You are on page 1of 50

॥ ककारािद काली सहसनाम॥

शी गणेशाय नमः।
कैलासिशखरे रमये नानादेवगणावृते।
नानावृकलताकीणे नानापु¯पैरलjृते॥ +॥
¤तुम°7लसयु4ते शृ)ारम°7पे ि÷¤ते।
समाUl सि÷¤त शा¯त ñी7¯त य|िगनीि7यम॥ ¯॥
त7 मlनUर द

¯çवा देवी पृ¯Uित शjरम।
दे¯युवा¤।
िक ¯वया 7¯यते देव िक ¯वया ÷म¯यते सदा॥ $॥
सृि7ः कु7 िवलीनाि÷त पुनः कु7 77ायते।
4ñा°7कारण य¬त िकमा0 कारण महत॥ ×॥
मन|र¤मयी िसि¿÷त¤ा वा¯Uामयी िशव।
तृतीया क¯पनािसि¿ः क|िõिस¿ी"रा¯मकम॥ ¬॥
शि4तपाता7दशक ¤रा¤रपुरीगितः।
महे¯57ालिम¯5ािद7ालानl र¤ना त¤ा॥ $॥
7िणमा07क देव परकाय7वेशनम।
नवीनसृि7करण समु5श|1ण त¤ा॥ u॥
7मायl ¤¯5स¯दशl िदवा ¤¯57काशनम।
¤¯5ा7क ¤ा7िदकु त¤ा स¸यl7क िशव॥ I॥
7ले 7लमय¯व ¤ वµl विµमय¯वकम।
4ñ-िव¯°वािद- िनमlणिम¯5ाणl कारण करे॥ "॥
पातालगुिõका-यक- वेतालप¯¤क त¤ा।
रसायन त¤ा गुि¯त÷त¤ैव ¤ािखला§नम॥ +¤॥
महामUुमती िसि¿÷त¤ा प7ावती िशव।
त¤ा H|गवती िसि¿यlव¯यः सि¯त िस¿यः॥ ++॥
केन म¯7ेण तपसा कलl पापसमाकुले।
×यु¯य पु°यरिहते क¤ Hवित त(द॥ +¯॥
शीिशव 3वा¤।
िवना म¯7 िवना ÷त|7 िवनैव तपसा ि7ये।
िवना 4िल िवना ¯यास H¸तशुि¿ िवना ि7ये॥ +$॥
िवना ¯यान िवना य¯7 िवना प¸7ािदना ि7ये।
िवना 4लेशािदिHदेिव देहद

ःखािदिHिवना॥ +×॥
िसि¿राशु Hवे0ेन तदेव कºयते मया।
श¸¯ये 4ñ°7ग|ले तु प¯¤ाश¯U¸¯यम¯यके॥ +¬॥
प¯¤श¸¯यि÷¤ता तारा सवl¯ते कािलका ि÷¤ता।
7न¯त- क|िõ 4ñा°7 रा7द°7ा7के िशवे॥ +$॥
÷¤ा¯य श¸¯यालय कृ¯वा कृ¯णवण िवUाय ¤।
महािनगुण÷पा ¤ वा¤ातीता परा कला॥ +u॥
ñी7ायl सि÷¤ता देवी श¸¯य÷पा 7क¯पयेत।
सृ7ेरारमHकायl¤ द

7ा Uाया तया यदा॥ +I॥
5¯Uाशि4त÷तु सा 7ाता त¤ा काल| िविनिमतः।
7िति4म4 त7 द

7 7ाता HानािHUा तु सा॥ +"॥
5दमेति¯क िविश7 7ात िवHानक मुदा।
तदा िñया8िHUा 7ाता तदी¯Uात| महे"िर॥ ¯¤॥
4ñा°7ग|ले देवेिश रा7द°7ि÷¤त ¤ यत।
सा िñया ÷¤ापयामास ÷व- ÷व÷¤ानñमेण ¤॥
¯+॥
त7ैव ÷वे¯Uया देिव सामर÷यपरायणा।
तिद¯Uा कºयते देिव य¤ावदवUारय॥ ¯¯॥
युगािदसमये देिव िशव परगुण|¬मम।
तिद¯Uा िनगुण शा¯त सि¯¤दान¯दिव7हम॥ ¯$॥
शा"त सु¯दर शु¿ सवदेवयुत वरम।
×िदना¤ गुणातीत का¯या सयुतमी"रम॥ ¯×॥
िवपरीतरत देव सामर÷यपरायणम।
प¸7ा¤मागत देव- ग¯Uवl8¯सरसl गणम॥ ¯¬॥
यिकणl िक7रीक¯यामुव°या0l ितल|¬माम।
वी÷य त¯मायया 7ाह सु¯दरी 7ाणव¯लHा॥ ¯$॥
7ैल|4यसु¯दरी 7ाण÷वािमनी 7ाणरि§नी।
िकमागत Hव¯या80 मम Hा¹याणव| महान॥ ¯u॥
34¯वा मlनUर शमHु प¸7य¯¯य¯सर|गणाः।
7¯सरस 3¤ुः।
ससारा¬ािरत देव ¯वया िव"7नि7य॥ ¯I॥
सृ7ेरारमHका¯यl¤मु0ु4त|8िस महा7H|।
वे°याकृ¯यिमद देव म)ला¤7गायनम॥ ¯"॥
7याण|¯सवकाले तु समारमHे 7गायनम।
गुणा0ारमHकाले िह व¬ते िशवशjर॥ $¤॥
5¯5ाणीक|õयः सि¯त त÷याः 7सवि4¯द

तः।
4ñाणी वै¯णवी ¤ैव माहेशी क|िõक|õयः॥ $+॥
तव सामरसान¯द दशना¤ समुjवाः।
स§ाताãा7त| देव ¤ा÷माक सl^यसागर॥ $¯॥
रित िह¯वा कािमनीनl ना8¯यत सl^य महे"र।
सा रितद

°यते8÷मािHमह¯सl^या¤कािरका॥ $$॥
7वमेत¬ु ¤ा÷मािHः कत¯य Hतृणा सह।
7व शु¯वा महादेव| ¯यानावि÷¤तमानसः॥ $×॥
¯यान िह¯वा मायया तु 7|वा¤ कािलकl 7ित।
कािल कािल '°7माले ि7ये Hैरववािदनी॥ $¬॥
िशवा÷पUरे ñ¸रे Þ|र5 7े Hयानके।
7ैल|4यसु¯दरकरी सु¯द¯यः सि¯त मे87तः॥ $$॥
सु¯दरीवीकण कम कु' कािल ि7ये िशवे।
¯यान मु¯¤ महादेिव ता ग¯Uि¯त गृह 7ित॥ $u॥
तव ÷प महाकािल महाकालि7यjरम।
7तासl सु¯दर ÷प 7ैल|4यि7यकारकम॥ $I॥
7व मायाHमािव7| महाकाल| वदि7ित।
5ित कालव¤ः शु¯वा काल 7ाह ¤ कािलका॥
$"॥
मायया88¯Uा0 ¤ा¯मान िन7÷7ी÷पUािरणी।
5तः 7Hृित ÷7ीमा7 Hिव¯यित युगे युगे॥ פ॥
व¯¯या0l1Uय| देिव िदवा व¯ली÷व÷पताम।
रा7l ÷7ी÷पमासा0 रितकेिलः पर÷परम॥ ×+॥
7Hान ¤ैव सवे1l Hिव¯यित युगे युगे।
7व शाप ¤ द¯वा तु पुनः 7|वा¤ कािलका॥ ׯ॥
िवपरीतरित कृ¯वा ि¤¯तयि¯त मनि¯त ये।
ते1l वर 7दा÷यािम िन¯य त7 वसामयहम॥ ×$॥
5¯यु4¯वा कािलका िव0ा त7ैवा¯तरUीयत।
ि7शत-ि7खव-17वृ¯द- नव¯य4ुदक|õयः॥ ××॥
दशना¤ तप÷तेपे सा वै कु7 गता ि7या।
मम 7ाणि7या देवी हाहा 7ाणि7ये िशवे॥ ׬॥
िक कर|िम 4व ग¯Uािम 5¯येव Hमसjुलः।
त÷याः का¯या दया 7ाता मम ि¤¯तापरः िशवः॥
×$॥
य¯77÷तार4ुि¿÷तु का¯या द¬ाितस¯वरम।
य¯7याग तदार+य प¸व ि¤j Þनग|¤रा॥ ×u॥
शी¤ñ य¯77÷तारर¤ना+यासत¯परः।
5त÷तत| Hमयमाण÷7ैल|4य ¤ñम¯यकम॥ ×I॥
¤ñपारदशना¤ क|çय4ुदयुग गतम।
H4त7ाणि7या देवी महाशी¤ñनाियका॥ ×"॥
त7 ि4¯दl पर ÷प सु¯दर सुमन|हरम।
÷प 7ात महेशािन 7ा7ि¯7पुरसु¯दिर॥ ¬¤॥
÷प द

¯çवा महादेव| रा7रा7े"र|8Hवत।
त÷याः कõाकमा7ेण त÷या ÷पUरः िशवः॥ ¬+॥
िवना शृ)ारसयु4ता तदा 7ाता महे"री।
िवना का¯य शत| देिव 7ग¯÷¤ावर7)मम॥ ¬¯॥
न शृ)ार| न शि4त¯व 4वािप नाि÷त महे"री।
सु¯द¯यl 7ाि¤ता काली तु7ा 7|वा¤ कािलका॥
¬$॥
सवlसl ने7केशे1ु ममlश|87 Hिव¯यित।
प¸वlव÷¤ासु देवेिश ममlशि÷त7ित ि7ये॥ ¬×॥
साव÷¤ा त'णा^या तु तद¯ते नैव ित7ित।
मj4तानl महेशािन सदा ित7ित िनिãतम॥ ¬¬॥
शि4त÷तु कुि°5ता 7ाता त¤ा ÷प न सु¯दरम।
ि¤¯तािव7ा तु मिलना 7ाता त7 ¤ सु¯दरी॥
¬$॥
कण ि÷¤¯वा ¯यानपरा काली ि¤¯तनत¯परा।
तदा काली 7स7ा8H¸त कणा¿ेन महे"री॥ ¬u॥
वर 4¸िह वर 4¸िह वर 4¸हीित सादरम।
सु¯दयुवा¤।
मम िसि¿वर देिह वर|8य 7ाºयते मया॥ ¬I॥
ताद

गुपाय क¤य येन शि4तHिव¯यित।
शीका¯युवा¤।
मम नामसाहस ¤ मया प¸व िविनिमतम॥ ¬"॥
म¯÷व÷प ककारा^य मेUासा7ा7यनामकम।
वरदानािHU नाम कणा¿l(रदायकम॥ $¤॥
त¯प5÷व महामाये तव शि4तHिव¯यित।
ततः 7Hृित शीिव0ा त7ामपा5त¯परा॥ $+॥
तदेव नामसाहस सु¯दरीशि4तदायकम।
कºयते परया H4¯या साUये सुमहे"िर॥ $¯॥
म0ेमlसै÷त¤ा शुñै4ह

र4तैरिप ि7ये।
तपयेत प¸7येत कालl िवपरीतरित ¤रेत॥ $$॥
िवपरीतरतl देिव काली ित7ित िन¯यशः।
मा¯वीकपु¯पशुñा7मै¤ुना0ा िवरािगणी॥ $×॥
वै¯णवी ¯यािपका िव0ा °मशानवािसनी परा।
वीरसाUनस¯तु7ा वीरा÷7ालननािदनी॥ $¬॥
िशवा4िल7ह

7ा¯मा िशवा÷पा0¤ि°7का।
काम÷त|7ि7या¯यु7मानसा काम÷िपणी॥ $$॥
4ñान¯दपरा शमHु मै¤ुनान¯दत|ि1ता।
य|गी¯5ह

दयागारा िदवा िनिश िवपयया॥ $u॥
कण तु7ा ¤ 7¯यका द¯तमाला7पि7या।
श¯यायl ¤ुम4ना)ः सन वे°यास)परायणः॥ $I॥
ख7गह÷त| मु4तकेश| िदगम4रिवH¸ि1तः।
प5े7ामसहसा^य मेUासा7ा7यनामकम॥ $"॥
य¤ा िद¯यामृतैदेवाः 7स7ा कणमा7तः।
त¤ा8नेन महाकाली 7स7ा पा5मा7तः॥ u¤॥
कºयते नामसाहस सावUानमनाः शृणु।
सवसा7ा7यमेUा^यनामसाह÷7क÷य ¤॥ u+॥
महाकाल 7ि1ः 7|4त 3ि¯ण4U¯दः 7कीिततम।
देवता दिकणा काली माया4ी7 7कीिततम॥ u¯॥
7
¸
शि4तः कािलका4ी7 कीलक पिरकीिततम।
कािलका वरदानािद- ÷वे7ा¤े िविनय|गतः॥ u$॥
कीलकेन 17)ािन 17दीÞl4ी7ेन कारयेत।
¯यान ¤ प¸वव¯कृ¯वा साUयेिद7साUनम॥ u×॥
• 7÷य शीसवसा7ा7यमेUाकाली÷व÷प-
ककारा¯मकसहसनाम÷त|7म¯7÷य महाकाल-
7ि1'ि¯ण4U¯दः, शीदिकणकाली देवता, 7l
4ी7म,
7
¸
शि4तः, ñl कीलक , कालीवरदानािद÷वे7ा¤े
7पे िविनय|गः।
• महाकाल 71ये नमः िशरिस।
3ि¯ण4U¯दसे नमः मुखे।
शी दिकणकालीदेवतायै नमः ह

दये।
7l 4ी7ाय नमः गु€े।
7
¸
श4तये नमः पादय|ः।
ñl कीलकाय नमः नाHl।
िविनय|गायनमः सवl)े। 5ित 7¯यािद¯यासः।
• ñl 7)ु7ा+यl नमः।
• ñl त7नी+यl नमः।
• ñ¸ म¯यमा+यl नमः।
• ñ• 7नािमका+यl नमः।
• ñ‚ किनि7का+यl नमः।
• ñः करतलकरपृ7ा+यl नमः। 5ित
करा)¯यासः।
• ñl ह

दयाय नमः।
• ñl िशरसे ÷वाहा।
• ñ¸ िशखायै व1õ।
• ñ• कव¤ाय ह


• ñ‚ ने77याय वl1õ।
• ñः 7÷7ाय 7õ। 5ित ह

दयािद 17)¯यासः।
7¤ ¯यानम।
• करालवदनl Þ|रl मु4तकेशl ¤तुHु7ाम।
कािलकl दिकणl िद¯यl मु°7मालािवH¸ि1ताम॥
स0ि°U7िशरःख7गवाम|¯वlUःकराम4ु7ाम।
7Hय वरद ¤ैव दिकणाU|¯वपािणकाम॥
महामेÞ7Hl °यामl त¤ा ¤ैव िदगम4राम।
क°5ावस4तमु°7ालीगल5ुिUर¤ि¤ताम॥
कणlवत सतानीतशवयु¹मHयानकाम।
Þ|रद ¯ƒाकराला÷यl पीन|7तपय|Uराम॥
शवानl करस„ातैः कृतका¯¤l हस¯मुखीम।
सृ…(यगल54तUारािव÷7ुिरताननाम॥
Þ|र÷पl महारl5l °मशानालयवािसनीम।
द¯तुरl दिकण¯यािपमु4तलम4क¤|¯¤याम॥
शव÷पमहादेवह

दय|पिर सि÷¤ताम।
िशवािHÞlर÷पािHãतुि†कु समि¯वताम॥
महाकालेन सा¿l¿मुपिव7रतातुराम।
सुख7स7वदनl ÷मेराननसर|'हाम॥
7व सि‡¤¯तये†ेवl °मशानालयवािसनीम॥
• ñl काली ñ¸ कराली ¤ क¯याणी कमला
कला।
कलावती कलाˆया ¤ कलाप¸7या कलाि¯मका॥
+॥
कलाद

7ा कलापु7ा कलाम÷ता कलाUरा।
कलाक|िõ कलाHासा कलाक|िõ7प¸ि7ता॥ ¯॥
कलाकमकलाUारा कलापारा कलागमा।
कलाUारा कमिलनी ककारा क'णा किवः॥ $॥
ककारवणसवl)ी कलाक|िõिवH¸ि1ता।
ककारक|िõगुिणता कलाक|िõिवH¸1णा॥ ×॥
ककारवणह

दया ककारमनुमि°7ता।
ककारवणिनलया काकश‰दपरायणा॥ ¬॥
ककारवणमुकुõा ककारवणH¸1णा।
ककारवण÷पा ¤ ककश‰दपरायणा॥ $॥
ककवीरा÷7ालरता कमलाकरप¸ि7ता।
कमलाकरना¤ा ¤ कमलाकर÷पUृक॥ u॥
कमलाकरिसि¿÷¤ा कमलाकरपारदा।
कमलाकरम¯य÷¤ा कमलाकरत|ि1ता॥ I॥
क¤jारपरालापा क¤jारपरायणा।
क¤jारपदा¯त÷¤ा क¤jारपदा¤H¸ः॥ "॥
कमलाकी कमल7ा कमलाक7प¸ि7ता।
कमलाकवर|0ु4ता ककारा क4ुराकरा॥ +¤॥
करतारा करि¯U7ा कर°यामा कराणवा।
करप¸7या कररता करदा करप¸ि7ता॥ ++॥
करत|या कराम1l कमनाशा करि7या।
कर7ाणा करक7ा करका करका¯तरा॥ +¯॥
करका¤ल÷पा ¤ करका¤लश|िHनी।
करका¤लपु7ी ¤ करका¤लत|ि1ता॥ +$॥
करका¤लगेह÷¤ा करका¤लरिकणी।
करका¤लसममा¯या करका¤लकािरणी॥ +×॥
करका¤लव1lˆया करका¤लरि§ता।
करका¤लका¯तारा करका¤लमािलनी॥ +¬॥
करका¤लH|7या ¤ करका¤ल÷िपणी।
करामलकस÷¤ा ¤ करामलकिसि¿दा॥ +$॥
करामलकसमप¸7या करामलकतािरणी।
करामलककाली ¤ करामलकर|ि¤नी॥ +u॥
करामलकमाता ¤ करामलकसेिवनी।
करामलक4j¯येया करामलकदाियनी॥ +I॥
क§ने7ा क§गितः क§÷¤ा क§Uािरणी।
क§मालाि7यकरी क§÷पा ¤ क§ना॥ +"॥
क§7ाितः क§गितः क§ह|मपरायणा।
क§म°7लम¯य÷¤ा क§ाHरणH¸ि1ता॥ ¯¤॥
क§सममानिनरता क§|¯पि¬परायणा।
क§रािशसमाकारा क§ार°यिनवािसनी॥ ¯+॥
कर§वृकम¯य÷¤ा कर§वृकवािसनी।
कर§7लH¸1ाˆया कर§ार°यवािसनी॥ ¯¯॥
कर§मालाHरणा करवालपरायणा।
करवाल7ह

7ा¯मा करवालि7या गितः॥ ¯$॥
करवालि7या क¯या करवालिवहािरणी।
करवालमयी कममl करवालि7यjरी॥ ¯×॥
क4¯UमालाHरणा क4¯Uरािशम¯यगा।
क4¯Uक¸õस÷¤ाना क4¯Uान¯तH¸1णा॥ ¯¬॥
क4¯Uनादस¯तु7ा क4¯UासनUािरणी।
क4¯Uगृहम¯य÷¤ा क4¯Uवनवािसनी॥ ¯$॥
क4¯Uका¯¤ीकरणी क4¯UरािशH¸1णा।
क4¯Uमाला7यदा क4¯Uदेहवािसनी॥ ¯u॥
क4¯Uासनमा¯या ¤ कपालाक¯पUािरणी।
कपालमालाम¯य÷¤ा कपालवŠतत|ि1ता॥ ¯I॥
कपालदीपस¯तु7ा कपालदीप÷िपणी।
कपालदीपवरदा कपालक77लि÷¤ता॥ ¯"॥
कपालमाला7यदा कपाल7पत|ि1णी।
कपालिसि¿सह

7ा कपालH|7न|0ता॥ $¤॥
कपालवŠतस÷¤ाना कपालकमलालया।
किव¯वामृतसारा ¤ किव¯वामृतसागरा॥ $+॥
किव¯विसि¿सह

7ा किव¯वादानकािरणी।
किवपृ7या किवगितः किव÷पा किवि7या॥ $¯॥
किव4ñान¯द÷पा किव¯ववŠतत|ि1ता।
किवमानसस÷¤ाना किववा¯¯Uा7प¸िरणी॥ $$॥
किवक°5ि÷¤ता क 7l क क क किवप¸ितदा।
क77ला क77लादानमानसा क77लि7या॥ $×॥
कपालक77लसमा क77लेश7प¸ि7ता।
क77लाणवम¯य÷¤ा क77लान¯द÷िपणी॥ $¬॥
क77लि7यस¯तु7ा क77लि7यत|ि1णी।
कपालमालाHरणा कपालकरH¸1णा॥ $$॥
कपालकरH¸1ाˆया कपाल¤ñमि°7ता।
कपालक|िõिनलया कपालद

गकािरणी॥ $u॥
कपालिगिरस ÷¤ाना कपाल¤ñवािसनी।
कपालपा7स¯तु7ा कपाला‹यपरायणा॥ $I॥
कपाला‹यि7य7ाणा कपाला‹यवर7दा।
कपाल¤4र ÷पा ¤ कपाल÷पमा7गा॥ $"॥
कदली कदली÷पा कदलीवनवािसनी।
कदलीपु¯पसम7ीता कदली7लमानसा॥ פ॥
कदलीह|मस¯तु7ा कदलीदशन|0ता।
कदलीगHम¯य÷¤ा कदलीवनसु¯दरी॥ ×+॥
कदम4पु¯पिनलया कदम4वनम¯यगा।
कदम4कुसुमाम|दा कदम4वनत|ि1णी॥ ׯ॥
कदम4पु¯पसमप¸7या कदम4पु¯पह|मदा।
कदमपु¯पम¯य÷¤ा कदम47लH|ि7नी॥ ×$॥
कदम4कानना¯तः÷¤ा कदम4ा¤लवािसनी।
क¯Uपा क¯Uपारा¯या क¯Uपासनसि÷¤ता॥ ××॥
कणप¸रा कणनासा कणlˆया कालHैरवी।
कल7ीता कलहदा कलहा कलहातुरा॥ ׬॥
कणयकी कणवातl कि¤नी कणसु¯दरी।
कणिपशाि¤नी कणम§री किवककदा॥ ×$॥
किवककािव÷पाˆया किवकक÷व÷िपणी।
क÷त¸रीमृगस÷¤ाना क÷त¸रीमृग÷िपणी॥ ×u॥
क÷त¸रीमृगस¯त|1ा क÷त¸रीमृगम¯यगा।
क÷त¸रीरसनीला)ी क÷त¸रीग¯Uत|ि1ता॥ ×I॥
क÷त¸रीप¸7क7ाणा क÷त¸रीप¸7कि7या।
क÷त¸री7ेमस¯तु7ा क÷त¸री7ाणUािरणी॥ ×"॥
क÷त¸रीप¸7कान¯दा क÷त¸रीग¯U÷िपणी।
क÷त¸रीमािलका÷पा क÷त¸रीH|7नि7या॥ ¬¤॥
क÷त¸रीितलकान¯दा क÷त¸रीितलकि7या।
क÷त¸रीह|मस¯तु7ा क÷त¸रीतपण|0ता॥ ¬+॥
क÷त¸रीमा7न|0ु4ता क÷त¸री¤ñप¸ि7ता।
क÷त¸रीपु¯पसमप¸7या क÷त¸री¤वण|0ता॥ ¬¯॥
क÷त¸रीगHम¯य÷¤ा क÷त¸रीव÷7Uािरणी।
क÷त¸रीकाम|दरता क÷त¸रीवनवािसनी॥ ¬$॥
क÷त¸रीवनसरका क÷त¸री7ेमUािरणी।
क÷त¸रीशि4तिनलया क÷त¸रीशि4तकु°7गा॥ ¬×॥
क÷त¸रीकु°7स÷नाता क÷त¸रीकु°7म77ना।
क÷त¸री7ीवस¯तु7ा क÷त¸री7ीवUािरणी॥ ¬¬॥
क÷त¸रीपरमाम|दा क÷त¸री7ीवनकमा।
क÷त¸री7ाितHाव÷¤ा क÷त¸रीग¯U¤ुम4ना॥ ¬$॥
कसत¸रीग¯Uसश|Hािवराि7तकपालH¸ः।
क÷त¸रीमदना¯तः÷¤ा क÷त¸रीमदह1दा॥ ¬u॥
क÷त¸रीकिवतानाˆया क÷त¸रीगृहम¯यगा।
क÷त¸री÷पशक7ाणा क÷त¸रीिव¯दका¯तका॥ ¬I॥
क÷त¸¯यlम|दरिसका क÷त¸रीñी7न|0ता।
क÷त¸रीदानिनरता क÷त¸रीवरदाियनी॥ ¬"॥
क÷त¸री÷¤ापनास4ता क÷त¸री÷¤ानरि§नी।
क÷त¸रीकुशल7Œा क÷त¸री÷तुितवि¯दता॥ $¤॥
क÷त¸रीव¯दकारा¯या क÷त¸री÷¤ानवािसनी।
कह÷पा कहाˆया ¤ कहान¯दा कहा¯मH¸ः॥ $+॥
कहप¸7या कहा^या ¤ कहहेया कहाि¯मका।
कहमालाक°5H¸1ा कहम¯77प|0ता॥ $¯॥
कहनाम÷मृितपरा कहनामपरायणा।
कहपरायणरता कहदेवी कहे"री॥ $$॥
कहहेतु कहान¯दा कहनादपरायणा।
कहमाता कहा¯तः÷¤ा कहम¯7ा कहे"री॥ $×॥
कहHेया कहारा¯या कह¯यानपरायणा।
कहत¯7ा कहकहा कह¤¯यlपरायणा॥ $¬॥
कहा¤ारा कहगितः कहता°7वकािरणी।
कहार°या कहरितः कहशि4तपरायणा॥ $$॥
कहरा7यनता कममसािकणी कमसु¯दरी।
कमिव0ा कमगितः कमत¯7परायणा॥ $u॥
कममा7ा कमगा7ा कमUमपरायणा।
कमरेखानाशक7• कमरेखािवन|िदनी॥ $I॥
कमरेखाम|हकरी कमकीितपरायणा।
कमिव0ा कमसारा कममlUारा ¤ कमH¸ः॥ $"॥
कमकारी कमहारी कमकlतुकसु¯दरी।
कमकाली कमतारा कमि¯U7ा ¤ कमदा॥ u¤॥
कम¤ा°7ािलनी कमवेदमाता ¤ कमH¸ः।
कमका°7रतान¯ता कमका°7ानुमािनता॥ u+॥
कमका°7परीणाहा कम5ी कम5ाकृितः।
कम5ारा¯यह

दया कम5ाक°5सु¯दरी॥ u¯॥
कम5ासनससे¯या कम5ी कमत¯परा।
क'णाकरका¯ता ¤ क'णाकरवि¯दता॥ u$॥
क5|रा करमाला ¤ क5|रकु¤Uािरणी।
कपिदनी कपिõनी कि5ना कjH¸1णा॥ u×॥
करH|÷ः कि5नदा करHा करHालया।
कलHा1ामयी क¯पा क¯पना क¯पदाियनी॥ u¬॥
कमल÷¤ा कलामाला कमला÷या …ण¯7Hा।
ककुि7नी क7वती करणीयक¤ाि¤ता॥ u$॥
क¤ाि¤ता क¤तनुः क¤सु¯दरUािरणी।
क5|रकु¤सल¹ना किõस¸7िवराि7ता॥ uu॥
कणमकि7या क¯दा क¤ाक¯दगितः किलः।
किलŽी किलद
¸
ती ¤ किवनायक- प¸ि7ता॥ uI॥
कणककािनय¯7ी ¤ किã¯किववराि¤ता।
क7• ¤ कतृका H¸1ाकािरणी कणश7ुपा॥ u"॥
करणेशी करणपा कलवा¤ा कलािनिUः।
कलना कलनाUारा कलना कािरका करा॥ I¤॥
कलगेया ककरािशः ककरािश-7प¸ि7ता।
क¯यारािशः क¯यका ¤ क¯यकाि7यHाि1णी॥
I+॥
क¯यकादानस¯तु7ा क¯यकादानत|ि1णी।
क¯यादानकरान¯दा क¯यादान7हे7दा॥ I¯॥
क1णा ककदहना कािमता कमलासना।
करमालान¯दक7• करमाला7प|ि1ता॥ I$॥
करमालाशयान¯दा करमालासमागमा।
करमालािसि¿दा7ी करमालाकरि7या॥ I×॥
करि7या कररता करदानपरायणा।
कलान¯दा किलगितः किलप¸7या किल7स¸ः॥ I¬॥
कलनादिननाद÷¤ा कलनादवर7दा।
कलनादसमा7÷¤ा कह|ला ¤ कह|लदा॥ I$॥
कह|लगेहम¯य÷¤ा कह|लवरदाियनी।
कह|लकिवताUारा कह|ल7ि1मािनता॥ Iu॥
कह|लमानसारा¯या कह|लवा4यकािरणी।
कतृ÷पा कतृमयी कतृमाता ¤ कतरी॥ II॥
कनीया कनकारा¯या कनीनकमयी त¤ा।
कनीयान¯दिनलया कनकान¯दत|ि1ता॥ I"॥
कनीयककराका7ा क¤ाणवकरी करी।
किरगमया किरगितः किर¯व7परायणा॥ "¤॥
किरना¤ि7याक°5ा क¤ानक7त|ि1ता।
कमनीया कमनका कमनीयिवH¸1णा॥ "+॥
कमनीयसमा7÷¤ा कमनीयवŠति7या।
कमनीयगुणारा¯या किपला किपले"री॥ "¯॥
किपलारा¯यह

दया किपलाि7यवािदनी।
कह¤ñम¯7वणl कह¤ñ7स¸नका॥ "$॥
क 7 •ल7l÷व÷पा ¤ क 7 •ल7lवर7दा।
क 7 •ल7lिसि¿दा7ी क 7 •ल7l÷व÷िपणी॥ "×॥
क 7 •ल7lम¯7वणl क 7 •ल7l7स¸कला।
कवगl ¤ कपाõ÷¤ा कपाõ|•ाõनकमा॥ "¬॥
कjाली ¤ कपाली ¤ कjालि7यHाि1णी।
कjालHैरवारा¯या कjालमानसि÷¤ता॥ "$॥
कjालम|हिनरता कjालम|हदाियनी।
कलु1Žी कलु1हा कलु1ाितिवनािशनी॥ "u॥
किलपु¯पा कलादाना किशपुः क°यपाि¤ता।
क°यपा क°यपारा¯या किलप¸णकलेवरा॥ "I॥
कले"रकरी का¯¤ी कवगl ¤ करालका।
करालHैरवारा¯या करालHैरवे"री॥ ""॥
कराला कलनाUारा कप†•शवर7दा।
कप†•श7ेमलता कपि†मािलकायुता॥ +¤¤॥
कपि†7पमालाˆया करवीर7स¸नदा।
करवीरि7य7ाणा करवीर7प¸ि7ता॥ +¤+॥
किणकारसमाकारा किणकार7प¸ि7ता।
किर1ाि¹नि÷¤ता क1l क1मा7सुवणदा॥ +¤¯॥
कलशा कलशारा¯या क1ाया किरगानदा।
किपला कलक°5ी ¤ किलक¯पलता मता॥
+¤$॥
क¯पलता क¯पमाता क¯पकारी ¤ क¯पH¸ः।
कप¸राम|द'ि¤रा कप¸राम|दUािरणी॥ +¤×॥
कप¸रमालाHरणा कप¸रवासप¸ितदा।
कप¸रमाला7यदा कप¸राणवम¯यगा॥ +¤¬॥
कप¸रतपणरता कõकाम4रUािरणी।
कपõे"वरसमप¸7या कपõे"र÷िपणी॥ +¤$॥
कõुः किप¯व7ारा¯या कलापपु¯पUािरणी।
कलापपु¯प'ि¤रा कलापपु¯पप¸ि7ता॥ +¤u॥
ñक¤ा ñक¤ारा¯या क¤म4¸मा करालता।
क¤jारिविनमु4ता काली कालिñया ñतुः॥
+¤I॥
कािमनी कािमनीप¸7या कािमनीपु¯पUािरणी।
कािमनीपु¯पिनलया कािमनीपु¯पप¸िणमा॥ +¤"॥
कािमनीपु¯पप¸7ाहl कािमनीपु¯पH¸1णा।
कािमनीपु¯पितलका कािमनीकु°7¤ुम4ना॥ ++¤॥
कािमनीय|गस¯तु7ा कािमनीय|गH|गदा।
कािमनीकु°7समम¹ना कािमनीकु°7म¯यगा॥
+++॥
कािमनीमानसारा¯या कािमनीमानत|ि1ता।
कािमनीमानस¯¤ारा कािलका कालकािलका॥
++¯॥
कामा ¤ कामदेवी ¤ कामेशी कामसमHवा।
कामHावा कामरता कामातl कामम§री॥ ++$॥
कामम§ीररिणता कामदेवि7या¯तरा।
कामकाली कामकला कािलका कमलाि¤ता॥
++×॥
कािदका कमला काली कालानलसम7Hा।
क¯पा¯तदहना का¯ता का¯तारि7यवािसनी॥ ++¬॥
कालप¸7या कालरता कालमाता ¤ कािलनी।
कालवीरा कालÞ|रा कालिस¿ा ¤ कालदा॥
++$॥
काल§नसमाकारा काल§रिनवािसनी।
काल7ि¿ः कालवृि¿ः कारागृहिवम|ि¤नी॥ ++u॥
कािदिव0ा कािदमाता कािद÷¤ा कािदसु¯दरी।
काशी का¯¤ी ¤ का¯¤ीशा काशीशवरदाियनी॥
++I॥
ñl 4ी7ा ¤ैव ñl 4ी7ा ह

दयाय नम÷÷मृता।
कामया कामयगितः कामयिसि¿दा7ी ¤ कामH¸ः॥
++"॥
कामा^या काम÷पा ¤ काम¤ापिवम|ि¤नी।
कामदेवकलारामा कामदेवकलालया॥ +¯¤॥
कामराि7ः कामदा7ी का¯तारा¤लवािसनी।
काम÷पा कालगितः कामय|गपरायणा॥ +¯+॥
कामसमम†नरता कामगेहिवकािसनी।
कालHैरवHायl ¤ कालHैरवकािमनी॥ +¯¯॥
कालHैरवय|ग÷¤ा कालHैरवH|गदा।
कामUेनुः कामद|¹‘ी काममाता ¤ काि¯तदा॥
+¯$॥
कामुका कामुकारा¯या कामुकान¯दवि¿नी।
का¬वी¯यl काि¬केया काि¬केय7प¸ि7ता॥
+¯×॥
का¯यl कारणदा का¯यकािरणी कारणा¯तरा।
काि¯तगमया काि¯तमयी का¯या का¯यायनी ¤ का॥
+¯¬॥
कामसारा ¤ का°मीरा का°मीरा¤ारत¯परा।
काम÷पा¤ाररता काम÷पि7य वदा॥ +¯$॥
काम÷पा¤ारिसि¿ः काम÷पमन|मयी।
काि¬की काि¬कारा¯या का¯¤नार7स¸नH¸ः॥
+¯u॥
का¯¤नार7स¸नाHा का¯¤नार7प¸ि7ता।
का¯¤÷पा का¯¤H¸िमः कl÷यपा77H|ि7नी॥
+¯I॥
कl÷य¯विनमयी कामसु¯दरी काम¤ुम4ना।
काशपु¯प7तीकाशा काम5ुमसमागमा॥ +¯"॥
कामपु¯पा कामH¸िमः कामप¸7या ¤ कामदा।
कामदेहा कामगेहा काम4ी7परायणा॥ +$¤॥
काम¯व7समा÷’ा काम¯व7समाि÷¤ता।
का°यपी का°यपारा¯या का°यपान¯ददाियनी॥
+$+॥
कािल¯दी7लसjाशा कािल¯दी7लप¸ि7ता।
कादेवप¸7ािनरता कादेवपरमा¤दा॥ +$¯॥
कममणा कममणाकारा कामकमणकािरणी।
काममण7|õनकरी कािकनी कारणा“या॥ +$$॥
का¯यामृता ¤ कािल)ा कािल)म†न|0ता।
कालाग'िवH¸1ाˆया कालाग'िवH¸ितदा॥ +$×॥
कालाग'सुग¯Uा ¤ कालाग'7तपणा।
कावेरीनीरसम7ीता कावेरीतीरवािसनी॥ +$¬॥
काल¤ñHमाकारा काल¤ñिनवािसनी।
कानना काननाUारा का'ः का'िणकामयी॥
+$$॥
कािमप¯यवािसनी का7ा कामप”ी ¤ कामH¸ः।
कादम4रीपानरता त¤ा कादम4रीकला॥ +$u॥
कामव¯0ा ¤ कामेशी कामरा77प¸ि7ता।
कामरा7े"रीिव0ा कामकlतुकसु¯दरी॥ +$I॥
काम4|77ा काि¯Uनदा कl÷यका¯¤नकािरणी।
का¯¤नाि5समाकारा का¯¤नाि57दानदा॥ +$"॥
कामकीितः कामकेशी कािरका का¯तराशया।
कामHेदी ¤ कामाितनािशनी कामH¸िमका॥ +פ॥
कालानलािशनी का¯यविनता काम÷िपणी।
काय÷¤ा कामस¯दीि¯तः का¯यदा कालसु¯दरी॥
+×+॥
कामेशी कारणवरा कामेशीप¸7न|0ता।
का¯¤ी-न¸पुरH¸1ाˆया- कुjुमाHरणाि¯वता॥ +ׯ॥
काल¤ñा कालगितः काल¤ñामन|Hवा।
कु¯दम¯या कु¯दपु¯पा कु¯दपु¯पि7या कु7ा॥ +×$॥
कु7माता कु7ारा¯या कु5ारवरUािरणी।
कु¯¤र÷¤ा कुशरता कुशेशयिवल|¤ना॥ +××॥
कुम5ी कुररी कु5ा कुर)ी कुõ7ाशया।
कुमHीनसिवH¸1ा ¤ कुमHीनसवU|0ता॥ +׬॥
कुमHकणमन|¯लासा कुल¤¸7ामिणः कुला।
कुलालगृहक¯या ¤ कुल¤¸7ामिणि7या॥ +×$॥
कुलप¸7या कुलारा¯या कुलप¸7ापरायणा।
कुलH¸1ा त¤ा कुिकः कुररीगणसेिवता॥ +×u॥
कुलपु¯पा कुलरता कुलपु¯पपरायणा।
कुलव÷7ा कुलारा¯या कुलकु°7सम7Hा॥ +×I॥
कुलकु°7सम|¯लासा कु°7पु¯पपरायणा।
कु°7पु¯प7स7ा÷या कु°7ग|ल|jवाि¯मका॥ +×"॥
कु°7ग|ल|jवाUारा कु°7ग|लमयी कुह
¸
ः।
कु°7ग|लि7य7ाणा कु°7ग|ल7प¸ि7ता॥ +¬¤॥
कु°7ग|लमन|¯लासा कु°7ग|ल4ल7दा।
कु°7देवरता ñु¿ा कुलिसि¿करा परा॥ +¬+॥
कुलकु°7समाकारा कुलकु°7समानH¸ः।
कु°7िसि¿ः कु°77ि¿ः कुमारीप¸7न|0ता॥
+¬¯॥
कुमारीप¸7क7ाणा कुमारीप¸7कालया।
कुमारीकामस¯तु7ा कुमारीप¸7न|¯सुका॥ +¬$॥
कुमारीवŠतस¯तु7ा कुमारी÷पUािरणी।
कुमारीH|7न7ीता कुमारी ¤ कुमारदा॥ +¬×॥
कुमारमाता कुलदा कुलय|िनः कुले"री।
कुलिल)ा कुलान¯दा कुलरमया कुतकUृक॥
+¬¬॥
कु¯ती ¤ कुलका¯ता ¤ कुलमागपरायणा।
कु¯ला ¤ कु'कु¯ला ¤ कु¯लुका कुलकामदा॥
+¬$॥
कुिलशा)ी कुि‰7का ¤ कुि‰7कान¯दवि¿नी।
कुलीना कु§रगितः कु§रे"रगािमनी॥ +¬u॥
कुलपाली कुलवती त¤ैव कुलदीिपका।
कुलय|गे"री कु°7ा कुjुमा'णिव7हा॥ +¬I॥
कुjुमान¯दस¯त|1ा कुjुमाणववािसनी।
कुसुमा कुसुम7ीता कुलH¸ः कुलसु¯दरी॥ +¬"॥
कुमु(ती कुमुिदनी कुशला कुलõालया।
कुलõालयम¯य÷¤ा कुलõास)त|ि1ता॥ +$¤॥
कुलõाHवन|0ु4ता कुशावतl कुलाणवा।
कुलाणवा¤ाररता कु°7ली कु°7लाकृितः॥ +$+॥
कुमितã कुलशे7ा कुल¤ñपरायणा।
क¸õ÷¤ा क¸õद

ि7ã कु¯तला कु¯तलाकृितः॥
+$¯॥
कुशलाकृित÷पा ¤ क¸¤4ी7Uरा ¤ क¸ः।
कु कु कु कु श‰दरता ñ¸ ñ¸ ñ¸ ñ¸ परायणा॥
+$$॥
कु कु कु श‰दिनलया कु…ुरालयवािसनी।
कु…ुरास)सयु4ता कु…ुरान¯तिव7हा॥ +$×॥
क¸¤lरमHा क¸¤4ी7ा क¸¤7ापपरायणा।
कु¤÷पशनस¯तु7ा कु¤ािल)नह1दा॥ +$¬॥
कुमितŽी कु4ेरा¯यl कु¤H¸ः कुलनाियका।
कुगायना कु¤Uरा कुमाता कु¯ददि¯तनी॥ +$$॥
कुगेया कुहराHासा कुगेया कुŽदािरHा।
कीितः िकराितनी ि4ल7ा िक7रा िक7रीिñया॥
+$u॥
ñीjारा ñी§पास4ता ñl ह
¸
÷7l म¯7÷िपणी।
िकम•िरतद

शापा)ी िकश|री ¤ िकरीिõनी॥ +$I॥
कीõHा1ा कीõय|िनः कीõमाता ¤ कीõदा।
िक शुका कीरHा1ा ¤ िñयासारा िñयावती॥
+$"॥
कlकlश‰दपरा 4लl 4लl 4ल¸ 4ल• 4ल‚
म¯7÷िपणी।
क• कl क¸ क• ÷व÷पा ¤ कः 7õ
म¯7÷व÷िपणी॥ +u¤॥
केतकीH¸1णान¯दा केतकीHरणाि¯वता।
कैकदा केिशनी केशी केशीस¸दनत¯परा॥ +u+॥
केश÷पा केशमु4ता कैकेयी कlिशकी त¤ा।
कैरवा कैरवा–ादा केशरा केतु÷िपणी॥ +u¯॥
केशवारा¯यह

दया केशवास4तमानसा।
4लै‰यिवनािशनी 4ल• ¤ 4ल• 4ी77पत|ि1ता॥
+u$॥
कlश¯या क|शलाकी ¤ क|शा ¤ क|मला त¤ा।
क|लापुरिनवासा ¤ क|लासुरिवनािशनी॥ +u×॥
क|िõ÷पा क|िõरता ñ|िUनी ñ|U÷िपणी।
केका ¤ क|िकला क|िõः क|िõम¯7परायणा॥
+u¬॥
क|çयान¯तम¯7यु4ता कै÷पा केरलाशया।
केरला¤ारिनपुणा केरले¯5गृहि÷¤ता॥ +u$॥
केदाराशमस÷¤ा ¤ केदारे"रप¸ि7ता।
ñ|U÷पा ñ|Uपदा ñ|Uमाता ¤ कlिशकी॥
+uu॥
क|द°7Uािरणी ñl¯¤ा कlश¯या कlलमागगा।
कlिलनी कlिलकारा¯या कlिलकागारवािसनी॥
+uI॥
कlतुकी कlमुदी कlला कुमारी कlरवाि¤ता।
कlि°7¯या कlिशकी ñ|Uा 7वालाHासुर÷िपणी॥
+u"॥
क|िõकालानल7वाला क|िõमा¬°7िव7हा।
कृि¬का कृ¯णवणl ¤ कृ¯णा कृ¯या िñयातुरा॥
+I¤॥
कृशा)ी कृतकृ¯या ¤ ñः 7ç÷वाहा÷व÷िपणी।
ñ‚ ñ‚ ह
¸
7çम¯7वणl
ñl 7l 7
¸
7õ ÷व÷िपणी॥ +I+॥
ñlñl7l7l त¤ा 7
¸

¸
7ç÷वाहाम¯7÷िपणी।
5ित शीसवसा7ा7यमेUा नामसहसकम॥ +I¯॥
सु¯दरीशि4तदाना^य ÷व÷पािHUमेव ¤।
कि¤त दिकणाका¯याः सु¯दय— 7ीितय|गतः॥ +॥
वरदान7स)ेन रह÷यमिप दिशतम।
ग|पनीय सदा H4¯या प5नीय परा¯परम॥ ¯॥
7ातम¯याµकाले ¤ म¯या¿रा7य|रिप।
यHकाले 7पा¯ते ¤ प5नीय िवशे1तः॥ $॥
यः प5ेत साUक| Uीरः काली÷प| िह व1तः।
प5े(ा पा5ये(ािप शृण|ित शावयेदिप॥ ×॥
वा¤क त|1ये(ािप स Hवेत कािलकातनुः।
सहेल वा सलील वा यãैन मानवः प5ेत॥ ¬॥
सवद

ःखिविनमु4त÷7ैल|4यिव7यी किवः।
मृतव¯¯या काकव¯¯या क¯याव¯¯या ¤ व¯¯यका॥
$॥
पु¯पव¯¯या श¸लव¯¯या शृणुयात ÷त|7मु¬मम।
सविसि¿7दातार स¯किव ि¤र7ीिवनम॥ u॥
पाि°7¯यकीितसयु4त लHते ना7 सशयः।
य य काममुप÷कृ¯य कालl ¯या¯वा 7पे¯÷तवम॥
I॥
त त काम करे कृ¯वा म¯7ी Hवित ना8¯य¤ा।
य|िनपु¯पैिल)पु¯पैः कु°7ग|ल|jवैरिप॥ "॥
सय|गामृतपु¯पैã व÷7देवी7स¸नकैः।
कािलपु¯पैः पी5त|यैयlिनकालनत|यकैः॥ +¤॥
क÷त¸रीकुjुमैदेवl नखकालाग'ñमात।
77ग¯UैU¸पदीपयवयावकसयुतैः॥ ++॥
र4त¤¯दनिस¯द
¸
रैम¯÷यमlसािदH¸1णैः।
मUुिHः पायसैः कीरैः श|िUतैः श|िणतैरिप॥ +¯॥
मह|प¤ारै र4तैã नैवे0ैः सुरसाि¯वतैः।
प¸7िय¯वा महाकालl महाकालेन लािलताम॥ +$॥
िव0ाराHl कु¯लुका¯¤ 7˜वा ÷त|7 7पेि¯Uवे।
कालीH4त÷¯वेकि¤¬ः िस¯द
¸
रितलकाि¯वतः॥
+×॥
ताम4¸लप¸िरतमुख| मु4तकेश| िदगम4रः।
शवय|िनि÷¤त| वीरः °मशानसुरताि¯वतः॥ +¬॥
श¸¯यालये ि4¯द

पी5े पु¯पाकीणे िशवानने।
शयन|¯¤7Hु§ानः कालीदशनमा™ुयात॥ +$॥
त7 य0¯कृत कम तदन¯त7ल Hवेत।
š"ये कमला साकात िस¿l शीकािलकािम4का॥
+u॥
किव¯वे तािरणीतु¯यः सl¯दये सु¯दरीसमः।
िस¯U|¿lरासमः काये शुतl शुितUर÷त¤ा॥ +I॥
व›ा÷7िमव द

¿1÷7ैल|4यिव7या÷7Hृत।
श7ुह¯ता का¯यकतl Hवेि¯Uवसमः कलl॥ +"॥
िदि¹विद4 ¤¯5कतl ¤ िदवाराि7िवप¯ययी।
महादेवसम| य|गी 7ैल|4य÷तमHकः कणात॥ ¯¤॥
गानेन तुम4ु'ः साका†ाने कणसम| Hवेत।
ग7ा8"र¤प¬ीनाम÷7ाणामिUपः कृती॥ ¯+॥
×यु¯ये1ु Hुशु°7ी ¤ 7रापिलतनाशकः।
व11|7शवान H¸यात सवकाले महे"री॥ ¯¯॥
4ñा°7ग|ले देवेिश न त÷य द

लH 4वि¤त।
सव ह÷तगत H¸या7ा7 का¯यl िव¤ारणा॥ ¯$॥
कुलपु¯पयुत द

¯çवा त7 कालl िवि¤¯¯य ¤।
िव0ाराHl तु समप¸7य प5े7ामसहसकम॥ ¯×॥
मन|र¤मयी िसि¿÷त÷य ह÷ते सदा Hवेत।
परदारान समािल)य समप¸7य परमे"रीम॥ ¯¬॥
ह÷ताहि÷तकया य|ग कृ¯वा 7˜वा ÷तव प5ेत।
य|िन वी÷य 7पेत ÷त|7 कु4ेरादिUक| Hवेत॥
¯$॥
कु°7ग|ल|jव गृ€वणl4त ह|मयेि7िश।
िपतृH¸मl महेशािन िविUरेखl 7मा7येत॥ ¯u॥
त'णl सु¯दरl रमयl ¤¯¤लl कामगिवताम।
समानीय 7य”ेन सश|¯य ¯यासय|गतः॥ ¯I॥
7स¸नम¯¤े स÷¤ा¯य पृि¤वl वशमानयेत।
म¸ल¤ñ तु समHा¯य दे¯याãरणसयुतम॥ ¯"॥
समम¸7य परमेशानl सj¯¯य तु महे"िर।
7˜वा ÷तु¯वा महेशानl 7णव स÷मरेि¯Uवे॥ $¤॥
77|¬रशतैयlिन 7म¯œया¤ुम‰य य”तः।
सय|गीH¸य 7¯त¯य सविव0ािUप| Hवेत॥ $+॥
श¸¯यागारे िशवार°ये िशवदेवालये त¤ा।
श¸¯यदेशे त7ागे ¤ ग)ागHे ¤तु¯प¤े॥ $¯॥
°मशाने पवत7ा¯ते 7किल)े िशवामुखे।
मु°7य|नl 7तl ÷ना¯वा गेहे वे°यागृहे त¤ा॥ $$॥
कुि•नीगृहम¯ये ¤ कदलीम°7पे त¤ा।
प5े¯सहसनामा^य ÷त|7 सवl¤िस¿ये॥ $×॥
7र°ये श¸¯यगते ¤ रणे श7ुसमागमे।
77पे¯¤ तत| नाम का¯याãैव सहसकम॥ $¬॥
4ालान¯दपर| H¸¯वा पि5¯वा कािलका÷तवम।
कालl सि¯¤¯¯य 77पेत प5े7ामसहसकम॥ $$॥
सविस¿ी"र| H¸या(ा¯Uािस¿ी"र| Hवेत।
मु°7¤¸7कय|यlिन ¯वि¤ वा क|मले िशवे॥ $u॥
िव7रे शवव÷7े वा पु¯पव÷7ासने8िप वा।
मु4तकेश| िदशावास| मै¤ुनी शयने ि÷¤तः॥ $I॥
7˜वाकालl प5ेत ÷त|7 खे¤रीिसि¿Hाग Hवेत।
ि¤कुर य|गमासा0 शुñ|¯सारणमेव ¤॥ $"॥
7˜वा शीदिकणl कालl शि4तपातशत Hवेत।
लतl ÷पृशन 7िप¯वा ¤ रिम¯वा ¯व¤य7िप॥ פ॥
×–ादयि¯दगावासः परशि4त िवशे1तः।
÷तु¯वा शीदिकणl कालl य|िन ÷वकरगा¯¤रेत॥
×+॥
प5े7ामसहस यः स िशवादिUक| Hवेत।
लता¯तरे1ु 7¯त¯य ÷तु¯वा कालl िनराकुलः॥
ׯ॥
दशावUान| Hवित मासमा7ेण साUकः।
कालराœयl महाराœयl वीरराœयामिप ि7ये॥ ×$॥
महाराœयl ¤तुद°याम7मयl सñमे8िप वा।
कुह
¸
प¸णे¯द

शुñे1ु Hlमामायl िनशामुखे॥ ××॥
नवमयl म)लिदने त¤ा कुलित¤l िशवै।
कुलके7े 7य”ेन प5े7ामसहसकम॥ ׬॥
सुदशन| Hवेदाशु िक7रीिसि¿Hा¹Hवेत।
पि°ममािHमुख िल) वृ1श¸¯य पुरातनम॥ ×$॥
त7 ि÷¤¯वा 7पेत ÷त|7 सवकामा¯तये िशवे।
Hlमवारे िनशी¤े वा 7माव÷यािदने शुHे॥ ×u॥
मा1H4त4िल Uाग कृसरा7 ¤ पायसम।
द¹Uमीन श|िणत¯¤ दिU द

¹U गु7ा5कम॥ ×I॥
4िल द¯वा 7पेत त7 ¯व7|¬रसहसकम।
देव-ग¯Uव- िस¿lUैः सेिवतl सुरसु¯दरीम॥ ×"॥
लHे†ेवेिश मासेन त÷य ¤ासन सहितः।
ह÷त7य Hवेद
¸
¯व ना7 कायl िव¤ारणा॥ ¬¤॥
हेलया लीलया H4¯या कालl ÷तlित नर÷तु यः।
4ñादl÷सतमHये†ेिव माहेशl म|हये¯कणात॥ ¬+॥
×क1ये¯महािव0l दशप¸वlन ि7यामतः।
कुव•त िव¯णुिनममlण यमादीनl तु मारणम॥ ¬¯॥
‘ुवमु¯¤ाõये7¸न सृि7न¸तनतl नरः।
मे1मािह1मा7lरखर¯Uागनरािदकैः॥ ¬$॥
खि)श¸करकाप|तैि7ि•Hैः शशकैः पलैः।
श|िणतैः साि÷¤मlसैã कार°7ैद

¹Uपायसैः॥ ¬×॥
कादम4रीिस¯Uुम0ैः सुरािर7ैã सासवैः।
य|िनकािलतत|यैã य|िनिल)ामृतैरिप॥ ¬¬॥
÷व7ातकुसुमैः प¸7या 7पा¯ते तपयेि¯Uवाम।
सवसा7ा7यनाžा तु ÷तु¯वा न¯वा ÷वशि4ततः॥
¬$॥
श4¯या लHन प5ेत ÷त|7 काली÷प| िदन7यात।
दिकणाकािलका त÷य गेहे ित7ित ना¯य¤ा॥ ¬u॥
वे°यालतागृहे ग¯वा त÷याãुम4नत¯परः।
त÷या य|नl मुख द¯वा त5स िविलह§पेत॥ ¬I॥
तद¯ते नाम साहस प5ेjि4तपरायणः।
कािलकादशन त÷य Hवे†ेिव ि7यामतः॥ ¬"॥
नृ¯यपा7गृहे ग¯वा मकारप¯¤काि¯वतः।
7स¸नम¯¤े स÷¤ा¯य शि4त¯यासपरायणः॥ $¤॥
पा7ाणl साUन कृ¯वा िद¹व÷7l तl समा¤रेत।
समHा¯य ¤ñ त¯म¸ले त7 सावरणl 7पेत॥ $+॥
शत Hाले शत केशे शत िस¯द
¸
रम°7ले।
शत7य कु¤(¯(े शत नाHl महे"िर॥ $¯॥
शत य|नl महेशािन सय|गे ¤ शत7यम।
7पे¬7 महेशािन तद¯ते 7प5े¯÷तवम॥ $$॥
शतावUान| Hवित मासमा7ेण साUकः।
माति)नl समानीय िक वा कापािलनl िशवे॥ $×॥
द¯तमाला 7पे कायl गले Uायl नृमु°77ा।
ने7प7े य|िन¤ñ शि4त¤ñ ÷वव47के॥ $¬॥
कृ¯वा 7पे¯महेशािन मु°7य¯7 7प¸7येत।
मु°7ासनि÷¤त| वीर| मकारप¯¤काि¯वतः॥ $$॥
7¯यामािल)य 77पेद¯यl स¯¤ुम‰य वै प5ेत।
7¯यl समप¸7ये¬7 ¯व¯यl समम†यन 7पेत॥ $u॥
7¯यय|नl िशव द¯वा पुनः प¸ववदा¤रेत।
7वUानसहसे1ु शि4तपातशते1ु ¤॥ $I॥
रा7ा Hवित देवेिश मासप¯¤कय|गतः।
यवनीशि4तमानीय गानशि4तपरायणम॥ $"॥
कुला¤ारमतेनैव त÷या य|िन िवकासयेत।
त7 7दाय ि7“l तु 7पे7ामसहसकम॥ u¤॥
नृकपाले त7 दीप 7पे¯77वा¯य य”तः।
महाकिववर| H¸या7ा7 कायl िव¤ारणा॥ u+॥
कामातl शि4तमानीय य|नl तु म¸ल¤ñकम।
िविल^य परमेशािन त7 म¯7 िलखेि¯Uवे॥ u¯॥
ति¯लहन 77पे†ेिव सवशा÷7ा¤त¯विवत।
7शुतािन ¤ शा÷7ािण वेदादीन पा5येद ‘ुवम॥
u$॥
िवना ¯यासैिवना पा5ैिवना¯यानािदिHः ि7ये।
¤तुवेदािUप| H¸¯वा ि7कालHि÷7व1तः॥ u×॥
¤तुिवU ¤ पाि°7¯य त÷य ह÷तगत कणात।
िशवा4िलः 7दात¯यः सवदा श¸¯यम°7ले॥ u¬॥
काली¯यान म¯7ि¤ता नीलसाUनमेव ¤।
सहसनामपा5ã कालीनाम7कीतनम॥ u$॥
H4त÷य कायमेतावद¯यद+युदय िवद

ः।
वीरसाUनक कम िशवाप¸7ा 4िल÷त¤ा॥ uu॥
िस¯द
¸
रितलक| देिव वे°यालाप| िनर¯तरम।
वे°यागृहे िनशा¤ार| रा7l पयõन त¤ा॥ uI॥
शि4तप¸7ा य|िनद

ि7ः ख)ह÷त| िदगम4रः।
मु4तकेश| वीरवे1ः कुलम¸ितUर| नरः॥ u"॥
कालीH4त| Hवे†ेिव ना¯य¤ा केममा™ुयात।


¹Uा÷वादी य|िनलेही सिवदासवÞ¸िणतः॥ I¤॥
वे°यालतासमाय|गा¯मासा¯क¯पलता ÷वयम।
वे°या¤ñसमाय|गा¯काली¤ñसमः ÷वयम॥ I+॥
वे°यादेहसमाय|गात कालीदेहसमः ÷वयम।
वे°याम¯यगत वीर कदा प°यािम साUकम॥ I¯॥
7व वदित सा काली त÷मा(े°या वरा मता।
वे°या क¯या त¤ा पी57ाितHेदकुलñमात॥ I$॥
7कुलñमHेदेन Hा¯वा ¤ािप कुमािरकाम।
कुमारl प¸7येj4¯या 7पा¯ते Hवने ि7ये॥ I×॥
प5े7ामसहस यः कालीदशनHाग Hवेत।
H4¯या कुमारl समप¸7य वै°याकुल समुjवाम॥
I¬॥
व÷7 हेमािदिH÷त|¯या य”ा¯÷त|7 प5ेि¯Uवे।
7ैल|4य िव7यी H¸याि†वा ¤¯57काशकः॥ I$॥
य0†¬ कुमाय— तु तदन¯त7ल Hवेत।
कुमारीप¸7न7ल मया व4तु न श4यते॥ Iu॥
¤ा¯¤¯या†

िरत िकि¯¤¯कमयतामयम§िलः।
7का ¤े¯प¸ि7ता 4ाला ि(तीया प¸ि7ता Hवेत॥ II॥
कुमायः श4तयãैव सवमेत¤रा¤रम।
शि4तमानीय तjगा7े ¯यास7ाल 7िव¯यसेत॥
I"॥
वामHागे ¤ स÷¤ा¯य 7पे7ामसहसकम।
सविस¿ी"र| H¸या7ा7 का¯यl िव¤ारणा॥ "¤॥
°मशान÷¤| Hवे¯÷व÷¤| गिलत ि¤कुर ¤रेत।
िदगम4रः सहस ¤ स¸यपु¯प समानयेत॥ "+॥
÷ववीयेण ¯लुत कृ¯वा 7¯येक 77पन ह

नेत।
प¸7य ¯या¯वा महाH4¯या कमापाल| नरः प5ेत॥
"¯॥
नख केश ÷ववीय ¤ य0¯सममा7नीगतम।
मु4तकेश| िदशावास| म¸लम¯7पुरःसरः॥ "$॥
कु7वारे म¯यरा7े ह|म कृ¯वा °मशानके।
प5े7ामसहस यः पृºवीशाक1क| Hवेत॥ "×॥
पु¯पयु4ते Hगे देिव सय|गान¯दत¯परः।
पुनिãकुरमासा0 म¸लम¯7 7पन िशवे॥ "¬॥
ि¤तावµl म¯यरा7े वीयमु¯साय य”तः।
कािलकl प¸7ये¬7 प5े7ाम सहसकम॥ "$॥
पृºवीशाक1ण कुयl7ा7 कायl िव¤ारणा।
कदली वनमासा0 लकम¯7 7पे7रः॥ "u॥
मUुम¯या ÷वय दे¯या से¯यमानः ÷मर|पमः।
शीमUुमती¯यु4¯वा त¤ा ÷¤ावर7)मान॥ "I॥
×कि1णl समु¯¤ाय 55 ÷वाहा समु¯¤रेत।
7ैल|4याकि1णी िव0ा त÷य ह÷ते सदा Hवेत॥
""॥
नदl पुरl ¤ र”ािन हेम÷7ीशैलH¸'हान।
×क1य¯यम4ुिनिU सुमे' ¤ िदग¯ततः॥ +¤¤॥
7ल+यािन ¤ व÷त¸िन द
¸
राj
¸
िमतलादिप।
वृ¬ा¯त ¤ सुर÷¤ाना5ह÷ये िवद

1ामिप॥ +¤+॥
राHl ¤ क¤य¯ये1ा स¯य स¯वरमािदशेत।
ि(तीयव1पा5ेन Hवे¯प7ावती शुHा॥ +¤¯॥
• 7lप7ावित पद तत÷7ैल|4यनाम ¤।
वातl ¤ क¤य (¯( ÷वाहा¯त| म¯7 •िरतः॥
+¤$॥
4ñिव¯°वािदकानl ¤ 7ैल|4ये याद

शी Hवेत।
सव वदित देवेशी ि7कालHः किव°शुHः॥ +¤×॥
ि7व1 समप5¯देिव लHेj|गवतl कलाम।
महाकालेन द

7|8िप ि¤ताम¯यगत|8िप वा॥ +¤¬॥
त÷या दशनमा7ेण ि¤र§ीवी नर| Hवेत।
मृतस§ीिवनी¯यु4¯वा मृतमु¯¤ापय (यम॥ +¤$॥
÷वाहा¯त| मनुरा^यात| मृतस§ीवना¯मकः।
¤तुव1 प5े0÷तु ÷व™िसि¿÷तत| Hवेत॥ +¤u॥
• 7l ÷व™वारािह कािल÷व™े क¤य|¯¤रेत।
7मुक÷या8मुक देिह 4लl ÷वाहा¯त| मनुमतः॥
+¤I॥
÷व™िस¿ा ¤तुव1l¬÷य ÷व™े सदा ि÷¤ता।
¤तुव1÷य पा5ेन ¤तुवेदािUप| Hवेत॥ +¤"॥
त¿÷त7लसय|गा¯म¸खः का¯य कर|ित ¤।
त÷य वा4यपिर¤या¯म¸ितिव¯दित का¯यताम॥
++¤॥
म÷तके तु कर कृ¯वा वद वाणीिमित 4ुवन।
साUक| वा¯Uया कुयl¬¬¤ैव Hिव¯यित॥ +++॥
4ñा°7ग|लके याã याः कािã77गतीतले।
सम÷ताः िस¿य| देिव करामलकव¯सदा॥ ++¯॥
साUक÷मृितमा7ेण याव¯¯यः सि¯त िस¿यः।
÷वयमायाि¯त पुरत| 7पादीनl तु का क¤ा॥
++$॥
िवदेशवितन| H¸¯वा वत¯ते ¤ेõका 5व।
7मायl ¤¯5स¯दशã¯57हणमेव ¤॥ ++×॥
77मयl प¸ण¤¯5¯व ¤¯5स¸यl7क त¤ा।
77िदकु त¤ा7l ¤ कर|¯येव महे"िर॥ ++¬॥
7िणमा खे¤र¯व ¤ ¤रा¤रपुरीगतम।
पाद

काख)वेतालयिकणीगु€कादयः॥ ++$॥
ितलक|गु¯तताद

°य ¤रा¤रक¤ानकम।
मृतस§ीिवनीिसि¿गुिõका ¤ रसायनम॥ ++u॥
377ीनिसि¿देवेिश 1ि7िस¿ी"र¯वकम।
त÷य ह÷ते वसे†ेिव ना7 कायl िव¤ारणा॥ ++I॥
केतl वा द

¯द

Hl व÷7े िवताने वे7नेगृहे।
िH¬l ¤ 7लके देिव ले^य प¸7य ¤ य”तः॥
++"॥
म¯ये ¤ñ दशा)|4त पिरत| नामलेखनम।
त¿ारणा¯महेशािन 7ैल|4यिव7यी Hवेत॥ +¯¤॥
7क| िह शतसाहस िनि7¯य ¤ रणा)णे।
पुनरायाित ¤ सुख ÷वगृह 7ित पावती॥ +¯+॥
7क| िह शतस¯दश• ल|कानl Hवित ‘ुवम।
कलश ÷¤ा¯य य”ेन नामसाहसक प5ेत॥ +¯¯॥
सेकः कायl महेशािन सवlपि¬िनवारणे।
H¸त7ेत7हादीनl राकसl 4ñराकसाम॥ +¯$॥
वेतालानl Hैरवाणl ÷क¯दवैनायकािदकान।
नाशयेत कणमा7ेण ना7 कायl िव¤ारणा॥ +¯×॥
H÷मिHमि¯7त कृ¯वा 7ह7÷त िवलेपयेत।
H÷मसकेपणादेव सव7हिवनाशनम॥ +¯¬॥
नवनीत ¤ािHम¯œय ÷7ी+य| द0ा¯महे"िर।
व¯¯या पु77दl देिव ना7 कायl िव¤ारणा॥ +¯$॥
क°5े वा वाम4ाहl वा य|नl वा Uारणाि¯Uवे।
4ह

पु7वती नारी सुHगा 7ायते ‘ुवम॥ +¯u॥
पु'1| दिकणा)े तु Uारये¯सविस¿ये।
4लवा¯कीितमान U¯य|Uािमकः साUकः कृती॥
+¯I॥
4ह

पु7ी र¤ानl ¤ ग7ानामिUपः सुUीः।
कािमनीक1ण|0ु4तः ñl ¤ दिकणकािलके॥
+¯"॥
ñl ÷वाहा 77पे¯म¯7मयुत नामपा5कः।
×क1ण ¤रे†ेिव 7लखे¤रH¸गतान॥ +$¤॥
वशीकरणकाम| िह ह
¸

¸
7l 7l ¤ दिकणे।
कािलके प¸व4ी7ािन प¸वव¯77पन प5ेत॥ +$+॥
3वशीमिप वसये7ा7 कायl िव¤ारणा।
ñl ¤ दिकणकािलके ÷वाहा यु4त 7पे7रः॥
+$¯॥
प5े7ामसहस तु 7ैल|4य मारयेj‘ुवम।
सj4ताय 7दात¯या िव0ा रािH शुHे िदने॥ +$$॥
सि(नीताय शा¯ताय दा¯तायाितगुणाय ¤।
H4ताय 7ये7पु7ाय गु'Hि4तपराय ¤॥ +$×॥
वै¯णवाय 7शु¿ाय िशवा4िलरताय ¤।
वे°याप¸7नयु4ताय कुमारीप¸7काय ¤॥ +$¬॥


गlH4ताय रl5ाय महाकाल77ािपने।
7(ैतHावयु4ताय कालीHि4तपराय ¤॥ +$$॥
देय सहसनामा^य ÷वय का¯या 7कािशतम।
गु'दैवतम¯7ाणl महेश÷यािप पावित॥ +$u॥
7Hेदेन ÷मरे¯म¯7 स िशवः स गणािUपः।
य| म¯7 Hावये¯म¯7ी स िशव| ना7 सशयः॥
+$I॥
स शा4त| वै¯णव÷सlरः स 7व प¸णदीिकतः।
7य|¹याय न दात¯य िसि¿र|Uः 77ायते॥ +$"॥
वे°या÷7ीिन¯दकाया¤ सुरासिव¯7िन¯दके।
सुरामुख| मनु ÷मृ¯वा सुरा¤ायl Hिव¯यित॥ +פ॥
वा¹देवता Þ|रे ×सापरÞारे ¤ ह
¸
वदेत।
Þ|र÷पे महाÞ|रे मुखीHीमपद वदेत॥ +×+॥
Hी1°यमु¯य1¯Ÿय¯त हेतुवlमयुगे िशवे।
िशवविµयुगा÷7 ह
¸

¸
कव¤मनुHवेत॥ +ׯ॥
7त÷य ÷मरणादेव द

7ानl ¤ मुखे सुरा।
7वतीणl Hव†ेिव द

7ानl H5नािशनी॥ +×$॥
खलाय परत¯7ाय परिन¯दापराय ¤।
H7ाय द

7स¯वाय परवादरताय ¤॥ +××॥
िशवाH4ताय द

7ाय परदाररताय ¤।
न ÷त|7 दशये†ेिव िशवह¯याकर| Hवेत॥ +׬॥
कािलकान¯दह

दयः कािलकाHि4तमानसः।
कालीH4त| Hवे¯स|8य U¯य÷पः स 7व तु॥
+×$॥
कलl काली कलl काली कलl काली वर7दा।
कलl काली कलl काली कलl काली तु केवला॥
+×u॥
ि4¯वप7सहसािण करवीरािण वै त¤ा।
7ितनाžा प¸7येि¿ तेन काली वर7दा॥ +×I॥
कमलानl सहस तु 7ितनाžा समपयेत।
¤ñ समप¸7य देवेिश कािलकावरमा™ुयात॥ +×"॥
म¯7क|Hयुत| नैव कलश÷¤7लेन ¤।
नाžा 7से¤ये†ेिव सवक|Hिवनाशकृत॥ +¬¤॥
त¤ा दमनक देिव सहसमाहरेj वŠती।
सहसनाžा समप¸7य कालीवरमवा™ुयात॥ +¬+॥
¤ñ िविल^य देह÷¤ Uारये¯कािलकातनुः।
का¯यै िनवेिदत य0¬द श Hकयेि¯Uवे॥ +¬¯॥
िद¯यदेहUर| H¸¯वा कालीदेहे ि÷¤त| Hवेत।
नैवे0िन¯दकान द

7ान द

¯çवा नृ¯यि¯त Hैरवा॥
+¬$॥
य|िग¯यã महावीरा र4तपान|0ताः ि7ये।
मlसाि÷¤¤मण|0ु4ता Hकयि¯त न सशयः॥
+¬×॥
त÷मा7 िन¯दये†ेिव मनसा कमणा िगरा।
7¯य¤ा कु'ते य÷तु त÷य नाश| Hिव¯यित॥
+¬¬॥
ñमदीकायुतानl ¤ िसि¿Hवित ना¯य¤ा।
म¯7क|Hã वा H¸यात कीणायुवl Hवेj‘ुवम॥
+¬$॥
पु7हारी ि÷7य|हारी रा7यहारी Hवेj‘ुवम।
ñमदीकायुत| देिव ñमा5ा7यमवा™ुयात॥ +¬u॥
7कवार प5े†ेिव सवपापिवनाशनम।
ि(वार ¤ प5े0| िह वा¯Ul िव¯दित िन¯यशः॥
+¬I॥
ि7वार ¤ प5े0÷तु वागीशसमतl वŠ7ेत।
¤तुवlर प5े†ेिव ¤तुवणlिUप| Hवेत॥ +¬"॥
प¯¤वार प5े†ेिव प¯¤कामािUप| Hवेत।
17वार ¤ प5े†ेिव 17ै"यlिUप| Hवेत॥ +$¤॥
स¯तवार प5े¯स¯तकामनl ि¤ि¯तत लHेत।
वसुवार प5े†ेिव िदगीश| Hवित ‘ुवम॥ +$+॥
नववार प5े†ेिव नवना¤सम| Hवेत।
दशवार की¬ये0| दशाहः खे¤रे"रः॥ +$¯॥
िव शितवार कीतये0ः सव—"यमय| Hवेत।
प¯¤िव शितवारै÷तु सवि¤¯तािवनाशकः॥ +$$॥
प¯¤ाश(ारमाव¯य प¯¤H¸ते"र| Hवेत।
शतवार की¬ये0ः शताननसमानUीः॥ +$×॥
शतप¯¤कमाव¯य रा7रा7े"र| Hवेत।
सहसावतना†ेिव ल÷मीरावृणुते ÷वयम॥ +$¬॥
ि7सहस समाव¯य ि7ने7सद

श| Hवेत।
प¯¤ साहसमाव¯य कामक|िõ िवम|हनः॥ +$$॥
दशसाहसमाव¯य Hवे†शमुखे"रः।
प¯¤िव शितसाहसै ¤ ¤तुिव शितिसि¿Uृक॥
+$u॥
लकावतनमा7ेण ल÷मीपितसम| Hवेत।
लक7याव¬ना¬ु महादेव िव7े¯यित॥ +$I॥
लकप¯¤कमाव¯य कलाप¯¤कसयुतः।
दशलकाव¬ना¬ु दशिव0ाि¯त'¬मा॥ +$"॥
प¯¤िव शितलकै÷तु दशिव0े"र| Hवेत।
प¯¤ाश¯लकमावृ¯य महाकालसम| Hवेत॥ +u¤॥
क|िõमाव¬ये0÷तु कालl प°यित ¤कु1ा।
वरदान|0ु4तकरl महाकालसमि¯वताम॥ +u+॥
7¯यक प°यित िशवे त÷या देह| Hवेj‘ुवम।
शीिव0ाकािलकाताराि7शि4तिव7यी Hवेत॥
+u¯॥
िवUेिलिप ¤ सममा7य िकjर¯व िवसृ7य ¤।
महारा7यमवा™|ित ना7 कायl िव¤ारणा॥ +u$॥
ि7शि4तिव1ये देिवñमदीका 7कीितता।
ñमदीकायुत| देिव रा7ा Hवित िनिãतम॥ +u×॥
ñमदीकािवहीन÷य 7ल प¸विमहेिरतम।
ñमदीकायुत| देिव िशव 7व न ¤ापरः॥ +u¬॥
ñमदीकासमायु4तः का¯यु4तिसि¿Hा¹Hवेत।
ñमदीकािवहीन÷य िसि¿हािनः पदे पदे॥ +u$॥
7ह| 7¯मवतl म¯ये U¯यः ñमयुतः कलl।
त7ािप U¯य| देवेिश नामसाहसपा5कः॥ +uu॥
दशकालीिव0l देिव ÷त|7मेत¯सदा प5ेत।
िसि¿ िव¯दित देवेिश ना7 कायl िव¤ारणा॥
+uI॥
काकी काली महािव0ा कलl काली ¤ िसि¿दा।
कलl काली ¤ िस¿ा ¤ कलl काली वर7दा॥
+u"॥
कलl काली साUक÷य दशना¤ समु0ता।
कलl काली केवला ÷या7ा7 कायl िव¤ारणा॥
+I¤॥
ना¯यिव0ा ना¯यिव0ा ना¯यिव0ा कलl Hवेत।
कलl कालl िवहाया¤ यः किãि¯सि¿कामुकः॥
+I+॥
स तु शि4त िवना देिव रितसमH|गिम¯Uित।
कलl कालl िवना देिव यः किãि¯सि¿िम¯Uित॥
+I¯॥
स नीलसाUन ¯य4¯वा पिरHमित सवतः।
कलl काली िवहाया¤ यः किã¯म|किम¯Uित॥
+I$॥
गु'¯यान पिर¯य7य िसि¿िम¯Uित साUकः।
कलl काली िवहाया¤ यः किã5ा7यिम¯Uित॥
+I×॥
स H|7न पिर¯य7य िHकुवृि¬मHी¯सित।
स U¯यः स ¤ िवHानी स 7व सुरप¸ि7तः॥ +I¬॥
स दीिकतः सुखी साUुः स¯यवादी ि7तेि¯5यः।
स वेदव4ता ÷वा¯यायी ना7 कायl िव¤ारणा॥
+I$॥
िशव÷प गु' ¯या¯वा िशव÷प गु' ÷मरेत।
सदािशवः स 7व ÷याना7 कायl िव¤ारणा॥
+Iu॥
÷वि÷मन कालl तु समHा¯य प¸7ये77गदिम4काम।
7ैल|4यिव7यी H¸या7ा7 का¯यl िव¤ारणा॥
+II॥
ग|पनीय ग|पनीय ग|पनीय 7य”तः।
रह÷याितरह÷य ¤ रह÷याितरह÷यकम॥ +I"॥
°ल|का¿ पादमा7 वा पादादU ¤ तदUकम।
नामाU यः प5े†ेिव न व¯¯यिदवस ¯यसेत॥ +"¤॥
पु÷तक प¸7येj4¯या ¯विरत 7लिस¿ये।
न ¤ मारीHय त7 न ¤ाि¹नवlयुसमHवम॥ +"+॥
न H¸तािदHय त7 सव7 सुखमेUते।
कुjुमा8ल4तकेनैव र|¤ना8ग'य|गतः॥ +"¯॥
H¸7प7े िलखेत पु÷त सवकामा¤िस¿ये।
5ित सकेपतः 7|4त िकम¯य¯¶|तुिम¯Uिस॥
+"$॥
5ित गिदतमशे1 कािलकावण÷प ।
7प5ित यिद H4¯या सविस¿ी"रः ÷यात॥ +"×॥
7िHनवसुखकामः सविव0ािHराम|
Hवित सकलिसि¿Uः सववीरासमृि¿ः॥ +"¬॥
॥ 5ित शीमदािदना¤महाकालिवरि¤तायl
महाकालसिहतायl
कालकालीसवादे सु¯दरीशि4तदाना^य काली÷व÷प
मेUासा7ा7य7द सहसनाम÷त|7 समप¸णम॥