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गुजरात

कुछ खास लोगो के िलये पता नहीं कयो गुजरात एक हौवा बन गया है । अंगेजी संचार
माधयम तमाम अंगेजी पत पितकाये, अंगेजी टीवी चैनेल ऐसा पतीत होता है िक िकसी
गहरे दरुागह से गसत है । गुजरात की हर घटना को खुददबीन से जांचने की पििया ।
कुछ सचचे कुछ झूठे आरोपो को सनसनीखेज बनाना । sms से तथाकिथत जनमत संगह
दारा एक िविचत सा खाका खींचना मानो सापािहक सथायी सतमभ हो गये हो। जनमत
संगह कभी कभी बड़े िविचत उतर पसतुत करता है । उदाहरण के तौर पर सन ् 2001 मे
एक सवक
े ण िकया गया था िक “ आपके अनुसार बीसवीं सदी की सबसे महतवपूणद घटना
का नाम बताईये”। िजस घटना को बीसवीं सदी का सबसे अििक महतवपूणद घटना के
िलये सबसे अििक मत पाप हुए वह थी “डायना की मौत”। िदतीय िवशयुद को दस
ू रे
पायदान पर रखा गया। इससे जनसमूह के सामुिहक मानिसक दीवािलयेपन के साफ
संकेत िमलते है । सुिनयोिजत जनमत से मन चाहे पिरणाम भी पाप िकये जा सकते है ।
गुजरात इन िदनो दो कारणो से समचार मे है ।
1) Fake Counter case
2) महाराज सयाजीराव िवशिवदालय के पांगण मे पदिित
द िचत
1) Fake Encounters सरकार के पास एक अनुिचत लेिकन आवशयक हिथयार िवगत कई
दिको से रहा है । परीिसथितयां जैसे जैसे खराब होती रहीं है वैसे वैसे इस हिथयार का
पयोग बढा है । सबसे पहले वयापक रुप से बंगाल में सन् 1972 से 77 के दौरान
कौगेस के राजयकाल मे इस हिथयार का पयोग हुआ था। नकसलवाद से िनबटने के िलये
शी िसदाथद िंकर राय ने इसका उपयोग िकया। कालानतर मे अपरािियो से िनबटने के
िलये यह एक कारगर समािान के रप मे उभरा। उदाहरण सवरप भागलपुर आंख फोड़वा
कांड आिद।
िछटपुट state sponsored हतयाएं Fake Counters समाज मे सवीकृ ित पा चुके है । इन
िवषयो को िफलम व टे ली सीरीयलो मे उिचत व आवशयक ठहराया गया है । आज
िहनदस
ु तान िजस लचर कानूनी वयवसथा का ििकार है उसके अनतगत
द एक थोड़े से भी
पभाविाली अपरािी को सजा िदलाना अतयनत दर
ु ह कायद हो गया है । आज पकड़े जाते है
और कल छूट जाते है ।
इजराईल की नाई ZERO TOLERANCE ही इस िसथित से िनबटने के िलये एक कारगर
उपाय है । वनाद कंिार और उसके पशात का अज़हर मंसूर का काशमीर मे फैलाया हुआ
आतकंवाद हमेिा एक पीड़ा दायक नासूर की भांित हमारी नपुंसकता का दोतक रहे गा।
वंजारा ने कया िकया या कया नहीं यह investigation का िवषय है । िकनतु महज Fake
Encounters को ले इतना बवाल मचाना कहीं न कहीं िकसी खास मंिा को दिात
द ा है ।
भारत में हर वषद सैकड़ो की संखया मे FAKE ENCOUNTERS होते है । ग़ुजरात मे
इनकी संखया नगणय है । उतर पदे ि,िबहार जैसे राजयो मे आये िदन ऐसी घटनाये घटती
रहती है । िकसी समाचार पत वालो की नींद नहीं हराम नहीं होती।

3) महाराज सयाजीराव िवशिवदालय के पांगण मे पदिित


द िचत : इस पदििन
द ी मे
परीकाथद िहनद ु व िििशयिनिट की संवेदनाओं के ििलाफ कूछ िचत पदिित

िकये गये।
ईनमे दे वी दग
ु ाद नगन रप से को एक पुणद िवकिसत मानव को पसव करते हुए दिाय
द ा
गया है । कुछ ऐसी ही आपितजनक तसवीर यीिु की भी थी। हमारे संिविान मे इन
िवषयो पर िबलकुल साफ पाविान है । िािमक
द भावनओं को ठे स पहुंचाती हुई कृ ितयां
पितबिनित है व पिासन उन के िखलाफ कारवाई करने के िलये बाद है ।
जब डे िनि काटू द नो के िखलाफ भारत वषद मे रै िलयां िनकाली जा रहीं थीं तब यहां के
बुिदजीवी उन काटु द नो के िखलाफ उं चे सूर मे आवाज उठा रहे थे,एवं भावनाओं के
सतर पर चोट पहुंचाने के बहाने से डे िनि पिान मनती िक आििकािरक याता रद
करवा दी।
बंगाल मे तसलीमा नसरीन की पुसतक को पितबंिित िकया जाता है । satanic verses
को िबना पढ़े पितबंिित िकया जाना एक िविचत मानिसकता को दिात
द ा है ।तब
कलातमक सवतंतता की दहुाई नहीं दी जाती।
मेरा यह भी मानना है िक BJP के नेता जैन महोदय ने भी िबला वजह एक अदनी
सी पेिटग को महतवपूणद बना िदया। लेिकन जब पिासन सूयद नमशकार को सवासथय
से ना जोड़ िमद के साथ जोड़ कर दे खता है , जब वनदे मातरम गाने के िलये सवज
द िनक
रप से फतवे िदये जाते है , जब 15 अगसत को िहनदस
ु तान की सरजमीं पर ितरं गा
झणडा फरहाने के अपराि मे नेताओं की िगरफतारी की जाती है ,
तब अनायास ही majority समुदाय भी एक घायल मनःिसथित का ििकार हो जाता
है ।
हुसेन साहब िसफद हजरत मोहममद की एक तसवीर बना कर िदखा दे । उनकी जान
सांसत मे आ जायेगी। हांलािक इस मानिसकता को उदत
ृ करना कहीं से भी औिचतय
के दायरे मे नहीं आता है । िकनतु सरकारी दोहरे पन से भी परीिसथितयां िवषम हो
जाती है ।
अगर यही िचत पदििन
द ी की घटना भी दे ि के अनय िकसी राजय मे घटी होती तो
िायद इतना बड़ा समाचार नहीं बनती।
इन लोगो को गुजरात की औदौिगक िािनत नजर नहीं आती। आिथक
द पगित नहीं
िदखती। िदखती है िसफद कुछ fringe घटनाये।