समय

बाबा ! दसद बे क ार िदल पै द ा (हाथ काम मे वयसत रहे और िदल अलाह
की याद मे ) का मसदाख बनो, समय (वकत) की खद व आदर करो।
हलाल रोजी पाप करने के बाद जो भी समय बचे इस को लहो लअ़़ब मे
ना गुज ारो। मे रे बतलाए हु ए िजक को कसरत से कया करो। नमाज पर
मदामत रखो, कोई नमाज बा जमआ़़त छू टने ना पाए।
शरीअ़़त के सखती से पाबं द रहो। जनाबे रसूल अलाह सललाहु
तआ़़ल ा अलै ि ह वसलम की सुर त बनाऊ, हाल व खाल मे आप की पूर ीपूर ी इतेब ा (पालन) करो।
द ुआ ़़ करता हो के अलाह तआ़़ल ा हम सब को इसते ख ामत आ़़ल ा
अल खै र अता फरमाए।
मवाइ़़ज हसना -1

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