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ज़कात

ज़कात

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Categories:Types, Research
Published by: Inayath Ali Himmathy on May 17, 2012
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जका त

जब ि दल मे धन की मे हनत ि फर जा ती है तो धन से समबं ध मं खतखअ़़
करवा ने जका त, ि फतरह, खु रबा नी , खै रा त मे खछ करवा ते ह! " ता के बं दे
( #$ व से वक) सब से तो % क% कर अ&ने खु दा त'़़ला का हो जा ("
धन खु दा ( त'़़ला का है )र हम ि म*ल अमा नतदा र के है " जहा + से
ले ने का 'दे , हो - ल( )र जहा + ख. करने का 'दे , हो ख. करे "
जका त, खु रबा नी , ि फतरह व खै रा त मे ख. करवा के जमा करवा ते ह! ता के
&रे ,ा नी के ि दन जहा + को / ि कसी के काम ना '(0ा "
1ह ख. ि क1ा ह2 ' धन हमा रे ही का 1 'जा (" 3स सम1 जका त को
1ा द करो 0े दु ि न1ा मे हम ने जका त ि क14 ना दी "
जका त धन का मै ल है )र नजासत है , 5सी - ल( जका त का धन खा ने से
मना ि क1ा 01ा है के तमा म धन के नजासत जका त मे जमा हो जा ती है
)र बा खी मा ल &ा नी &ि व6 हो जा ता है "
,त है के &ि व6 कमा / से कमा 1ा 01ा हो " जै से कु (ं मे .7 हा ि 0रने से सब
&ा नी अ&ि व6 हो जा ता है तो .ं द 8ो ल &ा नी ि नका लने से बा खी &ानी
&ि व6 हो जा ता है " 9सा ही जका त दे ने से बा खी धन &ि व6 हो जा ता है "
.ं द %ो ल &ा नी ना ि नका ला जा ( तो कु 9ं का सा रा &ा नी अ&ि व6 ही रहता
है " 5सी :का र जका त के ना दे ने से तमा म धन न;स का न;स (0ं दा )
रहता है " )< 5स की नजा सत ि =1ा मत मे जा ि हर हो 0ी " सा +& बना कर
दा > ि द( जा कर क? &ह2 ं .ा / जा (0ी "
जो @1A $ जका त दे ता है 5स का धन अBाह त'़़ला तमा म अफा त से
सुरि Cत रखते ह! " 5स - ल( तो अं Dो , दु ि न1ा मे ही जकात दे कर अ&ने धन
की सुरCा करो " 1ि द जका त ना दो 0े तो दु ि न1ा मे #ी धन तEफ हो 0ा
)र '- Fरत मे मो जब अ़़जा ब रहे 0ा , )र - जस :का र नजासत मे की %े
&ै दा हो ते ह! "
5सी :का र 1ह ब7Gल धन सा +& बन कर जका त ना दे ने वा ले के 0ले मे
ल&H कर 8ं सना ,ुI करे 0ा )र कहे 0ा J- म! ते रा मा ल ह2 ं जो तुमने खु दा (
त'़़ला का अ- धका र ना दे कर जमा ि क1ा Kा "
सो ने .ा ंदी के तखते बना ( जा कर दो जख मे 0म ि क( जा (ं 0े )< 5न से
&ी L, &हलु, &रे ,ा नी &र दा >ा जा (0ा " 1ह अ़़मल (करम) 5स सम1 तक
हो ता रहे 0ा जब तक के फै सले हो कर दो जख 1ा जMत का 'दे , ना ि मल
जा ("
,री र वसी अ़़ ि क1ा जा (0ा ता के कल धन से दा >ल जा सके - जस से
बे हद तकली फ (क?) हो 0ी , फN रOते कहे 0े 1ह वही धन है - जस को तुम ने
- खला फे - ,ुI जमा ि क1ा Kा , अब मजा .को "
&े ,ा नी , &हलु, &7Oत, 'जा ब के - ल( मु ं तजी म ि क( जा ने के का रP 1ह है के
जब 5न के &ास सा 1ल 'ता Kा तो 1ह Q1ो री .Rा कर &े ,ानी &र मल
8ा लते )र &हल7 1ा &7Oत फे र कर द7सरी Sर T1ा न ( (क6 व समा हरP)
हो जा ते Kे "
मवा 5़़ज हसना -1

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