धर्म और अभभिजन ससंसस्कृभृ—15

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद
(Libertarianism)
समरछनजनस जजी्न जजीनने सछ एसरछत्र रछसृछ है,त , कससजी सो है,छभन रृ पहै,ुसंचछओ ,
प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो ्है, सब दो, जो उससी अपनजी सरछई है,त.1
अलपजीभनत्र्यस(170—235 ईस्जी).

रनुषत्र्य स्ृसंत्र प्रस्कृभृ सी स्ृसंत्र ससंृछन है,त . परृसंत्र रहै,नछ उससछ स्भिछ् नहै, सं है,त. सछरछजजसृछ
सी भिछ्नछ उसरें क्त््नेस और सुरकछ सी चछहै,ृ सने सछथ फूथ फूटी है,त . इस बोध सने फूथ फूटी है,त कस
अपनजी शाछर रिरस और बदक्तधिस सजीरछओसं सने बजीच ्है, अपनने भलिए सभिजी सुखखों सछ प्रबसंध सरनने रें

अकर है,त. त्र्यहै, अपथ फूर्मृछबोध सने्लि रनुषत्र्य सी सरसत्र्यछ नहै, सं है,त . प्रस्कृभृ रें है,र सोई कससजी न

कससजी प्रसछर सने अपथ फूर्मृछबोध द्छरछ ग्रसृ है,त. उसजी सने प्रभिछ् रें क्त्रछटी, क्त्लिकर और ृबजीत्र्यृ सने

स्ृसंत्र प्रस्कृभृ स्त्र्यसं अननेस रत्र्यछ्मदछओसं सने आबधि है,ोृजी है,त . जतसने सथ फूरज सरत्र्यछनुसछर उदत्र्य-असृ
है,ोृछ है,त. ऋृुएसं ृत्र्य सरत्र्य सने अनुरूप बदलिृजी है,ह . ्नसपभृत्र्यछसं भनधछ्मरिरृ सरत्र्य पर फूलिृजीफूथ फूलिृजी है,ह. ऐसने है, रनुषत्र्य सी रत्र्यछ्मदछएसं भिजी भनधछ्मरिरृ है,ह. सरछज रत्र्यछ्मदछओसं सछ सछसंसथछभनस रूप

है,त; सभत्र्यृछ और ससंसस्कृभृ उनसी ृछरृमत्र्यृछ सी क्त्सछस त्र्यछत्रछ . इस क्त्सछसत्र्यछत्रछ सी
उपलिजलधत्र्यखों रें रनुषत्र्य सी जरूरृखों सछ बहै,ुृ बड़ा योगदछ त्र्योगदछन है,त . रनुषत्र्य सी आ्शत्र्यसृछएसं सने्लि

जतक्त्स नहै, सं है,ह. बदक्तधिस प्रछरजी है,ोनने सने नछृने ्है, आ्शत्र्यसृछओसं सछ स्कृजन भिजी सरृछ है,त . त्र्यहै,
क्त्शानेषृछ उससो अनत्र्य प्रछजरत्र्यखों सने अलिग सरृजी है,त . त्र्यहै, रनुषत्र्य ृथछ शानेष प्रछजरत्र्यखों रें असंृर सछ

आधछर है,त. दस
थ फू रने प्रछरजी प्रछत्र्य्रायः उृनछ अजज्मृ सरृने है,ह, जजृनछ उनसने ृछतसछभलिस भिोग सने भलिए

जरूर है,ो. अपनने स्छद और रुभच सने अनुसछर ्ने व्त्र्यसंजन ृतत्र्यछर नहै, सं सरृने . भिक्त्षत्र्य सी ओर सने
्ने लिगभिग भनजचसंृ है,ोृने है,ह. रनुषत्र्य सने सछथ ऐसछ नहै, सं है,त. उसने प्रस्कृभृ सी ओर सने सर्कृभृ सछ

उपहै,छर भरलिछ है,ुआ है,त. उससी रदद सने ्है, अनुभि्खों सो सहै,नेज ससृछ है,त . प्रछजरजगृ रें सबसने
ृनेज-ृरछ्मर रजसृषस सछ ्है, स्छरजी है,त. अनुभि्खों सछ क्त्शनेषर, ससंशनेषर आकद सर, ्है, उनसने
सजीख लिने ससृछ है,त. त्र्यहै, गुर उससो शनेष्ठ उतपछदस बनछृछ है,त . एस उतपछदस सने रूप रें ्है,

अपनजी ृछतसछभलिस आ्शत्र्यसृछ सने अभधस अजज्मृ सरनने रें सकर है,ोृछ है,त . रनुषत्र्य सी त्र्यहै,
क्त्शानेषृछ उससी सुद र्म सछसंसस्कृभृस त्र्यछत्रछ सछ आधछर रहै, है,त . एस प्रश्न और भिजी है,त जजसने है,र

उपत्र्यु्मव्यक्ति क्त्शानेषृछ सी भनषपक्तष्पत्ति सहै, ससृने है,ह. प्रश्न सु् त्र्यखों है,त कस रनुषत्र्य त्र्यकद शनेष्ठ उतपछदस है,त

ृो उससने अभृरिरव्यक्ति शर-सदशालि सछ लिछभि कससने प्रछप्त है,ोनछ चछकहै,ए ? रनुषत्र्य सो, जजसनने अपनजी
सथ फूझबथ फूझ और सकिन परिरशर सने उतपछदन सो ससंभि् बनछत्र्यछ है,त ? अथ्छ उस सरछज सो जजससछ

्है, सदसत्र्य है,त, जजसरें रहै,सर ्है, जछनछनुभि् ग्रहै,र सरृछ है,त . अपनजी भनरसंृरृछ रें जो रनुषत्र्य
सने भशाकर-प्रभशाकर ए्सं रछन्जीसरर रें सहै,छत्र्यस है,ोृछ है,त , जजससने परने रनुषत्र्य सी अपनजी रहै,ष्पत्तिछ

शाथ फूनत्र्य है,त. जो उससी अजसरृछ, उससने आतरगदर् सछ परिरचछत्र्यस है,त ृथछ जजससने आधछर पर ्है,

प्रछजरजगृ सने अलिग और क्त्भशाष्ट है,ोनने सछ दछ्छ सरृछ है,त . लिछभि त्र्यकद रनुषत्र्य सो भरलिनछ
चछकहै,ए ृो कसस अनुपछृ रें?

त्र्यहै, प्रश्न आज सछ नहै, सं है,त. सभत्र्यृछसरर सने आरसंभि सने है, उतपछदन पर अभधसछर ृथछ उससने

नत्र्यछत्र्यपथ फूर्म क्त्ृरर सो लिनेसर एस चुनदृजी इसंसछन सने सछरनने है,रनेशाछ रहै, है,त . क्त्द्छनखों सने बजीच इसने
लिनेसर रृभिनेद है,ह. एस ्ग्म सछ रछननछ है,त कस रनुषत्र्य सने शर -लिछभि पर सबसने पहै,लिछ अभधसछर
शर-सृछ्म सछ है, है,ोृछ है,त. ृदनुसछर रनुषत्र्य अपनने शर ए्सं बुक्तधिबलि द्छरछ जो भिजी अजज्मृ सरृछ
है,त, उससछ लिछभि उससो भरलिनछ है, चछकहै,ए . त्र्यहै, ृस्म अपनने आप रें

रहै,त्पथ फूर्म है,ह . लिनेकसन

रनुषत्र्यृछ सी क्त्क्त्धृछ ्तचछरिरस स्छृसंतत्र्य रें भिजी है,त. क्त्द्छनखों सने दस
थ फू रने ्ग्म सछ रछननछ है,त कस

ससंसछर अनुभि्खों सछ क्त्शाछलि रहै,छसछगर है,त . इस रहै,छसछगर रें पजीढ़ -दर-पजीढ़ नत्र्यछ जलि असंृरिरृ

है,ोृछ रहै,ृछ है,त. नई पजीढ़ अपनने अनुभि्खों सछ सफूर ्है,छसं सने आरसंभि सरृजी है,त , जहै,छसं उससी क्तप्लिजी

पजीढ़ नने ्ोड़ा योगदछ थछ. इस आधछर पर प्रतत्र्यनेस पजीढ़ पुरछनजी पजीढ़ सी सज्मरसंद है,ोृजी है,त , ्है, जजस
अनुभि् और जछन-ससंपदछ सने बलि पर आगने बढ़ृजी है,त, ्है, क्तप्लिजी पजीकढ़त्र्यखों सी ओर सने सभत्र्यृछ ,

ससंसस्कृभृ ए्सं ससंभचृ जछन-ससंपदछ सने रूप रें प्रछप्त है,ोृछ है,त. इनहै,ें सहै,नेजनने ्छलिजी व्त्र्य्सथछ सछ नछर
है, सरछज है,त. ्है, परसंपरछ ए्सं सछसंसस्कृभृस प्र्छहै, सने बजीच ्ृ्मरछन सी त्र्यछत्रछ और भिक्त्षत्र्य सछ

सपनछ है,त. उससछ दछभत्र्यत् रनुषत्र्य सो ससंरकर प्रदछन सरनछ ृथछ क्त्सछस है,नेृु अनुसथ फूलि

्छृछ्रर सछ स्कृजन सरनछ है,त. सछथ रें उसने भिछ्नछतरस रूप सने सर्कृधि सरृने रहै,नछ है,त , ृछकस
्है, त्र्योगत्र्य नछगरिरस बनसर सरछज-क्त्सछस रें अपनछ अभधसृर त्र्योगदछन दने ससने. अगर सरछज
त्र्यहै, सब न सरने? अगर ्है, अपनजी जजमरनेदछर सने पजी्ने है,टी जछए ृब ? है,छलिछसंकस सरछज सने भलिए

ऐसछ सरनछ आसछन नहै, सं है,ोगछ, कत्र्यखोंकस रनुषत्र्य उससी रचनछ सछ आधछरस्ोृ है,त. उससी उपनेकछ
सरनछ खुद सो ससंसटी रें डाछलिनछ है,ोगछ . त्र्यकद ऐसछ है,ो जछए ृो सरछज अजसृत्है, न है,ो जछएगछ .

क्तबनछ सरछज सने रनुषत्र्य और पशाु सने बजीच कससजी प्रसछर सछ असंृर है, न रहै,नेगछ . इसभलिए रनुषत्र्य
सछ सृ्मव्त्र्य है,त कस ्है, सरछज, जजसनने उससी सदर-सदर पर सहै,छत्र्यृछ सी है,त—सने क्त्सछस रें
अपनछ भिरपथ फूर त्र्योगदछन दने. इस ्ग्म सछ रछननछ है,त कस सरसृ ससंसछधन सरछज सी सछसंझजी

धरोहै,र है,ह. उनसने उपत्र्योग अथ्छ परिरशाोधन द्छरछ रनुषत्र्य जो अजज्मृ सरृछ है,त , उसपर ससंपथ फूर्म
सरछज सछ अभधसछर है,ोृछ है,त. सभत्र्यृछ सने आरसंभभिस ्षर्षों सने लिनेसर आजृस सछरछजजस नत्र्यछत्र्य

सने नछर पर जजृनने भिजी क्त्चछर जनरने है,ह, सभिजी ससंसछधनखों और अ्सरखों सने नत्र्यछभत्र्यस क्त्ृरर सी

रछसंग सरृने आए है,ह. उनरें दृशत्र्यरछन असंृर सछ आधछर ससंसछधनखों सने क्त्ृरर ृथछ व्त्र्यक्तव्यक्ति-

स्छृसंतत्र्य सो लिनेसर उनसने स्ृसंत्र दृक्तष्टसोर है,ह.
अपनजी सजीरछओसं रें रनुषत्र्य सरछज सने सछरसंजसत्र्य बनछए रखनने सछ त्र्यथछससंभि् प्रत्र्यत्न सरृछ है,त .

स्ृसंत्र सछरछजजस इसछई सने रूप रें ्है, प्रछत्र्य्रायः त्र्यहै, चछहै,ृछ है,त कस अपनने त्र्योगदछन सने रूप रें

सु् न सु् आनने ्छलिजी पजीकढ़त्र्यखों सने भलिए भिजी ्ोड़ा योगदृछ चलिने . सु् ऐसछ सरने जो सरछज सने
अभधसृर ्गर्षों सने भलिए लिछभिसछर है,ो. सहै, ससृने है,ह कस रनुषत्र्य सरछज सने त्र्यकद सु् ग्रहै,र
सरृछ है,त, ृो सदछभचृ परिरषस्कृृ-परिर्भध्मृ रूप रें सु् न सु् लिदटीछ भिजी दनेृछ है,त . इसने रछटी

सछ सज्म उृछरनछ सहै, ससृने है,ह. सछरछजजसृछ सने भन्छ्महै, सने भलिए त्र्यहै, जरूर भिजी है,त . रगर इस
दछभत्र्यत् सछ इसृरफूछ भनबछहै, सरछसर अससंभि् है,त . त्र्यहै, िीस है,त कस रनुषत्र्य सने दछभत्र्यत् बड़ा योगदने

है,ह .

उनसने ्है, भिछग नहै, सं ससृछ. उनसछ अनुपछलिन सरनछ रनुषत्र्यृछ सछ लिकर है,त . लिनेकसन इससने
सरछज सी जजमरनेदछरिरत्र्यछसं सर है,ोनने सने बजछत्र्य और भिजी बढ़ जछृजी है,ह . सरछजजीसरर सी प्रकरक्रित्र्यछ

रें रनुषत्र्य सो अपनजी आजछद सछ एस असंशा सुबछ्मन सरनछ पड़ा योगदृछ है,त . त्र्यहै, असंशा सरछज ए्सं
शाछसन सो शाक्तव्यक्तिशाछलिजी बनछनने रें रदद सरृछ है,त . इस ृरहै, रछजत्र्य सी सुलि शाक्तव्यक्ति उनसने नछगरिरसखों
सछ क्त्भशाष्ट प्रदनेत्र्य है,ोृजी है,ह. इससी सफूलिृछ है,नेृु व्त्र्यक्तव्यक्ति सो सरछज सने सछथ कहै,ृखों सछ अनुसथ फूलिन
भिजी सरनछ पड़ा योगदृछ है,त. दस
थ फू रने शालदखों रें सरछज सने जुड़ा योगदनछ भिलिने है, रनुषत्र्य सी अपनजी आ्शत्र्यसृछ
है,ो, स््मथछ भन्रायःशाुलस नहै, सं है,ोृछ. अपनजी स्ृसंत्रृछ सने एस कहै,ससने सने रूप रें रनुषत्र्य सने उससी

सीरृ चुसछनजी पड़ा योगदृजी है,त. त्र्यहै, सछत्र्य्म ्है, सरछज सी रत्र्यछ्मदछ, उसरें सुख और शाछसंभृ सी सथछपनछ

सने भलिए सरृछ है,त. इसभलिए सरछज सछ सृ्मव्त्र्य है,त कस व्त्र्यक्तव्यक्ति -कहै,ृखों सछ धत्र्यछन रखने. ऐसजी
व्त्र्य्सथछ बनछए ृछकस ससंबसंभधृ इसछइत्र्यछसं उससने जुड़ा योगदछ है,ोनने पर ग््म सछ अनुभि् सरें . बड़ा योगद ,

ससंगकिृ इसछई है,ोनने सने नछृने सरछज सने दछभत्र्यत् भिजी बड़ा योगदने है,ह . उससछ स््मप्रथर दछभत्र्यत् है,त कस
्है, अपनजी सदसत्र्य इसछइत्र्यखों सने सुख सछ खत्र्यछलि रखने . उनहै,ें सभिजी अनत्र्यछत्र्य सी प्रृजीभृ न है,ोनने दने.

उदछरृछपथ फू््मस उनसी स्ृसंत्रृछ सने अभधसछर सो बनछए रखने . धत्र्यछन रखने कस शाछसंभृ और व्त्र्य्सथछ
है,नेृु लिोसकहै,ृ रें सछनथ फून आ्शत्र्यस है,ह, कससंृु रनुषत्र्यृछ कससजी भिजी प्रसछर सने सछनथ फून सने ऊपर है,त .

सछनथ फूनखों सछ अभृसत् रनुषत्र्य सने है,त. रनुषत्र्य उनपर भनभि्मर नहै, सं है,त. रछन्जीत्र्य अजसरृछ ए्सं
स्ृसंत्रृछ सने आगने है,र सछनथ फून बदनछ है,त. अलपजीभनत्र्यस सी त्र्यहै, ननेस सलिछहै, रहै,त्पथ फूर्म है,त कस

परिरजसथभृत्र्यछसं चछहै,ने जो भिजी है,खों, रनुषत्र्य सी ‘स्ृसंत्रृछ सो सछनथ फून सने आबधि नहै, सं है,ोनछ चछकहै,ए .’2
सछनथ फून सछ धत्र्यनेत्र्य है,ोनछ चछकहै,ए, अभधसृर लिोगखों सछ अभधसृर सुख और स्ृसंत्रृछ सो

सुभनजचृ सरनछ. ऐसने ्छृछ्रर सछ भनरछ्मर सरनछ, जजसरें रनुषत्र्य अभधसृर स्ृसंत्रृछ सने
सछथ अभधसृर सुखोपभिोग सर ससने. त्र्यहै, ृभिजी ससंभि् है,त जब सरछज अपनजी प्रतत्र्यनेस इसछई सी
इच्छओसं सछ समरछन सरने. व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनछ रसंृव्त्र्य खुलिसर प्रसटी सरनने सी आजछद है,ो.

उष्पत्तिरोष्पत्तिर बढ़ृजी सछरछजजस जकटीलिृछओसं सने बजीच जहै,छसं आधुभनसीसरर और सभत्र्यृछसरर सने नछर

पर भनरसंृर नई ससंसथछओसं सछ गिन है,ोृछ रहै,ृछ है,ो , ्है,छसं रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ सछ ससंरकर
अससंभि् भिलिने न है,ो, रगर चुनदृजी-भिरछ सछत्र्य्म है,त. इसभलिए भिजी कस सभत्र्यृछसरर सने नछर पर नई

ससंसथछओसं और क्त्धछनखों सछ गिन जजृनजी जलदबछजजी सने सछथ है,ोृछ है,त , ्तसजी जलदबछजजी लिोगखों

सो उससने परचछनने, नई व्त्र्य्सथछ सने उससछ अनुसथ फूलिन सरनने है,नेृु नहै, सं सी जछृजी . जन और
अभभिजन रें क्त्भिछजजृ सरछजखों रें उससने भलिए सोई सोभशाशा भिजी नहै, सं है,ोृजी . रछन्जीसरर सी

सोभशाशाखों सो पथ फूर ृरहै, परिरजसथभृ सने भिरोसने ्ोड़ा योगद कदत्र्यछ जछृछ है,त . परिररछरस्रूप त्र्यथछथ्म ए्सं

आदशा्म; त्र्यछनजी ‘जो है,त’ और ‘जो है,ोनछ चछकहै,ए’—सछ असंृरछलि भनरसंृर बढ़ृछ है, जछृछ है,त . लिोसस्छृसंतत्र्य ए्सं रछन्छभधसछरिरृछ सने पक रें बढ़ृजी रछसंगखों सने दबछ् रें शाछसन और शाजीष्मसथ
अभभिजन भरलिसर भनगरछनजी ससंसथछएसं ृो खड़ा योगद
्च्मस्सछर

सर दनेृने है,ह , कससंृु उनसने भशाखर पर उनहै, सं

शाक्तव्यक्तित्र्यखों सछ सलजछ है,ोृछ है,त, जो जनसछधछरर सने दरन और दद
ु ्मशाछ सने भलिए

जजमरनेदछर रहै, है,ह; ृथछ जजनसने रुक्तव्यक्ति सी सछरनछ उन ससंसथछओसं सने गिन सछ रथ फूलि उद्नेशत्र्य है,ोृछ

है,त. जजससी रनरछनजी सने चलिृने व्त्र्य्सथछ सछ अभभिजछृ ससंसस्कृभृ सी ओर झुसछ् ्ष्म -दर-्ष्म
बढ़ृछ है, जछृछ है,त, जजससने आरजन सने भलिए नत्र्यछत्र्य भनरसंृर दलि
ु ्मभि और दरू
ु है, है,ोनने लिगृछ है,त.

सरसत्र्यछ है,त कस न ृो त्र्यहै, प्र््कृक्तष्पत्ति नई है,त , न ससंसथछएसं आज पतदछ है,ुई है,ह. इभृहै,छस सछकजी है,त कस

सरछजजीसरर सने आरसंभि सने है, व्त्र्य्सथछ सछ चरिरत्र रथ फूलिृ्रायः लिोस -क्त्रोधजी रहै,छ है,त. उससने पहै,लिने
परिर्छर है, सरछज थछ. उससछ रुजखत्र्यछ रत्र्यछ्मदछएसं भनधछ्मरिरृ सर लिनेृछ थछ . जनससंखत्र्यछ सर थजी,

जरूरृें सजीभरृ. ऊपर सने पथ फूर्मृ्रायः प्रस्कृभृ-आधछरिरृ जजी्न सी अभनजचृृछ. इससने बछ्जथ फूद
परिर्छर त्र्यछ सबजीलिछई गुटी रें बसंटीने रनुषत्र्य आपसजी ससंबसंधखों सछ त्र्युक्तव्यक्ति -त्र्युव्यक्ति ढसंग सने भन्छ्महै, सर लिनेृने
थने.

जरूरृखों सो भरलि-बछसंटीसर पथ फूरछ सरनने सी प्र््कृक्तष्पत्ति सरछजजीसरर सी आरसंभभिस प्रनेररछ थजी . सछलिछसंृर

रें जनससंखत्र्यछ बढ़ . जरूरृें क्त्सृछर लिनेृजी गई. व्त्र्यक्तव्यक्ति एस सथछन पर कटीससर रहै,नने लिगछ. ृब
सरसत्र्यछ सने भनदछन सने भलिए व्त्र्यक्तव्यक्ति सी आधत्र्यछजतरस जजजछसछ, सछरछजजस आचछरससंकहै,ृछ ृथछ

सछरछनत्र्य नतभृसृछ सने त्र्योग सने धर्म सछ गिन कसत्र्यछ गत्र्यछ , जो एस स््मथछ सजलपृ, सभथृरूप
सने स्छ्मभधस शाक्तव्यक्तिशाछलिजी और स्र सर्वेस्छ्म पररछतरछ सी रनरछनजी सने इद्म -भगद्म रथ फूरृछ है,त. प्रस्कृभृ सने
डारने, अशाजीजकृ जनसरछज रें धर्म सो पथ फूर जगहै, भरलिजी. बछद रें ृो उसने बलिछृ त थोपछ जछनने लिगछ
थछ. रछजसष्पत्तिछ और धर्मसष्पत्तिछ सने ससंत्र्युव्यक्ति प्रत्र्यछसखों सने परिररछरस्रूप रछजछ सो धरृजी पर ईश्वर सछ

प्रभृभनभध रछन भलित्र्यछ गत्र्यछ. अपनजी रथ फूलि प्र््कृक्तष्पत्ति रें धर्म िनेि सछरसंृ्छद थछ . अपनजी क्त्भशाष्ट
ससंरचनछ सने सछरर है, ्है, भशाखर सी ओर दनेखृछ थछ . भशाखरसथ अभभिजन उसरें लिछभि सी
अ्सथछ रें थने. धर्म सी ्च्मस््छद , सेंदोनरुखजी, परसंपरछनुत्र्यछत्र्यजी प्र््कृक्तष्पत्ति नने है,

सछरछजजस

सृर सरर और ऊसंच-नजीच सी भिछ्नछ सो सथछभत्र्यत् दनेनने सछ सछर कसत्र्यछ थछ . लिोग धजीरने-धजीरने
उसजी रें रगन है,ोृने गए. इस बजीच सरछज और रनुषत्र्य सी जरूरृखों सछ दछत्र्यरछ और भिजी फूतलिृछ

गत्र्यछ. पसंदहै,्जीसं शाृछलद सने ्तजछभनस प्रबोधन ृस त्र्यहै, भसलिभसलिछ अबछध चलिृछ रहै,छ . उससने बछद

धछभर्मस ससंसथछओसं सने औभचतत्र्य पर जोर-शाोर सने स्छलि उिछए जछनने लिगने थने. नए जछन सी
रोशानजी रें धर्म सने भलिए त्र्यहै, ससंभि् न रहै,छ कस ्है, सरछज सो पथ फूर ृरहै, अनुशाछभसृ रख ससने .

उस जरूरृ नने आभथ्मस सछमछजत्र्य्छद सने क्त्चछर सो जनर कदत्र्यछ . बहै,रहै,छलि सभत्र्यृछ सी त्र्यछत्रछ रें
रनुषत्र्य भनरसंृर नई-न्नेलिजी ससंसथछएसं गढ़ृछ गत्र्यछ. उनसने ससंृुलिन बनछए सी चछहै,ृ रें रनुषत्र्य सो

है,र बछर नई अनुशाछसन प्ररछलिजी सो अपनछनछ पड़ा योगदछ. है,र बछर उसने अपनजी स्ृसंत्रृछ सने एस कहै,ससने
सी बभलि दनेनजी पड़ा योगद . त्र्यहै, जछनृने है,ुए भिजी कस ‘प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो उससने अभधसछर कदलिछनने सी दृढ़

और सथछत्र्यजी इच्छ है, नत्र्यछत्र्य है,त.’3 सरछज अपनजी सभिजी इसछइत्र्यखों सो एससरछन नत्र्यछत्र्य उपलिलध
सरछनने, उससी स्ृसंत्रृछ सने अभधसृर सृर सो अकुण्ण रर रखनने सने अपनने रथ फूलिभिथ फूृ धत्र्यनेत्र्य सने
भनरसंृर दरथ फू है,ोृछ गत्र्यछ.

सछरछनत्र्य परिरजसथभृत्र्यखों रें रनुषत्र्य दो प्रसछर सी स्ृसंत्रृछ सी परिरसलपनछ सरृछ है,त . पहै,लिजी
रछजनजीभृस स्ृसंत्रृछ, त्र्यछनजी सछरछजजस रत्र्यछ्मदछओसं सने भिजीृर स्ृसंत्र नछगरिरस जजी्न जजीनने सी

स्ृसंत्रृछ. स्ृसंत्र, सछरछजजस जजी्न सने भलिए अथ्म भिजी रहै,त्पथ फूर्म है,ोृछ है,त , अृए् आभथ्मस
स्ृसंत्रृछ सछ भिछ् भिजी इसजी रें सजननकहै,ृ है,त . ृदनुसछर दस
थ फू र

स्ृसंत्रृछ है,त, अ्सरखों सी

सरछनृछ सने बजीच क्त्भधपथ फूर्म ढसंग सने ससंपक्तष्पत्ति उपछज्मन सरनने ृथछ उससछ बगतर कससजी प्रभृबसंध सने

इच्छनुसछर भिोग सरनने सी स्ृसंत्रृछ. अपनने नछगरिरसखों सने भलिए दोनखों स्ृसंत्रृछओसं सो सुभनजचृ
सरनछ कससजी भिजी सलत्र्यछर रछजत्र्य सछ प्रथर -ससंसलप है,ोनछ चछकहै,ए. नत्र्यछत्र्य सने इस रूप सी व्त्र्यछखत्र्यछ

सो इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद त्र्यछ ‘भलिबरटीनेरिरत्र्यभनजर’ सहै,छ जछृछ है,त. इस नत्र्यछत्र्य्छद क्त्चछरधछरछ सने
अनुसछर सभिजी रनुषत्र्य एससरछन है,त. अृए् रछजत्र्य सछ सृ्मव्त्र्य है,त कस ्है, व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी
स्ृसंत्रृछ सो बनछए रखने. त्र्यहै,छसं स्ृसंत्रृछ सछ अथ्म उससने सछरछनत्र्य अथर्षों सने सहै, सं व्त्र्यछपस है,त .
उसरें अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति स्छृसंतत्र्य, अ्सरखों सी सरछनृछ सने सछथ ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर भिजी सजमरभलिृ है,ह .

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरसखों सने अनुसछर आभथ्मस स्ृसंत्रृछ ए्सं उपत्र्युव्यक्ति ससंपक्तष्पत्ति प्रछभधसछर सने

बगतर रछजनजीभृस स्ृसंत्रृछ अथ्महै, न है,त . इसभलिए प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनजी करृछ सने अनुसछर

ससंपक्तष्पत्ति अजज्मृ सरनने ृथछ उससछ इच्छनुसछर भिोग सरनने सछ अभधसछर भरलिनछ है, चछकहै,ए . जछन
है,छसपस्म सने अनुसछर प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति अपनने जजी्न सछ स्छरजी है,त . कससजी भिजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सो कससजी

दस
थ फू रने सने जजी्न सछ स्छभरत् है,छभसलि नहै, सं है,त. इसभलिए एस व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ दस
थ फू रने सने जजी्न रें
अ्छसंभ्ृ है,सृकनेप स््मथछ अनुभचृ है,त. इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद आधुभनस रछन्ृछ्छद दशा्मन है,त .

पुरछनजी क्त्चछरधछरछओसं सने है,टीसर. ‘प्रछचजीन ए्सं आधुभनस रछजनजीभृस भसधिछसंृ परसंपरछगृ रूप सने

इस बछृ पर धत्र्यछन दनेृने थने कस सदन स्छरजी है,ोगछ और सदन दछस और सदन दछस ....’4 इच्छस्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सने अनुसछर, ‘न ृो सोई कससजी सछ स्छरजी है,त , न है, सोई कससजी सछ दछस .

जजस प्रसछर अपनने बछरने रें एसरछत्र रुझने त्र्यहै, ृत्र्य सरनने सछ अभधसछर है,त कस रनेरछ जजी्न कसस
प्रसछर सछ है,ो, उसजी प्रसछर ृुमहै,ें अपनने जजी्न सने बछरने रें भनर्मत्र्य लिनेनने सछ पथ फूरछ -पथ फूरछ अभधसछर है,त.

रह चछहै,ने जजृनछ शाक्तव्यक्तिशाछलिजी है,ोऊसं, त्र्यछ कफूर सष्पत्तिछ रनेर रुटिी रें है,ो , इससने बछ्जथ फूद ृुमहै,ें दछस

बनछसर ृुमहै,छरछ स्छरजी बन बतिनने सछ सृई अभधसछर नहै, सं है,त , इसजी ृरहै, ृुमहै,ें भिजी त्र्यहै,

अभधसछर नहै, सं है,त कस रुझने गुलिछर बनछसर रनेरने है,छकसर बन जछओ . दछसृछ बलिछृ त ृछबनेदछर है,त.’5
अृए् प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो त्र्यहै, अभधसछर है,त कस ्है, अपनने पससंद दछ सछत्र्य्मकनेत्र सो चुनने और

इच्छनुसछर सछर भिजी सरने. बशाृर सर्वे उससने सछत्र्य्म सने कससजी अनत्र्य व्त्र्यक्तव्यक्ति सी स्ृसंत्रृछ प्रभिछक्त्ृ न
है,ोृजी है,ो.

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सछ जनर बजीस्जीसं शाृछलद सने उस ददर रें है,ु आ, जब पथ फूसंजजी्छद सरछजछभथ्मस

ए्सं रछजनजीभृस सष्पत्तिछओसं पर अपनछ प्रभिुत् जरछ चुसछ थछ . सछमछजत्र्य्छद अपनने परछभि् सने ददर

रें थछ, ्तजछभनस प्रबोधन सने बजीच पुरछनजी क्त्चछरधछरछओसं सने आगने प्रश्न -भचह्न लिग चुसछ थछ. नई
प्रददोभगसी सने आगरन सने परसंपरछगृ उतपछदन प्रक्त्भधत्र्यखों पर ससंसटी रसंडारछनने लिगछ थछ . बड़ा योगद

पथ फूसंजजीपभृ ससंपभनत्र्यछसं लिोगखों सने कदलिो-कदरछग पर सलजछ सर, उससो अनुगछरजी उपभिोव्यक्तिछ रें ढछलि

दनेनछ चछहै,ृजी थजीसं. रछजनजीभृस अजसथरृछ ए्सं अदरथ फू दभशा्मृछ सने बजीच रहै,त्पथ फूर्म भनर्मत्र्यखों पर
पथ फूसंजजीपभृ ररछनखों सछ असर सछफू नजर आनने लिगछ थछ . उनसी ओर सने भनकहै,ृ स्छथ्म है,नेृु
उपभिोव्यक्तिछसरर सछ अभभित्र्यछन जोर-शाोर सने चलिछत्र्यछ जछ रहै,छ थछ. ृनेजजी सने उभिरृछ रजीकडात्र्यछ उनसछ
सबसने बड़ा योगदछ रददगछर बनछ है,ुआ थछ. ऐसने प्रलिोभिनसछर परिर्नेशा रें रनुषत्र्य सी भिदभृस इच्छओसं
सछ फूतलिछ् अ्शत्र्यसंभिछ्जी थछ. त्र्यहै,

पथ फूसंजजी्छद

शाक्तव्यक्तित्र्यछसं भिजी चछहै,ृजी थजीसं कस रनुषत्र्य परसंपरछगृ

क्त्धछनखों, क्त्शानेषसर उन व्त्र्य्सथछओसं सने जो उसने ससंत्र्यर और तत्र्यछग सछ पछि पढ़छृजी है,ह , सछसंसछरिरस
सुखछरोदखों सो भनससछर सरझृजी है,ह—सने भनत्र्यसंत्रर सने रुव्यक्ति है,ो . उससने पहै,लिने धर्म और सछरसंृजी

ससंससछरखों सने रूप रें अननेस बनेकड़ा योगदत्र्यछसं रनुषत्र्य अननेस सो जसड़ा योगदने है,ु ए थजी. क्त्चछरसखों सछ बड़ा योगदछ ्ग्म
उनसने बछहै,र लिछनने सो सकटीबधि थछ. फूलिस्रूप बजीस्जीसं शाृछलद ृस रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ और

सरछनृछ सने पक रें रछहै,दलि पथ फूर ृरहै, बन चुसछ थछ . नए क्त्चछरखों सने आलिोस रें क्त्श्व-भिर रें
लिोसृछसंक्तत्रस ससंसथछएसं रजबथ फूृ है,ुई. उनसछ ससंरष्म कससजी भिजी प्रसछर सने ्च्मस््छद सने क्त्रुधि थछ .

इस बजीच अपनजी अनुसथ फूलिन्छद प्र््कृक्तष्पत्ति सने सछरर पथ फूसंजजी्छद ृछसृें भिजी लिोसृछसंक्तत्रस परिर्नेशा सछ

लिछभि उिछनने रें सछरत्र्यछब है,ुई. शाृजी सने रधत्र्यछह्न ृस पथ फूसंजजी्छद दभु नत्र्यछ सने आधने सने अभधस दनेशाखों
सो अपनने प्रभिछ् रें लिने चुसछ थछ. दस
थ फू रने क्त्श्वत्र्युधि रें है,ुई भिजीषर जनहै,छभन और पचछृछपग्रसृ

रछजनजीभृ नने उसने अपनने पछसं् फूतलिछनने सछ सु् और रदसछ कदत्र्यछ . फूलिस्रूप रछन्छभधसछर
सरथ्मस ऐसने अननेस बुक्तधिजजी्जी प्रसछशा रें आए , जो पथ फूसंजजी्छद सी चरस-दरस सने प्रभिछक्त्ृ थने

और उसजी रें रछन्जीत्र्य सरसत्र्यछओसं सछ है,लि खोजृने थने . इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद जतसजी रुखर
क्त्चछरधछरछओसं सछ उभिछर उसजी ददर सी रटीनछ है,त.

‘इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद’ सछ अभभिप्रछत्र्य सने्लि रुभचत्र्यखों सी स्ृसंत्रृछ पर क्त्चछर सरनछ नहै, सं है,त . अपनने
सरथ्मसखों सी भनगछहै, रें त्र्यहै, सछरछजजस नत्र्यछत्र्य सी उदछष्पत्ति भिछ्नछ पर सेंकदृ व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी

स्ृसंत्रृछ सुभनजचृ सरनने सछ क्त्धछन है,त. आदरजी स्ृसंत्र है,ोगछ, ृभिजी ्है, स्त्र्यसं सो अभभिव्त्र्यव्यक्ति

सरनने सछ सछहै,स जुटीछ पछएगछ, ृभिजी ्है, अभधसृर इच्छओसं सो अभभिव्त्र्यव्यक्ति सर , उनसी पथ फूभृ्म सने
भलिए आजखर ृस, सरक्तप्मृ भिछ् सने सछर सरनने रें सकर है,ोगछ . इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद नछगरिरसखों
सो ्तचछरिरस आजछद दनेृछ है,त. उनसछ क्त््नेसीसरर सर, स्ृसंत्रृछ सने प्रनेर सरनछ भसखछृछ है,त.

उसरें रनुषत्र्य सो क्त्श्वछस है,ोृछ है,त कस सरछज रें उससी इच्छ सने क्त्रुधि त्र्यकद सु् भिजी अक्तप्रत्र्य

है,ोगछ, ृो पथ फूरछ सरछज रददगछर सी भिथ फूभरसछ रें उससने सछथ खड़ा योगदछ नजर आएगछ . स्नेच्छनुसछर
ृत्र्य सी गई रत्र्यछ्मदछओसं सने बछ्जथ फूद ्है, इृनछ स्छधजीन और रुव्यक्ति है,ोगछ कस बगतर कससजी बछहै,र

प्रभृबसंधखों सने अपनने लिकत्र्य सछ भनधछ्मरर सर ससने. इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरसखों सछ रछननछ है,त

कस उस व्त्र्य्सथछ रें प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति है,र ्है, ्सृु प्रछप्त सरनने रें सकर है,ोगछ , जजससो ्है,
अपनने भलिए जरूर रछनृछ है,त . उसने अपनने भिक्त्षत्र्य सो ऐजच्स कदशाछ दनेनने सी भिरपथ फूर स्ृसंत्रृछ

है,ोगजी. रछजत्र्य सछ एसरछत्र उद्नेशत्र्य अपनने नछगरिरसखों सने कहै,ृखों सी सुरकछ सरनछ है,त. त्र्यहै, सछत्र्य्म
रनुषत्र्य सी अभधसृर स्ृसंत्रृछ सो सुरजकृ रखनने सी भिछ्नछ सने सछथ कसत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए .
इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सने अनुसछर प्रतत्र्यनेस नछगरिरस सने सछरछनत्र्य अभधसछर है,ोृने है,ह . ्है,

सलत्र्यछररछजत्र्य सी परिरसलपनछ सो सछसछर सरनने रें सकर है,त . उनसने अनुसछर रछन्छभधसछर
सने्लि रनुषत्र्य सो उससने नछगरिरस अभधसछरखों सने है,

नहै, सं परचछृने . उनसी उपजसथभृ दस
थ फू रने

व्त्र्यक्तव्यक्तित्र्यखों सो भिजी उृनने है, अभधसछर दनेृजी है,त जजृनने रनुषत्र्य सो स्ृसंत्र और समरछनजनस

जजी्न जजीनने सने भलिए आ्शत्र्यस है,खों. उनहै,ें ‘सुदरृजी रछजत्र्य’ सी स्च्दृछ्छद अ्धछररछ क्तप्रत्र्य
है,त. उसने ्ने रछजत्र्य सने नत्र्यथ फूनृर भनत्र्यसंत्रर सने बजीच आधुभनस रछष -रछजत्र्य्छद चनेृनछओसं सने बजीच भिजी
जजलिछए रखनछ चछहै,ृने है,ह. प्रसछरछसंृर रें ्ने स्च्संद आचरर त्र्यछनजी स्ृसंत्रृछ सो स्च्संदृछ रछन

लिनेनने सने भिजी रोसृने है,ह. रगर स्ृसंत्रृछ सोई नत्र्यछ प्रतत्र्यत्र्य नहै, सं है,त. लिॉस सी ‘प्रछस्कृभृस रछजत्र्य’ सी
अ्धछररछ सने अनुसछर ्है, रनुषत्र्य सो जनर सने है, प्रछप्त है,ोृजी है,त . उसजी ृरहै, ससंपक्तष्पत्ति भिजी प्रस्कृभृ
सछ असंशा है,त. स्ृसंत्रृछ सने भसधिछसंृ सने अनुसछर दस
थ फू रखों पर अभधसर सरनछ भिजी अनुभचृ ए्सं
प्रस्कृभृ-क्त्रुधि आचरर है,त. कफूर इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति और ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सी

स्ृसंत्रृछ पर इृनछ जोर कत्र्यखों दनेृने है,ह? उनरें और दस
थ फू रने स्ृसंत्रृछ्छकदत्र्यखों रें प्ररुख असंृर कत्र्यछ
है,ह? इसपर क्त्चछर सरनने सने भलिए इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सी ्तचछरिरसी रें गहै,रने उृरनछ पड़ा योगदनेगछ.

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद सने प्ररुख क्त्चछरस जॉन है,ॉसपस्म(1918—2011) ृथछ रछबटी्म नॉजजस(1938—

2002) रहै,ने है,ह. अपनजी पुसृस ‘भलिबरटीनेरिरत्र्यन रनेनजीफूनेसटीो’ रें है,ॉसपस्म भलिखृछ है,त—‘प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य

अपनछ स्छरजी है,त. सभिजी स्ृसंत्र है,ह. कससजी सो कससजी पर अभधसछर नहै, सं है,त.’ उससने अनुसछर

प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य अपनजी रुभच ए्सं जरूरृ सने अनुसछर सछत्र्य्म सरनने सने भलिए स्ृसंत्र है,त , बशाृर सर्वे उस

सदर सने कससजी दस
थ फू रने व्त्र्यक्तव्यक्ति सने जजी्न रें कससजी प्रसछर सछ अ्छसंभ्ृ है,सृकनेप न है,ोृछ है,ो . न
है, उस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो लिगने कस उससी उपनेकछ सी जछ रहै, है,त . ्है, इस बछृ पर जोर दनेृछ है,त कस

सरछज रें न ृो सोई स्छरजी है,त, न दछस. त्र्यछ ृो सभिजी स्छरजी है,ह अथ्छ सभिजी दछस . दस
थ फू रने शालदखों
रें प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य अपनछ स्छरजी है,त. इसभलिए कससजी भिजी रनुषत्र्य सो त्र्यहै, अभधसछर नहै, सं है,त कस
्है, दस
थ फू रने सने जजी्न रें है,सृकनेप सर ससने. त्र्यहै, स्ृसंत्रृछबोध है, इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सी

आधछरभशालिछ है,त. रूसो सने लिनेसर लिॉस ृस इसजी सछ सरथ्मन सरृने आए है,ह . इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

क्त्चछरस इससछ जोरदछर सरथ्मन सरृने है,ह. इृनछ कस सई बछर उनसछ स्छृसंतत्र्यबोध नसछरछतरस

कदखनने लिगृछ है,त. अभधसछरखों सो लिनेसर भिजी इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद सछफूी उदछर है,ह. उसरें ्ने सभिजी
अभधसछर सजमरभलिृ है,ह जजनहै,ें आधुभनस क्त्चछरस

रछन्छभधसछर सने असंृग्मृ सजमरभलिृ सरृने

है,ह. उनसछ रछननछ है,त कस रनुषत्र्य सो ससंपक्तष्पत्ति अजज्मृ सरनने सछ पथ फूरछ अभधसछर प्रछप्त है,ोनछ चछकहै,ए .

प्रसछरछसंृर रें उनहै,ें पथ फूसंजजी्छद सने भिजी परहै,नेज नहै, सं है,ह . ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सो ्ने रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ

और अजसरृछ सी सुरकछ सने भलिए अभन्छत्र्य्म रछनृने है,ह. उनसने भलिए ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सने बगतर
नछगरिरस अभधसछर सी परिरसलपनछ अनदभचतत्र्यपथ फूर्म है,त.

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सने भलिए ससंपक्तष्पत्ति सछ आशात्र्य रहै,ज जरजीन -जछत्र्यदछद त्र्यछ नसद ृस सजीभरृ

नहै, सं है,त. उनसने भलिए है,र ्है, ्सृु जजसने सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति अपनछ है,ोनने सछ दछ्छ सरृने है,ु ए , ग्छ्मनुभिथ फूभृ
सरृछ है,त—ससंपक्तष्पत्ति सी शनेरजी रें आृजी है,त. जतसने आभिथ फूषर, पुसृस, ्सछभिरर आकद. त्र्यहै, नहै, सं
जछन, सलिछ-सदशालि, कनेत्र-क्त्शानेष रें अजज्मृ क्त्शानेष त्र्योगत्र्यृछ और बदक्तधिस ससंपदछ सो भिजी ्ने ससंपक्तष्पत्ति

सी शनेरजी रें रखृने है,ह. उनसने अनुसछर ऐसजी बहै,ुृ-सजी चजीजें ससंपक्तष्पत्ति सहै, जछ ससृजी है,ह , जजनहै,ें
सने्लि सु् चुनने है,ुए लिोग पससंद सरृने है,खों. उनहै,ें लिनेसर सरछज रें बहै,ुृ सपधछ्म सी भिछ्नछ भिजी न

है,ो. चथ फूसंकस उनसने है,ोनने सने व्त्र्यक्तव्यक्ति सो सु् है,ोनने सी ग्छ्मनुभिथ फूभृ है,ोनने लिगृजी है,त , इसभलिए ्ने ससंपक्तष्पत्ति
सछ है, अपररूप है,ह. क्त्चछरधछरछ सने रूप रें इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद सछ उद्भ् बजीस्जीसं शाृछलद सने
उष्पत्तिरछध्म रें अरनेरिरसछ रें है,ुआ. ृब ृस लिोसृसंत्र पर पथ फूसंजजी्छद ृछसृें अपनछ प्रभिुत् जरछ चुसी

थजीसं. लिोसृछसंक्तत्रस ससंसथछओसं पर सछरपोरनेटी ससंसस्कृभृ सछ असर सछफू कदखनने लिगछ थछ . ससंभि्ृ्रायः
उसजी सने समरोकहै,ृ इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

क्त्चछरस व्त्र्यक्तव्यक्ति्छद सछ रकहै,रछ-रसंडान सरृने है,ुए,

स््मस्छृसंतत्र्य सी भिछ्नछ सो उदछर-सरछज सने प्ररुख लिकर सने रूप रें दनेखृने है,ह . लिनेकसन कससजी
भिजी क्त्चछर सो सछरछजजस रछनत्र्यृछ कदलिछनछ सछरछनत्र्य नतभृसृछ सो बजीच रें लिछए क्तबनछ अससंभि्
है,त. ृदनुसछर ससंपक्तष्पत्ति पर अभधसछर सछ आशात्र्य त्र्यहै, है,रभगज नहै, सं है,त कस कससजी सी भिजी ससंपक्तष्पत्ति सो

सलजछसर उसपर अपनछ दछ्छ िोस कदत्र्यछ जछए . जतसछ कस प्रछचजीन सछलि रें सछमछजत्र्य्छद सोच

सने चलिृने है,ोृछ थछ. जब सोई समछटी अपनजी सतनत्र्य-शाक्तव्यक्ति त्र्यछ सथ फूटीनजीभृ द्छरछ कससजी रछजत्र्य पर
सलजछ सर लिने ृो ्है, उससछ अभधसछर रछन भलित्र्यछ जछृछ थछ . ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सी प्रछचजीन
परिरभिछषछ रें ्है, उभचृ रछनछ जछृछ है,त. इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

इस रछत्र्यनने रें व्त्र्यछ्है,छरिरस

नतभृसृछ सछ सरथ्मन सरृने है,ुए नजर आृने है,ह. उनसने अनुसछर ससंपक्तष्पत्ति अभधसछरिरृछ सछ अभभिप्रछत्र्य
्तध ृर सखों द्छरछ अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति पर अभधसछर, कफूर उससछ ससछरछतरस ढसंग सने सरछज सी सुलि

उतपछदन करृछ रें ््कृक्तधि है,नेृु उपत्र्योग कसए जछनने सने है,त. ृछकस सरछज क्त्सछस सी ओर अग्रसर

रहै, ससने. सुलि भरलिछसर ससंपक्तष्पत्ति सने उनसछ आशात्र्य उस धन सने है,त जो आसछनजी सने , स्तजच्स
आदछन-प्रदछन सी सजीरछ रें आृछ है,त. और उसपर अभधसछरिरृछ सने रछत्र्यनने ससंपक्तष्पत्ति सछ अपनने

ससंपथ फूर्म सछररत्र्य्म सने, अपनने सछथ-सछथ लिोसकहै,ृ रें उपत्र्योग सरनने सने है,त. लिोगखों सो ससंपक्तष्पत्ति
अभधसछर सने ्संभचृ सरनछ, उनसने उनसने रथ फूलिभिथ फूृ अभधसछर जो उनहै,ें रनुषत्र्य है,ोनने सछ बोध सरछृने
है,ह—्ीन लिनेनछ है,त. व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सने भलिए स्ृसंत्रृछ अपनने भिक्त्षत्र्य सी बनेहै,ृर सने भलिए सोचनने ृथछ
उससने भलिए पत्र्यछ्मप्त त्र्योजनछएसं क्त्सभसृ सरनने रें दनेखजी जछृजी है,त.

इच्छ-स्छसंृतत्र्य्छकदत्र्यखों सने अनुसछर रछन्जीत्र्य इच्छ और सृ्मव्त्र्य सो भनधछ्मरिरृ सरनने ्छलिने

अभधसछर उदछर है,ोनने चछकहै,ए. उनसछ स्रूप ऐसछ है,ोनछ चछकहै,ए कस सरछज सछ सरजोर सने
सरजोर व्त्र्यक्तव्यक्ति उनसछ लिछभि उिछ ससने . ससंपक्तष्पत्ति जुटीछनने ृथछ उससने है,सृछसंृरर ससंबसंधजी अभधसछर

रनुषत्र्य सी पससंद ृथछ उससी सछत्र्य्मशातलिजी सी स्ृसंत्रृछ सने भलिए आ्शत्र्यस है,ह . त्र्यकद व्त्र्यक्तव्यक्ति सो
अपनने जजी्न सने बछरने रें उपत्र्युव्यक्ति भनर्मत्र्य लिनेनने, क्त्सछस सने भलिए त्र्योजनछएसं बनछनने त्र्यछ अपनने है,
शर सने लिछभिखों

सने ्संभचृ सर कदत्र्यछ जछए ? त्र्यकद उससो स्ृसंत्र बृछृने है,ुए उससने अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति सने

अभधसछर सो है, ्ीन भलित्र्यछ जछए? उस अ्सथछ रें स्ृसंत्रृछ और सरछनृछ सने सोई रछत्र्यनने है,

नहै, सं रहै,ेंग.ने त्र्यहै,छसं क्त्चछररजीत्र्य है,त कस बदक्तधिस ससंपदछ, भशालप-सदशालि, व्त्र्यछ्सछभत्र्यस है,ुनर, शर आकद
सो ्ोड़ा योगद कदत्र्यछ जछए ृो ससंपक्तष्पत्ति प्रछत्र्य्रायः प्रस्कृभृ सछ कहै,ससछ है,ोृजी है,त . इस नछृने ्है, पथ फूरने सरछज सी

है,त. बजलस उन सरछजखों सी है,त जो धरृजी पर सहै, सं भिजी कससजी भिजी रूप रें रदजथ फूद है,ह . जड़ा योगद ्सृुओसं
सी भिछसंभृ रनुषत्र्य भिजी सहै, सं न सहै, सं प्रस्कृभृ सने भनत्र्यरखों सने अनुशाछभसृ है,ोृछ है,त . स्छलि है,त कस
कत्र्यछ एस प्रछस्कृभृस ्सृु त्र्यछ प्रछरजी सछ दस
थ फू र

प्रछस्कृभृस ्सृु त्र्यछ प्रछरजी पर अभधसछर

नत्र्यछत्र्योभचृ है,त. बजीस्जीसं शाृछलद रें जजृनजी भिजी रछन्ृछ्छद क्त्चछरधछरछएसं उभिर सं , ्ने इस इससने
पक, क्त्पक और सरन्त्र्य सछ है, लिनेखछ है,ह. रनुषत्र्य है,छलिछसंकस अनत्र्य प्रछजरत्र्यखों और ्सृुजगृ सी
भिछसंभृ प्रस्कृभृ सछ है, कहै,ससछ है,ह. रष्मर, जड़ा योगदत्, गुरुत्छसष्मर आकद प्रभिछ् जतसने जड़ा योगद ्सृुओसं

और जजी्जगृ सो प्रभिछक्त्ृ सरृने है,ह , रनुषत्र्य भिजी उनसने उसजी ृरहै, प्रभिछक्त्ृ है,ोृछ है,त. असंृर
सने्लि इृनछ है,त कस सहै,स्छजलदत्र्यखों सने असंृरछलि रें रनुषत्र्य नने अपनजी बुक्तधि क्त्सभसृ सी है,त . त्र्यहै,

्है, गुर है,त जजससने आधछर पर ्है, शानेष प्रछजरत्र्यखों और ्सृुजगृ पर अपनजी शनेष्ठृछ भसधि सरृछ

आत्र्यछ है,त. उसजी सने आधछर पर ्है, प्रछस्कृभृस ससंसछधनखों सछ अपनने कहै,ृ रें शाोधन , परिरशाोधन
सरृछ रहै,ृछ है,त. चथ फूसंकस प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य सछ बदक्तधिस सछररत्र्य्म और सरछज भनरछ्मर रें उससछ
त्र्योगदछन भभिनन है,ोृछ है,त, त्र्यहै, रनुषत्र्य सी अपनजी त्र्योगत्र्यृछ पर भिजी भनभि्मर सरृछ आत्र्यछ है,त ,
इसभलिए रनुषत्र्य सने ससंबसंध रें ससंपक्तष्पत्ति अभधसछरखों सी स्ृसंत्र व्त्र्यछखत्र्यछ सी आ्शत्र्यसृछ है,रनेशाछ रहै,

है,त. रनुषत्र्य सी सजीरछ है,त कस ्है, प्रस्कृभृ रें रदजथ फूद पदछथ्म सो सने्लि ्सृु रें बदलि ससृछ है,त .

उससछ शाोधन-परिरशाोधन सर ससृछ है,त. पदछथ्म सो बनछ नहै, सं ससृछ. त्र्यकद कससजी रनुषत्र्य सछ
ससंपक्तष्पत्ति पर अभधसछर है,त ृो ्है, ससंबसंभधृ ्सृु सने शाोधन -प्रशाोधन रें कसए गए त्र्योगदछन ृस
सजीभरृ रहै,नछ चछकहै,ए. जॉन लिॉस सी ओर सने आए त्र्यने क्त्चछर सछलिछसंृर रें इच्छ -स्छृसंतत्र्य्छद

क्त्चछरसखों सी प्रनेररछ बनने. उनरें सने अभधसछसंशा सछ रछननछ थछ कस अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति त्र्यछ अभभिरृ सने

अभधसछर सने क्तबनछ स्ृसंत्रृछ अससंभि् है,त . इसभलिए ससंपक्तष्पत्ति अभधसछरखों सी रूपरनेखछ, त्र्योजनछ्धि

ृर सने सने, सुलि सरछज सने द र्मसछभलिस कहै,ृखों सो धत्र्यछन रें रखसर बनछई जछनजी चछकहै,ए . त्र्यहै,
धत्र्यछन रखनछ चछकहै,ए कस कससजी सछ ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर दस
थ फू रखों सने अभधसछर रें बछधछ न बनने.

इच्छ-स्छसंृतत्र्य्छद क्त्चछरसखों सने अनुसछर ससंपक्तष्पत्ति उपछज्मन सी दो रछनत्र्य क्त्भधत्र्यछसं है,ह . पहै,लिछ दो

व्त्र्यक्तव्यक्तित्र्यखों अथ्छ दो सरथ फूहै,खों अथ्छ व्त्र्यक्तव्यक्ति और सरथ फूहै, सने बजीच है,ु आ असंृरर. उससने अनुसछर

ससंपक्तष्पत्ति सछ त्र्यहै, असंृरर नत्र्यछत्र्यससंगृ है,ोनछ चछकहै,ए. सरछज द्छरछ रोक्तषृ ऐसने ृर सने सने ससंपक्तष्पत्ति
असंृरर है, सछनथ फून समरृ सहै,छ जछएगछ. जजसरें रक्रिनेृछ और क्त्रक्रिनेृछ दोनखों सने बजीच क्त्श्वछस सी

भिछ्नछ है,ो. असंृरर सने बछद भिजी रक्रिनेृछ सो लिगने कस उससने सछथ सोई धोखछ त्र्यछ ्लि नहै, सं है,ु आ
है,त. ्है, सं क्त्रक्रिनेृछ सो त्र्यहै, क्त्श्वछस है,ोनछ चछकहै,ए कस ्है, कसए गए भिुगृछन सने बदलिने उपत्र्युव्यक्ति रथ फूलत्र्य

सी ससंपक्तष्पत्ति प्रछप्त सर चुसछ है,त . शर, बदक्तधिस ससंपदछ ृथछ ऐसने सभिजी उपछज्मन जो पथ फूर्म ससंपक्तष्पत्ति प्रछभधसछर सने सछथ ससंपनन है,ोृने है,ह, इसजी शनेरजी रें आृने है,ह. उपछज्मन सी दस
थ फू र

शनेरजी रें

अस्छभरत् त्र्युव्यक्ति ससंपक्तष्पत्ति सने स्छभरत् त्र्युव्यक्ति ससंपक्तष्पत्ति सछ असंृरर आृछ है,त . त्र्यछनजी ऐसछ उपछज्मन जो
कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति द्छरछ ऐसजी ससंपक्तष्पत्ति सने रछधत्र्यर सने कसत्र्यछ गत्र्यछ है,ो , जजससछ ्है, स्छरजी है, नहै, सं है,त .

उललिनेखनजीत्र्य है,त कस शर पर सबसने पहै,लिछ अभधसछर शभरस सछ है,ोृछ है,त . त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति शर
सछ ्छजजब रथ फूलत्र्य, त्र्यछनजी शर सने रथ फूलत्र्यछसंसन सछ अभधसछर ्ीनसर उससने उतपछद पर सलजछ सर

लिनेृछ है,त. ृब उससछ रछरलिछ दस
थ फू र शनेरजी रें आृछ है,त. त्र्यहै, सु् ऐसछ है, है,त जतसने सोई जरजीसंदछर
उस जरजीन सी फूसलि सो रर लिने जछए , जो उसनने अपनजी दबसंगई सने आधछर पर सलजछई है,ुई है,त.
इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सने अनुसछर व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ ससंपक्तष्पत्ति पर अभधसछर ृभिजी रछनत्र्य है,त , जब उसने

क्त्भध-रछनत्र्य ृर सखों द्छरछ अजज्मृ कसत्र्यछ गत्र्यछ है,ो . इसरें नत्र्यछत्र्यपथ फूर्म आधछर पर अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति सने

्ने सभिजी अपररूप सजमरभलिृ है,ह, जजनहै,ें रनुषत्र्य इस शनेरजी रें सजमरभलिृ सरृछ आत्र्यछ है,त . उनसी
भनगछहै, रें ससंपक्तष्पत्ति अज्मन सछ दस
थ फू रछ ृर सछ भनस्कृष्ट है,त. त्र्यहै, रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ सने दछत्र्यरने रें

अनछ्शत्र्यस और अनुभचृ है,सृकनेप सरृछ है,त. त्र्यकद ससंपक्तष्पत्ति सछ असंृरर नत्र्यछत्र्यपथ फूर्म ढसंग सने है,ुआ
है,त, ृो उससने आधछर पर सरछज रें असरछन आभथ्मस क्त्ृरर सो भिजी रछनत्र्यृछ दनेनजी है,ोगजी .

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सो ऐसजी आभथ्मस असरछनृछ सने भिजी गुरनेज नहै, सं है,त . त्र्यहै,छसं ्ने रछन्जीत्र्य

इच्छ सने भनरछ्मर रें उन ्च्मस्सछर शाक्तव्यक्तित्र्यखों सी अदृशत्र्य भिथ फूभरसछ सी उपनेकछ सर दनेृने है,ह , जो
सरछजछभथ्मस असरछनृछ ृथछ ृजजभनृ ऊसंच-नजीच सी भिछ्नछ सने ्छसृक्त्स सछरर है,ोृने है,ह. ्ने
सछरछजजस असरछनृछओसं सी बजीच पनपृने है,ह ; ृथछ रनुषत्र्य सने सोच पर नसछरछतरस असर
डाछलिृने है,ह. जजनसने चलिृने शभरस सने उससने शर सने रथ फूलत्र्यछसंसन सछ ्तध अभधसछर दनेखृने है, दनेखृने

्ीन भलित्र्यछ जछृछ है,त. उससने अभिछ् रें रनुषत्र्य सछ स्छृसंतत्र्य-बोध शाजीष्मसथ शाक्तव्यक्तित्र्यखों सछ

क्त्शानेषछभधसछर उनसी अनुससंपछ ृस भसरटी जछृछ है,त. ृदनुसछर इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सने भलिए
ससंपक्तष्पत्ति

सछ

असरछन

क्त्ृरर

सोई

रहै,त्

नहै, सं

रखृछ .

चछहै,ने

है,र

व्त्र्यक्तव्यक्ति

सो

उससी

आ्शत्र्यसृछनुरूप ससंपक्तष्पत्ति प्रछप्त है,ो अथ्छ ्है, सु्नेस है,छथखों रें भसरटी जछए . ्ने इसने व्त्र्यक्तव्यक्तिस्छृसंतत्र्य सने उपहै,छर सने रूप रें दनेखृने है,ह.

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सी दृक्तष्ट रें भनत्र्योजजृ अथ्मव्त्र्य्सथछ उृनजी रहै,त्पथ फूर्म नहै, सं है,त , जजृनजी
भनजजी स्ृसंत्रृछ ृथछ व्त्र्यक्तव्यक्तिगृ ससंपक्तष्पत्ति सी अ्धछररछ सछ रछन -समरछन. उसरें

व्त्र्यक्तव्यक्ति सो न

सने्लि ससंपक्तष्पत्ति-अभधसछर, बजलस ससंगिन बनछनने, रुव्यक्ति व्त्र्यछपछर सरनने सी आजछद प्रछप्त है,ोृजी है,त.

शाृ्म सने्लि इृनजी है,त कस उससने द्छरछ कसत्र्यछ गत्र्यछ सछत्र्य्म क्त्भध-समरृ है,ोनछ चछकहै,ए. भनजजीअभधसछरिरृछ पर जरछ-सछ असंसुशा, रछरथ फूलिजी भनत्र्यसंत्रर उनहै,ें स्जीसछत्र्य्म नहै, सं है,त. पथ फूसंजजी्छद भिजी सु्

ऐसछ है, चछहै,ृछ है,त. उनसछ रछननछ है,त कस व्त्र्यक्तव्यक्ति जजृनछ भनत्र्यसंत्रर रुव्यक्ति है,ोगछ , उृनछ उससने
उपभिोव्यक्तिछसरर रें आसछनजी रहै,नेगजी. त्र्यकद ्है, असनेलिछपन अनुभि् सरनेगछ ृो उससने खछलिजीपन सो

भिरनने सने भलिए नई ्सृुओसं सछ बछजछर बढ़नेगछ. इससने सुलि भरलिछसर पथ फूसंजजीपभृत्र्यखों सछ है, लिछभि
है,ोगछ. उललिनेखनजीत्र्य है,त कस उनजीस्जीसं शाृछलद रें सुख्छद क्त्चछरस भिजी पथ फूसंजजी्छद सो व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सने

सुख सने क्त्सृछर सने भलिए जरूर रछनृने थने . उनसछ रछननछ थछ कस पथ फूसंजजी्छद अथ्मव्त्र्य्सथछ सने

सरछज-सलत्र्यछर रें ््कृक्तधि है,ोगजी और सुख जो प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य सने जजी्न सछ धत्र्यनेत्र्य है,त , उससछ
लिोग अभधसछभधस भिोग सर ससेंगने. इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद भिजी पथ फूसंजजी्छद सछ सरथ्मन सरृने है,ह,

लिनेकसन सने्लि सुख सने भलिए नहै, सं. उनसी दृक्तष्ट रें व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सछ रथ फूलत्र्य ‘व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सने सुख’

सने सहै, सं अभधस है,त. अभधसछरखों सी सरछनृछ सो बढ़छ्छ कदए बगतर भ्रष्टछचछर , धोखछदड़ा योगद और
बछजछर सी रनरछभनत्र्यखों पर रोसथछर अससंभि् है,त . इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सो सलत्र्यछर रछजत्र्य सी
अ्धछररछ भिजी अरछनत्र्य है,त. सलत्र्यछर रछजत्र्य सने रथ फूलि लिकत्र्य अथछ्मृ लिोगखों सने भिलिने सने भलिए
अभन्छत्र्य्म ससंसथछओसं सछ गिन, सछरछजजस सुरकछ, शर-सलत्र्यछर, स्छसरत्र्य ससंबसंधजी दनेखभिछलि,

स्छसरत्र्य बजीरछ, रसंगभिनेद ृथछ लिहभगस पकपछृ पर रोसथछर ्छलिने सछनथ फून बनछ दनेनने सने उनहै,ें ससंृोष
नहै, सं है,त. इससने बजछत्र्य ्ने व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी ससंपथ फूर्म स्ृसंत्रृछ पर जोर दनेृने है,ह . सब आजछद है,खोंगने,

परसपर बरछबर है,खोंगने ृो सरछज रें शाोषर सने भलिए जगहै, न बचनेगजी—ऐसछ ्ने रछनृने है,ह . उनसछ
त्र्यहै, भिजी रछननछ है,त कस लिोगखों सो पथ फूर्म ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर दनेनने सने सछथ-सछथ इच्छनुसछर ससंगिन
बनछनने, अपनजी भनभधत्र्यखों सछ अपनने भिलिने सने भलिए उपत्र्योग सरनने सी ससंपथ फूर्म आजछद है,ोनजी चछकहै,ए .

रगर उनसी सरजोर है,त कस व्त्र्यक्तव्यक्ति -स्छृसंतत्र्य सछ पक लिनेृने-लिनेृने सई बछर ्ने अपनजी सजीरछ सने

पछर भनसलि जछृने है,ह. ‘अभृ स््मत्र ्ज्त्र्यृने’ सी चनेृछ्नजी उनहै,ें त्र्यछद नहै, सं रहै,ृजी . त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति
रसंगभिनेद सरथ्मस सोच सने सछरर अपनने ससंसथछन रें सने्लि गोरखों सो नदसर पर रखनछ चछहै,ृछ है,त

ृो, इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों सने अनुसछर उसने इससछ भिजी अभधसछर है,त . शानेष सरछज सो उससने
अभधसछर सछ समरछन सरनछ चछकहै,ए. बशाृर सर्वे उससने स्कृतत्र्य सने कससजी कहै,संसस व्त्र्य्है,छर त्र्यछ दस
थ फू रखों सने
जजी्न रें है,सृकनेप न है,ोृछ है,ो. ऐसने है, त्र्यकद सोई ग्कृहै,-स्छरजी अपनने भि्न सो अपनने है, ्र्म

सने कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सो बनेचनछ चछहै,ृछ है,त, ृो उससो भिजी इससछ अभधसछर है,त. उनसने अनुसछर नत्र्यछत्र्य
सी रछसंग है,त कस त्र्यहै, अभधसछर उनहै,ें भरलिनछ है, चछकहै,ए .

बशाृर सर्वे ्है, दस
थ फू रखों सने जजी्न सछ उृनछ

है, समरछन सरृछ है,ो, जजृनने समरछन सी अपनेकछ ्है, दस
थ फू रखों सने अपनने भलिए रखृछ है,त . त्र्यहै,छसं ्ने
भिथ फूलि जछृने है,ह कस ्र्मभिनेद त्र्यछ कससजी अनत्र्य प्रछस्कृभृस त्र्यछ सछरछजजस सछरर जो व्त्र्यक्तव्यक्ति सने

भनत्र्यसंत्रर रें न है,ो, सने लिोगखों सो उनसने ्छजजब अभधसछरखों सने ्संभचृ सर दनेनछ—उनसने जजी्न रें

अप्रतत्र्यक है,सृकनेप है,त. चथ फूसंकस सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति नहै, सं चछहै,ृछ कस उसने उन सछररखों सने भलिए दसंकडाृ कसत्र्यछ

जछए, जो प्रछस्कृभृस है,ोनने सने सछरर उससने भनत्र्यसंत्रर सने बछहै,र है,ह , इसभलिए इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छकदत्र्यखों
सी स्ृसंत्रृछ ससंबसंधजी अ्धछररछ रें कससंभचृ दोषपथ फूर्म नजर आृजी है,त.
इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सी क्त्शानेषृछ जजसने उससछ नसछरछतरस पक सहै,छ जछएगछ , त्र्यहै, है,त कस

रसंगभिनेद, जछभृ, धर्म अथ्छ कनेत्रजीत्र्यृछ सी भिछ्नछ सने ग्रसृ सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति त्र्यकद अपनजी इच्छ और

अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सने बहै,छनने कससजी प्रसछर सछ पथ फू्छ्मग्रहै, रखृछ है,त , ृो इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद उसने
व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सी सजीरछ रें रखसर स्जीसछत्र्य्म रछन लिनेृछ है,त . व्त्र्यक्तव्यक्ति रसंगभिनेद सी भिछ्नछओसं सने
रुव्यक्ति है,ो, इससने भलिए भिजी व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सी भिछ्नछ सो परर सने सृर ृस ऊपर उिछनछ है,ोगछ .

त्र्यहै, सने्लि व्त्र्यक्तव्यक्ति सी जजमरनेदछर नहै, सं है,त. सरछज सछ भिजी दछभत्र्यत् है,त कस ्है, ऐसछ ्छृछ्रर
भनभर्मृ सरने जजसरें प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति अपनजी स्ृसंत्रृछ और सरछनृछ सछ अभधसृर आनसंद लिने

ससने. आशात्र्य त्र्यहै, है,त कस रनुषत्र्य अच्ने है,खों, इससने भलिए सरछज सो अपनजी अच्छई सने उचच
रछपदसंडा सथछक्तपृ सरनने है,खोंगने, ृछकस उससने सदसत्र्य अपनने भिजीृर सने है, प्रनेररछएसं ग्रहै,र सर ससें .

सरछज रें सरछनृछ ए्सं स्ृसंत्रृछ सछ उचचृर सृर बनछ रहै,छ ृो व्त्र्यक्तव्यक्ति सी रसंग अथ्छ भलिसंग
सने आधछर पर पकपछृपथ फूर्म भनर्मत्र्य लिनेनने सी इच्छ है, नहै, सं रहै,नेगजी . इस ृरहै, इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

क्त्चछरस रछन्-रछत्र सने सुख सी सलपनछ सरृने है,ुए उससने आधछर पर आदशा्म सरछज सी रचनछ

सछ सपनछ दनेखृने है,ह. अपनजी क्त्चछरधछरछ सने प्रभृ उनसछ गजब सछ समरोहै,न है,त . रछनृने है,ह कस
इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सने रछधत्र्यर सने है, रछन्जीसरर सने उचचृर लिकत्र्य सो प्रछप्त कसत्र्यछ जछ

ससृछ है,त. दस
थ फू र ओर उससने आलिोचसखों सछ रछननछ है,त कस ्है, व्त्र्यक्तव्यक्ति -स्छृसंतत्र्य सी आड़ा योगद रें रसंगभिनेद, लिहभगस असरछनृछ आकद सछ सरथ्मन सर , परोक रूप रें नसछरछतरस अभधसछरखों सी
सथछपनछ सरृछ है,त. इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरस अथ्मव्त्र्य्सथछ सने उदछर सरर ृथछ रुव्यक्ति बछजछर

व्त्र्य्सथछ सछ अभृ सी सजीरछ ृस सरथ्मन सरृने है,ह . ‘लिनेजनेज फूनेत्र्यर’ उनसने भलिए न सने्लि

अथ्मव्त्र्य्सथछ, बजलस रछजनजीभृ और सरछज सने भलिए भिजी स्छ्मभधस अपनेजकृ दशा्मन है,त . व्त्र्यक्तव्यक्तिस्छृसंतत्र्य सछ सरथ्मन सरृने-सरृने ्ने अप्रसटी रूप रें लिोस-भशाकछ, भनत्र्योजजृ अथ्मव्त्र्य्सथछ,

लिोसृसंत्र आकद सो है, नसछरनने लिगृने है,ह . त्र्यहै, उनसी क्त्शानेषृछ है,त और सदछभचृ त्र्यहै, उनसी
सजीरछ भिजी.

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सने सरथ्मस क्त्द्छनखों रें जॉन है,छसपस्म सने अलिछ्छ रछबटी्म नॉजजस सछ नछर भिजी

भलित्र्यछ जछ ससृछ है,त. बजीस्जीसं शाृछलद सछ त्र्यहै, अरछजसृछ्छद क्त्चछरस नत्र्यछत्र्य सी सथछपनछ सने

भलिए ससंपथ फूर्म स्छधजीनृछ सछ सरथ्मन सरृछ है,त . इस लिकत्र्य-प्रछभप्त सी रछहै, रें ्है, रछजत्र्य सी

सजीभरृ भिथ फूभरसछ सछ सरथ्मन सरृछ है,त. इसभलिए सु् क्त्द्छन उसने अध्म-अरछजसृछ्छद भिजी रछनृने
है,ह. जॉन है,ॉसपस्म पथ फूर्म स्ृसंत्रृछ सछ सरथ्मस थछ . उसनने जोर दनेसर सहै,छ थछ कस अपनने जजी्न
पर स्छ्मभधस अभधसछर ससंबसंभधृ व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ है,त. परिर्छर, सरछज और दनेशा बछद रें आृने है,ह.

व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सछ आधछर है, त्र्यहै, भिछ्नछ है,त कस प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनजी इच्छ सछ रछन

रखनने, उससो लिकत्र्य रछनसर उससने अनुरूप आचरर सरनने सछ पथ फूरछ -पथ फूरछ अभधसछर है,त. त्र्यहै, एस
व्त्र्यक्तव्यक्ति्छद दक्तष्टसोर है,त. चथ फूसंकस सुख्छद और व्त्र्यक्तव्यक्ति्छद परसपर पथ फूरस और सहै,छत्र्यस क्त्चछरधछरछएसं

है,ह, इसभलिए अभधसछसंशा इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरस स्त्र्यसं सो सुख्छद दशा्मन सने सर ब रछनृने

थने. ्ने पथ फूसंजजी्छद सछ सजीधने सरथ्मन नहै, सं सरृने . स््म-स्छृसंतत्र्य सछ पक एस रुव्यक्ति, आतरभनर्मत्र्यजी
व्त्र्यक्तव्यक्ति और सरछज सी रचनछ उनसछ धत्र्यनेत्र्य है,त . लिनेकसन पथ फूसंजजी सने आधछर पर सरछज रें जजस
प्रसछर सछ क्त्भिछजन स्छभिछक्त्स रूप सने आ जछृछ है,त , उसपर भिजी ्है, सोई क्त्चछर नहै, सं सरृने.

इस ृरहै, ्ने जछनने-अनजछनने पथ फूसंजजी्छद सछ अप्रतत्र्यक सरथ्मन सरृने है,ुए नजर आृने है,ह . ्ने सुख्छद
सछ सरथ्मन भिजी इसभलिए सरृने है,ह कत्र्यखोंकस त्र्यहै, व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी स्ृसंत्रृछ सी रछहै, सो आसछन

बनछृछ है,त. रगर सोरने सुख्छद दक्तष्टसोर सने सरछज रें नत्र्यछत्र्य सी सथछपनछ अससंभि् है,त . रछबटी्म

नॉजजस स्त्र्यसं त्र्यहै, रछनृछ थछ कस सुख्छद नत्र्यछत्र्य सी रछहै, सछ सबसने बड़ा योगदछ पतथर है,त . त्र्यकद सब
अपनने-अपनने सुख सी सपधछ्म रें है,खोंगने ृो उन लिोगखों सने सुख सी भचसंृछ जो कससजी सछरर्शा ददड़ा योगद
सने बछहै,र है,ह, अथ्छ ददड़ा योगद रें क्तप्ड़ा योगद चुसने है,ह—सदन सरनेगछ ! इस ृस्म सने सछथ नॉजजस सुख्छद
दशा्मन सो, क्त्शानेषसर नत्र्यछत्र्य सने ससंदभि्म रें, सर ब-सर ब नसछर है,

दनेृछ है,त. उससी पुसृस

‘अनछस्, सटीनेटी और त्र्यथ फूटीोक्तपत्र्यछ’ जॉन लिछस(1632—1704) सने रछन्छभधसछर ससंबसंधजी क्त्चछरखों सने

आगने सछ भचसंृन है,त. रछजनजीभृस दशा्मन सने असंृग्मृ रछन्छभधसछरखों सछ पक लिनेृने है,ु ए उसनने भलिखछ
थछ कस रनुषत्र्य प्रस्कृभृ सने है, रुव्यक्ति और सरछन है,ोृछ है,त . प्रस्कृभृ सने उसने जजी्न, स्ृसंत्रृछ,

ससंपक्तष्पत्ति-ससंबसंधजी अभधसछर प्रछप्त है,ोृने है,ह. उनहै, सं सने आधछर पर ्है, सरछज सने जुड़ा योगदृछ है,त . सरछज

व्त्र्यक्तव्यक्ति सी भनजजी ए्सं सछ््मजभनस इच्छ-आसछसंकछओसं सछ क्त्सृछर है,त. उससी जसथरृछ, ससंपननृछ
ृथछ अपनजी स्छधजीनृछ सने सुखरत्र्य भिोग है,नेृु रनुषत्र्य अपनजी नतसभग्मस स्ृसंत्रृछ सने एस कहै,ससने

सो सरछज और सरसछर सो ससौंप दनेृछ है,त . उसजी सने उन दोनखों सो ्तधृछ और ृछसृ प्रछप्त है,ोृजी

है,त. चथ फूसंकस सरसछर लिोगखों सी इच्छ सने बनृजी ृथछ उनसी सहै,रभृ सने चलिृजी है,त , इसभलिए उससछ
प्रथर सृ्मव्त्र्य लिोगखों सी स्छधजीनृछ ृथछ अभधसछरखों सी रकछ सरनछ है,त. रछबटी्म नॉजजस जॉन लिॉस
सने प्रछस्कृभृस अभधसछरखों सो स्जीसछरृछ है,त. उससने अनुसछर त्र्यने अभधसछर रनुषत्र्य है,ोनने सी ससदटी

है,ह, इसभलिए इनसछ कससजी प्रसछर सने उललिसंरन रनुषत्र्यृछ सने प्रभृ अकमत्र्य अपरछध है,त . चथ फूसंकस सभिजी
सने जजी्न-ससंबसंधजी अभधसछर बरछबर है,ह, इसभलिए रनुषत्र्य सने ससंपक्तष्पत्ति-ससंबसंधजी अभधसछर सछरछजजस
नतभृसृछ सने बसंधने है,ोृने है,ह. ्ने ृभिजी ृस रछनत्र्य है,ह जब ृस ससंपक्तष्पत्ति सछ अज्मन और है,सृछसंृरर

क्त्भधरछनत्र्य ृर सने सने, बगतर कससजी कहै,संसछ, धोखछदड़ा योगद और कोभि सने ससंभि् है,ो ससने. नॉजजस सने
अनुसछर ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर ृथछ उनसने असंृरर सी ससंबसंधजी नत्र्यछत्र्य सने ृतससंबसंधजी ृजीन सछरछनत्र्य
भसधिछसंृखों द्छरछ सरझजी जछ ससृजी है,त—

1.

त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति नत्र्यछत्र्य सने भसधिछसंृखों सने अनुसछर ससंपक्तष्पत्ति अजज्मृ सरृछ है,त, ृो

2.

सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति कससजी ससंपक्तष्पत्ति सो नत्र्यछत्र्य सने भसधिछसंृ सने अनुसछर ऐसने व्त्र्यक्तव्यक्ति सी ओर

उससो अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति सो अपनने अधजीन रखनने सछ अभधसछर है,त, अथ्छ

असंृरर सने ददरछन प्रछप्त सरृछ है,त, जजससछ उस ससंपक्तष्पत्ति पर क्त्भधस अभधसछर थछ,

3.

प्रछप्तसृछ्म अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति सो अपनने अधजीन रखनने सछ अभधसछर है,त.

ृब

सने
भिजी

उपत्र्यु्मव्यक्ति दो प्रक्त्भधत्र्यखों सने अलिछ्छ कससजी भिजी अनत्र्य ृर सने सने अजज्मृ सी गई ससंपक्तष्पत्ति
अनछभधस्कृृ सलजने सने भिजीृर रछनजी जछएगजी.

नॉजजस सरछधछन व्त्र्य्सथछ सछ क्त्रोध सरृछ है,त. सरसछर और प्रशाछसन द्छरछ उससने पक रें कदए

जछनने ्छलिने अननेस ृसर्षों सने बछ्जथ फूद , ्है, इसने लिछगथ फू रखनने सने भलिए सृई ृतत्र्यछर नहै, सं थछ . उससने

अनुसछर सरछधछन सी पधिभृ है, दोषपथ फूर्म है,त. ्है, रनुषत्र्य सी स्ृसंत्रृछ और ससंपक्तष्पत्ति ससंबसंधजी
अभधसछरखों रें सेंध लिगछृजी है,त. ऐसछ प्रृजीृ है,ोृछ है,त कस ्है, सरछधछन सो एस प्रसछर सी चोर

रछनृछ है,त. ऐसजी चोर जो सरसछर अथ्छ रछजत्र्य द्छरछ सछनथ फून और अभधसछर सने नछर पर सी

जछृजी है,त. सरसछर टीतकस ्सथ फूलिनने सने भलिए बलिप्रत्र्योग सछ सहै,छरछ लिने ससृजी है,त . उससने अनुसछर
रनुषत्र्य सने ्तध ससंपक्तष्पत्ति-अभधसछर पर, उससी इच्छ सने बगतर है,सृकनेप सरनने सछ अभधसछर
सरसछर सरनेृ कससजी सो भिजी नहै, सं है,त. ृदनुसछर गर बखों सने भलिए भन्रायःशाुलस भशाकछ, स्छसरत्र्य,

परिर्है,न, भिोजन, आ्छस आकद ससंबसंधजी सोई भिजी गभृक्त्भध जो सरछधछन सने नछर पर जनृछ सने

बलिपथ फू््मस ऐसंिी गई धनरछभशा द्छरछ ससंचछभलिृ है,त, अ्तध रछनजी जछएगजी. अरछजसृछ्छद नॉजजस सछ

रछननछ थछ कस रछजत्र्य सो अलपछभधसछर ससंपनन है,ोनछ चछकहै,ए. उससछ दछभत्र्यत् नछगरिरस-सलत्र्यछर

सने भलिए बनछए गए क्त्धछन सो लिछगथ फू सरनछ ृथछ अपरछध जतसने डासतृजी , चोर , धोखछदड़ा योगद , लिथ फूटीखसोटी, रछरपजीटी आकद सने रछरलिखों रें सरछज सी रकछ ृस सजीभरृ है,त . बछसी दछभत्र्यत् नछगरिरसखों
द्छरछ अपनने क्त््नेस, ससंगिन, सहै,सछर, स्छृसंतत्र्यबोध ए्सं सरछनृछ सी भिछ्नछ सने ससंपनन है,ोनने

चछकहै,ए. नॉजजस सने त्र्यने क्त्चछर है,छसपस्म सी भिछ्नछओसं सने रनेलि खछृने है,ह . उससने अनुसछर, ‘सरसछर
सी जरूरृ सने्लि क्त्दोहै, त्र्यछ उपद् सो शाछसंृ सरनने सने भलिए पड़ा योगदृजी है,त . क्त्सछस अथ्छ दभु नत्र्यछ
सो बनेहै,ृर बनछनने जतसने सछत्र्यर्षों रें उससी सोई भिथ फूभरसछ नहै, सं है,त . न है, सरसछर सछ सछर फूतसलिछ

सरनछ है,त कस उसने कसस व्त्र्य्सछत्र्य सने कसृनछ रुनछफूछ भरलि ससृछ है,त . उससछ सछत्र्य्म सछनथ फून सी
सहै,छत्र्यृछ सने आरक्रिछरस सछत्र्य्म्छहै, सो भनत्र्यसंक्तत्रृ सरनछ है,त.’6

इन क्त्चछरखों पर है,र ‘लितजनेज फूनेत्र्यर’ सी ्छत्र्यछ दनेख ससृने है,ह . नॉजजस सने अनुसछर ‘रछजनजीभृस
दशा्मन सी रथ फूलिभिथ फूृ सरसत्र्यछ’ इस ृरत्र्य पर क्त्चछर सरनछ नहै, सं है,त कस ‘सरसछर सछ स्रूप सतसछ

है,ोनछ चछकहै,ए.’ बजलस त्र्यहै, दनेखनछ है,त कस ‘कत्र्यछ सभिजी सने भलिए एस रछजत्र्य है,ोनछ चछकहै,ए .’ नॉजजस

रछजत्र्य सने औभचतत्र्य पर है,छलिछसंकस उृनजी गसंभिजीरृछ सने स्छलि नहै, सं उिछृछ , जजस ृरहै, क्तपत्र्यरने जोसनेफू
प्रथ फूधखों, भरखछइलि बसुभनन जतसने अरछजसृछ्छद उिछृने है,ह , रगर नछगरिरस सलत्र्यछर और क्त्सछस

सने कनेत्र रें उससी भिथ फूभरसछ सो बहै,ुृ सजीभरृ सर दनेनछ चछहै,ृछ है,त . नॉजजस रछजत्र्य ृथछ उससने

उद्नेशत्र्यखों सी सरजीकछ सो आधुभनस रछजनजीभृस दशा्मन सी प्ररुख सरसत्र्यछ रछनृछ थछ . इस ससंबसंध

रें ्है, सृरहै,्जीसं शाृछलद सने रहै,छन अनुभि््छद दछशा्मभनस जॉन लिॉस सने बनेहै,द सर ब थछ . लिॉस

सछ सहै,नछ थछ—‘सुदरृजी रछजत्र्य सो शाछभसृ सरनने सने भलिए प्रस्कृभृ सने अपनने भनत्र्यर है,ोृने है,ह .’7
लिॉस सने अनुसछर ्है, भनत्र्यर है,त—‘नत्र्यछत्र्य.’ जछकहै,र है,त कस नत्र्यछत्र्य त्र्यहै,छसं व्त्र्यछपस ससंदभिर्षों रें प्रत्र्युव्यक्ति

है,ुआ है,त. उससछ रथ फूलि ससंदनेशा है,त कस दभु नत्र्यछ रें, ‘कससजी सो भिजी दस
थ फू रने सने जजी्न, स्ृसंत्रृछ ृथछ
ससंपक्तष्पत्ति सो है,छभन पहै,ुसंचछनने सछ सोई अभधसछर नहै, सं है,त .’8 ‘सुदरृजी रछजत्र्य’ सी अ्धछररछ सो आगने

बढ़छृने है,ुए नॉजजस आधुभनस रछष-रछजत्र्य सने अभधसछरकनेत्र रें सटीदृजी सछ सुझछ् दनेृछ है,त . उससछ
सहै,नछ थछ कस नछगरिरसखों रें त्र्यहै, भ्रर नहै, सं फूतलिछत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए कस उनसी सुरकछ सरसछर सने

शाक्तव्यक्तिशाछलिजी है,ोनने पर भनभि्मर है,त और सरसछर जतसने-जतसने शाक्तव्यक्तिशाछलिजी है,ोगजी, उनसी स्ृसंत्रृछ, सुरकछ
और सर्कृक्तधि उसजी अनुपछृ रें बढ़ृजी जछएसंगजी. रनुषत्र्य दस
थ फू रने रनुषत्र्य सने रछजत्र्य सने आधछर पर नहै, सं ,

रुखत्र्यृ्रायः प्रस्कृभृ, सरछज ृथछ अपनजी जरूरृखों सने आधछर पर जुड़ा योगदछ है,ोृछ है,त . उससने अनुसछर रछजत्र्य

सी शाक्तव्यक्तित्र्यखों सछ उपत्र्योग नछगरिरसखों सो एस-दस
थ फू रने सी रदद सरनने, अपनने कहै,ृखों सी स्त्र्यसं सुरकछ

सरनने सी सहै,ज-स्छभिछक्त्स प्र््कृक्तष्पत्ति सने उतप्रनेरस सने रूप रें कसत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए , न कस उनसने
क्त्रुधि अ्रोधस शाक्तव्यक्ति सने रूप रें. व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी स्ृसंत्रृछ ृथछ अपनने ससंसछधनखों सछ अपनने सुख
और स्ृसंत्रृछ सने भलिए प्रत्र्योग कसए जछनने सने अभधसछर सो ्है, जखलिछड़ा योगद सछ उदछहै,रर दनेसर

सरझछनने सी सोभशाशा सरृछ है,त—‘रछन लिजीजजए सोई व्त्र्यछ्सछभत्र्यस जखलिछड़ा योगद कससजी टी र सने भलिए
अपनजी शाृर्षों पर खनेलिनने सने भलिए ृतत्र्यछर है,ोृछ है,त . शाृ्म सने अनुसछर ्है, ृत्र्य सर लिनेृछ है,त कस ्है,

खनेलि सने भलिए क्तबसने कटीसटीखों सने प्रछप्त धनरछभशा सछ पछसंच प्रभृशाृ लिनेगछ . आत्र्योजस जखलिछड़ा योगद सने
रछनदनेत्र्य त्र्यछ सरजीशान सो लिनेसर सददनेबछजजी सर ससृने है,ह . लिनेकसन बछद रें अनुबसंध सने असंृग्मृ
प्रछप्त है,ोनने ्छलिजी धनरछभशा सो इच्छनुसछर खच्म सरनने सछ स्छ्मभधसछर सने्लि उस जखलिछड़ा योगद सो

है,ोगछ. एस बछर अनुबसंध सर लिनेनने सने बछद टी र प्रबसंधन अथ्छ कससजी भिजी अनत्र्य सो त्र्यहै, अभधसछर
नहै, सं रहै, जछृछ कस ्है, जखलिछड़ा योगद सने अनुबसंध सने ृहै,ृ भरलिनने ्छलिजी धनरछभशा सने खच्म सो लिनेसर
कससजी प्रसछर सछ स्छलि-ज्छब सरने.’

बजीस्जीसं शाृछलद रें पथ फूसंजजी्छद सने औभचतत्र्य सो दशाछ्मनने सने भलिए उससो रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ सने सछथ

जोड़ा योगदसर दनेखनने सी सोभशाशाें लिगछृछर है,ोनने लिगजी थजीसं . रनुषत्र्य स्ृसंत्र है,त. ्है, अपनजी रज्जी सछ
रछभलिस है,त. उससने अपनने अभधसछर है,ह. कससजी सो उससी स्ृसंत्रृछ रें दखलि दनेनने सछ अभधसछर

नहै, सं है,त—रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ और अजसरृछ सने नछर पर त्र्यने बछृें खथ फूब उ्छलिजी जछ रहै, थजीसं . रछजत्र्य
चथ फूसंकस जनृछ सी सछरथ फूकहै,स इच्छ सछ प्रभृभनभधत् सरृछ है,त , इसभलिए व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सने नछर
पर व्त्र्यक्तव्यक्ति्छद सछ नछरछ ृभिजी सफूलि है,ो ससृछ थछ , जब रछजत्र्य सने अभधसछर कनेत्र सो सजीभरृ

सर कदत्र्यछ जछए. त्र्यकद व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र अपनने अभधसछरखों सने प्रभृ जछगरूस है,त , ्है, स्-चनेृछ, स्अनुशाछभसृ है,त ृो रछजत्र्य सी भिथ फूभरसछ अपनने आप है, भसरटी जछृजी है,त . लिनेकसन आजछद सछ

अभभिप्रछत्र्य त्र्यकद सने्लि अपनजी ससंपक्तष्पत्ति और ससंसछधनखों सछ रनरछनछ उपत्र्योग है,त ृब , त्र्यहै, रछनछ
जछएगछ कस व्त्र्यक्तव्यक्ति सी स्ृसंत्रृछ सछ उपत्र्योग उससो पथ फूसंजजी्छद ृछसृखों सने है,छथखों सछ जखलिदनछ

बनछनने सने भलिए कसत्र्यछ जछ रहै,छ है,त. नॉजजस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनजी ससंपक्तष्पत्ति और ससंसछधनखों सने भनबके निर्बंध
उपत्र्योग सछ अभधसछर दनेनने सछ जोरदछर सरथ्मन सरृछ है,त . अप्रतत्र्यक रूप सने ्है, स्जीसछर लिनेृछ है,त
कस रनुषत्र्य असनेलिछ है,त. ्है, भिथ फूलि जछृछ है,त कस स्ृसंत्रृछ सछ धत्र्यनेत्र्य व्त्र्यक्तव्यक्ति सो उससी भनजृछ सने
दछत्र्यरने रें सतद सर दनेनछ नहै, सं है,त, बजलस सरछज रें सबसने सछथ रहै,ृने है,ुए अपनने समरछन,

अजसरृछबोध ए्सं अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति सदशालि सो बचछए रखनने सछ अभधसछर है,त . त्र्यहै, स्ृसंत्रृछ सी

नसछरछतरस व्त्र्यछखत्र्यछ है,त. इसपर क्त्चछर सरृने सरत्र्य नॉजजस सरछज सलत्र्यछर, भशाकछ जतसने
ससछरछतरस रथ फूलत्र्यखों सी एसछएस उपनेकछ सर दनेृछ है,त . दस
थ फू रने इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरसखों सी
भिछसंभृ सरछधछन प्ररछलिजी सी आलिोचनछ सरृने है,ुए ्है, उससो सरसछर सी ओर सने अ्रोधस

सछर्म्छहै, रछन लिनेृछ है,त, जो उससने अनुसछर ससंपक्तष्पत्ति पर रनुषत्र्य सने नतभृस अभधसछर रें सटीदृजी सछ

सछर सरृजी है,त. ृो कत्र्यछ सरछज सलत्र्यछर जतसजी सोई अ्धछररछ नहै, सं है,त ? और जो सपधछ्म रें

कससजी सछरर क्तप्ड़ा योगद चुसने है,ह, उनसने क्त्सछस सो लिनेसर रछजत्र्य और सरछज सी सोई जजमरनेदछर

नहै, सं है,त? नॉजजस इन प्रश्नखों सो नजरसंदछज सर जछृछ है,त . उससछ रछननछ है,त कस जब रछजत्र्य सी
ओर सने नत्र्यथ फूनृर प्रभृबसंध है,खोंगने, रनुषत्र्य-रछत्र सो अपनने द्छरछ अजज्मृ सी गई ससंपदछ पर
अभधसछर है,ोगछ, ृब सभिजी लिोग अपनने-अपनने क्त्सछस सने भलिए सरक्तप्मृ भिछ् सने सछत्र्य्म सरेंगने .

सरछज रें सभिजी सो क्त्सछस सने सरछन अ्सर और स्ृसंत्रृछ रहै,नेगजी ृो एस भिजी व्त्र्यक्तव्यक्ति क्त्सछस
सने लिछभिखों सने ्संभचृ न रहै,नेगछ . और सरछज उस आदशा्म सी ओर अग्रसर है,ोगछ जो रनुषत्र्यृछ सछ

सबसने बड़ा योगदछ सपनछ है,त. इससने भलिए ्है, रनुषत्र्य सने अभधसछरखों सी व्त्र्यछखत्र्यछ सरृछ है,त . सहै,नने सी
आ्शत्र्यसृछ नहै, सं है,त कस नॉजजस सी रछन्छभधसछर ससंबसंधजी अ्धछररछ रुखत्र्यृ्रायः ससंपक्तष्पत्ति पर
अभधसछर ए्सं ृतससंबसंधजी स्ृसंत्रृछ पर सेंकदृ है,त.

इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद ए्सं रछन्छभधसछर
व्त्र्यक्तव्यक्ति क्त्शानेष सने ससंदभि्म रें स्ृसंत्रृछ समरछनजनस व्त्र्य्है,छर , जजी्न-सुरकछ, अ्सरखों सी

सरछनृछ, अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति ृथछ अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति सने ऐजच्स उपत्र्योग सछ अभधसछर है,त . कससजी सरछज
रें इन अभधसछरखों सी अनुपजसथभृ रें रछनछ जछएगछ कस ्है,छसं व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी स्ृसंत्रृछ खृरने रें

है,ह. त्र्यहै,छसं जजन अभधसछरखों सो स्ृसंत्रृछ सछ पत्र्यछ्मत्र्य रछनछ गत्र्यछ है,त , ्ने व्त्र्यक्तव्यक्ति सने रथ फूलिभिथ फूृ अभधसछर

है,ह. सरछज रें सजमरभलिृ है,ोनने सने पथ फू््म भिजी ्ने रनुषत्र्य सो प्रछप्त है,ोृने है,ह. सरछजजीसरर सी
आनुपछभृस सफूलिृछ, सरछज रें नछगरिरस अभधसछरखों सी उपलिलधृछ सने सृर पर भनभि्मर सरृजी

है,त. उसजी सने सरछज रें नत्र्यछत्र्य सी पति सछ अनुरछन लिगछत्र्यछ जछ ससृछ है,त . दस
थ फू रने शालदखों रें

अभधसछर सरछज रें नत्र्यछत्र्य सी सथछपनछ सो ससंभि् बनछृने है,ह . चथ फूसंकस त्र्यने व्त्र्यक्तव्यक्ति सने रदभलिस
अभधसछर है,ह, इसभलिए व्त्र्यक्तव्यक्ति सो उनसने भलिए आ्छज उिछनने ृथछ आ्शत्र्यसृछ पड़ा योगदनने पर ससंरष्म

सरनने सछ अभधसछर भिजी सहै,ज प्रछप्त है,ोृछ है,त. नॉजजस सरछज रें नत्र्यछत्र्य सने स्रूप सो लिनेसर

बहै,ुृ सपष्ट न है,ो, कससंृु अभधसछरखों सी उसनने जोरदछर ्सछलिृ सी है,त . ्है, अभधसछरखों सो नत्र्यछत्र्य
सछ पत्र्यछ्मत्र्य रछनृछ है,ह. सरछज रें, ‘नत्र्यछत्र्य सी पसड़ा योगद ृभिजी ृस ससंभि् है,त जब ृस ्है,छसं

रछन्छभधसछरखों सछ समरछन है,ोृछ है,त .’9—त्र्यहै, बछृ उसनने अननेस ससंदभिर्षों सने सछथ , सई बछर-रुरछ-

कफूरछसर सहै, है,त. उससछ रछननछ है,त कस अभधसछर रनुषत्र्य सी स्ृसंत्रृछ सछ प्रृजीस है,ह , आदशा्म
सरछज रें त्र्यने व्त्र्यक्तव्यक्ति सो सहै,जरूप रें प्रछप्त है,ोनने चछकहै,ए . इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरस इसरें
अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति सी स्ृसंत्रृछ ृथछ ससंपक्तष्पत्ति ससंबसंधजी अभधसछरखों जत्र्यछदछ रहै,त् दनेृने है,ह . उनसछ रछननछ है,त
कस अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति पर रनुषत्र्य सछ पथ फूरछ अभधसछर है,त. और रछजत्र्य सरनेृ कससजी सो भिजी इस

अभधसछर रें है,सृकनेप सरनने सछ अभधसछर नहै, सं है,त . जो सछनथ फूनजी रूप सने जजससछ है,त, ्है, उससो

सहै,ज-स्छभिछक्त्स रूप रें प्रछप्त है,ो—त्र्यहै, इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद नत्र्यछत्र्य सछ आधछर-भसधिछसंृ है,त. ससंपक्तष्पत्ति
ससंबसंधजी अभधसछरखों सो लिनेसर उनसछ आग्रहै, इृनछ अभधस है,त कस अभभिव्त्र्यक्तव्यक्ति स्छृसंतत्र्य जो

रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ सछ असलिजी पहै,चछन है,त, सदछभचृ पजी्ने ्थ फूटीछ प्रृजीृ है,ोृछ है,त. आगने है,र

नॉजजस सी नत्र्यछत्र्यछधछरिरृ सरछज सी परिरसलपनछ रें अभधसछरखों सने रहै,त् पर क्त्चछर सरेंगने . त्र्यहै,
जछननने सी सोभशाशा सरेंगने कस उससी ‘स्त्’ अथ्छ ‘आतर -स्छभरत्’ सी सतधिछसंभृसी कत्र्यछ है,त?

सछथ है, है,र इसपर भिजी क्त्चछर सरेंगने कस नॉजजस सने भलिए ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर , ससंपक्तष्पत्ति सने रछत्र्यनने
ृथछ उससी क्त्भशाष्टत्र्यछसं कत्र्यछ है,ह?

1. स््मसुलिभि रदभलिस अभधसछर
नॉजजस सने भलिए नत्र्यछत्र्यछधछरिरृ सरछज सी पहै,लिजी क्त्शानेषृछ है,त कस उसरें व्त्र्यक्तव्यक्ति सने

रथ फूलिभिथ फूृ अभधसछर सुरजकृ है,ोनने चछकहै,ए. है,छलिछसंकस ्है,छसं उससछ भचसंृन सने्लि ससंपक्तष्पत्ति ससंबसंधजी

अभधसछरखों सी क्त््नेचनछ ृस सजीभरृ है,ोसर रहै, जछृछ है,त . उससने अनुसछर प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य
सछ अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति पर पथ फूरछ्मभधसछर है,त . ्है, उससो अपनजी रज्जी सने अनुसछर खच्म सर
ससृछ है,त, दछन रें दने ससृछ है,त. इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरस रछनृने आए है,ह कस रनुषत्र्य

अपनछ रछभलिस स्त्र्यसं है,ोृछ है,त. नॉजजस सी पुसृस ‘अनछस्, सटीनेटी एसंडा त्र्यथ फूटीोक्तपत्र्यछ’ रें

‘आतर-स्छभरत्’(सनेलफू आनरभशाप) शालद सने्लि एस बछर, उस सरत्र्य आृछ है,त, जब
्है, सरछधछन और बनेगछर पर चचछ्म सरृछ है,त . उससी परिरभिछषछ रें आतर-स्छभरत् ्है,
अ्सथछ है,त जब स्छरजी और ्सृु एस और सरछन है,ो . अपनने शार र पर सबसने पहै,लिछ
अभधसछर रनुषत्र्य सछ है,त. अपनने शर ए्सं त्र्योगत्र्यृछ सने बलि पर ्है, जो भिजी अजज्मृ सरृछ
है,त, उससछ लिछभि उसने भरलिनछ है,

चछकहै,ए. आतरस्छभरत् सने अलिछ्छ ्है, ‘ससंपथ फूर्म

स्छभरत्’ सी अ्धछररछ सो भिजी सपष्ट सरृछ है,त . उससने अनुसछर सरछज रें नत्र्यछत्र्य सी

उपजसथभृ ृभिजी ससंभि् है,त जब व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनने सरछई पर पथ फूरछ अभधसछर है,ो . ्है, अजज्मृ
ससंपक्तष्पत्ति सो बनेचनने, असंृरिरृ सरनने सो पथ फूर ृरहै, स्ृसंत्र है,ो. आतररकछ और ससंपक्तष्पत्ति सी

सुरकछ सने भलिए शात्रु सछ प्रभृसछर सरनने , कहै,संसछ सो टीछलिनने, नुससछन सी ्तध ृर सखों सने
भिरपछई सरनने सछ अभधसछर व्त्र्यक्तव्यक्ति सो भरलिनछ चछकहै,ए . त्र्यहै, भिजी ‘ससंपथ फूर्म स्छभरत् सी

शनेरजी रें आृछ है,त. ससंपथ फूर्म स्छभरत् सी दस
थ फू र रटीनछएसं ससंपक्तष्पत्ति सने असंृरर, सुरकछ, दसंगखों
ृथछ कससजी भिजी अनत्र्य प्रसछर सी आपदछ सने ससंपक्तष्पत्ति सो है,ोनने ्छलिने नुससछन सने बचछ् सने
अभधसछर सने रूप रें आृछ है,त. त्र्यहै, ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सने प्रभृ दस
थ फू रखों सी क्त्नम सहै,रभृ,

नतभृस सछररत्र्य्म, ृथछ ससंपक्तष्पत्ति सने उपत्र्योग सो लिनेसर स्छरजी सने असजीभरृ अभधसछर सछ

प्रृजीस है,ोृजी है,त. लिनेकसन ‘ससंपथ फूर्म स्छभरत्’ सछ आशात्र्य अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति सने रनरछनने प्रत्र्योग

सछ अभधसछर नहै, सं है,त. है,छसी जखलिछड़ा योगद सो रतदछन रें इस बछृ सछ पथ फूरछ अभधसछर है,ोृछ है,त
कस ्है, अपनजी जसटीस सछ सरछलि कदखछसर प्रभृकद्संद् टी र सो रतदछन रें पथ फूर ृरहै, ्सछ

दने. उससने लिगछृछर गोलि दछगने. लिनेकसन उससो है,छसी जसटीस सने प्रभृकद्संद् सछ भसर फूोड़ा योगदनने

सछ अभधसछर नहै, सं कदत्र्यछ जछ ससृछ. व्त्र्यक्तव्यक्ति इस बछृ सने भलिए पथ फूर्म स्ृसंत्र है,त कस अजज्मृ
ससंपक्तष्पत्ति सछ क्त्भधरछनत्र्य ढसंग सने अपनने सुख ए्सं स्ृसंत्रृछ सने क्त्सृछर है,नेृु प्रत्र्योग सरने ,
लिनेकसन दस
थ फू रखों सो उससने रछधत्र्यर सने है,छभन

पहै,ुसंचछए , त्र्यहै, स्ृसंत्रृछ उसने है,रभगज नहै, सं द

जछ ससृजी. कत्र्यखोंकस प्रसछरछसंृर रें ऐसछ सरनछ, दस
थ फू रखों सने जजी्न रें अ्छसंभ्ृ है,सृकनेप है,त,

जजससछ इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरस क्त्रोध सरृने है,ह. सछफू है,त कस ससंपक्तष्पत्ति पर ससंपथ फूर्म
अभधसछरिरृछ सछ भिछ् भिजी दस
थ फू रने सने अभधसछर और जजी्न सछ समरछन सरनने सी भिछ्नछ

सने जुड़ा योगदछ है,त. उसरें सने्लि ्ने ्तध उपत्र्योग सजमरभलिृ है,ह , जो क्तबनछ दस
थ फू रने सने जजी्न और
स्ृसंत्रृछ रें अ्छसंभ्ृ, अनछभधसछर है,सृकनेप कसए बगतर क्त्भधरछनत्र्य ढसंग सने प्रदछन कसए

जछृने है,ह. इसभलिए ससंपथ फूर्म स्छभरत् भिजी सरछज द्छरछ रत्र्यछ्मकदृ , भनत्र्यसंक्तत्रृ उपत्र्योग भलिए
है,ोृछ है,त. इसभलिए सु् क्त्द्छनखों नने इससने भलिए ‘सजीभरृ भनजजी -स्छभरत्’ भिजी सहै,छ है,त.
है,छलिछसंकस स्त्र्यसं नॉजजस इस शालद-त्र्युगर सने प्रत्र्योग सने बचछ है,त. ्है, भनजजी ससंपक्तष्पत्ति सो जरूर

रछनृछ है,त. उससछ जोरदछर ृर सने सने सरथ्मन भिजी सरृछ है,त . सछथ है, जोड़ा योगद दनेृछ है,त कस

व्त्र्यक्तव्यक्ति क्तबनछ दस
थ फू रखों सो कससजी भिजी प्रसछर भिजी प्रसछर सी कभृ पहै,ुसंचछए , उग्रृछ कदखछए त्र्यछ
दस
थ फू रखों सी स्ृसंत्रृछ सो बछभधृ कसए भनजजी ससंपक्तष्पत्ति सने उपत्र्योग है,नेृु पथ फूर ृरहै, स्ृसंत्र है,त .

2. नत्र्यछत्र्यससंगृ अभधग्रहै,र
ससंपक्तष्पत्ति सने अज्मन सो लिनेसर इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद दृक्तष्टसोर पथ फूर ृरहै, सपष्ट है,त. रनुषत्र्य सछ सने्लि
उसजी ससंपक्तष्पत्ति सने उपत्र्योग पर नतभृस अभधसछर है,त , जो उसनने नत्र्यछत्र्य ससंगृ ढसंग सने अजज्मृ सी है,ो .

ऐसजी ससंपक्तष्पत्ति जो उसनने बलिपथ फू््मस है,भथत्र्यछई गई है,ो, जजससने अज्मन रें उससछ सोई त्र्योगदछन न

है,ो, उससने उपत्र्योग सछ व्त्र्यक्तव्यक्ति सो सोई नतभृस अभधसछर नहै, सं है,त . रगर सरछज रें है,र बछर
आदशा्म सने सछर नहै, सं चलिछत्र्यछ जछ ससृछ. सु् व्त्र्यछ्है,छरिरस दृक्तष्टसोर भिजी अपनछनछ पड़ा योगदृछ है,त.

रनुषत्र्य दस
थ फू रने सने शर सने सने अजज्मृ ्सृु सछ उपत्र्योग सरने, त्र्यहै, उभचृ नहै, सं है,त. कससंृु त्र्यकद उस
अस्छभरत् त्र्युव्यक्ति ससंसछधनखों, त्र्यछनजी ऐसने ससंसछधनखों द्छरछ जजनपर व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ ्तध अभधसछर न है,ो ,

सी रदद सने त्र्यकद ्है, सु् अजज्मृ सरृछ है,त , ृब उस उतपछद पर कसससछ अभधसछर रछनछ

जछएगछ? नत्र्यछत्र्यससंगृ अभधग्रहै,र रें इसजी पर क्त्चछर कसत्र्यछ गत्र्यछ है,त. उससने अनुसछर ऐसछ प्रतत्र्यनेस
व्त्र्यक्तव्यक्ति जो अस्छभरत्त्र्युव्यक्ति ससंपक्तष्पत्ति पर अपनछ दछ्छ सरृने है,ु ए उससने सु् अजज्मृ सरृछ है,त ,

उससने भलिए उभचृ है,त कस अजज्मृ उतपछद सने बड़ा योगदने कहै,ससने सो द स
थ फू रखों सने भलिए ्ोड़ा योगद दने . त्र्यहै, सजीधछसछ व्त्र्यछ्है,छरिरस दक्तष्टसोर है,त. जजससो रछन्जीत्र्य सरजोरिरत्र्यखों सने बजीच सछरसंजसत्र्य ृथछ सरछज रें

शाछसंभृ और व्त्र्य्सथछ बनछए रखनने सी अनुसररजीत्र्य सोभशाशा सने रूप रें भिजी दनेख ससृने है,ह . त्र्यहै,
व्त्र्यछ्है,छरिरसृछ सने दबछ् है, है,ह कस प्रछत्र्य्रायः सभिजी इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्द्छन अस्छभरत्त्र्युव्यक्ति ससंपक्तष्पत्ति

पर सलजने सी जसथभृ सो स्जीसछरृने है,ह. लिनेकसन ्ने उस असथछत्र्यजी अभधसछर त्र्यछ व्त्र्य्सथछ सो उसजी

सजीरछ ृस रछनत्र्यृछ दनेृने है,ह, जब ृस ्है, सु् नत्र्यथ फूनृर शाृर्षों सछ पछलिन सरृछ है,त . उनसने इस
दक्तष्टसोर सी आलिोचनछ भिजी है,ोृजी रहै, है,त. ‘अनछभधस्कृृ ससंपक्तष्पत्ति पर अभधसछर’ सी ृजीन भभिनन

जसथभृत्र्यखों सी चचछ्म इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद क्त्चछरसखों नने सी है,त. उनसने अनुसछर रछन लिजीजजए सोई

व्त्र्यक्तव्यक्ति कससजी ऐसने ससंसछधन पर जो उससने स्छभरत् सने बछहै,र है,त , शर सरृने है,ुए सु् अजज्मृ
सरृछ है,त. अथ्छ जजससछ ्है, ससंसछधन है,त, उससने सछथ भरलिसर शर सरृने है,ुए उतपछदन रें
सहै,छत्र्यस बनृछ है,त—ृब उससछ उस उतपछद पर कसृनछ और कसस सजीरछ ृस अभधसछर है,ोगछ ?

क्तबलिसुलि भिजी नहै, सं....शाथ फूनत्र्य.’ आलिोचस खरछ ज्छब दनेृने है,ह. उनसने अनुसछर त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति
चतरछहै,ने पर खड़ा योगद सछर सने शाजीशाखों सी, बगतर उससने स्छरजी सी अनुरभृ सने आसर सफूछई सरनने लिगने

ृो उससो उस सछर सछ स्छभरत् नहै, सं कदत्र्यछ जछ ससृछ . इससने सरथ्मन रें त्र्यकद सोई त्र्यहै, दछ्छ
सरने कस इस प्रसछर भरलिछ-जुलिछ शर आ्शत्र्यस है,त, और सरछज रें क्तबनछ शर सछ सछझछ कसए
सछर नहै, सं चलिृछ, ृब ृो नत्र्यछत्र्य-ससंगृ अभधसछरिरृछ सी अ्धछररछ है, अथ्महै, न है,ोसर रहै,

जछएगजी. कत्र्यखोंकस ृजीसरछ अचछनस बजीच रें आसर दस
थ फू रने व्त्र्यक्तव्यक्ति द्छरछ ससंपक्तष्पत्ति पर बलिछृ त सलजने सो

भिजी बतध रोक्तषृ सर ससृछ है,त. इससने उस व्त्र्यक्तव्यक्ति सने अभधसछरखों सछ सजीधछ है,नन है,ोगछ, जो
उतपछदन सने भलिए ्छसई जजमरनेदछर है,त, दस
थ फू रने व्त्र्यक्तव्यक्ति नने दबसंगई कदखछसर जजससने उतपछद सो

सलजछनने सी सोभशाशा सी है,त . रछजशाछहै, और सछमछजत्र्य्छद रें त्र्यहै, है,ोृछ थछ . अपनने समछटी त्र्यछ
आशत्र्यदछृछ सो प्रसनन सरनने सने भलिए ऐसछ सुझछ् उनसने रुसंहै, -लिगने दरबछर प्रछत्र्य्रायः दनेृने है, रहै,ृने
थने. त्र्यछत्रछ सने ददरछन जसंगलि रें एस रछृ क्तबृछ लिनेनने सछ रृलिब त्र्यहै, नहै, सं है,त कस आप उसपर

स्छभरत् सछ दछ्छ िोसनने लिगें. ृजीसरने अभधग्रहै,र अथ्छ सलजने सने रछधत्र्यर सने अजज्मृ ससंपक्तष्पत्ति

पर आ्शत्र्यस नहै, सं कस ्है, आपसने ससंपथ फूर्म स्छभरत् ्छलिजी है, है,ो . उनसने स्छभरत् सो लिनेसर
दस
थ फू रने लिोगखों सी भिजी ्तसजी है, दछ्नेदछर ससंभि् है,त . उस अ्सथछ रें ्छसृक्त्स स्छरजी जछनबथ फूझसर

त्र्यछ अनजछनने है, अपनजी दछ्नेदछर पनेशा सरनने रें चथ फूस भिजी ससृछ है,त . सछफू है,त कस सछसंसछरिरस

्सृुओसं पर ससंपक्तष्पत्ति अभधसछरिरृछ ऐभृहै,छभसस ससंदभि्म भलिए रहै,ृने है,ह . त्र्यहै, सरसत्र्यछएसं इच्छस्छृसंतत्र्य्छद

क्त्चछरसखों सने सरक पहै,लिने सने है,

क्त््नेचनछ सी है,त.

थजीसं . नॉजजस नने उससी सरलि और सटी स

ससंपक्तष्पत्ति अभधग्रहै,र सो लिनेसर रछबटी्म नॉजजस िोस नृजीजने पर नहै, सं पहै,ुसंच पछृछ . इस क्त्षत्र्य रें
उससछ रन ससंशात्र्यग्रसृ है,त. ्है, लिॉस सने सहै,रभृ दशाछ्मृने है,ुए शर सने सजमरशर पर अपनछ
धत्र्यछन सेंकदृ रखृछ है,त. उललिनेखनजीत्र्य है,त कस ईसछई परसंपरछ रें सरसृ भिथ फूभर पररछतरछ सी रछनजी

जछृजी है,त. रछजछ धरृजी पर पररछतरछ सने परर-पुत्र सछ प्रभृभनभध है,त. रछजछ सो दत्जीत्र्य-अभधसछर सने
ससंपनन रछननने ्छलिने सोलिहै,्जीसं शाृछलद

सने असंग्रनेजजी लिनेखस रछबटी्म कफूलरर नने भलिखछ थछ कस

पररछतरछ नने सरसृ भिथ फूभर ईसछ रसजीहै, सो ससौंपजी थजी . रसजीहै, नने उससो नछगरिरसखों सने बजीच
क्त्भिछजजृ सर कदत्र्यछ. कफूलरर सने सथन कस पररछतरछ नने ससंपथ फूर्म धरछ ईश्वर सने प्रभृभनभध त्र्यछनजी

रछजछ सो ससौंपजी गई थजी, सछ क्त्रोध सरृने है,ुए लिॉस नने ‘सतकससंडा कटीट ज आन ग्न्मरेंटी’ रें भलिखछ

कस ईश्वर सने सछरनने रछजछ और प्रजछ सने प्रश्न उिछनने सछ सोई औभचतत्र्य नहै, सं है,त . उससने अनुसछर
पररछतरछ नने जरजीन सजीधने जनसछधछरर सो उससी सछरछनत्र्य दनेखभिछलि सने भलिए ससौंपजी थजी .

इसभलिए ्है, स्छभरत् सने परने है,त. प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ उसपर उृनछ है, अभधसछर है,त , जजृनछ
कससजी दस
थ फू रने सछ है,त. कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति द्छरछ शानेष सरछज सी रज्जी सने बगतर प्रछस्कृभृस ससंपक्तष्पत्ति और

ससंसछधनखों पर कससजी भिजी प्रसछर सी दछ्नेदछर अ्तध सहै, जछएगजी . ृब रनुषत्र्य सने बस रें कत्र्यछ
है,त? भिथ फू-उतपछद पर उससी दछ्नेदछर सछ आधछर कत्र्यछ है,ो ? लिॉस सछ रछननछ है,त कस रनुषत्र्य परिरशर

सने जरिरत्र्यने अस्छभरत् त्र्युव्यक्ति धरछ पर भनजजी अभधसछरिरृछ सछ दछ्छ सर ससृछ है,त . ‘सतकससंडा कटटी ज
आन कद भसक्त्लि ग्न्मरेंटी’ सने पछसंच्ने अधत्र्यछत्र्य रें ्है, ृस्म दनेृछ है,त—

1.

त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति अपनने स्छभरत् त्र्युव्यक्ति ्सृु सो कससजी ऐसजी ्सृु रें भरलिछृछ

2.

प्रतत्र्यनेस रनुषत्र्य सो अपनने शर पर पथ फूरछ अभधसछर है,त.

जजससछ सोई स्छरजी नहै, सं है,त, ृो ्है, ्सृु उस व्त्र्यक्तव्यक्ति सी रछन लिजी जछृजी है,त.

3.

है,त,

इसभलिए जब सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति अपनने शर सो जजससछ ्है, स्छरजी है,त , अस्छभरत् त्र्युव्यक्ति
भिथ फूभर सने त्र्योग सरृछ है,त ृो ्है, उसपर स्छभरत् प्रछप्त सर लिनेृछ है,त.11

लिॉस सछ ‘शर-सजमरशर’ सने आधछर पर ससंपक्तष्पत्ति-अभधसछर सने पक रें कदत्र्यछ गत्र्यछ त्र्यहै, ृस्म
दोषपथ फूर्म थछ. चथ फूसंकस अनत्र्यछनत्र्य प्रछजरत्र्यखों, ्सृुजगृ सी भिछसंभृ रनुषत्र्य भिजी प्रस्कृभृ सछ है, कहै,ससछ
है,त. इसभलिए शाोधन, परिरशाोधन अथ्छ रूपछसंृरर सने बहै,छनने व्त्र्यक्तव्यक्ति

द्छरछ प्रछस्कृभृस ससंसछधनखों पर

जजन ृसर्षों सने आधछर पर भनजजी अभधसछरिरृछ सछ दछ्नेदछर सी जछृजी है,त , उसजी ृरहै,, उनहै, सं ृसर्षों
सने आधछर पर प्रछस्कृभृस ससंपदछ है,ोनने सने सछरर रनुषत्र्य पर भिजी प्रस्कृभृ त्र्यछ सरछज सी दछ्नेदछर

ससंभि् है,त. उस अ्सथछ रें रनुषत्र्य सी अक्त्सलि स्ृसंत्रृछ सी अ्धछररछ खटीछई रें पड़ा योगद ससृजी
है,त. इन सभरत्र्यखों सने बछ्जथ फूद लिॉस सछ क्त्चछर आधुभनस इच्छ -स्छृसंतत्र्य्छद

क्त्द्छनखों सो

आसक्तष्मृ सरृछ है,त. स्त्र्यसं नॉजजस नने भिजी शर-सजमरशर सने क्त्चछर सो दोषपथ फूर्म रछनछ थछ.

है,छलिछसंकस ्है, उससछ सछथ्मस क्त्सलप दनेनने रें असरथ्म रहै,छ थछ . नॉजजस सने अनुसछर ‘शरसजमरशर’ सने भसधिछसंृ सी सरजोर है,त कस इस आधछर पर है,ु ए ससंपक्तष्पत्ति असंृरर पर स्छभरत्

सी सजीरछ सने बछरने रें िोस सरछधछन नहै, सं दनेृछ . उदछहै,रर सने भलिए रछन लिजीजजए रसंगलिग्रहै, सी

त्र्यछत्रछ पर भनसलिछ त्र्यछत्रजी उस ग्रहै, पर उृरनने रें सछरत्र्यछब है,ो जछृछ है,त . रसंगलि सी सृहै, पर
उृरनने सने बछद ्है, उस सथलि सी सफूछई सरृछ है,त . लिसंबने परिरशर सने बछद ्है, उस सथलि सो

सछफू और सरृलि सरनने रें सछरत्र्यछब है,ो जछृछ है,त . अब त्र्यकद रसंगलिग्रहै, पर उृरनने ्छलिछ ्है,
पहै,लिछ असंृरिरक त्र्यछत्रजी है,त ृो स्छलि उिृछ है,त कस शर -सजमरशर सने भसधिछसंृ सने अनुसछर उससछ

कसृनजी भिथ फूभर पर अभधसछर है,ोगछ. कत्र्यछ पथ फूरछ रसंगलि ग्रहै, उससछ रछन भलित्र्यछ जछनछ चछकहै,ए , अथ्छ

सने्लि ्है, सथलि जजृनछ उसनने सछफू कसत्र्यछ है,त ? नॉजजस इस प्रश्न सो त्र्यहै, सं ्ोड़ा योगद दनेृछ है,त . उष्पत्तिर
नहै, सं दनेृछ. उससी ओर एस सुझछ् त्र्यहै, भिजी आृछ है,त कस ‘शर -सजमरशर’ सने क्त्चछर सो है,

कसनछरने सर अभधसछरिरृछ सी सरसत्र्यछ पर व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सी रदजथ फूदगजी ृथछ उससी रथ फूलिभिथ फूृ
आ्शत्र्यसृछ सो धत्र्यछन रें रख, उपत्र्योभगृछ्छद दक्तष्टसोर सने क्त्चछर कसत्र्यछ जछए.

आगने बढ़नने सने पहै,लिने उभचृ है,ोगछ कस उस सरसत्र्यछ पर क्त्चछर सर भलित्र्यछ जछए जजससछ है,रनने

ऊपर उललिनेख कसत्र्यछ है,त. त्र्यछनजी अस्छभरत्त्र्युव्यक्ति त्र्यछनजी नतसभग्मस ससंपदछ पर भनजजी अभधसछरिरृछ सो

कसस प्रसछर परिरभिछक्तषृ कसत्र्यछ जछए? उससने ्ग्जीसरर सछ आधछर कत्र्यछ है,ो? ‘शर-सजमरशर’ सने
आधछर पर व्त्र्यक्तव्यक्ति सी ससंपक्तष्पत्ति कसृनजी और कसस सजीरछ ृस उभचृ है,त . सु् क्त्द्छन इसने
सजीरछहै, न रछनृने है,ह. उनसने अनुसछर त्र्यहै, रनुषत्र्य पर है,त कस अपनजी त्र्योगत्र्यृछ और सछररत्र्य्म सने बलि

पर ्है, अस्छभरत्त्र्युव्यक्ति ्सृुओसं सने जजृनने बड़ा योगदने कहै,ससने पर दछ्छ िखोंस ससृछ है,त , ्है, उससछ
अभधसछर है,त—जो उससो भरलिनछ है, चछकहै,ए . लिनेकसन उनसने आगने भिजी व्त्र्यछ्है,छरिरस सरसत्र्यछएसं सर
नहै, सं है,त. ‘शर-सजमरशर’ सने आधछर पर रनुषत्र्य जजस ससंपक्तष्पत्ति पर अपनजी दछ्नेदछर प्रसृुृ सरनछ
चछहै,ृछ है,त, ससंभि् है,त उससने पहै,लिने सने है, लिोग उससछ कससजी ओर रूप रें उपत्र्योग सर चुसने है,खों .

उदछहै,रर सने भलिए एस कससछन जसंगलि सो सछफू सर , उससो खनेृजी लिछत्र्यस बनछृछ है,त. ्है, सछफू
सी गई जरजीन पर अपनने स्छभरत् सछ दछ्छ भिजी सरृछ है,त . लिनेकसन कससछन जरजीन सो उपत्र्योग
रें लिछनने ्छलिछ असनेलिछ पहै,लिछ व्त्र्यक्तव्यक्ति नहै, सं है,त . त्र्यहै, पथ फूर ृरहै, ससंभि् है,त कस उससने पहै,लिने भिजी सु्
लिोग उससछ उपत्र्योग सर चुसने है,खों . गछसं् सने आसपछस खछलिजी पड़ा योगद जरजीन सछ उपत्र्योग लिोग
पशाुओसं सो बछसंधनने, उपलिने थछपनने सने भलिए सरृने है,ह . बछद रें उस जरजीन पर सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति रर बनछ

लिनेृछ है,त, अथ्छ खनेृजी त्र्यछ सु् और सरनने लिगृछ है,त . त्र्यकद प्रथर उपत्र्योग है, स्छभरत् सी शाृ्म

है,त ृो बछद रें जजसनने उस जरजीन पर ग्कृहै, -भनरछ्मर कसत्र्यछ है,त, उससछ अभधसछर अ्तध रछनछ जछनछ
चछकहै,ए. कससंृु अ्तध सहै,ने जछनने सी बछृ ृब ृस भनरछधछर है,त , जब ृस कस बछसी लिोगखों सो
उससने सोई आपक्तष्पत्ति न है,ो.

त्र्यकद ्है, सरछज द्छरछ रछनत्र्य चलिन है,त ृो ऐसने ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सो

रछनत्र्यृछ दनेनजी है,ोगजी. है,छलिछसंकस त्र्यहै, भिजी ससंभिछ्नछ है,त कस उस ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सने शानेष लिोगखों सो

सोई भशासछत्र्यृ न है,ो, कससंृु है,रनेशाछ है, उनहै,ें सोई भशासछत्र्यृ त्र्यछ नुससछन न है,ोगछ , त्र्यहै, सहै,नछ
बहै,ुृ है, सकिन है,त. त्र्यहै, भिजी ससंभि् है,त कस उस सलजने सने सने्लि ससंबसंभधृ व्त्र्यक्तव्यक्ति सो लिछभि है,ो ,

जबकस बछसी गछसं् ्छलिखों सो नुससछन उिछनछ पड़ा योगद रहै,छ है,ो . कत्र्यछ उस अ्सथछ रें भिजी उस व्त्र्यक्तव्यक्ति
सने ससंपक्तष्पत्ति प्रछभधसछर सो ्तध रछनछ जछएगछ . इस ृस्म सने बछद सरछधछन सने भलिए नॉजजस पुन्रायः

लिॉस सी ओर दनेखनने लिगृछ है,त और लिॉस ऐसने ससंपक्तष्पत्ति प्रछभधसछर सो , जजससने दस
थ फू रखों सो है,छभन
पहै,ुसंचनने सी ससंभिछ्नछ है,ो , इस शाृ्म सने सछथ स्जीस्कृभृ दनेृछ है,त कस दस
थ फू रखों सने भलिए भिजी शनेष्ठ और
पत्र्यछ्मप्त कहै,ससछ ्ोड़ा योगद कदत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए—

‘बहै,ृजी नद सने पछनजी पजी लिनेनने सने कससजी सो नुससछन पहै,ुसंच ससृछ है,त ? इससी सोई सलपनछ भिजी
नहै, सं सर ससृछ. भिलिने कससजी नने उससने आससंि जलि क्तपत्र्यछ है,ो. कत्र्यखोंकस नद ्तसजी सी ्तसजी ्है,छसं

है,ोगजी, दोनखों सी पत्र्यछस बुझछनने सने भलिए पत्र्यछ्मप्त. त्र्यकद बछृ दोनखों सने भलिए िीस-िछस पत्र्यछ्मप्त रछत्रछ
रें उपलिलध भिथ फूभर सने बछरने रें भिजी सहै, जछ ससृजी है,त .’12 नॉजजस सने अनुसछर अस्छभरत्त्र्युव्यक्ति

ससंपक्तष्पत्ति पर अभधसछर दशाछ्मनने सने भलिए लिॉस सने उपत्र्यु्मव्यक्ति प्रभृबसंध सछ पछलिन कसत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए .

है,छलिछसंकस इस ृस्म रें इृनजी खछभरत्र्यछसं है,ह कस स्त्र्यसं नॉजजस है, उससने ससंृुष्ट नहै, सं है,ो पछृछ . अपनने
ृस्म सो आगने बढ़छृछ है,ुआ ्है, भलिखृछ है,त, ‘कससजी भिजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ स्छभरत् उससने अभधस भिलिछ

कत्र्यखों है,ो, जजृनछ उसनने कससजी पदछथ्म सी रथ फूलत्र्य्ष्पत्तिछ सो बढ़छनने रें त्र्योगदछन कदत्र्यछ है,त .’13 असंभृर
भनषसष्म पर पहै,ुसंचनने सने पहै,लिने ्है, जसथभृ सी पथ फूर व्त्र्यछखत्र्यछ सरृछ है,त . सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति कससजी ्सृु

सछ स्छभरत् है,छभसलि सरनने सने भलिए अपनछ शर कत्र्यखों लिगछृछ है,त. शाछत्र्यद इसभलिए कस उससने

पछस सने्लि उससछ शर है,त. उसजी सने रछधत्र्यर सने ्है, अपनजी उपत्र्योभगृछ दशाछ्म ससृछ है,त . जब
सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति अस्छभरत्त्र्युव्यक्ति ्सृु पर अपनछ शर लिगछृछ है,त, जो उससछ शर उस ्सृु पर ्छ
जछृछ है,त. उससछ प्रभिछ् ्सृु पर सपष्ट झलिसनने लिगृछ है,त. शर सने पचछृ ्सृु िीस पहै,लिने
जतसजी नहै, सं रहै,ृजी. शर सछ त्र्यहै, प्रसछर दस
थ फू रखों सने रुसछबलिने ्सृु पर शभरस सी दछ्नेदछर सो पुष्ट
सरृछ है,त. लिनेकसन शर सछ स्रूप कत्र्यछ है,ो? कत्र्यछ कससजी भिजी प्रसछर सने शर सने ्सृु पर दछ्नेदछर

सर पछनछ नतभृस है,ोगछ. नॉजजस इस एस उदछहै,रर सने रछधत्र्यर सने सपष्ट सरृछ है,त , ‘रछन
लिजीजजए रनेरने है,छथ रें टीरछटीर सने सथ फूप सने भिर एस सनेन है,त . उस सनेन सो रह त्र्यकद सरुद सी लिहै,रखों

पर बहै,छ दसं थ फू ृो सथ फूप सने सर सरुद रें द रथ फू ृस फूतलि जछएसंगने. कत्र्यछ उससने आधछर पर सरुद सने
उृनने कहै,ससने पर, जहै,छसं ृस टीरछटीर सथ फूप सने सर फूतलिने है,ह , रह अपनने स्छभरत् सछ दछ्छ सर
ससृछ है,थ फूसं. जछकहै,र है,त त्र्यहै, रथ फूख्मृछपथ फूर्म बछृ है,ोगजी.’ इससने बछद ्है, भनषसष्म पर आृछ है,त कस ्है,

शर स्छभरत् कदलिछनने रें सहै,छत्र्यस है,त, जजससने ्सृु सने रथ फूलत्र्य रें ््कृक्तधि है,ोृजी है,त . ्है, अपनजी और
सरछज सी नजरखों रें अभधस रथ फूलत्र्य्छन है,ोृछ है,ो . त्र्यहै, एस रहै,त्पथ फूर्म भनषसष्म है,त. जो जजी्न सने

उद्नेशत्र्य ृथछ सरछज रें रनुषत्र्य सी उपत्र्योभगृछ सने भलिए रछग्मदशा्मस सछ सछर सरृछ है,त . सोई

सछत्र्य्म जो सने्लि व्त्र्यक्तव्यक्ति क्त्शानेष सने भलिए रथ फूलत्र्य्छन है,त , बछसी लिोगखों सने भलिए व्त्र्यथ्म, बजलस
नुससछनदनेहै, ृो उससछ ससंसछर रें उससछ ्छसृक्त्स रथ फूलत्र्य शाथ फूनत्र्य है,त . उदछहै,रर सने भलिए उपत्र्यु्मव्यक्ति
उदछहै,रर रें ऐसछ है,ो ससृछ है,त कस टीरछटीर सथ फूप सो पछनजी पर बहै,छनछ कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सने भलिए खनेलि

है,ो, उसने उससने खुशाजी भरलिृजी है,ो. लिनेकसन त्र्यकद उससने सरुद रें कससजी प्रसछर सछ प्रद ष
थ फू र फूतलिृछ
है,त, ृो उससछ नुससछन पथ फूरने सरछज सो है,ोगछ. जछकहै,र है,त कस व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ शर-उतपछद न सने्लि
उससने भलिए, बजलस बछसी सरछज उपत्र्योगजी है,ोनछ चछकहै,ए , ृभिजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सी उसपर दछ्नेदछर ्तध
रछनजी जछएगजी. शर सछ ससछरछतरस उपत्र्योग, अपनने सछथ-सछथ दस
थ फू रखों सछ भिजी भिलिछ दनेखनछ है,
स्त्छभधसछर सी पहै,लिजी और आजखर शाृ्म है,त.

3. नत्र्यछत्र्यससंगृ असंृरर
नत्र्यछत्र्यससंगृ असंृरर ससंपक्तष्पत्ति पर ससंपथ फूर्म स्छभरत् सी जसथभृ सो दशाछ्मृछ है,त . सरछज रें ससंपक्तष्पत्ति
असंृरर सने भनस्कृष्ट रूप भिजी प्रचभलिृ है,ह. उदछहै,रर सने भलिए सु् व्त्र्यक्तव्यक्ति चोर सर, दस
थ फू रने सने धन
सो रर लिने आृने है,ह. सु् ऐसने लिोग भिजी है,ह जो इससने भलिए धोखछदड़ा योगद जतसने आसछन कससंृु है,नेत्र्य

रछसृने सछ चत्र्यन सरृने है,ह. इससने ससंपक्तष्पत्ति असंृरिरृ है,ोसर उनसने सलजने रें चलिजी जछृजी है,त. लिनेकसन

उसपर नत्र्यछभत्र्यस दछ्नेदछर ससंभि् नहै, सं है,त . चोर त्र्यहै, सहै,सर कस उसनने ससंपक्तष्पत्ति ससंचत्र्य सने भलिए चोर

सछ सहै,छरछ भलित्र्यछ है,त, उसपर अपनजी दछ्नेदछर नहै, सं सर ससृछ. न है, सोई धोखनेबछज व्त्र्यक्तव्यक्ति दस
थ फू रखों

सने सछथ ्लि-प्रपसंच सने आधछर पर जुटीछई गई ससंपक्तष्पत्ति सो अपनछ बनछ ससृछ है,त . इसजी प्रसछर

त्र्यकद सोई ससंपक्तष्पत्ति सछ स्छरजी है,त, रगर उससने असंृरर सने भलिए ृतत्र्यछर नहै, सं है,त. उससी असहै,रभृ
सने बछ्जथ फूद त्र्यकद उसने ससंपक्तष्पत्ति-असंृरर है,नेृु बछधत्र्य कसत्र्यछ जछृछ है,त, ृो उस अ्सथछ रें, भिलिने है,

असंृरर सी प्रकरक्रित्र्यछ क्त्भध-समरृ है,ो, स्छरजी सने इच्छ-क्त्रुधि ्सृु सने असंृरर सो नत्र्यछभत्र्यस
नहै, सं सहै,छ जछ ससृछ. त्र्यकद उस ्सृु सने व्त्र्यछपस लिोसकहै,ृ जुड़ा योगदने है,ह ृथछ असंृरर सी प्रकरक्रित्र्यछ

क्त्भध-समरृ है,त ृब भिजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सो उस असंृरर सने भलिए रछजजी सरनछ नत्र्यछत्र्य -भिछ्नछ सने अनुसछर
अपनेजकृ है,ोगछ. ऐसने रछजत्र्य रें जो नत्र्यछत्र्य-रछग्म पर है,ोनने सी दछ्नेदछर सरृछ है,त, असंृरर है,नेृु ्तध
प्रकरक्रित्र्यछ सछ पछलिन सरनछ जरूर

है,त. ृदनुसछर ससंपक्तष्पत्ति पर स्छभरत् सने असंृरर सने भलिए

आ्शत्र्यस है,त कस उसने स्नेच्छपथ फू््मस, ्तध, नत्र्यछत्र्य-समरृ प्रकरक्रित्र्यछ सने रछधत्र्यर सने ससंपनन कसत्र्यछ

जछए. त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति कससजी ससंपक्तष्पत्ति त्र्यछ ससंसछधन पर अभधसछर रखृछ है,त , उससछ अभधसछर
क्त्भधसमरृ ृथछ सरछज द्छरछ रछनत्र्य है,त , ृभिजी ्है, उससो कससजी दस
थ फू रने सो असंृरिरृ सरनने सछ
अभधसछर भिजी रखृछ है,त. शभरस सने रछरलिने रें त्र्यकद सोई शभरस कससजी सछत्र्य्म सो स्नेच्छपथ फू््मस

सरनने सने भलिए ृतत्र्यछर नहै, सं है,त, ृब उससी रज्जी सने क्तबनछ सछत्र्य्म सरनने सने भलिए बछधत्र्य कसत्र्यछ
जछनछ, इस क्त्चछरधछरछ सने असंृग्मृ अरछनत्र्य है,त.

एस जसथभृ त्र्यहै, भिजी है,ो ससृजी है,त कस सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति अपनने स्छभरत्त्र्युव्यक्ति ्सृु सो नत्र्यछभत्र्यस

प्रकरक्रित्र्यछ सने रछधत्र्यर सने कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सो असंृरिरृ सरनछ चछहै,ृछ है,ो, कससंृु दस
थ फू रछ व्त्र्यक्तव्यक्ति उसने लिनेनने
सने भलिए ृतत्र्यछर न है,ो. नॉजजस जोर दनेसर सहै,ृछ है,त कस ससंपक्तष्पत्ति असंृरर सी ्तधृछ है,नेृु दछृछ सी

सहै,रभृ अभन्छत्र्य्म है,त. लिनेकसन लिनेनने ्छलिने सी सहै,रभृ? त्र्यकद सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति कससजी दछन त्र्यछ उपहै,छर

सो लिनेनछ न चछहै,ने, ृब? इस जसथभृ सो ्है, पथ फूर ृरहै, सपष्ट नहै, सं सर पछृछ . लिनेकसन ्है, जोर

दनेसर सहै,ृछ है,त कस रक्रिनेृछ सो उस अ्सर पर उपजसथृ अ्शत्र्य है,ोनछ चछकहै,ए . रदन सो सहै,रभृ
सछ पत्र्यछ्मत्र्य रछनृने है,ुए ्है, इस भनर्मत्र्य पर पहै,ुसंचृछ है,त कस ससंपक्तष्पत्ति असंृरर सी प्रकरक्रित्र्यछ सने ददरछन

रक्रिनेृछ सी सहै,रभृ भिजी अभन्छत्र्य्म है,त. त्र्यछनजी सोई व्त्र्यक्तव्यक्ति सहै,ने कस उसनने ससंपक्तष्पत्ति सछ स्नेच्छपथ फू््मस

असंृरर कसत्र्यछ है,त, रगर ससंबसंभधृ व्त्र्यक्तव्यक्ति उसने स्जीसछर सरनने सने इनसछर सर दने , ृब असंृरर सी
प्रकरक्रित्र्यछ सो अपथ फूर्म रछनछ जछएगछ. दस
थ फू रने शालदखों रें असंृरर-प्रकरक्रित्र्यछ सो भिलिजी-भिछसंभृ ससंपनन है,ोनने सने
भलिए रक्रिनेृछ सने सछथ-सछथ क्त्रक्रिनेृछ सी सहै,रभृ भिजी अभन्छत्र्य्म है,त . त्र्यहै, सछत्र्य्म दोनखों सने कहै,ृखों सो

धत्र्यछन रें रखसर शाछसंभृपथ फू््मस और क्त्भधसमरृ ढसंग सने कसत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए . नॉजजस सने अनुसछर

जो शाृ्तें कससजी ्सृु सने अज्मन पर लिछगथ फू है,ोृजी है,ह , ्है, शाृ्तें उससी क्तबरक्रिी त्र्यछ अनत्र्य कससजी
असंृरर पर भिजी लिछगथ फू है,ोृजी है,ह. उदछहै,रर सने भलिए त्र्यकद कससजी शाृ्म सने अधजीन कससजी सो द भु नत्र्यछ
रें सहै, सं सने भिजी पनेत्र्यजलि लिनेनने सने प्रभृबसंभधृ सर कदत्र्यछ है,त , ृो इस भनत्र्यर सी पथ फू्छ्मपनेकछ और शाृ्म
सने अनुसछर उस व्त्र्यक्तव्यक्ति सने भलिए पनेत्र्यजलि सी क्तबरक्रिी भिजी स्छभिछक्त्स रूप सने प्रभृबसंभधृ है,ोगजी .

दस
थ फू रने शालदखों रें त्र्यकद कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति सने भलिए सोई ्सृु भनक्तषधि रछन लिजी गई है,त , ृो उससने

उपत्र्योग सी ्थ फूटी, उस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो कससजी भिजी प्रसछर सने नहै, सं द जछ ससृजी . सु् सथछनखों पर है,र
नॉजजस सो असपष्ट और धुसंधलिछ पछृने है,ह. ्सृुक्त्शानेष सने स्छभरत् सो लिनेसर त्र्यहै, दछ्छ प्रछत्र्य्रायः

कसत्र्यछ जछृछ है,त कस उसरें सभिजी अभधसछर पथ फूर्म असंृररजीत्र्य है,ह . लिनेकसन त्र्यहै, सोचछ-क्त्चछरछ सतत्र्य
नहै, सं है,त. ऐसने अननेस उदछहै,रर खोजने जछ ससृने है,ह जजससने अनुसछर व्त्र्यक्तव्यक्ति सने पछस कससजी ्सृु
सो अपनने पछस रखनने सछ अभधसछर है,ो , कससंृु उससने असंृरर सछ अभधसछर उससने पछस न है,ो .

रसलिन, कसरछत्र्यने सछ रसछन, जजसरें व्त्र्यक्तव्यक्ति रहै, ससृछ है,त, उसपर अपनने ृछतसछभलिस सलजने सी

दछ्नेदछर सर ससृछ है,त, अपनने सछररत्र्य्म सने अनुसछर उससी ररमरृ, सजछ्टी आकद पर धनरछभशा

भिजी खच्म सर ससृछ है,त, कससंृु उसने बनेचनछ उससने अभधसछर कनेत्र सने बछहै,र है,ोृछ है,त. आशात्र्य है,त कस
त्र्यकद व्त्र्यक्तव्यक्ति सछ ससंपथ फूर्म स्छभरत् कससजी ्सृु पर है,त , ृभिजी उसने उस ्सृु सो बनेचनने अथ्छ
इच्छनुसछर असंृरिरृ सरनने सने ्छजजब अभधसछर प्रछप्त है,खोंगने . एस ृरहै, सने ्है, ्सृु उससी दछस

सने सरछन है,ोगजी. उससने बछरने रें ससंपथ फूर्म भनर्मत्र्य लिनेनने सछ अभधसछर , उससछ स्छरजी है,ोनने सने सछरर

उससने पछस रछनछ जछएगछ. कससजी सो अनछभधसछर बनेचनछ, अथ्छ ्तध स्छरजी सी इच्छ सने
क्तबनछ, ्सृु सछ रथ फूलत्र्य चुसछए बगतर उसने अपनने स्छभरत् रें लिनेनछ अनतभृस ए्सं स्छभरत् सने

भसधिछसंृ सछ उललिसंरन है,त. दस
थ फू रने शालदखों रें ्सृु सछ ससंपथ फूर्म स्छभरत् प्रछप्त सरनने सने भलिए ्सृु सने

्ृ्मरछन स्छरजी सी सहै,रभृ जुटीछनछ, कफूर उससछ उपत्र्युव्यक्ति रथ फूलत्र्य चुसछनछ आ्शत्र्यस है,त. इनरें सने
एस भिजी अभिछ्, अथ्छ आसंभशास क्त्चलिन सने भिजी ससंपथ फूर्म स्छभरत् खृरने रें पड़ा योगद ससृछ है,त . नत्र्यछत्र्य

सी रछसंग है,त कस ्सृु सछ असंृरर ससंपथ फूर्म स्छभरत् सने ससंपथ फूर्म स्छभरत् सने भलिए है,ो . त्र्यकद सोई
सोचृछ है,त कस नत्र्यछत्र्य सछ रुखत्र्य उद्नेशत्र्य ्सृु -क्त्शानेष पर ससंपथ फूर्म स्छभरत् सी रकछ सरनछ , अथ्छ
स्छभरत् सो बढ़छ्छ दनेनछ, अथ्छ उससने भलिए प्रभिछ्जी सोभशाशा सरनछ है,त , उस अ्सथछ रें
स्तजच्स दछसत् सरसत्र्यछ है,ो ससृजी है,त . इसपर त्र्यकद सोई त्र्यहै, सोचृछ है,त कस नत्र्यछत्र्य सछ रथ फूलि

उद्नेशत्र्य सने्लि स्छत्र्यष्पत्तिृछ सो बचछए रखनने सी स्छत्र्यद है,त , ृब भिजी ्है, गलिृजी पर है,त. उदछहै,रर
सने भलिए अपनने परिर्छर सी जरूरृखों सो पथ फूरछ सरनने सने भलिए सोच -सरझसर खुद सी बोलिजी
लिग्छनछ, खुद सी नजीलिछरजी पर उृर आनछ—सने्लि स्छत्र्यष्पत्तिृछ सी स्छत्र्यद रछनजी जछएगजी .

है,छलिछसंकस इस ृरहै, सने कससजी व्त्र्यक्तव्यक्ति द्छरछ अपनजी स्छत्र्यष्पत्तिृछ सने क्त्चछर सो लिछगथ फू सरनछ , उससी
चरर सछर्म्छहै, सहै,छ जछएगछ. आदशा्म सरछज रें ऐसजी जसथभृ सी सलपनछ भिजी नहै, सं सी जछ
ससृजी.

4. नत्र्यछभत्र्यस ससंशाोधन ए्सं भन्छरर
नत्र्यछत्र्य सदगछृ नहै, सं है,त. न है, सरछज रें है,रनेशाछ सब सु् शाुभि और शाछसंभृरत्र्य है,ोृछ है,त . प्रतत्र्यनेस
सरत्र्य सरछज रें अनुसथ फूलि ए्सं क्त्रोधजी शाक्तव्यक्तित्र्यछसं सछत्र्य्मरृ रहै,ृजी है,ह . ्ने सभिजी रनुषत्र्य सने सृ्मव्त्र्य
पछलिन रें सहै,छत्र्यस बनृजी है,ह ृो सभिजी क्त्रोध पर उृर आृजी है,ह . इसभलिए नत्र्यछत्र्य सछ एस रूप

ससंरष्म सछ भिजी है,त. सरछज चछहै,ृछ है,त कस ्है,छसं नत्र्यछत्र्य सने भलिए सभिजी सोई खृरछ न है,ो . त्र्यछनजी न

ृो व्त्र्यक्तव्यक्ति कससजी दस
थ फू रने सने अभधसछरखों सने भलिए ससंसटी सछ सछरर बनने , न है, सोई उससने अभधसछरखों
सने भलिए ससंसटी सी जरजीन ृतत्र्यछर सरने . त्र्यहै, आदशा्म जसथभृ है,त. व्त्र्य्है,छर रें सरछज रें ससंरष्म सी
जसथभृत्र्यछसं बनजी रहै,ृजी है,ह. रछज, सरछज कससजी सने भलिए भिजी त्र्यहै, ससंभि् नहै, सं है,ोृछ कस ्है, चतबजीस

रसंटीने व्त्र्यक्तव्यक्ति सने अभधसछर-ससंरकर ृथछ सृ्मव्त्र्यपछलिन सने प्रनेररछ रें लिगछ रहै,ने . इसभलिए व्त्र्यक्तव्यक्ति सो
अपनने अभधसछरखों और अजसृत् पर ससंसटी सने सरत्र्य , आतररकछ अथ् ससंपक्तष्पत्ति सी सुरकछ सने

भलिए सरत्र्यछनुसछर प्रभृसछर सरनने सी ्थ फूटी दने द जछृजी है,त. त्र्यहै, सछरछजजस गभृक्त्भधत्र्यखों रें
ससंशाोधन ए्सं भन्छरर सने ददरछन नत्र्यछत्र्य सी जसथभृ सो दशाछ्मृजी है,त . रछबटी्म नॉजजस सने अनुसछर

व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सो त्र्यहै, आजछद है,ोृजी है,त कस ्है, अपनने अभधसछर , ससंपक्तष्पत्ति और जजी्न सी रकछ सने
भलिए आ्शत्र्यसृछ पड़ा योगदनने पर उपत्र्युव्यक्ति बलिप्रत्र्योग सर ससने , रगर त्र्यहै, धत्र्यछन रखृने है,ुए कस ससंसटी

अथ्छ आसनन आपदछ सी जसथभृ रें दस
थ फू रखों सो भिजी ्है, अभधसछर उपलिलध है,खोंगने. त्र्यकद ‘स’ सो
‘ख’ द्छरछ कसए गए दरु छचरर सने नुससछन उिछनछ पड़ा योगदछ है,त ृब , ‘स’ सो उससछ सरत्र्यछनुसछर
प्रभृरोध सरनने ृथछ नुससछन सी जसथभृ रें ‘ख’ सने कभृपथ फूभृ्म सछ दछ्छ सरनने सछ पथ फूरछ अभधसछर

है,ोगछ. इससने बछ्जथ फूद त्र्यकद ‘ख’ सछ दरु छचरर बनछ रहै,ृछ है,त, ृब ‘स’ सो उसने सछनथ फून द्छरछ

अथ्छ सजीधने है, दरु छचरर सने भलिए दसंकडाृ सरनने सछ अभधसछर है,ोगछ . त्र्यने अभधसछर सछरछजजसृछ
सी नजीसं् है,ह ृथछ सभिजी सदसत्र्यखों सो बरछबर है,ोृने है,ह . उपत्र्यु्मव्यक्ति उदछहै,रर सी है, बछृ सरें ृो त्र्यकद
कससजी भिजी कर ‘स’, ‘ख’ सने सछथ दरु छचरर रें भलिप्त पछत्र्यछ जछृछ है,त ृो ‘ख’ सो भिजी अभधसछर
है,ोगछ कस ्है, ‘स’ सो दसंकडाृ सर ससने , और त्र्यकद उससने आचरर सने उससो कभृ पहै,ुसंचजी है,त ृो
अपनजी कभृपथ फूभृ्म सने भलिए दछ्छ सर ससने.

नॉजजस सी खथ फूबजी है,त कस अपनने क्त््नेचन रें ्है, न सने्लि रछन् -व्त्र्य्है,छर सी दब
ु ्मलिृछओसं पर

क्त्चछर सरृछ है,त, बजलस रछन्जीत्र्य स्ृसंत्रृछ सने दछत्र्यरने रें उनसछ सरछधछन भिजी सुझछृछ है,त . अपनने
सथ फूकर क्त््नेचन सछररत्र्य्म सने ्है, जहै,छसं अननेस गसंभिजीर रुद्खों सछ सरछधछन दनेृछ है,त , ्है, सं सु् रुद्खों
सो अनसुलिझछ है, ्ोड़ा योगद जछृछ है,त. व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनजी प्रछररकछ, ससंपक्तष्पत्ति रकछ सछ अभधसछर है,त,

आ्शत्र्यसृछ पड़ा योगदनने पर ्है, अपनने ऊपर है,ोनने ्छलिने कससजी भिजी प्रसछर सने है,रलिने सछ प्रभृसछर सर
ससृछ है,त. और त्र्यकद कससजी सने आचरर सने उससो नुससछन पहै,ुसंचछ है,त ृो उस नुससछन सी

भिरपछई सी दछ्नेदछर भिजी सर ससृछ है,त. रनुषत्र्य सो त्र्यने अभधसछर सु्नेस परसंपरछगृ सरछजखों सो

्ोड़ा योगदसर, प्रछत्र्य्रायः सभिजी आधुभनस सरछजखों रें प्रछप्त है,ह . इससने बछ्जथ फूद क्त्द्छनखों सने एस ्ग्म सो

नॉजजस सने अभृ-व्त्र्यक्तव्यक्ति्छद सोच सने आपक्तष्पत्ति है,त. त्र्यहै, आपक्तष्पत्ति असनेलिने नॉजजस सने नहै, सं, लिगभिग
सभिजी इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

क्त्चछरसखों सने है,त. उनहै,ें लिगृछ है,त कस ससंपक्तष्पत्ति अभधसछर सो लिनेसर

व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सछ सरथ्मन सरृने है,ुए ्ने इृनजी आगने भनसलि जछृने है,ह कस उससने क्त्चछरखों रें

व्त्र्यक्तव्यक्ति्छद उनरुव्यक्ति और उच्संखलि कदखनने लिगृछ है,त . इससने भिजी इनसछर नहै, सं कसत्र्यछ जछ ससृछ कस

प्रतत्र्यनेस व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनजी कभृपथ फूभृ्म सी दछ्नेदछर सछ अभधसछर है,त . लिनेकसन कभृपथ फूभृ्म सी सजीरछ
कत्र्यछ है,ो? इससो ृत्र्य सरनने सछ अभधसछर कससने है,ोगछ? कत्र्यछ सने्लि उससो जजसने कभृ पहै,ुसंचजी है,त ?

त्र्यकद ्है, अपनजी कभृ सछ बढ़-चढ़सर रथ फूलत्र्यछसंसन सरृछ है,त ृब कत्र्यछ है,ोगछ ? ऐसने रें त्र्यकद सरसछर

सछनथ फून सने रछधत्र्यर सने है,सृकनेप सरृजी है,त ृो कत्र्यछ उससछ प्रत्र्यछस व्त्र्यक्तव्यक्ति -स्छृसंतत्र्य सने दछत्र्यरने रें

अनछ्शत्र्यस रछनछ जछएगछ? ऐसने प्रश्नखों पर प्रभृकरक्रित्र्यछ बहै,ुृ क्त्लिसंब सने भरलि पछृजी है,त. रछबटी्म

नॉजजस सी ओर सने अपरछध सने भलिए दस
थ फू रने सो दसंकडाृ सरनने सछ सुझछ् पर बहै,ुृखों सो आपक्तष्पत्ति
है,त. उनसने अनुसछर व्त्र्यक्तव्यक्ति सो अपनने है, सृर पर दसंडा सुनछनने सछ सोई अभधसछर नहै, सं है,त . कत्र्यखोंकस
नुससछन सी भिरपछई कसस सजीरछ ृस है,ो ? त्र्यकद त्र्यहै, उस व्त्र्यक्तव्यक्ति पर ्ोड़ा योगद द जछए जजससछ

नुससछन है,ुआ है,त, ृो ्है, सहै, है,त त्र्यछ गलिृ इससछ भनर्मत्र्य सदन सरनेगछ ? अभभित्र्युव्यक्ति सो दसंकडाृ
सरनने सछ अभधसछर प्रभिछक्त्ृ रनुषत्र्य सो एसछएस नहै, सं कदत्र्यछ जछृछ . ऐसने रछरलिखों रें रछजत्र्य सी
उपजसथभृ जरूर रछननने सने है,छलिछसंकस व्त्र्यक्तव्यक्ति-स्छृसंतत्र्य सी भिछ्नछ सो िनेस पहै,ुसंच ससृजी है,त ,

लिनेकसन इससने स्छथ्म सने ्शाजीभिथ फूृ है,ो, एस व्त्र्यक्तव्यक्ति द्छरछ दस
थ फू रने सो है,छभन पहै,ुसंचछए जछनने सी ससंभिछ्नछ
रें भिजी सरजी आृजी है,त. त्र्यहै, ऐसछ रोड़ा योगद है,त जहै,छसं इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

सी सजीरछ सछफू नजर आनने

लिगृजी है,त. नॉजजस बड़ा योगदने परिरशर सने व्त्र्यक्तव्यक्तिरछत्र सने ससंपथ फूर्म स्छृसंतत्र्य सछ पक लिनेृछ है,त , कससंृु ससंपक्तष्पत्ति
सने ससंरकर ृथछ सरसत्र्यछओसं सने सजीधने भन्छरर रें इच्छ -स्छृसंतत्र्य्छद
थोड़ा योगदछ-सछ क्त्चछर सरनने पर सछरनने आ है, जछृजी है,ह..

सी जो दब
ु ्मलिृछएसं है,ह, ्ने

रछबटी्म नॉजजस नने सरछधछन पधिभृ सी आलिोचनछ सी है,त . लिोगखों सने सरछधछन जुटीछसर उसजी

धनरछभशा सने पुभलिस सो पोसनछ, त्र्यहै, लिोगखों सी नतसभग्मस स्छधजीनृछ पर डाछसछ डाछलिनछ है,त . लिनेकसन
शाछसन और सरसछर चलिछनने सने भलिए ृो धन चछकहै,ए . नॉजजस इससने भलिए लिोगखों सो जछगरूस

सरनने सी बछृ सरृछ है,त. लिोगखों सो अपनने अभधसछरखों और सृ्मव्त्र्यखों सछ बोध है,ोगछ , सछथ रें त्र्यहै,
क्त्श्वछस है,ोगछ कस उनसी स्छधजीनृछ अकुण्ण रर है,त . सरछज रें रहै,सर उनसी ससंपक्तष्पत्ति और अभधसछरखों

सो सोई खृरछ नहै, सं है,त, ृो ्ने स्त्र्यसं अनुशाछभसृ है,ोसर सछर सरेंगने. लिनेकसन सरछज रें
अनुशाछसन और शाछसंभृ-व्त्र्य्सथछ बनछए रखनने सने अभृरिरव्यक्ति रछजत्र्य सने और भिजी दछभत्र्यत् है,ोृने है,ह .

भशाकछ, स्छसरत्र्य, ससंसस्कृभृ, अभभिरकछ जतसने बहै,ुृ सने रछरलिने है,ह जजनहै,ें बढ़छ्छ दनेनछ रछजत्र्य सछ

पुनजीृ सृ्मव्त्र्य रछनछ जछृछ है,त. उनसने भलिए धन सी आपथ फूभृ्म सहै,छसं सने है,ोगजी? नॉजजस इससने भलिए
दछन और स्तजच्स सहै,त्र्योग सछ सरथ्मन सरृछ है,त . त्र्यहै,छसं नॉजजस और है,छसपस्म सने क्त्चछरखों रें
सरछनृछ दनेखजी जछ ससृजी है,त. जॉन है,छसपस्म भिजी रछनृछ थछ कस सरसछर सछ एसरछत्र सछत्र्य्म

‘उपद् आकद सने सरत्र्य लिोगखों सने जछन -रछलि सी रकछ सरनछ है,त.’ लिनेकसन उपदक्त्त्र्यखों पर सछबथ फू

पछनने सने सरसछर सने पछस सरुभचृ शाक्तव्यक्ति और अभधसछरखों सछ है,ोनछ जरूर है,त , ृछकस अ्सर पड़ा योगदनने
पर ्है, नत्र्यछत्र्यसृछ्म सी भिथ फूभरसछ भिजी भनभिछ ससने. इन सब सछत्र्यर्षों सने भलिए सरसछर सने पछस धन
आनछ चछकहै,ए. है,छसपस्म सने अनुसछर उपत्र्युव्यक्ति ृो त्र्यहै, है,त कस सछनथ फून और व्त्र्य्सथछ सने भलिए

सरसछर सो धन सी आपथ फूभृ्म नछगरिरसखों सने स्तजच्स सहै,त्र्योग और दछन सी भिछ्नछ सने है,ो . त्र्यकद
सरछधछन सछ सहै,छरछ लिनेृजी है,त ृो सर-रछभशा सछ उपत्र्योग सने्लि सरछज रें शाछसंभृ और सुरकछ सने
क्त्सृछर सने भलिए कसत्र्यछ जछनछ चछकहै,ए. ्है, जोर दनेसर सहै,ृछ है,त—‘सरछज रें सछनथ फून और
व्त्र्य्सथछ सछत्र्यर रखनने सने अलिछ्छ कससजी और सछत्र्य्म सने भलिए जनृछ सने धन जुटीछनने सछ सरसछर

सो सोई अभधसछर नहै, सं है,त.’ नॉजजस सछ नत्र्यछत्र्यदशा्मन एस आदशा्म्छद उद्छर है,त . एस भिछ्ुस रन

सछ स््मशाुधिृछ्छद सपनछ. एस ऐसछ क्त्चछर जजसने रछन्ृछ्छद सरत्र्य -सरत्र्य पर दनेखृने आए है,ह.

उससी सु् सजीरछएसं है,ह. अननेस सरसत्र्यछएसं ऐसजी है,ह जजनपर नॉजजस क्त्चछर सरनने सने बचछ है,त .

इससने बछ्जथ फूद उससने क्त्चछरखों रें एस आदशा्म, रछन्ृछ्छद सरछज सने गिन सछ सपनछ रदजथ फूद
है,त. सुलि भरलिछसर इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

रनुषत्र्य सने अभधसछर , स्ृसंत्रृछ और एस आदशा्म सरछज

सने सपनने सो बहै,ुृ है, आसछन भिछषछ रें दभु नत्र्यछ सने सछरनने लिछृछ है,त . नथछभनत्र्यलि बछसंडानेन सने शालदखों
रें, ‘इच्छ-स्छृसंतत्र्य्छद

बहै,ुृ सरलि, सपष्ट, आसछन भिछषछ रें भलिखछ है,ुआ दशा्मन है,त, जजसने

सरझनने सने भलिए कससजी क्त्शानेष ृसनजीसी त्र्योगत्र्यृछ सी आ्शत्र्यसृछ नहै, सं है,त . त्र्यहै, जछनसछर परस
और आनसंददछत्र्यस पछि है,त.’14

© ओरप्रसछशा सशत्र्यप

ससंदभिछ्मनुरक्रिरजरसछ

1.

To live honorably, to harm no one, to give to each his own." Ulpianus in Digesta of Justinianus
Augustus, 1.1.10.1

2.

The sovereign is not bound by the laws.-Ulpianus, Digesta 1.3.31.

3.

Justice is the constant and perpetual will to render to every man his due." Digesta 1.1.10.

4.

Political theories past and present have traditionally been concerned with who should be the
master (usually the king, the dictator, or government bureaucracy) and who should be the slaves, -John
Hospers, What Libertarianism Is.

5.

No one is anyone else master, and no one is anyone else slave. Since I am the one to decide how my
life is to be conducted, just as you decide about yours, I have no right (even if I had the power) to
make you my slave and be your master, nor have you the right to become the master by enslaving me.
Slavery is forced servitude. Ibid

6.

Government should intervene only in a RETALIATORY situation. The government must never
INITIATE an action to create a better world — it is not the business of government to make an
advance decision about what counts as benefit. Through laws, government can prohibit various
aggressive actions, but it cannot require the bringing about of supposedly beneficial ones. John
Hospers, What Libertarianism Is.

7.

The state of Nature has a law of Nature to govern it.- John Locke, Second Treatise on Civil

Government.
8.

...no one ought to harm another in his life, liberty, and or property-Ibid.

9.

justice to hold just in case rights are respected. -Peter Vallentyne in Nozick’s Libertarian Theory of
Justice

10.

a right is something for which one can demand or enforce compliance”

Nozick in Philosophical

Explanations ,1981, p. 499.
11. a.

If one mixes what one owns with something that is unowned, one thereby comes to own the
unowned thing.

12.

b.

Each person owns her own labor.

c.

If one mixes one’s labor with unowned land, one thereby comes to own the land.
No body could think himself injured by the drinking of another man, though he took a good
drought, who had a whole river of the same water left him to quench his thirst: and the case of land and
water, where there is enough of both, is perfectly the same.-John Locke: Second Treatise

of

Civil

Government, Chapter 5.
13.

Why should one’s entitlement extend to the whole object rather than just to the added value
one’s labor has produced?- Nozick, Anarchy, State, and Utopia, p. 175.

14.

“Libertarianism is very simply and clearly written and requires no technical knowledge on the part of
the reader. Enjoyable, informative reading.”- Nathaniel Branden, as quoted by John Hospers in

Libertarianism: A Political Philosophy for Tomorrow.