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15 AU GU ST 2008

अ य ले

॥ ी गणे
शाय नमः॥

►  2009 (18)

ुे
(यहां
पे
ज लो◌़ड करने
म मझ
कु
छ द त आ रह ं
है
।... इस ॉग केसारे
प े

▼  2008 (2)

आप http://way2wisdom.wordpress.com/ पर पढ़ सकते
ह।)

►  Dec (1)

ुार भ तथा आपका
म सबसे
पहलेी गणे
श जी का मरण करते
हु
ए इस ॉग का शभ
वागत करता हू
। ी गणे

शजी केह एक अ य प को म अपना इ दे
व मानता हू
, सो

▼  Aug (1)
॥ ी गणे
शाय नमः॥

इस लए उ ह ऐसे
समय पर णाम करना और भी ज र है
। और इस ोग का वषय भी
कु
छ ऐसा है
क इनक सहयता केबना एक कदम भी नह ं
चला जा सकता। ऐसे
समय म
ुम-सल
ुभ करने
इनकेभाई को भी याद करना ज र है क ा-पथ को वो सग

मा हर ह। हमारे
उ र भारत म गणे
श जी केभाई काित के
य जी (स ुाम यम) क
लोक यता कु
छ कम ज र ह ले
कन उनके ित हमार
नह ं
ह।ै
तो सबसे
पहले
गणे
श जी (

क इस थान पर उनका अ धकार है
) का तो

नाशन गणे
श तो और फर कित के
य जी का ी

पढ़कर दोन भाईय का आशीवाद ल।

॥ ी गणे
शाय नमः॥

ीस

ा दि ण भारत वाल से
कम

नाशन गणे
श तो म्

नारद उवाच।

ण य शरसा दे
वं
गौर पुं
वनायाकम।्


भ ावासंमरि यम ्आय कामाथ िस ये
॥१॥

थमं
व त डं
च एकद तं तीयकम।्
तृ
त ीयं
कृण प ा ं
गजव ं
चतथ कम॥२॥


ल बोदरं
प चमं
चष ं
वकटमव च।

स मं
व राज ं
धूवण तथा मम॥३॥

नवमं
भालच ं
च दशमं
तु
वनायकम।्

ा ववधना यं
काितके
य तो

ABOU T ME
P AW AN
V I EW MY CO MP LET E
P R O FI LE

एकादशं गणपितंादशं तु गजाननम॥४॥ ् ैा न नामा न ि स यं ादशत यः पठेरः। न च व भयं त य सविस करं परम॥५॥ ् व ाथ लभतेव ां धनाथ लभते धनम।् पुाथ लभते पुान ् मो ाथ लभते गितम॥६॥ ् जपेणपित तो ं षि मासःै फल ं लभे त ्। ेिस ं सं व सरण च लभते ना सं शयः॥७॥ यो ा णेय लिख वा यः समपये त ्। त य व ा भवे त ् सवा गणे श य सादतः॥ ८॥ अ ॥इित ीनारदपु राणे स नाशनं नाम गणे श तो ं स पू णम्॥ ॥ ी गणे शाय नमः॥ ी ा ववधना यं काितके य तो ं म् क द उवाच। यो ग रो महासे नः काित के योऽि न दनः। ेानीः वामी श रस भवः॥1॥ क दः कु मारः सन गा े य ता चू ड तारका र मापुः चार शिख वजः। ौ चा र षडाननः॥2॥ सम ु िस ः सार वतो गु हः। श द सन कु मारो भगवान ् भोगमो फल दः॥3॥ शरज मा गणाधीशपू वजो म ु मागकृ त ्। सवागम णे त ा च वि छताथ दशनः॥4॥ अ ा वं शितनामा न म दयानीितयः पठे त ्। यू षं या युो मू को वाच पितभ वे त ॥5॥ महाम मयानीित मम नामानु क त नम।् महा ामवा ोित ना काया वचारणा॥6॥ ॥ इित ी यामले ा ववधना यंीम काितके य तो ं स पू ण॥ Kumar Pawan's Profile .

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