ह द

ॊ ी रेख
इस ऩुस्तिका भें कुर ऩाॊच छोटे छोटे रेख
इसभें प्रतिुि विचाय भेये

ैं| भझ
ु े उम्भीद

की मे रेख आऩ सबी को ऩसॊद आमेंगे|
रेखक: भाधि त्रिऩाठी
भोफाइर: 9327395559
ईभेर: madhav@techshali.com
िेफसाइट: http://techshali.com/

ैं|

ऩन्ना जान फूझकय खारी छोड़ा गमा

ै|

पेसफुक ऩय ८.३ कयोड़ उऩमोगकिाा नकरी
ैं

मह जान कय आऩको शामद बयोशा नह ॊ होगा रेककन मह सत्म है की पेसफुक ऩय ८३ मभमरमन

जजतने उऩमोगकताा असर नह ॊ है भतरफ की उनका खाता उनके नाभ ऩय नह ॊ फजकक ककसी औय
के नाभ ऩय चरा यहे हैं, मह उनके ककसी ऩारतू प्राणी मा ऩशु के नाभ ऩय हो सकता है , मह खाता
ककसी रड़की के नाभ ऩय हो सकता है जो शामद हो ह न, मा कपय एक ह आदभी अरग अरग
नाभो से कई खाते एक साथ ह चरा यहा हो| मह नकर उऩमोगकतााओ की फात ककसी औय ने

नह ॊ फजकक पेसफुक को फनाने वारे बैमा भाका जुकयफगा ने कह है इसमरए अफ तो आऩ को भेय
फात ऩय बयोशा कयना ह ऩड़ेगा| अफ पेसफुक के बफना न तो आऩका चरता है औय न ह हभाया|
अफ भै आऩको फताऊॊगा की पेसफुक ऩय 95 कयोड़ अथवा 955 मभमरमन जजतने आदभी, औयत,

रड़का, फच्चा सफ मभरा के हैं, तफ बी शामद आऩ न भाने औय मे फात बी कोई औय नह ॊ फजकक
बैमा भाका जुकयफगा ने कह है |
मह फात सह है गग
ू र नॊफय १ की वेफसाइट है भगय कई दे सों भें पेसफुक ने गूगर को बी ऩीछे
छोड़ ददमा है , औय अगय आऩ बी एक दो नकर खाता खोरे हैं तो ख़फयदाय हो जाइएगा
क्मोकक जकद अफ भाका बैमा कुछ ठोस कदभ उठाने वारे हैं|

सतिे दाभ भें पनीचय कैसे खोजे?
आज कर पनीचय के दाभ फहुत फढ़ गए है , आऩ सोच यहे होंगे की इसभें नमी फात क्मा है , तो भै
आऩ को फता दॉ ू की भै पऩछरे तीन ददनों से एक टे फर खोज यहा हूॉ वो बी सस्ते दाभ भें , इसके
फाद कुछ कुसीमा बी खोजूॊगा| अगय आऩ एक जगह से दस
ू य जगह ऩय जामेंगे ऐसा सोच कय के
की कुछ सस्ता मभरेगा तो भै फता दॉ ू की इसकी सम्बावना कभ ह है , मदद आऩ सोच यहे है की
ककसी जान ऩहचान वारे के ऩास जाऊ तो अच्छा औय सस्ता मभरेगा तो मह बी सह नह ॊ है .

सस्ते के फाये भें भै मह जानना चाहूॉगा की आऩका उद्देश्म क्मा है | मदद आऩ अधधक भात्रा भें
खय दना चाहते हैं मा बफरकुर नमा पनीचय चाहते है जैसे की सोपासेट मा टे फर मा कुसी तो भै

आऩ को फताना चाहूॉगा की आऩ को ऩैसे के फाये भें अधधक नह ॊ सोचना चादहए ऩय मदद आऩ का
इयादा फचत कयने का है तो नए का पवचाय छोड़ दे ना चादहए, आऩका ध्मान आऩकी जरुयत औय
साभान की गण
ु वत्ता ऩय होना चादहए| फहुत से रोग एक जगह से दस
ू य जगह ऩय जाते है जैसे

की ककसी नए शहय भें तो उन्हें वह सभाॊ कभ दाभ भें फेचना उनकी भजफयू होती है ऐसे ककसी

व्मजक्त की तराश आऩको होनी चादहए, क्मोकक ऐसी ह जगह ऩय आऩको सफसे सस्ता औय
अच्छा साभान मभरेगा|
इसके फाद भें दस
ू या यास्ता मह है की ककसी ऐसी फाज़ाय का ऩता अऩने पवस्ताय भें रगामे जहा
ऩय ऩुयाने सभाॊनो की रे फेच का काभ होता हो जैसे की यपववाय अथवा गुदड़ी फाज़ाय, महाॉ ऩय
सबी साभान आऩ को काभ दाभ भें मभर जामेंगे औय आऩको को ऩसॊद कयने के मरए कई
पवककऩ होते हैं|
इसके फाद का पवककऩ मह है की आऩ ककसी दक
ु ान का मा ककसी ऐसे पवस्ताय का ऩता रगामे

जहा ऩय ऩयु ाने पनीचय जैसे की सोपा, कुसी, ततऩाई मा चौकोय टे फर ख़य दे औय फेचे जाते हो| महाॉ
ऩय कुछ सभस्माए आती है जैसे की आऩको जो चादहए वह न मभरे औय जैसा चादहए वैसा न
मभरे औय बाव बी अच्छा न मभरे|

इसके फाद मदद आऩ दटकाऊ औय अच्छा साभना खय दना ह चाहते है तो आऩ खद
ु से मह सफ
आडाय दे कय फनवामे मह आऩको सस्ता बी ऩड़ेगा| फहुत फाय टे फर कुमसामों भें क्मा ऩसॊद ककमा

जामे मह काभ भुजस्कर होता है जैसे की रकड़ी मा रोहा, फहुत फाय रोहे भें जाना ठीक यहता है

क्मोकक रकड़ी भहॊ गी ऩड़ जाती है मदद कुर खचाा दे खते है तो| अप्ऩको मह सफ ख़य दे मा फनवाते
सभम रकड़ी की ऩदिमों मा ऩादटमो का ध्मान यखना होता है , मह फाज़ाय भें बस
ू े औय Ply दोनों
की ह उऩरभ्ध हैं ऩय फसे वार से आऩ को फचना चादहए अगय आऩ दटकाऊ साभान चाहते है ,
आऩको इन ऩादटमो की भोटाई का बी ध्मान यखना होता है , साभान्म उऩमोग के मरए कभ से

कभ १० भभ की भोट ऩिी चादहए| फाज़ाय भें नमी ऩदिमा ३५ रुऩे पूट से सरु
ु है औय रोहा ६५
रूऩमे ककरो से शरू
ु हैं|

आज के फदरिे ऩरयिेश भें फदरिे भािा वऩिा
औय उनकी भानशशकिा
एक सभम था जफ भाता पऩता अऩने ऩुत्रों भें अच्छे गुणों का पवकास कयते थे, उनकी इच्छा होती
थी की उनका फेटा फड़ा होकय एक अच्छा आदभी फने, वे सोचते थे की कह हभाया फेटा बफगड़ न

जामे, रेककन अफ सभाज भें कई तयह के फदराव आ यहे हैं औय उनभे से ह एक फदराव है आज
के भाता पऩता की फदरती भॊमशकता| आज के भाता पऩता अफ ऩहरे जैसे नह ॊ यहे , आज के भाता
पऩता आत्भ केंद्र हो गए हैं, फदरते सभम ने उनकी भानमशकता को बी फदर कय यख ददमा हैं ,

अफ वे ऐसा नह ॊ सोचते की उनका रड़का भेहनती हो औय भेहनत से ऩैसा कभाए चाहे थोडा ह
कभाए, अफ वो सोचते है जादा से जादा कभाए जाहे जैसे कभाए| औय इसी भानमशकता के चरते
आज फच्चे भाॉ फाऩ के मरए उनके अऩने फच्चे नह ॊ रेककन एक साधन फन जा यहे हैं| अगय कह
फदराव नह ॊ आ यहा है तो वह मह है की ऩहरे बी भाता पऩता मह चाहते थे की फच्चे उनकी
आज्ञा से चरे. एक सभम था जफ फच्चा किकेट का खखराडी फनना चाहता हो तो बी वह नह ॊ
फन सकता था रेककन आज फच्चा सौख से बी फकरा उठा मरमा हो तो उसभे कर का सधचन
तें दर
ु कय दे खने रगें गे| आज ककसी फच्चे ने कोई कपरभ का dialog फोर ददमा मा कपय थोडा नाच

ददमा तो कर की ऐश्वमाा याम मा ऋततक योशन उसके अॊदय दे खने रगें गे| भैंने ऐसे कई भाता पऩता
पऩता दे खे हैं जफ उनका फच्चा ककसी को भाय ऩीट कय घय आता है तो वे ककसकी गरती थी मह
सोचने के फदरे भन ह भन खस
ु होने रगते हैं औय उस ददन उसको जादा प्माय ददखाने रगते

हैं| अगय फच्चा कोई वस्तु कह से झटक कय राता है तो ऐसे अनेको भाता पऩता है जो की पूरे
नह ॊ सभाते|

औय एक दस
ू य फात मह बी है की आज के ९० प्रततशत भाता पऩता अऩने फच्चो का गुणगान

गाने भें कोई कभी नह ॊ यखते रड़का चाहे ककतना बी फुया क्मों न हो, उसे आदशावाद , ऩयोऩकाय
औय दे शबक्त फताने भें कोई कभी नह ॊ यखते|

कुछ फच्चे फड़े होकय सभाज भें चोरयमा कयना औय डाके डारना शुरू कय दे ते हैं मे वह फच्चे है

जजनकी गरततमों को हभेशा उनके भाता पऩता द्वाया अनदे खा ककमा गमा हैं, मे वह वच्चे है जो
अऩने ह भाता पऩता को ऩीटते हैं औय फेघय कय दे ते हैं, मे वह फच्चे है जो की आत्भहत्मा बी
कय रेते हैं|

आज के भाॉ फाऩ फच्चों से क्मा उम्भीद यखिे
भाॉ फाऩ फच्चो को ऩारते हैं, उन्हें फड़ा कयते हैं, उनकी जरूयतों का ख्मार यखते हैं, उन्हें ऩढ़ाते
मरखाते हैं, ऩय भाॉ फाऩ अऩने फच्चों से क्मा उम्भीदे यखते हैं? भैंने इस फात ऩय कापी पवचाय
ककमा औय ऩामा की उनकी सोच भें कोई पवशेष ऩरयवतान नह ॊ आमा है , आज से सौ सार ऩहरे
जो भानमशकता थी वह आज बी है | भाॉ फाऩ आज बी फच्चों को अऩने अधधकाय के अॊदय की ह
वास्तु भानते हैं, मा कपय ऐसा सोचते बी नह ॊ हैं की फच्चे इससे फाहय की बी वस्तु हो सकते हैं|
जैसे की फच्चे डॉक्टय ह फने मा कपय इॊजजतनमय ह फने| जो बी रेककन रड़का मा कपय रड़की
अऩनी भज़ी से आज बी कुछ नह ॊ कय सकता है

ैं

ह न्दीकॊु ज Hindikunj
दहन्द कॊु ज (Hindikunj)दहॊद सादहत्म की सेवा भें सभपऩात वेफ की एक दहॊद सादहजत्मक ऩबत्रका है ,
जहाॉ आऩ को दहॊद सादहत्मकायों का ऩरयचम एवॊ उनकी यचनाओ का आस्वाद मभरता है | ऩुयाने
यचनाकायों की कहातनमा औय कपवतामे ऩढने को मभर जाएॉगी साथ ह नए यचनाकाय स्वमॊ ह

अऩनी यचनामे प्रकाशन के मरए बेज सकते हैं| उऩन्मास औय कहातनमाॊ मदद एक साथ एक से

अधधक सॊख्मा भें हैं तो डाउनरोड के मरए कड़ी बी द गमी यहती है जजसे आऩ अऩने कॊप्मूटय भें
डाउनरोड कयके कबी बी ऩढ़ सकते हैं| मदद आऩ उत्सादहत हैं तो आऩ दहॊद व्माकयण बी सीख
सकते हैं| दहन्द कॊु ज सॊऩूणात् सादहजत्मक ऩबत्रका है .

क्मा आऩ के म ाॉ बी दोति औय रयश्िेदाय त्रफना
ऩ रे से खफय ककमे टऩक ऩड़िे
ैं

एक सभम था जफ रोगो के ऩास भोफाइर नह ॊ होता था क्मोकक मह एक भहॊ गा साभान था, कुछ

रोको के ऩास landline फोन हुआ कयते थे. रेककन अफ ऐसा नह ॊ है , अफ दे श की सॊचाय व्मवस्था
भें िाॊतत आई है . इसका पामदा हभ सबी को हुआ है . आज बायत भें जजतने सौचारम नह ॊ है
उससे अधधक भोफाइर हैं. जजतनी ट वी नह ॊ है उससे अधधक भोफाइर हैं. औय ऐसा होने से कुछ

नए तनमभ बी अऩने आऩ से ह फन गए हैं जैसे की भै अफ ककसी के महाॉ बी जाता हूॉ तो बफना
फोन ककमे नह ॊ जाता. ऩहरे फोन कय के ऩछ
ू रेता हूॉ क्मा आऩ घय ऩय हैं, मदद है तो क्मा आऩ
के ऩास सभम है भेये मरए, भै आऩ से मभरना चाहता हूॉ मदद भै आऩ के महाॉ आऊॊ तो कोई
आऩजत्त तो नह ॊ है ? ऐसा भै तफ जरूय कयता हूॉ जफ ककसी के घय ऩय जाता हूॉ, मदद भै अऩने

ककसी दोस्त के महाॉ सप्ताह भें एक फाय जाता हूॉ मा उससे कभ तो बफना फोन ककमे कबी नह ॊ

जाता. रेककन हभाये अधधकतय दोस्त औय रयश्तेदाय ऐसे नह ॊ हैं वे कबी बी बफना कोई सूचना के

आ जाते हैं, घय भें कोई ककस हारत भें हैं, ककसी के ऩास सभम है मा नह ॊ, आव दे खा न ताव फस
आ धभके. ऐसे रोगो को अचानक से आकय चौका दे ने भें कुछ जादा द भजा आता होगा. हार
ऐसा है सॊकोच की वजह से कुछ फोरते बी नह ॊ फनता हैं.
क्मा आऩ की बी ऩये शानी कुछ भेये जैसी ह हैं?

"खचाा कयना शुरू कय दो कभाना खुद आ
जामेगा" क्मा िाकई सच

ै?

हभाये एक मभत्र एक ददन फोरे कभाना सीखना है तो खचाा कयना सीखो कभाना खद
ु व खुद आ

जामेगा. भै सभझ गमा ककसी भाकेदटॊग के फन्दे ने मा ककसी ऩेसोनामरट डेवेरोऩभें ट वारे ने भेये

मभत्र ऩय ऐसा असय कय ददमा है . अये बाई जफ कभाई ह नह ॊ होगी तो खचाा कहा से कयोगे? फाऩ
के ऩैसे से तो सबी जरसा कयते ह हैं, उधय भाॊग के कयोगे तो कोई कफ तक दे गा?
चरो भान रेते हैं की थोड़ी कभाई है सो सफ खचाा कय डारो तो जादा कभाई आने रगेगी, भै
सोचता हूॉ क्मा वास्तव भें ऐसा सॊबव है ? अगय आऩ ऩत्नी औय फच्चे वारे हैं तो भुझे नह ॊ रगता
आऩ खचाा कय डारेंगे.
भेये मभत्र का इशाया “कयो मा भयो” वार फात से था, भतरफ की अऩने को ऐसी ऩरयजस्थतत भें
डार दो की कुछ कय ह जाओ भतरफ जादा कभाने ह रगो मा कपय भय ह जाओ.
मदद इसका उकटा सोचो तो फात बफरकुर सह रगती है जैसे की “कभाना सीखो खचा कयना खद

आ जामेगा”, भै इस को फात खद
ु अनुबव कय चुका हूॉ औय फहुत से रोगो को ऐसा कयते दे खा
हूॉ. वास्तव भें मदद आऩको कभाना आता है तो खचा कयना सीखने की जरुयत नह ॊ ऩड़ेगी. महाॉ
तक की ऩैसा फचाना बी सीखने की जरुयत नह ॊ ऩड़ेगी.

जजन रोगो को कभाना नह ॊ आता रेककन खचा कयना आता है ऐसे ह रोग तनकम्भे होते हैं, दस
ु यो
के ऩैसे ऩय तागड़धधन्ना कयते हैं. ऐसे ह रोग चोय बी फनते है रट
ू ऩाट बी कयते हैं, एक का
चाय वार स्क्कीभ तनकारने वारे रोग मह हैं जो खचा कयना सीखो ऩैसा कभाना खद
ु आ

जामेगा की भानमशकता यखते हैं. मे वह रोग है जो ऩैसा कभाने का shortcut खोजते यहते हैं.