P. 1
Shrimad Bhagwad Geeta-In Hindi

Shrimad Bhagwad Geeta-In Hindi

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Published by Rajesh Kumar Duggal
It is Shrimad Bhagwad Geeta. Here you find Sanskrit Shlokas along with their meaning in Hindi. It also contains Mahatamya of each chapter. Thanks.
Hariom.
It is Shrimad Bhagwad Geeta. Here you find Sanskrit Shlokas along with their meaning in Hindi. It also contains Mahatamya of each chapter. Thanks.
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Published by: Rajesh Kumar Duggal on Nov 07, 2008
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( अनुकम

)
- -
( अनुकम )
पूजय बाप ू क ा प ावन सनद ेश
हम धनवान ह|गे या नह|, यश1वी ह|गे या नह| , ¬ुनाव Hीतगे या नह| çसम श का हो
सकती ह प1नतु भया ! हम म1 गे या नह| çसम को( श का ह ? Íवमान 3sने का समय ÎनÍ°त
होता ह , बस ¬Hने का समय ÎनÍ°त होता ह , गाs| Uू òने का समय ÎनÍ°त होता ह प1नतु çस
Hीवन की गाs| के Uू òने का को( ÎनÍ°त समय ह ?
HH तक Hपने Hगत का Hो कु U Hाना ह , Hो कु U üाB Íकया ह .... HH के बाद Hो
Hानोगे H1 üाB क1ोगे, !या1े भया ! वह सब मत यु के 7क ह| $òके म Uू ò Hायेगा, Hाना
अनHाना हो Hायेगा, üाÎB अüाÎB म बदH Hायेगी1
अत सावधान हो HाH1 अनतमु¼ होक1 अपने अÍव¬H Hतमा को, ÎनH1वFप के
अगाध Hननद को, शा+त शाÎत को üाB क1 Hो1 Í91 तो Hप ह| अÍवनाशी Hतमा हो1
Hागो.... 3òो..... अपने भीत1 सोये ह

7 Îन°यबH को HगाH1 सवद े श, सवक ाH म सव|dम
HतमबH को अÍHत क1ो1 Hतमा म अ¤ाह साम°य ह 1 अपने को द|न-ह|न मान बòे तो Íव+
म 7सी को( सdा नह| Hो तुमहे 3प1 3òा सके 1 अपने Hतम1वFप म üÎतÍ8त हो गये तो
ͳHोकी म 7सी को( ह1ती नह| Hो तुमहे दबा सके 1
सदा 1म1Þ 1हे Íक çध1-3ध1 वÍ dय| के सा¤ तुमहा1| शÍñ भी Íब¼1ती 1हती ह 1 अत
वÍ dय| को बहकाH नह|1 तमाम वÍ dय| को 7कͳत क1के साधना-काH म Hतमάनतन म
HगाH H1 ¯यवहा1 काH म Hो काय क1ते हो 3सम HगाH1 दdάd होक1 ह1 को( काय
क1ो1 सदा शानत वÍ d धा1Þ क1ने का अ¹यास क1ो1 Íव¬ा1वनत H1 üसनन 1हो1 Hीवमा³ को
अपना 1वFप सम$ो1 सबसे 1नेह 1¼ो1 ÍदH को ¯यापक 1¼ो1 HतमÎन8ा म Hगे ह

7
महापु³¤| के सतसग त¤ा सतसाÍहतय से Hीवन की भÍñ H1 वेदानत से पुP त¤ा पु HÍकत
क1ो1
( अनुकम )
अनुकम
पूजय बापू का पावन स दे श1 शीमदभगवदगीता के Hानने यो¹य Íव¬ा11
शीमदभगवदगीता का माहातमय1 शीगीतामाहातमय का अनुस धान1
गीता म शीक *Þ भगवान के नाम| के अ¤1 अHुन के नाम| के अ¤1
शीमद भगवदगीता1 पहHे अºयाय का
माहातमय1
पहHा अºयायअHुन Íव¤ादयोग1
दसू 1े अºयाय का माहातमय1 दसू 1ा अºयाय साFय योग1
तीस1े अºयाय का माहातमय1 तीस1ा अºयाय कमय ोग1
¬|¤े अºयाय का माहातमय1 अºयाय ¬|¤ा 7ानकमस नयासयोग1
पा ¬व अºयाय का माहातमय1 पा ¬वा अºयाय कमस नयासयोग1
Uòे अºयाय का माहातमय1 Uòा अºयाय Hतमसयमयोग1
सातव अºयाय का माहातमय1 सातवा अºयाय 7ान Íव7ानयोग1
Hòव अºयाय का माहातमय1 Hòवा अºयाय अH1 ü(योग1
न|व अºयाय का माहातमय1 न|वा अºयाय 1ाHÍव²ा1ाHगु Hयोग1
दसव अºयाय का माहातमय1 दसवा अºयाय ÍवभूÎतयोग1
¹या1हव अºयाय का माहातमय1 ¹या1हवा अºयाय Íव+Fपदशन योग1
बा1हव अºयाय का माहातमय1 बा1हवा अºयाय भÍñयोग1
ते1हव अºयाय का माहातमय1 ते1हवा अºयाय Hे³H³7Íवभागयोग1
¬|दहव अºयाय का माहातमय1 ¬|दहवा अºयाय गुÞ³यÍवभागयोग1
प5हव अºयाय का माहातमय1 प5हवा अºयाय पु ³¤ोdमयोग1
सोHहव अºयाय का माहातमय1 सोHहवा अºयाय द वासु1सपͧभागयोग1
स³हव अºयाय का माहातमय1 स³हवा अºयाय श@ा³यÍवभागयोग1
अòा1हव अºयाय का माहातमय1 अòा1हवा अºयाय मोHसनयासयोग1
शीमद भगवदग ीता के Íव¤य म Hान ने यो¹य Íव¬ ा1
गीता म े ( दय पा ¤ गीता म े सा1म ुdमम1
गीता म े 7ानमतय ुT गीता म े 7ानम¯ययम1 1
गीता म े ¬ोdम 1 ¤ान गीता म े प1 म पदम1
गीता म े प1 म गुH गीता म े प1 मो गु³11
गीता मे1ा (दय ह 1 गीता मे1ा 3dम सा1 ह 1 गीता मे1ा अÎत 3T 7ान ह 1 गीता मे1ा
अÍवनाशी 7ान ह 1 गीता मे1ा श8े Îनवास1¤ान ह 1 गीता मे1ा प1म पद ह 1 गीता मे1ा प1म
1ह1य ह 1 गीता मे1ा प1म गु³ ह 1
भगवान शी क *Þ
गीता स ुगीता कत ¯या Íकम नय शाUÍव1त1 1
या 1वय पVनाभ1य मु¼पVाͧÎन स ता11
Hो अपने Hप शीÍव*Þु भगवान के मु¼कमH से ÎनकHी ह

( ह वह गीता अ¯U| त1ह
कÞò1¤ क1ना ¬ाÍह71 अनय शाU| के Íव1ता1 से 4या Hाभ?
महͤ ¯यास
गेय गीतानामसह P ºय ेय श ीपÎतFपमH Pम1
नेय सजHनस गे ά d देय द|नH नाय ¬ Íवdम11
गाने यो¹य गीता तो शी गीता का H1 शी Íव*ÞुसहPनाम का गान ह 1 ध1ने यो¹य तो
शी Íव*Þु भगवान का ºयान ह 1 άd तो सजHन| के सग Íप1ोने यो¹य ह H1 Íवd तो द|न-
दÍु ¼यो को दे ने यो¹य ह 1
शीमद H² श क1ा¬ाय
गीता म वेद| के तीन| काÞs 1पP Íकये गये ह अत वह मूÎतम ान वेदFप ह H1 3दा1ता
म तो वह वेद से भी अÎधक ह 1 अग1 को( दसू 1| को गीताT ¤ दे ता ह तो Hानो Íक 3सने Hोग|
के ÎH7 मोHसु¼ का सदाüत ¼ोHा ह 1 गीताFपी माता से मनु*यFपी ब¯¬े Íवयुñ होक1 भòक
1हे ह 1 अत 3नका ÎमHन क1ाना यह तो सव सजHन| का मुFय धम ह 1
सत 7ान े+1
'शीमद भगवदगीता' 3पÎन¤दFपी बगी¬| म से ¬ुने ह

7 HºयाÍतमक सतयFपी पु*प| से
गु ¤ा ह

H पु*पगु¯U ह 1 ( अनुकम )
1वामी Íवव ेकाननद
çस अदभुत Tन¤ के 18 Uोòे अºयाय| म çतना सा1ा सतय, çतना सा1ा 7ान H1 çतने
सा1े 3¯¬, गमभी1 H1 साÍïवक Íव¬ा1 भ1े ह

7 ह Íक वे मनु*य को Îनमन-से-Îनमन दशा म से
3òा क1 दे वता के 1¤ान प1 Íबòाने की शÍñ 1¼ते ह 1 वे पु³¤ त¤ा ÍUया बह

त भा¹यशाHी ह
ÍHनको çस ससा1 के अनधका1 से भ1े ह

7 स क1े माग| म üकाश दे ने वाHा यह Uोòा-सा HेÍकन
अ¼ूò तेH से भ1ा ह

H धमü द|प üाB ह

H ह 1
महामना मा Hवीय Hी
7क बा1 मने अपना अ Îतम समय नHद|क Hया ह

H महसूस Íकया तब गीता मे1े ÎH7
अतयनत H+ासनFप बनी ¤ी1 म Hब-Hब बह

त भा1| मुसीबत| से ÎÞ1 Hाता ह

तब-तब म
गीता माता के पास द|sक1 पह

¬ Hाता ह

H1 गीता माता म से मु$े समाधान न ÎमHा हो 7सा
कभी नह| ह

H ह 1
महातमा ग ाधी
Hीवन के सवाग ीÞ Íवकास के ÎH7 गीता T¤ अदभुत ह 1 Íव+ की 578 भा¤ाH म गीता
का अनुवाद हो ¬ु का ह 1 ह1 भा¤ा म क( άनतक|, Íव§ान| H1 भñ| ने मीमासा7 की ह H1
अभी भी हो 1ह| ह , होती 1ह गी1 4य|Íक çस Tन¤ म सब दे श|, HाÎतय|, प ¤| के तमाम मनु*य|
के क~याÞ की अH|Íकक सामTी भ1| ह

( ह 1 अत हम सबको गीता7ान म अवगाहन क1ना
¬ाÍह71 भोग, मोH, ÎनHप ता, Îनभय ता HÍद तमाम Íद¯य गु Þ| का Íवकास क1ने वाHा यह गीता
Tन¤ Íव+ म अͧÎतय ह 1
पूजयपाद 1वा मी शी HीHाशाहHी म हा1 ाH
üा¬ीन युग की सव 1मÞीय व1तुH म गीता से श8े को( व1तु नह| ह 1 गीता म 7सा
3dम H1 सव¯ यापी 7ान ह Íक 3सके 1¬Îयता दे वता को असFय व¤ हो गये Í91 भी 7सा
दसू 1ा 7क भी Tन¤ नह| ÎH¼ा गया ह 1
अमेÍ1कन म हातमा ¤|1ो
¤|1ो के Îश*य, अमेÍ1का के सुüÎस@ साÍहतयका1 7मसन को भी गीता के ÎH7, अदभुत
Hद1 ¤ा1 'सव भुते¤ु ¬ात मा न सव भूताÎन ¬ातमÎन ' यह शोक पõते समय वह ना¬ 3òता
¤ा1
बा(बH का मने य¤ा¤ अ¹यास Íकया ह 1 3सम Hो Íद¯य7ान ÎH¼ा ह वह के वH गीता
के 3@1Þ के Fप म ह 1 म (सा( होते ह

7 भी गीता के üÎत çतना सा1ा Hद1भाव çसÎH7
1¼ता ह

Íक ÍHन गूõ ü÷| का समाधान पा°ातय Hोग अभी तक नह| ¼ोH पाये ह , 3नका
समाधान गीता T ¤ ने शु@ H1 स1H 1|Îत से Íदया ह 1 3सम क( सू ³ अH|Íकक 3पदे श| से
भFपू1 Hगे çसीÎH7 गीता Hी मे1े ÎH7 साHात योगे+1| माता बन 1ह| ह 1 वह तो Íव+ के
तमाम धन से भी नह| ¼1|दा Hा सके 7सा भा1तव¤ का अमू~य ¼Hाना ह 1 ( अनुकम )
79.7¬.मोHेम (ç¹H नs )
भगवदगीता 7से Íद¯य 7ान से भ1पू1 ह Íक 3सके अमत पान से मनु*य के Hीवन म
साहस, Íहममत, समता, सहHता, 1नेह, शाÍनत H1 धम HÍद द वी गु Þ ÍवकÎसत हो 3òते ह , अधम
H1 शो¤Þ का मुकाबHा क1ने का साम°य H Hाता ह 1 अत üतयेक युवक-युवती को गीता के
शोक कÞò1¤ क1ने ¬ाÍह7 H1 3नके अ¤ म गोता Hगा क1 अपने Hीवन को तेH1वी बनाना
¬ाÍह71
पूजयपाद स त श ी Hसा1ामHी बाप ू
शी गÞ े शा य नम
( अनुकम )
शीमद भगवदगीता म ाहातमय
ध1ोवा ¬
भगव नप1म ेशान भ Íñ1¯ यÎभ¬ाÍ1Þी
üा1¯ध भुजयमान1य क¤ भवÎत ह े üभो11 111
शी प° वी दे वी ने पूUा
हे भगवन ! हे प1मे+1 ! हे üभो ! üा1¯धकम को भोगते ह

7 मनु*य को 7कÎन8 भÍñ
क से üाB हो सकती ह ?(1)
शीÍव*Þ ु³वा¬
üा1¯ ध भुजयमानो Íह गीता¹यास1त सदा1
स मुñ स स ु¼ी Hोके क म Þा न ोपÎH!यत े11 211
शी Íव*Þु भगवान बोHे
üा1¯ध को भोगता ह

H Hो मनु*य सदा शीगीता के अ¹यास म Hसñ हो वह| çस Hोक
म मुñ H1 सु ¼ी होता ह त¤ा कम म Hेपायमान नह| होता1(2)
महापापाÍदपापाÎन गीताºया न क1ोÎत ¬ ेत1
4वάत1प श न कुव Íनत नÎHनीदHम मबुवत1 1 311
ÍHस üका1 कमH के पdे को HH 1पश नह| क1ता 3सी üका1 Hो मनु*य शीगीता का
ºयान क1ता ह 3से महापापाÍद पाप कभी 1पश नह| क1ते1(3)
गीताया प ु1तक य³ पाò ü वत ते1
त³ सवा ÍÞ ती ¤ा Îन üयागाद |Îन त ³ व11 411
Hहा शीगीता की पु1तक होती ह H1 Hहा शीगीता का पाò होता ह वहा üयागाÍद सव
ती¤ Îनवास क1ते ह 1(4)
सव देवा° #¤यो य ोÎगन पननगा ° ये1
गोपाHबाHक *Þो s Íप ना 1दºुवपा¤ द11
सहाय ो Hायत े शीU य³ गी ता üवत ते11 511
Hहा शीगीता üवतम ान ह वहा सभी दे व|, #ͤय|, योÎगय|, नाग| H1 गोपाHबाH शीक *Þ
भी ना1द, ºु व HÍद सभी पा¤द | सÍहत H~द| ह| सहायक होते ह 1(5)
य³गीताÍव ¬ा1° पòन पाòन शु तम1
त³ाह ÎनÍ° त प Í°व Îनवसा Îम स दव Íह 11 611
Hहा शी गीता का Íव¬ा1, पòन, पाòन त¤ा शवÞ होता ह वहा हे प° वी ! म अव•य
Îनवास क1ता ह

1 (6)
गीताश ये€ह Îत8ाÎम ग ीता मे ¬ोdम ग हम1
गीता7ानम ुपाÎशतय ³ ी~HोकानपाHयामयह म1 1 711
म शीगीता के Hशय म 1हता ह

, शीगीता मे1ा 3dम Þ1 ह H1 शीगीता के 7ान का
Hशय क1के म तीन| Hोक| का पाHन क1ता ह

1(7)
गीता म े प1 मा Íव²ा ü(Fपा न स शय1
अध मा³ाH1ा Îनतया 1वÎन वा ¯यपदाÍतमका11 811
शीगीता अÎत अवÞन ीय पद|वाHी, अÍवनाशी, अधम ा³ा त¤ा अH11वFप, Îनतय, ü(FÍपÞी
H1 प1म श8े मे1| Íव²ा ह çसम सनदे ह नह| ह 1(8)
άदाननद ेन क*Þे न üोñा 1वम ु¼तो€H ु नम1
वेद³यी प1ाननदा तïवा ¤ 7ा नसयुता11 911
वह शीगीता άदाननद शीक *Þ ने अपने मु¼ से अHुन को कह| ह

( त¤ा तीन| वेद1वFप,
प1माननद1वFप त¤ा तïवFप पदा¤ के 7ान से युñ ह 1(9)
यो€Pाद शHपो Îनतय न1ो Îन°H मानस1
7ानÎस Í@ स H भते ततो याÎत प1 पदम1 1 1011
Hो मनु*य Í1¤1 मन वाHा होक1 Îनतय शी गीता के 18 अºयाय| का Hप-पाò क1ता ह
वह 7ान1¤ ÎसÍ@ को üाB होता ह H1 Í91 प1म पद को पाता ह 1(10)
पाòे €सम ¤ सपूÞ ततो€ ध पाòमा¬1 ेत1
तदा गोदानH पुÞय Hभत े ना³ स शय11 1111
सपूÞ पाò क1ने म असम¤ हो तो Hधा पाò क1े , तो भी गाय के दान से होने वाHे
पुÞय को üाB क1ता ह , çसम सनदे ह नह|1(11)
ͳभाग पò मान1त ु गगा1नान9H Hभ ेत1
¤s श Hपमान1त ु सोमयाग9 H Hभ ेत1 1 1211
तीस1े भाग का पाò क1े तो गगा1नान का 9H üाB क1ता ह H1 Uòव भाग का पाò
क1े तो सोमयाग का 9H पाता ह 1(12)
7काºयाय तु यो Îनतय पòत े भ Íñसयुत1
F5Hोकमवा!नोÎत गÞो भ ूतवा वस े ͯ¬1 म11 1311
Hो मनु*य भÍñयुñ होक1 Îनतय 7क अºयाय का भी पाò क1ता ह , वह ³5Hोक को üाB
होता ह H1 वहा ÎशवHी का गÞ बनक1 ά1काH तक Îनवास क1ता ह 1(13) ( अनुकम )
अºयाय े शोकपाद वा Îनतय य पòत े न11
स याÎत न1ता यावनमनव नत1 वस ु नध1े11 1411
हे प° वी ! Hो मनु*य Îनतय 7क अºयाय 7क शोक अ¤वा शोक के 7क ¬1Þ का पाò
क1ता ह वह मनवत1 तक मनु*यता को üाB क1ता ह 1(14)
गीताया शोकद शक सB प ¬ ¬त ु Pयम1
§| ³ी नेक तद ध वा शोका ना य पòेनन111 1511
¬न 5Hोकमवा!नोÎत व¤ा Þामय ुत ºुवम1
गीतापाòसमाय ुñो म तो मान ु¤ता üH ेत1 11611
Hो मनु*य गीता के दस, सात, पा¬, ¬ा1, तीन, दो, 7क या Hधे शोक का पाò क1ता ह वह
अव•य दस हHा1 व¤ तक ¬न5Hोक को üाB होता ह 1 गीता के पाò म Hगे ह

7 मनु*य की
अग1 मत यु होती ह तो वह (पशु HÍद की अधम योÎनय| म न Hाक1) पुन मनु*य Hनम पाता
ह 1(15,16)
गीता¹यास पुन कतवा Hभते मु Íñमुdमाम1
गीतेतयु¯¬ा1स युñो Εय माÞो गÎत H भेत1 11711
(H1 वहा) गीता का पुन अ¹यास क1के 3dम मु Íñ को पाता ह 1 'गीता' 7से 3¯¬ा1 के
सा¤ Hो म1ता ह वह सदगÎत को पाता ह 1
गीता¤ शवÞासñो महापापय ुतो€Íप वा1
वकु Þò स मवा!न ोÎत Íव*Þ ुना सह मोदत े11 1811
गीता का अ¤ ततप1 सु नने म ततप1 बना ह

H मनु*य महापापी हो तो भी वह वकु Þò
को üाB होता ह H1 Íव*Þु के सा¤ Hननद क1ता ह 1(18)
गीता¤ ºयायत े Îनतय कतवा कमा ÍÞ भ ूÍ1श 1
Hीव नमुñ स Íव7 ेयो द ेहा ते प1 म पदम1 1 1911
अनेक कम क1के Îनतय शी गीता के अ¤ का Hो Íव¬ा1 क1ता ह 3से Hीवनमुñ Hानो1
मत यु के बाद वह प1म पद को पाता ह 1(19)
गीतामा Îशतय बहवो भ ूभुHो Hनकादय1
Îनधू तक~ म¤ा Hोके गीता यात ा प1 प दम1 1 2011
गीता का Hशय क1के Hनक HÍद क( 1ाHा पाप 1Íहत होक1 Hोक म यश1वी बने ह
H1 प1म पद को üाB ह

7 ह 1(20)
गीताया पòन कतवा मा हातमय नव य पò ेत1
व ¤ा पाòो भव ेd1य शम 7व H ुदा(त11 2111
शीगीता का पाò क1के Hो माहातमय का पाò नह| क1ता ह 3सका पाò Îन*9H होता ह
H1 7से पाò को शमFप कहा ह 1(21) ( अनुकम )
7तन माहातमयस युñ गीता¹यास क1ोÎत य 1
स तत9 Hमवा!नोÎत द ु H भा ग Îतमा!न ुयात1 12211
çस माहातमयसÍहत शीगीता का Hो अ¹यास क1ता ह वह 3सका 9H पाता ह H1 दHु भ
गÎत को üाB होता ह 1(22)
सूत 3 वा¬
माहातमयम ेतद गीताया मया üोñ सनातनम1
गीतानत े पòे²1त ु यद ु ñ तत9 H Hभ ेत1 1 2311
सूत Hी बोHे
गीता का यह सनातन माहातमय मने कहा1 गीता पाò के अनत म Hो çसका पाò क1ता
ह वह 3पयुñ 9H üाB क1ता ह 1(23)
çÎत श ीवा 1ाहप ु1ाÞे शीमद गीतामाहातमय सपूÞ म1
çÎत श ीवा 1ाहप ु1ाÞ म शीमद गी ता मा हातमय सपूÞ 11
‚‚‚‚‚‚‚‚‚ ‚‚‚‚‚‚‚
( अनुकम )
शी गीतामाहा तमय का अ नुसधान
श| नक 3वा¬
गीताया° व माहातमय य¤ावतस ूत म े वद1
पु1ाÞम ुÎनना üोñ ¯यास ेन शु ÎतनोÍदत म1 1 111
श|नक #ͤ बोHे हे सूत Hी ! अÎत पूवक ाH के मुÎन शी ¯यासHी के §ा1ा कहा ह

H
त¤ा शÎु तय| म वÍÞत शीगीताHी का माहातमय मु$े भHी üका1 कÍह71(1)
सूत 3 वा¬
प P व भ वता यdनमहद गो!य पु1ातनम1
न केन श 4यते वñु गी तामाहातमयम ुdमम1 1 211
सूत Hी बोHे Hपने Hो पु1ातन H1 3dम गीतामाहातमय पूUा, वह अÎतशय गुB ह 1
अत वह कहने के ÎH7 को( सम¤ नह| ह 1(2)
क*Þो HानाÎत व समयक 4व άतक| नतेय 7व ¬ 1
¯यासो वा ¯यासप ु³ो वा या7व~4यो€¤ म Τ H11 311
गीता माहातमय को शीक *Þ ह| भHी üका1 Hानते ह , कु U अHुन Hानते ह त¤ा ¯यास,
शुकदे व, या7व~4य H1 Hनक HÍद ¤ोsा-बह

त Hानते ह 1(3)
अनये श वÞत श तवा Hोक े सकीत यÍनत ¬ 1
त1मा Íतकά §दामय² ¯यास1या1 यानमया श ु तम1 1 411
दसू 1े Hोग कÞ|पकÞ सु नक1 Hोक म वÞन क1ते ह 1 अत शी¯यासHी के मु¼ से मने
Hो कु U सुना ह वह HH कहता ह

1(4)
गीता स ुगीता कत ¯या Íक मनय शाUस Tह1
या 1वय पVनाभ1य मु¼पVाͧÎन स ता11 511
Hो अपने Hप शीÍव*Þु भगवान के मु¼कमH से ÎनकHी ह

( ह गीता अ¯U| त1ह
कÞò1¤ क1ना ¬ाÍह71 अनय शाU| के स Tह से 4या Hाभ?(5)
य1मा@म मयी गीता सव 7ानüयोÍHका1
सव शाUमयी गीता त1 माद गीता Íव Îश*यत े11 611
गीता धमम य, सव7 ान की üयोHक त¤ा सव शाUमय ह , अत गीता श8े ह 1(6)
ससा1साग1 Þो1 ततु Îम¯ UÎत यो Hन1
गीतानाव समाFH पा1 यात ु सु¼ेन स11 711
Hो मनु*य Þो1 स सा1-साग1 को त1ना ¬ाहता ह 3से गीताFपी न|का प1 ¬õक1
सु¼पूवक पा1 होना ¬ाÍह71(7)
गीताशाUÎम द पुÞय य पò ेत üयत प ुमान1
Íव*Þो पद मवा!न ोÎत भयशोकाÍदव ÍH त11 811
Hो पु³¤ çस पÍव³ गीताशाU को सावधान होक1 पõता ह वह भय, शोक HÍद से 1Íहत
होक1 शीÍव*Þुपद को üाB होता ह 1(8)
गीता7ान शु त नव सद वा¹य ासयोगत 1
मोHÎम ¯UÎत म ूƒातमा याÎत बाHक हा1यताम1 1911
ÍHसने सद व अ¹यासयोग से गीता का 7ान सु ना नह| ह Í91 भी Hो मोH की ç¯Uा
क1ता ह वह मू ƒातमा, बाHक की त1ह ह सी का पा³ होता ह 1(9)
ये श ÞवÍनत पò नतयेव गीता शाUमहÎन शम1
न ते व म ानु¤ा 7ेया देवा 7व न स शय11 1011
Hो 1ात-Íदन गीताशाU पõते ह अ¤वा çसका पाò क1ते ह या सु नते ह 3नह मनु*य नह|
अÍपतु Îनसनदे ह दे व ह| Hान1(10)
मHÎनम| ¬न पु सा H H1ना न Íद ने Íद ने1
सकद गी तामभÎस 1ना न ससा1म Hनाशनम1 1 1111
ह1 1ोH HH से Íकया ह

H 1नान मनु*य| का म H द1ू क1ता ह Íकनतु गीताFपी HH म
7क बा1 Íकया ह

H 1नान भी स सा1Fपी म H का नाश क1ता ह 1(11) ( अनुकम )
गीताशाU1य HानाÎत पòन नव पाòनम1
प11मा नन शु त 7ान श@ा न भावना11 1211
स 7व मान ु¤े Hोके पु³¤ो Íव „व1ाहक1
य1माद गीत ा न Hान ाÎत न ाधम1ततप1ो Hन11 1311
Hो मनु*य 1वय गीता शाU का पòन-पाòन नह| Hानता ह , ÍHसने अनय Hोग| से वह
नह| सु ना ह , 1वय को 3सका 7ान नह| ह , ÍHसको 3स प1 श@ा नह| ह , भावना भी नह| ह , वह
मनु*य Hोक म भòकते ह

7 शू क1 H सा ह| ह 1 3ससे अÎधक नी¬ दसू 1ा को( मनु*य नह| ह ,
4य|Íक वह गीता को नह| Hानता ह 1
Îधक त1य 7ानमा¬ा1 üत ¬ेPा तपो यश 1
गीता ¤ पòन ना Í1त न ाधम1ततप1ो Hन11 1411
Hो गीता के अ¤ का पòन नह| क1ता 3सके 7ान को, H¬ा1 को, üत को, ¬ेPा को, तप
को H1 यश को Îध4का1 ह 1 3ससे अधम H1 को( मनु*य नह| ह 1(14)
गीतागीत न यज7 ान तͧ@यास ु1स7कम1
तन मोÞ धम 1Íह त वेदवेदानतग Íह तम1 11511
Hो 7ान गीता म नह| गाया गया ह वह वेद H1 वेदानत म ÎनÍनदत होने के का1Þ 3से
Îन*9H, धम1 Íहत H1 Hसु1| Hान1
यो€ धीते सतत गीत ा Íदवा1ा³| य¤ा¤ त1
1वपन ग¯U नवदÍ1त 8…Uा+त मो Hमा!न ु यात1 1 1611
Hो मनु*य 1ात-Íदन, सोते, ¬Hते, बोHते H1 ¼sे 1हते ह

7 गीता का य¤ा¤त सतत
अºययन क1ता ह वह सनातन मोH को üाB होता ह 1(16)
योÎग1 ¤ाने Îस@पीò े ÎशPाT े स तसभास ु ¬ 1
य7े ¬ Íव*Þ ुभñाT े पò नयाÎत प1ा ग Îतम1 11711
योÎगय| के 1¤ान म, Îस@| के 1¤ान म, श8े पु³¤| के Hगे, स तसभा म, य71¤ान म H1
Íव*Þुभñ|के Hगे गीता का पाò क1ने वाHा मनु*य प1म गÎत को üाB होता ह 1(17)
गीतापाò ¬ श वÞ य क1ोÎत Íदने Íदने1
कतवो वा ÍHमे धा² ा कता1त ेन सदÍHÞा11 1811
Hो गीता का पाò H1 शवÞ ह1 1ोH क1ता ह 3सने दÍHÞा के सा¤ अ+मेध HÍद य7
Íकये 7सा माना Hाता ह 1(18)
गीता€ धीता ¬ येनाÍप भ Íñभावे न ¬ेतसा1
तेन व ेदा° शाUाÍÞ प ु1ाÞाÎन ¬ सव श11 1911
ÍHसने भÍñभाव से 7काT, άd से गीता का अºययन Íकया ह 3सने सव वेद|, शाU|
त¤ा पु1ाÞ| का अ¹यास Íकया ह 7सा माना Hाता ह 1(19) ( अनुकम )
य श Þो Îत ¬ गीता ¤ कीत ये ¯¬ 1वय पुमान1
शावये¯¬ प1ा¤ व स üयाÎत प1 प दम1 1 2011
Hो मनु*य 1वय गीता का अ¤ सुनता ह , गाता ह H1 प1ोपका1 हे तु सुनाता ह वह प1म
पद को üाB होता ह 1(20)
नोपसप Íनत त³व य³ गीता ¬ न ग हे1
ताप³यो†वा पीsा न व ¯या Îधभय त¤ा11 2111
ÍHस Þ1 म गीता का पू Hन होता ह वहा (HºयाÍतमक, HÎधद Íवक H1 HÎधभ|Îतक)
तीन ताप से 3तपनन होने वाHी पीsा त¤ा ¯याÎधय| का भय नह| Hता ह 1 (21)
न शापो न व पाप ¬ द ु ग Îतन ¬ Íक ¬न1
देहे€1य ¤s ेते व न बाधनत े क दा¬न11 2211
3सको शाप या पाप नह| Hगता, H1ा भी दगु Î त नह| होती H1 U श³ु (काम, कोध, Hोभ,
मोह, मद H1 मतस1) दे ह म पीsा नह| क1ते1 (22)
भगवतप1म ेशा ने भÍñ1¯य Îभ¬ाÍ1Þी1
Hायत े सतत त ³ य³ गीता Îभननदनम1 12311
Hहा Îन1नत1 गीता का अÎभनदन होता ह वहा शी भगवान प1मे+1 म 7कÎन8 भÍñ
3तपनन होती ह 1 (23)
1नातो वा यÍद वा€1नात श ुά वा यÍद वा€ शुά 1
ÍवभूÎत Íव+Fप ¬ स 1म1न सव दा श ु ά 11 2411
1नान Íकया हो या न Íकया हो, पÍव³ हो या अपÍव³ हो Í91 भी Hो प1मातम-ÍवभूÎत का
H1 Íव+Fप का 1म1Þ क1ता ह वह सदा पÍव³ ह 1 (24)
सव ³ üÎत भोñा ¬ üÎतTाह| ¬ स व श1
गीतापाò ü कुवा Þो न ÎH! येत कदा ¬न11 2511
सब Hगह भोHन क1ने वाHा H1 सव üका1 का दान Hेने वाHा भी अग1 गीता पाò
क1ता हो तो कभी Hेपायमान नह| होता1 (25)
य1य ानत क1Þ Îनतय गीताया 1मत े सदा1
सवा ͹नक स दाHापी Íकयावानस ¬ पÍÞs त11 2611
ÍHसका άd सदा गीता म ह| 1मÞ क1ता ह वह स पूÞ अ͹नहो³ी, सदा Hप क1नेवाHा,
Íकयावान त¤ा पÍÞsत ह 1 (26)
दश नी य स धनवानस योगी 7ानवा नÍप1
स 7व याÍ7को ºया नी सव वेदा¤ दश क11 2711
वह दशन क1ने यो¹य, धनवान, योगी, 7ानी, याÍ7क, ºयानी त¤ा सव वेद के अ¤ को
Hानने वाHा ह 1 (27) ( अनुकम )
गीताया प ु1त क य³ Îनतय पाòे ü वत ते1
त³ स वा ÍÞ ती¤ा Îन üयागाद|Îन भ ूतHे11 2811
Hहा गीता की पु1तक का Îनतय पाò होता 1हता ह वहा प° वी प1 के üयागाÍद सव ती¤
Îनवास क1ते ह 1 (28)
Îनवस Íनत स दा ग ेहे देहेदेशे सद व Íह1
सव देवा° #¤यो य ोÎगन पननगा ° ये11 2911
3स Þ1 म H1 दे हFपी दे श म सभी दे व|, #ͤय|, योÎगय| H1 सप| का सदा Îनवास
होता ह 1(29)
गीता ग गा ¬ गाय³ी सीता सतया स11व ती1
ü(Íव²ा ü(व~ Hी ͳस ºया मुñगेÍहनी11 3011
अध मा³ा ά दाननदा भव ‡नी भयनाÎशनी1
वेद³यी प1ा€नन ता तïवा ¤ 7ानम H1|11 3111
çत येताÎन Hप ेÍननतय न1ो Îन °Hमानस 1
7ानÎसÍ@ H भे¯U|U त¤ानत े प1 म पदम1 1 3211
गीता, गगा, गाय³ी, सीता, सतया, स11वती, ü(Íव²ा, ü(व~Hी, ͳसºया, मुñगेÍहनी, अधम ा³ा,
άदाननदा, भव‡नी, भयनाÎशनी, वेद³यी, प1ा, अननता H1 तïवा¤7 ानमH1| (तïवFपी अ¤ के
7ान का भ sा1) çस üका1 (गीता के ) अòा1ह नाम| का Í1¤1 मन से Hो मनु*य Îनतय Hप
क1ता ह वह शीU 7ानÎसÍ@ H1 अत म प1म पद को üाB होता ह 1 (30,31,32)
य²तकम ¬ सव ³ गीतापाò क1ो Îत व 1
तdतक म ¬ Îनद|¤ कतवा प ूÞ मवा! नुयात1 1 3311
मनु*य Hो-Hो कम क1े 3सम अग1 गीतापाò ¬ाHू 1¼ता ह तो वह सब कम Îनद|¤ता
से सपूÞ क1के 3सका 9H üाB क1ता ह 1 (33)
Íपत नुˆ •य य शा@ े गीतापाò क1ोÎत व 1
सतुPा Íपत11त1य Îन1य ा²ाÍनत स दगÎतम1 13411
Hो मनु*य शा@ म Íपत1| को H‰य क1के गीता का पाò क1ता ह 3सके Íपत सनतुP
होते ह H1 नक से सदगÎत पाते ह 1 (34)
गीतापाò ेन स तुPा Íपत1 शा@तÍप ता1
Íपत Hोक üयानतय ेव प ु ³ाशीवा दततप1ा11 3511
गीतापाò से üसनन बने ह

7 त¤ा शा@ से तB Íकये ह

7 Íपतग Þ पु³ को Hशीवाद दे ने
के ÎH7 ततप1 होक1 ÍपतH ोक म Hाते ह 1 (35) ( अनुकम )
ÎHͼतवा धा1य ेतक Þòे बाह

दÞsे ¬ म1तके1
न•यनतय ुप5वा सव Íव‡नFपा° दाFÞा11 3611
Hो मनु*य गीता को ÎH¼क1 गHे म, हा¤ म या म1तक प1 धा1Þ क1ता ह 3सके सव
Íव‡नFप दाFÞ 3प5व| का नाश होता ह 1 (36)
देह मान ु¤माÎश तय ¬ातुव Þय तु भा1त े1
न श Þो Îत पòतय ेव ताम म त1वFÍपÞीम1 13711
ह1ताï याñवा€म त üाB कPात‰व ेs सम ÷ुते
पीतवा गीताम त Hोके H ¯ºवा मोH सु¼ी भव ेत1 1 3811
भ1त¼Þs म ¬ा1 वÞ| म मनु*य दे ह üाB क1के भी Hो अमत 1वFप गीता नह| पõता ह
या नह| सुनता ह वह हा¤ म Hया ह

H अमत Uोsक1 कP से Íव¤ ¼ाता ह 1 Íकनतु Hो मनु*य
गीता सुनता ह , पõता तो वह çस Hोक म गीताFपी अमत का पान क1के मोH üाB क1 सु¼ी
होता ह 1 (37, 38)
Hन ससा1द ु ¼ात Šग‹ता7ान ¬ य श ु तम1
सüाBमम त त ° गता1त े सदन ह1 े11 3911
ससा1 के दु ¼| से पीÍsत ÍHन मनु*य| ने गीता का 7ान सुना ह 3नह|ने अमत üाB
Íकया ह H1 वे शी हÍ1 के धाम को üाB हो ¬ु के ह 1 (39)
गीतामा Îशतय बहवो भ ूभुHो Hनकादय1
Îनधू तक~ म¤ा Hोके गता1त े प1म पद म1 1 4011
çस Hोक म HनकाÍद की त1ह क( 1ाHा गीता का Hशय Hेक1 पाप1Íहत होक1 प1म
पद को üाB ह

7 ह 1 (40)
गीतास ु न Íव शे¤ो€Í1त Hने¤ू¯¬ाव¬ े¤ु ¬ 1
7ाने*वेव समT े¤ु समा ü(1 वFÍपÞी11 4111
गीता म 3¯¬ H1 नी¬ मनु*य Íव¤यक भेद ह| नह| ह , 4य|Íक गीता ü(1वFप ह अत
3सका 7ान सबके ÎH7 समान ह 1 (41)
य श ु तवा न व गीता¤ मो दते प1माद1ात1
नवा! नोÎत 9 H Hोके üमादा¯ ¬ व ¤ा श मम1 1 4211
गीता के अ¤ को प1म Hद1 से सुनक1 Hो Hननदवान नह| होता वह मनु*य üमाद के
का1Þ çस Hोक म 9H नह| üाB क1ता ह Íकनतु ¯य¤ शम ह| üाB क1ता ह 1 (42)
गीताया पòन कतवा मा हातमय नव य पò ेत1
व ¤ा पाò9H त1य श म 7व ह| क ेवH म1 1 4311
गीता का पाò क1े Hो माहातमय का पाò नह| क1ता ह 3सके पाò का 9H ¯य¤ होता ह
H1 पाò के वH शमFप ह| 1ह Hाता ह 1 ( अनुकम )
7तनमाहातमयस युñ गीतापाò क1ोÎत य1
श@या य श Þोतय ेव द ु H भा ग Îतमा! नुयात1 14411
çस माहातमय के सा¤ Hो गीता पाò क1ता ह त¤ा Hो श@ा से सुनता ह वह दHु भ गÎत
को üाB होता ह 1(44)
माहातमयम ेतद गीताया मया üोñ सनातनम1
गीता नते ¬ पò े²1त ु यद ु ñ तत9 H Hभ ेत1 1 4511
गीता का सनातन माहातमय मने कहा ह 1 गीता पाò के अनत म Hो çसका पाò क1ता ह
वह 3पयुñ 9H को üाB होता ह 1 (45) ( अनुकम )
çÎत शीवा1ाहपु1ाÞो@त शीमदगीतामाहातमयानुसधान समाBम1
çÎत शीवा1ाहपु1ाÞानतगत शीमदगीतामाहातमयानुसधान समाB1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
गी ता म शीक*Þ भगवान क े नाम| के अ¤
अननतFप ÍHनके अननत Fप ह वह1 अ¯युत ÍHनका कभी Hय नह| होता, कभी
अधोगÎत नह| होती वह1 अÍ1सूदन üयŒ के Íबना ह| श³ु का नाश क1ने वाHे1 क*Þ 'क¤ '
सdावा¬क ह 1 'Þ' Hननदवा¬क ह 1 çन दोन| के 7कतव का सू ¬क प1ü( भी क *Þ कहHाता ह 1
केशव क माने ü( को H1 (श • Îशव को वश म 1¼ने वाHे1 केÎश Îन¤ूदन Þोsे का
Hका1 वाHे के Îश नामक द तय का नाश क1ने वाHे1 कमHप³ाH कमH के पdे Hसी सु नद1
ÍवशाH H¼| वाHे1 गोÍव नद गो माने वेदानत वा4य| के §ा1ा Hो Hाने Hा सकते ह 1
Hगतप Îत Hगत के पÎत1 HगÍननवास ÍHनम Hगत का Îनवास ह अ¤वा Hो Hगत म
सव³ बसे ह

7 ह 1 Hनाद न दPु Hन| को, भñ| के श³ु H को पीÍsत क1ने वाHे1 देवदेव
दे वताH के पूजय1 देवव1 दे वताH म श8े 1 पु³¤ोdम H1 H1 अH1 दोन| पु³¤| से 3dम
अ¤वा श1|1Fपी पु1| म 1हने वाHे पु³¤| यानी Hीव| से Hो अÎत 3dम, प1े H1 ÍवHHÞ ह वह1
भगवान 7+य, धम, यश, H‰मी, व1ा¹य H1 मोH... ये U पदा¤ दे ने वाHे अ¤वा सव भू त| की
3तपÍd, üHय, Hनम, म1Þ त¤ा Íव²ा H1 अÍव²ा को Hानने वाHे1 भूतभावन सवभ ूत| को
3तपनन क1ने वाHे1 भूते श भू त| के (+1, पÎत1 मधुसूदन मधु नामक द तय को मा1ने वाHे1
महाबाह

ÎनTह H1 अनुTह क1ने म ÍHनके हा¤ सम¤ ह वह1 मा धव माया के , H‰मी के
पÎत1 यादव यदकु ु H म Hनमे ह

71 योग Íवdम योग Hानने वाH| म श8े 1 वासु देव वासुदे व
के पु³1 वा*Þ य वÍ *Þ के (श, 1वामी1 हÍ1 ससा1Fपी दु ¼ ह1ने वाHे1 ( अनुकम )
अHु न के नाम| के अ¤
अनÞ पाप1Íहत, Îन*पाप1 कÍपºवH ÍHसके ºवH प1 कÍप माने हनुमान Hी ह वह1
कु³शे 8 कु ³कु H म 3तपनन होने वाH| म श8े 1 कु³न नदन कु ³व श के 1ाHा के पु ³1
कु³üवी1 कु ³कु H म Hनमे ह

7 पु³¤| म Íवशे¤ तेH1वी1 क| नतेय कु ती का पु³1 गुsाकेश
Îन5ा को Hीतने वाHा, Îन5ा का 1वामी अ¤वा गुsाक माने Îशव ÍHसके 1वामी ह वह1 धनHय
Íद͹वHय म सव 1ाHाH को Hीतने वाHा1 धनु ध 1 धनु¤ को धा1Þ क1ने वाHा1 प1तप
प1म तप1वी अ¤वा श³ुH को बह

त तपाने वाHा1 पा ¤ प¤ ा माने कु ती का पु ³1 पु³¤¯या U
पु³¤| म ¯याU Hसा1 पु³¤ ¤ भ पु³¤| म #¤भ माने श8े 1 पाÞsव पाÞsु का पु³1 भ1त शे 8
भ1त के व शH| म श8े 1 भ1तसdम भ1तव Îशय| म श8े 1 भ1त ¤ भ भ1तवÎशय| म श8े 1
भा1त भा माने ü(Íव²ा म अÎत üेमवाHा अ¤वा भ1त का वशH1 महाबाह

बsे हा¤| वाHा1
स¯यसाάन बाय हा¤ से भी स1सनधान क1ने वाHा1 ( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚
शीमद भगवदगी ता
पहHे अºयाय का माहा तमय
शी पाव ती Hी न े क हा भगवन ! Hप सब तïव| के 7ाता ह 1 Hपकी क पा से मु$े
शीÍव*Þु-समबनधी नाना üका1 के धम सुनने को ÎमHे, Hो सम1त Hोक का 3@ा1 क1ने वाHे ह 1
दे वेश ! अब म गीता का माहातमय सु नना ¬ाहती ह

, ÍHसका शवÞ क1ने से शीहÍ1 की भÍñ
बõती ह 1
शी महाद े वHी बोH े ÍHनका शीÍवTह अHसी के 9ू H की भा Îत •याम वÞ का ह ,
पÍH1ाH गFs ह| ÍHनके वाहन ह , Hो अपनी मÍहमा से कभी ¯युत नह| होते त¤ा शे¤नाग की
शŽया प1 शयन क1ते ह , 3न भगवान महाÍव*Þु की हम 3पासना क1ते ह 1
7क समय की बात ह 1 मु 1 द तय के नाशक भगवान Íव*Þु शे¤नाग के 1मÞीय Hसन
प1 सु¼पूवक Íव1ाHमान ¤े1 3स समय सम1त Hोक| को Hननद दे ने वाHी भगवती H‰मी ने
Hद1पूवक ü÷ Íकया1
शीH‰ मीHी ने पूUा भगवन ! Hप समपूÞ Hगत का पाHन क1ते ह

7 भी अपने
7+य के üÎत 3दासीन से होक1 Hो çस Hी1साग1 म नीद Hे 1हे ह , çसका 4या का1Þ ह ?
शीभ गवान बोH े सुमु ͼ ! म नीद नह| Hेता ह

, अÍपतु तïव का अनुस1Þ क1ने वाHी
अनत• ÍP के §ा1ा अपने ह| माहे +1 तेH का साHातका1 क1 1हा ह

1 यह वह| तेH ह , ÍHसका
योगी पु³¤ कु शाT बुÍ@ के §ा1ा अपने अनतक1Þ म दशन क1ते ह त¤ा ÍHसे मीमासक Íव§ान
वेद| का सा1-तïव ÎनÍ•¬त क1ते ह 1 वह माहे +1 तेH 7क, अH1, üकाश1वFप, HतमFप, 1ोग-
शोक से 1Íहत, अ¼Þs Hननद का पुH, Îन*पनद त¤ा § त1Íहत ह 1 çस Hगत का Hीवन 3सी के
अधीन ह 1 म 3सी का अनुभव क1ता ह

1 दे वे+Í1 ! यह| का1Þ ह Íक म तुमह नीद Hेता सा
üतीत हो 1हा ह

1
शीH‰ मीHी ने कहा (ͤके श ! Hप ह| योगी पु³¤| के ºयेय ह 1 Hपके अÎतÍ1ñ भी
को( ºयान क1ने यो¹य तïव ह , यह Hानक1 मु $े बsा क|तूहH हो 1हा ह 1 çस ¬1ा¬1 Hगत की
सÍ P H1 सहा1 क1ने वाHे 1वय Hप ह| ह 1 Hप सवस म¤ ह 1 çस üका1 की Í1¤Îत म होक1
भी यÍद Hप 3स प1म तïव से Îभनन ह तो मु$े 3सका बोध क1ाçये1
शी भग वान बोH े Íüये ! Hतमा का 1वFप § त H1 अ§ त से प¤ क, भाव H1 अभाव
से मुñ त¤ा HÍद H1 अनत से 1Íहत ह 1 शु @ 7ान के üकाश से 3पH¯ध होने वाHा त¤ा
प1माननद 1वFप होने के का1Þ 7कमा³ सु नद1 ह 1 वह| मे1ा (+1|य Fप ह 1 Hतमा का 7कतव
ह| सबके §ा1ा Hानने यो¹य ह 1 गीताशाU म çसी का üÎतपादन ह

H ह 1 अÎमत तेH1वी
भगवान Íव*Þु के ये व¬न सु नक1 H‰मी दे वी ने श का 3पÍ1¤त क1े ह

7 कहा भगवन ! यÍद
Hपका 1वFप 1वय प1मानदमय H1 मन-वाÞी की पह

¬ के बाह1 ह तो गीता क से 3सका बोध
क1ाती ह ? मे1े çस सदे ह का Îनवा1Þ कीÍH71
शी भग वान बोH े सुनदÍ1 ! सुनो, म गीता म अपनी Í1¤Îत का वÞन क1ता ह

1 कमश
पा¬ अºयाय| को तु म पा¬ मु¼ Hानो, दस अºयाय| को दस भुHा7 सम$ो त¤ा 7क अºयाय
को 3द1 H1 दो अºयाय| को दोन| ¬1ÞकमH Hानो1 çस üका1 यह अòा1ह अºयाय| की
वा‘मयी (+1|य मू Îत ह| सम$नी ¬ाÍह71 यह 7ानमा³ से ह| महान पातक| का नाश क1ने
वाHी ह 1 Hो 3dम बुÍ@वाHा पु³¤ गीता के 7क या Hधे अºयाय का अ¤वा 7क, Hधे या
¬|¤ा( शोक का भी üÎतÍदन अ¹यास क1ता ह , वह सु शमा के समान मु ñ हो Hाता ह 1
शी H‰ मीHी ने पूUा दे व ! सु शमा क|न ¤ा? Íकस HाÎत का ¤ा H1 Íकस का1Þ से
3सकी मु Íñ ह

(? ( अनुकम )
शीभ गवान बोH े Íüय ! सु शमा बs| ¼ोò| बुÍ@ का मनु*य ¤ा1 पाÍपय| का तो वह
Îश1ोमÍÞ ह| ¤ा1 3सका Hनम वÍदक 7ान से शू नय H1 कू 1तापूÞ क1ने वाHे üा(Þ| के कु H
म ह

H ¤ा वह न ºयान क1ता ¤ा, न Hप, न होम क1ता ¤ा न अÎतΤय| का सतका11 वह
Hमपò होने के का1Þ सदा Íव¤य| के सेवन म ह| Hगा 1हता ¤ा1 हH Hोतता H1 पdे बे¬क1
HीÍवका ¬Hाता ¤ा1 3से मÍद1ा पीने का ¯यसन ¤ा त¤ा वह मास भी ¼ाया क1ता ¤ा1 çस
üका1 3सने अपने Hीवन का द|Þक ाH ¯यतीत क1 Íदया1 7कÍदन मूõबुÍ@ सुशमा पdे Hाने के
ÎH7 Íकसी #ͤ की वाÍòका म Þूम 1हा ¤ा1 çसी बी¬ मे काHFपधा1| काHे साप ने 3से s स
ÎHया1 सु शमा की मत यु हो गयी1 तदननत1 वह अनेक न1क| म Hा वहा की यातना7 भोगक1
मत युHोक म H|ò Hया H1 वहा बो$ ƒोने वाHा ब H ह

H1 3स समय Íकसी पगु ने अपने
Hीवन को H1ाम से ¯यतीत क1ने के ÎH7 3से ¼1|द ÎHया1 ब H ने अपनी पीò प1 पगु का
भा1 ƒोते ह

7 बsे कP से सात-Hò व¤ Íबता71 7क Íदन पगु ने Íकसी 3 ¬े 1¤ान प1 बह

त दे 1
तक बs| तेHी के सा¤ 3स बH को Þुमाया1 çससे वह ¤कक1 बsे वेग से प° वी प1 Îग1ा H1
मू ͯU त हो गया1 3स समय वहा कु तूहHवश Hक P हो बह

त से Hोग 7कͳत हो गये1 3स
Hनसमुदाय म से Íकसी पुÞयातमा ¯यÍñ ने 3स ब H का क~याÞ क1ने के ÎH7 3से अपना
पुÞय दान Íकया1 ततप°ात कु U दसू 1े Hोग| ने भी अपने-अपने पु Þय| को याद क1के 3नह 3सके
ÎH7 दान Íकया1 3स भीs म 7क वे•या भी ¼s| ¤ी1 3से अपने पुÞय का पता नह| ¤ा तो भी
3सने Hोग| की दे ¼ा-दे ¼ी 3स बH के ÎH7 कु U तयाग Íकया1
तदननत1 यम1ाH के दतू 3स म1े ह

7 üाÞी को पहHे यमपु1| म Hे गये1 वहा यह
Íव¬ा1क1 Íक यह वे•या के Íदये ह

7 पुÞय से पु Þयवान हो गया ह , 3से Uोs Íदया गया Í91 वह
भूHोक म Hक1 3dम कु H H1 शीH वाHे üा(Þ| के Þ1 म 3तपनन ह

H1 3स समय भी 3से
अपने पूवH नम की बात| का 1म1Þ बना 1हा1 बह

त Íदन| के बाद अपने अ7ान को द1ू क1ने
वाHे क~याÞ-तïव का ÍH7ासु होक1 वह 3स वे•या के पास गया H1 3सके दान की बात
बतHाते ह

7 3सने पूUा 'तुमने क|न सा पुÞय दान Íकया ¤ा?' वे•या ने 3d1 Íदया 'वह ÍपH1े म
बòा ह

H तोता üÎतÍदन कु U पõता ह 1 3ससे मे1ा अनतक1Þ पÍव³ हो गया ह 1 3सी का पु Þय
मने तुमहा1े ÎH7 दान Íकया ¤ा1' çसके बाद 3न दोन| ने तोते से पूUा1 तब 3स तोते ने अपने
पूवH नम का 1म1Þ क1के üा¬ीन çÎतहास कहना H1मभ Íकया1
शुक बो Hा पूवH नम म म Íव§ान होक1 भी Íव§ता के अÎभमान से मोÍहत 1हता ¤ा1
मे1ा 1ाग-§े ¤ çतना बõ गया ¤ा Íक म गुÞवान Íव§ान| के üÎत भी (*या भाव 1¼ने Hगा Í91
समयानुसा1 मे1| मत यु हो गयी H1 म अनेक| ÞÍ Þत Hोक| म भòकता Í91ा1 3सके बाद çस
Hोक म Hया1 सदगु³ की अतयनत Îननदा क1ने के का1Þ तोते के कु H म मे1ा Hनम ह

H1
पापी होने के का1Þ Uोò| अव1¤ा म ह| मे1ा माता-Íपता से Íवयोग हो गया1 7क Íदन म Tी*म
#तु म तपे माग प1 पsा ¤ा1 वहा से कु U श8े मुÎन मु$े 3òा Hाये H1 महातमाH के Hशय
म Hशम के भीत1 7क ÍपH1े म 3नह|ने मु$े sाH Íदया1 वह| मु$े पõाया गया1 #ͤय| के
बाHक बsे Hद1 के सा¤ गीता के ü¤म अºयाय की HवÍ d क1ते ¤े1 3नह| से सुनक1 म भी
बा1 बा1 पाò क1ने Hगा1 çसी बी¬ म 7क ¬ो1| क1ने वाHे बहे ÎHये ने मु$े वहा से ¬ु1ा ÎHया1
ततप°ात çस दे वी ने मु $े ¼1|द ÎHया1 पूवक ाH म म ने çस ü¤म अºयाय का अ¹यास Íकया
¤ा, ÍHससे मने अपने पाप| को द1ू Íकया ह 1 Í91 3सी से çस वे•या का भी अनतक1Þ शु@


H ह H1 3सी के पुÞय से ये ͧHश8े सु शमा भी पापमुñ ह

7 ह 1
çस üका1 प11प1 वाताH ाप H1 गीता के ü¤म अºयाय के माहातमय की üशसा क1के वे
तीन| Îन1नत1 अपने-अपने Þ1 प1 गीता का अ¹यास क1ने Hगे, Í91 7ान üाB क1के वे मु ñ हो
गये1 çसÎH7 Hो गीता के ü¤म अºयाय को पõता, सुनता त¤ा अ¹यास क1ता ह , 3से çस
भवसाग1 को पा1 क1ने म को( कÍòना( नह| होती1 ( अनुकम )
पहHा अºयायअH ु नÍव¤ादयोग
भगवान शीक *Þ ने अHुन को ÎनÎमd बना क1 सम1त Íव+ को गीता के Fप म Hो
महान 3पदे श Íदया ह , यह अºयाय 3सकी ü1तावना Fप ह 1 3सम दोन| पH के üमु¼ यो@ाH
के नाम Îगनाने के बाद मुFयFप से अHुन को कु òु बनाश की Hशका से 3तपनन ह

7 मोहHÎनत
Íव¤ाद का वÞन ह 1
11 अ¤ ü ¤मो €ºया य 11
ध त1ा’ 3वा ¬
धम Hे³े कु³Hे³े स मवेता य ु युतसव 1
मामका पाÞsवा° व Íकमकु व त सHय11 111
धत 1ा’ बोHे हे सHय ! धमभ ू Îम कु ³Hे³ म 7कͳत, यु@ की ç¯UावाHे मे1े पाÞsु के पु³|
ने 4या Íकया? (1)
सHय 3वा¬
•Pवा त ु पाÞsवानीक ¯य ूƒ द ु य|धन1तदा1
H¬ाय मुपसगमय 1ाHा व¬नमüवीत1 1211
सHय बोHे 3स समय 1ाHा दयु |धन ने ¯यूह1¬नायुñ पाÞsव| की सेना को दे ¼क1 H1
5ोÞा¬ाय के पास Hाक1 यह व¬न कहा (2)
प•यता पा Þsुपु³ाÞामा¬ाय महती ¬म ूम1
¯यूƒा 5 ु पदपु³ेÞ तव Îश *येÞ धी मता11 311
हे H¬ाय ! Hपके बुÍ@मान Îश*य 5पु दपु ³ धP ²ुमन के §ा1ा ¯यूहाका1 ¼s| की ह

(
पाÞsु पु ³| की çस बs| भा1| सेना को दे ͼये1(3)
अ³ शू1ा मह े*वासा भीमाH ु नसमा य ुÎध 1
युयुधानो Íव1ाò° 5 ु पद° म हा1¤11 411
ध Pकेतु°े Íकतान काÎश 1ाH° वीय वा न1
पु³ÍHतकु ÍनतभोH ° श¯य° न1प ुगव 11 511
युधामनय ु° Íवकानत 3d म|Hा° वीय वा न1
स|भ5ो 5|पद ेया° सव 7व म हा1¤ा11 611
çस सेना म बsे -बsे धनु¤| वाHे त¤ा यु@ म भीम H1 अHुन के समान शू1वी1 सातयÍक
H1 Íव1ाò त¤ा महा1¤ी 1ाHा 5पु द, धP के तु H1 ¬ेÍकतान त¤ा बHवान काÎश1ाH, पु³ÍHत,
कु ÍनतभोH H1 मनु*य| म श8े श ¯य, प1ाकमी, युधामनयु त¤ा बHवान 3dम|Hा, सुभ5ापु ³
अÎभमनयु H1 5|पद| के पा¬| पु³ ये सभी महा1¤ी ह 1 (4,5,6)
अ1माक तु Íव ÎशPा ये ताÍननबो ध ͧHोdम1
नायका मम स नय1य स7ा ¤ तानüवी Îम त े11 711
हे üा(Þश8े ! अपने पH म भी Hो üधान ह , 3नको Hप सम$ HीÍH71 Hपकी
Hानका1| के ÎH7 मे1| सेना के Hो-Hो सेनापÎत ह

, 3नको बतHाता ह

1 ( अनुकम )
भवानभी*म° क Þ ° कप° स ÎमÎतHय 1
अ+त¤ामा Íव कÞ ° स|मद Íd1त¤ व ¬ 11 811
Hप, 5ोÞा¬ाय H1 Íपतामह भी*म त¤ा कÞ H1 सTामÍवHयी क पा¬ाय त¤ा वसे ह|
अ+त¤ामा, ÍवकÞ H1 सोमदd का पु³ भूÍ1शवा1 (8)
अन ये ¬ ब हव श ू1ा मद¤ तयñHीÍवता 1
नानाशUüह1Þ ा स व यु@Íवशा1दा11 911
H1 भी मे1े ÎH7 Hीवन की Hशा तयाग दे ने वाHे बह

त से शू 1वी1 अनेक üका1 के
अU|-शU| से सु सÍजHत H1 सब के सब यु@ म ¬तु1 ह 1 (9)
अपया B तद1माक ब H भी*मा Îभ1ÍHत म1
पया B Íतवदम ेते¤ा बH भी माÎभ1 ÍHतम1 11011
भी*म Íपतामह §ा1ा 1ÍHत हमा1| वह सेना सब üका1 से अHेय ह H1 भीम §ा1ा 1ÍHत
çन Hोग| की यह सेना Hीतने म सु गम ह 1 (10)
अयने¤ु ¬ स व ¤ु य¤ाभागमव Í1¤ता 1
भी*म मेवाÎभ1H नतु भव नत स व 7व Íह 11 1111
çसÎH7 सब मो¬| प1 अपनी-अपनी Hगह Í1¤त 1हते ह

7 Hप Hोग सभी Îनसदे ह
भी*म Íपतामह की ह| सब H1 से 1Hा क1 1 (11)
सHय 3वा¬
त1य स Hनयन ह¤ कु³व @ Íपतामह 1
Îसहनाद Íवन²ो¯¬ श¼े दºम| üतापवान1 1 1211
क|1व| म व@ बsे üतापी Íपतामह भी*म ने 3स दयु |धन के (दय म ह¤ 3तपनन क1ते


7 3¯¬ 1व1 से Îसह की दहाs के समान ग1Hक1 श¼ बHाया1 (12)
तत श¼ा° भ ेय ° पÞवानकगोम ु¼ा1
सहसवा¹यहनयनत स श ¯द1त ुमु Hो€भव त1 11311
çसके प°ात श¼ H1 नगा1े त¤ा ƒोH, मद ग H1 न1ÎसÞे HÍद बाHे 7क सा¤ ह| बH
3òे 1 3नका वह श¯द बsा भयक1 ह

H1 (13)
तत +ेतह ययु ñे महÎत 1यनदन े Í1¤त|1
मा धव पा Þsव° व Íद¯यो श¼| üदºमत ु 11 1411
çसके अननत1 स9े द Þोs| से युñ 3dम 1¤ म बòे ह

7 शीक *Þ महा1ाH H1 अHुन ने
भी अH|Íकक श¼ बHाये1(14) ( अनुकम )
पा ¬Hनय ( ͤकेशो द ेवदd धन Hय 1
प|Þ“ द ºम| महाश ¼ भी मकमा व कोद111 1511
शीक *Þ महा1ाH ने पा…¬Hनय नामक, अHुन ने दे वदd नामक H1 भयानक कमव ाHे
भीमसेन ने प|Þ“ नामक महाश¼ बHाया1 (15)
अननत ÍवHय 1ाH ा कु नतीप ु³ो य ुÎध Í811
नकुH सह देव° स ुÞो¤म ÍÞपु*पक|11 1611
कु नतीपु ³ 1ाHा युÎधÍ81 ने अननतÍवHय नामक H1 नकु H त¤ा सहदे व ने सु Þो¤ H1
मÍÞपु*पकनामक श¼ बHाये1 (16)
का•य° प1म े*वास Îश¼Þs| ¬ म हा1¤1
ध P²ुमनो Íव1ाò° साÍतयक °ाप1ाÍHत11 1711
5ु पदो 5|पद ेया° सव श प Τवीपत े1
स|भ5 ° महाबाह

श¼ानदº मु प ¤4प ¤क 11 1811
श8े धनु ¤ वाHे काÎश1ाH H1 महा1¤ी Îश¼Þs| H1 धP ²ुमन त¤ा 1ाHा Íव1ाò H1
अHेय सातयÍक, 1ाHा 5पु द H1 5|पद| के पा¬| पु³ H1 बs| भुHावाHे सुभ5ापु³ अÎभमनयु-çन
सभी ने, हे 1ाHन ! सब H1 से अHग-अHग श¼ बHाये1
स Þो¤ो धात 1ा’ा Þा ( दयाÎन ¯यदा1 यत1
नभ° प Τवी ¬व त ुमु Hो ¯यन ुनादयन1 11911
H1 3स भयानक श¯द ने Hकाश H1 प° वी को भी गुHाते ह

7 धात1 ा’| के अ¤ात
Hपके पH वाH| के (दय Íवद|Þ क1 Íदये1 (19)
अ¤ ¯यवÍ1¤ तान•*”वा धात 1ा’ान कÍपºवH 1
üव dे शUसम पाते धनु ³²मय पाÞ sव11 2011
(ͤके श तदा वा4यÎमद माह मह|पत े1
अHु न 3वा¬
सेनय ो³भयोम ºये 1¤ 1¤ापय मे €¯युत11 2111
हे 1ाHन ! çसके बाद कÍपºवH अHुन ने मो¬ा बाधक1 sòे ह7 धत 1ा’ समबÍनधय| को
दे ¼क1, 3स शU ¬Hाने की तया1| के समय धनु¤ 3òाक1 (ͤके श शीक *Þ महा1ाH से यह
व¬न कहा हे अ¯युत ! मे1े 1¤ को दोन| सेनाH के बी¬ म ¼sा कीÍH71
यावद ेताÍनन1|H े€ह यो @कामानवÍ1¤ तान1
क म या सह यो @¯यमÍ1मन 1Þसम ु²मे11 2211
H1 Hब तक Íक म यु@Hे³ म sòे ह

7 यु@ के अÎभHा¤ी çन ÍवपHी यो@ाH को भHी
üका1 दे ¼ न Hू Íक çस यु@³प ¯यापा1 म मु $े Íकन-Íकन के सा¤ यु@ क1ना यो¹य ह , तब
तक 3से ¼sा 1ͼये1 (22)
योत1यमान ानवेHे€ह य 7ते €³ स मागता1
धा त 1ा’1 य द ु बु @ेयु @े Íüयά की¤ व11 2311
दबु ुÍ @ दयु |धन का यु@ म Íहत ¬ाहने वाHे Hो-Hो ये 1ाHा Hोग çस सेना म Hये ह , çन
यु@ क1ने वाH| को म दे ¼ूगा1 (23) ( अनुकम )
सHय3वा¬
7वमुñो (ͤके शो गुsाकेशेन भा1त1
सेनयो³भयोम ºये 1 ¤ापÎयतवा 1 ¤ोdमम1 12411
भी*म5ोÞüम ु¼त सव ¤ा ¬ म ह|ÍHताम1
3वा¬ पा ¤ प•य ता न समवेतान कु³Îन Îत11 2511
सHय बोHे हे धत 1ा’ ! अHुन §ा1ा çस üका1 कहे ह

7 महा1ाH शीक *Þ¬न5 ने दोन|
सेनाH के बी¬ म भी*म H1 5ोÞा¬ाय के सामने त¤ा समपूÞ 1ाHाH के सामने 3dम 1¤ को
¼sा क1के çस üका1 कहा Íक हे पा¤ ! यु@ के ÎH7 Hुòे ह

7 çन क|1व| को दे ¼1 (24,25)
त³ाप•यÍत1¤ ता न पा¤ Íप त न¤ Íपता महान1
H¬ाया नमात ु Hान•ात नपु ³ानप|³ानस¼ ी1त ¤ा11 2611
+शु1ान सु(द° व सेनय ोFभयो1Íप1
तानस मी‰य स क|नत े– सवा नबन धूनवÍ1¤ तान1 12711
क पया प1याÍवPो Íव¤ीद Íननमüवीत1
çसके बाद प¤ ापु³ अHुन ने 3न दोन| सेनाH म Í1¤त ता3-¬ा¬| को, दाद|-प1दाद| को,
गु³H को, मामाH को, भाçय| को, पु³| को, प|³| को त¤ा Îम³| को, ससु1| को H1 सु(द| को भी
दे ¼ा1 3न 3पÍ1¤त समपूÞ बनधु H को दे ¼क1 वे कु नतीपु³ अHुन अतयनत कFÞा से युñ
होक1 शोक क1ते ह

7 यह व¬न बोHे1(26,27)
अHु न 3वा¬
•*”व ेम 1 वHन क*Þ युयुतसु सम ुपÍ1¤ तम1 1 281
सीद Íनत म म गा³ा ÍÞ म ु¼ ¬ प Í1शु*यÎत1
वेप¤ु° श1|1 े मे 1ोमह¤ ° Hायत े11 2911
अHुन बोHे हे क *Þ ! यु@Hे³ म sòे ह

7 यु@ के अÎभHा¤ी çस 1वHन-समुदाय को
दे ¼क1 मे1े अग ÎशΤH ह

7 Hा 1हे ह H1 मु¼ सू ¼ा Hा 1हा ह त¤ा मे1े श1|1 म कमप H1
1ोमा¬ हो 1हा ह 1
गाÞs|व ससते ह1ताïव4¬ व पÍ1दHत े1
न ¬ श4नोमयव1¤ात ु • मतीव ¬ म े मन 11 3011
हा¤ से गाÞs|व धनु¤ Îग1 1हा ह H1 तव¬ा भी बह

त HH 1ह| ह त¤ा मे1ा मन •Îमत
हो 1हा ह , çसÎH7 म ¼sा 1हने को भी सम¤ नह| ह

1(30)
ÎनÎमdाÎन ¬ प•याÎम Íव प1|ताÎन के शव1
न ¬ शे यो€न ुप•याÎम हतवा 1वHनमाहव े11 3111
हे के शव ! म H‰Þ| को भी Íवप1|त दे ¼ 1हा ह

त¤ा यु@ म 1वHन-समुदाय को मा1क1
क~याÞ भी नह| दे ¼ता1 (31) ( अनुकम )
न का Hे ÍवHय क*Þ न ¬ 1ाजय सु¼ाÎन ¬ 1
Íक नो 1ाजय ेन गोÍव नद Íक भो गH‹Íवत ेन वा11 3211
हे क *Þ ! म न तो ÍवHय ¬ाहता ह

H1 न 1ाजय त¤ा सु¼| को ह|1 हे गोÍवनद ! हम
7से 1ाजय से 4या üयोHन ह अ¤वा 7से भोग| से H1 Hीवन से भी 4या Hाभ ह ? (32)
ये¤ाम¤ का ÍHत नो 1ाज य भोगा सु¼ाÎन ¬1
त çम े €वÍ1¤ ता य ु@े üाÞा 1तयñव ा धनाÎन ¬ 11 3311
हम ÍHनके ÎH7 1ाजय, भोग H1 सु¼ाÍद अभीP ह , वे ह| ये सब धन H1 Hीवन की
Hशा को तयागक1 यु@ म ¼sे ह 1 (33)
H¬ाया Íपत1 पु³ा1त¤ व ¬ Íप तामहा1
मातुHा +श ु1ा प|³ा •य ाHा स मबÍनधन1त ¤ा11 3411
गु³Hन, ता3-¬ा¬े, Hsके H1 3सी üका1 दादे , मामे, ससु1, प|³, साHे त¤ा H1 भी
समबनधी Hोग ह 1 (34)
7तानन हन तुÎम ¯UाÎम ‡ नतो€Íप मधु सूदन1
अÍप ³ Hो4 य1ाज य1य ह ेतो Íक नु मह|कते11 3511
हे मधु सूदन ! मु$े मा1ने प1 भी अ¤वा तीन| Hोक| के 1ाजय के ÎH7 भी म çन सबको
मा1ना नह| ¬ाहता, Í91 प° वी के ÎH7 तो कहना ह| 4या? (35)
Îनहतय धा त 1ा’ ानन का üीÎत 1 याजHनाद न1
पापम ेवा शयेद1 मान हतवतानातताÎयन11 3611
हे Hनाद न ! धत 1ा’ के पु³| को मा1क1 हम 4या üसननता होगी? çन HतताÎयय| को
मा1क1 तो हम पाप ह| Hगेगा1 (36)
त1माननाहा वय हनत ु ध ात 1ा’ा न 1वबान धवान1
1वHन Íह क¤ हतवा स ु ͼन 1याम माध व11 3711
अत7व हे माधव ! अपने ह| बानधव धत 1ा’ के पु ³| को मा1ने के ÎH7 हम यो¹य नह| ह ,
4य|Íक अपने ह| कु òु मब को मा1क1 हम क से सु¼ी ह|गे? (37)
य²!येते न प•य Íनत Hोभोपहत ¬ेतस 1
कुHHयकत दो¤ Îम³ 5ोहे ¬ पातकम1 1 3811
क¤ न 7ेयम1मा Îभ पापाद1मा ÍननवÎत तुम1
कु HHयकत दो¤ üप•य͆ H नाद न11 3911
य²Íप Hोभ से •Pάd ह

7 ये Hोग कु H के नाश से 3तपनन दो¤ को H1 Îम³| से
Íव1ोध क1ने म पाप को नह| दे ¼ते, तो भी हे Hनाद न ! कु H के नाश से 3तपनन दो¤ को
HाननेवाHे हम Hोग| को çस पाप से हòने के ÎH7 4य| नह| Íव¬ा1 क1ना ¬ाÍह7? ( अनुकम )
कुHH ये üÞ•यÍनत क ुHध मा सनातना1
धम नPे कु H कत1नमध म|€Îभ भवतय ुत11 4011
कु H के नाश से सनातन कु Hधम नP हो Hाते ह , धम के नाश हो Hाने प1 समपूÞ कु H
म पाप भी बह

त 9 H Hाता ह 1(40)
अधमा Îभभवातक*Þ üद ु *यÍनत क ु HÍUय1
Uी¤ु द ु Pासु वा*Þ य Hायत े वÞ सक111 4111
हे क *Þ ! पाप के अÎधक बõ Hाने से कु H की ÍUया अतयनत दÍू ¤त हो Hाती ह H1 हे
वा*Þय ! ÍUय| के दÍू ¤त हो Hाने प1 वÞस क1 3तपनन होता ह 1(41)
सक1ो न1का यव कुH‡ना ना कु H1य ¬1
पतÍनत Íपत1ो Hे¤ा HुBÍप ÞsोदकÍकया11 4211
वÞस क1 कु HÞाÎतय| को H1 कु H को न1क म Hे Hाने के ÎH7 ह| होता ह 1 Hु B ह

(
ÍपÞs H1 HH की ÍकयावाHे अ¤ात शा@ H1 तपÞ से व άत çनके Íपत1 Hोग भी अधोगÎत
को üाB होते ह 1(42)
दो¤1ेत कुH‡नाना वÞ स क1का 1क 1
3तसा²नत े Hा Îतध मा कुHधमा ° शा +ता11 4311
çन वÞस क1का1क दो¤| से कु HÞाÎतय| के सनातन कु H धम H1 HाÎत धम नP हो
Hाते ह 1 (43)
3त सनकु Hधमा Þा मन ु*य ाÞा Hनाद न1
न1के€Îनयत वासो भ वतीतय नुशु शु म11 4411
हे Hनाद न ! ÍHनका कु Hधम नP हो गया ह , 7से मनु*य| का अÎनÍ°त काH तक न1क
म वास होता ह , 7सा हम सुनते Hये ह 1
अहो बत महतपाप कत ु ¯यव Îसता वयम1
य5ाजयस ु¼Hोभ ेन हनतु 1व Hनमु²ता11 4511
हा ! शोक ! हम Hोग बुÍ@मान होक1 भी महान पाप क1ने को तया1 हो गये ह , Hो 1ाजय
H1 सु¼ के Hोभ से 1वHन| को मा1ने के ÎH7 3²त हो गये ह 1 (45)
यÍद मामü तीका1मशU शUपाÞ य1
धा त 1ा’ ा 1Þे हनयु1तन मे Hेमत1 भव ेत1 1 4611
यÍद मु$ शU1Íहत H1 सामना न क1ने वाHे को शU हा¤ म ÎH7 ह

7 धत 1ा’ के पु³
1Þ म मा1 sाH तो वह मा1ना भी मे1े ÎH7 अÎधक क~याÞका1क होगा1 (46) ( अनुकम )
सHय 3वा¬
7वमुñवाH ु न स Fये 1¤ोप1 ¤ 3पाÍव शत1
Íवस जय सश1 ¬ ाप शोक सÍव¹नमानस11 4711
सHय बोHे 1ÞभूÎम म शोक से 3ͧ¹न मन वाHे अHुन çस üका1 कहक1, बाÞसÍहत
धनु¤ को तयागक1 1¤ के ÍपUHे भाग म बò गये1(471
‚ ततसÍदÎत शीमदभगवदगीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे अHुन Íव¤ादयोगो नाम ü¤मो€ºयाय11111
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाUFप शीमदभगवदगीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 'अHुन Íव¤ादयोग' नामक ü¤म अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚


स1े अº याय का माहातमय
शी भग वान कहते ह - H‰मी ! ü¤म अºयाय के माहातमय का 3पाFयान म ने सु ना
Íदया1 अब अनय अºयाय| के माहातमय शवÞ क1ो1 दÍHÞ Íदशा म वेदवेdा üा(Þ| के
पु1नद1पु1 नामक नग1 म शीमान दे वशमा नामक 7क Íव§ान üा(Þ 1हते ¤े1 वे अÎतΤय| के
पूHक 1वाºयायशीH, वेद-शाU| के Íवशे¤7, य7| का अनु8ान क1ने वाHे H1 तपÍ1वय| के सदा
ह| Íüये ¤े1 3नह|ने 3dम 5¯य| के §ा1ा अ͹न म हवन क1के द|Þक ाH तक दे वताH को तB
Íकया, Íक तु 3न धमात मा üा(Þ को कभी सदा न 1हने वाHी शाÍनत न ÎमHी1 वे प1म
क~याÞमय तïव का 7ान üाB क1ने की ç¯Uा से üÎतÍदन ü¬ु1 सामÎTय| के §ा1ा सतय
सक~पवाHे तपÍ1वय| की सेवा क1ने Hगे1 çस üका1 शुभ H¬1Þ क1ते ह

7 3नके समH 7क
तयागी महातमा üकò ह

71 वे पूÞ अनुभवी, शानतάd ¤े1 Îन1नत1 प1मातमा के άनतन म
सH¹न हो वे सदा Hननद Íवभो1 1हते ¤े1 दे वशमा ने 3न Îनतय सनतु P तप1वी को शु@भाव से
üÞाम Íकया H1 पूUा 'महातमन ! मु$े शाÍनतमयी Í1¤ती क से üाB होगी?' तब 3न Hतम7ानी
सत ने दे वशमा को स|पु1 Tाम को Îनवासी Îम³वान का, Hो बकÍ1य| का ¬1वाहा ¤ा, पÍ1¬य
Íदया H1 कहा 'वह| तुमह 3पदे श दे गा1'
यह सुनक1 दे वशमा ने महातमा के ¬1Þ| की वनदना की H1 सम@ शाHी स|पु1 Tाम म
पह

¬क1 3सके 3d1 भाग म 7क ÍवशाH वन दे ¼ा1 3सी वन म नद| के Íकना1े 7क ÎशHा प1
Îम³वान बòा ¤ा1 3सके ने³ HननदाÎत1े क से Îन°H हो 1हे ¤े, वह अपHक •ÍP से दे ¼ 1हा
¤ा1 वह 1¤ान Hपस का 1वाभाÍवक व1 Uोsक1 7कͳत ह

7 प11प1 Íव1ोधी HनतुH से ÎÞ1ा
¤ा1 Hहा 3²ान म मनद-मनद वायु ¬H 1ह| ¤ी1 मग | के $ु Þs शानतभाव से बòे ¤े H1
Îम³वान दया से भ1| ह

( Hननदमयी मनोहाÍ1Þी •ÍP से प° वी प1 मानो अमत ÎUsक 1हा ¤ा1
çस Fप म 3से दे ¼क1 दे वशमा का मन üसनन हो गया1 वे 3तसु क होक1 बs| Íवनय के सा¤
Îम³वान के पास गये1 Îम³वान ने भी पने म1तक को Íक άत नवाक1 दे वशमा का सतका1
Íकया1 तदननत1 Íव§ान दे वशमा अननय άd से Îम³वान के समीप गये H1 Hब 3सके ºयान
का समय समाB हो गया, 3स समय 3नह|ने अपने मन की बात पूU| 'महाभाग ! म Hतमा का
( अनुकम )
7ान üाB क1ना ¬ाहता ह

1 मे1े çस मनो1¤ की पूÎत के ÎH7 मु$े Íकसी 3पाय का
3पदे श कीÍH7, ÍHसके §ा1ा ÎसÍ@ üाB हो ¬ु की हो1'
दे वशमा की बात सु नक1क Îम³वान ने 7क HÞ तक कु U Íव¬ा1 Íकया1 3सके बाद çस
üका1 कहा 'Íव§न ! 7क समय की बात ह 1 म वन के भीत1 बकÍ1य| की 1Hा क1 1हा ¤ा1
çतने म ह| 7क भय क1 ¯याU प1 मे1| •ÍP पs|, Hो मानो सब को Tस Hेना ¬ाहता ¤ा1 म
मत यु से s1ता ¤ा, çसÎH7 ¯याU को Hते दे ¼ बकÍ1य| के $ुs को Hगे क1के वहा से भाग
¬Hा, Íक तु 7क बक1| तु1नत ह| सा1ा भय Uोsक1 नद| के Íकना1े 3स बाÞ के पास बे1ोकòोक
¬Hी गयी1 Í91 तो ¯याU भी §े ¤ Uोsक1 ¬ुप¬ाप ¼sा हो गया1 3से çस अव1¤ा म दे ¼क1
बक1| बोHी '¯याU ! तुमह तो अभीP भोHन üाB ह

H ह 1 मे1े श1|1 से मा स ÎनकाHक1
üेमपूवक ¼ाH न ! तुम çतनी दे 1 से ¼sे 4य| हो? तुमहा1े मन म मु $े ¼ाने का Íव¬ा1 4य|
नह| हो 1हा ह ?'
¯याU बोHा बक1| ! çस 1¤ान प1 Hते ह| मे1े मन से §े ¤ का भाव ÎनकH गया1
भू¼ !यास भी Îमò गयी1 çसÎH7 पास Hने प1 भी अब म तु$े ¼ाना नह| ¬ाहता1
¯याU के य| कहने प1 बक1| बोHी 'न Hाने म क से Îनभय हो गयी ह

1 çसका 4या
का1Þ हो सकता ह ? यÍद तुम Hानते हो तो बताH1' यह सुनक1 ¯याU ने कहा 'म भी नह|
Hानता1 ¬Hो सामने ¼sे ह

7 çन महापु³¤ से पुU 1' 7सा Îन°य क1के वे दोन| वहा से ¬H
Íदये1 3न दोन| के 1वभाव म यह Íवά³ पÍ1वतन दे ¼क1 म बह

त Íव1मय म पsा ¤ा1 çतने
म 3नह|ने मु $से ह| Hक1 ü÷ Íकया1 वहा वH की शा¼ा प1 7क वान11ाH ¤ा1 3न दोन| स
सा¤ मने भी वान11ाH से पूUा1 Íवüव1 ! मे1े पू Uने प1 वान11ाH ने Hद1पूवक कहा 'अHापाH!
सुनो, çस Íव¤य म म तुमह üा¬ीन वd ानत सु नाता ह

1 यह सामने वन के भीत1 Hो बह

त बsा
मÍनद1 ह , 3सकी H1 दे ¼ो¤ çसम ü(ाHी को 1¤ाÍपत Íकया ह

H 7क ÎशवÎHग ह 1 पूवक ाH म
यहा सु कमा नामक 7क बुÍ@मान महातमा 1हते ¤े, Hो तप1या म स H¹न होक1 çस मÍनद1 म
3पासना क1ते ¤े1 वे वन म से 9ू H| का सTह क1 Hाते H1 नद| के HH से पू Hनीय भगवान
शक1 को 1नान क1ाक1 3नह| से 3नकी पूHा Íकया क1ते ¤े1 çस üका1 H1ाधना का काय
क1ते ह

7 सु कमा यहा Îनवास क1ते ¤े1 çस üका1 H1ाधना का काय क1ते ह

7 सु कमा यहा
Îनवास क1ते ¤े1 बह

त समय के बाद 3नके समीप Íकसी अÎतΤ का Hगमन ह

H1 सुकमा ने
भोHन के ÎH7 9H Hाक1 अÎतΤ को अपÞ Íकया H1 कहा 'Íव§न ! म के वH तïव7ान की
ç¯Uा से भगवान शक1 की H1ाधना क1ता ह

1 HH çस H1ाधना का 9H पÍ1प4व होक1 मु$े
ÎमH गया 4य|Íक çस समय Hप Hसे महापु³¤ ने मु$ प1 अनुTह Íकया ह 1 ( अनुकम )
सुकमा के ये मधु1 व¬न सुनक1 तप1या के धनी महातमा अÎतΤ को बs| üसननता ह

(1
3नह|ने 7क ÎशHा¼Þs प1 गीता का दसू 1ा अºयाय ÎH¼ Íदया H1 üा(Þ को 3सके पाò H1
अ¹यास के ÎH7 H7ा दे ते ह

7 कहा 'ü(न ! çससे तुमहा1ा Hतम7ान-समबनधी मनो1¤ अपने-
Hप स9H हो Hायेगा1' यह कहक1 वे बुÍ@मान तप1वी सु कमा के सामने ह| 3नके दे ¼ते-दे ¼ते
अनतधान हो गये1 सु कमा ÍवÍ1मत होक1 3नके Hदे श के अनुसा1 Îन1नत1 गीता के ͧतीय
अºयाय का अ¹यास क1ने Hगे1 तदननत1 द|Þक ाH के प°ात अनतक1Þ शु@ होक1 3नह
Hतम7ान की üाÎB ह

( Í91 वे Hहा-Hहा गये, वहा-वहा का तपोवन शानत हो गया1 3नम शीत-
3*Þ H1 1ाग-§े ¤ HÍद की बाधा7 द1ू हो गयी1 çतना ह| नह|, 3न 1¤ान| म भू ¼-!यास का
कP भी Hाता 1हा त¤ा भय का सव¤ ा अभाव हो गया1 यह सब ͧतीय अºयाय का Hप क1ने
वाHे सुकमा üा(Þ की तप1या का ह| üभाव सम$ो1
Îम³वान कहता ह वान11ाH के य| कहने प1 म üसननता पू वक बक1| H1 ¯याU के
सा¤ 3स मÍनद1 की H1 गया1 वहा Hाक1 ÎशHा¼Þs प1 ÎH¼े ह

7 गीता के ͧतीय अºयाय
को मने दे ¼ा H1 पõा1 3सी की HवÍ d क1ने से मने तप1या का पा1 पा ÎHया ह 1 अत
भ5पु³¤ ! तु म भी सदा ͧतीय अºयाय की ह| HवÍ d Íकया क1ो1 7सा क1ने प1 मु Íñ तु मसे
द1ू नह| 1हे गी1
शीभ गवान कहते ह - Íüये ! Îम³वान के çस üका1 Hदे श दे ने प1 दे वशमा ने 3सका
पूHन Íकया H1 3से üÞाम क1के पु1नद1पु1 की 1ाह Hी1 वहा Íकसी दे वाHय म पूव|ñ
Hतम7ानी महातमा को पाक1 3नह|ने यह सा1ा वd ानत Îनवेदन Íकया H1 सबसे पहHे 3नह| से
ͧतीय अºयाय को पõा1 3नसे 3पदे श पाक1 शु @ अनतक1Þ वाHे दे वशमा üÎतÍदन बs| श@ा
के सा¤ ͧतीय अºयाय का पाò क1ने Hगे1 तबसे 3नह|ने अनव² (üश सा के यो¹य) प1म पद
को üाB क1 ÎHया1 H‰मी ! यह ͧतीय अºयाय का 3पाFयान कहा गया1


स1ा अºयाय सा Fययोग
पहHे अºयाय म गीता म कहे ह

7 3पदे श की ü1तावना Fप दोन| सेनाH के महा1Τय|
की त¤ा श ¼ºवÎनपूवक अHुन का 1¤ दोन| सेनाH के बी¬ ¼sा 1¼ने की बात कह| गयी1 बाद
म दोन| सेनाH म ¼sे अपने कु òु मबी H1 1वHन| को दे ¼क1, शोक H1 मोह के का1Þ अHुन
यु@ क1ने से ³क गया H1 अU-शU Uोsक1 Íव¤ाद क1ने बò गया1 यह बात कहक1 3स
अºयाय की समाÎB की1 बाद म भगवान शीक *Þ ने 3नह Íकस üका1 Í91 से यु@ के ÎH7
तया1 Íकया, यह सब बताना Hव•यक होने से सHय अHुन की Í1¤Îत का वÞन क1ते ह

7
दसू 1ा अºयाय üा1 भ क1ता ह 1 ( अनुकम )
11 अ¤ ͧत ीयो€º या य 11
सHय 3वा¬
त त¤ा क पयाÍवPमश ु पूÞा कुHेHÞम1
Íव¤ीद नतÎम द वा4यम ुवा¬ म धुसूदन11 111
सHय बोHे 3स üका1 क³Þा से ¯याB H1 H सूH से पूÞ त¤ा ¯याकु H ने³| वाHे
शोकयुñ 3स अHुन के üÎत भगवान मधु सूदन ने ये व¬न कहा1(1)
शीभगवान ुवा¬
कु त1तवा क• मHÎम द Íव¤म े सम ुपÍ1¤ तम1
अना य HुPम1व¹य मकीÎत क1मH ु न11 211
4H¯य मा 1म गम पा¤ नतïव Žयुपप²त े1
Hु5 (दयद|ब ~य तयñवोÍd8 प1 तप11 311
शी भगवान बोHे हे अHुन ! तु $े çस असमय म यह मोह Íकस हे तु से üाB ह

H?
4य|Íक न तो यह श8े पु³¤| §ा1ा H¬Í1त ह , न 1वग को दे ने वाHा ह H1 न कीÎत को क1ने
वाHा ह| ह 1 çसÎH7 हे अHुन ! नपुसकता को मत üाB हो, तु$म यह 3άत नह| Hान पsती1 हे
प1 तप ! (दय की तु ¯U दबु H ता को तयागक1 यु@ के ÎH7 ¼sा हो Hा1 (2,3)
अHु न 3वा¬
क¤ भी* ममह सFये 5ोÞ ¬ मधु सूदन1
ç¤ुÎभ üÎतयोत1याÎम प ूHाहा वÍ1स ूदन11 411
अHुन बोHे हे मधु सूदन ! म 1Þभू Îम म Íकस üका1 बाÞ| से भी*म Íपतामह H1
5ोÞा¬ाय के Íव³@ Hsूगा? 4य|Íक हे अÍ1सूदन ! वे दोन| ह| पूHनीय ह 1(4)
गु³नहतवा Íह म हा नुभावा -
…—ेयो भोñ ु भ‰यमपीह Hोक े1
हतवा¤ काम ा1तु गु³Îनह व
भुHीय भोगान ³Îध1ü Íद¹धान1 1511
çसÎH7 çन महानुभाव गु ³Hन| को न मा1क1 म çस Hोक म ÎभHा का अनन भी ¼ाना
क~याÞका1क सम$ता ह

, 4य|Íक गु ³Hन| को मा1क1 भी çस Hोक म ³Îध1 से सने ह

7 अ¤
H1 कामFप भोग| को ह| तो भोगूगा1(5)
न ¬तͧV कत1ननो ग1|यो -
य§ा Hयेम यÍद वा नो Hय ेयु 1
यानेव हतवा न ÍHHी Íव¤ाम -
1ते €वÍ1¤ ता ü मु¼े धात 1ा’ा11 611
हम यह भी नह| Hानते Íक हमा1े ÎH7 यु@ क1ना H1 न क1ना • çन दोन| म से
क|न-सा श8े ह , अ¤वा यह भी नह| Hानते Íक 3नहे हम Hीतगे या हमको वे Hीतगे H1 ÍHनको
मा1क1 हम Hीना भी नह| ¬ाहते, वे ह| हमा1े Hतमीय धत 1ा’ के पु³ हमा1े मुकाबHे म ¼sे ह 1
(6) ( अनुकम )
काप Þदो¤ोपहत1वभाव
प ¯Uा Îम तवा ध म सममूƒ¬ेता 1
य¯—ेय 1याÍनन Í°त üूÍह त नमे
Îश*य1त े€ह शा ÎÞ मा तव ा üप ननम1 1 711
çसÎH7 काय1ताFप दो¤ से 3पहत ह

7 1वभाववाHा त¤ा धम के Íव¤य म मोÍहत άd


H म Hपसे पूUता ह

Íक Hो साधन ÎनÍ°त क~याÞका1क हो, वह मे1े ÎH7 कÍह7 4य|Íक म
Hपका Îश*य ह

, çसÎH7 Hपके श1Þ ह

7 मु $को ÎशHा द|ÍH71
न Íह üप•य ाÎम ममापन ु²ा -
²¯Uोकम ु¯Uो¤ÞÎम Íन5याÞाम1
अवा!य भ ूमाव सपŒम @ -
1ाजय सु1ाÞ ामÍप ¬ाÎध पतयम1 1811
4य|Íक भू Îम म Îन*कÞòक, धन-धानयसमपनन 1ाजय को H1 दे वताH के 1वामीपने को
üाB होक1 भी म 3स 3पाय को नह| दे ¼ता ह

, Hो मे1| çÍन5य| को सु¼ाने वाHे शोक को द1ू
क1 सके 1
सHय 3वा¬
7वमुñवा (ͤक े श गुsाके श प1न तप1
न योत1 य ç Îत गोÍव नदमुñवा त ू*Þी बभ ूव ह11 911
सHय बोHे हे 1ाHन ! Îन5ा को Hीतने वाHे अHुन अनतयाम ी शीक *Þ महा1ाH के üÎत
çस üका1 कहक1 Í91 शी गोÍवनद भगवान से 'यु@ नह| कF गा' यह 1पP कहक1 ¬ुप हो गये1
(9)
तमुवा ¬ (ͤके श ü हसÍनन व भा1त1
सेनयो³भयोम ºये Íव¤ीदनत Îमद व¬ 11 1011
हे भ1तव शी धत 1ा’ ! अनतयाम ी शीक *Þ महा1ाH ने दोन| सेनाH के बी¬ म शोक क1ते


7 3स अHुन को ह सते ह

7 से यह व¬न बोHे1(10)
शी भगवान ुवा¬
अशो¯या ननव शो¬1तव ü7ावादा ° भा¤स े1
गतास ूनगता सू° ना नुशो ¬Íनत पÍÞsता11 1111
शी भगवान बोHे हे अHुन ! तू न शोक क1ने यो¹य मनु*य| के ÎH7 शोक क1ता ह H1
पÍÞsत| के H से व¬न| को कहता ह , प1नतु ÍHनके üाÞ ¬Hे गये ह , 3नके ÎH7 H1 ÍHनके
üाÞ नह| गये ह 3नके ÎH7 भी पÍÞsतHन शोक नह| क1ते1 (11) ( अनुकम )
न तव ेवाह Hात ु नास न तव ने मे HनाÎधपा1
न ¬व न भ Íव*याम स व वयमत प1म1 11211
न तो 7सा ह| ह Íक म Íकसी काH म नह| ¤ा, तू नह| ¤ा अ¤वा ये 1ाHा Hोग नह| ¤े
H1 न 7सा ह| ह Íक çससे Hगे हम सब नह| 1ह गे1(12)
देÍहनो €Í1म नय¤ा द ेहे क|मा1 य|व न H1ा1
त¤ा द े हानत1üाÎBध‹11त³ न म ु HÎत11 1311
Hसे Hीवातमा की çस दे ह म बाHकपन, Hवानी H1 व@ ाव1¤ा होती ह , वसे ह| अनय
श1|1 की üाÎB होती ह , 3स Íव¤य म धी1 पु³¤ मोÍहत नह| होता1
मा ³ा1पशा 1तु क|नत ेय शीतो*Þस ु¼द ु ¼दा1
HगमापाÎयनो€Îनतया1ता Í1त ÎतH1व भा1त11 1411
हे कु नतीपु³ ! सद˜-गम‹ H1 सु¼-दु ¼ दे ने वाHे çÍन5य H1 Íव¤य| के सयोग तो
3तपÍd-ÍवनाशशीH H1 अÎनतय ह , çसÎH7 हे भा1त ! 3सको तू सहन क11(14)
य Íह न ¯य¤यनतय ेते पु³¤ पु³¤¤ भ1
समदु ¼सु¼ धी1 सो€ म ततवाय क~पते11 1511
4य|Íक हे पु³¤श8े ! दु ¼-सु ¼ को समान सम$ने वाHे ÍHस धी1 पु³¤ को ये çÍन5य
H1 Íव¤य| के सयोग ¯याकु H नह| क1ते, वह मोH के यो¹य होता ह 1(15)
नासतो Íव²त े भावो नाभाव ो Íव²त े स त1
3भयो 1Íप •Pो€न त1तवन यो1तïवद Îश Îभ11 1611
असत व1तु की सdा नह| ह H1 सत का अभाव नह| ह 1 çस üका1 तïव7ानी पु ³¤|
§ा1ा çन दोन| का ह| तïव दे ¼ा गया ह 1 (16)
अÍवनाश त ु तͧÍ@ य ेन सव Îमद त तम1
Íवनाशम¯यय1 या1य न क Í°तकत ु मह Îत11 1711
नाश1Íहत तो तू 3सको Hान, ÍHससे यह समपूÞ Hगत ••यवग ¯याB ह 1 çस अÍवनाशी
का Íवनाश क1ने म भी को( सम¤ नह| ह 1 (17)
अनतवन त çम े देहा Îनतय1योñा श1|1Þ1
अनाÎशनो€üम ेय1य त1मा² ुºय1व भा1त11 1811
çस नाश1Íहत, अüमेय, Îनतय1वFप Hीवातमा के ये सब श1|1 नाशवान कहे गये ह 1
çसÎH7 हे भ1तवशी अHुन ! तू यु@ क11 (18)
य 7न वेÍd हन ता1 य°न मन यते हतम1
3भ| त| न ÍवHानीतो नाय हÍनत न हनयत े11 1911
Hो 3स Hतमा को मा1ने वाHा सम$ता ह त¤ा Hो çसको म1ा मानता ह , वे दोन| ह|
नह| Hानते, 4य|Íक यह Hतमा वा1तव म न तो Íकसी को मा1ता ह H1 न Íकसी के §ा1ा मा1ा
Hाता ह 1( अनुकम )
न Hायत े Εयत े वा कदा ά-
नना य भूतवा भ Íवता वा न भ ूय1
अHो Îनतय शा+तो€य पु1ाÞो
न हनयते हनयमा ने श1|1 े11 2011
यह Hतमा Íकसी काH म भी न तो Hनमता ह H1 न म1ता ह| ह त¤ा न यह 3तपनन
होक1 Í91 होने वाHा ह| ह 4य|Íक यह अHनमा, Îनतय, सनातन H1 पु1ातन ह 1 श1|1 के मा1े
Hाने प1 भी यह नह| मा1ा Hाता ह 1
वेदाÍवना Îशन Îनतय य 7नमH म¯य यम1
क¤ स पु³¤ पा ¤ क ÞातयÎत ह Íनत क म1 1 2111
हे प¤ ापु³ अHुन ! Hो पु³¤ çस Hतमा को नाश1Íहत Îनतय, अHनमा H1 अ¯यय Hानता
ह , वह पु³¤ क से Íकसको म1वाता ह H1 क से Íकसको मा1ता ह ? (21)
वास ाÎस HीÞा Îन य¤ा Íवहाय
नवाÎन ग हÞा Îत न1 ो€ प1ाÍÞ1
त¤ा श1|1ाÍÞ Íवहाय HीÞा -
नयनयाÎन सयाÎत नवाÎन देह|11 2211
Hसे मनु*य पु1ाने वU| को तयागक1 दसू 1े नये वU| को TहÞ क1ता ह , व से ह|
Hीवातमा पु 1ाने श1|1| को तयागक1 दसू 1े नये श1|1| को üाB होता ह 1 (22)
नन ÎUद Íनत शUा ÍÞ न न दह Îत पावक
न ¬न 4H ेयनतयापो न शो¤यÎत मा³त 11 2311
çस Hतमा को शU काò नह| सकते, çसको Hग HHा नह| सकती, çसको HH गHा
नह| सकता H1 वायु सु ¼ा नह| सकती1
अ¯Uे²ो€यम दाHो€यम4H े²ो€शो*य 7व ¬1
Îनतय स व गत 1¤ान ु1¬Hो €य सनातन11 2411
4य|Íक यह Hतमा अ¯Uे ² ह , यह Hतमा अदाHा, अ4Hे² H1 Îनसदे ह अशो*य ह त¤ा
यह Hतमा Îनतय, सव¯ याÍप, अ¬H Í1¤1 1हने वाHा H1 सनातन ह 1 (24)
अ¯यñो€यम άन तयो€यमÍवकाय|€यम ु¯यत े1
त1माद ेव ÍवÍदतव न नान ुशोά तुमह Îस11 2511
यह Hतमा अ¯यñ ह , यह Hतमा अάनतय ह H1 यह Hतमा Íवका11Íहत कहा Hाता
ह 1 çससे हे अHुन ! çस Hतमा को 3पयुñ üका1 से Hानक1 तू शोक क1ने के यो¹य नह| ह
अ¤ात तु $े शोक क1ना 3άत नह| ह 1 (25) ( अनुकम )
अ¤ ¬न ÎनतयHात Îनतय वा मनयसे म तम1
त¤ाÍप तव म हाबाहो नव शो άतुमह Îस11 2611
Íकनतु यÍद तू çस Hतमा को सदा HनमनेवाHा त¤ा सदा म1ने वाHा मानता ह , तो भी
हे महाबाहो ! तू çस üका1 शोक क1ने को यो¹य नह| ह 1 (26)
Hात1य Íह º ुवो म तयुºु व Hन म म त1य ¬1
त1मादपÍ1 हाय €¤ न तव शो άतु मह Îस11 2711
4य|Íक çस मानयता के अनुसा1 Hनमे ह

7 की मत यु ÎनÍ°त ह H1 म1े ह

7 का Hनम
ÎनÍ°त ह 1 çससे भी çस Íबना 3पाय वाHे Íव¤म म तू शोक क1ने के यो¹य नह| ह 1 (27)
अ¯यñाद |Îन भ ूताÎन ¯यñमºयाÎन भा1त1
अ¯यñÎनधनानय ेव त ³ का पÍ1द ेवना11 2811
हे अHुन ! समपूÞ üाÞी Hनम से पहHे अüकò ¤े H1 म1ने के बाद भी अüकò हो Hाने
वाHे ह , के वH बी¬ म ह| üकò ह Í91 7सी Í1¤Îत म 4या शोक क1ना ह ? (28)
H°य वतप•यÎत क Í°देन -
मा °य व§दÎत त ¤व ¬ा नय1
H°य व¯¬नम नय श ु Þो Îत
शु तवा!य ेन वेद न ¬ व कÍ° त1 12911
को( 7क महापु³¤ ह| çस Hतमा को H°य की भाÎत दे ¼ता ह H1 व से ह| दसू 1ा को(
महापु³¤ ह| çसके तïव का H°य की भा Îत वÞन क1ता ह त¤ा दसू 1ा को( अÎधका1| पु³¤ ह|
çसे H°य की भा Îत सुनता ह H1 को(-को( तो सु नक1 भी çसको नह| Hानता1 (29)
दे ह| Îनतयमवºयो€य देहे सव 1य भा1त1
त1मातसवा ÍÞ भ ूताÎन न तव शोά तुमह Îस11 3011
हे अHुन ! यह Hतमा सबके श1|1| म सदा ह| अवºय ह 1 çस का1Þ समपूÞ üाÍÞय| के
ÎH7 तू शोक क1ने के यो¹य नह| ह 1 (30)
1वध म मÍप ¬ाव े‰य न ÍवकÍमप तुमह Îस1
धम या Í@ य ु@ा¯—ेयो€नयतH ͳय1य न Íव²त े11 3111
त¤ा अपने धम को दे ¼क1 भी तू भय क1ने यो¹य नह| ह अ¤ात तु$े भय नह| क1ना
¬ाÍह7 4य|Íक Hͳय के ÎH7 धमय ुñ यु@ से बõक1 दसू 1ा को( क~याÞका1| कत¯ य नह| ह 1
(31)
य•¯Uया ¬ोपप नन 1व ग §ा1मपाव तम1
सुͼन Hͳया पा ¤ Hभ नते यु@मी•शम1 13211
हे पा¤ ! अपने Hप üाB ह

7 H1 ¼ु Hे ह

7 1वग के §ा1Fप çस üका1 के यु@ को
भा¹यवान Hͳय Hोग ह| पाते ह 1 (32) ( अनुकम )
अ¤ ¬ेïव Îमम ध म य सTा म न कÍ1*यÎस1
तत 1व धम की Îत ¬ Íहतवा पापमवा!1यÎस11 3311
Íकनतु यÍद तू çस धमय ुñ यु@ को नह| क1े गा तो 1वधम H1 कीÎत को ¼ोक1 पाप को
üाB होगा1(33)
अकीÎत ¬ाÍप भ ूताÎन क¤ Îय*यÍनत त े €¯य याम1
समभाÍवत 1य ¬ा कीÎत म 1Þाद ÎतÍ1¯यत े11 3411
त¤ा सब Hोग ते1| बह

त काH तक 1हने वाHी अपकीÎत भी क¤न क1 गे H1 माननीय
पु³¤ के ÎH7 अपकीÎत म1Þ से भी बõक1 ह 1(34)
भया5Þा दु प1त म1यनत े तवा म हा1¤ा1
ये¤ा ¬ तव ब ह

मतो भ ूतवा या1यÎस HाÞवम1 1 351.
H1 ÍHनकी •ÍP म तू पहHे बह

त सममाÎनत होक1 अब HÞुता को üाB होगा, वे
महा1¤ी Hोग तु$े भय के का1Þ यु@ म हòा ह

H मानगे1(35)
अवा¯यवादा ° ब ह

न वÍद*यÍनत तवाÍह ता1
Îननदनत 1तव साम°य ततो द ु ¼त1 नु Íकम1 1 3611
ते1े व1| Hोग ते1े साम°य की Îननदा क1ते ह

7 तु$े बह

त से न कहने यो¹य व¬न भी
कह गे1 3ससे अÎधक दु ¼ H1 4या होगा?(36)
हतो व üा!1यÎस 1व ग ÍHतवा वा भो‰यस े मह| म1
त1माद ु Íd8 क|नत ेय य ु@ा य कतÎन °य11 3711
या तो तू यु@ म मा1ा Hाक1 1वग को üाB होगा अ¤वा स Tाम म Hीतक1 प° वी का
1ाजय भोगेगा1 çस का1Þ हे अHुन ! तू यु@ के ÎH7 Îन°य क1के ¼sा हो Hा1(37)
सु¼द ु ¼े समे कतवा HाभाHाभ| HयाHय|1
ततो य ु@ाय य ुजय1व न व पापमवा!1यÎस11 3811
Hय-प1ाHय, Hाभ-हाÎन H1 सु¼-दु ¼ को समान सम$क1, 3सके बाद यु@ के ÎH7 तया1
हो Hा1 çस üका1 यु@ क1ने से तू पाप को नह| üाB होगा1(38)
7¤ा त े€ ÎभÍह ता सा Fये बुÍ@य|ग े Íतवम ा श Þु1
बु@य ा युñो यया पा ¤ कम बनध üहा1यÎस11 3911
हे पा¤ ! यह बुÍ@ ते1े ÎH7 7ानयोग के Íव¤य म कह| गयी H1 अब तू çसको कमय ोग
के Íव¤य म सुन, ÍHस बुÍ@ से युñ ह

H तू कम| के बनधन को भHीभाÎत तयाग दे गा अ¤ात
सव¤ ा नP क1 sाHेगा1(39)
नेहा Îभक मनाशो €Í1त ü तयव ायो न Íव²त े1
1व~पम!य1य धम 1य ³ायत े मह तो भयात1 14011
çस कमय ोग म H1मभ का अ¤ात बीH का नाश नह| ह H1 3Hòा 9HFप दो¤ भी
नह| ह , बÍ~क çस कमय ोगFप धम का ¤ोsा सा भी साधन Hनम मत युFप महान भय से 1Hा
क1 Hेता ह 1 (40) ( अनुकम )
¯यवसायाÍतमका ब ुÍ@1 ेकेह कु ³ननदन1
बह

शा¼ा Hननता° ब ु@यो€¯यवसाÎयनाम1 1 4111
हे अHुन ! çस कमय ोग म Îन°याÍतमका बु Í@ 7क ह| होती ह , Íकनतु अÍ1¤1 Íव¬ा1 वाHे
Íववेकह|न सकाम मनु*य| की बुÍ@य Îन°य ह| बह

त भेद|वाHी H1 अननत होती ह 1(41)
याÎमम ा पुÍ*पत ा वा¬ üव दनतयÍवप Í°त 1
वेदवाद1ता पा¤ नानयद1तीÎत वा Íदन11 4211
कामातमान 1 वग प1ा Hनमकम 9Hü दाम1
ÍकयाÍव शे¤बह

Hा भोग +ग Îत üÎत11 4311
भोग+य üसñाना तयाप(त ¬ेतसाम1
¯यवसायाÍतमका ब ुÍ@ समा ध| न Íवधीयत े11 4411
हे अHुन ! Hो भोग| म तनमय हो 1हे ह , Hो कम9 H के üश सक वेदवा4य| म ह| üीÎत
1¼ते ह , ÍHनकी बुÍ@ म 1वग ह| प1म üा!य व1तु ह H1 Hो 1वग से बõक1 दसू 1| को( व1तु
ह| नह| ह - 7सा कहने वाHे ह , वे अÍववेकी Hन çस üका1 की ÍHस पुÍ*पत अ¤ात Íद¼ा3
शोभायुñ वाÞी को कहा क1ते ह Hो Íक HनमFप कम9 H दे ने वाHी H1 भोग त¤ा 7+य की
üाÎB के ÎH7 नाना üका1 की बह

त सी ÍकयाH का वÞन क1ने वाHी ह , 3स वाÞी §ा1ा ÍHनका
άd ह1 ÎHया गया ह , Hो भोग H1 7+य म अतयनत Hसñ ह , 3न पु³¤| की प1मातमा म
Îन°याÍतमका बु Í@ नह| होती1 (42, 43, 44)
³ गुÞयÍव ¤या वेदा ÎनU गुÞयो भवाH ु न1
Îन§ न§ो Îनतयसïव1 ¤ो Îनय|गH ेम Hतमवान1 14511
हे अHुन ! वेद 3पयुñ üका1 से तीन| गु Þ| के कायF प सम1त भोग| H1 3नके साधन|
का üÎतपादन क1ने वाHे ह , çसÎH7 तू 3न भोग| H1 3नके साधन| म HसÍñह|न, ह¤-शोकाÍद
§न§| से 1Íहत, Îनतयव1तु प1मातमा म Í1¤त योग-Hेम को न ¬ाहने वाHा H1 1वाधीन
अनतक1Þ वाHा हो1(45)
याव ा1न¤ 3दपा ने सव त सम!H ुतोदके1
तावान सव ¤ु वेदे¤ु üा(Þ1य ÍवHानत11 4611
सब H1 से पÍ1पूÞ HHाशय के üाB हो Hाने प1 Uोòे HHाशय म मनु*य का ÍHतना
üयोHन 1हता ह , ü( को तïव से Hानने वाHे üा(Þ का सम1त वेद| म 3तना ह| üयोHन 1ह
Hाता ह 1(46)
कम ÞयेवाÎध का11त े मा 9 Hे¤ु कदा¬न1
मा कम 9Hहेतूभू मा त े स ™गो€1तवक म ÍÞ11 4711
ते1ा कम क1ने म ह| अÎधका1 ह , 3नके 9H| म कभी नह|1 çसÎH7 तू कम| के 9H का
हे तु मत हो त¤ा ते1| कम न क1ने म भी HसÍñ न हो1(47) ( अनुकम )
योग1¤ कु³ कमा ÍÞ स ™ग तयñवा धन Hय1
Îस@यÎस@यो समो भ ूतवा समतव योग 3¯यत े11 4811
हे धनHय ! तू HसÍñ को तयाग क1 त¤ा ÎसÍ@ H1 अÎसÍ@ म समान बु Í@वाHा होक1
योग म Í1¤त ह

H कत¯ यकम| को क1, समतवभाव ह| योग कहHाता ह 1 (48)
दू1ेÞ Hव1 कम बु Í@य ोगा@न Hय1
बु@ो श1Þ मÍनव ¯U कपÞा 9Hह ेतव 11 4911
çस समतव बुÍ@योग से सकाम कम अतयनत ह| Îनमन शÞे ी का ह 1 çसÎH7 हे धनHय !
तू समबुÍ@ म ह| 1Hा का 3पाय ƒूƒ अ¤ात बुÍ@योग का ह| Hशय TहÞ क1, 4य|Íक 9H के
हे तु बनने वाHे अतयनत द|न ह 1(49)
बुÍ@य ुñो Hहातीह 3 भे सुकतद ु *कते1
त1मा²ोगाय युजय1व योग कम सु क|श Hम1 15011
समबु Í@युñ पु³¤ पुÞय H1 पाप दोन| को çसी Hोग म तयाग दे ता ह अ¤ात 3नसे मुñ
हो Hाता ह 1 çससे तू समतवFप योग म Hग Hा1 यह समतवFप योग ह| कम| म कु शHता ह
अ¤ात कमब नधन से Uू òने का 3पाय ह 1(50)
कम H बु Í@युñा Íह 9H तयñवा मनीͤÞ1
Hनमब नधÍवÎनम ु ñा प द ग¯ Uनतयनामयम1 1 5111
4य|Íक समबुÍ@ से युñ 7ानीHन कम| से 3तपनन होने वाHे 9H को तयागक1 HनमFप
बनधन से मुñ हो ÎनÍवक ा1 प1म पद को üाB हो Hाते ह 1(51)
यदा ते मो हकÎH H बुÍ@¯य Îतत Í1*यÎत1
तदा ग नता Îस Îनव द श ोत¯य1 य शु त1य ¬11 5211
ÍHस काH म ते1| बुÍ@ मोहFप दHदH को भHी भाÎत पा1 क1 Hायेगी, 3स समय तू
सुने ह

7 H1 सुनने म Hने वाHे çस Hोक H1 प1Hोकसमबनधी सभी भोग| से व1ा¹य को üाB
हो Hायेगा1(52)
शु ÎतÍवü Îतपनना त े यदा 1¤ा1यÎत Îन° Hा1
समाधाव¬ Hा ब ुÍ@1तदा योगवा!1यÎस11 5311
भाÎत-भा Îत के व¬न| को सुनने से Íव¬ÎHत ह

( ते1| बु Í@ Hब प1मातमा म अ¬H H1
Í1¤1 òह1 Hायेगी, तब तू योग को üाB हो Hायेगा अ¤ात ते1ा प1मातमा से Îनतय सयोग हो
Hायेगा1( अनुकम )
अHु न 3वा¬
Í1¤त ü71य का भा¤ा स माÎध 1¤1य केशव1
Í1¤त धी Íक üभा¤ ेत Íकमासीत üH ेत Íकम1 1 5411
अHुन बोHे हे के शव ! समाÎध म Í1¤त प1मातमा को üाB ह

7 Í1¤1बुÍ@ पु³¤ का 4या
HHÞ ह ? वह Í1¤1बुÍ@ पु³¤ क से बोHता ह , क से बòता ह H1 क से ¬Hता ह ?(54)
शीभगवान ुवा¬
üHहाÎत यदा कामानसवा नपा¤ मनोगतान1
Hत मन येवातमना तुP Í1¤ तü71तदो¯यत े11 5511
शी भगवान बोHे हे अHुन ! ÍHस काH म यह पु³¤ मन म Í1¤त समपूÞ कामनाH को
भHी भा Îत तयाग दे ता ह H1 Hतमा से Hतमा म ह| सतुP 1हता ह , 3स काH म वह Í1¤तü7
कहा Hाता ह 1(55)
दु ¼े*वन ुͧ¹नमन ा स ु¼े¤ु Íवग त1प ह1
वीत1ागभयकोध Í1¤त धीमु Îन³¯यत े11 5611
दु ¼| की üाÎB होने प1 ÍHसके मन प1 3§े ग नह| होता, सु¼| की üाÎB म Hो सव¤ ा
Îन1पह ह त¤ा ÍHसके 1ाग, भय H1 कोध नP हो गये ह , 7सा मुÎन Í1¤1बुÍ@ कहा Hाता ह 1
य स व ³ानÎभ1 नेह1तdतüा!य शुभाश ु भम1
नाÎभन नदÎत न §ेÍP त1य ü7ा üÎत Í8ता11 5711
Hो पु³¤ सव³ 1नेह 1Íहत ह

H 3स 3स शु भ या अशुभ व1तु को üाB होक1 न üसनन
होता ह H1 न §े ¤ क1ता ह 3सकी बुÍ@ Í1¤1 ह 1 (57)
यदा सह1त े ¬ाय कूम|€™ गनीव सव श1
çÍन5 याÞीÍन5या ¤¹य1त1य ü7ा üÎतÍ8ता11 5811
H1 Hसे कUु वा सब H1 से अपने अग| को समेò Hेता ह , व से ह| Hब यह पु³¤
çÍन5य| के Íव¤य| से çÍन5य| के सब üका1 से हòा Hेता ह , तब 3सकी बु Í@ Í1¤1 ह 1 (7सा
सम$ना ¬ाÍह7)1
Íव¤या ÍवÎनवत नते Îन1ाहा11 य दे Íहन1
1सव H 1सो€!य1य प1 •*”वा Îनवत ते11 5911
çÍन5य| के §ा1ा Íव¤य| को TहÞ न क1ने वाHे पु³¤ के भी के वH Íव¤य तो Îनवd हो
Hाते ह , प1नतु 3नम 1हने वाHी HसÍñ Îनवd नह| होती1 çस Í1¤तü7 पु³¤ की तो HसÍñ
भी प1मातमा का साHातका1 क1के Îनवd हो Hाती ह 1 ( ) 59
यततो HÍप क| नतेय पु ³¤1य Íवप Í°त 1
çÍन5याÍÞ ü मा¤ीÎन ह1Íनत üस भ मन11 6011
हे अHुन ! HसÍñ का नाश न होने के का1Þ ये üम¤न 1वभाव वाHी çÍन5या यŒ
क1ते ह

7 बुÍ@मान पु³¤ के मन को भी बHात ह1 Hेती ह 1( ) 60 ( अनुकम )
ताÎन स वा ÍÞ स यमय य ुñ Hसीत मतप11
वशे Íह य1 येÍन5याÍÞ त 1य ü7ा ü ÎतÍ8 ता11 6111
çसÎH7 साधक को ¬ाÍह7 Íक वह 3न समपूÞ çÍन5य| को वश म क1के समाÍहतάd


H मे1े प1ायÞ होक1 ºयान म बòे , 4य|Íक ÍHस पु³¤ की çÍन5या वश म होती ह , 3सी की
बुÍ@ Í1¤1 हो Hाती ह 1 ( ) 61
ºयायत े Íव¤यानप ुस स ™ग1त े¤ूपHायत े1
स™गातस Hायत े काम कामातकोधो€ ÎभHायत े11 6211
Íव¤य| का άनतन क1ने वाHेपु³¤ की 3न Íव¤य| म HसÍñ हो Hाती ह  , HसÍñ से 3न
Íव¤य| की कामना 3तपनन होती ह H1 कामना म Íव‡न पsने से कोध 3तपनन होता ह 1( ) 62
को धाद भवÎत सममोह सम मोहात1म ÎतÍव• म1
1म Îत• शाद बुÍ@नाशो बु Í@नाशातüÞ •यÎत11 6311
कोध से अतयनत मूõभाव 3तपनन हो Hाता ह , मूõभाव से 1मÎ त म •म हो Hाता ह ,
1मÎ त म •म हो Hाने से बुÍ@ अ¤ात 7ानशÍñ का नाश हो Hाता ह H1 बुÍ@ का नाश हो
Hाने से यह पु³¤ अपनी Í1¤Îत से Îग1 Hाता ह 1( ) 63
1ाग§ े¤Íवय ुñ1तु Íव¤याÎनÍन5य °1 न1
Hत मव•य Íव धेयातमा üसादम Îधग ¯UÎत11 6411
प1नतु अपने अधीन Íकये ह

7 अनत क1ÞवाHा साधक अपने वश म की ह

(, 1ाग-§े ¤ से
1Íहत çÍन5य| §ा1ा Íव¤य| म Íव¬1Þ क1ता ह

H अनतक1Þ की üसननता को üाB होता ह 1
( ) 64
üसादे सव दु ¼ा ना हा Îन11य ोपHायत े1
üसनन¬ेतसो Hाश ु बु Í@ पय वÎत8त े11 6511
अनतक1Þ की üसननता होने प1 çसके समपूÞ दु ¼| का अभाव हो Hाता ह H1 3स
üसनन άdवाHे कमय ोगी की बुÍ@ शीU ह| सब H1 से हòक1 प1मातमा म ह| भHी भाÎत
Í1¤1 हो Hाती ह 1( ) 65
नाÍ1त ब ु Í@1 युñ1य न ¬ायुñ1य भावना1
न ¬ाभावयत शा Íनत1 शानत1य क ुत सु¼म1 1 6611
न Hीते ह

7 मन H1 çÍन5य| वाHे पु³¤ म Îन°याÍतमका बुÍ@ नह| होती H1 3स
अयुñ मनु*य के अनतक1Þ म भावना भी नह| होती त¤ा भावनाह|न मनु*य को शाÍनत नह|
ÎमHती H1 शाÍनत1Íहत मनु*य को सु¼ क से ÎमH सकता ह ?( ) 66 ( अनुकम )
çÍन5याÞा Íह ¬1त ा यनमनो€न ु Íवधीयत े1
तद1य ह1 Îत ü7ा वाय ुना वÎमवामभ Îस11 6711
4य|Íक Hसे HH म ¬Hने वाHी नाव को वायु ह1 Hेती ह , वसे ह| Íव¤य| म Íव¬1ती ह

(
çÍन5य| म से मन ÍHस çÍन5य के सा¤ 1हता ह वह 7क ह| çÍन5य çस अयुñ पु³¤ की बुÍ@
को ह1 Hेती ह 1( ) 67
त1मा²1य महाबाहो Îनग ह|ताÎन स व श1
çÍन5 याÞीÍन5या ¤¹य1त1य ü7ा üÎतÍ8ता11 6811
çसÎH7 हे महाबाहो ! ÍHस पु³¤ की çÍन5या çÍन5य| के Íव¤य| से सब üका1 ÎनTह की


( ह , 3सी की बु Í@ Í1¤1 ह 1( ) 68
या Îन शा सव भूताना त 1या Hाग Îत सयमी1
य1या HाT Îत भ ूताÎन सा Îनशा प•यतो मुने 11 6911
समपूÞ üाÍÞय| के ÎH7 Hो 1ाͳ के समान ह , 3स Îनतय 7ान1वFप प1माननद की
üाÎB म Í1¤तü7 योगी Hागता ह H1 ÍHन नाशवान सासाÍ1क सु¼ की üाÎB म सब üाÞी
Hागते ह , प1मातमा के तïव को Hानने वाHे मुÎन के ÎH7 वह 1ाͳ के समान ह 1
Hपूय माÞम ¬Hü Îत8
समु5माप üÍव शÍनत य§त1
त§तकामा य üÍव शÍनत सव
स शाÍनत मा!नोÎत न कामकामी11 7011
Hसे नाना नÍदय| के HH सब H1 से पÍ1पूÞ अ¬H üÎत8ावाHे समु5 म 3सको
Íव¬ÎHत न क1ते ह

7 ह| समा Hाते ह , वसे ह| सब भोग ÍHस Í1¤तü7 पु³¤ म Íकसी üका1
का Íवका1 3तपनन Íकये Íबना ह| समा Hाते ह , वह| पु³¤ प1म शाÍनत को üाB होता ह , भोग|
को ¬ाहने वाHा नह|1 ( ) 70
Íवहा य कामानय सवा नपु मा °1 Îत Îन 1प ह1
Îनम मो Îन1ह का1 स शाÍनत मÎधग ¯UÎत11 7111
Hो पु³¤ समपूÞ कामनाH को तयागक1 ममता1Íहत, अह का1 1Íहत H1 1पह 1Íहत ह

H
Íव¬1ता ह , वह| शाÍनत को üाB होता ह अ¤ात वह शाÍनत को üाB ह 1( ) 71
7¤ा üा(| Í1¤ Îत पा¤ नना üा!य Íवमु HÎत1
Í1¤तवा1यामनत काHे€ Íप ü(Îनवा Þम ¯UÎत11 7211
हे अHुन ! यह ü( को üाB ह

7 पु³¤ की Í1¤Îत ह 1 çसको üाB होक1 योगी कभी
मोÍहत नह| होता H1 अनतकाH म भी çस üा(| Í1¤Îत म Í1¤त होक1 ü(ाननद को üाB हो
Hाता ह 1( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमदभगवदगीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे साFययोगो नाम ͧतीयो€ºयाय11211
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवदगीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 'साFययोग' नामक ͧतीय अºयाय समपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
तीस1 े अºयाय क ा माहातमय
शी भग वान कहते ह - Íüये ! Hन1¤ान म 7क Hs नामक üा(Þ ¤ा, Hो क|Îशक वश
म 3तपनन ह

H ¤ा1 3सने अपना Hातीय धम Uोsक1 बÎनये की वÍ d म मन Hगाया1 3से
प1ायी ÍUय| के सा¤ ¯यÎभ¬ा1 क1ने का ¯यसन पs गया ¤ा1 वह सदा HुH ¼ेHता, श1ाब
पीता H1 Îशका1 ¼ेHक1 Hीव| की Íह सा Íकया क1ता ¤ा1 çसी üका1 3सका समय बीतता ¤ा1
धन नP हो Hाने प1 वह ¯यापा1 के ÎH7 बह

त द1ू 3d1 Íदशा म ¬Hा गया1 वहा से धन
कमाक1 Þ1 की H1 H|òा1 बह

त द1ू तक का 1ा1ता 3सने तय क1 ÎHया ¤ा1 7क Íदन सूया1 त
हो Hाने प1 Hब दस| ÍदशाH म अनधका1 9 H गया, तब 7क वH के नी¬े 3से Hु òे 1| ने ध1
दबाया H1 शीU ह| 3सके üाÞ Hे ÎH71 3सके धम का Hोप हो गया ¤ा, çसÎH7 वह बsा
भयानक üेत ह

H1
3सका पु ³ बsा ह| धमात मा H1 वेद| का Íव§ान ¤ा1 3सने अब तक Íपता के H|ò Hने
की 1ाह दे ¼ी1 Hब वे नह| Hये , तब 3नका पता Hगाने के ÎH7 वह 1वय भी Þ1 Uोsक1 ¬H
Íदया1 वह üÎतÍदन ¼ोH क1ता, मग1 1ाहगी1| से पूUने प1 भी 3से 3नका कु U समा¬ा1 नह|
ÎमHता ¤ा1 तदननत1 7क Íदन 7क मनु*य से 3सकी भò ह

(, Hो 3सके Íपता का सहायक ¤ा,
3ससे सा1ा हाH Hानक1 3सने Íपता की मत यु प1 बह

त शोक Íकया1 वह बsा बुÍ@मान ¤ा1
बह

त कु U सो¬-Íव¬ा1 क1 Íपता का पा1H|Íकक कम क1ने की ç¯Uा से Hव•यक सामTी सा¤
Hे 3सने काशी Hाने का Íव¬ा1 Íकया1 माग म सात-Hò मुकाम sाH क1 वह न|व Íदन 3सी
वH के नी¬े H पह

¬ा Hहा 3सके Íपता मा1े गये ¤े1 3स 1¤ान प1 3सने स ºयोपासना की H1
गीता के तीस1े अºयाय का पाò Íकया1 çसी समय Hकाश म बs| भयानक HवाH ह

(1 3सने
Íपता को भयक1 Hका1 म दे ¼ा Í91 तु 1नत ह| अपने सामने Hकाश म 3से 7क सुनद1 Íवमान
Íद¼ा( Íदया, Hो तेH से ¯याB ¤ा1 3सम अनेक| Hू5 ÞÍòका7 Hगी ¤ी1 3सके तेH से सम1त
Íदशा7 HHोÍकत हो 1ह| ¤ी1 यह ••य दे ¼क1 3सके άd की ¯यTता द1ू हो गयी1 3सने
Íवमान प1 अपने Íपता को Íद¯य Fप धा1Þ Íकये Íव1ाHमान दे ¼ा1 3नके श1|1 प1 पीतामब1
शोभा पा 1हा ¤ा H1 मुÎनHन 3नकी 1तुÎत क1 1हे ¤े1 3नह दे ¼ते ह| पु ³ ने üÞाम Íकया, तब
Íपता ने भी 3से Hशीवाद Íदया1( अनुकम )
ततप°ात 3सने Íपता से यह सा1ा वd ानत पूUा1 3सके 3d1 म Íपता ने सब बात बताक1
çस üका1 कहना H1मभ Íकया 'बेòा ! द ववश मे1े Îनकò गीता के तÎ तय अºयाय का पाò
क1के तुमने çस श1|1 के §ा1ा Íक7 ह

7 द1ु तयH कमब नधन से मु $े Uु sा Íदया1 अत अब Þ1
H|ò HाH 4य|Íक ÍHसके ÎH7 तुम काशी Hा 1हे ¤े, वह üयोHन çस समय तत ीय अºयाय के
पाò से ह| Îस@ हो गया ह 1' Íपता के य| कहने प1 पु³ ने पूUा 'तात ! मे1े Íहत का 3पदे श
द|ÍH7 त¤ा H1 को( काय Hो मे1े ÎH7 क1ने यो¹य हो बतHाçये1' तब Íपता ने कहा 'अनÞ !
तुमहे यह| काय Í91 क1ना ह 1 म ने Hो कम Íकये ह , वह| मे1े भा( ने भी Íकये ¤े1 çससे वे Þो1
न1क म पsे ह 1 3नका भी तुमहे 3@ा1 क1ना ¬ाÍह7 त¤ा मे1े कु न के H1 भी ÍHतने Hोग
न1क म पsे ह , 3न सबका भी तुमहा1े §ा1ा 3@ा1 हो Hाना ¬ाÍह71 यह| मे1ा मनो1¤ ह 1 बेòा !
ÍHस साधन के §ा1ा तु मने मु$े स कò से Uु sाया ह , 3सी का अनु8ान H1| के ÎH7 भी क1ना
3άत ह 1 3सका अनु8ान क1के 3ससे होने वाHा पुÞय 3न ना1की Hीव| को सक~प क1क दे दो1
çससे वे सम1त पूवH मे1| ह| त1ह यातना से मु ñ हो 1व~पकाH म ह| शीÍव*Þु के प1म पद
को üाB हो Hायगे1'
Íपता का यह सदे श सुनक1 पु³ ने कहा 'तात ! यÍद 7सी बात ह H1 Hपकी भी 7सी
Fά ह तो म सम1त ना1की Hीव| का न1क से 3@ा1 क1 द गू ा1' यह सुनक1 3सके Íपता बोHे
'बेòा ! 7वम1तु1 तुमहा1ा क~याÞ हो1 मे1ा अतयनत Íüय काय समपनन हो गया1' çस üका1 पु³
को H+ासन दे क1 3सके Íपता भगवान Íव*Þु के प1म धाम को ¬Hे गये1 ततप°ात वह भी
H|òक1 Hन1¤ान म Hया H1 प1म सुनद1 भगवान शीक *Þ के मÍनद1 म 3नके समH बòक1
Íपता के Hदे शानुसा1 गीता के तीस1े अºयाय का पाò क1ने Hगा1 3सने ना1की Hीव| का 3@ा1
क1ने की ç¯Uा से गीतापाòHÎनत सा1ा पुÞय सक~प क1के दे Íदया1
çसी बी¬ म भगवान Íव*Þु के दतू यातना भोगने वाHे न1क की Hीव| को Uु sाने के
ÎH7 यम1ाH के पास गये1 यम1ाH ने नाना üका1 के सतका1| से 3नका पूHन Íकया H1
कु शHता पूU|1 वे बोHे 'धम1 ाH ! हम Hोग| के ÎH7 सब H1 Hननद ह| Hननद ह 1' çस
üका1 सतका1 क1के ÍपतH ोक के स•ाò प1म बुÍ@मान यम ने Íव*Þुदतू | से यमHोक म Hने
का का1Þ पूUा1
तब Íव*Þ ुदूत| ने कहा यम1ाH ! शे¤शŽया प1 शयन क1ने वाHे भगवान Íव*Þु ने
हम Hोग| को Hपके पास कु U स दे श दे ने के ÎH7 भेHा ह 1 भगवान हम Hोग| के मु¼ से
Hपकी कु शH पूUते ह H1 यह H7ा दे ते ह Íक 'Hप न1क म पsे ह

7 सम1त üाÍÞय| को
Uोs द 1'
अÎमत तेH1वी भगवान Íव*Þु का यह Hदे श सु नक1 यम ने म1तक $ुकाक1 3से
1वीका1 Íकया H1 मन ह| मन कु U सो¬ा1 ततप°ात मदोनमd ना1की Hीव| को न1क से मुñ
दे ¼क1 3नके सा¤ ह| वे भगवान Íव*Þु के वास 1¤ान को ¬Hे1 यम1ाH श8े Íवमान के §ा1ा
Hहा Hी1साग1 ह , वहा Hा पह

¬े1 3सके भीत1 कोÍò-कोÍò सूय| के समान काÍनतमान नीH
कमH दH के समान •यामसुनद1 Hोकना¤ Hगदगु³ शी हÍ1 का 3नह|ने दशन Íकया1 भगवान
का तेH 3नकी शŽया बने ह

7 शे¤नाग के 9Þ| की मÍÞय| के üकाश से दगु ना हो 1हा ¤ा1 वे
Hननदयुñ Íद¼ा( दे 1हे ¤े1 3नका (दय üसननता से पÍ1पूÞ ¤ा1( अनुकम )
भगवती H‰मी अपनी स1H άतवन से üेमपूवक 3नह बा1-बा1 Îनहा1 1ह| ¤ी1 ¬ा1| H1
योगीHन भगवान की सेवा म ¼sे ¤े1 ºयान1¤ होने के का1Þ 3न योÎगय| की H¼| के ता1े
Îन°H üतीत होते ¤े1 दे व1ाH çन5 अपने Íव1ोÎधय| को प1ा1त क1ने के 3ˆे •य से भगवान की
1तुÎत क1 1हे ¤े1 ü(ाHी के मु ¼ से ÎनकHे ह

7 वेदानत-वा4य मूÎतम ान होक1 भगवान के गुÞ|
का गान क1 1हे ¤े1 भगवान पूÞत सतुP होने के सा¤ ह| सम1त योÎनय| की H1 से 3दासीन
üतीत होते ¤े1 Hीव| म से ÍHनह|ने योग-साधन के §ा1ा अÎधक पुÞय स ¬य Íकया ¤ा, 3न
सबको 7क ह| सा¤ वे क पा•ÍP स Îनहा1 1हे ¤े1 भगवान अपने 1वFप भू त अͼH ¬1ा¬1
Hगत को HननदपूÞ •ÍP से HमोÍदत क1 1हे ¤े1 शे¤नाग की üभा से 3†ाÎसत H1 सव³
¯यापक Íद¯य ÍवTह धा1Þ Íकये नीH कमH के स•श •याम वÞव ाHे शीहÍ1 7से Hान पsते ¤े,
मानो ¬ा दनी से ÎÞ1ा ह

H Hकाश सु शोÎभत हो 1हा हो1 çस üका1 भगवान की $ाकी के दशन
क1के यम1ाH अपनी ÍवशाH बुÍ@ के §ा1ा 3नकी 1तु Îत क1ने Hगे1
यम1ाH बोH े समपूÞ Hगत का ÎनमाÞ क1ने वाHे प1मे+1 ! Hपका अनतक1Þ
अतयनत ÎनमH ह 1 Hपके मु¼ से ह| वेद| का üादभु ाव ह

H ह 1 Hप ह| Íव+1वFप H1 çसके
Íवधायक ü(ा ह 1 Hपको नम1का1 ह 1 अपने बH H1 वेग के का1Þ Hो अतयनत दधु ¤ üतीत
होते ह , 7से दानवेन5| का अÎभमान ¬ू Þ क1ने वाHे भगवान Íव*Þु को नम1का1 ह 1 पाHन के
समय सïवमय श1|1 धा1Þ क1ने वाHे, Íव+ के Hधा1भूत, सव¯ यापी शीहÍ1 को नम1का1 ह 1
सम1त दे हधाÍ1य| की पातक-1ाÎश को द1ू क1ने वाHे प1मातमा को üÞाम ह 1 ÍHनके HHाòवत‹
ने³ के तÎनक-सा ¼ु Hने प1 भी Hग की Hपò ÎनकHने Hगती ह , 3न F5Fपधा1| Hप प1मे+1
को नम1का1 ह 1 Hप समपूÞ Íव+ के गु ³, Hतमा H1 महे +1 ह , अत सम1त व÷वHन| को
सकò से मुñ क1के 3न प1 अनुTह क1ते ह 1 Hप माया से Íव1ता1 को üाB ह

7 अͼH Íव+
म ¯याB होक1 भी कभी माया अ¤वा 3ससे 3तपनन होने वाHे गु Þ| से मोÍहत नह| होते1 माया
त¤ा मायाHÎनत गुÞ| के बी¬ म Í1¤त होने प1 भी Hप प1 3नम से Íकसी का üभाव नह|
पsता1 Hपकी मÍहमा का अनत नह| ह , 4य|Íक Hप असीम ह Í91 Hप वाÞी के Íव¤य क से
हो सकते ह ? अत मे1ा म|न 1हना ह| 3άत ह 1
çस üका1 1तु Îत क1के यम1ाH ने हा¤ Hोsक1 कहा 'Hगदगु1ो ! Hपके Hदे श से çन
Hीव| को गु Þ1Íहत होने प1 भी मने Uोs Íदया ह 1 अब मे1े यो¹य H1 Hो काय हो, 3से
बताçये1' 3नके य| कहने प1 भगवान मधुसूदन मेÞ के समान गमभी1 वाÞी §ा1ा मानो अमत 1स
से सी ¬ते ह

7 बोHे 'धम1 ाH ! तुम सबके üÎत समान भाव 1¼ते ह

7 Hोक| का पाप से 3@ा1
क1 1हे हो1 तुम प1 दे हधाÍ1य| का भा1 1¼क1 म ÎनÍ°नत ह

1 अत तुम अपना काम क1ो H1
अपने Hोक को H|ò HाH1' ( अनुकम )
य| कहक1 भगवान अनतधान हो गये1 यम1ाH भी अपनी पु1| को H|ò Hये1 तब वह
üा(Þ अपनी HाÎत के H1 सम1त ना1की Hीव| का न1क से 3@ा1 क1के 1वय भी श8े Íवमा1
§ा1ा शी Íव*Þुधाम को ¬Hा गया1
तीस1ा अºयाय कम योग
दसू 1े अºयाय म भगवान शीक *Þ ने शोक 11 से शोक 30 तक Hतमतïव सम$ाक1
साFययोग का üÎतपादन Íकया1 बाद म शोक 31 से शोक 53 तक सम1त बुÍ@Fप कमय ोग के
§ा1ा प1मे+1 को पाये ह

7 Í1¤तü7 Îस@ पु³¤ के HHÞ, H¬1Þ H1 महतव का üÎतपादन
Íकया1çसम कमय ोग की मÍहमा बताते ह

7 भगवान ने  47 त¤ा 48 व शोक म कमय ोग का
1वFप बताक1 अHुन को कम क1ने को कहा1 49 व शोक म समतव बुÍ@Fप कमय ोग की
अपेHा सकाम कम का 1¤ान बह

त नी¬ा बताया1 50 व शोक म समतव बुÍ@युñ पु³¤ की
üश सा क1के अHुन को कमय ोग म Hुs Hाने के ÎH7 कहा H1 51 वे शोक म बताया Íक
समतव बुÍ@युñ 7ानी पु ³¤ को प1म पद की üाÎB होती ह 1 यह üस ग सुनक1 अHुन ò|क से
तय नह| क1 पाया1 çसÎH7 भगवान से 3सका H1 1पPीक1Þ क1ाने त¤ा अपना ÎनÍ°त
क~याÞ Hानने की ç¯Uा से अHुन पूUता ह
11 अ¤ त तीयो€ºयाय 11
अHु न 3वा¬
जया यसी ¬ ेतक म Þ1ते मता ब ुÍ@H नाद न1
तÍतक क म ÍÞ Þो1 े मा ÎनयोHयÎस क े शव11 111
अHुन बोHे हे Hनाद न ! यÍद Hपको कम की अपेHा 7ान श8े मानय ह तो Í91 हे
के शव ! मु $े भयक1 कम म 4य| Hगाते ह ?
¯याÎम शे Þेव वा4य ेन ब ुÍ@ मोहयसीव म े1
तदेक वद Îन Í°तय य ेन श े यो€ह मा! नुयाम1 1 211
Hप ÎमHे ह

7 व¬न| से मे1| बुÍ@ को मानो मोÍहत क1 1ह ह 1 çसÎH7 3स 7क बात को
ÎनÍ°त क1के कÍह7 ÍHससे म क~याÞ को üाB हो Hा3 1( ) 2
शीभगवान ुवा¬
Hोके€ Í1म Íन§ Íवधा Îन8ा प ु1ा üोñा मयानÞ1
7ान योगेन साFया ना क म योगेन योÎगनाम1 1311
शी भगवनान बोHे हे Îन*पाप ! çस Hोक म दो üका1 की Îन8ा मे1े §ा1ा पहHे कह|
गयी ह 1 3नम से साFययोÎगय| की Îन8ा तो 7ानयोग से H1 योÎगय| की Îन8ा कमय ोग से
होती ह 1( ) 3 ( अनुकम )
न कम Þामना1मभानन *कमय पु³¤ो€÷ ुते1
न ¬ स नयसनाद ेव ÎसÍ@ स मÎधग ¯UÎत 11 411
मनु*य न तो कम| का H1मभ Íकये Íबना Îन*कमत ा को याÎन योगÎन8ा को üाB होता
ह H1 न कम| के के वH तयागमा³ से ÎसÍ@ यानी साFयÎन8ा को ह| üाB होता ह 1( ) 4
न Íह कÍ° तHÞमÍप Hात ु Îत8तयकम कत1
काय ते Hव श क म सव üकÎत Hगु Þ 11 511
Îनसदे ह को( भी मनु*य Íकसी काH म HÞमा³ भी Íबना कम Íकये नह| 1हता, 4य|Íक
सा1ा मनु*य समु दाय üक Îत HÎनत गुÞ| §ा1ा प1वश ह

H कम क1ने के ÎH7 बाºय Íकया Hाता
ह 1
कम न5याÍÞ स यमय य H1त े मन सा 1म1न1
çÍन5या¤ा Íनवम ूƒातमा Îम°या¬ा1 स 3¯यत े11 611
Hो मूƒबुÍ@ मनु*य सम1त çÍन5य| को हòपूवक 3प1 से 1ोकक1 मन से 3न çÍन5य| के
Íव¤य| का άनतन क1ता 1हता ह , वह Îम°या¬ा1| अ¤ात दमभी कहा Hाता ह 1( ) 6
यÍ1तव Íन5याÞी मनसा Îनयमय ा1भत े €Hु न1
कम Íन5य कम योगम सñ स Íव Îश*यत े11 711
Íकनतु हे अHुन ! Hो पु³¤ मन से çÍन5य| को वश म क1के अनासñ ह

H सम1त
çÍन5य| §ा1ा कमय ोग का H¬1Þ क1ता ह , वह| श8े ह 1( ) 7
Îनयत कु³ कम तव क म जया यो Hक म Þ1
श1|1य ा³ाÍप ¬ ते न üÎस@ येदकम Þ11 811
तू शाUÍवÍहत कत¯ य कम क1, 4य|Íक कम न क1ने की अपेHा कम क1ना श8े ह त¤ा
कम न क1ने से ते1| श1|1 Îनवा भी Îस@ नह| होगा1( ) 8
य7ा¤ा तकम Þो€नय³ Hोको €य कम बन धन1
तद¤ कम क| नतेय मुñस™ ग स मा¬111 911
य7 के ÎनÎमd Íकये Hाने कम| के अÎतÍ1ñ दसू 1े कम| म Hगा ह

H ह| यह मनु*य
समुदाय कम| से ब धता ह 1 çसÎH7 हे अHुन ! तू HसÍñ से 1Íहत होक1 3स य7 के ÎनÎमd
ह| भHीभा Îत कत¯ य कम क11( ) 9
सहय7ा üHा स *”वा प ु1ोवा¬ üHाप Îत1
अनेन üस Íव*यºवम े¤ वो€ Í1तवP कामध ुक 11 1011
üHापÎत ü(ा ने क~प के HÍद म य7 सÍहत üHाH को 1¬क1 3नसे कहा Íक तु म
Hोग çस य7 के §ा1ा वÍ @ को üाB होH H1 यह य7 तु म Hोग| को çͯUत भोग üदान क1ने
वाHा हो1( ) 10 ( अनुकम )
देवानभावयतान ेन त े देवा भावयनत ु व 1
प11प1 भावयनत शे य प1मवा!1य¤11 1111
तुम Hोग çस य7 के §ा1ा दे वताH को 3ननत क1ो H1 वे दे वता तुम Hोग| को 3ननत
क1 1 çस üका1 Îन1वा¤भ ाव से 7क-दसू 1े को 3ननत क1ते ह

7 तुम Hोग प1म क~याÞ को üाB
हो HाHगे1( ) 11
çPानभोगा Íनह वो द ेवा दा1यनत े य7भाÍवता 1
तद dानüदाय ¹ यो यो भुñे 1त ेन 7व स 11 1211
य7 के §ा1ा बõाये ह

7 दे वता तुम Hोग| को Íबना मा गे ह| çͯUत भोग Îन°य ह| दे ते
1ह गे1 çस üका1 3न दे वताH के §ा1ा Íदये ह

7 भोग| को Hो पु³¤ 3नको Íबना Íदये 1वय
भोगता ह , वह ¬ो1 ह| ह 1( ) 12
य7ÎशPा Îशन स नतो म ु ¯यनत े सव ÍकÍ~ब¤ 1
भुHते ते तवÞ पापा य े प ¬नतयातमका1Þ ात1 11311
य7 से ब¬े ह

7 अनन को ¼ाने वाHे श8े पु³¤ सब पाप| से मु ñ हो Hाते ह H1 पापी
Hोग अपना श1|1-पो¤Þ क1ने के ÎHये ह| अनन पकाते ह , वे तो पाप को ह| ¼ाते ह 1( ) 13
अननाद भवÍनत भूताÎन पH नयादननस भव 1
य7ाद भवÎत पH नयो य7 क म समुद भव 11 1411
कम ü(ोद भव Íव Í@ ü(ाH1सम ुदभवम1
त1मातसव गत ü ( Îनतय य 7े ü ÎतÍ8त म1 11511
समपूÞ üाÞी अनन से 3तपनन होते ह , अनन की 3तपÍd वÍ P से होती ह , वÍ P य7 से
होती ह H1 य7 ÍवÍहत कम| से 3तपनन होने वाHा ह 1 कमस मुदाय को तू वेद से 3तपनन H1
वेद को अÍवनाशी प1मातमा से 3तपनन ह

H Hान1 çससे Îस@ होता ह Íक सव¯ यापी प1म अH1
प1मातमा सदा ह| य7 म üÎतÍ8त ह 1
7व üव Îत त ¬क ना नुवत यतीह य1
अÞा युÍ1 Íन5या1ामो मोÞ पा¤ स HीवÎत11 1611
हे पा¤ ! Hो पु³¤ çस Hोक म çस üका1 प1मप1ा से ü¬ÎHत सÍ P¬क के अनुकू H नह|
ब1तता अ¤ात अपने कत¯ य का पाHन नह| क1ता, वह çÍन5य| के §ा1ा भोग| म 1मÞ क1ने
वाHा पापायु पु³¤ ¯य¤ ह| Hीता ह 1( ) 16
य1तवातम1Îत1 ेव 1यादा तमत B° मानव1
Hत मन येव ¬ स नतुP1त1य काय न Íव²त े11 1711
प1नतु Hो मनु*य Hतमा म ह| 1मÞ क1ने वाHा H1 Hतमा म ह| तB त¤ा Hतमा म
ह| सनतP ह , 3सके ÎH7 को( कत¯ य नह| ह 1( ) 17 ( अनुकम )
नव त1य कतेना¤| नाकतेने ह क°न1
न ¬ा1य सव भूते¤ु क Í°द ¤ ¯यपाशय11 1811
3स महापु³¤ का çस Íव+ म न तो कम क1ने से को( üयोHन 1हता ह H1 न कम| के
न क1ने से ह| को( üयोHन 1हता ह त¤ा समपूÞ üाÍÞय| म भी çसका Íक άनमा³ भी 1वा¤
का समबनध नह| 1हता1( ) 18
त1मादसñ स तत काय कम समा¬11
असñो Hा¬1नक म प1मा!न ोÎत प ू³¤11 1911
çसÎH7 तू Îन1नत1 HसÍñ से 1Íहत होक1 सदा कत¯ यकम को भHी भा Îत क1ता 1ह
4य|Íक HसÍñ से 1Íहत होक1 कम क1ता ह

H मनु*य प1मातमा को üाB हो Hाता ह 1( ) 19
कम Þव Íह स Îस Í@मा Í1¤ता Hनकादय1
Hोकस TहमेवाÍप स मप•यनकत ु मह Îस11 2011
HनकाÍद 7ानीHन भी HसÍñ 1Íहत कम§ ा1ा ह| प1म ÎसÍ@ को üाB ह

7 ¤े1 çसÎH7
त¤ा HोकसTह को दे ¼ते ह

7 भी तू कम क1ने को ह| यो¹य ह अ¤ात तु$े कम क1ना ह| 3άत
ह 1( ) 20
य²द ा¬1 Îत श े 81तdद ेवेत1ो Hन1
स यतüमाÞ कु³ते Hोक1त दनुवत ते11 2111
श8े पु³¤ Hो-Hो H¬1Þ क1ता ह , अनय पु³¤ भी वसा-व सा ह| H¬1Þ क1ते ह 1 वह
Hो कु U üमाÞ क1 दे ता ह , सम1त मनु*य-समुदाय 3सके अनुसा1 ब1तने Hग Hाता ह 1( ) 21
न मे पा¤ा Í1त क त ¯य ͳ¤ु Hोके¤ु Íक ¬न1
नानवा BमवाB¯य वत 7व ¬ क म ÍÞ11 2211
हे अHुन ! मु$े çन तीन| Hोक| म न तो कु U कत¯ य ह न ह| को( भी üाB क1ने यो¹य
व1तु अüाB ह , तो भी म कम म ह| ब1तता ह

1( ) 22
यÍद Hह न वत य Hात ु कम ÞयÍन5 त1
मम वत मा नुवत नते मन ु*या पा¤ सव श11 2311
4य|Íक हे पा¤ ! यÍद कदाάत म सावधान होक1 कम| म न ब1तू तो बs| हाÎन हो
Hा7, 4य|Íक मनु*य सब üका1 से मे1े ह| माग का अनुस1Þ क1ते ह 1( ) 23
3तसीद ेयुÍ1म े Hोका न क ुया क म ¬ेदहम1
सक11य ¬ क ता 1याम ुपह नयाÎममा üHा11 2411
çसÎH7 यÍद म कम न कF तो ये सब मनु*य नP-•P हो Hाय H1 म स क1ता का
क1ने वाHा हो3 त¤ा çस सम1त üHा को नP क1ने वाHा बनू1( ) 24
सñा कम ÞयÍव§ ासो य¤ा क ुव Íनत भा1त1
कुया ͧ§ा 1त¤ासñ Í°की¤ ु H|क सTह म1 1 2511
हे भा1त ! कम म Hसñ ह

7 अ7ानीHन ÍHस üका1 कम क1ते ह , HसÍñ 1Íहत
Íव§ान भी HोकसTह क1ना ¬ाहता ह

H 3सी üका1 कम क1े 1( ) 25 ( अनुकम )
न बुÍ@भ े द Hनय ेद7ाना कम सÍ™गनाम1
Hो¤य ेतस व कमा ÍÞ Íव§ान युñ स मा¬1न1 12611
प1मातमा के 1वFप म अòH Í1¤त ह

7 7ानी पु ³¤ को ¬ाÍह7 Íक वह शाUÍवÍहत कम|
म HसÍñ वाHे अ7ाÎनय| की बुÍ@ म •म अ¤ात कम| म अश@ा 3नपनन न क1े , Íकनतु 1वय
शाUÍवÍहत सम1त कम भHीभा Îत क1ता ह

H 3नसे भी व से ह| क1वावे1( ) 26
üकते ÍकयमाÞाÎन गुÞ क मा ÍÞ सव श1
अहका1Íवम ूƒातमा क ता हÎम Îत म नयते11 2711
वा1तव म समपूÞ कम सब üका1 से üक Îत के गुÞ| §ा1ा Íकये Hाते ह तो भी ÍHसका
अनतक1Þ अह का1 से मोÍहत हो 1हा, 7सा अ7ानी 'म कता ह

' 7सा मानता ह 1( ) 27
तïवÍवd ु म हाबाहो गुÞकम Íवभागयो1
गुÞा ग ुÞे¤ु वत नत çÎत मतवा न सजHते11 2811
प1नतु हे महाबाहो ! गुÞÍवभाग H1 कमÍ वभाग के तïव को HाननेवाHा 7ानयोगी
समपूÞ गुÞ-ह|-गु Þ| म ब1त 1हे ह , 7सा सम$क1 3नम Hसñ नह| होता1( ) 28
üकतेगु Þसमम ूƒा सजH नते गुÞकम सु1
तानकत1नÍवदो म नदानकत1न Íवनन Íव ¬ाHय े त1 1 2911
üक Îत के गुÞ| से अतयनत मोÍहत ह

7 मनु*य गु Þ| म H1 कम| म Hसñ 1हते ह , 3न
पूÞत या न सम$ने वाHे मनदबुÍ@ अ7ाÎनय| को पूÞत या HाननेवाHा 7ानी Íव¬ÎHत न क1े 1
( ) 29
मÎय स वा ÍÞ कमा ÍÞ स नय1याºया तम¬ेतसा1
Îन1ाशीÎन म मो भ ूतवा युºय1व Íवगतजव111 3011
मु$ अनतयाम ी प1मातमा म Hगे ह

7 άd §ा1ा समपूÞ कम| को मु $म अपÞ क1के
Hशा1Íहत, ममता1Íहत H1 सनताप1Íहत होक1 यु@ क11( ) 30
ये मे मत Îमद Îनतयमन ुÎत8 Íनत मानवा1
श@ावनतो€नस ूयनतो म ु ¯यनत े ते€ Íप कम Îभ 11 3111
Hो को( मनु*य दो¤•ÍP से 1Íहत H1 श@ायुñ होक1 मे1े çस मत का सदा अनुस1Þ
क1ते ह , वे भी समपूÞ कम| से Uू ò Hाते ह 1( ) 31
ये तव ेतद¹यस ूयन तो नान ुÎत8 Íनत म े म तम1
सव 7ानÎनम ूƒा1ताÍनव Í@ नPा न¬ेतस11 3211
प1नतु Hो मनु*य मु$म दो¤ा1ोपÞ क1ते ह

7 मे1े çस मत के अनुसा1 नह| ¬Hते ह , 3न
मू¼| को तू समपूÞ 7ान| म मोÍहत H1 नP ह

7 ह| सम$1( ) 32 ( अनुकम )
स•श ¬ेPते 1व1या ü कते7ा नवानÍप1
üक Îत याÍनत भ ूताÎन ÎनTह Íक कÍ1*यÎत11 3311
सभी üाÞी üक Îत को üाB होते ह अ¤ात अपने 1वभाव के प1वश ह

7 कम क1ते ह 1
7ानवान भी अपनी üक Îत के अनु सा1 ¬ेPा क1ते ह 1 Í91 çसम Íकसी का हò 4या क1े गा1( ) 33
çÍन5 य1ये Íन5य1या ¤ 1ाग§ े¤| ¯यवÍ1¤ त|1
तयो न वश माग¯ Uेत| H1य पÍ1प Íन¤न|11 3411
çÍन5य-çÍन5य के अ¤ म अ¤ात üतयेक çÍन5य के Íव¤य म 1ाग H1 §े ¤ ÎUपे ह

7
Í1¤त ह 1 मनु*य को 3न दोन| के वश म नह| होना ¬ाÍह7, 4य|Íक वे दोन| ह| çसके क~याÞ
माग म Íव‡न क1ने वाHे महान श³ु ह 1( ) 34
शे यान1व धम| Íव गुÞ प1धमा त1वन ुÍ8 तात1
1वधम Îन धन शे य प1 धम| भयावह11 3511
अ¯U| üका1 H¬1Þ म Hाये ह

7 दसू 1े के धम से गुÞ 1Íहत भी अपना धम अÎत 3dम
ह 1 अपने धम म तो म1ना भी क~याÞका1क ह H1 दसू 1े का धम भय को दे ने वाHा ह 1( ) 35
अHु न 3वा¬
अ¤ केन üय ुñो€य पाप ¬1 Îत प ु³¤ 1
अÎन¯Uनन Íप वा*Þ य बHा Íदव ÎनयोÍHत 11 3611
अHुन बोHे हे क *Þ ! तो Í91 यह मनु*य 1वय न ¬ाहता ह

H भी बHात Hगाये ह

7
की भाÎत Íकससे üेÍ1त होक1 पाप का H¬1Þ क1ता ह ? ( ) 36
शीभगवान ुवा¬
काम 7¤ को ध 7¤ 1Hोग ुÞसम ुद भ व
महाशनो महापा!मा Íव@ ेयनÎमह व Í1Þम1 1 3711
शी भगवान बोHे 1HोगुÞ से 3तपनन ह

H यह काम ह| कोध ह , यह बह

त ¼ाने वाHा
अ¤ात भोग| से कभी न अÞाने वाHा H1 बsा पापी ह , çसको ह| तू çस Íव¤य म व1| Hान1
( ) 37
धूमेनाÍüयत े व Íšय ¤ादश| मH ेन ¬ 1
य¤ो~ब ेनाव तो गभ 1त¤ा त ेनेदमाव तम1 13811
ÍHस üका1 धु 7 से अ͹न H1 म H से दपÞ ƒका Hाता ह त¤ा ÍHस üका1 Hे1 से गभ
ƒका 1हता ह , वसे ह| 3स काम के §ा1ा यह 7ान ƒका 1हता ह 1( ) 38
Hव त 7ानम ेतेन 7ाÎननो Îनतयव Í1Þा
कामFप ेÞ क|नत ेय द ु *पू1ेÞानH े न ¬11 3911
H1 हे अHुन ! çस अ͹न के समान कभी न पूÞ होने वाHे कामFप 7ाÎनय| के Îनतय
व1| के §ा1ा मनु*य का 7ान ƒका ह

H ह 1( ) 39 ( अनुकम )
çÍन5याÍÞ मनो ब ुÍ@11या Îध8ानम ु¯यत े1
7त Íव मोहयतय े ¤ 7ा नमाव तय द ेÍहन म1 1 4011
çÍन5या, मन H1 बुÍ@ • ये सब वास 1¤ान कहे Hाते ह 1 यह काम çन मन, बुÍ@ H1
çÍन5य| के §ा1ा ह| 7ान को H¯UाÍदत क1के Hीवातमा को मोÍहत क1ता ह 1( ) 40
त1माïव ÎमÍन5या Þयाद | Îनयमय भ1त¤ भ1
पा!मान üHÍह Hे न 7ानÍव7ान नाशनम1 14111
çसÎH7 हे अHुन ! तू पहHे çÍन5य| को वश म क1के çस 7ान H1 Íव7ान का नाश
क1ने वाHे महान पापी काम को अव•य ह| बHपू वक मा1 sाH1( ) 41
çÍन5 याÍÞ प1ाÞयाह

Í1Íन5 ये¹य प1 मन 1
मनस1त ु प1ा ब ुÍ@य| ब ु@े प1त1त ु स 11 4211
çÍन5य| को 1¤ूH श1|1 से प1 याÎन श8े , बHवान H1 सू‰म कहते ह 1 çन çÍन5य| से
प1 मन ह , मन से भी प1 बुÍ@ ह H1 Hो बु Í@ से भी अतयनत प1 ह वह Hतमा ह 1( ) 42
7व बु@े प1 बुद º वा स1त¹यातमानमातमन ा1
HÍह श ³ु महाबाहो कामFप द ु 1ासदम1 14311
çस üका1 बुÍ@ से प1 अ¤ात सू‰म, बHवान H1 अतयनत श8े Hतमा को Hानक1 H1
बुÍ@ के §ा1ा मन को वश म क1के हे महाबाहो ! तू çस कामFप दHु य श³ु को मा1 sाH1( ) 43
( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(ेÍव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे कमय ोगो नाम तत ीयो€ºयाय11311
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 'कमय ोग' नामक तत ीय अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
¬|¤े अ ºयाय का माहातमय
शीभ गवान कहते ह - Íüये ! अब म ¬|¤े अºयाय का माहातमय बतHाता ह

, सुनो1
भागी1¤ी के तò प1 वा1ाÞसी(बना1स) नाम की 7क पु1| ह 1 वहा Íव+ना¤Hी के मÍनद1 म भ1त
नाम के 7क योगÎन8 महातमा 1हते ¤े, Hो üÎतÍदन Hतमάनतन म ततप1 हो Hद1पूवक गीता
के ¬तु ¤ अºयाय का पाò Íकया क1ते ¤े1 3सके अ¹यास से 3नका अनतक1Þ ÎनमH हो गया
¤ा1 वे शीत-3*Þ HÍद §न§| से कभी ¯यΤत नह| होते ¤े1
7क समय की बात ह 1 वे तपोधन नग1 की सीमा म Í1¤त दे वताH का दशन क1ने की
ç¯Uा से •मÞ क1ते ह

7 नग1 से बाह1 ÎनकH गये1 वहा बे1 के दो वH ¤े1 3नह| की Hs म
वे Íवशाम क1ने Hगे1 7क वH की Hs मे 3नह|ने अपना म1तक 1¼ा ¤ा H1 दसू 1े वH के मू H
म 3नका प1 Íòका ह

H ¤ा1 ¤ोs| दे 1 बाद Hब वे तप1वी ¬Hे गये, तब बे1 के वे दोन| वH
पा¬-U Íदन| के भीत1 ह| सू¼ गये1 3नम पdे H1 sाÎHया भी नह| 1ह गयी1 ततप°ात वे
दोन| वH कह| üा(Þ के पÍव³ गह म दो कनयाH के Fप म 3तपनन ह

71( अनुकम )
वे दोन| कनया7 Hब बõक1 सात व¤ की हो गयी, तब 7क Íदन 3नह|ने द1ू दे श| से
Þूमक1 Hते ह

7 भ1तमुÎन को दे ¼ा1 3नह दे ¼ते ह| वे दोन| 3नके ¬1Þ| म पs गयी H1 मीò|
वाÞी म बोHी- 'मुने ! Hपकी ह| क पा से हम दोन| का 3@ा1 ह

H ह 1 हमने बे1 की योÎन
तयागक1 मानव-श1|1 üाB Íकया ह 1' 3नके çस üका1 कहने प1 मुÎन को बsा Íव1मय ह

H1
3नह|ने पूUा 'पु ͳयो ! म ने कब H1 Íकस साधन से तुमह मु ñ Íकया ¤ा? सा¤ ह| यह भी
बताH Íक तुमहा1े बे1 होने के 4या का1Þ ¤ा? 4य|Íक çस Íव¤य म मु $े कु U भी 7ान नह|
ह 1'
तब वे कनया7 पहHे 3नहे अपने बे1 हो Hाने का का1Þ बतHाती ह

( बोHी- 'मुने !
गोदाव1| नद| के तò प1 ÎUननपाप नाम का 7क 3dम ती¤ ह , Hो मनु*य| को पुÞय üदान
क1ने वाHा ह 1 वह पावनता की ¬1म सीमा प1 पह

¬ा ह

H ह 1 3स ती¤ म सतयतपा नामक
7क तप1वी बs| कòो1 तप1या क1 1हे ¤े1 वे Tी*म #तु म üजHवÎHत अ͹नय| के बी¬ म
बòते ¤े, व¤ाक ाH म HH की धा1ाH से 3नके म1तक के बाH सदा भीगे ह| 1हते ¤े त¤ा Hाsे
के समय म HH म Îनवास क1ने के का1Þ 3नके श1|1 म हमेशा 1|गòे ¼sे 1हते ¤े1 वे बाह1
भीत1 से सदा शु @ 1हते, समय प1 तप1या क1ते त¤ा मन H1 çÍन5य| को सयम म 1¼ते ह

7
प1म शाÍनत üाB क1के Hतमा म ह| 1मÞ क1ते ¤े1 वे अपÎन Íव§dा के §ा1ा H सा ¯याFयान
क1ते ¤े, 3से सुनने के ÎH7 साHात ü(ा Hी भी üÎतÍदन 3नके पास 3पÍ1¤त होते H1 ü÷
क1ते ¤े1 ü(ाHी के सा¤ 3नका सको¬ नह| 1ह गया ¤ा, अत 3नके Hने प1 भी वे सदा
तप1या म म¹न 1हते ¤े1
प1मातमा के ºयान म Îन1नत1 सH¹न 1हने के का1Þ 3नकी तप1या सदा बõती 1हती
¤ा1 सतयतपा को Hीवनमुñ के समान मानक1 çन5 को अपने समÍ @शाHी पद के समबनध म
कु U भय ह

H, तब 3नह|ने 3नकी तप1या म सकs| Íव‡न sाHने H1मभ Íकये1 अ!स1ाH के
समुदाय से हम दोन| को बुHाक1 çन5 ने çस üका1 Hदे श Íदया 'तुम दोन| 3स तप1वी की
तप1या म Íव‡न sाHो, Hो मु$े çन5पद से हòाक1 1वय 1वग का 1ाजय भोगना ¬ाहता ह 1'
"çन5 का यह Hदे श पाक1 हम दोन| 3नके सामने से ¬Hक1 गोदाव1| के ती1 प1, Hहा
वे मुÎन तप1या क1ते ¤े, Hयी1 वहा मनद H1 गमभी1 1व1 से बHते ह

7 मद ग त¤ा मधु1
वेÞुनाद के सा¤ हम दोन| ने अनय अ!स1ाH सÍहत मधु1 1व1 म गाना H1मभ Íकया1 çतना
ह| नह| 3न योगी महातमा को वश म क1ने के ÎH7 हम Hोग 1व1, ताH H1 Hय के सा¤
नत य भी क1ने Hगी1 बी¬-बी¬ म H1ा-H1ा सा अ ¬H ͼसकने प1 3नह हमा1| Uाती भी Íद¼
Hाती ¤ी1 हम दोन| की 3नमd गÎत कामभाव का 3ˆ|पन क1नेवाHी ¤ी, Íक तु 3सने 3न
ÎनÍवक ा1 άdवाHे महातमा के मन म कोध का स ¬ा1 क1 Íदया1 तब 3नह|ने हा¤ से HH
Uोsक1 हम कोधपूवक शाप Íदया 'अ1| ! तुम दोन| ग गाHी के तò प1 बे1 के वH हो HाH1'
( अनुकम )
यह सुनक1 हम Hोग| ने बs| Íवनय के सा¤ कहा 'महातमन ! हम दोन| प1ाधीन ¤ी,
अत हमा1े §ा1ा Hो द*ु कम बन गया ह 3से Hप Hमा क1 1' य| कह क1 हमने मुÎन को üसनन
क1 ÎHया1 तब 3न पÍव³ άdवाHे मुÎन ने हमा1े शापो@ा1 की अवÎध ÎनÍ°त क1ते ह

7 कहा
'भ1तमुÎन के Hने तक ह| तु म प1 यह शाप Hागू होगा1 3सके बाद तु म Hोग| का मतयH ोक म
Hनम होगा H1 पूवH नम की 1मÎ त बनी 1हे गी11
"मुने ! ÍHस समय हम दोन| बे1-वH के Fप म ¼s| ¤ी, 3स समय Hपने हमा1े समीप
Hक1 गीता के ¬|¤े अºयाय का Hप क1ते ह

7 हमा1ा 3@ा1 Íकया ¤ा, अत हम Hपको üÞाम
क1ती ह 1 Hपने के वH शाप ह| से नह| , çस भयानक ससा1 से भी गीता के ¬तु ¤ अºयाय के
पाò §ा1ा हम मु ñ क1 Íदया1"
शीभ गवान कहते ह - 3न दोन| के çस üका1 कहने प1 मु Îन बह

त ह| üसनन ह

7 H1
3नसे पू ÍHत हो Íवदा Hेक1 Hसे Hये ¤े, व से ह| ¬Hे गये त¤ा वे कनया7 भी बsे Hद1 के
सा¤ üÎतÍदन गीता के ¬तु ¤ अºयाय का पाò क1ने Hगी, ÍHससे 3नका 3@ा1 हो गया1
अºयाय ¬ |¤ा 7ानकम सनयासयोग
तीस1े अºयाय के शोक 4 से 21 तक म भगवान ने क( üका1 के Îनयत कम| के
H¬1Þ की Hव•यकता बतायी, Í91 30 व शोक म भÍñ üधान कमय ोग की ÍवÎध से ममता,
HसÍñ H1 कामनाH का सव¤ ा तयाग क1के üभुüीतय¤ कम क1ने की H7ा द|1 3सके बाद
31 से 35 वे शोक तक 3स Îस@ानत के अनुसा1 कम क1ने वाH| की üश सा H1 नह| क1ने
वाH| की Îननदा की ह त¤ा 1ाग H1 §े ¤ के वश म न होक1 1वधमप ाHन के ÎH7 Hो1 Íदया
गया ह 1 Í91 36 व शोक म अHुन के पू Uने से 37 व शोक से अºयाय पू1ा होने तक काम को
सव अन¤| का का1Þ बताया गया ह H1 बुÍ@ के §ा1ा çÍन5य| H1 मन को वश क1के 3सका
नाश क1ने की H7ा द| गयी ह , HेÍकन कमय ोग का महïव बsा गहन ह 1 çसÎH7 भगवान Í91
से 3सके Íव¤य म क( बात अब बताते ह 1 3सका H1 भ क1ते ह

7 पहHे तीन शोक| म 3स
कमय ोग की प1 प1ा बताक1 3सकी मÍहमा Îस@ क1के üशसा क1ते ह 1
11 अ ¤ ¬त ु¤|€ ºयाय 11
शी भगवान ुवा¬
çम Íवव 1वते योग üोñवा नहम¯ययम1
Íव¯1वान मनवे üाह मन ु Í1‰वाकव े€üवीत1 1111
शी भगवान बोHे मने çन अÍवनाशी योग को सूय से कहा ¤ा1 सूय ने अपने पु³
वव1वत मनु से कहा H1 मनु ने अपने पु ³ 1ाHा ç‰वाकु से कहा1( ) 1 ( अनुकम )
7व प1मप1ाüाBÎमम 1ाH¤ यो Íवद ु 1
स काH ेनेह म हता योगो नP प1 तप11 211
हे प1 तप अHुन ! çस üका1 प1मप1ा से üाB çस योग को 1ाHͤय | ने Hाना, Íकनतु
3सके बाद वह योग बह

त काH से çस प° वी Hोक म HुBüाय हो गया1( ) 2
स 7वाय मया ते €² योग üोñ प ु1ातन
भñो€ Îस म े स ¼ा ¬ेÎत 1ह1य Hेतद ु dमम1 1311
तू मे1ा भñ H1 Íüय स¼ा ह , çसÎH7 यह पु1ातन योग HH मने तु$े कहा ह , 4य|Íक
यह बsा ह| 3dम 1ह1य ह अ¤ात गुB 1¼ने यो¹य Íव¤य ह 1( ) 3
अHु न 3वा¬
अप1 भवतो H नम प1 H नम Íवव1वत 1
क¤मेतͧHानी या तव माद| üोñवाÎन Îत11 411
अHुन बोHे Hपका Hनम तो अवा¬ ीन • अभी हाH ह| का ह H1 सूय का Hनम बह


पु1ाना ह अ¤ात क~प के HÍद म हो ¬ु का ¤ा1 तब म çस बात को क से सम$ू Íक Hप ह| ने
क~प के HÍद म यह योग कहा ¤ा?( ) 4
शी भगवान ुवा¬
बह

Îन म े ¯यतीताÎन Hन माÎन तव ¬ाH ु न1
ता नयह वेद सवा ÍÞ न तव वेत ¤ प1 तप11 511
शी भगवान बोHे हे प1 तप अHुन ! मे1े H1 ते1े बह

त से Hनम हो ¬ुके ह 1 3न सबको
तू नह| Hानता, Íकनतु म Hानता ह

1
अHो€ Íप सन न¯ ययातमा भूतान ामी+1ो€ Íप सन1
üकÎत 1वाम Îध8 ा य स भवामय ातम माय या11 611
म अHनमा H1 अÍवनाशी1वFप होते ह

7 भी त¤ा सम1त üाÍÞय| का (+1 होते ह

7 भी
अपनी üक Îत को Hधीन क1के अपनी योगमाया से üकò होता ह

1( ) 6
यदा यदा Íह ध म 1य ¹HाÎनभ वÎत भा1त1
अ¹युत ¤ा नमधम 1य तदातमान स Hामयहम1 1711
हे भा1त ! Hब-Hब धम की हाÎन H1 अधम की वÍ @ होती ह , तब-तब ह| म अपने Fप
को 1¬ता ह

अ¤ात साका1 Fप से Hोग| के सममु¼ üकò होता ह

1( ) 7
पÍ1³ाÞा य साध ूना Íवनाशाय ¬ द ु *कताम1
धम स1¤ापना¤ा य समभवा Îम य ुगे युगे11 811
साधु पु³¤| का 3@ा1 क1ने के ÎH7, पाप कम क1ने वाH| का Íवनाश क1ने के ÎH7 H1
धम की अ¯U| त1ह से 1¤ापना क1ने के ÎH7 म युग-युग म üकò ह

H क1ता ह

1( ) 8 ( अनुकम )
Hन म कम ¬ मे Íद¯यम ेव यो व ेÍd तïवत1
तय4तवा देह पुनH नम न Îत माम ेÎत स ो€Hु न11 911
हे अHुन ! मे1े Hनम H1 कम Íद¯य अ¤ात ÎनमH H1 अH|Íकक ह • çस üका1 Hो
मनु*य तïव से Hान Hेता ह , वह श1|1 को तयाग क1 Í91 Hनम को üाB नह| होता, Íकनतु
मु$े ह| üाB होता ह 1( ) 9
वीत1ागभयकोधा म नमया माम ुपा Îशता1
बहवो 7ानतपसा प ूता मद भ ावमागता11 1011
पहHे भी ÍHनके 1ाग, भय H1 कोध सव¤ ा नP हो गये ¤े H1 Hो मु$म अननय
üेमपूवक Í1¤1 1हते ¤े, 7से मे1े HÎशत 1हने वाHे बह

त से भñ 3पयुñ 7ानFप तप से पÍव³
होक1 मे1े 1वFप को üाB हो ¬ु के ह 1( ) 10
ये य¤ा मा ü प²नत े ता 1त¤व भ Hामयहम1
मम वत मा नुवत नते मन ु*या पा¤ सव श11 1111
हे अHुन ! Hो भñ मु$े ÍHस üका1 भHते ह , म भी 3नको 3सी üका1 भHता ह

,
4य|Íक सभी मनु*य सब üका1 से मे1े ह| माग का अनुस1Þ क1ते ह 1( ) 11
काHन त क म Þा ÎसÍ@ यHन त çह द ेवता1
ÍHü Íह मान ु¤े Hोके ÎसÍ@ भ वÎत कम Hा11 1211
çस मनु*य Hोक म कम| के 9H को ¬ाहने वाHे Hोग दे वताH का पूHन Íकया क1ते ह ,
4य|Íक 3नको कम| से 3तपनन होने वाHी ÎसÍ@ शीU ÎमH Hाती ह 1( ) 12
¬ा तुव Þय मया स P गुÞक म Íवभागश 1
त1य कता 1मÍप म ा Íव@यकता 1म¯ययम1 11311
üा(Þ, Hͳय, व•य H1 शू5 • çन ¬ा1 वÞ| का समूह, गुÞ H1 कम| के Íवभागपूवक
मे1े §ा1ा 1¬ा गया ह 1 çस üका1 3स सÍ P • 1¬नाÍद कम का कता होने प1 भी मु $ अÍवनाशी
प1मे+1 को तू वा1तव म अकता ह| Hान1( ) 13
न मा क मा ÍÞ ÎH मपÍनत न म े कम 9Hे 1प हा1
çÎत मा यो€ ÎभHानाÎत क म Îभन स बºयत े11 1411
कम| के 9H म मे1| 1पह ा नह| ह , çसÎH7 मु$े कम ÎHB नह| क1ते • çस üका1 Hो
मु$े तïव से Hान Hेता ह , वह भी कम| से नह| ब धता1( ) 14
7व 7ातवा क त क म पूवŠ1Íप म ुमुHु Îभ1
कु³कम Š व त1माïव पूवŠ प ूव त1 कतम1 1 1511
पूवक ाH म मु मुHुH ने भी çस üका1 Hानक1 ह| कम Íकये ह çसÎH7 तू भी पूवH |
§ा1ा सदा से Íकये Hाने वाHे कम| को ह| क11( ) 15 ( अनुकम )
Íक क म Íक मकम Îत कवयो€!य³ मो Íहता1
तdे कम üव‰याÎम यज7ातवा मो‰यस े€शु भात1 11611
कम 4या ह ? H1 अकम 4या ह ? – çस üका1 çसका ÎनÞय क1ने म बुÍ@मान पु³¤ भी
मोÍहत हो Hाते ह 1 çसÎH7 वह कमत ïव म तु$े भHी भाÎत सम$ाक1 कह

गा, ÍHसे Hानक1 तू
अशु भ से अ¤ात कमब नधन से मुñ हो Hा7गा1( ) 16
कम Þो H Íप बो@¯ य बो@¯ य य Íवक म Þ1
अकम Þ° बो@¯य गहना कम Þो गÎत11 1711
कम का 1वFप भी Hानना ¬ाÍह7 H1 अकम का 1वFप भी Hानना ¬ाÍह7 त¤ा Íवकम
का 1वFप भी Hानना ¬ाÍह7, 4य|Íक कम की गÎत गहन ह 1( ) 17
कम Þयकम य प•य ेदकम ÍÞ ¬ कम य1
स बुÍ@ मानमन ु*ये¤ु स युñ कत1नकम क त1 1 1811
Hो मनु*य कम म अकम दे ¼ता H1 Hो अकम म कम दे ¼ता ह , वह मनु*य| म
बुÍ@मान ह H1 वह योगी सम1त कम| को क1ने वाHा ह 1( ) 18
य1य सव समा1मभा का मसक~पव ÍH ता1
7ाना͹नद¹धकमा Þ तमाह

पÍÞs त बु धा11 1911
ÍHसके समपूÞ शाU-सममत कम Íबना कामना H1 स क~प के होते ह त¤ा ÍHसके
सम1त कम 7ानFप अ͹न के §ा1ा भ1म हो गये ह , 3स महापु³¤ को 7ानीHन भी पÍÞsत
कहते ह 1( ) 19
तयñवा कम 9Hास™ग Îनतयत Bो Îन1ाशय1
कम ÞयÎभüव dो€ Íप न व Íक άतक1ो Îत स11 2011
Hो पु³¤ सम1त कम| म H1 3नके 9H म HसÍñ का सव¤ ा तयाग क1के ससा1 के
Hशय से 1Íहत हो गया ह H1 प1मातमा म Îनतय तB ह , वह कम| म भHी भाÎत ब1तता ह

H
भी वा1तव म कु U भी नह| क1ता1( ) 20
Îन1ाशीय तάdातमा तयñसव पÍ1 Tह1
शा1|1 केवH क म कुव नना!नोÎत Íक Í~ब¤ म1 1 2111
ÍHसका अनतक1Þ H1 çÍन5य| के सÍहत श1|1 Hीता ह

H ह H1 ÍHसने सम1त भोग|
की सामTी का पÍ1तयाग क1 Íदया ह , 7सा Hशा1Íहत पु³¤ के वH श1|1-समबनधी कम क1ता


H भी पाप| को नह| üाB होता1( ) 21
य•¯UाHाभस तुPो §न§ातीतो Íवमत स11
सम Îस@ाव Îस@| ¬ कतवा Íप न Îनब ºयते11 2211
Hो Íबना ç¯Uा के अपने-Hप üाB ह

7 पदा¤ म सदा सनतुP 1हता ह , ÍHसम (*या का
सव¤ ा अभाव हो गया ह , Hो ह¤-शोक HÍद §न§| म सव¤ ा अतीत हो गया ह • 7सा ÎसÍ@
H1 अÎसÍ@ म सम 1हने वाHा कमय ोगी कम क1ता ह

H भी 3नसे नह| ब धता1( अनुकम )
गतस™ग 1य मुñ1य 7ानावÍ1¤ त¬ेतस1
य7ा या¬1त क म सम T ü ÍवHीयत े11 2311
ÍHसकी HसÍñ सव¤ ा नP हो गयी ह , Hो दे हाÎभमान H1 ममता1Íहत हो गया ह ,
ÍHसका άd Îन1नत1 प1मातमा के 7ान म Í1¤त 1हता ह • 7सा के वH य7समपादन के ÎH7
कम क1ने वाHे मनु*य के समपूÞ कम भHी भा Îत ÍवHीन हो Hाते ह 1( ) 23
ü(ाप Þ ü( ह Íवü (ा¹न | ü(Þा ह

तम1
ü(व त ेन गन त¯य ü(कम समाÎधना11 2411
ÍHस य7 म अपÞ अ¤ात Pु वा HÍद भी ü( ह H1 हवन Íकये Hाने यो¹य 5¯य भी
ü( ह त¤ा ü(Fप कता के §ा1ा ü(Fप अ͹न म Hह

Îत दे नाFप Íकया भी ü( ह • 3स
ü(कम म Í1¤त 1हने वाHे योगी §ा1ा üाB Íकये Hाने वाHे यो¹य 9H भी ü( ह| ह 1
दवमेवाप1 े य7 य ोÎगन पय ु पासत े1
ü(ा¹नावप 1े य7 य 7ेनवोपH ु›Îत11 2511
दसू 1े योगीHन दे वताH के पूHनFप प1ü(ा प1मातमाFप अ͹न म अभेददशन Fप य7 के
§ा1ा ह| HतमFप य7 का हवन Íकया क1ते ह 1( ) 25
शो³ाद|नीÍन5याÞयनय े सयमा͹न¤ ु Hु›Îत1
श¯दाद| Íनव¤या ननय ç Íन5या͹न¤ ु Hु›Îत11 2611
अनय योगीHन शो³ HÍद सम1त çÍन5य| को सयमFप अ͹नय| म हवन Íकया क1ते ह
H1 दसू 1े Hोग श¯दाÍद सम1त Íव¤य| को çÍन5यFप अ͹नय| म हवन Íकया क1ते ह 1( ) 26
सवा Þी Íन5यकमा ÍÞ üाÞकमा ÍÞ ¬ ाप1े1
Hत मसयमयोगा¹ न| H ु›Îत 7ानद|Íपत े11 2711
दसू 1े योगीHन çÍन5य| की समपूÞ ÍकयाH को H1 üाÞ की सम1त ÍकयाH को 7ान
से üकाÎशत Hतमसयम योगFप अ͹न म हवन Íकया क1ते ह 1( ) 27
5¯य य7ा1तपोय7ा योगय7ा1त¤ाप1 े1
1वाºया य7ान य7ा° यतय स Îशत üता11 2811
क( पु³¤ 5¯य-समबनधी य7 क1ने वाHे ह , Íकतने ह| तप1याFप य7 क1ने वाHे ह त¤ा
दसू 1े Íकतने ह| योगFप य7 क1ने वाHे ह , Íकतने ह| अÍह साÍद ती‰Þ üत| से युñ यŒशीH
पु³¤ 1वाºयायFप 7ानय7 क1ने वाHे ह 1( ) 28 ( अनुकम )
अपा ने Hु›Îत ü ाÞ üाÞे€पान त¤ाप1 े1
üाÞापा नगती ³œºवा üाÞायामप1ा यÞा11 2911
अप1े Îनयतहा1ा üाÞानüाÞ े¤ु Hु›Îत1
सव €!येते य7Íवदो य7HÍपत क~म¤ा11 3011
दसू 1े Íकतने ह| योगीHन अपानवायु म üाÞवायु को हवन क1ते ह , वसे ह| अनय
योगीHन üाÞवायु म अपानवायु को हवन क1ते ह त¤ा अनय Íकतने ह| ÎनयÎमत Hहा1 क1ने
वाHो üाÞायाम-प1ायÞ पु³¤ üाÞ H1 अपान की गÎत को 1ोक क1 üाÞ| को üाÞ| म ह| हवन
Íकया क1ते ह 1 ये सभी साधक य7| §ा1ा पाप| का नाश क1 दे ने वाHे H1 य7| को Hानने वाHे
ह 1( , ) 29 30
य7ÎशPाम तभु Hो या Íनत ü( सनात म1
नाय Hो को€1तय71य कुतो €नय कु ³सdम1 3111
हे कु ³श8े अHुन ! य7 से ब¬े ह

7 अमत Fप अनन का भोHन क1ने वाHे योगीHन
सनातन प1ü( प1मातमा को üाB होते ह H1 य7 न क1ने वाHे पु ³¤ के ÎH7 तो यह
मनु*यHोक भी सु¼दायक नह| ह , Í91 प1Hोक क से सु ¼दायक हो सकता ह ?( ) 31
7व बह

Íवधा य7ा Íवतता ü(Þो म ु¼े1
कम HाÍनव Í@ तानस वा नेव 7ातवा Íवमो‰यस े11 3211
çसी üका1 H1 भी बह

त त1ह के य7 वेद की वाÞी म Íव1ता1 से कहे गये ह 1 3न
सबको तू मन çÍन5य H1 श1|1 की Íकया §ा1ा समपनन होने वाHा Hान1 çस üका1 तïव से
Hानक1 3नके अनु8ान §ा1ा तू कमब नधन से सव¤ ा मु ñ हो Hा7गा1( ) 32
शे यान5¯यमया² ा7ाज7ा नय7 प1 तप1
सव कमा ͼH पा¤ 7ान े पÍ1 समा!यत े11 3311
हे प1 तप अHुन ! 5¯यमय य7 की अपेHा 7ानय7 अतयनत श8े ह , त¤ा यावनमा³
समपूÞ कम 7ान म समाB हो Hाते ह 1
तͧ Í@ üÍÞपात ेन पÍ1ü÷ ेन स ेवया1
3पदे‰य Íनत त े 7ान 7ाÎनन1तïवद Îश न11 3411
3स 7ान को तू तïवदश‹ 7ाÎनय| के पास Hाक1 सम$, 3नको भHी भाÎत दÞsवत
üÞाम क1ने से, 3नकी सेवा क1ने से H1 कपò Uोsक1 स1Hतापूवक ü÷ क1ने से वे
प1मातम-तïव को भHी भा Îत Hानने वाHे 7ानी महातमा तु$े 3स तïव7ान का 3पदे श क1 गे1
( ) 34
यज7 ातवा न पुनम|ह मेव या1 यÎस पाÞsव1
येन भ ूता नयशे¤ेÞ 5‰य1यातमनय¤ो म Îय11 3511
ÍHसको Hानक1 Í91 तू çस üका1 मोह को üाB नह| होगा त¤ा हे अHुन ! ÍHस 7ान
के §ा1ा तू समपूÞ भूत| को Îनशे¤भाव से पहHे अपने म H1 पीUे मु$े सͯ¬दाननदÞन
प1मातमा म दे ¼ेगा1( ) 35 ( अनुकम )
अÍप ¬ ेदÎस पाप े¹य सव ¹य पापक dम 1
सव 7ा न!Hव ेनव व ÍHन स तÍ1*यÎस11 3611
यÍद तू अनय सब पाÍपय| से भी अÎधक पाप क1ने वाHा ह , तो भी तू 7ानFप न|का
§ा1ा Îनसनदे ह समपूÞ पाप-समु5 से भHीभाÎत त1 Hायेगा1( ) 36
य¤धाÎस सÎम@ो€Í¹नभ 1मसातकु³ते€Hु न1
7ान ा͹न स व कमा ÍÞ भ 1मसातकु³ते त ¤ा11 3711
4य|Íक हे अHुन ! Hसे üजवÎHत अ͹न •धन| को भ1ममय क1 दे ती ह , व से ह| 7ानFप
अ͹न समपूÞ कम| को भ1ममय क1 दे ती ह 1( ) 37
न Íह 7ान ेन स• श पÍव ³Îम ह Íव²त े1
तत1वय योगस Îस@ काH ेनातमÎन Íवनद Îत11 3811
çस ससा1 म 7ान के समान पÍव³ क1ने वाHा Îनसदे ह कु U भी नह| ह 1 3स 7ान को
Íकतने ह| काH से कमय ोग के §ा1ा शु@ानतक1Þ ह

H मनु*य अपने Hप ह| Hतमा म पा Hेता
ह 1( ) 38
श@ावा ~Hभते 7ान ततप1 सयते Íन5य
7ान H¯ºवा प1ा शा Íनतम ά1ेÞाÎध ग¯UÎत 11 3911
ÍHतेÍन5य, साधनप1ायÞ H1 श@ावान मनु*य 7ान को üाB होता ह त¤ा 7ान को üाB
होक1 वह Íबना ÍवHमब के , ततकाH ह| भगवतüाÎBFप प1म शाÍनत को üाB हो Hाता ह 1( ) 39
अ7°ाशˆ धान° स शयातमा Íवन•यÎत1
ना य Hोको€ Í1त न प1ो न स ु¼ सशयातमन11 4011
Íववेकह|न H1 श@ा1Íहत सशययुñ मनु*य प1मा¤ से अव•य •P हो Hाता ह 1 7से
स शययुñ मनु*य के ÎH7 न यह Hोक ह , न प1Hोक ह H1 न सु ¼ ह| ह 1( ) 40
योगस नय1तकमा Þ 7ानस ÎU ननसशयम1
Hतमव नत न कमा ÍÞ Îनब ºनÍनत ध नHय11 4111
हे धनHय ! ÍHसने कमय ोग की ÍवÎध से सम1त कम| को प1मातमा म अपÞ क1 Íदया
ह H1 ÍHसने Íववेक §ा1ा सम1त सशय| का नाश क1 Íदया ह , 7से वश म Íकये ह

7
अनतक1Þ वाHे पु³¤ को कम नह| बा धते1( ) 41
त1माद7ा नस भूत (त1¤ 7ानाÎसनातमन1
ÎUïव न स शय योग माÎत8ोÍd8 भा1त11 4211
çसÎH7 हे भ1तवशी अHन ! तू (दय म Í1¤त çस अ7ानHÎनत अपने स शय का
Íववेक7ानFप तHवा1 §ा1ा Uे दन क1के समतवFप कमय ोग म Í1¤त हो Hा H1 यु@ के ÎH7
¼sा हो Hा1 ( ) 42 ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे 7ानकमस नयासयोगो नाम ¬तु¤|€ºयाय11311
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 7ानकमस नयासयोग नामक तत ीय अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
पा¬व अ ºयाय का माहा तमय
शी भग वान कहते ह • दे वी ! अब सब Hोग| §ा1ा सममाÎनत पा¬व अºयाय का
माहातमय स Hेप म बतHाता ह

, सावधान होक1 सुनो1 म5 दे श म पु³कु तसपु1 नामक 7क नग1
ह 1 3सम Íप गH नामक 7क üा(Þ 1हता ¤ा1 वह वेदपाò| üा(Þ| के ÍवFयात व श म, Hो
सवद ा Îन*कH क ¤ा, 3तपनन ह

H ¤ा, Íक तु अपने कु H के ÎH7 3άत वेद-शाU| के 1वाºयाय
को Uोsक1 ƒोH बHाते ह

7 3सने ना¬-गान म मन Hगाया1 गीत, नत य H1 बाHा बHाने की
कHा म पÍ1शम क1के ÍपगH ने बs| üÎस@| üाB क1 Hी H1 3सी से 3सका 1ाH भवन म भी
üवेश हो गया1 अब वह 1ाHा के सा¤ 1हने Hगा1 ÍUय| के Îसवा H1 कह| 3सका मन नह|
Hगता ¤ा1 धी1े -धी1े अÎभमान बõ Hाने से 3¯— ¼H होक1 वह 7कानत म 1ाHा से दसू 1| के
दो¤ बतHाने Hगा1 ÍपगH की 7क Uी ¤ी, ÍHसका नाम ¤ा अ³Þा1 वह नी¬ कु H म 3तपनन


( ¤ी H1 कामी पु ³¤| के सा¤ Íवहा1 क1ने की ç¯Uा से सदा 3नह| की ¼ोH म Þूमा क1ती
¤ी1 3सने पÎत को अपने माग का कÞòक सम$क1 7क Íदन Hधी 1ात म Þ1 के भीत1 ह|
3सका Îस1 काòक1 मा1 sाHा H1 3सकी Hाश को Hमीन म गाs Íदया1 çस üका1 üाÞ| से
Íवयुñ होने प1 वह यमHोक पह

¬ा H1 भी¤Þ न1क| का 3पभोग क1के ÎनHन वन म Îग@


H1
अ³Þा भी भगनद1 1ोग से अपने सुनद1 श1|1 को तयाग क1 Þो1 न1क भोगने के प°ात
3सी वन म शु की ह

(1 7क Íदन वह दाना ¬ु गने की ç¯Uा से çध1 3ध1 9ु दक 1ह| ¤ी, çतने म
ह| 3स Îग@ ने पू वH नम के व1 का 1म1Þ क1के 3से अपने ती¼े न¼| से 9ाs sाHा1 शुकी
ÞायH होक1 पानी से भ1| ह

( मनु*य की ¼ोपs| म Îग1|1 Îग@ पुन 3सकी H1 $पòा1 çतने
म ह| HाH 9 Hाने वाHे बहे ÎHय| ने 3से भी बाÞ| का Îनशाना बनाया1 3सकी पूवH नम की पŒी
शुकी 3स ¼ोपs| के HH म sूबक1 üाÞ तयाग ¬ु की ¤ी1 Í91 वह कू 1 पHी भी 3सी म Îग1
क1 sूब गया1 तब यम1ाH के दतू 3न दोन| को यम1ाH के Hोक म Hे गये1 वहा अपने पूवक त
पापकम को याद क1के दोन| ह| भयभीत हो 1हे ¤े1 तदननत1 यम1ाH ने Hब 3नके ÞÍ Þत कम|
प1 •ÍPपात Íकया, तब 3नह माHूम ह

H Íक मत यु के समय अक1मात ¼ोपs| के HH म 1नान
क1ने से çन दोन| का पाप नP हो ¬ु का ह 1 तब 3नह|ने 3न दोन| को मनोवाÎUत Hोक म Hाने
की H7ा द|1 यह सु नक1 अपने पाप को याद क1ते ह

7 वे दोन| बsे Íव1मय म पsे H1 पास
Hाक1 धम1 ाH के ¬1Þ| म üÞाम क1के पूUने Hगे "भगवन ! हम दोन| ने पूवH नम म
अतयनत ÞÍ Þत पाप का स ¬य Íकया ह , Í91 हम मनोवाÍ…Uत Hोक| म भेHने का 4या का1Þ
ह ? बताçये1"
यम1ाH ने कहा गगा के Íकना1े वò नामक 7क 3dम ü(7ानी 1हते ¤े1 वे
7कानतवासी, ममता1Íहत, शानत, Íव1ñ H1 Íकसी से भी §े ¤ न 1¼ने वाHे ¤े1 üÎतÍदन गीता
के पा¬व अºयाय का Hप क1ना 3नका सदा Îनयम ¤ा1 पा¬व अºयाय को शवÞ क1 Hेने प1
महापापी पु³¤ भी सनातन ü( का 7ान üाB क1 Hेता ह 1 3सी पुÞय के üभाव से शु@ άd
होक1 3नह|ने अपने श1|1 का पÍ1तयाग Íकया ¤ा1 गीता के पाò से ÍHनका श1|1 ÎनमH हो
गया ¤ा, Hो Hतम7ान üाB क1 ¬ु के ¤े, 3नह| महातमा की ¼ोपs| का HH पाक1 तुम दोन|
पÍव³ हो गये1 अत अब तुम दोन| मनोवाÍ…Uत Hोक| को HाH, 4य|Íक गीता के पा ¬व
अºयाय के माहातमय से तु म दोन| शु @ हो गये हो1
शी भग वान कहते ह • सबके üÎत समान भाव 1¼ने वाHे धम1 ाH के §ा1ा çस üका1
सम$ाये Hाने प1 दोन| बह

त üसनन ह

7 H1 Íवमान प1 बòक1 वकु Þòधाम को ¬Hे गये1
( अनुकम )
पा ¬व ा अºयाय कम सनया सयो ग
तीस1े H1 ¬|¤े अºयाय म अHुन ने भगवान शीक ÞÞ के मु¼ से कम की अनेक üका1
से üशसा सुनक1 H1 3सके अनुसा1 ब1तने की üे1Þा H1 H7ा पाक1 सा¤-सा¤ म यह भी
Hाना Íक कमय ोग के §ा1ा भगवत1वFप का तïव7ान अपने-Hप ह| हो Hाता ह 1 ¬|¤े अºयाय
के अत म भी भगवान ने 3नह कमय ोग üाB क1ने को H7ा द| ह , प1 तु बी¬-बी¬ म
ü(ा¹नावप 1े य7 य 7ेनवोपH ु›Îत1 त ͧÍ@ üाÍÞ पाते न.... HÍद व¬न| के §ा1ा 7ानयोग
की (कम स नयास की) üश सा सु नी1 çससे अHुन çन दोन| म अपने ÎH7 क|न-सा साधन श8े ह
3सका Îन°य न क1 सका1 çसÎH7 3सका ÎनÞय अब भगवान के शीमु¼ से ह| हो çस 3ˆे •य
से अHुन पूUते ह -
11 अ¤ प ¬मो€ºयाय 11
अHु न 3वा¬
सनयास कम Þा क*Þ प ुनय |ग ¬ श सÎस1
य¯—ेय 7तयो1 ेक तनमे üूÍह स ुÎन °तम1 1 111
अHुन बोHे हे क *Þ ! Hप कम| के स नयास की H1 Í91 कमय ोग की üशसा क1ते ह 1
çसÎH7 çन दोन| साधन| म से Hो 7क मे1े ÎH7 भHी भाÎत ÎनÍ°त क~याÞका1क साधन हो,
3सको कÍहये1(1)
शीभगवान ुवा¬
सनयास कम योग° Îन शे यसक1ाव ुभ|1
तयो1त ु क म सनयासातकम योगो Íव Îश*यत े11 211
शी भगवान बोHे कमस नयास H1 कमय ोग • ये दोन| ह| प1म क~याÞ के क1ने वाHे
ह , प1नतु 3न दोन| म भी कमस नयास से कमय ोग साधन म सु गम होने से श8े ह 1(2)
7ेय स Îनतयस नयासी यो न § े ÍP न काHÎत1
Îन§ न§ो Íह म हाबाहो स ु¼ बधातüम ु¯यत े11 311
हे अHुन ! Hो पु³¤ Íकसी से §े ¤ नह| क1ता ह H1 न Íकसी की HकाHा क1ता ह , वह
कमय ोगी सदा स नयासी ह| सम$ने यो¹य ह , 4य|Íक 1ाग-§े ¤ाÍद §न§| से 1Íहत पु³¤ सु¼पूवक
ससा1बनधन से मुñ हो Hाता ह 1(3)
साFयोगो प ¤¹बाHा ü वदÍनत न पÍÞs ता1
7कम!या Í1¤त स मगुभयोÍव नदते 9H म1 1411
3पयुñ सनयास H1 कमय ोग को मू ¼ Hोग प¤ क-प¤ क 9H दे ने वाHे कहते ह न Íक
पÍÞsतHन, 4य|Íक दोन| म से 7क म भी समयक üका1 से Í1¤त पु³¤ दोन| के 9H1वFप
प1मातमा को üाB होता ह 1(4)
यतसा Fय üा!यत े 1¤ान त²ोग 1 Íप गमयत े1
7क सा Fय य योग ¬ य प•यÎत स प•य Îत11 511
7ानयोÎगय| §ा1ा Hो प1म धाम üाB Íकया Hाता ह , कमय ोÎगय| §ा1ा भी वह| üाB Íकया
Hाता ह çसÎH7 Hो पु³¤ 7ानयोग H1 कमय ोग को 9HFप म 7क दे ¼ता ह , वह| य¤ा¤
दे ¼ता ह 1(5)
सनयास1त ु महाबाहो द ु ¼माB ुमयोगत1
योगय ुñो मुÎनü ( नά1 ेÞाध ग¯U Îत11 611
प1नतु हे अHुन ! कमय ोग के Íबना होने वाHे स नयास अ¤ात मन, çÍन5य H1 श1|1 §ा1ा
होने वाHे समपूÞ कम| म कताप न का तयाग üाB होना कÍòन ह H1 भगवत1वFप को मनन
क1ने वाHा कमय ोगी प1ü( प1मातमा को शीU ह| üाB हो Hाता ह 1(6)
योगय ुñो Íव शु@ातमा ÍवÍH तातमा ÍHत े Íन5य1
सव भूतातमभ ूतातमा क ुव ननÍप न ÎH!यत े11 711
ÍHसका मन अपने वश म ह , Hो ÍHतेÍन5य H1 Íवशु@ अनतक1Þ वाHा त¤ा समपूÞ
üाÍÞय| का HतमFप प1मातम ह| ÍHसका Hतमा ह , 7सा कमय ोगी कम क1ता ह

H भी ÎHB
नह| होता1(7) ( अनुकम )
नव Íक άतक1ोमी Îत य ुñो मन येत तïव Íवत1
प•य…श Þवन1प शÍ…HU नन÷नग¯U न1वप… +सन1 1811
üHयप Íनवस Hनग हÞननुÍनम ¤Íनन Îम¤ ननÍप1
çÍन5 याÞीÍन5या ¤¤ु वत नत ç Îत धा1यन1 1911
तïव को Hानने वाHा साFययोगी तो दे ¼ता ह

H, सु नता ह

H, 1पश क1ता ह

H, सूÞता


H, भोHन क1ता ह

H, गमन क1ता ह

H, सोता ह

H, +ास Hेता ह

H, बोHता ह

H, तयागता ह

H,
TहÞ क1ता ह

H त¤ा H¼| को ¼ोHता H1 मू दता ह

H भी, सब çÍन5या अपने-अपने अ¤| म
ब1त 1ह| ह • çस üका1 सम$क1 Îनसदे ह 7सा माने Íक म कु U भी नह| क1ता ह

1
ü(Þयाधाय कमा ÍÞ स™ग तयñवा क1ोÎत य1
ÎH!यत े न स पाप े न पVप³ Îमवामभसा11 1011
Hो पु³¤ सब कम| को प1मातमा म अपÞ क1के H1 HसÍñ को तयागक1 कम क1ता
ह , वह पु³¤ HH से कमH के पdे की भाÎत पाप से ÎHB नह| होता1(10)
कायेन मनसा ब ु@या केवHÍ1Íन5य 1 Íप1
योÎगन कम कुव Íनत स ™ग तयñवातमश ु@ये11 1111
कमय ोगी ममतवबुÍ@1Íहत के वH çÍन5य, मन, बुÍ@ H1 श1|1 §ा1ा भी HसÍñ को
तयागक1 अनतक1Þ की शु Í@ के ÎH7 कम क1ते ह 1(11)
युñ क म 9H तयñवा शा Íनतमा!नोÎत न Í8 कीम1
अयुñ कामका1 ेÞ 9Hे सñो Îनबºयत े11 1211
कमय ोगी कम| के 9H का तयाग क1के भगवतüाÎBFप शाÍनत को üाB होता ह H1
सकाम पु³¤ कामना की üे1Þा से 9H म Hसñ होक1 ब धता ह 1
सव कमा ÍÞ मनसा स नय1य ा1ते सु¼ व शी1
नव§ा1 े पु1े देह| न व कुव नन का1यन1 1 1311
अनतक1Þ ÍHसके वश म ह 7सा साFययोग का H¬1Þ क1ने वाHा पु³¤ न क1ता


H H1 न क1वाता ह

H ह| नव§ा1| वाHे श1|1 Fपी Þ1 म सब कम| का मन से तयाग क1
Hननदपूवक सͯ¬दानदÞन प1मातमा के 1वFप म Í1¤त 1हता ह 1(13)
न कत तव न कमा ÍÞ Hोक1य स HÎत ü भु1
न कम 9Hसयोग 1वभाव1त ु üवत ते11 1411
प1मे+1 मनु*य| के न तो कताप न की, न कम| की H1 न कम9 H के स योग की 1¬ना
क1ते ह , Íकनतु 1वभाव ह| ब1त 1हा ह 1(14)
नाद dे क1य άतपाप न ¬व स ुक त Íवभ ु 1
अ7ा नेनाव d 7ान तेन म ुHÍनत Hनतव 11 1511
सव¯ यापी प1मे+1 भी न Íकसी के पापकम को H1 न Íकसी के शु भ कम को ह| TहÞ
क1ता ह , Íकनतु अ7ान के §ा1ा 7ान ƒका ह

H ह , 3सी से सब अ7ानी मनु*य मोÍहत हो 1हे ह 1
(15)
7ानेन त ु तद7ान ये¤ा नाÎशत मातमन1
ते¤ामाÍदतयवज7ान üका शयÎत ततप1म1 11611
प1नतु ÍHनका वह अ7ान प1मातमा के तïव7ान §ा1ा नP क1 Íदया गया ह , 3नका वह
7ान सूय के स•श 3स सͯ¬दानदÞन प1मातमा को üकाÎशत क1 दे ता ह 1(16) ( अनुकम )
तद ब ु@य1तदातमान1तÍनन8ा1ततप1ायÞ ा1
ग¯U नतयप ुन1ाव Íd 7ानÎनध ू तक~ म¤ा11 1711
ÍHनका मन त5पू हो 1हा ह , ÍHनकी बु Í@ त5पू हो 1ह| ह H1 सͯ¬दाननदÞन प1मातमा
म ह| ÍHनकी Îन1नत1 7कीभाव से Í1¤Îत ह , 7से ततप1ायÞ पु³¤ 7ान के §ा1ा पाप1Íहत होक1
अपुन1ावÍ d को अ¤ात प1म गÎत को üाB होते ह 1(17)
Íव²ाÍवनयस पनने üा(Þ े ग Íव ह Í1तनी1
शुÎन ¬ व +पाक े ¬ पÍÞs ता स मदÎश न11 1811
वे 7ानीHन Íव²ा H1 Íवनययुñ üा(Þ म त¤ा ग|, हा¤ी, कु dे H1 ¬ाÞsाH म भी
समदश‹ होते ह 1(18)
çहव त ÍH त स ग| ये¤ा स ामये Í1¤त मन 1
Îनद|¤ Íह सम ü ( त1माद ü( ÍÞ त े Í1¤ ता11 1911
ÍHनका मन समभाव म Í1¤त ह , 3नके §ा1ा çस HीÍवत अव1¤ा म ह| समपूÞ ससा1
Hीत ÎHया गया ह , 4य|Íक सͯ¬दाननदÞन प1मातमा Îनद|¤ H1 सम ह , çससे वे
सͯ¬दाननदÞन प1मातमा म ह| Í1¤त ह 1(19)
न ü(*येÍतüय üा!य नोͧH ेतüा!य ¬ाÍüयम1
Í1¤1ब ुÍ@1स मूƒो ü(Íव द ü(ÍÞ Í1¤ त11 2011
Hो पु³¤ Íüय को üाB होक1 हͤत नह| हो H1 अÍüय को üाB होक1 3ͧ¹न न हो, वह
Í1¤1बुÍ@, स शय 1Íहत, ü(वेdा पु³¤ सͯ¬दाननदÞन प1ü( प1मातमा म 7कीभाव से Îनतय
Í1¤त ह 1(20)
बाH1प श *वसñातमा Íव नदतय ातमÎन यतस ु¼म1
स ü(योगय ुñातमा स ु¼मHयम÷ ुते11 2111
बाह1 के Íव¤य| म HसÍñ1Íहत अनतक1Þ वाHा साधक Hतमा म Í1¤त Hो
ºयानHÎनत साÍïवक Hननद ह , 3सको üाB होता ह 1 तदननत1 वह सͯ¬दानदÞन प1ü(
प1मातमा के ºयानFप योग म अÎभननभाव से Í1¤त पु³¤ अHय Hननद का अनुभव क1ता ह 1
(21)
ये Íह स 1पश Hा भो गा द ु ¼योन य 7व त े1
H²नतवनत क|नत ेय न त े¤ु 1मत े बुध11 2211
Hो ये çÍन5य त¤ा Íव¤य| के सयोग से 3तपनन होने वाHे सब भोग ह , य²Íप Íव¤यी
पु³¤| को सु¼Fप भासते ह तो भी दु ¼ के ह| हे तु ह H1 HÍद-अनतवाHे अ¤ात अÎनतय ह 1
çसÎH7 हे अHुन ! बुÍ@मान Íववेकी पु³¤ 3नम नह| 1मता1(22) ( अनुकम )
श4नोतीह व य सोƒ ु üा4श1|1ÍवमोHÞात1
काम कोधोद भव वेग स युñ स स ु¼ी न111 2311
Hो साधक çस मनु*य श1|1 म, श1|1 का नाश होने से पहHे-पहHे ह| काम-कोध से
3तपनन होने वाHे वेग को सहन क1ने म सम¤ हो Hाता ह , वह| पु³¤ योगी ह H1 वह| सु¼ी
ह 1(23)
यो€नत सु¼ो€ नत1ा1 ाम1त ¤ानतजय|Îत1 ेव य1
स योगी ü( Îनवा Þ ü(भूतो €Îध ग¯U Îत11 2411
Hो पु³¤ अनत1ातमा म ह| सु ¼ वाHा ह , Hतमा म ह| 1मÞ क1ने वाHा ह त¤ा Hो
Hतमा म ह| 7ानवाHा ह , वह सͯ¬दाननदÞन प1ü( प1मातमा के सा¤ 7कीभाव को üाB
साFयोगी शानत ü( को üाB होता ह 1(24)
Hभनते ü (Îनवा Þम ¤य HीÞक~ म¤ा1
ÎUनन§धा यतातमान सव भूतÍहत े 1ता 11 2511
ÍHनके सब पाप नP हो गये ह , ÍHनके सब सशय 7ान के §ा1ा Îनवd हो गये ह , Hो
समपूÞ üाÍÞय| के Íहत म 1त ह H1 ÍHनका Hीता ह

H मन Îन°Hभाव से प1मातमा म
Í1¤त ह , वे ü(वेdा पु³¤ शानत ü( को üाB होते ह 1(25)
काम कोधÍवय ुñाना यतीना यत¬ ेतसा म1
अÎभतो ü (Îनवा Þ वत ते Íव Íदतातमनाम1 12611
काम कोध से 1Íहत, Hीते ह

7 άdवाHे, प1ü( प1मातमा का साHातका1 Íकये ह

7 7ानी
पु³¤| के ÎH7 सब H1 से शानत प1ü( प1मातमा ह| पÍ1पूÞ ह 1(26)
1पशा नकतवा बÍहबा Hा °Hु°वानत1 े •ुवो 1
üाÞापा न| सम| कतवा नासा¹यनत1¬ाÍ1Þ|11 2711
यते Íन5यमनोब ुÍ@म ु Îनम|Hप1ायÞ1
Íवगते¯Uाभयकोधो य स दा मुñ 7व स 11 2811
बाह1 के Íव¤य भोग| को न άनतन क1ता ह

H बाह1 ह| ÎनकाHक1 H1 ने³| की •ÍP
को भक ु ò| के बी¬ म Í1¤त क1के त¤ा नाÎसका म Íव¬1ने वाHे üाÞ H1 अपान वायु को सम
क1के , ÍHसकी çÍन5या, मन H1 बुÍ@ Hीती ह

( ह , 7सा Hो मोHप1ायÞ मु Îन ç¯Uा, भय H1
कोध से 1Íहत हो गया ह , वह सदा मुñ ह| ह 1(27,28)
भोñा1 य7तपस ा सव Hोक महे+1म1
सु(द स व भूताना 7ातवा मा शाÍनत म ¯UÎत11 2911
मे1ा भñ मु$को सब य7 H1 तप| का भोगने वाHा, समपूÞ Hोक| के (+1| का भी
(+1 त¤ा समपूÞ भूत-üाÍÞय| का सु(द अ¤ात 1वा¤1 Íहत दयाHु H1 üेमी, 7सा तïव से
Hानक1 शाÍनत को üाB होता ह 1(29) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भागवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे कमस नयासयोगो नाम प¬मो€ºयाय11511
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 'कमस नयास योग' नामक पा¬वा अºयाय सपूÞ
हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
Uòे अºयाय क ा माहातमय
शी भग वान कहते ह • सुमु ͼ ! अब म Uòे अºयाय का माहातमय बतHाता ह

, ÍHसे
सुनने वाHे मनु*य| के ÎH7 मु Íñ क1तHगत हो Hाती ह 1 गोदाव1| नद| के तò प1 üÎत8ानपु1
(पòÞ) नामक 7क ÍवशाH नग1 ह , Hहा म Íप!Hेश के नाम से ÍवFयात होक1 1हता ह

1 3स
नग1 म HानशÎु त नामक 7क 1ाHा 1हते ¤े , Hो भूमÞsH की üHा को अतयनत Íüये ¤े1 3नका
üताप मातÞ s-मÞsH के ü¬Þs तेH के समान Hान पsता ¤ा1 üÎतÍदन होने वाHे 3नके य7 के
धु7 से ननदनवन के क~पवH çस üका1 काHे पs गये ¤े, मानो 1ाHा की असाधा1Þ दानशीHता
दे ¼क1 वे HÍजHत हो गये ह|1 3नके य7 म üाB पु 1ोsाश के 1सा1वादन म सदा Hसñ होने के
का1Þ दे वता Hोग कभी üÎत8ानपु1 को Uोsक1 बाह1 नह| Hाते ¤े1 3नके दान के समय Uोsे


7 HH की धा1ा, üतापFपी तेH H1 य7 के धू म| से पुP होक1 मेÞ ò|क समय प1 व¤ा क1ते
¤े1 3स 1ाHा के शासन काH म (Îतय| (¼ेती म होने वाHे U üका1 के 3प5व|) के ÎH7 कह|
¤ोsा भी 1¤ान नह| ÎमHता ¤ा H1 अ¯U| नीÎतय| का सव³ üसा1 होता ¤ा1 वे बावHी, कु 7
H1 पो¼1े ¼ुदवाने के बहाने मानो üÎतÍदन प° वी के भीत1 की ÎनÎधय| का अवHोकन क1ते ¤े1
7क समय 1ाHा के दान, तप, य7 H1 üHापाHन से सतुP होक1 1वग के दे वता 3नह व1 दे ने
के ÎH7 Hये1 वे कमHनाH के समान 3जHवH ह स| का Fप धा1Þ क1 अपनी प¼ ÍहHाते ह

7
Hकाशमाग से ¬Hने Hगे1 बs| 3तावHी के सा¤ 3sते ह

7 वे सभी ह स प11प1 बात¬ीत भी
क1ते Hाते ¤े1 3नम से भ5ा+ HÍद दो-तीन ह स वेग से 3sक1 Hगे ÎनकH गये1 तब पीUे वाHे
ह स| ने Hगे Hाने वाH| को समबोÎधत क1के कहा "अ1े भा( भ5ा+ ! तु मHोग वेग से ¬Hक1
Hगे 4य| हो गये ? यह माग बsा दगु म ह 1 çसम हम सबको सा¤ ÎमHक1 ¬Hना ¬ाÍह71 4या
तुमहे Íद¼ा( नह| दे ता, यह सामने ह| पु ÞयमूÎत महा1ाH HानशÎु त का तेHपु H अतयनत 1पP Fप
से üकाशमान हो 1हा ह ? (3स तेH से भ1म होने की Hशका ह , अत सावधान होक1 ¬Hना
¬ाÍह71)"
पीUे वाHे ह स| के ये व¬न सु नक1 HगेवाHे ह स हस पsे H1 3¯¬ 1व1 से 3नकी बात|
की अवहे Hना क1ते ह

7 बोHे "अ1े भा( ! 4या çस 1ाHा HानशÎु त का तेH ü(वाद| महातमा
1 4व के तेH से भी अÎधक तीü ह ?" ( अनुकम )
ह स| की ये बात सुनक1 1ाHा HानशÎु त अपने 3 ¬े महH की Uत से 3त1 गये H1
सु¼पूवक Hसन प1 Íव1ाHमान हो अपने सा1Τ को बुHाक1 बोHे "HाH, महातमा 1 4व को
यहा Hे HH1" 1ाHा का यह अमत के समान व¬न सुनक1 मह नामक सा1Τ üसननता üकò
क1ता ह

H नग1 से बाह1 ÎनकHा1 सबसे पहHे 3सने मु ÍñदाÎयनी काशीपु1| की या³ा की, Hहा
Hगत के 1वामी भगवान Íव+ना¤ मनु*य| को 3पदे श Íदया क1ते ह 1 3सके बाद वह गया Hे³
म पह

¬ा, Hहा ü9ु ~H ने³|वाHे भगवान गदाध1 समपूÞ Hोक| का 3@ा1 क1ने के ÎH7 Îनवास
क1ते ह 1 तदननत1 नाना ती¤| म •मÞ क1ता ह

H सा1Τ पापनाÎशनी म¤ु1ापु1| म गया1 यह
भगवान शी क *Þ का HÍद 1¤ान ह , Hो प1म महान त¤ा मोH üदान क1ाने वाHा ह 1 वेद H1
शाU| म वह ती¤ ͳभुवनपÎत भगवान गोÍवनद के अवता11¤ान के नाम से üÎस@ ह 1 नाना
दे वता H1 ü(ͤ 3सका सेवन क1ते ह 1 म¤ु1ा नग1 काÎHनद| (यमुना) के Íकना1े शोभा पाता ह 1
3सकी Hक Îत अ@ ¬न5 के समान üतीत होती ह 1 वह सब ती¤| के Îनवास से पÍ1पूÞ ह 1 प1म
Hननद üदान क1ने के का1Þ सु नद1 üतीत होता ह 1 गोवधन पवत होने से म¤ु1ामÞsH की
शोभा H1 भी बõ गयी ह 1 वह पÍव³ वH | H1 HताH से Hवd ह 1 3सम बा1ह वन ह 1 वह
प1म पुÞयमय ¤ा सबको Íवशाम दे ने वाHे शÎु तय| के सा1भूत भगवान शीक *Þ की Hधा1भूÎम
ह 1
ततप°ात म¤ु1ा से पÍ°म H1 3d1 Íदशा की H1 बह

त द1ू तक Hाने प1 सा1Τ को
का•मी1 नामक नग1 Íद¼ा( Íदया, Hहा श ¼ के समान 3जHवH गगन¬ुमबी महH| की पÍñया
भगवान श क1 के अ”òहास की शोभा पाती ह , Hहा üा(Þ| के शाUीय HHाप सुनक1 मूक
मनु*य भी सु नद1 वाÞी H1 पद| का 3¯¬ा1Þ क1ते ह

7 दे वता के समान हो Hाते ह , Hहा
Îन1नत1 होने वाHे य7धूम से ¯याB होने के का1Þ Hकाश-मsH मेÞ| से धु Hते 1हने प1 भी
अपनी काÎHमा नह| Uोsते, Hहा 3पाºयाय के पास Hक1 Uा³ HनमकाHीन अ¹यास से ह|
समपूÞ कHा7 1वत पõ Hेते ह त¤ा Hहा मÍÞके +1 नाम से üÎस@ भगवान ¬न5शे¼1
दे हधाÍ1य| को व1दान दे ने के ÎH7 Îनतय Îनवास क1ते ह 1 का•मी1 के 1ाHा मÍÞके +1 ने
Íद͹वHय म सम1त 1ाHाH को Hीतक1 भगवान Îशव का पूHन Íकया ¤ा, तभी से 3नका नाम
मÍÞके +1 हो गया ¤ा1 3नह| के मÍनद1 के द1वाHे प1 महातमा 1 4व 7क Uोò| सी गाs| प1
बòे अपने अग| को ¼ुHHाते ह

7 वH की Uाया का सेवन क1 1हे ¤े1 çसी अव1¤ा म सा1Τ ने
3नह दे ¼ा1 1ाHा के बताये ह

7 Îभनन-Îभनन άš| से 3सने शीU ह| 1 4व को पह¬ान ÎHया H1
3नके ¬1Þ| म üÞाम क1के कहा "ü(Þ ! Hप Íकस 1¤ान प1 1हते ह ? Hपका पू1ा नाम 4या
ह ? Hप तो सदा 1व¯U द Íव¬1ने वाHे ह , Í91 यहा ÍकसÎH7 òह1े ह ? çस समय Hपका 4या
क1ने का Íव¬ा1 ह ?" ( अनुकम )
सा1Τ के ये व¬न सुनक1 प1माननद म Îनम¹न महातमा 1 4व ने कु U सो¬क1 3ससे
कहा "य²Íप हम पूÞक ाम ह • हम Íकसी व1तु की Hव•यकता नह| ह , त¤ाÍप को( भी हमा1|
मनोवÍ d के अनुसा1 पÍ1¬या क1 सकता ह 1" 1 4व के हाÍद क अÎभüाय को Hदपपूवक TहÞ
क1के सा1Τ धी1े -से 1ाHा के पास ¬H Íदया1 वहा पह

¬क1 1ाHा को üÞाम क1के 3सने हा¤
Hोsक1 सा1ा समा¬ा1 Îनवदे न Íकया1 3स समय 1वामी के दशन से 3सके मन म बs| üसननता
¤ी1 सा1Τ के व¬न सु नक1 1ाHा के ने³ H°य से ¬Íकत हो 3òे 1 3नके (दय म 1 4व का
सतका1 क1ने की श@ा Hागत ह

(1 3नह|ने दो ¼¯¬Í1य| से Hुती ह

( गाs| Hेक1 या³ा की1 सा¤
ह| मोती के हा1, अ¯Uे -अ¯Uे वU H1 7क सहP ग|7 भी Hे Hी1 का•मी1-मÞsH म महातमा
1 4व Hहा 1हते ¤े 3स 1¤ान प1 पह

¬ क1 1ाHा ने सा1| व1तु 7 3नके Hगे Îनवेदन क1 द|
H1 प° वी प1 पsक1 साPाग üÞाम Íकया1 महातमा 1 4व अतयनत भÍñ के सा¤ ¬1Þ| म पsे


7 1ाHा HानशÎु त प1 कु Íपत हो 3òे H1 बोHे "1े शू 5 ! तू दPु 1ाHा ह 1 4या तू मे1ा वd ानत
नह| Hानता? यह ¼¯¬Í1य| से Hु ती ह

( अपनी 3 ¬ी गाs| Hे Hा1 ये वU, ये मोÎतय| के हा1
H1 ये दधू दे ने वाHी ग|7 भी 1वय ह| Hे Hा1" çस त1ह H7ा दे क1 1 4व ने 1ाHा के मन म
भय 3तपनन क1 Íदया1 तब 1ाHा ने शाप के भय से महातमा 1 4व के दोन| ¬1Þ पकs ÎH7
H1 भÍñपूवक कहा "ü(Þ ! मु$ प1 üसनन होçये1 भगवन ! Hपम यह अदभत माहातमय
क से Hया? üसनन होक1 मु $े ò|क-ò|क बताçये1"
14व न े कहा 1ाHन ! म üÎतÍदन गीता के Uòे अºयाय का Hप क1ता ह

, çसी से मे1|
तेHो1ाÎश दे वताH के ÎH7 भी दु सह ह 1
तदननत1 प1म बुÍ@मान 1ाHा HानशÎु त ने यŒपूवक महातमा 1 4व से गीता के Uòे
अºयाय का अ¹यास Íकया1 çससे 3नह मोH की üाÎB ह

(1 1 4व पूवव त मोHदायक गीता के
Uòे अºयाय का Hप Hा1| 1¼ते ह

7 भगवान मÍÞके +1 के समीप Hननदम¹न हो 1हने Hगे1
ह स का Fप धा1Þ क1के व1दान दे ने के ÎH7 Hये ह

7 दे वता भी ÍवÍ1मत होक1 1वे¯Uानुसा1
¬Hे गये1 Hो मनु*य सदा çस 7क ह| अºयाय का Hप क1ता ह , वह भी भगवान Íव*Þु के
1वFप को üाB होता ह • çसम तÎनक भी सनदे ह नह| ह 1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
Uòा अ ºयाय Hतमस यमयोग
पा¬व अºयाय के H1मभ म अHुन ने भगवान से "कमस नयास" (साFय योग) त¤ा
कमय ोग çन दोन| म से क|न सा साधन ÎनÍ°तFप से क~याÞका1| ह यह Hानने की üा¤न ा
की1 तब भगवान ने दोन| साधन| को क~याÞका1| बताया H1 9H म दोन| समान ह Í91 भी
साधन म सु गमता होने से कमस नयास की अपेHा कमय ोग की श8े ता Îस@ की ह 1 बाद म 3न
दोन| साधन| का 1वFप, 3नकी ÍवÎध H1 3नका 9H अ¯U| त1ह से सम$ाया1 çसके 3प1ात
3न दोन| के ÎH7 अÎत 3पयोगी H1 मुFय 3पाय सम$क1 सHेप म ºयानयोग का भी वÞन
Íकया, HेÍकन 3न दोन| म से क|न-सा साधन क1ना यह बात अHुन 1पP Fप से नह| सम$
पाया H1 ºयानयोग का अगसÍहत Íव1तत वÞन क1ने के ÎH7 Uòे अºयाय का H1मभ क1ते
ह 1 ü¤म भÍñयुñ कमय ोग म üवd क1ने के ÎH7 भगवान शीक *Þ कमय ोग की üशसा क1ते
ह 1
11 अ¤ ¤ Pो€ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
अनाÎशत कम 9H काय कम क1ोÎत य 1
स स नयासी ¬ योगी ¬ न Îन1͹न न ¬ा Íकय11 111
शी भगवान बोHे Hो पु³¤ कम9 H का Hशय न Hेक1 क1ने यो¹य कम क1ता ह , वह
सनयासी त¤ा योगी ह H1 के वH अ͹न का तयाग क1ने वाHा स नयासी नह| ह त¤ा के वH
ÍकयाH का तयाग क1ने वाHा योगी नह| ह 1(1)
य स नयासÎम Îत üाह

य|ग त Íव Í@ पाÞsव1
न H सनय1तस क~ पो योगी भव Îत क°न11 211
हे अHुन ! ÍHसको सनयास 7सा कहते ह , 3सी को तू योग Hान, 4य|Íक सक~प| का
तयाग न क1ने वाHा को( भी पु³¤ योगी नह| होता1(2)
H³³Hोम ु नेय|ग कम का1Þम ु¯यत े1
योगाFƒ1य त1यव शम का1Þम ु¯यत े11 311
योग म HFõ होने की ç¯UावाHे मननशीH पु³¤ के ÎH7 योग की üाÎB म Îन*कामभाव
से कम क1ना ह| हे तु कहा Hाता ह H1 योगाFõ हो Hाने प1 3स योगाFõ पु³¤ का Hो
सवस क~प| का अभाव ह , वह| क~याÞ म हे तु कहा Hाता ह 1(3)
यदा Íह न े Íन5या¤ ¤ु न क म 1वु¤जHत े1
सव स क~पस नयासी योगाFƒ1तदो¯यत े11 411
ÍHस काH म न तो çÍन5य| के भोग| म H1 न कम| म ह| Hसñ होता ह , 3स काH म
सवस क~प| का तयागी पु³¤ योगाFõ कहा Hाता ह 1(4)
3@1ेदातमन ा€ तमान नातमानमवसादय े त1
Hतमव H ातमन ो बन धु1ातम व Í1प ु1ातमन11 511
अपने §ा1ा अपना ससा1-समु5 से 3@ा1 क1 H1 अपने को अधोगÎत म न sाH, 4य|Íक
यह मनु*य, Hप ह| तो अपना Îम³ ह H1 Hप ह| अपना श³ु ह 1(5)
बनधु1ातमातमन1त1य य ेनातम वातमना ÍHत 1
अनातमन1त ु श³ुतवे वत तातम व श ³ुवत1 1611
ÍHस Hीवातमा §ा1ा मन H1 çÍन5य| सÍहत श1|1 Hीता ह

H ह , 3स Hीवातमा का तो
वह Hप ह| Îम³ ह H1 ÍHसके §ा1ा मन त¤ा çÍन5य| सÍहत श1|1 नह| Hीता गया ह , 3सके
ÎH7 वह Hप ह| श³ु के स•श श³ुता म ब1तता ह 1(6) ( अनुकम )
ÍHतातमन ü शानत1य प1मातमा समा Íहत 1
शीतो*Þस ु¼द ु ¼े¤ु त ¤ा मानापमान यो11 711
सद˜-गम‹ H1 सु¼-दु ¼ HÍद म त¤ा मान H1 अपमान म ÍHसके अनतक1Þ की
वÍ dया भHी भाÎत शात ह , 7से 1वाधीन HतमावाHे पु³¤ के 7ान म सͯ¬दाननदÞन प1मातमा,
समयक üका1 से ह| Í1¤त ह अ¤ात 3सके 7ान म प1मातमा के Îसवा अनय कु U ह ह| नह|1(7)
7ानÍव7ा नत Bातमा क ूò1 ¤ो ÍवÍH तेÍन5य 1
युñ çतयु¯यत े योगी सम HोPा •मक ा¬न 11 811
ÍHसका अनतक1Þ 7ान Íव7ान से तB ह , ÍHसकी Í1¤Îत Íवका1 1Íहत ह , ÍHसकी
çÍन5या भHी भाÎत Hीती ह

( ह H1 ÍHसके ÎH7 Îम”ò|, पत¤1 H1 सुवÞ समान ह , वह योगी
युñ अ¤ात भगवतüाB ह , 7सा कहा Hाता ह 1(8)
सु(Íनम³ ा यु दासीनमºय1¤ §े*यबनध ु¤ु1
साधु*व Íप ¬ पाप े¤ु स मबुÍ@Íव Îश*यत े11 911
सु(द, Îम³, व1| 3दासीन, मºय1¤, §े *य H1 बनधुगÞ| म, धमात माH म H1 पाÍपय| म
भी समान भाव 1¼ने वाHा अतयनत श8े ह 1(9)
योगी यु…Hीत स ततमातमान 1हÎस Í1¤ त1
7काकी यत άdातमा Îन1ाशी1पÍ1Tह 11 101
मन H1 çÍन5य| सÍहत श1|1 को वश म 1¼ने वाHा, Hशा1Íहत H1 सTह1Íहत योगी
अके Hा ह| 7कानत 1¤ान म Í1¤त होक1 Hतमा को Îन1नत1 प1मातमा Hगावे1(10)
शु ¬| देशे üÎत 8ा! य Í1¤1मासनमातमन1
नात यु ͯ—त नाÎतनी ¬ ¬ HाHÎनकुशोd1म1 1 1111
त³काT मन क तवा यत άdेÍन5 यÍकय1
3पÍव•य ासने युजया²ोगमातमÍव शु@ये11 1211
शु@ भू Îम म, ÍHसके 3प1 कमश कु शा, मग UाHा H1 वU ÍबUे ह , Hो न बह

त 3 ¬ा ह
न बह

त नी¬ा, 7से अपने Hसन को Í1¤1 1¤ापन क1के 3स Hसन प1 बòक1 άd H1
çÍन5य| की ÍकयाH को वश म 1¼ते ह

7 मन को 7काT क1के अनतक1Þ की शुÍ@ के ÎH7
योग का अ¹यास क1े 1(11,12) ( अनुकम )
सम कायÎश1ोTीव धा1यनन¬ H Í1¤ 11
सüे‰यनाÎसकाT 1व Íदश °ानवHोकय न1 11311
üशानतातमा Íव गतभीü (¬ाÍ1üत े Í1¤त 1
मन स यम य म ͯ¬dो य ुñ Hसीत मतप1 11 1411
काया, Îस1 H1 गHे को समान 7व अ¬H धा1Þ क1के H1 Í1¤1 होक1, अपनी नाÎसका
के अTभाग प1 •ÍP Hमाक1, अनय ÍदशाH को न दे ¼ता ह

H ü(¬ा1| के üत म Í1¤त,
भय1Íहत त¤ा भHी भाÎत शानत अनतक1Þ वाHा सावधान योगी मन को 1ोकक1 मु$म
άdवाHा H1 मे1े प1ायÞ होक1 Í1¤त होवे1(13,14)
युHन नेव सदातमान योगी Îनयतमानस1
शा Íनत Îनवा Þप1मा मत स1¤ाम Îधग ¯UÎत11 1511
वश म Íकये ह

7 मनवाHा योगी çस üका1 Hतमा को Îन1नत1 मु $ प1मे+1 के 1वFप
म Hगाता ह

H मु$म 1हने वाHी प1माननद की प1ाका8ाFप शाÍनत को üाB होता ह 1(15)
नातय ा÷त1त ु योगो€ Í1त न ¬ कानतमन÷त 1
न ¬ाÎत 1व!नशी H1य Hा Tतो नव ¬ा Hु न11 1611
हे अHुन ! यह योग न तो बह

त ¼ाने वाHे का, न Íब~कु H न ¼ाने वाHे का, न बह


शयन क1ने के 1वभाववाHे का H1 न सदा ह| Hागने वाHे का ह| Îस@ होता ह 1(16)
युñाहा 1Íव हा11 य युñ¬ेP1य कम सु1
युñ1व!न ावबोध1य योगो भवÎत दु ¼हा11 1711
दु ¼| का नाश क1ने वाHा योग तो य¤ायो¹य Hहा1-Íवहा1 क1ने वाHे का, कम| म य¤ा
यो¹य ¬ेPा क1ने वाHे का H1 य¤ायो¹य सोने त¤ा Hागने वाHे का ह| Îस@ होता ह 1(17)
यदा ÍवÎनयत ά dमातमन येवावÎत8त े1
Îन1प ह सव कामे¹यो य ुñ çतयु¯यत े तदा11 1811
अतयनत वश म Íकया ह

H άd ÍHस काH म प1मातमा म ह| भHी भाÎत Í1¤त हो
Hाता ह , 3स काH म समपूÞ भोग| से 1पह ा1Íहत पु³¤ योगयुñ ह , 7सा कहा Hाता ह 1(18)
य¤ा द|पो Îन वात1¤ो न े™गते सोपमा 1म ता1
योÎगनो यत άd1य य ुHतो योग मातमन11 1911
ÍHस üका1 वायु1Íहत 1¤ान म Í1¤त द|पक ¬Hायमान नह| होता, वसी ह| 3पमा
प1मातमा के ºयान म Hगे ह

7 योगी के Hीते ह

7 άd की कह| गयी ह 1(19) ( अनुकम )
य³ोप1मत े άd Îन ³@ योगस ेवया1
य³ ¬ वातमनातमान प•यननातमÎन त ु*यÎत11 2011
सु¼मातय Íनतक यdद बुÍ@TाHम तीÍन5यम1
वेÍd य³ न ¬वाय Í1¤त °HÎत तïवत 11 2111
य H¯ धवा ¬ाप1 Hाभ म नयते ना Îधक तत 1
यÍ1मन Í1¤तो न द ु ¼ेन ग ु³ÞाÍप Íव¬ा~यत े11 2211
त Íव²ाद द ु ¼सयोगÍवयोग योगस Í7तम1
स Îन °येन योñ ¯यो योगो€ ÎनÍव ÞÞ¬ेतसा11 2311
योग के अ¹यास से Îन³@ άd ÍHस अव1¤ा म 3प1ाम हो Hाता ह H1 ÍHस अव1¤ा
म प1मातमा के ºयान से शु@ ह

( सू ‰म बुÍ@ §ा1ा प1मातमा को साHात क1ता ह

H
सͯ¬दाननदÞन प1मातमा म ह| सनतुP 1हता ह 1 çÍन5य| से अतीत, के वH शु@ ह

( सू ‰म बुÍ@
§ा1ा TहÞ क1ने यो¹य Hो अननत Hननद ह , 3सको ÍHस अव1¤ा म अनुभव क1ता ह H1
ÍHस अव1¤ा म Í1¤त यह योगी प1मातमा के 1वFप से Íव¬ÎHत होता ह| नह|1 प1मातमा की
üाÎB Fप ÍHस Hाभ को üाB होक1 3ससे अÎधक दसू 1ा कु U भी Hाभ नह| मानता H1
प1मातमüाÎBFप ÍHस अव1¤ा म Í1¤त योगी बsे भा1| दु ¼ से भी ¬Hायमान नह| होता1 Hो
दु ¼Fप स सा1 के स योग से 1Íहत ह त¤ा ÍHसका नाम योग ह , 3सको Hानना ¬ाÍह71 वह योग
न 3कता7 ह

7 अ¤ात धय H1 3तसाहयुñ άd से Îन°यपूवक क1ना कत¯ य ह 1
सक~पü भवानकाम ा1तयñवा सवा नशे¤त1
मनसवे Íन5यTाम Íव Îनयमय समनत त11 2411
शन शन ³प1म ेद ब ु@या ध Îतग ह|तया1
Hत मस1¤ मन क तवा न Íक άद Íप άन तयेत1 1 2511
सक~प से 3तपनन होने वाHी समपूÞ कामनाH को Îनशे¤Fप से तयागक1 H1 मन के
§ा1ा çÍन5य| के समु दाय को सभी H1 से भHीभा Îत 1ोकक1 कम-कम से अ¹यास क1ता ह

H
3प1Îत को üाB हो त¤ा ध यय ुñ बु Í@ के §ा1ा मन को प1मातमा म Í1¤त क1के प1मातमा के
Îसवा H1 कु U भी άनतन न क1े 1(24,25)
यतो यतो Îन°1 Îत मन° ¬Hम Í1¤1म1
तत1ततो Îनयमय तदातमन येव व श नय ेत1 12611
यह Í1¤1 न 1हने वाHा H1 ¬…¬H मन ÍHस-ÍHस श¯दाÍद Íव¤य के ÎनÎमd से ससा1
म Íव¬1ता ह , 3स-3स Íव¤य से 1ोकक1 यानी हòाक1 çसे बा1-बा1 प1मातमा म ह| Îन³@ क1े 1
üशान तमनस Hेन योÎगन सु¼मुdमम1
3पÎत शा नत1Hस ü (भूतमक~म*म11 2711
4य|Íक ÍHसका मन भHी üका1 शानत ह , Hो पाप से 1Íहत ह H1 ÍHसका 1HोगुÞ
शानत हो गया ह , 7से çस सͯ¬दाननदÞन ü( के सा¤ 7कीभाव ह

7 योगी को 3dम Hननद
üाB होता ह 1(27)
युHनन े व सदातमान योगी Íव गतक~ म¤1
सु¼ेन ü(स1प श मतयनत सु¼म÷ ुते11 2811
वह पाप1Íहत योगी çस üका1 Îन1नत1 Hतमा को प1मातमा म Hगाता ह

H सु¼पूवक
प1ü( प1मातमा की üाÎBFप अननत Hननद का अनु भव क1ता ह 1(28) ( अनुकम )
सव भूत1 ¤मातमान सव भूताÎन ¬ ातमÎन1
(Hते योग युñातमा सव ³ स मदश न11 2911
सव¯ यापी अननत ¬ेतन म 7कीभाव से Í1¤ÎतFप योग से युñ HतमावाHा त¤ा सबम
समभाव से दे ¼ने वाHा योगी Hतमा को समपूÞ भू त| म Í1¤त H1 समपूÞ भूत| को Hतमा म
कÍ~पत दे ¼ता ह 1(29)
यो मा प•यÎत स व ³ सव ¬ मÎय प•यÎत1
त1याह न üÞ•याÎम स ¬ मे न üÞ•यÎत11 3011
Hो पु³¤ समपूÞ भू त| म सबके HतमFप मु$ वासुदे व को ह| ¯यापक दे ¼ता ह H1
समपूÞ भू त| को मु $ वासुदे व के अनतगत दे ¼ता ह , 3सके ÎH7 म अ••य नह| होता H1 वह
मे1े ÎH7 अ••य नह| होता1(30)
सव भूतÍ1¤त यो मा भHत येकतवमा Í1¤त 1
सव ¤ा वत मानो€ Íप स योगी मÎय वत ते11 3111
Hो पु³¤ 7कीभाव म Í1¤त होक1 समपूÞ भूत| म HतमFप से Í1¤त मु$
सͯ¬दाननदÞन वासुदे व को भHता ह , वह योगी सब üका1 से ब1तता ह

H भी मु $ म ह|
ब1तता ह 1(31)
Hत म|पमय ेन सव ³ स म प•यÎत यो€H ु न1
सु¼ वा य Íद वा दु ¼ स योगी प1मो मत 11 3211
हे अHुन ! Hो योगी अपनी भाÎत समपूÞ भूत| म सम दे ¼ता ह H1 सु ¼ अ¤वा दु ¼
को भी सबम सम दे ¼ता ह , वह योगी प1म श8े माना गया ह 1(32)
अHु न 3वा¬
यो€य योग1तवया üोñ साम येन मधुसूदन1
7त1याह न प•याÎम ¬ ¬Hतवा Íत1¤ Îत Í1¤ 1ाम1 1 3311
अHुन बोHे हे मधु सूदन ! Hो यह योग Hपने समभाव से कहा ह , मन के ¬¬H होने से
म çसकी Îनतय Í1¤Îत को नह| दे ¼ता ह

1(33)
¬¬H Íह मन क *Þ üमाΤ ब Hवद •ƒ म1
त1याह Îन Tह मन ये वायोÍ1व स ुदु *क1म1 1 3411
4य|Íक हे शी क *Þ ! यह मन बsा ¬¬H, üम¤न 1वभाव वाHा, बsा •õ H1 बHवान ह 1
çसÎH7 3सका वश म क1ना म वायु को 1ोकने की भा Îत अतयनत द*ु क1 मानता ह

1
शीभगवान ुवा¬
अस शय महाबाहो मनो दु Îन Tह ¬H म1
अ¹यास ेन तु क| नतेय व1ा¹य ेÞ ¬ ग Hते11 3511
शी भगवान बोHे हे महाबाहो ! Îनसदे ह मन ¬¬H H1 कÍòनता से वश म होने वाHा ह
प1नतु हे कु नतीपु³ अHुन ! यह अ¹यास H1 व1ा¹य से वश म होता ह 1(35) ( अनुकम )
असयतातमन ा योगो दु *üाप çÎत म े म Îत1
व•यातमना तु यतता श4यो€वाB ुमुपायत 11 3611
ÍHसका मन वश म Íकया ह

H नह| ह , 7से पु³¤ §ा1ा योग द*ु üा!य ह H1 वश म Íकये


7 मनवाHे üयŒशीH पु³¤ §ा1ा साधन से 3सका üाB होना सहH ह • यह मे1ा मत ह 1(36)
अHु न 3वा¬
अयÎत श @योपेतो य ोगा¯ ¬ÎH तमानस1
अüा!य योगस Îस Í@ का गÎत क*Þ ग¯U Îत11 3711
अHुन बोHे हे शीक *Þ ! Hो योग म श@ा 1¼ने वाHा ह , Íक तु सयमी नह| ह , çस का1Þ
ÍHसका मन अनतकाH म योग से Íव¬ÎHत हो गया ह , 7सा साधक योग की ÎसÍ@ को अ¤ात
भगवतसाHातका1 को न üाB होक1 Íकस गÎत को üाB होता ह 1(37)
कͯ¬न नोभय Íव•PÍ•U नना•Îमव न•यÎत1
अüÎत8ो महाबाहो Íवमूƒो ü(Þ पΤ 11 3811
हे महाबाहो ! 4या वह भगवतüाÎB के माग म मोÍहत H1 Hशय1Íहत पु³¤ ÎUनन-Îभनन
बादH की भाÎत दोन| H1 से •P होक1 नP तो नह| हो Hाता?(38)
7तनमे स शय क*Þ Uेdुमह 1यशे¤त 1
तवदनय स शय1या1य Uेdा न H ुपप²त े11 3911
हे शीक *Þ ! मे1े çस स शय को समपूÞ Fप से Uे दन क1ने के ÎH7 Hप ह| यो¹य ह ,
4य|Íक Hपके Îसवा दसू 1ा çस स शय का Uे दन क1ने वाHा ÎमHना सभव नह| ह 1(39)
शीभगवान ुवा¬
पा¤ नवेह नाम ु³ Íवनाश1 त1य Íव²त े1
न Íह क~याÞक तकÍ°द द ु ग Îत तात ग¯U Îत11 4011
शीमान भगवान बोHे हे पा¤ ! 3स पु³¤ का न तो çस Hोक म नाश होता ह H1 न
प1Hोक म ह| 4य|Íक हे !या1े ! Hतमो@ा1 के ÎH7 अ¤ात भगवतüाÎB के ÎH7 कम क1ने वाHा
को( भी मनु*य दगु Î त को üाB नह| होता1(40)
üा!य पु Þयकता Hोकान ुͤतवा शा +ती स मा1
शु ¬ीना शीमत ा गेहे योग•Pो€ ÎभHायत े11 4111
योग•P पु³¤ पु Þयवान| Hोक| को अ¤ात 1वगाÍ द 3dम Hोक| को üाB होक1, 3नम
बह

त व¤| तक Îनवास क1के Í91 शु@ H¬1ÞवाHे शीमान पु³¤| के Þ1 म Hनम Hेता ह 1(41)
अ¤वा योÎगनाम ेव कुHे भ वÎत धीमताम1
7तÍ@ द ु H भत1 Hोके Hन म यद|•शम1 1 4211
अ¤वा व1ा¹यवान पु³¤ 3न Hोक| म न Hाक1 7ानवान योÎगय| के ह| कु H म Hनम
Hेता ह 1 प1नतु çस üका1 का Hो यह Hनम ह , सो ससा1 म Îनसदे ह अतयनत दHु भ ह 1(42)
( अनुकम )
त³ त बुÍ@स योग H भते प|व देÍह कम1
यतते ¬ ततो भ ूय स Îस@| कु³ननदन11 4311
वहा 3स पहHे श1|1 म स Tह Íकये ह

7 बुÍ@-सयोग को अ¤ात 1ामबुÍ@ Fप योग के
स1का1| को अनायास ह| üाB हो Hाता ह H1 हे कु ³ननदन ! 3सके üभाव से वह Í91 प1मातमा
की üाÎBFप ÎसÍ@ के ÎH7 पहHे से भी बõक1 üयŒ क1ता ह 1(43)
पूवा ¹यास े न तेनव Ížयत े Hव शो€ Íप स 1
ÍH7ास ु1 Íप योग1य श¯दü(ाÎत वत ते11 4411
वह शीमान| के Þ1 Hनम Hेने वाHा योग•P प1ाधीन ह

H भी 3स पहHे के अ¹यास से
ह| Îनसदे ह भगवान की H1 Hकͤत Íकया Hाता ह त¤ा समबुÍ@Fप योग का ÍH7ासु भी वेद
म कहे ह

7 सकाम कम| के 9H को 3~HÞन क1 Hाता ह 1(44)
üयŒा² ातमान1त ु योगी सशु@ÍकÍ~ब¤ 1
अनेकH नमस Îस@1ततो याÎत प1ा ग Îतम1 14511
प1नतु üयŒपूवक अ¹यास क1ने वाHा योगी तो ÍपUHे अनेक Hनम| के स 1का1बH से
çसी Hनम म स Îस@ होक1 समपूÞ पाप| से 1Íहत हो Í91 ततकाH ह| प1म गÎत को üाB हो
Hाता ह 1(45)
तपÍ1व ¹यो€Îध को य ोगी 7ाÎन¹यो€Íप म तो€ Îधक 1
कÎम ¹य°ा Îधको योगी त1मा²ोगी भवाHु न11 4611
योगी तपÍ1वय| से श8े ह , शाU7ाÎनय| से भी श8े माना गया ह H1 सकाम कम क1ने
वाH| से भी योगी श8े ह çससे हे अHुन तू योगी हो1(46)
योÎगनामÍप स व ¤ा म द गत ेनानत1ातमना1
श@ाव ान भHते यो मा स म े युñतमो मत 11 4711
समपूÞ योÎगय| म भी Hो श@ावान योगी मु $म Hगे ह

7 अनत1ातमा से मु $को Îन1नत1
भHता ह , वह योगी मु $े प1म श8े मानय ह 1(47) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे Hतमसयमयोगो नाम ¤8ो€ºयाय11611
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाUFप शीमद भगवद गीता के
शी क *Þ-अHुन सवाद म 'Hतमसयमयोग नामक Uòा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
सातव अº याय का माहातमय
भगवान Îश व कहत े ह • पावत ी ! अब म सातव अºयाय का माहातमय बतHाता ह

,
ÍHसे सुनक1 कान| म अमत -1ाÎश भ1 Hाती ह 1 पाòÎHपु³ नामक 7क दगु म नग1 ह , ÍHसका
गोपु1 (§ा1) बह

त ह| 3 ¬ा ह 1 3स नग1 म श कु कÞ नामक 7क üा(Þ 1हता ¤ा, 3सने व •य-वÍ d
का Hशय Hेक1 बह

त धन कमाया, Íक तु न तो कभी Íपत1| का तपÞ Íकया H1 न दे वताH का
पूHन ह|1 वह धनोपाHन म ततप1 होक1 1ाHाH को ह| भोH Íदया क1ता ¤ा1
7क समय की बात ह 1 7क समय की बात ह 1 3स üा(Þ ने अपना ¬|¤ा Íववाह क1ने
के ÎH7 पु³| H1 बनधुH के सा¤ या³ा की1 माग म Hधी 1ात के समय Hब वह सो 1हा ¤ा,
तब 7क सप ने कह| से Hक1 3सकी बाह म काò ÎHया1 3सके काòते ह| 7सी अव1¤ा हो ग(
Íक मÍÞ, म ³ H1 H¤Îध HÍद से भी 3सके श1|1 की 1Hा असाºय Hान पs|1 ततप°ात कु U
ह| HÞ| म 3सके üाÞ प¼े³ 3s गये H1 वह üेत बना1 Í91 बह

त समय के बाद वह üेत
सपय ोÎन म 3तपनन ह

H1 3सका Íवd धन की वासना म बधा ¤ा1 3सने पू व वd ानत को 1म1Þ
क1के सो¬ा
'म ने Þ1 के बाह1 क1ोs| की स Fया म अपना Hो धन गाs 1¼ा ह 3ससे çन पु³| को
वάत क1के 1वय ह| 3सकी 1Hा कF गा1'
साप की योÎन से पीÍsत होक1 Íपता ने 7क Íदन 1व!न म अपने पु³| के समH Hक1
अपना मनोभाव बताया1 तब 3सके पु³| ने सवे1े 3òक1 बsे Íव1मय के सा¤ 7क-दसू 1े से 1व!न
की बात कह|1 3नम से म $Hा पु³ कु दाH हा¤ म ÎH7 Þ1 से ÎनकHा H1 Hहा 3सके Íपता
सपय ोÎन धा1Þ क1के 1हते ¤े, 3स 1¤ान प1 गया1 य²Íप 3से धन के 1¤ान का ò|क-ò|क पता
नह| ¤ा तो भी 3सने άš| से 3सका ò|क Îन°य क1 ÎHया H1 HोभबुÍ@ से वहा पह

¬क1 बाबी
को ¼ोदना H1मभ Íकया1 तब 3स बाबी से बsा भयानक साप üकò ह

H H1 बोHा
'H मू õ ! तू क|न ह ? ÍकसÎH7 Hया ह ? यह ÍबH 4य| ¼ोद 1हा ह ? Íकसने तु$े भेHा ह ?
ये सा1| बात मे1े सामने बता1'
पु³ "म Hपका पु ³ ह

1 मे1ा नाम Îशव ह 1 म 1ाͳ म दे ¼े ह

7 1व!न से ÍवÍ1मत होक1
यहा का सु वÞ Hेने के क|तूहH से Hया ह

1"
पु³ की यह वाÞी सु नक1 वह साप ह सता ह

H 3¯¬ 1व1 से çस üका1 1पP व¬न
बोHा "यÍद तू मे1ा पु ³ ह तो मु$े शीU ह| बनधन से मु ñ क11 म अपने पूवH नम के गाsे ह

7
धन के ह| ÎH7 सपय ोÎन म 3तपनन ह

H ह

1"
पु³ "Íपता Hी! Hपकी मु Íñ क से होगी? çसका 3पाय मु$े बता(ये, 4य|Íक म çस 1ात
म सब Hोग| को Uोsक1 Hपके पास Hया ह

1"
Íपता "बेòा ! गीता के अमत मय सBम अºयाय को Uोsक1 मु$े मुñ क1ने म ती¤,
दान, तप H1 य7 भी सव¤ ा सम¤ नह| ह 1 के वH गीता का सातवा अºयाय ह| üाÍÞय| के H1ा
मत यु HÍद दु ¼| को द1ू क1ने वाHा ह 1 पु³ ! मे1े शा@ के Íदन गीता के सBम अºयाय का पाò
क1ने वाHे üा(Þ को श@ापूवक भोHन क1ाH1 çससे Îनसनदे ह मे1| मु Íñ हो Hायेगी1 वतस !
अपनी शÍñ के अनुसा1 पूÞ श@ा के सा¤ Îन¯यस ी H1 वेदÍव²ा म üवीÞ अनय üा(Þ| को भी
भोHन क1ाना1"( अनुकम )
सपय ोÎन म पsे ह

7 Íपता के ये व¬न सु नक1 सभी पु³| ने 3सकी H7ानुसा1 त¤ा 3ससे
भी अÎधक Íकया1 तब श कु कÞ ने अपने सपश 1|1 को तयागक1 Íद¯य दे ह धा1Þ Íकया H1 सा1ा
धन पु³| के अधीन क1 Íदया1 Íपता ने क1ोs| की सFया म Hो धन 3नम बाò Íदया ¤ा, 3ससे
वे पु³ बह

त üसनन ह

71 3नकी बु Í@ धम म Hगी ह

( ¤ी, çसÎH7 3नह|ने बावHी, कु H, पो¼1ा,
य7 त¤ा दे वम Íद1 के ÎH7 3स धन का 3पयोग Íकया H1 अननशाHा भी बनवायी1 ततप°ात
सातव अºयाय का सदा Hप क1ते ह

7 3नह|ने मोH üाB Íकया1
हे पावत ी ! यह तुमह सातव अºयाय का माहातमय बतHाया, ÍHसके शवÞमा³ से मानव
सब पातक| से मु ñ हो Hाता ह 1"
सातवा अºय ाय7ा नÍव7ान योग
11 अ¤ सBमो €ºयाय11
शी भगवान ुवा¬
मŽयासñ मना पा ¤ योग युHनमदा शय1
असशय सम T मा य¤ा 7ा1यÎस त¯ —Þु11 111
शी भगवान बोHे हे पा¤ ! मु $म अननय üेम से Hसñ ह

7 मनवाHा H1 अननय भाव
से मे1े प1ायÞ होक1, योग म Hगा ह

H मु $को सपूÞ ÍवभूÎत, बH 7+याÍ द गुÞ| से युñ सबका
HतमFप ÍHस üका1 स शय1Íहत Hानेगा 3सको सुन1(1)
7ान ते€ह स Íव7ानÎमद व ‰यामयश े¤त 1
यज7 ातवा न ेह भ ूयो€नयज7ात¯यमवÎश*यत े11 211
म ते1े ÎH7 çस Íव7ान सÍहत तïव7ान को सपूÞत ा से कह

गा Íक ÍHसको Hानक1
ससा1 म Í91 कु U भी Hानने यो¹य शे¤ नह| 1हता ह 1
मनु*याÞा सह Pे¤ु कÍ°² तÎत Îस@य े1
यततामÍप Îस@ाना कÍ° मन मा वेÍd तï वत11 311
हHा1| मनु*य| म को( ह| मनु*य मे1| üाÎB के ÎH7 यŒ क1ता ह H1 3न यŒ क1ने
वाHे योÎगय| म भी को( ह| पु³¤ मे1े प1ायÞ ह

H मु $को तïव से Hानता ह 1(3) ( अनुकम )
भूÎम1ापो€नHो वाय ु ¼ मनो ब ुÍ@1 ेव ¬1
अहका1 çतीय मे Îभन ना üक Îत1Pधा11 411
अप1ेयÎमत1तवनय ा üकÎत ÍवÍ@ म े प1ाम1
Hीवभ ूता महाबाहो यय ेद ध ाय ते Hगत1 1 511
प° वी, HH, तेH, वायु त¤ा Hकाश H1 मन, बुÍ@ 7व अह का1... 7से यह Hò üका1 से
Íवभñ ह

( मे1| üक Îत ह 1 यह (Hò üका1 के भेद| वाHी) तो अप1ा ह अ¤ात मे1| Hs üक Îत ह
H1 हे महाबाहो ! çससे दसू 1| को मे1| HीवFपा प1ा अ¤ात ¬ेतन üक Îत Hान Íक ÍHससे यह
सपूÞ Hगत धा1Þ Íकया Hाता ह 1(4,5)
7त²ोनीÎन भ ूताÎन सवा Þीतय ुपधा1य1
अह कत1न1य Hगत üभव üHय1त¤ा11 611
मd प1त1 नानयÍतक άद Í1त धन Hय1
मÎय सव Îमद üोत सू³े मÍÞ गÞा çव11 711
हे अHुन ! तू 7सा सम$ Íक सपूÞ भूत çन दोन| üक Îतय|(प1ा-अप1ा) से 3तपनन होने
वाHे ह H1 म स पूÞ Hगत की 3तपÍd त¤ा üHयFप ह

अ¤ात सपूÞ Hगत का मू H का1Þ ह

1
हे धनHय ! मु$से Îभनन दसू 1ा को( भी प1म का1Þ नह| ह 1 यह समपूÞ सू³ म मÍÞय| के
स•श मु$म गु ¤ा ह

H ह 1(6,7)
1सो€ह म!सु क|नत ेय üभा Í1म श Îशसूय यो1
üÞव स व देवे¤ु श¯द ¼े प|³¤ न ¤ु11 811
पुÞयो गन ध प Τ¯या ¬ तेH°ा Í1म Íवभावस|1
Hीवन सव भूते¤ु तप°ा Í1म तप Í1व¤ ु11 911
हे अHुन ! HH म म 1स ह

1 ¬5मा H1 सूय म म üकाश ह

1 स पूÞ वेद| म üÞव(‚) म


1 Hकाश म श¯द H1 पु³¤| म पु³¤तव म ह

1 प° वी म पÍव³ ग ध H1 अ͹न म म तेH ह

1
सपूÞ भू त| म म Hीवन ह

अ¤ात ÍHससे वे Hीते ह वह तïव म ह

त¤ा तपÍ1वय| म तप म


1(8,9)
बीH मा सव भूताना ÍवÍ@ पा¤ सनातनम1
बुÍ@ब ु Í@मतामÍ1म तेH1त ेHÍ1वनामहम1 11011
हे अHुन ! तू सपूÞ भू त| का सनातन बीH याÎन का1Þ मु $े ह| Hान1 म बुÍ@मान| की
बुÍ@ H1 तेHÍ1वय| का तेH ह

1(10)
बH ब Hवता ¬ ाह का म1ागÍवव ÍH तम1
धमा Íव³@ो भूते¤ु कामो€ Í1म भ1त भ 11 1111
हे भ1त श8े ! HसÍñ H1 कामनाHŸ से 1Íहत बHवान| का बH अ¤ात साम°य म ह


H1 सब भूत| म धम के अनुकू H अ¤ात शाU के अनुकू H काम म ह

1(11)
ये ¬व सा Íïवका भावा 1ाHसा1तामसा° य े1
मd 7व ेÎत ता ÍनवÍ@ न तवह ते¤ु ते म Îय11 1211
H1 Hो भी सïवगुÞ से 3तपनन होने वाHे भाव ह H1 Hो 1HोगुÞ से त¤ा तमोगुÞ से
3तपनन होने वाHे भाव ह , 3न सबको तू मे1े से ह| होने वाHे ह 7सा Hान1 प1नतु वा1तव म
3नम म H1 वे मु $मे नह| ह 1(12) ( अनुकम )
ͳÎभ गु Þमयभा व1े Îभ स व Îमद Hग त1
मो हत नाÎभHानाÎत माम े¹य प1 म¯य यम1 11311
गुÞ| के कायF प(साÍïवक, 1ाHÎसक H1 तामÎसक) çन तीन| üका1 के भाव| से यह सा1ा
ससा1 मोÍहत हो 1हा ह çसÎH7 çन तीन| गुÞ| से प1े मु$ अÍवनाशी को वह तïव से नह|
Hानता1(13)
दवी H े¤ा गुÞमयी मम माया दु 1तयया1
मामेव य े üप²नत े मयाम ेता त1 Íनत त े11 1411
यह अH|Íकक अ¤ात अÎत अदभुत ͳगुÞमयी मे1| माया बs| द1ु त1 ह प1नतु Hो पु³¤
के वH मु $को ह| Îन1 त1 भHते ह वे çस माया को 3~HÞन क1 Hाते ह अ¤ात स सा1 से त1
Hाते ह 1(14)
न मा द ु *क Îतनो मूƒा üप²नत े न1ाधमा 1
मायय ाप(त7ाना Hस ु1 भावÎम Îशता 11 1511
माया के §ा1ा ह1े ह

7 7ानवाHे H1 Hसु1| 1वभाव को धा1Þ Íकये ह

7 त¤ा मनु*य| म
नी¬ H1 दÍू ¤त कम क1नेवाHे मूõ Hोग मु$े नह| भHते ह 1(15)
¬तु Íव धा भ Hनते म ा Hना स ु कÎतनो€H ु न1
Hत| ÍH7ास ु1¤ा ¤ी 7ानी ¬ भ1त¤ भ11 1611
हे भ1तव Îशयो म श8े अHुन ! 3dम कमव ाHे अ¤ा¤ ‹, Hत, ÍH7ासु H1 7ानी • 7से
¬ा1 üका1 के भñHन मु$े भHते ह 1(16)
ते¤ा 7ान ी Îनतयय ुñ 7कभÍñ Íव Îश*यते1
Íüयो Íह 7ाÎननो€तय¤ मह स ¬ मम Íüय11 1711
3नम भी Îनतय मु$म 7कीभाव से Í1¤त ह

H, अननय üेम-भÍñवाHा 7ानी भñ अÎत
3dम ह 4य|Íक मु $े तïव से Hानने वाHे 7ानी को म अतयनत Íüय ह

H1 वह 7ानी मु $े
अतयत Íüय ह 1 (17)
3दा1 ा स व 7वते 7ान ी तवातम व म े म तम1
HÍ1¤ त स Íह युñातमा माम ेवान ुdमा ग Îतम1 11811
ये सभी 3दा1 ह अ¤ात श@ासÍहत मे1े भHन के ÎH7 समय Hगाने वाHे होने से 3dम ह
प1नतु 7ानी तो साHात मे1ा 1वFप ह| ह 7सा मे1ा मत ह 1 4य|Íक वह मदगत मन-बुÍ@वाHा
7ानी भñ अÎत 3dम गÎत1वFप मु$म ह| अ¯U| üका1 Í1¤त ह 1 (18)
बह

ना Hन मनामनत े 7ानव ान मा üप²त े1
वासु देव स व ÎमÎत स म हातमा स ुदु H भ11 1911
बह

त Hनम| के अनत के Hनम म तïव7ान को üाB ह

H 7ानी सब कु U वासुदे व ह| ह -
çस üका1 मु $े भHता ह , वह महातमा अÎत दHु भ ह 1 (19) ( अनुकम )
काम 1त1त( त7ाना üप²नत े €नयद ेवता1
तत Îनयम मा1¤ाय üकतय ा Îनयता 1वया11 2011
3न-3न भोग| की कामना §ा1ा ÍHनका 7ान ह1ा Hा ¬ु का ह वे Hोग अपने 1वभाव से
üेÍ1त होक1 3स-3स Îनयम को धा1Þ क1के अनय दे वताH को भHते ह अ¤ात पू Hते ह 1 (20)
यो यो या या तन ु भñ श@याά तु Îम¯ UÎत1
त1य त1या¬H ा श@ा ताम ेव Íवद धामयहम1 12111
Hो-Hो सकाम भñ ÍHस-ÍHस दे वता के 1वFप को श@ा से पूHना ¬ाहता ह , 3स-3स भñ
की श@ा को म 3सी दे वता के üÎत Í1¤1 क1ता ह

1 (21)
स तया श@या य ुñ1त1यासधनमीहत े1
Hभते ¬ तत कामानमय व ÍवÍह ताÍनह तान1 12211
वह पु³¤ 3स श@ा से युñ होक1 3स दे वता का पू Hन क1ता ह H1 3स दे वता से मे1े
§ा1ा ह| Íवधान Íकये ह

7 3न çͯUत भोग| को Îनसनदे ह üाB क1ता ह 1 (22)
अनत वdु 9H ते¤ा त द भवतय~पम ेधसाम1
देवा नदेवयHो या Íनत मद भ ñा या Íनत माम Íप11 2311
प1नतु 3न अ~प बु@वाH| का वह 9H नाशवान ह त¤ा वे दे वताH को पूHने वाHे
दे वताH को üाB होते ह H1 मे1े भñ ¬ाहे Hसे ह| भH, अत म मु $े ह| üाB होते ह 1 (23)
अ¯यñ ¯यÍñ मापनन मनय नते मामब ु@य1
प1 भाव मHाननतो ममा¯ययमन ु dमम1 1 2411
बुÍ@ह|न पु³¤ मे1े अनुdम, अÍवनाशी, प1म भाव को न Hानते ह

7, मन-çन5य| से प1े मु$
सͯ¬दानदÞन प1मातमा को मनु*य की भाÎत Hानक1 ¯यÍñ के भाव को üाB ह

H मानते ह 1
(24)
नाह üका श सव 1य योगमायासमाव त
मूƒो€य न ाÎभHानाÎत Hोको मामH म¯य यम1 12511
अपनी योगमाया से ÎUपा ह

H म सबके üतयH नह| होता çसÎH7 यह अ7ानी Hन
समुदाय मु$ Hनम1Íहत, अÍवनाशी प1मातमा को तïव से नह| Hानता ह अ¤ात मु $को Hनमने-
म1नेवाHा सम$ता ह 1 (25)
ç¯Uा§ े¤सम ुत¤ेन §न§मोह ेन भा1त1
सव भूताÎन स मोह सग याÍनत प1तप11 2711
हे भ1तव शी अHुन ! ससा1 म ç¯Uा H1 §े ¤ से 3तपनन ह

7 सु¼-दु ¼ाÍद §न§Fप मोह
से सपूÞ üाÞी अÎत अ7ानता को üाB हो 1हे ह 1 (27) ( अनुकम )
ये¤ा तवनत गत पाप Hनाना पुÞयकम Þाम1
ते § न§मोहÎन मु ñा भHनते म ा •ƒü ता11 2811
(Îन*काम भाव से) श8े कम| का H¬1Þ क1ने वाHा ÍHन पु³¤| का पाप नP हो गया ह ,
वे 1ाग-§े ¤ाÍदHÎनत §न§Fप मोह से मुñ H1 •õ Îन°यवाHे पु³¤ मु$को भHते ह 1 (28)
H1ाम1ÞमोHाय मामा Îशतय यतÍनत ये1
ते ü( त ͧद ु कत1नमºयातम कम ¬ा ͼHम1 1 2911
Hो मे1े श1Þ होक1 H1ा H1 म1Þ से Uू òने के ÎH7 यŒ क1ते ह , वे पु³¤ 3स ü( को
त¤ा स पूÞ अºयातम को H1 स पूÞ कम को Hानते ह 1 (29)
सा ÎधभूताÎध दव मा साÎध य7 ¬ ये Íवद ु 1
üयाÞकाH े€ Íप ¬ म ा ते Íवद ु यु ñ¬ेतस 11 3011
Hो पु³¤ अÎधभूत H1 अÎधद व के सÍहत त¤ा अÎधय7 के सÍहत (सबका HतमFप) मु $े
अतकाH म भी Hानते ह , वे युñ άdवाHे पु ³¤ मु$को ह| Hानते ह अ¤ात मु$को ह| üाB होते
ह 1 (30) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवदगीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे 7ानÍव7ानयोगे नाम सBमो€ºयाय11711
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU1वFप शीमद भगवदगीता म
शीक *Þ त¤ा अHुन के सवाद म '7ानÍवयोग नामक' सातवा अºयाय सपूÞ1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
Hòव अºयाय क ा माहातमय
भगवान Îश व कहत े ह • दे Íव ! अब Hòव अºयाय का माहातमय सुनो1 3सके सु नने
से तुमह बs| üसननता होगी1 H‰मीHी के पूUने प1 भगवान Íव*Þु ने 3नह çस üका1 अPम
अºयाय का माहातमय बतHाया ¤ा1
दÍHम म Hमद कपु1 नामक 7क üÎस@ नग1 ह 1 वहा भावशमा नामक 7क üा(Þ 1हता
¤ा, ÍHसने वे•या को पŒी बना क1 1¼ा ¤ा1 वह मास ¼ाता ¤ा, मÍद1ा पीता, श8े पु³¤| का धन
¬ु1ाता, प1ायी Uी से ¯यÎभ¬ा1 क1ता H1 Îशका1 ¼ेHने म ÍदH¬1पी 1¼ता ¤ा1 वह बsे
भयानक 1वभाव का ¤ा H1 H1 मन म बsे -बsे हlसHे 1¼ता ¤ा1 7क Íदन मÍद1ा पीने वाH|
का समाH Hुòा ¤ा1 3सम भावशमा ने भ1पेò ताs| पी, ¼ूब गHे तक 3से ¬õाया1 अत अHीÞ
से अतयनत पीÍsत होक1 वह पापातमा काHवश म1 गया H1 बह

त बsा ताs का वH ह

H1
3सकी Þनी H1 ò s| Uाया का Hशय Hेक1 ü(1ाHस भाव को üाB ह

7 को( पÎत-पŒी वहा 1हा
क1ते ¤े1
3नके पूव Hनम की Þòना çस üका1 ह 1 7क कु शीबH नामक üा(Þ ¤ा, Hो वेद-वेदाग
के तïव| का 7ाता, समपूÞ शाU| के अ¤ का Íवशे¤7 H1 सदा¬ा1| ¤ा1 3सकी Uी का नाम
कु मÎत ¤ा1 वह बsे ¼ोòे Íव¬ा1 की ¤ी1 वह üा(Þ Íव§ान होने प1 भी अतयनत Hोभवश अपनी
Uी के सा¤ üÎतÍदन भस, काHपु³¤ H1 Þोsे HÍद दान| को TहÞ Íकया क1ते ¤ा, प1नतु दसू 1े
üा(Þ| को दान म ÎमHी ह

( क|s| भी नह| दे ता ¤ा1 वे ह| दोन| पÎत-पŒी काHवश मत यु को
üाB होक1 ü(1ाHस ह

71 वे भू¼ H1 !यास से पीÍsत हो çस प° वी प1 Þूमते ह

7 3सी ताs
वH के पास Hये H1 3सके मूH भाग म Íवशाम क1ने Hगे1 çसके बाद पŒी ने पÎत से पूUा
'ना¤ ! हम Hोग| का यह महान दु ¼ क से द1ू होगा? ü(1ाHस-योÎन से Íकस üका1 हम दोन| की
मु Íñ होगी? तब 3स üा(Þ ने कहा "ü(Íव²ा के 3पदे श, H²यतमततव के Íव¬ा1 H1 कमÍ वÎध
के 7ान Íबना Íकस üका1 सकò से Uु òका1ा ÎमH सकता ह ?
यह स ुनक1 पŒी ने पूUा "Íक तद ü( Íकमºयातम Íक कम पु³¤ोdम" (पु³¤ोdम !
वह ü( 4या ह ? अºयातम 4या ह H1 कम क|न सा ह ?) 3सकी पŒी çतना कहते ह| Hो
H°य की Þòना ÞÍòत ह

(, 3सको सुनो1 3पयुñ वा4य गीता के Hòव अºयाय का Hधा शोक
¤ा1 3सके शवÞ से वह वH 3स समय ताs के Fप को तयागक1 भावशमा नामक üा(Þ हो
गया1 ततकाH 7ान होने से Íवशु@άd होक1 वह पाप के ¬ोHे से मुñ हो गया त¤ा 3स Hधे
शोक के ह| माहातमय से वे पÎत-पŒी भी मुñ हो गये1 3नके मु¼ से द वात ह| Hòव अºयाय
का Hधा शोक ÎनकH पsा ¤ा1 तदननत1 Hकाश से 7क Íद¯य Íवमान Hया H1 वे दोन|
पÎत-पŒी 3स Íवमान प1 HFõ होक1 1वगH ोक को ¬Hे गये1 वहा का यह सा1ा वd ानत
अतयनत H°यH नक ¤ा1
3सके बाद 3स बुÍ@मान üा(Þ भावशमा ने Hद1पूवक 3स Hधे शोक को ÎH¼ा H1
दे वदे व Hनाद न की H1ाधना क1ने की ç¯Uा से वह मु ÍñदाÎयनी काशीपु1| म ¬Hा गया1 वहा
3स 3दा1 बुÍ@वाHे üा(Þ ने भा1| तप1या H1मभ की1 3सी समय Hी1साग1 की कनया भगवती
H‰मी ने हा¤ Hोsक1 दे वताH के भी दे वता HगतपÎत Hनाद न से पूUा "ना¤ ! Hप सहसा
नीद तयाग क1 ¼sे 4य| हो गये?"
शी भग वान बोH े दे Íव ! काशीपु1| म भागी1¤ी के तò प1 बुÍ@मान üा(Þ भावशमा
मे1े भÍñ1स से पÍ1पूÞ होक1 अतयनत कòो1 तप1या क1 1हा ह 1 वह अपनी çÍन5य| के वश म
क1के गीता के Hòव अºयाय के Hधे शोक का Hप क1ता ह 1 म 3सकी तप1या से बह

त स तुP


1 बह

त दे 1 से 3सकी तप1या के अनुFप 9H का Íव¬ा1 का 1हा ¤ा1 Íüये ! çस समय वह
9H दे ने को म 3तकÞòÎत ह

1
पाव ती Hी ने पूUा भगवन ! शीहÍ1 सदा üसनन होने प1 भी ÍHसके ÎH7 άÍनतत हो
3òे ¤े, 3स भगवद भñ भावशमा ने क|न-सा 9H üाB Íकया?
शी महाद े वHी बोH े दे Íव ! ͧHश8े भावशमा üसनन ह

7 भगवान Íव*Þु के üसाद को
पाक1 HतयÍनतक सु¼ (मोH) को üाB ह

H त¤ा 3सके अनय व शH भी, Hो न1क यातना म पsे
¤े, 3सी के शु@ कम से भगव@ाम को üाB ह

71 पावत ी ! यह Hòव अºयाय का माहातमय ¤ोsे
म ह| तुमहे बताया ह 1 çस प1 सदा Íव¬ा1 क1ना ¬ाÍह71( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
Hòव ा अºयाय अH1ü(योग
सातव अºयाय म 1 से 3 शोक तक भगवान ने अHुन को सतय1व³प का ततव सुनने के
ÎH7 सावधान क1 3से कहने की üÎत7ा की1 Í91 3से Hानने वाH| की üश सा क1के 27 व शोक
तक 3स तïव को ÍवÎभनन त1ह से सम$ाक1 3से Hानने के का1Þ| को भी अ¯U| त1ह से
सम$ाया H1 Hͼ1 म ü(, अºयातम, कम, अÎधभूत, अÎधद व H1 अÎधय7सÍहत भगवान के
समT 1वFप को Hानने वाHे भñ| की मÍहमा का वÞन क1के वह अºयाय समाB Íकया1
HेÍकन ü(, अºयातम, कम, अÎधभूत, अÎधद व H1 अÎधय7 çन U बात| का H1 म1Þ काH म
भगवान को Hानने की बात का 1ह1य सम$ म नह| Hया, çसÎH7 अHुन पूUते ह •
11 अ¤ ाPमो €ºयाय 11
अHु न 3वा¬
Íक तद ü ( Íक मºयातम Íक क म पु³¤ोdम1
अÎध भूत ¬ Íक üोñमÎध दव Íकमु¯यत े11 111
अHुन ने कहा हे पु³¤ोdम ! वह ü( 4या ह ? अºयातम 4या ह ? कम 4या ह ? अÎधभूत
नाम से 4या कहा गया ह H1 अÎधद व Íकसको कहते ह ?(1)
अÎध य7 क¤ को €³ द ेहे€ Í1मन मधु सूदन1
üयाÞकाH े ¬ क¤ 7ेयो€ Îस Îनयतातम Îभ11 211
हे मधु सूदन ! यहा अÎधय7 क|न ह ? H1 वह çस श1|1 म क से ह ? त¤ा युñάdवाHे
पु³¤| §ा1ा अनत समय म Hप Íकस üका1 Hानने म Hते ह ? (2)
शीभगवान ुवा¬
अH1 ü( प1म 1व भावो€ºयातमम ु¯यत े1
भूतभावोद भवक1ो Íवस ग क म सÍ7त 11 311
शीमान भगवान ने कहा प1म अH1 'ü(' ह , अपना 1वFप अ¤ात Hीवातमा 'अºयातम'
नाम से कहा Hाता ह त¤ा भू त| के भाव को 3तपनन क1ने वाHा Hो तयाग ह , वह 'कम' नाम से
कहा गया ह 1(3)
अÎधभूत H1ो भाव प ु³¤ °ाÎध दवतम1
अÎधय7ो€ह मेवा³ द ेहे देहभ ता व111 411
3तपÍd Íवनाश धमव ाHे सब पदा¤ अÎधभूत ह , Íह1Þयमय पु³¤ अÎधद व ह H1 हे
दे हधाÍ1य| म श8े अHुन ! çस श1|1 म म वासुदे व ह| अनतयाम ी Fप से अÎधय7 ह

1(4)
( अनुकम )
अनकाH े ¬ मा मेव 1म1न मुñवा कHेव1म1
य üयाÎत स म द भाव याÎत ना1तय³ सशय11 511
Hो पु³¤ अनतकाH म भी मु $को ह| 1म1Þ क1ता ह

H श1|1 को तयाग क1 Hाता ह ,
वह मे1े साHात 1वFप को üाB होता ह • çसम कु U भी स शय नह| ह 1(5)
य य वाÍप 1 म1नभाव तयHतयनत े कH ेव1म1
त तम ेव Îत क|नत ेय सदा तद भा वभाÍवत 11 611
हे कु नतीपु³ अHुन ! यह मनु*य अनतकाH म ÍHस-ÍHस भी भाव को 1म1Þ क1ता ह

H
श1|1 का तयाग क1ता ह , 3स 3सको ह| üाB होता ह , 4य|Íक वह सदा 3सी भाव से भाÍवत 1हा
ह 1(6)
त1मातसव ¤ु का Hे¤ु मामन ु1म1 य ुºय ¬1
मŽयÍप तमनोब ुÍ@मा मेव*य1 यस शयम1 1711
çसÎH7 हे अHुन ! तू सब समय म Îन1नत1 मे1ा 1म1Þ क1 H1 यु@ भी क11 çस
üका1 मु $म अपÞ Íकये ह

7 मन-बुÍ@ से युñ होक1 तू Îनसदे ह मु$को ह| üाB होगा1(7)
अ¹यासयोगय ुñेन ¬ेतसा नानयगाÎमना1
प1म पु ³¤ Íद¯य याÎत पा¤ा नुά नतयन1 1811
हे पा¤ ! यह Îनयम ह Íक प1मे+1 के ºयान के अ¹यासFप योग से युñ, दसू 1| H1 न
Hाने वाHे άd से Îन1नत1 άनतन क1ता ह

H मनु*य प1म üकाशFप Íद¯य पु ³¤ को अ¤ात
प1मे+1 को ह| üाB होता ह 1(8)
कÍव पु1ाÞमन ुशाÎस ता1 -
मÞो1Þी या समनु1म1 े²1
सव 1य धाता1म άन तयFप -
माÍदतयवÞ तम स प11तात1 1911
üयाÞकाH े मनसा¬H ेन
भñया युñो योगबH ेन ¬ व1
•ूवोम ºये ü ाÞमाव े •य समयक
स त प1 पु³¤ मुपÎत Íद¯यम1 1 1011
Hो पु³¤ सव7 , अनाÍद, सबके Îनयनता, सू‰म से भी अÎत सू‰म, सबके धा1Þ-पो¤Þ क1ने
वाHे, अάनतŽ1वFप, सूय के स•श Îनतय ¬ेतन üकाशFप H1 अÍव²ा से अÎत प1े , शु @
सͯ¬दाननदÞन प1मे+1 का 1म1Þ क1ता ह 1 वह भÍñयुñ पु³¤ अनतकाH म भी योग बH से
भक ु ò| के मºय म üाÞ को अ¯U| üका1 1¤ाÍपत क1के , Í91 Îन°H मन से 1म1Þ क1ता ह

H
3स Íद¯यFप प1म पु ³¤ प1मातमा को ह| üाB होता ह 1(9,10) ( अनुकम )
यदH1 वेदÍवदो वद Íनत
Íवश Íनत य²तयो वीत1ागा1
यÍद ¯Uनतो ü (¬य ¬1 Íनत
तdे पद सTहेÞ üव‰य े11 1111
वेद के Hानने वाHे Íव§ान ÍHस सͯ¬दाननदÞनFप प1म पद को अÍवनाशी कहते ह ,
HसÍñ1Íहत सनयासी महातमाHन ÍHसम üवेश क1ते ह H1 ÍHस प1म पद को ¬ाहने वाHे
ü(¬ा1| Hोग ü(¬य का H¬1Þ क1ते ह , 3स प1म पद को म ते1े ÎH7 सHेप म कह

गा1(11)
सव §ा1 ाÍÞ स यमय मनो (Íद Îन³ºय ¬1
मूºनया धाय ातमन üाÞमा Í1¤तो योगधा1Þाम1 11211
HÎमत येकाH1 ü( ¯याह1नमामन ु1म1न1
य üया Îत तयHनद ेह स याÎत प1म ा ग Îतम1 1 1311
सब çÍन5य| के §ा1| को 1ोक क1 त¤ा मन को (दयदे श म Í1¤1 क1के , Í91 3स Hीते


7 मन के §ा1ा üाÞ को म1तक म 1¤ाÍपत क1के , प1मातमसमबनधी योगधा1Þा म Í1¤त
होक1 Hो पु³¤ ‚ çस 7क अH1Fप ü( को 3¯¬ा1Þ क1ता ह

H H1 3सके अ¤1 वFप मु$
ÎनगुÞ ü( का άनतन क1ता ह

H श1|1 को तयाग क1 Hाता ह , वह पु³¤ प1म गÎत को üाB
होता ह 1(12,13)
अननय¬ े ता सत त य ो मा 1म1 Îत Îनतयश1
त1याह सुHभ पा¤ Îनतय ुñ1य योÎगन11 1411
हे अHुन ! Hो पु³¤ मु$म अननयάd होक1 सदा ह| Îन1नत1 मु$ पु³¤ोdम को 1म1Þ
क1ता ह , 3स Îनतय-Îन1नत1 मु $म युñ ह

7 योगी के ÎH7 म सु Hभ ह

, अ¤ात म 3से सहH ह|
üाB हो Hाता ह

1(14)
मामुपेतय प ुनH नम द ु ¼ाHयमशा+त म1
ना!न ुवÍनत म हातमान स ÎसÍ@ प1म ा गता 11 1511
प1म ÎसÍ@ को üाB महातमाHन मु$को üाB होक1 दु ¼| के Þ1 त¤ा HÞभ गु1 पुनHन म
को नह| üाB होते 1(15)
Hü(भुवना~Hोका प ुन1ावÎत नो€H ु न1
मा मुपेतय तु क| नतेय पुनH नम न Íव²त े11 1611
हे अHुन ! ü(Hोक सब Hोक पुन1ावत‹ ह , प1नतु हे कु नतीपु³ ! मु $को üाB होक1
पुनHन म नह| होता, 4य|Íक म काHातीत ह

H1 ये सब ü(ाÍद के Hोक काH के §ा1ा सीÎमत
होने से अÎनतय ह 1(16) ( अनुकम )
सहPयुगपय नतम हय œü(Þो Íवद ु 1
1ाͳ युगसहPा नता ते €हो1ा³Íवदो Hना11 1711
ü(ा का Hो 7क Íदन ह , 3सको 7क हHा1 ¬तुयुग ी तक की अवÎधवाHा H1 1ाͳ को भी
7क हHा1 ¬तुयुग ी तक की अवÎधवाHा Hो पु³¤ तïव से Hानते ह , वे योगीHन काH के ततव
को Hानने वाHे ह (17)
अ¯यñाœ¯यñ य स वा üभ वनतयह1ागम े1
1ा¯यागम े üHीयनत े त³ वा¯यñस 7के11 1811
समपूÞ ¬1ा¬1 भू तगÞ ü(ा के Íदन के üवेशकाH म अ¯यñ से अ¤ात ü(ा के सू‰म
श1|1 से 3तपनन होते ह H1 ü(ा की 1ाͳ के üवेशकाH म 3स अ¯यñ नामक ü(ा के सू‰म
श1|1 म Hीन हो Hाते ह 1(18)
भूतTाम स 7वाय भूतवा भ ूतवा üHीयत े1
1ा¯ यागम े €वश पा¤ üभ वतयह1 ागमे11 1911
हे पा¤ ! वह| यह भू तसमुदाय 3तपनन हो-होक1 üक Îत के वश म ह

H 1ाͳ के üवेशकाH
म Hीन होता ह H1 Íदन के üवेशकाH म Í91 3तपनन होता ह 1
प11त1माd ु भावो€¯यñो€¯यñातसन ातन1
य स स व ¤ु भूते¤ु न•यतस ु न Íवन• यÎत11 2011
3स अ¯यñ से भी अÎत प1े दसू 1ा अ¤ात ÍवHHÞ Hो सनातन अ¯यñ भाव ह , वह प1म
Íद¯य पु³¤ सब भूत| के नP होने प1 भी नP नह| होता1(20)
अ¯यñो€H1 çतय ुñ1तमाह

प1म ा गÎत म1
य üा!य न Îनवत नते त@ाम प1म म म11 2111
Hो अ¯यñ 'अH1' çस नाम से कहा गया ह , 3सी अH1 नामक अ¯यñभाव को प1म गÎत
कहते ह त¤ा ÍHस सनातन अ¯यñभाव को üाB होक1 मनु*य वापस नह| Hते, वह मे1ा प1म
धाम ह 1(21)
पु³¤ स प1 पा¤ भñया H¹य1तवननयया1
य1यानत 1¤ाÎन भ ूताÎन य ेन सव Îमद तत म1 1 2211
हे पा¤ ! ÍHस प1मातमा के अनतगत सवभ ूत ह H1 ÍHस सͯ¬दाननदÞन प1मातमा से
यह सम1त Hगत पÍ1पूÞ ह , वह सनातन अ¯यñ प1म पु ³¤ तो अननय भÍñ से ह| üाB होने
यो¹य ह 1(22)
य³ काH े तवनाव Ídमाव Íd ¬व योÎगन
üयाता याÍनत त का H व‰याÎम भ1त¤ भ11 2311
हे अHुन ! ÍHस काH म श1|1 तयाग क1 गये ह

7 योगीHन तो वापस न H|òनेवाHी गÎत
को H1 ÍHस काH म गये ह

7 वापस H|òनेवाHी गÎत को ह| üाB होते ह , 3स काH को अ¤ात
दोन| माग| को कह

गा1(23) ( अनुकम )
अ͹नजय|Îत1ह श ु4H ¤Þमासा 3d1ायÞम1
त³ üयाता ग¯U Íनत ü ( ü( Íवदो Hना11 2411
ÍHस माग म जयोÎतमय अ͹न-अÎभमानी दे वता ह , Íदन का अÎभमानी दे वता ह , शु4HपH
का अÎभमानी दे वता ह H1 3d1ायÞ के U मह|न| का अÎभमानी दे वता ह , 3स माग म म1क1
गये ह

7 ü(वेdा योगीHन 3पयुñ दे वताH §ा1ा कम से Hे Hाये Hाक1 ü( को üाB होते ह 1
(24)
धूमो 1ाͳ1त ¤ा क*Þ ¤ Þमासा दÍHÞायनम1
त³ ¬ा न5म स जय ोÎतय |गी üा!य Îनवत ते11 2511
ÍHस माग म धू माÎभमानी दे वता ह , 1ाͳ अÎभमानी दे वता ह त¤ा क *ÞपH का अÎभमानी
दे वता ह H1 दÍHÞायन के U मह|न| का अÎभमानी दे वता ह , 3स माग म म1क1 गया ह

H
सकाम कम क1नेवाHा योगी 3पयुñ दे वताH §ा1ा कम से Hे Hाया ह

H ¬न5मा की जयोÎत को
üाB होक1 1वग म अपने शु भ कम| का 9H भोगक1 वापस Hता ह 1(25)
शु4H क*Þे गती H ेते Hगत शा +ते मत े1
7कया यात यनाव Ídमनययावत ते पुन11 2611
4य|Íक Hगत के ये दो üका1 के • शु4H H1 क *Þ अ¤ात दे वयान H1 Íपतय ान माग
सनातन माने गये ह 1 çनम 7क के §ा1ा गया ह

H • ÍHससे वापस नह| H|òना पsता, 3स प1म
गÎत को üाB होता ह H1 दसू 1े के §ा1ा गया ह

H Í91 वापस Hता ह अ¤ात Hनम-मत यु को
üाB होता ह 1(26)
नते स ती पा¤ Hाननयोगी मुHÎत क°न1
त1मातसव ¤ु काH े¤ु योगय ुñो भवाHु न11 2711
हे पा¤ ! çस üका1 çन दोन| माग| को तïव से Hानक1 को( भी योगी मोÍहत नह|
होता1 çस का1Þ हे अHुन ! तू सब काH म समबुÍ@Fप योग से युñ हो अ¤ात Îन1नत1 मे1|
üाÎB के ÎH7 साधन क1ने वाHा हो1(27)
वेदे¤ु य7े¤ु तप ु सु ¬व
दा ने¤ु यतप ुÞय9H üÍद Pम1
अतये Îत ततसव Îमद Íव Íदतवा
योगी प1 1¤ानम ुप Îत ¬ा²म1 1 2811
योगी पु³¤ çस 1ह1य को तïव से Hानक1 वेद| के पõने म त¤ा य7, तप H1 दानाÍद
के क1ने म Hो पुÞय9H कहा ह , 3न सबको Îनसदे ह 3~HÞन क1 Hाता ह H1 सनातन प1म
पद को üाB होता ह 1(28) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे अH1ü(योगो नामा€Pमो€ºयाय11811
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 'अH1ü(योग' नामक Hòवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
न|व अ ºयाय का माहा तमय
महाद ेव Hी क हते ह • पावत ी अब म Hद1पूवक न|व अºयाय के माहातमय का वÞन
क³ गा, तु म Í1¤1 होक1 सु नो1 नमद ा के तò प1 माÍह*मती नाम की 7क नग1| ह 1 वहा माधव
नाम के 7क üा(Þ 1हते ¤े, Hो वेद-वेदाग| के ततव7 H1 समय-समय प1 Hने वाHे अÎतΤय|
के üेमी ¤े1 3नह|ने Íव²ा के §ा1ा बह

त धन कमाक1 7क महान य7 का अनु8ान H1मभ Íकया1
3स य7 म बÎH दे ने के ÎH7 7क बक1ा मगाया गया1 Hब 3सके श1|1 की पूHा हो गयी, तब
सबको H°य म sाHते ह

7 3स बक1े ने ह सक1 3¯¬ 1व1 से कहा "üा(Þ ! çन बह

त से य7|
§ा1ा 4या Hाभ ह ? çनका 9H तो नP हो Hाने वाHा त¤ा ये Hनम, H1ा H1 मत यु के भी
का1Þ ह 1 यह सब क1ने प1 भी मे1| Hो वतम ान दशा ह çसे दे ¼ Hो1" बक1े के çस अतयनत
क|तूहHHनक व¬न को सुनक1 य7मÞsप म 1हने वाHे सभी Hोग बह

त ह| ÍवÍ1मत ह

71 तब वे
यHमान üा(Þ हा¤ Hोs अपHक ने³| से दे ¼ते ह

7 बक1े को üÞाम क1के य7 H1 Hद1 के
सा¤ पू Uने Hगे1
üा(Þ बोH े Hप Íकस HाÎत के ¤े? Hपका 1वभाव H1 H¬1Þ क सा ¤ा? त¤ा ÍHस
कम से Hपको बक1े की योÎन üाB ह

(? यह सब मु$े बताçये1
बक1ा बो Hा üा(Þ ! म पूव Hनम म üा(Þ| के अतयनत ÎनमH कु H म 3तपनन ह

H
¤ा1 सम1त य7| का अनु8ान क1ने वाHा H1 वेद-Íव²ा म üवीÞ ¤ा1 7क Íदन मे1| Uी ने
भगवती दगु ा की भÍñ से Íवन• होक1 अपने बाHक के 1ोग की शाÍनत के ÎH7 बÎH दे ने के
ÎनÎमd मु$से 7क बक1ा मा गा1 ततप°ात Hब ¬ÍÞsका के मÍनद1 म वह बक1ा मा1ा Hाने
Hगा, 3स समय 3सकी माता ने मु $े शाप Íदया "H üा(Þ| म नी¬, पापी! तू मे1े ब¯¬े का वध
क1ना ¬ाहता ह , çसÎH7 तू भी बक1े की योÎन म Hनम Hेगा1" ͧHश8े ! तब काHवश मत यु को
üाB होक1 म बक1ा ह

H1 य²Íप म पशु योÎन म पsा ह

, तो भी मु$े अपने पूवH नम| का 1म1Þ
बना ह

H ह 1 ü(Þ ! यÍद Hपको सुनने की 3तकÞòा हो तो म 7क H1 भी H°य की बात
बताता ह

1 कु ³Hे³ नामक 7क नग1 ह , Hो मोH üदान क1ने वाHा ह 1 वहा ¬न5शमा नामक 7क
सूयव शी 1ाHा 1ाजय क1ते ¤े1 7क समय Hब सूयT हÞ Hगा ¤ा, 1ाHा ने बs| श@ा के सा¤
काHपु³¤ का दान क1ने की तया1| की1 3नह|ने वेद-वेदागो के पा1गामी 7क Íव§ान üा(Þ को
बुHवाया H1 पु1ोÍहत के सा¤ वे ती¤ के पावन HH से 1नान क1ने को ¬Hे H1 दो वU
धा1Þ Íकये1 Í91 पÍव³ H1 üसननάd होक1 3नह|ने +ेत ¬नदन Hगाया H1 बगH म ¼sे


7 पु1ोÍहत का हा¤ पकsक1 ततकाHोάत मनु*य| से ÎÞ1े ह

7 अपने 1¤ान प1 H|ò Hये1
Hने प1 1ाHा ने य¤ोάd ÍवÎध से भÍñपूवक üा(Þ को काHपु³¤ का दान Íकया1( अनुकम )
तब काHपु³¤ का (दय ¬ी1क1 3सम से 7क पापातमा ¬ाÞsाH üकò ह

H Í91 ¤ोs| दे 1
के बाद Îननदा भी ¬ाÞsाHी का Fप धा1Þ क1के काHपु³¤ के श1|1 से ÎनकHी H1 üा(Þ के
पास H गयी1 çस üका1 ¬ाÞsाH| की वह Hोs| H¼ HाH Íकये ÎनकHी H1 üा(Þ के श1|1
म हòात üवेश क1ने Hगी1 üा(Þ मन ह| मन गीता के न|व अºयाय का Hप क1ते ¤े H1
1ाHा ¬ु प¬ाप यह सब क|तुक दे ¼ने Hगे1 üा(Þ के अनतक1Þ म भगवान गोÍवनद शयन क1ते
¤े1 वे 3नह| का ºयान क1ने Hगे1 üा(Þ ने Hब गीता के न|व अºयाय का Hप क1ते ह

7 अपने
Hशयभू त भगवान का ºयान Íकया, 3स समय गीता के अH1| से üकò ह

7 Íव*Þुदतू | §ा1ा
पीÍsत होक1 वे दोन| ¬ाÞsाH भाग ¬Hे1 3नका 3पयोग Îन*9H हो गया1 çस üका1 çस Þòना
को üतयH दे ¼क1 1ाHा के ने³ H°य से ¬Íकत हो 3òे 1 3नह|ने üा(Þ से पूUा "Íवüव1 ! çस
भयक1 HपÍd को Hपने क से पा1 Íकया? Hप Íकस मन³ का Hप त¤ा Íकस दे वता का 1म1Þ
क1 1हे ¤े? वह पु³¤ त¤ा Uी क|न ¤ी? वे दोन| क से 3पÍ1¤त ह

7? Í91 वे शानत क से हो गये?
यह सब मु$े बताçये1
üा(Þ न े क हा 1ाHन ! ¬ाÞsाH का Fप धा1Þ क1के भय क1 पाप ह| üकò ह

H ¤ा
त¤ा वह Uी Îननदा की साHात मूÎत ¤ी1 म çन दोन| को 7सा ह| सम$ता ह

1 3स समय म
गीता के नव अºयाय के मन³| की माHा Hपता ¤ा1 3सी का माहातमय ह Íक सा1ा स कò द1ू हो
गया1 मह|पते ! म Îनतय ह| गीता के न|व अºयाय का Hप क1ता ह

1 3सी के üभाव से
üÎतTहHÎनत HपÍdय| के पा1 हो सका ह

1
यह सुनक1 1ाHा ने 3सी üा(Þ से गीता के नवम अºयाय का अ¹यास Íकया, Í91 वे
दोन| ह| प1म शाÍनत (मोH) को üाB हो गये1
(यह क¤ा सुनक1 üा(Þ ने बक1े को बनधन से मुñ क1 Íदया H1 गीता के न|व
अºयाय के अ¹यास से प1म गÎत को üाB Íकया1)( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
न|व ा अºयाय 1ाHÍव²ा1ाHग ुHयोग
सातव अºयाय के H1मभ म भगवान ने Íव7ानसÍहत 7ान का वÞन क1ने की üÎत7ा
की ¤ी1 3स अनु सा1 3स Íव¤य का वÞन क1ते ह

7 Hͼ1 म ü(, अºयातम, कम, अÎधभूत,
अÎधद व H1 अÎधय7सÍहत भगवान को Hानने की H1 अत काH म भगवान के άतन की बात
कह| ह Í91 Hòव अºयाय म Íव¤य को सम$ने के ÎH7 सात ü÷ Íकये1 3नम से U ü÷| के
3d1 तो भगवान शीक *Þ ने स ÍHB म तीस1े H1 ¬|¤े शोक म Íदये, HेÍकन सातव ü÷ के 3d1
म 3नह|ने ÍHस 3पदे श का H1 भ Íकया 3सम ह| Hòवा अºयाय पूÞ ह

H1 çस त1ह सातव
अºयाय म शु³ Íकये गये Íव7ानसÍहत 7ान का सागोपाग वÞन नह| हो पाने से 3स Íव¤य को
ब1ाब1 सम$ाने के ÎH7 भगवान çस न|व अºयाय का H1मभ क1ते ह 1 सातव अºयाय म
वÞन Íकये गये 3पदे श से çसका üगाõ समबनध बताने के ÎH7 भगवान पहHे शोक म Í91 से
वह| Íव7ानसÍहत 7ान का वÞन क1ने की üÎत7ा क1ते ह 1
11 अ¤ न वमो €ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
çद तु ते गुHत म üव‰यामय नसूयवे1
7ान Íव7ानसÍह त यज7 ातवा मो‰यस े€ शुभात1 1111
शी भगवान बोHे तु$ दो¤ •ÍP 1Íहत भñ के ÎH7 çस प1म गोपनीय Íव7ानसÍहत
7ान को पुन भHी भाÎत कह

गा, ÍHसको Hानक1 तू दु ¼Fप ससा1 से मुñ हो Hा7गा1(1)
1ाHÍव²ा 1ाHग ुH पÍव ³Îम दमुdमम1
üतयHावगम ध मय सुसु¼ कत ु म¯य यम1 1211
यह Íव7ानसÍहत 7ान सब Íव²ाH का 1ाHा, सब 1ह1य| का 1ाHा, अÎत पÍव³, अÎत
3dम, üतयH 9HवाHा, धमय ुñ साधन क1ने म बsा सु गम H1 अÍवनाशी ह 1(2)
अशˆधाना प ु³¤ा ध म 1या1य प1तप1
अüा!य मा Îनवत नते म तयुससा1वतम Îन11 311
हे प1 तप ! çस 3पयुñ धम म श@ा1Íहत पु³¤ मु$को न üाB होक1 मत युFप स सा1¬क
म •मÞ क1ते 1हते ह 1
मया तत Îमद स व Hगद¯यñम ूÎत ना1
मत 1¤ाÎन सव भूताÎन न ¬ाह ते*ववÍ1¤ त11 411
मु$ Îन1ाका1 प1मातमा से यह सब Hगत HH से ब9 से स•श पÍ1पूÞ ह H1 सब भूत
मे1े अनतगत स क~प के Hधा1 Í1¤त ह , Íकनतु वा1तव म म 3नम Í1¤त नह| ह

1(4)
न ¬ मत1 ¤ाÎन भ ूताÎन प•य म े योगम +1म1
भूतभ नन ¬ भूत1 ¤ो ममातमा भ ूतभावन11 511
वे सब भू त मु$म Í1¤त नह| ह , Íकनतु मे1| (+1|य योगशÍñ को दे ¼ Íक भूत| को
धा1Þ-पो¤Þ क1ने वाHा H1 भूत| को 3तपनन क1ने वाHा भी मे1ा Hतमा वा1तव म भूत| म
Í1¤त नह| ह 1(5)
य¤ाकाश Í1¤तो Îनतय वाय ु सव ³गो महान1
त¤ा सवा ÍÞ भ ूताÎन मत1¤ानीतय ुपधा1 य11 611
Hसे Hकाश से 3तपनन सव³ Íव¬1ने वाHा महान वायु सदा Hकाश म ह| Í1¤त ह , वसे
ह| मे1े सक~प §ा1ा 3तपनन होने से समपूÞ भूत मु$म Í1¤त ह , 7सा Hान1(6) ( अनुकम )
सव भूताÎन क|नत ेय üकÎत य ाÍनत मा Îमकाम1
क~पHये पुन1ताÎन क~पाद| Íवस Hामयहम1 1711
हे अHुन ! क~प| के अनत म सब भू त मे1| üक Îत को üाB होते ह अ¤ात üक Îत म Hीन
होते ह H1 क~प| के HÍद म 3नको म Í91 1¬ता ह

1(7)
üक Îत 1वामवP¹य Íव स HाÎम पुन प ुन1
भूतTाम Îमम कत1नमवश üकते व शात1 1
अपनी üक Îत को अ गीका1 क1के 1वभाव के बH से प1तन³ ह

7 çस समपूÞ भू तसमुदाय
को बा1-बा1 3नके कम| के अनुसा1 1¬ता ह

1(8)
न ¬ मा ताÎन कमा ÍÞ ÎनबºनÍनत धनHय1
3दासीनवद ासीनमसñ ते¤ु कम सु11 911
हे अHुन ! 3न कम| म HसÍñ 1Íहत H1 3दासीन के स•श Í1¤त मु$ प1मातमा को वे
कम नह| बाधते1(9)
मयाºयH ेÞ üकÎत सूयते स¬1ा ¬1म1
हेतुनान ेन क|नत ेय Hग ͧपÍ1वत ते11 1011
हे अHुन ! मु$ अÎध8ाता के सकाश से üक Îत ¬1ा¬1 सÍहत सव Hगत को 1¬ती ह H1
çस हे तु से ह| यह स सा1¬क Þूम 1हा ह 1(10)
अवHान Íनत मा मूƒा मान ु¤ी तन ुमा Îशतम1
प1 भावमHाननतो म म भूतमहे+1म1 1 1111
मे1े प1म भाव को न Hानने वाHे मू õ Hोग मनु*य का श1|1 धा1Þ क1ने वाHे मु$
समपूÞ भू त| के महान (+1 को तु¯U सम$ते ह अ¤ात अपनी योगमाया से स सा1 के 3@ा1 के
ÎH7 मनु*यFप म Íव¬1ते ह

7 मु$ प1मे+1 को साधा1Þ मनु*य मानते ह 1(11)
मोÞाशा मोÞकमा Þो मोÞ7ा ना Íव¬े तस1
1ाHसीमास ु1| ¬व üक Îत मोÍहन ी Îश ता11 1211
वे ¯य¤ Hशा, ¯य¤ कम H1 ¯य¤ 7ानवाHे ÍवÍHBάd अ7ानीHन 1ाHसी, Hसु1| H1
मोÍहनी üक Îत को ह| धा1Þ Íकये 1हते ह 1(12)
महातमान1त ु मा पा¤ द वी üक Îतमा Îशता 1
भHनतयननयमनसो 7ातव ा भूता Íदम¯ययम1 11311
प1नतु हे कु नतीपु³ ! द वी üक Îत के HÎशत महातमाHन मु$को सब भूत| का सनातन
का1Þ H1 नाश1Íहत अH11वFप Hानक1 अननय मन से युñ होक1 Îन1नत1 भHते ह 1(13)
( अनुकम )
सतत कीत यनतो मा यतनत ° •ƒüता1
नम1यन त° मा भñया Îनतय युñा 3पासत े11 1411
वे •õ Îन°य वाHे भñHन Îन1नत1 मे1े नाम H1 गु Þ| का कीतन क1ते ह

7 त¤ा मे1|
üाÎB के ÎH7 यŒ क1ते ह

7 H1 मु $को बा1-बा1 üÞाम क1ते ह

7 सदा मे1े ºयान म युñ होक1
अननय üेम से मे1| 3पासना क1ते ह 1(14)
7ानय 7ेन ¬ा!यनय े यH नतो मामुपासत े1
7कतव ेन प ¤ñवेन बह

धा Íव+तोम ु¼म1 1 1511
दसू 1े 7ानयोगी मु$ ÎनगुÞ -Îन1ाका1 ü( का 7ानय7 के §ा1ा अÎभननभाव से पू Hन
क1ते ह

7 भी मे1| 3पासना क1ते ह H1 दसू 1े मनु*य बह

त üका1 से Í1¤त मु$ Íव1ाò1वFप
प1मे+1 की प¤ क भाव से 3पासना क1ते ह 1(15)
अह क तु1ह य7 1 धाहम हम|¤ध म1
म³ो€ह महमेवाजयमहम͹न1ह ह

तम1 1 1611
कतु म ह

, य7 म ह

, 1वधा म ह

, H¤Îध म ह

, म³ म ह

, Þत म ह

, अ͹न म ह

H1
हवनFप Íकया भी म ह| ह

1(16)
Íपताहम1य H गतो माता धाता Íपताम ह1
वे² पÍव ³म|का1 #4साम यH ु1ेव ¬ 11 1711
çस समपूÞ Hगत का धाता अ¤ात धा1Þ क1ने वाHा H1 कम| के 9H को दे ने वाHा,
Íपता माता, Íपतामह, Hानने यो¹य, पÍव³ Hका1 त¤ा #¹वेद, सामवेद H1 यHुवद भी म ह| ह

1
(17)
गÎतभ ता ü भु सा Hी Îनवास श1Þ सु(त1
üभव ü Hय 1¤ान Îनधान बीHम¯ययम1 11811
üाB होने यो¹य प1म धाम, भ1Þ-पो¤Þ क1ने वाHा, सबका 1वामी, शु भाशुभ का दे ¼ने
वाHा, सब का वास1¤ान, श1Þ Hेने यो¹य, üतयुपका1 न ¬ाहक1 Íहत क1ने वाHा, सबकी 3तपÍd-
üHय का हे तु, Í1¤Îत का Hधा1, Îनधान H1 अÍवनाशी का1Þ भी म ह| ह

1(18)
तपामयह मह व¤ Îनग ›ामय ुतस HाÎम ¬1
अम त ¬व म तयु° सदस ¯¬ाह मHु न11 1911
म ह| सूयF प से तपता ह

, व¤ा का Hक¤Þ क1ता ह

H1 3से ब1साता ह

1 हे अHुन ! म
ह| अमत H1 मत यु ह

H1 सत असत भी म ह| ह

1(19) ( अनुकम )
³ Íव²ा मा सो मपा प ूतपापा
य7Í1Pवा 1वग Îत üा¤ यनते1
ते पु Þयमासा² सु1ेन5Hोक -
म÷Íनत Íद¯याÍनद Íव द ेवभोगान1 1 2011
तीन| वेद| म Íवधान Íकये ह

7 सकाम कम| को क1ने वाHे, सोम 1स को पीने वाHे, पाप
1Íहत पु³¤ मु$को य7| के §ा1ा पूHक1 1वग की üाÎB ¬ाहते ह , वे पु³¤ अपने पुÞय| के
9HFप 1वगH ोक को üाB होक1 1वग म Íद¯य दे वताH के भोग| को भोगते ह 1
ते त भुñवा 1व ग Hोक Íव शाH
HीÞे पुÞ ये मतय Hोक Íवश Íनत1
7व ³ यीधम मनुüपनना
गतागत कामकामा H भनते11 2111
वे 3स ÍवशाH 1वगH ोक को भोगक1 पुÞय HीÞ होने प1 मत युHोक को üाB होते ह 1 çस
üका1 1वग के साधनFप तीन| वेद| म कहे ह

7 सकाम कम का Hशय Hेने वाHे H1 भोग| की
कामना वाHे पु³¤ बा1-बा1 Hवागमन को üाB होते ह , अ¤ात पुÞय के üभाव से 1वग म Hाते ह
H1 पुÞय HीÞ होने प1 मत युHोक म Hते ह 1(21)
अननयाÍ° नतयनतो मा ये Hना पय ु पासत े1
ते¤ा Îनतया Îभयुñा ना योगH ेम व हामयहम1 12211
Hो अननय üेम भñHन मु$ प1मे+1 को Îन1नत1 άनतन क1ते ह

7 Îन*काम भाव से
भHते ह , 3न Îनतय-Îन1नत1 मे1ा άनतन क1ने वाHे पु³¤| को योगHेम म 1वय üाB क1 दे ता


1(22)
ये€!यनयद ेवता भñा यHनत े श @याÍनवता1
ते €Íप मा मेव क|नत ेय यHनतयÍव Îधपूव कम1 12311
हे अHुन य²Íप श@ा से युñ Hो सकाम भñ दसू 1े दे वताH को पूHते ह , वे भी मु$को
ह| पूHते ह , Íकनतु 3नका पू Hन अÍवÎधपूवक अ¤ात अ7ानपूवक ह 1(23)
अह Íह सव य7ाना भोñा ¬ ü भु1ेव ¬1
न तु मामÎभ HानÍनत तïव ेनात°यव Íनत त े11 2411
4य|Íक समपूÞ य7| का भोñा H1 1वामी म ह| ह

, प1नतु वे मु $ प1मे+1 को तïव से
नह| Hानते, çसी से Îग1ते ह अ¤ात पु नHन म को üाB होते ह 1(25)
या Íनत द ेवüता द ेवा Íनपत नयाÍनत Íपत üता1
भूताÎन याÍनत भ ूतेजया याÍनत म²ा ÍHनो€Íप मा म1 12511
दे वताH को पूHने वाHे दे वताH को üाB होते ह , Íपत1| को पू Hने वाHे Íपत1| को üाB
होते ह , भू त| को पू Hने वाHे भू त| को üाB होते ह H1 मे1ा पू Hन क1ने वाHे भñ मु $को üाB
होते ह 1 çसÎH7 मे1े भñ| का पुनHन म नह| होता1(25) ( अनुकम )
प³ पु*प 9H तोय यो मे भ ñया üय¯U Îत1
तदह भ4तय ुप(तम÷ा Îम üयतातमन11 2611
Hो को( भñ मे1े ÎH7 üेम से प³, पु*प, 9H, HH HÍद अपÞ क1ता ह , 3स शु@बुÍ@
Îन*काम üेमी भñ का üेमपूवक अपÞ Íकया ह

H वह प³-पु*पाÍद म सगुÞFप से üकò होक1
üीÎतसÍहत ¼ाता ह

1(26)
यतक1 ोͤ यद÷ाÎस यजH ुहोͤ ददा Îस यत1
यdप1 यÎस क|नत ेय ततकु³*व मद प Þम1 1 2711
हे अHुन ! तू Hो कम क1ता ह , Hो ¼ाता ह , Hो हवन क1ता ह , Hो दान दे ता ह H1 Hो
तप क1ता ह वह सब मु$े अपÞ क11(27)
शु भाशुभ9 H1ेव मो‰यस े कम बन धन1
सनयासयोगय ुñातमा Íव मुñो मामप •यÎस11 2811
çस üका1 ÍHसम सम1त कम मु$ भगवान के अपÞ होते ह • 7से सनयासयोग से युñ
άdवाHा तू शुभाशुभ 9HFप कमब नधन से मुñ हो Hा7गा H1 3नसे मु ñ होक1 मु$को ह|
üाB होगा(28)
समो €ह सव भूते¤ न म े §े*यो€ Í1त न Íüय1
ये भH Íनत त ु म ा भ 4तय ा मÎय त े ते¤ु ¬ ा!यहम1 12911
म सब भूत| म समभाव से ¯यापक ह

1 न को( मे1ा अÍüय ह H1 न Íüय ह प1नतु Hो
भñ मु $को üेम से भHते ह , वे मु $म ह H1 म भी 3नम üतयH üकò ह

1(29)
अÍप ¬ ेतसुदु 1ा¬ा1ो भHते मामननयभाक 1
साधु1ेव स म नत¯य स मय¹¯ यवÎसतो Íह स 11 3011
यÍद को( अÎतशय द1ु ा¬ा1| भी अननयभाव से मे1ा भñ होक1 मु $े भHता ह तो वह
साधु ह| मानने यो¹य ह , 4य|Íक वह य¤ा¤ Îन°यवाHा ह अ¤ात 3सने भHी भा Îत Îन°य क1
ÎHया ह Íक प1मे+1 के भHन के समान अनय कु U भी नह| ह 1(30)
ÍHü भ वÎत धमा तमा श +¯Uा Íनत Îन ग¯U Îत1
क| नतेय üÎत HानीÍह न म े भñ üÞ•यÎत11 3111
वह शीU ह| धमात मा हो Hाता ह H1 सदा 1हने वाHी प1म शाÍनत को üाB होता ह 1 हे
अHुन ! तू Îन°यपूवक सतय Hान Íक मे1ा भñ नP नह| होता1(31)
मा Íह पा¤ ¯यापाÎशतय य े €Íप 1य ु पापय ोनय1
ÍUयो व•या1त¤ा श ू5ा1त े€Íप या Íनत प1ा ग Îतम1 13211
हे अHुन ! Uी, व•य, शू5 त¤ा पापयोÎन-¬ाÞsाHाÍद Hो को( भी ह|, वे भी मे1े श1Þ होक1
प1म गÎत को üाB होते ह 1(32) ( अनुकम )
Íक पुनüा (Þा प ुÞया भñा 1ाH¤ य1त ¤ा1
अÎनतयमस ु¼ Hोक Îमम üा! य भH 1व माम1 13311
Í91 çसम तो कहना ह| 4या ह , Hो पु ÞयशीH üा(Þ त¤ा 1ाHͤ भगवान मे1| श1Þ
होक1 प1म गÎत को üाB होते ह 1 çसÎH7 तू सु¼1Íहत H1 HÞभगु1 çस मनु*य श1|1 को üाB
होक1 Îन1नत1 मे1ा ह| भHन क11(33)
मनमना भव म द भñो म²ाHी मा नम1कु ³1
मामेव*यÎस य ु4तव वमातमान मतप1ा यÞ11 3411
मु$म मनवाHा हो, मे1ा भñ बन, मे1ा पूHनक1ने वाHा हो, मु $को üÞाम क11 çस üका1
Hतमा को मु$म Îनयुñ क1के मे1े प1ायÞ होक1 तू मु$को ह| üाB होगा1(34)
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे 1ाHÍव²ा1ाHगुH योगो नाम नवमो€ºयाय11911
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म '1ाHÍव²ा1ाHगुHयोग' नामक न|वा अºयाय सपूÞ हु H11911
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
दसव अºयाय क ा माहातमय
भगवान Îश व कहत े ह • सुनद1| ! अब तु म दशम अºयाय के माहातमय की प1म
पावन क¤ा सुनो, Hो 1वगF पी दगु म Hाने के ÎH7 सुनद1 सोपान H1 üभाव की ¬1म सीमा
ह 1 काशीपु1| म धी1बुÍ@ नाम से ÍवFयात 7क üा(Þ ¤ा, Hो मु$म Íüय ननद| के समान भÍñ
1¼ता ¤ा1 वह पावन कीÎत के अHन म ततप1 1हने वाHा, शानतάd H1 Íह सा, कòो1ता H1
दु साहस से द1ू 1हने वाHा ¤ा1 ÍHतेÍन5य होने के का1Þ वह ÎनवÍ dमाग म Í1¤त 1हता ¤ा1
3सने वेदFपी समु5 का पा1 पा ÎHया ¤ा1 वह समपूÞ शाU| के तातपय का 7ाता ¤ा1 3सका
άd सदा मे1े ºयान म स H¹न 1हता ¤ा1 वह मन को अनत1ातमा म Hगाक1 सदा Hतमतïव
का साHातका1 Íकया क1ता ¤ा, अत Hब वह ¬Hने Hगता, तब म üेमवश 3सके पीUे द|s-
द|sक1 3से हा¤ का सहा1ा दे ता 1हता ¤ा1
यह द े¼ म े1े पा¤ द भ ÎगÍ1 Íò न े पूUा भगवन ! çस üका1 भHा, Íकसने Hपका
दशन Íकया होगा? çस महातमा ने क|न-सा तप, होम अ¤वा Hप Íकया ह Íक 1वय Hप ह| पग-
पग प1 çसे हा¤ का सहा1ा दे ते 1हते ह ? ( अनुकम )
भ Î गÍ1Íò का यह ü÷ सुनक1 मने çस üका1 3d1 दे ना H1मभ Íकया1 7क समय की
बात ह • क Hास पवत के पा+भ ागम म पु ननाग वन के भीत1 ¬न5मा की अमत मयी Íक1Þ| से
धु Hी ह

( भू Îम म 7क वेद| का Hशय Hेक1 म बòा ह

H ¤ा1 मे1े बòने के HÞ भ1 बाद ह|
सहसा बsे Hो1 की H धी 3ò| वहा के वH | की शा¼ा7 नी¬े-3प1 होक1 Hपस म òक1ाने Hगी,
Íकतनी ह| òहÎनया òूò-òूòक1 Íब¼1 गयी1 पवत की अÍव¬H Uाया भी ÍहHने Hगी1 çसके बाद
वहा महान भयक1 श¯द ह

H, ÍHससे पवत की कनद1ा7 üÎतºवÎनत हो 3ò|1 तदननत1 Hकाश
से को( ÍवशाH पHी 3त1ा, ÍHसकी काÍनत काHे मेÞ के समान ¤ी1 वह कजHH की 1ाÎश,
अनधका1 के समू ह अ¤वा प¼ कòे ह

7 काHे पवत -सा Hान पsता ¤ा1 प1| से प° वी का सहा1ा
Hेक1 3स पHी ने मु $े üÞाम Íकया H1 7क सुनद1 नवीन कमH मे1े ¬1Þ| म 1¼क1 1पP
वाÞी म 1तुÎत क1नी H1मभ की1
पHी बोHा दे व ! Hपकी Hय हो1 Hप άदाननदमयी सु धा के साग1 त¤ा Hगत के
पाHक ह 1 सदा सदभावना से युñ H1 अनासÍñ की Hह1| से 3~HÎसत ह 1 Hपके व भव का
कह| अनत नह| ह 1 Hपकी Hय हो1 अ§ तवासना से पÍ1पूÞ बुÍ@ के §ा1ा Hप ͳÍवध मH| से
1Íहत ह 1 Hप ÍHतेÍन5य भñ| को अधीन अÍव²ामय 3पाÎध से 1Íहत, Îनतयमुñ, Îन1ाका1,
Îन1ामय, असीम, अह का1शू नय, Hव1Þ1Íहत H1 ÎनगुÞ ह 1 Hपके भयक1 HHाòFपी महासप की
Íव¤जवाHा से Hपने कामदे व को भ1म Íकया1 Hपकी Hय हो1 Hप üतयH HÍद üमाÞ| से द1ू
होते ह

7 भी üामाÞय1वFप ह 1 Hपको बा1-बा1 नम1का1 ह 1 ¬तनय के 1वामी त¤ा
ͳभुवनFपधा1| Hपको üÞाम ह 1 म श8े योÎगय| §ा1ा ¬ु Íमबत Hपके 3न ¬1Þ-कमH| की
वनदना क1ता ह

, Hो अपा1 भव-पाप के समु 5 से पा1 3त1ने म अदभुत शÍñशाHी ह 1 महादे व !
साHात बह 1पÎत भी Hपकी 1तुÎत क1ने की धP ता नह| क1 सकते1 सहP मु¼|वाHे नाग1ाH
शे¤ म भी çतना ¬ातुय नह| ह Íक वे Hपके गुÞ| का वÞन क1 सक , Í91 मे1े H से Uोò|
बुÍ@वाHे पHी की तो Íबसात ह| 4या ह ?
3स पHी के §ा1ा Íकये ह

7 çस 1तो³ को सुनक1 मने 3ससे पूUा "Íवह गम ! तु म क|न
हो H1 कहा से Hये हो? तुमहा1| Hक Îत तो ह स Hसी ह , मग1 1 ग क|7 का ÎमHा ह 1 तुम ÍHस
üयोHन को Hेक1 यहा Hये हो, 3से बताH1"
पHी बोHा दे वेश ! मु$े ü(ा Hी का ह स HाÎनये1 धूHò े ! ÍHस कम से मे1े श1|1 म
çस समय काÎHमा H गयी ह , 3से सु Îनये1 üभो ! य²Íप Hप सव7 ह , अत Hप से को( भी
बात ÎUपी नह| ह त¤ाÍप यÍद Hप पूUते ह तो बतHाता ह

1 स|1ा’ (सू 1त) नग1 के पास 7क
सुनद1 स1ोव1 ह , ÍHसम कमH HहHहाते 1हते ह 1 3सी म से बाH¬न5मा के òु कsे Hसे +ेत
मÞ ाH| के Tास Hेक1 म तीü गÎत से Hकाश म 3s 1हा ¤ा1 3sते-3sते सहसा वहा से प° वी
प1 Îग1 पsा1 Hब होश म Hया H1 अपने Îग1ने का को( का1Þ न दे ¼ सका तो मन ह| मन
सो¬ने Hगा 'अहो ! यह मु $ प1 4या H पsा? HH मे1ा पतन क से हो गया?' पके ह

7 कपू1 के
समान मे1े +ेत श1|1 म यह काÎHमा क से H गयी? çस üका1 ÍवÍ1मत होक1 म अभी Íव¬ा1
ह| क1 1हा ¤ा Íक 3स पो¼1े के कमH| म से मु$े 7सी वाÞी सुना( द| 'ह स ! 3òो, म तुमहा1े
Îग1ने H1 काHे होने का का1Þ बताती ह

1' तब म 3òक1 स1ोव1 के बी¬ गया H1 वहा पा ¬
कमH| से युñ 7क सुनद1 कमÎHनी को दे ¼ा1 3सको üÞाम क1के म ने üदÍHÞा की H1 अपने
पतन का का1Þ पूUा1( अनुकम )
कमÎHनी बो Hी कHह स ! तुम Hकाशमाग से मु$े HाÞक1 गये हो, 3सी पातक के
पÍ1Þामवश तुमहे प° वी प1 Îग1ना पsा ह त¤ा 3सी के का1Þ तुमहा1े श1|1 म काÎHमा Íद¼ा(
दे ती ह 1 तुमह Îग1ा दे ¼ मे1े (दय म दया भ1 Hयी H1 Hब म çस मºयम कमH के §ा1ा
बोHने Hगी ह

, 3स समय मे1े मु ¼ से ÎनकHी ह

( सुगनध को सूÞक1 साò हHा1 भव1े 1वगH ोक
को üाB हो गये ह 1 पÍH1ाH ! ÍHस का1Þ मु $म çतना वभव • 7सा üभाव Hया ह , 3से
बतHाती ह

, सु नो1 çस Hनम से पहHे तीस1े Hनम म म çस प° वी प1 7क üा(Þ की कनया के
Fप म 3तपनन ह

( ¤ी1 3स समय मे1ा नाम स1ोHवदना ¤ा1 म गु³Hन| की सेवा क1ती ह

(
सदा 7कमा³ पÎतüत के पाHन म ततप1 1हती ¤ी1 7क Íदन की बात ह , म 7क मना को पõा
1ह| ¤ी1 çससे पÎतसेवा म कु U ÍवHमब हो गया1 çससे पÎतदे वता कु Íपत हो गये H1 3नह|ने
शाप Íदया 'पाÍपनी ! तू म ना हो Hा1' म1ने के बाद य²Íप म मना ह| ह

(, त¤ाÍप पाÎतüतय के
üसाद से मु Îनय| के ह| Þ1 म मु $े Hशय ÎमHा1 Íकसी मुÎनकनया ने मे1ा पाHन-पो¤Þ Íकया1
म ÍHनके Þ1 म ¤ी, वे üा(Þ üÎतÍदन ÍवभूÎत योग के नाम से üÎस@ गीता के दसव अºयाय
का पाò क1ते ¤े H1 म 3स पापहा1| अºयाय को सुना क1ती ¤ी1 Íवह गम ! काH Hने प1 म
मना का श1|1 Uोs क1 दशम अºयाय के माहातमय से 1वग Hोक म अ!स1ा ह

(1 मे1ा नाम
पVावती ह

H H1 म पVा की !या1| स¼ी हो गयी1
7क Íदन म Íवमान से Hकाश म Íव¬1 1ह| ¤ी1 3स समय सु नद1 कमH| से सु शोÎभत
çस 1मÞीय स1ोव1 प1 मे1| •ÍP पs| H1 çसम 3त1 क1 जय| ह| मने HHकीsा H1मभ की,
तय| ह| दवु ास ा मु Îन H धमके 1 3नह|ने वUह|न अव1¤ा म मु $े दे ¼ ÎHया1 3नके भय से म ने
1वय ह| कमÎHनी का Fप धा1Þ क1 ÎHया1 मे1े दोन| प 1 दो कमH ह

71 दोन| हा¤ भी दो
कमH हो गये H1 शे¤ अ ग| के सा¤ मे1ा मु¼ भी कमH का हो गया1 çस üका1 म पा ¬
कमH| से युñ ह

(1 मुÎनव1 दवु ास ा ने मु$े दे ¼ा 3नके ने³ कोधा͹न से HH 1हे ¤े1 वे बोHे
'पाÍपनी ! तू çसी Fप म स| व¤| तक पs| 1ह1' यह शाप दे क1 वे HÞभ1 म अनतधान हो गये
कमÎHनी होने प1 भी ÍवभूÎतयोगाºयाय के माहातमय से मे1| वाÞी HुB नह| ह

( ह 1 मु$े HाÞने
मा³ के अप1ाध से तुम प° वी प1 Îग1े हो1 पHी1ाH ! यहा ¼sे ह

7 तुमहा1े सामने ह| HH मे1े
शाप की ÎनवÍ d हो 1ह| ह , 4य|Íक HH स| व¤ पू1े हो गये1 मे1े §ा1ा गाये Hाते ह

7, 3स 3dम
अºयाय को तु म भी सुन Hो1 3सके शवÞमा³ से तुम भी HH मुñ हो HाHगे1
यह कहक1 पÎVनी ने 1पP त¤ा सुनद1 वाÞी म दसव अºयाय का पाò Íकया H1 वह
मुñ हो गयी1 3से सु नने के बाद 3सी के Íदये ह

7 çस कमH को Hाक1 मने Hपको अपÞ
Íकया ह 1( अनुकम )
çतनी क¤ा सुनाक1 3स पHी ने अपना श1|1 तयाग Íदया1 यह 7क अदभुत-सी Þòना


(1 वह| पHी अब दसव अºयाय के üभाव से üा(Þ कु H म 3तपनन ह

H ह 1 Hनम से ह|
अ¹यास होने के का1Þ श शवाव1¤ा से ह| çसके मु ¼ से सदा गीता के दसव अºयाय का
3¯¬ा1Þ ह

H क1ता ह 1 दसव अºयाय के अ¤-άनतन का यह पÍ1Þाम ह

H ह Íक यह सब
भूत| म Í1¤त श¼-¬कधा1| भगवान Íव*Þु का सदा ह| दशन क1ता 1हता ह 1 çसकी 1नेहपूÞ
•ÍP Hब कभी Íकसी दे हधा1| क श1|1 प1 पs Hाती ह , तब वह ¬ाहे श1ाबी H1 ü(हतया1ा ह|
4य| न हो, मुñ हो Hाता ह त¤ा पूवH नम म अ¹यास Íकये ह

7 दसव अºयाय के माहातमय से
çसको दHु भ तïव7ान üाB ह

H त¤ा çसने HीवनमुÍñ भी पा Hी ह 1 अत Hब यह 1ा1ता
¬Hने Hगता ह तो म çसे हा¤ का सहा1ा Íदये 1हता ह

1 भÎ गÍ1ò| ! यह सब दसव अºयाय की
ह| महामÍहमा ह 1
पावत ी ! çस üका1 मने भ Î गÍ1Íò के सामने Hो पापनाशक क¤ा कह| ¤ी, वह| तु मसे भी
कह| ह 1 न1 हो या ना1|, अ¤वा को( भी 4य| न हो, çस दसव अºयाय के शवÞ मा³ से 3से
सब Hशम| के पाHन का 9H üाB होता ह 1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
दसवा अ ºयाय Íवभ ूÎतयो ग
सात से Hेक1 न|व अºयाय तक Íव7ानसÍहत 7ान का Hो वÞन Íकया ह वह बह


गभी1 होने से Í91 से 3स Íव¤य को 1पPFप से सम$ाने के ÎH7 çस अºयाय का अब H1मभ
क1ते ह 1 यहा प1 पहHे शोक म भगवान पूव|ñ Íव¤य का Í91 से वÞन क1ने की üÎत7ा क1ते
ह -
11 अ¤ दश मो€ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
भूय 7व म हाबाहो श Þु मे प1म व ¬1
यdे€ह üीयमाÞाय व‰या Îम Íह तकामय या11 111
शी भगवान बोHे हे महाबाहो ! Í91 भी मे1े प1म 1ह1य H1 üभावयुñ व¬न को सुन,
ÍHसे म तु$ अÎतशय üेम 1¼नेवाHे के ÎH7 Íहत की ç¯Uा से कह

गा1(1)
न मे Íवद ु सु1गÞा ü भव न मह¤ य1
अहमा ÍदÍह देवाना मह¤‹Þ ा ¬ सव श11 211
मे1| 3तपÍd को अ¤ात HीHा से üकò होने को न दे वता Hोग Hानते ह H1 न महͤH न
ह| Hानते ह , 4य|Íक म सब üका1 से दे वताH का H1 महͤय | का भी HÍदक1Þ ह

1(2)
यो मा मHमनाÍद ¬ वेÍd Hोकमह े+1 म1
असमूƒ स म तय ¤ु सव पाप ü मु¯यत े11 311
Hो मु$को अHनमा अ¤ात वा1तव म Hनम1Íहत, अनाÍद H1 Hोक| का महान (+1,
तïव से Hानता ह , वह मनु*य| म 7ानवान पु ³¤ समपूÞ पाप| से मुñ हो Hाता ह 1(3)
बुÍ@7ा नमसममोह Hमा सतय दम शम 1
सु¼ द ु ¼ भवो€भावो भय ¬ा भयमेव ¬11 411
अÍहसा सम ता तुÍP1त पो दान यशो€यश 1
भवÍनत भावा भ ूताना मd 7व प ¤Í¹व धा11 511
Îन°य क1ने की शÍñ, य¤ा¤ 7ान, असममूƒता, Hमा, सतय, çÍन5य| का वश म क1ना,
मन का ÎनTह त¤ा सु¼-दु ¼, 3तपÍd-üHय H1 भय-अभय त¤ा अÍह सा, समता, स तो¤, तप, दान,
कीÎत H1 अपकीÎत • 7से ये üाÍÞय| के नाना üका1 के भाव मु$से ह| होते ह 1(4,5)
मह¤ य सB प ूव ¬तवा1ो मनव1त ¤ा1
मद भावा मानसा Hाता य े¤ा Hोक ç मा üHा11 611
सात महͤH न, ¬ा1 3नसे भी पूव म होने वाHे सनकाÍद त¤ा 1वायमभुव HÍद ¬|दह
मनु • ये मु $म भाव वाHे सब के सब मे1े स क~प से 3तपनन ह

7 ह , ÍHनकी स सा1 म यह
समपूÞ üHा ह 1(6)
7ता Íव भूÎत य ोग ¬ मम यो वेÍd तïवत 1
सो€ Íवकमप ेन योग े न युजयत े ना³ स शय11 711
Hो पु³¤ मे1| çस प1म +यF प ÍवभूÎत को H1 योगशÍñ को तïव से Hानता ह , वह
Îन°H भÍñयोग से युñ हो Hाता ह • çसम कु U भी स शय नह| ह 1(7)
अह स व 1य üभवो मd स व üवत ते1
çÎत मतवा भH नते मा बुधा भावस मÍनव ता11 811
म वासुदे व ह| समपूÞ Hगत की 3तपÍd का का1Þ ह

H1 मु$से ह| सब Hगत ¬ेPा
क1ता ह , çस üका1 सम$क1 श@ा H1 भÍñ से युñ बु Í@मान भñHन मु$ प1मे+1 को ह|
Îन1नत1 भHते ह 1(8)
मͯ¬dा मद ग तüाÞा बो धयनत प11प1म1
क¤यन त° मा Îनतय तु*यÍनत ¬ 1मÍनत ¬ 11 911
Îन1नत1 मु$ म मन Hगाने वाHे H1 मु$मे ह| üाÞ| को अपÞ क1ने वाHे भñHन
मे1| भÍñ की ¬¬ा के §ा1ा Hपस म मे1े üभाव को Hानते ह

7 त¤ा गुÞ H1 üभावसÍहत मे1ा
क¤न क1ते ह

7 ह| Îन1नत1 सनतुP होते ह , H1 मु $ वासुदे व मे ह| Îन1नत1 1मÞ क1ते ह 1(9)
ते¤ा स ततयुñाना भHत ा • üीतीप ूव कम1
ददाÎम ब ुÍ@योग त येन माम ुपया Íनत त े11 1011
3न Îन1नत1 मे1े ºयान HÍद म Hगे ह

7 H1 üेमपूवक भHने वाHे भñ| को म वह
तïव7ानFप योग दे ता ह

, ÍHससे वे मु $को ह| üाB होते ह 1(10)
ते¤ाम ेवान ुकमपा¤ महम7ानH तम1
नाशयामया तमभाव1¤ो 7ानद |पेन भा1वता11 1111
हे अHुन ! 3नके 3प1 अनुTह क1ने के ÎH7 3नके अनतक1Þ म Í1¤त ह

H म 1वय
ह| 3नके अ7ान HÎनत अनधका1 को üकाशमय तïव7ानFप द|पक के §ा1ा नP क1 दे ता ह

1
(11) ( अनुकम )
अHु न 3वा¬
प1 ü ( प1 धाम प Íव³ प1म भ वान1
पु³¤ शा+ त Íद¯यमाÍद देवमH Íवभुम1 1 1211
Hह

1तवाम ¤य सव देवͤ ना 1द1त¤ा1
अÎसतो द ेवHो ¯यास 1वय ¬व üवीͤ म े11 1311
अHुन बोHे Hप प1म ü(, प1म धाम H1 प1म पÍव³ ह , 4य|Íक Hपको सब #ͤगÞ
सनातन, Íद¯य पु³¤ H1 दे व| का भी HÍददे व, अHनमा H1 सव¯ यापी कहते ह 1 व से ह| दे वͤ
ना1द त¤ा अÎसत H1 दे वH #ͤ त¤ा महͤ ¯यास भी कहते ह H1 Hप भी मे1े üÎत कहते
ह 1(12,13)
सव मेत•त म नये य नमा व दÎस के शव1
न Íह ते भगव न¯यÍñ Íवद ु दवा न दानवा11 1411
हे के शव ! Hो कु U भी मे1े üÎत Hप कहते ह , çस सबको म सतय मानता ह

1 हे भगवान
! Hपके HीHामय 1वFप को न तो दानव Hानते ह H1 न दे वता ह|1(14)
1वयम ेवातमनातमान वेत ¤ तव पु³¤ोdम1
भूतभावन भूते श देवदेव H गतपत े11 1511
हे भूत| को 3तपनन क1ने वाHे ! हे भू त| के (+1 ! हे दे व| के दे व ! हे Hगत के 1वामी! हे
पु³¤ोdम ! Hप 1वय ह| अपने-से-अपने को Hानते ह 1(15)
वñु मह 1यशे¤ेÞ Íद¯या HातमÍव भूतय1
याÎभ Íव भूÎतÎभH|काÎनम ा1तव ¯या! य Îत8 Îस11 1611
çसÎH7 Hप ह| 3न अपनी Íद¯य ÍवभूÎतय| को समपूÞत ा से कहने म सम¤ ह , ÍHन
ÍवभूÎतय| के §ा1ा Hप çन सब Hोके को ¯याB क1के Í1¤त ह 1(16)
क¤ Íव²ामह यो Îग1तवा स दा पÍ1ά नतयन1
के¤ु के¤ु ¬ भाव े¤ु ά नतयो€Îस भगव नमया11 1711
हे योगे+1 ! म Íकस üका1 Îन1नत1 άनतन क1ता ह

H Hपको Hानू H1 हे भगवन !
Hप Íकन-Íकन भाव| से मे1े §ा1ा άनतन क1ने यो¹य ह ?(17)
Íव1त ेÞातमनो योग Íवभ ूÎत ¬ Hनाद न1
भूय क ¤य त ÎBÍह शÞवतो नाÍ1त म े €म तम1 11811
हे Hनाद न ! अपनी योगशÍñ को H1 ÍवभूÎत को Í91 भी Íव1ता1पूवक कÍह7, 4य|Íक
Hपके अमत मय व¬न| को सुनते ह

7 मे1| तÎ B नह| होती अ¤ात सुनने की 3तकÞòा बनी ह|
1हती ह 1(18) ( अनुकम )
शीभगवान ुवा¬
हनत त े क ¤Îय*याÎम Íद¯या Hातम Íवभूतय1
üा धानयत क ु³शे 8 ना1त यन तो Íव1त11य म े11 1911
शी भगवान बोHे हे कु ³श8े ! अब म Hो मे1| ÍवभूÎतया ह , 3नको ते1े ÎH7 üधानता से
कह

गा, 4य|Íक मे1े Íव1ता1 का अनत नह| ह 1(19)
अहमातमा ग ुsाकेश स व भूताशय Í1¤त 1
अहमा Íद° म ºय ¬ भूतानामनत 7 व ¬11 2011
हे अHुन ! म सब भूत| के (दय म Í1¤त सबका Hतमा ह

त¤ा समपूÞ भूत| का HÍद,
मºय H1 अनत भी म ह| ह

1(20)
HÍदतयानामह Íव*Þ ुजय|Îत¤ा 1 Íव1शुमान1
म1|ά म ³ताम Í1म नH³ाÞामह शश ी11 2111
म अÍदÎत के बा1ह पु ³| म Íव*Þु H1 जयोÎतय| म Íक1Þ| वाHा सूय ह

त¤ा 3न¬ास
वायुदे वताH का तेH H1 नH³| का अÎधपÎत ¬न5मा ह

1(21)
वेदाना सामव ेदो €Í1म देवान ामÍ1म वासव 1
çÍन5याÞा मन °ाÍ1म भ ूतान ामÍ1म ¬ ेतना11 2211
म वेद| म सामवेद ह

, दे व| म çन5 ह

, çÍन5य| म मन ह

H1 भू तüाÍÞय| की ¬ेतना
अ¤ात Hीवन-शÍñ ह

1(22)
³5ाÞ ा शक1°ा Í1म Íवd े शो यH1Hसा म1
वसूना पावक °ाÍ1म म ेF Îश ¼Í1Þामह म1 12311
म 7कादश F5| म शक1 ह

H1 यH त¤ा 1ाHस| म धन का 1वामी कु बे1 ह

1 म Hò
वसुH म अ͹न ह

H1 Îश¼1वाHे पवत | म सु मेF पवत ह

1(23)
पु1ोधस ा ¬ म ुFय मा ÍवÍ@ पा ¤ ब ह1प Îतम1
सेनानी नामह 1क नद स1 सामÍ1म साग111 2411
पु1ोÍहत| म मु ͼया बह 1पÎत मु$को Hान1 हे पा¤ ! म सेनापÎतय| म 1कनद H1
HHाशय| म समु5 ह

1(24)
मह¤‹Þा भ गु1ह Îग1ाम1म येकमH1म1
य7ाना Hपय7ो€Í1म 1¤ाव1ाÞा ÍहमाHय11 2511
म महͤय | म भग ु H1 श¯द| म 7क अH1 अ¤ात Hका1 ह

1 सब üका1 के य7| म
Hपय7 H1 Í1¤1 1हने वाH| म ÍहमाHय पवत ह

1(25)
अ+त ¤ सव व HाÞा देव¤‹Þा ¬ ना1द1
गनधवा Þा ά ³1¤ Îस@ाना क ÍपHो म ुÎन 11 2611
म सब वH | म पीपH का वH , दे वͤय | म ना1द मुÎन, गनधव| म ά³1¤ H1 Îस@| म
कÍपH मुÎन ह

1(26) ( अनुकम )
3¯¬ शव सम+ाना ÍवÍ@ माम म तोद भवम1
71ावत गH ेन5ाÞा न1ाÞा ¬ न1ा Îधपम1 12711
Þोs| म अमत के सा¤ 3तपनन होने वाHा 3¯¬शवा नामक Þोsा, श8े हाΤय| म 71ावत
नामक हा¤ी H1 मनु*य| म 1ाHा मु$को Hान1(27)
Hयुधानामह वH धेनूनामÍ1म का मधुक 1
üHन°ाÍ1म कनदप सपा Þा Í1म वास ुÍक 11 2811
म शU| म वH H1 ग|H म कामधेनु ह

1 शाUोñ 1|Îत से सनतान की 3तपÍd का हे तु
कामदे व ह

H1 सप| म सप1 ाH वासुकी ह

1(28)
अनन त°ाÍ1म नागा ना व³Þो यादसामह म1
Íपत Þामय मा ¬ाÍ1म यम स यमतामह म1 12911
म नाग| म शे¤नाग H1 HH¬1| का अÎधपÎत व³Þ दे वता ह

H1 Íप H1| म अयम ा
नामक Íपत1 त¤ा शासन क1ने वाH| म यम1ाH म ह

1(29)
ü§ाद°ा Í1म द तयाना काH कHयतामह म1
म गाÞ ा ¬ म गेन5ो€ह वनतेय° प ÍHÞाम1 1 3011
म द तय| म ü§ाद H1 गÞना क1ने वाH| का समय ह

त¤ा पशुH म मग 1ाH Îस ह H1
पÍHय| म म ग³s ह

1(30)
पवन पवतामÍ1म 1ाम शU भ तामहम1
$¤ाÞ ा मक1°ा Í1म Pोतसा मÍ1म Hा›वी11 3111
म पÍव³ क1ने वाH| म वायु H1 शUधाÍ1य| म शी1ाम ह

त¤ा मUÎHय| म मग1 ह


H1 नÍदय| म शीभागी1¤ी गगाHी ह

1(31)
सगा ÞामाÍद1नत ° मºय ¬वाह मHु न1
अºयातमÍव²ा Íव²ाना वाद üवदतामह म1 13211
हे अHुन सÍ Pय| का HÍद H1 अनत त¤ा मºय भी म ह| ह

1 म Íव²ाH म
अºयातमÍव²ा अ¤ात ü(Íव²ा H1 प11प1 Íववाद क1ने वाH| का तïव-ÎनÞय के ÎH7 Íकया
Hाने वाHा वाद ह

1(32)
अH1ा Þामका1ो€Í1म §न§ सामा Îसक1य ¬1
अहमेवाHय का Hो धाताह Íव+ तोमु¼11 3311
म अH1| म अका1 ह

H1 समास| म §न§ नामक समास ह

1 अHयकाH अ¤ात काH का
भी महाकाH त¤ा सब H1 मु¼वाHा, Íव1ाò1वFप, सबका धा1Þ-पो¤Þ क1ने वाHा भी म ह| ह

1
(33) ( अनुकम )
म तयु स व ह1°ाहम ुद भ व° भ Íव*यताम1
कीÎत शीवा 4¬ ना1|Þा 1म Îतम धा ध Îत Hमा11 3411
म सबका नाश क1ने वाHा मत यु H1 3तपनन होने वाH| का 3तपÍd हे तु ह

त¤ा ÍUय|
म कीÎत, शी, वाक , 1मÎ त, मेधा, धÎ त H1 Hमा ह

1(34)
ब हतसाम त¤ा सामन ा गाय³ी Uनदसाम हम1
मासाना माग शी¤|€ह म तूना कुसु माक111 3511
त¤ा गायन क1ने यो¹य शÎु तय| म म बह तसाम H1 Uनद| म गाय³ी Uनद ह

त¤ा
मह|न| म मागश ी¤ H1 #तुH म वसनत म ह

1(36)
²ूत U HयतामÍ1म त े H1तेHÍ1वनाम हम1
Hयो€ Í1म ¯यवसायो€Í1म सïव सïववता महम1 13611
म UH क1ने वाH| म Hु H H1 üभावशाHी पु³¤| का üभाव ह

1 म Hीतने वाH| का
ÍवHय ह

, Îन°य क1ने वाH| का Îन°य H1 साÍïवक पु³¤| का साÍïवक भाव ह

1(36)
व *Þीना वास ुदेवो €Í1म पाÞsवाना धन Hय 1
मुनीन ाम!यह ¯य ास कवीनाम ुशना कÍव11 3711
वÍ *Þव Îशय| म वासुदे व अ¤ात म 1वय ते1ा स¼ा, पाÞsव| म धनHय अ¤ात तू, मु Îनय|
म वेद¯यास H1 कÍवय| म शु का¬ाय कÍव भी म ह| ह

1(37)
दÞsो द मयतामÍ1म नी Îत1Í1म ÍHगी¤ताम1
म|न ¬वा Í1म ग ुHाना 7ान 7ा नवताम हम1 13811
म दमन क1ने वाH| का दÞs अ¤ात दमन क1ने की शÍñ ह

, Hीतने की ç¯UावाH| की
नीÎत ह

, गु B 1¼ने यो¹य भाव| का 1Hक म|न ह

H1 7ानवान| का तïव7ान म ह| ह

1(38)
य¯¬ाÍप सव भूताना बीH तदह मHु न1
न तद Í1त Íवना यत1य ान मया भूत ¬1ा¬1म1 13911
H1 हे अHुन ! Hो सब भू त| की 3तपÍd का का1Þ ह , वह भी म ह| ह

, 4य|Íक 7सा ¬1
H1 अ¬1 को( भी भूत नह| ह , Hो मु$से 1Íहत हो1(39)
नानतो€ Í1त म म Íद¯याना Íव भूतीना प1 तप1
7¤ त ूˆेशत üोñो Íवभूते Íव 1त1ो मया11 4011
हे प1 तप ! मे1| Íद¯य ÍवभूÎतय| का अनत नह| ह , मने अपनी ÍवभूÎतय| का यह Íव1ता1
तो ते1े ÎH7 7कदे श से अ¤ात स Hेप से कहा ह 1(40)
य²Í§भ ूÎतमतसïव श ीमद ूÍH तमेव वा1
तdदेवावग¯U तव म म तेH| €शसम भवम1 1 4111
Hो-Hो भी ÍवभूÎतयुñ अ¤ात 7+यय ुñ, काÍनतयुñ H1 शÍñयुñ व1तु ह , 3स 3सको तू
मे1े तेH के अ श की ह| अÎभ¯यÍñ Hान(41) ( अनुकम )
अ¤वा बह

नतेन Íक 7ात ेन तवाHु न1
ÍवP¹याहÎम द कत1नम ेकाशेन Í1¤ तो Hगत1 1 4211
अ¤वा हे अHुन ! çस बह

त Hानने से ते1ा 4या üयोHन ह ? म çस समपूÞ Hगत को
अपनी योगशÍñ के 7क अशमा³ से धा1Þ क1के Í1¤त ह

1(42)
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे ÍवभूÎतयोगो नाम दशमो€ºयाय111011
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म 'ÍवभूÎतयोग' नामक दसवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
¹या 1हव अºयाय क ा माहातमय
शी महाद े व Hी कहते ह • Íüये ! गीता के वÞन से समबनध 1¼ने वाHी क¤ा H1
Íव+Fप अºयाय के पावन माहातमय को शवÞ क1ो1 ÍवशाH ने³| वाHी पावत ी ! çस अºयाय के
माहातमय का पू1ा-पू1ा वÞन नह| Íकया Hा सकता1 çसके समबनध म सहP| क¤ा7 ह 1 3नम से
7क यहा कह| Hाती ह 1 üÞीता नद| के तò प1 मेÞक1 नाम से ÍवFयात 7क बह

त बsा नग1
ह 1 3सके üाका1 (¬ा1द|वा1|) H1 गोपु1 (§ा1) बह

त 3 ¬े ह 1 वहा बs|-बs| ÍवशामशाHा7 ह , ÍHनम
सोने के ¼मभे शोभा दे 1हे ह 1 3स नग1 म शीमान, सु ¼ी, शानत, सदा¬ा1| त¤ा ÍHतेÍन5य
मनु*य| का Îनवास ह 1 वहा हा¤ म शा1 ग नामक धनु¤ धा1Þ क1ने वाHे Hगद|+1 भगवान
Íव*Þु Íव1ाHमान ह 1 वे प1ü( के साका1 1वFप ह , ससा1 के ने³| को Hीवन üदान क1ने वाHे
ह 1 3नका ग|1वपूÞ शीÍवTह भगवती H‰मी के ने³-कमH| §ा1ा पू ÍHत होता ह 1 भगवान की वह
$ाकी वामन-अवता1 की ह 1 मेÞ के समान 3नका •यामवÞ त¤ा कोमH Hक Îत ह 1 वH1¤H
प1 शीवतस का άš शोभा पाता ह 1 वे कमH H1 वनमाHा से सुशोÎभत ह 1 अनेक üका1 के
Hभू¤Þ| से सु शोÎभत हो भगवान वामन 1Œयुñ समु5 के स•श Hान पsते ह 1 पीतामब1 से
3नके •याम ÍवTह की काÍनत 7सी üतीत होती ह , मानो ¬मकती ह

( ÍबHHी से ÎÞ1ा ह

H
Í1न¹ध मेÞ शोभा पा 1हा हो1 3न भगवान वामन का दशन क1के Hीव Hनम H1 ससा1 के
बनधन से मुñ हो Hाता ह 1 3स नग1 म मे¼Hा नामक महान ती¤ ह , ÍHसम 1नान क1के
मनु*य शा+त वकु Þòधाम को üाB होता ह 1 वहा Hगत के 1वामी क³Þासाग1 भगवान नÎ स ह
का दशन क1ने से मनु*य के सात Hनम| के Íकये ह

7 Þो1 पाप से Uु òका1ा पा Hाता ह 1 Hो
मनु*य मे¼Hा म गÞेशHी का दशन क1ता ह , वह सदा द1ु त1 Íव‡न| से पा1 हो Hाता ह 1
( अनुकम )
3सी मेÞक1 नग1 म को( श8े üा(Þ ¤े, Hो ü(¬यप 1ायÞ, ममता H1 अह का1 से
1Íहत, वेद शाU| म üवीÞ, ÍHतेÍन5य त¤ा भगवान वासु दे व के श1Þागत ¤े1 3नका नाम सु ननद
¤ा1 Íüये ! वे शा1 ग धनु¤ धा1Þ क1ने वाHे भगवान के पास गीता के ¹या1हव अºयाय-
Íव+Fपदशन योग का पाò Íकया क1ते ¤े1 3स अºयाय के üभाव से 3नह ü(7ान की üाÎB हो
गयी ¤ी1 प1माननद-सदो1 से पूÞ 3dम 7ानमयी समाधी के §ा1ा çÍन5य| के अनतमु¼ हो Hाने
के का1Þ वे Îन°H Í1¤Îत को üाB हो गये ¤े H1 सदा Hीवनमुñ योगी की Í1¤Îत म 1हते
¤े1 7क समय Hब बह 1पÎत Îसह 1ाÎश प1 Í1¤त ¤े, महायोगी सुननद ने गोदाव1| ती¤ की या³ा
H1मभ की1 वे कमश Íव1Hती¤, ता1ाती¤, कÍपHासगम, अPती¤, कÍपHा§ा1, नÎ स हवन,
अÍमबकापु1| त¤ा क11¤ानपु1 HÍद Hे³| म 1नान H1 दशन क1ते ह

7 ÍववादमÞsप नामक
नग1 म Hये1 वहा 3नह|ने üतयेक Þ1 म Hाक1 अपने òह1ने के ÎH7 1¤ान मागा, प1नतु कह|
भी 3नह 1¤ान नह| ÎमHा1 अनत म गा व के मुͼया ने 3नह बह

त बs| धमश ाHा Íद¼ा द|1
üा(Þ ने साΤय| सÍहत 3सके भीत1 Hाक1 1ात म Îनवास Íकया1 सबे1ा होने प1 3नह|ने अपने
को तो धमश ाHा के बाह1 पाया, Íक तु 3नके H1 सा¤ी नह| Íद¼ा( Íदये1 वे 3नह ¼ोHने के ÎH7
¬Hे, çतने म ह| TामपाH (मुͼये) से 3नकी भò हो गयी1 TामपाH ने कहा "मु Îनश8े ! तु म सब
üका1 से द|Þाय ु Hान पsते हो1 स|भा¹यशाHी त¤ा पुÞयवान पु³¤| म तु म सबसे पÍव³ हो1
तुमहा1े भीत1 को( Hोकोd1 üभाव Íव²मान ह 1 तुमहा1े सा¤ी कहा गये? क से çस भवन से बाह1


7? çसका पता HगाH1 म तुमहा1े सामने çतना ह| कहता ह

Íक तुमहा1े Hसा तप1वी मु$े
दसू 1ा को( Íद¼ा( नह| दे ता1 Íवüव1 ! तुमह Íकस महामन³ का 7ान ह ? Íकस Íव²ा का Hशय
Hेते हो त¤ा Íकस दे वता की दया से तु महे अH|Íकक शÍñ üाB हो गयी ह ? भगवन ! क पा क1के
çस गाव म 1हो1 म तुमहा1| सब üका1 से सेवा-सु श¤ू ा कF गा1
यह कहक1 TामपाH ने मु नी+1 सुननद को अपने गाव म òह1ा ÎHया1 वह Íदन 1ात बs|
भÍñ से 3सकी सेवा òहH क1ने Hगा1 Hब सात-Hò Íदन बीत गये, तब 7क Íदन üातकाH
Hक1 वह बह

त दु ¼ी हो महातमा के सामने 1ोने Hगा H1 बोHा "हाय ! HH 1ात म 1ाHस ने
मु$ भा¹यह|न को बेòे को ¬बा ÎHया ह 1 मे1ा पु³ बsा ह| गु Þवान H1 भÍñमान ¤ा1" TामपाH
के çस üका1 कहने प1 योगी सुननद ने पूUा "कहा ह वह 1ाHस? H1 Íकस üका1 3सने तुमहा1े
पु³ का भHÞ Íकया ह ?" ( अनुकम )
TामपाH बोHा ü(Þ ! çस नग1 म 7क बsा भयक1 न1भHी 1ाHस 1हता ह 1 वह
üÎतÍदन Hक1 çस नग1 म मनु*य| को ¼ा ÎHया क1ता ¤ा1 तब 7क Íदन सम1त नग1वाÎसय|
ने ÎमHक1 3ससे üा¤न ा की "1ाHस ! तुम हम सब Hोग| की 1Hा क1ो1 हम तुमहा1े ÎH7
भोHन की ¯यव1¤ा Íकये दे ते ह 1 यहा बाह1 के Hो पΤक 1ात म Hक1 नीद Hगे, 3नको ¼ा
Hाना1" çस üका1 नागÍ1क मनु*य| ने गाव के (मु$) मु ͼया §ा1ा çस धमश ाHा म भेHे ह

7
पΤक| को ह| 1ाHस का Hहा1 ÎनÍ°त Íकया1 अपने üाÞ| की 1Hा क1ने के ÎH7 3नह 7सा
क1ना पsा1 Hप भी अनय 1ाहगी1| के सा¤ çस Þ1 म Hक1 सोये ¤े, Íक तु 1ाHस ने 3न सब
को तो ¼ा ÎHया, के वH तुमह Uोs Íदया ह 1 ͧHोतम ! तुमम 7सा 4या üभाव ह , çस बात को
तुमह| Hानते हो1 çस समय मे1े पु³ का 7क Îम³ Hया ¤ा, Íक तु म 3से पह¬ान न सका1 वह
मे1े पु³ को बह

त ह| Íüय ¤ा, Íक तु अनय 1ाहगी1| के सा¤ 3से भी मने 3सी धमश ाHा म भेH
Íदया1 मे1े पु³ ने Hब सुना Íक मे1ा Îम³ भी 3सम üवेश क1 गया ह , तब वह 3से वहा से Hे
Hने के ÎH7 गया, प1नतु 1ाHस ने 3से भी ¼ा ÎHया1 HH सवे1े म ने बह

त दु ¼ी होक1 3स
Íपशा¬ से पू Uा "H दPु ातमन ! तूने 1ात म मे1े पु³ को भी ¼ा ÎHया1 ते1े पेò म पsा ह

H
मे1ा पु³ ÍHससे HीÍवत हो सके , 7सा को( 3पाय यÍद हो तो बता1"
1ाHस न े क हा TामपाH ! धमश ाHा के भीत1 Þुसे ह

7 तु महा1े पु ³ को न Hानने के
का1Þ म ने भHÞ Íकया ह 1 अनय पΤक| के सा¤ तुमहा1ा पु³ भी अनHाने म ह| मे1ा Tास
बन गया ह 1 वह मे1े 3द1 म ÍHस üका1 HीÍवत H1 1ÍHत 1ह सकता ह , वह 3पाय 1वय
Íवधाता ने ह| क1 Íदया ह 1 Hो üा(Þ सदा गीता के ¹या1हव अºयाय का पाò क1ता हो, 3सके
üभाव से मे1| मु Íñ होगी H1 म1े ह

H को पुन Hीवन üाB होगा1 यहा को( üा(Þ 1हते ह ,
ÍHनको मने 7क Íदन धमश ाHा से बाह1 क1 Íदया ¤ा1 वे Îन1नत1 गीता के ¹या1हव अºयाय
का Hप Íकया क1ते ह 1 çस अºयाय के म³ से सात बा1 अÎभमÍन³त क1के यÍद वे मे1े 3प1
HH का U|òा द तो Îनसदे ह मे1ा शाप से 3@ा1 हो Hा7गा1 çस üका1 3स 1ाHस का सदे श
पाक1 म तुमहा1े Îनकò Hया ह

1
TामपाH बोHा ü(Þ ! पहHे çस गाव म को( Íकसान üा(Þ 1हता ¤ा1 7क Íदन वह
अगहनी के ¼ेत की 4याÍ1य| की 1Hा क1ने म Hगा ¤ा1 वहा से ¤ोs| ह| द1ू प1 7क बह

त बsा
Îग@ Íकसी 1ाह| को मा1 क1 ¼ा 1हा ¤ा1 3सी समय 7क तप1वी कह| से H ÎनकHे, Hो 3स
1ाह| को ÎH7 द1ू से ह| दया Íद¼ाते H 1हे ¤े1 Îग@ 3स 1ाह| को ¼ाक1 Hकाश म 3s गया1
तब 3स तप1वी ने 3स Íकसान से कहा "H दPु हHवाहे ! तु $े Îध4का1 ह ! तू बsा ह| कòो1
H1 Îनद यी ह 1 दसू 1े की 1Hा से मुह मोsक1 के वH पेò पाHने के धधे म Hगा ह 1 ते1ा Hीवन
नPüाय ह 1 अ1े ! शÍñ होते ह

7 भी Hो Hो1, दाõवाHे Hीव, सप, श³ु, अ͹न, Íव¤, HH, गीध, 1ाHस,
भूत त¤ा बेताH HÍद के §ा1ा ÞायH ह

7 मनु*य| की 3पेHा क1ता ह , वह 3नके वध का 9H
पाता ह 1 Hो शÍñशाHी होक1 भी ¬ो1 HÍद के ¬गुH म 9 से ह

7 üा(Þ को Uु sाने की ¬ेPा
नह| क1ता, वह Þो1 न1क म पsता ह H1 पुन भेÍsये की योÎन म Hनम Hेता ह 1 Hो वन म
मा1े Hाते ह

7 त¤ा Îग@ H1 ¯याU की •ÍP म पsे ह

7 Hीव की 1Hा के ÎH7 'Uोsो....Uोsो...' की
पुका1 क1ता ह , वह प1म गÎत को üाB होता ह 1 Hो मनु*य ग|H की 1Hा के ÎH7 ¯याU, भीH
त¤ा दPु 1ाHाH के हा¤ से मा1े Hाते ह , वे भगवान Íव*Þु के प1म पद को üाB होते ह Hो
योÎगय| के ÎH7 भी दHु भ ह 1 सहP अ+मेध H1 स| वाHपेय य7 ÎमHक1 श1Þागत-1Hा की
सोHहवी कHा के ब1ाब1 भी नह| हो सकते1 द|न त¤ा भयभीत Hीव की 3पेHा क1ने से
पुÞयवान पु ³¤ भी समय Hने प1 कु मभीपाक नामक न1क म पकाया Hाता ह 1 तू ने दPु Îग@ के
§ा1ा ¼ाये Hाते ह

7 1ाह| को दे ¼क1 3से ब¬ाने म सम¤ होते ह

7 भी Hो 3सकी 1Hा नह| की,
çससे द ू Îनद यी Hान पsता ह , अत तू 1ाHस हो Hा1( अनुकम )
हHवाहा बोHा महातमन ! म यहा 3पÍ1¤त अव•य ¤ा, Íक तु मे1े ने³ बह

त दे 1 से ¼ेत
की 1Hा म Hगे ¤े, अत पास होने प1 भी Îग@ के §ा1ा मा1े Hाते ह

7 çस मनु*य को म नह|
Hान सका1 अत मु$ द|न प1 Hपको अनु Tह क1ना ¬ाÍह71
तप1वी üा(Þ न े क हा Hो üÎतÍदन गीता के ¹या1हव अºयाय का Hप क1ता ह , 3स
मनु*य के §ा1ा अÎभमÍन³त HH Hब तुमहा1े म1तक प1 पsे गा, 3स समय तुमहे शाप से
Uु òका1ा ÎमH Hायेगा1
यह कहक1 तप1वी üा(Þ ¬Hे गये H1 वह हHवाहा 1ाHस हो गया1 अत ͧHश8े !
तुम ¬Hो H1 ¹या1हव अºयाय से ती¤ के HH को अÎभमÍन³त क1ो Í9H अपने ह| हा¤ से
3स 1ाHस के म1तक प1 3से ÎUsक दो1
TामपाH की यह सा1| üा¤न ा सु नक1 üा(Þ के (दय म क³Þा भ1 Hयी1 वे 'बह


अ¯Uा' कहक1 3सके सा¤ 1ाHस के Îनकò गये1 वे üा(Þ योगी ¤े1 3नह|ने Íव+Fपदशन नामक
¹या1हव अºयाय से HH अÎभमÍन³त क1के 3स 1ाHस के म1तक प1 sाHा1 गीता के ¹या1हव
अºयाय के üभाव से वह शाप से मुñ हो गया1 3सने 1ाHस-दे ह का पÍ1तयाग क1के ¬तु भुH Fप
धा1Þ क1 ÎHया त¤ा 3सने ÍHन सहP| üाÍÞय| का भHÞ Íकया ¤ा, वे भी श¼, ¬क H1 गदा
धा1Þ Íकये ह

7 ¬तुभुH Fप हो गये1 ततप°ात वे सभी Íवमान प1 HFõ ह

71 çतने म ह|
TामपाH ने 1ाHस से कहा "Îनशा¬1 ! मे1ा पु³ क|न ह ? 3से Íद¼ाH1" 3सके य| कहने प1
Íद¯य बुÍ@वाHे 1ाHस ने कहा 'ये Hो तमाH के समान •याम, ¬ा1 भु Hाधा1|, माÍÞ4यमय मु कु ò
से सु शोÎभत त¤ा Íद¯य मÍÞय| के बने ह

7 कु ÞsH| से अHक त ह , हा1 पहनने के का1Þ ÍHनके
कनधे मनोह1 üतीत होते ह , Hो सोने के भु Hबद| से Íवभूͤत, कमH के समान ने³वाHे,
Í1न¹धFप त¤ा हा¤ म कमH ÎH7 ह

7 ह H1 Íद¯य Íवमान प1 बòक1 दे वतव के üाB हो ¬ुके
ह , çनह| को अपना पु³ सम$ो1' यह सुनक1 TामपाH ने 3सी Fप म अपने पु³ को दे ¼ा H1
3से अपने Þ1 Hे Hाना ¬ाहा1 यह दे ¼ 3सका पु³ हस पsा H1 çस üका1 कहने Hगा1
पु³ बोHा TामपाH ! क( बा1 तुम भी मे1े पु ³ हो ¬ुके हो1 पहHे म तु महा1ा पु³ ¤ा,
Íक तु अब दे वता हो गया ह

1 çन üा(Þ दे वता के üसाद से वकु Þòधाम को Hा3 गा1 दे ¼ो, यह
Îनशा¬1 भी ¬तुभु H Fप को üाB हो गया1 ¹या1हव अºयाय के माहातमय से यह सब Hोग| के
सा¤ शीÍव*Þुधाम को Hा 1हा ह 1 अत तु म भी çन üा(दे व से गीता के ¹या1हव अºयाय का
अºययन क1ो H1 Îन1नत1 3सका Hप क1ते 1हो1 çसम सनदे ह नह| Íक तुमहा1| भी 7सी ह|
3dम गÎत होगी1 तात ! मनु*य| के ÎH7 साधु पु³¤| का सग सव¤ ा दHु भ ह 1 वह भी çस समय
तुमह üाB ह 1 अत अपना अभीP Îस@ क1ो1 धन, भोग, दान, य7, तप1या H1 पू वक म| से 4या
Hेना ह ? Íव+Fपाºयाय के पाò से ह| प1म क~याÞ की üाB हो Hाती ह 1 ( अनुकम )
पूÞान नदसदोह1वFप शीक *Þ नामक ü( के मु¼ से कु ³Hे³ म अपने Îम³ अHुन के
üÎत Hो अमत मय 3पदे श ÎनकHा ¤ा, वह| शीÍव*Þु का प1म ताÍïवक Fप ह 1 तु म 3सी का
άनतन क1ो1 वह मोH के ÎH7 üÎस@ 1सायन1 स सा1-भय से s1े ह

7 मनु*य| की HÎध-¯याÎध
का Íवनाशक त¤ा अनेक Hनम के दु ¼| का नाश क1ने वाHा ह 1 म 3सके Îसवा दसू 1े Íकसी
साधन को 7सा नह| दे ¼ता, अत 3सी का अ¹यास क1ो1
शी महाद े व कहत े ह • यह कहक1 वह सबके सा¤ शीÍव*Þु के प1म धाम को ¬Hा
गया1 तब TामपाH ने üा(Þ के मु ¼ से 3स अºयाय को पõा Í91 वे दोन| ह| 3सके माहातमय
से Íव*Þुधाम को ¬Hे गये1 पावत ी ! çस üका1 तुमह ¹या1हव अºयाय की माहातमय की क¤ा
सुनायी ह 1 çसके शवÞमा³ से महान पातक| का नाश हो Hाता ह 1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
¹या 1हव ा अºयाय Íव+Fपदश नयोग
दसव अºयाय के सातव शोक तक भगवान शीक *Þ ने अपनी ÍवभूÎत, योगशÍñ त¤ा 3से
Hानने के माहातमय का सHेप म वÞन Íकया ह 1 Í91 ¹या1हव शोक तक भÍñयोग त¤ा 3सका
9H बताया1 çस Íव¤य प1 शोक 12 से 18 तक अHुन ने भगवान की 1तु Îत क1के Íद¯य
ÍवभूÎतय| का त¤ा योगशñ का Íव1तत वÞन क1ने के ÎH7 üा¤न ा की ह , çसÎH7 भगवान शी
क *Þ का Íव1तत वÞन क1ने के ÎH7 üा¤न ा की ह , çसÎH7 भगवान शी क *Þ ने 40 व शोक
तक अपनी ÍवभूÎतय| का वÞन समाB क1के Hͼ1 म योगशÍñ का üभाव बताया H1 सम1त
ü(ाs को अपने 7क अश से धा1Þ Íकया ह

H बताक1 अºयाय समाB Íकया1 यह सु नक1 अHुन
के मन म 3स महान 1वFप को üतयH दे ¼ने की ç¯Uा ह

(1 çस ¹या1हव अºयाय के H1मभ
म पहHे ¬ा1 शोक म भगवान की त¤ा 3नके 3पदे श की बह

त üशसा क1ते ह

7 अHुन अपने को
Íव+Fप का दशन क1ाने के ÎH7 भगवान शीक *Þ से üा¤न ा क1ते ह •
11 अ¤ कादशो€ºयाय 11
अHु न 3वा¬
मदनुTहाय प1म गु Hमºयातमस Í7तम1
यïवयोñ व¬1तेन मोहो€य Íव गतो मम11 111
अHुन बोHे मु $ प1 अनुTह क1ने के ÎH7 Hपने Hो प1म गोपनीय अºयातमÍव¤यक
व¬न अ¤ात 3पदे श कहा, 3ससे मे1ा यह अ7ान नP हो गया ह 1(1)
भवा! यय| Íह भ ूता ना शु त| Íव 1त1शो मया1
तवd क मHप ³ाH माहातमयमÍप ¬ा¯ययम1 1211
4य|Íक हे कमHने³ ! मने Hपसे भू त| की 3तपÍd H1 üHय Íव1ता1पूवक सुने ह त¤ा
Hपकी अÍवनाशी मÍहमा भी सुनी ह 1
7वमेत²¤ात¤ तवमातमान प1म े+11
5PुÎम ¯UाÎम ते Fपम +1 पु³¤ोdम11 311
हे प1मे+1 ! Hप अपने को H सा कहते ह , यह ò|क 7सा ह| ह प1नतु हे पु³¤ोdम !
Hपके 7ान, 7+य, शÍñ, बH, वीय H1 तेH से युñ 7+यम य-Fप को म üतयH दे ¼ना ¬ाहता


1(3)
मनयसे यÍद त¯ U4य मया 5P ु ÎमÎत ü भो1
योगे+1 ततो म े तव द श या तमानम¯ययम1 1411
हे üभो ! यÍद मे1े §ा1ा Hपका वह Fप दे ¼ा Hाना श4य ह • 7सा Hप मानते ह , तो हे
योगे+1 ! 3स अÍवनाशी 1वFप का मु$े दशन क1ाçये1(4)
शीभगवान ुवा¬
प•य मे पा ¤ FपाÍÞ शत शो€ ¤ सह Pश1
नानाÍवधाÎन Íद¯य ाÎन नान ावÞा कतीÎन ¬11 511
शी भगवान बोHे हे पा¤ ! अब तू मे1े सकs|-हHा1| नाना üका1 के H1 नाना वÞ त¤ा
नाना Hक Îत वाHे अH|Íकक Fप| को दे ¼1(5)
प•यÍदतयानवस ून ³5ानÍ+न| म³त1त ¤ा1
बह

नय•Pप ूवा ÍÞ प•या°या ÍÞ भा1त11 611
हे भ1तव शी अHुन ! तू मु$म HÍदतय| को अ¤ात अÍदÎत के §ादश पु ³| को, Hò वसुH
को, 7कादश ³5| को, दोन| अÍ+नीकु मा1| को H1 3न¬ास म³दगÞ| को दे ¼ त¤ा H1 भी बह


से पहHे न दे ¼े ह

7 H°यम य Fप| को दे ¼1(6)
çहक1¤ Hगतकत1न प•या ² स¬ 1ा¬1म1
मम द ेहे गुsाकेश य¯ ¬ानयœ5P ुÎम ¯UÎस 11 711
हे अHुन ! अब çस मे1े श1|1 म 7क Hगह Í1¤त ¬1ा¬1सÍहत समपूÞ Hगत को दे ¼
त¤ा H1 भी Hो कु U दे ¼ना ¬ाहता ह सो दे ¼1(7)
न तु मा श 4यसे 5Pुमनेनव 1व ¬Hु¤ा1
Íद¯य ददाÎम ते ¬H ु प•य मे योगम +1म1 1811
प1नतु मु$को तू çन अपने üाक त ने³| §ा1ा दे ¼ने म Îनसदे ह सम¤ नह| ह 1 çसी से म
तु$े Íद¯य अ¤ात अH|Íकक ¬Hु दे ता ह

1 çससे तू मे1| (+1|य योगशÍñ को दे ¼1(8) ( अनुकम )
सHय 3वा¬
7वमु4तवा ततो 1ाH नमहायोग े+1ो हÍ11
दश यामास पा¤ा य प1 म Fपम +1म1 1911
अने कव4³नय नमनेका† ु तदश नम1
अनेकÍद¯य ाभ1Þ Íद¯यान ेको²ताय ुधम1 11011
Íद¯यमा~यामब1ध1 Íद¯यग नधान ुHेपनम1
सवा °य मय देवमननत Íव+तोम ु¼म1 1 1111
सHय बोHे हे 1ाHन ! महायोगे+1 H1 सब पाप| के नाश क1ने वाHे भगवान ने çस
üका1 कहक1 3सके प°ात अHुन को प1म 7+यय ुñ Íद¯य 1वFप Íद¼Hाया1 अनेक मु¼ H1
ने³| से युñ, अनेक अदभुत दशन |वाHे, बह

त से Íद¯य भू ¤Þ| से युñ H1 बह

त से Íद¯य शU|
को हा¤| म 3òाये ह

7, Íद¯य माHा H1 वU| को धा1Þ Íकये ह

7 H1 Íद¯य गनध का सा1े
श1|1 म Hेप Íकये ह

7, सब üका1 के H°य| से युñ, सीमा1Íहत H1 सब H1 मु¼ Íकये ह

7
Íव1ाò1वFप प1मदे व प1मे+1 को अHुन ने दे ¼ा1
ÍदÍव स ूय सहP1य भव े²ुगपद ु Íत¤ता1
यÍद भा स•शी सा 1याद भास1 त1य महातमन11 1211
Hकाश म हHा1 सूय| के 7क सा¤ 3दय होने से 3तपनन Hो üकाश हो, वह भी 3स
Íव+Fप प1मातमा के üकाश के स•श कदाάत ह| हो1(12)
त³क1¤ Hगत कत1न üÍवभñ मनेकधा1
अपशयˆ ेवदेव1य श1|1े पाÞ sव1तदा11 1311
पाÞsु पु ³ अHुन ने 3स समय अनेक üका1 से Íवभñ अ¤ात प¤ क-प¤ क, समपूÞ Hगत
को दे व| के दे व शीक *Þ भगवान के 3स श1|1 म 7क Hगह Í1¤त दे ¼ा1(13)
तत स Íव 1मयाÍवPो (P1ोमा धनHय1
üÞमय Îश1 सा दे व कता HÎH1 भा¤त11 1411
3सके अननत1 वे H°य से ¬Íकत H1 पु HÍकत श1|1 अHुन üकाशमय Íव+Fप
प1मातमा को श@ा-भÍñसÍहत Îस1 से üÞाम क1के हा¤ Hोsक1 बोHे1(14)
अHु न 3वा¬
प•य ाÎम द ेवा1तव द ेव द ेहे
सवा 1त¤ा भ ूतÍवशे¤सÞा न1
ü(ाÞमीश क मHासन1 ¤-
म ¤ी ° स वा नु1गा ° Íद¯या न1 11511
अHुन बोHे हे दे व ! म Hपके श1|1 म समपूÞ दे व| को त¤ा अनेक भू त| के समुदाय|
को कमH के Hसन प1 Íव1ाÍHत ü(ा को, महादे व को H1 समपूÞ #ͤयो को त¤ा Íद¯य सप|
को दे ¼ता ह

1(15) ( अनुकम )
अनेकबाह

द1व4³ ने³
प•य ाÎम तवा स व तो€ननतFप म1
नानत न मºय न पुन1तवा Íद
प•य ाÎम Íव+ े +1 Íव+Fप11 1611
हे समपूÞ Íव+ के 1वाÎमन ! Hपको अनेक भुHा, पेò, मु ¼ H1 ने³| से युñ त¤ा सब
H1 से अननत Fप| वाHा दे ¼ता ह

1 हे Íव+Fप ! म Hपके न तो अनत को दे ¼ता ह

, न मºय
को H1 न HÍद को ह|1(16)
Íक1|Íòन ग Íदन ¬ ÍकÞ ¬
तेHो1ा Îश सव तो द|ÎBम नतम1
प•याÎम तव ा द ु Îन 1|‰य समन ता -
ˆ|Bा नHाक ²ुÎत मüमेयम1 11711
Hपको म मुकु òयुñ, गदायुñ H1 ¬कयुñ त¤ा सब H1 से üकाशमान तेH के पुH,
üजवÎHत अ͹न H1 सूय के स•श जयोÎतयुñ, कÍòनता से दे ¼े Hाने यो¹य H1 सब H1 से
अüमेय1वFप दे ¼ता ह

1(17)
तवमH1 प1म वे Íदत¯य
तवम1य Íव +1य प1 Îनधानम1
तवम¯य य शा +तध म गोBा
सनातन1तव पु ³¤ो मतो म े11 1811
Hप ह| Hानने यो¹य प1म अH1 अ¤ात प1ü( प1मातमा ह , Hप ह| çस Hगत के प1म
Hशय ह , Hप ह| अनाÍद धम के 1Hक ह H1 Hप ह| अÍवनाशी सनातन पु³¤ ह 1 7सा मे1ा
मत ह 1(18)
अनाÍद मºयानतमनन तवीय -
मननतबाह

श Îशसूय ने³म1
प•य ाÎम तवा द|Bह

ता शव4³
1वतेHसा Íव+Îम द तप नतम1 1 1911
Hपको HÍद, अनत H1 मºय से 1Íहत, अननत साम°य से युñ, अननत भुHावाHे, ¬न5-
सूयF प ने³|वाHे , üजHवÎHत अ͹नFप मु ¼वाHे H1 अपने तेH से çस Hगत को स तB क1ते


7 दे ¼ता ह

1(19)
²ावाप Τ¯य ोÍ1द मनत1 Íह
¯याB तवय केन Íदश ° सवा 1
•*”वादभ ु त Fपम ुT तव े द
Hोक³य ü¯यΤ त महातमन1 12011
हे महातमन ! यह 1वग H1 प° वी के बी¬ का समपूÞ Hकाश त¤ा सब Íदशा7 7क
Hपसे ह| पÍ1पूÞ ह त¤ा Hपके çस अH|Íकक H1 भयक1 Fप को दे ¼क1 तीन| Hोक अÎत
¯य¤ा को üाB हो 1हे ह 1(20) ( अनुकम )
अमी Íह तव ा सु1सÞा Íव शÍनत
के άद भी ता üा HHयो ग ÞÍनत 1
1व1 तीत यु4तवा मह ͤ Îस@ सÞा
1तुवÍनत तव ा 1त ुÎत भी प ु*क HाÎभ 11
वे ह| दे वताH के समूह Hपम üवेश क1ते ह H1 कु U भयभीत होक1 हा¤ Hोsे Hपके
नाम H1 गु Þ| का 3¯¬ा1Þ क1ते ह त¤ा महͤ H1 Îस@| के समु दाय 'क~याÞ हो' 7सा
कहक1 3dम 1तो³| §ा1ा Hपकी 1तु Îत क1ते ह 1(21)
F5ाÍदतया वसवो ये ¬ स ाºया
Íव+े€ Í+न| म³त°ो*मपा °1
गनधव यHास ु1Îस@स Þा
वीH नते तवा ÍवÍ1म ता°व सव 11 2211
Hो ¹या1ह ³5 H1 बा1ह HÍदतय त¤ा Hò वसु, साºयगÞ, Íव+ेदे व, अÍ+नीकु मा1 त¤ा
म³दगÞ H1 Íपत1| का समुदाय त¤ा गनधव, यH, 1ाHस H1 Îस@| के समुदाय ह • वे सब ह|
ÍवÍ1मत होक1 Hपको दे ¼ते ह 1(22)
Fप महd े बह

व4³ ने³
महाबाहो बह

बाह

³पाद म1
बह

द1 बह

द’ाक1ाH
•*”वा Hोका ü¯यΤता1त ¤ाहम1 12311
हे महाबाहो ! Hपके बह

त मु¼ H1 ने³| वाHे, बह

त हा¤, HÞा H1 प1| वाHे, बह

त 3द1|
वाHे H1 बह

त-सी दाõ| के का1Þ अतयनत Íवक1ाH महान Fप को दे ¼क1 सब Hोग ¯याकु H हो
1हे ह त¤ा म भी ¯याकु H हो 1हा ह

1(23)
नभ1प श द|Bमन े कवÞ
¯याd ानन द|B ÍवशाH ने³म1
•*”वा Íह तवा ü¯य Τतानत1ातमा
ध Îत न Íव नदाÎम श म ¬ Íव*Þो11 2411
4य|Íक हे Íव*Þो ! Hकाश को 1पश क1ने वाHे, दे द|!यमान, अनेक वÞ| युñ त¤ा
9 Hाये ह

7 मु¼ H1 üकाशमान ÍवशाH ने³| से युñ Hपको दे ¼क1 भयभीत अनतक1ÞवाHा म
धी1H H1 शाÍनत नह| पाता ह

1(24) ( अनुकम )
द’ाक1ाHाÎन ¬ ते मु¼ाÎन
•*”व व काHानHस ÍननभाÎन1
Íदशो न Hान े न Hभ े ¬ शम
üसीद द ेवेश H गÍनन वास11 2511
दाõ| के का1Þ Íवक1ाH H1 üHयकाH की अ͹न के समान üजवÎHत Hपके मु¼| के
दे ¼क1 म ÍदशाH को नह| Hानता ह

H1 सु ¼ भी नह| पाता ह

1 çसÎH7 हे दे वेश ! हे
HगÍननवास ! Hप üसनन ह|1(25)
अमी ¬ तवा ध त1ा’1य पु³ा
सव सहवावÎन पाHस Þ1
भी*मो 5ोÞ स ूतपु³1त ¤ास|
सहा1मद|य 1Íप योधम ुFय11 2611
व4³ा ÍÞ त े तव1माÞा Íवश Íनत
द’ाक1ाHाÎन भयानकाÎन
केά ͧH¹न ा दशनानत1 े¤ु
स••यनत े ¬ूÍÞ त³dमा™ग 11 2711
वे सभी धत 1ा’ के पु³ 1ाHाH के समुदायसÍहत Hपम üवेश क1 1हे ह H1 भी*म
Íपतामह, 5ोÞा¬ाय त¤ा वह कÞ H1 हमा1े पH के भी üधान यो@ाH सÍहत सब के सब Hपके
दाõ| के का1Þ Íवक1ाH भयानक मु ¼| म बsे वेग से द|sते ह

7 üवेश क1 1हे ह H1 क( 7क
¬ूÞ ह

7 Îस1| सÍहत Hपके दात| के बी¬ म Hगे ह

7 Íद¼ 1हे ह 1(26,27)
य¤ा नद| ना ब हवो€मब ुवेगा
समु5मेवाÎभ मु¼ा 5व Íनत 1
त¤ा तवामी न1Hोकवी1ा
Íवश Íनत व4 ³ाÞयÎभ ÍवजवH Íनत11 2811
Hसे नÍदय| के बह

त से HH के üवाह 1वाभाÍवक ह| समु5 के सममु¼ द|sते ह अ¤ात
समु5 म üवेश क1ते ह , वसे ह| वे न1Hोक के वी1 भी Hपके üजवÎHत मु¼| म üवेश क1 1हे
ह 1
य¤ा üद|B जवHन पत™ गा
ÍवशÍनत नाशाय सम @वेगा1
त¤व नाशाय Íव शÍनत Hोका -
1तवाÍप व4³ाÍÞ स म @वेगा11 2911
Hसे पत ग मोहवश नP होने के ÎH7 üजवÎHत अ͹न म अÎत वेग से द|sते ह

7 üवेश
क1ते ह , व से ह| ये सब Hोग भी अपने नाश के ÎH7 Hपके मु¼| म अÎत वेग से द|sते ह

7
üवेश क1 1हे ह 1 (29) ( अनुकम )
HेÎH Hसे T समान स मनता -
~Hोकान समTानव दनजव H͆ 1
तेHोÎभ1ाप ूय Hगतस मT
भास1तवो Tा üतप Íनत Íव*Þो11 3011
Hप 3न समपूÞ Hोक| को üजHवÎHत मु¼| §ा1ा Tास क1ते ह

7 सब H1 से बा1-बा1
¬ाò 1हे ह 1 हे Íव*Þो ! Hपका 3T üकाश समपूÞ Hगत को तेH के §ा1ा पÍ1पूÞ क1के तपा
1हा ह 1(30)
HFयाÍह म े को भ वानुTFपो
नमो€ 1तु ते देवव1 üसीद1
Íव7ात ु Îम¯Uा Îम भव नतमा²
न Íह üHानाÎम तव üव Ídम1 13111
मु$े बतHाçये Íक Hप 3T Fप वाHे क|न ह ? हे दे व| म श8े ! Hपको नम1का1 हो1
Hप üसनन होçये1 हे HÍदपु³¤ ! Hपको म Íवशे¤Fप से Hानना ¬ाहता ह

, 4य|Íक म Hपकी
üवÍ d को नह| Hानता1(31)
शीभगवान ुवा¬
काHो€ Í1म Hोक Hयकतüव @ो
Hोकानस माहत ु Îमह üव d1
#ते€ Íप तवा न भ Íव*यÍनत सव
ये€व Í1¤ता üतयन ीके¤ु योधा11 3211
शी भगवान बोHे म Hोक| का नाश क1ने वाHा बõा ह

H महाकाH ह

1 çस समय Hोक|
को नP क1ने के ÎH7 üवd ह

H ह

1 çसÎH7 Hो üÎतपÍHय| की सेना म Í1¤त यो@ा Hोग ह वे
सब ते1े Íबना भी नह| 1ह गे अ¤ात ते1े यु@ न क1ने प1 भी çन सब का नाश हो Hा7गा1(32)
त1माïवम ुÍd8 यशो H भ1व
ÍHतवा श³ ून भु‰व 1ा जय सम @म1
मयवते Îन हता प ूव मे व
ÎनÎमdमा³ भ व स¯यसाάन1 13311
अत7व तू 3ò1 यश üाB क1 H1 श³ुH को Hीतक1 धन-धानय से समपनन 1ाजय को
भोग1 ये सब शू1वी1 पहHे ह| से मे1े ह| §ा1ा मा1े ह

7 ह 1 हे स¯यसाάन! तू तो के वH
ÎनÎमdमा³ बन Hा1(33) ( अनुकम )
5ोÞ ¬ भी*म ¬ Hय5¤ ¬
कÞ त¤ा नया नÍप योधवी1ान1
मया हता 1तव H Íह मा ¯य Τ8ा
युºय1व H ेता Îस 1Þ े सपत ना न1 13411
5ोÞा¬ाय H1 भी*म Íपतामह त¤ा Hय5¤ H1 कÞ त¤ा H1 भी बह

त-से मे1े §ा1ा
मा1े ह

7 शू1वी1 यो@ाH को तू मा11 भय मत क11 Îनसनदे ह तू यु@ म वÍ1य| को Hीतेगा1
çसÎH7 यु@ क11(34)
सHय 3वा¬
7त¯ÿतवा व¬न केशव 1य
कताH ÎHव पमान Íक1|ò|1
नम1 कतवा भूय 7वाह क *Þ
सगÿ द भीतभीत üÞमय11 3511
सHय बोHे के शव भगवान के çस व¬न को सु नक1 मु कु òधा1| अHुन हा¤ Hोsक1
कापता ह

H नम1का1 क1के , Í91 भी अतयनत भयभीत होक1 üÞाम क1के भगवान शीक *Þ के
üÎत गदगद वाÞी से बोHे1(35)
अHु न 3वा¬
1¤ाने ( ͤकेश त व üकीतय ा
Hगतü(*यतय नु1जयत े ¬1
1Hा Îस भीताÎन Íदशो 5व Íनत
सव नम1यÍनत ¬ Îस@ सÞा11 3611
अHुन बोHे हे अनतयाÎ मन ! यह यो¹य ह| ह Íक Hपके नाम, गु Þ H1 üभाव के कीतन
से Hगत अÎत हͤत हो 1हा ह H1 अनु1ाग को भी üाB हो 1हा ह त¤ा भयभीत 1ाHस Hोग
ÍदशाH म भाग 1हे ह H1 सब Îस@गÞ| के समुदाय नम1का1 क1 1हे ह 1(36)
क1मा¯ ¬ ते न नमे1न महातमन
ग1|यस े ü(Þो€!याÍदक ³ 1
अनन त देवेश H गÍननवास
तवमH1 सदसdतप1 यत1 1 3711
हे महातमन ! ü(ा के भी HÍदकता H1 सबसे बsे Hपके ÎH7 वे क से नम1का1 न क1 ,
4य|Íक हे अननत ! हे दे वेश ! हे HगÍननवास ! Hो सत , असत, H1 3नसे प1े अH1 अ¤ात
सͯ¬दाननदÞन ü( ह , वह Hप ह| ह 1(37) ( अनुकम )
तवमाÍद देव प ु³¤ पु1ाÞ -
1तव म1य Íव+1य प1 Îन धानम1
वेdाÎस व े² प1 ¬ ध ाम
तवया तत Íव+ मननत³प11 3811
Hप HÍददे व H1 सनातन पु ³¤ ह 1 Hप çस Hगत के प1म Hशय H1 Hानने वाHे
त¤ा Hानने यो¹य H1 प1म धाम ह 1 हे अननतFप ! Hपसे यह सब Hगत ¯याB अ¤ात पÍ1पूÞ
ह 1(38)
वायुय मो€Í¹नव ³Þ श शाक
üHापÎत 1तव üÍपताम ह°1
नमो नम1त े €1तु सह Pकतव
पुन° भ ूयो€Íप नमो नम1त े11 3911
Hप वायु, यम1ाH, अ͹न, व³Þ, ¬न5मा, üHा के 1वामी ü(ा H1 ü(ा के भी Íपता ह 1
Hपके ÎH7 हHा1| बा1 नम1का1 ! नम1का1 हो ! Hपके ÎH7 Í91 भी बा1-बा1 नम1का1 !
नम1का1 !!
नम प ु11ताद ¤ प 8त1त े
नमो€ 1तु ते सव त 7व स व 1
अनन तवीय ा ÎमतÍव कम1तव
सव समा!न ोͤ त तो€Îस सव 11 4011
हे अननत साम°य वाHे ! Hपके ÎH7 Hगे से H1 पीUे से भी नम1का1 ! हे सवात मन!
Hपके ÎH7 सब H1 से नम1का1 हो 4य|Íक अननत प1ाकमशाHी Hप सम1त ससा1 को ¯याB
Íकये ह

7 ह , çससे Hप ह| सवF प ह 1(40)
स¼े Îत मतवा üस भ य दु ñ
हे क*Þ ह े यादव हे स¼े Îत1
अHा नता म Íहमान तव ेद
मया üमादातüÞय ेन वाÍप11 4111
य¯¬ावहासा¤ मसतकतो€ Îस
Íवहा1शŽयामनभोHन े¤ु1
7को €¤वा!य¯य ुत ततसमH
ततHाम ये तवामहमüम ेयम1 14211
Hपके çस üभाव को न Hानते ह

7, Hप मे1े स¼ा ह , 7सा मानक1 üेम से अ¤वा üमाद
से भी मने 'हे क *Þ !', 'हे यादव !', 'हे स¼े !', çस üका1 Hो कु U Íबना सो¬े सम$े हòात कहा ह
H1 हे अ¯युत ! Hप Hो मे1े §ा1ा Íवनोद के ÎH7 Íवहा1, शŽया, Hसन H1 भोHनाÍद म अके Hे
अ¤वा 3न स¼ाH के सामने भी अपमाÎनत Íकये गये ह • वह सब अप1ाध अüमेय1वFप
अ¤ात अάनतय üभाववाHे Hपसे म Hमा क1वाता ह

1(41,42) ( अनुकम )
ÍपताÎस Hोक1य ¬1ा¬11य
तवम1य पूजय° ग ु³ग 1|य ान1
न तवत समो€1तय¹य Îधक कु तो€नयो
Hोक³ ये€!यüÎत मüभाव11 4311
Hप çस ¬1ा¬1 Hगत के Íपता H1 सबसे बsे गु ³ त¤ा अÎत पूHनीय ह 1 हे अनुपम
üभाव वाHे ! तीन| Hोक| म Hपके समान भी दसू 1ा को( नह| ह , Í91 अÎधक तो क से हो सकता
ह 1(43)
त1मातüÞमय üÍÞ धाय काय
üसादय े तवामह मीशमी„यम1
Íपतेव प ु³1य स¼ ेव सFय ु
Íüय Íüयाय ाह Îस द ेव सोƒ ु म1 1 4411
अत7व हे üभो ! म श1|1 को भHीभाÎत ¬1Þ| म ÎनवेÍदत क1, üÞाम क1के , 1तु Îत क1ने
यो¹य Hप (+1 को üसनन होने के ÎH7 üा¤न ा क1ता ह

1 हे दे व ! Íपता Hसे पु ³ के , स¼ा Hसे
स¼ा के H1 पÎत Hसे Íüयतमा पŒी के अप1ाध सहन क1ते ह • व से ह| Hप भी मे1े अप1ाध
सहन क1ने यो¹य ह 1(44)
अ•Pपूव (ͤ तो€Í1म •Pवा
भयेन ¬ ü¯य Τत मनो म े1
तदेव म े दश य देवFप
üसीद द ेवेश H गÍनन वास11 4511
म पहHे न दे ¼े ह

7 Hपके çस H°मय Fप को दे ¼क1 हͤत हो 1हा ह

H1 मे1ा मन
भय से अÎत ¯याकु H भी हो 1हा ह , çसÎH7 Hप 3स अपने ¬तुभु¬ Íव*ÞुFप को ह| मु$े
Íद¼Hाçये ! हे दे वेश ! हे HगÍननवास ! üसनन होçये1(45)
Íक1|Íòन गÍदन ¬ कह1त -
Îम¯UाÎम तवा 5Pुमह त ¤व1
तेनव FपेÞ ¬त ुभु Hेन
सहPबाहो भव Íव+म ूत 11 4611
म वसे ह| Hपको मुकु ò धा1Þ Íकये ह

7 त¤ा गदा H1 ¬क हा¤ म ÎH7 ह

7 दे ¼ना
¬ाहता ह

, çसÎH7 हे Íव+1वFप ! हे सहPबाहो ! Hप 3सी ¬तुभुH Fप से üकò होçये1(46)
( अनुकम )
शीभगवान ुवा¬
मया üसन नेन तवाHु नेद
Fप प1 द Îश तमातमयोगात1
तेHोमय Íव+ मननतमा²
यनमे तवदन येन न •Pप ूव म1 14711
शी भगवान बोHे हे अHुन ! अनुTहपूवक मने अपनी योगशÍñ के üभाव से यह मे1ा
प1म तेHोमय, सबका HÍद H1 सीमा1Íहत Íव1ाò Fप तु$को Íद¼Hाया ह , ÍHसे ते1े अÎतÍ1ñ
दसू 1े Íकसी ने नह| दे ¼ा ¤ा1(47)
न वेदय7ाºय यनन दान -
न ¬ Íकया Îभन तपोÎभ³ T1
7वFप श4य अह न Hोके
5Pु तवद नयेन कु³üवी111 4811
हे अHुन ! मनु*यHोक म çस üका1 Íव+FपवाHा म न वेद H1 य7| के अºययन से, न
दान से, न ÍकयाH से H1 न 3T तप| से ह| ते1े अÎत1ñ दसू 1े के §ा1ा दे ¼ा Hा सकता ह

1(48)
मा त े ¯य¤ा मा ¬ Íवमूƒभावो
•*”वा Fप Þो1मी•‘मम ेदम1
¯यपेतभी üीतमना प ुन1तव
तदेव म े Fप Îमद üप•य11 4911
मे1े çस üका1 के çस Íवक1ाH Fप को दे ¼क1 तु$को ¯याकु Hता नह| होनी ¬ाÍह7 H1
मूõभाव भी नह| होना ¬ाÍह71 तू भय1Íहत H1 üीÎतयुñ मनवाHा होक1 3सी मे1े श¼-¬क-
गदा-पVयुñ ¬तुभुH Fप को Í91 दे ¼1(49)
सHय 3वा¬
çतयH ु न वास ुदेव1 त¤ो4तवा
1वक Fप दश यामास भ ूय1
H+ासयामास ¬ भीतम ेन
भूतवा प ुन स|मयवप ुम हातमा11 5011
सHय बोHे वासुदे व भगवान ने अHुन के üÎत çस üका1 कहक1 Í91 वसे ह| अपने
¬तु भुH Fप को Íद¼Hाया H1 Í91 महातमा शीक *Þ ने स|मयमू Îत होक1 çस भयभीत अHुन
को धी1H बधाया1(50)
अHु न 3वा¬
•*”व ेद मान ु¤ Fप स|मय Hनाद न1
çदा नीम Í1म स व d स¬ ेता üक Îत गत 11 5111
अHुन बोHे हे Hनाद न ! Hपके çस अÎत शानत मनु*यFप को दे ¼क1 अब म Í1¤1άd
हो गया ह

H1 अपनी 1वाभाÍवक Í1¤Îत को üाB हो गया ह

1(51) ( अनुकम )
शीभगवान ुवा¬
सुदु द श Îमद Fप •Pवान Îस यनमम1
देवा अ!य1य Fप1य Îनतय द श नका ÍHÞ 11 5211
शी भगवान बोHे मे1ा Hो ¬तु भुH Fप तुमने दे ¼ा ह , यह सुददु श ह अ¤ात çसके दशन
बsे ह| दHु भ ह 1 दे वता भी सदा çस Fप के दशन की HकाHा क1ते 1हते ह 1(52)
नाह वेदन तपसा न दान ेन न ¬ ेजयय ा1
श4य 7व Íव धो 5P ु •Pवान Îस मा य¤ा11 5311
ÍHस üका1 तु मने मु$े दे ¼ा ह • çस üका1 ¬तुभुH FपवाHा म न तो वेद| से, न तप से,
न दान से, H1 न य7 से ह| दे ¼ा Hा सकता ह

1(53)
भñया तवननयया श4य अहमेवÍव धो€H ु न1
7ातु 5Pु ¬ तïव ेन üवेPु ¬ प1 तप11 5411
प1नतु हे प1 तप अHुन ! अननय भÍñ के §ा1ा çस üका1 ¬तुभुH FपवाHा म üतयH
दे ¼ने के ÎH7 तïव से Hानने के ÎH7 त¤ा üवेश क1ने के ÎH7 अ¤ात 7कीभाव से üाB होने के
ÎH7 भी श4य ह

1(54)
मत कम क नमतप1मो म† ñ स गवÍH त1
ÎनवŠ1 सव भूते¤ु य स माम े Îत पाÞs व11 5511
हे अHुन ! Hो पु³¤ के वH मे1े ह| ÎH7 समपूÞ कत¯ यकम| को क1ने वाHा ह , मे1े प1ायÞ
ह , मे1ा भñ ह , HसÍñ1Íहत ह H1 समपूÞ भू तüाÍÞय| म व1भाव से 1Íहत ह , वह अननय
भÍñयुñ पु³¤ मु $को ह| üाB होता ह 1(55) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे Íव+Fपदशन योगो नाम 7कादशो€ºयाय 111111
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म Íव+Fपदशन योग नामक ¹या1हवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
बा1हव अ ºयाय का माहा तमय
शीम हादेवHी कहते ह • पावत ी ! दÍHÞ Íदशा म को~हापु1 नामक 7क नग1 ह , Hो
सब üका1 के सु¼| का Hधा1, Îस@-महातमाH का Îनवास 1¤ान त¤ा ÎसÍ@ üाÎB का Hे³ ह 1
वह प1ाशÍñ भगवती H‰मी की üधान पीò ह 1 समपूÞ दे वता 3सका सेवन क1ते ह 1 वह
पु1ाÞüÎस@ ती¤ भोग H1 मोH üदान क1ने वाHा ह 1 वहा क1ोsो ती¤ H1 ÎशवÎHग ह 1
³5गया भी वहा ह 1 वह ÍवशाH नग1 Hोग| म बह

त ÍवFयात ह 1 7क Íदन को( युवक पु³¤
नग1 म Hया1 वह कह| का 1ाHकु मा1 ¤ा1 3सके श1|1 का 1 ग गो1ा, ने³ सुनद1, Tीवा श ¼ के
समान, क धे मोòे , Uाती ¬|s| त¤ा भुHा7 बs|-बs| ¤ी1 नग1 म üवेश क1के सब H1 महH| की
शोभा Îनहा1ता ह

H वह दे वे+1| महाH‰मी के दशन ा¤ 3तकÍÞòत हो मÍÞकÞò ती¤ म गया
H1 वहा 1नान क1के 3सने Íपत1| का तपÞ Íकया1 Í91 महामाया महाH‰मी Hी को üÞाम
क1के भÍñपूवक 1तवन क1ना H1मभ Íकया1
1ाHकुमा1 बो Hा ÍHसके (दय म असीम दया भ1| ह

( ह , Hो सम1त कामनाH को
दे ती त¤ा अपने कòाHमा³ से सा1े Hगत की 1¬ना, पाHन H1 स हा1 क1ती ह , 3स Hगनमाता
महाH‰मी की Hय हो1 ÍHस शÍñ के सहा1े 3सी के Hदे श के अनुसा1 प1मे8ी ü(ा सÍ P 1¬ते
ह , भगवान अ¯युत Hगत का पाHन क1ते ह त¤ा भगवान ³5 अͼH Íव+ का सहा1 क1ते ह ,
3स सÍ P, पाHन H1 स हा1 की शÍñ से समपनन भगवती प1ाशÍñ का म भHन क1ता ह

1
कमHे ! योगीHन तुमहा1े ¬1ÞकमH| का άनतन क1ते 1हते ह 1 कमHाHये ! तु म अपनी
1वाभाÍवक सdा से ह| हमा1े सम1त çÍन5यगो¬1 Íव¤य| को Hानती हो1 तु मह| क~पनाH के
समू ह को त¤ा 3सका स क~प क1ने वाHे मन को 3तपनन क1ती हो1 ç¯UाशÍñ, 7ानशÍñ H1
ÍकयाशÍñ • ये सब तुमहा1े ह| Fप ह 1 तुम प1ास άत (प1म7ान) FÍपÞी हो1 तुमहा1ा 1वFप
Îन*काम, ÎनमH , Îनतय, Îन1ाका1, Îन1 Hन, अनत1Íहत, Hतकशूनय, HHमबह|न त¤ा Îन1ामय ह 1
दे Íव ! तुमहा1| मÍहमा का वÞन क1ने म क|न सम¤ हो सकता ह ? Hो ¤”¬क| का भेदन क1के
अनतक1Þ के बा1ह 1¤ान| म Íवहा1 क1ती ह , अनाहत, ºवÎन, Íबनदु, नाद H1 कHा ये ÍHसके
1वFप ह , 3स माता महाH‰मी को म üÞाम क1ता ह

1 माता ! तुम अपने मु¼Fपी पूÞ¬ न5मा से
üकò होने वाHी अमत 1ाÎश को बहाया क1ती हो1 तुमह| प1ा, प•यनती, मºयमा H1 व¼1| नामक
वाÞी हो1 म तुमहे नम1का1 क1ता ह

1 दे Íव ! तुम Hगत की 1Hा के ÎH7 अनेक Fप धा1Þ
Íकया क1ती हो1 अÍमबके ! तुमह| üा(|, व*Þवी, त¤ा माहे +1| शÍñ हो1 वा1ाह|, महाH‰मी,
ना1Îसह|, 7न5|, क|मा1|, ¬ÍÞsका, Hगत को पÍव³ क1ने वाHी H‰मी, Hगनमाता साÍव³ी, ¬न5कHा
त¤ा 1ोÍहÞी भी तुमह| हो1 प1मे+1| ! तु म भñ| का मनो1¤ पूÞ क1ने के ÎH7 क~पHता के
समान हो1 मु$ प1 üसनन हो HाH1
3सके çस üका1 1तु Îत क1ने प1 भगवती महाH‰मी अपना साHात 1वFप धा1Þ क1के
बोHी - '1ाHकु मा1 ! म तु मसे üसनन ह

1 तुम को( 3dम व1 मागो1'( अनुकम )
1ाHप ु³ बोHा मा ! मे1े Íपता 1ाHा बह 5¤ अ+मेध नामक महान य7 का अनु8ान क1
1हे ¤े¤ वे द वयोग से 1ोगT1त होक1 1वगव ासी हो गये1 çसी बी¬ म यूप म ब धे ह

7 मे1े
य7समबनधी Þोsे को, Hो समू¬ी प° वी की पÍ1कमा क1के H|òा ¤ा, Íकसी ने 1ाͳ म बधन काò
क1 कह| अनय³ पह

¬ा Íदया1 3सकी ¼ोH म मने कु U Hोग| को भेHा ¤ा, Íकनतु वे कह| भी
3सका पता न पाक1 Hब ¼ाHी हा¤ H|ò Hये ह , तब म #ÍतवH| से H7ा Hेक1 तुमहा1| श1Þ
म Hया ह

1 दे वी ! यÍद तुम मु$ प1 üसनन हो तो मे1े य7 का Þोsा मु $े ÎमH Hाये, ÍHससे
य7 पूÞ हो सके 1 तभी म अपने Íपता Hी का #Þ 3ता1 सकू गा1 श1Þागत| प1 दया क1ने
वाHी HगजHननी H‰मी ! ÍHससे मे1ा य7 पू Þ हो, वह 3पाय क1ो1
भगव ती H‰मी न े क हा 1ाHकु मा1 ! मे1े मÍनद1 के द1वाHे प1 7क üा(Þ 1हते ह ,
Hो Hोग| म Îस@समाÎध के नाम से ÍवFयात ह 1 वे मे1| H7ा से तु महा1ा सब काम पू1ा क1
द गे1
महाH‰मी के çस üका1 कहने प1 1ाHकु मा1 3स 1¤ान प1 Hये , Hहा Îस@समाधी 1हते
¤े1 3नके ¬1Þ| म üÞाम क1के 1ाHकु मा1 ¬ु प¬ाप हा¤ Hोs क1 ¼sे हो गये1 तब üा(Þ ने
कहा 'तुमह माता Hी ने यहा भेHा ह 1 अ¯Uा, दे ¼ो1 अब म तुमहा1ा सा1ा अभीP काय Îस@
क1ता ह

1' य| कहक1 मन³वेdा üा(Þ ने सब दे वताH को वह| ¼ी¬ा1 1ाHकु मा1 ने दे ¼ा, 3स
समय सब दे वता हा¤ Hोsे ¤1-¤1 कापते ह

7 वहा 3पÍ1¤त हो गये1 तब 3न श8े üा(Þ ने
सम1त दे वताH से कहा 'दे वगÞ ! çस 1ाHकु मा1 का अ+, Hो य7 के ÎH7 ÎनÍ°त हो ¬ु का
¤ा, 1ात म दे व1ाH çन5 ने ¬ु1ाक1 अनय³ पह

¬ा Íदया ह 1 3से शीU Hे HH1'
तब दे वताH ने मुÎन के कहने से य7 का Þोsा Hाक1 दे Íदया1 çसके बाद 3नह|ने 3नहे
Hाने की H7ा द|1 दे वताH का Hक¤Þ दे ¼क1 त¤ा ¼ोये ह

7 अ+ को पाक1 1ाHकु मा1 ने
मुÎन के ¬1Þ| म üÞाम क1के कहा 'मह¤ ! Hपका यह साम°य H°यH नक ह 1 Hप ह| 7सा
काय क1 सकते ह , दसू 1ा को( नह|1 ü(न ! मे1| üा¤न ा सुÎनये, मे1े Íपता 1ाHा बह 5¤ अ+मेध
य7 का अनु8ान H1मभ क1के द वयोग से मत यु को üाB हो गये ह 1 अभी तक 3नका श1|1
तपाये ह

7 तेH म सु¼ाक1 म ने 1¼ Uोsा ह 1 Hप 3नह पु न HीÍवत क1 द|ÍH71'
यह सुनक1 महामुÎन üा(Þ ने Íक άत मु1क1ाक1 कहा '¬Hो, वहा य7मÞsप म तुमहा1े
Íपता म|Hूद ह , ¬H1' तब Îस@समाÎध ने 1ाHकु मा1 के सा¤ वहा Hाक1 HH अÎभमÍन³त Íकया
H1 3से शव के म1तक प1 1¼ा1 3सके 1¼ते ह| 1ाHा स¬ेत होक1 3ò बòे Í91 3नह|ने üा(Þ
को दे ¼क1 पूUा 'धम1 वFप ! Hप क|न ह ?' तब 1ाHकु मा1 ने महा1ाH से पहHे का सा1ा हाH
कह सुनाया1 1ाHा ने अपने को पुन Hीवनदान दे ने वाHे üा(Þ को नम1का1 क1के पू Uा
''üा(Þ ! Íकस पुÞय से Hपको यह अH|Íकक शÍñ üाB ह

( ह ?" 3नके य| कहने प1 üा(Þ ने
मधु 1 वाÞी म कहा '1ाHन ! म üÎतÍदन HH1य1Íहत होक1 गीता के बा1हव अºयाय का Hप
क1ता ह

1 3सी से मु $े यह शÍñ ÎमHी ह , ÍHससे तुमह Hीवन üाB ह

H ह 1' यह सुनक1 üा(Þ|
सÍहत 1ाHा ने 3न महͤ से 3न से गीता के बा1हव अºयाय का अºययन Íकया1 3सके
माहातमय से 3न सबकी सदगती हो गयी1 दसू 1े -दसू 1े Hीव भी 3सके पाò से प1म मोH को
üाB हो ¬ु के ह 1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
बा1हव ा अºयाय भÍñयोग
दसू 1े अºयाय से Hेक1 यहा तक भगवान ने üतयेक 1¤ान प1 सगुÞ साका1 प1मे+1 की
3पासना की üशसा की1 सातव अºयाय से ¹या1हव अºयाय तक ¼ास सगुÞ साका1 प1मातमा
की 3पासना का महïव बताया ह 1 3सके सा¤ पा¬व अºयाय म 17 से 26 शोक तक, Uòव
अºयाय म 24 से 29 शोक तक, Hòव अºयाय म 11 से 13 शोक तक çसके अHावा H1 क(
Hगह| प1 ÎनगुÞ Îन1ाका1 की 3पासन का महïव बताया ह 1 अत म ¹या1हव अºयाय के
Hͼ1| शोक म सगुÞ-साका1 भगवान की अननय भÍñ का 9H भगवतüाÎB बताक1
'मत कम कत ' से शु³ ह

7 3स Hͼ1| शोक म सगुÞ-साका1 1वFप भगवान के भñ की महdा
Hो1 दे क1 सम$ा( ह 1 çस Íव¤य प1 अHुन के मन म 7सी पदा ह

( Íक ÎनगुÞ -Îन1ाका1 ü(
की त¤ा सगुÞ-साका1 भगवान की 3पासना क1ने वाHे दोन| 3पासक| म 3dम क|न? यह Hानने
के ÎH7 अHुन पूUता ह
11 अ¤ §ादशो €ºयाय 11
अHु न 3वा¬
7व स ततयुñा ये भñा1तव ा पय ु पासत े1
ये ¬ा!यH1म¯यñ ते¤ा के योग Íवdमा11 111
अHुन बोHे Hो अननय üेमी भñHन पूव|ñ üका1 Îन1नत1 Hपके भHन ºयान म Hगे
1हक1 Hप सगुÞF प1मे+1 को H1 दसू 1े Hो के वH अÍवनाशी सͯ¬दाननदÞन Îन1ाका1 ü(
को ह| अÎत श8े भाव से भHते ह • 3न दोन| üका1 के 3पासक| म अÎत 3dम योगवेdा क|न
ह ?
शीभगवान ुवा¬
मŽयाव े •य मनो ये मा Îनतयय ुñा 3पासत े1
श@या प1योप ेता1त े मे युñतमा मता11 211
शी भगवान बोHे मु$म मन को 7काT क1के Îन1नत1 मे1े भHन-ºयान म Hगे ह

7 Hो
भñHन अÎतशय श8े श@ा से युñ होक1 मु $ सगुÞFप प1मे+1 को भHते ह , वे मु $को योÎगय|
म अÎत 3dम योगी मानय ह 1(2) ( अनुकम )
ये तवH1मÎनद •यम¯यñ पय ु पासत े1
सव ³गमά नतय ¬ कूò1 ¤म¬H ºुवम1 1 311
सÎनयमय ेÍन5 Tाम स व ³ स मबु@य
ते üा!न ुवÍनत माम ेव सव भूतÍह ते 1ता11 411
4Hे शो€ Îधकत11त े¤ाम¯यñासñ¬ ेतसाम1
अ¯यñा Íह ग Îतद ु ¼ देहÍव͆ 1वा! यते11 511
प1नतु Hो पु³¤ çÍन5य| के समुदाय को भHी üका1 वश म क1के मन बु Í@ से प1े
सव¯ यापी, अक¤ीनय1वFप H1 सदा 7क1स 1हने वाHे, Îनतय, अ¬H, Îन1ाका1, अÍवनाशी,
सͯ¬दाननदÞन ü( को Îन1नत1 7कीभाव से ºयान क1ते ह

7 भHते ह , वे समपूÞ भूत| के Íहत
म 1त H1 सब म समान भाववाHे योगी मु$को ह| üाB होते ह 1 3न सͯ¬दाननदÞन Îन1ाका1
ü( म Hसñ άdवाHे पु³¤| के साधन म पÍ1शम Íवशे¤ ह , 4य|Íक दे हाÎभमाÎनय| के §ा1ा
अ¯यñ-Íव¤यक गÎत दु ¼पूवक üाB की HाÎत ह 1(3,4,5)
ये तु स वा ÍÞ कमा ÍÞ मÎय स नय1य मतप1ा1
अननय ेनव योग ेन मा º यायनत 3 पासत े11 611
ते¤ामह स मु@ता म तयुससा1साग1ात1
भवा Îम नά1ातपा¤ मŽयाव ेÎशत ¬ेतसाम1 1711
प1नतु Hो मे1े प1ायÞ 1हने वाHे भñHन समपूÞ कम| को मु$े अपÞ क1के मु$
सगुÞFप प1मे+1 को ह| अननय भÍñयोग से Îन1नत1 άनतन क1ते ह

7 भHते ह 1 हे अHुन !
3न मु$म άd Hगाने वाHे üेमी भñ| का म शीU ह| मत युFप ससा1-समु5 से 3@ा1 क1ने
वाHा होता ह

1(6,7)
मŽये व मन Hधत1व म Îय ब ुÍ@ Îनव े शय1
Îनव Îस*य Îस मŽ येव अत 3 ºव न स शय 11 811
मु$म मन को Hगा H1 मु$म ह| बुÍ@ को Hगा1 çसके 3प1ानत तू मु$म Îनवास
क1े गा, çसम कु U भी स शय नह| ह 1
अ¤ ά d समा धातु श4नोͤ मÎय Í1¤1 म1
अ¹यासयोग ेन ततो माÎम ¯UाB ु धनHय11 911
यÍद तू मन को मु$म अ¬H 1¤ापन क1ने के ÎH7 सम¤ नह| ह तो हे अHुन !
अ¹यासFप योग के §ा1ा मु$को üाB होने के ÎH7 ç¯Uा क11(9)
अ¹यास े €!यसम¤|€ Îस म तकम प1मो भव1
मद¤ मÍप कमा ÍÞ कुव Íनस Í@मवा!1यÎस11 1011
यÍद तू 3पयुñ अ¹यास म भी असम¤ ह तो के वH मे1े ÎH7 कम क1ने के ह| प1ायÞ
हो Hा1 çस üका1 मे1े ÎनÎमd कम| को क1ता ह

H भी मे1| üाÎBFप ÎसÍ@ को ह| üाB होगा1
(10)
अ¤ तद!यशñो€Îस कतु म²ोग माÎशत 1
सव कम 9Hतय ाग त त कु³ यतातमवान1 1 1111
यÍद मे1| üाÎB Fप योग के HÎशत होक1 3पयुñ साधन को क1ने म भी तू असम¤ ह
तो मन बुÍ@ HÍद प1 ÍवHय üाB क1ने वाHा होक1 सब कम| के 9H का तयाग क11(11)
शे यो Íह 7ानम¹यासाज 7ानाœºय ान Íव Îश*यत े1
ºयान ातकम 9Hतयाग1तय ागा¯Uा Íनत1ननत1म1 11211
मम को न Hानक1 Íकये ह

7 अ¹यास से 7ान श8े ह 1 7ान से मु $ प1मे+1 के 1वFप
का ºयान श8े ह H1 ºयान से भी सब कम| के 9H का तयाग श8े ह 4य|Íक तयाग से ततकाH
ह| प1म शाÍनत होती ह 1(12) ( अनुकम )
अ§ेPा सव भूताना म³ क³Þ 7व ¬ 1
Îनम मो Îन1ह का1 स मदु ¼सु¼ H मी11 1311
सतुP सतत योगी यतातमा •ƒÎन°य1
मŽयÍप तमनोब ुÍ@य | मद भ ñ स म े Íüय11 1411
Hो पु³¤ सब भूत| म §े ¤भाव से 1Íहत, 1वा¤1 Íहत, सबका üेमी H1 हे तु1Íहत दयाHु ह
त¤ा ममता से 1Íहत, अह का1 से 1Íहत, सु¼-दु ¼| की üाÎB म सम H1 Hमावान ह अ¤ात
अप1ाध क1ने वाHे को भी अभय दे ने वाHा ह , त¤ा Hो योगी Îन1नत1 सनतुP ह , मन çÍन5य|
सÍहत श1|1 को वश म Íकये ह

7 ह H1 मु $म •ƒ Îन°य वाHा • वह मु$म अपÞ Íकये ह

7
मन बुÍ@वाHा मे1ा भñ मु $को Íüय ह 1(13,14)
य1माननोͧ Hते Hोको HोकाननोͧHत े ¬ य1
ह¤ा म¤ भयो§ेग मु ñो य स ¬ मे Íüय11 1511
ÍHससे को( भी Hीव 3§े ग को üाB नह| होता H1 Hो 1वय भी Íकसी Hीव से 3§े ग को
üाB नह| होता त¤ा Hो ह¤, अम¤, भय H1 3§े गाÍद से 1Íहत ह • वह भñ मु$को Íüय ह 1
(15)
अनपेH शु άद H 3 दासीन ो गत¯य¤ 1
सवा 1मभपÍ1तयागी यो मद भñ स म े Íüय11 1611
Hो पु³¤ HकाHा से 1Íहत, बाह1-भीत1 से शु @, ¬तु1, पHपात से 1Íहत H1 दु ¼| से Uू òा


H ह • वह सब H1मभ| का तयागी मे1ा भñ मु$को Íüय ह 1(16)
यो न H*यÎत न §ेÍP न शो ¬Îत न का HÎत1
शु भाशुभपÍ1तयागी भ Íñमानय स मे Íüय 11 1711
Hो न कभी हͤत होता ह , न §े ¤ क1ता ह , न शोक क1ता ह , न कामना क1ता ह त¤ा Hो
शु भ H1 अशुभ समपूÞ कम| का तयागी ह • वह भÍñयुñ पु ³¤ मु$को Íüय ह 1(17)
सम श³ | ¬ Îम ³े ¬ त ¤ा मानापमा नयो1
शीतो*Þस ु¼द ु ¼े¤ु स म स ™गÍववÍH त11 1811
तु~यÎन नदा1त ुÎत म|न ी सतु Pो येन केनάत1
अÎनकेत Í1¤ 1मÎत भ Íñमानम े Íüयो न111 1911
Hो श³ु-Îम³ म H1 मान-अपमान म सम ह त¤ा सद˜, गम‹ H1 सु¼-दु ¼ाÍद §न§| म
सम ह H1 HसÍñ से 1Íहत ह 1 Hो Îननदा-1तु Îत को समान सम$ने वाHा, मननशीH H1 ÍHस
Íकसी üका1 से भी श1|1 का Îनवाह होने म सदा ह| सनतुP ह H1 1हने के 1¤ान म ममता
H1 HसÍñ से 1Íहत ह • वह Í1¤1बुÍ@ भÍñमान पु³¤ मु$को Íüय ह 1(18,19) ( अनुकम )
ये तु ध मया म तÎम द य¤ो Íñ पय ु पासत े1
शˆधान ा मतप1मा भñा1त े €तीव म े Íüया11 2011
प1नतु Hो श@ायुñ पु³¤ मे1े प1ायÞ होक1 çस 3प1 कहे ह

7 धमम य अमत को
Îन*काम üेमभाव से सेवन क1ते ह , वे भñ मु$को अÎतशय Íüय ह 1(20)
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे भÍñयोगो नाम §ादशो€ºयाय 111211
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म भÍñयोग नामक बा1हवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
ते 1हव अºयाय का माह ातमय
शीम हादेवHी कहते ह • पावत ी ! अब ते1हव अºयाय की अगाध मÍहमा का वÞन
सुनो1 3सको सुनने से तुम बह

त üसनन हो HाHगी1 दÍHÞ Íदशा म तु गभ5ा नाम की 7क
बह

त बs| नद| ह 1 3सके Íकना1े हÍ1ह1पु1 नामक 1मÞीय नग1 बसा ह

H ह 1 वहा हÍ1ह1 नाम
से साHात भगवान Îशव Hी Íव1ाHमान ह , ÍHनसे दशन मा³ से प1म क~याÞ की üाÎB होती ह 1
हÍ1ह1पु1 म हÍ1द|ÍHत नामक 7क शोͳय üा(Þ 1हते ¤े, Hो तप1या H1 1वाºयाय म स H¹न
त¤ा वेद| के पा1गामी Íव§ान ¤े1 3नकी 7क Uी ¤ी, ÍHसे Hोग द1ु ा¬ा1 कहक1 पुका1ते ¤े1 çस
नाम के अनुसा1 ह| 3सके कम भी ¤े1 वह सदा पÎत को कु वा¯य कहती ¤ी1 3सने कभी भी
3नके सा¤ शयन नह| Íकया1 पÎत से समबनध 1¼ने वाHे ÍHतने Hोग Þ1 प1 Hते, 3न सबको
sाò बताती H1 1वय कामोनमd होक1 Îन1नत1 ¯यÎभ¬ाÍ1य| के सा¤ 1मÞ Íकया क1ती ¤ी1
7क Íदन नग1 को çध1-3ध1 Hते-Hाते ह

7 पु1वाÎसय| से भ1ा दे ¼ 3सने ÎनHन त¤ा दगु म वन
म अपने ÎH7 सके त 1¤ान बना ÎHया1 7क समय 1ात म Íकसी कामी को न पाक1 वह Þ1 के
Íकवाs ¼ोH नग1 से बाह1 स के त-1¤ान प1 ¬Hी गयी1 3स समय 3सका άd काम से मोÍहत
हो 1हा ¤ा1 वह 7क-7क कु H म त¤ा üतयेक वH के नी¬े Hा -Hाक1 Íकसी Íüयतम की ¼ोH
क1ने Hगी, Íकनतु 3न सभी 1¤ान| प1 3सका पÍ1शम ¯य¤ गया1 3से Íüयतम का दशन नह|


H1 तब 3स वन म नाना üका1 की बात कहक1 ÍवHाप क1ने Hगी1 ¬ा1| ÍदशाH म Þूम-
Þूमक1 ÍवयोगHÎनत ÍवHाप क1ती ह

( 3स Uी की HवाH सुनक1 को( सोया ह

H बाÞ Hाग
3òा H1 3UHक1 3स 1¤ान प1 पह

¬ा, Hहा वह 1ो 1ह| ¤ी1 3ध1 वह भी 3से Hते दे ¼ Íकसी
üेमी Hश का से 3सके सामने ¼s| होने के ÎH7 Hò से बाह1 ÎनकH Hयी1 3स समय ¯याU ने
Hक1 3से न¼Fपी बाÞ| के üहा1 से प° वी प1 Îग1ा Íदया1 çस अव1¤ा म भी वह कòो1 वाÞी
म ά~Hाती ह

( पूU बò| 'अ1े बाÞ ! तू ÍकसÎH7 मु$े मा1ने को यहा Hया ह ? पहHे çन सा1|
बात| को बता दे , Í91 मु$े मा1ना1'( अनुकम )
3सकी यह बात सुनक1 ü¬Þs प1ाकमी ¯याU HÞभ1 के ÎH7 3से अपना Tास बनाने से
³क गया H1 ह सता ह

H-सा बोHा 'दÍHÞ दे श म मHापहा नामक 7क नद| ह 1 3सके तò प1
मुÎनपÞा नग1| बसी ह

( ह 1 वहा प ¬ÎHग नाम से üÎस@ साHात भगवान श क1 Îनवास क1ते ह 1
3सी नग1| म म üा(Þ कु मा1 होक1 1हता ¤ा1 नद| के Íकना1े अके Hा बòा 1हता H1 Hो य7
के अÎधका1| नह| ह , 3न Hोग| से भी य7 क1ाक1 3नका अनन ¼ाया क1ता ¤ा1 çतना ह| नह| ,
धन के Hोभ से म सदा अपने वेदपाò के 9H को बे¬ा क1ता ¤ा1 मे1ा Hोभ यहा तक बõ गया
¤ा Íक अनय ÎभHुH को गाÎHया दे क1 हòा दे ता H1 1वय दसू 1ो को नह| दे ने यो¹य धन भी
Íबना Íदये ह| हमेशा Hे ÎHया क1ता ¤ा1 #Þ Hेने के बहाने म सब Hोग| को UHा क1ता ¤ा1
तदननत1 कु U काH ¯यतीत होने प1 म बूõा हो गया1 मे1े बाH स9े द हो गये, H¼| से सू $ता
न ¤ा H1 मुह के सा1े दात Îग1 गये1 çतने प1 भी मे1| दान Hेने की Hदत नह| Uू ò|1 पव
Hने प1 üÎतTह के Hोभ से म हा¤ म कु श ÎH7 ती¤ के समीप ¬Hा Hाया क1ता ¤ा1
ततप°ात Hब मे1े सा1े अ ग ÎशΤH हो गये, तब 7क बा1 म कु U धू त üा(Þ| के Þ1 प1
मागने-¼ाने के ÎH7 गया1 3सी समय मे1े प1 म कु dे ने काò Íदया1 तब म मू ͯU त होक1
HÞभ1 म प° वी प1 Îग1 पsा1 मे1े üाÞ ÎनकH गये1 3सके बाद म çसी ¯याUयोÎन म 3तपनन


H1 तब से çस दगु म वन म 1हता ह

त¤ा अपने पूव पाप| को याद क1के कभी धÎम8
महातमा, यÎत, साधु पु³¤ त¤ा सती ÍUय| को नह| ¼ाता1 पापी-द1ु ा¬ा1| त¤ा कु Hòा ÍUय| को
ह| म अपना भ‰य बनाता ह

1 अत कु Hòा होने के का1Þ तू अव•य ह| मे1ा Tास बनेगी1'
यह कहक1 वह अपने कòो1 न¼| से 3सके श1|1 के òु कsे -òु कsे क1 के ¼ा गया1 çसके
बाद यम1ाH के दतू 3स पाÍपनी को सयमनीपु1| म Hे गये1 यहा यम1ाH की H7ा से 3नह|ने
अनेक| बा1 3से Íव8ा, मू ³ H1 1ñ से भ1े ह

7 भयानक कु Þs| म Îग1ाया1 क1ोs| क~प| तक
3सम 1¼ने के बाद 3से वहा से Hे Hाक1 स| मनवनत1| तक 1|1व न1क म 1¼ा1 Í91 ¬ा1|
H1 मुह क1के द|न भाव से 1ोती ह

( 3स पाÍपनी को वहा से ¼ी¬क1 दहनानन नामक न1क म
Îग1ाया1 3स समय 3सके के श ¼ुHे ह

7 ¤े H1 श1|1 भयानक Íद¼ा( दे ता ¤ा1 çस üका1 Þो1
न1कयातना भोग ¬ुकने प1 वह महापाÍपनी çस Hोक म Hक1 ¬ाÞsाH योÎन म 3तपनन ह

(1
¬ाÞsाH के Þ1 म भी üÎतÍदन बõती ह

( वह पूवH नम के अ¹यास से पूवव त पाप| म üवd 1ह|
Í91 3से कोõ H1 1ाHय‰मा का 1ोग हो गया1 ने³| म पीsा होने Hगी Í91 कु U काH के
प°ात वह पुन अपने Îनवास1¤ान (हÍ1ह1पु1) को गयी, Hहा भगवान Îशव के अनतपु1 की
1वाÎमनी Hमभकादे वी Íव1ाHमान ह 1 वहा 3सने वासुदे व नामक 7क पÍव³ üा(Þ का दशन
Íकया, Hो Îन1नत1 गीता के ते1हव अºयाय का पाò क1ता 1हता ¤ा1 3सके मु ¼ से गीता का
पाò सु नते ह| वह ¬ाÞsाH श1|1 से मुñ हो गयी H1 Íद¯य दे ह धा1Þ क1के 1वगH ोक म ¬Hी
गयी1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
ते1हवा अ ºयाय Hे³H³7Íव भा गयोग
बा1हव अºयाय के üा1मभ म अHुन ने सगुÞ H1 ÎनगुÞ के 3पासक| की श8े ता के
Íव¤य म ü÷ Íकया ¤ा1 3सका 3d1 दे ते ह

7 भगवान शीक *Þ ने दसू 1े शोक म स ÍHB म सगुÞ
3पासक| की श8े ता बतायी H1 3 से 5 शोक तक ÎनगुÞ 3पासना का 1वFप 3सका 9H त¤ा
3सकी Í4HPता बतायी ह 1 3सके बाद 6 से 20 शोक तक सगुÞ 3पासना का महïव, 9H, üका1 1
भगवद भñ| के HHÞ| का वÞन क1के अºयाय समाB Íकया, प1नतु ÎनगुÞ का तïव, मÍहमा
H1 3सकी üाÎB के साधन Íव1ता1पूवक नह| सम$ाये ¤े, çसÎH7 ÎनगुÞ (Îन1ाका1) का तïव
अ¤ात 7ानयोग का Íव¤य ò|क से सम$ने के ÎH7 çस ते1हव अºयाय का H1मभ क1ते ह 1
11 अ¤ ³योदशो €ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
çद श 1|1 क| नतेय Hे³Îमतय Îभधीयत े1
7त²ो वे Íd त üाह

Hे³7 ç Îत त ͧद 11 111
शी भगवान बोHे हे अHुन ! यह श1|1 'Hे³' çस नाम से कहा Hाता ह H1 çसको Hो
Hानता ह , 3सको 'Hे³7' çस नाम से 3नके तïव को Hानने वाHे 7ानीHन कहते ह 1(1)
Hे³7 ¬ा Íप मा ÍवÍ@ स व Hे³े¤ु भा1त1
Hे³Hे³7ो7ा न यdज7ा न मत म म11 211
हे अHुन ! तू सब Hे³| म Hे³7 अ¤ात Hीवातमा भी मु$े ह| Hान H1 Hे³-Hे³7 को
अ¤ात Íवका1सÍहत üकÎत का H1 पु³¤ का Hो तïव से Hानना ह , वह 7ान ह • 7सा मे1ा मत
ह 1(2)
ततHे³ य¯ ¬ या•4¬ यͧकाÍ1 यत° यत1
स ¬ यो यतüभाव ° ततसमास ेन म े श Þु11 311
वह Hे³ Hो H1 H सा ह त¤ा ÍHन Íवका1| वाHा ह H1 ÍHस का1Þ से Hो ह

H ह
त¤ा Hे³7 भी Hो H1 ÍHस üभाववाHा ह • वह सब सHेप म मु $से सुन1(3)
#ͤÎभ ब ह

धा गी त Uनदो ÎभÍव Íवध प ¤क 1
ü(सू³पद° व हेतुम͆ Íव ÎनÍ° त11 411
यह Hे³ H1 Hे³7 का तïव #ͤय| §ा1ा बह

त üका1 से कहा गया ह H1 ÍवÍवध
वेदम³| §ा1ा भी Íवभागपूवक कहा गया ह त¤ा भHी भाÎत Îन°य Íक7 ह

7 युÍñयुñ ü(सू³ के
पद| §ा1ा भी कहा गया ह 1(4) ( अनुकम )
महाभ ूतानयह का 1ो ब ुÍ@1¯यñम ेव ¬1
çÍन5याÍÞ द शक ¬ प¬ ¬ ेÍन5य गो¬1ा11 511
ç¯Uा § े¤ स ु¼ द ु ¼ सÞात° ेतना ध Îत1
7ततH े³ स मासेन सÍवका1म ुदा(त म1 1611
पा¬ महाभूत, अह का1, बुÍ@ H1 मू H üक Îत भी त¤ा दस çÍन5या, 7क मन H1 पा ¬
çÍन5य| के Íव¤य अ¤ात श¯द, 1पश, Fप, 1स H1 गनध त¤ा ç¯Uा, §े ¤, सु ¼-दु ¼, 1¤ू H दे ह का
ÍपÞs, ¬ेतना H1 धÎ त • çस üका1 Íवका1| के सÍहत यह Hे³ सHेप से कहा गया1(5,6)
अमाÎनतवदÍमभ तवमÍह सा HाÍनत1ाH वम1
H¬ाय|प ासन श|¬ 1¤ य मातम ÍवÎनT ह11 711
çÍन5या¤ ¤ु व1ा ¹यमनह का1 7व ¬ 1
Hन मम तयुH1ा¯ याÎधद ु ¼दो¤ान ुदश नम1 1811
असÍñ1नÎभ*व ग प ु ³दा1ग हाÍद¤ ु1
Îनतय ¬ सम άdतव ÎमPाÎनPोपपÍd¤ ु11 911
मÎय ¬ान नययोगेन भÍñ1¯यÎभ ¬ाÍ1Þी1
ÍवÍवñद े शसेÍवतव म1ÎतH नस सÍद11 1011
अºयातम7ानÎनत यतव तïव7ाना¤ दश नम1
7तज7ानÎम Îत üोñम7ान यदतो€ नय¤ा11 1111
श8े ता के 7ान का अÎभमान का अभाव, दमभा¬1Þ का अभाव, Íकसी üाÞी को Íकसी
üका1 भी न सताना, Hमाभाव, मन-वाÞी HÍद की स1Hता, श@ा-भÍñसÍहत गु³ की सेवा, बाह1-
भीत1 की शुÍ@, अनतक1Þ की Í1¤1ता H1 मन-çÍन5य|सÍहत श1|1 का ÎनTह1 çस Hोक H1
प1Hोक समपूÞ भोग| म HसÍñ का अभाव H1 अह का1 का भी अभाव, Hनम, मत यु, H1ा H1
1ोग HÍद म दु ¼ H1 दो¤| का बा1-बा1 Íव¬ा1 क1ना1 पु³, Uी, Þ1 H1 धन HÍद म HसÍñ
का अभाव, ममता का न होना त¤ा Íüय H1 अÍüय की üाÎB म सदा ह| άd का सम 1हना1
मु$ प1मे+1 म अननय योग के §ा1ा अ¯यÎभ¬ाÍ1Þी भÍñ त¤ात 7कानत H1 शु @ दे श म 1हने
का 1वभाव H1 Íव¤यासñ मनु*य| के समुदाय म üेम का न होना1 अºयातम7ान म Îनतय
Í1¤Îत H1 तïव7ान के अ¤F प प1मातमा को ह| दे ¼ना • यह सब 7ान ह H1 Hो çससे
Íवप1|त ह , वह अ7ान ह • 7सा कहा ह 1(7,8,9,10,11)
7ेय यd तüव‰याÎम यज7ातवाम तम÷ुते1
अनाÍदमतप1 ü ( न सd ननास दु ¯यते11 1211
Hो Hानने यो¹य ह त¤ा ÍHसको Hानक1 मनु*य प1माननद को üाB होता ह , 3सको
भHीभा Îत कह

गा1 वह अनाÍद वाHा प1ü( न सत ह| कहा Hाता ह , न असत ह|1(12)
सव त पा ÍÞपाद ततसव तो €ÍH Îश1ोम ु¼म1
सव त श ु Îतम~Hोके सव माव तय Îत8Îत 11 1311
वह सब H1 हा¤ प1 वाHा, सब H1 ने³, Îस1 H1 मु¼ वाHा त¤ा सब H1 कान वाHा
ह 4य|Íक वह ससा1 म सबको ¯याB क1के Í1¤त ह 1(13) ( अनुकम )
सव Íन5य गुÞाभास सव Íन5यÍवव ÍH तम1
असñ स व भ ¯¬व Îनग ु Þ गुÞभोñ ¬11 1411
वह समपूÞ çÍन5य| के Íव¤य| को Hानने वाHा ह , प1नतु वा1तव म सब çÍन5य| से 1Íहत
ह त¤ा HसÍñ 1Íहत होने प1 भी सबका धा1Þ-पो¤Þ क1ने वाHा H1 ÎनगुÞ होने प1 भी गुÞ|
को भोगने वाHा ह 1(14)
बÍह1नत ° भूतानाम¬1 ¬1 मेव ¬1
सू‰मतवाdदÍव7 ेय द ू11 ¤ ¬ा Íनतके ¬ तत1 1 1511
वह ¬1ा¬1 सब भूत| के बाह1 भीत1 पÍ1पूÞ ह H1 ¬1-अ¬1 भी वह| ह H1 वह सू‰म
होने से अÍव7ेय ह त¤ा अÎत समीप म H1 द1ू म भी वह| Í1¤त ह 1(15)
अÍव भñ ¬ भ ूते¤ु Íव भñÎम व ¬ Í1¤त म1
भूतभत ¬ तज7 ेय T Îस*Þ ु üभ Íव*Þ ु ¬11 1611
वह प1मातमा Íवभाग1Íहत 7क Fप से Hकाश के स•श पÍ1पूÞ होने प1 भी ¬1ा¬1
समपूÞ भू त| म Íवभñ-सा Í1¤त üतीत होता ह त¤ा वह Hानने यो¹य प1मातमा के Íव*ÞुFप से
भूत| को धा1Þ-पो¤Þ क1ने वाHा H1 ³5Fप से स हा1 क1ने वाHा त¤ा ü(ाFप से सबको
3तपनन क1ने वाHा ह 1(16)
जयोÎत¤ाम Íप तजजयोÎत1त मस प1 मु¯यत े1
7ान 7ेय 7ानगमय (Íद सव 1य Íव Í8तम1 11711
वह प1ü( जयोÎतय| का भी जयोÎत H1 माया से अतयनत प1े कहा Hाता ह 1 वह
प1मातमा बोध1वFप, Hानने के यो¹य त¤ा तïव7ान से üाB क1ने यो¹य ह H1 सबके (दय मे
Íवशे¤Fप से Í1¤त ह 1(17)
çÎत Hे³ त¤ा 7ान 7े य ¬ोñ स मासत 1
म†ñ 7तͧ7ाय म† ावा योपप²त े11 1811
çस üका1 Hे³ त¤ा 7ान H1 Hानने यो¹य प1मातमा का 1वFप स Hेप से कहा गया1
मे1ा भñ çसको तïव से Hानक1 मे1े 1वFप को üाB होता ह 1(18)
üक Îत पु³¤ ¬ व Íव@यन ाद| 3भाव Íप1
Íवका1ा ° गुÞा°व Íव Í@ üक Îतसमभ वा न1 1 1911
üक Îत H1 पु³¤ • çन दोन| को ह| तू अनाÍद Hान H1 1ाग-§े ¤ाÍद Íवका1| को त¤ा
ͳगुÞातमक समपूÞ पदा¤| को भी üक Îत से ह| 3तपनन Hान1(19)
काय क1Þकत तवे हेतु üकÎतF ¯यते1
पु³¤ स ु¼द ु ¼ाना भोñतवे हेतु³¯यत े11 2011
काय H1 क1Þ को 3तपनन क1ने म हे तु üक Îत कह| Hाती ह H1 Hीवातमा सु ¼-दु ¼|
के भोñापन म अ¤ात भोगने म हे तु कहा Hाता ह 1(20) ( अनुकम )
पु³¤ üक Îत1 ¤ो Íह भ ुñे ü कÎतHा नगुÞान1
का1Þ गुÞस गो€1य सदस²ोÎनH नमसु11 2111
üक Îत म Í1¤त ह| पु³¤ üक Îत से 3तपनन ͳगुÞातमक पदा¤| को भोगता ह H1 çन
गुÞ| का सग ह| çस Hीवातमा का अ¯U| बु1| योÎनय| म Hनम Hेने का का1Þ ह 1(21)
3प5Pान ुमनता ¬ भ ता भोñा महे +11
प1मातम ेÎत ¬ ा!युñो देहे€ Í1मन पु³¤ प1 11 2211
çस दे ह म Í1¤त वह Hतमा वा1तव म प1मातमा ह| ह 1 वह| साHी होने से 3प5Pा H1
य¤ा¤ सममÎत दे ने वाHा होने से अनुमनता, सबका धा1Þ-पो¤Þ क1ने वाHा होने से भता,
HीवFप से भोñा, ü(ा HÍद का भी 1वामी होने से महे +1 H1 शु @ सͯ¬दाननदÞन होने से
प1मातमा-7सा कहा गया ह 1(22)
य 7व वेÍd प ु³¤ ü कÎत ¬ गुÞ सह1
सव ¤ा वत मानो€ Íप न स भूयो€Îभ Hायत े11 2311
çस üका1 पु³¤ को H1 गुÞ| के सÍहत üक Îत को Hो मनु*य तïव से Hानता ह , वह
सब üका1 से कत¯ यकम क1ता ह

H भी Í91 नह| Hनमता1(23)
ºयान ेनातमÎन प•य Íनत केά दातमानमातमना1
अनये स ाFयेन योग ेन कम योगे न ¬ाप1 े11 2411
3स प1मातमा को Íकतने ह| मनु*य तो शु @ ह

( सू‰म बुÍ@ से ºयान के §ा1ा (दय म
दे ¼ते ह 1 अनय Íकतने ह| 7ानयोग के §ा1ा H1 दसू 1े Íकतने ह| कमय ोग के §ा1ा दे ¼ते ह
अ¤ात üाB क1ते ह 1(24)
अनये तव ेवम Hाननत श ु तवानय े¹य 3पासत े1
ते€ Íप ¬ा Îतत1नतय े व म तयु शु Îतप1ा यÞा11 2511
प1नतु çनसे दसू 1े अ¤ात Hो मनद बुÍ@ वाHे पु³¤ ह , वे çस üका1 न Hानते ह

7 दसू 1|
से अ¤ात तïव के Hानने वाHे पु³¤| से सुनक1 ह| तदनुसा1 3पासना क1ते ह H1 वे
शवÞप1ायÞ पु ³¤ भी मत युFप स सा1 साग1 को Îनसदे ह त1 Hाते ह 1(25)
यावतस Hायत े Íकά तसïव 1 ¤ाव1H गमम1
Hे³Hे³7स योगाdͧÍ@ भ1 त¤ भ11 2611
हे अHुन ! यावनमा³ ÍHतने भी 1¤ाव1-Hगम üाÞी 3तपनन होते ह , 3न सबको तू Hे³
H1 Hे³7 के सयोग से ह| 3तपनन Hान1(26)
सम सव ¤ु भूते¤ु Îत 8नत प1म े+1म1
Íवन•यत1वÍवन•यनत प•यÎत स प•यÎत11 2711
Hो पु³¤ नP होते ह

7 सब ¬1ा¬1 भूत| म प1मे+1 को नाश1Íहत H1 समभाव से Í1¤त
दे ¼ता ह , वह| य¤ा¤ दे ¼ता ह 1(27) ( अनुकम )
सम प•यÍनह सव ³ स मवÍ1¤त मी+1म1
न Íहन1तयातमन ातमान ततो याÎत प1ा ग Îतम1 12811
4य|Íक Hो पु³¤ सबम समभाव से Í1¤त प1मे+1 को समान दे ¼ता ह

H अपने §ा1ा
अपने को नP नह| क1ता, çससे वह प1म गÎत को üाB होता ह 1(28)
üकतयव ¬ कमा ÍÞ ÍकयमाÞाÎन सव श1
य प•यÎत त ¤ातमानमकता 1 स प•यÎत11 2911
H1 Hो पु³¤ समपूÞ कम| को सब üका1 से üक Îत के §ा1ा ह| Íकये Hाते ह

7 दे ¼ता ह
H1 Hतमा को अकता दे ¼ता ह , वह| य¤ा¤ दे ¼ता ह 1(29)
यदा भ ूतप ¤¹भावम ेक1 ¤मनुप•यÎत1
तत 7व ¬ Íव1ता1 ü( स मप²त े तदा11 3011
ÍHस HÞ यह पु³¤ भूत| प¤ क-प¤ क भाव को 7क प1मातमा म ह| Í1¤त त¤ा 3स
प1मातमा से ह| समपूÞ भू त| का Íव1ता1 दे ¼ता ह , 3सी HÞ वह सͯ¬दाननदÞन ü( को üाB
हो Hाता ह 1(30)
अनाÍदतवाÍनन गु Þतवातप 1मातमयम¯यय1
श1|11¤ो€ Íप क|नत ेय न क1ोÎत न ÎH!यत े11 3111
हे अHुन ! अनाÍद होने से H1 ÎनगुÞ होने से यह अÍवनाशी प1मातमा श1|1 म Í1¤त
होने प1 भी वा1तव म न तो कु U क1ता ह H1 न ÎHB ह| होता ह 1(31)
य¤ा स व गत स|‰मयादाकाश नोपÎH!यत े1
सव ³ाव Í1¤तो द ेहे त ¤ातमा न ोपÎH!यत े11 3211
ÍHस üका1 सव³ ¯याB Hकाश सू‰म होने के का1Þ ÎHB नह| होता, व से ह| दे ह म
सव³ Í1¤त Hतमा ÎनगुÞ होने के का1Þ दे ह के गुÞ| से ÎHB नह| होता1(32)
य¤ा üकाशयतय ेक कत1न Hोक Îमम 1 Íव1
Hे³ Hे ³ी त¤ा कत1न üकाशयÎत भ ा1त11 3311
हे अHुन ! ÍHस üका1 7क ह| सूय çस समपूÞ ü(ाÞs को üकाÎशत क1ता ह , 3सी üका1
7क ह| Hतमा समपूÞ Hे³ को üकाÎशत क1ता ह 1(33)
Hे³Hे ³7य ो1ेवमन त1 7ा न¬Hु¤ा1
भूतü कÎत मोH ¬ ये Íवद ु या Íनत त े प1म1 1 3411
çस üका1 Hे³ H1 Hे³7 के भेद को त¤ा कायस Íहत üक Îत से मुñ होने का Hो पु³¤
7ान-ने³| §ा1ा तïव से Hानते ह , वे महातमाHन प1ü( प1मातमा को üाB होते ह 1(34) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे Hे³Hे³7Íवभागयोगो नाम ³योदशो€ºयाय 111311
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म Hे³Hे³7Íवभागयोग नामक ते1हवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
¬|दहव अ ºयाय का माहा तमय
शीम हादेवHी कहते ह • पावत ी ! अब म भव-बनधन से Uु òका1ा पाने के साधनभूत
¬|दहव अºयाय का माहातमय बतHाता ह

, तु म ºयान दे क1 सुनो1 ÎसहH §|प म Íवकम बताH
नामक 7क 1ाHा ¤े, Hो Îस ह के समान प1ाकमी H1 कHाH के भÞsा1 ¤े1 7क Íदन वे Îशका1
¼ेHने के ÎH7 3तसुक होक1 1ाHकु मा1| सÍहत दो कु Îतय| को सा¤ ÎH7 वन म गये1 वहा
पह

¬ने प1 3नह|ने तीü गÎत से भागते ह

7 ¼1गोश के पीUे अपनी कु Îतया Uोs द|1 3स समय
सब üाÍÞय| के दे ¼ते-दे ¼ते ¼1गोश çस üका1 भागने Hगा मानो कह| 3s गया ह 1 द|sते-द|sते
बह

त ¤क Hाने के का1Þ वह 7क बs| ¼दक (गह1े ग„sे ) म Îग1 पsा1 Îग1ने प1 भी कु Îतया के
हा¤ नह| Hया H1 3स 1¤ान प1 Hा पह

¬ा, Hहा का वाताव1Þ बह

त ह| शानत ¤ा1 वहा हÍ1Þ
Îनभय होक1 सब H1 वH | की Uाया म बòे 1हते ¤े1 ब द1 भी अपने Hप òूò क1 Îग1े ह

7
नाÍ1यH के 9H| H1 पके ह

7 Hम| से पूÞ तB 1हते ¤े1 वहा Îसह हा¤ी के ब¯¬| के सा¤
¼ेHते H1 साप Îनs1 होक1 मो1 की पा¼| म Þुस Hाते ¤े1 3स 1¤ान प1 7क Hशम के
भीत1 वतस नामक मुÎन 1हते ¤े, Hो ÍHतेÍन5य H1 शानत-भाव से Îन1नत1 गीता के ¬|दहव
अºयाय का पाò Íकया क1ते ¤े1 Hशम के पास ह| वतसमुÎन के Íकसी Îश*य ने अपना प 1
धोया ¤ा, (ये भी ¬|दहव अºयाय का पाò क1ने वाHे ¤े1) 3सके HH से वहा की Îम”ò| गीHी हो
गयी ¤ी1 ¼1गोश का Hीवन कु U शे¤ ¤ा1 वह हा9ता ह

H Hक1 3सी की¬s म Îग1 पsा1
3सके 1पशम ा³ से ह| ¼1गोश Íद¯य Íवमान प1 बòक1 1वगH ोक को ¬Hा गया Í91 कु Îतया भी
3सका पीUा क1ती ह

( Hयी1 वहा 3सके श1|1 म भी की¬s के कु U U|òे Hग गये Í91 भू¼-
!यास की पीsा से 1Íहत हो कु Îतया का Fप तयागक1 3सने Íद¯यागना का 1मÞीय Fप धा1Þ
क1 ÎHया त¤ा गनधव| से सु शोÎभत Íद¯य Íवमान प1 HFõ हो वह भी 1वगH ोक को ¬Hी
गयी1 यह दे ¼क1 मु Îन के मेधावी Îश*य 1वकनध1 ह सने Hगे1 3न दोन| के पूवH नम के व1 का
का1Þ सो¬क1 3नह बsा Íव1मय ह

H ¤ा1 3स समय 1ाHा के ने³ भी H°य से ¬Íकत हो
3òे 1 3नह|ने बs| भÍñ के सा¤ üÞाम क1के पूUा
'Íवüव1 ! नी¬ योÎन म पsे ह

7 दोन| üाÞी • कु Îतया H1 ¼1गोश 7ानह|न होते ह

7 भी
Hो 1वग म ¬Hे गये • çसका 4या का1Þ ह ? çसकी क¤ा सुनाçये1'( अनुकम )
Îश*य ने कहा भूपाH ! çस वन म वतस नामक üा(Þ 1हते ह 1 वे बsे ÍHतेÍन5य
महातमा ह 1 गीता के ¬|दहव अºयाय का सदा Hप Íकया क1ते ह 1 म 3नह| का Îश*य ह

, म ने भी
ü(Íव²ा म Íवशे¤7ता üाB की ह 1 गु ³Hी की ह| भाÎत म भी ¬|दहव अºयाय का üÎतÍदन Hप
क1ता ह

1 मे1े प1 धोने के HH म Hोòने के का1Þ यह ¼1गोश कु Îतया के सा¤ 1वगH ोक को
üाB ह

H ह 1 अब म अपने ह सने का का1Þ बताता ह

1
महा1ा’ म üतयुदक नामक महान नग1 ह 1 वहा के शव नामक 7क üा(Þ 1हता ¤ा, Hो
कपò| मनु*य| म अTगÞय ¤ा1 3सकी Uी का नाम ÍवHोभना ¤ा1 वह 1वUनद Íवहा1 क1ने
वाHी ¤ी1 çससे कोध म Hक1 Hनमभ1 के व1 को याद क1के üा(Þ ने अपनी Uी का वध क1
sाHा H1 3सी पाप से 3सको ¼1गोश की योÎन म Hनम ÎमHा1 üा(Þी भी अपने पाप के
का1Þ कु Îतया ह

(1
शीम हादेवHी कहते ह • यह सा1| क¤ा सुनक1 श@ाHु 1ाHा ने गीता के ¬|दहव
अºयाय का पाò H1मभ क1 Íदया1 3ससे 3नह प1मगÎत की üाÎB ह

(1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
¬|दहवा अ ºयाय ग ुÞ³यÍवभागयो ग
ते1हव अºयाय म 'Hे³' H1 'Hे³7' के HHÞ बताक1 3न दोन| के 7ान को ह| 7ान कहा
H1 Hे³ का 1वFप, 1वभाव Íवका1 त¤ा 3सके तïव| की 3तपÍd का कम HÍद बताया1 19 व
शोक से üक Îत-पु³¤ के üक1Þ का H1 भ क1के तीन| गुÞ| की üक Îत से होने वाHे कहे त¤ा
21 वी शोक म यह बात भी बतायी Íक पु³¤ का Í91-Í91 से अ¯U| या अधम योÎनय| म Hनम
पाने का का1Þ गुÞ| का सग ह| ह 1 अब 3स सïव, 1H H1 तम çन तीन| गु H के स ग से
Íकस योÎन म Hनम होता ह , गुÞ| से Uू òने का 3पाय क|न सा ह , गुÞ| से Uू òे ह

7 पु³¤ का
HHÞ त¤ा H¬1Þ क सा होता ह .... çन सब बात| को Hानने की 1वाभाÍवक ह| ç¯Uा होती ह 1
çसÎH7 3स Íव¤य को 1पP क1ने के ÎH7 ¬|दहव अºयाय का H1मभ क1ते ह 1
ते1हव अºयाय म वÞन Íकये गये 7ान को जयादा 1पPतापूवक सम$ाने के ÎH7
भगवान शीक *Þ ¬|दहव अºयाय के पहHे दो शोक म 7ान का महतव बताक1 Í91 से 3सका
वÞन क1ते ह •
11 अ¤ ¬त ुद शो€ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
प1 भूय üव‰याÎम 7ाना ना 7ानम ुdम म1
यज7ातवा मुनय स व प1ा ÎसÍ@ Îमतो गता 11 111
शी भगवान बोHे 7ान| म भी अÎत 3dम 3स प1म 7ान को म Í91 कह

गा, ÍHसको
Hानक1 सब मुÎनHन çस ससा1 से मुñ होक1 प1म ÎसÍ@ को üाB हो गये ह 1(1)
çद 7ानम ुपाÎशतय मम साधमय मागता 1
सग €Íप नोपHायनत े üHये न ¯य¤ Íनत ¬ 11 211
çस 7ान को Hशय क1के अ¤ात धा1Þ क1के मे1े 1वFप को üाB ह

7 पु³¤ सÍ P के
HÍद म पुन 3तपनन नह| होते H1 üHयकाH म भी ¯याकु H नह| होते1(2)
मम योÎनम हœü ( तÍ1म नगभ दधामयहम1
सभव सव भूताना ततो भव Îत भा1त11 311
हे अHुन ! मे1| महत-ü(Fप मू H üक Îत समपूÞ भूत| की योÎन ह अ¤ात गभाध ान का
1¤ान ह H1 म 3स योÎन म ¬ेतन समुदायFप को 1¤ापन क1ता ह

1 3स Hs-¬ेतन के सयोग
से सब भू त| की 3तपÍd होती ह 1(3)
सव योÎन¤ ु क|नत ेय म ूत य स मभव Íनत या1
तासा ü ( मह²ोÎन1ह बीHüद Íपता11 411
हे अHुन ! नाना üका1 की सब योÎनय| म ÍHतनी मू Îतय ा अ¤ात श1|1धा1| üाÞी
3तपनन होते ह , üक Îत तो 3न सबकी गभ धा1Þ क1ने वाHी माता ह H1 म बीH का 1¤ापन
क1ने वाHा Íपता ह

1(4)
सïव 1H1तम ç Îत ग ुÞा üक Îतस भवा1
Îनबºन Íनत महाबाहो द ेहे दे Íहनम¯ययम1 1 511
हे अHुन ! सïवगुÞ, 1HोगुÞ H1 तमोगुÞ • ये üक Îत से 3तपनन तीन| गुÞ अÍवनाशी
Hीवातमा को श1|1 म बा धते ह 1(5)
त³ सïव Îनम Hतवातüकाश कमनामयम1
सु¼सगेन बºना Îत 7ा नसगेन ¬ानÞ11 611
हे Îन*पाप ! 3न तीन| गुÞ| म सïवगुÞ तो ÎनमH होने के का1Þ üकाश क1ने वाHा
H1 Íवका1 1Íहत ह , वह सु¼ के समबनध से H1 7ान के समबनध से अ¤ात अÎभमान से
बाधता ह 1(6)
1Hो 1ागातमक Íव Í@ त *Þास गस मु†व म1
तÍननबºनाÎत क| नतेय कम सगेन द े Íहनम1 1 711
तम1तव7ानH Íव Í@ मोहन सव दे Íहनाम1
üमादाH1यÎन5ा Îभ1तÍनन बºनाÎत भा1त11 811
हे अHुन ! 1ागFप 1HोगुÞ को कामना H1 HसÍñ से 3तपनन Hान1 वह çस Hीवातमा
को कम| के H1 3नके 9H के समबनध से बा धता ह 1 सब दे हाÎभमाÎनय| को मोÍहत क1ने वाHे
तमोगुÞ को तो अ7ान से 3तपनन Hान1 वह çस Hीवातमा को üमाद, HH1य H1 Îन5ा के
§ा1ा बाधता ह 1(7,8) ( अनुकम )
सïव सु¼े स HयÎत 1H क म ÍÞ भा1त1
7ानमाव तय तु त म ü मादे सHयतय ुत11 911
हे अHुन ! सïव गुÞ सु¼ म Hगाता ह H1 1HोगुÞ कम म त¤ा तमोगुÞ तो 7ान को
ƒकक1 üमाद म Hगाता ह 1(9)
1H1तम1 ¬ाÎभ भूय सïव भव Îत भा1त1
1H सïव तम °व तम सïव 1H1त ¤ा11 1011
हे अHुन ! 1HोगुÞ H1 तमोगुÞ को दबाक1 सïवगुÞ, सïवगुÞ H1 तमोगुÞ को दबाक1
1HोगुÞ, वसे ह| सïवगुÞ H1 1HोगुÞ को दबाक1 तमोगुÞ होता ह अ¤ात बõता ह 1(10)
सव §ा1े¤ु देहे€ Í1मन üकाश 3प Hा यते1
7ान यदा तदा Íव²ाͧव @ सïवÎम तयुत11 1111
ÍHस समय çस दे ह म त¤ा अनतक1Þ H1 çÍन5य| म ¬ेतनता H1 ÍववेकशÍñ
3तपनन होती ह , 3स समय 7सा Hानना ¬ाÍह7 सïवगुÞ बõा ह 1(11)
Hो भ üव Íd1ा 1मभ कम Þाम शम 1प हा1
1H1 येताÎन Hायनत े Íवव @े भ1त¤ भ11 1211
हे अHुन ! 1HोगुÞ के बõने प1 Hोभ, üवÍ d, 1वा¤ब ुÍ@ से कम| का सकामभाव से
H1मभ, अशाÍनत H1 Íव¤यभोग| की HाHसा • ये सब 3तपनन होते ह 1(12)
अüकाशो €üव Íd° ü मादो मो ह 7व ¬1
तम1 येताÎन Hायनत े Íव व @े कु³न नदन11 1311
हे अHुन ! तमोगुÞ के बõने प1 अनतक1Þ व çÍन5य| म अüकाश, कत¯ य-कम| म
अüवÍ d H1 üमाद अ¤ात वय¤ ¬ेPा H1 Îन5ाÍद अनतक1Þ की मोÍहनी वÍ dया • ये सभी
3तपनन होते ह 1(13)
यदा सतव े üव @े तु ü Hय याÎत द ेहभ त1
तदोdम Íवदा H ोकानमHानü Îतप²त े11 1411
Hब यह मनु*य सïवगुÞ की वÍ @ म मत यु को üाB होता ह , तब तो 3dम कम क1ने
वाH| के ÎनमH Íद¯य 1वगाÍ द Hोक| को üाB होता ह 1(14)
1HÎस ü Hय गतवा कम स Îग¤ु Hायत े1
त¤ा üHीन1तम Îस म ूƒयोÎन¤ ु Hायत े11 1511
1HोगुÞ के बõने प1 मत यु को üाB होक1 कम| की HसÍñ वाHे मनु*य| म 3तपनन
होता ह , त¤ा तमोगुÞ के बõने प1 म1ा ह

H मनु*य कीò, पशु HÍद मूƒ योÎनय| म 3तपनन
होता ह 1(15) ( अनुकम )
कम Þ सुकत1याह

साÍïवक Îनम H 9 Hम1
1Hस1त ु 9 H द ु ¼म7ा न तम स 9 Hम1 11611
श8े कम का तो साÍïवक अ¤ात सु¼, 7ान H1 व 1ा¹याÍद ÎनमH 9H कहा ह 1 1ाHस
कम का 9H दु ¼ त¤ा तामस कम का 9H अ7ान कहा ह 1(16)
सïवातस Hायत े 7ान 1H सो Hो भ 7व ¬1
üमामोह| तम सो भवतो€7ानम ेव ¬11 1711
सïवगुÞ से 7ान 3तपनन होता ह H1 1HोगुÞ से Îनसदे ह Hोभ त¤ा तमोगुÞ से üमाद
H1 मोह 3तपनन होते ह H1 अ7ान भी होता ह 1(17)
3ºव ग¯ UÍनत सïव1 ¤ा मºये Îत8 Íनत 1ाHसा1
HÞनयग ुÞव Íd1 ¤ा अधो ग¯ UÍनत तामसा 11 1811
सïवगुÞ म Í1¤त पु³¤ 1वगाÍ द 3¯¬ Hोक| को Hाते ह , 1HोगुÞ म Í1¤त 1ाHस पु³¤
मºय म अ¤ात मनु*यHोक म ह| 1हते ह H1 तमोगुÞ के कायF प Îन5ा, üमाद H1 HH1याÍद
म Í1¤त तामस पु³¤ अधोगÎत को अ¤ात कीò, पशु HÍद नी¬ योÎनय| को त¤ा न1क| को üाB
होते ह 1(18)
नानय गुÞे¹य कता 1 यदा 5Pान ुप•यÎत1
गुÞे¹य° प1 वेÍd म† ाव सो€ Îधग ¯UÎत 11 1911
ÍHस समय 5Pा तीनो गु Þ| के अÎतÍ1ñ अनय Íकसी को कता नह| दे ¼ता H1 तीन|
गुÞ| से अतयनत प1े सͯ¬दाननदÞन1वFप मु $ प1मातमा को तïव से Hानता ह , 3स समय वह
मे1े 1वFप को üाB होता ह 1(19)
गुÞान ेतानतीतय ³ीनदेह| द ेहसमु†वा न1
Hन मम तयुH1ा दु ¼Íव मुñो€म तम÷ुते11 2011
यह श1|1 की 3तपÍd के का1ÞFप çन तीन| गुÞ| को 3~HÞन क1के Hनम, मत यु ,
व@ ाव1¤ा H1 सब üका1 के दु ¼| से मु ñ ह

H प1माननद को üाB होता ह 1(20)
अHु न 3वा¬
कÎH गUीनग ुÞान ेतानतीतो भव Îत üभो1
Íकमा¬ा1 क¤ ¬ताUीनग ुÞानÎतवत ते11 2111
अHुन बोHे çन तीन| गुÞ| से अतीत पु³¤ Íकन-Íकन HHÞ| से युñ होता ह H1 Íकस
üका1 के H¬1Þ| वाHा होता ह त¤ा हे üभो ! मनु*य Íकस 3पाय से çन तीन| गुÞ| से अतीत
होता ह 1( अनुकम )
शीभगवान ुवा¬
üकाश ¬ üव Íd ¬ मोहम ेव ¬ पाÞsव1
न §े ÍP स üव dाÎन न Îनव dाÎन काHÎत11 2211
3दासीनवद ासीनो गुÞय| न Íव ¬ा~यत े1
गुÞा वत नत çत ये यो€वÎत8 Îत न गते11 2311
समद ु ¼सु¼ 1व1¤ सम HोPा•मका ¬न1
तु~य ÍüयाÍüयो धी11त ु~यÎन नदातमस 1तु Îत11 2411
मानापमानय ो1तु~य1त ु~यो Îम ³ाÍ1पHयो1
सवा 1मभपÍ1तयागी ग ुÞातीत स 3¯यत े11 2511
शी भगवान बोHे हे अHुन ! Hो पु³¤ सïवगुÞ के कायF प üकाश को H1 1HोगुÞ के
कायF प üवÍ d को त¤ा तमोगुÞ के कायF प मोह को भी न तो üवd होने प1 3नसे §े ¤ क1ता
ह H1 न Îनवd होने प1 3नकी HकाHा क1ता ह 1 Hो साHी के स•श Í1¤त ह

H गुÞ| के §ा1ा
Íव¬ÎHत नह| Íकया Hा सकता H1 गुÞ ह| गुÞ| म ब1तते ह • 7सा सम$ता ह

H Hो
सͯ¬दाननदÞन प1मातमा म 7कीभाव से Í1¤त 1हता ह H1 3स Í1¤Îत से कभी Íव¬ÎHत नह|
होता1 Hो Îन1नत1 Hतमभाव म Í1¤त, दु ¼-सु ¼ को समान सम$नेवाHा, Îम”ò|, पत¤1 H1
1वÞ म समान भाववाHा, 7ानी, Íüय त¤ा अÍüय को 7क-सा मानने वाHा H1 अपनी Îननदा
1तुÎत म भी समान भाववाHा ह 1 Hो मान H1 अपमान म सम ह , Îम³ H1 व1| के पH म भी
सम ह त¤ा समपूÞ H1मभ| म कताप न के अÎभमान से 1Íहत ह , वह पु³¤ गुÞातीत कहा Hाता
ह 1(22,23,24,25)
मा ¬ यो€¯यÎभ ¬ा1ेÞ भÍñयोगन े से वते1
स गुÞानस मतीतय तानü(भ ूयाय क~पते11 2611
H1 Hो पु³¤ अ¯यÎभ¬ा1| भÍñयोग के §ा1ा मु $को Îन1नत1 भHता ह , वह भी çन तीन|
गुÞ| को भHी भा Îत HाÞक1 सͯ¬दाननदÞन ü( को üाB होने के ÎH7 यो¹य बन Hाता ह 1(26)
ü(Þो Íह ü Îत8ाहम म त1या¯ यय1य ¬1
शा +त1य ¬ ध म 1य स ु¼1य का Íनतक1य ¬11 2711
4य|Íक 3स अÍवनाशी प1ü( का H1 अमत का त¤ा Îनतयधम का H1 अ¼Þs 7क1स
Hननद का Hशय म ह

1(27) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे गु Þ³यÍवभागयोगो नाम ¬तुद शो€ºयाय 111411
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म गु Þ³यÍवभागयोग नामक ¬|दहवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
प5ह व अºयाय क ा माहातमय
शीम हादेवHी कहते ह • पावत ी ! अब गीता के प5हव अºयाय का माहातमय सु नो1
ग|s दे श म क पाÞ नामक 7क 1ाHा ¤े, ÍHनकी तHवा1 की धा1 से यु@ म दे वता भी प1ा1त हो
Hाते ¤े1 3नका बुÍ@मान सेनापÎत शU H1 शाU की कHाH का भÞsा1 ¤ा1 3सका नाम ¤ा
स1भमे³Þs1 3सकी भुHाH म ü¬Þs बH ¤ा1 7क समय 3स पापी ने 1ाHकु मा1| सÍहत
महा1ाH का वध क1के 1वय की 1ाजय क1ने का Íव¬ा1 Íकया1 çस Îन°य के कु U ह| Íदन| बाद
वह ह Hे का Îशका1 होक1 म1 गया1 ¤ोsे समय म वह पापातमा अपने पूवक म के का1Þ Îसनधु
दे श म 7क तेH1वी Þोsा ह

H1 3सका पेò सòा ह

H ¤ा1 Þोsे के HHÞ| का ò|क-òाक 7ान
1¼ने वाHे Íकसी व•य पु ³ ने बह

त सा मू~य दे क1 3स अ+ को ¼1|द ÎHया H1 यŒ के सा¤
3से 1ाHधानी तक Hे Hया1 व•यकु मा1 वह अ+ 1ाHा को दे ने को Hाया ¤ा1 य²Íप 1ाHा 3स
व•यकु मा1 से पÍ1άत ¤े, त¤ाÍप §ा1पाH ने Hाक1 3सके Hगमन की सू ¬ना द|1 1ाHा ने पू Uा
ÍकसÎH7 Hये हो? तब 3सने 1पP श¯द| म 3d1 Íदया 'दे व ! Îसनधु दे श म 7क 3dम HHÞ|
से समपनन अ+ ¤ा, ÍHसे तीन| Hोक| का 7क 1Œ सम$क1 म ने बह

त सा मू~य दे क1 ¼1|द
ÎHया ह 1' 1ाHा ने H7ा द| '3स अ+ को यहा Hे HH1'
वा1तव म वह Þोsा गुÞ| म 3¯¬ शवा के समान ¤ा1 सुनद1 Fप का तो मानो Þ1 ह|
¤ा1 शु भ HHÞ| का समु5 Hान पsता ¤ा1 व•य Þोsा Hे Hया H1 1ाHा ने 3से दे ¼ा1 अ+ का
HHÞ Hानने वाHे अमातय| ने çसकी बs| üशसा की1 सुनक1 1ाHा अपा1 Hननद म Îनम¹न हो
गये H1 3नह|ने व•य को मु हमागा सुवÞ दे क1 तु 1नत ह| 3स अ+ को ¼1|द ÎHया1 कु U
Íदन|के बाद 7क समय 1ाHा Îशका1 ¼ेHने के ÎH7 3तसुक हो 3सी Þोsे प1 ¬õक1 वन म गये1
वहा मग | के पीUे 3नह|ने अपना Þोsा बõाया1 पीUे -पीUे सब H1 से द|sक1 Hते ह

7 सम1त
सÎनक| का सा¤ Uू ò गया1 वे Íह1न| §ा1ा Hक P होक1 बह

त द1ू ÎनकH गये1 !यास ने 3नह
¯याकु H क1 Íदया1 तब वे Þोsे से 3त1क1 HH की ¼ोH क1ने Hगे1 Þोsे को तो 3नह|ने वH के
तने के सा¤ बा ध Íदया H1 1वय 7क ¬”òान प1 ¬õने Hगे1 कु U द1ू Hाने प1 3नह|ने दे ¼ा
Íक 7क पdे का òु कsा हवा से 3sक1 ÎशHा¼Þs प1 Îग1ा ह 1 3सम गीता के प5हव अºयाय का
Hधा शोक ÎH¼ा ह

H ¤ा1 1ाHा 3से पõने Hगे1 3नके मु¼ से गीता के अH1 सुनक1 Þोsा
तु1नत Îग1 पsा H1 अ+ श1|1 को Uोsक1 तु1 त ह| Íद¯य Íवमान प1 बòक1 वह 1वगH ोक को
¬Hा गया1 ततप°ात 1ाHा ने पहाs प1 ¬õक1 7क 3dम Hशम दे ¼ा, Hहा नागके श1, के Hे, Hम
H1 नाÍ1यH के वH Hह1ा 1हे ¤े1 Hशम के भीत1 7क üा(Þ बòे ह

7 ¤े , Hो ससा1 की
वासनाH से मुñ ¤े1 1ाHा ने 3नहे üÞाम क1के बsे भÍñ के सा¤ पूUा 'ü(न ! मे1ा अ+
अभी-अभी 1वग को ¬Hा गया ह , 3सम 4या का1Þ ह ? ( अनुकम )
1ाHा की बात सुनक1 ͳकाHदश‹, म ³वेdा H1 महापु³¤| म श8े Íव*Þुशमा नामक üा(Þ
ने कहा '1ाHन ! पूवक ाH म तुमहा1े यहा Hो स1भमे³Þs नामक सेनापÎत ¤ा, वह तुमह पु³|
सÍहत मा1क1 1वय 1ाजय हsप Hेने को तया1 ¤ा1 çसी बी¬ म ह Hे का Îशका1 होक1 वह मत यु
को üाB हो गया1 3सके बाद वह 3सी पाप से Þोsा ह

H ¤ा1 यहा कह| गीता के प5हव अºयाय
का Hधा शोक ÎH¼ा ÎमH गया ¤ा, 3से ह| तु म बा¬न Hगे1 3सी को तुमहा1े मु¼ से सु नक1
वह अ+ 1वग को üाB ह

H ह 1'
तदननत1 1ाHा के पा+व त‹ सÎनक 3नह ƒू ƒते ह

7 वहा H पह

¬े1 3न सबके सा¤ üा(Þ
को üÞाम क1के 1ाHा üसननतापूवक वहा से ¬Hे H1 गीता के प5हव अºयाय के शोकाH1| से
अÍकत 3सी प³ को बा ¬-बा¬क1 üसनन होने Hगे1 3नके ने³ ह¤ से ͼH 3òे ¤े1 Þ1 Hक1
3नह|ने मन³वेdा मÍन³य| के सा¤ अपने पु ³ ÎसहबH को 1ाजय Îसहासन प1 अÎभͤñ Íकया
H1 1वय प 5हव अºयाय के Hप से Íवशु@άd होक1 मोH üाB क1 ÎHया1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
प5हवा अ ºयाय प ु³¤ोdमयोग
¬|दहव अºयाय म शोक 5 से 19 तक तीन| गु Þ| का 1वFप, 3नके काय 3नका
बधन1वFप H1 बधे ह

7 मनु*य की 3dम, मºयम HÍद गÎतय| का Íव1ता1पूवक वÞन Íकया1
शोक 19 त¤ा 20 म 3न गु Þ| से 1Íहत होक1 भगवद भाव को पाने का 3पाय H1 9H बताया1
Í91 अHुन के पू Uने से 22 व शोक से Hेक1 25 व शोक तक गुÞातीत पु³¤ के HHÞ| H1
H¬1Þ का वÞन Íकया1 26 व शोक म सगुÞ प1मे+1 को अननय भÍñयोग त¤ा गुÞातीत
होक1 ü(üाÎB का पा³ बनने का स1H 3पाय बताया1
अब वह भÍñयोगFप अननय üेम 3तपनन क1ने के 3ˆे •य से सगुÞ प1मे+1 के गुÞ,
üभाव H1 1वFप का त¤ा गुÞातीत होने म मु Fय साधन व1ा¹य H1 भगवद श1Þ का वÞन
क1ने के ÎH7 प5हवा अºयाय शु ³ क1ते ह 1 çसम ü¤म ससा1 से व1ा¹य प दा क1ने हे तु
भगवान तीन शोक §ा1ा वH के Fप म स सा1 का वÞन क1के व1ा¹यFप शU §ा1ा काò sाHने
को कहते ह 1
11 अ¤ प ¬दशो€ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
3ºव मूHमध शा¼म +त¤ üाह

1¯ययम1
Uनद ाÎस य1य पÞा Îन य1त वेद स व ेदÍवत1 1111
शी भगवान बोHे HÍदपु³¤ प1मे+1Fप मूHवाHे H1 ü(ाFप मुFय शा¼ावाHे ÍHस
ससा1Fप पीपH के वH को अÍवनाशी कहते ह , त¤ा वेद ÍHसके पdे कहे गये ह • 3स ससा1Fप
वH को Hो पु³¤ मू HसÍहत तïव से Hानता ह , वह वेद के तातपय को Hानने वाHा ह 1(1)
( अनुकम )
अध°ोºव üस ता1त1य शा¼ा
गुÞüव @ा Íव¤यüवाHा1
अध° मूHा नयनुसतताÎन
कमा नुबनधीÎन मन ु*यHोके11 211
3स ससा1 वH की तीन| गुÞ| Fप HH के §ा1ा बõ| ह

( H1 Íव¤य-भोगFप क|पH|वाHी
दे व, मनु*य H1 Îतयक HÍद योÎनFप शा¼ा7 नी¬े H1 3प1 सव³ 9 Hी ह

( ह त¤ा
मनु*यHोक म कम| के अनुसा1 बाधनेवाHी अह ता-ममता H1 वासनाFप Hs भी नी¬े H1 3प1
सभी Hोक| म ¯याB हो 1ह| ह 1(2)
न Fप म1येह त ¤ोपH¹यत े
नानतो न ¬ा Íदन ¬ स मüÎत8ा1
अ+त ¤मेन सुÍव³ƒ मूH-
मस™ग शUेÞ •ƒ ेन ÎUतवा11 311
तत पद त तपÍ1मा Îग त¯य
यÍ1मन गता न Îनव त Íनत भूय1
तमेव ¬ा² पु³¤ ü प²े
यत üव Íd üस ूता पु1ाÞी11 411
çस ससा1 वH का 1वFप Hसा कहा ह व सा यहा Íव¬ा1काH म नह| पाया Hाता, 4य|Íक
न तो çसका HÍद ह H1 न अनत ह त¤ा न çसकी अ¯U| üका1 से Í1¤Îत ह| ह 1 çसÎH7
çस अह ता-ममता H1 वासनाFप अÎत •õ मूH| वाHे स सा1Fप पीपH के वH को व1ा¹य³प शU
§ा1ा काòक11 3सके प°ात 3स प1म पदFप प1मे+1 को भHी भा Îत ¼ोHना ¬ाÍह7, ÍHसम गये


7 पु³¤ Í91 H|òक1 ससा1 म नह| Hते H1 ÍHस प1मे+1 से çस पु1ातन ससा1-वH की
üवÍ d Íव1ता1 को üाB ह

( ह , 3सी HÍदपु³¤ ना1ायÞ के म श1Þ ह

• çस üका1 •õ Îन°य
क1के 3स प1मे+1 का मनन H1 ÎनÍदºयासन क1ना ¬ाÍह71(3,4)
Îनमा नमोहा ÍH तस™गदो¤ा
अºयातमÎनतया ÍवÎनव dकामा1
§न§ Íव मुñा स ु¼दु ¼स7 -
ग ¯Uनतयम ूƒा पदम¯यय तत1 1511
ÍHसका मान H1 मोह नP हो गया ह , ÍHनह|ने HसÍñFप दो¤ को Hीत ÎHया ह ,
ÍHनकी प1मातमा के 1व³प म Îनतय Í1¤Îत ह H1 ÍHनकी कामना7 पूÞF प से नP हो गयी
ह - वे सु¼-दु ¼ नामक §न§| से Íवमुñ 7ानीHन 3स अÍवनाशी प1म पद को üाB होते ह 1(5)
न त†ासयत े सूय| न शशाको न पावक 1
यÿतवा न Îनवत नते त@ाम प1म मम11 611
ÍHस प1म पद को üाB होक1 मनु*य H|òक1 स सा1 म नह| Hते, 3स 1वय üकाश प1म
पद को न सू य üकाÎशत क1 सकता ह , न ¬न5मा H1 अ͹न ह|1 वह| मे1ा प1म धाम ह 1(6)
( अनुकम )
ममवाशो Hीव Hोके Hीव भूत सनातन1
मन¤8ानीÍन5याÍÞ üक Îत1¤ाÎन क ¤ Îत11 711
श1|1 यदवा! नोÎत य¯ ¬ा! युतकामती+1 1
ग ह|तव ताÎन स याÎत वाय ुग नधाÎनवाशयात1 1811
शो³ ¬H ु 1प श न ¬ 1सन UाÞम ेव ¬ 1
अÎध8ाय मन°ाय Íव¤यान ुपसेवते11 911
çस दे ह म यह सनातन Hीवातमा मे1ा अ श ह H1 वह| çस üक Îत म Í1¤त मन H1
पा¬| çÍन5य| को Hकͤत क1ता ह 1(7)
वायु गनध के 1¤ान से गनध को H से TहÞ क1के Hे Hाता ह , वसे ह| दे हाÍद का 1वामी
Hीवातमा भी ÍHस श1|1 का तयाग क1ता ह , 3ससे çस मन सÍहत çÍन5य| को TहÞ क1के Í91
ÍHस श1|1 को üाB होता ह - 3सम Hाता ह 1(8)
यह Hीवातमा शो³, ¬Hु H1 तव¬ा को त¤ा 1सना, UाÞ H1 मन को Hशय क1के -
अ¤ात çन सबके सहा1े से ह| Íव¤य| का सेवन क1ता ह 1(9)
3तकाम नत Í1¤ त वाÍप भ ुHान वा ग ुÞा Íनवत म1
Íवमूƒा नान ुप•यÍनत 7ान¬H ु¤11 1011
श1|1 को Uोsक1 Hाते ह

7 को अ¤वा श1|1 म Í1¤त ह

7 को अ¤वा Íव¤य| को भोगते


7 को çस üका1 तीन| गुÞ| से युñ ह

7 को भी अ7ानीHन नह| Hानते , के वH 7ानFप ने³|वाHे
ÍववेकशीH 7ानी ह| तïव से Hानते ह 1(10)
यतनतो योÎगन° न प•यनतया तमनयवÍ1¤ तम1
यतनतो€!यक तातमानो नन प•यनतय¬ ेतस 11 1111
यŒ क1ने वाHे योगीHन भी अपने (दय म Í1¤त çस Hतमा को तïव से Hानते ह
Íकनतु ÍHनह|ने अपने अनतक1Þ को शु@ नह| Íकया ह , 7से अ7ानीHन तो यŒ क1ते 1हने प1
भी çस Hतमा को नह| Hानते1(11)
यदाÍदतयगत ते Hो Hग†ासयत े €Í¼H म1
य¯¬ न5मÎस य¯¬ा¹न| तdेHो Íव Í@ मामकम1 11211
सूय म Í1¤त Hो तेH समपूÞ Hगत को üकाÎशत क1ता ह त¤ा Hो तेH ¬न5मा म ह
H1 Hो अ͹न म ह - 3सको तू मे1ा ह| तेH Hान1(12)
गा माÍव•य ¬ भूताÎन ध ा1 यामयहमोHसा1
पु*ÞाÎम ¬|¤ धी स वा सोमो भ ूतवा 1सातमक 11 1311
H1 म ह| प° वी म üवेश क1के अपनी शÍñ से सब भूत| को धा1Þ क1ता ह

H1
1स1वFप अ¤ात अमत मय ¬न5मा होक1 समपूÞ H¤Îधय| को अ¤ात वन1पÎतय| को पुP
क1ता ह

1(13) ( अनुकम )
अह व+न1ो भूतवा üा ÍÞना देहमाÎश त1
üाÞापानसमाय ुñ प¬ामयनन ¬त ुÍव धम1 11411
म ह| सब üाÍÞय| के श1|1 म Í1¤1 1हने वाHा üाÞ H1 अपान से स युñ व +ान1
अ͹नFप होक1 ¬ा1 üका1 के अनन को प¬ाता ह

1(14)
सव 1य ¬ाह ( Íद स Îन ÍवPो
मd 1म Îत7ा नमपोहन ¬1
वेद ° सव Š1हम ेव व े²ो
वेदानत क§ेदÍव देव ¬ाह म1 1 1511
म ह| सब üाÍÞय| के (दय म अनतयाम ी Fप से Í1¤त ह

त¤ा मु$से ह| 1मÎ त, 7ान
H1 अपोहन होता ह H1 सब वेद| §ा1ा म ह| Hानने के यो¹य ह

त¤ा वेदानत का कता H1
वेद| को Hानने वाHा भी म ह| ह

1(15)
§ा Íवम| प ु³¤| Hोक े H1°ाH1 7व ¬1
H1 स वा ÍÞ भ ूताÎन क ूò1 ¤ो€H1 3 ¯यते11 1611
çस ससा1 म नाशवान H1 अÍवनाशी भी ये दो üका1 के पु³¤ ह 1 çनम समपूÞ
भूतüाÍÞय| के श1|1 तो नाशवान H1 Hीवातमा अÍवनाशी कहा Hाता ह 1(16)
3dम पु³¤1तवनय प1 मातम ेत युदा(त 1
यो Hोक ³यमाÍव•य Íबभतय ¯यय (+111 1711
çन दोन| से 3dम पु³¤ तो अनय ह| ह , Hो तीन| Hोक| म üवेश क1के सबका धा1Þ-
पो¤Þ क1ता ह त¤ा अÍवनाशी प1मे+1 H1 प1मातमा- çस üका1 कहा गया ह 1(17)
य1मातH1मतीतो €हमH1ादÍप ¬ ोdम1
अतो€ Í1म Hोक े वेदे ¬ üΤ त पु³¤ोdम11 1811
4य|Íक म नाशवान Hsवग Hे³ से सव¤ ा अतीत ह

H1 अÍवनाशी Hीवातमा से भी 3dम


, çसÎH7 Hोक म H1 वेद म भी पु³¤ोdम नाम से üÎस@ ह

1(18)
यो माम ेवमसमूƒो HानाÎत प ु³¤ोdम1
स सव Íव† HÎत म ा स व भावेन भा1त11 1911
भा1त ! Hो 7ानी पु³¤ मु$को çस üका1 तïव से पु³¤ोdम Hानता ह , वह सव7 पु ³¤
सब üका1 से Îन1नत1 मु $ वासुदे व प1मे+1 को ह| भHता ह 1(19)
çÎत गुHत म शाUÎम दमुñ मयानÞ1
7तद बुœºवा ब ुÍ@मा न1या तकतकतय° भा1त11 2011
हे Îन*पाप अHुन ! çस üका1 यह अÎत 1ह1ययुñ गोपनीय शाU मे1े §ा1ा कहा गया,
çसको तïव से Hानक1 मनु*य 7ानवान H1 क ता¤ हो Hाता ह 1(20) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे पु³¤ोdमयोगो नाम प¬दशो€ºयाय 111511
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म पु³¤ोdमयोग नामक प5हवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
सोHहव अ ºयाय का माहातमय
शीम हादेवHी कहते ह - पावत ी ! अब म गीता के सोHहव अºयाय का माहातमय
बता3 गा, सु नो1 गुH1ात म स|1ा’ नामक 7क नग1 ह 1 वहा ¼„गबाह

नाम के 1ाHा 1ाजय क1ते
¤े, Hो दसू 1े çन5 के समान üतापी ¤े1 3नका 7क हा¤ी ¤ा, Hो मद बहाया क1ता ¤ा H1 सदा
मद म 3नमd 1हता ¤ा1 3स हा¤ी का नाम अÍ1मद न ¤ा1
7क Íदन 1ात म वह हòात साकH| H1 Hोहे के ¼मभ| को तोs-9ोsक1 बाह1 ÎनकHा1
हा¤ीवान 3सके दोन| H1 अ कु श Hेक1 s1ा 1हे ¤े, Íकनतु कोधवश 3न सबकी अवहे Hना क1के
3सने अपने 1हने के 1¤ान- हΤसा1 को Îग1ा Íदया1 3स प1 ¬ा1| H1 से भाH| की मा1 पs
1ह| ¤ी Í91 भी हा¤ीवान ह| s1े ह

7 ¤े , हा¤ी को तÎनक भी भय नह| होता ¤ा1 çस क|तूहHपूÞ
Þòना को सुनक1 1ाHा 1वय हा¤ी को मनाने की कHा म ÎनपुÞ 1ाHकु मा1| के सा¤ वहा Hये1
Hक1 3नह|ने 3स बHवान दतHे हा¤ी को दे ¼ा1 नग1 के Îनवासी अनय काम धध| की άनता
Uोs अपने बाHक| को भय से ब¬ाते ह

7 बह

त द1ू ¼sे होक1 3स महाभयक1 गH1ाH को दे ¼ते
1हे 1 çसी समय को( üा(Þ ताHाब से नहाक1 3सी माग से H|òे 1 वे गीता के सोHहव अºयाय
के 'अभयम ' HÍद कु U शोक| का Hप क1 1हे ¤े1 पु1वाÎसय| H1 पीHवान| (महावत|) ने बह


मना Íकया, Íकनतु Íकसी की न मानी1 3नह हा¤ी से भय नह| ¤ा, çसÎH7 वे άÍनतत नह| ह

71
3ध1 हा¤ी अपीन άÞाs से ¬ा1| ÍदशाH को ¯याB क1ता ह

H Hोग| को कु ¬H 1हा ¤ा1 वे
üा(Þ 3सके बहते ह

7 मद को हा¤ से Uू क1 कु शHपूवक (Îनभय ता से) ÎनकH गये1 çससे वहा
1ाHा त¤ा दे ¼ने वाHे पु1वाÎसय| के मन मे çतना Íव1मय ह

H Íक 3सका वÞन नह| हो
सकता1 1ाHा के कमHने³ ¬Íकत हो 3òे ¤े1 3नह|ने üा(Þ को बुHा सवा1| से 3त1क1 3नह
üÞाम Íकया H1 पूUा 'üा(Þ ! HH Hपने यह महान अH|Íकक काय Íकया ह , 4य|Íक çस
काH के समान भयक1 गH1ाH के सामने से Hप सकु शH H|ò Hये ह 1 üभो ! Hप Íकस
दे वता का पूHन त¤ा Íकस मन³ का Hप क1ते ह ? बताçये, Hपने क|न-सी ÎसÍ@ üाB की ह ?
üा(Þ न े क हा 1ाHन ! म üÎतÍदन गीता के सोHहव अºयाय के कु U शोक| का Hप
Íकया क1ता ह

, çसी से सा1| ÎसÍ@या üाB ह

( ह 1( अनुकम )
शीम हादेवHी कहते ह - तब हा¤ी का क|तूहH दे ¼ने की ç¯Uा Uोsक1 1ाHा üा(Þ
दे वता को सा¤ Hे अपने महH म Hये1 वहा शु भ मुह

त दे ¼क1 7क Hा¼ 1वÞम ु5ाH की
दÍHÞा दे 3नह|ने üा(Þ को सतुP Íकया H1 3नसे गीता-म ³ की द|Hा Hी1 गीता के सोHहव
अºयाय के 'अभयम ' HÍद कु U शोक| का अ¹यास क1 Hेने के बाद 3नके मन म हा¤ी को
Uोsक1 3सके क|तुक दे ¼ने की ç¯Uा Hागत ह

(, Í91 तो 7क Íदन सÎनक| के सा¤ बाह1
ÎनकHक1 1ाHा ने हा¤ीवान| से 3सी मd गH1ाH का बनधन ¼ु Hवाया1 वे Îनभय हो गये1 1ाजय
का सु¼-ÍवHास के üÎत Hद1 का भाव नह| 1हा1 वे अपना Hीवन तÞ वत सम$क1 हा¤ी के
सामने ¬Hे गये1 साहसी मनु*य| म अTगÞय 1ाHा ¼„गबाह

मन³ प1 Íव+ास क1के हा¤ी के
समीप गये H1 मद की अनव1त धा1ा बहाते ह

7 3सके गÞs1¤H को हा¤ से Uू क1 सकु शH
H|ò Hये1 काH के मु¼ से धाÎमक H1 ¼H के मु ¼ से साधु पु ³¤ की भाÎत 1ाHा 3स
गH1ाH के मु¼ से ब¬क1 ÎनकH Hये1 नग1 म Hने प1 3नह|ने अपने 1ाHकु मा1 को 1ाजय
प1 अÎभͤñ क1 Íदया त¤ा 1वय गीता के सोHहव अºयाय का पाò क1के प1म गÎत üाB
की( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
सो Hहव ा अºयाय द वास ु 1सपͧ भागयो ग
7 व अºयाय के 15 व शोक म त¤ा 9 व अºयाय के 11 व त¤ा 12 व शोक म भगवान ने
कहा ह 'Hसु1| त¤ा 1ाHसी üक Îत धा1Þ क1ने वाHे मूõ Hोग मे1ा भHन नह| क1ते ह HेÍकन
मे1ा Îत11का1 क1ते ह 1' H1 न|व अºयाय के 13 व H1 14 व शोक म कहा 'द वी üक ÎतवाHे
महातमा पु³¤ मु$े सवभ ूत| का HÍद H1 अÍवनाशी सम$क1 अननय üेमसÍहत सब üका1 से
हमेशा मे1ा भHन क1ते ह ', HेÍकन दसू 1े üस ग ¬ाHू होने के का1Þ वहा द वी H1 Hसु1| üक Îत
के HHÞ वÞन नह| Íकये ह 1 Í91 प5हव अºयाय के 19 व शोक म भगवान ने कहा 'Hो 7ानी
महातमा मु$ पु³¤ोdम को Hानते ह वह सव üका1 से मे1ा भHन क1ते ह 1' çस Íव¤य प1
1वाभाÍवक 1|Îत से ह| द वी üक ÎतवाHे 7ानी पु³¤ के त¤ा Hसु1| üक ÎतवाHे अ7ानी मनु*य के
HHÞ क|न-क|न से ह यह Hानने के ç¯Uा होती ह 1 çसÎH7 भगवान अब दोन| के HHÞ H1
1वभाव का Íव1ता1पूवक वÞन क1ने के ÎH7 यह सोHहवा अºयाय H1मभ क1ते ह 1 çसम पहHे
तीन शोक| §ा1ा द वी स पÍdवाHे साÍïवक पु³¤ के 1वाभाÍवक HHÞ| का Íव1ता1पूवक वÞन
क1ते ह 1
11 अ¤ ¤ ोsशो€ºयाय 11
शीभगवान ुवा¬
अभय सïवस शुÍ@7ा नयोग¯यव Í1¤Îत 1
दान दम° य7° 1वाºयाय1तप HH वम1 1111
अÍहसा सतयमकोध1तयाग शाÍनत 1पशुनम1
दया भूते*वHोH ुBव माद व ›|1¬ापHम1 1211
तेH Hमा ध Îत श| ¬म5ोहो नाÎतमाÎनता1
भवÍनत स मपद दवी मÎभ Hात1य भा1त11 311
शी भगवान बोHे भय का सव¤ ा अभाव, अनतक1Þ की पूÞ ÎनमH ता, तïव7ान के ÎH7
ºयानयोग म Îन1नत1 •õ Í1¤Îत H1 साÍïवक दान, çÍन5य| का दमन, भगवान, दे वता H1
गु³Hन| की पूHा त¤ा अ͹नहो³ HÍद 3dम कम| का H¬1Þ H1 वेद-शाU| का पòन-पाòन
त¤ा भगवान के नाम H1 गुÞ| का कीतन , 1वधमप ाHन के ÎH7 कPसहन H1 श1|1 त¤ा
çÍन5य| के सÍहत अनतक1Þ की स1Hता1 मन, वाÞी H1 श1|1 म Íकसी üका1 भी Íकसी को
कP न दे ना, य¤ा¤ H1 Íüय भा¤Þ, अपना अपका1 क1ने वाHे प1 भी कोध का न होना, कम| म
कताप न के अÎभमान का तयाग, अनतक1Þ की 3प1Îत अ¤ात άd की ¬¬Hता का अभाव,
Íकसी की Îननदा न क1ना, सब भू त üाÍÞय| म हे तु1Íहत दया, çÍन5य| का Íव¤य| के सा¤ सयोग
होने प1 भी 3नम HसÍñ का न होना, कोमHता, Hोक H1 शाU से ÍवF@ H¬1Þ म HजHा
H1 ¯य¤ ¬ेPाH का अभाव1 तेH, Hमा, धय, बाह1 की शु Í@ त¤ा Íकसी म भी श³ुभाव का न
होना H1 अपने म पूजयता के अÎभमान का अभाव • ये सब तो हे अHुन ! द वी समपदा को
Hेक1 3तपनन ह

7 पु³¤ के HHÞ ह 1(1,2,3)
दमभो दप|€ Îभमान° को ध पा³*यम ेव ¬1
अ7ान ¬ाÎभ Hात1य पा¤ समप दमास ु1|म1 1411
हे पा¤ ! दमभ, ÞमÞs H1 अÎभमान त¤ा कोध, कòो1ता H1 अ7ान भी- ये सब Hसु1|
समपदा को Hेक1 3तपनन ह

7 पु³¤ के HHÞ ह 1(4)
दवी समपͧ मोHाय Îनब नधायस ु1| मता1
मा श ु¬ समप द दवीम ÎभHातो€ Îस पाÞ sव11 511
द वी-समपदा मु Íñ के ÎH7 H1 Hसु1| समपदा बाधने के ÎH7 मानी गयी ह 1 çसÎH7 हे
अHुन ! तू शोक मत क1, 4य|Íक तू द वी समपदा को Hेक1 3तपनन ह

H ह 1(5)
§| भ ूतस ग| Hोके€ Í1मन दव Hस ु1 7व ¬ 1
दवो Íव1त1श üोñ Hस ु1 पा ¤ मे श Þु11 611
हे अHुन ! çस Hोक म भूत| की सÍ P यानी मनु*यसमुदाय दो ह| üका1 का ह 7क तो
द वी üक Îत वाHा H1 दसू 1ा Hसु1| üक Îत वाHा1 3नम से द वी üक ÎतवाHा तो Íव1ता1पूवक
कहा गया, अब तू Hसु1| üक ÎतवाHे मनु*य-समुदाय को भी Íव1ता1पूवक मु$से सु नो1(6)
üव Íd ¬ Îनव Íd ¬ Hना न Íवद ु 1ासु1ा1
न श|¬ नाÍप ¬ा¬ा1ो न सतय ते¤ु Íव²त े11 711
Hसु1 1वभाव वाHे मनु*य üवÍ d H1 ÎनवÍ d- çन दोन| को ह| नह| Hानते1 çसÎH7
3नम न तो बाह1-भीत1 की शु Í@ ह , न श8े H¬1Þ ह H1 न सतयभा¤Þ ह| ह 1(7)
असतयमü Îत8 ते Hगदाह

1नी+1म1
अप11प1स मभूत Íकमनयतकामह तु कम1 1 811
वे Hसु1| üक ÎतवाHे मनु*य कहा क1ते ह Íक Hगत Hशय1Íहत, सव¤ ा असतय H1
Íबना (+1 के , अपने-Hप के वH Uी पु ³¤ के सयोग से 3तपनन ह , अत7व के वH काम ह| çसका
का1Þ ह 1 çसके Îसवा H1 4या ह ?(8) ( अनुकम )
7ता • ÍPम वP¹य नPातमानो€~पब ु@य1
üभवनतय ुTक मा Þ Hया य Hग तो€Íह ता11 911
çस Îम°या 7ान को अवHमबन क1के ÍHनका 1वभाव नP हो गया ह त¤ा ÍHनकी बुÍ@
मनद ह , वे सबका अपका1 क1ने वाHे कू 1कम‹ मनु*य के वH Hगत के नाश के ÎH7 ह| सम¤
होते ह 1(9)
कामामा Îशतय दु *पू1 दम भमानमदा Íनवता1
मो हाद ग ह|तवासœTाह नüवत नते €शु άü ता11 1011
वे दमभ, मान H1 मद से युñ मनु*य Íकसी üका1 भी पूÞ न होने वाHी कामनाH का
Hशय Hेक1, अ7ान से Îम°या Îस@ानत| को TहÞ क1के H1 •P H¬1Þ| को धा1Þ क1के
ससा1 म Íव¬1ते ह 1(10)
άन तामपÍ1म ेया ¬ üHयानताम ुपाÎश ता1
कामोप भोगप1मा 7तावÍद Îत Îन Í°ता1 1111
Hशापाश शतब @ा काम कोधप1ाय Þा1
(हनते कामभोगा ¤ मनयाय ेना¤ स ¬यान1 11211
त¤ा वे मत यु पयन त 1हने वाHी असFय άनताH का Hशय Hेने वाHे, Íव¤यभोग| के
भोगने म ततप1 1हने वाHे H1 'çतना ह| सु¼ ह ' çस üका1 मानने वाHे होते ह 1 वे Hशा की
सकs| 9ा Îसय| म बधे ह

7 मनु*य काम-कोध के प1ायÞ होक1 Íव¤य भोग| के ÎH7
अनयायपूवक धनाÍद पदा¤| का स Tह क1ने की ¬ेPा क1ते ह 1(11,12) ( अनुकम )
çदम² मया H¯धÎमम üा!1य े मनो1¤ म1
çदम1तीदम Íप म े भ Íव*यÎत प ुनध नम1 11311
अस| मया हत श³ ु ह Îन*य े ¬ाप1ानाÍप1
(+1ो€ह मह भोगी Îस@ो €ह बHनानस ु¼ी11 1411
Hƒयो€ ÎभHनवानÍ1म को €नयोÍ1त स •शो मया1
य‰ये दा1याÎम मो Íद*य çतय7ानÍवमो Íहता11 1511
अने कάd Íव•ान ता मो हHाHस माव dा1
üसñा का मभोग े¤ु पत Íनत न1क े€ शु¬|11 1611
वे सो¬ा क1ते ह Íक मने HH यह üाB क1 ÎHया ह H1 अब çस मनो1¤ को üाB क1
Hूगा1 मे1े पास यह çतना धन ह H1 Í91 भी यह हो Hायेगा1 वह श³ु मे1े §ा1ा मा1ा गया H1
3न दसू 1े श³ु H को भी म मा1 sाHूगा1 म (+1 ह

, 7+य को भोगने वाHा ह

1 म सब ÎसÍ@य|
से युñ ह

H1 बHवान त¤ा सु¼ी ह

1 म बsा धनी H1 बsे कु òु मबवाHा ह

1 मे1े समान दसू 1ा
क|न ह ? म य7 कF गा, दान दगू ा H1 Hमोद-üमोद कF गा1 çस üका1 अ7ान से मोÍहत 1हने
वाHे त¤ा अनेक üका1 से •Îमत άdवाHे मोहFप HाH से समावत H1 Íव¤यभोग| म अतयनत
Hसñ Hसु1 Hोग महान अपÍव³ न1क म Îग1ते ह 1(13,14,15,16)
Hत मसभा Íवता 1त¯ धा धनमान मदाÍनव ता
यHनत े नामय7 1ते दमभ ेनाÍव Îधपूव कम1 11711
वे अपने-Hपको ह| श8े मानने वाHे ÞमÞs| पु ³¤ धन H मान के मद से युñ होक1
के वH नाममा³ के य7| §ा1ा पा¼Þs से शाUÍवÎध1Íहत यHन क1ते ह 1(17)
अहका1 बH दप काम क ो ध ¬ स Îश ता1
मामातमप1द ेहे¤ु ü ͧ¤नतो €¹यस ूयका11 1811
वे अह का1, बH, ÞमÞs, कामना H1 कोधाÍद के प1ायÞ H1 दसू 1| की Îननदा क1ने वाHे
पु³¤ अपने H1 दसू 1| के श1|1 म Í1¤त मु$ अनतयाÎ म से §े ¤ क1ने वाHे होते ह 1(18)
तानह ͧ¤त कू1ानस सा1 े¤ु न1ाधमान1
ÍHपामयHPम शुभानास ु1| *वेव योÎन¤ ु11 1911
3न §े ¤ क1ने वाHे पापा¬ा1| H1 कू 1कम‹ न1ाधम| को म ससा1 म बा1-बा1 Hसु1|
योÎनय| म sाHता ह

1(19)
Hसु1| योÎनमाप नना मूƒा H नमÎन H नमÎन1
मा मüा! यव क|नत ेय ततो यानतयधम ा ग Îतम1 12011
हे अHुन ! वे मूƒ मु $को न üाB होक1 ह| Hनम-Hनम म Hसु1| योÎन को üाB होते ह ,
Í91 3ससे भी अÎत नी¬ गÎत को üाB होते ह अ¤ात Þो1 न1क| म पsते ह 1(20)
ͳÍवध न1क1य े द §ा1 नाशनमातमन1
काम कोध1 त¤ा Hोभ1 त1माद ेतत³य तयH ेत1 1 2111
काम, कोध त¤ा Hोभ- ये तीन üका1 के न1क के §ा1ा Hतमा का नाश क1ने वाHे अ¤ात
3सको अधोगÎत म Hे Hाने वाHे ह 1 अत7व çन तीन| को तयाग दे ना ¬ाÍह71(21)
7तÍव मुñ क| नतेय तमो§ा1 ÍUÎभन 11
H¬1तय ातमन श े य1ततो याÎत प1ा ग Îतम1 12211
हे अHुन ! çन तीन| न1क के §ा1| से मु ñ पु³¤ अपने क~याÞ का H¬1Þ क1ता ह ,
çससे वह प1म गÎत को Hाता ह अ¤ात मु$को पा Hाता ह 1(22)
य शाUÍव Îधमुतस जय वत ते कामका1त1
न स ÎसÍ@ मवा! नोÎत न स ु¼ न प1ा ग Îतम1 12311
Hो पु³¤ शाUÍवÎध को तयागक1 अपनी ç¯Uा से मनमाना H¬1Þ क1ता ह , वह न तो
ÎसÍ@ को üाB होता ह , न प1म गÎत को H1 न सु¼ को ह|1(23) ( अनुकम )
त1मा ¬UाU üमाÞ ते काया काय ¯यव Í1¤त|1
7ातवा शाUÍव धा नोñ कम कतु Îमहाह Îस11 2411
çससे ते1े ÎH7 çस कत¯ य H1 अकत¯ य की ¯यव1¤ा म शाU ह| üमाÞ ह 1 7सा
Hानक1 तू शाUÍवÎध से Îनयत कम ह| क1ने यो¹य ह 1(24)
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे द वासु1सपͧभागयोगो नाम ¤ोs¤ो€ºयाय 111611
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म द वासु1सपͧभागयोग नामक सोHहवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
स³हव अ ºयाय का माहा तमय
शीम हादेवHी कहते ह - पावत ी ! सोHहव अºयाय का माहातमय बतHाया गया1 अब
स³हव अºयाय की अननत मÍहमा शवÞ क1ो1 1ाHा ¼„गबाह

के पु³ का दु शासन नाम का 7क
न|क1 ¤ा1 वह बह

त ¼ोò| बुÍ@ का मनु*य ¤ा1 7क बा1 वह माÞsHीक 1ाHकु मा1| के सा¤ बह


धन बाHी Hगाक1 हा¤ी प1 ¬õा H1 कु U ह| कदम Hगे Hाने प1 Hोग| के मना क1ने प1
भी वह मूƒ हा¤ी के üÎत Hो1-Hो1 से कòो1 श¯द क1ने Hगा1 3सकी HवाH सुनक1 हा¤ी कोध
से अ धा हो गया H1 दु शासन प1 Í9सH Hाने के का1Þ प° वी प1 Îग1 पsा1 दु शासन को
Îग1क1 कु U-कु U 3¯Uवास Hेते दे ¼ काH के समान Îन1 कु श हा¤ी ने कोध से भ1क1 3से 3प1
9 क Íदया1 3प1 से Îग1ते ह| 3सके üाÞ ÎनकH गये1 çस üका1 काHवश मत यु को üाB होने
के बाद 3से हा¤ी की योÎन ÎमHी H1 ÎसहH§|प के महा1ाH के यहा 3सने अपना बह

त समय
¯यतीत Íकया1
Îस हH§|प के 1ाHा की महा1ाH ¼„गबाह

से बs| म³ी ¤ी, अत 3नह|ने HH के माग से
3स हा¤ी को Îम³ की üसननता के ÎH7 भेH Íदया1 7क Íदन 1ाHा ने शोक की समसयापूÎत से
सतुP होक1 Íकसी कÍव को पु11का1Fप म वह हा¤ी दे Íदया H1 3नह|ने स| 1वÞम ु5ा7 Hेक1
माHवन1े श के हा¤ बे¬ Íदया1 कु U काH ¯यतीत होने प1 वह हा¤ी यŒपूवक पाÎHत होने प1
भी असाºय जव1 से T1त होक1 म1Þासनन हो गया1 हा¤ीवान| ने Hब 3से 7सी शो¬नीय
अव1¤ा म दे ¼ा तो 1ाHा के पास Hाक1 हा¤ी के Íहत के ÎH7 शीU ह| सा1ा हाH कह सुनाया
"महा1ाH ! Hपका हा¤ी अ1व1¤ Hान पsता ह 1 3सका ¼ाना, पीना H1 सोना सब Uू ò गाया
ह 1 हमा1| सम$ म नह| Hता çसका 4या का1Þ ह 1"( अनुकम )
हा¤ीवान| का बताया ह

H समा¬ा1 सु नक1 1ाHा ने हा¤ी के 1ोग को पह¬ान वाHे
άÍकतसाकु शH मͳय| के सा¤ 3स 1¤ान प1 पदापÞ Íकया, Hहा हा¤ी जव1T1त होक1 पsा
¤ा1 1ाHा को दे ¼ते ह| 3सने जव1HÎनत वेदना को भू Hक1 स सा1 को H°य म sाHने वाHी
वाÞी म कहा 'समपूÞ शाU| के 7ाता, 1ाHनीÎत के समु5, श³ु-समुदाय को प1ा1त क1ने वाHे
त¤ा भगवान Íव*Þु के ¬1Þ| म अनु1ाग 1¼नेवाHे महा1ाH ! çन H¤Îधय| से 4या Hेना ह ?
व²| से भी कु U Hाभ होने वाHा नह| ह , दान H1 Hप स भी 4या Îस@ होगा? Hप क पा क1के
गीता के स³हव अºयाय का पाò क1ने वाHे Íकसी üा(Þ को बु Hवाçये1'
हा¤ी के क¤नानुसा1 1ाHा ने सब कु U वसा ह| Íकया1 तदननत1 गीता-पाò क1ने वाHे
üा(Þ ने Hब 3dम HH को अÎभमͳत क1के 3सके 3प1 sाHा, तब दु शासन गHयोÎन का
पÍ1तयाग क1के मुñ हो गया1 1ाHा ने दु शासन को Íद¯य Íवमान प1 HFƒ त¤ा çन5 के
समान तेH1वी दे ¼क1 पूUा 'पूवH नम म तुमहा1| 4या HाÎत ¤ी? 4या 1वFप ¤ा? क से H¬1Þ
¤े? H1 Íकस कम से तुम यहा हा¤ी होक1 Hये ¤े ? ये सा1| बात मु$े बताH1'
1ाHा के çस üका1 पूUने प1 स कò से Uू òे ह

7 दु शासन ने Íवमान प1 बòे -ह|-बòे
Í1¤1ता के सा¤ अपना पूवH नम का 3पयुñ समा¬ा1 य¤ावत कह सुनाया1 ततप°ात न1श8े
माHवन1े श ने भी गीता के स³हव अºयाय पाò क1ने Hगे1 çससे ¤ोsे ह| समय म 3नकी
मु Íñ हो गयी1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
स³हवा अºयाय श@ ा³यÍव भागयो ग
सोHहव अºयाय के H1मभ म भगवान शीक *Þ ने Îन*काम भाव से H¬1Þ क1ते ह

7
शाUीय गुÞ त¤ा H¬1Þ का वÞन द वी स पÍd के Fप म Íकया1 बाद म शाU Íव³@ Hसु1|
सपÍd का वÞन Íकया1 3सके बाद Hसु1| 1वभाववाHे Hोग| के पतन की बात कह| H1 कहा
Íक काम, कोध H1 Hोभ ह| Hसु1| स पÍd के मु Fय अवगुÞ ह H1 वे तीन| न1क के §ा1 ह 1
3नका तयाग क1के Hतमक~याÞ के ÎH7 Hो साधन क1ता ह वह प1म गÎत को पाता ह 1 3सके
बाद कहा Íक शाUÍवÎध का तयाग क1के ç¯Uा H1 बुÍ@ को अ¯Uा Hगे 7सा क1ने वाHे को
अपने 3न कम| का 9H नह| ÎमHता ह 1 ÎसÍ@ की ç¯Uा 1¼क1 Íकये गये कम से ÎसÍ@ नह|
ÎमHती ह 1 çसÎH7 क1ने यो¹य अ¤वा न क1ने यो¹य कम| की ¯यव1¤ा दशान ेवाHे शाU| के
Íवधान के अनु सा1 ह| तु$े Îन*काम कम क1ने ¬ाÍह71( अनुकम )
çस 3पदे श से अHुन के मन म श का ह

( Íक Hो Hोग शाUÍवÎध Uोsक1 ç¯Uानुसा1
कम क1ते ह , 3नके कम Îन*9H ह| वह तो ò|क ह HेÍकन 7से Hोग भी ह Hो शाUÍवÎध न
Hानने से त¤ा दसू 1े का1Þ| से शाUÍवÎध Uोsते ह , Í91 भी य7पूHाÍद शुभ कम तो श@ापूवक
क1ते ह , 3नकी 4या Í1¤Îत होती ह ? यह Hानने की ç¯Uा से अHुन भगवान से पूUते ह -
11 अ¤ सB दशो€ºयाय 11
अHु न 3वा¬
ये शाU ÍवÎध मुतसजय यHनत े श @या Íनवता1
ते¤ा Îन8ा त ु का क*Þ सïवमाहो 1H1त म11 111
अHुन बोHे हे क *Þ ! Hो शाUÍवÎध Uोsक1 (के वH) श@ायुñ होक1 पूHा क1ते ह , 3नकी
Í1¤Îत क सी होती ह ? साÍïवक, 1ाHसी या तामसी?(1)
शीभगवान ुवा¬
ͳÍवधा भ वÎत श @ा दे Íहना सा 1 वभावHा1
साÍïवकी 1ाHसी ¬ व ता मसी ¬ े Îत ता श Þु11 211
शी भगवान बोHे मनु*य| की वह शाUीय स1का1| से 1Íहत के वH 1वभाव से 3तपनन
श@ा साÍïवकी H1 1ाHसी त¤ा तामसी • 7से तीन| üका1 की ह| होती ह 1 3सको तू मु$से
सुन1
सïवान ुFपा सव 1य श@ा भवÎत भा1त1
श@ामय ो€य पु³¤ो यो य¯ —@ स 7व स 11 311
हे भा1त ! सभी मनु*य| की श@ा 3नके अनतक1Þ के अनुFप होती ह 1 यह पु³¤
श@ामय ह , çसÎH7 Hो पु³¤ Hसी श@ावाHा ह , वह 1वय भी वह| ह 1(3)
यHनत े साÍïव का देवानयH1Hा Îस 1ाHसा1
üेतान भूतगÞ ा°ान ये यHनत े तामसा Hना11 411
साÍïवक पु³¤ दे व| को पू Hते ह , 1ाHस पु³¤ यH H1 1ाHस| को त¤ा अनय Hो तामस
मनु*य ह वे üेत H1 भूतगÞ| को पूHते ह 1(4)
अशाUÍव Íहत Þो1 त!यनत े ये तपो Hना1
दमभाह का1स युñा काम1ागबHा Íनवता11 511
कश यन त श1|11¤ भूतTाम म¬ेतस1
मा ¬वानत श1|11 ¤ ताÍनव@यास ु1Îन°यान1 1611
Hो मनु*य शाUÍवÎध से 1Íहत के वH मनकÍ~पत Þो1 तप को तपते ह त¤ा दमभ H1
अह का1 से युñ त¤ा कामना, HसÍñ H1 बH के अÎभमान से भी युñ ह 1 Hो श1|1Fप से
Í1¤त भूतसमुदाय को H1 अनतक1Þ म Í1¤त मु $ प1मातमा को भी क श क1ने वाHे ह , 3न
अ7ाÎनय| को तू Hसु1-1वभाव वाHे Hान1
Hहा11तवÍप सव 1य ͳ Íवधो भवÎत Íüय1
य71तप1त ¤ा दान ते¤ा भेदÎम म श Þु11 711
भोHन भी सबको अपनी-अपनी üक Îत के अनु सा1 तीन üका1 का Íüय होता ह 1 H1 वसे
ह| य7, तप H1 दान बी तीन-तीन üका1 के होते ह 1 3नके çस प¤ क -प¤ क भेद को तू मु$से
सुन1(7) ( अनुकम )
Hयु सïवबHा1ो¹ यसु¼üी ÎतÍवव ध ना1
11या Í1न¹धा Í1¤1ा (²ा Hहा1ा साÍïवक Íüया11 811
Hयु, बुÍ@, बH, H1ो¹य, सु¼ H1 üीÎत को बõाने वाHे, 1सयुñ, άकने H1 Í1¤1 1हने
वाHे त¤ा 1वभाव से ह| मन को Íüय • 7से Hहा1 अ¤ात भोHन क1ने के पदा¤ साÍïवक पु³¤
को Íüय होते ह 1(8)
क”वमHHवÞातय ु*Þती‰ÞFHÍवदाÍहन 1
Hहा1 ा 1ाHस1य े Pा दु ¼शोकामयüदा11 911
कsवे, ¼”òे , HवÞयुñ, बह

त ग1म, ती¼े, F¼े, दाहका1क H1 दु ¼, άनता त¤ा 1ोग| को
3तपनन क1ने वाHे Hहा1 अ¤ात भोHन क1ने के पदा¤ 1ाHस पु ³¤ को Íüय होते ह 1(9)
यातयाम गत1स पूÎत पय ु ͤत ¬ यत1
3ͯU PमÍप ¬ाम े ºय भोHन ताम सÍüयम1 11011
Hो भोHन अधपका, 1स1Íहत, दगु न धयुñ, बासी H1 3ͯUP ह त¤ा Hो अपÍव³ भी ह वह
भोHन तामस पु³¤ को Íüय होता ह 1(10)
अ9Hाक ाÍH Îभय 7ो Íव Îध•Pो य çजयत े1
यP¯यम ेवेÎत मन समा धा य स सा Íïवक11 1111
Hो शाUÍवÎध से Îनयत य7 क1ना ह| कत¯ य ह • çस üका1 मन को समाधान क1के ,
9H न ¬ाहने वाHे पु³¤| §ा1ा Íकया Hाता ह , वह साÍïवक ह 1(11)
अÎभसधाय तु 9H दम भा¤ मÍप ¬ व यत1
çजयत े भ1तश े 8 त य7 ÍवÍ@ 1ाHसम1 11211
प1नतु हे अHुन ! के वH दमभा¬1Þ के ÎH7 अ¤वा 9H को भी •ÍP म 1¼क1 Hो य7
Íकया Hाता ह , 3स य7 को तू 1ाHस Hान1
ÍवÎध ह|नमस Pानन म ³ह|नमदÍHÞ म1
श@ाÍव1 Íहत य7 ता मस पÍ1 ¬Hते11 1311
शाUÍवÎध से ह|न, अननदान से 1Íहत, Íबना म³| के , Íबना दÍHÞा के H1 Íबना श@ा के
Íकये Hाने वाHे य7 को तामस य7 कहते ह 1(13)
देवͧH गु³üा7प ूHन श|¬माH वम1
ü(¬य मÍहसा ¬ शा1|1 तप 3 ¯यते11 1411
दे वता, üा(Þ, गु³ H1 7ानीHन| का पूHन, पÍव³ता, स1Hता, ü(¬य H1 अÍह सा • श1|1
समबनधी तप कहा Hाता ह 1(14)
अनु§े गक1 वा4य सतय Íüय Íहत ¬ यत1
1वाºयाया¹ यसन ¬ व वाý मय त प 3¯यत े11 1511
Hो 3§े ग ने क1ने वाHा, Íüय H1 Íहतका1क व य¤ा¤ भा¤Þ ह त¤ा Hो वेद-शाU| के
पòन का 7व प1मे+1 के नाम-Hप का अ¹यास ह - वह| वाÞी समबनद| तप कहा Hाता ह 1(15)
( अनुकम )
मनüसाद स |मयतव म|नमातम ÍवÎनT ह1
भावस शुÍ@Í1त येतdपो मानस मु¯यत े11 1611
मन की üसननता, शानतभाव, भगवद άनतन क1ने का 1वभाव, मन का ÎनTह H1
अनतक1Þ के भाव| को भHी भा Îत पÍव³ता • çस üका1 यह मन-समबनधी तप कहा Hाता ह 1
(16)
श@या प1या तB तप1त Íत³Íवध न1 1
अ9Hाका ÍHÎभ यु ñ साÍïव क पÍ1 ¬Hते11 1711
9H को न ¬ाहने वाHे योगी पु³¤| §ा1ा प1म श@ा से Íकये ह

7 3स पूव|ñ तीन üका1
के तप को साÍïवक कहते ह 1(17)
सत का1मा नपूHा¤ तपो दमभेन ¬व यत1
Íकयत े तÍद ह üोñ 1ाHस ¬ Hमधुवम1 1 1811
Hो तप सतका1, मान H1 पू Hा के ÎH7 त¤ा अनय Íकसी 1वा¤ के ÎH7 भी 1वभाव से
या पा¼Þs से Íकया Hाता ह , वह अÎनÍ°त H1 HÍÞक 9HवाHा तप यहा 1ाHस कहा गया ह 1
(18)
मूƒTाह ेÞातमन ो यतपीsय ा Íकयत े तप 1
प11योतसादना¤ वा तd मसमुदा(त म1 11911
Hो तप मूõतापूवक हò से, मन वाÞी H1 श1|1 की पीsा के सÍहत अ¤वा दसू 1े का
अÎनP क1ने के ÎH7 Íकया Hाता ह वह तप तामस कहा गया ह 1(19)
दात¯यÎम Îत यˆा न द|यत े€नुपाकाÍ1Þ े1
दे शे काH े ¬ पा³ े ¬ तˆान सा Íïवक 1म तम1 1 2011
दान दे ना ह| कत¯ य ह • 7से भाव से Hो दान दे श त¤ा काH H1 पा³ के üाB होने प1
3पका1 न क1ने वाHे के üÎत Íदया Hाता ह , वह दान साÍïवक कहा गया ह 1(20)
यdु üतय ुपका1 ा¤ 9Hमु ͈•य वा प ुन1
द|यत े ¬ पÍ1 Í4HP तˆान 1ाHस 1म तम1 12111
Íकनतु Hो दान 4Hेशपूवक त¤ा üतयुपका1 के üयोHन से अ¤वा 9H को •ÍP म 1¼क1
Í91 Íदया Hाता ह , वह दान 1ाHस कहा गया ह 1(21)
अदेशकाH े यˆानमपा³ े¹य° द|यत े1
असतकतमव7ात तdाम समुदा(तम1 1 2211
Hो दान Íबना सतका1 के अ¤वा Îत11का1पूवक अयो¹य दे श-काH म कु पा³ के üÎत Íदया
Hाता ह , वह दान तामस कहा गया ह 1(22) ( अनुकम )
‚ तत सÍद Îत Îनद शो ü(ÞÍU Íवध 1म त1
üा(Þा1त ेन व ेदा° य7ा° ÍवÍहता प ु1ा11 2311
‚, तत, सत, - 7से यह तीन üका1 का सͯ¬दाननदÞन ü( का नाम कहा ह 3सी से
सÍ P के HÍद काH म üा(Þ H1 वेद त¤ा य7ाÍद 1¬े गये1(23)
त1मादो Îमतय ुदा(त य य7दा नतप Íकया1
üवत नते Íवधानोñा सत त ü(वाÍदनाम1 12411
çसÎH7 वेद-मन³| का 3¯¬ा1Þ क1ने वाHे श8े पु³¤| की शाUÍवÎध से Îनयत य7, दान
H1 तपFप Íकया7 सदा '‚' çस प1मातमा के नाम को 3¯¬ा1Þ क1के ह| H1मभ होती ह 1
तÍदतयनÎभस धाय 9H य7तप Íकया
दानÍकया° ÍवÍव धा Íकयनत े मोHक ाÍH Îभ 11 2511
तत अ¤ात 'तत' नाम से कहे Hाने वाHे प1मातमा का ह| यह सब ह • çस भाव से 9H
को न ¬ाह क1 नाना üका1 की य7, तपFप Íकया7 त¤ा दानFप Íकया7 क~याÞ की ç¯UावाHे
पु³¤| §ा1ा की Hाती ह 1(25)
स†ावे साध ु भावे ¬ सÍदत येततüय ुजयत े1
üश1ते कम ÍÞ त¤ा स ¯U¯द पा ¤ युजयते11 2611
'सत' – çस üका1 यह प1मातमा का नाम सतयभाव म H1 श8े भाव म üयोग Íकया Hाता
ह त¤ा हे पा¤ ! 3dम कम म भी 'सत ' श¯द का üयोग Íकया Hाता ह 1(26)
य7े तप Îस दा ने ¬ Í1¤ Îत स ÍदÎत ¬ो¯यत े1
कम ¬व त द¤‹य सÍदत येवाÎभ धीयत े11 2711
त¤ा य7, तप H1 दान म Hो Í1¤Îत ह , वह भी 'सत' çस üका1 कह| Hाती ह H1 3स
प1मातमा के ÎH7 Íकया ह

H कम Îन°यपूवक सत • 7से कहा Hाता ह 1(27)
अश@या ह

त दd तप1तB कत ¬ यत1
असÍदतय ु¯यत े पा ¤ न ¬ ततü ेतय नो çह11 2811
हे अHुन ! Íबना श@ा के Íकया ह

H हवन, Íदया ह

H दान व तपा ह

H तप H1 Hो कु U
भी Íकया ह

H शु भ कम ह • वह सम1त 'असत' – çस üका1 कहा Hाता ह , çसÎH7 वह न तो
çस Hोक म Hाभदायक ह H1 न म1ने के बाद ह|1(28) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे श@ा³यÍवभागयोगो नाम सBदशो€ºयाय 111711
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म श@ा³यÍवभागयोग नामक स³हवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
अòा1हव अ ºयाय का माहा तमय
शीपाव तीHी न े क हा भगवन ! Hपने स³हव अºयाय का माहातमय बतHाया1 अब
अòा1हव अºयाय के माहातमय का वÞन कीÍH71
शीम हादेवHी न क हा ÎगÍ1नÍनदनी ! άनमय Hननद की धा1ा बहाने वाHे अòा1हव
अºयाय के पावन माहातमय को Hो वेद से भी 3dम ह , शवÞ क1ो1 वह समपूÞ शाU| का
सव1 व, कान| म पsा ह

H 1सायन के समान त¤ा ससा1 के यातना-HाH को ÎUनन-Îभनन क1ने
वाHा ह 1 Îस@ पु ³¤| के ÎH7 यह प1म 1ह1य की व1तु ह 1 çसम अÍव²ा का नाश क1ने की पूÞ
Hमता ह 1 यह भगवान Íव*Þु की ¬ेतना त¤ा सवश 8े प1म पद ह 1 çतना ह| नह|, यह Íववेकमयी
Hता का मू H, काम-कोध H1 मद को नP क1ने वाHा, çन5 HÍद दे वताH के άd का Íवशाम-
मÍनद1 त¤ा सनक-सननदन HÍद महायोÎगय| का मनो1 Hन क1ने वाHा ह 1 çसके पाòमा³ से
यमदतू | की गHन ा बनद हो Hाती ह 1 पावत ी ! çससे बõक1 को( 7सा 1ह1यमय 3पदे श नह| ह ,
Hो सतB मानव| के ͳÍवध ताप को ह1ने वाHा H1 बsे -बsे पातक| का नाश क1ने वाHा हो1
अòा1हव अºयाय का Hोकोd1 माहातमय ह 1 çसके समबनध म Hो पÍव³ 3पाFयान ह , 3से
भÍñपूवक सुनो1 3सके शवÞमा³ से Hीव सम1त पाप| से मु ñ हो Hाता ह 1
मे³ÎगÍ1 के Îश¼1 अम1ावती नामवाHी 7क 1मÞीय पु1| ह 1 3से पूवक ाH म Íव+कमा ने
बनाया ¤ा1 3स पु 1| म दे वताH §ा1ा सेÍवत çन5 श¬ी के सा¤ Îनवास क1ते ¤े1 7क Íदन वे
सु¼पूवक बòे ह

7 ¤े, çतने ह| म 3नह|ने दे ¼ा Íक भगवान Íव*Þु के दतू | से सेÍवत 7क अनय
पु³¤ वहा H 1हा ह 1 çन5 3स नवागत पु³¤ के तेH से Îत11क त होक1 तु 1नत ह| अपने
मÍÞमय Îस हासन से मÞsप म Îग1 पsे 1 तब çन5 के सेवक| ने दे वHोक के सा•ाजय का मु कु ò
çस नूतन çन5 के म1तक प1 1¼ Íदया1 Í91 तो Íद¯य गीत गाती ह

( दे वागनाH के सा¤ सब
दे वता 3नकी H1ती 3ता1ने Hगे1 #ͤय| ने वेदम ³| का 3¯¬ा1Þ क1के 3नह अनेक Hशीवाद
Íदये1 गनधव| का HÎHत 1व1 म मगHमय गान होने Hगा1
çस üका1 çस नवीन çन5 का स| य7| का अनु8ान Íकये Íबना ह| नाना üका1 के
3तसव| से सेÍवत दे ¼क1 पु1ाने çन5 को बsा Íव1मय ह

H1 वे सो¬ने Hगे 'çसने तो माग म न
कभी पlसHे (!या3) बनवाये ह , न पो¼1े ¼ुदवाये ह H1 न पΤक| को Íवशाम दे ने वाHे बsे -बsे
वH ह| Hगवाये ह 1 अकाH पsने प1 अनन दान के §ा1ा çसने üाÍÞय| का सतका1 भी नह|
Íकया ह 1 çसके §ा1ा ती¤| म स³ H1 गाव| म य7 का अनु8ान भी नह| ह

H ह 1 Í91 çसने
यहा भा¹य की द| ह

( ये सा1| व1तु7 क से üाB की ह ? çस άनता से ¯याकु H होक1 çन5
भगवान Íव*Þु से पूUने के ÎH7 üेमपूवक Hी1साग1 के तò प1 गये H1 वहा अक1मात अपने
सा•ाजय से •P होने का दु ¼ Îनवेदन क1ते ह

7 बोHे
'H‰मीकानत ! म ने पूवक ाH म Hपकी üसननता के ÎH7 स| य7| का अनु8ान Íकया ¤ा1
3सी के पु Þय से मु$े çन5पद की üाÎB ह

( ¤ी, Íकनतु çस समय 1वग म को( दसू 1ा ह| çन5
अÎधका1 Hमाये ब òा ह 1 3सने तो न कभी धम का अनु8ान Íकया ह न य7| का Í91 3सने मे1े
Íद¯य Îसहासन प1 क से अÎधका1 Hमाया ह ?'( अनुकम )
शीभ गवान बोH े çन5 ! वह गीता के अòा1हव अºयाय म से पा¬ शोक| का üÎतÍदन
पाò क1ता ह 1 3सी के पु Þय से 3सने तुमहा1े 3dम सा•ाजय को üाB क1 ÎHया ह 1 गीता के
अòा1हव अºयाय का पाò सब पु Þय| का Îश1ोमÍÞ ह 1 3सी का Hशय Hेक1 तु म भी पद प1
Í1¤1 हो सकते हो1
भगवान Íव*Þु के ये व¬न सु नक1 H1 3स 3dम 3पाय को Hानक1 çन5 üा(Þ का वे¤
बनाये गोदाव1| के तò प1 गये1 वहा 3नह|ने काÎHकाTाम नामक 3dम H1 पÍव³ नग1 दे ¼ा,
Hहा काH का भी मद न क1ने वाHे भगवान काHे+1 Íव1ाHमान ह 1 वह| गोदाव1 तò प1 7क
प1म धमात मा üा(Þ बòे ¤े, Hो बsे ह| दयाHु H1 वेद| के पा1 गत Íव§ान ¤े1 वे अपने मन को
वश म क1के üÎतÍदन गीता के अòा1हव अºयाय का 1वाºयाय Íकया क1ते ¤े1 3नह दे ¼क1
çन5 ने बs| üसननता के सा¤ 3नके दोन| ¬1Þ| म म1तक $ुकाया H1 3नह| अòा1हव
अºयाय को पõा1 Í91 3सी के पुÞय से 3नह|ने शी Íव*Þु का सायुजय üाB क1 ÎHया1 çन5
HÍद दे वताH का पद बह

त ह| Uोòा ह , यह Hानक1 वे प1म ह¤ के सा¤ 3dम वकु Þòधाम को
गये1 अत यह अºयाय मुÎनय| के ÎH7 श8े प1म तïव ह 1 पावत ी ! अòा1हवे अºयाय के çस
Íद¯य माहातमय का वÞन समाB ह

H1 çसके शवÞ मा³ से मनु*य सब पाप| से Uु òका1ा पा
Hाता ह 1 çस üका1 समपूÞ गीता का पापनाशक माहातमय बतHाया गया1 महाभागे ! Hो पु³¤
श@ायुñ होक1 çसका शवÞ क1ता ह , वह सम1त य7| का 9H पाक1 अनत म शीÍव*Þु का
सायुजय üाB क1 Hेता ह 1( अनुकम )
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚
अòा1हवा अ ºयाय मो Hसनयासयोग
दसू 1े अºयाय के 11 व शोक से शीमद भगवद गीता के 3पदे श का H1मभ ह

H ह 1 वहा
से Hेक1 30 व शोक तक भगवान ने 7ानयोग का 3पदे श Íदया ह H1 बी¬ म Hा³धम की •ÍP
से यु@ का कत¯ य बता क1 39 व शोक से अºयाय पू1ा हो तब तक कमय ोग का 3पदे श Íदया
ह 1 Í91 तीस1े अºयाय से स³हव अºयाय तक Íकसी Hगह प1 7ानयोग के §ा1ा तो Íकसी
Hगह कमय ोग के §ा1ा प1मातमा की üाÎB बतायी गयी ह 1 यह सब सुनक1 अHुन çस अòा1हव
अºयाय म सव अºयाय| के 3ˆे •य का सा1 Hानने के ÎH7 भगवान के समH सनयास यानी
7ानयोग का H1 तयाग यानी 9HासÍñ1Íहत कमय ोग का तïव अHग-अHग से सम$ने की
ç¯Uा üकò क1ते ह 1
11 अ¤ ाPादशो €ºयाय 11
अHु न 3वा¬
सनयास1य महाबाहो तïवÎम ¯UाÎम वेÍदत ुम1
तयाग1य ¬ (¤ीक े श प ¤4के ÎशÎन¤ ूदन11 111
अHुन बोHे हे महाबाहो ! हे अनतयाÎ मन ! हे वासुदे व ! म सनयास H1 तयाग के तïव को
प¤ क-प¤ क Hानना ¬ाहता ह

1
शीभगवान ुवा¬
कामयाना कम Þा नयास कवयो Íवद ु 1
सव कम 9Hतयाग üाह

1तयाग Íव ¬HÞा11 211
शी भगवान बोHे Íकतने ह| पÍÞsतHन तो कामय कम| के तयाग को स नयास सम$ते ह
त¤ा दसू 1े Íव¬ा1कु शH पु³¤ सब कम| के 9H के तयाग को तयाग कहते ह 1(2)
तया जय दो¤वÍदत येके कम üाह

म नीͤÞ
य7दानतपक म न तयाजयÎमÎत ¬ाप1 े11 311
कु Uे क Íव§ान 7सा कहते ह Íक कमम ा³ दो¤युñ ह , çसÎH7 तयागने के यो¹य ह H1
दसू 1े Íव§ान यह कहते ह Íक य7, दान H1 तपFप कम तयागने यो¹य नह| ह 1(3)
Îन°य शÞु मे त³ तयाग े भ1तसd म1
तयागो Íह प ु ³¤¯य ाU ͳ Íवध समü कीÎत त11 411
हे पु³¤श8े अHुन ! सनयास H1 तयाग, çन दोन| म से पहHे तयाग के Íव¤य म तू मे1ा
Îन°य सुन1 4य|Íक तयाग साÍïवक, 1ाHस H1 तामस भेद से तीन üका1 का कहा गया ह 1(4)
य7दानतपक म न तयाजय काय मेव तत1
य7ो दान तप °व पावनाÎन मनी ͤÞाम1 1511
य7, दान H1 तपFप कम तयाग क1ने के यो¹य नह| ह , बÍ~क वह तो अव•य कत¯ य ह ,
4य|Íक य7, दान H1 तप • ये तीन| ह| कम बुÍ@मान पु³¤| को पÍव³ क1ने वाHे ह 1(5)
7तानयÍप त ु कमा ÍÞ स ™ग तय4तवा 9HाÎन ¬1
कत ¯या नीÎत म े पा¤ Îन° त मतम ुdम म1 1611
çसÎH7 हे पा¤ ! çन य7, दान H1 तपFप कम| को त¤ा H1 भी समपूÞ कत¯ यकम|
को HसÍñ H1 9H| का तयाग क1के अव•य क1ना ¬ाÍह7; यह मे1ा Îन°य Íकया ह

H 3dम
मत ह 1(6)
Îनयत1य तु सनयास कम Þो नोपप²त े1
मोहाd1य पÍ1तय ाग1 तामस प Í1कीÎत त11 711
(Îनͤ@ H1 कामय कम| का तो 1वFप से तयाग क1ना 3άत ह| ह 1) प1नतु Îनयत कम
का 1वFप से तयाग 3άत नह| ह 1 çसÎH7 मोह के का1Þ 3सका तयाग क1 दे ना तामस तयाग
कहा गया ह 1(7) ( अनुकम )
दु ¼Îमत येव यतकम काय4H ेशभया ïयHेत1
स कतवा 1ाHस तय ाग नव तयाग9H H भेत1 1
Hो कु U कम ह , वह सब दु ¼Fप ह| ह , 7सा सम$क1 यÍद को( शा1|Í1क 4Hेश के भय
से कत¯ य-कम| का तयाग क1 दे , तो वह 7सा 1ाHस तयाग क1के तयाग के 9H को Íकसी üका1
भी नह| पाता1(8)
काय Îमतय ेव यतकम Îनयत Íकयत े€Hु न1
स™गतय4तवा 9H ¬व स तयाग सा Íïवको मत 11 911
हे अHुन ! Hो शाUÍवÍहत कम क1ना कत¯ य ह • çसी भाव से HसÍñ H1 9H का
तयाग क1के Íकया Hाता ह वह| साÍïवक तयाग माना गया ह 1(9)
न §े*”यकुशH क म कुशHे नान ु¤जHत े1
तयागी सïव समाÍवPो म े धावी ÎUन नसशय11 1011
Hो मनु*य अकु शH कम से §े ¤ नह| क1ता H1 कु शH कम म Hसñ नह| होता • वह
शु@ सïवगुÞ से युñ पु ³¤ सशय1Íहत, बुÍ@मान H1 स¯¬ा तयागी ह 1(10)
न Íह देहभ ता श4य तयñु कमा Þयशे¤त1
य1तु कम 9Hतय ागी स तयागीतयÎभ धीयत े11 1111
4य|Íक श1|1धा1| Íकसी भी मनु*य के §ा1ा समपूÞत ा से सब कम| का तयाग Íकया Hाना
श4य नह| ह çसÎH7 Hो कम9 H का तयागी ह , वह| तयागी ह • यह कहा Hाता ह 1(11)
अÎनP ÎमP Îमश ¬ ͳ Íवध कम Þ 9Hम1
भवतयतयाÎगना üेतय न त ु सनयाÎसना 4व άत 1 11211
कम9 H का तयाग न क1ने वाHे मनु*य| के कम| का तो अ¯Uा-बु1ा H1 ÎमHा ह

H •
7से तीन üका1 का 9H म1ने के प°ात अव•य होता ह , Íकनतु कम9 H का तयाग क1 दे ने वाHे
मनु*य| के कम| का 9H Íकसी काH म भी नह| होता1(12)
प ¬ताÎन महाबाहो का1ÞाÎन Îनबोध म े1
साFये क तानत üोñाÎन Îस@ ये सव कम Þाम1 1 1311
हे महाबाहो ! समपूÞ कम| की ÎसÍ@ के ये पा¬ हे तु कम| का अनत क1ने के ÎH7 3पाय
बतHाने वाHे साFयशाU म कहे गये ह , 3नको तू मु $से भHी भाÎत Hान1(13)
अÎध 8ान त¤ा कता क1Þ ¬ प ¤Í¹व धम1
ÍवÍव धा° प ¤4¬ेPा द व ¬वा³ प ¬मम1 1 1411
çस Íव¤य म अ¤ात कम| की ÎसÍ@ म अÎध8ान H1 कता त¤ा Îभनन-Îभनन üका1 के
क1Þ H1 नाना üका1 की अHग-अHग ¬ेPा7 H1 वसे ह| पा ¬वा हे तु द व ह 1(14)
श1|1वाý मनो Îभय तकम üा1भत े न11
नयाŽय वा Íव प1|त वा प ¬ते त1य ह ेतव11 1511
मनु*य मन, वाÞी H1 श1|1 से शाUानुकू H अ¤वा Íवप1|त Hो कु U भी कम क1ता ह •
3सके ये पा¬| का1Þ ह 1(15) ( अनुकम )
त³व स Îत कता 1मातमान केवH तु य1
प•यत यकतबुÍ@तवा नन स प•यÎत द ु म Îत11 1611
प1नतु 7सा होने प1 भी Hो मनु*य अशु@ बुÍ@ होने के का1Þ 3स Íव¤य म यानी कम|
के होने म के वH शु@1वFप Hतमा को कता सम$ता ह , वह मÎHन बुÍ@वाHा अ7ानी य¤ा¤
नह| सम$ता1(16)
य1य ना हकतो भावो ब ुÍ@य 1य न ÎH !यते1
हतवा Íप स ç मा ~Hोकानन हÍनत न Îनबºयत े11 1711
ÍHस पु³¤ के अनतक1Þ म 'म कता ह

' 7सा भाव नह| ह त¤ा ÍHसकी बुÍ@ सासाÍ1क
पदा¤| म H1 कम| म Hेपायमान नह| होती, वह पु³¤ çन सब Hोक| को मा1क1 भी वा1तव म
न तो म1ता ह H1 न पाप से ब धता ह 1(17)
7ान 7ेय पÍ17ाता ͳÍवधा कम ¬ोदना1
क1Þ कम कत Îत ͳÍव ध क म कTह11 1811
7ाता, 7ान H1 7ेय • ये तीन üका1 की कम-üे1Þा ह H1 कता, क1Þ त¤ा Íकया ये
तीन üका1 का कम स Tह ह 1(18)
7ान कम ¬ कता ¬ ͳ धव ग ुÞभेदत1
üो¯यत े गुÞसFयान े य¤ाव¯U Þु तानयÍप11 1911
गुÞ| की सFया क1ने वाHे शाU म 7ान H1 कम त¤ा कता गु Þ| के भेद से तीन-तीन
üका1 के ह| कहे गये ह , 3नको भी तू मु $से भHी भाÎत सुन1(19)
सव भूते¤ य ेनक भावम¯ययमीHत े1
अÍवभñ Íवभñे¤ु तज7ान ÍवÍ@ स ाÍïवकम1 1 2011
ÍHस 7ान से मनु*य प¤ क-प¤ क सब भूत| म 7क अÍवनाशी प1मातमभाव को
Íवभाग1Íहत समभाव से Í1¤त दे ¼ता ह , 3स 7ान को तू साÍïवक Hान1(20)
प ¤4तव ेन त ु यज7ा न ना नाभावानप ¤Í¹वधान1
वेÍd सव ¤ु भूते¤ु तज7ान ÍवÍ@ 1ाHसम1 12111
Íकनतु Hो 7ान अ¤ात ÍHस 7ान के §ा1ा मनु*य समपूÞ भूत| म Îभनन-Îभनन üका1 के
नाना भाव| को अHग-अHग Hानता ह , 3स 7ान को तू 1ाHस Hान1(21)
यdु कत1नवद ेकÍ1म नकाय सñ महतुकम1
अतïवा¤ वद~ प ¬ तdामस मुदा(तम1 12211
प1नतु Hो 7ान 7क कायF प श1|1 म ह| समपूÞ के स•श Hसñ ह त¤ा Hो Íबना
युÍñवाHा, ताÍïवक अ¤ से 1Íहत H1 तु¯U ह • वह तामस कहा गया ह 1(22) ( अनुकम )
Îनयत सग1Íह तम1ाग§ े¤त कतम1
अ9Hüेतसुना कम यdतसाÍïवकम ु¯यत े11 2311
Hो कम शाUÍवÎध से Îनयत Íकया ह

H H1 कताप न के अÎभमान से 1Íहत हो त¤ा
9H न ¬ाहने वाHे पु³¤ §ा1ा Íबना 1ाग-§े ¤ के Íकया गया हो • वह साÍïवक कहा Hाता ह 1
(23)
यdु काम े!सुना कम साह का1 ेÞ वा प ुन1
Íकयत े बह

Hायास त5Hासम ुदा(तम1 1 2411
प1नतु Hो कम बह

त पÍ1शम से युñ होता ह त¤ा भोग| को ¬ाहने वाHे पु³¤ §ा1ा या
अह का1युñ पु ³¤ §ा1ा Íकया Hाता ह , वह कम 1ाHस कहा गया ह 1(24)
अनुबनध Hय Íह सामनव े‰य ¬ प|³¤ म1
मो हादा 1¹यत े कम यddामसम ु¯यत े11 2511
Hो कम पÍ1Þाम, हाÎन, Íह सा H1 साम°य को न Íव¬ा1 क1 के वH अ7ान से H1मभ
Íकया Hाता ह , वह तामस कहा Hाता ह 1(25)
मुñस गो€नह वाद| ध तयुतसाहसम Íनवत 1
Îस@य Îस@य ोÎन Íव का1 कता साÍïवक 3 ¯यते11 2611
Hो कता सग1Íहत, अह का1 के व¬न न बोHने वाHा, ध य H1 3तसाह से युñ त¤ा काय
के Îस@ होने H1 न होने म ह¤-शोकाÍद Íवका1| से 1Íहत ह • वह साÍïवक कहा Hाता ह 1(26)
1ागी कम 9Hüे!सुHु ¯धो Íहसातमको€ शुά 1
ह¤ शोका Íनवत क ता 1ाHस पÍ1की Îत त11 2711
Hो कता HसÍñ से युñ, कम| के 9H को ¬ाहने वाHा H1 Hोभी ह त¤ा दसू 1| को कP
दे ने के 1वभाववाHा, अशु@ा¬ा1| H1 ह¤-शोक से ÎHB ह • वह 1ाHस कहा गया ह 1(27)
Hयुñ üाकत 1 त¯ध श òो न *कÎतको€ Hस1
Íव¤ाद| द|Þ सू³ी ¬ कता तामस 3 ¯यते11
Hो कता अयुñ, ÎशHा से 1Íहत, Þमs|, धूत H1 दसू 1| की HीÍवका का नाश क1ने वाHा
त¤ा शोक क1ने वाHा, HHसी H1 द|Þस ू³ी ह • वह तामस कहा Hाता ह 1(28)
बु@ेभ द ध ते°व ग ुÞत ÍUÍवध श Þु1
üो¯यमानमश े¤ेÞ प ¤4तव ेन धनHय11 2911
हे धनHय ! अब तू बुÍ@ का H1 धÎ त का भी गु Þ| के अनुसा1 तीन üका1 का भेद मे1े
§ा1ा समपूÞत ा से Íवभागपूवक कहा Hाने वाHा सुन1(29)
üव Íd ¬ Îनव Íd ¬ काय ा काय भयाभय े1
बनध मोH ¬ या व ेÍd ब ुÍ@ सा पा¤ सा Íïवकी11 3011
हे पा¤ ! Hो बुÍ@ üवÍ dमाग H1 ÎनवÍ dमाग को, कत¯ य H1 अकत¯ य को, भय H1
अभय को त¤ा बनधन H1 मोH को य¤ा¤ Hानती ह • वह बु Í@ साÍïवकी ह 1(30) ( अनुकम )
यया धम मधम ¬ काय ¬ाकाय मेव ¬1
अय¤ावतüHानाÎत ब ुÍ@ सा पा¤ 1ाHसी11 3111
हे पा¤ ! मनु*य ÍHस बुÍ@ के §ा1ा धम H1 अधम को त¤ा कत¯ य H1 अकत¯ य को
भी य¤ा¤ नह| Hानता, वह बुÍ@ 1ाHसी ह 1
अधम धम ÎमÎत या मनयते तम साव ता1
सवा ¤ा Íनवप1|ता ° बुÍ@ स ा पा¤ तामसी11 3211
हे अHुन ! Hो तमोगुÞ से ÎÞ1| ह

( बुÍ@ अधम को भी 'यह धम ह ' 7सा मान Hेती ह
त¤ा çसी üका1 अनय समपूÞ पदा¤| को भी Íवप1|त मान Hेती ह , वह बुÍ@ तामसी ह 1(32)
ध तया यया धा1यत े मनüाÞ े Íन5यÍकया1
योगेना¯ यÎभ¬ाÍ1Þया ध Îत सा पा¤ साÍïव की11 3311
हे पा¤ ! ÍHस अ¯यÎभ¬ाÍ1Þी धा1ÞशÍñ से मनु*य ºयानयोग के §ा1ा मन, üाÞ H1
çÍन5य| की ÍकयाH को धा1Þ क1ता ह , वह धÎ त साÍïवकी ह 1(33)
यया तु ध म कामा¤ा नध तया धा1 यते€ Hु न1
üसगेन 9Hाक ाHी ध Îत स ा पा¤ 1ाHसी11 3411
प1 तु हे प¤ ापु³ अHुन ! 9H की ç¯UावाHा मनु*य ÍHस धा1ÞशÍñ के §ा1ा अतयनत
HसÍñ से धम, अ¤ H1 काम| को धा1Þ क1ता ह , वह धा1ÞशÍñ 1ाHसी ह 1 (34)
यया 1व!न भय शोक Íव¤ाद म दमेव ¬1
न Íवमु ¬Îत द ु म धा ध Îत सा पा¤ ताम सी11 3511
हे पा¤ ! दPु बु Í@वाHा मनु*य ÍHस धा1ÞशÍñ के §ा1ा Îन5ा, भय, άनता H1 दु ¼ को
त¤ा 3नमdता को भी नह| Uोsता अ¤ात धा1Þ Íकये 1हता ह • वह धा1ÞशÍñ तामसी ह 1(35)
सु¼ Íतवदानी ͳ Íवध श Þु मे भ1 त¤ भ1
अ¹यसा5 मते य³ द ु ¼ानत ¬ Îनग ¯UÎत11 3611
यdदT े Íव ¤Îमद प Í1Þाम े€म तोपमम1
ततसु¼ सा Íïवक üोñमातमब ुÍ@ü सादHम1 1 3711
हे भ1तश8े ! अब तीन üका1 के सु ¼ को भी तू मु$से सुन1 ÍHस सु¼ म साधक मनु*य
भHन, ºयान H1 सेवाÍद के अ¹यास से 1मÞ क1ता ह H1 ÍHससे दु ¼| के अनत को üाB हो
Hाता ह • Hो 7सा सु¼ ह , वह H1मभकाH म य²Íप Íव¤ के तु ~य üतीत होता ह , प1 तु
पÍ1Þाम म अमत के तु~य ह 1 çसÎH7 वह प1मातमÍव¤यक बुÍ@ के üसाद से 3तपनन होने
वाHा सु¼ साÍïवक कहा गया ह 1(36, 37) ( अनुकम )
Íव¤य े Íन5यस योगा²dदT े€म तोपमम1
पÍ1Þाम े Íव¤ Îमव ततस ु¼ 1ाHस 1 म तम1 13811
Hो सु¼ Íव¤य H1 çÍन5य| के सयोग से होता ह , वह पहHे भोगकाH म अमत के तु~य
üतीत होने प1 भी पÍ1Þाम म Íव¤ के तु~य ह , çसÎH7 वह सु¼ 1ाHस कहा गया ह 1(38)
यदTे ¬ान ुबनधे ¬ स ु¼ मोहनमातमन1
Îन5ा H1यüमादोत ¤ तdामसम ुदा(त म1 13911
Hो सु¼ भोगकाH म त¤ा पÍ1Þाम म भी Hतमा को मोÍहत क1ने वाHा ह • वह Îन5ा,
HH1य H1 üमाद से 3तपनन सु¼ तामस कहा गया ह 1(39)
न तदÍ1त प Τ¯या व Íद Íव द ेवे¤ु वा प ुन
सïव üक ÎतHमु ñ यद ेÎभ 1याÍत³Îभ गु Þ11 4011
प° वी म या Hकाश म अ¤वा दे वताH म त¤ा çनके Îसवा H1 कह| भी वह 7सा को(
भी सïव नह| ह , Hो üक Îत से 3तपनन çन तीन| गु Þ| से 1Íहत हो1(40)
üा(ÞH ͳयÍव शा शू5ाÞा ¬ प1तप1
कमा ÍÞ üÍव भñाÎन 1वभावü भवगु Þ11 4111
हे प1 तप ! üा(Þ, Hͳय H1 व•य| के त¤ा शू5| के कम 1वभाव 3तपनन गु Þ| §ा1ा
Íवभñ Íकये गये ह 1(41)
शमो द म1तप श|¬ Hा Íनत1ाH वमेव ¬ 1
7ान Íव7ा नमा Í1त4य ü(कम 1व भावHम1 14211
अनतक1Þ का ÎनTह क1ना, çÍन5य| का दमन क1ना, धमप ाHन के ÎH7 कP सहना,
बाह1-भीत1 से शु @ 1हना, दसू 1| के अप1ाध| को Hमा क1ना, मन, çÍन5य H1 श1|1 को स1H
1¼ना, वेद,-शाU, (+1 H1 प1Hोक HÍद म श@ा 1¼ना, वेद-शाU| का अºययन-अºयापन क1ना
H1 प1मातमा के तïव का अनुभव क1ना • ये सब-के -सब ह| üा(Þ के 1वाभाÍवक कम ह 1(42)
श|य तेHो ध Îतदा ‰य यु@े ¬ा!यपHाय नम1
दानमी+1भाव° Hा³ क म 1वभावH म1 14311
शू1वी1ता, तेH, धय , ¬तु1ता H1 यु@ म न भागना, दान दे ना H1 1वामीभाव • ये सब-
के -सब ह| Hͳय के 1वाभाÍवक कम ह 1(43)
क ͤग|1‰यवाÍÞजय व• यकम 1वभावHम1
पÍ1¬या तमक कम शू51याÍप 1व भावHम1 1 4411
¼ेती, ग|पाHन H1 कय-ÍवकयFप सतय ¯यवहा1 • ये व•य के 1वाभाÍवक कम ह त¤ा
सब वÞ| की सेवा क1ना शू 5 का भी 1वाभाÍवक कम ह 1(44)
1वे 1व े कम ÞयÎभ1त स Îस Í@ Hभ ते न 11
1वकम Îन1त ÎसÍ@ य¤ा Íव नदÎत त ¯UÞु11 4511
अपने-अपने 1वाभाÍवक कम| म ततप1ता से Hगा ह

H मनु*य भगवतüाÎBFप प1म ÎसÍ@
को üाB हो Hाता ह 1 अपने 1वाभाÍवक कम म Hगा ह

H मनु*य ÍHस üका1 से कम क1के
प1म ÎसÍ@ को üाB होता, 3स ÍवÎध को तू सुन1(45) ( अनुकम )
यत üव Ídभू ताना येन सव Îमद ततम1
1वकम Þा त म¹य¯य ÎसÍ@ Íवनद Îत मानव11 4611
ÍHस प1मे+1 से समपूÞ üाÍÞय| की 3तपÍd ह

( ह H1 ÍHससे यह सम1त Hगत ¯याB
ह , 3स प1मे+1 की अपने 1वाभाÍवक कम| §ा1ा पूHा क1के मनु*य प1म ÎसÍ@ को üाB हो Hाता
ह 1(46)
शे यान1व धम| Íव गुÞ प1ध मा त1वन ुÍ8तात1
1वभावÎनयत क म कुव नना!न ोÎत Íक Í~ब¤म1 1 4711
अ¯U| üका1 H¬1Þ Íकये ह

7 दसू 1े के धम से गु Þ1Íहत भी अपना धम श8े ह , 4य|Íक
1वभाव से Îनयत Íकये ह

7 1वधम कम को क1ता ह

H मनु*य पाप को नह| üाB होता1(47)
सहH क म क|नत ेय सदो¤ मÍप न तयH ेत1
सवा 1मभा Íह दो¤ ेÞ ध ूमेना͹नÍ1वाव ता11 4811
अत7व हे कु नतीपु³ ! दो¤युñ होने प1 भी सहH कम को नह| तयागना ¬ाÍह7, 4य|Íक
धु7 से अ͹न की भाÎत सभी कम Íकसी-न-Íकसी दो¤ से युñ ह 1(48)
असñब ुÍ@ सव ³ ÍHतातमा Íवगत1प ह1
न*कमय ÎसÍ@ प1मा सनयास ेनाÎध ग¯UÎत 11 4911
सव³ HसÍñ 1Íहत बुÍ@वाHा, 1पह ा1Íहत H1 Hीते ह

7 अनतक1ÞवाHा पु ³¤ साFययोग
के §ा1ा 3स प1म न*कमयÎ सÍ@ को üाB होता ह 1(49)
ÎसÍ@ üाBो य¤ा ü ( त¤ा!नोÎत Îनबोध म े1
समासेनव क|नत ेय Îन8ा 7ा न1य या प1ा11 5011
Hो Íक 7ानयोग की प1ाÎन8ा ह , 3स न*कमय ÎसÍ@ को ÍHस üका1 से üाB होक मनु*य
ü( को üाB होता ह , 3स üका1 हे कु नतीपु³ ! तू स Hेप म ह| मु $से सम$1(50) ( अनुकम )
बु@य ा Íव शु@या युñो ध तयातमा न Îनयमय ¬1
श¯दाद|Íनव¤या 1तय4 तवा 1ाग§ े¤| ¯य ुद1 य ¬11 5111
ÍवÍवñस ेवी H‡ वाशी यतवा4का यमानस1
ºयानय ोगप1ो Îनतय व1ा ¹य सम ुपा Îशत 11 5211
अहका1 बH दप काम क ो ध पÍ1 Tहम1
Íवमु¯य Îनम म शा नतो ü(भूयाय क~पते11 5311
Íवशु@ बु Í@ से युñ त¤ा हHका, साÍïवक H1 ÎनयÎमत भोHन क1ने वाHा, श¯दाÍद
Íव¤य| का तयाग क1के 7कानत H1 शु@ दे श का सेवन क1ने वाHा, साÍïवक धा1ÞशÍñ के §ा1ा
अनतक1Þ H1 çÍन5य| का स यम क1के मन, वाÞी H1 श1|1 को वश म क1 Hेने वाHा त¤ा
अह का1, बH, ÞमÞs, काम, कोध H1 पÍ1Tह का तयाग क1के Îन1नत1 ºयानयोग के प1ायÞ 1हने
वाHा, ममता 1Íहत H1 शाÍनतयुñ पु³¤ सͯ¬दाननदÞन ü( म अÎभननभाव से Í1¤त होने का
पा³ होता ह 1(51, 52, 53)
ü(भूत ü सननातमा न शो ¬Îत न क ाHÎत 1
सम सव ¤ु भूते¤ु म† Íñ H भते प1ाम1 1 5411
Í91 वह सͯ¬दाननदÞन ü( म 7कीभाव से Í1¤त, üसनन मनवाHा योगी न तो Íकसी
के ÎH7 शोक क1ता ह H1 न Íकसी की HकाHा ह| क1ता ह 1 7सा सम1त üाÍÞय| म
समभावना वाHा योगी मे1| प1ाभÍñ को üाB हो Hाता ह 1(54)
भ4तया माम ÎभHानाÎत यावानय°ाÍ1म तïव त1
ततो मा तïवतो 7ातवा Íवशत े तदनन त1म1 15511
3स प1ाभÍñ के §ा1ा वह मु$ प1मातमा को, म Hो ह

H1 ÍHतना ह

, ò|क वसा-का-वसा
तïव से Hान Hेता ह त¤ा 3स भÍñ से मु $को तïव से Hानक1 ततकाH ह| मु $म üÍवP हो
Hाता ह 1(55)
सव कमा ÞयÍप सदा क ुवा Þो मद ¯यापाशय1
मत üसादादवा! नोÎत श ा+त पदम¯ययम1 15611
मे1े प1ायÞ ह

H कमय ोगी तो समपूÞ कम| को सदा क1ता ह

H भी मे1| क पा से
सनातन अÍवनाशी प1म पद को üाB हो Hाता ह 1(56)
¬ेतसा सव कमा ÍÞ म Îय स नय1य मतप1 1
बुÍ@योगम ुपा Îशतय मͯ¬त सतत भ व11 5711
सब कम| का मन से मु$म अपÞ क1के त¤ा समबुÍ@Fप योग को अवHमबन क1के मे1े
प1ायÞ H1 Îन1नत1 मु $म άdवाHा हो1(57)
मͯ¬ d सव दु गा ÍÞ मतü सादाdÍ1* यÎस1
अ¤ ¬ेïवमह का1 ानन शो*यÎस Íवन™‰यÎस11 5811
3पयुñ üका1 से मु$म άdवाHा होक1 तू मे1| क पा से सम1त सकò| को अनायास ह|
पा1 क1 Hायेगा H1 यÍद अह का1 के का1Þ मे1े व¬न| को न सुनेगा तो नP हो Hायेगा अ¤ात
प1मा¤ से •P हो Hायेगा1(58)
यदहका1माÎशतय न योत1य çÎत म नयसे1
Îम°य¤ ¯यवसा य1ते üक Îत1तव ा Îनयो‰ यÎत11 5911
Hो तू अह का1 का Hशय न Hेक1 यह मान 1हा ह Íक 'म यु@ नह| क³ गा' तो ते1ा यह
Îन°य Îम°या ह 4य|Íक ते1ा 1वभाव तु$े Hब1द1ती यु@ म Hगा दे गा1(59) ( अनुकम )
1वभावH ेन क|नत ेय Îनब@ 1व ेन कम Þा1
कतु ने¯UÎस यनमोहातकÍ1*य1यवशो€ Íप तत1 16011
हे कु नतीपु³ ! ÍHस कम को तू मोह के का1Þ क1ना नह| ¬ाहता, 3सको भी अपने पूवक त
1वाभाÍवक कम से ब धा ह

H प1वश होक1 क1े गा1(60)
(+1 सव भूताना (द ेशे €Hु न Îत8 Îत1
•ामयनसव भूताÎन य³ा FƒाÎन मायया11 6111
हे अHुन ! श1|1Fप य³ म HFõ ह

7 समपूÞ üाÍÞय| को अनतयाम ी प1मे+1 अपनी
माया से 3नके कम| के अनुसा1 •मÞ क1ाता ह

H सब üाÍÞय| के (दय म Í1¤त ह 1(61)
तमेव श1Þ ग¯ U सव भावेन भा1त1
ततü सादातप1ा शाÍनत 1¤ान üा!1यÎस शा +तम1 16211
हे भा1त ! तू सब üका1 से 3स प1मे+1 की श1Þ म Hा1 3स प1मातमा की क पा से ह|
तू प1म शाÍनत को त¤ा सनातन प1म धाम को üाB होगा1(62)
çÎत ते 7ा नमाFयात गुHद ग ु Hत1 मया1
Íवम •यतद शे¤ेÞ य¤े ¯UÎस त¤ा कु³11 6311
çस üका1 यह गोपनीय से भी अÎत गोपनीय 7ान मने तु$से कह Íदया1 अब तू çस
1ह1ययुñ 7ान को पूÞत या भHीभाÎत Íव¬ा1क1, Hसे ¬ाहता ह वसे ह| क11(63)
सव गुHत म भूय श Þु मे प1म व ¬1
çPो€ Îस म े •ƒ ÎमÎत ततो व‰याÎम त े Íहत म1 16411
समपूÞ गोपÎनय| से अÎत गोपनीय मे1े प1म 1ह1ययुñ व¬न को तू Í91 भी सुन1 तू
मे1ा अÎतशय Íüय ह , çससे यह प1म Íहतका1क व¬न म तु$से कह

गा1(64)
मनमना भव म द भñो म²ाHी मा नम1कु ³1
मामेव*यÎस स तय ते ü ÎतHान े Íüयो€Îस मे1 6511
हे अHुन ! तू मु$म मनवाHा हो, मे1ा भñ बन, मे1ा पूHन क1नेवाHा हो H1 मु$को
üÞाम क11 7सा क1ने से तू मु$े ह| üाB होगा, यह म तु $से सतय üÎत7ा क1ता ह

4य|Íक तू
मे1ा अतयनत Íüय ह 1(65)
सव धमा नपÍ1तयजय माम ेक श1Þ ü H1
अह तवा सव पापे¹यो मोH Îय*य ाÎम मा श ु ¬11 6611
समपूÞ धम| को अ¤ात समपूÞ कत¯ य कम| को मु$म तयागक1 तू के वH 7क मु$
सवश Íñमान सवाध ा1 प1मे+1 की ह| श1Þ म H Hा1 म तु$े समपूÞ पाप| से मुñ क1 द गू ा, तू
शोक मत क11(66) ( अनुकम )
çद ते नातप1काय नाभाñाय कदा ¬न1
न ¬ाशु शू¤वे वा¯य न ¬ म ा यो€¹यस ूयÎत11 6711
तु$े यह गीता Fप 1ह1यमय 3पदे श Íकसी भी काH म न तो तप1Íहत मनु*य से कहना
¬ाÍह7, न भÍñ 1Íहत से H1 न Íबना सुनने की ç¯UावाHे से ह| कहना ¬ाÍह7 त¤ा Hो मु$म
दो¤•ÍP 1¼ता ह 3ससे तो कभी नह| कहना ¬ाÍह71(67)
य çम प1 म गुH म द भñे*वÎभ धा1यÎत1
भÍñ म Îय प1ा कतवा माम ेव*यतयस श–11 6811
Hो पु³¤ मु$म प1म üेम क1के çस प1म 1ह1ययुñ गीताशाU को मे1े भñ| से कहे गा,
वह मु $को ह| üाB होगा • çसम को( सनदे ह नह|1(68)
न ¬ त 1मानमन ु*ये¤ु कÍ° नमे Íüयकdम1
भÍवता न ¬ म े त 1मादनय Íüयत1ो भुÍव11 6911
3ससे बõक1 मे1ा को( Íüय काय क1ने वाHा मनु*य| म को( भी नह| ह त¤ा प° वीभ1
म 3ससे बõक1 मे1ा Íüय दसू 1ा को( भÍव*य म होगा भी नह|1(69)
अºये*यत े ¬ य çम धमय स वादमावय ो1
7ान य7ेन तेनाह ÎमP 1या ÎमÎत म े म Îत11 7011
Hो पु³¤ çस धमम य हम दोन| के स वादFप गीताशाU को पõे गा, 3सके §ा1ा भी म
7ानय7 से पू ÍHत हो3 गा • 7सा मे1ा मत ह 1(70)
श@ावान नसूय° श ÞुयादÍप यो न1
सो €Íप म ुñ शुभ|~Hोकानüा!न ुया तपुÞयक म Þाम1 17111
Hो मनु*य श@ायुñ H1 दो¤•ÍP से 1Íहत होक1 çस गीताशाU को शवÞ भी क1े गा, वह
भी पाप| से मुñ होक1 3dम कम क1ने वाH| के श8े Hोक| को üाB होगा1(71)
कͯ¬ देत¯ÿत पा¤ तवय काT ेÞ ¬ ेतसा1
कͯ¬द7ानस मोह üनP1त े धन Hय11 7211
हे पा¤ ! 4या çस (गीताशाU) को तूने 7काTάd से शवÞ Íकया? H1 हे धनHय ! 4या
ते1ा अ7ानHÎनत मोह नP हो गया?(72)
अHु न 3वा¬
नPो मोह 1म ÎतH ¯धा तवतüासादानमया¯य ुत1
Í1¤तो €Í1म गतस नदेह कÍ1* ये व¬न तव11 7311
अHुन बोHे हे अ¯युत ! Hपकी क पा से मे1ा मोह नP हो गया H1 मने 1मÎ त üाB क1
Hी ह 1 अब म सशय1Íहत होक1 Í1¤त ह

, अत Hपकी H7ा का पाHन कF गा1(73) ( अनुकम )
सHय 3वा¬
çतयह वा सुदेव1य पा¤ 1य ¬ म हातमन1
सवाद Îममम श|¤म† ु त 1ोमह¤ Þम1 17411
सHय बोHे çस üका1 मने शीवासुदे व के H1 महातमा अHुन के çस अदभुत 1ह1ययुñ,
1ोमा¬का1क सवाद को सुना1(74)
¯यासüासादा¯ÿतवान े तद ग ुHमह प1म1
योग योग े+1ातक*Þा तसाHातक ¤यत 1वयम1 1 7511
शी ¯यासHी की क पा से Íद¯य •ÍP पाक1 मने çस प1म गोपनीय योग को अHुन के
üÎत कहते ह

7 1वय योगे+1 भगवान शीक *Þ से üतयH सु ना ह 1(75)
1ाHन स1म तय स 1म तय स वाद Îमम मद भ ुतम1
केशवाH ु नयो प ुÞय (*याÎम ¬ मुह

मु ह

11 7611
हे 1ाHन ! भगवान शीक *Þ H1 अHुन के çस 1ह1ययुñ क~याÞका1क H1 अदभुत
सवाद को पुन-पुन 1म1Þ क1के म बा1-बा1 हͤत हो 1हा ह

1(76)
त¯¬ स 1म तय स1म तय Fपमतय† ु त ह1 े 1
Íव1 मयो मे म हान 1ाHन(*या Îम ¬ प ुन प ुन11 7711
हे 1ाHन ! शी हÍ1 के 3स अतयनत ÍवHHÞ Fप को भी पुन-पुन 1म1Þ क1के मे1े άd
म महान H°य होता ह H1 म बा1-बा1 हͤत हो 1हा ह

1(77)
य³ योग े+1 क*Þो य³ पा¤| धन ु ध 1
त³ शीÍव Hयो भूÎतºु वा नीÎत म Îतम म11 7811
हे 1ाHन ! Hहा योगेव+1 भगवान शीक *Þ ह H1 Hहा गाÞs|व-धनु¤धा1| अHुन ह , वह|
प1 शी, ÍवHय, ÍवभूÎत H1 अ¬H नीÎत ह • 7सा मे1ा मत ह 1(78) ( अनुकम )
‚ ततसÍदÎत शीमद भगवद गीतासूपÎन¤तसु ü(Íव²ाया योगशाUे
शीक *ÞाHुन सवादे मोHसनयासयोगो नाम अPादशो€ºयाय 111811
çस üका1 3पÎन¤द, ü(Íव²ा त¤ा योगशाU Fप शीमद भगवद गीता के
शीक *Þ-अHुन सवाद म मोHसनयासयोग नामक अòा1हवा अºयाय सपूÞ हु H1
‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚‚

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