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Hole in the Water (Hindi)

Hole in the Water (Hindi)

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This is a short endearing story of a common man, Veer, who falls in love with a princess. Using his knowledge and his never give- up attitude , Veer finally gets married to the princess. This story helps children to learn that nothing is impossible if you try hard! This story helps children to learn about states of matter.
After reading the story, the children can ponder over the interesting questions to further enhance their learning and creative thinking.
This is a short endearing story of a common man, Veer, who falls in love with a princess. Using his knowledge and his never give- up attitude , Veer finally gets married to the princess. This story helps children to learn that nothing is impossible if you try hard! This story helps children to learn about states of matter.
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Published by: BodhaGuru Learning Private Limited on Jul 06, 2012
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07/06/2012

HOLE IN THE WATER (Hindi

)
ऩानी भे गडढा






REWRITTEN, ILLUSTRATED AND PUBLISHED BY:
BodhaGuru Learning Private Limited
VERSION: 0.8

Copyright © 2012 by BodhaGuru Learning Private Limited

इस ऩ

सतक को डाउनरोड कयने के लरए धनमवाद । क

ऩमा इस ऩ

सतक की नकर औय
ववतयण रेखक की अन

भतत के बफना नहीॊ कीजजमे । आऩका सभथथ न ही रेखक की कडी
भेहनत का समभान है ।
मह ऩ

सतक कालऩतनक कथा है औय ककसी बी इॊसान, जीववत मा भ

त, मा सथान से कोई
सभानता भात एक सॊमोग है ।
हभे उमभीद है कक आऩ औय आऩके फचचे इस कहानी से उतना ही आनॊद पापत कये गे जजतना
हभे लरखने भे लभरा ।

* * * * *
फचचो की भजे के साथ ऩढने की ककताफ
ववषम: ववऻान
खणड: भैटय की सटे टस
* * * * *
CHAPTER 1 - शयद ऋत

की स

नदय शाभ


एक सभम की फात है । शयद ऋत

की स

नदय शाभ को, एक म

वक अऩने घय के साभने
जसथत स

नदय झीर के ऩास एक चटान ऩय फैठा ह

आ था । वह झीर की ख

फस

यती का आनॊद
रेते ह

ए फाॊस

यी ऩय एक भध

य ध

न फजा यहा था जो पक

तत की स

ॊदयता को औय फढ़ा यही थी
। झीर भे ऩानी का सतय उस चटान के नज़दीक तक था जजसऩय वह फैठा था । एक अचछी
नसर का घोडा उसके ऩीछे खडा था ।


उसने फाॊस

यी फजाना फॊद कय ददमा औय झीर भे एक ऩतथय उछारा ।


कपय वह अऩने घोडे के ऩास गमा । वह घोडे ऩय सवाय ह

आ औय एक यासते ऩय फढ़ा जजसके
ककनाये ऩय ख

फस

यत ऩेड रगे थे ।


जलदी ही वह म

वक एक फगीचे भे ऩह

ॉच गमा । उसने फगीचे के ऩास एक स

नदय सफ़े द अयफी
घोडे को फॊधा दे खा । जजऻासावश उसने फगीचे के अॊ दय दे खा ।


उसने क

एॉ के ऩास की फे च ऩय एक रडकी को फैठे दे खा ।


वक फोरा, “अये ! वहाॉ कौन फैठा है ? भ

झे चरकय दे खना चादहमे ।”
उसने दे खा कक एक स

नदय म

वती को फे च ऩय फैठी है । एक यॊ गीन ऩऺी उसके कॊ धे ऩय फैठा
था ।


एक खयगोश क

दता ह

आ उसके ऩास आमा ।


वती ख

श होकय फोरी, “अये ! ककतना पमाया छोटा सा खयगोश है । भ

झे जाकय इसे छ

ना
चादहमे ।”


वती को दे ख, खयगोश बाग गमा । औय म

वती उस खयगोश का ऩीछा कयने रगी ।


खयगोश बागते यहा औय गरती से क

एॉ भे गगय गमा ।


वती क

एॉ की ओय बागी औय उसने दे खा कक ककस तयह खयगोश ड

फने से फचने के लरमे
सॊघषथ कय यहा था ।


वती फह

त द

खी हो गमी औय योने रगी । वह अऩने आऩ को दोषी भानने रगी औय फोरी,
“अये भै ने मे कमा कय ददमा? भै इस खयगोश की जान कै से फचाऊॊ ?”

मे सफ दे खकय, म

वक अऩने घोडे से नीचे उतया औय बागते ह

ए फगीचे के अॊ दय क

एॉ की ओय
गमा । उस भास

भ खयगोश को फचाने के लरमे वह अऩनी जजॊदगी को खतये भे डारते ह




एॉ भे क

द गमा ।

खयगोश उसके हाथो की ऩकड भे आ गमा ।
कपय उसने फाहय आने के लरमे क

एॉ की दीवाय ऩय चढने रगा । वह खयगोश को हाथ भे


यकऺत लरमे क

एॉ से फाहय आ गमा ।



वती ने खयगोश को उसके हाथ से लरमा औय पमाय से उसको सहराते ह

ए फोरी, “भाफ़
कयना खयगोश, वो भेयी गरती थी, भै अफ कबी त

महे ऩये शान नहीॊ करॉ गी ।”
उसने खयगोश को नीचे यख ददमा । खयगोश ने म

वक की ओय दे खा जैसे वह उसे धनमवाद दे
यहा हो । कपय खयगोश झाडडमो की ओय बगा औय गामफ हो गमा ।


वती पशॊसा कयते ह

ए फोरी, “धनमवाद नौजवान । आऩ बफलक

र सही सभम ऩय आ गमे ।
वैसे, आऩ कौन हो?”


वक फोरा, “नभसते ! भेया नाभ वीय लसॊ ह है । आऩ कौन हो? आऩ महाॉ कमा कय यही हो?”




वती फोरी, “नभसते वीय ! भेया नाभ ददवमा है । भै महाॉ योजाना आती ह

ॉ औय पक

तत का
आनॊद रेती ह

ॉ ।”
उसने फगीचे के भनोयभ दशम की ओय इशाया कयते ह

ए फतामा । फगीचा स

नदय प

रो से बया
था औय ऩीछे जसथत ऩहाडी ने इसकी स

ॊदयता को औय फढ़ा ददमा था ।


वक ने सहभत होकय कहा, “हाॉ, वाकई मह फह

त ख

फस

यत है ।”



कपय वह म

वती फोरी, “दे य हो गमी है , भ

झे अफ चरना चादहमे । एक फाय कपय से त

महाया
धनमवाद, वीय ।”


वती सतयॊ गी ऩऺी को अऩने कॊ धे ऩय फैठाए ह

ए जलदी से फगीचे से फाहय चरी गमी ।


वक फोरा, “कर कपय लभरे गे ददवमा, अरववदा ।”


वती ने जवाफ ददमा, “अरववदा ।”


वक उसे तफ तक दे खता यहा जफ तक वह फगीचे से फाहय नहीॊ चरी गमी जैसे म

वती की


ॊदयता से वह भॊतभ

गध हो गमा हो ।

Chapter 2 – सचचे पमाय के लरमे कदठन ऩयीऺा



अगरे ददन, म

वक क

ॉ ए के ऩास हाथ ऩीछे यखे उतस

कता से इॊतज़ाय कय यहा था । वह फैचे नी
से एक ओय से द

सयी ओय चककय रगा यहा था ।
ददवमा फगीचे भे आमी ओय क

ॉ ए की ओय फढ़ गमी ।
वीय को वहाॉ दे खकय ददवमा फोरी, “नभसते वीय ! आऩ ऩहरे से ही महाॉ है ।”
वीय जलदी से उसकी ओय फढ़ा । सभम फफाथद ककमे फगैय, अऩने हाथ भे प

र लरमे, घ

टनो के
फर फैठकय उसने ददवमा से कहा, “हाॉ, भै आऩका ही इॊतज़ाय कय यहा था । ददवमा, कमा आऩ


झसे शादी कयोगी?”
ददवमा आशचमथ चककत थी औय उसने कदभ ऩीछे हटाते ह

ए कहा, “आह, मह फह

त ही स

खद
आशचमथ था । रेककन आऩ तो भ

झे जानते बी नहीॊ है ।”
इस ऩय, म

वक ने जवाफ ददमा, “भ

झे इससे कोई पकथ नहीॊ ऩडता कक आऩ कौन हो - भै
लसपथ आऩको ऩसॊद कयता ह

ॉ ।”


वती ने गवथ से कहा, “भै ददवमा लसॊ ह ह

ॉ - स

नदयऩ

य की याजक

भायी ।”




वीय सनन यह गमा, वह उठा औय एक कदभ ऩीछे हट गमा ।
वह चककत होकय फोरा, “कमा?”


ददवमा ने ऩहाडी के नीचे जसथत याजम की ओय इशाया कयते ह

ए कहा, “हाॉ, भै स

नदयऩ

य की
याजक

भायी ह

ॉ ।”
कपय वह वीय से फोरी, “आऩ एक फहाद

य इॊसान है । भै आऩका पसताव तबी सवीकाय कय
सकती मदद आऩ भेयी ऩयीऺा भे खये उतयते हो ।”
वीय ने ऩ

छा, “एक ऩयीऺा? ठीक है - वह कमा है ?”
ददवमा ने च

नौती दी, “आऩको भेये लरमे ऩानी भे गडढा कयना होगा ।”


वीय अचॊ लबत यह गमा औय फ

दफ

दामा, “मह असॊबव है ।”
ददवमा ने आॉखो भे चभक के साथ कहा, “अगय मह सचचा पमाय है तो चभतकाय बी हो सकते
है ।”
हाराॊकक वीय इस असॊबव पसताव से थोडा हताश हो गमा था ऩय वह फोरा, “भै त

भसे फह


पमाय कयता ह

ॉ ! भ

झे क

छ सभम दो ।”


ददवमा ने कहा, “अवशम ! अऩने जवाफ के साथ आना, भै आऩका इॊतज़ाय करॉ गी, वीय ।”


वक अऩना लसय झ

कामे तनयाशा के साथ वाऩस चर ददमा । वह अऩने घोडे ऩय सवाय था ।
कपय ददवमा की ओय हाथ दहरा अरववदा कय वह अऩने घय की ओय चर ऩडा ।
घोडे ऩय फैठे फैठे वीय सोच यहा था, “भै उससे सचचा पमाय कयता ह

ॉ औय भै उससे शादी
कयके ही यह

ॉगा । रेककन भै ऩानी भे गडढा कै से कय सकता ह

ॉ? भ

झे सोचना ही होगा ।”

CHAPTER 3 - ऩानी भे गडढा कयना






छ भहीने ग

जय गमे औय जलदी ही सदी का भौसभ आ गमा ।
वीय अऩने घय के साभने झीर के ककनाये चटान ऩय फैठा था । वह ददवमा को माद कयते ह


फाॊस

यी फजा यहा था ।
वीय ने फाॊस

यी फजाना फॊद ककमा औय सोचने रगा, “ओह ददवमा ! त

भ भ

झसे शादी के लरमे
तैमाय कमो नहीॊ ह

ई? इस नाभ

भककन शतथ की कमा जरयत थी ?”


अचानक उसका धमान फाॊस

यी के छे द की ओय गमा । कपय, उसने एक ऩतथय उठामा औय
झीर भे पे का । ऩतथय फपथ से टकयाकय वाऩस उछर गमा कमोकक झीर ऩ

यी तयह जभ च

की
थी ।
वीय को माद आमा कक ददवमा ने कमा कयने के लरमे कहा था ।
उसने जभी ह

ई झीर को दे खा । कपय उसने वाऩस अऩनी फाॊस

यी को दे खा ।
वीय ख

शी से गचलरामा, “वाह - उऩाम लभर गमा ।”



वह जलदी से अऩने घोडे की ओय फढ़ा औय उसऩय सवाय हो गमा ।
जलदी ही वीय उस फगीचे भे ऩह

ॉच गमा, जहाॉ वह ददवमा से लभरा था ।


वहाॉ, उसने दे खा कक ददवमा फे च ऩय फैठी थी ।
वह अऩने घोडे से उतया औय उतस

कता से ददवमा से फोरा, “नभसते ददवमा ! भै त

महे क


ददखाना चाहता ह

ॉ । आओ ।”
उसने ऩास ऩडी एक रकडी को उठामा औय फपथ भे डार ददमा । कपय उसने वह रकडी हटामी
औय अफ फपथ भे गडढा था ।

कपय वीय ने उसकी ओय दे खा औय गचलरामा, “याजक

भायी सादहफा - मे यहा ऩानी भे गडढा ।”
ददवमा पसननता से फोरी, “भै फह

त ख

श ह

ॉ, वीय । भै जानती थी कक आऩ इस ऩयीऺा भे
जरय सपर होगे! भै लसपथ आऩका इॊतज़ाय कय यही थी ।”
वीय ने ददवमा से ऩ

छा, “तो कमा अफ त

भ भ

झसे शादी कयोगी?”
ददवमा ने शभाथते ह

ए हाॉ कय ददमा ।



गचडडमा ददवमा के कॊ धे से उडकय वीय के कॊ धे ऩय जा फैठी ।
वीय ख

शी से फोरा, “दे खो, त

महाये ऩऺी ने बी अऩनी सहभतत दे दी ।”
अफ ददवमा ने वीय से कहा, “रेककन उससे ऩहरे आऩको भेये वऩताजी से लभरना होगा -


नदयऩ

य के याजा से ।”
वीय ने हाभी बयते ह

ए कहा, “बफलक

र, चरो चरते है ।”


वे दोनो अऩने घोडो के ऩास गए औय उन ऩय सवाय हो गमे ।

Chapter 4 – याजा से भ

रा़ात

जलदी ही वे स

नदयऩ

य के दयवाजे ऩय ऩह

ॉच गमे । दयवाजे ऩय खडे दो लसऩादहमो ने याजक

भायी
को झ

क कय अलबवादन ककमा औय उनहे दयवाजे के अॊ दय जाने ददमा ।




नदयऩ

य के याजा फगीचे भे टहर यहे थे ।
ददवमा दौडकय अऩने वऩताजी के ऩास गमी ।
वह उतस

कता से फोरी, “वऩताजी, वऩताजी - भ

झे अऩने सऩनो का याजक

भाय लभर गमा है ।”
याजा ने अऩनी फेटी को गरे से रगामा औय कहा, “मह तो फह

त ही अचछी खफय है ! वह


शककसभत रडका है कौन?”
उसने अऩने ऩीछे खडे वीय की ओय इशाया ककमा औय कपय याजा को फतामा कक ककस तयह वे
लभरे थे औय उसने कमा ऩयीऺा री थी ।

याजा वीय की ओय चर कय गए । वीय ने याजा को समभान दे ते ह

ए झ

क कय पणाभ ककमा ।
याजा फोरे, “ईशवय त

महे ख

श यखे ! रगता है कक भेयी फेटी ने सही ऩसॊद की है । ऩयनत

, त


एक याजक

भाय नही हो ।”
कपय वे एक ऺण के लरमे रके ।
उनका मह उततय स

न कय ददवमा औय वीय गचॊ ततत हो गए ।
याजा फोरे, “भ

झे मह मकीन कयना जरयी है कक वह काबफर आदभी से वववाह कय यही है ।
इसलरमे त

महे भेयी एक ऩयीऺा भे खया उतयना होगा ।”
वीय ने ववशवासऩ

वथ क कहा,”अवशम याजा साहफ - भै उसके लरमे ककसी बी ऩयीऺा को ऩाय कय

ू ॉ गा ।”


याजा ने दो फाय तारी फजाई । एक सेवक एक फॊद घडे को रेकय याजा के ऩास आमा ।
याजा के आदे श ऩय सेवक ने घडे का ढककन खोर कय वीय को ददखामा । वह ऩानी से बया
था ।
याजा ने कहा, “साहसी म

वक - कमा त

भ इस घडे से ऩानी को गामफ कय सकते हो, बफना
उसभे छे द कये मा उसे वऩए मा घडे भे से ऩानी को फाहय पे के ?”
वीय ने याजा को दे खा औय सोचा, “हमभ - मह कै से सॊबव है ?”
कपय उसने अऩने पमाय, याजक

भायी ददवमा को दे खा औय फोरा, “याजा साहफ - याज क

भायी के
लरमे अऩने पमाय की खाततय भ

झे मकीन है कक भै मह असॊबव काभ बी कय सक

ॊ गा । क

ऩमा
इसे कयने के लरमे भ

झे क

छ वकत दीजजए !”
याजा ने उसे सभम दे ते ह

ए कहा, “जैसी त

महायी इचछा ।”


वीय ने याजा के साभने पणाभ ककमा औय ददवमा को अरववदा कहा औय वाऩस जाने रगा ।
ददवमा ने कहा, “वीय, भै त

महाया इनतजाय करॉ गी ।”
वीय ने उसे अरववदा कहते ह

ए कहा, “भै जलदी ही रौट

ॊ गा । अरववदा ।”
वीय फगीचे से फाहय आमा औय घोडे ऩय याजम से फाहय तनकर गमा ।

CHAPTER 5 - ऩानी को गामफ कयने का जाद






छ भहीने फीत गए औय गभी का भौसभ आ गमा । वीय अऩने घय के ऩास झीर के ककनाये
एक चटान ऩय फैठा था । वह ददवमा को माद कयते ह

ए फाॊस

यी फजा यहा था ।
उसने फाॊस

यी फजाना फॊद ककमा औय सोचने रगा, “ओह ददवमा - भ

झे त

महायी माद आ यही है
।”
कपय उस म

वक को याजा ने जो कहा था वह माद आमा ।


वह खडा ह

आ औय उसने झीर भे एक ऩतथय पे का । झीर गभी के कायण कापी स

ख गमी
थी ।


उसने ऊऩय आसभान की ओय दे खा । स

मथ की तेज चभक उसकी आॉखो को जराने रगी ।
उसने झीर को दे खा औय उसे एहसास ह

आ कक वह कापी छोटी हो गमी था ।
उसने कपय से ऊऩय आसभान को दे खा औय कपय झीर को दे खा । उसे त

यॊ त अऩना जवाफ
लभर गमा ।


वीय उतसाह से गचलरामा, “भ

झे च

नौती का हर लभर गमा ।”
वह त

यॊ त घोडे ऩय क

द कय फैठा औय उसे दौडाने रगा ।


जलदी ही वह याजम के दवाय ऩय ऩह

ॉच गमा । वह अॊ दय आमा औय याजा के भहर तक ऩह

ॊ चा

याजा औय उनकी ऩ

ती फगीचे भे टहर यहे थे ।
वीय ने उतसाह से कहा, “याजा साहफ, भ

झे अफ हर लभर गमा है कक कै से भै बफना घडे को


छ ककमे, घडे से ऩानी गामफ कय सकता ह

ॉ ।”


याजा ने तारी फजामी औय एक सेवक एक फॊद घडा रेकय आमा ।
वीय ने घडा लरमा, उसका ढककन खोरा औय उसे फाहय ध

ऩ भे यख ददमा ।
कपय वह फोरा, “याजा साहफ - हभे क

छ ददन इॊतजाय कयना होगा औय मह ऩानी अऩने आऩ
गामफ हो जामेगा ।”
याजा सहभतत भे भ

सक

या ददए ।

Chapter 6 – पमाय की जीत




छ ददन फीत गए । घडा अफ खारी हो च

का था ।


वीय फगीचे भे एक स

नदय शादी की ऩोशाक भे आमा ।


उसने याजा को अऩनी फेटी के साथ वहाॉ खडा दे खा । ददवमा अऩने शादी के जोडे भे फह




फस

यत रग यही थी ।


वीय ने याजा के साभने पणाभ ककमा ।
याजा ने पसननता से कहा, “फ

विभान म

वक - त

भ भेयी ऩयीऺा भे खये उतये । त

भ ही भेयी
फेटी को ऩाने रामक हो ।”
कपय याजा ने वीय को ददवमा का हाथ ददमा ।


वीय औय ददवमा फह

त ख

श थे औय एक द

सये को दे ख कय भ

सक

या यहे थे । सतयॊ गी ऩऺी
वववाह की अॊ ग

ठी अऩनी चोच भे दफामे उडा औय वीय के हाथ ऩय जाकय फैठ गमा । वीय ने
अॊ ग

ठी रेकय याजक

भायी की उॊ गरी भे ऩहना दी ।


आकाश से ऩरयमाॊ पकट ह

ई औय उस पमाये जोडे ऩय जाद

ई यतन की फौछाय की ।



वीय औय ददवमा याजा का आशीवाथद रेने के लरमे झ

के ।
यजा ने पेभऩ

वथ क कहा, “ईशवय का आशीवाथद है , भेये फचचो । त

भ रोगो का वैवादहक जीवन


खभम हो ।”

इस कहानी से हमे यह शिऺा शमलती है कक क

छ भी नाम

मककन नही है
CHAPTER 7 - चरो सोचे

1. कमा मह सही तनणथ म था जफ ददवमा ने ऩयीऺा भे ऩास होने के फाद वीय से शादी के लरमे
हाॉ कहा?
2. ददवमा ने ऩानी भे गडढा फनाने के लरमे कहा था, रेककन वीय ने फपथ भे गडढा फनामा ।
कमा मह ऩहे री का उगचत सभाधान था?
3. वीय को घडे से ऩानी गामफ कयने भे क

छ ददन रगे थे । कमा याजा दवाया ददए गए कामथ
को जलदी कयने का कोई औय तयीका बी है ?
4. कमा आऩ फता सकते है कक वीय एक फ

विभान वमजकत था मा नहीॊ? कमा कोई वमजकत जो
कबी सक

र नहीॊ गमा हो, इन दोनो ऩहे री का सभाधान कय सकता है ?
5. कमा होता मदद याजा ने वीय को फपथ से बया घडा ददमा होता औय उसे बफना पे के मा छ


घडे को खरी कयने को कहा होता?
6. कमा आऩ फता सकते है कक एक वमजकत भे नाभ

भककन कामथ को ऩ

या कयने के लरमे कमा


बफमाॉ होनी चादहमे?
7. ददवमा ने जफ वह भ

जशकर कामथ वीय को ददमा था तफ वह ककसी चभतकाय की उमभीद
कय यही थी । कमा चभतकाय का आशम कोई जाद

होता है मा क

छ औय?

दोसतो - कलऩना कयो, नए सवार उतऩनन कयो, अऩने दोसतो, लशऺको औय भाता वऩता के
साथ सबी सवारो के जवाफ ऩय चचाथ कयो । औय सफसे जरयी - भजा कयो ।

* * * * *
अॊ त
* * * * *

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