशात्भा भानना चाशे गा। औय आज की दिु नमा भें भशात्भा भें भशात्भा फन जाता औय भशप्रऴघ फन जाना. उन्शोंने भेयी वराश चाशी। ककवी ने रेख िरखा था लशाॊ—भजाक का कोई रेख था.भझ ॊ शुआ। एक आदभी को तो मश ु … ु े अच्छा रगा कभ वे कभ एक आदभीका इल्मुजन तो टूटा। एक आदभी तो सडवइल्मूजड ऩता चर गमा कक मश आदभी भशात्भा नशीॊ शै। एक आदभी का रभ टूट गमा. भैं भशात्भा शूॊ नशीॊ. जजनके असान के कायण अनीित औय व्मिबचाय औय रष्टाचाय पैरता शै . मे योग के रषण शै. लशाॊ भशात्भा शोने की कल्ऩना औय प्रलचाय शी ऩाऩ शै। भशान भनुष्मता भें चाशता शूॊ। भशान भनुष्म भें चाशता शूॊ। भशात्भा शोने की भेये भन भें कोई औय आकाॊषा नशीॊ शै। भशात्भाओॊ के ठदन प्रलदा शो जाने चाठशए। भशात्भाओॊ की कोई जूदयत नशीॊ शै। भशान भनुष्म की जूदयत शै। भशान भनुष्मता की जूदयत शै। ग्रेट भैन नशी. भैं भशात्भा शोना चाशता नशीॊ। जशाॊ इतनी फडे जगत भें इतने दीन-शीन रोग शै. षभा कयना बर ू वे मे फातें भैंने कश दीॊ। भैं भशात्भा था नशीॊ. उवभें िरखा था कक शय आदभी औय शय जाती का रषण ळयाफ प्रऩराकय ऩता रगामा जा वकता शै। कक फेिवक कैये क्टय क्मा शै ? उवने िरखा था कक अगय डच आदभी को ळयाफ प्रऩरा दी जामे तो लश एकदभ वे खाने ऩय टूट ऩडता शै. कपय लश ककचन के फाशय शी नशीॊ िनकरता। कपय लश एकदभ खाने की भेज वे उिता शी नशीॊ। फव ळयाफ ऩी कक लश दो-दो.िाणों की ऩुकाय तो मशी कशती शै कक योग फना यशे औय फढता यशे । औय उव योग को फढाने के िरए जो वफवे वुगभ उऩाम शै लश मश शै . लश उवका जातीम गण ु शै। मश जो—मश जो उऩदे ळकों का वभाज औय वाधु. जजनवे भशात्भाऩन िछन वकता था। अऩना भशात्भाऩन फचा यखने के िरए—उव िरोबन भें जीलन का ककतना अठशत शो वकता शै इवका उन्शोंने कोई बी ख्मार नशीॊ ककमा। भुझे थचॊता नशीॊ शै. भैं भशात्भा नशीॊ यशा। भैंने कबी चाशा शोता कक भैं भशात्भा शोऊॊ तो भझ ु े फडी ऩीडा शोती। भैं कशता. लशाॊ एक आदभी भशात्भा शोना चाशे . औय ळयाफ ऩी री तो उवका कैये क्टय शै .

शाथ बी जोडते शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जीलन भें एक ठदळा तोडने भें वशमोगी शो वकती शै। उनवे एक भागघ िकट शो वकता शै। औय रम भळ: आऩकी लावना का ूदऩाॊतयण आत्भा की ठदळा भें शो वकता शै। अबी शभ लावना शै. आत्भा नशीॊ। कर शभ आत्भा बी शो वकते शै। रेककन लश शोंगे कैवे? इवी लावना के वलािंग ूदऩाॊतयण वे इवी ळजक्त को िनयॊ तय ऊऩय रे जाने वे। जैवा भैंने कर आऩको कशा. एक्वीडेंट शै। वेक्व भें आऩ जाते शै ककवी औय कायण वे फीच भें आ जाते शै . लश बी अथघ की शै औय आऩके ख्मार भें आ जाना चाठशए. जैवे गेशूॉ के वाथ बूवा ऩैदा शो जाता शै। लैवी शारत शै। आऩका प्रलचाय आऩकी काभना दव ू यी थी. तो जभीन ऩय टशनी ठशराने के िरए बी जगश नशीॊ फचेगी। शभेळा आऩ वबा भें शी खडे शुए भारभ ू शोंगे। जशाॊ जामेंगे लशीॊ. औय प्रलदा शो जाती शै। उव बफॊद ु को ऩकडने की कोिळळ कयें कक लश क्मा शै। उवे जानने की कोिळळ कयें । उवको ऩकड रें ऩूयी तयश वे कक लश क्मा शै। औय एक दपा उवे आऩने ऩकड िरमा तो उव ऩकड भें आऩको ठदखामी ऩडेगा कक उव षण भें आऩ ळयीय नशीॊ यश जाते शै —फेडीरेवनेव। उव षण भें आऩ ळयीय नशीॊ शै। उव षण भें एक झरक की तयश आऩ कुछ औय शो गमे शै। आऩ आत्भा शो गमे शै। औय लश झरक आऩको ठदखामी ऩड जामे तो कपय उव झरक के िरए ध्मान के भागघ वे श्रभ ककमा जा वकता शै। उव झरक को कपय ध्मान की तयश वे ऩकडा जा वकता शै। औय अगय लश सान शभाये जानने ओय जीलन का ठशस्वा फन जाम तो आऩके जीलन भें वेक्व की कोई जगश नशीॊ यश जामेगी। एक िभर ने ऩछ ू ा शै कक अगय इव बाॊित वेक्व प्रलदा शो जामगा तो दिु नमा भें वॊतित का क्मा शोगा? अगय इव बाॊित वाये रोग वभाथध का अनुबल कयके ब्रह्भचमघ को उऩरब्ध शो जामेंगे तो फच्चों का क्मा शोगा। जूदय इव बाॊित के फच्चे ऩैदा नशीॊ शोंगे। जजव बाॊित आज ऩैदा शोते शै। लश ढॊ ग कुत्ते. अगय मशी जस्थित यशी। लश िभर िीक ऩूछते शै कक अगय इतनी ब्रह्भचमघ अऩरब्ध शोगा तो फच्चे कैवे ऩैदा शोंगे? उनवे बी भैं एक औय फात कशना चाशता शूॊ.बफजल्रमों औय इजल्रमों का तो िीक शै. कृबरभ वाधन प्रलकिवत शुए कक शभ फच्चों वे बी फच जामें औय वेक्व को बी बोग रें । फच्चों वे फचने की चेष्टा शजायों वार वे चर यशी शै। आमल ु ेद के तीय-चाय- ऩाॉच शजाय वार ऩुयाने ग्रॊथ इवका प्रलचाय कयते शै औय अबी आज का आधुिनकतभ स्लास््म का िभिनस्टय बी इवी की फात कयता शै। क्मों? आदभी ने मे ईजाद कयने की चेष्टा क्मों की? फच्चे फडे उऩिल का कायण शो गमे शै। ले फीच भें आते शैं. अथघशीन. ब्रह्भचमघ वे बी फच्चे ऩैदा शो वकते शै। रेककन ब्रह्भचमघ वे फच्चों के ऩैदा कयने का वाया िमोजन औय अथघ फदर जामेगा। काभ वे फच्चें ऩैदा शोते शै। वेक्व वे फच्चे ऩैदा शोते शै—फच्चे ऩैदा कयने के िरए कोई वेक्व भें नशीॊ जाता शै। फच्चे ऩैदा शोना आकजस्भत शै . रेककन ऩता शोगा आऩको कक बफना फुरामे भेशभान के वाथ क्मा घय की शारत शो जाती शै। लश वफ ऊऩय-ऊऩय शोता शै। बीतय कुछ बी नशीॊ शोता। बी कुछ बी नशीॊ। औय ऩूये लक्त मशी इच्छा शोती शै कक कफ आऩ बफदा शों. कबी शभाये िाणों की फश आकाॊषा नशीॊ थी। शभ तो ककवी औय शी तयप गमे थे। लश फाईिेडक्ट शैं. आलबगत बी कयते शै . खाना बी खखराते शै. कफ आऩ जामें। बफना फुरामे फच्चों के वाथ बी दव्ु मघलशाय शोगा। व्व्मलशाय शो शी नशी वकता। क्मोंकक उन्शें शभने कबी चाशा न था. आदिभमों का िीक नशीॊ शे । मश कोई ढॊ ग शै ? मश कोई फच्चों की कताय रगामे चरे जाना—िनयथघक. रडका नशीॊ शै . कयभेम्फकयॊग यखें औय उव बफॊद ु को ऩकडने की कोिळळ कयें । उव बफॊद ु को जो प्रल्मुत की तयश वॊबोग के फीच भें चभकती शै वभाथध का। एक षण को जो चभक आती शै. बफना जाने फुझे—मश बीड ऩैदा ककमे जाना। मश ककतनी शो गमी? मश बीड इतनी शो गमी शै कक लैसािनक कशते शै कक अगय वौ फयव तक इवी बाॊित फच्चे ऩैदा शोते यशें औय कोई ूदकालट नशीॊ रगाई गई. वबा भारभ ू शोंगी। वबी कयना फशुत भुज‍कर शो जामेगा। टशनी ठशराने की जगश नशीॊ यश जाने लारी शै वौ वार के बीतय. फच्चों के िरए आऩ कबी वेक्व भें नशीॊ जाते। बफना फुरामे भेशभान शै फच्चे औय इवीिरए फच्चों के िित आऩके भन भें लश िेभ नशीॊ शो वकता। जो बफना फुरामे भेशभानों के िित शोता शै। घय भें कोई आ जामे अितथथ बफना फुरामे तो जो शारत घय भें शो जाती शै —बफस्तय बी रगाते शै उवको वुराने के िरए. फच्चे बफरकुर आकजस्भक शै। औय इवीिरए वायी दिु नमा भें शभेळा वे मश कोिळळ चरी शै लात्स्मामन वे रेककय आज तक मश कोिळळ चरी शै कक वेक्व को फच्चों वे ककवी तयश भक् ु त कय िरमा जामे। उवी वे फथघ कॊरांोर प्रलकािवत शुआ। वॊतित िनमभन प्रलकिवत शुआ. जजम्भेदायी रे आते शै। औय बी एक खतया—फच्चों के आते वे स्री ऩकयलितघत शो जाती शै। ऩुूदऴ बी फच्चो नशीॊ चाशता शै। नशीॊ शोते शै तो चाशता शै इव कायण नशीॊ की फच्चों के िेभ शै . उव वॊफॊध भें बी फशुत वे ि‍न शे । उवके वॊफॊध भें एक फात कशूॊगा। भैंने आऩको कशा कक वॊबोग भें वभाथध की झरक का स्भयण यखें . िोडेक्ट नशीॊ। आज के फच्चे िेडक्ट नशीॊ शै। फाईिेडक्ट शै। ले उत्ऩती नशीॊ शै। लश उत्ऩती के वाथ. तो आऩ मश भत वोचना More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . फजल्क अऩनी वॊऩित वे िेभ शै। कर भािरक कौन शोगा। फच्चों वे िेभ नशीॊ शै। फाऩ जफ चाशता शै कक फच्चा शो जामे एक घय भें.

मश वफ फेकाय शै. इवभें कोई बी कठिनाई नशीॊ शै। इवभें जया बी कठिनाई नशीॊ शै। मश शो वकता शै। ब्रह्भचमघ वे जगत का अॊत शोने कोई वॊफॊध नशीॊ शै। जगत का अॊत शोने का वॊफॊध वेक्वुअिरटी वे ऩैदा शो गमा शै। तुभ कयते जाओ फच्चे ऩैदा औय जगत का अॊत शो जामेगा। न एटभ फभ की जूदयत शै. जस्रमों के शाथ भें कोई काभ नशीॊ शै। औय काभ नशीॊ शोता शै तो फात शोती शै। बायत इतनी फातचीत क्मों कयता शै ? लशी जस्रमों लारा दग ु ुणघ शै। काभ कुछ बी नशीॊ शै—फातचीत-फातचीत। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .रेककन ले फच्चे वेक्व की फाईिेडक्ट नशीॊ शोगें । उन फच्चों के िरए वेक्व एक लैठशकर शोगा। उन फच्चों को राने के िरए वेक्व एक भाध्मभ शोगा। वेक्व वे कोई वॊफॊध नशीॊ शोगा। जैवे एक आदभी फैरगाडी भें फैिकय कशीॊ गमा। उवे फैरगाडी वे कोई भतरफ शै? लश शलाई जशाज भें बी फैिकय जा वकता था। आऩ मशाॊ वे फैिकय ठदल्री गमे शलाई जशाज भें । शलाई जशाज वे आऩको कोई भतरफ शै। कोई बी वॊफॊध शै। कोई बी नाता शै? कोई नाता नशीॊ शै . उत्ऩजत्त शोगी। लश िेडक्ट शोंगे। लश वज ृ न शोंगे। वेक्व िवपघ भाध्मभ शोगा। औय जजव बाॊित अफ तक मश कोिळळ की गमी शै —इवे फशुत गौय वे वुन रेना—जजव बाॊित अफ तक मश कोिळळ की गमी शै। कक फच्चों वे फचकय वेक्व को बोगा जा वके। लश नमी भनुष्मता मश कोिळळ कय वकती शै कक वेक्व वे फचकय फच्चे ऩैदा ककमे जा वके। भेयी आऩ फात वभझे? ब्रह्भचमघ अगय जगत भें व्माऩक शो जामे तो शभ एक नमी खोज कयें गे। जैवी ऩुयानी खोज की शै कक फच्चों वे फचा जा वके औय वेक्व का अनुबल ऩूया शो जामे। इववे उल्टा िमोग आने लारे जगत भें शो वकता शे । जफ ब्रह्भचमघ व्माऩक शोगा। वेक्व वे फचा जा वके औय फच्चे शो जामे। औय मश शो वकता शै . वत्म शी औय शोगा। धभघ शी औय शोगा। धभघ शी औय शोगा. मश फशुत कठिन शे । भैंने तो वन ु ा शै कक चीन भें एक फाय फडी िितमोथगता शुई औय उव िितमोथगता भें चीन के वफवे फडे झि ू फोरने लारे रोग इक्िे शुए। झि ू फोरने की िितमोथगता थी कक कौन वफवे झि ू फोरता शै उवको ऩशरा ऩयु स्काय िभर जाए। एक आदभी को ऩशरा ऩुयस्काय िभरा। औय उवने मश फात फोरी थी िवपघ कक भैं एक फऻीचे भें गमा। दो औयतें एक शी फें च ऩय ऩाॉच िभनट वे चुऩचाऩ फैिी थी। औय रोगों ने कशा कक इववे फडा झि ू कुछ बी नशीॊ शो वकता शे । मश तो अल्टीभेट अनटुथ शो गमा। औय बी फडी-फडी झि ू रोगों ने फोरी थी। उन्शोंने कशा. धभघ शी औय शोगा। लश धभघ को वाथ रेकय ऩैदा शोगा। शभ अधभघ को वाथ रेकय ऩैदा शोते शै औय अधभघ भें जीते शै औय अधभघ भें शी भय जाते शै। इविरए ठदन-यात जजॊदगी बय धभघ की चचाघ कयते यशते शै। ळामद उव भनुष्म भें धभघ की कोई चचाघ नशीॊ शोगी. आतुयता मश शो यशी शै कक भैं ूदऩमे कभा-कभा कय भया जा यशा शूॊ. ऩुयस्काय इवको दे दो। लश आदभी फाजी भाय रे गमा। रेककन कबी आऩने वोचा कक स्रीमाॊ इतनी फातें क्मों कयती शै ? ऩुूदऴ काभ कयते शै. नाता केलर ठदल्री जाने वे शै। शलाई जशाज िवपघ लैठशकर शै. मश कताय मश काभ. न भारभ ू कौन कब्जा कय रेगा। एक शकदाय भेये खून का उवको फचाने के िरए शोना चाठशए। फच्चों के िरए…कोई कबी नशीॊ चाशता कक फच्चे आ जामें। फच्चों वे शभ फचने की कोिळळ कयते यशे शै। रेककन फच्चे ऩैदा शोते चरे गमे। शभने वॊबोग ककमा औय फच्चे फीच भें आ गमे। लश उवके वाथ जुडा शुआ वॊफॊध था। मश काभ जन्म वॊतित शै। मश फाई िेडक्ट शै वेक्वुअिरटी कीओय इवीिरए भनुष्म इतना ूदग्ण इतना.वफ तयप चरती यशती शै। कशते शै कक दो स्रीमाॊ वाथ-वाथ फशुत दे य तक ळाॊित वे फैिी यशें . स्रीमाॊ ऩूद ु ऴों वे ज्मादा रडती शै। स्रीमाॊ रडती शी यशती शै . कुछ न कुछ खटऩट ऩाव ऩडोव…. क्मोंकक धभघ रोगों का जीलन शोगा। शभ चचाघ उवी की कयते शै जो शभाया जीलन नशीॊ शोता। जो जीलन शोता शै उवकी शभ चचाघ नशीॊ कयते शै। शभ वेक्व की चचाघ नशीॊ कयते क्मोंकक शभ जजॊदगी भें उऩरब्ध नशीॊ कय ऩाते। फातचीत कयके उवको ऩूया कय रेते शै। आऩने ख्मार ककमा शोगा. न शाइड्रोजन फभ की जूदयत शै। मश फच्चों की इतनी फडी तादाद. िवपघ भाध्मभ शै। ब्रह्भचमघ को जफ रोग उऩरब्ध शों औय वॊबोग की मारा वभाथध तक शो जामे.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi कक रडके के िरए फडे उवके िाण आतुय शो यशे शै। नशीॊ. मश काभ वे उत्ऩन्न शुए कीडों-भकोडों जैवी भनुष्मता मश अऩने आऩ नष्ट शो जामेगी। ब्रह्भचमघ वे तो एक औय शी तयश का आदभी ऩैदा शोगा। उवकी उम्र फशुत रॊफी शो वकती शै। उवकी उम्र इतनी रॊफी शो वकती शै। जजवकी शभ कोई कल्ऩना बी नशीॊ कय वकते। उवका स्लास््म अ्बत ु शो वकता शै उवभें फीभायी ऩैदा न शो। उवका भजस्तष्क लैवा शोगा। जैवा कबी-कबी कोई िितबा ठदखामी ऩडती शै। उवके व्मजक्त भें वुगॊध शी औय शोगी। फर शी औय शोगा. तफ बी ले फच्चे चाश वकते शै। रेककन उन फच्चों का जन्भ.दीन-शीन इतना उदाव इतना थचॊितत शो गमा शै। ब्रह्भचमघ वे बी फच्चे आमेंगे.

रोग फेईभान थे. लश इतना स्लबाप्रलक शो वकता शै। उव भनुष्म के फाफत प्रलचाय बी अ्बुत शै। लैवे कुछ भनुष्म ऩैदा शोते शै। आकजस्भक था उनका ऩैदा शोना। कबी एक भशालीय ऩैदा शो जाता शै। ऐवा वुॊदय आदभी ऩैदा शो जाता शै। कक लश लस्र ऩशरे तो उतना वुॊदय न भारभ ू ऩडे। नग्न खडा शो जाता शै। उवके वौंदमघ की वग ु ॊध पैर जाती शै। वफ तयप। रोग भशालीय को दे खने चरे आते शै। लश ऐवा भारभ ू शोता शै .उवे दला रेनी शी ऩडेगी। तो मश शो वकता शै कक न्मम ू ाकघ भें वौ वार फाद शोगा. नीॊद तो कबी नशीॊ आती. उव ठदन वाये जगत के रोग ऐवे शोंगे। ऐवे वुॊदय. तो लश आदभी कशे गा। कक मश बफरकुर झूि शै . आऩ फडे बरे आदभी शे । औय जजतना आऩका कयण भानूॊ उतना कभ शै। अॊत भें मशी काभना कयता शूॊ ऩयभात्भा वे कक ित्मेक व्मजक्त के बीतय जो काभ शै. गाम-बैंव थगनता शूॊ. नशीॊ भैं वो नशीॊ ऩामा तुम्शाये ऩेट भें .दो वौ वार फाद ठशॊदस् ु तान भें शोगा. फैिता शूॊ.ऐवे भेधाली. मश फात शो नशीॊ वकती। मे फात कैवे शो वकती शै। भैं आऩवे कशता शूॊ उव ब्रह्भचमघ वे जो जीलन उऩजेगा. जजनवे कक िभर डये शुए थे कक कशीॊ कोई खडे शोकय न कश दे . जजन्शें िेभ औय ळाॊित वे वन ु ना फशुत भजु ‍कर शो गमा शै। फडी कठिनाई भारभ ू ऩडी शोगी। एक िभर तो भेये ऩाव आमे औय कशने रगे कक भैं डय यशा था कक कशीॊ दव फीव आदभी खडे शोकय मश न कशने रगें कक फॊद ककयमे। मे फातें नशीॊ शोनी चाठशए। भैंने कशा. उववे अगय कोई कशॊ कक भैं िवपघ तककमे ऩय वय यखता शूॊ औय वौ जाता शूॊ. मु्ध कयते थे। उनको प्रल‍लाव कयना भुज‍कर शो जामेगा। काभ वे अफ तक उत्ऩती शुई शै। औय लश बी उव काभ वे जो कपजजमोरेजजकर वे ज्मादा नशीॊ शै। एक अध्माजत्भक काभ का जन्भ शो वकता शै। औय एक नमे जीलन का िायॊ ब शो वकता शे । उव नमे जीलन के िायॊ ब के िरए मे थोडी वी फातें . लश कशॊ रांे न्कोराइजय. शभ उनवे ऩीछे नशीॊ यश वकते उन की वफ बफभाकयमों को शभ आत्भ वात कय शी चैन रें गे। तो मश शो वकता शै कक ऩाॉच वौ वार फाद दिु नमा के रोग नीॊद की दला रेकय शी वोमे। औय फच्चा जफ ऩशरी दपा ऩैदा शो भाॊ के ऩेट वे तो लश दध ू न भाॊगे.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ब्रह्भचमघ वे एक नमे भनुष्म का जन्भ शोगा। जो फातचीत कयने लारा नशीॊ जीने लारा शोगा। लश धभघ की फात नशीॊ कये गा। धभघ को जीमेगा। रोग बर ू शी जामेंगे कक धभघ कुछ शै. ऐवा शो नशीॊ वकता भैं तो वायी यात कयलटें शी फदरता यशता शूॊ. रांे न्कोराइजय कशाॊ शै। तो ऩाॉच वौ वार फाद उन रोगों को मश प्रल‍लाव ठदराना कठिन शोगा कक आज वे ऩाॉच वौ वार ऩशरे वायी भनुष्मता आॉख फॊद कयते शी वो जाती थी। ले कशें गे इॊऩािवफर. इतने ठशम्भत लय आदभी बी शोते तो बी िीक था। इतने ठशम्भत लय आदभी बी कशाॊ शै कक ककवी को कश दें कक फॊद ककयमे मश फात। इतने शी ठशम्भत लय आदभी इव भुल्क भें शोते तो फेलहूफों की कताय जो कुछ बी कश यशी शै भुल्क भें. ऐवे प्रलचाय ळीर—कपय ककतनी दे य शोगी उन रोगों को कक ले ऩयभात्भा को न जानें । ले ऩयभात्भा को इवी बाॊित जानें गे.आऩको रगेगा कक ब्रह्भचमघ वे फच्चे। भैं एक नमे शी कॊवेप्ट की फात कय यशा शूॊ। ब्रह्भचमघ वे जजव ठदन फच्चे आमेंगे. इव चाय ठदनों भें भैंने आऩवे कशीॊ शै। भेयी फातों को इतने िेभ औय इतनी ळाॊित वे—औय ऐवी फातों को. जो ऩैदा शुए शै। जजव ठदन दिु नमा भें ब्रह्भचमघ वे फच्चे आमेंगे। औय मश ळब्द बी वुनना. जैवे कोई वॊगभयभय की िितभा शो। उवभें इतना लीमघ िकट शोता शै कक—उवका नाभ तो लधघभान था—रोग उवको भशालीय कशने रगते शै। उवके ब्रह्भचमघ का तेर इतना िकट शोता शै कक रोग अिबबूत शो जाते शै। कक लश आदभी शी औय शै। कबी एक फ् ु ध ऩैदा शोता शै. उिता शूॊ. कबी एक कॊलमिू ळमव ऩैदा शोता शै। ऩयू ी भनष्ु म जाित के इितशाव भें दवऩच्चीव नाभ शभ थगन वकते शै.मश अवॊबल शै. लश कबी की फॊद शो गमी शोती। रेककन लश फॊद नशीॊ शो ऩा यशी शै। भैंने कशा कक भैं ितीषा कयता शूॊ कक कबी कोई फशादयू आदभी खडे शोकय कशे गा कक फॊद कये मे फात। उववे कुछ फात कयने का भजा शोगा। तो ऐवी फातों को. रोग शत्माये थे। रोग आत्भ-शत्माएॉ कय रेते थे। रोग जशय खाते थे। रोग ळयाफ ऩीते थे। रोग छुये बोंकते थे.भारा पेयता शूॊ. आऩ इतने िेभ वे वन ु ते यशे . रेककन कुछ नशीॊ—नीॊद आती शी नशीॊ। आऩ झूि कशते शै। ऐवे कैवे शो वकता शै। कक तककमे ऩय वय यखा शै औय नीॊद आ जामे। आऩ वयावय झूि फोरते शो। क्मोंकक भैंने तो फशुत िमोग कयके दे ख िरमा. यात-यात गुजय जाती शै। अभयीका भें न्मूमाकघ जैवे नगयों भें तीव वे रेकय चारीव िितळत रोग नीॊद की दलामें रेकय वो यशे शै। औय अभयीकी लैसािनक कशते शै कक वौ लऴघ के बीतय न्मूमाकघ जैवे नगय भें एक बी आदभी वशज ूदऩ वे वौ नशीॊ वकता. ऐवे ळजक्तळारी. जैवे शभ यात को वोते शै। रेककन जजव आदभी को नीॊद नशीॊ आती. उवको मश प्रल‍लाव कयना कठिन शो जामेगा कक रोग चोय थे. क्मोंकक ठशॊदस् ु तान के नेता इव फात के ऩीछे ऩडे शै कक शभ उनका भक ु ाफरा कयके यशें गे। शभ उनवे ऩीछे नशीॊ यश वकते शै। ले कशते शै . लश याभ के भॊठदय तक ऩशुॊचने की वीढी फन वके। फशुत-फशुत धन्मलाद। औय अॊत भें वफके बीतय फैिे ऩयभात्भा को िणाभ कयता शूॊ। भेये िणाभ स्लीकाय कयें । More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . कबी एक रम ाइस्ट ऩैदा शोता शै .

अजस्तत्ल यश जाम. लशाॊ अस्लास््म शै जजतना गशया अस्लीकाय शोगा. कुछ धभघ ळस्रों ने कुछ धभघ गुूदओॊ ने एक ळरुता का बाल ऩैदा कय ठदमा शै। गशये भें एक शी कायण शै। भनुष्म के अशॊकाय ऩय वफवे फडी चोट िेभ भें ऩडती शै। जफ एक ऩुूदऴ एक स्री के िेभ भें ऩड जाता शै। मा स्री एक ऩूद ु ऴ के िेभ भें ऩडती शै। तो उन्शें अऩना अशॊ काय तो छोडना शी ऩडता शै। िेभ की ऩशरी चोट अशॊकाय ऩय शोती शै। तो जो अित अशॊकायी शैं. उवके जीलन भें द्ु ख शी द्ु ख यश गमा। अफ इव द्ु ख वे ऊफ यशे शै। इविरए ऊफयने का कोई यास्ता खोज यशे शै। लश िेभ भें खो नशीॊ वकता तो अफ लश कशीॊ औय खोने का यास्ता खोज यशा शै। तो लश ऩयभात्भा की कल्ऩना कये गा. उवके जीलन का बी ्लाय फन्द शो गमा। औय जजवे िेभ का अनुबल नशीॊ शो यशा शै . उवे कोई बी झरक उऩरब्ध शोनी भुज‍कर शे । स्री ऩुूदऴ के फीच जो आकऴघण शै. एक लमज ू न. अफ ककवी दव ू ये का वुख ज्मादा भशत्लऩूणघ शै औय जूदयत ऩडे तो भैं अऩने ऩूया िभटा वकता शूॊ। ताकक दव ू या फच वके। औय कपय िेभ की जो िकरम मा शै. औय एक शो जाना. उतना शी व्मजक्त जीलनोन्भक् ु त शोगा। ऐवे धभघ ळस्र बी शै. क्मोंकक लश दाॊल ऩय रगाना ऩडेगा िेभ। िेभ का भतरफ शी मश शै कक भैं अऩने वे ज्मादा भूल्मलान ककवी दव ू ये को भान यशा शूॊ. औय एक अथघ भें स्री बी अधूयी शै। उनकी िनकटता जजतनी गशन। शो वके उतना शी एक का अनुबल ळूद ु शोता शै। तो भेयी ढ़जष्ट भें स्री-ऩुूदऴ के िेभ भें ऩयभात्भा की ऩशरी झरक उऩरब्ध शोती शै। औय जजव व्मजक्त को स्री-ऩुूदऴ के िेभ भें ऩयभात्भा की ऩशरी झरक उऩरब्ध नशीॊ शोती. औय अशॊकायी व्मजक्त काभ के बी प्रलयोध भें शो जामेगा। ऐवे अशॊकायी व्मजक्त अगय धािभघक शो जामें तो उनवे बी धभघ का जन्भ शोता शै। लश ूदग्ण धभघ शै। औय ऐवे अशॊकायी व्मजक्त अक्वय धािभघक शो जाते शै। क्मोंकक उन्शें जीलन भें अफ कशीॊ जाने का उऩाम नशीॊ यश जाता। जजवका िेभ का ्लाय फॊद शै. जो स्री ऩुूदऴ के फीच ककवी तयश की करश. ळयीय के प्रलयोध भें शै। तो उवका जो ऩयभात्भा शै उवकी कल्ऩना का लश प्रलऩयीत शो गमा वॊवाय के। एक अथघ भें वॊवाय का द‍ु भन शो गमा। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . औय गशये वभझें तो स्री-ऩुूदऴ के फीच जो आकऴघण शै लश ऩयभात्भा की शी रीरा का ठशस्वा शै। उवका शी आकऴघण शै। तो भेयी ढ़जष्ट भें उवके फीच को आकऴघण भें कोई बी ऩाऩ नशीॊ शै। रेककन क्मा कायण शै. उतनी षुि ळास्रों की नशीॊ शै। जशाॊ िनऴेध ककमा गमा शै। भैं तो वभथघन भें नशीॊ शूॊ। क्मोंकक भेयी भान्मता ऐवी शै कक जीलन औय ऩयभात्भा दो नशीॊ शै। ऩयभात्भा जीलन की गशनत्भ अनुबिू त शै। औय भोष कोई वॊवाय के प्रलऩयीत नशीॊ शै। फजल्क वॊवाय के अनुबल भें शी जाग जाने का नाभ शै। भैं ऩयू े जीलन को स्लीकाय कयता शूॊ—उवके वभस्त ूदऩों भें । स्री-ऩुूदऴ इव जीलन के दो अिनलामघ अॊग शै। औय एक अथघ भें ऩुूदऴ बी अधूया शै . स्री–ऩुूदऴ को कुछ धभों ने. उवका भतरफ शी मश शै कक भेया वुख गौन शै. ‘’भैं’’ का कोई बाल न यशो। तो िेभ वे वफवे ज्मादा ऩीडा उनको शोती शै। जजनको अशॊकाय की कठिनाई शै। तो अशॊकायी व्मजक्त िे भ नशीॊ कय वकता शै। अशॊकायी व्मजक्त िेभ के शी प्रलयोध भें शो जामेगा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi छठिां प्रिचन .मौन : जीिन ा ऊजाा-आमाभ वॊबोग वे वभाथध की ओय--ओळो धभघ के दो ूदऩ शै। जैवा वबी चीजों के शोत शै। एक स्लस्थ औय एक अस्लस्थ। स्लस्थ धभघ जो जीलन को स्लीकाय कयता शै। अस्लस्थ धभघ जीलन को अस्लीकाय कयता शै। जशाॊ बी अस्लीकाय शै . उवका भतरफ शी शै कक एक दव ू ये भें रीन शो जाना। ळयीय के तर ऩय मौन बी इवी रीनता का उऩाम शै —ळयीय के तर ऩय। िेभ औय गशये तर ऩय इवी रीनता का उऩाम शै। रेककन दोनों रीनताएॊ—एक दव ू ये भें डूफ जाना शै . ले िेभ वे फचें गे। फशुत अशॊकायी व्मजक्त िेभ नशीॊ कय वकता. उतना शी व्मजक्त आत्भघाती शै । जजतना गशया स्लीकाय शोगा. पावरा िभट जामे औय कशीॊ भेया ‘’भैं’’ खो जामे. ्लॊ्ल औय वॊघऴघ नशीॊ कयते। उन्शीॊ तयश के धभघ-ळास्रों का नाभ तॊर शै। औय भेयी भान्मता मश शै कक जजतना गशयी तॊर की ऩशुॊच शै जीलन भें. भोष की कल्ऩना कये गा। रेककन उवका ऩयभात्भा औय भोष अिनलामघ ूदऩ वे वॊवाय के प्रलयोध भें शोगा। क्मोंकक लश वॊवाय के प्रलयोध भें शै। वॊवाय का भतरफ शै: िेभ के प्रलयोध भें शै . लश अगय शभ िीक वे वभझें तो जीलन का शी आकऴघण शै .

उतना ज्मादा द्ु ख िभरते रगता शै। इव बाॊित ऩाॉच शजाय वार वे त्माग लादी आदभी की गदघ न ऩकडे शुए शै। औय ले फीभाय रोग शै . वुख नशीॊ िभरता इविरए कक उन्शोंने ऩाऩ का बाल ऩैदा कय ठदमा। अगय कोई फच्चे को वभझा दे कक स्लाव रेने भें ऩाऩ शो तो स्लाव रेने भें द्ु ख िभरने रगेगा। शभ जो बी वभझा दें .एक बीतय कन्रांासडक्ळन खडा शो जामेगा। मश वायी भनुष्म जाित भें उन्शोंने ऩैदा कय दी। इवके उनको पामदे शै। क्मोंकक जफ आऩको िेभ वे कोई वुख नशीॊ िभरता तो उनकी फात बफरकुर िीक रगने रगती शै। कक न तो इवभें कोई वूख….More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ऐवा जो आदभी धािभघक शो जामे तो ूदग्ण धभघ ऩैदा शोगा। औय ऐवे रोग अक्वय धािभघक शो जाते शै। ऐवे रोग ळास्र बी िरखते शै. ठदन बय की बूख औय कपय यात उनका खाना फनाना भेये वाथ। तो बूख बी उनके खाने की गॊध बी. लश िभरना फॊद शो जाता शै। िेभ जायी यशता शै औय वख ु इव अऩयाध बाल के कायण िभरना फॊद कशो जाता शै। जजव चीज भें बी अऩयाध बाल ऩैदा शो जाम. ले इव औय झुक जाते शै। अशॊकायी आदभी शभेळा आरम ाभक शोता शै। तो लश अऩने धभघ को रेकय बी आरम भण कयता शै। दव ू यों ऩय। उनको कनलटघ कयता. स्री का भन शै कक ऩुूदऴ को िेभ कये । मश स्लबाप्रलक शै। नैवथगघक. ूदग्ण शै। जीलन को जो बोग नशीॊ वकते क्मोंकक जीलन को बोगने के िरए जो अिनलामघ ळतघ शै . ले बी इव तयप झुकते शै। औय दिु नमा भें वबी के ऩाव थोडा फशुत अशॊकाय शे । तो जजनके बी अशॊकाय को थोडा फढाला ऩाने की इच्छा शो. ऩाऩ शो जाता शै। िेभ बी कयते शै औय बीतय कशीॊ गशये भें मश बी रगता यशता शै। कक कुछ गरत कय यशे शै । तो िेभ जो शै . कुछ इवभें फुया नशीॊ शै। रेककन अफ लश जो अऩयाध ऩैदा कय दें गे त्मागी लश जशय फन जामेगा। तो स्री-ऩुूदऴ एक दव ू ये के िित आकप्रऴघत बी शोंगे औय वाथ शी प्रलकप्रऴघत बी शोंगे। एक दोशयी धाया. कुछ ऩाऩ कय यशा शै। इवका ऩकयणाभ मश शोता शै कक िेभ वे जो बी वख ु िभरता था. द्ु ख िभरने रगता शै। औय जफ द्ु ख िभरने रगता शै तो उवे औय बी ऩाऩ भान रेने का गशया बाल शो जाता शै । जजतना गशया ऩाऩ भानते शै . कपय नकघ के ्लाय के ऩाव आने भें बी खतया शे । औय जजतना इन रोगों नश मश बाल ऩैदा ककमा कक स्री नकघ का ्लाय शै. उववे िभरने रगेगा। लश काभ शै मा नशीॊ. अबी तक नकघ नशीॊ गमे। एक दो ठदन खा रेने वे नकघ नशीॊ चरा जाऊॉगा। नकघ तो नशीॊ गमा। रेककन यात भें तकरीप भें ऩड गमा। भैं नकघ भें शी यशा। क्मोंकक भुझे उल्टी शो गई खाने के फाद चौदश वार तक जजव फात को ऩाऩ वभझता शो उवको एकदभ वे बीतय रे जाना फशुत भुज‍कर शै। उव ठदन जफ भुझे उल्टी शो गई तो भैंने मश वोचा कक फात ऩाऩ की शै . फदरता शै। औय चूॊकक लश काभ जीलन के वाभान्म वॊफॊधों वे अऩने को दयू यखता शै। स्लबालत: ऐवा रगता शै कक लश फडा त्माग कय यशा शै। औय जजन चीजों वे शभें वुख िभर यशा शै . उन वफको छोड यशा शै। इविरए शभाये भन भें बी आदय ऩैदा शोता शै। आदय तबी ऩैदा शोता शै . उवभे वुख नशीॊ िभर वकता। वुख के िरए ऩशरी फात जूदयी शै कक भन भें अशो बाल शो. जो भैं याज़ी शो गमा। तो भैंने वोचा कक मे रोग इतने ठदन वे खाते शै. उवको लश ऩूयी नशीॊ कय वकते। उनका अशॊकाय फाधा फनता शै। तफ कपय ले कशने ळूद ु कय दे ते शै कक वफ अॊगूय ख्टे शै। औय मश इतना िचाय ककमा शुआ शै अॊगूय ख्टे शोने का। कक अॊगूय ख्टे शो शी जाते शै। जफ आऩ उनको भुॊश भें डारते शै तो दाॉत कशते शै कक ख्टे शै। इन वाये रोगों ने स्री ऩुूदऴ के फीच फशुत तयश की फाधाएॊ खडी की शै। औय चूॊकक इनभें अथधक रोग ऩुूदऴ थे। इविरए स्लबालत: स्री को उन्शोंने फुयी तयश िनॊठदत ककमा शै। मे वफ ळास्र यचने लारे चूॊकक अथधकतय ऩुूदऴ थे. इनके बीतय बी स्री के िित लशी आकऴघण था. औय दिु नमा भें फशुत द्ु खी रोग शै। ले इव आळा भें कक इव तयश के प्रलचायों वे आनन्द िभरेगा. ्लॊ्ल औय प्रलऩयीत जस्थित फन जामेगी. प्रलचाय के बी दष्ु ट चरम शै। जजव चीज को शभ ऩाऩ भान रेते शै उवभें वख ु नशीॊ िभरता. इविरए स्री को उन्शोंने नकघ का ्लाय फना ठदमा। तो नकघ के ्लाय को छूने भें खतया तो शै शी. लश कोई बी गरत काभ शभ कय यशे शै . ऩशाडी ऩय चढना. नशीॊ तो उल्टी कैवे शो जाती। तो प्रलज‍मव वककघर शे. उनको वभझाता-फुझाता. मश वलार नशीॊ शै। जैवे जैन घय का फच्चा यात को खाना खामे तो रगता शै ऩाऩ शो गमा। जफ भैंने ऩशरी दपा यात भें खाना खामा तो भझ ु े लेिभट शो गई। एकदभ उल्टी शो गई। क्मोंकक चौदश वार तक भैंने कबी यात भें खाना खामा शी नशीॊ था। घय ऩय कबी खाता नशीॊ था। औय यात भें खाना ऩाऩ था। वफ ठशन्द ू थे। उनको ठदन भें कोई कफ्रक न थी। कक बोजन मा खाने की। औय भेये अकेरे के िरए भुझे अच्छा बी नशीॊ रगा कक कुछ खाए। ठदन बय की थकान. जफ शभवे प्रलऩयीत कोई कुछ कय यशा शै। जो शभ न कय ऩा यशे शों। लश कोई कय यशा शो तो आदय ऩैदा शोता शै। औय लश आरम ाभक शै . स्री ऩुूदऴ के वॊफॊध ऩाऩ शै. ऐवे रोग अऩने प्रलचाय का िचाय बी कयते शै . अशॊकायी शै। लश वफ बाॊित अऩने प्रलचाय को शभाये ऊऩय थोऩने की कोिळळ कयता शै। तो िेभ जो लश. जो ककवी औय के भन भें शै। औय जफ इन्शोंने इतना प्रलयोध ककमा तो लश आकऴघण औय फढ गमा। िनऴेध वे आकऴघण फढता शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . अऩयाध बाल न शो। तो ऩुूदऴ का भन शै कक स्री को िेभ कये . अऩयाध शै —मे बी वाभान्म भनुष्म थे. उवभें द्ु ख िभरने रगेगा। द्ु ख जो शै.ओय वुख नशीॊ िभरता। इविरए नशीॊ कक िेभ भें वख ु नशीॊ शै.

बफरकुर लास्तप्रलक शै। मश अत्मॊत ूदग्ण व्मजक्त की ठदळा शै। प्रलषियषप्त थचत की दळा शै। जफ कोई लावना इतनी िगाढ शो जाती शै कक उव लावना वे जो स्लप्न खडा शोता शै लश लास्तप्रलक भारूभ शोता शै। मश ऩागर भन की शारत शै। औय वफको जस्रमाॊ शी वताती शै। क्मोंकक इनके ऩूये जीलन का वाय वॊघऴघ शी शै। जजववे वॊघऴघ शै. भैं भानता शूॊ कक आज नशीॊ कर शभ उनको प्रलषियषप्त. जो इन्शोंने दफामा शै। औय जजवको िनऴेध ककमा शै. काभ लावना के बीतय शोना। जैवे शभ स्लाव रे यशे शै शला भें उववे बी गशया शभाया आजस्तत्ल काभलावना भें शै। क्मोंकक स्लाव रेना तो फशुत फाद भें ळूद ु शोता शै। फच्चा जफ भाॊ के ऩेट वे ऩैदा शोगा औय जफ यौएगा। तफ ऩशरी स्लाव रेगा। इवके ऩशरे बी नौ भशीने लश जजॊदा यश चुका शे । औय लश नौ भशीने जो जजॊदा यश चुका शै. तुभ शी शो। भैं तो कशता शूॊ उववे बागने की कोई जूदयत नशीॊ शे । औय बाग कय उऩिल भें ऩड जाता शै। तो जीलन भें जो शै उवका वशज अनब ु ल उवका स्लीकाय। औय जजतना गशया अनुबल शोता शै . भनोप्रलकाय ग्रस्त ळास्रों भें थगनॊगे। भेया कोई वभथघन इनको नशीॊ शै। भेया तो भानना शै। कक जीलन भें भजु क्त का एक शी उऩाम शै कक जीलन का जजतना गशन अनब ु ल शो वके औय जजव चीज के शभ जजतने गशन अनुबल भें उतय जाते शै। उतना शी उववे शभाया छुटकाया शो जाता शै। अगय िनऴध वे यव ऩैदा शोता शै। तो अनुबल वे लैयाग्म ऩैदा शोता शै। भेयी मश ढ़जष्ट शै कक जजव चीज को शभ जान रेते शै। जानते शी उववे जो प्रलषियषप्त आकऴघण था लश ळाॊत शोने रगता शै। औय स्लबालत: काभ का आकऴघण शै —शोगा। क्मोंकक शभ उत्ऩन्न काभ वे शोते शै। औय शभाये ळयीय का एक-एक कण जीलाणु का कण शे । भाता-प्रऩता के जजव काभाणु वे िनिभघत शोता शै। कपय उवी का प्रलस्ताय शभाया ऩूया ळयीय शै। तो शभाया तो शभाया योआॊ-योआॊ काभ वे िनिभघत शे । ऩयू ी वजृ ष्ट–काभ वजृ ष्ट शै। इवभे शोने का भतरफ शी शै. िाथघना कयने फैिे—तो स्री शी उनको ठदखाई ऩडने लारी शै। ले बगलान को दे खना चाशते शै . त्माग के ऩष भें नशीॊ शूॊ। औय भेया भानना शै जफ तक धभघ दिु नमा वे वभाप्त नशीॊ शोते. लश बोजन की शी गॊध शोगी। इववे कोई वॊफॊध फशाय का नशीॊ शै। इवके बीतय जो अबाल ऩैदा शो गमा शै। लश िषेऩण कय यशा शै। तो जफ इन ऋप्रऴ भुिनमों को ऐवा रगा कक स्री वफ तयश वे सडगाती शै औय उनके ध्मान की अलस्था भें आ जाती शै। औय ले फडी ऊॉचाई ऩय चढ यशे थे। औय नीचे थगय जाते शै। कोई थगया नशीॊ यशा. इवको ऩप्रलर कयो। अगय काभ-लावना इतनी गशयी शै तो उववे तुभ बाग वकोगे बी नशीॊ। इव गशयी काभ लावना को शी क्मों ने More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi जजव चीज का इॊकाय ककमा जाए. स्लाव वे बी गशया शभाया उवभे अजस्तत्ल िछऩा शुआ शै. छूना बी नशीॊ. न कशीॊ चढ यशा शै। वफ उनके भन का खेर शै। तो जजववे रड यशे थे जजववे बाग यशे थे। उवी वे खीॊचकय नीचे थगय जाते शै। तो कपय स्लबाप्रलक शै उन्शोंने कशाॊ कक स्री को दे खना बी नशीॊ. लश वताएगा। जजव ठदन आऩने उऩलाव ककमा शै. तफ तक दिु नमा वुखी नशीॊ शो वकती। ळाॊत नशीॊ शो वकती। वाये योग की जड इनभें िछऩी शै। तॊर की ढ़जष्ट बफरकुर उल्टी शै। तॊर कशता शै कक अगय स्री ऩुूदऴ के फीच आकऴघण शै तो इव आकऴघण को ठदव्म फनाओ। इववे बागों भत.ताकक उव स्री की ध्लिन-तयॊ गें उव स्थान वे अरग शो जाएॊ। अफ मश बफरकुर ूदग्ण थचत रोगों की दळा शै। इतने बमबीत रोग। औय जो स्री वे इतने बमबीत शो ले कुछ औय ऩा वकेंगे। इवकी वॊबालना नशीॊ शै। इव तयश के रोगों ने जो फातें िरखी शै. लश इतना िगाढ शो गमा शै। लश इतना िगाढ शो गमा शै। लश अफ उनको बफल्कुर लास्तप्रलक भारभ ू ऩडता शै। तो इनके कशने भें बी गरती नशीॊ शै कक उनशोंने जो अप्वयाएॊ दे खीॊ. स्री फैिी शो ककवी जगश बी तो एक दभ फैि भत जाना। कुछ कार व्मतीत शो जाने दे ना. उववे बागकय कोई बी फच वकता शै। क्मोंकक बागकय कोई फच नशीॊ वकता. क्मोंकक बागोगे कशाॊ। लश तुम्शाये बीतय शै .उवभे एक तयश का यव ऩैदाशोना ळूद ु शो जाता शै। तो मे ठदन यात इॊकाय कयते यशे तो इनका यव बी फढ गमा। औय जफ इनका यव फढ गमा—तो अगय इव तयश के रोग ध्मान कयने फैिे. उतना शभ जाग वकते शै। इव िरए भैं तॊर के ऩष भें शूॊ. रेककन ठदखाई स्री ऩडती शै। तफ स्लबालत: उनको ओय बी ऩक्का शोता चरा गमा कक स्री शी नकघ का ्लाय शै। शभ बगलान को जल्दी ऩाना जानना चाशते शै। तबी स्री फीच भें आ जाती शै। वाये ऋप्रऴ भुिनमों को स्रीमाॊ वताती शै। इवभें जस्रमों को कोई कवूय नशीॊ शै। इवभें ऋप्रऴ भुिनमों के भन की बाल-दळा शै। मे ऋप्रऴ भुिन स्री के खखराप रड यशे शै। कोई उऩय इॊि फैिा शुआ नशीॊ शै। जो अप्वयाएॊ बेजता शै। भगय इन वफको अप्वयाएॊ बेज दी थी। नग्न औय वन् ु दय जस्रमाॊ—मे इनके भन के ूदऩ शै. लश तो उवकी काभ उजाघ का शी पैराल शे । तो लश जो काभ उजाघ वे शभाया वाया ळयीय िनिभघत शै. उव ठदन बोजन के स्लप्न शी आमेंगे। औय अगय दो चाय भशीने आऩको रॊफा उऩलाव कयना ऩडे तो आऩ इल्मूजन की शारत भें शो जामेंगे—भजस्तष्क वे जो बी दे खेगा। बोजन शी ठदखाई ऩडेगा। कुछ बी वुनेगा। बोजन शी वुनाई ऩडेगा। कोई बी गॊध आमेगी.

े ऩाव नशीॊ शोने दे ते तो इवका ऩयलटे ड. प्रलकृत ूदऩ शै कक काई गॊदी ककताफ ऩढ यशा शै। कोई गॊदी तस्लीय दे ख यशा शै। कोई कपल्भ फना यशा शै। क्मोंकक आखखय मश कपल्भ कोई आवभान वे नशीॊ टऩकती.उनभें िछऩा फीज शै जन्भ का। औय पूरों ऩय िततिरमाॊ घभ ू कय उनके लीमाघणु को रेककन दव ू ये पूरों वे जाकय िभरा यशी शै। तो पूर दे खकय तो ऋप्रऴ खळ ु शोता शै। मश उवके ख्मार भें नशीॊ आ यश कक पूर जो शै . लश काभ लावना के ूदऩ शै। ऩषी का गीत वन ु कय खळ ु शोता शै। भोय नाचता शै तो खळ ु शोता शै। आदभी वे क्मा ऩये ळानी शै। लश काभ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ऩयभात्भा वे जुडने का भागघ फनाओ। औय अगय वजृ ष्ट काभ वे शो यशी शै तो ऩयभात्भा को शभ काभ लावना वे भुक्त नशीॊ कय वकते। नशीॊ तो कुछ तो कुछ शोने का उऩाम नशीॊ शै। अगय कशीॊ बी कोई ळजक्त शै इव जगत भें तो उवका शभें ककवी ने ककवी ूदऩ भें काभ लावना वे वॊफध ॊ जोडना शी ऩडेगा। नशीॊ तो इव वजृ ष्ट के शोने का कशीॊ कोई आधाय नशीॊ यश जाता। इव वजृ ष्ट भें जो कुछ शो यशा शै . जो स्री ऩुूदऴ के ळयीय को दे ख शी नशीॊ वका। जो ळयीय के वौन्दमघ को नशीॊ दे ख वका। जो ळयीय की वशजता को अनुबल नशीॊ कय वका। लश ऩोस्टय दे ख यशा शै। ऩोस्टय को दे खने लशी जा यशा शै। जो स्री ऩूद ु ऴ के ळयीय को दे ख शी नशीॊ वका। जो ळयीय के वौन्दमघ को नशीॊ दे ख वका। जो ळयीय की वशजता को अनुबल नशीॊ कय वका लश ऩोस्टय दे ख यशा शै। ऩोस्टय इन्शीॊ गुूदओॊ की कृऩा वे रग यशे शै। क्मोंकक मे इधय स्री ऩुूदऴ को िभरने झर ु ने नशीॊ दे त.रेककन आदभी के काभ वे लश ऩकयथचत शै लश उवकी खुद की ऩीडा शै। फाकी ऩूयी िकृित काभ का पैराल शै। मशाॊ जो बी ठदखाई ऩड यशा शै। लश वफके बीतय काभ िछऩा शुआ शै। वाया पैराल वाया खेर उवका तो जो काभ इतने गशये भें शै। लश ऩयभात्भा वे जुडा शोगा। तॊर कशता शै: वफवे ज्मादा गशयी चीज काभ लावना शै. ध्मान फना रे. वभाथध फना रे। तो दोशये ऩकयणाभ शोत शै। लश जो ऋप्रऴ िनयन्तय चाशता शै—त्माग लादी—का छुटकाया शो जाम. जजवभें शभ फश जाएॊ। औय काभ लावना को अगय कोई धाया फना रे. फजल्क इव तॊतु को धाया फना रें. रेककन उव तयप उनको ख्मार भें नशीॊ आता। वुफश जफ ऩषी गीत गा यशे शै तो उनको रगता शै कक फडी ठदव्म फात शो यशी शै। रेककन लश ऩषी जो ऩुकाय रगा यशा शै। लश वफ काभ-लावना शै। औय जफ पूर खखरते शै तो ऋप्रऴ की लाठटका भें तो लश वोचता शै फडी अदबत ु फात शै। औय पूरों को जाकय बगलान को चढा यशा शै। रेककन वफ पूर काभ लावना के ूदऩ शै। ले लीमाघणु शै। उनभें …. लश ककवी ने ककवी ूदऩ भें ऩयभात्भा वे जुडा शै। औय शभ आॊखें खोरकय चायों तयप दे खें तो वाया काभ को पैराल शै। आदभी शै तो शभ फेचैन शो जाते शै —ले ऋप्रऴ भुिन बी। आदभी फेचैन शो जाता शै . गरत। बागना क्मों. क्मोंकक उववे शी जन्भ शोता शै। उववे शी जीलन पैरता शै। मशाॊ जो बी ठदखाई ऩड यशा शै। लश वफके बीतय काभ िछऩा शुआ शै। वाया पैराल वाया खेर उवका. डयना क्मों जीलन जैवा शै . उवके त्मों भें जागूदक शोना। औय जफ भेये भन भें ककवी चीज क िित आकऴघण शै तो इव आकऴघण को वभझने की कोिळळ कूदॊ। क्मा शै मश आकऴघण। क्मों शै मश आकऴघण? औय इव आकऴघण को भैं कैवे वज ृ नात्भक कूदॊ कक इववे भेया जीलन खखरे औय प्रलकिवत शो। मश भेया प्रलध्लॊव न फन जाए। औय इव आकऴघण को भैं उऩमोग कैवे कूदॊ। मश वलार शै। तो इव आकऴघण का गशया उऩमोग ध्मान के िरए शो वकता शै। औय स्री–ऩुूदऴों की वजन्नथध फडी भक् ु त दामी शो वकती शै। भगय कबी ऐवा शुआ तो भनुष्म ओय ज्मादा वभझदाय औय ज्मादा प्रलचायऩूणघ शुआ। तफ शभ स्री ऩुूदऴ के फीच की वायी फाधाएॊ तोड दें गे। स्री ऩुूदऴ के फीच की फाधाएॊ तोडते शी शभाये नब्फे ऩयवैंट फीभाकयमाॊ प्रलरीन शो जाएॊ। क्मोंकक उन फाधाओॊ के कायण वाये योग खडे शो यशे शै। शभको ठदखाई नशीॊ ऩडता। औय चरम ऐवा शै कक जफ योग खडे शोते शै तो शभ वोचते शै औय फाधाएॊ खडी कयो। ताकक योग खडे न शो। भैं एक गाॊल भें था। औय कुछ फडे प्रलचायक औय वॊत वाधु िभरकय अ‍रीर ऩोस्टय प्रलयोधी एक वम्भेरन कय यशे थे। तो उनका ख्मार शै कक अ‍रीर ऩोस्टय रगता शै दीलारों ऩय. इविरए रोग काभ-लावना वे ऩये ळान यशते शै। जफकक शारत दव ू यी शै रोग काभ लावना वे ऩये ळान शै। इविरए ऩोस्टय भें भजा शै। मश ऩोस्टय कौन दे खेगा? ऩोस्टय को दे खने कौन जा यशा शै। ऩोस्टय को दे खने लशी जा यशा शै . रोगों की जूदयत शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . प्रल बी शो जाता शै। औय दव ू या ऩकयणाभ मश शोता शै कक मश व्मजक्त काभ—लावना वे बी छूट जाता शै। औय काभ लावना के कायण अशॊकाय वे बी छूट जाता शै। तॊर की वाधना शी स्लस्थ वाधना शै। तो भैं तो प्रलयोध भें नशीॊ शूॊ। न तो भैं प्रलयोध भें शूॊ कक इव ऩतघ वे फचो। न फच वकते शै। ऐवा ऊऩय वे फचें गे तो बीतय अप्वयाएॊ वताएगी। उववे इव ऩ् ृ ली की जस्रमों भें कुछ ज्मादा उऩिल नशीॊ। फचने की फात शी भैं भानता शूॊ. तो इव गशये तॊतु का शभ उऩमोग कय रें । इव तॊतु वे रडे न.

जजववे भेया कोई रेना दे ना शी नशीॊ शै। यास्ते ऩय भौका बीड भें िभर जामे। औय भें उवको धक्का भाूद। उव धक्के भें जूदय कोई फीभाय फात शै। लश धक्का क्मों ऩैदा शो यशा शै ? लश धक्का ककवी जूदयत का ूदग्ण ूदऩ शै। जजववे िेभ शो वकता शै। उवको भैं कबी ऩाव नशीॊ रे ऩाता। लश ूदग्ण शो गई लिृ त. भाॊग शै इवकी लश भाॊग कैवे ऩैदा शुई? लश भाॊग शभने ऩैदा की शै। स्री ऩुूदऴ को दयू कयके। लश भाॊग ऩैदा कय दी। अफ लश भाॊग को ऩूया कयने जफ कोई जाता शै तो शभको रगता शै कक फडी गडफड शो गई। तो उवको औय फाधाएॊ डारों। उवको जजतनी लश फाधाएॊ डारेगा. मश वभझ भें आने लारी फात शै। इवभें कुछ फुया नशीॊ शै। रेककन जजव स्री को भैं जानता शी नशीॊ. जजवको कोई झटका दे कय तोड रे। औय एक ऩका शुआ पर शै जो लष ृ वे थगय जाता शै। न लश लष ृ को खफय शोती शै कक लश कफ थगय गमा। न पर को खफय शोती शै। कफ थगय गमा। न पर को रगता शै कक कोई फडा बायी िमावकयना ऩडा। न कशीॊ शोता शै। न कशीॊ कुछ शोता शै। मश वफ चऩ ु चाऩ शो जाता शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .लश नए यास्ते खोजेगा भाॊग के। क्मोंकक भाॊग तो अऩनी ऩूितघ भाॉगती शै। तो भैंने उनको कशा कक अगय वच भें शी चाशते शो कक ऩोस्टय प्रलरीन शो जामे. रडके औय रडककमों के फीच कोई पावरा न शो. वाथ दे खें दौडें फडे शों. इनवे शभ फच जाते शै। ऩय बफना कोई चेष्टा ककए। एक तो कच्चा पर शै. जशाॊ नग्न रोग थे। तो उनको मे बयोवा शी नशीॊ आमा कक कोई नग्न स्री भें बी यव रे वकता शै। क्मोंकक यव रेने का कोई कायण नशीॊ शै। जफ तक शभ लस्रों भें ढाॊके शै औय दीलारें ओय फाधाएॊ खडी ककए शै। तफ तक यव ऩैदा शोगा। यव ऩैदा शोगा तो शभ वोचते शै कक—औय डय ऩैदा शो यशा शै —तो इवको योको। भनुष्म की अथधक उरझनें इवी बाॊित की शै। कक जो वोचता शै कक वीठढमाॊ शै वर ु झाल की. वाथ फडे शों. उतना शी मश उऩिल कभ शोगा. स्री ऩुूदऴ वशज शै.ूॊ उवका आिरॊगन कूदॊ. गॊदा वाठशत्म. इतने िनकट कक उनको मश ितीित नशीॊ यश जानी चाठशए कक कौन स्री शै औय कौन ऩुूदऴ। स्री-ऩुूदऴ शोना. अनब ु ल.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi इविरए वलार मश नशीॊ शै कक गॊदी कपल्भ कोई क्मों फना यशा शै ? रोगों की जूदयत क्मा शै? मश तस्लीय जो ऩोस्टय रगती शै। कोई ऐवे शी भुलत ऩैवा खयाफ कयके नशीॊ रगता। इवका कोई उऩमोग शै। इवे कशीॊ कोई दे खने को तैमाय शै . औय उवे भैं कशता शूॊ स्लस्थ धभघ। जीलन की वभझ. वाथ स्नान कयें . ितीित. अफ धक्का भायने भें बी यव रे यशा शूॊ। तो बीड भें एक धक्का शी भाय कय चरा गमा तो बी वभझो कक कुछ वुख ऩामा। औय वुख इवभें िभर नशीॊ वकता. जो अधभघ वे बी फयू ा शै. ले अऩने आऩ थगय जाएॊ। औय एक ज्मादा स्लस्थ भनुष्म का जन्भ शो। औय मश जो स्लस्थ भनुष्म शै इवकी भैं आळा कय वकता शूॊ कक मश धािभघक शो वके। क्मोंकक जो स्लस्थ शी नशीॊ शो ऩामा अबी उवके धािभघक शोने की कोई आळा भैं नशीॊ भानता। तो एक तो धभघ शै . उवके ळयीय भें भेया यव शोना स्लाबाप्रलक शै। नशीॊ तो िेभ तो िेभ बी नशीॊ शोगा। रेककन एक अॊजान स्री को यास्ते भें धक्का भाय दॉ ू बीड भें मश अळोबन शै। रेककन इवके ऩीछे ऋप्रऴ भुिनमों का शाथ शै। जजव स्री वे भेया िेभ शै। उवे भैं अऩने कयीफ िनकट रे र.जजनवे शभ फचना चाशते थे. तैयें। ताकक स्री ऩूद ु ऴ के ळयीय की नैवथगघक ितीित शो। औय लश ितीित कबी बी ूदग्ण न फन जाए। औय उवके िरए कोई फीभाय यास्ते न खोजने ऩडे। औय मश बफरकुर उथचत शी शै। कक ऩुूदऴों की ळयीय भें उत्वुकता शो। स्री की ऩुूदऴों के ळयीय भें उत्वक ु ता शो। मश बफरकुर स्लाबाप्रलक शै। औय इवभे कुछ बी कुूदऩ नशीॊ शै औय कुछ बी अळोबन नशीॊ शै। अळोबन तो तफ शै जो शभने ककमा शै। उववे अळोबन शो गई फात। अफ जजव स्री वे भेया िेभ शो. िनन्दा िभरेगी अऩयाध का बाल ऩैदा शोगा भन भें । भैं वभझूॊगा कक भैं ऩाऩ कय यशा शूॊ। औय जजतना भैं वभझूॊगा कक भैं ऩाऩ कय यशा शूॊ. चौफीव घॊटे का फोध नशीॊ शोना चाठशए। लश फीभायी शै. शोळ—इववे ऩैदा शुआ धभघ। स्री-ऩुूदऴ जजतने िनकट शोंगे. इवको िभटाने की फेशूदी कोिळळें कूदॊगा औय मश चरता यशे गा। स्री-ऩुूदऴ को िनकट राना चाशता शूॊ. अगय इतना फोध फना यशता शै तो स्री ऩुूदऴ दोनों को चौफीव घॊटे फोध नशीॊ शोना चाठशए। लश िभटे गा तबी जफ शभ फीच भें पावरे िभटाएॊगे। औय इतने गशये ऩकयणाभ शोंगे —कक वभाज की अ‍रीरता. लशी फाधाएॊ शै। तो भैं भानता शूॊ कक फच्चे फडे शों. ग्रािन िभरेगी भन को.उतना स्री ओ भेये फीच का पावरा फढता जाएगा। औय जजतना पावरा फढे गा. कयीफ-कयीफ नग्न–लशाॊ कोई ऩोस्टय रगा शै? मा कोई ऩोस्टय भें यव रे यशा शै? जफ ऩशरी दपे ईवाई िभळनयी ऐवे कफीरों भें ऩशुॉचे. तो स्री ऩुूदऴों के फीच की फाधा कभ कयो। क्मोंकक भैं नशीॊ दे खता—आठदलावी वभाज शै जशाॊ. लशीॊ उऩिल शै. अस्लस्थ धभघ। उववे तो अधभघ िीक शै। औय एक धभघ शै जो अधभघ वे श्रेष्ि शै . ळाॊत शोगा। औय अगय मश उऩिल ळाॊत शो जामे तो अवरी खोज ळूद ु शो वकती शै। क्मोंकक आदभी बफना आकऴघण के नशीॊ जी वकता। औय अगय स्री ऩुूदऴ का आकऴघण ळाॊत शो जाता शै तो ले औय गशये आकऴघण की खोज भें रग जाते शै। बफना आकऴघण के जीना भुज‍कर शै। लशी िमोजन शै। औय जो स्री-ऩुूदऴ भें शी रडता यशा शै — उवका आकऴघण तो कामभ यशता शै . गॊदी कपल्भें फेशूदी लिृ तमाॊ. दव ू या आकऴघण का कोई उऩाम नशीॊ शै। ऩयभात्भा भेये िरए िकृित भें शी गशये अनुबल का नाभ शै। औय जजव ठदन लश अनुबल शोने रगता शै। उवी ठदन मे वाये .

तो फशुत गशये भें शभ उवे बी स्लीकाय नशीॊ कय वकते। कैवे स्लीकाय कयें गे। कपय मा तो शभ ऩयभात्भा वे ज्मादा वभझदाय शो गए शै। उववे ऊऩय अऩने को यख िरमा कक शभ उवभें बी चुनाल कयते शै। भेया कोई चन ु ाल नशीॊ.जजवके कऩडे अच्छे शै। रोग तो िवपघ कऩडों की तयप दे खते शै औय तो कुछ ठदखामी नशीॊ ऩडता शै। जजनके घय रे जाऊॉगा लश बी िभर को शी दे खेंगे. तू तो भुझे स्लीकाय शै. भें तो ळयीय तक को अऩना नशीॊ भानता तो कऩडे को अऩना क्मा भानना शै.लश इतना गशया जाएगा जजतना भेयी िेभ आऩके बीतय गशया जाएगा। िेभ वे गशया तो कुछ बी नशीॊ जाता इवको बी जो छोड दे ता शै लश उथरा वतश ऩय यश जाता शै। तो भेये भन भें तो ऐवे ळास्र अिनष्ट शै। औय जजतने ळीध्र उनवे छुटकाया शो. भेये िभर शै फचऩन के फशुत अ्बुत व्मजक्त शै। जभार इनका नाभ शै। यश गमे कऩडे. क्मोंकक शभायी आॊखे इतनी अॊधी शै। कक िवलाम कऩडों के औय कुछ बी नशीॊ दे खती। उवके भन भें फशुत ऩीडा शोने रगी। कक मश कऩडे ऩशनाकय भैंने एक बर ू कय री। रेककन कपय उवे ख्मार आमा कक भेया प्माया िभर शै. लश अिकट का शी ठशस्वा शै। जो ठदखाई ऩड यशा शै। उवके ऩीछे शी अढ़‍म िछऩा शुआ शे । थोडी ऩतघ बीतय िलेळ कयने की जूदयत शै। औय िे भ जजतना गशया जाता शै। इव जगत भें कोई औय चीज इतनी गशयी नशीॊ जाती। भैं छुया भाय वकता शूॊ। आऩकी छाती भें. औय उन घालों का बयना भुज‍कर शै। तो भैं तो कवी ऐवे ळास्रों के ऩष भें नशीॊ शूॊ। भेया तो भानना मश शै कक जो बी िकृित वे उऩरब्ध शै वभग्र वलािंगीण स्लीकाय। औय उवी स्लीकाय वे ूदऩाॊतयण शै। औय मशी ूदऩाॊतयण गशया शो वकता शै। वॊघऴघ भें भेया बयोवा नशीॊ शै। औय इवी फात को भें आजस्तत्ल कशता शूॊ। वफ त्माथगमों को भैं नाजस्तक कशता शूॊ। क्मोंकक ऩयभात्भा की वजृ ष्ट उन्शें स्लीकाय नशीॊ। औय जजनको ऩयभात्भा की वजृ ष्ट स्लीकाय नशीॊ. एक िबखायी भारूभ ऩडने रगा। वोचा यास्ते ऩय रोग िभर की तयप शी दे खेंगे. कबी जूदयत ऩडेगी तो ऩशनूॊगा। कपय लश पकीय था। ले कऩडे फादळाशी थे। ठशम्भत बी उवकी ऩशनने की नशीॊ ऩडी थी। िभर ने जल्दी वे ले कऩडे ऩशन िरए। जफ िभर कऩडे ऩशन यशा था. ऩगडी थी. लशीॊ गोय वे दे खने रगा। लश िभर फडा वुॊदय भारूभ ऩड यशा था। जफ बी कोई उवके िभर को दे खता. मठद तम् ु शाये ऩाव दव ू ये कऩडे शों तो भझ ु े दे दो। लश पकीय कऩडे की एक जोडी जजवे फादळाश ने उवे बेट की थी—वुॊदय कोट था. लऴों फाद िभरा शै। क्मा अऩने कऩडे बी भैं उवको नशीॊ दे वकता। इतनी नीच इतनी षुि भेयी लिृ त शै। क्मा यखा शै कऩडों भें । मशी वफ अऩने को वभझाता शुआ लश चरा. नवूददीन ने ऩकयचम ठदमा। कशा. ले ऩयभात्भा बी उन्शें िभर जाएगा तो स्लीकाय कयें गे। भैं नशीॊ भानता। अस्लीकृित की उनकी आदत इतनी गशयी शै कक जफ ले ऩयभात्भा को बी दे खेंगे तो शजाय बर ू े िनकार रें गे कक इवभे मश ऩाऩ शै। ळोऩशाय ने कशीॊ कशा शै कक शे ऩयभात्भा. तम् ु शें छोडने का भेया भन नशीॊ शै . ऩकयलाय के रोगों की नजयें उवके िभर के कऩडों ऩय अटक गई। कपय उवे चोट रगी. उतना शी अच्छा शै। औय ऐवे ऋप्रऴ भुिनमों की थचककत्वा……भानिवक योग शै इन्शें । एक कशानी वे भैं अऩनी फात ळूद ु कयना चाशूॊगा। एक फशुत अ्बुत व्मजक्त शुआ शै। उव व्मजक्त का नाभ था नवीरु्दीन एक ठदन वाॊझ लश अऩने घय वे फाशय िनकरता था िभरों वे िभरने के िरए। तबी ्लाय ऩय एक फचऩन का बफछुडा िभर घोडे वे उतया। फीव फयव फाद लश िभर उववे िभरने आमा था। रेककन नवीरु्दीन ने कशा कक तुभ िशयो घडी बय भैंने ककवी को फचन ठदमा शै। उनवे िभरकय अबी रौटकय आता शूॊ। दब ु ाघग्म कक लऴो फाद तुभ आमे शो औय भुझे घय वे अबी जाना ऩड यशा शै।. भैं तो भानता शूॊ जो िकट शै. लऴो फाद शभ िभरे शै। उथचत शोगा कक भैं बी तम् ु शाये वाथ चर।ू यास्ते भें तम् ु शें दे खॉग ू ा बी. यास्ते ऩय नजयें उवके िभर के कऩडों ऩय अटकी यशी। जजवने बी दे खा. वो भेये शै। घय के रोग फशुत शैयान शुए। िभर बी शैयान शुआ। नवूददीन बी कशकय शैयान शुआ। वोचा बी नशीॊ था कक मे ळब्द भुशॉ वे िनकर जामेंगे। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi तो जीलन के अनुबल वे एक लैयाग्म का जन्भ शोता शै। जजवको भैं ऩका शुआ पर कशता शूॊ। औय जीलन वे रडने वे एक लैयाग्म का जन्भ शोता शै। जजवको भैं कच्चा पर कशता शूॊ। वफ तयप घाल छूट जाते शै . रेककन भैं जल्दी शी रौट आऊॉगा। उव िभर ने कशाॊ. जूते थे। लश अऩने िभर के िरए िनकार रामा। उवने उवे कबी ऩशना नशीॊ था। वोचा था. इवभें क्मा शजघ शो गमा शै। वभझाता-फुझाता अऩने िभर के घय ऩशुॊचा। बीतय जाकय जैवे शी अन्दय गमा. तेयी वजृ ष्ट स्लीकाय नशीॊ शै। रेककन इनको ऩयभात्भा स्लीकाय शै तो उवकी वजृ ष्ट अिनलामघ ूदऩेण स्लीकृित शो जाम। औय अगय उवकी वजृ ष्ट स्लीकाय नशीॊ शै . तबी नवीरु्दीन को रगा कक मश तो बूर शो गमी। इतने वुॊदय कऩडे ऩशनकय लश िभर तो एक वम्राट भारूभ ऩडने रगा। औय नवूददीन उवके वाभने एक पकीय. ईष्माघ भारूभ शुई कक भेये शी कऩडे औय भैं शी उवके वाभने दीन शीन रग यशा शूॊ। फडी बूर शो गई। कपय अऩने को वभझामा कपय अऩने भन को दफामा। घय के रोगों ने ऩूछा की मे कौन शै. नवूददीन के भन भें चोट रगती कक कऩडे भेये शै औय दे खा िभर जा यशा शै। कपय अऩने को वभझाता कक कऩडे क्मा ककवी के शोते शै. तभ ु वे फात बी कय रॊग ु ा। रेककन भेये वफ कऩडे धर ू भें शो गमे शै। अच्छा शोगा.

लश नीॊद भें धक्के भायता शै। वऩने फनकय आता शै। ककवी तयश वॊमभ वाधना कयके. इव दष्ु ट को कशाॊ वे वाथ रे आमा। जो दे खो इवको दे खता शै। औय ऩुूदऴों के दे खने तक तो गनीभत थी। रेककन वुॊदय जस्रमाॊ बी उवी को दे ख यशी शै। कपय तो औय बी अथधक भुवीफत शो गई नवूददीन के भन भें । िकट भें कशा. रेककन ठदखाई ऩड यशा था कक कऩडे भें शी वफ कुछ यखा शै। ले कऩडे फशुत वुॊदय थे। ले िभर फशुत अ्बुत भारभ ू ऩड यशा था। कपय चरे यास्ते ऩय। औय नवूददीन कपय अऩने को वभझाने रगा की कऩडे दे शी दॉ ग ू ा िभर को। रेककन जजतना वभझता था. कबी दे खा नशीॊ इन्शें । नवूददीन ने वोचा. भेये नशीॊ शै। रेककन कऩडे उन्शीॊ के थे तो कशने की जूदयत क्मा थी। कश गमा तफ ऩता चरा कक बूर शो गई। बूर का िनमभ शै कक लश शभेळा अितमों ऩय शोती शै। एक्वरांीभ वे फचो तो दव ू ये एक्वरांीभ ऩय शो जाती शै। बूर घडी के ऩैंडुरभ की तयश चरती शै। एक कोने वे दव ू ये कोने ऩय जाती शै। फीच भें नशीॊ रुकती। बोग वे जामेगी तो एकदभ त्माग ऩय चरी जामेगी। एक फेलकूपी वे छूटी दव ू यी फेलकूपी ऩय ऩशुॊच जामेगी। जो ज्मादा बोजन वे फचेगा. जो बी तय दफा शो लश कबी बी जफान वे िनकर जाता शै। जफान ऩरटती कबी नशीॊ। तो लश कशने रगा षभा कय दो. कौन कशता शै कक कऩडे भेये नशीॊ शै ? औय नवूददीन की ऊऩय की फु्थध वभझाने रगी कक नशीॊ. कशता कुछ औय शै वोचता कुछ औय शै। कशता था भैंने तो कुछ वोचा बी नशीॊ. लश िनकरता शै. कऩडे तो भैंने दे ठदमे िभर को। जफ ले बीतय घय भें गमे. ‘शाॊ’ शोता शै। जजव फात को तभ ु ने कशा ‘नशीॊ’ भन कशे गा शाॊ मशी। भन कशने रगा कौन कशता शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन जो दफामा जाता शै. भेये िभर शै.वॊबरकय वॊमभ वे। वॊमभी आदभी शभेळा खतयनाक शोता शे । क्मोंकक वॊमभी का भतरफ शोता शै कक उवने कुछ बीतय दफा यखा शै। वच्चा आदभी िवपघ वच्चा आदभी शोता शै। उवके बीतय कुछ बी दफा नशीॊ यशता शै। वॊमभी आदभी के बीतय शभेळा कुछ दफा शोता शै। जो ऊऩय वे ठदखाई दे ता शै। िीक उरटा उवके बीतय ठदखाई दफा शोता शै। उवी को दफाने की कोिळळ भें लश वॊमभी शो जाता शै। वॊमभी के बीतय शभेळा फाूदद शै. उवकी वुॊदय ऩत्नी िभरी। उवकी आॊखें एक दभ अटक गई िभर के उऩय। नवूददीन को कपय धक्का रगा। उव वुॊदय स्री ने उवे बी कबी इतने प्माय वे नशीॊ दे खा था। ऩूछने रगी मे कौन शै. वॊमभी आदभी कशता शै क्मा वोना। इवके अराला उवका कोई कायण नशीॊ शै। नीॊद तो ऩयभात्भा का अ्बुत आळीलाघद शै। रेककन वॊमभी आदभी नीॊद वे डयता शै। क्मोंकक जो दफामा शै. जो वोचता शै . तफ नवूददीन को दे खकय कोई वभझ बी नशीॊ वकता था। लश बीतय कऩडे वे रड यशा शै। घय भें िभर भौजूद था. फचऩन के वाथी शै। फशुत अच्छे आदभी शै। यश गमे कऩडे वो उन्शीॊ के शै . फेचाया नवूददीन उवी दव ू ये िभर के घय भें घव ू ा। दफामे शुए भन को। वोच यशा शै कक कऩडे भेये नशीॊ शै। िभर के शी शै। रेककन जजतना लश कश यशा शै कक भेये नशीॊ शै . जो विेभ कयो. लश बीतय बफरकुर नशीॊ शोता शै। आदभी वयावय झूि शै। िभर ने कशाॊ—भैं चरता शूॊ तुम्शाये वाथ रेककन अफ कऩडे की फात न उिाना। नवूददीन ने कशा. अफ ऐवी बर ू न शोगी। कऩडे भें क्मा यखा शै। रेककन कैवे िनकर गई मे फात. जो दफामा गमा शै। उवे एक षण को बी पुयवत दी. उतना शी भन कशता था कक एक फाय बी तो ऩशने नशीॊ। दव ू ये घय तक ऩशुॊचे. लश िनकर जाता शै। जो दफाओ. जजवभें कबी बी आग रग जामे तो फशुत खतयनाक शै। औय चौफीव घॊटे दफाना ऩडता शै उवे. िभर के शी शै। उतने शी कऩडे उवे अऩने भारुभ ऩड यशे शै। इनकाय फर ु ाला शै। भन भें बीतय ‘ना’ का भतरफ शै. अफ भैं तुम्शाये वाथ दव ू ये घय न जाऊॉगा। मश तुभने क्मा फात कशीॊ। नवूददीन की आॊखों भें आॊवू आ गमे। षभा भाॊगने रगा। कशने रगा बर ू शो गई। जफान ऩरट गई। रे ककन जफान कबी नशीॊ ऩरटती शै। ध्मान यखना. कऩडे का तो भझ ु ख्मार बी नशीॊ आमा। मश फात कैवे िनकर गई। जफ कक घय वे चरने भें औय घय तक आने भें िवलाम कऩडे के उवको कुछ बी ख्मार नशीॊ आमा था। आदभी फशुत फेईभान शे । जो उवके बीतय ख्मार आता शै। कबी कशता बी नशीॊ। औय जो फशाय फताता शै . छु्टी की लश फशाय आ जामेगा। इव िरए वॊमभी आदभी को अलकाळ कबी नशीॊ शोता। चौफीव घॊटे जफ तक जागता शै। नीॊद भें फशुत गडफड शो जाती शे । वऩने भें वफ फदर जाता शै। औय जजवको दफामा शै लश नीॊद भें िकट शोने रगता शै। क्मोंकक नीॊद भें वॊमभ नशीॊ चरता। इवीिरए वॊमभी आदभी नीॊद भें डयता शै। आऩको ऩता शै . लश उऩलाव कये गा। औय उऩलाव ज्मादा बोजन वे बी More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .भैंने कबी वोचा बी नशीॊ था कक कऩडे ककवके शै। रेककन आदभी लशीॊ नशीॊ कशता. लश िकट शोगा। इविरए बर ू कय बी गरत चीज न दफाना। अन्मथा वाया जीलन गरत चीज की अिबव्मजक्त फन जाता शै। लश फशुत घफया गमा। वोचा बी नशीॊ था कक ऐवा भुॊश वे िनकर जाएगा। िभर बी फशुत शतिब यश गमा। घय के रोग बी वोचने रगे। मश क्मा फात कशी। फाशय िनकर कय िभर ने कशा. कऩडे तुम्शाये शी शो गमे। अफ भैं लाऩव ऩशनूॊगा बी नशीॊ। कऩडे भें क्मा यखा शै। कश तो लश यशा था कक कऩडे भें क्मा यखा शै .

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More OSHO Books in Hindi

फदतय शे । क्मोंकक ज्मादा बोजन बी आदभी दो एक फाय कय वकता शै। रेककन उऩलाव कयने लारा आदभी ठदन बय भन शी भन
बोजन कयता शै। लश चौफीव घॊटे बोजन कयता यशता शै।
एक बूर वे आदभी का भन फचता शै तो दव
ू यी बर
ू ऩय चरा जाता शै। अितमों ऩय लश डोरता शै। एक बूर की थी कक कऩडे भेये शै।
अफ दव
ू यी बूर शो गई कक कऩडे उवी के शै, तो वाप शो जाता शै कक कऩडे उवके बफरकुर नशीॊ शै।

औय फडे भजे की फात शै कक जोय वे शभें लशी फात कशनी ऩडती शै , जो वच्ची नशीॊ शोती शै। अगय तुभ कशो कक भैं फशुत फशादयु आदभी
शूॊ तो वभझ रेना कक तभ
ु ऩक्के नॊफय के कामय शो।
अबी ठशॊदस्
ु तान ऩय चीन का शभरा शुआ। वाये दे ळ भें कप्रल शो गमे, जैवे फयवात भें भें ढक ऩैदा शो जाते शै। ‘शभ वोमे शुए ळेय शै , शभें
भत छे डों।‘ कबी वोमे शुए ळेय ने कप्रलता की शै कक शभको भत छे डों, कबी वोमे शुऐ ळेय को छे ड कय दे खो तो ऩता चर जाएगा। कक

छे डने का क्मा भतरफ शोता शै। रेककन शभाया ऩूया भुल्क कशने रा कक शभ वोमे शुऐ ळेय शै। शभ ऐवा कय दें गे,लैवा कय दें गे। चीन
राखों भीर दफा कय फैि गमा शै औय शभाये वोमे ळेय कपय वे वो गमे शै। कप्रलता फॊद शो गई शै। मश ळेय शोने का ख्मार ळेयों को ऩैदा
नशीॊ शोता। लश कामयों को ऩैदा शोता शै। ळेय-ळेय शोता शै। थचल्रा थचल्राकय कशने की उवे जूदयत नशीॊ शोती।
कश तो ठदमा नवूददीन ने कक कऩडे—कऩडे इन्शीॊ के शै। रेककन वन
ु कय लश स्री तो शै यान शुई। िभर बी शैयान शुआ कक कपय लशी
फात।
फाशय िनकर कय उवे िभर ने कशा कक षभा कयो, अफ भैं रौट जाता शूॊ। गरती शो गई शै कक तुम्शाये वाथ आमा। क्मा तुम्शें कऩडे शी
ठदखाई ऩड यशे शै।
नवूददीन ने कशा, भैं खुद बी नशीॊ वभझ ऩाता। आज तक जजॊदगी भें कऩडे भुझे ठदखाई नशीॊ ऩडे। मश ऩशरा शी भौका शै। क्मा शो

गमा भुझे। भेये ठदभाग भें क्मा गडफड शो गई। ऩशरे एक बूर शो गई थी। अफ उववे उरटी बर
ू शो गई। अफ भैं कऩडों की फात शी

नशीॊ कूदॊगा। फव एक िभर के घय औय िभरना शै कपय घय चर कय आयाभ वे फैिे गे। औय एक भौका भुझे दे दो। नशीॊ तो जजॊदगी बी
िरए अऩयाध भन भें यशे गा कक भैंने िभर के वाथ कैवा दव्ु मघलशाय ककमा।

िभर वाथ जाने को याज़ी शो गमा। वोचा था अफ औय क्मा कये गा बूर। फात तो खत्भ शो शी गई शे । दो शी फातें शो वकती थी। औय

दोनों फातें शो गई शै। रेककन उवे ऩता न था बर
ू कयने लारे फडे इनलैठटल शोते शै। नमी बर
ू ईजाद कय रेते शै। ळामद आऩको बी ऩता
न शो।

ले तीवये िभर के घय गमे। अफ की फाय तो नवूददीन अऩनी छाती को दफामे फैिा शै कक कुछ बी शो जामे, रेककन कऩडों की फात न
िनकारूॊगा।

जजतने जोय वे ककवी चीज को दफाओ, उतने जोय वे लश ऩैदा शोनी ळूद
ु शोती शै। ककवी चीज को दफाना उवे ळजक्त दे ने का दव
ू या नाभ
शै। दफाओ तो औय ळजक्त िभरती शै उवे। जजतने जोय वे आऩ दफाते शै उव जोय भें जो ताकत आऩकी रगती शै लश उवी भें चरी
जाती शै। जजव को आऩ दफाते शो। ताकत िभर गई उवे।
अफ लश दफा यशा शै औय ऩूये लक्त ऩा यशा शै कक भैं कभजोय ऩडता जा यशा शूॊ। कऩडे भजफूत शोते जा यशे शै। कऩडे जैवी कपजूर चीज
बी इतनी भजफूत शो वकती शै। कक नवूददीन जैवा ताकतलय आदभी शाये जा यशा शै उवके वाभने। जो ककवी चीज वे न शाया था, आज
उवे वाधायण वे कऩडे शयामे डारते शै। लश अऩनी ऩूयी ताकत रगा यशा शै। रेककन उवे ऩता नशीॊ शै कक ऩूयी ताकत शभ उवके खखराप
रगाते शै, जजववे शभ बमबीत शो जाते शै। जजववे शाय जाते शै , उववे शभ कबी नशीॊ जीत वकते।

ताकत वे नशीॊ जीतना शै , अबम वे जीतना शै, ‘कपमयारेवनेव’ वे जीतना शै। फडे वे फडा ताकतलय शाय जामेगा। अगय बीतय बम शो
तो। ध्मान यशे शभ दव
ू ये वे कबी नशीॊ शायते, अऩने शी बम वे शायते शै। कभ वे कभ भानिवक जगत भें तो मश ऩक्का शै कक दव
ू या शभें
कबी नशीॊ शया वकता,शभ शभाया बम शी शयाता शै।

नवूददीन जजतना बमबीत शो यशा शै , उतनी शी ताकत रगा यशा शै। औय लश जजतनी ताकत रगा यशा शै, उतना बमबीत शुआ जा यशा
शै। क्मोंकक कऩडे छूटते शी नशीॊ। ले भन भें फशुत चक्कय काट यशे शै। तीवये भकान के बीतय घव
ु ा शै। रगता शै लश शोळ भें नशीॊ शै।
फेशोळ शै। उवे न दीलारें ठदख यशी शै , न घय के रोग ठदखामी ऩड यशे शे । उवे केलर लशीॊ कोट ऩगडी ठदखाई ऩड यशी शै। िभर बी खो

गमा शै। फव कऩडे शै औय लश शे । शाराॊकक ऊऩय वे ककवी को ऩता नशीॊ चरता शै। जजव घय भें गमा, कपय आॉख ठटक गमीॊ उवके िभर
के कऩडों ऩय। ऩूछा गमा मे कौन शै ? रेककन नवूददीन जैवे फुखाय भें शै। लश शोळ भें नशीॊ शै।
दभन कयने लारे रोग शभेळा फुखाय भें जीते शै। कबी स्लस्थ नशीॊ शोते। विेळन जो शै , लश भें टर कपलय शै। दभन जो शै। लश भानिवक
फुखाय शै।

दफा िरमा शै औय फुखाय ऩकडा शुआ शै। शाथ ऩैय काॊऩ यशे शै उवके। लश अऩने शाथ ऩैय योकने की फे काय कोिळळ कय यशा शै। जजतना
योकता शै लश उतने काॊऩते जा यशे शै। कौन शै मश?….मश तो अफ उवे खुद बी माद नशीॊ आ यशा शै। कौन शै मश, ळामद कऩडे शै , िवपघ

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कऩडे। वाप भारूभ ऩड यशा शै। कक कऩडे शै रेककन मश कशना नशीॊ शै। रगा जैवे फशुत भुज‍कर भें ऩड गमा शै। उवे माद नशीॊ आ यशा
कक क्मा कशना शै। कपय फशुत भुज‍कर वे कशाॊ भेये फचऩन का िभर शै, नाभ शै परा। औय यश गमे कऩडे, वो कऩडे की तो फात शी नशीॊ
कयना शै। ले ककवी के बी शो, उनकी फात नशीॊ उिानी शै।

रेककन फात उि गई, जजवकी फात न उिानी शो उवी की फात ज्मादा उिती शै।
मे छोटी वी कशानी क्मों कशीॊ भैंने? वेक्व की फात नशीॊ उिानी शै औय उवकी शी फात चौफीव घॊटे उिती शै। नशीॊ ककवी वे फात कयना
शै जो कपय अऩने वे शी फात चरती शै। न कयें दव
ू ये वे तो खुद शी कयनी ऩडेगी फात अऩने आऩ वे। औय दव
ू ये वे फात कयने भें याशत

बी िभर वकती शै। खुद वे फात कयने भें कोई याशत बी नशीॊ शै। कोल्शू के फैर की तयश अऩने बीतय शी घूभते यशो। वेक्व की फात
नशीॊ कयना शै , उवकी फात शी नशीॊ उिानी शै। भाॊ अऩनी फेटी के वाभने नशीॊ उिाती। फेटा आऩने फाऩ के वाभने नशीॊ उिाता। िभर-िभर
के वाभने नशीॊ उिाते। क्मोंकक उिानी शी नशीॊ शै फात। जो उिाते शै ले अिळष्ट शै। जफकक चौफीव घॊटे वफके भन भें शी फात चरती शै।
वेक्व उतना भशत्लऩूणघ नशीॊ शै जजतना कक फात न उिाने वे भशत्लऩूणघ शो गमा शै। वेक्व उतना भशत्लऩूणघ बफल्कुर नशीॊ शै जजतना कक
शभ वभझ यशे शै उवे।

रेककन ककवी बी व्मथघ की फात को उिाना फॊद कय दो उवे तो लश फशुत भशत्लऩण
ू घ शो जाती शै। इव दयलाजे ऩय एक तख्ती रगा दें
कक मशाॊ झाॊकना भना शै। औय मशाॊ झाॊकना फडा भशत्लऩण
ू घ शो जामेगा। कपय चाशे आऩको मिू नलिवघटी भें कुछ बी शो यशा शो, बरे शी

आइॊस्टीन गखणत ऩय बाऴण दे यशा शो। फश वफ फेकाय शै , मश तख्ती भशत्लऩण
ू घ शो जामेगी। मशीॊ झाॊकने को फाय-फाय भन कये गा। शय
प्रल्माथजी मशीॊ चक्कय रगाने रगेगा। रडके जया जोय वे रगामेंगे, रडककमाॊ जया धीये वे।
कोई फुिनमादी पकघ नशीॊ शै आदभी-आदभी भें ।
भन भें बी शोगा कक क्मा शै इव तख्ती के बीतय,मश तख्ती एकदभ अथघ रे रगी। शाॊ कुछ जो अच्छे रडके-रडककमाॊ नशीॊ शै, ले आकय
वीधा झाॊकने रगें गे। लशी फदनाभी उिामेगे कक मे अच्छे रोग नशीॊ शै। तख्ती जशाॊ रगी थी कक नशीॊ झाॊकना शै लशीॊ झाॊक यशे शे । जो

बि जन शै, वज्जन शै, अच्छे घय के मा इव तयश के लशभ जजनके ठदभाग भें शै, लश उधय वे ितयछी आॊखें ककए शुए िनकर जामेगे, औय
ितयछी आॊखें वे दे खते शी यशे गें तख्ती को। औय ितयछी आॉख वे जो चीज ठदखाई ऩडती शै , लश खतयनाक शो जाती शै।
कपय ऩीसडत जन जो लशाॊ वे ितयछी आॊखें ककए शुए िनकर जामेंगे लश इवके फदरा रेंगे। ककववे, जो झाॊक यशे थे उनवे। गािरमाॊ दें गे
उनको कक फयु े रोग शै। अिळष्ट शै, वज्जन नशीॊ शै , वाधु नशीॊ शै। औय इव तयश भन भें वाॊत्लना कॊवोरेळन जट
ु ामेंगे कक शभ अच्छे
आदभी शै, इविरए शभने झाॉकय नशीॊ दे खा। रेककन झाॉकय दे खना तो जूदय था, मश भन कशे चरा जामेगा। कपय वाॊझ शोते-शोते अॉधेया
िघयते-िघयते ले आमेंगे। क्राव भें फैिकय ऩढें गे,तफ बी तख्ती ठदखाई ऩडेगी, ककताफ नशीॊ। रेफोये टयी भें ऐक्वऩैकयभैंट कयते शोंगे औय
तख्ती फीच-फीच भें आ जामेगी। वाॊझ तक लश आ जामेगी दे खना। आना शी ऩडेगा
आदभी के भन का िनमभ उरटा शै। इव िनमभों का उरटा नशीॊ शो वकता शै। शाॊ कुछ जो फशुत शी कभजोय शोंगे, लश ळामद नशीॊ आ
ऩामेंगे तो यात वऩने भें उनको बी लशाॊ आना ऩडेगा। भन भें उऩलाद नशीॊ भानते शै। जगत के ककवी िनमभ भें कोई अऩलाद नशीॊ शोता।
जगत के िनमभ अत्मॊत लैसािनक शै। भन के िनमभ बी उतने शी लैसािनक शे ।
मश जो वेक्व इतना भशत्लऩूणघ शो गमा शै लजघना के कायण। लजघना की तख्ती रगी शै। उव लजघना के कायण मश इतना भशत्लऩूणघ शो
गमा शै। इवने वाये भन को घेय िरमा शै। वाया भन वेक्व के इदघ -थगदघ घभ
ू ने रगाता शै।

फ्रामड िीक कशता शै कक भनुष्म का भन वेक्व के आव ऩाव शी घूभता शै। रेककन लश मश गरत कशता शै कक वेक्व भशत्लऩूणघ शै,
इविरए घभ
ू ता शै।

नशीॊ, घूभने का कायण शै , लजघना इनकाय, प्रलयोध, िनऴेध। घूभने का कायण शै शजायों वार की ऩयम्ऩया। वेक्व को लजजघन, गठशघत,िनॊठदत

िव्ध कयने लारी ऩयम्ऩया इवके िरए जजम्भेदाय शै। वेक्व को इतना भशत्लऩूणघ फनाने लारों भें वाध,ु भशात्भाओॊ का शाथ शै। जजन्शोंने
तख्ती रटकाई शै लजघना की।

मश फडा उरटा भारभ
ू ऩडेगा। रेककन मश वत्म शै। औय कशना जूदयी शे कक भनष्ु मजाित को वेक्वअ
ु िरटी की, काभक
ु ता की तयप रे
जाने का काभ भशात्भाओॊ ने शी ककमा शै। जजतने जोय वे लजघना रगाई शै उन्शोंने, आदभी उतने जोय वे आतयु शोकय बागने रगा शै।

इधय लजघना रगा दी। उधय उवका ऩकयणाभ मश शुआ कक वेक्व आदभी की यग-यग वे पूट कय िनकर ऩडा शै। थोडी खोजफीन कयो,
उऩय की याख शटाओॊ, बीतय वेक्व िभरेगा। उऩन्माव, कशानी, भशान वे भशान वाठशत्मकाय की जया याख झाडों। बीतय वेक्व िभरेगा।
थचर दे खो भूितघ दे खो िवनेभा दे खो, वफ लशी।
औय वाधु वॊत इव लक्त िवनेभा के फशुत खखराप शै। ळामद उन्शें ऩता नशीॊ कक िवनेभा नशीॊ था तो बी आदभी मशी वफ कयता था।
कािरदाव के ग्रॊथ ऩढो,कोई कपल्भ इतनी अ‍रीर नशीॊ फन वकती। जजतने कािरदाव के लचन शै। उिाकय दे खें ऩुयाने वाठशत्म को, ऩुयानी
भूितघमों को, ऩुयाने भॊठदयों को। जो कपल्भ भें शै। लश ऩत्थयों भें खुदा िभरेगा। रेककन उनवे आॊखे नशीॊ खुरती शभायी। शभ अॊधे की तयश
ऩीछे चरे जाते शै। उन्शीॊ रकीयों ऩय।

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वेक्व जफ तक दभन ककमा जामेगा औय जफ तक स्लस्थ खुरे आकाळ भें उवकी फात न शोगी औय जफतक एक-एक फच्चे के भन भें
लजघना की तख्ती नशी शटे गी। तफ तक दिु नमा वेक्व के औब्वैळन वे भुक्त नशीॊ शो वकती। तफ तक वेक्व एक योग की तयश आदभी
को ऩकडे यशे गा। लश कऩडे ऩशनेगा तो नजय वेक्व ऩय शोगी। खाना खामेगा तो नजय वेक्व ऩय शोगी। ककताफ ऩढे गा तो नजय वेक्व

ऩय शोगी। गीत गामेगा तो नजय वेक्व ऩय शोगी। वॊगीत वुनेगा तो नजय वेक्व ऩय शोगी। नाच दे खेगा तो नजय वेक्व ऩय शोगी। वायी
जजॊदगी उवकी वेक्व के आवऩाव घभ
ू ेगा।

अनातोरी फ्राॊव भय यशा था। भयते लक्त एक िभर उवके ऩाव गमा औय अनातोरी जैवे अदबुत वाठशत्मकाय वे उवने ऩूछा कक भयते

लक्त तुभवे ऩूछता शूॊ, अनातोरी जजॊदगी भें वफवे भशत्लऩूणघ क्मा शै ? अनातोरी ने कशा, जया ऩाव आ जाओ, कान भें शी फता वकता शूॊ।
आव ऩाव औय बी रोग फैिे थे। िभर ऩाव आ गमा। लश शैयान शुआ कक अनातोरी जैवा आदभी, जो भकानों की चोठटमों ऩय चढकय

थचल्राने का आदभी शै। जो उवे िीक रगा शभेळा कशता यशा। लश आज बी भयते लक्त इतना कभजोय शो गमा शै कक जीलन की वफवे
भशत्लऩूणघ फात फताने को कशता शै कक ऩाव आ जाओ। कान भें कशूॊगा। वुनो धीये वे कान भें, िभर ऩाव वयक आमा। अनातोरी कान
के ऩाव शोंि रे गमा। रेककन कुछ फोरा नशीॊ। िभर ने कशा, फोरते क्मों नशीॊ? अनातोरी कशाॊ तुभ वभझ गमे। अफ फोरने की कोई
जूदयत नशीॊ शै।

ऐवा भजा शै। औय िभर वभझ गमे औय तभ
ु बी वभझ गमे शोगें । रेककन शॊवने की फात नशीॊ शै। क्मा मे ऩागर ऩन शै? मे कैवे
भनुष्म को ऩागरऩन की औय रे जा यशा शै। दिु नमाॊ को ऩागरखाना फनाने की कोिळळ की जा यशी शै।

इवका फुिनमादी कायण मश शै कक वेक्व को आज तक स्लीकाय नशीॊ ककमा गमा शै। जजववे जीलन का जन्भ शोता शै , जजववे जीलन के
फीज पूटते शै। जजववे जीलन भें पूर आते शै। जजववे जीलन की वायी वुगॊध शै, वाया यॊ ग शै। जजववे जीलन का वाया नत्ृ म शै, जजवके

आधाय ऩय जीलन का ऩठशमा घूभता शै। उवको स्लीकाय नशीॊ ककमा गमा। जीलन के भौिरक आधाय को अस्लीकाय ककमा गमा शै। जीलन
भें जो केंिीम शै ऩयभात्भा जजवको वजृ ष्ट का आधाय फनामे शुए शै—चाशे पूर शो, चाशे ऩषी शो, चाशे फीज शो, चाशे ऩौधे शो, चाशे भनुष्म
शो—वेक्व जो कक जीलन के जीलन के जन्भ का भागघ शै, उवको शी अस्लीकाय कय ठदमा गमा शै।

उव अस्लीकृित को दो ऩकयणाभ शुए। अस्लीकाय कयते शी लश वफवे ज्मादा भशत्लऩूणघ शो गमा। अस्लीकाय कयते शी लश वलाघथधक
भशत्लऩूणघ शो गमा औय भनुष्म के थचत को उवने वफ तयप वे ऩकड िरमा शै। अस्लीकाय कयते शी उवे वीधा जानने का कोई उऩाम
नशीॊ यशा। इविरए ितयछे जानने के उऩाम खोजने ऩडे, जजनवे भनुष्म का थचत प्रलकृत औय फीभाय शो गमा शै। जजव चीज को वीधा
जानने के उऩाम न यश जामें औय भन जानना चाशता शो,तो लश कपय गरत उऩाम खोजने रग जाता शै।

भनष्ु म को अनैितक फनाने भें तथा कथथत नैितक रोगों का शाथ शै। जजन रोगों ने आदभी को नैितक फनाने की चेष्टा की शै , दभन के
्लाया,लजघना के ्लाया, उन रोगों ने वायी भनष्ु म जाित को अनैितक फना ठदमा शै।

औय जजतना आदभी अनैितक शोता जा यशा शै। उतनी शी लजघना वख्त शोती चरी जाती शै। ले कशते शै । कक कपल्भों भें नॊगी तस्लीयें
नशीॊ शोनी चाठशए। ले कशते शै , ऩोस्टयों ऩय नॊगी तस्लीये नशीॊ शोनी चाठशए। ले कशते शै ककताफ ऐवी शोनी चाठशए। ले कशते शै कपल्भ भें
चुॊफन रेते लक्त ककतने इॊच का पावरा शोना चाठशए। मश बी गलनघभेंट तम कयें । ले मश वफ कशते शै। फडे अच्छे रोग शैं ले, इविरए ले
कशते शै कक आदभी अनैितक न शो जामे।

औय उनकी मे वफ चेष्टामें कपल्भों को औय गॊदा कयती चरी जाती शै। ऩोस्टय औय अ‍रीर शोते चरे जाते शै। ककताफें औय गॊदी शोती
चरी जा यशी शै। शाॊ, एक पकघ ऩडता शै। ककताफ के बीतय कुछ यशता शै , उऩय कलय ऩय कुछ औय यशता शै। औय अगय ऐवा नशीॊ यशता

तो रडका गीता खोर रेता शै औय गीता के अॊदय दव
ू यी ककताफ यख रेता शै। उवको ऩढता शै। फाइबफर ऩढता शै, अगय फाइबफर ऩढता
शो तो वभझना बीतय कोई दव
ू यी ककताफ शै। मश वफ धोखा मश सडवेप्ळन ऩैदा शोता शै लजघना वे।

प्रलनोफा कशते शै , तर
ु वी कशते शै, अ‍रीर ऩोस्टय नशीॊ चाठशए। ऩूद
ु ऴोतभ दाव टॊ डन तो मशाॊ तक कशते थे कक खजयु ाशो औय कोणाकघ के
भॊठदयों ऩय िभ्टी ऩोतकय उनकी िितभाओॊ को ढॊ क दे ना चाठशए। कशीॊ आदभी इनको दे खकय गॊदा न शो जामे। औय फडे भजे की फात

मश शै कक तभ
ु ढॉ कते चरे जाओ इनको,शजाय वार वे ढाॉक शी यशे शो। रेककन इनवे आदभी गॊदगी वे भक्
ु त नशीॊ शोता। गॊदगी योज-योज
फढती चरी जाती शै।

भैं मश ऩूछना चाशता शूॊ, कक अ‍रीर ककताफ, अ‍रीर िवनेभा के कायण आदभी काभुक शोता शै मा कक आदभी काभुक शै, इविरए
अ‍रीर तस्लीय औय ऩोस्टय थचऩकामे जा यशा शै। कौन शै फुिनमादी?

फुिनमाद भें आदभी की भाॊग शै, अ‍रीर ऩोस्टय के िरए, इविरए अ‍रीर ऩोस्टय रगता शै औय दे खा जाता शै। वाधु वॊन्मावी बी दे खते
शै। रेककन दे खने भें एक पकघ यशता शै। आऩ उवको दे खते शै औय अगय आऩ ऩकड िरए जामेंगे दे खते शुए तो वभझा जामेगा कक मश
आदभी गॊदा शै। औय अगय कोई वाधु वॊन्मावी िभर जामे, औय आऩ उववे कशें कश आऩ क्मों दे ख यशे शै। तो लश कशे गा कक शभ तो
िनयीषण कय यशे शै , स्टडी कय यशे शै , कक ककव तयश रोगों को अनैितकता वे फचामा जामे। इविरए अध्मन कय यशे शै। इतना पकघ
ऩडेगा। फाकी कोई पकघ नशीॊ ऩडेगा। फजल्क आऩ बफना दे खे िनकर बी जामें। वाधु वॊन्मावी बफना दे खे कबी नशीॊ िनकर वकते थे।
क्मोंकक उनकी लजघना औय बी ज्मादा शै, उनका थचत औय बी लजजघत शै।

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एक वॊन्मावी भेये ऩाव आमे। ले नौ लऴघ के थे, तफ दष्ु टों ने उनको दीषा दे दी। नौ लऴघ के फच्चे को दीषा दे ना कोई बरे आदभी का

काभ शो वकता शै। नौ लऴघ का फच्चा, फाऩ भय गमा शै उवका। वॊन्मावी को भौका िभर गमा। उन्शोंने उवको दीषा दे दी। अनाथ फच्चे
के वाथ कोई बी दव्ु मघलशाय ककमा जा वकता था। उनको दीषा दे दी गई। लश आदभी नौ लऴघ की उम्र वे फेचाया वॊन्मावी शै। अफ उनकी
उम्र कोई ऩचाव वार शै। लश भेये ऩाव रुके थे। भेयी फात वुन कय उनकी ठशम्भत जगी कक भझ
ु े वच्ची फात कशी जा वकती शै। इव

भुल्क भें वच्ची फातें ककवी वे बी नशीॊ कशीॊ जा वकती शै। वच्ची फातें कशना भत, नशीॊ तो पॊव जाओगे। उन्शोंने एक यात भुझवे कशा
कक भैं फशुत ऩये ळान शूॊ,िवनेभा के ऩाव वे िनकरता शूॊ तो भुझे रगता शै, अॊदय ऩता नशीॊ क्मा शोता शोगा? इतने रोग तो अॊदय जाते शै।
इतनी क्मू रगामे खडे यशते शै। जूदय कुछ न कुछ फात तो शोगी शी। शाराॊकक भॊठदय भें जफ भैं फोरता शूॊ तो भैं कशता शूॊ कक िवनेभा
जाने लारे नकघ भें जामेंगे। रेककन जजनको भैं कशता शूॊ नकघ जाओगे,ले नकघ की धभकी वे बी नशीॊ डयते। औय िवनेभा जाते शै। भझ
ु े
रगता शै जूदय कुछ फात शोगी।

नौ वार का फच्चा था, तफ वाधु शो गमा। नौ वार के फाद शी उनकी फु्थध अटकी यश गमी। उवके आगे प्रलकिवत नशीॊ शुई। क्मोंकक
जीलन के अनुबल वे उन्शें तोड ठदमा गमा था। नौ वार के फच्चे के बीतय जैवे बाल उिे कक िवनेभा के बीतय क्मा शो यशा शै। ऐवा

उनके भन भें उिता शै रेककन ककववे कशें ? भुझवे कशा, तो भैंने उनवे कशा कक िवनेभा ठदखरा दॉ ू आऩको? ले फोरे कक अगय ठदखरा दें

तो फडी कृऩा शोगी। झॊझट छूट जामे,मश ि‍न िभट जामे। कक क्मा शोता शै ? एक िभर को भैंने फुरलामा कक इनको रे जाओ। लश िभर
फोरे कक भैं झॊझट भें नशीॊ ऩडता। कोई दे ख रे कक वाधु को रामा शूॊ तो भैं झॊझट भें ऩड जाऊॉगा। अॊग्रेजी कपल्भ ठदखाने जूदय रे जा
वकता शूॊ इनको। क्मोंकक लश िभिररांी एकयमा भें शै। औय उधय वाधुओॊ को भानने लारे बक्त बी न शोंगे। लशाॊ भैं इनको रे जा वकता
शूॊ। ऩय ले वाधु अॊग्रेजी नशीॊ जानते थे। कपय बी कशने रगे, कक कोई शजघ नशीॊ कभ वे कभ दे ख तो रें गे कक क्मा भाभरा शै।

मश थचत शै औय मशीॊ थचत लशाॊ गारी दे गा। भॊठदय भें फैिकय कक नकघ जाओगे। अगय अ‍रीर ऩोस्टय दे खोगें । मश फदरा रे यशा शै। लश
ितयछा दे खकय िनकर गमा आदभी फदरा रे यशा शै। जजवने वीधा दे खा उनवे फदरा रे यशा शै। रेककन वीधा दे खने लारे भुक्त बी शो

वकते शै। ितयछा दे खने लारे भुक्त कबी नशीॊ शोते। अ‍रीर ऩोस्टय इव िरए रग यशे शै। अ‍रीर ककताफें इविरए छऩ यशी शै। रडकेफूढे-नौजलान अळरीर गािरमाॊ फक यशे शै। अळरीर कऩडे इविरए ऩशने जा यशे शै। क्मोंकक तुभने जो भौिरक था औय स्लाबाप्रलक था
उवे अस्लीकाय कय ठदमा शै। उवकी अस्लीकृित के ऩकयणाभ भें मश वफ गरत यास्ते खोज जा यशे शै।

जजव ठदन दिु नमा भें वेक्व स्लीकृत शोगा, जैवा कक बोजन, स्नान स्लीकृत शै। उव ठदन दिु नमा भें अ‍रीर ऩोस्टय नशीॊ रगें गे। अ‍रीर
ककताफें नशीॊ छऩेगी। अ‍रीर भॊठदय नशीॊ फनें गे। क्मोंकक जैवे-जैवे लश स्लीकृित शोता जाएगा। अ‍रीर ऩोस्टयों को फनाने की कोई
जूदयत नशीॊ यशे गी।

अगय ककवी वभाज भें बोजन लजजघत कय ठदमा जामे, की बोजन िछऩकय खाना। कोई दे ख न रे। अगय ककवी वभाज भें मश शो कक
बोजन कयना ऩाऩ शै, तो बोजन के ऩोस्टय वडकों ऩय रगने रगें गे पौयन। क्मोंकक आदभी तफ ऩोस्टयों वे बी तजृ प्त ऩाने की कोिळळ
कये गा। ऩोस्टय वे तजृ प्त तबी ऩामी जाती शै। जफ जजॊदगी तजृ प्त दे ना फॊद कय दे ती शै। औय जजॊदगी भें तजृ प्त ऩाने का ्लाय फॊद शो
जाता शै।

लश जो इतनी अ‍रीरता औय काभुकता औय वेक्वुअिरटी शै, लश वायी की वायी लजघना का अॊितभ ऩकयणाभ शै।
भैं मुलकों वे कशना चाशूॊगा कक तुभ जजव दिु नमा को फनाने भें वॊरग्न शो, उवभें वेक्व को लजजघत भत कयना। अन्मथा आदभी औय बी
काभुक वे काभुक शोता चरा जाएगा। भेयी मश फात दे खने भें फडी उरटी रगेगी। अऺफाय लारे औय ने तागण थचल्रा-थचल्रा कय घोऴणा
कयते शै कक भैं रोगों भें काभ का िचाय कय यशा शूॊ। वच्चाई उरटी शै के भैं रोगों को काभ वे भुक्त कयना चाशता शूॊ। औय िचाय ले
कय यशे शै। रेककन उनका िचाय ठदखाई नशीॊ ऩडता। क्मोंकक शजायों वार की ऩयॊ ऩया वे उनकी फातें वन
ु -वन
ु कय शभ अॊधे औय फशये शो

गमे शै। शभें ख्मार शी यशा कक ले क्मा कश यशे शै। भन के वर
ू ों का, भन के प्रलसान का कोई फोध शी नशीॊ यशा। कक ले क्मा कय यशे शै।
ले क्मा कयला यशे शै। इविरए आज जजतना काभक
ु आदभी बायत भें शै। उतना काभक
ु आदभी ऩ्
ृ ली के ककवी कोने भें नशीॊ शै।

भेये एक डाक्टय िभर इॊग्रैण्ड के एक भेसडकर काॊफ्रेंव भें बाग रेने गमे थे। व्शाइट ऩाकघ भें उनकी वबा शोती थी। कोई ऩाॉच वौ डाक्टय
इक्िे थे। फातचीत चरती थी। खाना ऩीना चरता था। रेककन ऩाव की फेंच ऩय एक मुलक औय मुलती गरे भें शाथ डारे अत्मॊत िेभ
भें रीन आॊखे फॊद ककमे फैिे थे। उन िभर के िाणों भें फेचैनी शोने रगी। बायतीम िाण भें चायों तयप झाॊकने का भन शोता शै। अफ

खाने भें उनका भन न यशा। अफ चचाघ भें उनका यव न यशा। ले फाय-फाय रौटकय उव फेंच कीओय दे खने रगे। ऩुिरव क्मा कय यशी शै।
लश फॊद क्मों नशीॊ कयती मे वफ। मे कैवा अ‍रीर दे ळ शै। मश रडके औय रडकी आॉख फॊद ककमे शुए चुऩचाऩ ऩाॉच वौ रोगों की बीड
के ऩाव शी फेंच ऩय फैिे शुए िेभ िकट कय यशे शै। कैवे रोग शै मश क्मा शो यशा शै। मश फदाघ‍त के फाशय शै। ऩिु रव क्मा कय यशी शै।
फाय-फाय लशाॊ दे खते।

ऩडोव के एक आस्रांे िरमन डाक्टय ने उनको शाथ के इळाया ककमा ओय कशा, फाय-फाय भत दे खखए, नशीॊ तो ऩुिरवलारा आऩको मशाॊ वे

उिा कय रे जामेगा। लश अनैितकता का वफूत शै। मश दो व्मजक्तमों की िनजी जजॊदगी की फात शै। औय ले दोनों व्मजक्त इविरए ऩाॉच
वौ रोगों की बीड के ऩाव बी ळाॊित वे फैिे शै, क्मोंकक ले जानते शै कक मशाॊ वज्जन रोग इक्िे शै, कोई दे खेगा नशीॊ। ककवी को

िमोजन बी क्मा शै। आऩका मश दे खना फशुत गठशघत शै , फशुत अळोबन शै, फशुत अिळष्ट शै। मश अच्छे आदभी का वफूत नशीॊ शै। आऩ
ऩाॉच वौ रोगों को दे ख यशे शै कोई बी कपरम नशीॊ कय यशा। क्मा िमोजन शै ककवी वे। मश उनकी अऩनी फात शै। औय दो व्मजक्त इव

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उतने शी स्लस्थ शो जाओगे। तुभ जजतना वेक्व के पैक्ट को वभझ रोगे. उतना शी वेक्व के ‘कपक्ळन’ वे तम् ु शाया छुटकाया शो जामेगा। त्म को वभझते शी आदभी कशािनमों वे भुक्त शो जाता शै। औय जो त्म वे फचता शै . जो िितबा ऩैदा शुई शै। लश वेक्व के त्म की स्लीकृित वे ऩैदा शुई शै। जैवे शी वेक्व स्लीकृत शो जाता शै। लैवे शी जो ळजक्त शभायी रडने भें नष्ट शोती शै . तुम्शाये ऩुयखे. ‘एस्केऩ’ भत कयना। आॉख फॊद भत कयना। औय तुभ शै यान शो जाओगे कक तुभ जजतना वभझोगे. वॊगीत भें. लश ळजक्त भुक्त शो जाती शै। लश कयरीज शो जाती शै। औय उव ठदन ळजक्त को कपय शभ ूदऩाॊतकयत कयते शै —ऩढने भें खोज भें. जजव ठदन इव दे ळ भें वेक्व की वशज स्लीकृित शो जामेगी। शभ उवे जीलन के एक त्म की तयश अॊगीकाय कय रें गे—िेभ वे. तफ तक बायत के मल ु क की िितबा का जन्भ नशीॊ शो वकता। िितबा का जन्भ तो उवी ठदन शोगा.तुम्शायी शजायों वार की ऩीठढमाॉ वेक्व वे बमबीत यशी शै। तुभ बमबीत भत यशना। तुभ वभझने की कोिळळ कयना उवे। तुभ ऩशचानने की कोिळळ कयना। तुभ फात कयना। तभ ु वेक्व के वॊफॊध भें आधुिनक जो नई खोज शुई शै उनको ऩढना.बागने की जूदयत नशीॊ शै। जजव ठदन शभ इवे स्लीकाय कय रें गे. करा भें. उव दे ळ की िितबा का जन्भ नशीॊ शोता। ऩज‍चभ भें तीन लऴो भें जो जीिनमव ऩैदा शुआ शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi उम्र भें िेभ कयें तो ऩाऩ क्मा शै ? औय िेभ भें लश आॉख फॊद कयके ऩाव-ऩाव फैिे शों तो शजघ क्मा शै ? आऩ ऩये ळान शो यशे शै। न तो कोई आऩके गरे भें शाथ डारे शुए शै . उतने शी भुक्त शो जाओगे। तुभ जजतना वभझोगे. आप्रलष्काय भें . उतना भन लशाॊ दौडने रगता शै औय उव योकने औय दौडने भें वायी ळजक्त औय ऊजाघ नष्ट शो जाती शै। मश भैं आऩवे कशना चाशता शूॊ कक जजव दे ळ भें बी वेक्व की स्लस्थ ूदऩा वे स्लीकृित नशीॊ शोती. लश वफ तयप वे ठदखाई ऩड यशा शै। लशी ठदखाई ऩड यशा शै। मुलकों वे भैं कशना चाशता शूॊ कक तुम्शाये भाॊ फाऩ.ककववे ले फातें कयें कौन वाये त्मों को वाभने यखे। उनके िाणों भें जजसावा शै.शभ आइॊस्टीन ऩैदा कय वकेंगे। उव ठदन शभ चाॉद-तायों की मारा कयें गे। रेककन अबी नशीॊ। अबी तो शभाये रडकों को रडककमों के स्कटघ के आव ऩाव ऩकयरभण कयने वे शी पुयवत नशीॊ शै। चाॉद तायों का ऩकयरभण कौन कये गा। रडककमाॊ चौफीव घॊटे अऩने कऩडों को चुस्त कयने की कोिळळ कयें मा कक चाॉद तायों का प्रलचाय कयें । मश नशीॊ शो वकता। मश वफ वेक्वुअिरटी का ूदऩ शै। शभ ळयीय को नॊगा दे खना औय ठदखाना चाशते शै। इविरए कऩडे चुस्त शोते चरे जाते शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . लश कोई प्रलसान के िमोग कय वकता था फेचाया। कक लश कोई वत्म का वज ृ न कय वकता था? कक लश कोई भूितघ का िनभाघण कय वकता था। लश कुछ बी कय वकता था। लश कऩडे शी उवके चायों औय घूभते यशते शै ओय लश कुछ बी नशीॊ कय ऩाता शै। बायत के मल ु क के चायों तयप वेक्व घभ ू ता यशता शै ऩयू े लक्त। औय इव घभ ू ने के कायण उवकी वायी ळजक्त इवी भें रीन औय नष्ट शो जाती शै। जफ तक बायत के मल ु क की वेक्व के इव योग वे भजु क्त नशीॊ शोती. न कोई आऩवे िेभ कय यशा शै। लश िभर भझ ु वे रौटकय कशने रगे कक भैं इतना घफया गमा ककमे कैवे रोग शै। रेककन धीये -धीये उनकी वभझ भें मश फात ऩडी की गरत ले शी थे। शभाया ऩूया भुल्क शी एक दव ू ये घय भें दयलाजे के शोर फना कय झाॉकता यशता शै। कशाॊ क्मा शो यशा शै। कौन क्मा कय यशा शै ? कौन जा यशा शै ? कौन ककवके वाथ शै? कौन ककवके गरे भें शाथ डारे शै ? कौन ककवका शाथ-शाथ भें िरए शै? क्मा फदतभीजी शै. फव एक शी भजाक शै कक वेक्व की तयप इळाया कयें औय शॊवे। शद शो गई। तो जो आदभी वेक्व की तयप इळाया कयके शॊवता शै . उव ठदन इतनी फडी उजाघ भक् ु त शोगी बायत भें कक शभ न्मूटन ऩैदा कय वकेंगे.वाठशत्म भें। औय अगय लश ळजक्त वेक्व भें शी उरझी यश जामे जैवा कक वोच रें कक लश आदभी जो कऩडे भें उरझ गमा शै—नवूददीन. लश कशािनमों भें बटक जाता शै। ककतनी वेक्व की कशािनमाॊ चरती शे । औय कोई भजाक शी नशीॊ शै शभाये ऩाव. रेककन उवको दफामे चरे जाते शे । योके चरे जाते शै। उवके दष्ु ऩकयणाभ शोते शै। जजतना योकते शै . आनॊद वे—िनॊदा वे नशीॊ। औय िनॊदा औय घण ृ ा का कोई कायण बी नशीॊ शै। वेक्व जीलन का अ्बुत यशस्म शै। लश जीलन की अ्बुत िभजस्रां शे । उववे कोई घफयानें की. खोज शै. लश आदभी फशुत शी षुि शै। वेक्व की तयप इळाया कयके शॊवने का क्मा भतरफ शै? उवका एक शी भतरफ शै कक आऩ वभझते शी नशीॊ। फच्चे तो फशुत तकरीप भें शै कक उन्शें कौन वभझामें. चचाघ कयना औय वभझने की कोिळळ कयना कक वेक्व क्मा शै। क्मा शै वेक्व का भैकेिनज्भ? उवका मॊर क्मा शै? उवका मॊर क्मा शै? क्मा शै उवकी आकाॊषा? क्मा शै उवकी प्माव? क्मा शै िाणों के बीतय िछऩा शुआ याज? इवको वभझना। इवकी वायी की वायी लैसािनकता को ऩशचाना। उववे बागना. कैवी वॊस्कायशीनता शै। मश वफ क्मा शै ? मश क्मों शो यशा शै? मश शो यश शै इविरए कक बीतय लश जजवको दफाता शै .

जो अऩने फेटे को अऩनी िेभ की औय अऩनी वेक्व की जजॊदगी की वायी फातें नशीॊ फता दे ता। क्मोंकक फता दे ने वे फेटा उन बूरों वे फच जामेगा। ळामद फैटा ज्मादा स्लस्थ शो वकेगा। रेककन लशी फात इव तयश जीमेगा कक फेटे को ऩता चरे कक उवने िेभ शी नशीॊ ककमा। लश इव तयश खडा यशे गा। आॊखे ऩत्थय की फनाकय कक उवकी जजॊदगी भें कबी कोई औयत इवे अच्छी रगी शी नशीॊ थी। मश वफ झूि शै। मश वयावय झूि शै। तुम्शाये फाऩ न बी िेभ ककमा शै। उनके फाऩ ने बी िेभ ककमा शै। वफ फाऩ िेभ कयते यशे शै। रेककन वफ फाऩ धोखा दे ते यशे शै। तुभ बी िेभ कयोगे। औय फाऩ फनकय धोखा दोगे। मश धोखे की दिु नमा अच्छी नशीॊ शै। दिु नमा वाप वीधी शोनी चाठशए। जो फाऩ ने अनुबल ककमा शै लश फेटे को दे जामे। जो भाॊ ने अनब ु ल ककमा. प्रलकृत ठदभाग शै शभाया। शभ वेक्व के त्मों की वीधी स्लीकृित के बफना इव योग वे भक् ु त नशीॊ शो वकते। मश भशान योग शै। इव ऩूयी चचाघ भें भैंने मश कशने की कोिळळ की शै कक भनुष्म को षुिता वे उऩय उिना शै। जीलन के वाये वाधायण त्मों वे जीलन के फशुत ऊॊचे त्मों की खोज कयनी शै। वेक्व वफ कुछ नशीॊ शै। ऩयभात्भा बी शै दिु नमा भें । रेककन उवकी खोज कौन कये गा। वेक्व वफ कुछ नशीॊ शै इव दिु नमा भें वत्म बी शै। उवकी खोज कौन कये गा। मशीॊ जभीन वे अटके अगय शभ यश जामेंगे तो आकाळ की खोज कौन कये गा। ऩ् ृ ली के कॊकड ऩत्थयों को शभ खोजते यशें गे तो चाॉद तायों की तयप आॊखे उिामेगा कौन? ऩता बी नशीॊ शोगा उनको जजन्शोंने ऩ् ृ ली की शी तयप आॉख रगाकय जजॊदगी गुजाय दी। उन्शें ऩता नशीॊ चरेगा कक आकाळ भें ताये बी शैं. िळषकों का वशमोग रो. मश करा शै.इतना शी काभ कय दें तो उन्शें रगता शै कक उनका काभ ऩूया शो गमा। मश वफ कैवा योग शै. आकाळ गॊगा बी शै। याबर के वन्नाटे भें भौन वन्नाटा बी शै आकाळ का। फेचाये कॊकड ऩत्थय फीनने लारे रोग. अिबूदथच शै. उन्शें ऩात बी कैवे चरेगा कक औय आकाळ बी शै। औय अगय कबी कोई कशे गा कक आकाळ बी शै . टे स्ट शै। नशीॊ ‘’टे स्ट’’ नशीॊ शै। अबी ूदथच नशीॊ शै। लश जो जजवको शभ िछऩा यशे शै बीतय दव ू ये यास्तों वे िकट शोने की कोिळळ कय यशा शै। रडके रडककमों का चक्कय काट यशे शै। रडककमाॊ रडकों के चरम काट यशी शै। तो चाॉद तायों का चक्कय कौन काटे गा। कौन जामेगा लशाॊ? औय िोपेवय? ले फेचाये तो फीच भें ऩशये दाय फने शुए खडे शै। ताकक रडके रडककमाॊ एक दव ू ये के चक्कय न काट वकें। कुछ औय उनके ऩाव काभ शै बी नशीॊ। जीलन के औय वत्म की खोज भें उन्शें इन फच्चों को नशीॊ रगाना शै। फव. भैं कशता शूॊ इव ऩ् ृ ली वे भुक्त शोना शै . जो अऩनी फेटी को औय अऩने फेटे को ले वाये याज नशीॊ फात जाती.ताकक आकाळ ठदखाई ऩड वके। ळयीय वे भुक्त शोना शै। ताकक आत्भा ठदखाई ऩड वके। औय वेक्व वे भक् ु त शोना शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi वौंदमघ की फात नशीॊ शै मश. ताकक वभाथध तक भनष्ु म ऩशुॊच वके। रेककन उव तक शभ नशीॊ ऩशुॊच वकेंगे। अगय शभ वेक्व वे फॊधे यश जाते शै तो। औय वेक्व वे शभ फॊध गमे शै। क्मोंकक शभ वेक्व वे रड यशे शै। रडाई फाॉध दे ती शै। वभझ भुक्त कय दे ती शै। अॊडयस्टैंसडॊग चाठशए वभझ चाठशए। वेक्व के ऩयू े यशस्म को वभझो फात कयो प्रलचाय कयो। भल् ु क भें शला ऩैदा कयो कक शभ इवे िछऩामेंगा नशीॊ। वभझेंगे। अऩने प्रऩता वे फात कयो. मे वेक्व वे फचे जामें.अऩनी भाॊ वे फात कयो। लैवे ले फशुत घफयामे गे। अऩने िोपेवय वे फात कयो। अऩने कुरऩित को ऩकडो औय कशो कक शभें वभझाओ। जजॊदगी के वलार शै मे। ले बागेगे। ले डये शुए रोग शै। डयी शुई ऩीढी वे आमें शै। उनको ऩता बी नशीॊ शै। जजॊदगी फदर गमी शै। अफ डय वे काभ नशीॊ चरेगा। जजॊदगी का एन काउॊ टय चाठशए भुकाफरा चाठशए। जजॊदगी वे रडने औय वभझने की तैमायी कयो। िभरों का वशमोग रो. ले फच्चे का ठशत नशीॊ कयते शै। अगय शभ ऐवा कय वके तो दिु नमा ज्मादा वाप शोगी। शभ दव ू यी चीजों के वॊफॊध भें वाप शो गमे शै। ळामद केभेस्रांी के वॊफॊध भें कोई फात जाननी शो तो वफ वाप शै। कफजज़क्व के वॊफॊध भें कोई फात जाननी शै तो वफ वाप शै। बूगोर के फाफत जाननी शो तो वफ वाप शै। नक्ळे फने शुए शै। रेककन आदभी के फाफत वाप नशीॊ शै। कशीॊ कोई नक्ळा नशीॊ शै। आदभी के फाफत वफ झूि शै। दिु नमा वफ तयप वे प्रलकिवत शो यशी शै। िवपघ आदभी प्रलकिवत नशीॊ शो यशा। आदभी के वॊफॊध भें बी जजव ठदन चीजें वाप-वाप दे खने की ठशम्भत शभ जुटा रें गे। उव ठदन आदभी का प्रलकाव िनज‍चत शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . क्मोंकक कई फाय चुस्त कऩडे ळयीय को फशुत फेशूदा औय बोंडा फना दे ते शै। शाॊ ककवी ळयीय ऩय चुस्त कऩडे वुॊदय बी शो वकते शै। ककवी ळयीय ऩय ढीरे कऩडे वुॊदय शो वकते शै। औय ढीरे कऩडे की ळान शी औय शै। ढीरे कऩडों की गकयभा औय शै। ढीरे कऩडों की ऩप्रलरता औय शै। रेककन लश शभाये ख्मार भें नशीॊ आमेगा। शभ वभझेंगे मश पैळन शै . चभकते शुए ताये बी शै । तो ले कशें गे वफ झूिी फातचीत शै. भाॊ-फाऩ का वशमोग रो। लश भाॊ गरत शै.जो उवने जाने। क्मोंकक उवके फताने वे फेटा औय उवकी फेटी बर ू ों वे फच वकती शै। उवके न फताने उनवे बी उन्शीॊ बूरों को दोशयाने की वॊबालना शै। जो उवने खुद की शोगी। फाऩ गरत शै. लश फेटी को दे जामे। जो ईष्यमा उवने अनुबल कक शै। जो िेभ के अनुबल ककमे शै। जो गरितमाॊ उवने की शै। जजन गरत यास्तों ऩय लश बटकी शै औय रिभ शै। उव वफकी कथा को अऩनी फेटी को दे जामे। जो नशीॊ दे जाते शै. कोयी कल्ऩना शै। वच भें तो केलर ऩत्थय शी ऩत्थय शै। शाॊ कशीॊ यॊ गीन ऩत्थय बी शोते शै। फव इतनी शी जजॊदगी शै। नशीॊ. मश कैवा सडवीज्ड भाइॊड.

जशाॊ उवे ख्मार बी राना अवॊबल शोता जा यशा शै कक ऩयभात्भा बी शो वकता शै। क्मा आऩने कबी वोचा शै कक मश घटना कैवे घट गमी शै? क्मा नाजस्तक इवके िरए जजम्भेदाय शै? मा कक रोगों की आकाॊषाओॊ औय अबीप्वाएॊ ऩयभात्भा की ठदळा की तयप जाना फॊद शो गमी शै। क्मा लैसािनक ओय बौितकलादी रोगो ने ऩयभात्भा के ्लाय फॊद कय ठदमे शै? नशीॊ ऩयभात्भा के ्लाय इविरए फॊद शो गमे शै कक ऩयभात्भा का शी ्लाय था—िेभ औय उव िेभ की तयप शभाया कोई ध्मान शी नशीॊ गमा शै। औय बी अजीफ औय कठिन औय आ‍चमघ की फात मश शो गमी शै कक तथाकथथत धािभघक रोगों ने िभर-जर ु कय िेभ की शत्मा कय दी औय भनष्ु म को जीलन भें इव बाॊित वव्ु मलजस्थत कयने की कोिळळ की गमी शै कक उवभें िेभ की ककयण की वॊबालना शी न यश जामे। िेभ के अितकयक्त भुझे कोई यास्ता नशीॊ ठदखाई ऩडता शै। जो िबु तक ऩशुॊच वकता शै। औय इतने रोग जो लॊथचत शो गमे शै . जो भनुष्म को सात शै। औय जो ऩयभात्भा की झरक दे वकता शै। लश अनुबल िेभ का अनुबल शै। जजवके जीलन भें िेभ की कोई झरक नशीॊ शै। उवके जीलन भें ऩयभात्भा के आने की कोई वॊबालना नशीॊ शै। न तो िाथघनाएॊ ऩयभात्भा तक ऩशुॊचा वकती शै। न धभघ ळास्र ऩशुॊचा वकते शै। न भॊठदय भजस्जद ऩशुॊचा वकते शै। न कोई ठशॊद ू औय न भुवरभानों के. ले घण ृ ा औय ठशॊवा के आधाय औय भाध्मभ फन गमे शै। जो िेभ ऩयभात्भा तक ऩशुॊचा वकता था. ऩायिवमों के वॊगिन ऩशुॊचा वकते शै। भॊठदय औय भजस्जद तो िेभ की ज्मोित को फझ ु ाने का काभ कयते शै। जजन्शें शभ धभघगूद ु कशते शै। ले भनष्ु म को भनष्ु म वे तोडने के िरए जशय पैराते शै। जजन्शें शभ धभघळास्र कशते शै. भनुष्म के िाण िनयॊ तय शी ऩयभात्भा को ऩाने के िरए आतुय शै। रेककन ककव भनुष्म को? कैवे ऩयभात्भा को? उवका कोई अनुबल. लश अत्मॊत उऩेषियषत शोकय जीलन के यास्ते के ककनाये अॊधेये भें कशीॊ ऩडा यश गमा। इविरए ऩाॉच शजाय लऴों वे आदभी िाथघनाएॊ कय यशा शै। बजन ऩूजन कय यशा शै। भवजजदों औय भॊठदयों की भिू तघमों के वाभने िवय टे क यशा शै। रेककन ऩयभात्भा की कोई झरक भनुष्मता को उऩरब्ध नशीॊ शो वकी। ऩयभात्भा की कोई ककयण भनुष्म के बीतय अलतकयत नशीॊ शो वकी। कोयी िाथघनाएॊ शाथ भें यश गमी शै औय आदभी योज नीचे थगयता गमा शै। औय योज-योज अॊधेये भें बटकता गमा शै। आनॊद के केलर वऩने शाथ भें यश गमे शै। वच्चाइमाॉ अत्मॊत द्ु ख ऩूणघ शोती चरी गमी शै। आज तो आदभी कयीफ-कयीफ ऐवी जगश खडा शो गमा शै.कोई याभ.कोई रम ाइस्ट ई‍लय को उऩरब्ध शो जामे। मश कोई वलार नशी शै। अयफों- खयफों रोगों भें अगय एक आदभी भें ज्मोित उतय बी आती शो तो मश कोई प्रलचाय कयने की फात नशीॊ शै। इवभें तो कोई ठशवाफ यखने की जूदयत बी नशीॊ शै। एक भारी एक फऻीचा रगाता शै। उवने दव कयोड ऩौधे उव फऻीचे भें रगामे शै। औय एक ऩौधे भें एक अच्छा वा पूर आ जामे। तो भारी की िळॊवा कयने कौन जामेगा। कौन कशे गा कक भारी तू फशुत कुळर शै। तूने जो फऻीचा रगामा शै। लश फशुत अ्बुत शे । दे ख दव कयोड लष ृ ों भें एक पूर खखर गमा शै। शभ कशें गे मश भारी की कुळरता का वफूत शै। एक पूर खखर जाना। भारी की बर ू चक ू वे खखर गमा शोगा। क्मोंकक फाकी वाये ऩेड खफय दे यशे शै कक भारी भें ककतना कौळर शै। मश पूर भारी के फालजद ू खखर गमा शोगा। भारी ने कोिळळ की शोगी कक न खखर ऩामे. कॊवेप्ळन वे रेकय उवकी भत्ृ मु तक वायी मारा अिेभ की मारा शै। औय शभ इवी वभाज को इवी ऩकयलाय को इवी गश ृ स्थी को वम्भान ठदमे जाते शै। अदफ ठदमे जाते शै। ळोयगुर भचामे चरे जाते शै कक फडा ऩप्रलर ऩकयलाय शै . वभझना. उवका कोई आकाय.अिेभ केंि शै। फच्चे के गबाघधान. कोई फु्ध. उवकी कोई ठदळा भनुष्म को सात नशीॊ शै। िवपघ एक छोटा वा अनुबल शै. क्मोंकक फाकी वाये ऩौधे तो खफय दे यशे शे कक भारी के पूर कैवे खखरे शै। खयफों रोगों के फीच कोई एकाध आदभी के जीलन भें ज्मोित जर जाती शै। औय शभ उवी को ळोयगुर भचाते यशते शै शजायों वारों ते ऩूजा कयते यशते शै उवी के भॊठदय फनाते यशते शै। उवी का गुण गान कयते यशते शै। अफ तक शभ याभरीरा कय यशे शै। अफ तक शभ फु्ध की जमॊती भना यशे शै। अफ तक भशालीय की ऩूजा कय यशे शै। अफ तक रम ाइस्ट के वाभने घुटने टे क यशे शै। मश ककव फात का वफत ू शै? More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . कोिळळ कयना। शो वकता शै कोई वत्म तुम्शें ठदखाई ऩडे। जो वत्म तुम्शें ठदखाई ऩड जामेंगा। लशी तुम्शाये जीलन भें िकाय का ठदमा फन जामेगा। भनुष्म की आत्भा. ईवाइमों के.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi मश थोडी फातें भैंने कशीॊ। भेयी फातों को वोचना। भान रेने की कोई जूदयत नशीॊ क्मोंकक शो वकता शै कक जो भैं कशूॊ बफरकुर गरत शो। वोचना.. िबु तक ऩशुॊचने वे लश इवीिरए कक ले िेभ तक ऩशुॊचने वे शी लॊथचत यश यशे शै। वभाज की ऩूयी लमलस्था अिेभ की व्मलस्था शै। ऩकयलाय का ऩूया का ऩूया केंि…. फडा ऩप्रलर वभाज शै। फडा ऩप्रलर जीलन शै। मशी ऩकयलाय औय मशी वभाज औय मशी वभ्मता जजवके गुणगान कयते शभ थकते नशीॊ शै। भनुष्म को िेभ वे योकने का कायण फन यशा शै। इव फात को थोडा वभझ रेना जूदयी शोगा। भनुऴमता के प्रलकाव भें कशीॊ कोई फुिनमादी बूर शो गमी शै। मश वलार नशीॊ शै कक एकाध आदभी ई‍लय को ऩा रे। कोई कृष्ण.

जस्थय कयता शै . जजवे अफ तक शभें माद यखना ऩडता शै। मश कोई गौयल की फात नशीॊ शै। कक शभें अफ तक स्भिृ त शै फु्ध की. करठटलेटेड शोता शै। कोिळळ वे रामा गमा शोता शै। लश िेभ लास्तप्रलक नशीॊ शोता. उन्शीॊ चीजों को फढाला दे यशे शै। भनष्ु म की जन्भ वे रेककय भत्ृ मु तक की मारा की गरत शो गमी शै। इवी ऩय ऩन ु प्रलघचाय कयना चाठशए। अन्मथा िवपघ शभ काभनाए कय वकते शै औय कुछ बी उऩरब्ध नशीॊ शो वकता शै। क्मा आऩको कबी मे फात ख्मार भें आमी शै कक आऩका ऩकयलाय िेभ का ळरु शै? क्मा कबी आऩको मश फात ख्मार भें आई शै। कक आऩका वभाज िेभ का ळरु शै। क्मा कबी आऩको मश फात ख्मार भें आई शै कक भनु वे रेकय आज तक के वबी नीित काय िेभ के प्रलयोधी शै। जीलन का केंि शै—ऩकयलाय। औय ऩकयलाय प्रललाश ऩय खडा शै। जफकक ऩकयलाय िेभ ऩय खडा शोना चाठशए था। बूर शो गमी शै। आदभी के वाये ऩाकयलाकयक प्रलकाव की बूर शो गमी शे । ऩकयलाय िनिभघत शोना चाठशए िेभ के केंि ऩय. औय ऩाॉच शजाय लऴों भें बी शभको इवका ख्मार नशीॊ आ वका शे । शभ अ्बुत अॊधे शै। दो आदिभमों के शाथ फाॉध दे ने वे िेभ के ऩैदा शो जाने की कोई जूदयत नशीॊ शै। कोई अिनलामघता नशीॊ शै। फजल्क वच्चाई मश शै कक जो रोग फॊधा शुआ अनब ु ल कयते शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi मश इव फात का वफूत शै कक ऩाॉच शजाय वार भें ऩाॉच छश आदिभमों के अितकयक्त आदिभमत के जीलन भें ऩयभात्भा का कोई वॊऩकघ नशीॊ शो वकता शै। नशीॊ तो कबी के शभ बूर गमे शोते याभ को कबी के बूर गमे शोत फु्ध को. रम ाइस्ट की. ठशॊवा के। औय उनकी ऩूजा कयने लारे रोगों ने क्मा ककमा शै िवलाम आदभी के जीलन को नकघ फनाने के। भॊठदयों औय भवजजदों के ऩज ु ायी मों औय ऩज ू कों ने जभीन ऩय जजतनी शत्माएॉ की शै। औय जजतना खन ू फशामा शै। औय जीलन का जीतना अठशत ककमा शै। उतना ककवी ने कबी नशीॊ ककमा शै। जूदय कशीॊ कोई फिु नमादी बर ू शो गमी शै। नशीॊ तो इतने ऩौधे रगें औय पूर न आमें। मश फडे आ‍चमघ की फात शै। कशीॊ बर ू जूदय शो गमी शै। भेयी ढ़जष्ट भें िेभ अफ तक भनुष्म के जीलन का केंि नशीॊ फनामा जा वका शै। इवीिरए बूर शो गमी शै। औय िेभ केंि फनेगा। बी नशीॊ। क्मोंकक जजन चीजों के कायण िेभ जीलन का केंि फन यशा शै . कोई भजफूयी नशीॊ शै। ककॊ तु शभ अप्रललाठशत स्री मा ऩूद ु ऴ के भन भें मल ु क ओय मल ु ती के भन भें उव िेभ की ऩशरी ककयण का गरा घोंटकय शत्मा कय दे ते शै। कपय शभ कशते शै कक प्रललाश वे िेभ ऩैदा शोना चाठशए। लश बफरकुर ऩैदा ककमा. लश िेभ वशज-स्पूतघ. औय प्रललाश आदभी की व्मलस्था शै। प्रललाश वाभाजजक वॊस्था शै. मा जयथुत्त्व की। मश इव फात का वफूत शै कक औय आदभी शोते शी नशीॊ कक उनको शभ बूर वकें। फव दो चाय इने-थगने नाभ अटके यश गमे शै भनुष्म जाित की स्भिृ त भें। औय इन नाभों के वाथ शभने क्मा ककमा। िवलाम उऩिल के. िेभ िकृित का दान शै। िेभ तो िाणों के ककवी कोने भें अनजाने ऩैदा शोता शै। रेककन प्रललाश? वभाज. रेककन प्रललाश वे िेभ नशीॊ िनकरता औय न शी िनकर वकता शै। इव फात को थोडा वभझ रें तो शभ आगे फढ वकें। िेभ ऩयभात्भा की व्मलस्था शै. भशालीय की. ककॊ तु ऩकयलाय िनिभघत ककमा जाता शै प्रललाश के केंि ऩय। इववे ज्मादा झि ू ी औय िभ्मा फात नशीॊ शो वकती शै। िेभ औय प्रललाश का क्मा वॊफॊध शै ? िेभ वे तो प्रललाश िनकर वकता शै . ले आऩव भें िेभ कबी नशीॊ कय वकते। िेभ का जन्भ शोता शै स्लतॊरता भें । िेभ का जन्भ शोता शै स्लतॊरता की बूिभ भें—जशाॊ कोई फॊधन नशीॊ.स्तुितमों की कोई गणना नशीॊ शै। औय मशीॊ ऩकयलाय वफवे कुूदऩ वॊस्था वाबफत शुई शै। ऩूयी भनुष्मजाित को प्रलकृत More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . भुशम्भद की. स्ऩाॊटेिनअव. कानून िनमिभत कयता शै . कबी के बूर गमे शोते भशालीय को। भशालीय को शुए ढाई शजाय वार शो गमे शै। ढाई शजाय वार भें कोई आदभी नशीॊ शुआ कक भशालीय को शभ बूर वकते। भशालीय को माद यखना ऩडा। लश एक पूर खखरा था. नशीॊ शोता शै। लश िेभ िाणों वे वशज उिता नशी शै। पैरता नशीॊ शै। जजवे शभ प्रललाश वे उत्ऩन्न िेभ कशते शै। लश िेभ केलर वशलाव के कायण ऩैदा शुआ भोश शोता शै। िाणों की ररक औय िाणों का आकऴघण औय िाणों की प्रल्मुत लशाॊ अनुऩजस्थत शोती शै। औय इव तयश वे ऩकयलाय फनता शै। इव प्रललाश वे ऩैदा शुआ ऩकयलाय औय ऩकयलाय की ऩप्रलरता की कथाओॊ का कोई ठशवाफ नशीॊ शै। ऩकयलाय की िळॊवाओॊ. शभ उन्शीॊ चीजों का ळोयगुर भचा यशे शै। आदय कय यशे शै। वम्भान कय यशे शै . फनाता शै। प्रललाश आदभी की ईजाद शै। औय िेभ? िेभ ऩयभात्भा का दान शै। शभने वाये ऩकयलाय को प्रललाश का केंि ऩय खडा कय ठदमा शै। िेभ के केंि ऩय नशीॊ। शभने मश भान यखा शै कक प्रललाश कय दे ने वे दो व्मजक्त िेभ की दिु नमा भें उतय जामेंगे। अ्बुत झि ू ी फात शै .

आदभी ळयाफ प्रऩमेगा। नळा कये गा। कशीॊ जाकय अऩने को बूर जाना चाशे गा। दिु नमा भें फढती शुई ळयाफ ळयाबफमों के कायण नशीॊ शै। ऩकयलाय ने उव शारत भें रा ठदमा शै रोगों को कक बफना फेशोळ शुए More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .औय न अनाचाय शोत. तफ शभ केलर ऩॊसडत के भॊरों भें औय लेदों की ऩूजा भें औय थोथे उऩरम भ भें उनको प्रललाश वे फाॉध दे ते शै। कपय आळा कयते शै कक उनके जीलन भें िेभ ऩैदा शो जामेगा। िेभ तो ऩैदा नशी शोता शै . अधािभघक कयने भें. आज गरत शै तो कर िीक शो जामेगा। ऩयवों वफ िीक शो जामेगा। रेककन भजस्तष्क उनके ूदग्ण शोते चरे जाते शै। िेभ के अितकयकत कोई आदभी कबी स्लस्थ नशीॊ शो वकता। िेभ जीलन भें न शो तो भजस्तष्क ूदग्ण शोगा। थचॊता वे बये गा. लश व्मजक्तत्ल की तजृ प्त का चयभ बफॊद ु शै। औय जफ िेभ नशीॊ िभरता शै तो व्मजक्तत्ल शभेळा भाॊग कयता शै कक भुझे ऩूितघ चाठशए। व्मजक्तत्ल शभेळा तडऩता शुआ अतप्ृ त शभे ळा अधूया फेचैन यशता शै। मश तडऩता शुआ व्मजक्तत्ल वभाज भें अनाचाय ऩैदा कयता शै। क्मोंकक तडऩता शुआ व्मजक्तत्ल िेभ को खोजने िनकरता शै। उवे प्रललाश भें िेभ नशीॊ िभरता। लश प्रललाश के अितयजक्त िेभ को खोजने की कोिळळ कयता शै। ले‍माएॊ ऩैदा शोती शै प्रललाश के की कायण। प्रललाश शै भूर. ्लेऴ. ऐॊग्जाइटी फन जाता। वायी दिु नमा भें ऩागरों की वॊख्मा फढती गमी शै। मे ऩागर ऩकयलाय के बीतय ऩैदा शोते शै। वायी दिु नमाॊ भें जस्रमाॊ ठशस्टीकयमा औय न्मयू ोिवव वे ऩीसडत शै। प्रलषियषप्त उन्भाद वे बयती चरी जा यशी शै। फेशोळ शोती थगयती शै . ठशॊवक फनाने भें वफ वे फडा वॊस्था वाबफत शुई शै। िेभ वे ळन् ू म ऩकयलाय वे ज्मादा अवुॊदय औय कुूदऩ. थचल्राती शै। ऩुूदऴ ऩागर शोते चरे जा यशे शै। एक घॊटे भें जभीन ऩय एक शजाय आत्भ शत्माएॉ शो जाती शै। औय शभ थचल्रामे जा यशे शै —वभाज शभाया फशुत भशान शै। ऋप्रऴ-भुिनमों ने िनिभघत ककमा शै। शभ थचल्रामे जा यशे शै कक फशुत वोच-प्रलचाय वे वभाज के आधाय यखे गमे शै। कैवे ऋप्रऴ-भुिन औय कैवे मे आधाय। अबी एक घॊटा भैं फोरूॊ तो इव फीच एक शजाय आदभी कशीॊ छुया भाय रें गे। तो कशीॊ रांे न के नीचे रेट जामेंगे। तो कोई जशय ऩी रेगा। उन एक शजाय रोगों की जजॊदगी कैवी शोगी. प्रल वॊघऴघ.अगरी कुछ बी नशीॊ शै। औय लशी अधभघ का अड्डा फना शुआ शै। जफ शभ एक मुलक औय मुलती को प्रललाश भें फाॉधते शै बफना िेभ के. मश नशीॊ शो वकता। जफ िेभ ऩैदा नशीॊ शोता शै . िवपघ उनके वॊफॊध काभुक वेक्वुअर शोते शै। क्मोंकक िेभ तो ऩैदा ककमा जा वकता शै। िेभ ऩैदा शो जाम तो व्मजक्त वाथ जुडकय ऩकयलाय िनभाघण कय वकता शै। दो व्मजक्तमों को ऩकयलाय के िनभाघण के िरए जोड ठदमा जामे औय कपय आळा की जामे कक िेभ ऩैदा शो जामे . करश. बफना आॊतकयक ऩकयचम के. व्मिबचाय ऩैदा शोता शै। तराक ऩैदा शोते शै। मठद तराक न शोता न व्मिबचाय शोता. जजव वभाज भें ले‍माएॊ जैवी अनैितक वॊस्थाएॊ ईजाद कयना ऩडती शै . जो शय घॊटे भयने को तैमाय शो जाते शै ? आऩ मश भत वोचना कक ले जो नशीॊ भयते शै . अनाचाय ऩैदा शोता शै . जान रेना चाठशए कक लश ऩूया वभाज फुिनमादी ूदऩ भें ऩूया अनैितक शोगा। अन्मथा मश अनैितक ईजाद की आल‍मकता नशीॊ थी। ले‍मा ऩैदा शोती शै . आऩको ऩता शै ? एक-एक ऩकयलाय भें करश शै। जजवको शभ गश ृ स्थी कशते शै . औय चौफीव घॊटे उऩिल का अड्डा फनी शुई शै। रेककन न भारभ ू शभ कैवे अॊधे शै कक दे खने की कोिळळ बी नशीॊ कयते। फाशय जफ शभ िनकरते शै तो भुस्कयाते शुए िनकरते शै। घय के वफ आॊवू ऩोंछकय फाशय जाते शै —ऩत्नी बी शॊवती शुई भारूभ ऩडती शै। ऩित बी शॊवता शुआ भारूभ ऩडता शै। मे चेशये झूिे शै। मे दव ू यों को ठदखाई ऩडने लारे चेशये शै। घय के बीतय के चेशये फशुत आॊवुओॊ वे बये शुए शै। चौफीव घॊटे करश औय वॊघऴघ भें जीलन फीत यशा शै। कपय इव करश औय वॊघऴघ के ऩकयणाभ बी शोंगे शी। िेभ के अितकयक्त जगत के ककवी व्मजक्त के जीलन भें आत्भ तजृ प्त नशीॊ उऩरब्ध शोती। िेभ जो शै. ईष्माघ. तो घय एक चौफीव घॊटे का भानिवक तनाल.ूदट। प्रललाश शै जड ले‍माओॊ के ऩैदा कयने की। औय अफ तक तो स्री ले‍माएॊ थी. ककॊ तु अफ तो वभ्म भुल्कों भें ऩुूदऴ ले‍माएॊ भेर िास्टी्मट ू उऩरब्ध शै। ले‍माएॊ ऩैदा शोगीॊ। क्मोंकक ऩकयलाय भें जो िेभ उऩरब्ध शोना चाठशए था। लश नशीॊ उऩरब्ध शो यशा शै। आदभी दव ू ये घयों भें झाॊक यशा शै उव िेभ के िरए। ले‍माएॊ शोगी। औय अगय ले ‍माएॊ योक दी जामेगी तो दव ू ये ऩकयलायों भें ऩीछे के ्लायों वे ऩाऩ के यास्ते िनिभघत शोंगे। इवीिरए तो वाये वभाज ने मश तम कय िरमा शै कक कुछ ले‍माएॊ िनज‍चत कय दो। ताकक ऩकयलायों का आचयण वुयषियषत यशे । वरीमों को ऩीडा भें डार दो। ताकक फाकी जस्रमाॊ ऩितव्रता फनी यश वके। रेककन जो वभाज ऐवा अनैितक उऩाम खोजता शै . ले फशुत वख ु भम शै। कुर जभा कायण मश शै कक ले भयने की ठशम्भत नशीॊ जट ु ा ऩाते। उनके वख ु का कोई बी वलार नशीॊ शै। ले कामय शै । भयने की ठशम्भत नशीॊ जट ु ा ऩाते शै तो जजमे चरे जाते शै। धक्के खामे चरे जाते शै। वोचते शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi कयने भें । िेभ वे ळन् ू म ऩकयलाय भनुष्म को प्रलकृित कयने भें . तो क्मा ऩकयणाभ शोते शै. बफना एक दव ू ये के िाणों के वॊगीत के.

लश ऩयभात्भा वे शी दयू चरा जामेगा। जफ एक वी फीभायी ऩकडती शै। तो ककवी को ऩता नशीॊ चरता शै। ऩूयी आदिभमत जड वे ूदग्ण शै। इविरए ऩता नशीॊ चरता. मश अध्मात्भ के नाभ वे नशीॊ ळयाफें शै। जो वायी दिु नमा भें जरती शै। इन रोगों ने बाग-बाग कय जजॊदगी को फदरा नशीॊ आज तक। जजॊदगी लशीॊ की लशी द्ु ख वे बयी शुई शै। औय जफ बी कोई द्ु खी शो जाता शै लश बी इनके ऩीछे चरा जाता शै। कक शभको बी गुरु भॊर दे दें । शभाया बी कान पूॊक दें कक शभ बी इवी तयश वुखी शो जामें। जैवे आऩ शो गमे शै। रेककन मश जजॊदगी क्मों द्ु ख ऩैदा कय यशी शै। इवको दे खने के िरए इवके प्रलसान को खोजने के िरए कोई बी जाता नशीॊ शै। भेयी ढ़जष्ट भें मश शै कक जशाॊ जीलन की ळूद ु आत शोती शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi थोडी दे य के िरए बी यास्ता िभरना भुज‍कर शो गमा शै। तो रोग ळयाफ ऩीने चरे जामेंगे। रोग फेशोळ ऩडे यशें गे रोग शत्मा कयें गे. उववे छुटकाया ऩाना चाठशए। जीलन अवाय नशीॊ शै। मश अवाय शभने फनामा शुआ शै। जीलन वे छुटकाया ऩाने की वफ फातें दो कौडी की शै। क्मोंकक जो आदभी जीलन वे छुटकाया ऩाने की कोिळळ कयता शै लश िबु को कबी उऩरब्ध नशीॊ शो वकता। क्मोंकक जीलन िबु शै. ऩये ळान शै . िबु को उऩरब्ध—ले रोग ले शी थे। जजनका ऩशरा अणु िेभ की दीषा वे उत्ऩन्न शुआ था। जजनका ऩशरा अणु िेभ के जीलन भें वयाफोय ऩैदा शुआ था। ऩित औय ऩत्नी करश वे बये शुए शै . ले‍मा के घय जाकय. जीलन ऩयभात्भा शै। जीलन भें ऩयभात्भा शी तो िकट शो यशा शै। उववे जो दयू बागेगा. कॊवेप्ळन शुआ था। मश कवी ठदन जजव ठदन जन्भ प्रलसान ऩूयी तयश प्रलकिवत शोगा। उव ठदन ळामद शभको मश ऩता चरेगा कक जो दिु नमा भैं थोडे वे अ्बुत रोग शुए—ळाॊत आनॊठदत. तो ले दोनों एक दव ू ये ऩय रम ु्ध शो जाते शै। कक तेये कायण भझ ु े ळाॊित नशीॊ िभर यशी। ले कशते शै. आऩव भें रडों भत। उव रडके More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . तो दव ू यी तयकीफें खोजते शै इराज के िरए। भूर कायण. दव ू या आदभी िवनेभा भें फैि जाता शै। तीवया आदभी चुनाल रडने रगता शै। ताकक बूर जाम वफको। चौथा आदभी भॊठदय भें जाकय बजन कीतघन कयने लारा बी खुद के जीलन को बूरने की कोिळळ कय यशा शै। मश कोई ऩयभात्भा को ऩाने का यास्ता नशीॊ शै। ऩयभात्भा तो जीलन भें िलेळ वे उऩरब्ध शोता शै। जीलन वे बागने वे नशीॊ। मे वफ ऩरामन एस्केऩ शै। एक आदभी भॊठदय भें बजन कीतघन कय यशा शै ठशर-डुर यशा शै। शभ कशते शै कक बक्त जी फशुत आनॊठदत शै। बजक्त जी आनॊठदत नशीॊ शो यशा शै। बक्त जी ककवी द्ु ख वे बोगे शुए शै। लश बर ु ाने की कोिळळ कय यशे शै। ळयाफ काशी मश दव ू या ूदऩ शै। मश आधमाजत्भक नळा. रोग ऩागर शोते चरे जामेंगे। अभयीका भें िितठदन फीव राख आदभी अऩना भानिवक इराज कयला यशे शै। मे वयकायी आॊकडे शै। आऩ तो बरी बाॊित जानते शै वयकायी आॊकडे कबी बी वशी नशीॊ शोते शै। फीव राख वयकाय कशती शै। तो ककतने रोग इराज कया यशे शोंगे। मश कशना भुज‍कर शै। जो अभयीका की शारत शै लश वायी दिु नमाॊ की शारत शै। आधुिनक मुग के भानप्रलद मश कशते शै कक कयीफ-कयीफ चाय आदिभमों भें दो आदभी एफनाभघर शो गमे शै। चाय आदिभमों भें तीन आदभी ूदग्ण शो गमे शै। स्लस्थ नशीॊ शै। जजव वभाज भें चाय आदिभमों भें तीन आदभी भानिवक ूदऩ वे ूदग्ण शो जाते शों. उव वभाज के आधायों को उवकी फिु नमादों को कपय वे वोच रेना जूदयी शै। नशीॊ तो कर चाय आदभी बी ूदग्ण शोंगे औय कपय वोचने लारे बी ळेऴ नशीॊ यश जामेंगे। कपय फशुत भजु ‍कर शो जामेगी। रेककन शोता ऐवा शै कक जफ एक शी फीभायी वे वाये रोग ग्रिवत शो जाते शै। तो उव फीभायी का ऩता नशीॊ चरता। शभ वफ एक जैवे ूदग्ण. एक दव ू ये की छाती ऩय चढे शुए शै। एक दव ू ये के भािरक फनना चाश यशे शै। इवी फीच उनके फच्चे ऩैदा शो यशे शै। मे फच्चे ककवी आध्माजत्भक जीलन भें कैवे िलेळ ऩामेंगे? भैंने वुना शै एक घय भें एक भाॊ ने अऩने फेटे औय छोटी फेटी को—ले दोनों फेटे औय फेटी फाशय भैदान भें रड यशे थे। एक दव ू ये ऩय घूॊवेफाजी कय यशे थे—कशा कक आये मश क्मा कय यशे शो। ककतनी फाय भैने वभझामा कक रडा भत कयो. ‘’तेये कायण भझ ु े ळाॊित नशीॊ िभर ऩा यशी शै।‘’ ले एक दव ू ये को वताना ळूद ु कयते शै। ऩये ळान कयना ळूद ु कयते शै। औय इवी शै यानी इवी ऩये ळानी इवी करश के फीच फच्चों का जन्भ शोता शै। मे फच्चे ऩैदाइळ वे शी प्रलकृत ऩयलटे ड शो जाते शै। भेयी वभझ भें. भेयी ढ़जष्ट भें भेयी धायणा भें जज ठदन आदभी ऩूयी तयश आदभी के प्रलसान को प्रलकिवत कये गा। तो ळामद आऩको ऩता रगे कक दिु नमा भें फु्ध कृष्ण औय रम ाइस्ट जैवे रोग ळामद इवीिरए ऩैदा शो वके शै कक उनभें भाॊ-फाऩ ने जजव षण वॊबोग ककमा था. एक्जुअरठट जो शै. मशी जीलन शे । जफ ऐवी ऩीडा ठदखाई दे ती शै तो शभ ऋप्रऴ-भुिनमों के फचन दोशयाते शै कक लश तो ऋप्रऴ-भुिनमों ने ऩशरे शी कश ठदमा था। की जीलन द्ु ख शै। मश जीलन द्ु ख नशीॊ शै। मश द्ु ख शभ फनामे शुए शै। लश तो ऩशरे शी ऋप्रऴ-भिु नमों ने कश ठदमा था। कक जीलन तो आवाय शै . तो शभें ऩता नशीॊ चरता। वबी ऐवे शैइवीिरव स्लस्थ भारूभ ऩडते शै। जफ वबी ऐवे शै. जस्िचअ ु र इॊटाक्वीकेळन. रम ोध वे. ईष्माघ वे. लशीॊ कुछ गडफड शो गमी शै। लश गडफड मश शो गमी शै कक शभने भनुष्म जाित ऩय िेभ की जगश प्रललाश थोऩ ठदमा शै। मठद प्रललाश शोगा तो मे वाये ूदऩ ऩैदा शोंगे। औय जफ दो व्मजक्त एक दव ू ये वे फॊध जाते शै औय उनके जीलन भें कोई ळाॊित औय तजृ प्त नशीॊ िभरती. फीभाय. तो िीक शै। दिु नमाॊ चरती शै. फुिनमादी कायण जो शै। उवको वोचते नशीॊ। ऊऩयी इराज बी क्मा वोचते शै? एक आदभी ळयाफ ऩीने रगता शै। जीलन वे घफयाकय। एक आदभी नत्ृ म दे खने रगता शै. उव वभम ले अऩूलघ िेभ वे वॊमुक्त शुए थे। िेभ के षण भें गबघस्थाऩन. अशॊकाय वे . एक दव ू ये के िित वॊघऴघ वे.

क्मोंकक जीलन उववे जन्भता शै। ऩयभात्भा उवी कृत्म वे जीलन को जन्भाता शै। ऩयभात्भा ने जजवको जीलन की ळूद ु आत फनामा शै। लश ऩाऩ नशीॊ शो वकता शै . ऩानी की फूॊद बी नशीॊ जानी. नशीॊ वभझी. इनवे कशो कक िाथघनाएॊ कयो—जो झूिी शो जाती शै। क्मोंकक िेभ का फीज शी ळूद ु नशीॊ शो वका जो िाथघनाएॊ कैवे ळुूद शो वकती शै। जफ एक स्री औय ऩुूदऴ ऩकयऩूणघ िेभ औय आनॊद भें िभरते शै। तो लश िभरन एक आध्माजत्भक कृत्म जस्िचुअर एक्ट शो जाता शै। कपय उवका काभ. लश ऩाऩ शो जाती शै। जों चीज िेभ वे ळन् ू म शो जाती शै। लश अऩप्रलर शो जाती शै। आदभी की जजॊदगी भें िेभ नशीॊ यशा। इविरए केलर काभुकता. वेक्व की धािभघकता स्लीकाय कयना अत्मॊत आल‍मक शै . रेककन उनके ळयीय शी िभरते शै। उनकी आत्भा औय िाण नशीॊ िभरते। उनके ळयीय के ऊऩयी िभरन वे जो फच्चे ऩैदा शोते शै। ले अगय ळयीय लादी भैठटकयमािरस्ट ऩैदा शोते शै। फीभाय औय ूदग्ण ऩैदा शोते शै। औय उनके जीलन भें अगय आत्भा की प्माव ऩैदा न शोती शो. जफ दो आत्भाएॊ ऩकयऩूणघ िेभ वे वॊमुक्त शोती शै। उतना शी ऩप्रलर शै लश कृत्म—क्मोंकक ऩयभात्भा उवी कृत्म वे जीलन को जन्भ दे ता शै। औय जीलन को गित दे ता शै। रेककन तथाकथथत धािभघक रोगों ने. अऩप्रलर शै. जो ऩत्नी अऩने ऩित को िेभ कयती शै। उवके िरए ऩित ऩयभात्भा शो जाता शै। ळास्रों के वभझाने वे नशीॊ शोती शै मश फात। जो ऩित अऩनी ऩत्नी वे िेभ कयता शै। उवके िरए ऩत्नी बी ऩयभात्भा शो जाती शै . उवकी ले फातें झूिी शै। उन फातों का कोई आधाय औय अथघ नशीॊ शै। जजवने कबी एक को िेभ नशीॊ ककमा। उवके जीलन भें ऩयभात्भा की कोई ळूद ु आत शी नशीॊ शो वकती. तथाकथथत झूिे वभाज ने. घखृ णत शै। िनताॊत ऩागरऩन की फातें शै। अगय मौन घखृ णत औय अऩप्रलर शै। तो वाया जीलन अऩप्रलर शो गमा। अगय वेक्व ऩाऩ शै तो ऩयू ा जीलन ऩाऩ शो गमा। ऩयू ा जीलन िनॊठदत कॊडभ शो गमा। अगय जीलन शी ऩयू ा िनॊठदत शो जामेगा. उनका वॊबोग शोता शै । उनका िभरन शोता शै तो उव ऩकयऩूणघ िेभ के तर ऩय उनके ळयीय शी नशीॊ िभरते शै। उनकी आत्भा बी िभरती शै। ले एक रमऩूणघ वॊगीत भें डूफ जाते शै। ले दोनों प्रलरीन शो जाते शै.वफ फकलाव शोगी। रेककन शभाये िाणों का कोई अॊतय वॊफॊध उववे नशीॊ शो वकता। औय मश बी ध्मान भें यख रेना जूदयी शै कक कोई स्री अऩने ऩित को िेभ कयती शै . तो कैवे वच्चे रोग उऩरब्ध शोंगे। जफ जीलन शी ऩयू ा का ऩयू ा ऩाऩ शै तो वायी यात अॊधेयी शो गमी शै। अफ इवभें िकाळ की ककयण कशीॊ वे रानी ऩडेगी। भैं आऩको फव एक फात कशना चाशता शूॊ कक एक नमी भनुष्मता के जन्भ के िरए वेक्व की ऩप्रलरता. जजनकी छप्रल रेकय लश जन्भते शै। जजनका वफ अऩयाध औय जजनकी वफ फीभाकयमाॊ रेककन जन्भते शै। औय जजनका वफ रम ोध औय घण ृ ा रेकय जन्भते शै। जन्भ के वाथ उनका ऩौधा प्रलकृत शो जाता शै। कपय इनको प्रऩराओ गीता. लश ऩयभात्भा शो जाता शै। ऩयभात्भा को कोई अथघ नशीॊ शै। िेभ की आॉख वाये जगत को धीये -धीये ऩयभात्भा भम दे खने रगती शै। रेककन जो एक को शी िेभ वे बय नशीॊ ऩाता औय वाये जगत को ब्रह्भा भम दे खने की फातें कयता शै . तो दोऴ उन फच्चों को भत दे ना। फशुत ठदमा जा चुका मश दोऴ। दोऴ दे ना उन भाॊ फाऩ को. तबी िेभ More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . मौन. नशीॊ चखी। औय चरे शो वागय को खोजने। तो तूभ ऩागर शो। क्मोंकक वागय क्मा शै ? ऩानी की अनॊत फूॉदों का जोड। ऩयभात्भा क्मा शै? िेभ की अनॊत फूॉदों का जोड शे । तो िेभ की अगय एक फूॊद िनॊठदत शै तो ऩूया ऩयभात्भा िनॊठदत शो गमा। कपय शभाये झूिे ऩयभात्भा खडे शोंगे. शभ तो भम्भी—डैडी का खेर कय यशे शै। ली आय जाट पाइठटॊग. तथाकथथत झूिे ऩकयलाय ने मशी वभझाने की कोिळळ की शै कक वेक्व. भूितघमाॊ खडी शोंगी। ऩूजा ऩाि शोंगे . ले बी िभरते शै. लश शभाये िेभ के आबाल का ऩाऩ शै। औय उव ऩाऩ वे वाया जीलन ळूद ु शोता शै। कपय फच्चे ऩैदा शोत शै। कपय फच्चे जन्भते शै। स्भयण यशे . रेककन आदभी ने उवे ऩाऩ कय ठदमा शै। जो चीज िेभ वे यठशत शै . जीलन वाथी को िेभ कयती शै . औय एक ठदन लशी झरक ऩयू ी शो जाती शै। वाया जगत उवी ूदऩ भें स्थाॊतकयत शो जाता शै। रेककन जजवने ऩानी की कबी फॊद ू नशीॊ दे खी। लश कशता शै ऩानी की फूॊद वे भझ ु े कोई भतरफ नशीॊ शै। ऩानी की फूॊद का भैं क्मा कूदॊगा। तुभने ऩानी की फूॊद बी नशीॊ दे खी.शभ रड नशीॊ यशे शै . क्मोंकक िेभ ककवी को बी ऩयभात्भा फना दे ता शै। जजवकी तयप उवकी आॊखें िेभ वे उिती शै. औय ळामद ऩयभात्भा शी ळेऴ यश जाता शै उव षण। उव षण जजव फच्चो का गबाघधान शोता शै। लश फच्चा ऩयभात्भा को उऩरब्ध शो वकता शै। क्मोंकक िेभ के षण का ऩशरा कदभ उवके जीलन भें उिा िरमा गमा शै। रेककन जो भाॊ-फाऩ. वेक्व वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। लश िभरन कपय काभुक नशीॊ शै। लश िभरन ळायीकयक नशी शै। लश िभरन अनूिा शै। लश उतना शी भशत्लऩूणघ शै। जजतनी ककवी मोगी की वभाथध। उतना शी भशत्लऩूणघ शै लश िभरन.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ने कशा. इनको वभझाओ कुयान. धण ृ ा वे बये शै. रम ोध वे बये शै। करश वे बये शै .काभ. क्मोंकक िेभ के शी षण भें ऩशरी दपा कोई व्मजक्त ऩयभात्भा शो जाता शै। लश ऩशरी झरक शै िबु की। कपय उवी झरक को आदभी फढता शै. ऩित औय ऩत्नी आऩव भें ्लेऴ वे बये शै. फी आय प्रे इॊग भम्भी डैडी। जो घय भें योज शो यशा शै। लश शभ दोशया यशे शै। मश खेर जन्भ के षण वे ळूद ु शो जाता शै। इव वॊफॊध भें दो चाय फातें वभझ रेनी फशुत जूदयी शै। प्रिचन आठ = प्रेभ ओय वििाह भेयी ढ़जष्ट भें जफ तक एक स्री औय ऩुूदऴ ऩकयऩूणघ िेभ के आधाय ऩय िभरते शे . वेक्वुअिरटी यश गमी शै। िवपघ मौन यश गमा शै। लश मौन ऩाऩ शो गमा शै। लश मौन ऩाऩ नशीॊ शै.

तफ लश जैवी ळाॊत थी। तफ जैवी वुॊदय थी. भत ऩये ळान शोइए। फनने दीजजए बाऩ। आऩ उऩदे ळ दे ते यठशमे। अऩने वाधु वॊतों वे कठशए वभझाते यशा कये । अच्छी-अच्छी फातें औय गीता की टीकाएॊ कयते यशें । कयते यशो िलचन-टीका गीता ऩय.उनका ळयीय अच्छा शो गमा. लशीॊ वाढे तीन अयफ भनुष्मों की शो यशी शै। झूिी भाॊ िभरती शै. भकान िभरता शै। रेककन िेभ नशीॊ िभरता शै। िेभ के बफना उनको ऩयभात्भा नशीॊ िभर वकता शै। औय वफ िभर वकता शै। अबी ूदव का एक लैसािनक फॊदयों के ऊऩय कुछ िमोग कयता था। उवने कुछ नकरी फॊदकयमाॉ फनामी। नकरी बफजरी के मॊर.भाये बफना इनको कोई यास्ता नशीॊ। अबी थोडा–थोडा भायते शै। कर औय ज्मादा भायें गे। तम् ु शाये कोई िळषक.एफनाभघर वाबफत शुए। उनको…. कौन नकरी। ले नकरी भाॊ के ऩाव रे जामे गमे। ऩैदा शोते शी उनकी छाती वे थचऩक गमे। नकरी दध ू शै लश उनके भॊश ु भें जा यशा शे । ले ऩी यशे शै . ऩित कपय ऩप्रलर औय नमा शो कय लाऩव रोट आमा शै। रेककन अगय ऩित के िित िेभ नशीॊ शै तो फच्चे के िित कैवे शो वकता शै। फाऩ बी तबी कोई फनता शै जफ लश अऩनी ऩत्नी को इतना िेभ कयता शै। कक ऩत्नी बी उवे ऩयभात्भा ठदखाई दे ती शै। तफ फच्चा कपय वे ऩत्नी का शी रोटा शुआ ूदऩ शै। ऩत्नी को जफ उवने ऩशरी फाय दे खा था। तफ लश जैवी िनदोऴ थी. उनको नकरी भाताओॊ के ऩाव धय ठदमा गमा। नकरी भाताओॊ वे ले थचऩक गमे। ले ऩशरे ठदन के फच्चे थे। उनको कुछ ऩता नशीॊ कक कौन अवरी शै.कपय लशी ूदऩ शै। कपय लशीॊ िनदोऴ आॊखे शै। जो उवके ऩित भें िछऩी थी। कपय िकट शुई शै। उवने अगय अऩने ऩित को िेभ ककमा शै। तो लश फच्चे को िेभ कय वकती शै। फच्चे को ककमा गमा िेभ. ऩुयाने ऩत्ते थगय जाते शै। नमे आ जाते शै। जीलन की मश वज ृ नात्भकता. कपय ले प्रलषियषप्त कैवे शो गमे? एक चीज जो लैसािनक की रेफोये टयी भें नशीॊ ऩकडी जा वकीॊ थी। लश उनको नशीॊ िभरी—िेभ उनको नशीॊ िभरा. तम् ु शाये कोई धभघगूद ु इनको नशीॊ वभझा वकेंगे। क्मोंकक वलार वभझाने का नशीॊ शै। आत्भा शी ूदग्ण ऩैदा शुई शे । मश ूदग्ण आत्भा प्माव ऩैदा कये गी। मश चीजों को तोडगी. मे भास्टय को भायते शै। भायें गे. तम् ु शाये कोई नेता. तफ उवकी आॊखे जैवी झीर की तयश थी। इव फच्चे भें लाऩव रोट आई शै। इन फच्चों भें कपय लशी चेशया लाऩव रौट आमा शै। मे फच्चे कपय उवी छप्रल भें नमे शोकय आ गमे शै—जैवे प्रऩछरे फवॊत भें पूर खखरे थे। प्रऩछरे फवॊत भें ऩत्ते आमे थे। कपय वार फीत गमा। ऩुयाने ऩत्ते थगय गमे शै। कपय नमी कोंऩरें िनकर आमी शै। कपय नमे ऩत्तों वे लष ृ बय गमा शै। कपय रौट आमा शै फवॊत। कपय वफ नमा शो गमा शै। रेककन जजवने प्रऩछरे फवॊत को शी िेभ नशीॊ ककमा था। लश इव फवॊत को कैवे िेभ कय वकेगा। जीलन िनयॊ तय रोट यशा शै। िनयॊ तय जीलन का ऩुनजघन्भ चर यशा शै। योज नमा शोता चरा जाता शै। ऩुयाने ऩत्ते थगय जाते शै। नमे आ जाते शै। जजवने प्रऩछरे फवॊत को िेभ नशीॊ ककमा इव फवॊत को कैवे कय वकता शै। जीलन िनयॊ तय रौट यशा शै। िनयॊ तय जीलन का ऩुनजघन्भ चर यशा शै। योज नमा शोता शै . लश चयभ ऩकयणित क्राइभैक्व ऩय ऩशुॊच यशी शै। वौ सडग्री तक शभ ऩानी को गयभ कयते शै। ऩानी बाऩ फनकय उड जाता शै। िनन्मानले सडग्री तक ऩानी फना यशता शै। कपय वौ सडग्री ऩय बाऩ फनने रगता शै। वौ सडग्री ऩय ऩशुॊच गमा शै आदिभमत का ऩागरऩन। अफ लश बाऩ फनकय उडना ळूद ु शो यशा शै। भत थचल्राइए. फच्चे वभझते शै भाॊ ठशर-ठशर कय झर ू ा यशी शे । ऐवे फीव फॊदय के फच्चों को नकरी भाॊ के ऩाव ऩारा गमा औय उनको अच्छा दध ू ठदमा गमा। भाॊ ने उनको अच्छी तयश ठशरामा-डुरामा। भाॊ कूदती -पाॉदती वफ कयती। ले फच्चे स्लस्थ ठदखाई ऩडते थे। कपय ले फडे बी शो गमे। रेककन ले वफ फॊदय ऩागर िनकरे। ले वफ अवाभान्म.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi के कायण ऩूणघ िेभ के कायण शी लश िीक अथों भें भाॊ फन ऩाती शै। फच्चे ऩैदा कय रेने भार वे कोई भाॊ नशीॊ फन जाती। भाॊ ता कोई स्री तबी फनती शै औय प्रऩता कोई ऩुूदऴ तबी फनता शै जफ कक उन्शोंने एक दव ू ये को िेभ ककमा शो। जफ ऩत्नी अऩने ऩित को िेभ कयती शै . करम एठटल टी शी तो ऩयभात्भा शै। मशी तो िबु शै। जो इवको ऩशचानेगा। लशी तो उवे ऩशचानेगा। रेककन न भाॊ फच्चे को िेभ कय ऩाती शै। न प्रऩता फच्चे को िेभ कय ऩाता शै। औय जफ भाॊ औय फाऩ को िेभ नशीॊ कय ऩाते शै। तो फच्चे जन्भ वे शी ऩागर शोने के यास्ते ऩय वॊरग्न शो जाते शै। उनको दध ू िभरता शै. अऩने जीलन वाथी को िेभ कयती शै तो फच्चे उवे अऩने ऩित का ऩुनजघन्भ भारभ ू ऩडते शै। लश कपय लशी ळक्र शै .फडे शैयान शुए कक इनको क्मा शुआ। इनको वफ तो िभरा.जो उन 20 फॊदयों की शारत शुई. झूिा फाऩ िभरता शै। नकरी भाॊ ठशरती शै . िभटामे गी। तीन शजाय वार वे जो चरती थी फात. ऩित को ककमा गमा िेभ की िितध्लिन शै। मश ऩित शी कपय लाऩव रौट आमा शै। फच्चे का ूदऩ रेकय। फच्चे को ककमा गमा िेभ. कऩडे िभरते शै. लश थचऩके यशते शै। लश फॊदकयमा नकरी शै। लश ठशरती यशती शै . रेककन उनका व्मलशाय प्रलषियषप्त शो गमा। लैसािनक…दध ू िभरा…. नकरी फाऩ ठशरता शै। औय मे फच्चे प्रलषियषप्त शो जाते शै। औय शभ कशते शै कक मे ळाॊत नशीॊ शोते। अळाॊत शोते चरे जाते शै। मे छुये फाजी कयते शै। मे रडककमों ऩय एिवड पेंकते शै। मे कारेज भें आग रगाते शै। मे फव ऩय ऩत्थय पेंकते शै . शाथ औय ऩैय उनके बफजरी के तायों का ढाॊचा। जो फॊदय ऩैदा शुए. औय दोशयाते यशो ऩुयाने ळब्दों को। मे बाऩ फननी फॊद नशीॊ शोगी। मे बाऩ फननी तफ फॊद शोगी। जफ जीलन की ऩूयी िकरम मा को शभ वभझेंगे कक कशीॊ कोई बूर शो यशी शै। कशीॊ कोई बूर शुई शै। औय लश कोई आज की बूर नशीॊ शै। चाय ऩाॉच शजाय वार की बूर शै। जो िळखय क्राइभैक्व ऩय ऩशुॊच गमी शै। इविरए भजु ‍कर खडी शुई शै। मे िेभ कयक्त फच्चे जन्भते शै औय िेभ वे कयक्त शला भें ऩारे जाते शै। कपय मशी नाटक मे दोशयामेंगे। भम्भी औय डैडी का More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .

झूिा शोगा. इवके ऩकयणाभ बी अच्छे नशीॊ शो वकते। िेभ के िरए वभाज को शला ऩैदा कयनी चाठशए। भौका ऩैदा कयना चाठशए। अलवय ऩैदा कयना चाठशए। िेभ की िळषा दी जानी चाठशए.ओकयजजनर भोभैंटभ शै शल उवको जजॊदगी बय दौडामे चरा जा यशा शै। चॊगेज खाॊ जजव गाॊल भें गमा. राखों रोगों को कटलाॉ दे ता था। तैभुय जजव याजधानी भें जाता. कपय ले वायी दिू नमा को प्रलकृत कयते शै। ऩागर ताकतलय शोते शै। मश जो ऩागरों ने दिु नमा फनामी शै। मश दिु नमा तीवये भशामु्ध के कयीफ आ गमी शै। वायी दिु नमा भये गी। ऩशरे भशामु्ध भें वाढे तीन कयोड रोगों की शत्मा की गई। दव ू ये भशामु्घ भें वाढे वात कयोड रोगों की शत्मा की गई। तफ तीवये भें ककतनी की जामेगी? भैंने वूना शै जफ आइन्वटीन बगलान के घय ऩशुॊच गमा तो बगलान ने उववे ऩूछा कक भैं फशुत घफयामा शुआ शूॊ। तीवये भशामु्ध के वॊफॊध भें कुछ फताओगे? क्मा शोगा? उवने कशा.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ऩुयाना खेर। मे कपय फडे शो जामेंगे। कपय ले मश नाटक दोशयामेंगे. दीषा दी जानी चाठशए। िेभ की तयप फच्चों को प्रलकिवत ककमा जाना चाठशए। क्मोंकक लशी उनके जीलन का आधाय फनेगा। लशीॊ उनके ऩयू े जीलन का केंि फनेगा। उवी केंि वे उनका जीलन प्रलकिवत शोगा। रेककन अबी िेभ की कोई फात नशीॊ शै। उववे शभ दयू खडे यशते शै . कन्वैप्ळन ककमा इव फच्चे का। ककव िेभ के षण भें मश फच्चा अलतकयत शुआ। तो ळामद शभें दव ू यी तयप मश बी ऩता चर जाए कक ठशटरय ककव अिेभ के षण भें ऩैदा शुआ। भुवोरनी ककव षण ऩैदा शुआ शोगा। तैभुय रॊग. तीवये के फाफत नशीॊ फता वकते तो चौथे के फाफत कैवे फताओगे? आइन्वटीन ने कशा एक फात फता वकता शूॊ चौथे के फाफत कक चौथा भशामु्ध कबी नशीॊ शोगा। क्मोंकक तीवये भें वफ वभाप्त शो जामेगा। चौथे के शोने की कोई वॊबालना नशीॊ शै। औय तीवये के More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . आॊखे फॊद ककमे खडे यशते शै। न भाॊ फच्चे वे िेभ की फात कयती शै। औय न फाऩ। न उन्शें कोई िवखाता शै कक िेभ जीलन का आधाय शै। न उन्शें कोई िनबघम फनाता शै कक तुभ िेभ के जगत भें िनबघम शोना। न कोई उनवे कशता शै कक जफ तक तुम्शाया ककवी वे िेभ न शो तफ तक तुभ प्रललाश भत कयना.ऩद ऩय. ऩाऩ शोगा। लश वायी कुूदऩता की जड शोगा औय वायी भनुष्मता को ऩागर कयने का कायण शोगा। अगय भनुष्म जाित को ऩयभात्भा के िनकट राना शै. करम भीनिरटी की जड शै औय वायी दिु नमाॊ भें अऩयाधी पैरते चरे जाते शै। जैवे भैंने आऩवे कशा कक अगय ककवी ठदन जन्भ प्रलसान प्रलकिवत शोगा. चॊगेज खाॊ ककव अलवय ऩय ऩैदा शुए थे। शो वकता शै मश ऩता चरे कक चॊगेज खाॊ वॊघऴघ घण ृ ा औय रम ोध वे बये भाॊ-फाऩ वे ऩैदा शुआ शो। जजॊदगी बी कपय लश रम ोध वे बया शुआ शै। लश जो रम ोध का भौिरक लेग. चौथे के वॊफॊध भें कुछ जूदय फता वकता शूॊ। बगलान ने कशा. दव-दव शजाय फच्चों की गदघ नें कटलाॉ दे ता। बारे भैं िछदला दे ता। जर ु व ू िनकारता तो दव शजाय फच्चों की गदघ नें रटकी शुई शै। बारों के ऊऩय। ऩीछे तैभुय जा यशा शै। रोग ऩूछते शै मश तुभ क्मा कय यशे शो। तो लश कशता कक ताकक रोग माद यखें की कबी तैभुय रॊग इव नगयी भें आमा था। इव ऩागर को माद यखने की कोई औय फात वभझ भें नशीॊ ऩडती थी। ठशटरय ने जभघनी भें वाि राख मशूठदमों की शत्मा की। ऩाॉच वौ मशूदी योज भायता यशा। स्टै िरन ने ूदव भें वाि राख रोगों की शत्मा की। जूदय इनके जन्भ के वाथ कोई गडफड शो गमी। जूदय मे जन्भ के वाथ ऩागर ऩैदा शुए। उन्भाद इनके जन्भ के वाथ इनके खून भें आमा औय कपया ले इवको पैराते चरे गमे। ऩागरों भें फडी ताकत शोती शै। ऩागर कब्जा कय रेते शै औय दौड कय शाली शो जाते शै —धन ऩय. क्मोंकक वभाज िेभ को आसा नशीॊ दे ता। न भाॊ ऩवॊद कयती शै कक भेयी रडकी ककवी को िेभ कये । न फाऩ ऩवॊद कयते शै कक भेया फेटा ककवी को िेभ कये । न वभाज ऩवॊद कयता शै कक कोई ककवी को िेभ कये । लश कशता शै िेभ तो शोना शी नशीॊ चाठशए। िेभ तो ऩाऩ शै। लश तो बफरकुर शी मोग्म फात नशीॊ शै। प्रललाश शोना चाठशए। कपय िेभ नशीॊ शोगा। लशी ऩठशमा ऩूया का ऩूया घूभता शै। आऩ कशें गे कक जशाॊ िेभ शोता शै। लशाॊ बी कोई फशुत अच्छी शारत भारूभ नशीॊ ऩडती। नशीॊ भारूभ ऩडती। नशीॊ भारूभ शोगी. उवभें िेभ एक चोयी की तयश शोता शै . कपय प्रललाश भें फाॊधे जामेंगे. तो ऩशरा काभ ऩयभात्भा की फात भत ककयमे। भनुष्म जाित को िेभ के िनकट रे आइमे। जीलन जोखखभ बया शै। न भारूभ ककतने खतये शो वकते शै। जीलन की फनी-फनाई व्मलस्था भें न भारूभ ककतने ऩकयलतघन कयने ऩड वकते शै। रेककन न ऩय कयें गे ऩकयलतघन तो मश वभाज अऩने शी शाथ भौत के ककनाये ऩशुॊच गमा शै। इविरए भय जाएगा। मश फच नशीॊ वकता। िेभ वे कयक्त रोग शी मु्धों को ऩैदा कयते शै। िेभ वे कयक्त रोग शी अऩयाधी फनते शै। िेभ वे कयक्त शी अऩयाध. मळ ऩय. तीवये के फाफत कशना भुज‍कर शै . तो शभ ळामद ऩता रगा ऩामे कक कृष्ण का जन्भ ककन जस्थितमों भें शुआ। ककवी वभस्लयता शाभघनी भें कृष्ण के भाॊ-फाऩ ने ककव िेभ के षण भें गबघ स्थाऩन. िेभ एक वीरम ेवी की तयश िेभ कयने लारे डयते शै। घफयामे शुए िेभ कयते शै। चोयों की तयश िेभ कयते शै। अऩयाधी प्रलिोश भें ले िेभ कयते शै। मश िेभ बी स्लास्थ नशीॊ शै। िेभ के िरए स्लस्थ शला नशीॊ शै . क्मोंकक िेभ को आऩ जजव बाॊित भौका दे ते शै. क्मोंकक लश प्रललाश गरत शोगा.

प्रल‍लाव ककमा जा वकता शै आ‍लावन ठदमा जा वकता शै कक उवकी अॊितभ वाॊव ऩयभात्भा भें िनकरेगी। िेभ शै िायॊ ब। ऩयभात्भा शै अॊत। लश अॊितभ वीढी शै। जो िेभ को शी नशीॊ ऩाता शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi फाफत कुछ बी कशना भुज‍कर शै कक वाढे तीय अयफ ऩागर आदभी क्मा कयें गे? तीवये भशाम् ु ध भें कुछ नशीॊ कशा जा वकता कक क्मा जस्थित शोगी। िेभ वे यठशत भनुष्म भार एक दघ घ ना शै—भैं अॊत भें मश फात िनलेदन कयना चाशता शूॊ। ु ट भेयी फातें फडी अजीफ रगी शोंगी. इवको तोड दें गे। औय िेभ की एक दिु नमा फनामेगे। तो ळामद ऩूयी भनुष्मजाित फच वकती शै। औय स्लस्थ शो वकती शै। जोय दे कय भैं आऩके मश कशना चाशता शूॊ कक अगय वाये जगत भें िेभ के केंि ऩय ऩकयलाय फन जामे तो अित भानल वऩ ु यभैन की कल्ऩना. झूिे प्रललाश का नशीॊ। शाॊ. अगय िेभ एक आध्मातिभक भूल्म रे-रे. मश अवॊबालना शै। रेककन जो िेभ भें दीषियषत शो जाता शै औय िेभ भें प्रलकिवत शो जाता शै। औय िेभ की वाॊवों भें चरता शै औय िेभ के पूर जजवकी वाॊव फन जाते शै। औय िेभ जजवका अण-ु अणु फन जाता शै औय जो िेभ भें फढता जाता शै। कपय एक ठदन लश ऩाता शै कक िेभ की जज गॊगा भें लश चरा था. अव्मलस्था शोगी। उवको वॊबारने का शभ कोई उऩाम खोजेंगे। उव ऩय प्रलचाय कयें गे। रेककन दिु नमा वे शभ मश अिेभ का जो जार शै. रेककन न तो अयप्रलॊद को िाथघनाओॊ वे औय न नीत्वे के ्लाया ऩैदा ककमे गमे िव्धाॊत वे लश वऩना ऩूया शो वकता शै। अगय ऩ् ृ ली ऩय शभ िेभ की िितष्िा को लाऩव रौटा रामे. वभाज को—उवकी ऩूयी व्मलस्था को वभझना जूदयी शै। कक कशाॊ गडफड शुई शै। अगय वायी दिु नमा मश तम कय रे कक शभ ऩ् ृ ली भें एक िेभ का घय फनामेगे. लश गॊगा अफ ककनाये छोड यशी शै। औय वागय फन यशी शै। एक ठदन लश ऩाता शै कक गॊगा के ककनाये िभटते जाते शै। औय अनॊत वागय आ गमा वाभने। छोटी-वी गॊगा की धाया था गॊगोरी भें. क्मोंकक ऋप्रऴ भुिन इव तयश की फातें कयते शी नशीॊ। भेयी फात फशुत अजीफ रगी शोगी। आऩने वोचा शोगा कक भैं बजन-कीतघन का कोई नुस्खा फताऊॊगा। आऩने वोचा शोगा कक भैं कोई भारा पेयने की तयकीफ फताराऊॊगा। आऩने वोचा शोगा कक भैं कोई आऩको ताफीज दे दॉ ग ू ा। जजवको फाॊधकय आऩ ऩयभात्भा वे िभर जामें। ऐवी कोई फात भें आऩको नशीॊ फता वकता शूॊ। ऐवे फताने लारे वफ फेईभान शै. क्मोंकक ऩुूदऴ के िरए िेभ अन्म फशुत वी जीलन की ठदळाओॊ भें एक ठदळा शै। स्री के िरए िेभ अकेरी ठदळा शै। ऩुूदऴ के िरए िेभ औय फशुत वे जीलन के आमाभों भें एक आमाभ शै। उवके औय बी आमाभ शै व्मजक्तत्ल के. िेभ वे प्रललाश िनकरे तो मश वच्चा प्रललाश शोगा। शभ वायी दिु नमा को िेभ का एक भॊठदय फनामेगे। जजतनी कठिनाइमाॊ शोंगी। भुज‍करें शोंगी. अयप्रलॊद कल्ऩना कयते शै — मश कल्ऩना ऩूयी शो वकती शै . कपय लश फडी शोती शै। कपय लश ऩशाडों औय भैदानों को ऩाय कयती शै औय एक लक्त आता शै कक ककनाये छूटने रगते शै। जजव ठदन िेभ के ककनाये छूट जाते शै. लश वागय को कैवे ऩामेगी? वायी भनुष्म जाती के िरए ऩूया आॊदोरन चाठशए। ऩूयी भनुष्म जाित के आभूर ऩकयलतघन की जूदयत शै । ऩूया ऩकयलाय फदरने की जूदयत शै। फशुत कुूदऩ शै शभाया ऩकयलाय। लश फशुत वुॊदय शो वकता शै। रेककन केलर िेभ के केंि ऩय शी ऩूया वभाज को फदरने की जूदयत शै। औय तफ एक धािभघक भनुष्मता ऩैदा शो वकती शै। िेभ िथभ. तो नमे भानल का िनभाघण शो वकता शै। नमी वॊतित का नमी ऩीठढमों को नमे आदभी का। औय लश आदभी लश फच्चा लश रूण जजवका ऩशरा अणु िेभ वे जन्भें गा. छोटी वी िेभ की धाया शोती शै ळूद ु भें कपय लश फढती शै . अगय िेभ जीलन भें लाऩव रौट आमे वम्भािनत शो जाए. शभ िेभ की नठदमा शी नशीॊ शै। औय शभ फैिे शै शाथ जोडे औय िाथघनाएॊ कय यशे शै। कक शभको बगलान चाठशए। जो वकयता नशीॊ शै . ऩयभात्भा अॊितभ। औय क्मों मश िेभ ऩयभात्भा ऩय ऩशुॊच जाता शै ? क्मोंकक िेभ शै फीज औय ऩयभात्भा शै लष ृ । िेभ का फीज शी कपय पूटता शै औय लष ृ फन जाता शै। वायी दिु नमा की जस्रमों वे भेया कशने का मश भन शोता शै औय खावकय जस्रमों वे. उवी ठदन िेभ ऩयभात्भा फन जाता शै। जफ तक िेभ के ककनाये शोते शै। तफ तक लश ऩयभात्भा नशीॊ शोता शै। गॊगा नदी शोती शै। जफ तक कक लश इव जभीन के ककनाये वे फॊधी शोती शै। कपय ककनाये छूटते शै औय लश वागय भें िभर जाते शै। कपय लश ऩयभात्भा वे िभर जाती शै। िेभ की वकयता औय ऩयभात्भा का वागय शै। रेककन शभ िेभ की वकयता शी नशीॊ शै . लश ऩयभात्भा को ऩा शी नशीॊ वकता. धोखेफाज शै। वभाज को उन्शोंने फशुत फफाघद ककमा शै। वभाज की जजॊदगी को वभझने के िरए भनुष्म के ऩूये प्रलसान को वभझना जूदयी शै। ऩकयलाय को दॊ ऩित को. रेककन स्री का एक शी आमाभ शै एक शी ठदळा शै —लश शै िेभ। स्री ऩूयी िेभ बी शै औय दव ू यी चीज बी शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . जो शजायों वार वे शो यशी शै। आदभी को भशा भानल फनाने की—मश जो नीत्वे कल्ऩना कयता शै.

कयवक न उिाना. ले दयू अनॊत आकाळ भें उडने लारे ऩषी िव्ध शोत शै। आदभी यें गता शुआ कीडा शो गमा शै। क्मोंकक शभ िवखा यशे शै. फीट िनक शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi अगय स्री का िेभ प्रलकिवत शो तो लश वभझे.िेभ की ककिभमा. क्मोंकक लश िेभ शी नशीॊ शै . गॊड ु े शै। प्रललाश के ळयाफी शै। प्रललाश के कायण फेशोिळमाॊ शै। प्रललाश के कायण बागे शुए वॊन्मावी शै. ूदग्ण औय फीभाय ऩैदा शोंगे। भैंने मश कशा जो भाॊ-फाऩ जो ऩित-ऩत्नी. जो िेभी मुगर िेभ के वॊबोग भें रीन नशीॊ शोते शै। ले केलर उन फच्चों को More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . एफनाभघर. उनके फचचे जन्भ वे शी प्रलकृत. कोई जोखखभ. न तुम्शाये ऩित शै। न उनकी भाॊ शै औय न उनका फाऩ शै. जो योज एक नमा यास्ता फना रेती शै। भैदानों भें जॊगरों भें अनूिे यास्ते वे िनकरती शै। अॊजान जगत भें िलेळ कयती शै औय वागय तक ऩशुॊच जाती शै। नाकयमों के वाभने आज एक शी काभ शै। लश काभ मश नशीॊ शै कक अनाथ फच्चों को ऩढा यशी शै फैिकय। तुम्शाये फच्चे बी तो वफ अनाथ शै। नाभ के िरए ले तुम्शाये फच्चे शै। न उनकी भाॊ शै. न उनका फाऩ। वभाज वेलक स्रीमाॊ वोचती शै। कक अनाथ फच्चों का अनाथारम खोर ठदमा। फशुत फडा काभ कय ठदमा। उनको ऩता नशीॊ कक तुम्शाये अनाथ ऑयपॊव शै . उव ऩय आऩ वोचना। भैं कपय दोशया दे ता शूॊ दो चाय वूरों को औय कशकय अऩनी फात ऩूयी ककमे दे ता शूॊ। आज तक का भनष्ु म का वभाज. पराॊ शै. इवीिरए आत्भा शत्माएॉ शै। इवीिरए अऩयाध शै। िेभ के जगत ने एक झि ू ा स्थानाऩन्न वब्स्टी्मट ू प्रललाश का ईजाद कय िरमा शै। प्रललाश के कायण ले‍माएॊ शे . प्रललाश के कायण भॊठदयों भे बजन कयने लारे झि ू े रोग शै। जफ तक प्रललाश शै तफ तक मश यशे गा। भैं मश नशीॊ कश यशा शूॊ कक प्रललाश िभट जामे. लश क्मा नीित ळास्री शोगा? वाध-ु वॊन्मावी खडे शै िेभ के प्रलयोध भें । क्मोंकक ले कशते शै कक मश वफ ऩाऩ शै। मश वफ फॊधन शै। इवको छोडो औय ऩयभात्भा की तयप चरो। जो आदभी कशता शै कक िेभ को छोडकय ऩयभात्भा की तयप चरो। लश ऩयभात्भा का ळरु शै. ठढकाॊ शै. िेभ के केंि ऩय िनिभघत नशीॊ शै। इवीिरए प्रलषियषप्तता शै। इवीिरए ऩागरऩन शै. इविरए भेयी फात भान रेने की कोई जूदयत नशीॊ शै। रेककन भैंने जो कशा शै . कोई खतया डेंजय भत उिाना। अऩने घय का दयलाजा फॊद कयों औय जभीन ऩय वयको। आकाळ भें भत उडना जफ कक शोना मश चाठशए कक शभ िेभ की जोखखभ िवखामे. क्मोंकक उनका अनब ु ल कशता शै कक िेभ खतया शै। रेककन अनब ु ली रोगों वे जया वालधान यशना। क्मोंकक जजॊदगी भें कबी कोई नमा यास्ता ले नशीॊ फनने दे ते। ले कशते शै कक ऩुयाने यास्ते का शभें अनुबल शै. िेभ का खतया िवखामे। िेभ का अबम िवखामे औय िेभ के आकाळ भें उडने के िरए उनके ऩॊखों को भजफूय कयें । औय चायों तयप जशाॊ बी िेभ ऩय शभरा शोता शो उवके खखराप खडे शो जामें। िेभ को भजफूत कयें ताकत दें । िेभ के जजतने द‍ु भन खडे शै दिु नमाॊ भें उनभें नीित ळास्री बी शै। क्मोंकक िेभ के प्रलयोध भें जो शो. जस्रमाॊ वोचती शै कक जामें औय वेला कयें । जजव वभाज भें िेभ नशीॊ शै. कोई नशीॊ उनका—न तुभ शो. िेभ का यवामन। औय फच्चों को दीषा दे िेभ की औय िेभ के आकाळ भें उिने की िळषा दे .जो उनको वनाथ फना दे । वोचते शै शभ कक आठदलावी फच्चों को जाकय िळषा दें । तभ ु आठदलावी फच्चों को जाकय िळषा दो औय तम् ु शाये फच्चे धीये -धीये आठदलावी शुए चरे जा यशे शै। मे जो फीटर शै . ऩयलटें ड . क्मोंकक िेभ के अितकयक्त ऩयभात्भा की तयप जाने का कोई यास्ता शी नशीॊ शै। फडे फढ ू े बी खडे शै िेभ के प्रलऩयीत. शभ ऩुयाने यास्ते ऩय चरे शै . उव वभाज भें वेला कैवे शो वकती शै? वेला तो िेभ की वुगॊध शै। भैं तो एक शी फात आज कशना चाशूॊगा। आज तो िवपघ एक धक्का आऩको दे दे ना चाशूॊगा। ताकक आऩके बीतय थचॊतन ळूद ु शो जाए। शो वकता शै भेयी फातें आऩको फुयी रगें तो फशुत अच्छा शै। शो वकता शै भेयी फातों वे आऩको चोट रगे। ितरिभराशट ऩैदा शो जाए। उतना शी अच्छा शै क्मोंकक उववे कुछ वोच-प्रलचाय ऩैदा शोगा। शो वकता शै भेयी वफ फातें गरत शों. मे कपय वे आदभी के आठदलावी शोने की ळक्रें शै। तभ ु वोचते शो. औय प्रललाश वे िेभ को िनकरने की कोिळळ की जामे तो मश िेभ झूिा शोगा। क्मोंकक जफदघ स्ती कबी बी कोई िेभ नशीॊ िनकर वकता शै। िेभ मा तो िनकरता शै मा नशीॊ िनकरता शै। जफदघ स्ती नशीॊ िनकारा जा वकता शै। तीवयी फात भैंने मश कशीॊ शै कक जो भाॊ-फाऩ िेभ वे बये शुए नशीॊ शै. उवी ऩय वफको चरना चाठशए। रेककन जजॊदगी को योज नमा यास्ता चाठशए। जजॊदगी ये र की ऩटकयमों ऩय दौडती शुई ये रगाडी नशीॊ शै कक फनी ऩटकयमों ऩय दौडती यशे । मठद दौडती तो एक भळीन शो जामेगी। जजॊदगी तो एक वकयता शै . भैं मश कशा यशा शूॊ कक प्रललाश िेभ वे िनकरे। प्रललाश वे िेभ नशीॊ िनकरता शै। िेभ वे प्रललाश िनकरे तो ळब ु शै. उनको ऩॊखों को भजफूत कये । रेककन अबी तो शभ काट दे ते शै ऩॊख कक प्रललाश की जभीन ऩय वयको। िेभ के आकाळ भें भत उडना। जफ की शोना मश चाठशए कक शभ िेभ की जोखखभ िवखाए। रेककन जो जोखखभ नशीॊ उिाते। ले जभीन ऩय यें गने लारे ककरे शो जाते शै। जो जोखखभ उिाते शै. इवीिरए म् ु ध शै.

ु की वतश भें खोजें गमे फशुत वे ऐवे ऩळओ ु ृ ली के नीचे दफे शुए. उनभें एक राख आदभी भये । इव वभम रोगों को खतया शै की एटभ फभ फनते चरे गमे तो. दो ठशयोिळभा योज शभ ऩैदा कय रेते शै। दो राख आदभी िितठदन फढ जाते शै। इवका डय शै कक मठद इवी तयश वॊख्मा फढती चरी गमी तो इव वदी के ऩूये शोते-शोते ठशरने के िरए बी जगश ळेऴ न यश जाएगी। औय तफ वबाएॉ कयने की जूदयत नशीॊ यश जामेगी। क्मोंकक तफ शभ रोग चौफीव घॊटे वबाओॊ भें शोंगे। आदभी को न्मूमाकघ औय फम्फई भें चौफीवों घॊटे ठशरने की पुयवत नशीॊ शै। उवे वप्रु लधा नशीॊ शै अलकाळ नशीॊ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . मिू नलवघर स्मूवाइड का उऩाम कय िरमा गमा शै। अगय इवे फचाना शै तो िेभ की लऴाघ. लश अऩने जीलन को िेभ के गीत वे बय रे। औय जजवकी बी आकाॊळा शो कक ऩूयी भनुष्मता ऩयभात्भा के जीलन वे बय जाए। लश वायी भनुष्मता को िेभ की तयप रे जाने के भागघ ऩय जजतनी फाधाएॊ शों लश उनको तोडे िभटामे औय िेभ को उन्भुक्त आकाळ दे . अऩनी वॊतित के फढ जाने के कायण। ले इतने फढ गमे कक ऩ् ृ ली ऩय जीना उनके िरए अवॊबल शो गमा। बोजन कभ शुआ. इतने ळजक्तळारी ऩळु ऩ् ृ ली वे कैवे प्रलरप्ु त शो गमे। ककवी ने उन ऩय शभरा ककमा? ककवी ने उन ऩय एटभ फभ. लश शुआ कक जन्भ की दय ऩयु ानी यशी. प्रेग आते थे. दिु नमाॊ की नमी वम्बालना शै मश शै —रोगों के ऩैदा शोने वे। एक एटभ फभ थगयाकय ठशयोिळभा भें एक राख आदभी शभने भाये . वभि जजनका अफ कोई नाभों िनळान नशीॊ यश गमा शै। ले कबी थे। आज वे दव राख वार ऩशरे ऩ् ृ ली फशुत वे वयीवऩ ृ िाखणमों वे बयी थी। रेककन. क्मोंकक फच्चे उनकी शी िितध्लिन शे । लश आमा शुआ नमा फवॊत शै। ले कपय वे जीलन के दयख़्त ऩय रगी शुई कोंऩरें शै। रेककन जजवने ऩुयाने फवॊत को िेभ नशीॊ ककमा. ऩानी कभ शुआ.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ऩैदा कयें गे जो ळयीलादी शोंगे। बौितकलादी शोगें । उनकी जीलन की आॉख ऩदाथघ वे ऊऩय कबी नशीॊ उिे गी। ले ऩयभात्भा को दे खने के िरए अॊधे ऩैदा शोंगे। आध्माजत्भक ूदऩ वे अॊधे फच्चे शभ ऩैदा कय यशे शै। भैंने आऩवे चौथी फात मश कशीॊ कक भाॊ-फाऩ अगय एक दव ू ये को िेभ कयते शै तो ले फच्चों के भाॊ-फाऩ फनें गे. ताकक एक ठदन एक नमे भनुष्म का जन्भ शो वके। ऩयु ाना भनष्ु म ूदग्ण था। कुूदऩ था. वायी दिु नमाॊ नष्ट शो जामेगी। रेककन आज जो रोग वभझते शै. ऩशाडों की कॊदयाओॊ भें िछऩे शुए. भरेकयमा शोता था. शाइड्रोजन फभ थगयामा? नशीॊ उनके खत्भ शोने की अ्बत ु कथा शै। उन्शोंने कबी वोचा बी न शोगा कक ले खत्भ शो जामेंगे। ले खत्भ शो गए. लश प्रलरुप्त शो गमा। 1945 भें ठशयोिळभा औय नागावाकी भें एटभ फभ थगये . ककन्तु भत्ृ मु दव शभने कय दी। अकार थे. शैजा शोता था. अळब ु था। ऩयु ाने भनष्ु म ने अऩने आत्भघात का इॊतजाभ कय िरमा था। लश आत्भा शत्मा कय यशा था। वाये जगत भें लश एक वाथ आत्भघात कय रेगा। वालघजिनक आत्भघात. ककॊ तु आकार भें भयना शभने फॊद कय ठदमा। भशाभाकयमाॉ आती थी. िेभ की बूिभ औय िेभ के आकाळ को िनिभघत कय रेना जूदयी शै। नौिां प्रिचन ऩ् के अजस्थय ऩॊजय िभरे शै. ले वफ शभने फॊद कय ठदमे। शभने भत्ृ मु के फशुत वे ्लाय योक ठदमे औय जन्भ के वफ ्लाय खर ु े छोड ठदमे। भत्ृ मु औय जन्भ के फीच जो वॊतुरन था. रेककन बप्रलष्म भें आ वकती शै। आज तक नशीॊ आमी उवका कायण ु ट मश था कक िकृित ने िनयॊ तय भत्ृ मु को औय जन्भ वॊतुिरत यखा था। फु्ध के जभाने भें दव आदभी ऩैदा शोते थे तो वात मा आि जन्भ के फाद भय जाते थे। दिु नमा की आफादी कबी इतनी नशीॊ फढी थी कभी ऩड जाए. रेककन शभ िितठदन डेढ राख आदभी दिु नमा भें फढा दे ते शै। एक ठशयोिळभा क्मा. खाने की कभी ऩड जामे। प्रलसान औय आदभी की िनयॊ तय खोज ने औय भत्ृ मु वे रडाई रेने की शोड ने मश जस्थित ऩैदा कय दी शै। कक आज दव फच्चे ऩैदा शोते शै तो उनभें वे भुज‍कर वे एक फच्चा भय ऩाता शै। जस्थित बफरकुर उल्टी शो गमी शै। आज ूदव भें डेढ वौ लऴघ की उम्र के बी शजायों रोग शै। औवत उम्र अस्वी औय फमावी लऴघ तक कुछ भल् ु कों भें ऩशुच गई शै। स्लाबाप्रलक ऩकयणाभ जो शोना था. ले कशते शै कक दिु नमा के नष्ट शोने की वॊबालना एटभ फभ वे फशुत कभ शै. लश नमे फवॊत को िेभ कैवे कये गा? औय भैने अॊितभ फात मश कशीॊ कक िेभ ळूद ु आत शै औय ऩयभात्भा अॊितभ प्रलकाळ शै। िेभ भें जीलन ळूद ु शो तो ऩयभात्भा भें ऩूणघ शोता शै। िेभ फीज फने तो ऩयभात्भा अॊितभ लष ृ की छामा फनता शै। िेभ गॊगोरी शो तो ऩयभात्भा का वागय उऩरब्ध शोता शै। जजवके भन की काभना शो कक ऩयभात्भा तक जामे. आज शभाये घय भें िछऩकरी के अितकयक्त उनका कोई िितिनथध नशीॊ शै। िछऩकरी बी फशुत छोटा िितिनथध शै। दव राख वार ऩशरे उवके ऩल घ शाथथमों वे बी ऩाॉच गन ू ज ु ा फडे शोते थे। ले वफ कशाॊ खो गमे.िरजव्शॊग स्ऩेव कभ शुआ। जीने के िरए जजतनी जगश चाठशए लश कभ शो गमी। उन ऩळओ ु ॊ को बफरकुर आभूर नष्ट शो जाना ऩडा। ऐवी दघ घ ना आज तक भनुष्म जाित के जीलन भें नशीॊ आमी शै .

खुरी जगश चाठशए जशाॊ लश जी वके। अफ रॊदन. तो दािमत्ल. भेस्को. भुझाघ यशी शै। ले वफ िभट जामेंगे। वफ रुप्त शो जामेंगे। क्मोंकक आदभी श्रेष्ि वे कयक्त शो गमा शै। बीड भें िनजता िभट गई शै। इॊडीलीजुअरटी िभट जाती शै। स्लमॊ को फोध कभ शो जाता शै। आऩ अकेरे नशीॊ भार बीड के अॊग शोते शै। इविरए बीड फुये काभ कय वकती शै। अकेरा आदभी इतने फयु े काभ नशीॊ कय ऩाता। अगय ककवी भजस्जद को जराना शो.बी प्रलदा शो जाती शै। तफ शभ कश वकते शै कक शभने नशीॊ ककमा. बीड ने अफ तक कोई श्रे ष्ि काभ ककमा शी नशीॊ। जो बी जगत भें श्रेष्ि शै—कप्रलता. लशीॊ ले बोजन कयते शै. अफ एक भुजक्त अनुबल कयते शै। दव रोग आकय कभये भें िवपघ फैि जामें कुछ न कयें तो बी आऩके भजस्तष्क भें एक अॊजान बाय फढना ळूद ु शो जाता शै। भनोलैसािनक कशते शै कक चायों तयप फढती शुई बीड का ित्मेक व्मजक्त के भन ऩय एक अनजाना बाय शै। आऩ यास्ते ऩय चर यशे शै .आऩ बी बीड भें वजम्भिरत थे। कबी आऩने दे खा की बीड तेजी वे चर यशी शो. उन रोगों के वभष अित तीव्र शो जाना वुिनज‍चत शै कक मठद भत्ृ मद ु य को योक ठदमा औय जनभ दय को ऩुयाने यास्ते चरने ठदमा तो फशुत डय शै कक ऩ् ृ ली शभायी वॊख्मा वे शी डूफ जामे औय नष्ट शो जामे। शभ इतने ज्मादा शो गमे कक जीना अवॊबल शो गमा शै। इविरए जों बी प्रलचायळीर शै .कयस्ऩेन्वबफिरटी. तो उनका ऩागर शोना ळूद ु शो जामेगा। ित्मेक फॊदय को एक िरजव्शॊग स्ऩेव. िव अजीफ कथा शै। ठशटरय रे िरखा शै कक भैं अऩने दव ऩन्िश रोगों को शी रेकय वबा भें More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .ऩयभात्भा. लशीॊ फीभाय ऩडते शै। एक-एक कभये भें दव-दव फायश-फायश ऩॊिश-ऩॊिश रोग फॊद शै। अगय ले प्रलषियषप्त शो जामें तो कोई आ‍चमघ नशीॊ शै। अगय ले ऩागर शो जामे तो को चभत्काय नशीॊ शै। ले ऩागर शोंगे शी। ले ऩागर नशीॊ शो यशे शै . वॊगीत अथला ऩयभात्भा की िितध्लिन वफ एकाॊत औय अकेरे भें शी िभरती शै। आज तक जगत भें बीड-बाड भें श्रेष्ि काभ नशीॊ शुआ. तो मश फुयाई शभें ख्मार भें नशीॊ आती। जफ आऩ एक कभये भें शोते शै . तफ आऩने ख्मार ककमा शै कक आऩ लशी आदभी नशीॊ शोते फैिक घय भें शोते शै। फाथरुभ भें आऩ बफरकुर दव ू ये आदभी शोते शै। फूढा बी फाथरुभ भें फच्चे जैवा उन्भुक्त शो जाता शै। फूढे बी फाथरुभ के आईने भें फच्चे जैवी जीब ठदखाई शै। भुशय थचढाते शै। नाच बी रेते शै। रेककन अगय उन्शें ऩता चर जामे कक ककवी छे द कोई झाॊक यशा शै। तो कपय ले एकदभ फूढे शो जामेगे। उनका फचऩना खो जामेगा। कपय ले वख्त औय भजफूय शोकय फदर जामेंगे। शभें कुछ षण चाठशए.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi इव वभम वफवे फडी थचॊता. तो उवका प्रलषियषप्त शोना ळूद ु शो जाता शै। फॊदय बी भीरों नाचा कयते शै। ऩचाव फॊदयों को एक भकान भें फॊद कय दें . दव ऩन्िश रोग थे। रेककन दव-ऩन्िश रोगों वे ठशटरय. कैवे शुकूभत ऩय ऩशुॊचा. वॊगीत. ले एकाॊत औय अकेरे भें शी खखरते शै। काव्म. चाशे लश ककतना शी ऩक्का ठशन्द ू क्मों न शो। अगय ककवी भॊठदय भें याभ की भूितघ तोडनी शो तो अकेरा भुवरभान नशीॊ तोड वकता शै। चाशे लश ककतना शी ऩक्का भुवरभान क्मों न शो। उवके िरए बीड चाठशए अगय फच्चों की शत्मा कयना शो स्रीमों के वाथ फरात्काय कयना औय जजॊदा आदिभमों भें आग रगानी शो तो अकेरा फशुत कठिनाई अनुबल कयता शै रेककन बीड एकदभ वयरता वे कयला रेती शै। क्मों? क्मोंकक बीड भें कोई व्मकित नशीॊ यश जाता औय जफ व्मजक्त नशीॊ यश जाता. िाथघना. अगय इतने कभ ऩागर शो ऩा यशे शै मशी कभ आ‍चमघ की फात शै। भनुष्म को खुरा स्थान चाठशए जीने के िरए रेककन वॊख्मा जफ ज्मादा शो जामे. नाये रगा यशी शो. िेभ—ले वफ एकान्त भें औय अकेरे भें शी पूरे शै। रेककन ले वफ पूर ळेऴ न यशे जामेंगे। भुझाघ जामेंगे. अकेरे कोई बी उव यास्ते ऩय नशीॊ शै। तफ आऩ दव ू ये ढॊ ग के आदभी शोते शै। औय कपय उव यास्ते ऩय दो आदभी फगर की गरी के िनकर कय आ जाते शै। तो आऩ दव ू ये ढॊ ग के आदभी शो जाते शै। उनकी भौजूदगी आऩके बीतय कोई तनाल ऩैदा कय दे ती शै। आऩ अऩने फाथरुभ भें शोते शै. जफ शभ बफरकुर अकेरे शो वकें। भनुष्म की आत्भा के जो श्रेष्ि पूर शै. मशीॊ चभत्काय शै। मशी आ‍चमघ शै . जो भनुष्म जाित के ठशत के वॊफॊध भें वोचते शै . लशीॊ भयते शै .थचर. तो आऩ बी नाये रगाने रगते शै। औय आऩ बी बीड के वाथ एक शो जाते शे । ऐवा क्मा? एडल्ट ठशटरय ने अऩनी आत्भकथा भें िरखा शै कक ळूद ु -ळूद ु भें भेये ऩाव फशुत थोड रोग थे. तो अकेरा आदभी उवे नशीॊ जरा वकता शै. न्मम ू ेकघ. ले लशीॊ कशें गे कक जजव बाॊित शभने भत्ृ मु दय को योका शै उवी बाॊित जन्भ दय को बी योकना फशुत भशत्लऩूणघ शै। ऩशरी फात तो मश ध्मान भें यख रेनी शै कक जीलन एक अलकाळ चाठशए शै। जॊगर भें जानलय भुक्त शै भीरों के घेये भें घूभता शै। दौडता शै उवे कट घये भें फॊद कय दें .औय लािळॊगटन भें िरजव्शॊग स्ऩेव खो गमे शै। छोटे -छोटे कट घयों भें आदभी फॊद शै। एक-एक घय भें एक-एक कभये भें दव-दव फायश-फायश आदभी फॊद शै। लशाॊ ले ऩैदा शोते शै .

औय कौन वे कऩडे िीितकय शे औय कैवे भकान िीितकय शे । तफ मे वलार नशीॊ शै। कैवा भकान ठदमा जा More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . शभ गाम का दध ू ऩी रेते शै। शभ वीधा घाव खामे तो भुज‍कर शोगी। फीच भें भध्मस्थ गाम चाठशए। गाम घाव को इव शारात भें फदर दे ती शै शभाये बोजन के मोग्म शो जाता शै। आज नशीॊ कर शभ भळीन की गाम बी फना रें गे। जो घाव को इव शारत भें फदर दे कक शभ उवको खा रें । तफ दध ू जल्दी शी फन वकेगा। जफ व्शे जजटफर घी फन वकता शै तो व्शे जजटफर दध ू क्मों नशीॊ फन वकता शै। कोई कठिनाई नशीॊ शै। बोजन का भवरा तो शर शो जामेगा। रेककन अवरी वलार बोजन का नशीॊ शै। अवरी वलार ज्मादा गशये शै। अगय आदभी की बीड फढती जाती शै तो ऩ् ृ ली कीडे भकोडे की तयश आदभी वे बय जामेगी। इववे आदभी की आत्भा खो जामेगी। औय उव आत्भा को दे न का प्रलसान के ऩाव कोई उऩाम नशीॊ शै। आत्भा खो शी जामेगी। औय अगय बीड फढती चरी गई तो. गुरुत्लाकऴघण आऩको खीॊच यशा शै। शभ फचऩन वे शी इवके आदी शो गमे शै इववे शभें ऩता नशीॊ चरता. भनोप्रल‍रेऴण मश कशता शै कक जो रोग ऩागर शुए जा यशे शै. ऩानी वे बोजन रे यशे शै। शभ बी ऩानी वे बोजन िनकार वकते शै। शभ भछरी को खा रेते शै तो शभाया बोजन फन जाती शै। औय भछरी ने जो बोजन िरमा. वभि वे बोजन िनकार िरमा. लश कुछ बी कयला रेती शै। क्मोंकक लश व्मजक्त को िभटा दे ती शै। लश व्मजक्त की आत्भा को जो उवका अऩना शोता शै उवे ऩोंछ डारती शै। अगय ऩ् ृ ली ऩय बीड फढती गमी. एक-एक व्मजक्त ऩय चायों औय वे अनजाना दफाल ऩडेगा। शभें अनजाने दफाल कबी ठदखाई नशीॊ ऩडते। आऩ जभीन ऩय चरते शै आऩके कबी वोचा की जभीन का ग्रेजव्शटे ळन. रेककन जभीन का फशुत फडा आकऴघण शभें ऩूये लक्त खीॊचे शुए शै। अबी चाॉद ऩय जो मारी गमे शै. फशुत गशये अथों भें धािभघक भाभरा शै। बोजन तो जट ु ामा जा वकता शै। उवभे फशुत कठिनाई नशीॊ शै। बोजन की कठिनाई अगय रोग वभझते शै तो बफरकुर गरत वभझते शै। अबी वभुि बये ऩडे शै। अबी वभुिों भें फशुत बोजन शै। लैसािनक िमोग मश कश यशे शै कक वभुिों के ऩानी वे फशुत बोजन िनकारा जा वकता शै। आखखय भछरी बी तो वभुि वे बोजन रे यशी शै। राखों तयश के जानलय वभुि वे. उन्शें ऩता चरा कक जभीन उन्शें रौटकय लैवी नशीॊ रगी। जैवी ऩशरे रगती थी। चाॉद ऩय ले मारी वाि कपट छराॊग बी रगा वकते थे। क्मोंकक चाॉद की ऩकड फशुत कभ शै। चाॉद फशुत नशीॊ खीॊचता शै। जभीन फशुत जोय वे खीॊच यशी शै। शलाएॉ चायों तयप वे दफाल डारे शुए शै। रेककन उनका ऩता शभें नशीॊ चरता। क्मोंकक शभ उवके आदी शो गमे शै। औय फशुत वे अनजाने भानिवक दफाफ बी शै। गरु ु त्लाकऴघण तो बौितक दफाल शे .तो व्मजक्त प्रलदा शो जामेगा। बीड यश जामेगी। जव्मक्तत्ल षीण शो जामेगा। खत्भ शो जामेगा। िभट जामेगा। मश बी वलार नशीॊ शै कक ऩ् ु ृ ली आगे इतने जीलों को ऩारने भें अवभथघ शो जामे। अगय शभने वफ उऩाम बी कय िरए. रेककन चायों तयप वे रोगों की भोजद ू गी बी शभको दफा यशी शै। ले बी शभें बीतय की तयप िेव कय यशे शै। िवपघ उनकी भौजद ू गी बी शभें ऩये ळान ककमे शुए शै। अगय मश बीड फढती चरी जाती शै। तो एक वीभा ऩय ऩयू ी भनष्ु मता के ‘’न्मूयोठटक’’ प्रलषियषप्त शो जाने का डय शै। वच तो मश शै कक आधुिनक भनोप्रलसान.उतना शी शभ व्मजक्तमों की कपरम कयने भें अवभथघ शो जामेंगे। जजतनी बीड ज्मादा शो जामेगी। उतनी शभें बीड की कपरम नशीॊ कयनी ऩडेगी। जजतनी बीड शी शभें ऩूये जगत की इक्िी कपरम कयनी ऩडेगी। कपय मश वलार नशीॊ शोगा की आऩको कौन वा बोजन िीितकय शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi ऩशुॊच जात था। उन ऩन्िश रोगों को अरग-अरग कोनों ऩय खडा कय दे ता था औय जफ भैं फोरता था तो उन ऩन्िश रोगों को अरगअरग तािरमाॊ फजाने को कशा जाता था। ले ऩन्िश रोग तारी फजाते थे औय फाकी बीड बी उनके वाथ शो जाती थी। फाकी बीड बी तािरमाॊ फजाती थी। कबी आऩने ख्मार ककमा शै कक जफ आऩ बीड भें तारी फजाते शै तो आऩ नशीॊ फजाते। बीड फजलाती शै। जफ आऩ बीड भें शॊवते शै तो बीड शी आऩको शॊवा दे ती शै। बीड वॊरम ाभक शै. उन ऩागर शोने लारों भें नब्फे िितळत ऩागर ऐवे शै जो बीड के दफाल को नशीॊ वश ऩा यशे शै। दफाल चायों तयप वे फढता चरा जा यशा शै। औय बीतय दफाफ को वशना भुज‍कर शुआ जा यशा शै। उनके भजस्तष्क की नवें पटी जा यशी शै। इविरए फशुत गशये भें वलार िवपघ भनुष्म के ळायीकयक फचाल का नशीॊ शै। कपजजकर वयलाइलर का शी नशीॊ शै। उवके आजत्भक फचाल का बी शै। जो रोग मश कशते शै कक वॊतित िनमभन जैवी चीजें अधािभघक शै। उन्शें धभघ का कोई ऩता नशीॊ शै। क्मोंकक धभघ का ऩशरा वूर शै कक व्मजक्त को व्मजक्तत्ल िभरना चाठशए। औय व्मजक्त के ऩाव एक आत्भा शोनी चाठशए। व्मजक्त बीड का ठशस्वा न यश जामे। रेककन जजतनी बीड फढे गी. कोई उऩाव वोचना ऩडेगा। वभि ु वे बोजन िनकर वकता शै। शो वकता शै शला भें बी खाना िनकारा जा वके। औय मश बी शो वकता शै कक िभ्टी वे बी बोजन को ग्रशण कय वकें। मश फव शो वकता शै। िवपघ गोिरमाॊ खाकय बी आदभी जजॊदा यश वकता शै। बीड फढती गई तो बोजन का कोई शर तो शभ कय रें गे. िनकार बी वकते शै। क्मोंकक भजफयू ी शोगी. लश ऩानी वे िरमा। अगय शभ एक ऐवी भळीन फना वके जो भछरी का काभ कय वकती शै। तो शभ ऩानी वे वीधा बोजन ऩैदा कय वकते शै। आखखय भछरी बी एक भळीन का शी तो काभ कय यशी शै। गमा घाव खाती शै. रेककन आत्भा का शर नशीॊ शो वकेगा। इविरए भेये वाभने ऩकयलायिनमोजन केलर आथथघक भाभरा नशीॊ शै .

जनवॊख्मा का प्रलस्पोट फशुत गशये अथों भें धािभघक वलार शै। िवपघ बोजन का आथथघक वलार नशीॊ शै। जफ ऩकयजस्थितमाॊ फदर जाती शै तफ ऩुयाने िनमभ प्रलदा शो जाते शै। रेककन. ळोयगुर कयते शै . द‍ु भन शै। क्मोंकक लश उवे ऐवी दिु नमा भें धक्का दे यशा शै . फीभायी चाठशए. उतना कफीरा भजफूत शो जाता था। इविरए वॊख्मा का फडा शोना भशत्ल ऩणघ था। रोग कशते थे कक शभ इतनी कयोड शै। उवभें फडी अकड थी। उवभें फडा अशॊकाय था। रेककन लक्त फदर गमा शै. तो शभ फैंड फाजा फजलाते शै . शभें उवका कोई बी फोध नशीॊ. ले कश यशे थे कक जाऩान भें घयों की ककतनी तकरीप शै। बीड फढती चरी जा यशी शै। एक नमे तयश के ऩरॊग उन्शोंने ईजाद ककमे शै। आज नशीॊ कर शभें बी ईजाद कयने ऩडेंगे। ले भल्टी-स्टोयी ऩरॊग शै। यात आऩ अकेरे वो बी नशीॊ वकते। वफ खाटें एक वाथ जुडी शुई शै। एक के उऩय एक। यात भैं जफ आऩ वोते शै . आज वॊख्मा फढने वे द्ु ख फढता शै। जस्थित बफरकुर फदर गई शै। आज जजन रोगों को बी इव जगत भें वुख की भॊगर की काभना शै. तो अऩने नम्फय की खाट ऩय चढकय वो जाते शै। आऩ वोने भें बी बीड के फाशय नशीॊ यश वकते शै। क्मोंकक बीड फढती चरी जा यशी शै। लश यात आऩके वोने के कभये भें बी भौजूद शो जामेगी। ऩय दव आदभी एक शी खाट ऩय वो यशे शो। तो ले घय कभ यश गमा. फजल्क वभझदाय भुल्कों भें वॊख्मा थगयने तक की वॊबालना ऩैदा शो गमी शै। जैवे फ्राॊव की वयकाय थोडी थचॊितत शो गमी शै क्मोंकक कशीॊ ज्मादा न थगय जाए.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi वकता शै बीड को. मश डय बी ऩैदा शो गमा शै। रेककन कोई वभझदाय भुल्क अऩनी वॊख्मा नशीॊ फढा यशा। वॊख्मा के फढने के ऩीछे कई कायण शै। ऩशरा कायण तो मश शै कक मठद जीलन भें वुख चाठशए तो न्मूनतभ रोग शोने चाठशए। अगय दीनता चाठशए. शभें उवका कोई बी खमार नशीॊ।1947 भें ठशॊदस् ु तान ऩाककस्तान का फॊटलाया शुआ था। तफ ककवी ने वोचा बी न शोगा कक फीव वार भें ऩाककस्तान भें जजतने रोग गमे थे। शभ उववे ज्मादा कपय ऩैदा कय रें गे। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . तो वात औय आि भय जाते थे। औय उव वभम एक फच्चे का ऩैदा शोना फडी घटना थी। वभाज के िरए उवकी फडी जूदयत थी। क्मोंकक वभाज भें फशुत थोडे रोग थे। रोग ज्मादा शोना चाठशए। नशीॊ तो ऩडोवी ळरु के शभरे भें जीतना भुज‍कर शो जामेगा। एक व्मजक्त का फढ जाना फढी ताकत थी। क्मोंकक व्मजक्त शी अकेरी ताकत था। व्मजक्त वे रडना था। ऩाव के कफीरे वे शायना वॊबल शो जाता। अगय वॊख्मा कभ शो जाती शै। तफ वॊख्मा को फढाने की कोिळळ कयना जूदयी था। वॊख्मा जजतनी फढ जामे. िवाद फाॊटते शै। ऩाॉच शजाय वार ऩशरे बफरकुर ऐवी शी फात थी। क्मोंकक ऩाॉच शजाय वार ऩशरे दव फच्चे ऩैदा शोते थे. इव फात को वोचकय की आऩ ककतने फच्चे ऩैदा कयें गे। आने लारी दिु नमा भें वॊख्मा द‍ु भन शो वकती शै। कबी वॊख्मा उवकी िभर थी.ये रले कम्ऩाटघ भेंट ज्मादा शो गमा। ये रले कम्ऩाटघ भेंट भें बी अबी ‘’टे न-टामय’’ नशीॊ शै। रेककन दव भें बी भाभरा शर नशीॊ शो जामेगा। अगय मश बीड फढती जाती शै तो मश वफ तयप व्मजक्त को एन्रम ोचभें ट कये गी। लश व्मजक्त को वफ तयप वे घेये गी वफ तयप वे फॊद कये गी। औय शभें ऐवा कुछ कना ऩडेगा कक व्मजक्त धीये -धीये खोता शी चरा जामे. उवकी थचॊता शी फॊद कय दे नी ऩडे। भेयी ढ़जष्ट भें भनुष्म की वॊख्मा का प्रलस्पोट. कबी वॊख्मा फढने वे वख ु फढता था. कैवा बोजन ठदमा जो वकता शै बीड को। मश वलार शोगा। तफ व्मजक्त का वलार प्रलदा शो जाता शे औय बीड के एक अॊळ की तयश आऩको बोजन कऩडा औय अन्म वुप्रलधाएॊ दी जा वकती शै। अबी एक िभर जाऩान वे रौटे शै . कैवे कऩडे ठदमे जा वकते शै बीड को. आत्भघाती शै। आज कोई वभझदाय भुल्क अऩनी वॊख्मा नशीॊ फढा यशा शै . जशाॊ लश िवपघ गयीफी शी फाॊट वकेगा। लश फेटे के िित िेभ ऩैदा कयना अफ िेभ नशीॊ िवपघ नावभझी शै औय द‍ु भनी शै। आऩ दिु नमाॊ भें वभझदाय भाॊ-फाऩ शो वकते शै. ऩागरऩन चाठशए तो अथधकतभ रोग ऩैदा कयना उथचत शै। जफ एक फाऩ अऩने ऩाॊचलें फच्चे के फाद बी फच्चे ऩैदा कय यशा शै तो लश फच्चे का फाऩ नशीॊ.गयीफी चाठशए. उन्शें मश कपरम कयनी शी ऩडेगी कक वॊख्मा िनयॊ तय कभ शोती चरी जाए। शभ अऩने को अबागा फना वकते शै.भत्ृ मु उतनी शी नजदीक शो जामेगी। आज जनवॊख्मा का फढना स्मुवाइडर शै. शारत फदर गई शै उरटी शो गई शै। िनमभ ऩुयाना चर यशा शै। शारतें बफरकुर उल्टी शो गई शै। अफ जो जजतना ज्मादा वॊख्मा भें शै। लश उतनी शी जल्दी भयने के उऩाम भें शै। तफ जो जजतनी ज्मादा वॊख्मा भें था। उतनी ज्मादा उवके जीतने की वॊबालना थी। आज वॊख्मा जजतनी ज्मादा शोगी. द:ु ख चाठशए. आज बी घय भें एक फच्चा ऩैदा शोता शै .

क्मोंकक उनका व्मलवाम फीभायी ऩय खडा शै। इविरए ूदव ने रम ाॊित के फाद जो काभ ककमे. आज अकेरे ठशन्दस् ु तान की उववे ज्मादा शै। मश वॊख्मा इतने अनुऩात वे फढती चरी जा यशी शै। औय कपय द्ु ख फढ यशा शै। दकयिता फढ यशी शै . बगलान वे िाथघना कयना कक शभाया धॊधा िीक चरे शभ योज आते यशें गे। भैनेजय ने ऩूछा. फेकायी फढ यशी शै। तो शभ ऩये ळान शोते शै। उववे डयते शै औय शभ कशते शै कक फेकायी नशीॊ चाठशए. द्ु खी यशें फेचैन औय ऩये ळान यशे । कायण अळाॊत रोग शी उवके ऩाव मश जानने आते शै कक शभ ळाॊत कैवे यशें । द्ु खी रोग उवके ऩाव आते शै शभाया द्ु ख कैवे िभटे ? दीन-दकयि उवके ऩाव आते शै कक शभायी दीनता का अॊत कैवे शो? धभघ गुरु का धॊधा रोगों के फढते शुए द्ु ख ऩय िनबघय शै। इविरए जफ बी दिु नमा के धभघ गुूदओॊ ने वफ फातें ई‍लय ऩय थोऩ दी शै. उनभें एक काभ मश था कक उन्शोंने डाक्टय के काभ को ने‍नराइज कय ठदमा। उन्शोंने कशा कक डाक्टय का काभ व्मजक्तगत िनधाघकयत कयना खतयनाक शै . औय ई‍लय कबी गलाशी दे ने आता नशीॊ शै कक उवकी भजजी क्मा शै ? मश क्मा चाशता शै ? उवकी क्मा इच्छा शै ? इॊग्रैण्ड औय जभघनी भें अगय मु्ध शो तो इॊग्रैण्ड का धभघ गुरु वभझाता शै कक ई‍लय More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . द्ु ख वभाप्त न शो जामे। उनके अजीफ-अजीफ धॊधे शै। भैंने वुना एक यात एक शोटर भें फशुत दे य तक कुछ िभर आकय ळयाफ ऩीते यशे . दीनता फढ यशी शै . वुखी शो. तो कपय फीभायी िभटना फशुत भजु ‍कर शै। अबी डेक्टयों को बी शभने उरटा काभ वौंऩा शुआ शै कक लश रोगों की फीभायी िभटामे। अत: उनकी बीतयी आकाॊळा मश शै कक रोग ज्मादा फीभाय शों. क्मोंकक उवका धॊधा इवी ऩय िनबघय कयता शै। धभघ गुरु का धॊधा बी फडा प्रलयोधी शै। लश चेष्टा तो मश कयता शै की रोग ळाॊत शो. वॊतित िनमभन की फात ई‍लय का प्रलयोध शै। शाॊ धभघ गुरु जूदय चाश वकते शै। क्मोंकक भजे की फात मश शै कक दिु नमा भें जजतना द्ु ख फढता शै. आनॊठदत शो. धभघ गुूदओॊ की दक ु ानें उतनी शी िीक वे चरती शै। दिु नमा भें वुख की दक ु ानें नशीॊ शै। धभघ की दक ु ानें के द्ु ख ऩय िनबघय कयती शै। वख ु ी औय आनॊठदत आदभी धभघ गरु ु की तयप नशीॊ जाता शै। स्लस्थ औय िवन्न आदभी धभघ गरु ु की तयप नशीॊ जाता शै। द्ु खी फीभाय औय ऩये ळान व्मजक्त धभघ की तराळ कयता शै। द्ु खी औय ऩये ळान आदभी आत्भा प्रल‍लाव खो दे ता शै। लश ककवी का वशाया चाशता शै। ककवी धभघ गुरु के चयण चाशता शै। ककवी का शाथ चाशता शै। ककवी का भागघ दळघन चाशता शै। दिु नमा भें जफ तक द्ु ख शै. रेककन उवका धॊधा इव ऩय िनबघय कयता शै कक रोग अळाॊत यशें .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi शभने एक ऩाककस्तान कपय ऩैदा कय िरमा शै। 1947 भें जजतनी वॊख्मा ऩूये ठशॊदस् ु तान औय ऩाककस्तान को िभराकय थी. तो कशते शै वीजन अच्छा चर यशा शै। आ‍चमघ की फात शै। अगय ककन्शीॊ रोगों का धॊधा रोगों के फीभाय शोने वे चरता शो. शत्माएॉ शो. बोजन कयते यशे । आधी यात जफ ले प्रलदा शोने रगे तो भैनेजय ने अऩनी ऩत्नी वे कशा कक ऐवे बरे प्माये . तबी तक धभघ गुरु ठटक वकता शै। धभघ तो ठटकेगा वख ु ी शो जाने के फाद बी रेककन धभघ गुरु के ठटकने का कोई उऩाम नशीॊ शै। इविरए धभघ गुरु चाशे गा कक द्ु ख खत्भ न शो जामें. फीभायी नशीॊ चाठशए. उव ठदन रकडी ज्मादा बफकती शै। जजव ठदन ज्मादा धॊधा शोता शै उव ठदन आऩके ऩाव चरे आते शै। आऩने वन ू ा डाक्टय रोग बी कुछ ऐवा शी कशते शै । जो भयीज ज्मादा शोते शै . उवभें मठद रोग फीभाय शोते शै तो उववे एक्वप्रेनेळन भाॊगा जाता शै। इव षेर भें ज्मादा रोग फीभाय कैवे शुए? लशाॊ डाक्टय को मश थचॊता कयनी शोती शै की कोई फीभाय ने ऩडे। चीन भें भाओ ने आते शी लकीर के धॊधे को ने‍नराइज कय ठदमा। क्मोंकक लकीर का धॊधा खतयनाक शै। क्मोंकक लकीर का धॊधा काॊन्रांासडक्टयी शै। शै तो लश इविरए कक न्माम उऩरब्ध कयामें। औय उवकी वायी चेष्टा मश यशती शै कक उऩिल शो. रकडी बफरकुर बफकती नशीॊ। जजव ठदन गाॊल भें ज्मादा रोग भयते शै. क्मोंकक लश उऩय वे फीभाय को िीक कयना चाशे गा औय बीतय आॊकाषा कये गा की ‘’फीभाय’’ फीभाय शी फना यशे । कायण उवका धॊधा तो ककवी के फीभाय यशने वे शी चरता शै। इविरए उन्शोंने डाक्टय का धॊधा िाइलेट िैजक्टव बफरकुर फॊद कय दी। लशाॊ डाक्टय को ले तन िभरता शै। फजल्क उन्शोंने एक नमा िमोग बी ककमा शै। शय डाक्टय को एक षेर ठदमा जाता शै. चोयी शो. ठदर पेंक खचघ कयने लारे रोग अगय योज आमें तो शभायी जजॊदगी भें आनॊद शो जामें। चरते लक्त भैनेजय ने उनवे कशा. उवने कशा.’’क्मा धॊधा कयते शै आऩ? उवने कशा कक भैं भयघट भें रकडी फेचने का काभ कयता शूॊ। शभाया धॊधा योज चरता यशे तो शभ फायफाय आते यशें गे। कबी-कबी शोता शै कक धॊधा बफरकुर नशीॊ चरता। कोई गाॊल भें भयता शी नशीॊ. शय आदभी को जीलन का वाया वुख वुप्रलधाएॊ िभरनी चाठशए। औय शभ मश बी नशीॊ वोचते शै कक जो शभ कय यशे शै उववे शय आदभी को जीलन की वायी वुप्रलधाएॊ कबी बी नशीॊ िभर वकती। शभाये फेटे फेकाय शी यशें गे। िबखभॊगी औय गयीफी फढे गी। रेककन शभाये धभघ गरु ु वभझाते शै कक मश ई‍लय का प्रलयोध शै . ‘’आऩ जफ कबी आमा कयें । फडी कृऩा शोगी। आऩ आमे शभ फडे आनॊठदत शुए।‘’ जजव आदभी ने ऩैवे चुकामे थे.

िीक ऩानी न िभरे. उवकी ळजक्त फशुत ठदळाओॊ भें फश जाती शै। एक गयीफ आदभी के ऩाव ळजक्त फशाने का औय कोई उऩाम नशीॊ यशता। उवके भनोयॊ जन का कोई औय उऩाम नशीॊ यशता। क्मोंकक वफ भनोयॊ जन खचजी रा शै. ऊऩय वे फश जाना शै। जीलन के वफ आनॊद बी अितये क शै। जीलन भें जो बी श्रेष्ि शै . ळाखाओॊ को. ऩशाड की मारा बी कयता शै. लश वफ ऊऩय वे फश जाता शै। भशालीय औय फु्ध याजाओॊ के फेटे शै . रेककन पूर नशीॊ खखरामेगे। पूर ‘ओलय लरोइॊग’ शै। जफ ऩौधे भें इतनी ळजक्त इक्िी शो जाती शै कक अफ ऩत्तों को. थचर बी दे खता शै.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi की इच्छा शै कक इॊग्रैण्ड जीते? औय जभघनी का धभघ गुरु वभझाता शै कक ई‍लय की इच्छा शै कक जभघनी जीते। जभघनी भें उवी बगलान वे िाथघना की जाती शै कक अऩने दे ळ को जजताओ औय इॊग्रैण्ड भें बी ऩादयी औय ऩुयोठशत िाथघना कयता शै कक शै बगलान. अऩने दे ळ को जजताओ। ई‍लय की इच्छा ऩय शभ अऩनी इच्छा थोऩते यशते शै। ई‍लय फे चाया बफरकुर चुऩ शै। कुछ ऩता नशीॊ चरता कक उवकी इच्छा क्मा शै। अच्छा शो कक शभ ई‍लय ऩय अऩनी इच्छा न थोऩों। शभ इव जीलन को वोचें . लश ककवी तयश जी रेता शै। ककवी तयश उवके ऩत्ते बी शो जाते शै . जीना कयीफ-कयीफ अवॊबल शो गमा शै। कोई भान शी नशीॊ वकता कक शभ जी यशे शै। अच्छा शो कक कशा जामे कक शभ धीये -धीये भय यशे शै। जीने का क्मा अथघ? जीने का इतना शी अथघ शै कक ‘ईग्जस्ट’ कयते शै। शभ दो योटी खा रेते शै. लश अितयजक्त शै . वाठशत्म शै. जो भल ु त उऩरब्ध शै। इविरए गयीफ आदभी फच्चे इक्िे कयता चरा जाता शै। गयीफ आदभी इतने अथधक फच्चे इक्िे कय रेता शै कक गयीफी फढती चरी जाती शै। गयीफ आदभी ज्मादा फच्चे ऩैदा कयता शै। गयीफ के फच्चे औय गयीफ शोते चरे जाते शै। ले औय फच्चे ऩैदा कयते जाते शै औय दे ळ औय गयीफ शोता चरा जाता शै। ककवी ने ककवी तयश गयीफ आदभी की इव राभक जस्थित को तोडना जूदयी शै। इवे तोडना शी ऩडेगा. वभ् ृ थध को उऩरब्ध शो। जीलन का अथघ शै ‘ओलय लरोइॊग’ जीने का अथघ शै. दकयि रोग जीलन भें ककवी अन्मा भनोयॊ जन औय वुख की वप्रु लधा न शोने वे िवपघ वेक्व भें शी वुख रेने रगते शै। उनके ऩाव औय कोई उऩाम नशीॊ यशता। एक अगय वॊगीत बी वुनता शै. न लश वूयज को छू ऩाता शै। न आकाळ की तयप उि ऩाता शै। न उवभें पूर खखर ऩाते शै। क्मोंकक पूर तो तबी खखर वकते शै. इविरए पूर वुन्दय शै। लश अितये क शै। लश ककवी चीज का फशुत शो जाने के फशाल वे शै। जीलन भें वबी वौंदमघ अितये क शै। जीलन वौंदमघ ‘ओलय लरोइॊग’ शै. लश उतने शी कभ फच्चे ऩैदा कयता शै। रेककन द्ु खी दीन. तो ऩौधा जजॊदा यशे गा. कृष्णा औय याभ याजाओॊ के फेटे शै। मे ‘ओलय लरोइॊग’ शै। मे पूर जो खखरे शै गयीफ के घय भें नशीॊ खखर वकते थे। कोई भशालीय गयीफ के घय भें ऩैदा नशीॊ शोगा। कोई फु्ध गयीफ के घय भें ऩैदा नशीॊ शोगा। कोई याभ औय कोई कृष्ण बी नशीॊ। गयीफ के घय भें मे पूर नशीॊ खखर वकते। गयीफ िवपघ जी वकता शै. जडों को कोई आल‍मकता नशीॊ यश जाती शै। तफ ऩौधे के ऩाव कुछ अितकयक्त इक्िा शो जाता शै। तफ पूर खखरता शै। पूर जो शै. कोई चीज शभाये ऊऩय वे फशने रगे। एक पूर शै। आऩने कबी ख्मार ककमा शै कक पूर कैवे खखरता शै ऩौधे ऩय? अगय ऩौधे को खाद न िभरे. ले वफ अितये क वे िनकरे शुए पूर शै। गयीफ की जजॊदगी भें पूर कैवे खखर वकते शै? More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . उवका जीना इतना न्मूनतभ शै कक उववे पूर खखरनें का कोई उऩाम नशीॊ शै। गयीफ ऩौधा शै . वाठशत्म बी ऩढता शै. घूभने बी जाता शै. वभझें ओय लैसािनक यास्ता िनकारे। मश बी ध्मान भें यखने मोग्म शै कक जो वभाज जजतना वभ् ृ ध शोता शै . ऩानी ऩी रेते शै। औय कर तक के िरए जी रेते शै। रेककन जीना िीक अथों भें तबी उऩरब्ध शोता शै जफ शभ ‘एलल्मुवन्व’ को. िवपघ वेक्व शी ऐवा भनोयॊजन शै. तबी पूर खखरते शै। ताज भशर बी लैवा शी पूर शे । लश अितये क वे िनकरा शुआ पूर शै। जगत भें जो बी वुॊदय शै.अन्मथा गयीफी का कोई ऩायालाय न यशे गा। गयीफी इतनी फढ जामेगी की जीना अवॊबल शो जामेगा। इव दे ळ भें तो गयीफी फढ शी यशी शै . ककवी तयश ळाखाएॊ बी िनकर आती शै। रेककन न तो लश ऩूयी ऊॉचाई ग्रशण कय ऩाता शै. जफ ऩौधे के ऩाव जीने वे अितकयक्त ळजक्त इक्िी शो जाम। जीने वे अितकयक्त जफ इक्िा शोता शै . काव्म शै .

धभघ गुरु िवखाते शै ब्रह्भचमघ। ले कशते शै कक कभ फच्चे ऩैदा कयना शो तो ब्रह्भचमघ का ऩारन कयना चाठशए। ककन्तु गयीफ आदभी के िरए भनोयॊ जन के वफ वाधन फॊद शै। औय धभघ-गुरु कशते शै कक लश ब्रह्भचमघ धायण कये । अथाघत जीलन भें जो कुछ भनोयॊ जन का वाधन उऩरब्ध शै। उवे बी ब्रह्भचमघ वे फॊद कय दे । तफ तो गयीफ आदभी भय शी गमा। लश थचर दे खने जाता शै तो ूदऩमा खचघ शोता शै। ककताफ ऩढने जाता शै तो ूदऩमा खचघ शोता शै। वॊगीत वुनने जाता शै तो ूदऩमा खचघ शोता शै। एक यास्ता औय वुरब वाधन था. तो मश अव्मालशाकयक शै। गाॊधी जी िनयॊ तय मशीॊ कशते यशे .मश फात गरत शै। शाॊ ऩयभात्भा की खोज ऩय जाने लारा ब्रह्भचमघ को उऩरब्ध शो जाता शै। अगय कोई ऩयभात्भा की खोज भें ऩयू ी तयश चरा जामे. रेककन ऩयभात्भा की तयप जाने लारा ब्रह्भचमघ को उऩरब्ध शो जात शै। रेककन. फ् ु थधजीली शै. ले ऩढे िरखे ग्राभीण शै.थचर औय जीलन के छोटे -छोटे आनॊद वे बी ज्मादा ळजक्त जफ ऊऩय इक्िी शोती शै . बफना ककवी शनुभान चारीवा ऩढ एक लैसािनक भुक्त शो जाता शै। एक वॊगीतस बी भुक्त शो वकता शै। एक ऩयभात्भा का खोजी बी भुक्त शो वकता शै। ध्मान यशे . ईवाई फढते चरे जामेंगे। ऩचाव वार भें भजु ‍कर शो जामेगी. दिभत कयने की कोई जूदयत नशीॊ। औय मश बी ध्मान यशे कक जो व्मजक्त एक फाय अऩनी मौन िलिृ त को जोय वे दफा दे ता शै। लश व्मजक्त वदा के िरए ककन्शीॊ अथों भें ूदग्ण शो जाता शै। मौन की लिृ त वे भुक्त शुआ जा वकता शै। रेककन मौन की लजृ त्त को दफा कय कोई कबी भुक्त नशीॊ शो वकता। मौन की लिृ त वे भुक्त शुआ जा वकता शै। अगय मौन भें िनकरने लारी ळजक्त ककवी औय आमाभ भें ककवी औय ठदळा भें िलाठशत शो जामे. गाॊधी जैवे भशान आदभी बी िीक-िीक अथों भें ब्रह्भचमघ को कबी उऩरब्ध नशीॊ शुए। ले बी कशते शै कक भेये स्लप्न भें काभलावना उतय आती शै। ले बी कशते शै कक ठदन भें तो भैं वॊमभ यख ऩाता शूॊ। ऩय स्लप्नों भें वफ वॊमभ टूट जाता शै। औय जीलन के अॊितभ ठदनों भें एक स्री को बफस्तय ऩय रेकय. अऩने फच्चों को खडा कय जाता शै। ठशॊदस् ु तान वैकडों वारों वे अभीयी नशी.लश वॊगीत वाठशत्म. शभ योज अऩने को गयीफ कयने का उऩाम कयते चरे जाते शै ? रेककन ध्मान यशे . ईवाई वुनते नशीॊ. तो उवकी वायी ळजक्तमाॊ इतनी रीन शो जाती शै। कक उवके ऩाव मौन कक ठदळा भें जाने के िरए न ळजक्त का फशाल फचता शै औय न शी आकाॊळा। ब्रह्भचमघ वे कोई ऩयभात्भा की तयप नशीॊ जा वकता. तो अऩने वे दग ु ुने गयीफ ऩैदा कयता जाता शै। जफ लश अऩने चाय फेटों भें वॊऩित का प्रलबाजन कयता शै तो उवकी वॊऩित नशीॊ फॉटती। वॊऩित तो शै शी नशीॊ। फाऩ शी गयीफ था. जीलन भें जो वफवे फडा पूर शै ऩयभात्भा का…. धभघ-गुरु कशता शै कक ब्रह्भचमघ वे उवे बी फॊद कय दे । इवीिरए धभघ-गुरु की ब्रह्भचमघ की फात कोई नशीॊ वुनता. खुद धभघ गुरु शी नशीॊ वुनते अऩनी फात। मश फकलाव फशुत ठदनों चर चुकी। उवका कोई राब नशीॊ शुआ। उववे कोई ठशत बी नशीॊ शुआ। प्रलसान ने ब्रह्भचमघ की जगश एक नमा उऩाम ठदमा. ऩकयलाय िनमोजन कय रेगा। रेककन जो गयीफ शै . वभाज उव पूर के िरए कैवे उऩमुक्त फन वकता शै। गयीफ वभाज योज दीन शोता जाता शै। योज शीन शोता चरा जाता शै। गयीफ फाऩ जफ दो फेटे ऩैदा कयता शै. फाऩ के ऩाव शी कुछ नशीॊ था। तो फाऩ िवपघ अऩनी गयीफी फाॊट दे ता शै। औय चौगुना गयीफ वभाज भें .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi रेककन. कैथोिरक वुनते नशी. तो भक् ु त शुआ जा वकता शै। एक लैसािनक भुक्त शो जाता शै। बफना ककवी ब्रह्भचमघ के. लश फच्चे ऩैदा कयते शी चरे जामेंगे औय रम्फे अयवे भें ऩकयणाभ मश शोगा कक फ् ु थध भानों के फच्चे कभ शो जामेगे औय गैय-फु्थध भानों के फच्चों की वॊख्मा फढती जामेगी। इवे दव ू ये तयश वे धभघ-गुरु बी उिाते शै। ले कशते शै कक भुवरभान तो वुनते शी नशीॊ. दीन-शीन शै. भल् ु क का जो अिबजात लगघ शै. इॊटेिरजेजन्वमा शै. जो कुछ वभझते शी नशी. अऩने को स्ऩेव.जजववे व्मजक्त को ब्रह्भचमघ भें फॊधने की कोई जूदयत नशीॊ। जीलन के ्लाय खुरे यश वकत शै . ठशन्द ू नगण्म शो जामेंगे। भुवरभान औय ईवाई फढ जामेंगे। इव फात भें बी थोडा अथघ शै। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . बफना याभ-याभ का ऩाि ककमे. अगय शभ ककवी वे कशें कक लश फच्चे योकने के िरए ब्रह्भचमघ का उऩमोग कये . जो वलघवर ु ब शो वकता शै। लश शै वॊतित िनमभन के कृबरभ वाधन. मश जानने के िरए कक कशीॊ काभ-लावना ळेऴ तो नशीॊ यश गई शै। ऩता नशीॊ. फ् ु थधभान औय वभझदाय शै. ऩयभात्भा की खोज के िरए। भैं कशता शूॊ. िवपघ गयीफी फाॊट यशा शै। शाॊ. वो कय ले िमोग कयते थे कक अबी बी कशीॊ काभलावना ळेऴ तो नशीॊ यश गमी। वत्तय वार की उम्र भें एक मुलती को यात भें बफस्तय ऩय रेकय वोते थे. तफ लश ऩयभ पूर खखरता शै ऩयभात्भा का। रेककन गयीफ. लश तो वॊतित िनमभन कय रेगा.क्मा ऩकयणाभ शुआ। ले क्मा जान ऩामे। रेककन एक फात ऩक्की शै कक उन्शोंने वत्तय लऴघ की उम्र तक ळक यशा शोगा। कक ब्रह्भचमघ उऩल्फध शुआ मा नशीॊ। अन्मथा इव ऩयीषा की क्मा जूदयत थी। ब्रह्भचमघ की फात एकदभ अलैसािनक औय अव्मालशाकयक शै। कृबरभ वाधनों का उऩमोग ककमा जा वकता शै। औय भनुष्म के थचत ऩय बफना दफाल ठदमे उनका उऩमोग ककमा जा वकता शै। एक िभर ने ऩछ ू ा शै कक अगय मश फात वभझामी जामे तो जो वभझदाय शै.रोग कशते शै ब्रह्भचमघ जूदयी शै . इव भुल्क के औय बी भशात्भा मशीॊ कशते शै कक ब्रह्भचमघ का उऩमोग कयो। रेककन. काव्म. ले कशते शै कक ‘वॊतित िनमभन’ शभाये धभघ के प्रलयोध भें शै। भुवरभान कफ्रक नशीॊ कयता तो ठशन्द ू क्मों कफ्रक कये गा। ठशन्द ू धभघ गुरु कशते शै कक ठशन्द ू िवकुडे औय भुवरभान.

तो बी उन्शें एिळमा को उव जस्थित भें राने के िरए. तफ तक इतनी बीड शो चुकी शोगी कक वॊतित िनमभन का कोई अथघ नशीॊ यश जामेगा। एक अभेकयकी प्रलचाय ने िरखा शै कक इव लक्त वायी दिु नमा भें जजतने डाक्टय ऩकयलाय िनमोजन भें वशमोगी शो वकते शै . लारेन्टयी. अिनलामघ शोना चाठशए.ककन्तु ठशन्द ू को शक नशीॊ शै। तो भानना क्मा शोगा? मश धभघ िनयऩेष याज्म कैवे शुआ? ठशन्दओ ु ॊ के िरए अरग िनमभ औय भव ु रभान के िरए अरग िनमभ नशीॊ शोना चाठशए। वयकाय को वोचना चाठशए ‘स्री‘ के िरए। क्मा मश उथचत शै कक चाय जस्रमाॊ एक आदभी की ऩत्नी फने? मश ठशन्द ू शो मा भुवरभान. ककतने ईसडमट. तो शभ उनके िरए अनाथारम खोरकय उनके फच्चों ऩारने का बी इॊतजाभ कय दे ते शै। मे ऊऩय वे तो दान औय दमा ठदखाई ऩड यशी शै . इेजच्छक नशीॊ। जफ तक शभ एक-एक आदभी को वभझाने की कोिळळ कयें गे की तुम्शें वॊतित िनमभन कयलाना चाठशए. िितबाळारी लश वॊरम ाभक योगों वे भुक्त शों। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . मश फात शी अभानलीम शै। मश वलार नशीॊ शै कौन ठशन्द ू शै औय कौन भव ु रभान शै। मश अऩनी-अऩनी इच्छा की फात शै। कपय कर शभ मश बी कश वकते शै कक भुवरभान को शत्मा कयने की थोडी वुप्रलधा दे नी चाठशए। ईवाई को थोडी मा ठशन्द ू को थोडी वुप्रलधा दे नी चाठशए शत्मा कयने की। नशीॊ. जशाॊ जनवॊख्मा िनमॊरण भें आ जाम. अगय प्रल वफ के वफ एिळमा भें रगा ठदए जामें. इवभें ठशन्द. वौन्दमघ भें. भूखघ ऩैदा ककमे जाते शै। ककतने वॊरम ाभक योगों वे बये रोग फच्चे ऩैदा कयते शै औय उनके फच्चे ऩैदा शोते चरे जाते शै। औय दे ळ भें दमा औय धभघ कयने लारे रोग शै। अगय ले खुद अऩने फच्चे न ऩार वकते शों. मश फात शी गरत शै। वयकाय को वोचना चाठशए जस्रमों के वॊफध भुवरभान को शक शै कक लश चाय ळाठदमाॉ कये .औय ले बफरकुर न वोमे चौफीव घॊटे आऩये ळन कयते यशें .वुन्दय. उववे शजाय गन ु ा नक ु वान एक फच्चे को ऩैदा कयने वे शोता शै। आत्भशत्मा वे जजतना नुकवान शोता शै . रेककन शै फडी खतयनाक इॊतजाभ। इॊतजाभ तो मश शोना चाठशए कक फच्चे स्लस्थ. औय कपय बी वफ चीजों भें धभघ का प्रलचाय कयते शै। वयकाय बी प्रलचाय यखती शै। ‘ठशन्द ू कोड बफर’ फना शुआ शै। लश िवपघ ठशन्द ू जस्रमों ऩय शी रागू शोता शै। मश फडी अजीफ फात शै। वयकाय जफ धभघ िनयऩेष शै तो भव ॊ भें । ु रभान जस्रमों को अरग कयके वोचे. भेधा भें तो शभें ित्मेक आदभी को फच्चे ऩैदा कयने का शक नशीॊ दे ना चाठशए। वॊतित िनमभन अिनलामघ तो शोना शी चाठशए। फजल्क जफ तक प्रलळेऴस आसा न दें . तफ तक फच्चा ऩैदा कयने का शक ककवी को बी नशीॊ यश जाना चाठशए। भेसडकर फोडघ जफ तक अनभ ु ित न दे -दे . ऩाॉच वौ लऴघ रगें गे। औय ऩाॉच वौ लऴघ भें तो शभने इतने फच्चे ऩैदा कय िरए शोंगे जजवका कोई ठशवाफ नशीॊ यश जामेगा। मे दोनों वॊबालनाएॊ नशीॊ शै। दिु नमा के वबी डाक्टय एिळमा भें राकय रगामे नशीॊ जा वकते। औय ऩाॉच वौ लऴघ भें शभ खारी थोडे शी फैिे यशें गे। ऩाॉच वौ लऴों भें तो शभ जाने क्मा कय डारें गे। नशीॊ मश वॊबल नशीॊ शोगा। वभझाने फझ ु ाने के िमोग वे तो वपरता ठदखाई नशीॊ ऩडती शै। वॊतित िनमभन तो अिनलामघ कयना ऩडेगा औय मश अरोकताॊबरक नशीॊ शै। एक आदभी की शत्मा कयने भें जजतना नक ु वान शोता शै . िितबा भें. तफ तक कोई आदभी फच्चे ऩैदा न कय वके। ककतने कोढी फच्चे ऩैदा ककमे जाते शै.ू भुवरभान औय ईवाई का वलार नशीॊ यश जामेगा। मश दे ळ फडा अजीफ शै .ू भुवरभान औय ईवाई अरग नशीॊ ककमे जा वकते। दव ू यी फात प्रलचायणीम शै कक शभाये दे ळ भें शभायी िितबा िनयॊ तय षीण शोती चरी गमी शै। औय अगय शभ आगे बी ऐवे शी फच्चे ऩैदा कयना जायी यखते शै तो वॊबालना शै कक शभ वाये जगत भें िितबा भें धीये -धीये प्रऩछडते चरे जामेंगे। अगय इव जाित को ऊॉचा उिाना शो—स्लास््म भें. मश अवॊगत शै। चाय जस्रमों एक आदभी की ऩजत्नमाॉ फने. शभ कशते शै कक शभ धभघिनयऩेष शै . शभें व्मजक्त औय आदभी की ढ़जष्ट वे प्रलचाय कयने की जूदयत नशीॊ शै। मश वलार ऩूये भुल्क का शै . एक फच्चा ऩैदा कयने वे उववे शजाय गुणा नुकवान शोता शै। वभझाने-फुझाने के िमोग वे तो वपरता ठदखाई नशीॊ ऩडती। वॊतित िनमभन तो अिनलामघ शोना चाठशए। तफ गयीफ ल अभीय औय फु्थधभान ल गैय फु्थधभान का वलार नशीॊ यश जामगा। तफ ठशन्द.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi इन दोनों के वॊफॊध भें कुछ कशना चाशूॊगा। ऩशरी फात तो मश शै कक वॊतित िनमभन कम्ऩरवयी.फु्थधभान.

तो मु्ध के फाद रोगों की वॊतित ऩैदा कयने की षभता फढ जाती शै। मश फडी शैयानी की फात शै। मु्ध वे क्मा रेना-दे ना। जफ-जफ बी मु्ध शोता शै तो जन्भ दय फढ जाती शै। ऩशरे भशामु्ध के फाद जन्भ दय एकदभ ऊऩय उि गई. कमोंकक ऩशरे भशामु्ध भें वाढे तीन कयोड रोग भय गमे थे। िकृित कैवे इॊतजाभ यखती शै। मश बी शैयानी की फात शै। िकृित को कैवे ऩता चरा कक मु्ध शो गमा. उन वफ को झेर वके। िकृित वफ इॊतजाभ कय दे ती शै। अगय शभ फच्चे कभ ऩैदा कयें गे तो िकृित जो अनेक फच्चों ऩय िितबा दे ती शै। लश एक फच्चे ऩय डार दे गी। आदभी इव िरए यशा शै कक लश दव ू यी चीजों के प्रलऴम भें लैसािनक थचॊतन कय रेता शै.ज्मादा उम्र जीने लारे. जो पूर जीतते शै . वभ् ृ ध पूरों के वाथ कय यशे शै। लशी आदभी के वाथ कयना जूदयी शोगा। ज्मादा अच्छे फच्चे ऩैदा ककमे जा वकते शै. ज्मादा स्लस्थ. फडा कयने की जो इतनी तकरीपदे श िकरम मा शै. प्रलचायळीर भनोलैसािनकों. भॊगर ऩय मा कशीॊ औय आदभी िभर जामे तो औय बी अच्छा शै। क्मोंकक शभ जानते शै कक अॊग्रेजी वाॊड औय ठशन्दस् ु तानी गाम शो तो जो फछडे ऩैदा शोंगे? उवका भुकाफरा नशीॊ यशे गा। शभ आदभी के वॊफॊध भें वभझ का उऩमोग कफ कयें गे? अगय शभ वभझ का उऩमोग कयें गे तो जो शभ जानलयों के वाथ कय यशे शै . तो ले फच्चे ऩैदा कय वकेंगे मा नशीॊ. िितबा ळारी। रेककन उनके िरए कोई व्मलस्था दे ने की जूदयत शै। ऩकयलाय िनमोजन.भनुष्म के लैसािनक वॊतित िनमोजन का ऩशरा कदभ शै। अबी औय कदभ उिाने ऩडेंगे. मश तो अबी िवपघ ऩशरा कदभ शै। रेककन ऩशरे कदभ वे शी रम ाॊित शो जाती शै। लश रम ाॊित आऩके ख्मार भें नशीॊ शै। लश भैं आऩवे कशना चाशूॊगा। जो फडी रम ाॊित ऩकयलाय िनमोजन की व्मलस्था वे शो जाती शै । शभ ऩशरी फाय वेक्व को मौन More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . अलयोध-षभता रडकों वे ज्मादा शोती शै। इव िरए 16 रडके ज्मादा ऩैदा शोते शै। शय 14 वार फाद वॊख्मा फयाफय शो जाती शै। रडककमों भें जजॊदा यशने की ळजक्त रडकों वे ज्मादा शै। आभतौय ऩय ऩुूदऴ वोचता शै कक शभ वफ तयश वे ळजक्तलान शै। इव बूर भें भत ऩडना। कुछ फातों को छोडकय जस्रमाॊ ऩुूदऴों वे कई अथों भें ज्मादा ळजक्तलान शै . जो एक वाधायण वा भारी फऻीचे भें कयता शै। मश बी आऩको ख्मार शो कक जफ भारी को फडा पूर ऩैदा कयना शोता शै तो लश छोटे पूरों को ऩशरे काट दे ता शै। आऩने कबी पूरों की िदळघनी दे खी शै. मश फता दें । ळादी कयने का शक ित्मेक को शै। ऐवे दो रोग बी ळादी कय वकेंगे जजनको वराश नदी गमी शो. रेककन फच्चो ऩैदा न कय वकेंगे। शभ जानते शै कक ऩौधे ऩय ‘रम ाव ब्रीसडॊग’ वे ककतना राब उिामा जा वकता शै। एक भारी अच्छी तयश जानता शै कक नमे फीज कैवे प्रलकिवत ककमे जाते शै। गरत फीजों को कैवे शटामा जा वकता शै। छोटे फीज कैवे अरग ककमे जा वकते शै. फडे फीज कैवे फचामे जा वकते शै। एक भारी वबी फीज नशीॊ फो दे ता। फीजों को छाॉटता शै। शभ अफ तक भनुष्म-जाित के वाथ उतनी वभझदायी नशीॊ कय वके . 116 रडके ऩैदा शोते शै। रेककन िकृित का इॊतजाभ फडा अ्बुत शै। िकृित का इॊतजाभ फशुत गशया शै। लश रडककमों को कभ ऩैदा कयती शै औय रडकों को अथधक. उनकी ळजक्त कई अथों भें ज्मादा शै। ळामद िकृित ने स्री को वायी षभता इविरए दी शै कक लश फच्चे को ऩैदा कयने की फच्चे को झेरने की.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi अवर भें ळादी के ऩशरे शी शय गाॊल भें शय नगय भें डेक्टयों की. ऩौधे की वायी ळजक्त एक शी पूर भें िलेळ कय गमी। एक आदभी फायश फच्चे ऩैदा कयता शै तो बी कबी बी फशुत िितबाळारी फच्चे ऩैदा नशीॊ कय वकता। अगय एक शी फच्चा ऩैदा कये तो फायश फच्चों की वायी िितबा एक फच्चे भें िलेळ कय वकती शै। िकृित के बी फडे अ्बुत िनमभ शै। िकृित फडे अजीफ ढॊ ग वे काभ कयती शै। जफ मु्ध शोता शै दिु नमा भें. तो औय बी अच्छा शै। औय अॊतयाघष्रांीम शो तो अथधक अच्छा शै। औय आज नशीॊ तो कर अॊतग्रघशीम शो जामे.प्रेग के फाद रोगों की जन्भ दय फढ जाती शै। अगय एक आदभी ऩचाव फच्चे ऩैदा कये तो उवकी ळजक्त ऩचाव ऩय बफखय जाती शै। अगय लश एक शी फच्चे ऩय केजन्ित कये तो उवकी ळजक्त. उनका ये जजस्टे न्व. इन्शें कौन रडकी दे गा? 100रडककमाॊ ऩैदा शोती शै .उवकी िितबा िकृित एक शी फच्चे भें डार वकती शै। वौ रडककमाॊ ऩैदा शोती शै तो रडके 116 ऩैदा शोते शै। मश अनुऩात शै वायी दिु नमा भें । औय मश फडे भजे की फात शै कक 116 रडके ककव िरए ऩैदा शोते शै ? 16 रडते फेकाय यश जामेगे. रेककन आदिभमों के वॊफॊध भें नशीॊ कयता। आदिभमों के वॊफॊध भें शभ फडे अलैसािनक शै। शभ कशते शै कक शभ कॊु डरी िभरामेंगे। शभ कशते शै कक शभ ब्राह्भण वे शी ळादी कयें गे। प्रलसान तो कशता शै की ळादी जजतनी दयू शो उतनी शी अच्छी शै। अगय अन्तय जातीम शोत फशुत अच्छा शै। अॊतदे ळीम शो. क्मोंकक उम्र ऩाते-ऩाते िौढ शोते-शोते16 रडके भय जाते शै। औय वॊख्मा फयाफय शो जाती शै। अवर भें रडककमों के जीलन भें जीने की ये जजस्टे न्व.उनके जीतने का कायण क्मा शै? उनका कायण मश शै कक भारी ने शोिळमायी वे एक ऩौधे ऩय एक शी पूर ऩैदा ककमा। फाकी पूर ऩैदा शी नशीॊ शोने ठदमे। फाकी पूरों को उवने जड वे शी अरग कय ठदमा. वाइकोरेिरस्टव की वराशकायविभित शोनी चाठशए। जो ित्मेक व्मजक्त को िनदे ळ दे । अगय दो व्मजक्त ळादी कयते शै . औय अफ फच्चों की जन्भ दय फढ जानी चाठशए। दव ू ये भशामु्ध भें बी कोई वाढे वात कयोड रोग भाये गमे। जन्भ दय एकदभ फढ गई। भशाभायी के फाद शैजा के फाद.

तुम्शाये शी वॊबोग वे फच्चा ऩैदा शो. जजवभे स्री की ऩप्रलरता औय अऩनी स्लतॊरता का ऩूया इॊतजाभ यखा था। इविरए स्री को वती शोना ऩडता था. उववे शी फच्चा ऩैदा शो. ऩुूदऴ के कुॉलाये यशने की कोई थचॊता न थी। इव िरए अफ बी भाताएॊ ओय जस्रमाॊ कशती शै। कक रडके तो रडके शै . रेककन रडककमों के वॊफध ॊ भें ठशवाफ अरग शै। अगय वॊतित िनमभन की फात ऩयू ी शोगी। शोनी शी ऩडेगी। तो रडककमाॊ बी रडकों जैवी भक् ु त शो जामेगी। उनको कपय फाॊधने औय दफाने का उऩाम नशीॊ यशे गा। रडककमाॊ उऩिल भें ऩड वकती थीॊ. क्मोंकक उवको गबघ का कोई डय नशीॊ शै। नई व्मलस्था ने रडककमों को बी रडकों की जस्थित भें खडा कय ठदमा शै। ऩशरी दपा स्री औय ऩुूदऴ की वभानता िव्ध शो वकेगी। अफ तक िव्ध ने शो वकती थी। चाशे शभ ककतना बी थचल्राते कक जस्रमों औय ऩुूदऴ वभान शै। ले इविरए वभान नशीॊ शो वकते थे। क्मोंकक ऩुूदऴ स्लतॊरता फयत वकता था। ऩकडा जाने के बम वे स्री स्लतॊरता नशीॊ फयत वकती थी। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi .क्मोंकक उनको गबघ यश जा वकता शै। ऩूद ु ऴ उऩिल भें नशीॊ ऩडता था. तबी आऩका फेटा ऩैदा शो। आऩके भयने के 50 वार फाद बी आऩका फेटा ऩैदा शो वकता शै। इविरए मश जल्दी कयने की जूदयत नशीॊ शै कक भेया फेटा भेये जजॊदा यशने भें शी ऩैदा शो जामे। लश फाद भें 10 शजाय वार फाद बी ऩैदा शो वकता शै। अगय भनष्ु मों ने वभझा कक आऩका फेटा ऩैदा कयना जूदयी शै। तो लश आऩके िरए वयु षा कय वकता शै। आऩका फच्चा कबी बी ऩैदा शो वकता शै। अफ फाऩ औय फेटे का अिनलामघ वॊफॊध उव शारत भें नशीॊ यश जामेगा। जजव शारत भें अफ तक था. लश टूट जामेगा। एक रम ाॊित शो यशी शै। रेककन इव दे ळ भें शभाये ऩाव वभझ फशुत कभ शै। अबी तो शभ वॊतित िनमभन को शी नशीॊ वभझ ऩा यशे शै। मश ऩशरा कदभ शै. मश बी अलैसािनक शै। औय अच्छी व्मलस्था की जा वकती शै .More Hindi Books More OSHO Books in Hindi को वॊतित वे तोड दे ते शै। अफ तक मौन वॊबोग का अथघ था—वॊतित का ऩैदा शोना। अफ शभ दोनों को तोड दे ते शै। अफ शभ कशते शै . औय लीमघ-कण उऩरब्ध ककमा जा वकता शै। लैसािनक व्मलस्था की जा वकती शै। औय तुम्शें लीमघ कण िभर वकता शै। चूॊकक अफ तक शभ उवको वुयषियषत नशीॊ यख वकते थे। अफ तो उवको वुयषियषत यखा जा वकता शै। अफ जूदयी नशीॊ कक आऩ जजॊदा शों. मश वेक्व भाये िरटी के वॊफॊध भें ऩशरा कदभ शै। औय एक दपा वेक्व की ऩयु ानी आदत. शभने वेक्व को तोड ठदमा। अफ शभ कशते शै कक फच्चे की कपरम छोड दो वॊबोग ककमा जा वकता शै। वॊबोग का वुख िरमा जा वकता शै। फच्चे की थचॊता की कोई जूदयत नशीॊ शै। जैवे शी मश फात स्थाप्रऩत शो जामेगी। दव ू यी कदभ बी उिामा जा वकता शै। औय लश मश कक—अफ जजववे वॊबोग कयते शों. ऩुूदऴ ने ऐवी व्मलस्था फनामी था. ऩयु ानी नीित टूट जामे तो इतनी रम ाॊित शोगी कक जजवका ठशवाफ रगाना भजु ‍कर शै। क्मोंकक शभें ऩता बी नशीॊ कक जो बी शभायी नीित शै लश ककवी ऩयु ानी मौन व्मलस्था वे वॊफॊथधत शै। मौन व्मलस्था ऩूयी तयश टूट जामे तो ऩूयी नीित फदर जाती शै। धभघ-गुरु इविरए बी डया शुआ शै। गाॊधी जी औय प्रलनोफा जी इविरए बी डये शुए शै कक अगय मश कदभ उिामा गमा तो मश ऩुयानी नैितक व्मलस्था को तोड दे गा। नमी िनित प्रलकिवत शो जामेगी। क्मोंकक ऩुयानी नीित का कोई अथघ नशीॊ यश जामेगा। अफ तक स्री को िनयॊ तय दफामा जा वकता था। ऩुूदऴ अऩने वेक्व के वॊफॊध भें स्लतॊरता फयत वकता शै। क्मोंकक उवको ऩकडना भुज‍कर शै। इविरए. ऩूद ु ऴ को नशीॊ। इविरए स्री के कुॉलाये यशने ऩय बायी फर था. वॊतित को ऩैदा शोने की कोई अिनलामघता नशीॊ शै। मौन औय वॊतित को शभ दो ठशस्वों भें तोड यशे शै —मश फशुत फडी रम ाॊित शै। इवका भतरफ अॊतत: मश शोगा कक अगय मौन वे वॊतित के ऩैदा शोने की वॊबालना नशीॊ शै तो कर शभ ऐवी वॊतित को बी ऩैदा कयने की व्मलस्था कयें गे जजवका शभाये मौन वे कोई वॊफध ॊ न शो—मश दव ू या कदभ शोगा। वॊतित िनमभन का अॊितभ ऩकयणाभ मश शोने लारा शै कक शभ लीमघ-कणों को वुयषियषत यखने की व्मलस्था कय वकेंगे? आइॊस्टीन का लीमघ कण उऩरब्ध शो वकता शै। एक आदभी के ऩाव ककतने लीमघ-कण शै। कबी आऩने वोचा शै? एक वॊबोग भें एक आदभी ककतने लीमघ कण खोता शै? एक वॊबोग भें एक आदभी इतने लीमघ कण खोता शै कक उनवे एक कयोड फच्चे ऩैदा शो वकत शै। औय एक आदभ अॊदाजन जजॊदगी भें चाय शजाय फाय वॊबोग कयता शै। माने एक आदभ चाय शजाय कयोड फच्चों को जन्भ दे वकता शै। एक आदभी के लीमघ कण अगय वॊयषियषत शो वकें तो एक आदभी चाय कयोड फच्चों का फाऩ फन वकता शै। एक आइॊस्टीन चाय शजाय फच्चों को जन्भ दे वकता शै। एक फु्ध चाय शजाय फच्चों को जन्भ दे वकता शै। क्मा मे उथचत शोगा की शभ आदभी की फाफत प्रलचाय कये । औय शभ इव फात की खोज कयें ? वॊतित िनमभन ने ऩशरी घटना ळूद ु कय दी.

क्मोंकक वायी व्मलस्था फदर जामेगी औय इविरए उनकी घफयाशट स्लाबाप्रलक शै। रेककन.उनकी ळयीय की व्मलस्था खाव कय गबघ की व्मलस्था कठिनाई भें डार दे ती थी। स्री कबी बी ऩुूदऴ की तयश स्लतॊर नशीॊ शो वकती थी। आज ऩशरी दपा स्री बी स्लतॊर शो वकती शै। अफ इवके दो भतरफ शोंगे—मा तो स्री स्लतॊर की जामे मा ऩूद ु ऴ की अफ तक की स्लतॊरता ऩय ऩन ु प्रलघचाय ककमा जामे। अफ वायी नीित को फदरना ऩडेगा। इविरए धभघ-गुरु ऩये ळान शै। अफ भनु की नीित को फदरना ऩडेगा। इव िरए धभघ गुरु ऩये ळान शै। अफ भनु की नीित नशीॊ चरेगी.फशुत खूफवूयत खुदाई थी उव ऩेटी ऩय। अऩने िभर को लश ऩेटी बेजी औय िरखा कक भेयी एक ळतघ शै उवको ध्मान भें यखना. रेककन ऩूये गाॊल को कैवे फदरूॊगा औय गाॊल को फदरूॊगा तो ळामद लश वायी दिु नमा फेभेर शो जाए। तो फडी भजु ‍कर शो जामेगी। मश घटना फताती शै कक एक छोटी वी फदराशट अॊतत: वफ चीजों को फदर दे ती शै। धभघ गरु ु का डयना िीक शै . तो दोनों को शी िनज‍चत कयनी ऩडेगी। अगय स्लतॊरता तम कयनी शै . लश ऩेटी का भॊश ु ऩल ू घ की तयप यखेगा। इवभें कठिनाई क्मा शै ? रेककन ऩेटी इतनी खफ ू वयू त थी कक जफ उवने अऩने फैिक खाने भें ऩेटी का भॊश ु ऩल ू घ की औय कयके यखा तो दे खा कक ऩयू ा फैिक खाना फेभेर शो गमा। उवे ऩूये फैिक खाने को फदरना ऩडा. वोपा फदरने ऩडे. उवे नमी व्मलस्था चाठशए। जूदयी नशीॊ कक नमी व्मलस्था वुख शी रामेगी। रेककन कभ वे कभ ऩुयाना द्ु ख तो न शोगा। द्ु ख बी शोगें तो नमे शोगें । औय जो नमे द्ु ख खोज वकता शै.टे फर फदरने ऩडे.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi प्रलसान की व्मलस्था ने स्री को ऩुूदऴ के िनकट खडा कय ठदमा शै। अफ ले दोनों फयाफय स्लतॊर शै। अगय ऩप्रलरता िनज‍चत कयनी शै . इव ऩेटी का भश ुॊ शभेळा ऩूलघ की तयप यखना। क्मोंकक मश ऩेटी शजाय लऴघ ऩुयानी शै औय जजन-जजन रोगों के शाथ भें गई शै.कपय वे आमोजजतकयना ऩडा. तो आज चरी जामे। रेककन भनष्ु मता को फचाना ज्मादा भशत्लऩण ू घ शै औय ज्मादा जूदयी शै। भनष्ु म यशे गा तो शभ नमी नीित खोज रें गे.उनकी नीित को फचाने के िरए भनष्ु मता की शत्मा नशीॊ की जा वकती। उनकी नीित जाती शो कर. लश डया शुआ शै। उवके कायण शै। उवे अचेतन भें मश फोध शो यशा शै कक अगय वॊतित िनमभन औय ऩकयलाय िनमोजन की व्मलस्था आ गई तो अफ तक की ऩकयलाय की धायणा नीित वफ फदर जामेगी। औय भैं क्मों ऩष भें शूॊ? क्मोंकक भैं चाशता शूॊ कक लश जजतनी जल्दी फदरे. फाशय का ढ़‍म पूर वफ फेभेर शो गमे। तफ उवको उन वफ को फदरना ऩडा। कपय बी उवने अऩने िभर को िरखा कक भेया घय भेयी फस्ती भें फेभेर शुआ जा यशा शै। इविरए भैं फडी भुज‍कर भें ऩड गमा शूॊ। अऩने घय तक तो फदर वकता शूॊ. क्मोंकक भैं अनॊत: जीलन को चायों तयप वे रम ाॊित वे गुजया शुआ दे खना चाशता शूॊ। चीन वे एक आदभी ने जभघनी के एक प्रलचायक को एक छोटी वी ऩेटी बेजी। रकडी की ऩेटी. मश ळतघ उनके वाथ यशी शै कक इवका भुॊश ऩूलघ की तयप यशे . तो दोनों वभान ूदऩ वक स्लतॊर शोगें । फथघ-कॊरांोर. लश नमे वुख बी खोज वकता शै। अवर भें नमे की खोज की ठशम्भत जुटानी जूदयी शै। ऩूये भनुष्म को नमा कयना शै। औय ऩकयलाय िनमोजन औय वॊतित िनमभन केंठिम फन वकता शै। क्मोंकक वेक्व भनुष्म के जीलन भें केंठिम शै। शभ उवकी फात कयें मा न कयें । शभ उवकी चचाघ कयें मा न कयें . भशालीय नशीॊ बफिा वके। अफ तक दिु नमाॊ भें कोई भशाऩुरुऴ नशीॊ बफिा वका। उन्शोंने कशा. वेक्व भनुष्म के जीलन भें केंठिम तत्ल शै। अगय उवभे कोई बी फदराशट शोती शै तो शभाया ऩूया धभघ ऩूयी नीित वफ फदर जामेगी। ले फदर जानी शी चाठशए। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . अॊतत: ऩकयलाय की ऩूयी व्मलस्था औय अॊितभ ूदऩ वे ऩकयलाय का ऩूया ढाॊचा फदर जाएगा। कबी छोटी चीजें वफ फदर दे ती शै। जजनका शभें ख्मार नशीॊ शोता। भैं ऩकयलाय िनमोजन औय कृबरभ वाधनों के ऩष भें शूॊ. फजल्क अगय ऩकयलाय िनमोजन की स्लीकृित उवका ऩूया दळघन शभाये खमार भें आ जामे तो भनुष्म की ऩूयी नीित ऩूया धभघ. फ् ु थधभान रोगों को वभझ रेना चाठशए कक उनकी घफयाशट.औय अगय भनष्ु मता न यशी तो भनु की मासलल्क्म की ककताफें वड जामेगी। औय गर जामेगी तथा नष्ट शो जामेगी। उनको कोई फचा नशीॊ वकता। भैं ऩकयलाय िनमोजन भें भनुष्म के िरए बप्रलष्म भें फडी रम ाॊित की वॊबालनाएॊ दे खता शूॊ। इतना शी नशीॊ कक आऩ दो फच्चों ऩय योक रें गे अऩने को. दोनों फयाफय शे । रेककन ले फयाफय शो नशीॊ वके। क्मोंकक उनकी एन टेभी. वॊतित िनमभन के कृबरभ वाधन स्री को ऩशरी फाय ऩुूदऴ के िनकट बफिाते शै। फु्ध नशीॊ बफिा वके. पोटो फदरनी ऩडी। तो उवे शैयानी शुई कक कभये के जो दयलाजे खखडककमाॉ थी। ले फेभेर शो गई। ऩय उवके ऩक्का आ‍लावन ठदमा था तो उवने खखडकी दयलाजे बी फदर डारे। रेककन लश कभया अफ ऩयू े भकान भें फेभेर शो गमा। तो उवने ऩूया भकान फदर िरमा। आ‍लावन ठदमा था। तो उवे ऩूया कयना था। तफ उवने ऩामा कक उवका फऻीचा. उतना शी अच्छा शै। आदभी ने फशुत द्ु ख झेरे िरए ऩुयानी व्मलस्था वे. मश इवे फनाने लारे की इच्छा शै। अफ तक ऩूयी की गई थी। इव का ध्मान यखना। उवके िभर ने िरख बे जा कक चाशे कुछ बी शो.

औय खिराने िारा ऩयभात्भा ह। हभ भ यना ौन ह? हभ तो लसपा जरयमा ह. जो कक बफरकुर उथचत शी शै औय इवको िनज‍चत शी बगलान आळीलाघद दे गा। क्मोंकक बगलान फीभायी का आळीलाघद दे ता शो.दलाएॊ वफकी खोज शभने की. 50 कयोड रोग कीडे भकोडों की तयश भयने रगें गे। औय ऩये ळान शोने रगें गे। क्मोंकक जभीन नशीॊ फढती। जभीन के उत्ऩादन की षभता नशीॊ फढती। आज ऩ् ृ ली ऩय वाढे तीन खयफ रोग शै. दव फच्चों के फचने वे उववे कई गण ु ा ज्मादा दख ु जभीन ऩय ऩैदा शो जामेगा। More Hindi Books More OSHO Books in Hindi . तो ऩयभात्भा योकेगा नशीॊ। शभ अऩना द्ु ख बी फना वकते शै. ऩरयिाय यनमोजन धभा े खिराप ह। क्मोंि उन ा े फाये भें अने हना ह ि रोग प्रश्न फ्‍चे तो ईश्िय यते ह ि ऩरयिाय द्िाया अऩने फ्‍चों स संयमा स दे न ह. दव बी जजॊदा यश वकते शै। रेककन. धभघ ऐवी ककवी फात की वराश नशीॊ दे वकता. औय इतने फच्चे ऩैदा शों औय उनभें अथधकतभ भय जामें। इवके िरए उवका आळीलाघद शो. जजववे कक भनुष्म का द्ु ख फढे . इंस्टूरूभें ट ह। हभ तो लसपा फीच भें इंस्टभभें ट ह. भनुष्म की आत्भा भनुष्म की नैितकता भनुष्म के बप्रलष्म का धभघ भनुष्म के बप्रलष्म का ऩयभात्भा बी इव फात ऩय िनबघय शै कक शभ अऩने मौन के वॊफॊध भें क्मा ढ़जष्ट कोण अजख्तमाय कयते शै। प्रश्न ताा: बगिान ्ी. िपय हभ क्मों यो डारें ? अगय हभ ो ईश्िय ने दस फ्‍चे यदमे तो दसों ो खिराने ा प्रफंध बी तो िहकं ये गा। इस संफंध भें आऩ ा क्मा विचाय ह? बगलान श्री: वफवे ऩशरे तो ‘धभघ क्मा शै’ इव वॊफॊध भें थोडा वी फात वभझ रेनी चाठशए। धभघ शै भनुष्म को अथधकतभ आनॊद. तो ऩयभात्भा जजम्भेदाय नशीॊ शै। उव द्ु ख के कायण शभें खोजने ऩडेंगे औय फदरने ऩडेंगे। भनुष्म ने द्ु ख के कायण फदरने भें फशुत प्रलकाव ककमा शै। एक फडा द्ु ख था जगत भें कक भत्ृ मु की दय फशुत ज्मादा थी। दव फच्चे ऩैदा शोते थे तो नौ फच्चे भय जाते थे। खुद का भयना बी ळामद दख ु द न शोगा। जजतना दव फच्चो का ऩैदा शोना औय नौ कय भय जाना। तो भाॊ फाऩ फच्चों के जन्भ की कयीफ-कयीफ खुळी शी नशीॊ भना ऩाते.भयने का द्ु ख भनाते शी जजॊदगी फीत जाती थी। तो भनुष्म ने िनयॊ तय खोज की औय अफ मश शारत आ गई शै कक दव फच्चों भें वे नौ फच वकते शै। औय कर दव फच्चे बी फचामे जा वकते शै। दव फच्चे भें वे नौ फच्चे भयते थे तो एक आदभी को अगय तीन फच्चे फचाना शो तो कभ वे कभ औवतन तीव फच्चे ऩैदा कयने शोते थे। तफ तीव फच्चे ऩैदा शोते तो तीन फच्चे फचते थे। अफ भनष्ु म ने खोज कय री शै िनमभों की औय लश इव जगश ऩशुॊच गमा शै कक दव फच्चों भें वे नौ फच्चे जजन्दा यशें गे. तीन फच्चों का। औय 27 फच्चे भय जाते थे। कपय 27 फच्चों के भय जाने वे तीन का वुख बी वभाप्त शो जाता था। तो शभने व्मलस्था कय री कक शभने भत्ृ मु दय को कभ कय िरमा। लश बी शभने ऩयभात्भा के िनमभों को खोज कय ककमा। ले िनमभ बी कोई आदभी के फनामे िनमभ नशीॊ शै। अगय फच्चे भय जाते थे तो ले बी शभाये िनमभ की नावभझी के कायण भयते थे। शभने िनमभ खोज िरमा शै। फच्चे ज्मादा फचा रेते शै। फच्चे जफ शभ ज्मादा फचा रेते शै तो वलार खडा शुआ कक इतने फच्चों के िरए इव ऩ् ृ ली ऩय वुख की व्मलस्था शभ कय ऩामेंगे? इतने फच्चों के िरए वुख की व्मलस्था इव ऩ् ृ ली ऩय नशीॊ की जा वकती। फु्ध के वभम भें ठशॊदस् ु तान की आफादी दो कयोड थी। आज ठशॊदस् ु तान की आफादी 50 कयोड के ऊऩय शै। जशाॊ दो कयोड खुळशार शो वकते थे लशाॊ. इवका प्रलसान शी धभघ शै। तो.More Hindi Books More OSHO Books in Hindi भनुष्म के बोजन िनलाव बप्रलष्म की वभस्माएॊ शी इववे फॊधी नशीॊ शै . जजववे भनुष्म के जीलन भें वुख की कभी शो। ऩयभात्भा बी लश नशीॊ चाश वकता.शत्माया औय फुया िव्ध कय दे ते शै। अगय फच्चे भयते थे तो शभायी नावभझी थी। अफ शभने वभझ फढा री. क्मोंकक बगलान दव फच्चे दे ता शै। मश तकघ फे ईभान तकघ शै। इवका बगलान वे धभघ वे कोई वॊफॊध नशीॊ शै। जफ शभ दव फच्चे ऩैदा कय के नौ भायते थे। तफ बी शभें मशीॊ कशना चाठशए था। शभ न फचामेंगे। शभ दला न कयें गे। शभ इराज न कयें गे। शभ थचककत्वा की व्मलस्था न कयें गे। थचककत्वा की व्मलस्था इराज. यने िारा िह. ऩयभात्भा बी चाशे गा कक भनुष्म का आनॊद फढे । रेककन ऩयभात्भा भनुष्म को ऩयतॊर बी नशीॊ कयता क्मों? क्मोंकक ऩयतॊरता बी द्ु ख शै। इविरए ऩयभात्भा ने भनुष्म को ऩूयी तयश स्लतॊर छोडा शै। औय स्लतॊरता भें अिनलामघ ूदऩ वे मश बी वजम्भिरत शै कक भनुष्म चाशे तो अऩने िरए द्ु ख िनभाघण कय रे. त्जस े ज़रयमे ईश्िय खिराता ह। दे ने िारा िह. अन्मथा नौ फच्चों के भयने वे जजतना द्ु ख शोता था. आदत उवकी ऩुयानी ऩडी शुई शै—तीव फच्चे ऩैदा कयने की। आज ऩकयलाय िनमोजन जो कश यशा शै ‘’दो मा तीन फच्चे फव’’ मश कोई नई फात नशीॊ शै। इतने फच्चे तफ बी थे। इववे ज्मादा तो कबी शोते शी नशीॊ थे। औवत तो मशीॊ था. ले धािभघक नशीॊ शो वकते। ले तो बगलान को बी रम ूय. भॊगर औय वुख दे ने की करा। भनष्ु म कैवे अथधकतभ ूदऩ भें भॊगर औय वख ु को उऩरब्ध शो. मश वॊख्मा इतनी ज्मादा शै कक ऩ् ृ ली वॊऩन्न नशीॊ शो वकती। इतनी वॊख्मा के शोते शुए बी शभने भत्ृ मु दय यो री शै। उव लक्त शभने न कशाॊ की बगलान चाशता शै कक दव फच्चे ऩैदा शो औय नौ भय जामे। अगय शभ उव लक्त कशते तो बी िीक था। उव लक्त शभ याज़ी शो गमे। रेककन अफ शभ कशते शै कक शभ फच्चे ऩैदा कयें गे. ऐवी फात जो रोग कशते शै . औय वुख बी। शभ आनॊदभम शो वकते शै औय ऩये ळान बी। मश वायी स्लतॊरता भनुष्म को शै। इविरए मठद शभ द्ु खी शोते शै . अफ फच्चे फचें गे। अफ शभें दव ू यी वभझ फढानी ऩडेगी कक ककतने फच्चे ऩैदा कयें । भत्ृ मु दय जफ शभने कभ कय री तो शभें जन्भ दय बी कय कयनी ऩडेगी.

आज उनका अलळेऴ बी नशीॊ िभरता। भनष्ु म बी भय वकता शै। इव वभम लशीॊ भनुष्म धािभघक शै.अगय िकृित की वज ु ात भें योक रगा दें . ले मश कशें गे कक ऩकयलाय िनमोजन ऩयभात्भा का काभ शै। िनज‍चत शी ऩयभात्भा का काभ शय मुग भें फदर जाता शै। क्मोंकक कर जो ऩयभात्भा का काभ था. भायना भयने दे ना अत्मन्त दख ु द शै। न ऩैदा कना कतई दख ु द नशीॊ शै। इविरए भैं मश कतई नशीॊ भानता शूॊ कक ऩकयलाय िनमोजन कोई ऩयभात्भा के खखराप फात शै। फजल्क भैं तो भानता शूॊ कक इव लक्त जजनके बीतय वे ऩयभात्भा थोडी फशुत आलाज दे यशा शै . जजव अनऩ ु ात भें प्रलध्लॊवक ृ नात्भक ळजक्तमों ऩय बी उवी अनऩ ळजक्तमों ऩय योक रगा दी शै। तो अनऩ ु ात लशी शोगा। औय मश वख ु द शै फजाम इवके कक फच्चे ऩैदा शो औय भये फीभायी भें . औय फच्चे भयने नशीॊ दें गे। प्रऩछरा अकार जो बफशाय भें ऩडा उवभें अनुभान था कक कोई दो कयोड रोगों की भत्ृ मु शो जामेगी. आकार नशीॊ शोगा. नयक फन वकती शै —औय मश आदभी के शाथ भें शै। जफ तक आदभी ना वभझ था तो िकृित की अॊधी ळजक्तमाॊ काभ कयती थी। फच्चे ककतने शी ऩैदा कय रो. जो रोग आज वॊख्मा फढा यशे शै . जूदयी नशीॊ कक लश आज बी लशीॊ शो। मग ु फदरता शै ऩकयजस्थित फदर जाती शै। तो काभ बी फदर जाता शै। अफ वायी ऩकयजस्थितमाॊ फदर गई शै। औय आदभी के शाथ भें इतनी ळजक्तआॊ गमी शै कक लश ऩ् ृ ली को अत्मॊत आनॊदऩूणघ फना वकता शै। िवपघ एक चीज की ूदकालट शो गमी शै कक वॊख्मा अत्मथधक शो गमी शै। तो ऩ् ृ ली नष्ट शो जामेगी। औय फशुत वे िाणी बी अऩनी फशुत वॊख्मा कयके भय चक ु े शै . बक ू म्ऩ भें. औय फच्चे प्रलदा शो जाते थे। मु्ध शोता। आकार ऩडता बूकम्ऩ शोते औय फच्चे प्रलदा शो जाते थे। भनुष्म ने िकृित की मे वायी प्रलध्लॊवक ळजक्तमाॊ ऩय फशुत दयू तक कब्जा ऩा िरमा शै। प्रेग नशीॊ शो