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रं गो का असर हथेल पर

.

.दया | म>ने लाल "कताब 1952 को उपल3ध करवाने का Cण लया है | इसे "कताब को उपल3ध करवाने के लए इसे तीन भागE म0 पVरवWतLत करके डिजटल प म0 उपल3ध करवाया जायेगा | पहले भाग म0 फ़रमान नंबर 1 से फ़रमान नंबर 15 तक. लाल "कताब के अरमान 1940.ह-सा) 1941.दया था | काफ़J दे र से मेरे मन म0 भी ये Kवचार आते रहे ह> "क काश सभी वज़Lन डिजटल प म0 उपल3ध होते | म0 रे मन म0 भी ये इMछा थी काश इन सभी सं-करणE के डजीटल सं-करण सभी को उपल3ध होते और वो भी Pबना "कसी मQय ू के | ले"कन ! ये . व सबसे अंत म0 लाल "कताब 1952 उपल3ध करवाए गए अंक अ6भत ु भ0ट है | ये पांचो सं-करण आज अलग अलग प-तक ु के प म0 सभी को सलभ ु ह> | ले"कन ! आज के डिजटल यग ु म0 इनके डिजटल सं-करण उपल3ध नह ं है | Bी योगराज Cभाकर जी ने सबसे पहले लाल "कताब (तीसरा . लाल "कताब तरमीमशदा ु 1942.हंद म0 उपल3ध नह ं थे | बस उनके इस Cयास से Cेरणा पा कर ह म>ने लाल "कताब १९५२ को डिजटल प दे ने का संकQप लया व इस काम को अकेले ह शु कर .ह-सा) 1941 का डिजटल प आम जनमानस का अपने ज़ाती CयासE से सन २००७ म0 उपल3ध करवा . पं डत प चंद जोशी जी वारा ल खत पांच अनपम ु थ ं लाल "कताब के फरमान 1939. लाल "कताब (तीसरा .

दया जाएगा | Kवनीत नागपाल मोबाइल नंबर-96460-42574 .दसरे ू भाग म0 सभी हE के बारे म0 Kव-तार पवL ू क जानकार व तीसरे भाग म0 हफल का 3यौरा पेश करने ढं ग अपनाने कJ को शश कJ | पहले भाग म0 फ़रमान नंबर 1 से फ़रमान नंबर 15 तक को अमल ज़ामा पहनाया जा चका ु है | इस लये पहला भाग सभी के लए डिजटल प म0 सभी के लए उपल3ध करवाया जा रहा है | मेर को शश0 कहाँ तक सफल हई ु ह> ये तो आप ह बताएग0 | शेष दोनE भागE पर भी काम चल रहा है | दसरे ू भाग का भी 40% काम परा ू हो चका ु है | शी^ ह दसरे ू भाग के डिजटल प को भी उपल3ध करवाने कJ को शश को अंजाम दे .

वशेष नोट :- जQद ह एक वेबसाईट का WनमाLण "कया जायेगा िजस पर लाल "कताब से संबंbधत साम ी जो यहाँ वहाँ पर Pबखर पड़ी है .द उसके पास लाल "कताब से संबंbधत कोई भी "कसी भी तरह कJ साम ी या जxम कंु डल जो पं डत प चंद जोशी जी वारा दे खी गई हो और वह उसे सभी के लए अyययन के लए उपल3ध करवा सके तो ये मेरे लए व लाल "कताब के सभी Cे मयE को लए अमत ृ समान होगा | लंक Wनlन है :- Kवनीत कमार ु नागपाल मोबाइल नंबर-9646042574 email : mycityjalalabad@gmail.े य. को एक ह dलेटफामL पर उपल3ध करवाने का Cयास "कया जायेगा | इसके लए domain name पांच साल के लए रिज-टडL "कया जा चका ु है लंक Wनlन ह> :- http://lalkitab1952.com इस लंक पर सभी सामb यE को इकwा करने कJ पणL ू को शश कJ जाएगी | िजसके हाथE म0 भी ये सं-करण पहंु च.com .

Kवनीत नागपाल. तो इन गलWतयE को बताने वाला कर सबसे बड़ा मददगार होगा | . के CWत सMची Bx‚ाजल होगी | उlमीद है "क इस डिज़टल सं-करण को पाने वाला भी आगे इसे WनशQक ु उपल3ध करवाएगा | इसी आशा के साथ | Kवनीत नागपाल email : mycityjalalabad@gmail. जो इस "कताब के रbचयता ह>.com मोबाइल नंबर-96460-42574 इस सं-करण के लेखन म0 मेरे वारा हो सकता है कछ ु अशK‚याँ ु रह गई हE. जलालाबाद (पंजाब) इस डिज़टल सं-करण को इस शतL पर उपल3ध करवाया जा रहा है "क इसका "कसी भी तरह का •यवसाईकरण न "कया जाये | सभी लाल "कताब से Cेम रखने वालE के लए ये पहला भाग Wन:शQक ु उपल3ध करवाया जा रहा है ता"क ये सभी के लए Wन:शQक ु आसानी से उपल3ध हो सके | इसकJ कापी करके बेचना मेरे Cय€नE को व मेरे मन को ठे स पहंु चाएगा | अत: आप सभी से गजाVरश ु है य.हए तो वो इसे WनशQक ु उपल3ध करवाए | इस लाल "कताब 1952 को WनशQक ु उपल3ध करवाना ह पं डत प चंद जोशी जी.द "कसी को भी इसका डिज़टल सं-करण चा.

ˆढ़ Kव‰वास और अटटू Cेम ने एक नयी "करण का प ले लया है ! उनका गहन अyŠयन और लंबे तजब‹ ु ने उxह0 एक ऐसी Cेरणा को जxम . “लाल"कताब ƒयोWतष जगत का एक और Cकाश -तlभ” “इQम–ऐ-लाल "कताब” आज ƒयोWतष जगत का एक मह€वपणL ू अंग बन चका ु है ! ƒयोWतष जगत का एक बहत ु बड़ा वगL लाल "कताब ƒयोWतष के इस महान ंथ के शोध कायL मे जटा ु हआु है ! लाल "कताब के Kवशाल और Kवराट …ान को को और आगे बढ़ाने के लए इस दे श कJ अनेक उMच CWतभाएं कायLरत ह> ! इन Cभावशाल CWतभायE मे से एक नयी CWतभा उभर कर सामने आ रह है ! इस CWतभा का नाम है “Bी Kवनीत नागपाल” जो एक लंबे समय से इसके शोध कायL से जड़े ु हए ु ह> ! उनकJ इस पावन ंथ (लाल "कताब इQम साम.हए ! वैसे तो वो पहले ह इक लंबे समय से इस इQम का …ान फेसबक ु के माyयम से एक बड़े ह संदु र और सराहनीय तर के से सब को WनशQक ु बाँट रहे ह> ! अब उxहोने Wन‰चय "कया है "क इस इQम के सबसे मह€वपणL ू और अंWतम ंथ िजसका नाम है “लाल "कताब 1952” का लKपयाxतरण कर के इंटरनेट पर सब को Wन:शQक ु Cदान "कया जाए | इस कायL को उxहोने तीन चरणE मे परा ू करने का संकQप लया है | लाल"कताब के पाँच अंको म0 से “लाल कताब 1952” का अंक Kवषय वा-तु के .हसाब से सबसे बड़ा अंक है िजसके 1173 पेज ह> | बाकJ के चार अंको मे से "कसी भी अंक म0 384 पेज से ƒयादा नह ं है !| सब से बड़ा काम सभाला ँ है Kवनीत जी ने | म> समझता हूँ "क उनका ये पनीत ु कायL समाज के लए एक वरदान स‚ होगा | उनकJ ये रचना एक ƒयोWतष समाज का मागLदशLन करने मे एक बहत ु बड़े Cकाश -तlभ का काम करे गी | .दया "क उxहEने इस “कQयाणकार ” Kवधा को Œ•तीज़ कJ ऊंचाइयE तक पहचाने ुँ का ˆढ़ संकलप ले लया है ! उनका मानना है "क ये इQम हर इंसान के लए बहत ु ज र है | इस लए इसका …ान हर घर तथा हर •यि•त तक पहंु चना चा.‡क ु ) के CWत B‚ा.

Aryavart Jyotish Gyan Manch Society Ludhiana (Panjab) लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.blogspot. और ये कायL अनथक मेहनत का है ! दWनया ु मे सबसे बड़ा दान “…ान का दान” होता है और उसके बाद िजस दान का मह€व है वो है “Bम दान” | आप ये दोनE काम कर रहे है ! आपके ये Cयास सराहनीय ह> | आज लाल "कताब के Kवधाथ’.हए | अंत मे म> इस अMछे और साहसी कायL के लए Bी Kवनीत नागपाल जी को बधाई दे ता हूँ और ऐसा यकJन रखता हूँ "क ये …ान ƒयोWतष जगत और जनसाधारण के लए एक वरदान साPबत होगा | Pt. Sonil K.in . िजसके लए हमे Bी वनीत जी का आभार होना चा. Sharma National President. “ लाल"कताब ƒयोWतष जगत का एक और Cकाश -तlभ “ लाल"कताब इQम के अनसार ु "कसी भी …ान का संबध ं Cकाश या सयL ू से है | इस लए कहा गया है "क ऐसे लोग जो दWनया ु को "कसी Cकार का …ान Cदान करते ह> उxहे “Cकाश -तlभ” कहा जाता है ! Kवनीत जी का ये कायL एक बहत ु बड़ा कायL है िजसका संबध ं …ान से है . Kव वानE और इस इQम से dयार और Kव‰वास करने वालE के लए बड़ी ह खशी ु कJ बात है "क उxह0 “लाल "कताब 1952 का ये पहला भाग” बड़े ह संद ु र और श‚ ु प मे Wन:शQक ु Cाdत होने जा रहा है .

ट-को.blogspot. जो उxहोने अपने सतत ् Cयास के वारा आम जनमानस के पास पहचाया ुँ है और लाल "कताब के मनीKषयE के लाभाथL हेतु यह डिजटल सं-करण उपल3ध करवाया। मौजदा ु भागम- भाग भर िज़xदगी व समयाभाव को दे खते हए ु हम सभी को Bी Kवनीत जी के इस महान कायL के लए कत… ृ होना चा. •यE"क आज कJ भागम-भाग भर िज़xदगी कJ इस दौड़ म0 "कसी के पास इतना समय नह ं है "क वह कह ं आराम से बैठकर इस महान xथ का अyययन कर सक0 । इस बात कJ बड़ी कमी महसस ू होती थी और इस बात को yयान म0 रखते हए ु Bी Kवनीत नागपाल जी ने इस महान कायL का बीड़ा उठाया और उनकJ मेहनत का नतीज़ा है "क आज वे अपने इस Cयास म0 सफल हए ु और अब लाल "कताब 1952 के डिजटल सं-करण का पहला भाग आपके हाथE म0 मौजद ू है । उनके इस सराहनीय Cयास के लए को.in .हए "क उxहEने अपने इस महान कायL के वारा हम सभी ƒयोWतष Cे मयE का कायL आसान "कया है और सभी लाल "कताब Cे मयE को आपस म0 जोड़ने का सतत ् Cयास "कया है। जगजीत संह भोला गांधी नगर.ट धxयवाद. जालxधर (पंजाब) मोबाईलः 09501201350 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread. सराहनीय व श ं नीय यास पं डत Ÿपचंद जोशी के वारा रbचत लाल "कताब 1952 के डिजटल सं-करण का पहला भाग जनमानस के लाभाथL हेतु हमारे लाल "कताब Cे मयE के सम• C-तत ु है । अभी तक 1952 का डिजटल सं-करण उपल3ध न होने कJ वजह से हर "कसी को इसकJ कमी खलती थी.

दल से इनको बधाई दे ना चाहगा ूँ जो इxहEने एक चनौती ु भरा कायL संपxन "कया है । Kवनीत नागपाल जी 1939 . गटका ु ये सभी मेरे लए आदरणीय xथ रहे ह>. 1942 सं-करणE पर भी शोध कायL कर रहे ह> म> उlमीद करता हू ँ "क जQद ह वे बाकJ के 4 सं-करण भी Cका शत करके हम लाल "कताब Kवधाथ’यE को कताथL ृ करगे 0 | डॉ. फरमान. 1941 . मगर मल ू xथ के उदL ू म0 होने कJ वजह से बहत ु से Kवधाथ’यE को इसका अभाव रहा है या आधे अधरेू …ान से ह संतोष करना पड़ा है •यE"क उदL ू म0 होने कJ वजह से बहत ु से अंश इधर उधर Pबखरे हए ु थे | अंश इधर उधर Pबखरे होने कJ वजह से जो िजतना िजसके हाथ लगा उसी को पणL ू लाल "कताब समझ कर भKव¥य कथन करने लगा सlपणL ू ता ना होने कJ वजह से लोग इसको टोने टोटकE कJ "कताब समझने लगे | आज बहतु ह हषL का Kवषय है "क पं डत प चxद जोशी जी कत ृ लाल "कताब 1952 सं-करण का पहला . हरCीत सभरवाल . एक ंशनीय यास लाल "कताब ƒयोWतष कJ एक ऐसी अनठ£ ू Kवधा है िजस म0 जxमकंु डल ह-तरे खा और साम. 1940.‡क ु का अनठा ू मेल मलता है मेरे परम पƒय ू गŸ ु जी Bी योगराज Cभाकर जी के आशीवाLद से मेरा शु से ह लाल "कताब के CWत अपार आदर और -नेह रहा है । वे कई वष¤ से इसी शोध कायL म0 समKपLत ह> | अरमान.ह-सा (•याकरण फरमान नंबर 1 से 15) दे वनागर लKप म0 Bी Kवनीत नागपाल जी कJ ल¦न और मेहनत सदका हम सबको उपल3ध होने जा रहा है । 1952 सं-करण िजस म0 अbधकतर उपायE का उQलेख है बहतु ह सट क तर के से एक एक श3द का लdयंतर करके एक बहत ु ह सराहनीय कायL "कया है म> तहे .

हlमत का ज़ा.हंद म0 उन सब ु "कया जो आज भी इस से वंbचत ह> | के लए C-तत अि‰वनी आनंद ( चंडीगढ़ ) . "जो चराग़ सारे बजा चक ु े उxह0 इंतज़ार कहां रहा ये सक ु ंू का दौरे -शद द है कोई बेकरार कहां रहा " आजकल गल न•कड़ ु कJ दकानE ु पर लाल "कताब के नाम से बहत ु से ंथ मौजद ू ह> जो एक सMचे लाल "कताब पढ़ने वालE को गमराह ु तक कर दे ने कJ .दया िजससे कई जगह तो सारे मायने भी बदल गए| म> Kवनीत नागपाल जी का सMचे ªदय से धxयवाद करता हू ँ "क उxहE ने आगे बढ़ कर 1952 के सं-करण को "फर से .हरा सबत ू भी ह> | "जो चराग़ सारे बजा चक ु े उxह0 इंतज़ार कहां रहा ये सक ु ंू का दौरे -शद द है कोई बेकरार कहां रहा " परxतु तेजी से आया सैलाब का पानी अपने साथ बहत ु कछ ु ले आया और बहतE ु का बहत ु कछु बदल भी गया | मेरे मन कJ कह0 तो तो लाल "कताब एक ऐसा xथ है इंसानी िज़ंदगी के हर पहलु को छू कर जाता है और बहत ु सी नकल लाल "कताबE ने तो लाल "कताब के इस पहलु को चंद पxनE समेट कर रख .

सराहनीय यास
सभी लाल"कताब Cे मयE के लए बहतु ह
सौभा¦य कJ बात है कJ लाल"कताब 1952 का ,हंद
लdयाxतरण Kवनीत नागपाल जी के वारा लगभग
परा
ू हो चका
ु है और िजसका पहला ,ह-सा आप के
हाथE म0 है वो भी Pबना "कसी शQक
ु और शतL के ।
यह पƒय
ू पं डत प चंद जोशी जी का ह आश’वाद
है Kवनीत जी पर और हम सब पर जो इस अनपम

xथ को ,हंद म0 पढ़ रहे ह।> उस परम Kपता से दआ

है "क हम0 इस xथ को पढ़ने और समझने कJ
शि•त दे िजससे कJ हम लोग अपने पास आने वाले
िज…ासु का उbचत मागLदशLन कर सके जो "क
लाल"कताब का म«य
ु ल¬य है ।

कर भला हो भला ,जब तक न हो बरेु का भला

कवर
ँु वशाल
मोबाईल-09915925795

नंबर तमह द (Cारं भक) ,ह-सा पxना
नंबर
1 Cथम
याद रहे या न रहे , मगर «याल (Kवचार) 5
ज र (अव‰य) रहे "क
नये और पराने
ु मज़मन
ू का फकL 8
2 आगाज़
लाल "कताब के फरमान 11
फरमान नंबर 1
कदरत
ु से "क-मत "कस तरह आई 12
फरमान नंबर 2
उस कJ कदरत
ु का ह•नमा
ु कहाँ पाया गया 13
3 फरमान नंबर 3
ऊँचे फलक का अ•स "कधर है 16
जxम कंु डल इलाका म‡ास 17
जxम कंु डल इलाका पंजाब 17
जxम कंु डल इलाका बंगाल 17
मकान कंु डल 17

4 फरमान नंबर 4
आ लम को इQम म0 शक •या है 18
ामर
5 फरमान नंबर 5
तक़द र पहले या तदबीर 22

रा शयE कJ कंु डल म0 प•कJ जगह 24

6 फरमान नंबर 6
* "क-मत कJ गांठE ह से ह मंडल बन 25
गया
* हE से सlबंbधत चाटL 27
* कंु डल म0 हE कJ प•के घर 29
* हथेल पर बज़L
ु के प•के घर 29
* हथेल पर हE के प•के घर 29
* हE कJ म«त
ु लफ हालत0 30
* हE कJ बा°मी (आपसे म0) दो-ती व 31
द‰मनी
ु चाटL
* िज-म व ह का ताQलक
ु 32
* हE कJ मयाद0 चाटL 33
* दर मयानी ह 34
* ह कJ उ± का असर 34
* Vरयायती चाल स ,दन 36
* तमाम ह बा लहाज़ ताकत 37
* टकराव या बताLव का पैमाना 37
* ह कJ दसर
ू अव-था ( ह फल व राशी फल ) 38

* 35 साला च•कर 39

* जxम ,दन का ह और जxम व•त का ह 41

* बध
ु , अंधे ह, xहोराता के ह, धम’ ह, साथी 43
ह, PबQमकPबल
ु (आमने-सामने) के ह 44
* द‰मनE
ु के मारे हएु मंदा असर होने के 45
व•त हE कJ क़रबानी
ु के बकरे

* बा लग- नाबा लग ह चाटL 49
7 * फरमान नंबर 7
* बत
ु से ह ने अपना घर •यE पछ
ू लया 50
* ह व रा श का बा°मी ताQलक
ु 51
* ह बज़L
ु व रा शयE कJ गलत फ़हमी 55
8 * फरमान नंबर 8
* 12 प•के घर 56
* ल¦न का घर या कंुडल का प•का घर 57
खाना नंबर 1
* हर एक ह कJ अपनी हकमत
ु ू याWन खाना 59
नंबर 1 म0 आने के व•त दसरू हE कJ
उसके मकाबले
ु म0 ताकत का पैमाना
* कंु डल का प•का घर खाना नंबर 2- धमL 60
-थान उ± बढ़ापा

* धरम -थान या पेशानी का दरवाज़ा 62
* अंगठा
ू – «वाह हाथ का «वाह (चाहे ) पाँव 63
का
* ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 3 65
इस दWनया
ु से कच
ू के व•त राहे रवानगी
(बीमार वगैरा)
* ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 4 66
माता कJ गोद व पेट का ज़माना
* ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 5 68
औलाद म-तकPबल
ु का ज़माना
* ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 6 69
दWनयावी
ु जड़ पातळ के दWनया
ु -रहम का
खजाना, ख"फ़या
ु मदद

अव-था इxसान का सर * 12 ह प•के घर म‰तरका ु ( मले-जले ु ) 91 * सोये हए ु प•के घर या प•के घरE म0 बैठे 96 मगर सोए हएु ह * सोया ह कब ख़द ु बा ख़द ु जग पड़ेगा 99 (टे बल सारणी) .* ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 7 73 गह-ती ृ च•कJ * ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 8 – 75 मका ु म फ़ानी * ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 9 – 77 आगाज़ "क-मत * ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 10 79 – "क-मत कJ बWनयाद ु का मैदान * ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 11 80 – गŸ ु अ-थान जाये इंसाफ (इंसाफ करने कराने के जगह या मकाम ु मगर ख़द ु इंसाफ नह ं) या इंसानी "क़-मत कJ बWनयाद ु * खाना नंबर 11 के हE कJ बेऐतबार कJ 81 हालत * खाना नंबर 11 "कयाफा – पेशानी 86 * ल¦न कंु डल का प•का घर खाना नंबर 12 90 – इंसाफ मगर इंसाफ करने करने कJ जगह नह ं. आरामगाह µवाब.

दवार 117 * अचानक चौट 118 * कंु डल म0 पहले या बाद के घरE के ह 119 * उलझन के ह 121 .* 'ह (ि*ट * ह ‡ि¥ट 101 * आम हालत नंबर – 1 102 * उलटे घर (आम हालत नंबर -2) 104 हE कJ बाहम (आपसी) ˆि¥ट व र शओं (कंु डल के खानE) से ताQलक ु * 100 फ़Jसद और अपने से बाद के सातवे 107 दे खने का फ़कL * ह का असर.ह म0 और ह का असर 108 दसरे ू ह के घर म0 और उनका फ़कL * सेहत बीमार -शाद औलाLद मकान वगैरह 110 ख़ास-ख़ास चीजE कJ ˆि¥ट * योग ˆि¥ट बाव•त सेहत बीमार (टे बल 112 सारणी) * हE कJ बाहम (आपसी) ˆि¥ट के व•त 113 उनके मशतरका ु ( मले-जले ु ) असर के मकदार (मा·ा) (टे बल सारणी) * योग ˆि¥ट (बाहमी मदद) 114 * आम हालत 115 * टकराव 115 * बWनयाद ु 116 * धोखा 117 * म‰तरका ु .

हसाब से 154 मददगार उपाय * ह राशी का Wनशान 155 * 1-बह-पत ृ मंदा हो 157 * ह का मंदा असर नेक करने के लए "कस 159 ह का उपाय दरकार है 10 फरमान नंबर 10 162 * •याफा 166 . * ऋण Kपत ृ का ह 122 * ऋणE कJ "क-मे जैसी करनी वैसी भरनी 125 नह ं कJ तने ू तो कर के दे ख * ऋण Kपत ृ कJ पहल हालत 128 * ऋण Kपत ृ कJ दसर ू हालत 128 जब ह मतािQलका ु कJ जड़ म0 उसका द‰मन ु ह बैठा हो * ऋण पत ृ के उपाय 129 * महादशा का ह 142 * चं‡ कंु डल 144 * "कस ह चाल के व•त महादशा होगी 146 (टे बल सारणी) * धोखे का ह (कैसे परख कर0 ) 147 * सरज ू नंबर 12 वाल कंु डल 148 * धोका के ह कJ तलाश (सरज ू नंबर 11 149 वाल कंु डल ) * पेशानी म0 हE कJ तरतीब 150 9 फरमान नंबर 9 150 * मंगल बद का इलाज 154 * जxम .दन और जxम व•त के .

* "कसी ताकत के ह कJ पहचान बŸए 171 •याफा * म‰तरका ु घरE का असर दे खने का ढं ग 173 * खाना नंबर 2-8-12-6-11 का म‰तरका ु असर 175 * खाना नंबर 3-11-5-9-10 का म‰तरका ु असर 177 खाना नंबर 4-10-2 का म‰तरका ु असर 178 * ख़ास ख़ास असर 180 * कौन सा ह अकेला बैठा हो तो •या असर 182 होगा * हर ह के अMछे या मंदे हो जाने कJ आम 183 WनशाWनयाँ 11 फरमान नंबर 11 185 ह चाल रं ग-Pबरं bगयां * ¹ाहमंड म0 ह चाल बMचे कJ बदलती हई ु 186 अव-था 12 फरमान नंबर 12 191 कंु डल1 क2 बनावट और द56ती ु * कंु डल 193 * मसाल 195 * •याफ़ा कJ मदद 198 ह-त रे खा से जxम कंु डल बनाने का ढं ग * ह-त रे खा पर बह-पत ृ का ह 199 * ह-त रे खा पर सरज ू का ह 200 * ह-त रे खा पर चx‡ ह 201 * ह-त रे खा पर शº ु का ह 202 * ह-त रे खा पर मंगल नेक का ह 203 * ह-त रे खा पर मंगल बद का ह 203 .

* ह-त रे खा पर बध ु का ह 204 * शWन का ह 205 * ह कंु डल के मकान के .हसाब से दŸ-ती ु 206 कJ जाँच * मकान के टे वे के दŸ-ती ु 206 * मकान कJ हालत मालम ू होने से टे वा 207 बनाने का ढं ग * कंु डल कJ जाँच 208 * उसी कJ ह चाल 209 * हE कJ दŸ-ती ु 209 13 फरमान नंबर 13 213 * वषLफल 214 * पहचान 215 * तमाम उ± का असर (आम वषLफल) 215 * हर ह कJ आम साधारण असर का व•त 216 * सालाना हालत के लए .दया हआ ु वषLफल 219 म0 * वषLफल सची ू (टे बल सारणी) 222 14 फरमान नंबर 14 226 * टे वे कJ "क-म0 226 * टे वा मदL का Cबल होगा या "क औरत का 227 15 फरमान नंबर 15 229 फलादे श अकेले-अकेले 'ह * फलादे श दे खने का ढं ग 230 * फलादे श के बWनयाद ु का आम असल ू 232 .

अकल=बध ु 2. "क-मत = बह-पWत ृ CयD क लखा जब "क-मत का कागज. कत¼न ृ इxसान का एवज़ लड़कJ लड़का बोला.दन और ऐब का «याल रखना था बताया.हर कर दे ना.दन. झगडा अकल (1) "क-मत (2) हो 1. हवाई ख़याल कJ बWनयाद ु द वार का मजबन ू बेशक तझे ु मौत का . पेज नंबर 5 थम याद रहे न रहे . ख़तरा था शैतान का 1. लेख Kवधाता कलम से हो कलम चले खद ु कमL पे अपने. तेरे खन ू को कोढ़ (कJ बीमार ) का सबत ू दे गा | •यE"क दWनया ु म0 अगर इलाज है तो सफL बीमार का ह .हसाब-"कताब है कोई दावा ए खदाई ु नह ं | अगर है तो सफL अपने ज़ाती बचाव म0 "कसी हद तक ह कJ शांWत के लए मदद का ज़Vरया है .com . मगर मौत का कोई चारा नह ं और ƒयोWतष भी ग़ैब कJ वाक"फ़यत का इQम ज र है मगर कोई जाद ू मx· नह ं | ये सब दWनयावी ु . मगर "कसी दसरे ू पर हमला करने का हbथयार नह ं | "क़-मत के मैदान म0 अगर कह ं पानी कJ नाल पीछे से भर आ रह हो और उसके रा-ते म0 कोई ½ट प€थर bगर कर उसकJ रवानी को रोक रहा हो मजमन ू कJ मदद उस कंकर को लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. मगर ऐसी बातE को अपने व•त से पहले ह जा. व•त था वो ऐब का भेद उसने गम ु था रखा. "कसी के भेद या ऐब और माता के पेट म0 लड़का है या लड़कJ का इशारा कर दे गा. मौत . मगर <याल वचार) ज@र (अवBय) रहे क मन¥य ु बंधा खद ु के लेख से अपने.

कंु डल का बनाना और उसकJ दŸ-ती ु को जांचना तमाम मतिQलका ु इQम कJ वाकफ़J (पVरचय) के बाद शु कर0 और दरlयानी व•त म0 मौजदा ू ƒयोWतष कJ बनाई हई ु कंु डल से ह तजबाL ु हा सल कर0 मगर «याल रहे "क अपने ह हाथ का ख़ाका या अपनी ह . इस "कताब म0 इQम साम. मगर च"क ँू एक फरमान दसरे ू से Pबलकल ु जदा ु ह होता चला गया है इस लए तमाम कJ तमाम "कताब शु से आ खर तक कई दफा बार-बार बतौर नावल (बेशक बगैर समझे ह ) पढते जाना -वयं ह मज़मन ू का भेद बना दे गा 4. "कताब के बगैर फज’ मनमानी या मनघडंत बात वहां पैदा कर दे गी और वहम का इलाज शायद ह कह ं मलता होगा | 6. पेज नंबर 6 दरू कर के पानी कJ चाल को दŸ-त ु करने कJ बामौका को शश कJ जा सकती है मगर पानी कJ मक़दार या "क़-मत के मैदान म0 कोई कमी-बेशी नह ं कJ जा सकती | हाँ इतना ज र है यह मज़मन ू बाज़ औकात अपनी बरकत से "कसी Cाणी पर हमला करने बाले ज़ा लम शेर के साहमने एक ऐसी ग़ैबी द वार खड़ी कर दे गा िजससे "क वह शेर उसका कछ ु ना Pबगाड़ सके | "फर भी शेर अगर ऊँची छलांग से हमला करे तो ये मज़मन ू गैबी द वार को और भी ऊँची करता चला जायेगा मगर हमला करने वाले शेर पर न गोल चलाएगा और न ह उसकJ टांग पकड़ेगा.‡क ु कJ अ लफ़-बे (35 हफ़L) मकlमल ु तौर पर दे ने कJ को शश कJ गई है . मगर हानी मदद से वो शेर थक हार कर खद ु ब खद ु ह चला जाये या हमले का इरादा ह छोड़ दे गा िजससे दोनE अलहदा-अलहदा हो जाने पर वो Cाणी सख ु का सांस लेने लगेगा | २. "कसी बात को आजमाने से पहले उसे अपनी ज़ाती फैसला से गलत समझ कर वहम खड़ा कर लेना मज़मन ू कJ वा"क"फयत के लए मददगार ना होगा | 5. मज़मन ू कJ बWनयाद ु पर "लाल "कताब" कJ िजQद सखL ु खनी ू लाल रं ग कJ जो चमकJला न हो मबाVरक ु होगी | इस रं ग के इलावा बा"क सब रं ग मनहस ू असर के हEगे | 3.

बात कJ अस लयत को पाने के लए "कसी दसरे ू इQम या आ लम कJ बदखोई से परहे ज़ कर0 | 9.com . मजमन ू सीखने के रा-ते म0 सबसे बड़ी कावट होगी | 7. इसम0 शक नह ं "क लड़कपन कJ तPबयत वाले Wनंदक (बदखोई करने वाला) और कएं ु के मढक 0 (अपने दायरे म0 महदद ू ) जैसे .दमागी मा लक और मखौल उड़ाने वाले भोले बादशाह (बेवकफ ू ) से फराहत आ ह जाया करती है मगर दWनयावी ु साbथयE को ह-बे है सयत इस इQम के फायदा पहचाना ुँ इxसानी शराफत होगी •यE"क :- कर भला होगा भला आ खर भले का भला लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 7 जxम कंु डल . मज़मन ू कJ गलती बताने वाला इस इQम को बढ़ाने के लए सबसे मददगार दो-त होगा •यE"क असल दो-त वो है जो न•स ु बतलाएं | 8.

आँख कJ नज़र (Pबनाई) कJ खराPबयाँ. 5. चMचे (चाचा) पर जान तक कJ तकल फ0. या मशीनE के न•सान ु वगरै ह-वगरै ह सबत ू दगे 0 "क शWनMचर मंदा हो बैठा.com . उपाय मामल ू बता दे ती है || ह फल व रा श के टकड़े ु दो करती. इस इQम कJ बWनयाद ु साम.‡क ु Kवधा पर है िजससे मौजदा ू ƒयोWतष के मताPबक ु बनी हई ु जxम कंु डल के ल¦न कJ दŸ-ती ु करने म0 मदद मलती है | जब Cाचीन «यालात (KवचारE) पर शWनMचर कJ अढाई साला मंद चाल के तीन बड़े चºE (2 ½. इ-म नाम को भी मटा दे ती है || फ़•त रे खा फोटो मकानE से कंु डल . मकान bगर जाने या Pबक जाने. 7 ½ साल) कJ साढ़सती कJ "फ़º माननी पड़े. जxम मय चx‡ बना दे ती है || ल खत जब Kवधाता "कसी कJ हो श•कJ. तो इस लाल "कताबी मज़मन ू कJ बWनयाद ु पर शWनMचर कJ मंद घटनाएं मसलन साँप डसने कJ घटनाएं (वारदात0 ). श•कJ असर कJ हालत के व•त शक का फायदा उठाने के लए उपाय Wनहायत लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. गज‹ "क सरज ू कJ अंतदL शा या शWनMचर कJ साढ़सती चल रह है "क •यासी ख़याल कJ बजाय ठोस चीजE और प•कJ घटनाओं कJ बWनयाद ु पर िजxदगी के हालात के जवाबE को दŸ-त ु माना गया है | ह-तरे खा से टे वा-. या रे खा म0 मेखा लगा दे ती है || 1.टपड़ा दŸ-त ु करके िजxदगी के हालत मालम ू करने के इलावा इस इQम म0 हर श«स के टे वे से उसकJ 120 वषL कJ उ± तक के वषLफल चxद मनटE म0 बना लेने के लए ह चाल फहVर-त (सची ू ) मौजद ू है | 2. पेज नंबर 8 नए और पराने ु मज़मन ू का फकF यह "कताब जxम व•त .दन माह उ± साल सब कछ ु .

इंसानी बाकJ है या चला गया है (मर गया) का बखान "कया गया है. पेज नंबर 9 आसान और कम कJमत के बताए गए जो अममन ू ठ£क व•त पर असर दे ता हए ु पाए गए ह> | 3. शद द बिQक खन ू से लखे जाने के काPबल हE मामल ू तप (बखार ु ) या साधारण क¥ट कJ बजाए तपे. Cाचीन (पराने ु ) ƒयोWतष म0 अगर राहु जxम कंु डल के पहले घर म0 हो तो केतु उस कंु डल म0 हमेशां ल¦न से सातव0 होगा बध ु भी सरज ू के आगे पीछे या नजद क साथ-साथ चलता होगा मगर हE कJ यह कैद0 इस मज़मन ू म0 नह ं रखी गई बिQक इस मज़मन ू के मताPबक ु वषLफल बनाने कJ द हईु फहVर-त कJ बWनयाद ु पर राहु और केतु एक दसरे ू के नजद क घरE म0 बिQक हाथ रे खा से बनी हई ु जxम कंु डल या वषLफल म0 तो एक ह घर म0 इ•कठे कJ आ सकते ह> इसी तरह हो सकता है "क बध ु का ह सरज ू से "कतने ह घर दरू हो जावे गज‹ "क इस मज़मन ू म0 हर एक ह अपनी-अपनी जगह आज़ाद होगा और उसकJ अपनी बैठक. अधरं ग. ख़ास बात यह है "क टे वे या कंु डल से िजxदगी का सlबंbधत फलादे श दे खने के स‚ांतो म0 :- राशी छोड़ नMछतर भला ू . मेख राशी ख़द ु ल¦न को bगनकर. मग’. गज‹ "क दरlयानी श•कJ जवाब को दरू करने कJ को शश कJ गई है | 4. ह चाल हालत या तर का असर पर "कसी तरह कJ कैद न होगी और तमाम ह समान अbधकारE के -वामी हEगे | 5.दक. 12 प•के घर मान गया | इQम ƒयोWतष के अनसार ु बनी हई ु जxम कंु डल ल¦न वाला घर लाल "कताब म0 मेष राशी का प•का घर हमेशा अंक नंबर 1 होगा िजसके बाद बा"क सब घर Pबलतरतीब bगनती म0 हEगे | याWन परानी ु इQम ƒयोWतष वाले कोई भी जxम राशी रख कर ल¦न मकरL ु र कर0 उनकJ जxम राशी . मज़मनू बहतु लंबा चौड़ा होने कJ वजह से सफL उxह ं घटनाओं का िजº है तो Wनहायत संगीन. न ह कोई पंचांग लया.

दए मगर ह वैसे के वैसे ह लखे रहने .हxदसा .हxदसा नंबर बदल जायगे 0 मगर ह हु -ब-हु उन ह घरE म0 रहगे 0 जहाँ "क वह पहले थे) अब हालात दे खने के लए बह-पWत ृ खाना न: १ सरज ू खान न" २ वगैरा मला. व-तओं ु .हxदसे मटा . पेज नंबर 10 या ल¦न वाले खाना नंबर को लाल "कताब के मताPबक ु खाना नंबर 1 और "फर बा"क घरE को Pबलतरतीब (ºमानसार ु ) ह मलेगा | अब तमाम घरE से सफL .हजा ु कर0 इसी तरह से वषLफल पढ़ ल0 ग0 इसी तरह पर Cाचीन ƒयोWतष के मताPबक ु रा शयE का ल¦न कJ तबद ल के कारण जxम कंु डल म0 घमते ू रहने का चº जाता रहा पंचांग कJ लंबी चौड़ी bगनती हो गई अ और आ खर पर फलादे श दे खने के व•त २८ न•· और १२ रा शयाँ भी भला ु द गई | 6.com . जxम कंु डल म0 इ•कठे बैठे हए ु ह वषLफल म0 भी अलहदा-अलहदा न "कए गए िजससे ल¦नेश धनेश कJ परानी ु bगनती का «याल -वत: समाdत हआ ु | 7. कारोबार या Vर‰तेदार के मतिQलका ु कायम होने के प•का होने का भेद जा.हxदसे मटाए हओं ु कJ कंु डल के ल¦न के घर को एक .हर हआ ु जो ज रत के व•त मददगार साPबत हआ ु | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दया तो वह ह-बेजलै (Wनlन ल खत) होगी | ( सफL . हE का असर उनकJ रा शयाँ.दए | इसके बाद उसमे .

in . पेज नंबर 11 ारHभ (आगाज़) हाथ रे खा को समxदर bगनते. न ह अंग दरकार हो | लेख चमक जब फ़कJर .दल तड़पकर उसकJ पेशानी से पानी के कतरे होकर बहता हआ ु पछने ू लगा "क इसम0 भेद •या है िजसके जवाब म0 फरमान हआ ु "क :- न ज़ र नफ़स ताक़त. "लाल "कताब" का नाम हआु लाल कताब के फरमान लाल "कताब फरमावे यूँ अ•ल(१) लेख(२) से लड़ती •यूँ जब"क ना bगला तदबीर अपनी नह ं खद ु तहर र हो सबसे उ€तम लेख गैबी माथे कJ तकद र हो उमंगो से भरे हए ु शहजोर और ज़माना के बहादरु पहाड़ चीरने वाले नौजवान ने हाथ पर हाथ रखे हए ु आसमान कJ तरफ दे खने कJ बजाए जब अपने सर से पाँव तक को शश करने के बाद नतीजा ह-बे मंशा न पाया और अपनी ह आँखE के सामने एक मामल ू नाचीज़ ह-ती को िज़xदगी के चंद लlहE म0 दWनया ु कJ सब जŸVरयात का मा लक और ज़माने का सरताज होते हए ु दे खा तो उसके वजद ू के अंदर Wछपा हआ ु . राजा आ दरबार हो | दोनE म‰तरका ु ख़ाल आकाश म0 हवाई दWनया ु का Cवेश 1) बध ु . 2) बह-पत ृ लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.blogspot. नजम ू फलक का काम हआ ु इQम "क़याफा ƒयोWतष मलते.

ह चाल बMचा आसमान और पाताल से Wघरे हए ु आकाश म0 दोनE जहाँ और दोनE अव-था (जxम मरण) कJ हवा को गांठ लगा दे ने वाल चीज़ बMचा ह चाल कहलाई | 2. Wनbध सK‚ कJ माला है नौ Wनbध को ह नौ माना. सK‚ बारह रा श है 2 नौ म0 जरब जब बारह दे त.े होती माला परू है जब बMचा पैदा होता है बंद मwी ु लाता है िजसे वह अममन ू बxद ह रखता है और आसानी से "कसी दसरे ू को आपने हाथ कJ हथेल नह ं दे खने दे ता गोया बचपन म0 वह अपनी कदरती ु भेद और छोट सी मwी ु खज़ाना "कसी दसरे ू को . पेज नंबर 12 फरमान नं: 1 क़दरत ु से "क़-मत "कस तरह आई ह•म ु Kवधाता जxम मले तो.दखाना नह ं चाहता "क बxद मwी ु म0 •या है ? 1.ह-सा हचाल माना गया है | . पकड़ा दे व आकाश का है भरा खज़ाना िजस के अंदर. ह चाल माला 9 X 12=108 मनकE कJ माला और मकlमल ु इxसान के नाम के पहले 108 का . "क-मत साथ ले आता है इस बMचे कJ नxह ं मwी ु म0. लेख ƒयोWतष बतलाता है 1 लाल "कताब बMचा ह चाल .

दमागE आ हआ ु . से "कयाफा चल पड़ा लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 13 है सफL खाल जगह िजसका दसरा ू नाम आकाश है और उसम0 सफL हवा भरपरू है मwी ु के .ह-सा जदाु -जदा ु मालम ू होने लगा कह ं लकJर0 कह ं Wनशान पाए गए | उं ग लओं के भी कई-कई टकड़े ु जदा ु -जदा ु और "फर इकwे एक ह मले नज़र आने लगे | हाथ कJ हथेल ख‰कJ ु का एक Wनहायत ह बड़ा बर‹ -आज़म (महा वीप) या ¹°माÀड माना गया हथेल पर पहाड़ कJ तरह ऊपर को उभर हई ु जगह का नाम बजL ु मकररL ु हआ ु लकJरE को रे खा का नाम मला जो पानी के दVरया लहर0 मारते हए ु इधर-उधर भागते हए ु माने गए | "कसी को उ± रे खा और "कसी को "क-मत रे खा से याद "कया गया और आ खर म0 सब इकwे मल मला कर एक समx‡ ु बना िजसकJ वजह से इस इQम का नाम सामिु x‡क या समx‡ ु कJ Kवधा ह ठहराया गया | फरमान नंबर 2 उसकJ कदरत ु का ह•मनामा ु कहाँ पाया गया अ•स ग़ैबी जा.हलते ह उसके अंदर कJ हवा हरकत म0 आई गोया हरकत से गम’-गम’ से आग और आग से पानी.दमागी खानE का असर तब. था सतारE पर हआ ु नक़श िजसका पीछे दWनया ु . पानी से म¿ी और म¿ी से दWनया ु का सब ¹°माÀड पैदा हआ ु या यँू कहो "क जब बMचे ने मwी ु खोल तो उसम0 हाथ कJ हथेल और उँ ग लयE का . के .हर पहले. से जहाँ दो बन गया इQम ƒयोWतष इस तरह पर. जब सतारE से हआ ु सीढ़ टे ढ़ हाथ रे खा.com . हाथ कJ रे खा हआ ु चाँद सरज ू फलकJ दWनया ु .

उसी उसी "क-म का असर उनकJ साथ लाई मटट म0 मौजद ू होगा और बज़L ु या पहाड़ कJ जड़ी ब.टयE ू और मखिQतफ ु "क-म कJ दवाइयE के पौधE से आई हई ु तेज म‚म मीठ£ या कड़वी हवा के असर का साथ रहे गा | हबह ु ू यह अव-था हE कJ मखिQतफ ु रा शओं के लए मकररL ु "कए हए ु घरE म0 होने पर इxसानी िजxदगी म0 होगी | अगर कंु डल हथेल का बर‹ -आज़म बनी तो हE कJ नज़र का रा-ता या उनकJ बाहमी ˆि¥ट ¹°माÀड के दVरयाओं कJ गज़ ु रगाह होगी जो उनके असर म0 ह मंडल कJ जाती दो-ती व द‰मनी ु से .दयाँ या समxदर के मददगार दVरया िजस कदर गहरे और साफ़ तह ज़मीन वाले हEगे. उसी कदर ह उनम0 पानी कJ ƒयादा चाल या प•का असर होगा | िजस कदर न. उसी कदर उनम0 न सफL पानी कम या उनका असर हQका होगा बिQक असर के व•त कJ रÁतार भी म‚म होगी | रे खा म0 म«त ु लफ Wनशान दVरया म0 बरे ती जंजीर0 या रा-ता कJ Ÿकावट0 हEगी.दयाँ और दVरया कम गहरे और तंग हEगे. पर चमक जब दे चका ु हCमनामा ु मMी ु बNद इNसान था दरअसल सबके मा लक ने इxसान के साथ उसके लए मकररL ु "कए हए ु कामE का ह•मनामा ु हथेल पर लखा हआ ु उसको अपने ह क3जे म0 ऐसे ढं ग से भेजा है "क वह कभी गमु न होने पाए और न ह उसम0 कोई तबद ल या धोखादे ह कJ जा सके मगर श•कJ हालत को दŸ-त ु करके उसकJ शक का फायदा बेशक उठा लया जाये | हथेल के वसीह बर‹ -आज़म पर ऊपर को उठे हएु बजL ु और पहाड़ िजस कदर ऊँचे और लंबे चौड़े और मज़बत ू हEगे उसी कदर ह एक दसरे ू के अMछ£ या बरु हवा कJ रोकथाम कर सकगे 0 | दVरया कJ न. दVरया या रे खा िजस-िजस पहाड़ बज़L ु के इलाका से गजर ु कर आयगे 0 . पेज नंबर 14 Kदमाग हाथ .

दखाई दे ने लगा और बMचे के सांस कJ हवा ने भी Ÿख बदला िजस पर पहाड़E से Wघर हई ु हथेल का बर‹ आज़म और चारE उं ग लओं के वसीह मैदानE के बारह कोने जxम कंु डल म0 हबह ू ू वैसे के वैसे पाए गए और अगर जदा ु रहा तो सफL अंगठा ू (अंग¥ठ ु नर) ह बेŸख पाया गया जो न तमाम का मेहवर (धरु ) अंगठे ू कJ कJल और दWनयां ु दारE के पÀय ु पाप का पैमाना मकररL ु हआ ु | दसरे ू लÁज़E म0 हथेल कJ लकJरE या बारह खानE और उँ ग लयE कJ बारह ह गांठE से जो ग़ैबी अक़स ज़ा. पेज नंबर 15 पैदा शदा ु लहरE कJ उकसाहट से हजारह "क-म कJ त3द लयाँ वाकै करने का बहाना होगी और हE कJ मकररL ु मयादE पर अ•सर ज़ा.हर हआ ु करे गी | उं ग लओं के पोरE (.हर हआु वह हबह ू ू कंु डल के बारह खानE म0 नौ हE कJ मखिQतफ ु अव-था से पाया गया | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.ह-सE म0 तकसीम "कया गया | यह नौ Wनbध (गैबी ताकत) बारह सK‚ (इxसानी .हर हआ ु .हlमत) इस इलम कJ बWनयाद ु हई ु | ह रा श और रे खा के इलावा मकान जाये-Vरहाइश-«वाब माल मवेशी. द गर शगन ु (शभ ु WनशाWनयाँ) और इQमे "क़याफा इस मज़मून के ज र पहलू bगने गए | ƒयँू ह "क ग़ैबी अ•स . दWनया ु के दसरे ू साथी.com .ह-सE) और हथेल के बर‹ -आज़म हर दो ह के बारह-बारह टकड़े ु हए ु और बज¤ु या पहाड़E को नौ . दWनयां ु के पहाड़E का लंबा सलसला हथेल के बज¤ ु म0 बलं ु द से .दमागी खानE म0 नक़श हो कर हाथ कJ रे खा के दVरयाओं के पानी म0 जा.

............6 कWन‰ठका.. ह फल रा श आम हआ ु नेक हवा जब चलने लगी तो................ह-सा होगा जxम कंु डल का ख़ाना नंबर मÂी ु के अंदर 1-7-4-10 तजLनी उं गल .......3 मyयमा.............. तदबीर मदL का नाम हआ ु कंु डल चं‡ या हाथ बाएं से....................11 कंु डल का कx‡ 0 .. जहॉ ं दोनो का नाम हआु गोया हाथ म0 कंु डल और कंु डल म0 उं गल के हवाई इशारे से ¹°माÀड का मैदान एक ह दम से गंज ू उठा हथेल का ......................9 ........................5 पाताल.............12 अना मका.. तक़द र बशर का काम हआ ु उQटे हाथ से औरत माना........2 आसमान होगा खाना नः.8 तीनो जमाने........ पेज नंबर 16 फरमान नंबर 3 ऊँचे फलक का अ•स "कधर है हाथ दायां और कंु डल जxम को...

पेज नंबर 17 Clock Wise Anti Clock Wise जxम कंु डल जxम कंु डल इलाका म‡ास इलाका पंजाब Anti Clock Wise मकान कंु डल जxम कंु डल इलाका बंगाल लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com .

एक बाप कJ एक ह औरत से दो जोड़े बMचे. पVरंद-पशु-इxसान बMचा गैबी पद‹ से माता के पेट म0 आया. पेज नंबर 18 फरमान नंबर 4 आPलम को इQम मR शक Cया है जNम वTत समा करे नर •या करे .जxम का व•त पता लग जाने से िजंदगी के «वाब कJ ताबीर (नतीज़ा या हालात) मालम ू करने का खाका (जxम कंु डल ) इQम ƒयोWतश के अनसार ु होता हआ ु माना गया. जxम व•त को बWनयाÅ ु मानकर िजस तरह यह मज़मन ू इंसान के म0 ताQलकु के काम दे ता है. हबह ू ू उसी तरह ह इस इQम का असर पVरxद. "फर बxद हवा से इस दWनया ु म0 पहंु चा तो उसके साथ कJ दो जहानी हवा उसका सांस हई ु । िजसके लेते ह जमाना कJ दोरं गी चालE के मैदान का लंबा चौड़ा . याWन अगर व•त कJ पैदाइश के मताPबक ु "कसी इंसान कJ जxम कंु डल उसके हालत से खबर दे गी तो उस व•त पर पैदा हआ ु शदा ु है वान या बनाया हआ ु मकान ह चाल असर से खाल न होगा 2. समा बड़ा बलवान असर ह सब(१) पर ह होगा. या उसकJ दो म«त ु लफ़ ( भxन.हसाब "कताब खल ु गया िजस पर हर बात के दो पहलू होने लगे या यंू कहो "क :. मकान या दसरेू दWनयावी ु अहम (बहत ु जŸर ) घटनाओं और कामE के ताQलक ु म0 पाया गया है. मगर शक हआ ु "क एक(२) बाप के दो बेटे 1. पशु.भxन) औरतE से एक व•त म0 दो इकwे पैदा शदा ु बMचे | .

यक न-ल. दVरयाओं कJ तंग ु याWन जंग अज़ीम कJ गोलाबार या द गर वबाई (संºमक रोग) और जहर ले वा"कयात के हजारE लाखE का आ खर व•त (मौत) एक जैसा ह होगा और एक ह होता दे खा गया तो "फर सबका Wन‰चय जाता ह मालम ू होने लगा | इस पर «याल गज़रा ु "क ह-त रे खा और इQम •याफा के मताPबक ु जब हर एक कJ रे खा और लकJर0 जदा ु -जदा ु ह> तो हालात का न•शा •यE तसQल ब«श ना होगा | मगर "फर भी वहम पैदा हआ ु "क जब १२ साला बMचे कJ रे खा को कोई एतबार नह ं और 18 साला उ± से बड़ी रे खा म0 कोई तबद ल नह ं मानते (मगर शाखE का बदलना माना गया है ) तो यकJन "कस बात पर होगा इस तरह दोनE इQमE से कोई .दलजोई न हो सकJ. •यE"क एक तो जxम व•त (ल¦न) गलत होने कJ वजह से ह बे- बWनयाद ु हो गया. हादसा. «वाह बेगाना. मगर िजxदगी के हालात अममन ू कभी एक ह न हEगे | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. मगर एक लंका म0 दसरा ू अमर का म0 . तीसरा इं¦ल>ड तो चौथा जापान म0 . हम(४) उ± । एक जमाना. अगर व•त के जोड़ घटाव कर दे ने के बाद सब बMचE का जxम व•त एक ह है तो सब का जxम ल¦न भी एक ह होगा. पेज नंबर 19 इक घर के दोनो भाई(१). «वाह WनधLन द ु खया फकJर मगर दोनE एक ह शहर म0 इकwे रहने वाले Wनवा सयE के यहाँ एक व•त म0 पैदा शदा ु बMचे 3. पर सब इलाकE के वा सयE के ह एक ह व•त म0 पैदा शदा ु बMचे 4. और दसरा ू सफL एक अकेले ह िजंदगी का नेक व बद (तPबयत के नरमी-गम’)बताकर चप ु हआ ु और "कसी दसरे ू साथी या ताQलकदार ु का कोई 1. इक शहर(२) दो Wनवासी. ताया चचाजाद या खालू मामू के घरE एक ह व•त के इकwे पैदाशदा ु भाई 2.com . दसरा ू म‡ासी. एक वतन(३) दोनE साथी. «वाह आल शान राजा. एक मलक ु के गए हएु . एक क‰मीर . तो चौथा बंगाल . सब ह का जxम व•त एक ह होने पर हालत कJ दŸ-ती ु कJ बWनयाद ु •या होगी. बर अ•स (इसके Kवपर त) भचाल ू . तीसरा महारा¥È .

com . पेज नंबर 20 वा-ता न बता सका तो आ खर पर हर दो इQमE को इकwा "कया गया मगर "फर भी यह मालमू हआ ु "क बWनयाद ु असलEू कJ वाक"फयत के बगैर कोई मतलब हल न होगा | लहाज़ा शक को दरू करने के लए या उसका फायदा उठाने के लए इस इQम म0 ु | ामर फलादे श और यो¦बंधन आ.द के अलग-अलग .ह-से Wनि‰चत हए लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

com . पेज नंबर 21 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

दन रात को 12 . हाथ के उँ ग लयE कJ हर एक गांठ या 24 घंटे के . रा शयाँ तादाद म0 12 ह> िजनके नाम और नंबर हमेशां के लए एक ह Wनि‰चत ह> | कंु डल म0 बार-बार हर रा श का नाम लखने कJ बजाए इसके लए Wनि‰चत "कया हआ ु अंक नंबर ह लख .com .ह-सE म0 तकसीम करने पर हर एक टकड़ा ु (जो हर एक टकड़ा ु ठ£क परेू दो घंटे का न होगा) मगर 12 टकड़E ु म0 से हर एक टकड़ा ु ) रा श कहलाता है | 2. मगर फलादे श दे खने के लए इस इQम म0 उनकJ जगह हमेशां के लए प•के तौर पर Wनि‰चत कर द गई है | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पहले जxमे छोटा हो राPश 1. पेज नंबर 22 फरमान नंबर 5 तक़द1र पहले या तदबीर. या पहले माता हो जोड़े बMचे पेट माता.दया जाता है | Cच लत (आजकल के जार ) ƒयोWतष म0 रा शयाँ कंु डल के घरE म0 घमती ू रहती ह>. बेट आई पहले दWनया ु .

हlमत) से कमाई कJ ऊँगल होती है कWन¥ठका ऊँगल बध ु या इQमE हनर ु कमाई कJ ऊँगल होती है मyयमा ऊँगल -शWनMचर या उदासी और वैराग कमाई कJ ऊँगल होती है 2. तजLनी ऊँगल बह-पWत ृ या हकमत ू कJ ऊँगल होती है अना मका ऊँगल सरज ू या •यि•तगत (. पेज नंबर 23 1. bगनती चाल और जगह मकररL ु करने के व•त मyयमा ऊँगल को सब उँ ग लयE के आ खर पर लेते ह> •यE"क मyयमा ऊँगल उदासी और वैरा¦य या दWनया ु से अलहदा bगनी है िजसका ताQलक ु गह-थ ृ के बाद होगा | .

खाना नंबर 8 (वि‰चक ृ ) . खाना नंबर 9 (धन)ु खाना नंबर 12 (मीन) और खाना नंबर 11 (कंु भ) सब के सब मलकर बा°म (आपस) म0 काटते ह> वह (Crossing Point) खाना नंबर 8 शWनMचर के है ड •वाटLर कJ जगह होगा | इस इQम (Kवधा) म0 जहाँ कह ं भी खाना नंबर का िजº होगा तो मराद ु होगी "क कंु डल का खाना नंबर है .दल रे खा खाना नंबर 4 होगा. सर रे खा खाना नंबर 7 होगा शWन का है ड •वाटLर जहाँ खाना नंबर 7 (तला ु ) खाना नंबर 4 (ककL). अंगठा ू नंबर 2 होगा. पेज नंबर 24 राPशओं क2 कंु डल1 मR पCक2 जगह 3. हर ह कJ Wनि‰चत रे खा भी कंु डल खाना नंबर हो जाती है तजLनी और मyयमा के दरlयाना खाना न: 11. . रा श नंबर से मराद ु न होगी | खाना नंबर 1 को ल¦न भी कहते ह> | .

पेज नंबर 25 फरमान नंबर 6 क़6मत क2 गांठो ह1 से 'ह मXडल बन गया धमF दया धमF दया <वाह कोसो ऊँची. मगर वह (बध ु या शीशा) हवा को बाहर से अंदर या अंदर से बाहर जाने न दे गा | यह चº म0 डाले रखने कJ द‰मनी ु बह-पWत ृ से बध ु को होगी या बध ु के आकाश कJ खाल जगह म0 "क-मत को जा. याWन हवा अँधेरे म0 भी होती है और रौशनी म0 भी हुआ करती है | मसलन शीशे का एक ब•सा ( ड3बा) हो तो उसके अंदर खाल जगह म0 भी हवा होगी और उस ब•स के बाहर भी हवा महसस ू होगी | गोया बध ु का शीशा अँधेरे और रौशनी दोनE को ह अंदर से बाहर और बाहर से अंदर जा.हर (-प¥ट) करने वाला ह चाल कोसो लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.हर होने कJ इजाजत दे गा.com <वाह ह1 सखी लख दाता हो . <वाह ह1 सखी लख दाता हो उलटे वCत खद ु गाँठ आ लगती. लेख Pलखता था वधाता जो 'ह दWनया ु के Cारlभ और ¹°माÀड के खाल आकाश म0 (जो बध ु का आकार है ) सबसे पहले अँधेरा (शWन का स±ाƒय) मानकर इसम0 रौशनी (सरज ू कJ "करणE कJ चमक) का Cवेश «याल "कया गया | इस रौशनी (सरज ू ) और अँधेरे (शWन) दोनE के साथ-साथ हवा (जो दोनE जहानE के मा लक बह-पWत ृ कJ राजधानी है ) चल रह है.

पेज नंबर 26

बMचा बध
ु कJ मदद से सरज
ू और शWन को जदा
ु रहने या इकwे ह दम
मारने कJ ताक़त ब«श दे गा | गोया बध
ु का शीशा ह बह-पWत
ृ के दोनE
जहानE म0 गांठ लगा दे गा और यह गाँठ ह ह है िजससे आकाश सब
ह के लए इकwा गांठा हआ
ु मैदान है या यूँ कहो या समझ ल0 "क
अ•ल (बध
ु ) सब तरफ गांठे लगा रह है म«€सरन
ु (सं•dे त) अलाहदा-
अलाहदा (पथक
ृ -पथक
ृ ) व-तओं
ु के इकwा बाँध दे ने वाल चीज़ (कारण)
का नाम गाँठ या ह है | दसरे
ू लÉजE (श3दE) म0 बह-पत
ृ (हवा) और
बध
ु (आकाश) को इकwा बांध दे ने वाल चीज कJ ताक़त या बMचा कJ
"क़-मत .कJ उलझन पैदा करने वाल चीज़ ह कहलाती है | "क-सा
कोताह (सं•Kपत म0) उँ ग लयE और हथेल को बा°म (आपसे म0) मलाने
वाल गांठ0 हथेल कJ अपनी हर एक गाँठ या बMचे कJ अपने माता के
पेट के सफर कJ 9 मंिजलE कJ हर एक गाँठ को ह के नाम से याद
करते ह>, गोया क़दरत
ु कJ ताक़त का असल नाम गांठ या ह है िजस
कJ वज़ह से इQम (Kवधा) साम,‡क
ु म0 भी हर बजL
ु कJ बWनयाद
ु उं ग लओं
कJ जड़ और हथेल कJ गांठ पर ह मानी गई ह> |

ह तादाद म0 9 ह> और वह कंु डल के 12 खानE म0 घम
ू जाने कJ
ताक़त के मा लक माने गए ह> | इxसान कJ तरह उनम0 भी पर-पर म·
द‰मनी
ु उं च या नीच हालत और उ€तम या मंदा असर दे ने कJ शि•त
मानी गई है |

हर एक ह अपना भला या बरा
ु असर खास-खास अवbधयो पर
,दया करता है |
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पेज नंबर 27

(b) यह ज र नह ं "क हर ह अपने हा शया कJ लकJरE से बने हाथ
पर रे शE से भी वह मराद
ु होगी मसाल चारE तरफ कJ लकJरE
(चौकोर) से मलकर मंगल बना |

यह श•ल अगर बार क रे शE से हाथ के बाक़J रे शE से जदा
ु हो
जावे तो भी मंगल नेक होगा

पेज नंबर 28
1. हE के Kव-तारपवL
ू क ,दए गए बयानE म0 दे खने से मालम
ू होगा "क
¹°माÀड कJ म«त
ु लफ ( भxन- भxन) व-तओं
ु को ख़ास-ख़ास भागE म0
मकरL
ु र (Wनि‰चत) करके हर एक भाग का नाम हमेशां के लए एक ह
मकरL
ु र (Wनि‰चत) कर ,दया गया है , और उन तमाम चीजE को लखने
पढ़ने म0 बार-बार दोहराने कJ बजाय उनके लए मकरL
ु र "कया हआ
ु एक
नाम का िजº कर दे ते ह>, मसलन (उदाहरणता) -·ी, गाय, ल¬मी आ,द
के लए केवल एक श3द शº
ु मकरL
ु र है , तो जहां कह ं भी शº
ु का िजº
होगा तो -·ी गाय ल¬मी, मटट आ,द से मराद
ु होगी |

2. रा शयE कJ तरह हE के लए कोई प•का अंक मकरL
ु र (Wनि‰चत)
नह ं है मगर उनकJ ख़ास-ख़ास "क-म0 ज़ र Wनlन ल खत मकरL
ु र ह>

गŸ
ु रKव और मंगल तीनो, नर ह भी कहलाते ह> |
शWन राहु और केतु तीनE, पापी ह बन जाते ह> |
शº
ु ल¬मी चx‡ माता, दोनE -·ी होते ह> |
बध
ु मखxनस
ु चº सभी का, िजससे सभी ये घमते
ू ह> |
नेकJ बद दो मंगल भाई, शहद ज़हर दो मलते ह> |
बद लालच गर मारे दWनया
ु , नेक दान को bगनते ह> |

राहु और केतु सफL दोनE को, पाप के नाम से याद करते ह> | जब
शWनMचर को राहु या केतु "कसी तरह से भी आ मलते ह> तो शWनMचर
पापी होगा | और वैसे राहु भी केतु शWनMचर तीनE का इकwा नाम पापी
है |

पेज नंबर 29
कंु डल1 मR 'हD के पCके घर हथेल1 पर 'हD के पCके घर

हथेल पर बज़L
ु के प•के घर

बजF
ु :- हथेल पर ऊपर को
उठ£ हई
ु जगह का नाम बजु L
कहलाता है और हर एक बजL

कJ जगह हबह
ू ू वह है जो "क
इस bच· म0 हर ह कJ ,दखाई
गई है इस तरह बजL
ु सं«या म0
7 तो भxन- भxन ह> बाकJ दो
हE कJ प•कJ जगह या बजL

दसरे
ू हE के साथ ह मकररL
ु है

1) सरज
ू (१), बह-पत
ृ (२), मंगल नेक(३) या बद, चx‡(४), बध
ु (५), शº
ु (६),
शWनMचर(७)

पेज नंबर 30
राहु और केतु को हथेल पर कोई प•कJ जगह अलहदा तौर पर नह ं
द गई | लहरE के मा लक ह> |
एक ने इxसान को सर से पकड़ा और दसरे
ू ने पाँव से तो खद
ु बखद

उनको जगह मल गई और वह बध
ु (के साथ केतु जो नेकJ का मा लक है
ख़ाना नंबर 6 पाताल म0) और बह-पत
ृ (के साथ राहु जो बद का हा"कम
है ख़ाना नंबर 12 आसमान म0) के साथ तमाम आकाश ¹°माÀड (जो
बह-प
ृ त बध
ु दोनE म‰तरका
ु का नतीज़ा है ) म0 हो बैठे और दWनया
ु और
इस इQम म0 पाप के नाम से मशहर
ू हए
ु |

प•का घर ,दन म0 हÉता म0
बह-पत
ृ पहला ,ह-सा वीरवार, गŸवार

सरज
ू दसरा
ू ,ह-सा रKववार
चx‡ चांदनी रात सोमवार
शº
ु काल रात शºवार

मंगल नेक
प•कJ दोपहर मंगलवार
मंगल बद
बध
ु नेक- बध
ु बद 4 बजे शाम बधवार

तमाम (साड़ी) रात
शनीMचर शWनवार
अँधेरा ,दन
राहु प•कJ शाम वीरवार कJ शाम
केतु नेक, केतु बद सबह
ु सा,दक रKववार कJ सबह

अगर एक ,दन औसतन 12 घंटे पहले का अरसा हो तो, केतु ,दन चढने से
दो घंटे पहले का, बह-पWत
ृ ,दन Wनकलने के बाद आठ बजे तक का अरसा, सरज

आठ बजे से दस बजे तक का अरसा, चx‡ दस बजे से ¦यारह बजे तक का
अरसा, शº
ु दस बजे से तीन बजे तक का अरसा, मंगल ,दन के ¦यारह बजे से
एक बजे तक, बध
ु चार बजे से N% बजे तक, शWनMचर ,दन छपने
ु के बाद जब तक
एक भी सतारा Wनकल पड़े |

राहु के साथ बह-पत ृ चपु होगा मगर गम ु न होगा मगर खाना न: 2 म0 राहु या बह-पत ृ हE तो. शWन. शWन.ु शWन सरज ू . चx‡ शº ु बध ु शº ु -शWन-राहु से बध ु जो सरज ू के साथ बह-पत ृ मंगल 2 सरज ू हण. राहु चx‡ मंगल इसके साथ म‚म होगा चx‡ शº ु बराबर है मगर चx‡ द‰मनी ु करता है शº ु से.ु बह-पत ृ बध ु . मंगल इसके साथ म‚म होगा बह-पत ृ . केतु सरज ू . बध ु . केतु मंगल के साथ चप ु होगा बह-पत ृ शWन. राहु बह-पत ृ के अधीन होगा. मंगल बह-पत ृ -चx‡. चx‡. राहु अब सरजू . बध ु केतु 9 केतु शº ु . केतु से हण. मगर चx‡ द‰मनी ु करता है बध ु से. केतु. बध ु बह-पत ृ से म‚म 4 शº ु मंगल. बध ु -सरज ू 8 राहु बध ु . राहु शºु -शWन. चx‡. 5 मंगल बध ु . बधु गो बह-पत ृ का द‰मन ु है चx‡ गो बधु का द‰मन ु है मगर खाना न: २. शº ु . शº ु . केतु सरज ू . राहु चx‡ बह-पत ृ 7 शWन केत. ४ म0 बैठा हआ ु बध ु या चx‡ («वाह बधु बह-पत ृ या चx‡ बध ु म‰तरका ु ). बह-पत ृ शWन. मंगल. बह-पत ृ और शº ु बराबर ह> मगर शº ु द‰मनी ु करता है बह-पत ृ से मंगल और शWन बराबर ह> मगर मंगल द‰मनी ु करता है शWन से चx‡ और बध ु दो-त ह>. केत. पेज नंबर 31 'हD क2 आपसी Pम]ता और श]ता ु ºम नंबर नाम ह बराबर का ह दो-त ह द‰मन ु ह 1 बह-पत ृ राहु. शº ु . 6 बध ु सरज ू . राहु सरज ू . केतु से चप ु होगा चx‡ म‚म शº ु . शWन. द‰मनी ु के बजाए परू मदद करे गा आbथLक मदद के लए . मंगल. चx‡. राहु 3 चx‡ सरज ु . मंगल.

पेज नंबर 32 िज-म व ह का सlबxध दBमन ु पाट^ शWनMचर का द‰मन ु सरज ू का शº ु का राहु बह-पत ृ का बध ु का चx‡ का केतु का मंगल बद का द‰मन ु है और दो6त पाट^ : सरज ू का दो-त चx‡ का बह-पत ृ का केतु मंगल नेक का राहु का बध ु का शWन का शº ु का दो-त है गोया हE म0 मxदरजा बाला द‰मन ु /दो-त-पाटË के ह PबQतरतीब एक दसरे ू के द‰मन ु /दो-त ह>.दमाग व िज°वा (बध ु ) दे खना भालना (शWन) सर (राहु) परामशLदाता है सर (राहु) धड़ (केत)ु दोनE को मलाने वाल गदL न के सांस का मा लक बह-पत ृ है | लहाज़ा बह-पत ृ (एक अकेले इंसानी िज़-म बहालत कल ु मानव सम-त संसार) याWन लोक और परलोक (ग़ैबी दWनया ु तमाम हE कJ म‰तरका ु ताक़त) का मा लक है | सफ़L इसी गण ु पर यह ह "कसी से श·ता ु नह ं करता | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. .com . िजनका रहनमा ु राहु (बाहम द‰मन ु पाटË का) केतु (बाहम दो-त पाटË का) है याWन राहु तो सर कJ रहनमाई ु और केतु पाँव च•कर का -वामी है | मानव शर र म0 िजगर = (मंगल).दल (चx‡) धड़ केतु के परामशLदाता ह> .

पेज नंबर 33 1.हरण होती है और पहाड़ी इलाकE म0 चीते को मग ृ बोलते ह>. 19. शWन उ± के 10.दया करता है | 2. राहु कJ 42 तो केतु कJ 48 मगर दोनE कJ मल जल ु अवbध 45 होगी | 3.हरण (चाहे मामल ू चाहे बारह संगा) को मंगल बद bगनते और bचता (दVरंदा इंसानी को फाड़ डालने वाला जानवर है ) मंगल नेक ल0गे | . हण के समय (सरज ू राहु म‰तरका ु सरज ू हण) उ± 3 साल कम होगी चx‡ केतु म‰तरका ु = चx‡ हण 4. 37व0 साल Cाय: नेक असर दे गा और 9 (दसर ू तरफ़ धन दौलत) (1) मैदानी इलाकE म0 मग ृ से मराद ु . हर ह अपनी अवbध के आधे या चौथाई भाग अवbध म0 भी अपनी Cभाव Cकट कर . मगर ह चाल हालात म0 .

सब कोई ह हर तरह से कायम याWन वजद ू म0 खद ु अपनी ह सlपणL ू शि•त का चाहे उं च हाल चाहे नीच हालत चाहे घर का मा लक हो और "कसी दसरे ू का उस पर या उसम0 कोई असर न मल रहा हो तो वह अपनी कल ु उ± तक असर दे ता रहे गा या उसकJ उ± होगी बह-पत ृ 16. "क-मत उदय के लए बध ु 23 मंगल 34 साला उ± म0 बा"क हर ह अपनी-अपनी अवbध पर असर द0 गे | एक साल कJ अवbध को तीन पर Kवभ•त करके हर प•का घर शु दर मयान आ ख़र पर टकड़ा ु चार मास का होगा | बह-पत ृ केतु बह-पत ृ सरज ू िजसम0 दरlयानी राह का सरज ू सरज ू चx‡ मंगल असर मल रहा होगा | उदाहरणतया बह-पत ृ चx‡ बह-पत ृ सरज ू चx‡ वषLफल के अनसार ु अगर श•कर ु मंगल श•कर ु बध ु खाना न: 5 म0 आया हो तो मंगल मंगल शWनMचर शº ु उस साल के पहले चार बध ु चx‡ मंगल बह-पत ृ मह नE म0 खाना न: 5 पर शWनMचर राहु बध ु शWनMचर केतु का असर होगा जैसा राहु मंगल केतु राहू कJ यह (केतु) उस व•त के केतु शWनMचर राहु केतु वषLफल हो | दसरे ू चार माह म0 खद ु बह-पWत ृ का अपना असर जैसा कJ वह वषL हो और आ खर चार माह म0 सरज ू का असर जैसा कJ (सरज ू ) वषLफल के अनसार ु हो मलता होगा | इसी तरह ह हर एक ह म0 उसके सामने . जैसे कJ टे वे के अनसार ु उस व•त हो.दए हए ु दरlयानी हE का असर मला होगा | 'ह क2 उ_ का असर :. पेज नंबर 34 18 (Kपता) 27 माल मकान मवेशी पर मंदा असर दे गा | 36 ता 39 साला उ± म0 साधारण असर दे गा | 5. सरज ू 22. .

कल ु हE कJ 120 साला जोड़ से अपना अपना .ह-सा 3. सरज ू 2 साल और चx‡ 1 साल वगैरा ल0 गे 4. 2. शº ु .दया है ) शा मल होगा नाम ह "कस ह के साथ हो तो उ± होगी िजतने साल बह-पत ृ "कसी भी ह के साथ होगा 16 सरज ू "कसी भी ह के साथ होगा 22 सवाए राहु के साथ सफ़र सवाए केतु के साथ 11 चx‡ "कसी भी ह के साथ होगा 24 सवाए बह-पत ृ . ह के असर का आम अरसा. पेज नंबर 35 चx‡ 24 साल वगैरा . 27 धन दौलत सवाए सरज ू के साथ 24 सवाए मंगल या शº ु के साथ 12 सवाए बध ु के साथ 45 राहु "कसी भी ह के साथ होगा 42 सवाए मंगल नेक के साथ सफ़र सवाए केतु के साथ 45 केतु "कसी भी ह के साथ होगा 48 सवाए बह-प ृ त के साथ 40 सवाए सरज ू या शWनMचर के साथ या 24 मंगल नेक के साथ सवाए राहु के साथ 15 . अपनी हालत से बाहर जब कोई ह ऊपर कJ शतL ( ह कJ उ± का असर) दो-तE से या द‰मनE ु के बताLव म0 हो जावे तो उसके लए बह-पत ृ 6 साल. अपनी अवbध के शरु दरlयान या आ खर पर हर ह असर करता है इस लए हर गहृ के साथ दरlयानी ह का असर (जैसे कJ दरlयानी हE कJ सची ू म0 ह . बध ु 12 राहु मगर शWनMचर के साथ 8 शº ु "कसी भी ह के साथ होगा 25 सवाए बह-पत ृ के साथ 60 वा-ते धन दौलत सयाए सरज ू के साथ 34 सवाए मंगल नेक के साथ 8 मंगल नेक "कसी भी ह के साथ होगा 13 } कल ु 28 मंगल बद "कसी भी ह के साथ होगा 15 बध ु "कसी भी ह के साथ होगा 34 सवाए सरज ू या मंगल 17 शWनMचर "कसी भी ह के साथ होगा 36 सवाए बबह-पत ृ के साथ 18 वा लद कJ उ±.

दया करते ह> | अब अगर मौजदा ू साल म0 मंदे ह चल रहे थे. पेज नंबर 36 `रयायती चाल1स Kदन न मंदे हE का असर उनके मकरL ु र (Wन‰चत) समय से पहले आ सकता है और न ह भले हE कJ सहायता (मदद) .दन कम से कम या ƒयादा से ƒयादा 43 .दन न हEगे | यह Vरयायती .हसाब को इस इQम (Kवधा) म0 से उड़ाने के लए 28 न•· और 12 रा श को बाद म0 छोड़ ह . याWन बरेु ह कJ मयाद के 40 . अगला साल य•म अCैल से शु होगा यह साल जो गजर ु रहा है Wनहायत मxदा था | अगले साल म0 ह चाल कJ बWनयाद ु पर उlदा ज़माना आने कJ उlमीद हो रह है | इxसान "कस «याल म0 है और मा लक का फैसला पता नह ं •या होगा | गज‹"क कJ दे खने से मालम ू हआ ु कJ इसका चx‡ नlबर दो (2) म0 आ जायेगा या बह-पत ृ नंबर 4 म0 हो बैठेगा जो अममन ू नेक असर ह .दन पहले ह असर हो जाना माना है | इकwे असर के केवल 40 .दन बाद तक उसका असर बरा ु हो सकता है. और शु होने वाले अममन ू (Cाय:) नेक और मददगार ह का अपनी अवbध से 40 .दन Vरयायती तक उपाय का असर परा ू होगा िजसकJ Wनशानी व•त से पहले ह नेक ह का असर हो जाने के व•त दो-त ह कJ चीजE कJ कदरती ु WनशाWनयां और बरेु ह कJ मयाद 40 .दया करते ह> | उसी तरह ह राहू नंबर 8 या नंबर 11 और बध ु नंबर 8 या नंबर 3 म0 अ•सर मंदा असर .दन कहलाते ह> | इस असल ू पर बMचे के जxम से लेकर 40 . च"क ँू bगनती के लंबे .दन ह हEगे | मगर दोनE के हE के जदा ु जदा ु चाल स-चाल स .दए हए ु व•त के बाद तक रह सकती है | अगर हो सकता है तो केवल यह कJ एक ह का असर ख€म और दसरे ू के शु के दरlयान 40 .दन तक बाद रहने वाल हालत म0 पापी हE कJ WनशाWनयाँ हआ ु करती ह> | मसाल के तौर पर "कसी का वषL 31 माचL को ख€म हो रहा है.दन का मातम या चाल सा मनाया जाता है | 2.दया जाता है | इस लए दोनE कJ जोड़ (28+12)=40 चाल स .दन फ़ालतू ( ƒयादा) हEगे.दन का Wछला और मर जाने के बाद 40 . तो .

दन बाद तक वह मंदा असर दे गा जो "क पहले चल रहा था | इसके बर खलाफ (Kवपर त) चx‡ अMछा या बह-पत ृ भला हो जाने का सबत ू उनके मतािQलका ु (सlबंbधत) म· और मददगार हE कJ व-तओं ु से जा.दन पहले ह होने लग जायेगा | वह कब 31 माचL के बाद दसरा ू साल शु होना है उस तार ख से पहले 40 . मंगल कJ सlबंbधत अ‰या (व-तएँ ु ) (हर ह कJ जदा ु जदा ु चीज0 अलहदा सची ू म0 लखी ह>) के ज़Vरये जा. धोखागड़ी.दन कJ Wन-फ़ (आधा) या चौथाई मयाद म0 भी Wन-फ़ या चौथाई असर मालम ू होने लग जाया करता है जो आव‰यक नह ं "क Wन-फ़ (आधी) या चौथाई .दन और भी पहले फरवर म0 . झठे ू मक6मे ु . हादसा या नाहक बदना मयां (बजVरए राहू) रा-ते.जब दौरा या तµत का मा लक ह व कोई और दसरा ू ह . समझ ल0ग0 "क आने वाला साल 31 माचL 40 . बह-पत ृ .दन याWन परा ू मह ना तो माचL का और 9 .ह-सा ह असर होवे | परा ू परा ू असर भी हो जाना माना है | तमाम 'ह ब Pलहाज़ ताक़त :.दन पहले ह यह और उ€तम हो जायेगा | कई दफा उपाय करने के दौरान 40 . या मसाफर ु म0 न•सान ु केतु कJ मतािQलका ु (सlबंbधत) अ‰या कJ गमरा. पेज नंबर 37 चलता हआ ु मंदा हाल अगर 31 माचL के बाद तक ह चलता है तो पापी हE (राहू- केत-ु शWन) कJ WनशाWनयाँ मसलन चोर .हयाँ ु (बज़Vरया केतु) मशीनर मकान (बजVरया शWन) के मंदे असर होने लग जायगे 0 और वह माचL के मह ने म0 ह मंद WनशाWनयाँ दगे 0 तो. अŠयार .हर होने लगे तो समझ ल0 गे "क आने वाला साल का अMछा असर 40 . गबन. गोया 20 फरवर से -शŸ ु करके चx‡ या बह-पत ृ के हE के दो-त हE कJ सlबंbधत व-तएं ु अपना नेक असर दे ने लग जाएँ तो समझ ल0गे "क अगला साल अपना अMछा असर ज र दे गा और चाल स .हर (-प¥ट) होने लग जायेगा | याWन चx‡ के म· ह उदाहरण€या सरज ू .सरज ू चx‡ शºु बह-पत ृ मंगल बध ु शWन राहू केतु ºमश: पर-पर मकाबला ु कJ ताकत म0 एक दसरे ू से कम ह> | टकराओ या बरताओ पर पैमाना ताक़त :.

. पेज नंबर 38 व कोई और दसरा ू ह बा°म (आपस म0) टकराव हो जाये (टकराव द‰मनी ु कJ हालत म0 होता है | मलाप या बरताव दो-ती कJ हालत म0) तो सरज ू 9/9 चx‡ 8/9 शº ु 7/9 बह-पत ृ 6/9 मंगल 5/9 बध ु 4/9 शWन 3/4 रहू 2/9 केतु 1/9 ताकत का होगा | दौरा के व•त हE के बा°मी (आपसी) टकराव से उनके बा°मी (आपसी. न घर का.. और न ह प•के घर का साPबत हो तो वह ह " °फल" या प•कJ हालत ह होगा िजसका असर हमेशा के लए Wनि‰चत हो चका ू है | और उसके बरेु असर को त3द ल करने के को शश करना बेमानी बिQक इंसानी ताकत के बाहर होगा | सफL खास खास खद ु रसीदा (परमा€मा तक पहच ुँ वाल ) और कछु एक मरदद ू (Kवशे ष) हि-तयाँ ह रे खा म0 मे ख (रे ख ा म0 मे ख ा सरज ू मे ख (मे ष) रा श खाना नंबर 1 म0 रह सकती ह> | मगर वह भी आ खर तबादला ह होगा याWन के जानदार या दWनयावी ु चीज़ या ताकत को उसकJ ह-ती से मटाकर उसके एवज (बदले) म0 Home.पार-पVरक) असर म0 कमी बेशी होने के इलावा "कसी ह के उपाय के लए दसरे ू ह का उपाय करते व•त भी यह ताकत का पैमाना मददगार होगा | 'ह क2 दसर1 ू अव6था याWन (इ6तलात वगैरह) 'हफल व राPशफल :.. .जब कोई ह अपनी मकरL ु र (Wनि‰चत) रा श (याWन वो रा श िजसके घर का मा लक वह माना जाता है ) या उं च नीच फल के लए ठहराई (बताई) हईु रा श या अपने प•के घर के बजाय "कसी और गैर रा श म0 जा बैठे या "कसी दसरे ू " ह का साथी ह" (जड़ अदल बदल करने वाला वगैरा) बन जावे तो वह ह ऐसी हालत म0 रा शफल या श•कJ हालत का ह होगा िजसके बरेु असर से बचने के लए शक का फायदा उठाया जा सकता है | इसके बर खलाफ (Kवपर त) ऊपर कह हई ु हालत के उलट हाल पर जब"क वह न उं च नीच.

शºु 3 साल.दन कJ बजाए 7व0 साल म0 शु हो | अब तमाम ह तो 35 साल म0 ह दौरा परा ू कर ल0गे जब आ खर ह का आखर . राहू 6 साल. पेज नंबर 39 दसर ू जानदार दWनयावी ु चीज़ या ताकत पैदा कर दे गी | (बाबर हमायंु के "क-से) मगर नया ह दसरा ू अंक. चx‡ 1 साल. ह फल को अगर राजा कह0 तो रा शफल उसका वजीर होगा | हफल कJ मंद हालत के वक़त कौन सी चीज़ बतौर रा शफल मददगार हो सकती ह> ( ह के उपाय हाल म0 दे ख0) 35 साला चCकर 6 बह-पत ृ 1. बधु 2 साल. केतु 3 साल कल ु 35 साला 3 केतु का दौरा तमाम हE ने उसकJ 35 साला उ± तक ह परा ू 35 साल कल ु कर . "फर भी पैदा न होगा | सवाय उस व•त के जब"क ऐसी हि-तयाँ खद ु अपनी ताकत या अपना ह आप तबाह कर लेती ह> और बदले म0 "कसी दसरे ू तक नौबत नह ं आने दे ती | यह हालत भी उनकJ खदाई ु शर क होने के होगी कोई न कोई तबादला .दन से ह बह-पत ृ का दौरा शु 6 शWनMचर हआ ु बा"क एक के बाद दसरे ू बह-पत ृ 6 साल. सरज ू 2 6 राहू साल.दया ह गया | ह फल "फर भी न बदला. शWन 6 साल. 35 साल के बाद सब ह अपना च•कर परा ू कर जाते ह> और जो ह पहले च•कर म0 बरा ु असर करते ह> वह 2 सरज ू अपने दसरे ू च•कर म0 याWन 35 साल के बाद दसर ू चाल 1 चx‡ म0 बरा ु असर न दग 0 0 | यह शतL नह ं "क भला असर ज र 3 श•कर ु द0 | हE कJ 35 साला अवbध 35 साला च•कर कहलाती है | हE का 35 साला च•कर और इंसान कJ उ± का 35 6 मंगल साला च•कर दो जदा ु जदा ु बात0 ह> | फजLन (मान) लया 2 बध ु एक श«स के जxम .दन . मंगल 6 साल.दया | ले"कन हो सकता है उसका पहला ह बह-पत ृ कJ बजाय शWन शु होवे और जxम .

35 साला च•कर म0 हर ह कJ अवbधयE म0 दरlयानी हE कJ मयाद . उसी .हसाब से इxसान कJ उ± का दसरा ू 35 साला दौरा होगा | अब िजस . ऐसे 35 साला च•कर एक Cाणी कJ तमाम 120 साला औसत उ± म0 ƒयादा से ƒयादा से 3 दफा आ सकते ह> | 3.दन से िजन हE ने पहले बराु असर . इस 35 साला च•कर का परा ू -परा ू इ-तेमाल वषLफल के हाल म0 दजL है | 6.दन से हE का दसरा ू दौरा शुहआ ु याWन िजस .दया था वह अब दसर ू चाल म0 बरा ु असर न दगे 0 | यह ज र नह ं "क वह बरा ु फल दे ने वाला ह अMछा फल ह दे वे मगर बरा ु फल न दे गा और अममन ू अMछा फल ह हआ ु करता है | 2. 35 साला च•कर के सबब बाप बेटे कJ उ± का बाहमी ताQलक ु 70 साल म0 ख़€म माना जाता है | 5.दमागी खानE या कंु डल के पहले घरE के हE का असर उ± के पहले . जब अभी शWनMचर या उ± का पहला ह अभी शु भी न हआ ु था याWन कल ु उ± 41 साल हो चकJ ु होगी जो 35 साला के . . अगर दायाँ तरफ ( हाथ कJ रे खाओं.ह-सा (शु कJ तरफ से चलकर) म0 हो गया तो बाएं तरफ का असर बाद म0 होगा | 4.दन से शु होने वाला ह दसर ू दफा शुहआ ु .दन जxम . पेज नंबर 40 होगा उस व•त इंसान कJ उ± 35 साला हE का दौरा जमा 6 साल.

हसाब से) .ह-से के बाद मगर प•कJ दोपहर से पहले सयL ू का व•त होगा तमाम चांदनी रात को चx‡ का व•त कहगे 0 | अँधेरा प• तथा चाँदनी प• कJ दरlयानी या अमाव-या कJ रात शº ु का समय होगा | परू दोपहर का व•त (.हसाब म0 रात के 12 बजे के बाद दसरा ू .दन का .दन का मतािQलका ु (सlबंbधत) ह जxम . बध ु .ह-सा बह-पत ृ का व•त कहलाता है | .दन का ह होगा | िजस व•त पैदाइश हो उस व•त का मतािQलका ु (सlबंbधत) ह जxम .ह-सा लेकर नए सरज ू से दसरा ू .दन का एक दरlयान) मंगल का समय ल0 गे | दोपहर के बाद मगर परू शाम से पहले का व•त बध ु का व•त होगा | काल रात या घनघोर बादलE का . िजस .दनE कJ तरह हE के नाम इतवार (सरज ू ) सोमवार (चx‡) मंगल.दन के पहले .दन शWन का होगा | परू प•कJ शाम मगर रात से पहले का व•त राहू का व•त ल0ग0 | सबह ु सादक (Cभात:) मगर सयL ू Wनकलने से पहले का व•त केतु का होगा | 2. शº ु और शWनMचर सात ह है हर के शाम के व•त को आठवां राहू और हर सबह ु के तड़के को 9वां केतु होगा | अं ेजी .हक ू इQम (Kवधा) म0 सरज ू Wनकलने से नया . पेज नंबर 41 जNम Kदन का 'ह और जNम वCत का 'ह 1.दन bगनेगे | एक Kदन मR 'ह का वCत सरज ू Wनकलने के बाद सरज ू (. मगर साम.जNम Kदन और जNम वCत का ताQलक ु पैदाइश (पैदा होने) के .दन) का पहला .दन जxम हो उस . वीरवार (बह-पत ृ ).दन व व•त के मताPबक ु (.दन का ह होगा | सdताह के .दन शु होता है .दन शु होता है याWन रात के गज़रे ु हए ु .

दन और जxम व•त का ताQलक ु ह .दन का राहू वीरवार कJ 12 मतQQक ु ह होगा चx‡ और व•त का प•कJ शाम मतQQका ु ह ल0गे राहू | केतु इतवार कJ 6 अब जxम व•त के ह को जxम .दन प•कJ सबह ु के मतQQक ु ह के प•के घर को bगनगे 0 याWन अब राहू (जो जxम व•त का ह है ) चx‡ (जो जxम . सची ू के अनसार ु ) खाना न: 4 म0 होगा | •यE"क जxम .दन खाना पैदाइश (पैदा होने) के . और हफल याWन िजस दोनE का .दन का म€QQका ु ह रा शफल या काPबल उपाय होना माना है | इस लए न: 4 का राहू खाना न: 4 कJ मतQQक ु व-तएं ु Vर‰तेदार या कारोबार मतQQका ु नंबर 4 पर कभी बरा ु असर न दे गा | अगर कभी बरा ु असर दे वे भी तो चx‡ के उपाय से नेक असर हो जायेगा | पापी 'ह : हमेशा राहू केतु शWन तीनE ह मराद ु होगी पाप :.दया हआ ु फल (अMछा या बरा ु ) बध ु बधवार ु 7 अटल हो और कोई उपाय न हो सके | मसलन (उदाहरण) पैदाइश हो सोमवार. पेज नंबर 42 जxम .हसाब से) बह-पत ृ वीरवर 9 (अ) जxम .दन के ह को bगनते ह> सरज ू इतवार 1 "क-मत को.सफL राहू और केतु दोनE इकठठे (म‰तरका ु ) पाप के नाम से याद "कये जाते ह> | . ह को जगाने वाले ह का प•का घर या रा शफल याWन िजस का चx‡ सोमवार 4 उपाय हो सके | शº ु शºवार ु 7 (आ) जनम व•त के ह को bगनते ह> | मंगल मंगलवार 3 "क-मत का ह.दन का ह है ) के प•के घर (फेहVर-त.दन व व•त के नंबर मतलक ु (. शWनMचर शWनवार 10 बव•त प•कJ शाम "क तो .

राहू.सरज ू शWनMचर (रात . नेक मंगल केतु -वभाव. राहू और केतु खाना नंबर 4 म0 पाप छोड़ने का चx‡ के सा°मने हलफ (कसम) उठाते ह> | शWन खाना नंबर 11 म0 बह-पत ृ . सरज ू शWनMचर (बद मंगल) राहू -वभाव होगा | बध ु :. बिQक मंगल भी मंगल बद और राहू मंदा होगा | «वाह (चाहे ) राहू और मंगल "कसी भी घर म0 और कैसे भी ऊँचे.दन इकठठे ह>) खाल बध ु होते ह> | अगर बरु खा सयत या ऐसे घेरE म0 हE जहां सरज ू या शWन दोनE म0 से कोई भी मंदा हो तो न सफL सरज ू 22 साला उ± और शWन 36 साला उ± तक नीच रहे गा. गŸ ु को हािजर-नािजर समझकर राहू-केतु के पैदा "कये गये पापE का फैसला करता है याWन अगर राहू केतु खाना नंबर 4 या चx‡ के साथ "कसी भी घर म0 हE और (2) शWन खाना नंबर 11 या बह-पत ृ के साथ "कसी .दन को दे ख सक0 मगर रात को अंधा हE मसलन चौथे सरज ू और सातव0 शWनMचर हE तो ऐसा नहोराता वाला या अंधा ह होता है | धमa 'ह :.ह-से नेक व बद ू {सरज बध ु म‰तरका ु ( मले-जले ु ). उlदा और नेक हालत म0 बैठे हE | अंधे 'ह :.पापी ह शWन. पेज नंबर 43 मंगल के दो .ऐसे ह जो ऐसे इxसान कJ तरह हो जो . केतु तीनो ह ह>.अगर खाना नंबर 10 बाहम (आपस म0 ) द‰मन ु या नीच है सयत वगैरा र6ी हE से खराब हो रहा हो तो वह टे वा अxधे हE का होगा और तमाम ह ह मय (समेत) शWन खद ु «वाह ऊँच घरE के हE अxधे कJ तरह अपना फल दगे 0 | मÉस ु लस (Kव-तार) से दे खये शWन खाना न: 10 म0 | नहोराता के 'ह :.

कंु डल के हर खाना कJ म‰तरका ु लकJर या .1.एक रे खा के साथ साथ ह दसर ू रे खा. पेज नंबर 44 भी घर म0 हो तो ऐसे टे वे म0 पापी दोनE का ह बरा ु असर न होगा और सब ह धम’ हEगे यह शतL नह ं "क पापी ह ऐसी हालत म0 बैठे हए ु उ€तम फल ज र ह दगे 0 | हलफ (कसम) सफL इतना है "क पाप नह ं करगे 0 | साथी 'ह :.दवार हमसाया हE ( सफL दो-तE) को मलाया करती है | मगर द‰मनE ु को अलाहदा-अलाहदा रखती है याWन कंु डल के "कसी दो घरE म0 बैठे हए ु ह ज बा°म (आपस)\म0 दो-त हE और कंु डल के घर िजनम0 वह बैठे ह> सफL एक लकJर से जदा ु -जदा ु हो रहे हE तो इकwे या साथ ह कहलाते ह> | जो एक दसरे ू का भी बरा ु न करगे 0 मगर दो द‰मन ु bगने हए ु हE कJ हालत म0 दो खानE कJ दर मयानी लकJर (ख़त) उन हE को जदा ु -जदाु ह रखेगी | कयाफा (सामKbक ु शा6]) :. एक ह "कसम कJ रे खा होगी | बशत‹ "क दोनE एक ह बजL ु पर वाकई हE | ऐसी शाखE से मराद ु होगी "क कोई अपना ह भाई बहन साथ चल रहा होगा. या वह दसर ू शाख अपने ह खन ू का ताQलकदार ु बताएगी | cबQमकाcबल ु (आमने-साdमने) के 'ह :.जो ह आपस म0 दो-त हE. मगर ऐसी हालत म0 बैठे हE "क खद ु तो वह दो-त . जब कोई ह आपस म0 अपनी-अपनी मकरL ु र (Wन‰चत) रा श ऊंच नीच घर कJ रा श या अपने-अपने प•के घरE म0 अदल-बदल कर बैठ जाव0 या अपनी जड़E के लहाज से इकwे हो जाव0 तो साथी ह कहलाते ह> | मसलन सरज ू का प•का घर खाना नंबर 5 है और शWन का प•का घर खाना नंबर 10 है | अब अगर शWन हो खाना नंबर 5 म0 और सरज ू खाना नंबर 10 म0 तो दोनE बा°म (आपस म0 ) साथी ह हEगे | 2.

दला दे ते ह> | राहु-केतु दोनE को म‰तरका ु ( मले-जले ु . पेज नंबर 45 ह ह रह0 मगर उनम0 से हर एक या "कसी एक कJ जड़ पर आगे द‰मन ु ह हो जावे «वाह वह खद ु दो-त ह ह> | लÉज PबQमकाPबल ु (आमने-सा°मने या मकाबले ु के ) से याद हEगे. इकठठे ) मसनई ू (बनावट ) शº ु माना है | इस लए जब को शWन सयL ू का टकराव तंग करे तो वह खद ु अपनी जगह शº ु (औरत) को मरवा दे ता है या सयL ू -शWन के झगड़े म0 औरत मार जायेगी या ऐसे कंु डल वाले कJ औरत पर इन दोनE हE कJ द‰मनी ु का असर जा पहंु चग े ा. •यE"क अब उनम0 "कसी न "कसी तारा से द‰मनी ु भाव पैदा हो गया है | दBमनD ु से मारे हए ु मंदा असर होने के वCत 'हD क2 कबाF ु नी के बकरे (यानी असल ह कJ अपनी जगह कJ बजाय "कसी दसरे ू ह कJ हालत खराब हो जाए या वह अपनी जगह दसरे ू ह को मरवा दे वे(ब ल का बकरा बना द0 ) ) शeन : द‰मन ु हE से बचाव के लए शWन अपनी जान बचाने के लए अपने पास राहु-केतु दो ऐसे ह एजट 0 बनाये हए ु ह> "क वह शWन कJ जगह "कसी दसरे ू कJ क़रबानी ु . न सयL ू खद ु बबाLद होगा ना ह शWन •यE"क वह दोनE बा°म (आपस म0 ) बाप-बेटा ह> | मसलन (उदाहरण) : सयL ू खाना नंबर 6 शWन खाना नंबर 12 म0 हो तो औरत पर औरत मरती जाए | बध ु : बध ु ने अपने बचाव के लए शº ु के साथ दो-ती कर रखी है | वह भी अपने दो-त शº ु को ह (पर) अपनी बलाएं डाला करता है या डाल दे गा | .

अब अगर बह-पत ृ कJ महादशा आ जाए तो केतु के खाना नंबर 6 का फल र6ी होगा.ं जो खाना नंबर 5 कJ चीज़ है | मामू को केतु कJ महादशा 7 साल तकल फ होगी | सरज ू : अपनी मसीबत ु के व•त केतु पर नजला (अपना मंदा असर) डाल दे गा | चNb : अपने दो-त हE (बह-पत ृ सरज ू मंगल) पर अपनी बला डाल दे गा | राहु केतु : खद ु ह अपना आप Wनभायगे 0 और अपनी ह मतािQलका ु (सlबंbधत) अ‰या (व-तएं ु ) कारोबार या Vर‰तेदार मतQQका ु राहु या केतु पर मसीबत ु का भचाल ू पैदा करगे 0 | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 46 मंगल : मंगल बद (भाई) अपनी बला केतु (लड़का) पर डालता है | शेर क€ते ु को मरवा दे गा | मसलन (उदाहरण) : सरज ू खाना नंबर 6. औलाद का नह .com . मंगल खाना नंबर 10 लड़के पर लड़का (केतु) मरता जावे | (भाई भतीजे को मरवाए) | शf ु : शº ु (औरत) शैतान -वभाव खद ु अपनी बला चx‡ याWन कंु डल वाले कJ माता पर जा धकेलेगी | मसलन (उदाहरण) : चx‡ शº ु PबQमकाPबल ु आमने साहमने) हो तो माता अंधी हो जावे | बह6पत ृ : बह-पत ृ ने अपना साथी केतु को ह कबाL ु नी के लए रखा है | मसलन बह-पत ृ खाना नंबर 5 और केतु "कसी और घर म0.

नद या शWनMचर का चौर-ता + धमL-थान का काम दे गा | नोट : सरज ू मंगल और बह-पत ृ इxसाफ के मा लक होते हए ु दसरE ू कJ तो मदद करगे 0 और एक का दसरे ू पर नाजायज ƒयादती करते नह ं दे ख सकते मगर जब खद ु ह मसीबत ु म0 हE तो गर ब केतु को मरवाते ह> | ि6थत (कायम) 'ह : जो ह हर तरह से दŸ-त ु और अपना असर वगैरा "कसी द‰मन ु ह के असर कJ मलावट के साफ़ साफ़ और कायम रख रहा हो याWन रा श कJ माल"कयत (-वा म€व) ऊँच नीच या प•के घर या ˆि¥ट वगैरा "कसी भी तरह से उसम0 द‰म ु न का असर न मल रहा हो और न ह वह "कसी द‰मन ु ह का साथी ह बन रहा हो तो वह कायम ह कहलायेगा | 'ह का घर : ह कJ अपनी मकरL ु र (Wनि‰चत) रा श बमिजब ू फेहVर-त (सची ू के अनसार ु ) दो-ती (ऊँच) द‰मनी ु (नीच) बराबर (घर) का उस ह का घर कहलायेगा | मसलन खाना नंबर 3 वा 6 बध ु के लए लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com . और .दर गज‹"क (सारांश) िजस धमL और जगह म0 "कसी Cाणी का Kव‰वास हो वह जगह उस के लए धमL-थान होगा | «वाह वहाँ रहने वाला कोई भी •यE न हो | िजस "कसी का कोई धमL-थान न हो या िजसे "कसी ऐसी दWन ु यावी जगह पर Kव‰वास न हो उसके लए चलता हआ ु दVरया.हंदओं ु के लए धमL मं. पजा ू पाठ या इ¥ट सK‚ के लए पKव· जगह से मराद ु होगी | म-लमान ु के लए मि-जद. पेज नंबर 47 चौर6ता एवमं धमF 6थान : धमL पालन. ईसाईयE के लए bगVरजा घर. सख के लए गŸ ु वारा.

उस ह का घर कहलायेगा | मसलन खाना न: 7 बध ु के लए | दो6त 'ह दBमन ु 'ह : बमिजब ू फेहVर-त (सची ू के अनसार ु ) दो-ती द‰मनी ु बराबर का. ऊंच-नीच घर का -"कसी ह के सामने खाना न दो-त-द‰मन ु म0 लखे हए ु ह उस ह के दो-त-द‰मन ु ह कहलायगे 0 | "कसी दसरे ू के माफ़Lत दो-त न ल0 गे | दो-ती द‰मनी ु उसी .हसाब म0 ल0गे जो मतािQलक ु फेहVर-त (सlबंbधत सची ू ) म0 दजL (अं"कत) है | ऊँच नीच ह-बराबर के ह : हर ह कJ ऊँच-नीच घर का प•के घर दो-त- द‰मन ु बराबर का.वगैरा भी सची ू जद ु जगह दजL है | ऊँच ह से मराद ु होगी परू सौ फJसद मकमQल ु असर कJ ताकत का मा लक नीच ह से मराद ु होगी परू सौ फJसद मनफJ या नामकमQल ु असर कJ ताकत बराबर का ह से मराद ु होगी मसावी ु (एक समान). पेज नंबर 48 घर का 'ह : ह का प•का घर बमिजब ू फेहVर-त (सची ू के अनसार ु ) दो-ती द‰मनी ु बराबर/ऊँच-नीच घर का. मगर मम"कन ु है "क ऐसी उ± तक वह प•के असर कJ रे खा होवे या त3द ल हो जाने वाल हो | बMचे कJ बंद मwी ु या कंु डल के खाना नंबर 1-7-4-10 खाल हE या उन खानE म0 सफL पापE ह या बध ु अकेला (पापी ह और बध ु दोनE म0 से सफL एक) .एक जैसा असर | बाPलग नाबाPलग 'ह कयाफा : बMचे के रे खा का 12 साल तक कोई एतबार नह ं | 21 साल म0 रे खा म0 भी कोई तबद ल नह ं मानते | नाबा लग बMचा (12 साल उ± तक) कJ रे खा का तो ऐतबार नह ं होता.

हसाब से असर का खाना नंबर दे खते जाएं | अगर कंु डल म0 कोई खाना नंबर खाल ह आ जाए तो इस खाल खाना नंबर के मा लक ह (घर का मा लक) िजस खाने म0 हE. बा लग हE कJ हालत म0 आम .दए हए ु असल ू कारआमद (लागू) हEगे | नाबा लग़ हE के टे वे "क़-मत के ताQलक ु म0 घर का माल ह होने वाले बMचे कJ उ± "कस ख़ाना के हE का का साल असर मददगार ल0गे 1 7 श•कर ु 2 4 चx‡ 3 9 बह-पत ृ 4 10 शWनMचर 5 11 शWनMचर 6 3 बध ु 7 2 श•कर ु 8 5 सरज ू 9 6 बध ु -केतु 10 12 बह-पत ृ -राहु 11 1 मंगल 12 8 मंगल . वह खाना ल0 . पेज नंबर 49 हो तो ऐसा टे वा नाबा लग हE का होगा | ऐसे Cाणी कJ "क-मत का हाल 12 साल उ± तक श•कJ होगा | ऐसी हालत म0 नाबा लग हE वाले बMचे कJ "क-मत का मा लक ह मx‡जाज़ैल (Wनlन ल खत) अनसार ु होगा | उ± के .

दे सकता है | 2. कंु डल1 जNम <वाह चNb हो घर पहले क2 उ_ सौ साला. उ_ लHबी उस क2 होती है 'हण लगे जब चNb र व को. बध ु केतु 80 होती है शf ु चNb क2 उ_ 85. शeन-मंगल-राहू 90 है 6]ी 'ह जब Pमले नरD से. उ_ 96 होती है साथ Pमले जब बध ु पापी का. 80 होती घर 6 क2 है पौन सद1 या 75 साल. ग5 ु मंKदर घर 2 क2 है घर और 'ह क2 उ_ जदा ु पर. पेज नंबर 50 फरमान नंबर 7 बत ु ने @ह से अपना घर CयD पछ ू Pलया राशी माPलक लेख क2 होती. गजरती ु दो क2 इकMी है ग5 ु जगत क2 उ_ 75. वह1 85 होती है र व माPलक है पोर1 सद1 का. या क होता 'ह मंडल हो Pमल के कटे गी उ_ सौ दोनD क2. तीन नiबे दस बारह है 85 उ_ 7वR क2 लेते. बव•त जxम कंु डल म0 चx‡ के साथ केतु हो चx‡ हण और जब सरज ू के साथ राहू हो तो सरू ज हण कहगे 0 | . इस जगह लखी हई ु उ±0 ह और राशी कJ अपनी-अपनी ह> मगर इन उ±E से इंसानी उ± कJ कोई हदबंद नह ं होती | फजLन खाना नंबर 1 िजसकJ उ± है 100 साल वहां (खाना नंबर 1 है ) बैठा हो बह-पत ृ िजसकJ उ± 75 साल bगनी है | तो मतलब यह होगा "क एसे टे वे वाले को बह-पत ृ ƒयादा से ƒयादा अपनी (बह-पत ृ ) उ± तक याWन 75 साल तक बरा ु या भला असर (जैसा "क टे वे के मताPबक ु हो) दे सकता है | इसी तरह खाना नंबर 6 म0 िजसकJ उ± 90 साल हा अगर सरज ू बैठा हो िजसकJ उ± 100 साल मानते ह> तो मराद ु यह होगी "क ऐसे टे वे वाले को सरज ू नंबर 6 का ह ƒयादा से ƒयादा 80 साल तक अपना असर जैसा भी टे वे के मताPबक ु हो. साल ]ै (तीन) कम होती है 1.

आ ख़र और उ€तम दज‹ कJ हदबंद नेक मायनE म0 २) नीच ह से मराद ु सबसे नीश या मंद हालत-आ ख़र कम दज‹ कJ हदबंद मंदे मायनो म0 ३) घर का मा लक ह से मराद ु औसत दज‹ नेक मायनE म0 . पेज नंबर 51 'ह व राPश का बाdमी (आपसे मR ) ताQलक ु (सHबNध) १) ऊंच ह से मराद ु परू ताक़त.

यह आम दWनया ु मता ु लQका (सlबंbधत) से "क़-मत का लेन दे न है | खाना नंबर 8 का ऊंच नह ं होता-कJ मौत को मार नह ं सकता.ह-से नह ं होते. हर ह के सातव0 नंबर पर वह ह ऊंच होगा. सवाए चx‡ के जो . इसी तरह केतु खाना नंबर 6 म0 घर का मा लक ह भी लखा है और उसकJ नीच फल कJ राशी भी खाना नंबर 6 ह लखी है. तो वह नंबर 2 म0 ऊंच होगा | खाना नंबर 1 म0 शWन नीच है. पेज नंबर 52 1. और खाना नंबर 12 म0 वह नीच भी लखा है. मतलब है "क :- राहु :.जब बह-पत ृ का घर खाना नंबर सफL 12 हो तो नीच होगा.ह-से नह ं होते | इस घर म0 बैठने वाला ह अपनी (खद ु जाती कमाई/औलाद खद ु ) कJ "क़-मत का ह होता है. बराबर ह>. खाना नंबर 11 का ऊंच-नीच दोनE ह .दल कJ शांWत व गैबी मदद वगैरह है (दWनया ु को माता bगना तो इxसान कू बMचा.दन म0 | चौरासी लाख सांस का मसला अजीब पैदा हो चका ु है | हर सातव0 के बाद "फर •ह ह असर करते ह> या हर आठव0 साल वह हालत हो जाती है | इसी उसल ू पर ह व रा श का असर म‰तरका ु ( मले-जले ु ) लेते ह> | खाना नंबर 2 का नीच नह ं होता और खाना राहू व केतु ( सफL दोनE) कJ म‰तरका ु ( मल -जल ु ) बैठक है िजसके लए रा शफल का ह नह ं है | याWन इस खाना के ह अपना-अपना या अपने-अपने कम¤ (पÀय ु पाप का बजाते खद ु अपनी जान के मतािQलका ु - (सlबंbधत)) के करने कराने के खद ु अि«तयार (िजlमेवार) ह> | खाना नंबर 5 का ऊंच नीच दोनE ह . जो पहले उसी नंबर पर नीच था मसलन (उदाहरण) खाना नंबर 1 म0 अगर सरज ू ऊंच है तो वह नंबर 7 म0 नीच होगा | खाना नंबर 8 म0 चx‡ नीच है. चौरासी कJ जनी ू का जंजाल या रात . हालाँ"क बह-पत ृ और बा°म (आपसे म0) द‰मन ु नह ं. माता के पेट म0 बMचे कJ तरह रहने वाला) | गौर से दे खे तो मालम ू होगा "क राहू खाना नंबर 12 म0 घर का मा लक ह भी लखा है. तो वह नंबर 7 म0 ऊंच होगा | सात ह और 12 रा श या 12 X 7 = 84.राहु के व•त (या जब राहु .

और दWनयादारE ु के सांस लेने के ताQलक ु (सlबxध) म0 Wनकlमी होती जाएगी. गोया राहू ने बह-पत ृ को दो जहाँ म0 से सफL एक ह तरफ कर . तो केतु का साथ होता जायेगा (खाना नंबर 6) तो हर एक कJ मददगार होगी | इसी उसलू पर राहू के साथ जब बह-पत ृ हो तो न सफL बह-पत ृ का असर चचाप ु बंद हालत का होगा बिQक राहू का अपना असर बराु होगा. बह-पत ृ कJ हवा को जब आसमान का साथ मले है या ƒयँू ƒयँू हवा आसमान कJ तरफ ऊंची होती जाएगी. इस लए दोनE के बा°म (आपस म0 ) साथ से दोनE का फल उlदा हो¦गा | या दोनE ह खाना नंबर म0 ऊंच फल के और दोनE म0 से हर एक या दोनE ह खाना नंबर 12 म0 मंदे फल के हEगे | राहू को फज’ तौर पर अगर आसमान माने तो या फज’ द वार बह-पत ृ को साफ़ कह दे गी के ऐ बह-पत ृ तू मेरे ऊपर गैबी (दै वी) जगह (दWनया ु ) या मेरे नीचे इस इंसानी दWनया ु म0 से एक तरफ ह रहो. लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.जब बध ु के साथ हो या जब बध ु के घर खाना नंबर 6 म0 हो तो नीच होगा | ले"कन जब केतु को बह-पत ृ का साथ मल जाये.com .दया या राहू के साथ बह-पत ृ दोनE जहानE म0 से सफL एक ह तरफ के जहाँ के मा लक रह जाता है या दो म0 से एक तरफ के लए वह (बह-पत ृ ) चप ु ह bगना जाता है इसी तरह है :- केतु :. ले"कन जब •ह बह-पत ृ कJ हवा नीचे कJ तरफ होती आएगी. मगर वह खाना नंबर 12 के माने हए ु आसमान कJ बजाये बध ु के खाल आकाश म0 ह हो तो राहू का फल ज र ह अMछा बिQक उlदा असर दे गा या राहू को बध ु का घर खाना नंबर 6 या बध ु के साथ मले तो नेक असर दे गा | राहू है भी बध ु का दो-त. या दम (साँस बह-पत ृ कJ ताकत) घटने ु पर या दम घट ु जाने पर नतीजा मंदा होगा | उसके खलाफ अगर राहू को बध ु के खाल आकाश म0 खला ु ह मैदान मलता जाये . हलकJ होती जायेगी. पेज नंबर 53 बह-पत ृ इकwे हE) बह-पत ृ चप ु हो जाता है | राहू को आसमान (खाना नंबर 12) नीला रं ग माना है.

(१) जब बधु होवे राहू के घर खाना नंबर 12 म0 तो नीच होगा. राहू म‰तरका ु माने गये ह> | . गज‹"क राहू केतु को अपने दायरे म0 चलाने वाला (बध ु है ) :- बध ु :. पेज नंबर 54 तो केतु ऊंच फल का होगा | केतु बह-पत ृ बराबर का फल दगे0 | राहू-केत.ु चं"ू क आपने से सातव0 दे खने के उसल ू पर के ह ह> इस लए राहू अगर 3-6 बधु के घर म0 ऊंच हआ ु तो केतु वहां (खाना नंबर 3-6 म0 ) नीच होगा | यह हाल है केतु का याWन अगर केतु खाना नंबर 9-12 (बह-पत ृ के घर) म0 ऊंच होगा तो राहू इन घरE म0 नीच होगा. और बध ु व केतु दोनE ह आपस म0 बराबर के ह ह> और दोनE ह शº ु के दो-त होते ह>. बध ु पर कोई असर न होगा मगर केतु शº ु दोनE ह खाना नंबर 6 म0 नीच हEगे | बह-पत ृ के साथ या बह-पत ृ के घरE म0 राहू. •यE"क खाना नंबर 12 उसके द‰मन ु ह बह-पत ृ का है और जब बधु हो केतु के घर खाना नंबर 6 म0 तो ऊंच होगा •यE"क यह रा श नंबर 6 बध ु कJ अपनी ह रा श है. हाथी का त0दआ ु होगा या बह-पत ृ के साथ या बह-पत ृ के घरE म0 राहू बरा ु फल दे गा और नीच होगा | बध ु के साथ या घरE म0 केतु क€ते ु का सर पागल या द वाना नीच का फल होगा •यE"क राहू केतु म‰तरका ु ( मले-जले ु ) के लए खाना नंबर 6 और 12 भी बध ु बह-पत ृ के ह> जहाँ "क उxह0 जगह मल हई ु है :- (2) (अ लफ़) खाना नंबर 6 (बहै सयत मा लक ह) म0 बध ु केतु म‰तरका ु माने गये ह> | जब नंबर 6 खाल हो और बध ु नंबर 3 म0 बैठा हो तो खाल खाना नंबर 6 का मा लक ह केतु ल0गे ले"कन जब बध ु खाना नंबर 3 म0 न हो तो खाल खाना नंबर 6 के लए बध ु और केतु म0 से वह (बहै सयत मा लक ह) ल0गे जो "क टे वे म0 दोनE से उlदा हो :- (बे) खाना नंबर 12 (बहै सयत मा लक ह) म0 बह-पत ृ .

केतु खाना नंबर 3-6 म0 नीच होगा खलासतन ु (सं•ेप म0 ) :- 1. वैसा ह राहू नंबर 12 का असर होगा | 2. और रा श के लए मकरL ु र कJ हईु उं गल ु कJ पोर को रा श का घर कहगे 0 | हर बजL ु या ह का Wनशान मकरL ु र है | इस तरह से हर रा श का Wनशान मकरL ु र है | ह के Wनशान से ह का िज-म ताकत या असर ल0 गे | मगर उसके लए जो जगह हथेल पर हमेशा के लए मकरL ु र है वह मकाम ु उस का घर होगा «वाह ह खद ु "कसी दसरे ु ह के घर जा बैठा हो | इसी तरह से ह रा शयE का हाल है | याWन रा श कJ जो जगह ऊँगल कJ पोर पर मकरL ु र है वह राशी का घर है . राहू म-तरका ु (दोनE का मसनई ू (बनावट ) ह बध ु खाल आकाश) ल0 गे (जीम) केतु खाना नंबर म0 और राहू खाना नंबर 12 म0 . दोनE ह नीच भी ह> और घर के मा लक भी | उनकJ श•कJ हालत के लए जब राहू को बध ु कJ मदद और केतु को बह-पत ृ कJ मदद मले याWन राहू खाना नंबर 3-6 म0 (बध ु के घर म0 ) और केतु हो खाना नंबर 9-12 म0 (जो बह-पत ृ का घर है ) तो दोनE ऊंच हालत वनाL नीच हालत के हEगे याWन राहू खाना नंबर 9-12. जैसा बह-पत ृ टे वे म0 हो. जैसा बध ु टे वे म0 हो. पेज नंबर 55 जब खाना नंबर 12 खाल हो. और बह-पत ृ खाना नंबर 9 बैठा हो तो खाल खाना नंबर 12 का मा लक ह राहू ल0गे | ले"कन जब बह-पत ृ खाना नंबर 9 म0 न हो तो खाल खाना नंबर 12 के लए बह-पत ृ .दया गया है | इसी तरह से ह रा शयE के लए हमेशा के वा-ते जगह मकरL ु र कर द गयी है हE के लए रहने कJ जगह को बजL ु या ह का घर कहगे 0 .बजÎ ु को प•के तौर पर जगह वे जगह मकरL ु र कर . वैसा ह केतु नंबर 6 का असर होगा 'ह बजF ु व राPशयD क2 गलत फहमी :- राशी से मराद ु मकान कJ वह ज़मीन और उसके मा लक ह से मराद ु उस पर बने हए ु मकान कJ इमारत होगी | कयाफा :.

दए. ले"कन अगर Wनशान अपनी मकरL ु र जगह पर ह होवे तो वह आदमी उसी राशी का होगा और अगर कोई भी Wनशान राशी का न पाया जाये तो हैरानी कJ बात नह ं हE या बज¤ ु से पता चल जाएगा | फरमान नंबर 8 12 पCके घर Cाचीन ƒयोWतष के मताPबक ु जxम कंु डल बन चकJ ु | उसम0 .हxदसे (अंक) लख .दए | अब यह घर ल¦न को 1 bगनकर फलादे श दे खने के लए हमेशा के लए ह मकरL ु र नंबर के हो गये और इस इQम (Kवधा) म0 12 प•के घर कहलाये | . तो कहगे 0 "क वह ह दसरे ू ह ले घर म0 चला गया है | मसाल के तौर पर अगर सरज ू का सतारा चx‡ के बजL ु पर वाकै हो.दए हए ु तमाम के तमाम . इस तरह पर जब "कसी बजL ु का Wनशान "कसी दसरे ु ह के घर म0 पाया जाये . मगर ह जहाँ-जहाँ उसमे लखे थे वहां-वहां ह लखे रहने . तो चx‡ के घर म0 सरज ू आया हआ ु bगना जायेगा या अगर यह सरज ू का सतारा शº ु के बजL ु पर हो तो सरज ू को शº ु के घर का मेहमान कहगे 0 | अब सरज ू और शº ु का या सरज ू और चx‡ का जो आपस म0 ताQलक ु है वह असर होगा | इसी तरह से हर राशी के Wनशान का असर ल0 गे | यह ज र नह ं "क हर एक राशी का Wनशान ऊँगल कJ उसी पोर पर वाकै हो जहाँ "क उस राशी का मकाम ु मकरL ु र है.दया गया और 12 ह घरE को तरतीबवार 1 से लेकर 12 तक .दए और "फर लगन के घर को .दया हआ ु असर या िज-म या वजद ू होगा.हxदसे (अंक) मटा . पेज नंबर 56 और जो Wनशान रा श का है वह राशी का .हxदसा (अंक) नंबर 1 .

यग ु ) म0 उसके लए खाना नंबर 1(Lens) ल>ज नंबर 8 (Focussing Glass) फोि•संग bगलास और नंबर 11 (Regulator) रे गले ु टर होगा | . बह-पत ृ के उlदा असर के बजाये खाक कJ बोर या हर तरह लानत नसीब होगी 2) त«त पर बैठे हए ु ह चाल ह•मरान ु राजा के अहद( जमाना. बध ु . राहू. सरज ू नीच होगा और शº ु घर का ह होगा | 2) मसलन खाना नंबर 1 म0 बह-पत ृ . तोता-बध ु कोई भी चार जानवर) को रोट का . 11 से हर दम चलता हो अकेला त«त पर बहत ु हो 7 व0.1 (शाह सलामत का त<ते बादशाह1 या हज़र ु ू के कदम-मबारक ु ) घर पहला है त«त हजार . वह नह ं एक-सात लड़ते ह> बा"क ह सब झगड़ा करते.ु घोड़ा-चx‡. गाय-शº ु . पेज नंबर 57 लkन का घर या कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर . श•कJ असर कल ु हण का हो ल¦न बैठा ह त«त नशीनी. राहू. झगड़ा जहाँ ह-माया का ऊंच बैठे ह उ€तम bगनते. उ± से भी चx‡ मरते ह> 1) खाना नंबर 1 म0 सरज ू ऊंच होगा व शWन नीच होगा और मंगल घर का ह होगा और खाना नंबर 7 म0 शWन ऊंच होगा. बह-पत ृ . बध ु म-तरका ु ( मले-जले ु ) राज योग हEगे वनाL चx‡.ह-सा दे वे तो नर औलाद कायम होगी और औलाद पैदा होने के .दन से चx‡. राजा वजीर होती है उलट मगर जब टे वे बैठे. हफल राज कंु डल का ƒयोWतष म0 इसे ल¦न भी कहते. जड़ सातव0 कJ कटती है (१) ऊंच-नीच(2) जो bगने घरE के. बध ु राहू (चार ह) और खाना नंबर 7 म0 अकेला केतु हो तो 34 साला उ± (बधु कJ मयाद) तक नर औलाद केतु नदारद या पैदा हो कर मरती जावे और 48 साला उ± (केतु कJ मयाद) तक एक ह लड़का कायम हो | अगर 48 साला उ± से दसरा ू लड़का कायम हो जाये तो बध ु लड़कJ बेघर बेइƒजती या द गर (पन ु :. दोबारा) मंदे नतीजE म0 बबाLद होगी | टे वे वाला अगर चार और जानE (क€ता ु -केत. राज शाह जब करता हो आँख bगना घर आठ है उसकJ. द-ती लखा «वाह Kवधाता हो खाल पड़ा घर 7 जब टे वे. चx‡.

पेज नंबर 58 और िजस व•त टे वे म0 असल मंगल के इलावा मसनई ू (बनावट ) मंगल नेक (सरज ू -बध ु ) या मसनई ू मंगल बाद (सरज ू -शWन) दोनE ह मौजद ू हE तो नंबर 1 दे खेगा नंबर 11 को | A) जब नंबर 11 खाल हो तो नंबर 1 का ह अपना असर करने के ताQलक ु म0 मढे 0 या बध ु कJ चल पर जैसा "क वह उस व•त टे वे म0 हो चलेगा | इसी तरह यह जब खाना नंबर 8 खाल हो तो नंबर 10 वाले ह कJ आँखE को रोकने के लए कोई कावट न होगी और वह खद ु ह अपनी आँखE से दे ख भाल करता होगा | B) जब खाना नंबर 1 म0 ƒयादा ह हE तो खाना नंबर 1 का मंु सफ शº ु होगा जैसा "क इस व•त वह टे वे (खाना नंबर 1-ह ) म0 हो | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com .

चx‡ 1/2 होगा। केतु के समय :. जायदाद के लए 1/3 हो। चNb के समय :.यह ह खद ु कभी नीच न होगा। शº ु के साथ हो तो शº ु नीच होगा। मगर दोनE के मलाप से बध ु पैदा होगा. इस लए नंबर 1 म0 बैठा हआ ु ह त«त का मा लक या ह•मरान ु राजा कहलाता है | बह6पeत ृ के समय :. केतु 1/4.चx‡ 1/3. राहु सफर होगा। राहु के समय :. सयL ू 1/2 होगा। . याWन फल ू हEगे पर फल न होगा। केतु 1/2. पेज नंबर 59 हर एक 'ह क2 हकमत ु ू याeन खाना नं० 1 मR आने के वCत दसरे ू 'हD क2 उसके मक ु ाबल मR ताकत का पैमाना :- खाना नंबर 1 को कंु डल का त«त कहते ह>. बध ु 1/2. राहु 1/2 होगा। शf ु के समय :. शWन. शWन खद ु अपने लए बराये दौलत के लए 2/3.चx‡ सफ़र . चx‡ 1/2. केतु 1/2 होगा। बध ु के समय :. चx‡ 1/2. शWन 3/4. केतु तथा बध ु 1/2 हरे क. मंगल बद तीनE ह 1/3 हरे क.सयL ू सफ़र . शº ु 15/4 होगा। बह-पWत ृ खद ु सयL ू और राहु के व•त चप ु होगा मगर बरेु हE के साथ अपना Wन-फ़ (आधा) असाL याWन 8 साल हमेशा नेक होगा और द‰मनी ु का असर अगले 8 साल के बाद हो सकेगा। सयF ू के समय :. वा लद के लए 1/2.यह "कसी को नीच नह ं करता दसरे ू «वाह (चाहे ) इसको नीच करे .शº ु . चx‡ 1/2 होगा। मंगल नेक के समय :.यह ह "कसी से द‰मनी ु नह ं करता.शWन 1/4. शWन 1/3 होगा। शeन के समय :.इससे कोई द‰मनी ु नह ं करता | यह खद ु अपना नेक असर "कसी के साथ होने पर घटा लेता है. केतु 5/6.

इसी तरह खाना नं० 2 म0 खाना नं० 8 का और खाना नं० 6 का बा°मी ताQलक ु (आपसी संबध ं ) हो जाता है । खाना नं० 8 खाल हो तो खाना नं० 2 उlदा होगा. जो सम‡ ु bगना जायेगा. जैसा भी बह-पत ृ टे वे म0 हो वैसी ह हवा के झोकE से साथ होगी। 3. बढ़ापा ु ) 1. खाना नं० 2 हमेशा 9 ह हE या खाना नं० 9. खाना नं० 8 दे खता है खाना नं० 2 को. खाना नं० 2 दे खता है नं० 6 को. उ_. मगर जब खाना नं० 2 खाल हो तो सब कछ ु उlदा होगा। बह-पत ृ नं० 2 और खाना नं० 8 खाल के व•त पर बह-पत ृ मंदा ह होगा या बह-पत ृ कJ हवा मंद आंधी होगी जो हर तरह का न•सान ु करे गी। मगर नं० 9 बरसाती मौनसन ू हवा के उठने का सम‡ ु हो तो खाना नं० 2 बाVरश से लद हवा से टकरा कर बरसाने वाला कोहसार (पहाड़E का लlबा सल सला) होगा। . पेज नंबर 60 कंु डल1 का पCका ख़ाना नंबर 2-(धमF 6थान. कJ बWनयाद ु होगा मगर खद ु नं० 2 कJ मयाद खाना नं० 4 होगा। 2.

ह-से म0 दगे 0 । जैसे खाना नं० 9 म0 शWन का फल 60 साल लखा है जो टे वे वाले कJ उ± शŸ ु कJ तरफ से bगनकर 60 साल बढ़ापे ु कJ तरफ होगा। ले"कन जब शWन खाना नं० 2 म0 हो तो शWन का वह असर मौत के .ु शWन) 3. 7. 10) . शWन) 2. इस घर के ह आ खर उ± बढ़ापे ु म0 हमेशा नेक फल दगे 0 . खवाह (चाहे ) "कसी दसरे ू उसलE ू कJ bगनती या चाल वगैरह से "कतने ह मंदे •यE न हो। (1. पापी ह (राहु. मंगल बद (सयL ू . पेज नंबर 61 इस घर म0 मंगल(१) बद के नकल ह 5 और पापी(२) ह 6 खद ु टे वे वाले पर मxदा Cभाव न दगे 0 बिQक इस घर म0 बैठा राहु भी बह-पत ृ के मातहत होगा। सब ह अपना तमाम फल जो उनम0 से हर एक का खाना नं० 9 म0 लखा हआ ु है टे वे (जातक) वाले कJ उ± के आ खर . केत.दन कJ तरफ को bगनकर 60 साल होगा। इसी तरह ह सब ह Cभाव दगे 0 । 2. खाना नं० 1.दन कJ तरफ से पीछे जxम . 4.

जो नाक का आ खर . खाना नं० 2 कJ असल जगह है । इस Wतलक लगाने कJ Wनशान कJ जगह को छोड़ कर माथे कJ बाकJ जगह पेशानी होती है िजसका िजº खाना नं० 11 म0 है । जब खाना न० 2 हर तरह और हर तरफ (खाना नं० 8 कJ ˆि¥ट) वगैरा से खाल हो. इस लए खाना नं० 2 का फैसला 2.दन-रात) bगनते ह>. 4. तो खाना नं० 2 को Wतलक कJ जगह bगनते ह।> इस खाना नं० 2 म0 हवाई «याल कJ तमाम ताकत म0 राहु केतु म‰तरका ु कJ या मसनई ू (नकल ) शº ु कJ जगह को मानते ह।> खाना नं० 8 का Cभाव जाता है खाना नं० 2 म0 .द होगा। इस धमF 6थान का दरवाजा .दोनE भावE के एन दर मयानी जगह (बीच का -थान ) होगा. वतLमान नं० 1 या बंद मwी ु के खाने 1. 6. िजसका मा लक दोनE जहानE का -वामी (बह-पत ृ ) है । िजसके रा-ते कJ लlबाई के दोनE सरE पर सरज ू . सफL राहू केतु कJ अपनी नेकJ बद का मैदान मं. शWन ((.दर मि-जद आ. पेज नंबर 62 धमF 6थान या पेशानी का दरवाजा :- दोनE भावE कJ दर मयानी मकLज. और 2 दे खता है खाना नंबर 6 को. याWन दWनयां ु से बाहर नं० 8. 7. बMचे के साथ लाये हए ु खजाने का भेद था तो चेहरे पर Wतलक कJ जगह या दWनयां ु म0 बMचE के लए बाकJ सब तरफ मलने मलाने वाला खजाने का . 8 को साथ मलाकर होगा या दसरे ू श3दE म0 खाना नं० 8 को अगर राहु केतु कJ शWन के साथ होने कJ बैठक माने तो उस बैठक म0 बैठ कर या मौत के द वान खाने का दरवाजा नं० 2 सफL राहु केतु दोनE कJ बैठक म‰तरका ु होगी िजसमे शWन कJ मौत का ताQलक ु न होगा. 10) होगा। थोड़े लÉजE म0 िजस तरह खाना नंबर 4 ने अपनी नेकJ न छोड़ी थी उसी तरह ह खाना नं० 2 ने कल ु दWनयां ु से ताQलक ु न छोड़ा | अगर ना भ तमाम िज-म का दर मयान (बीच) था और बंद मwी ु के खाना म0 खाना नं० 4.ह-सा है जहाँ Wतलक लगाने कJ जगह है . दWनया ु का अxदर खाना नं० 11 के साथ बह-पत ृ कJ दसर ू ताकत खाना नं० 5 मि-€कबल ु (भKव¥य) खाना नं० 9 माजी (भतकाल ू ) के बीच जमाना हाल.

बह-पत ृ कJ इस लlबाई को सबकJ लlबाई bगनते ह>. «वाह (चाहे ) चेहरे कJ (खाना नंबर 6 म0 दे ख0 ) हो «वाह पेशानी कJ.ु म‰तरका ु कJ बैठक कJ जगह (मसनई ू (शº ु कJ राशी भी है ) का दरवाजा है । खाना नंबर 2 म0 हE का असर मय खाना नंबर 8 के.दमाग़ म0 हवाई «याल कJ लहर0 पैदा करने कJ ताकत का मा लक राहु है . िजसम0 लहरE को उछालने या bगराने कJ ताकत CवतLक ह हचाल पाप (राहु केतु दोनE इकwे है ) | उस पाप कJ बैठक खाना नं० 2 (िजसम0 शWन का नह ं मानते ) इxसानी अंगठे ू पर मानी गई है । . इसी तरह ह इंसानी . पेशानी पर Wतलक लगाने कJ जगह P·कोण या केतु का Wनशान याWन खाना नं० 2 म0 हर तरह से अकेला केतु हो तो ह•मरान ु आसदा ू (सम‚ ृ ) होगा। अंगूठा :- चाहे हाथ का या पांव का िजस Cकार सर के ढांचे का मा लक बध ु और उसके आxतVरक . (मफि-सल ु खाना नंबर 11 दे खE) खलासतन ु (Kव-तार से) Wतलक कJ खास जगह बह-पत ृ का खाना नंबर 2 राहू. खाना नं० 2 बढ़ाता है बह-पत ृ को. व०ृ कJ इस लlबाई को सब कJ लlबाई bगनते है चाहे चेहरे कJ (खाना नं० 6 म0 दे ख0) हो चाहे पेशानी कJ (खाना नं० 11 दे ख0)। Wतलक कJ Kवशेष जगह व०ृ का खाना बह-पत ृ जो दोनE जहानE का मा लक है होगा. खाना नं० 4 बढ़ाता है चx‡ को. केत. पेज नंबर 63 भेद खाना नं० 2 होगा। इन दो खानE याWन खाना नंबर 4 और खाना नंबर 2 का म‰तरका ु असर "क-मत का कVर‰मा हआ ु . जो ह फल खाना नंबर 2 व रा शफल खाना नंबर 4 दोनE का ल3बे-लबाब ु (Wनचोड़) भी कहा जा सकता है. जो बMचे को मदद दे ने के लए खाना नंबर 5 म0 सरज ू के साथ और खाना नंबर 11 म0 शWन के साथ जा मलता है.दल का मा लक चx‡. दोनE मले मलाये वालदै न( माता-Kपता) या अकेला व०ृ दोनE जहानE का मा लक है जो बMचE को मदद दे ने के लए खाना नं० 5 म0 सयL ू के साथ और 11 म0 श० के साथ जा मलता है.

तंग है सयत िज6ी होगा | अगर अंगठा ू सीधा रहता हआ ु मालम ू उस का धन-दौलत दसरे ू दWनयां ु वी हो. मनमज’ केतु तरफ़ झकती ु जावे उसी ताकत से मतािQलका ु कदर Ïयादा उसका धन दौलत दसरE ू के काम म0 लगे.दल होगा | पोर1 का Kह6सा उसक2 हालत उ_ का Kह6सा व तसीर व ताकत मतािQलका ु नाखन ू वाल पोर कंु डल का िजस कदर हथेल कJ बचपन फैलना. जातक खद ु पीठ कJ तरफ झकJ ु हो तो नमL . हानी खाना नंबर 6.हश संबbं धत) ताकत और जनमरु द म0 गकL रहने वाला . और अंगठे ू कJ नाखन ु वाल पोर साbथयE के काम बहत ु लगे. पेज नंबर 64 अंगठा ू िजस कदर लlबा होगा उसी कदर ƒयादा शहवत (कामातरु इMछा. संभोग) पर काबू पा सकने वाला होगा। अंगठा ू िजस कदर मोटा हो उस कदर ह ƒयादा गर ब होगा | अंगठा ू िजस कदर छोटा होगा उसी कदर ƒयादा वहशी हैवानी ताकत ƒयादा होगी. और वह ख़द ु नरम .दल होगा | उQट हालत म0 उQट नतीजा ल0गे दर मयानी पोर कंु डल का िजस कदर Ïयादा लंबी जवानी सकड़ना ु खान नंबर 6 दल ल मxतक हो उसी कदर ह Ïयादा िज़-मानी ताकत सोच Kवचार कJ ताकत राहु बादल ल और होनहार से मतािQलका ु Cाणी होगा Wनचल पोर कंु डल का िजस कदर Ïयादा छोट बढ़ापा ु इंसानी नफसानी खाना नंबर 2 इ‰क शº ु से हो उसी कदर ह ƒयादा (कामवासना से मतािQलका ु जाद ू मंतर कJ «वा.

पेज नंबर 65 लkन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 3 इस दeनया ु से कच ू के वCत राहे रवानगी (बीमार1 वगैरह) इस घर का रं ग है खनी ू . ह तीजे जब मंदा हो मौत Ÿकेगी आठ से उठती. जहर बाहर ह भरते ह> उ± पहल हो ¦यारह(१) श•कJ. ले"कन उसी व•त ह खाना नं० 3 म0 शWन बैठा हो तो राहु का शº ु पर कोई बरा ु Cभाव न होगा.हर तौर पर 21. •यE"क शWन. मौत(१) टे वा न पाता हो भेद गŸ ु से बेशक खलता ु . फैसला बध ु से होता हो माया दौलत जो 11 आती. शº ु को हर ओर से सहायता दे गा। ले"कन जब नं० 3 म0 म‰तरका ु ( मले-जले ु ) ह हो तो 12 व 3 के हE कJ (हर एक कJ अकेला अकेला bगनकर) बाहमी दो-ती-द‰मनी ु बहाल होगी। .हर होगा. असर खाना 8 करता हो ह मंदे घर तीसरे बैठे. हालत वह कर पाती हो 1. भाग तीजे से जाती हो तासीर मंगल हो टे वे जैसी. असर होता भी खनी ू है होता जभी ह इस घर जQमी ु . नं० 3 को सहायता दे गा । मसलन मंगल नं० 12 केतु न० 3 कको मMछ रे खा वा-ते धन. हालां"क मंगल और केतु बा°म (आपस म0 ) द‰मन ु है . 8 भी मंदे हो तो अगर मौत नह ं तो बहाना मौत ज र खड़ा कर दगे 0 . जब नं० 3 म0 पापी बैठे हो और 6.े क¥ट सभी ह कटता हो तीन मंदा काने पग 12 उlदा उसके. बैठा तीजे «वाह कैसा हो ह जब तक कोई तीसरे बैठा. ले"कन खाना न० 12 का ह चाहे नंबर 3 वाले का श·ु ह हो. इसी तरह ह जब बध ु नं० 12 और शWन या बह-पत ृ नंबर 3 हो तो अमतक ृ ुं ड हर तरह से बरकत का जमाना होगा। इसी तरह अगर खाना नं० 12 म0 शº ु राहू इकwे हो तो जा. दे ता असर वह क¥ट है पापी अगर हो उlदा टे व. बरा ु मा लक नह ं करते ह> खन ू ˆि¥ट जQम ु से अपने. 25 साल कJ आयु से Kवधवा होना जा.

शWन जहाँ टे वे बैठा हो खाल होते घर चौथा मं. बध ु शWन दो उlदा हो आठ. इस घर म0 शWन जहर ला सांप. तासीर चx‡ वह होता हो असर मगर हो उस घर का जाता. आ तारे वो बढ़ापे ु म0 ह चौथे हो को कोई बैठा. तीजा. बैठा चx‡ चाहे नि¥ट हो पाप बैठा घर चx‡ माता(३). पेज नंबर 66 लkन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 4 माता क2 गोद व पेट का ज़माना ह चौथे(१) के रात को जागे.दर(२). माWनद नं० 2 या खद ु (-वयं) चx‡ नं० 2 जो "क उMच उ€तम फल दे ता है । 3.द शरारती को न डांटे तो अ€याचार और भी बढ़ता या बढ़ जाता है । . मौत बहाना चौथा हो 1. ह मतािQलका ु (संबंbधत) के कारोबार बाव•त रात फायदामंद (रात के समय लाभ) होगा। 2. या जागे वो मसीबत ु म0 मदद कोई हो न जब करता. आ खर उ± तक उxनWत हो चx‡ का फल. घर दे चx‡. मगर "कसी भी और दसर ू जगह मंदे काम छोडऩे का वायदा नह ं करते •यE"क यह तो उनके खन ू कJ बWनयाद ु है. 6 टे वे मंदा. बिQक हो सकता है उनके चप ु रहने से नफा (लाभ) कJ अपे•ा न•सान ु हो जैसा "क दÀड दे ने के अि«तयार (अbधकार) का -वामी य. मंगल जला हआ ु मंगल बद हो सकता है मगर राहु केतु धमाL€मा ह रह0 गे या यंू कहो राहु केतु केवल इस घर म0 बैठे हए ु चप ु हEगे.

114 साल उ±। 2. 28. खाना नं० 1-4-7-10 3. खाना नंबर 4. मंगल बद या मंगल क या कोई भी अकेला बैठा हआ ु ह। 4. 40. Wनकlमा या मंदा हो रहा हो | 2. . 16. बह-पत ृ म· (चx‡ का दो-त सयL ू बध ु ) तो पेट म0 पालना करे । श·– ु (ले"कन जब चx‡ का द‰मन ु राहु केत)ु तो सम‡ ु मद¤ ु को भी बाहर कर दे गा। जब वो द‰मनी ु करे याWन जब तक राहु केतु (मतQलका ु कJ अ‰या) सlबंbधत व-तएं ु िजxदा हEगे. चx‡ का मwी ु (खाना नं० 1. नर ह सयL ू . 76. नेक Cभाव दगे 0 नह ं तो वो -वयं बबाLद हो जाएंगे। . मंगल. 100.हत पर नेक Cभाव होगा «वाह (चाहे ) चx‡ -वयं "कतना ह र6ी. अकेला(३) चौथे न मंदा हो 4 समंदर ह 9 ना भ(४).हाथ कJ सबसे आ खर जगह ग़ैबी (दै वी) हालात. खाना नं० 4 म0 कोई भी अकेला ह हो तो और चx‡ उस व•त बंद मwी ु (खाना नंबर 1-7-4-10) से बाहर कह ं भी खराब हो रहा हो मसलन ( उदाहरणतय: खाना नं० 8 म0 नीच या नंबर 11 म0 चx‡ शxय ु .े राहू खद ु मंदा होता हो मwी ु चx‡(२) 8-11 बैठे. मय (-वयं) चx‡ स. 4. पेट अxदर कल ु पलता हो 1. 64. 52. 88.दल कJ अxदŸनी चाल या रात का जमाना (चx‡ का बजL ु {पवLत} बताती है । 1. Wन¥प• मंदा) हो तो वो खाना नं० 4 वाला ह नेक असर ह दे गा «वाह (चाहे ) वो चx‡ का दो-त हो या द‰मन ु | कयाफा :-. 10) से बाहर हो और खाना नं० 4 खाल हो तो चx‡ का सब हE. मदाL ु कोई नह ं रखता हो तीनो ( म·) ह नर शरण माता कJ. 7. पेज नंबर 67 त«त पावे(१) जब चौथा टे व.

48( केतू) .द नं० 8 मंदा हो तो नं० 5 के द‰मन ु ह कJ चीज0 केवल पाताल (नं० 6) म0 तहजमीन म0 दबाने से सहायता होगी •यE"क नं० 10 दोगनी ु रÉतार से चलता है और जब नं० 8 मंदा हो तो नं० 10 दोगना ु मंदा होगा। मफि-सल ु (Kव-तारपवL ू क) प•का घर नं० 10 दे ख0। 2.औरत (शºु ) को जलाब ु .द नं० 5 म0 शº ु -बध ु या कोई पापी हो तो सयL ू या बह-पत ृ के खद ु नं० 1 म0 आने के समय सेहत के ताQलक ु म0 मंदा जमाना होगा। वह-पWत ृ के कारण से पैदाशदा ु (जब बह-पत ृ 5 म0 हो) बीमार नई संतान के पैदा हो चकने ु के बाद ख€म होगी। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. उपाय.दन आटे कJ रो. Pबजल कड़कती मंद हो चx‡ भला तो चमक उlदा. शWन या शº ु या दोनE जब कभी मंदे हो तो दोनE कJ दशा के मताPबक ु फौरन मंदा होगा। ले"कन य. खाना नं० 6. शº ु नं० 11.com . 10 के जहर के बचाव के लए नं० 5 के द‰मन ु ह कJ चीज0 (पाताल नंबर 6) या ज6ी या बजL ु ग ु ी मकान (नं० 10) म0 कायम कर0 जब तक नं० 8 मंदा न हो । ले"कन य. केतु नं० 8. फजL "कया "क बह-पत ृ नं० 10. सxतान दखी ु न होती हो पांच(१) पापी गŸ ु मंदा टे वे. शWन राहु नं० 5. पेज नंबर 68 लkन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 5 औलाद म6तकcबल ु का जमाना गŸ ु टे वे म0 जब तक उlदा. Pबजल चमक आ दे ती हो शWन(२) शº ु या दो कोई मंदा. तो वो मंद हालत फौरन ह बदल कर उ€तम असर हो जायेगा | जxम कंु डल के खाना नं० 5 म0 अगर सरज ू -शº ु या सरज ू बह-पत ृ हो तो जब शº ु या कोई पापी नं० 1 म0 आवे अपनी सेहत के ताल•क ु (संबध ं ) म0 मंदा व•त होगा। ले"कन य.लडक़े के वजन के बराबर 25 शº ु का. असर हालत दो जQद (३) हो 1.टयां क€तE ु को तकसीम (बांटे) कर0 । 3.द चx‡ उस समय भला हो. (केतु) कJ बीमार के बाद लडक़े (केत)ु पर मंदा Cभाव.

इस लए अगर खाना नं० 2 म0 अMछे ह हE और 12 म0 भी उ€तम ह बैठे हE तो नं० 6 को जगा लेना मददगार होगा। याWन टे वे वाला अगर अपने मामंू खानदान या अपनी लड़"कयE के बMचE कJ सेवा करता रहे तो उ€तम फल होगा . नंबर 2 का नेक असर ज र और हमेशा साथ मलेगा। मि€Qलका ु कJ जाती अशया का असर लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. खाना नं० 6 खाल हो तो नंबर 2 और खाना नंबर 12 के ह दोनE ह तरफ से सोये हEगे.रहम का खज़ाना. या नं० 6 के ह नं० 2 या 12 के लये Pबजल कJ मशीनE को चलाने वाला बटन होगा या फ़ौरन (जQद ) असर करवा दे गा। 2. पेज नंबर 69 वजह चमक घर तीसरे होगी. गŸ ु रKव से चलता है केतु भला तो सब कछ ु उlदा. असर 6 पर होता हो 1. उQट हालत पड़े आठ पे हो घर 3-4 या 9 हो मंदा. श·ु जहर आ होता हो अपना लका अहवाल आइxदा. राहु मंदे सब उQटा हो लkन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 6- दeनयावी ु जड़ पाताल क2 दeनया ु . ख़ु फ़या मदद पाताल खाल (१) घर जब तक रहता. बरा ु असर 5 दे ता हो 6-10 व0 «वाह दो-त उसका.com . नेक असर कल ु दे ता हो दजे ू बैठे कJ पहल अव-था. कड़क Wनशानी ¦यारह हो तीन खाल घर आठ से पडती.

या नं० 6 के ह का असर बध ु केतु या शº ु बैठा होने वाले घर म0 भी जा सकता है । 3. खाना नं० 6 म0 बैठा हआ ु शWन उQटा नं० 2 को दे खता है. वह-पWत ृ . फैसला छ: का होता हो 1. पेज नंबर 70 उ± मंद ह खद ु (१) होगा. खाना नं० 6 म0 उMच माने ह (बध ु -राहू) कभी मंदे न हEगे और न ह वो बxद ममwी ु के घरE या नं० 2 के हE पर बरा ु असर द0 गे। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. ह फल(२).com . ह•म ु राहू उया पाता हो साथ मगर 2-आठ ˆि¥ट. दे खा(४) कर0 उन तरफE म0 10-5 व0 का द‰मन ु जहर . चx‡ बाकJ सब ह इस घर म0 ह फल के हEगे और बध ु व केतु इस घर (नं० 6) म0 या नंबर 8 म0 बैठे हए ु ह कJ मयाद तक मंदे हEगे. घर 6 म0 आ बैठे जो लाख-उपाओ-करे न टलता.लखा िजसका हो अकेला बैठा या हो म¬तरका ु . बैठे ह कJ अपनी हचाल उ± और खद ु ह मतQलका ु कJ ज़ाती (अपनी) अशया (चीजE) का असर। 2. सवाय सयL ू . नं० 6 म0 सयL ू या चx‡ होने के व•त नं० 4 का मंगल अब मंगल बद न होगा। 4. बंद मwी ु (३) के खानE म0 9ह ह पाताल म0 बैठे.

शWन (दोनE का मा लक वह-पWत ृ ) गोलाई बाहर कJ उभार बलxद ु . हE कJ ˆि¥ट के दज‹ कJ ताकत के घटने या बढऩे से मराद ु होगी। चेहरे कJ चौड़ाई खाना नं० 6 केतु से बजVरये ˆि¥ट या खाना न० 6 या खाना नंबर 6 के ह से िजस कदर वह-पWत ृ का साथ हो उसी कदर चेहरा लlबा होगा | िजस कदर कम असर या ताQलक ु वह-पWत ृ का खाना नंबर 6 से होवे. लlबाई–वह-पWत ृ कJ ताकत (सयL ू . गहराई नीचे अxदर को दबाना राहु को ताकत. उसी कदर नेक असर ƒयादा बढ़े . (अगर कल ु के तीन . चेहरा :- चेहरे कJ चौड़ाई = चेहरे कJ लlबाई का 2/3.ह-से करे तो चौड़ाई दो . उसी कदर चेहरा चौड़ा होगा। िजस कदर चेहरे कJ लlबाई ƒयादा उसी कदर नेक Cभाव ƒयादा होवे | साथ लाई हई ु जाती (अपनी) "क-मत का चौड़े चेहरे म0 वह-पWत ृ के बजाय राहु के साथ शWन कJ खदगरजाना ु (-वाथL) ताकते हEगी। लlबा चेहरा वह-पWत ृ के साथ वा ताQलक ु से केतु म0 शWन कJ हमदरदाना ताकते हEगी.-पशती ु . जहानत कम होगी और िजस कदर चेहरा चौड़ाई से लlबाई कJ तरफ होता जाये उसी कदर यह खदगरजाना ु ताकते कम होती जाएंगी और जहानत बढ़े गी या लlबे चेहरे वाला हमददL होता जायेगा। पŸष ु का चेहरा वा मंह ु दोनE ह लlबे हो तो– नेकब«त होगा। पŸष ु का चेहरा वा मंह ु दोनE ह चौड़े हो तो– खदगजL ु होगा। औरत का चेहरा वा मंह ु दोनE ह लlबे हो तो– बदब«त होगी। औरत का चेहरा वा मंह ु दोनE ह चौड़े हो तो–नेक नसीब होगी। .ह-से) नेक होती है और चौड़ाई िजस कदर इस मकदार से घटे . बध ु कJ ताकत. और मबारक ु होवे। चौड़ाई केतु कJ ताकत. ऊपर कJ ताकतE से घटना-बढऩा. पेज नंबर 71 कयाफा :- 1.

पेज नंबर 72 2. (ii) चº हो तो वो आशदा ु (सम‚ ृ ) साहबे-इकबाल होगा.उसी कदर लड़"कयाँ हEगी | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com . मिxसफ ू मजाज़ (xयाय KCय) होगा. "फर भी तंग बहत ु मंदा हाल। औरत के पाँव म0 (दोनE पाँव इकwे bगन कर) िजस कदर गहरे च•कर या पÒ या सदफ पब या पाँव कJ हथेल पर हो उसी कदर लडक़े हEगे. (iii) P·शल ू . िजस कदर चº या पÒ नरम व बार क लकJरE के हEगे. (v) च‰मफJला-अगर बाएँ पर हE तो राहजन. पाँव पर वशेष eनशान :- दाएँ पाँव के पब पर कWन¥ठका के नीचे बध ु पर या शº ु के पवLत पर या अंगठे ू कJ जड़ पर अगर (i) शंख शदफ हो तो वह असर जो हाथ पर होता है .हबे त«त. चोर डाकू होगा. होगा. (iv) च‰म-फJल हाथी कJ आँख का Wनशान– सा. अंकु श आला ऑ"फसर.

जब खाना नं० 8 के ह (बमिजब ू वषLफल) वषLफल के मताPबक ु खाना नं० 8 या खाना नं० 7 म0 आये तो बाहमी दो-ती या द‰मनी ु पर असर कर0 गे। 2. दो प€थरE कJ बजाय कlहार ु के चº कJ तरह एक ह प€थर जो दो का काम दे वे -मंगल या वह-पWत ृ वा-ते पVरवार। 6. घमते ू प€थर याWन Vरजक या फालतू धन रा शफल (काPबल उपाय)। 4. बध ु -शWन.दया हआ ु फल. पेज नंबर 73 लkन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 7 गह6ती ृ चCक2 1. जहाँ शº ु हो उस घर का ह (बहै सयत माल"कयत या प•का घर) च•कJ व चº का रहनमाए ु होगा | . चx‡. सयL ू .केतु अपना-अपना नंबर 7 का . 5 साला उ± से "क-मत का सयL ू उदय होगा। 3. राहु जैसा शº ु वैसा ह फल गढ़े प€थर याWन वा-ते Vरजक या फालतू धन ह फल (अटल फैसला)। 5.

मगर जब 7 म0 दो से वाकै (ƒयादा) ह हो तो -·ी हE को नर ह ह समझ कर असर bगनना चा. साथी को Cबल bगनते ह> दो से घर ƒयादा सातव0 म0. असल ू मलावट से अ भCाय: = दजाL ˆि¥ट या बाहम (आपस म0 ) दे खना। अममन ू -·ी ह ि-·यE पर Cभाव करे गा. पेज नंबर 74 जैसे शº ु हो वैसे ह सब फल. 7 म0 बैठे हए ु हE का चx‡ पर हो सकता है वह असर अगर नर ह अब वह-पWत ृ पर ल0गे या यँू कहो "क अगर कोई असर चx‡ या माता पर होता हआ ु मालम ू हो तो वो असर चx‡ के साथ कोई और ह (जब सब को मलाकर दो से ƒयादा होजावे) तो वह-पWत ृ या Kपता पर असर होगा। इसी तरह ह शº ु नं० 7 के सात दो और दो से ƒयादा ह होने पर -·ी (शº ु ) कJ बजाय नर ह (मदL ) पर असर ल0 गे | याWन ऐसी हालत म0 खद ु टे वे वाले कJ -·ी कJ बजाये वह असर खद ु (अपने) टे वे वाले के अपने िज-म पर होगा और वह-पWत ृ मंगल सयL ू तीनE ह हE से मतािQलका ु (संबbं धत) हो सकता है । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. -·ी(७) नर(८) होते ह> असल ू मलावट(९) मले बेशक.com . नर ह मद¤ पर. असर मदL पर करते ह> 7. Wनचले प€थर से होते ह> बा"क असर ह अपनE-अपना. -·ी ह से अ भCाय: शº ु और चx‡ 8.हए | जैसे चx‡ नं० 7 म0 "कसी और दो हE के साथ हो तो मलावट या ˆि¥ट कJ रौ से जो भी असर खाना नं० 1. नर ह से अ भCाय: बह-पत ृ -सरज ू -मंगल 9.

जब तक नं० 2 म0 शWन न हो वरना मंगल बद ह होगा. वह-पWत ृ . चx‡-दौलत व सेहत का बबाLद करने वाला और मंगल म0 खाना नं० 2. 6 का मंदा असर शा मल या वह मंगल बद हर तरफ ह लानत का दे वता जलता ह होगा। बध ु नं० 8 हमेशा मंदा और मंगल नं० 8 अममन ू बरा ु . मगर मंगल-बध ु दोनE म‰तरका ु (इक¿े ) खाना न० 8 म0 उ€तम हEगे. मंगल या चx‡ अकेले-अकेले इस घर म0 हमेशा उlदा मगर जब कोई दो या तीनE इकwे हो तो शWन मौतE का भंडार . जो मैदान जंग म0 मौत का बहाना खड़ा करे गा। . मौत टल1 ह1 tगनते हs 1. बध ु -मंगल नह1ं मंदे हs बैठा कोई 'ह जब तक तीजे . बेशक पहले श«श म0 पांच लड़कE म0 से एक मारा गया और दसरे ू Cाणी के यहाँ सफL एक ह लड़का हो िजसके क€ल के ह•म ु पर उसका खानदान ह न¥ट हो जावे| इसी तरह ह इस घर के ह अपना असर करगे 0 और "कसी को मआफ ु करने के लए रहम या अ•ल का दखल न होने दगे 0 | 2. अगर खाना नं० 8 म0 सयL ू .दया ट सज़ा के ताQलक ु म0 इसका भी लड़का क€ल "कया जावे|. चx‡ म0 कोई भी अकेला-अकेला या कोई दो या तीनE ह म‰तरका ु बैठ जाएँ तो खाना नं० 8 न आगे को खाना नं० 12 को . चx‡ म‰तरका ु ) योगी जंगी जीत ल0 गे। शWन. न ह पीछे खाना नं० 2 को दे खेगा. अदल से मराद ु (अ भCाय:) यह है "क इस घर के ह इंसाफ (िजस म0 रहम और अ•ल दोनE शा मल होते ह>) कJ बजाये "अदले का बदला" के असल ू पर अपना असर करगे 0 . मसलन "कसी ने दसरे ू का लड़का क़€ल कर . पेज नंबर 75 लkन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 8-मकाम ु फानी मौत-अदल(१) मौत शeन हो मंगल चNb(२). बिQक खाना नं० 8 का असर 8 म0 ह बंद हआ ु bगना जायेगा | (गोया मौत) के घर को (सÓL ू वह-पWत ृ .

जब तक नं० 2 खाल तो मंद हालत नं० 8 पर महदद ू (सी मत) होगी। खाना नं० 11 म0 अगर नं० 8 का द‰मन ु हो तो नं० 8 पर सी मत होगी। खाना नं० 11 म0 अगर नं० 8 का द‰मन ु हो तो नं० 8 का बरा ु असर नं० 2 म0 न जाये। नंबर 11 म0 अगर नंबर 8 का द‰मन ु हो तो नंबर 8 का बरा ु असर नंबर 2 म0 न जायेगा | (2) जब नं० 8 द‰मन ु हो तो नं० 2-11 का. बध ु पापी नह ं अMछे ह> ह 11 चीज़ जो आवे(३). भी आ मलते ह> बैठा 12 «वाह द‰मन ु होवे. 2. छत bगर ह लेते ह> १) खाना नं० 8 या 6 कोई मंदा तो दोनE मंदे। २) आ खर अपील चx‡ पर होगी। ३) (1) खाना नं० 11 का हबमिज़ब ू वषL ( वषLफल के अनसार ु ) म0 खाना नं० 8 या 11 म0 ह आवे तो खाना नं० 11 म0 बैठे हए ु ह कJ मतािQलका ु (सlबिxधत) नई चीज घर पर खर द कर लाने पर दौलत और सेहत दोनE बबाLद हEगे। खाना नं० 8 कJ मंद हालत कJ जड़ खाना नं० 4 माफLत नं० 2 होगी.com . 11 पर हमला कर दे गा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. 6 (१). फैसला(२) उसके लेते ह> मंगल बाद गो सब से मंदा. तो नं० 8 का ह बमिजब ू ˆि¥ट (अनसार ु ) जब कभी भी उसे मौका मलेगा तो नं० 2. पेज नंबर 76 घर आठवां जब बड़ी पर आवे.

वरना नेक असर होगा। ब) बध ु नं० 3 का 17 से 17 साल मंदा जब बाकJ असलE ू से बध ु मंदा हो वरना नेक असर होगा। . वह-पWत ृ खाना नं० 2 का 16 से 16. खाना नं० 9. केतु नं० 8 का 48 से 48 साल. रे त समंदर जलता हो 1. पेज नंबर 77 लगन से कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर-9 आगाज़ क6मत जड़ बWनयाद ु ह 9 होता. जब नं० 3. राहु नं० 4 का 42 से 42 साल तक उ€तम असर दे गा. असर bगना उस उ± का हो ऋण Kपत ृ जब टे वे बैठा. "क-मत (भा¦य) का आगाज़ (Cारlभ) खाना नं० 9 का ह है। 2. जब तीन और पाँच खाल तो नं० 2 कJ माफLत ( वारा) जाग पड़ेगा। 3. "क-मत का आगाज़(१) भी हो घर दजे ू पे बाVरश(२) करता. हा"कम bगना ह सबका हो उ± ह जो अपनी जागा(४). बाद घर मला पांच का हो कंु डल मकानां मरकज़ bगनते. 5 कJ ˆि¥ट से मंदा हो रहा हो. वषL सयL ू नं० 8 का 22 से 22 अशL और चx‡ नं० 10 का 24 से 24 वषL और शWन खाना नं० 8 का 36 से 36 वषL. जब नं० 3 सोया हो तो तीन साल उ± के बाद इसका असर होगा। 4. सवाय :- अ) शº ु नं० 12 जो सफL 25 साल मंदा होगा. समंदर Wघरा ¹°माÀड भी हो घर तीजे का असर हो प°ले(३). जxम कंु डल का सोया हआ ु ह जब कभी बमिज़ब ू वषLफल (वषLफल के अनसार ु ) खाना नं० 9 म0 आने पर जाग पड़े तो वह ह अपनी उ± से अपनी उ± के जमाने तक नेक असर दे गा। मसलन सयL ू नं० 8 म0 हो तो 22 साल उ± म0 22 साल तक याWन 44 साल उ± तक नेक असर दे गा। यह असर जxम कÀडल ु के नं० 9 वाले बाकJ हE का खाना नं० 9 म0 आने से होगा। मंगल नं० 2 का 28 से 28 याWन 56 वषL.

ऐसी हालत म0 नं० 5 म0 बैठे पाKपयE का औलाद पर कोई बरा ु असर न होगा. उ± बढ़ापा ु घर 2 का 5.com . मगर बाकJ सब बातE म0 वह असर ल0गे जो सयL ू . चx‡ से पाKपयE के ताQलक ु पर हो सकता है । खाना नं० 9 के ह से मतािQलका ु अ‰या (सlबंbधत चीज़े) Wतलक कJ जगह लगाने से खाना नं० 9 पर असर पैदा होगा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. या फल उ± हो पहल का सफेद झंडा कोहसार पे झले ू . नजर ˆि¥ट उलट हो …ान समंदर घर 9 व0 का. पेज नंबर 78 रKव चx‡ कोई 9 जब बैठा(५).

तीनE ह इस घर म0 हमेशा श•कJ हEगे जो शWन कJ हालत पर चला करते ह>.े घर 10 व0 जब बैठा हो छ: 5 म0 «वाह दो-त उसके. खवाब 12 म0 लेता हो घर दजे ू के खाल होते. 11 के ह सहायक हEगे। अगर वो भी खाल तो फैसला शWन कJ हालत पर होगा | 2. अपने माता-Kपता को मलते रहना मददगार होगा। 10 अंधे मदÎ को इकwे ह मÉत ु (बतौर खैरात) खराक ु तकसीम करना (नकद पैसा Ÿपया PबQकल ु नह ं) खाना नं० 10 के हE (मंदे या आपस म0 लडऩे वाले) कJ जहर धो सकेगा। राहु. जब खाना नं० 10 म0 आपस म0 लडऩे वाले कोई भी ह बैठे हE तो वो टे वा अंधे हE का होगा। याWन वो ह हबह ू ू वैसा ह असर दगे 0 िजस तरह कJ दWनयां ु म0 अxधा Ôराणी चलता-"फरता है. (i) इस घर बमिज़ब ू वषL (वषLफल के अनसार ु ) आया हआ ु ह धोखे का ह होगा. 2 दोनE खाल तो नं० 3. पेज नंबर 79 लkन कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 10 क6मत क2 बeनयाद ु का मैदान ह मंडल 9 ह से टे व. अगर खाना नं० 10 खाल तो खाना नं० 4 के हE का कोई नेक फल न हो सकेगा. दगनी ु ताकत का होता हो आँख bगना है घर दो िजसकJ. बध ु . जो अMछा-बरा ु दोनE हो सकता है । अगर खाना नं० 8 मंदा हो तो दगना ु मंदा और खाना नं० 2 नेक तो दगना ु नेक होगा। अगर दोनE तरफ बराबर तो अMछा असर पहले और बरा ु असर बाद म0 होगा। अगर नं० 8.ढय़ा अगर शWन मंदा तो दगना ु मंदा असर दगे 0 . दगनी ु ज़हर को होता हो ह 10 व0 का घर 10 श•कJ(१). 10 वां फौरन सोया . ऐसी हालत म0 फैसला चx‡ कJ हालत पर होगा याWन अगर चx‡ उlदा तो असर उlदा वनाL मंदा फल ल0गे | 3. शWन दजे ू जब होया अ लफ़). केतु. चाहे उस घर म0 Vरजक (धन) के च‰म0 को उभारने के लए ह लाख दज‹ ह उlदा हो. याWन अगर शWन उlदा तो दगना ु ब. 5.दन उसी मंद ह 10 जागे.

असर म0 सबसे उlदा हो घर ¦यारा से चल कर अपने.दन हो "क-मत का ह घर उस तीजे.com . मदद न पांच से होती हो खाल त«त(२) 3-11(४) सोवे. 72. खाना नं० 3 म0 वह-पWत ृ के दो-त (सरज ू -चx‡-मंगल) तो नं० 11 हमेशा असर नेक दे गा। 3. 57. खाना नं० 11 को घर 3 दे ख करता है ले"कन खाना नं० 11 का असर उसी व•त ह मकlमल ु (परू तरह) जागता हआ ु माना जायेगा जब खाना नं० 3 और 1 दोनE ह म0 कोई ह ज र हो। 4. मौत आई 8 रोकता हो 1. 105. पेज नंबर 80 लkन कंु डल1 का पCका घर खाना नंबर 11 ग5 ु अ6थान जाये इंसाफ (इंसाफ करने कराने के जगह या मकाम ु मगर खद ु इंसाफ नह1ं) या इंसानी क6मत क2 बeनयाद ु पाप अकेला असर अकेला. 23. तीन-पांच 9 ¦यारा शWन वल का साथ मले तो. 119 साला उ±। 2. घर तीजा जब मंदा हो खद ु तीजा हो बेशक(३) र6ी. 36. 48. 84. 11. 94. असर बढ़े गना ु ¦यारा ह 11 जो मंदा होवे. बैठा तµत(१) पर िजस . लखत शWन पर चलती हो उ± पहल म0 11 श•कJ. राहु तो खाना नं० 11 हमेशा नेक असर दे गा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. खाना न० 8 के ह मतQलका ु कJ अ‰या से आई हई ु मौत। खाना नं० 3 म0 केतु के दो-त शº ु .

तासीर शWन वह होता हो असर मगर उस घर म0 जावे. वह-पWत ृ ु नं० 7 –शº उlदा गह-थ ृ . पेज नंबर 81 खद ु बेड़ी को पानी चलावे. गŸ ु जहाँ टे वे बैठा हो इxसान का जाती हाल (आमदन कमाई जxम-व•त) या इxसान (टे वे वाला) का कल ु दWनयां ु से ताQलक ु और सबकJ म‰तरका ु "क-मत का मैदान या पेशानी हर श«श अपने साथ लये "फरता है। इस घर म0 केतु होने पर चx‡ बबाLद और चx‡ होने पर केतु बबाLद इसी तरह ह इस घर म0 वह-पWत ृ होने पर राहु बबाLद और राहु होने पर वह-पWत ृ बबाLद होगा । जब बमिज़ब ू जxम कंु डल या वषLफल खाना नं० 8 और 11 बा°म (आपस म0 ) द‰मन ु हो तो नं० 11 के ह कJ मतािQलका ु (सlबंbधत) चीज टे वे वाले के "कसी काम न आएगी बिQक ऐसे सदमे या मंद सेहत कJ Wनशानी होगी "क िजससे पीठ टट ू हो या घर के मकान कJ छत bगर हई ु कJ तरह मातम का जमाना होगा. डब ू डबते ू वह नह ं है ह 11 घर चीज़ जो लाव0. सयL ू नं० 11 शWन नं० 3 वह-पWत ृ 2 कजाLई याWन कजLय•त ु । . मौत(४) खड़ी ह करते ह> घर 11 म0 ह जो आवे. ऐसे हालत म0 खाना नं० 11 के ह कJ मतािQलका ु (सlबंbधत) चीज के साथ ह उस ह (खाना नंबर 11 वाले) के दो-त ह)या ऐसे ह कJ मत ु ािQलका (सlबंbधत) चीज भी साथ ह ले आवे. जो ह के मंदे असर को नेक कर दे वे। मसलन शWन खाना नं० 11 का हो तो शWन कJ अ‰या (चीज) के साथ ह केतु कJ मता ु ल•का( सlबंbधत) चीज भी ले आना मबारक ु होगा। याWन मकान बनाओ तो क€ता ु साथ ह ले आओ। मशीन0 खर दE तो बMचे के खलौने ज र ह साथ ले लाओ। इस तरह शWन बरेु असर कJ बजाय और भी भला असर दे गा। मसलन बध ु 11. शWन 12.

सवाय पापी हE के.com . 20. अगर खाना नं० 3 खाल हो तो अममन ू नेक फल त«त म0 आने के . 113 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. 45. 97. पेज नंबर 82 खाना नं० 11 के ह. 67. 79.दन से शŸ ु कर दगे 0 और खाना नं० 8 म0 आने के व•त मंदा असर दगे 0 | मंद हालत म0 ह मतािQलका ु (संबbं धत ह) कJ कुल मकरL ु र उ± कJ मयाद के बाद खाना नं० 11 म0 बैठे उसके दो-त के ह कJ मतािQलका ु (सlबंbधत) चीज का उपाय मददगार होगा। बशत‹ "क पापी ह से कोई उस व•त वषLफल के . 92.हसाब से खाना नं० 1 म0 न हो | अगर कोई पापी नं 1 म0 ह हो तो खाना नं० 9 म0 आये हए ु ह कJ मतािQलका ु (सlबंbधत) चीज से उपाय से नेक होगा और खाना नं 9 ह खाल तो वह-पWत ृ का उपाय मददगार होगा | खाना नं० 11 के ह "कस साल 8 म0 आएंगे = 7. बेईतबार हालत के हEगे. 53. 34.

पेज नंबर 83 खाना नं० 11 के 'हD क2 बेईतबार1 क2 हालत :- खाना नं० 11 मR बैठे 'ह का भाव खाना नंबर 11 बैठा नेक हालत म0 बरु हालत म0 हो बह-पत ृ नंबर 11 जब तक टे वे वाला खानदान जब Kपता से अलग और चाल म0 म-तरका ु (इकwे ) रहे और चलन का ढ ला या जxम Kपता िजxदा हो तो सांप भी कÀडल ु के .com .हसाब से मंदे हE सजदा करे । के कारोबार या Vर‰तेदार को हद से ƒयादा ताQलकदारर ु तो मMछर का भी मकाबला ु न कर सके और कफन तक पराया हो सरज ू नंबर 11 िजस कदर धमाL€मा और जब शWन कJ खराक ु जैसे शराब सफJ ू खराक ु और पोशाक का मांस खाता हो तो Kवधाता अपनी मा लक रहे उसी कदर उ€तम कलम से लावQद (Wन:संतान) िजxदगी और साहब पVरवार का ह•म ु लख दे । हो। चx‡ नंबर 11 अगर टे वे म0 बह-पत ृ और माता के िजxदा होते हए ु भी नर केतु उlदा हो तो धन और औलाद शायद ह माता को औलाद कJ माता के बैठे तक दे खनी नसीब हो। कोई कमी न होगी। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

दन दWनयां ु के -वयं भी bगरने वाले व• ृ के नीचे ग़ैबी अxधेरे से Wनकल कर आकर दब मरे । आँखE के दे खने के समय से ह द ु खया होने वाले को अपने समय म0 हर Cकार और हर दशा म0 डबा ू होने पर भी िजxदा करके तार दे गा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 84 खाना नं० 11 के 'हD क2 बेईतबार1 क2 हालत :- खाना नं० 11 मR बैठे 'ह का भाव खाना नंबर 11 बैठा नेक हालत म0 बरु हालत म0 हो शº ु नंबर 11 दौलत का भÀडार जब तक वरना ब‚ु ु बज.दल ु ह जड़ा धन- औरत के भाई मौजद ू या दौलत से द ु खया होगा। मंगल उlदा हो (जxम कÀडल ु म0 ) मंगल नंबर 11 बह-पत ृ के पीछे -पीछे कदम नह ं तो दम ु को आग लगी दशा रखने वाला बहादरु चीते कJ म0 लंका से भागते हए ु हनमान ु तरह $जमाने कJ अंधेर रातE जी कJ भांWत सम‡ु के पानी को पार करके अपना शकार (अपना Vरजक(धन) और या .दल इMछा पा लेगा। आमदन) कJ तलाश म0 भागता होगा बध ु नंबर 11 चाँद. बह-पत ृ शWन से मारे ऐसी खोट बK‚ ु का -वामी जो हए ु याWन माता-Kपता के यहाँ पौधे को जड़ से उखाड़ दे और जxम होने के .com .

पेज नंबर 85 खाना नं० 11 के 'हD क2 बेईतबार1 क2 हालत :- खाना नं० 11 मR बैठे 'ह का भाव खाना नंबर 11 बैठा नेक हालत म0 बरु हालत म0 हो शWन नंबर 11 Kवधाता कJ ओर से लावQद ठ£क सम‡ ु के बीच पहच ु ँ कर बेड़ी का (Wन:संतान) के लखे ह•म ु को भी चdपू सरहाने रख कर अचानक सो दरू करके बMचे कJ पैदाइश का जायेगा और अपनी संतान को ऐसी ह•म ु दे गा और तमाम दWनयां ु के अधरू दशा म0 छोड़ कर मरे गा "क जहरE और हर तरह के मखाले ु फJन उनकJ आहE को सनने ु वाला शायद ह (Kवरोध करने वाला) के KवŸ‚ कोई गह-थी ृ मददगार होगा या हो अकेला ह परू र•ा करे गा और सकेगा । धमL ईमान से सMचे होने का परा ू सबत ू दे गा। राहू नंबर 11 इतने मतकि3बर ु (घमÀड वाला) जxम लेते ह अपनी अवbध से पहले और अपनी कमाई पर काPबज़ "क य. बबाLद और एहसान न हो जावे। -वयं बंद न कर . ता"क इस पर कोई अफJम से ƒयादा जहर ला.दया तो ऐसे टे वे वाले के कमायेगा और सोना बनायेगा। जxम लेने का "कसी को पता •या परxतु अपने जxम से पहले मले लगेगा । याWन अगर अफJम से मरे हए ु सोने को खाक कर . या सं खया से चल बसे या ह रा चाट न बह-पत ृ (Kपता) का लहाज न कर मरे . कोयले से राख हए ु .दखायेगा. परxतु -वयं «वाबी दWनयां ु लए हर व•त हािजर-नािजर िजxदा म0 आसमान पर बैठे खदा ु कJ रहे गा। इबादत कर रहे हEगे। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. जो कछ ु राहु (ससराल ु ) के जेलखाना कJ कहो सच. मगर वो तमाम दे खने के bचंता.com .द सबके सांस और शर र के खन ू अपने मां-बाप से भी कौड़ी पाई (Kपता और दादा का) को सं खया या तक न ल0 गे.

कÀडल ु का खाना नं० 11 पेशानी से तलना ु कJ गई है । भवE से और ऊपर .दमागी खानE म0 खाना नं० 35 (पेशानी) के पीछे .ह-से को सर और भवE से अलग कर दे ता है जो पेशानी होगी। इxसान का ज़ाती (अपना) हाल या इxसान कJ कल ु दWनयां ु से ताQलक ु और सबकJ म‰तरका ु "क-मत का मैदान या पेशानी हर •यि•त अपने साथ लए "फरता है .ह-सा हमेशा जमाने कJ हवा से टकराता और इंसानी "क-मत पर वह-पWत ृ का असर डालता है । .com .दमाग के . गोया पेशानी पर सबकJ म‰तरका ु "क-मत लखी है । यह .पेशानी :- . और खाना नं० 21 (चचx‡) चमक रहे ह> िजन दोनE के ऊपर खाना नं० 13 शWन का घर है । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 86 खाना नंबर 11 बैठा नेक हालत म0 बरु हालत म0 हो केतु नंबर 11 आल संतान कJ इMछा और -वयं अपना केतु याWन अल केतु कJ चीज0 Vर‰तेदार या संतान और शWन (और चx‡) का द गर कारोबार सlबिxधत का फल हद से ƒयादा Wनकlमा फल ¦यारह गणा ु नेक होगा होगा। जब खाना नं० 5 म0 चx‡ और बह-पत ृ न हो। खाना नंबर 11 कयाफा :.दमाग कJ हद से नीचे कानके सराख ु से 90 दज‹ कJ खींची हई ु रे खा .दमाग का खाना नं० 35. खाना नं० 20 (सरज ू ).

ह-सा) नेक होता है। पेशानी इस मकदार (अनपात ु ) से िजस कदर चौड़ाई बढ़े उसी कदर नेक असर बढ़े गा और मबारक ु होगा। नंबर ह चाल पेशानी कJ •या तो खाना नंबर 11 का हालत हो बŸए •या असर होगा •याफा 1 खाना नं० 2 के बह-पत ृ से या उसी कदर पेशानी उसी कदर ह नेक असर खाना नं० 2 से बजVरया ˆि¥ट चौड़ी होगी ƒयादा होगा वगैरा वारा िजस कदर ƒयादा केतु का ƒयादा संबध ं हो। 2 खाना नं० 8 का 2 कJ माफLत कशादा ु (चौड़ी) अ•ल कJ बार कJ अbधक खाना नं० 6 म0 असर जाये। पेशानी होगी होगी केतु जब बह-पत ृ के साथ या बह-पत ृ के घरE म0 (2. 12) म0 हो 3 िजस कदर केतु का संबध ं उसी कदर पेशानी उसी कदर नेक असर खाना नं० 2 के बह-पत ृ या लlबी होगी ƒयादा होगा खाना नं० 2 से कम होवे लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. 5. 9.com .ह-से "कये जाएँ तो चार म0 से सफL एक . पेज नंबर 87 पेशानी कJ चौड़ाई कल ु चेहरे कJ लlबाई का 1/4 (एक बटा चार के चार .

चालचलन खाना नं० 12 म0 जाये अMछा होगा 5 खाना नं० 8 का पेशानी का Wनचला .ह-सा बाहर क••ते ु (शि•त) असर. पेज नंबर 88 नंबर ह चाल पेशानी कJ •या हालत हो बŸए तो खाना नंबर 11 •याफा का •या असर होगा 4 खाना नं० 2 का असर पेशानी का ऊपर . तराज. बध ु बहत ु हE या उनका झकाव ु नीचे उ± और िजxदगी के ह) या केतु के कJ तरफ हो आठव0 साल. अंकु श. 24-32-40-48-56-64 मंगल हो। (8x8)खतरे म0 होगा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.ह-सा बाहर मालम ू करने कJ खाना नं० 6 के वारा को उभरा हआ ु हो शि•त.com . तलवार या प•ी म0 से भाग होगा कोई भी ऐसा Wनशान हो पेशानी पर बैठने का Wनशान 7 खाना नं० 2 म0 व०ृ के पेशानी पर टट ू फट ू लकJर0 अQपायु याWन कम द‰मन ु ह (शº ु . 8-16- द‰मन ु ह चx‡. कम उ± और मंद पंखा.ू मछल . खाना नं० 11 को उभरा हआ ु हो «याल नेक तरफ कJ माफLत (िजसके काम करने वाल लए खाना नं० 8 होगी दे ख0) याWन "क खाना नं० 2 म0 जाये 6 खाना नं० 2 म0 खाना Wतलक लगाने कJ जगह छोड़ अजीजE और नं◌ं० 8 के मंदे हE कर बाकJ पेशानी पर Wनशानात सlबxधी का सख ु (मंगल बद) का असर के असर सफL उ± कJ कमीबेशी नसीब न हो मल रहा हो पर होगा। पेशानी पर P·कोण. पÒ.

com . पेज नंबर 89 नंबर ह चाल पेशानी कJ •या हालत हो बŸए तो खाना नंबर 11 •याफा का •या असर होगा 8 खाना नंबर 2 म0 7 पेशानी पर सात लकJर0 या कƒजाक-डाकू उ± 50 मंडे ह हE ƒयादा लकJर0 साल 9 खाना न० 2 म0 मंगल लाल रं ग कJ नस।0 कम उ± होवे बध ु या सयL ू -बध ु 10 राहु. वह-पWत ृ हरे रं ग कJ नस0 चाहे जातक मदL मबारक ु और खश ु म‰तरका ु नं० 2 या या औरत हो। "क-मत होवे अकेला बध ु नं० 2 हो। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

जxम कंु डल के तमाम हE कJ अपील खाना नं० 12 होगी. िजसके बाद उस ह कJ सlबिxधत चीज कायम करने से सख ु सागर होगा. लड़"कयE कJ Pबनाई (ˆि¥ट) बबाLद होगी . िजसका आ खर मिxसफ ु (WनणाLयक फैसला) केतु होगा। मगर जxम कंु डल के अनसार ु खाना नंबर 1 खाल हो या खाना नंबर 1 के ह कJ उ± (मसलन मंगल नंबर 1 तो 28 साला ) के बाद खाना नं० 1 खाल हो जावे तो सबसे आ खर WनणाLयक चx‡ होगा | मगर खाना नंबर 1 कJ उ± के अxदर-अxदर आ खर हा"कम हमेशा खाना नं० 1 का ह होगा. घर 2 म0 यह बोलता है फल घर 12 दो का इकwा. पेज नंबर 90 लkन से कंु डल1 का पCका घर नंबर 12 इंसाफ मगर इंसाफ करने क2 जगह नह1ं आरामगाह. शWन 12. जैसे बह-पत ृ खाना नं० 12 हो तो Kपता. मगर खाना नंबर 12 के लए (जxम कÀडल ु के अनसार ु ) खाना नं० 1 के ह कJ उ± (मसलन खाना नं० 1 सू० = 22 साल) गजरने ु के बाद. याWन 12 का फैसला आ खर फैसला होगा। ले"कन अगर खाना नं० 12 के लए खद ु अपनी अपील कJ ज रत हो तो खाना नं० 2 पर होगी या खाना नंबर 12 के ज़ाती ताQलक ु खाना नंबर 2 का फैसला सबसे आ खर फैसला होगा। अममन ू खाना नं० 11 का पहला दWनयावी ु हा"कम (Pबल लहाज़ मलाजमत ु वगैरा). ह•म ु Kवधाता होता है 1. िजxदा होने के व•त तक टे वे वाले कJ रात हमेशा आराम से गजरे ु गी | उनकJ वफात (म€य ृ )ु के बाद वह-पWत ृ कJ अ‰या (व-तएँ ु ) रात के व•त रखना आराम दे गा। 3. और खाना नं० 1 कÀडल ु का राजा होता है . खाना नं० 2 खाल हो या जब खाना नं० 12 और खाना नं० 8 दोनE ह घरE म0 ऐसे ह हE जो इकwे हो जाने पर मंदे हो जाये तो मिxदर म0 पजा ू पाठ या या·ा वगैरा के लए जाने कJ बजाय मिxदर से दरू ह रहना बेहतर वरना खाना नंबर 8-12 कJ मंद ट•कर होगी। मसलन ( जैसे) बध ु 8. साधु समाbध होता है के जxम से पजा ू शु हो. खाना नं० 12 के ह के मतािQलका ु (सlबिxधत) Vर‰तेदार टे वे वाले के आराम पैदा करने वाले के संबंध म0 ताQलक ु म0 खदाई ु ताQलक ु का मा लक होगा. <वाब अव6था इNसान का Pसर घर 12 न ह जो बोले. तमाम द गर हालात के लए। 2. खाना नं० 8 मंदा घर. बाबा.जब बाप मिxदर म0 जाये। . 12 जहाँ दो होता है सख ु दौलत और सांस आ खर . खाना नं० 2 अपील का काम दे गा.

कवते ु «याल (Kवचार शि•त) उ€तम होगी। खाल खाना नं: 2 उं ग लयE के नाखन ू वाल पोर या टकड़ा ु Ÿहानी ताकत से मतािQलका ु (संबbं धत होगा) लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. 8 दोनE ह म0 कोई ना कोई ह जŸर हो और खाना नं: 8 का असर खाना नं: 2 म0 पपहच ुँ रहा हो यानी खाना नं० 11 म0 खाना नंबर 8 का श·ु न हो. 9 पहले और सात ¦यारह चोरां टोल एको बोल .ह-सा) 5हानी (आuयािvमक) :- खाना 2. तो अकल कJ बार कJ. पेज नंबर 91 12 ह1 पCके घर मBतरका ु धन कJ थाल 7 व0 होवे. 6.com . मैदान Vरज़क घर 10 का हो आखीर व•त घर तीसरे चलते. बने महल घर दसरे ू से है घर 5वां औलाद का bगनते. मदL बोलते 6 व0 ह> घर 8व0 से उ± मले तो. साथ लगी 9 बजग’ ु ु है च‰मा दौलत घर चौथे Wनकले. 12. बध ु शWन और शº ु यारां िज6मानी (शार1`रक) :- खाना 2. «वाब पाया घर 12 हो खरबजा ू दे ख खरबजा ू पके. 11 होता घर धम’ है अंग िज-म घर पहले होते. (तीनE ह ) म0 कोई ह जŸर हो तो कवत ू -दVरयाÉत (पछने ू कJ ताकत) व चालचलन उlदा होगी। इxसान कJ िज-मानी ताकत से मता ु ल•का होगा खाल खाना नंबर 10 (उँ ग लयE का दर मयानी .

या दसरे ु श3दE म0 पहल अव-था 25. खाना नंबर 10 से 12 चौथी अव-था बतलायेगा. पेज नंबर 92 खाना नंबर 1 से खाना नंबर 3 पहल अव-था. ले"कन जहां बध ु जबरद-त होगा तो केतु कमजोर होगा। इस लए ऐसी हालत म0 खाल खाना नंबर 6 का -वामी बध ु या केतु म0 से एक लेग0 . 12 म0 से "कसी जगह न हो तो खाल खाना नं० 12 म0 वह-पWत ृ और राहु दोनE म‰तरका ु (इकwे ) या मसनई ू (नकल ) बध ु होगा। 2. दसर ू अव-था 50. तीसर अव-था 75. •यE"क खाल खाना नं: 6 हमेशा नेक मामले म0 होता है। इस लए दोनE म0 से कमजोर या मxदे ह को खाना नं: 6 का मा लक (-वामी) नह ं लेग0 । खाल खाना नं: 9 का -वामी बाकJ खाल खानE के लए उस खाल रा श नंबर का मा लक ह (घर का) लेव0 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 . व चौथी अव-था 100 साला उ± तक | नफसानी (इिNbय) वासना खाल खाना नं० 12 उं ग लयE का Wनचला भाग. बध ु खाना नं० 3. खाना नंबर 4 से 6 दसर ू अव-था. वह-पWत ृ खाना नंबर नं० 9.हसाब से) उlदा होग0 . 6 म0 न तो खाल 6 म0 बध ु केतु दोनE ह म‰तरका ु (इकwे ) हो सकते ह>. जो "क दोनE म0 से (Cबल या जबरद-त हो) उस कÀडल ु म0 ( जxम कÀडल ु के . खाना नंबर 7 से 9 तीसर अव-था. नफसानी ताकत (इMछा) से मतािQलका ु (संबbधत) होगा। ख़ाल1 खानD के Pलए :- आमतौर पर खाल खानE कJ हालत म0 खाल खाना नं० वाल रा श का मा लक (-वामी) ह लेते ह।> खाना नं० 6 व 12 म0 बध ु वह-पWत ृ के साथ केतु राहु का Wनवास भी माना है । अत: हर दो म0 से कौन सा एक होगा :- जब वह-पWत ृ अपनी दसरू रा श 9 म0 है तो राहु खाना नंबर 12 का -वामी होगा। जब बध ु खाना नं० 3 म0 हो तो खाना नं० 6 का मा लक केतु होगा | ले"कन अगर 1.

अना मका और कWन¥का कJ जड़E का दर मयानी फासला (सरज ू और बध ु के दर मयान) खद ु काम करने कJ ताकत व आदत ƒयादा. िजस कदर ƒयादा लlबाई उसी कदर जबान ु कJ ताकत ƒयादा और िजस कदर कWन¥का कJ जड़ से बाहर को उभर हई ु या Wनकल हई ु उसी कदर रसखू पैदा करने कJ ताकत और रसखू पैदा "कया हआ ु ƒयादा होगा | . सफL बध ु के बजL ु (पहाड़) कJ हद. कWन¥का कJ जड़ और बध ु का .ह-सा. शº ु कJ जड़ से चx‡ कJ जड़ का . बध ु से चx‡ कJ तरफ कJ लlबाई वाला .हर करता है | मौका के मताPबक ु ल¿ू कJ तरह फ़ौरन पहलू बदल लेने वाला होगा | 4. पेज नंबर 93 कयाफा :- (हमसाये 'ह) हथेल1 क2 बै@नी हदद ु ू का असर 1. जो बाजू कJ चौड़ाई या कलाई कJ चौड़ाई होगी | . मyयमा और अना मका कJ जड़E का दर मयानी फासला (शWन व सरज ू के दर मयान) «यालात कJ आज़ाद जा. शº ु या औरत कJ ल¦न क•वते ु नफसानी (इ‰क मह3बत ु ) माता कJ मह3बत ु KपतरE या बजग¤ ु ु कJ सेवा कJ ताकत से मतािQलका ु होगी | हथेल1 क2 चारD तरफे :- 1. अंगठे ू और तजLनी कJ जड़ का दर मयानी फासला (िजससे मंगल नेक और बह-पत ृ है ) हौसला और अंद नी . बोलने कJ ताकत से लोगE म0 रसख ू पैदा करने कJ ताकत ƒयादा | 6. दसरE ू कJ कमाई कJ तरफ उमीद0 रखने कJ बजाये खद ु अपनी कमाई म0 बरकत पर शº ु व स¹ करने वाला होगा | 5.दल ताकत कJ मजबती ू से मतािQलका ु है | 2.ह-सा.दल मह3बत ु और ल¦न. हथेल से बाहर को Wनकला हआ ु . तजLनी और मyयमा कJ जड़E का दर मयानी फासला (बह-पत ृ और शWन के दर मयान) क•वते ु «याल (Kवचार शि•त) सोच Kवचार कJ ताकत से मतािQलका ु है | 3.ह-सा.

हर करती है | नंबर 2 :- हथेल अगर (कमजोर) या पतल और कमजोर सी-गर बाना हालत व गर बाना रोजगार वाला होगा | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दमागी ताकत ƒयादा होगी.ह-सा. शº ु कJ जड़ से बह-पत ृ के आखीर तजLनी कJ जड़ तक का .लालची होगा | मामल ू दजाL कJ िजंदगी वाला. बह-प ृ त से बध ु कJ तरफ उँ ग लयE कJ जड़ वाला .हशाते (इMछाएं) नÉÉसानी (Pबलास साम ी) या शº ु कJ ताकत ƒयादा या शº ु का असर ƒयादा होगा | 4. पेज नंबर 94 2. और उसी कदर बध ु के बजL ु कJ पाएदार होगी | 3. कWन¥का बेवफा ज़ा. िजस कदर यह लlबाई ƒयादा उसी कदर जाती हौसले म0 ƒयादा या अंगठे ू कJ ताकत ƒयादा या मंगल नेक का नेक असर होगा नंबर 1 :- हथेल भार या मोट . अना मका मशहर ू पसंद. िजस कदरर लlबाई.ह-सा.com . शº ु से चx‡ वाला . िजस कदर लlबाई ƒयादा उसी कदर ज़हनी और .ह-सा. उसी कदर «वा. •यE"क इस हालत म0 तजLनी हा सद (ई¥याLलु) माyयम बे-बWनयाद ु «यालात.

खशगजरान ु ु आसदा ू (खशहाल ु ) हाल होवे | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. उसी कदर यह ताकत ƒयादा होवे | नंबर 4 :- लlबी व गोल हथेल वाला ह•मरान ु .com . िजस कदर लlबाई लlबाई ƒयादा होवे.हरदार या ज़ा.हर करने कJ ताकत ƒयादा हो. जबान ु म0 ज़ा. पेज नंबर 95 नंबर 3 :- हथेल लlबी.

पेज नंबर 96 सोए हए ु पCके घर या पCके घरD मR बैठे मगर सोये हए ु 'ह ह सोए हए ु या सोए हएु घर से मराद ु यह है वह ह या घर सब कछ ु होते हए ु भी अपना नेक असर न दे गा। पहले घर खाना बाद के घर नंबर 1 से 6 खाना नंबर 7 से 12 तक एक अकेले न कोई द‰मन ु .ह-सा दायाँ कहलाती है बाद के घर 7 व0 से 12.com . न ह दो-ती होती है Vरयाया Pबना न राजा कोई. जागता घर वह लेते ह> जागे घर न ह असर ह का. बाद के ह सोये होते ह> घर जब का बाद खाल होवे. जब तलक खाल होते ह> लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. तरफ बा½ हो जाती है तरफ पहल न ह हो कोई. न ह वजीर होती है एक से 6 तक तरफ जो पहल . . तरफ सोई पहल bगनते ह> िजस घर म0 ह हो कोई बैठा.

सोया ह होगा। 1. असर जावे न दसरे ु घर घर 9-11 गŸ ु से जाग0 . पेज नंबर 97 ऊंच ˆि¥ट "कतना ह होवे. वह ह खद ु ह जो "क पहले घरE का हो. बध ु जगाता तीसरा घर मंगल से घर पहला जागे. शº ु जगावे सातवाँ घर शWन से 10 वां राहू 6 को. केतु जगावे बाहरवां घर सोया हआ ु घर :- िजस घर म0 कोई ह न हो या िजस घर पर "कसी ह कJ ˆि¥ट न पड़ती हो वो घर सोया हआ ु होगा। सोया हआ ु 'ह :- िजस ह कJ ˆि¥ट के मकाबले ु पर कोई ह न हो. कÀडल ु के खाना नंबर 1 से 6 पहल तरफ और ल¦न से खाना नंबर 7 से 12 बाद कJ तरफ मानी गई है। अगर पहल तरफ कोई ह न हो. WनबLल Cबल "कसी भी घर घर ˆि¥ट का जब तक खाल . हर हालत म0 सोए हए ु ह का असर बाद के घर म0 नह ं जा सकता | ह बैठा होने वला घर हमेशा जागता होगा | (उदाहरण शº ु खाना नंबर 7 या मंगल खाना नंबर 3 म0 ) हर हालत म0 जागता हआ ु bगना जायेगा | जब पहले के घरE म0 कोई ह न हो तो बाद के घरE के ह सोए हए ु माने जाते ह> | ऐसी हालत म0 "क-मत के ह को जगाने वाले ह लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. ले"कन जब बाद का घर खाल हो तो पहल तरफ सोई हई ु होगी. तो बाद के ह सोए हए ु माने जाएंगे.com . चx‡ से 8-4-2 घर रKव जगाता घर 5 वां तो.

खाना नं० 10 म0 कोई ह न हो तो खाना नं० 2 के ह सोये हEगे। खाना नं० 2 म0 कोई ह न हो तो खाना नं० 1 व 9 के ह सोये हEगे। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. «वाह (चाहे ) वह ह खद ु ब खद ु जागे हए ु ह के दो-त हE या द‰मन ु | सोया घर नंबर कौन ह जगा दे गा 2. ( ह का जागना और खाना नंबर का जागना दो जदा ु -जदा ु बात0 ह> | बगैर जगाये सोया हआ ु ह अगर खद ु ब खद ु जाग उठे . मंगल 6. केतु 3 साल वगैरा) के आ खर साल फजLन ( (जैसे "क) शº ु शाद के तीसरे साल पर. जो "क खाल है .com . अब 7 शº ु अगर औरत के भाई 8 चx‡ (शाद होने या औरत के 9 बह-पत ृ बनने के पहले) कायम 10 शWन हो तो खाना नं० 3 -वयं 11 बह-पत ृ जागे हए ु शºु का बरा ु 12 केतु Cभाव न होगा। 4. याWन फल दे ना शŸ ु कर दे तो ऐसे जागे ह कJ आम उ± (मसलन शºु 3. पेज नंबर 98 कJ तलाश कJ ज रत होगी. सोये हए ु ह को 1 मंगल जगाने वाले घर 2 चx‡ (बाहै सयत प•के घर) के 3 बध ु सlबिxधत ह का Vर‰तेदार कायम होते हए ु 4 चx‡ कोई मंदा Cभाव न होगा 5 सरज ू | उदाहरणतय: शº ु नं० 6 राहू 11 और 3 खाल . और अगर बाद के घर खाल हो. सब ह ह का मंदा फल कर दे गा. तो खाना नं० को जगाने वाले ह के उपाय कJ ज रत होगी.

बहन या 34 साला उ± के बाद दसरे ू या 36 व0 साल लडकJ कJ शाद शWन मकान ताQलक ु 36 साला उ± के बाद 6 व0 या 42 व0 साल राहु ससराल ु ताQलक ु 42 साला उ± के बाद दसरे ू या 48 व0 साल केतु पैदाइश औलाद 48 साला उ± के बाद तीसरे या 51 व0 साल लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com . पेज नंबर 99 सोया 'ह कब ख़द ु ब ख़द ु जाग पड़ेगा ह कब जाग पड़ेगा "कस उ± म0 कब मंदा असर दे गा बह-पत ृ आम कारोबार शु 16 साल उ± के बाद 6 व0 या 22 व0 साल होने पर सरज ू सरकार मलाजमत ु 22 साल उ± के बाद दसरे ू या 24 व0 साल (नौकर ) या ताQलक ु चx‡ ताल म ताQलक ु 24 साल उ± के बाद पहले या 25 व0 साल शº ु शाद करने 25 साला उ± के बाद तीसरे या 28 वे साल मंगल औरत ताQलक ु 28 साला उ± के बाद 6 व0 या 34 व0 साल बध ु •यापार.

com . पेज नंबर 100 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

िजस ह के बजL ु (पवLत) कJ तरफ रे खा उठ रह हो | दसरे ू श3दE म0 ख€म होने से पहले ह दसर ू रे खा का शŸ ु हो जाना = रे खा का टटा ू हआ ु नह ं होता. उसी उं गल का असर पैदा होगा। उं गल का झकाव ु से मराद ु यह है "क ऊँगल कJ बनावट म0 टे ढ़ापन हो न "क जा. अगर ऐसी तबद ल बरु तरफ को जाती मालम ू हो तो दान से Vरहाई और नेक असर होगा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. कÀडल ु म0 12 घरE म0 से "कसी घर म0 बैठे हए ु हE कJ मकरL ु र (Wनि‰चत) रा-तE के जVरये बा°मी (आपसी) असर मलाने कJ ताकत या नजर ह ˆि¥ट (दे खना) कहलाती है । जो उं गल टे ढ़ हो जाती है वह अपनी ताकत छोड़ दे ती है.हर झकाव ु हो | कयाफा :- ह-त रे खा म0 रे खा कJ शाखE या रे खा के उतार झकाव ु का इQम (Kवधा) ƒयोWतष म0 ह ˆि¥ट bगनते ह> । रे खा का ऊपर को झकाव ु और उठाव तर•कJ या नेक असर और नीचे के झकाव ु बरा ु असर बताता है | यह हाल (फल) शाखE के ऊपर को या नीचे को Wनकल जाने से bगना है । रे खा का ऊपर का उठाव या झकाव ु से मराद ु होगी "क इसम0 उस ह का असर आकर मल रहा है . और िजस उं गल कJ तरफ झक ु जाये.com . पेज नंबर 101 'ह (ि*ट 1. बिQक तबद ल «यालात जा.हर करता है «वाह (चाहे ) तबद ल अMछ£ हो या भल हो.

राहु.(1) एक सात घर. नजर चौथाई करते है । केतु. पेज नंबर 102 आम हालत नंबर . बध ु कJ नाल . आधी नजर ह रहती है 8. लेखा जदा ु ह रखते ह> दे खने से मालम ू होगा "क इस श•ल म0 .दये तीर के Wनशान "कसी खास (Kवशेष) . पणL ू ˆि¥ट होती है पांच 9व0 और तीन 11. चौथे-दसव0(१). 6 व0 दो बैठे 12.

मगर तीर होने वाले घर के ह का तीर शु होने वाले घर के ह के असर म0 कोई दखल नह ं हआ ु करता | कंु डल म0 हर ह व खाना नंबर कJ मतािQल ु का (सlबंbधत) चीजE का असर दे खने के लए उनकJ बा°म (आपसी) ˆि¥ट का ताQलक ु हर ह अपने से सातव0 (मyय म0 पांच छोड़कर) 100 फJसद नज़र से दे खते ह> | खाना 1 व 7 खाना नंबर 4 व 10 को 100 फJसद नज़र से दे खते ह> ( आप Wनlन bच· म0 दे ख सकते ह> ) खाना नंबर 5 व 9 खाना नंबर 3 व 11 को 50 फJसद नज़र से दे खते ह> (आप Wनlन bच· म0 दे ख सकते ह> ) 1. «वाह (चाहे ) बमिजब ू वषLफल (वषLफल के अनसार ु ) ह का असर उस घर म0 बैठे हए ु ह के असर म0 मल सकता है .हर के ह कौन-कौन से ह दो-त ह> और कौन-कौन ह इसके द‰मन ु ह>. यह एक जदा ु फेहVर-त ( ल-ट. तीर शु होने वाले घर खाना नंबर 1-3-4-5-6-8 ह> | तीर ख€म होने वाले घर खाना नंबर ह> . इसका मतलब यह हआ ु "क खाना नंबर तीन म0 बैठे हए ु ह का असर खाना नंबर 11 व खाना नंबर 9 म0 बैठे हए ु दोनE ह हE के असर म0 जाकर मला करता है | अगर तीर शु (१) होने वाले घर म0 कोई ऐसा ह बैठा हो. पेज नंबर 103 घरE से शŸ ु होकर "कसी खास घरE म0 जाकर ख€म होते ह।> तीर से मले हएु घरE का मतलब यह है "क िजस घर से तीर शु होता है वहां बैठे हए ु .दया गया है | 2. तो तीर ख़€म होने वाले घर के ह का असर खराब हो जाता | याद रहे "क तीर शु होने वाले घर का ह तीर ख़€म होने वाले घर के ह के असर को अMछा या बरा ु कर दे ता है . सची ू ) म0 दज़L कर . जहाँ पहंु चकर वह तीर ख़€म होता है | मसलन (उदाहरण) : खाना नंबर 3 से एक तीर खाना नंबर 11 म0 और दसरा ू खाना नंबर 9 म0 पहंु चकर ख€म होता है . जहाँ जा कर वह तीर ख€म हआ ु हो तो तीर ख़€म होने वाले घर म0 बैठे हए ु ह का असर और भी उlदा (अMछा) हो जायेगा | ले"कन अगर तीर शु होने वाले घर का ह तीर ख़€म होने वाले घर का द‰मन ु होता. जो "क इस ह का दो-त(२) हो.

सफL दोनE कJ बा°म ˆि¥ट और खाना नंबर 2 व 9 म0 इन दोनE का ताQलक ु जदा ु होगा | उलटे घर (आम हालत नंबर 2) घर उQटा 8 दज0 ू दे ख0. न दे ख0 5-11 घर बध ु 3-6-9-12 मारे . याWन तीन चौथाई एक दसरे ू से दरू रह जाते ह> बध ु कJ खास नाल ---राहू केतु --.हए। दोनE का मलाप ह व रा श या मदL और -·ी का जोड़ा मथन ु रा श बध ु के खाल आकाश म0 शº ु कJ गह-थी ृ नोट :. 612) लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. जो शeन नंबर 6 व6तार मR Pलखी है | (Page No.com .शeन नंबर 6 क2 उQट1 (ि*ट हआ ु करती है .हया या दोनE कJ ताकत0 आधी-आधी बा°म (आपस म0 ) मल जाती ह> | 25 फ़Jसद पर सफL एक चौथाई मलते ह>. पेज नंबर 104 पणफर रा श का ऊंच ह अपनी राशी म0 उ€तम फल दे गा | 25% P·कोण 100 फ़Jसद ˆि¥ट कJ हालत म0 दो ह एक दसरे ू के ƒयादा नज़द क या एक हो जाते या मल जाते - 50 फ़Jसद पर इनका दर मयानी फासला Wन-फ़ (आधा) रह जाता . शWन छटे से दसरा ू घर 'हD क2 बाहम (ि*ट व राPशयD (कXडल1 ु के खानD) से ताQलक ु (संबंध) :- बात को समझने के लए रा श को -·ी और ह को मदL क.

िजनम0 कंु डल वाले का आधा-आधा .ह-सा bगनकर कल ु आठE से आधा या चार परेू घर और ह> गोया बMचे के कल ु आठ घर हो गये | पहला घर अपने जxम का िज-म. कंु डल वाले कJ "क़-मत पर वैसा ह असर दे गा जैसा "क वह दसर ू जगह जाकर हो गया है । 4. नेक फल दे ने का ताQलक ु (संबंध) «वाह (चाहे ) रा श को ह के लए या ह को रा श के लए और नीच फल कJ रा श का ह बरेु असर से मतािQलका ु (सlबंbधत) होगा.ह-सE म0 बंट हई ु ससझे। 1. हE को लैlप माWनए. िजनके साथ लाया हआ ु खज़ाना bगना गया है | बा"क आठ खाने सफL तीन-तीन द वारE से बने हए ु आधे-आधे मकानE कJ तरह के 8 म-QQस ु 0 (P·कोण) ह>. हर एक खाना के लकJर को इस कोठर कJ द वार समझ0 तो «याल आएगा "क कंु डल मके अंदर के चार खाने चार द वारE वाले खाने ह>. घर कJ मिQकयत या साधारण जैसी हर मदL या औरत कJ bगनी जा सकती है । 2. नीच या मंद द‰मनी ु भल -बरु या एक के हाथE दसरे ू का बरा ु करने वाल होगी | हरे क रा श के असर के लए उसके घर का मा लक ह साधारण या आम हालत का (भला या बरा ु ) उMच फल कJ राशी से मरादसे ु . आठवां घर (खाना नंबर 8) मौत है . सब कोठर के दरवाजे "कसी न "कसी तरफ से खले ु माने गये ह> या एक घर म0 . नीयत बद bगनी जायेगी। हरे क रा श "कसी खास ह के लए खास-खास ताQलक ु (बरा ु उया भला) कJ और हर के ह "कसी खास राशी के लए खास-खास ताQलक ु का मकरL ु र (Wनि‰चत) "कया गया है । इस तरह पर मकरL ु र (Wनि‰चत) "कए हए ु जोड़े म0 से जब कोई ह अपनी मकरL ु र रा श के बजाय "कसी और ह कJ ताQलकदार ु (सlबंbधत) रा श म0 जा बैठे है . कÀडल ु के 12 खानE म0 को एक बड़े मकान कJ बारह कोठVरयां फ़ज़L कर0 . उMच हालत कJ याWन जो हरे क या बा°म (आपसी) एक के लए दसरे ू कJ नेक हो सकती है । 3. पेज नंबर 105 मह3बत ु (हकJकJ व गैर हकJकJ म0 कल ु सि¥ट ृ दWनयां ु ) कJ P·लोकJ (तीनE जमाने) या खाना नं० 3 म0 मंगल के प•के घर भाई बंद से चल रहा है । इस जोड़ कJ नीयत 3 . या िजसकJ «वाह (चाहे ) रा श कJ उस मतािQलका ु (संबbं धत) ह के लए कहो «वाह (चाहे ) ह के लए इस रा श के ताQलक ु (संबंध) से समझो.

ह-सा) भी शा मल है । अपने से सातव0 घर को दे खने वाले खानE के ह याWन खाना नंबर 3-6 के ह (तीसरा 9व0 को दे खता है मगर 9वां तीसरे को नह ं दे खता) इसी तरह 6वां बाहरव0 को दे खता है मगर बाहरवां 6व0 म0 अपना असर नह ं डाल सकता सवाए खाना नंबर 12 के (बध ु के) •यE"क बध ु को आकाश माना है (और खाना नंबर 6 पाताल और खाना नंबर 12 आसमान म0 भी खाल आकाश होता है ) हर सातव0 साल तबद ल हालत कर सकते ह> | खाना नंबर 8 मौत पीछे को दे खने वाले घर के ह हर आठव0 साल तबद ल हालत दे सकते ह> | अपने से बाद के सातव0 को दे खने वाले घर या ह> :- दे खता है खाना नंबर 3 खाना नंबर 9 को ु (बध के गहृ कJ अलाहदा (अलग) ह दे खता है खाना नंबर 6 खाना नंबर 12 को कहानी है ओ जदा ु लखी है . मगर यह मतलब नह ं है . केत.) का मकरL ु र है . पेज नंबर 106 चमकते या जलते लैlप कJ रोशनी उसके दरवाजे से दसरे ू के अxदर जाती मानी गई (ˆि¥ट) है । रोशनी के इस तरह एक घर से दसरे ू घर म0 पहचु ँ जाने के ढं ग को ˆि¥ट (दे खना) कहते ह> "लाल "कताब" म0 हर ह अपने से सातव0 याWन "कसी घर के ह "कसी घर को 100 फ़Jसद या 50 फ़Jसद या 25 फ़Jसद कJ नज़र से दे खते ह>.ु के इलावा शWन का जज ु (. याWन वह अपना असर खाना नंबर 2 कJ तरफ भेजता है | यह खाना नंबर 2 सबके लए राहु केतु कJ म‰तरका ु (इकwे ) बैठक के Cभाव (पाप-पÀय ु का मकाम ु . खला-तन ु दे खता है खाना नंबर 8-2 को 2-8 (सं•प े म0 ) नंबर 3 से नंबर 9 . से मराद ु है "क वह अपने बैठे हए ु घर का असर अपने बाद वाले घर म0 भी पहंु चा रहा है . मगर इस खाना ननर 2 म0 खाना नंबर 8 से आने वाले असर म0 तमाम पापी ह राहु . "क वह अपने से बाद वाले सातव0 घर के ह के असर को अपनी तरफ अपने बैठे हए ु खाना नंबर म0 खींचकर ला रहा है | खाना नंबर 8 मौत का घर उQटा दे खता है .

खाना नंबर 12 म0 25% फ़Jसद डालता है . गोया दध ू का बतLन ह जहर ला कर दे ता है । दोनE ह हालतE म0 ˆि¥ट का असर तो 100 फ़Jसद होता है । फकL थोड़ा सा ये है "क :- 1. और खाना नंबर 12 म0 खाना नंबर 2 व 6 कJ माफLत 25% फ़Jसद खाना नंबर 8 का असर मला है | गोया खाना नंबर 2 दे खता है 25% फ़Jसद खाना नंबर 12 को 100 फ़2सद1 और अपने से बाद के सातवR को दे खने का फकF 100 फ़Jसद वाला खाना अपने से बाद के (7 व0 ) खाना म0 दध ू म0 मले खांड कJ तरह अपना असर ऐसे का वैसा ह मला दे ता है मगर अपने से सातव0 वाला अपने से बाद के घर के Cभाव को उQटा कर दे ता है . जब कोई ह. पर खाना नंबर 8 पीछे को दे खता है | इस उसल ू पर खाना नंबर 8 ने खाना नंबर 2 को दे खा और खाना नंबर 2 ने खाना नंबर 6 को. 100 फ़Jसद के Cभाव के खाने सफL बंद मwी ु के अxदर के मकरL ु र (Wनि‰चत) ह> (याWन 1-7-4-10) मगर अपने से बाद के खाने बाहर कJ P·कोण के घरE से मकरL ु र (Wनि‰चत) ह> | याWन मwी ु के अxदर अपने से सातव0 का असल ू न होगा और न ह बाहर वालE पर 100 फ़Jसद (नेक कर दे ने) का असल ू चला सकेगा। 2. अपने से बाद के घर को 100 फ़Jसद नजर से दे खता है . «वाह (चाहे ) वह उसके दो-त हE या द‰मन ु . तो वह दे खने वाला ह अपने बाद के घर के ह म0 (बाद के घर म0 नह ं) अपना असर ऐसा मला दे ता है .com . पेज नंबर 107 को दे खता हआ ु बध ु या खाना नंबर 9 म0 बैठा हआ ु बध ु नंबर 12 से नंबर 6 को दे खता हआ ु बध ु सब ह ह का फल बेमायनी कर दे ता है चाहे वह तमाम एक तरफ और बध ु अकेला ह मकाबले ु पर हो. लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. अब खाना नंबर 2 म0 100% फ़Jसद खाना नंबर 8 का असर है . «वाह (चाहे ) वह उसके साथ ह हE या उससे अलाहदा मकाबला ु पर. तो खाना नंबर 12 का असर खाना नंबर 6 म0 25% फ़Jसद होगा. और खाना नंबर 6 ने खाना नंबर 12 को दे खा तो खाना नंबर 8 का असर खाना नंबर 12 म0 चला गया या खाना नंबर 8 अपना असर. "क पहले का असर दसरे ू म0 मला मालम ू ह न होगा जैसे दध ू म0 खांड (ऐसी मलावट को बध ु कJ मलावट कहते ह> -और इस पहले घर वाले ह का वह असर रहे गा).

com . पेज नंबर 108 जैसे "क वह पहले घर म0 था। मगर जब कोई ह अपने से बाद के सातव0 को दे खे तो न सफL दे खने वाले ह का असर उस घर म0 याWन ( ह म0 नह ं) ऐसा मला हआ ु होगा जैसे एक टांग कटे आदमी कJ टांग पर दसर ू टांग लगा द गई (2 चीजE का इकwे हो कर काम करना मगर अपने-अपने वजद ू को न छोड़ना. बाद वाले के लए बरा ु (उQटा) ह होगा. पहले घर के ह के असर बाद के घर के ह म0 मल जाने का मतलब यह होगा "क पहले घर के व बाद के घर के हE का Cभाव एक ह होगा या बाद के घर के ह म0 पहले घर के हE का असर एक ह होगा या बाद के घर के ह म0 पहले घर के हE का असर ऐसा मला "क जदा ु न bगना गया. तो जब:- क) इनम0 से पहले घर के ह कJ जहर मल तो वो सबके सब या उनम0 से चx‡ बा°म या चx‡ दसरE ू के श·ु हो जाएं। ख) उनम0 दो-ती पैदा कर दे ने कJ ताकत का असर मल जाये तो जो पहले द‰मनी ु भाव के तह. "क उस बाद के घरE म0 कई ह ह हE। पहले घर के ह का असर बाद के घर के सब हE (िजतने भी हE) म0 जब मला तो हो सकता है "क अगर वह पहले सब के सब तो बाद के घर म0 थे दो-त हE. ले"कन उस मलावट ने बाद के घर म0 याWन बाद के खाना नं० अपना कोई असर न डाला हो सकता है. पहले घर के ह का असर बाद के घर म0 मल जाने ( ह म0 नह ं) से मराद ु होगी लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. अब बा°म या चंद दसरE ू से दो-ती का ताQलक ु कर ल0वे । 2. यह मलावट मंगल कJ मलावट कहलाती है । ) बिQक उस पहले घर वाले ह का असर बाद वाले के लए Pबलकल ु उQट होगा। याWन पहले घर वाले का पहले घर म0 नेक असर था - तो बाद के घर म0 मलने के ब•त वह असर जो नेक था. मगर पहले का ख़द ु अपने लए जैसा "क वह होवे वैसा ह रहे गा | गह ृ का असर -'ह मR और 'ह का असर दसरे ू 'ह के घर मR और उनका फकF 1.

मंगल के लए जो खाना नंबर 12 का है . याWन शक ु व बध ु दोनE ह सरज ू कJ तरह चमकते लगे और सरज ू का असर नं० 7 वालE के लए. सफL अपना ह बदला असर उस खाना कJ सफL उन चीजE पर "कया जो चीज0 कJ उस असर बदला जाने वाले ह कJ और उस घर कJ िजसम0 बैठा हआु था. 12 अपने से सातव0 ह> याWन शº ु खाना नlबर 6 का जो असर है खाना नं० 6 म0 उसका उQट असर होगा. तो ˆि¥ट म0 खाना नंबर 6. और वह असर दोनE हE म0 दध ू म0 खांड (चीनी) कJ तरह मल जायेगा । यह हालत है सौ फ़Jसद कJ दसर ू मसाल है :- जब शº ु हो खाना नं० 6. "क वह असर म0 बदला जाने वाला ह था। यह ं अगर बहत ु से ह हE तो उन हE ने िजनका असर बदला गया.दया | जब ह से ह मला था तो अमल तौर पर यह फकL हआ ु था "क पहले घर के ह ने बाद के घर के ह के असर को बदला था | याWन बाद के घर का असर िजसम0 "क वो ह (िजसका असर बदला गया) बैठा था. और मंगल खाना नंबर 12 म0 . मगर वो मंगल कJ बनाई हईु मलावट कJ तरह अलग-अलग होते हए ु भी उस आ मलने वाले ह के असर का सबत ू दगे 0 । •यE"क इस घर का ह असर आ मलने वाले ह के असर ने सबके लए बदल . मबारक ु होगा. •यE"क खाना नं० 6 का शº ु नीच है | जब उसका असर खाना नं० 12 म0 गया तो खाना नंबर 12 कJ तमाम चीज0 मंगल के लए उMच फल कJ होगी। मगर ये उMच फल "कसके लए होगा.दया जो चीज0 इस घर कJ उन हE से सlबिxधत थी। मसलन बध ु व शº ु दोनE का ह प•का घर खाना नं० 7 है िजसम0 ऊपर से खाना नं० 1 का असर मल सकता है 1 फजL कर0 "क खाना नं० 1 म0 है -सरज ू और खाना नंबर 7 म0 शº ु -बध ु । अब सरज ू का असर दोनE म0 मल गया. और खाना नं० 12 म0 उस ह के लए जो खाना नंबर 12 म0 वह है मंगल गोया अब मंगल के लए खाना नं० 12 कJ सब चीजE के असर के लए जो खाना नंबर 12 कJ ह>. याWन उन हE ने अपना-अपना पहला असर इस घर कJ चीजE पर बदल कर .दया या बाद के घर के हE के लए वह खाना नं० ह "कसी और Cभाव का हो गया. अपने पहले घर म0 ऊंच हालत का होने कJ बजाय उQटा बरा ु न होगा. अपने बदले हए ु असर का सबत ू सफL उन ह चीजE पर . पेज नंबर 109 "क बाद के घर केह अलग-अलग ह ल0 गे.

दया | औरत जात के ताQलकदार ु या कÀडल ु वाले के ससराल ु वाले बगैरा पर अपने असर का उQट असर होता होगा | अगर पहले घर का कÀडल ु वाले को मंदा फल मल रहा है तो उस मंदे फल का उQटा अMछा फल मलता जाएगा। कÀडल ु वाले के उस घर के सlबिxधत सlबxधी को जो "क बाद के घर के ह म0 कÀडल ु वाले के साथ Vर‰ता रखता हो. -·ी ह शº ु चx‡ . पापी नह ं बोलते 2 म0 ह।> जÉत ु (सम सं«या). -·ी बोलते ताक म0 ह।> बध ु है बोलता 3-6 म0 तो. धोखा दे ते या च•कर है | नर ह बोलते जÉत ु के घर म0.वशेष चीजD के Pलए (ि*ट) अपने घर से पाँचव0 दो-त. बध ु से वह आ मलते ह।> घर दसव0 पर बाहम द‰मन ु . सातव0 उQटे होते ह> । आठव0 घर पर ट•कर खाते. बWनयाद ु 9 व0 पर होते ह।> तीसरे घर के जदा ु -जदा ु तो. याWन मंगल हो तो भाई. उस पर असर दे गी। मगर कÀडल ु वाले पर सीधा असर न होगा। मसलन बाद के घर म0 सातव0 मलावट कJ हालत म0 शº ु है तो असर होगा बाद के घर का शº ु पर उQट कर . बाद के घर पर. ताक(Kवषम सं«या) 1. पेज नंबर 110 याWन टे वे वाले का भाई (मंगल) का गह-थ ृ सख ु उस भाई के लए उlदा होगा | मगर कÀडल ु वाले का शº ु (औरत) का फल वैसे का वैसा ह याWन मंदा और नीच होगा। सं•ेप म0 100 फ़Jसद कJ मलावट कJ हालत म0 कÀडल ु वाले को जाती अMछा बरा ु असर मलेगा मगर अपने से सातव0 कJ ˆि¥ट असर करे गी. िजसकJ वजह से उस घर का जो ह उस कÀडल ु वाले का जैसा भी है ताQलक ु दार हो. बध ु हो तो बहन बगैरा सेहत बीमार1 शाद1 औलाद मकान बगैरा :- ( वशेष.

) ले"कन खाल खानE कJ हालत म0 सोये हए ु घर या सोये हए ु ह दे खने के लए ऊपर कJ शतL आगे-पीछे दोनE ह तरफ चला कर दे खी जाएगी | . 4. और खाना नं० 6 वालE (मामंू वगैरह) लए बध ु के काम मबारक ु हEगे | इस श·ता ु का टे वे वाले पर कोई बरा ु असर न होगा। अगर कोई होगा तो शWन का खाना नं० 6 के घर के ताQलक ु वालE पर मंदा होगा। उदाहरण :. 7. याWन 10 दे ख सकेगा खाना नं० 5 को. 60 साल असर (Cभाव) का है . मगर खाना नं० 5 नह ं दे ख सकता है खाना नंबर 10 को. «वाह (चाहे ) श·. अपना बैठा होने वाले घर के असर का उQट असर दगे 0 । बxद मwी ु (1. 10) कJ शतÙ जदा ु हEगी | खाना 6 (8 वां) म0 दोनE घरE के ह बाहम टकराव पर हEगे। सवाय खाना नं० 9 के िजनम0 कोहसार (कोई पवLत या ऊंची पवLत माला ) व व सम‡ ु कJ लहर कJ तरह का टकराव. और खाना नं० 6 म0 बध ु है जो बजाते खद ु नंबर 6 म0 ऊंच या राजयोग है । ले"कन अब खाना नं० 6 वाले याWन टे वे वाले के मामू वगैरा सफL बध ु के मतािQलका ु (सlबिxधत) कारोबार कर0 तो वह काम करने के लए राजयोग हEगे | ले"कन अगर वह मामंू वगैरा शWन के मतािQलका ु (सlबंbधत) कारोबार कर0 तो वह बबाLद हEगे। ले"कन खद ु टे वे वाले का (जातक का) खाना नं० 9 वालE के लए याWन उसके जातक के पवL ू जE के लए शWन का फल उ€तम होगा.खाना नंबर 10 से 5 तक के बीच घर होगा 11. बाVरश बरसाने का फायदा वाला टकराव होगा। बाकJ सब टकराव के घरE म0 मंदा Cभाव होगा। सातव0 (9 वां) दोनE घरE के ह बाहम साधारण दो-ती या द‰मनी ु जो भी हो। आठव0 (10 व0 ) दोनE घरE के ह बाहम द‰मनी ु पर हEगे | उदाहरणतय: खाना नं० 9 से 6 तक दर मयानी (बीच के) खाने हEगे। (10 से 12 = 3. व 1 से 4 कल ु 6 घर. मगर खाना नं० 5 से 10 तक के दर मयान घर हEगे | 6 से 9 याWन कल ु चार घर. सवाय खाना नं० 5 के चx‡ के जो खाना नं० 10 के लए ज़हर होगा | आमतौर पर पहले घरE के ह दसरे ू घर वालE को दे खा करते ह।> ( सवाय खाना नं० 8 के. दे खे जाने वाले घर पर. 12.) दोनE खानE के ह बा°म मददगार (आपसी सहायक) हEगे «वाह (चाहे ) दो-त हE. 1 से 5 =5 ) कल ु = 8 और फजLन नं० 9 म0 शWन है जो खाना नं० 9 म0 Wनहायत मबारक ु है . पेज नंबर 111 दो घरE के दर मयाँ (बीच) जब घर होवे 3 (5 वां.ु 5 वां (सातवां) दे खने वाले घर के ह.

10 . 7 . Q B 7 5 4 3 2 10 12 A 4 6 7 8 9 1 . . . H B 12 10 9 8 7 3 5 A 9 11 12 1 2 6 . पेज नंबर 112 योग (ि*ट सेहत बीमार1 के समय :- नर ह बोलते जÉत ु के घर म0. . 1 . 4 . -·ी बोलते ताक म0 है। बध ु है बोलता तीन छ: म0. 7 . . . पापी नह ं बोलते 2 म0 है। खाना ˆि¥ट बा°म आम टकराव बWनयाद ु धोखा म‰तरका ु म‰तरका ु अचानक अचानक अचानक चौट Wनशान नंबर मदद हालत द वार द वार चौट चौट 1 A 5 7 8 9 10 2 10 3 7 11 D B 9 7 6 5 4 12 2 A 6 8 9 10 11 3 4 E B 10 8 7 6 5 1 3 A 7 9 10 11 12 4 1 F B 11 9 8 7 6 2 4 A 8 10 11 12 1 5 1 10 6 . N B 5 3 2 1 12 8 10 A 2 4 5 6 7 11 11 4 8 12 P B 6 4 3 2 1 9 9 11 A 3 5 6 7 8 12 . M B 4 2 1 12 11 7 9 A 1 3 4 5 6 10 . . G B 1 11 10 9 8 4 6 A 10 12 1 2 3 7 . K B 2 12 11 10 9 5 7 A 11 1 2 3 4 8 10 1 5 9 L B 3 1 12 11 10 6 6 8 A 12 2 3 4 5 9 2 10 . R B 8 6 5 4 3 11 A=दे ख सकता है ख़ाना नंबर को B= दे खा जा सकता है ख़ाना नंबर से .

पेज नंबर 113 'हD क2 बाdम (ि*ट के वCत उनके मBतरका ु असर क2 Pमकदार - दो6ती-दBमनी ु का भाव नेक व बरेु Kह6से क2 Pमकदार होगी :- औसत तनासब ु (मyयमान अनपात ु ) के अंको म0 रकम का ऊपर का जज़ ु (भाग) दे खे जाने वाले ह कJ असर कJ मकदार और नीचे का जज़ ु (भाग) दे खने वाले ह के असर कJ मकदार होगी। सफL एक ह जज ु परा ू -परा ू अंक दे खा जाने वाले ह कJ ताकत से मराद ु होगी। .

पेज नंबर 114 योग (ि*ट बाdमी (आपसी) मदद :- «वाह (चाहे ) दो घरE के ह बा°म (आपसे म0 ) दो-त हE या द‰मन ु हE मगर करगे 0 एक- दसरे ू कJ मदद ह योग ˆि¥ट कJ फेहVर-त (सची ू ) के खाना Wनशान म0 D (आप 65वीं पो-ट म0 इस सची ू को दे ख सकते ह>) खाना नंबर 1 के सामने ˆि¥ट के खाना म0 1 म0 लÉज़ (श3द) A और B लखने म0 और खाना नंबर "बा°मी मदद" के खाना म0 लÉज़ (श3द) A सामने अंक नंबर 5 लखा है और लÉज़ (श3द) B के सामने अंक नंबर 9 लखा है | यह भी योग योग ˆि¥ट म0 लखा हआ ु है "क लÉज़ (श3द) A से मराद ु होती है "क. दे ख सकता है खाना नंबर को. िजसका मतलब यह हो जायेगा "क खाना नंबर 1 दे ख सकता है खाना नंबर 5 को बा°मी (आपस म0 ) मदद के लए लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. याWन खाना Wनशान D के सामने खाना नंबर 1 लखा है.com .

com . बेशक आम उसल ू पर वह लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 115 आम हालत इस हालत म0 बैठे हए ु ह कJ वह ˆि¥ट वगैरह कJ हालत होगी जो "क आम हालत म0 हआ ु करती है . याWन 1-7-4-10 या 5-9-3-11 वगरै ह-वगरै ह | अब बाहमी (आपसे म0 ) दो-ती द‰मनी ु का असल ू कायम रहे गा | टकराव दो मखिQतफ ु घरE के ह «वाह (चाहे ) बा°म (आपस म0) दो-त हE या द‰मन ु मगर ऐसी हालत म0 आ बैठने के व•त ज र आपस म0 टकराव पैदा कर0 गे. याWन लड़ाई झगड़ा या एक ह दसरे ू ह का बरा ु ह करे गा.

ऐसी ट•कर मार0 गे "क दस ू रे कJ जड़ तक काट द0 गे बनयाद1 ु «वाह (चाहे ) बा°म (आपसे म0) दो-त हE या न हE मगर एक दसरे ू को परू और प•कJ बWनयाद ु कJ तरह मदद ह दगे 0 या एक के उसल ू कJ वह बWनयाद ु होगी जो "क दसरे ू कJ हो या दोनE घरE के ह आपसे म0 एक दसरे ू को बा°म (आपसे म0) बWनया ु द बनाकर चलते-चलाते और मदद दे ते रहगे 0 | . पेज नंबर 116 बा°म "कतने ह दो-त हE.

दए हए ु उसल ू पर होगा | मBतरका ु (Pमल1जल1 ु ) द1वार दो घरE म0 जदा ु -जदा ु बैठे हए दो दो-तह आपसे म0 मले हएु ह bगने जाते ह>. पेज नंबर 117 धोखा अब यह ह दोगनी ु ताकत के हEगे या बरेु बात का फैसला प•के घ नंबर 10 म0 धोखा के ह के मतािQलका ु (सlबंbधत) . मगर दो द‰मन ु हमेशा जदा ु -जदा ु ह bगने जायंग0 या दो दो-त हE के बैठे हए ु घरE के दर मयान कJ द वार नह ं bगना करते मगर द‰मन ु द वार कJ वजह से बा°म (आपस म0 ) इकwे होका लड़ाई नह ं बढ़ा सकते या उसल ू तो है सफL एक साथ ह लगते हए ु दसरे ू घर कJ हालत म0 मगर .

और यह चौट कोई हर रोज़ या हर साल न होगी मगर होगी अचानक फ़ौरन और झटपट दम के दम और नकसान ु कर दे गी माल और जान दोनE ह का इस हद तक. िजस तरह "क आपसे म0 साथ साथ के घरE म0 बैठे हE मगर मख€सणL ु बा°म (आपसे म0 ) दो-त तो मले हए ु और बा°म (आपस म0 ) द‰मन ु तो जदा ु -जदा ु हो रहगे 0 | अचानक चौट बा°म (आपस म0 ) दो-त हE या द‰मन ु जब कभी भी मौका मले अचानक ह ऐसी चौट मार दगे 0 "क चौट खाने वाला सोच ह न सके "क "कस ने चौट मार थी. पेज नंबर 118 योग ˆि¥ट के व•त दरू-दरू घरE के ह भी हू -ब-हू ऐसे ह bगने जायगे 0 . िजसका "कसी को «याल भी न हो सकता हो | .

बह-पत ृ . उदाहरण के तौर पर अगर ह वाकै (मौजद ू ) हE तो सरज ू खाना नं० 1 वाले को कहगे 0 "क वह शWन खाना नं० 7 वाले से पहले घरE का। बह-पत ृ खाना नं० 4 वाले को मंगल खाना नं० 10 वाले से पहले घरE का कहगे 0 । अब मंगल से सयL ू . खाना नं० 7 का शWन.द के ºम जो जो घर या खाने पहले आएँ उनम0 बैठे हए ु ह पहले घरE के हEगे. मसलन खाना नं० 3 दे खता है खाना नं० 9. शWन हर के या तीनE ह bगनती म0 तो ज र पहले घरE के (नंबर पर) ह>. 11 को. ˆि¥ट के असल ू पर खाना नं० 10 के मंगल को नह ं दे ख सकते। एक ह घर का ह हो जब दो और घरE को दे खे. पेज नंबर 119 कंु डल1 मR पहले या बाद के घरD के 'ह 1. याWन जो ह दसरे ू हE को दे खते हE और हो भी bगनती के तरतीब म0 पहले नंबरE के तो. ˆि¥ट और एक दो तीन आ. मगर मंगल से पहले घरE के ह से मराद ु सफL बह-पत ृ से होगी या मंगल अब बह-पत ृ के बाद के घरE का ह है. तीन म0 बैठे हए ु ह से बाद के घरE के ह हEगे। . (आप इस ˆि¥ट सबंधी 60वीं पो-ट म0 दे ख सकते ह>) अब खाना नं० 9 व खाना नंबर 11 दोनE ह घरE के ह. वह पहले घरE के कहलायगे0 . •यE"क खाना नं० 1 का सरज ू .

सवाय खाना नं० 8 के िजसके ह पीछे को दे खते या अपने से पहले घरE म0 अपना असर मला दे ते ह>. ऐसी हालत म0 जब तक पीछे से बाद के घरE म0 "कसी ह का बरा ु असर आना बxद न हो जाये या पहले घरE के बरेु हE कJ मयाद (अवbध) तक बाद के घरE का Cभाव नेक न होगा। यह असल ू खाना नं० 8 के ह का खाना नं० 2 के हE के लए होगा। दो6ती-दBमनी ु करता है . शº ु से। 2.com . कÀडल ु म0 पहले घरE के ह अपने से बाद के घरE म0 अपना Cभाव मलाया करते ह>. मराद ु होगी "क चx‡ है पहले घरE म0. दे खता है :- ˆि¥ट के व•त कÀडल ु के खानE म0 1-2-3 के ºम से पहले घरE का ह अपने बाद के घरE से दो-ती-द‰मनी ु करता है (को दे खता हआ ु ) कहलाता है सवाय खाना नं० 8 के जो खाना नं० 2 को पीछे कJ तरफ दे खता है । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 120 इस तरह जब कहे "क चx‡ द‰मनी ु करता है शº ु से तो.

दन से वष¤ ह वष¤ लगातार मंदा पर मंदा समय दे खता चला आए तो वह कहाँ तक ज़माने का मकाबला ु करके अपनी िज़xदगी कायम रखता चला आ रहा होगा । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. •यE"क ऐसे टे वे वाला Cाणी प‰त ु -दर-प‰त ु (वंशानगत ु ) मंद हालत म0 होते चले आने के कारण संसार म0 रह ह कहां सकते ह>। संसार म0 एक ऐसा Cाणी जो जxम से या "कसी एक Kवशेष . पेज नंबर 121 उलझन के 'ह िजनकJ जŸरत बहतु कम पड़ेगी या ऐसी हचाल िजसके दे खे Pबना काम चल सकता है.com .

मगर सज़ा उसकJ कोई और भगते ु .े बदल(१) असर सब दे वे वह खला ु 6तन (सं~ेप मR )---जxम कंु डल (टे वे) म0 िजस ह कJ जड़ (उसकJ अपनी रा श) म0 उसका द‰मन ु ह बैठ कर 1) मिÉ-सQस ु बध ु के हाल म0 दे ख0 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com . मला असर «वाह(चाहे ) तीसरे हो बध ु मले ख़द ु टे व. ऋण Kपत ृ बन जाता हो बध ु क2 नाल1 क2 (ि*ट बवCत ऋण पत ृ असर ह घर तीसरा पहले. बध ु बैठा जड़ साथी हो ऋण Kपत ृ उस घर से होगा. उस गनाह ु करने वाले का असल कर बी ताQलकदार ु (कर ब संबध ं ी) ह । घर 9 व0 हो ह कोई बैठा. मगर भगते ु गा ज र. पेज नंबर 122 >>>>>ऋण पत ृ का 'ह<<<<< 1) ऋण Kपत ृ से मराद ु (अथL कंु डल वाले पर उसके बजगÎ ु ु . श·ु म· «वाह (चाहे ) बैठा हो हाल मंदा न तीन होगा. बध ु नाल जब मलता हो बध ु ह घर दोनE र6ी. या अपने बड़E के पाप) का ख"फ़या ु (छपा ु ) Cभाव होता है याWन गनाह ु कोई करे सजा कोई पाये. असर ह सब Wन¥फल हो साथी ह जब जड़ कोई काटे .

इसी तरह ह और ह भी याWन चx‡ कJ खराबी से माता के तरफ के मात ृ ऋण आ.कंु डल (जातक) वाले के Kपता ने Pबना वज़ह क€ते ु मरे या मरवाये तो कÀडल ु वाले पर बह-पत ृ और केतु दो ह हE का Kपत ृ ऋण होगा.हर होता चला आ रहा होगा। 2.द वह-पWत ृ का मह ुँ बxद करके -वयं मंद दशा का Cभाव वह-पWत ृ के ताQलक ु (संबंध) से (याWन या तो वह बह-पत ृ के घरE म0 हो या बह-पत ृ के प•के घर म0) दे वे तो भी Kपत ृ ऋण का बोझ होगा | 3. पेज नंबर 123 उसका फल र6ी (बेकार ) कर रहा हो. और साथ ह वह ह -वयं भी मंदा हो रहा है . वह य.भी दो हE का ह करना होगा। जैसे :. तो ऋण Kपत ृ होगा । िजसकJ आम Wनशानी यह होगी "क बाबे-बाप-बेटे-भाई वगैरह सब के सब या कई एक जxम कंु ड लयE म0 मंदा ह एक ह या ऐसे "कसी दसरे ू घर म0 जहाँ "क वह ह परा ू मंदा bगना जा रहा हो ज़ा. दरअसल (वा-तव म0 ) यह दशा खाना नं० 9 के हE से मराद ु (अ भCाय: पैदा) होती है । याWन जब उस घर म0 या उस घर के मा लक ह याWन वह-पWत ृ के "कसी दसरे ु घर म0 कोई और ह एक या एक से ƒयादा बैठे हए ु बा°म (आपस म0 ) द‰मनी ु पर हE या वह बाहम (आपस म0) या हर एक वह-पWत ृ कJ ताकत को न¥ट (खराब) करते या बह-पत ृ के असर म0 Kवष मलाते हE तो Kपत ृ ऋण होगा। राहु को.द का बढ़ाना हो सकते ह> । ऐसे •यि•त(कंु डल वाले) के अपने ह चाहे लाख राजयोग के ह •यE न हE.हर होता चला आ रहा होगा। जैसे राहु खाना नं० 11. शWन खाना नं० 4 या 6 या बध ु खाना नं० 2 या 3-8. 11-12 उस वंश के कई एक ह जxम कंु डल यE म0 जा. जो (कंु डल वाले) जातक पर 16 से 24 साला उ± तक या (कंु डल वाले) जातक के बा लग होने कJ उ± से 16 से 24 साल तक रह सकता है । इसी Cकार ह बाकJ सब हE का उपाय होगा. बरा ु असर दो हE का ह होगा और उपाय :. याWन एक तो उस ह का उपाय करगे 0 जो खद ु Wन•कमा हो गया और दसरे ू उस ह का उपाय करगे 0 जो उसकJ जड़ कJ रा श (याWन वह रा श उसके लए बहै सयत माल"कयत ह मकरL ु र (औकात मलकJयत या ह Wनि‰चत हो) म0 बैठ कर उसको Wनकlमा कर रहा हो। . वह-पWत ृ को चप ु कराने वाला bगना है .

लखा है । मयाद उपाय के लए ह का उपाय के हाल म0 दे ख0 – याeन उ‚ाहरण :.com .40-43 . और दसरा ू उपाय वह होगा जो बह-पत ृ खाना नंबर 9 म0 बबाLद होने के व•त पर मददगार होगा.दन या हÉते खाल छोड़ द0 और "फर उसके प‰चात दसरे ू उपाय 40-43 . राहु केतु कJ -वयं अपनी मंद हालत या नीच (राहु खाना नं० 12. ऋण Kपत ृ के समय -वयं उस ह का जो मंदा हो गया हो और िजस ह ने जड़ रा श से बबाLद "कया हो. दोनE ह का उपाय और दोनE ह कJ मयाद तक करना मददगार होगा । कÀडल ु वाले के सlबxधी के ताQलक ु और पाप के "क-म से ऋण का नाम मकरL ु र (Wनि‰चत) होगा जो "क आगे . केतु खाना नं० 6) या 2-8 म0 कोई उ€तम या सहायक ह न हो तो ऋण Kपत ृ कJ हालत म0 सफL सांसाVरक माया पर बोझ इlxदा असर) होगा.दन या हÉते कर0 "फर कछ ु .दन कJ बजाय 40-43 सdताह लगातार होगा. जब तमाम के तमाम खानदान (वंश) कJ अMछाई के लए करना हो। yयान रहे "क एक समय म0 दो उपाय चालू या शु करने ठ£क न हEगे •यE"क ऐसा करने से "कसी उपाय का भी फल Cाdत न होगा। अत: पहले एक उपाय 40-43 .दन या 40-43 सdताह लगातार कर।0 2. बा"क "कसी तरफ भी मंदा असर न होगा 3. पेज नंबर 124 मसलन बह-पत ृ खाना नं० 9 म0 बैठा हो और राहू खाना नंबर 2 या खाना नंबर 11 म0 बैठ जाये तो एक उपाय तो राहू खाना नंबर 2 या 11 म0 राहू कJ मंद हालत के व•त करने को लखा हा वह करगे 0 .दया जा रहा है :- लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

द को समाdत ह चाहे व$जह कल ु कर चक ु े या करते हE परो.शº ु बध ु ऋण Kपत ृ बड़E का पाप :. पेज नंबर 125 ऋण क2 क6मे जैसी करनी वैसी भरनी नह1ं क2 तने ू तो करके दे ख ºमांक ह का "कस कौन ऋण कJ वजह पाप साधारण bचxह और •याफा नाम खाना साथ "क-म के लए नंबर द‰मन ु म0 ह बैठा हो 1 बह-पत ृ 2-5. साथ म0 (पड़ोस म0 ) धमL 9.हत ु खानदान म0 Pबना औलाद के या कोई और खानदानी करवट। 2 सरज ू 5 शक ु या ज़ाती अंत खराब उस घर म0 ज़मींदोज़ पापी ऋण नाि-तकपन पराने ु अि¦नकंु ड आम हEगे या केतु र-मE-Vरवाज़ Pबलकल ु आसमान कJ तरफ से न मानना. राहू खानदान का कल ु मं.दर या व०ृ से चीज0 12 परो. Wनंदा रौशनी के रा-ते आम हEगे भ€सLना करना 3 चx‡ 4 मात ृ माता Wनयत बाद हमसाया कआँ ु दVरया नद - अपनी औलाद पैदा नाला पजने ू के बजाय घर होने के बाद अपनी का गंदा मादा बहाने या माता को दर बदर जमा करने का ज़Vरया अलहदा या दखी ु बनाया जा रहा होगा करना या इसका ख़द ु बा ख़द ु ह द ु खया हो जाने पर लापरवाह करना .हत ु बदला गया पीपल आ.

दन €योहार के आई. ऐसे ढं ग पर िजसका आम दWनयादारE ु को भेद न खल ु सके . पेज नंबर 126 ºमांक ह का "कस खाना कौन ऋण कJ वजह पाप साधारण bचxह और नाम नंबर म0 साथ "क-म •याफा के लए द‰मन ु ह बैठा हो 4 शº ु 2-7 सरज ू -·ी ऋण कटlबी ु ु पेट मार उस घर म0 दांतE राहू चx‡ औरत को बMचा वाले जानवरE का जनने कJ हालत म0 पालन खास कर "कसी लालच कJ गाय को पालना या वज़ह से ख€म कर अपने घर म0 रखने दे ना से खानदानी नफ़रत का उसल ू चलता रहे गा 5 मंगल 1-8 बध ु केतु Vर‰तेदार म· मार ज़हर के Vर‰तेदारE के मलने का ऋण वा"कयात करना या बरतने के उसल ू से "कसी कJ पकJ-पकाई नफ़रत या बMचE कJ खेती को आग लगा पैदाइश और गह-थी ृ दे ना या "कसी भस > आखर बMचा दे ने को . उसको मरवा व•त ख़शी ु मनाने . से गरेु ज़ (दरू रहना मकान बनाने पर आग या नफ़रत करना) लगा दे ना वगैरह होगा 6 बध ु 3-6 चx‡ लडकJ जवानी धोखा "कसी मासम ू कम उ± या बहन का कJ प·ी गमराह ु बMचो को ु या बहन फ़रो«त करना («वाह ऋण कJ ह€या (हद से लड़का या लडकJ) या ƒयादा ज़Qम ु ) करना उनका लालच म0 तबादला जायज़ कर लेना.दया या मार दे ना.

पेज नंबर 127 ºमांक ह "कस कौन साथ ऋण कJ वजह पाप साधारण bचxह और का खाना द‰मन ु "क-म •याफा के लए ह बैठा नाम नंबर हो म0 7 शWन 10. सरज ू ज़ा लमाना जीव ह€या मकान (शनी घर के मकानE का बड़ा 11 चx‡ ऋण के मतािQलका ु अ‰या) रा-ता अममन ू दŒ•ण म0 मंगल धोखे से ले लेना मगर होगा या Wन:संतान लोगE इसकJ कJमत "कसी भी से जगह लेकर मकान तरह अदा न करना बनाया होगा या रा-ता या कआँ ु छत कर महल बनाएं हEगे 8 राहु 12 सरज ू अनजxमे ससराल ु या बाहमी घर से बाहर Wनकलते हए ु शº ु का ऋण दनयावी ु तQल•दा ु रE से दरवाजE कJ दहल ज़ के मंगल (पैदा भी धोखा. फरे ब या दगा कJ नीचे से घर का गंदा पानी नह ं हए ु ) घटनाएँ ऐसे ढं ग पर "कये बाहर Wनकालने के लए हE "क दसरे ु के कल ु ह नाल चलती होगी या गकL हो जाये दŒ•ण कJ द वार के साथ उजाड़ कP¹-थान या भड़भजे ू कJ भwी होगी 9 केतु 6 चx‡ दरगाह का क€ता ु -फ़कJर-बद चलनी दसरE ू कJ नर औलाद मंगल ऋण बद फेल मगर ऐसे ढं ग "कसी न "कसी ख"फया ु या (कदरती ु ) पर "क दसरे ु कJ गर ब गमनाम ु बहाने से जाया क€ते ु कJ तरह हद से करवाना | क€तE ु का Pबना ƒयादा ददLु शा या तबाह वज़ह गोल से मरवाना या हो जावे और ऐसी केतु कJ दसर ू मतािQलका ु कारवाईयE म0 नीयत बद चीज0 या Vर‰तेदारE कJ कJ बWनयाद ु हो अपने लालच कJ वज़ह से कल ु न¥ट करना या करवा दे ना हर हालत म0 नीयतबद बWनयाद ु bगनते ह> .

पेज नंबर 128

ऋण पत ृ क2 पहल1 हालत
(जब बध
ु जड़ मR बैठा हो)

बह-पत
ृ हो खाना नंबर 9 म0 , और बध
ु हो खाना नंबर 12 म0
सरज
ू हो खाना नंबर 9 म0 , और बध
ु हो खाना नंबर 5 म0
चx‡ खाना नंबर 9 म0, और बध
ु हो खाना नंबर 4 म0
शº
ु हो खाना नंबर 9 म0, और बध
ु हो खाना नंबर 2-7 म0
मंगल हो खाना नंबर 9 म0, और बध
ु हो खाना नंबर 1-8 म0
शWन हो खाना नंबर 9 म0 , और बध
ु हो खाना नंबर 10-11 म0
राहु हो खाना नंबर 9 म0 , और बध
ु हो खाना नंबर 12 म0
केतु हो खाना नंबर 9 म0 , और बध
ु हो खाना नंबर 6 म0

ऋण पत ृ क2 दसर1
ू हालत
जब 'ह मतिQलका
ु क2 जड़ मR उसका दो6त 'ह बैठा हो

बह-पत
ृ खाना नंबर 2-3-5-6-9-12 और खाना नंबर 2 म0 शWन बाहै सयत पापी ह
से बाहर कह ं भी हो या
खाना नंबर 5 शº

या
या बह-पत
ृ खाना नंबर 1-4-7-8-10-11 खाना नंबर 9 बध

म0 कह ं भी हो या
खाना नंबर 12 राहु
या
खाना नंबर 3-6 बध
ु शº
ु या शWन बाहै सयत
पापी

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पेज नंबर 129
सरज
ू खाना नंबर 1-11 से बाहर हो और खाना नंबर 5 म0 शº
ु या पापी ह

चx‡ खाना नंबर 4 से बाहर और खाना नंबर 4 म0 शº
ु , बध
ु , शWन
हो तो Kपत ृ ऋण कJ दसर
ू अव-था होगी

शº
ु खाना नंबर 1-8 से बाहर हो और खाना नंबर 2-7 म0 सरज
ू , चx‡,
राहू म0 से कोई एक या ƒयादा

मंगल खाना नंबर 7 से बाहर और खाना नंबर 1-8 म0 बध
ु , केतु
बध
ु खाना नंबर 2-12 से बाहर और खाना नंबर 3-6 म0 चx‡

शWन खाना नंबर 3-4 से बाहर और खाना नंबर 10-11 म0 सरज
ू , चx‡,
मंगल

राहू खाना नंबर 6 से बाहर और खाना नंबर 12 म0 सरज
ू , शº
ु ,
मंगल

केतु खाना नंबर 2 से बाहर और खाना नंबर 6 चx‡, मंगल
जxम कंु डल के मताPबक
ु ऊपर िज़º कJ हई
ु हर दो हालतE म0 खाना नंबर 2-5-9-
12 कJ मंद हालत भी ज र साथ हो, तो ऋण Kपत ृ होगा वनाL कोइय "कसी भी
"क-म का ऋण Kपत ृ या मात ृ या कोई और ऋण न होगा | «याल रहे "क ऋण Kपत ृ
हमेशा जxम कंु डल म0 दे खा जायेगा | वषLफल वाल कंु डल का उससे कोई ताQलक
ु न
होगा |

ऋण पत ृ का उपाय

ऋण कJ मायने कजाL-Kपत ृ से अथL है बजग¤
ु ु से सlबंbधत या ऐसा पात या गना
ु ह जो "कया
था बजग¤
ु ु ने मगर इसके एवज़ भरना पड़ा मौजदा
ू प‰तE
ु को | ह कJ मतािQलका
ु अ‰या
(सlबंbधत चीज0 ) या Vर‰तेदार या कारोबार का उस हद तक नकसान
ु कर दे ना "क मख
ु लक का
बेड़ा ह गकL हो जाने कJ नौबत आ जाये | ऐसे व•त म0 द ु खया के दल का धआं
ु Kपत ृ ऋण का
बहाना होगा | इस लए ऐसे उपाय के व•त तमाम का तमाम खानदान या जहाँ कह ं भी उसे खन

का कोई Vर‰तेदार याWन लडक़J, पोती, बहू, बहन, दोहता, पोता, बाबा, पड़दादा गज‹"क जहाँ तक खन

का ताQलक
ु हआ ु या हो रहा हो, सब के सब को उसका उपाय म0 ,ह-सा डालना मददगार बिQक
ज र होगा | -·ी के माता-Kपता याWन (टे वे वाले के ससरु)

पेज नंबर 130
के सlबिxधयE के लए Kपत ृ ऋण के उपाय म0 बतौर ,ह-सेदार शा मल होने कJ कोई

शतL नह ं। मंगल टे वे वाले कJ लड़कJ-बहन-बआ
ु , या उनकJ औलाद «वाह (चाहे ) नर

चाहे मादा, दोहता-दोहती- भांजा-भांजी, वगैरह का बतौर ,ह-सा शा मल होना या करना

जायज़ बिQक ज र माना है | ले"कन अगर "कसी वज़ह से ऐसा न ह हो सके तो

कोई वहम कJ बात नह ,ं ले"कन बेहतर होगा अगर ,ह-सेदार कर हो लए जाएँ |

ले"कन अगर "कसी वज़ह से कोई Vर‰तेदार बतौर का"फ़र या "कसी जाती नाराज़गी

के वज़ह से शा मल न हो या हो सके तो उसको यह अज़L कर दे ना ज र होगा "क

ऐसे Kपत ृ ऋण या खानदानी कोढ़ का गxदा बोझा इअसे बाहर रह जाने वाले Cाणी

के खानदान या िज-म म0 बा"क चलता रहे गा | ले"कन बहै सयत खानदानी मैबर ऐसे

उपाय करने वाले का फज़L होगा "क वह ऐसे बाहर रह जाने वाले Cा णयE के लए भी

अपनी खद
ु कJ मज़’ आर ,हlमत से ऐसे गमराहE
ु का ,ह-सा एअसे उपाय म0 दा खल

कर लेवे | मगर "कसी दसरे
ू के लए डाला हआ
ु ,ह-सा आम ,ह-से से दस गणा

"कया जाएगा, याWन अगर आम ,ह-सा एक-एक पैसा के हो तो ऐसे गमराह
ु के

,ह-सा का खचाL दस पैसे तस•वरु (माना) जायेगा |

िजस तरह आम टे वे ट पडE म0 ऊपर कहे हए
ु ढं ग कJ ह चालE से ज़ा,हर हो

जायेगा "क उस खानदान म0 कौन सा ह बतौर ऋण Kपत ृ चला आ रहा है, और उसी

तरह ह हू-बा-हू हर ह कJ मतािQलका
ु कारवाईयE और नीचे ,दए हएमं
ु दे असरE से
Wन‰चय होगा "क दरअसल ऋण Kपत ृ का ह ख"फ़या
ु तौर पर खानदानी खन
ू म0 जड़

को खोखला करने के लए कभी-कभी ध•का लगाकर गैबी भचाल
ू या -याह मटट

कJ आंधी कJ तरह ज़ा,हर होता रहे गा |
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पेज नंबर 131
बह6पत
ृ :-

उस वंश म0 िजस समय कोई पŸष
ु या -·ी के बालE के ताQलक
ु म0 -याह से बाल
सफेद आने लग जाएं, उसकJ "क-मत का सोना दWनयां
ु कJ जदL रं ग कJ पील ) मटट
म0 बदलता मालमू होने लगेगा | व•त आता नजर आयेगा "क बाल सफेद हए ु सफेद
से जदË (पीलेपन) म0 आ पहंु चे तो हू -बा-हू ऐसी त3द लयE के साथ-साथ ह "क घर
का सोना पीतल हो गया और पीतल से -याह (काला) लोहा वो भी जंगार (जंग) से
भरा हआ
ु याWन सं•ेप म0 बालE कJ -याह तक "क-मत कJ कान का ज़ा,हरा ज़दL रं ग
खरा सोना रहा | सर के बालE कJ -याह घट तो "क़-मत के मैदान से मंद -याह
से सोने का लोहा (मंद हालत का) आ हआ
ु | दनयावी
ु इƒज़त Pबला (Pबना) बहाना
बेईƒज़ती का बहाना होने लगी | जो काम ख़दु -बा-ख़द
ु होते चले आ रहे थे या हो
जाया करते थे अब दम तोड़कर ज़ोर लगाने से भी कोई नेक फल पैदा न करगे
0 |
सख
ु के साँस कJ जगह दःख
ु के काल खांसी कJ आम शकायत होगी | माथा खश

और हँसता हआ ु मालमू होने कJ जगह दWनया
ु कJ गंद कदरतE
ु और मसीबतE
ु का
मारा हआ
ु ददL करता होगा |

बह6पत
ृ का उपाय :-
कल
ु खानदान के हर एक मैlबर जहाँ तक "क खन
ू का असर हो हर एक से एक-
एक पैसा वसल
ू करके धमL मं,दर म0 एक ह ,दन दे ना
या
उनके खानदानी घर से बाहर Wनकलने के लए दरवाज़े पर अटक जाएँ, मह
ु ँ बाहर को
और पीठ मकान के अंदर को है, अब िजधर नज़र जा रह है या िजधर बायाँ हाथ है
इन दोनE तरफ म0 सोलह कदम के अxदर बह-पत
ृ कJ अ‰या (चीज0) धमL मं,दर या
पीपल का दर«त मौजद
ू होगा, उसकJ पालना करना |

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पेज नंबर 132
सरज
ू :-
जो भी जवान हआ
ु या जहाँ भी जवानी ने सर उठाया, उसका िज़-म सर और
पांव राजदरबार हवाओं के मंदे झEकE से तंग आने लगे गोया उठती जवानी के लए
दःख
ु और गर बी ख़द
ु -बा-ख़द
ु उठकर आ मलने लगे | बचपन कJ उlमीद0 दप
ू के
असर के का"फ़र कJ तरह ख़द
ु -बा-खद
ु ख़€म हई ु | मक़दमा
ु "कसी का कजाL "कसी का,
ड ी "कसी और के नाम कJ मगर वसल ू डंडे के ज़ोर पर उस Cाणी से होने तक कJ
नौबत आ पहंु ची | "कसी ने न दे खा "क दरअसल कसरू "कस का है | सब को यह
मालम
ू होता गया "क उस के बाजु म0 जो ददL हो रहा है, वह उसके िज़गर के खराबी
का बहाना है | इस लए ,दल और िज़गर का आपरे शन होना चा,हए या आंखे तकल फ
म0 ह>, मगर राजदरबार डा•टर ने अपनी द ललबाज़ी को हर तरह से साPबत करते हए

उसे Cाणी के सब दांत Wनकलवा कर कज़ाL का हलवा खाने के लए मजबरू कर ,दया,
गज़‹"क लयाकत कJ "क़-मत और ,दल कJ «वा,हश तमxनाओं कJ आह0 उठती
जवानी से बढ़ापे
ु के शरु तक 48 साल उ± तक िज-म के अंदर दबी हईु या कफ़न म0
लपेटकर जाती हई ु या अपनी ह हरकत म0 चलती हई
ु दे ख ी गई और जं-ू जंू आज़ा
(शार र के अंग हाथ पांव सर आ,द) कमज़ोर हआ ु सर ,हलने लगा | शांWत कJ कछ

ठं डी हवा ( मददगार) के झEके साथ दे ने लगे, वह भी उस व•त जब कोई बMचा
बिQक पोता 11 मह ने या 11 साल कJ मयाद म0 आ पहंु चा |

सरज
ू का उपाय
कल
ु खानदान के हर एक मबर
0 जहाँ तक "क खन
ू का असर हो उन सब का
बराबर और म‰तरका
ु ,ह-सा लेकर य… करना |

लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0
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com . घर का दध ू . अथाLत Kवफल होने लगे। हरचंद (हरे क) हर उपाय "कया. आमदन का फ़•वारा.दल कJ शािxत.ह-सा कJ चाँद लेकर दVरया म0 एक ह . संसार म· सlबिxधयE कJ ग़ैबी (दै वी) मदद. Vर‰दारE कJ बीमाVरयE. घड़े का पानी. ताल म का जवाब Wनकlमा ह रहा। Ÿपया जमा "कया तो वह बरेु कामE म0 याWन "कसी मद‹ ु के कफनE. रे शम के सफेद रं ग कJ बजाय द वारE पर रं ग बदलने के लए मटट कJ सफेद म0 बदलने लगी. . िजस "कसी ने भी . नाहक जमाL ु ने म0 खचL होता गया और ऐसा समय कभी न आया "क जब .दन बहाई जाये। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 133 चNb जब भी ऐसा Cाणी ताल म से संबध ं करे या दध ू के जानवर (वह पशु जो दध ू दे ता हो) उससे मतािQलका ु (सlबंbधत) हो जाये या ऐसी -·ी दध ू (बMचे वाल होकर) Kपलाने लगे । चाँद का पैसा.हlमत कJ.दल ने खद ु खश ु हो कर पीने के लए दध ू माँगा हो या कसी दसरे ू साथी को बगैर मांगे Pबला मतलब ख़द ु -बा-ख़द ु अपनी ख़शी ु से दध ू Kपलाया हो। अगर कोई समय आया होगा तो दसरे ू कJ पगड़ी या दो-त के जते ू को मÁत ु उड़ाने कJ इMछा ह पैदा हई ु होगी। चNb का उपाय कल ु खानदान के हर एक मबर > जहाँ तक खन ू का असर हो उन सब से बराबर- बराबर . रात का आराम.

दसरे ू कJ तोड़ने कJ को शश कJ गई या कई एक थमते ह ख़द ु -बा-ख़द ु टट ू गई.हरदर का नतीजा कभी भला न पाया गया). मगर ये पता न चला "क शाद शदा ु औरत या मदL म0 (जोड़े म0 ) वा-तव म0 भा¦यवान कौन था िजसके ऐसे शभ ु काम होते ह बंदर "कला (मेख) आजमाय और जमी हई ु मटट उड़कर सर पर पड़ने लगी और गऊ और माता दोनE ह रात को PबQकने (रोने) लगे | एक चड़ी ू टट ू .दल से उछल कर बाहर कतरे -कतरे हो कर बहने लगा | शf ु का उपाय 100 गायE को जो "क अंगह न न हो सारे कल ु खानदान के बराबर-बराबर और म‰तरका ु खचL पर एक ह . जो जा. फलवै ु हर वगैरह) ख़शी ु के व•त मातम का साथ याWन इधर या एक तरफ शाद हो रह हो तो. कह ं िज़Qद म0 कोढ़. उधर उसी व•त ह या उxह ं के कर बी संबध ं ी का कोई मदाL ु जल रहा या जलाने के लए तैयार होगा | अगर कोई फतह होती होगी तो "कसी न "कसी का कफ़न खर दा गया होगा | सं•ेप म0 खशी ु के पल म0 ग़मी का बीज मल रहा होगा. पेज नंबर 134 शf ु :- शाद हए ु या शाद होने के लय बाज़े बजने लगे. िज-म को धोया. मगर भेद न खला ु "क वह मदL था उया औरत िजसकJ ख़बसरती ू ू को दे खते ह हर एक ने ऐसे आँसू बहाये.हर न हए ु "क वह बेहद ख़शी ु के थे या मातम म0 ज़ले हए ु .दन म0 लज़ीज़ (मजेदार) भोजन खलाया जाये। . खबसरती ू ू ने साथ .दल कJ भाप का पानी जो . बनाया.दया | औरत या खाKवंद बन बैठे मगर व-ल कJ रात ( मलन कJ रात) शाद का फल (औलाद नVरना और दWनयावी ु ज़. िज़Qद चमकने लगी.

अचानक मौत का शकार या "कसी न "कसी और वज़ह से नाहक बबाLद या तबाह दे खा गया | उ± का आम असाL 28 साला उ± और 36 साल के दर मयान का असाL उस जा लम च•कJ के चलने का ज़माना (समय) पाया गया. का नतीज़ा ख़दु -बा-ख़दु नेक होता हआ ु मालमू होने लगा (अपने आप होता गया)। जो नह ं भी जानता था.com .मलाने «वा.दखावा करने वाला) दWनयावी ु (संसार ) खांड ने शीशे के बार क टकड़E ु कJ रे त का सबत ू . मxसफ़ ु (xयायकताL) ने नजर फेर और िजxदा ह क¹ (धरती) म0 गाड़ . िजसम0 भी हाथ डाला.हरदार (.दया गया । रहम ने साथ छोड़ा. पेज नंबर 135 मंगल :- शर र म0 खनू पैदा हआ ु और मंहु पर मछ ू 0 Wनकलने लगी या माहवार अŠयाम (मा सक धमL) शु हआ ु .दया। वह अपने धमL-ईमान पर चलता रहा.दया। एक नह ं जो भी खानदान से सबसे अMछा उlदा है सयत का फल या एक कारामद Cाणी साPबत हआ ु मालमू होने लगा. राज सभा.हशमंद हआ ु | द‰मन ु झझकने और दो-त आशा रखने लगे | जो भी दांतE म0 आया ख़द ु -बा-खद ु ह च•कJ म0 अनाज़ के साथ घन ु (कJड़ा) कJ तरह Kप-ता चला गया या इस तरह लोग मलने लगे श·-ु म· बनने लगे जो भी श·ता ु पर आया Kपस गया। मैदानी जंग. खन ू ग.दया या दे ने का ह•म ु सना ु . यार दो-त (-·ी दरबार या माता के पVरवार) बज‹"क (बिQक) याWन हर जगह उसकJ तलवार का डंका बजने लगा मगर अचानक (एकदम) दम के दम म0 •या हआ ु "क गमनाम ु आग भड़क उठ£ या अचानक ये सब •या हो गया "क सबका सब -वाह हो गया | ू गई ( या यूँ समझे "क आग छत पर पहंु चने से अभी थोडा सा ह नीचे था "क कमर टट उठ£ तो छत पर जाने के लये जो र-सी रखी थी "क वह भी अभी थोड़ा ह नीचे थी "क टट ू गई।) छाती कJ हहिáडयाँ टट ू गई. बMचा बनाने कJ धन ु (लगन) पैदा हईु | हर नये काम म0. मगर "कसी हकJम या डा•टर ने यह तÉतीश न कJ "क उसके खन ू म0 उस क‡ त•तौर अMछ£ हालत होते हए ु उसम0 अचानक और दम एक दम ज़हर आ बनने के वज़ह •या थी | के नह ं दो नह ं वा"कयात तो बहत ु हए ु मगर तमाम हमदद¤ ने सफL अफ़सोस के आंसू बहाए मगर बे मौका ज़ा लम तलवार के चलाने वाले का सराग ु न पाया गया | मंुह पर मंूछे •या Wनकल "क मौत कJ आमद कJ "करण0 साPबत हई ु । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. कोसो दरू (दरू-दरू) से ऐसे Cाणी को शौक से मलने. "कसी म· ने मदद न कJ और मटट कJ डल के इलज़ाम (जमL ु ) म0 उसका खन ू बहा .दLश म0 हआ ु . C€येक पर भरोसा रखे हए ु मगर ज़.

द हो | तमाम खानदान के तQल•दारE ु से एक-एक पैसा इकwा करके शWन के मतािQल ु का कारोबार करने वाले श«स को इस काम को कछ ु . ऐसे •यि•त के न तो नर संतान हई ु होगी और अगर हो गई वह बेचारा ऐसी औलाद कJ जवानी का ज़माना न दे ख सका और अगर कह ं लडके जवान हो भी गये तो वह बMचे इस श«श कJ ददLु शा ह करते रहे .com . िजसने खर द है उसका लडक़ा मर गया या िजसने उन दकानE ु म0 कारोबार "कया वह बबाLद हो गया. सामने ऐसे •यि•त कJ दकान ु होगी। दाएँ हाथ कJ ओर उस चौक से रा-ता जा रहा है उस दकान ु का दरवाजा भी उसी हाथ पर है.ह-सा मÉत ु करने के लए दे ना। ऐसे श<स क2 eनशानी :. ऐसी हालत म0 चौक म0 ठहर गये. पर बाएँ हाथ कJ तरफ जो दकान ु 0 ह> उनका मा लक उxह0 बेच गया है . वज़ह सफL यह हई ु "क वह श«स शWन खाना नंबर 4 का मारा हआु याWन हकJम होते हएु सांप का तेल बेचता रहा। कार गर होता हआ ु धोखादे ह से प•के कJ जगह कMचा सामान दे ता गया या ऐसे कहो "क दसरE ू कJ शWन कJ मतािQलका ु अ‰या (सlबंbधत व-तएं ु ) को ऐसे धोखे से बबाLद करता गया िजसके सफL ग़ैबी ताकत (दै वी शि•त) का मा लक ह पहचान सका लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पीठ अभी गांव कJ ओर से बाहर को ह है और मंह ु गांव के अxदर कJ तरफ. पेज नंबर 136 मंगल का उपाय बाहर से गांव म0 दा खल होने पर दरlयानी दकान ु के मा लक जो शWन के काम याWन कारोबार पेशा अथाLत कोई कार गर. पेशावर हकJम हािज़क या नालबंद आ.************* गांव से मशVरक (पवL ू ) कJ ओर से दा खल होते हए ु एक चौक आया.

मगर ये न पहचान सका "क उसकJ जाती और ज़6ी को बबाLद करने वाला कJड़ा "कस जगह लगा हआ ु है और उसकJ खची ु के बाजे से मातम कJ आवाज •यE आ रह है | साल भर अगर कह ं म0 \मेहनत से दो पैसे जमा कर लए तो आ खर पर नया साल शु होने से पहले दो आने का खचाL याWन डेढ़ आने मनफJ (नकसान ु ) का जवाब ह मलात रहा. बहन का साथी भाई साथी आ पहचा ुँ | दोनE मल के आपस म0 बैठने लगे | हाँ-हाँ. अ•ल मर गई |दाएँ कJ जगह हाथ बाएँ का लग गया | जबान ु का एक जरा सा लÉज़ तलवार से ƒयादा नकसान ु कर बैठा | लड़का पैदा हआ ु . उस खानदान म0 जब तक कोई बाप (बेटे) का) न बना या माता न हई ु खशहाल ु . मगर ƒयँू ह नरेु चा‰म खानदान के bचराग लडक़े पैदा हए ु . दांत .दल अपनी ह हालत को दे खकर रात के व•त आँसू बहाने लगा। मगर बतLन म0 उस गमनाम ु सराख ु का भेद छपता ु ह चला गया. हूँ-हूँ. ले"कन उस नमक हराम लâडी (लडक़J) (बध ु ) ने कई खानदानE को तो ऐसा बबाLद करके छोड़ा "क उनका नाम लेवा तो एक तरफ बिQक अपने शर क भाईचारा (भाई बxध)ु आमदन के मददगार खानदानी पालने वाले. घर वालE ने शº ु मनाया. और तxदŸ-त रहे . और ऐन जवानी के परेू ज़ोर पर चलती हई ु च•कJ के मरकज़ी "कल Wनकल बैठ£ | Kपता कJ उ± श•कJ हई ु या माता अपनी ह जान से हाथ धो बैठ£ या चल ह बसी. मगर बाप को पता नह ं •या Kवपदा आ पड़ी "क उसका धन-दौलत सब रे त हो गया। नाड़े खचन0 लगी.हलने लगे. वह Cाणी जो अब बाप बना. बजगL ु ु माता खानदान के Vर‰तेदार (संबध ं ी) या . मगर बचत सफL यह रह "क अगर पये ने हार द तो जानE ने साथ नह ं छोड़ा. अगर कोई माता बनने पर िजंदा रह तो वह आ खर बढ़ापे ु तक अपनी मंद हालत दे खकर हर रात ससकती औ Pबलखती (रोती) ह दे खी गई और जो बाप बना था वह हर चंद (व•त) खचL और कारोबार को थम-थमा कर चलता चलाता गया. पेज नंबर 137 बध ु :- लडक़J पैदा हई ु . तं-ु ताँ याWन लड़ाई झगड़ा होने लगा। दांतE कJ च•कJ चलते ह आवाज़ आ Wनकल "क कोई लटक गया | कपड़ा आ फंसा. अपने ह . च•कJ को हQका करो | "कसी समझदार को आवाज़ दो जो करं ट आफ करे (मतलब Pबजल के ताकत को हटाओ) जQद करो वह Kप-ता चला जा रहा है | च•कJ ताकत घटाने पर और भी उलट तेज़ हई ु जा रह है.

मगर उस छपे ु लडक़J के भेद म0 ज़ा लम कसाई के च•कर का भेद खलने ु न पाया। उ± 34 से 48 साल हई ु या बोलना या बोलना सीखने के समय से दांत Wनकल जाने तक तमाम िज-म (सारे शर र) कJ ना डय़E ने को शश करके दे खा "क इसम0 •या भेद है मगर यह मालम ू हआ ु :- हजारE भटकते ह> लाखE दाना करोड़E सयाने जो ख़ब ू करके दे खा. आ खर ख़दा ु कJ बात0 ख़दा ु ह जाने िजसने कछ ु काम न "कया वह बदनाम हआ ु .हर न कर सका | जहाँ कछ ु भी न था उस कÀडी ु का फंदा मौजदू था मगर उस फंदा लगाने वाले शकार का साया "कसी को मालम ू न हआ ु | दxत आए.दन दVरया म0 बहा दे । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. मगर दोनE के दायरे कJ हदबं द का Wनशान कोई मकरL ु र न हआ ु | उपाय :- कल ु खानदान के हर एक मबर > (जहाँ तक "क खन ू का असर हो) ज़दL (पीले रं ग) कौड़ी एक-एक ले कर एक ह जगा इकwी करके जलाकर उसकJ राख को उसी . पेज नंबर 138 आगे आने वाले छोटे -छोटे बMचे दोनE हाथE म0 अपना सर पीटते बिQक कई दफ़ा तो ये सब के सब मेहरबान गमनाम ु गढ़E म0 bगरकर दम के दम (दम घट ु के मर गये) ख€म होते दे ख गये | सफL वह भला मालम ू हआ ु िजसकJ अपनी जबान ु न थी या जो अपनी तकल फ को ज़ा. ससराल ु ख€म हो गये या Kपस गये. मामू डॉ-बदर (बबाLद) हएु या चले गये.com . िजसने कछ ु काम "कया वह गमनाम ु हआु . चले गए.

पहाड़E खानE और डॉ•टर के इQम से परा ू जानने वाला था मगर वज़ह न मालम ू न हई ु "क मकाबले ु पर ममतहन ु (पर •क) ने पर •ा म0 सफर नंबर दे कर के Wनकाल . बाज़ार म0 उसी कदर ह उसकJ बेक‡ पाई गई. चल0 पता कर0 "क वो साहब कहाँ है | इतने म0 भागती लडक़J आई "क वो मकान के उस कोने म0 िजस जगह तेल नाVरयल लकड़ी का बारदाना (गोदाम) जमा था. कछ ु बयाना भी दे गये थे। कारखानE कJ द वारE तक का खचाL पेशगी जमा करवा गये.ढय़ां बीच म0 टट ू या तोड़ कर दोबारा ह बार-बार बनती रह । बिQक कई बार तो मा लक ने (िजस ने मकान बनवाया) उस ने मकान म0 एक रात भी सोकर न दे खा | अगर कह ं भल ू कर सो ह गया तो सबह ु दबारा ु उठता (जागता) न दे खा गया। को शश तो बहत ु कJ मगर पता न चल सका "क उस खानदान म0 मकानE या मकान के सामानE का आराम •यE नह ं मलता और वहां साँपE. मगर बात अभी प•कJ न हई ु थी "क उनकJ आँखE म0 अचानक मटट का जराL (कण) उछल कर पड़ गया । सर ददL शु हो गया सब कहानी जहाँ कJ वहाँ रह गई सब इxतजार म0 है | वषाL ज़ोर कर रह है .दन म0 खाना खलाएं . सब का दम खंचने लगा और वह सार कहानी «वाबी हवा (-वC) मालम ू होने लगी । बाVरश के जोर से बगैर छत कJ खड़ी द वार0 खटा-ख़ट bगरने लगी. आँखे खोल तो मकान के दरवाजे पर द-तक कJ आवाज आई "क वो "कधर गये जो शाम को मशीनE का सौदा कर रहे थे.दन म0 कल ु खानदान के बराबर और म‰तरका ु खचL से खाना वगैरा द0 या 100 मजदरE ू को सारे खानदान वाले पैसा इकwा कर के एक . आग से खाक हो गया है । आग को बझाने ु वाले पानी के नल कJ चाबी का िज़lमेदार चौकJदार कह ं बाहर गया हआ ु है । उस नागहानी आग म0 एक दो Vर‰तेदार भी टांगो से ज़«मी हो गये ह> और उनको ह-पताल अ-पताल पहचाने ुँ का कोई इंतजाम नजर नह ं आता । अभी ये बात हो रह थी "क कोने से साँप Wनकलता हआ ु नजर आया. हbथयारE या नाहक ज़हर (Kवष) कJ घटनाओं से खानदान •यE घटता गया। शeन का उपाय 100 जदा ु -जदा ु जगह कJ मछ लयE को एक ह . इजनE. पेज नंबर 139 शeन :- नींद से उठे .दया। लड़का िजस कदर ƒयादा समझदार और हो शयार था. मकान का सामान बबाLद हो रहा है . मकान दे खने म0 बड़ा आ लशान और भार लागत0 खचL करके बनाए गए मगर ƒयE ह उनम0 रहने का मौका आया "कसी ने उस म0 आराम न पाया या उसम0 रहने का मौका "कसी को न मला। अगर कोई मकान बना बनाया खर दा गया तो उसकJ सी. और नींद से उठते ह पहला नजारा दरपेश (दे खा) हआ ु | ससराल ु और बMचE कJ दरसगाहE (-कलE ू ) से पैगाम आए "क पु लस और मकामी अफसरE और महकमा ताल म के िज़lमेदार हि-तयE के नाहक झगड़े फ़साद खड़े हो गये । लडक़ा Wनहायत लायक (बK‚मान ु ) मकानE.

तxहाई म0 सोचा मगर पता न चला "क सोना «वाम-«वाह रं गदार (जंग) पीतल ज़दL झल मल रं ग से •यE नील रं ग म0 बदलता गया | खानदानी मबर > बाल बMचे और नौजवान लड़के दे खने म0 बड़े अMछे सxदर ु क6ावर मगर सांस म0 •यE कने लगे. बेगनाह ु जेल और आसामWयक मौत0 और अचानक मौतE कJ तादाद बढने लगी | जहाँ तक भी इस खानदान के खन ू का असर पहचा ुँ काल मटट कJ आँधी का जोर और ज़माने का तकरार बढ़ता गया। ख़दु -«वाह "कतने ह शर फ़ गर ब तPबयत और दर कर चलने वाले हए ु मगर मंु सफ (xयायकरता) ने मक6म ु 0 के फैसले पर कछु न कछ ु जमाL ु ना या जेलखाना या तावान डाल ह . जगह बा जगह चोर -राहजनी-गबन-धोखा दे ह और फरे ब के वा"कयात (घटनाओं) से धन हाWन होने लगी। जो भी कोई ससराल ु का सlबxधी हआु याWन उ± 16 से 21 साल म0 पहचा ुँ तो सर म0 ज़«मी ख़यालात का आलदा ू (गंदा) िज़-म से बेढ़ब बेडौल बीमाVरयE से मारा हुआ नौजवानी कJ बजाय बचपन म0 ह बढ़ाू खोखला और Wनकlमा साPबत होने लगा | िजस कदर ƒयादा सोच समझ आर अ•ल से काम करता गया उसी कदर ह बेकार WनधLन और बेमददगार पाया गया। शाम को सोया.दलदरद कJ बWनयाद ु 0 खड़ी कर रहा है । राहु का उपाय कल ु खानदान के C€येक सद-य (जहाँ तक खन ू का असर हो. µवाब म0 सोचा. जो ये गमनाम ु सजाएं.मरगी-काल खांसी और सांस कJ तरह-तरह कJ तकल फ0. दमा.) से एक-एक नाVरयल लेकर एक जगह इकwे करके एक ह . सबह ु से प•कJ शाम तक गौर खोज़ "कया मगर जवाब वह रहा "क ये सफL बहम है और बेकार «याल है "कसी सीमा तक पागलपन का पैमाना है . नींद उचाट गई और जान के लाले पड़ गए | दे र नह ं गजर ु "क करोड़E अरबE के मा लक. नीलम के •यापार दम-के-दम ( मनटE सै"कÀडE) म0 खाक (बबाLद) हो गए | सोना गम ु हआ ु . आफत0.दन दVरया म0 बहा द।0 . और . पेज नंबर 140 राहु :- शाम हई ु नींद का समय जार हआ। ु कछु -कछ ु -वC कJ लहर0 चलने लगी. जब हर तरह का आराम और श·ओंु से बचाव का सामान मल चका ु तो अचानक Pबजल कJ लहर फट Wनकल (ल क कर गई) सजा सजाया मकान जल उठा। µवाब भला ू .दया | कसर ु ू «वाह (चाहे ) था या न था मगर बताया न गया "क वज़ह •या थी । जो "कसी सब कछ ु ऐसा उQट-पQट ु होता गया | जमीन कJ तह से छत तक नज़र दौड़ाई नील आसमान दोनE तक कJ छानबीन कJ.

और "कसी कJ जब चलने "फरने के व•त पहंु ची तो टांगो से नाकारा होती गई । अगर "फर भी "कसी ने जवानी दे खी तो कानE से बहरापन. "कस को कहे "क "कसने मार .दए | खानदान म0 तो "कसी के तो नर औलाद हई ु नह ं. उनके घर के साथ लगते हए ु बाएँ हाथ के मकान म0 एक Kवधवा -·ी होगी जो अपनी छोट उ± से ह द ु खया हो चकJ ु होगी. "कसी के होकर मरती गई.दए और •यE और कब मार . अधरं ग.दन म0 सारे खानदान के बराबर-बराबर और म‰तरका ु खचL से मनमाना खाना खलाये या उनके खानदानी घर से दा खल होने के लए बाहर दरवाजे पर ठहर गए | पीठ बाहर को है और मंह ु उस मकान को दे ख रहा है .दखाया | मगर उसे अचानक धोखे जंजाल और दWनया ु कJ दो रं गी के मंदे नतीज़े या हर दो रं ग म0 मxदगी के ह पहलु कJ बWनयाद ु का सराग ु न चला | केतु का उपाय 100 क€तE ु को एक ह . माता का छोड़ा बचः पानी के बतLन म0 लेटकर डब ू गया छत से bगरा हआ ु लड़का. ले"कन अगर "कसी पर एतबार "कया तो उसने गमराह ु करके कोई न कोई तफान ू ह खड़ा कर .दL श कJ गहर हईु माता मोटर के नीचे आई हई ु लाश और छत से bगरे हएु होनहार को जब उठा कर ऊपर पहंु ची तो तो दे खा "क सबसे छोटा भाई तो पानी म0 ह अपनी नींद से करवट लlबी कर चका ू है और माता कJ टांगे फल ू ग½ | "कसी का सलाह मशKवरा कम नह ं दे ता. जो डर कर (बMचा) अपनी जान बचाने के लए भागा और सडक़ पर एक मोटर नीचे आकर मर गया। उसकJ माता जो उससे छोटे बMचे को मकान कJ दसर ू मंिजल पर नहला रह थी. पेशाब कJ बीमाVरयE से द:ु खी हो मर ज़ होता गया । अगर अपना खानदान बच गया तो मामा खानदान कJ मटट उड़ गई (बबाLद हो गया)। अगर घर म0 दो पैसे जमा "कए तो मसाफ़र ु म0 हजारE का नकसान ु जा दे खा | अ•वल तो कोई नेक सलाहकार मलता ह न था. घटना दे खकर नहलाते बMचे को वह ं छोडक़र नीचे का ख "कया. कान आवाज़ नह ं सनते ु और उस उस बेचार कJ र ढ़ कJ हáडी बगैर "कसी के मारे ख़द ु -बा-ख़द ु टट ू रह है । अभी-अभी तीन थे. उसके आशीवाLद ल0 । . नीचे bगरते ह दम तोड़ गया और ग. अब एक भी न रहा. मोटर के नीचे आ कर मर गये बMचे का भाई तीसर मंिजल कJ छत पर धप ू सेक रहा था शोर शराबे से नीचे कJ और दे खने पर वो भी नीचे ज़मीं पर आ bगरा. पेज नंबर 141 केतु :- बMचे खेल रहे थे इधर-उधर भागने लगे (बMचE कJ अकाल म€य ृ )ु और क€तE ु के बMचे साथ आ शा मल हए ु | अचानक कोई मसा"फर ु आया िजसका पैर "फसला और क€ते ु के बMचे के मंह ु पर लगा। वह कता ु अपनी जान बचाने के लए बMचे पर झपटा.

दन म€य ृ ु का दे वा बन बैठा और म€य ृ ु हो गई) खास(1) 'ह महादशा के समय :- मंगल दे खता 8 चौथे को. बध ु 17 वषL. पेज नंबर 142 महादशा का 'ह ("मज़L बढ़ता गया ƒयE-ƒयE दवा कJ" और टटते ू -फटते ू आ खर एक . "कसी ह का लगातार ह मंद हालत का ज़माना महादशा का असाL होगा और उ± के एक 35 साला चº म0 सफL एक ह ह महादशा हो सकता है | और एक "क-मत के ताQलक ु म0 " हण" या इxसान कJ तमाम उ± म0 ऐसा ज़माना ƒयादा से ƒयादा 39 साल हो सकता है | एक महादशा के बाद फ़ौरन दसर ू महादशा शु हो जावे तो दोनE महादशाओं के दर मयान का असाL (एक का ख€म और दसर ू का शु ) महादशा के मंदे असर का न होगा 1. जहाँ (दे वता)कह ं भी बैठे हE उस बैठा होने वाले घर को नंबर 1 याWन पहला घर मान कर या bगन कर चौथा या आठवाँ आ. ˆि¥ट होवे कल ु पणL ू हो एक अकेला या म‰तरका ु . राहू 18 वषL. शWन 19 वषL. बंद मwी ु के खानE म0 9ह ह घर 6 व0 बैठे. दे खा कर0 उन तरफE को 1. केतु 7 वषL. गŸ ु दे खे 5-9 व0 घर शWन दे खे घर 10 तीजे को. सयL ू 6 वषL. मंगल 7 वषL.com . शº ु 20 वषL. कल ु 120 वषL लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.द महादशा के समय हE कJ मयाद मंदरजाजैल (Wनlन Cकार) होगी - बह-पत ृ 16 वषL. चx‡ 10 वषL.

याWन खाना नंबर 9 म0 चx‡. महादशा के व•त "धोखे का ह तबद ल हालत पैदा करे गा". महादशा के व•त हर ह का जो महादशा म0 हो गया हो मंदरज़ाजैल (Wनlन ल खत) सालE म0 अपना जाती असर (वषLफल के अनसार ु ) बहाल होगा | "कस ह का कौन से साल अपना असल फल बहाल होगा वो Wनlन ल खत है ह कौन से साल अपना असल फल बहाल होगा बह-पत ृ दसव0 या दसवाँ साल बह-पत ृ कJ गŸ ु पदवी और Vरयायती साल के इलावा होगा सरज ू ताक़ (Kवषम सं«या) उ± के वो साल जो 2 के अंक पर Kवभ•त न हE याWन "क 1-3-5 वगैरह | चx‡ जÉत ु (सम सं«या) उ± के वो साल जो 2 के अंक से तकसीम हो जाएँ याWन 2- 4-6 वगैरह | शº ु 11 व0 इस ह के आम दौरा के तीन साला असर का पहला साल शº ु म0 मंगल चौथे के ह का असर Cबल होने का होता है | बध ु पांचव0 शWन छे व0 राहु सातव0 केतु तीसरे बह-पत ृ कJ आम मयाद 16 साला हआ ु करती है . खाना नंबर 6 म0 बध ु व राहू . खाना नंबर 3 म0 राहू . पेज नंबर 143 2. खाना नंबर 9 म0 केत. महादशा के हो चक ु े ह का दसरE ू पर कोई बरा ु असर न होगा 6. हर सातव0 साल बज़Vरया (माyयम से) राहू और हर आठवे साल बज़Vरया (माyयम से) ह नंबर 8 5.ु और खाना नंबर 12 म0 शº ु हो या खद ु चx‡ अMछे हो तो महादशा हरbगज़ न होगी | 4. (i) "क-मत का ह (ii) राशी फल का ह (iii) ऊंच या कायम ह (iv) नेक ह कभी महादशा म0 न होगा 3. जब बंद मwी ु के खानE (1-7-4-10) म0 कोई भी ह बैठा हो और साथ ह मwी ु के बाहर के बहारE म0 कोई ऊंच ह न हो. मगर बह-पत ृ कJ हालत म0 ह .

पैदाइश 2 चै· सlवत 1922 शWनवार बमकाम ु लाहौर छावनी ख़ास 5बजे सबह ु मताPबक ु 19 :3:36 हो तो उस . •यE"क जxम रा श दोनE हालतE म0 संह रा श नंबर 5 पर फज़L कर लया था | अब दोनE कंु ड लयE का जदा ु -जदा ु हाल लाल "कताब के अनसार ु जदा ु -जदा ु दे खा गया फकL हालत म0 ये होगा "क चं‡ कंु डल का असर अचानक और सहवन (अनजाने म0 ) और भले ू भलाये ु कभी-कभी ज़ा.com . और 14 वां ज़ाती असर का रख लेगा और गŸ ु होने कJ है सयत से अपने उ± के Wन-फ़ (आधा) असाL याWन 8 साल तक कभी बरा ु असर न दे गा और महादशा 9 व0 साल से ह शु होगी | टे वे वाले का महादशा के ज़माने का हाल और उसकJ औरत का हाल चx‡ कंु डल से दे खा जायेगा.हज़ा हो) लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. दसरा ू .‡क ु के . पेज नंबर 144 महादशा नौव0 से शु होगी और यह ह अपनी महादशा के व•त का पहला. िजसके लए वषLफल भी उसी कंु डल से बनायगे 0 | चNb कंु डल1 िजस घर म0 ƒयोWतष वालE ने लÉज़ "चx‡ का ह" लखा हो उस घर को जxम ल¦न वाल रा श का नंबर लगाकर तमाम खानE म0 12 अंक परेू कर दगे 0 | इस तरह जहाँ भी एक का अंक आए वह घर साम. और वह महादशा के खल रखे हए ु सालE म0 और धोखे ह के सालE म0 होगा | प•का भेद िजसे रा शफल कह कर शक का फ़ायदा उठाएंगे | (रा शफल वह हफल का फकL वगैरह ज6ी जगह लखा गया है ) उदाहरण :.‡क ु म0 पहला खाना होगा | चं‡ कंु डल दे खने के लए अब साम. दसवाँ. दसर ू महादशा के लए चx‡ कंु डल वाल | अब दोनE कंु ड लयE म0 फकL यह होगा "क जxम ल¦न कंु डल म0 चं‡ का ह खाना नंबर 10 पर आ गया और चं‡ कंु डल म0 वह खाना नंबर 1 पर हो गया.हसाब से के कंु डल तो जxम कंु डल नंबर 4 अ•वल कहलाई .दन मताबक ु Wनlन कंु ड लयाँ होगा | (कंु ड लयाँ अगले पेज पर मला. आठवां.हर होगा.

ऐसा ह त«त पर आने के बाद वषLफल के अनसार ु िजस मह ने ख़द ु ह नीच और र6ी हो जाए. उस .दया वह चं‡ कंु डल आम हालत के लए ह-बे-जैल (नीचे लखी) होगी या अंक नंबर 1 को अपनी ऊपर कJ जगह "कया तो लाल "कताब के मताPबक ु .दन. जब जxम कंु डल के अनसार ु सब तरफ र6ी हालत से हो) से ह महादशा म0 हो गया होगा | महादशा के व•त दो-त हE कJ कोई मदद न होगी.दन (वषLफल के अनसार ु या जxम . "लाल "कताब कJ जxम कंु डल " होगी वा-ते महादशा | 7. पेज नंबर 145 अब लाल "कताब के लए पैदाइश के .दन वाल चं‡ कंु डल म0 चं‡ ओ जxम ल¦न कJ रा श याWन अंक नंबर 11 . (i)जब "कसी ह के बराबर के ह नीच और र6ी हE मगर वह ख़द ु नीच और र6ी न हो तो.दन से महादशा म0 हो गया. माना जायेगा (ii) जब वह ह ख़द ु भी नीच और र6ी होवे और उसके बराबर के ह भी नीच और र6ी हो तो त«त पर आने के . मगर द‰मन ु ह ज़«म पर नमक Wछड़कने कJ तरह मंदा असर दे ते हEगे | .

पेज नंबर 146 .

पेज नंबर 147 1. महादशा के Cभाव के समय महादशा वाले ह का कÀडल ु के केवल उस खाना नंबर का िजसम0 "क वह बैठा है और उन चीजE पर. उ‚ाहरणतय वह शº ु है तो शº ु को खाना नंबर 1 के ऊपर लख .द वह महादशा म0 न होता। 3. पर मंदा Cभाव होता है । 2.दये हए ु ºम से लख द0 :- िजस अंक नंबर कJ पेशानी (सामने भाग) पर जो कोई भी ह लखा हआ ु हो वह साल उस ह कJ बदौलत उस महादशा के ज़माना म0 त3द ल हालात पैदा करने वाला होगा। नीचे द गई टे बल सची ू म0 खाना नंबर 1 से मराद ु (का अथL) महादशा का पहला साल और खाना नंबर 2.दया.द होगी या ल0गे. दगना ु अMछा होगा या दगना ु मंदा मगर चलेगा ज र दगनी ु रÉतार से। 2. का से मराद ु दसरा ू साल आ. धोखे का ह अMछा फल दे गा या बरा ु इस बात के फैसले के लए मफिQलस ु (Kव-तार से) प•का घर नं० 10 दे ख0 । . महादशा म0 हो जाने वाले हE का दसरेू हE पर (बŸए दो-ती. 12 खानE म0 लख ल0 | और पेशानी के खाना नंबर 1 (अंक नं० 1-13-25-37 वाला खाना) म0 उस ह का नाम लख द0 जो "क महादशा म0 हो गया हो. य. द‰मनी ु या ˆि¥ट) के . महादशा के समय चाहे "कसी भी ह कJ हो. जो चीज0 "क उस ह (महादशा म0 हो जाने वाले) कJ उस बैठे हए ु खाने कJ सlबिxधत हो. और शेष हE को भी . चाहे वह आयु के "कसी भी साल म0 शु हई ु हो। धोखे के 'ह (दे खते जाओ क वह कह1ं धोखा ह1 न कर जाए) :- 1.हसाब से वह Cभाव होगा जैसा "क उस समय होना था. अbधक से अbधक 1 से 40 तक अंक नीचे लखे टे बल के ढं ग पर.

द लख द0 िजस अंक नंबर के खाने के ऊपर जो ह होगा या आये. वरना खाना नं० 7 को 7 के ऊपर बाकJ ह उसी तरतीब (Cकार) से लख द0 िजस तरतीब से "क वह Wनlन टे बल म0 लखे ह> :- उदाहरण :-जैसे "कसी का सयL ू जxम कंु डल खाना नंबर 3 का है . तो 12 खानE कJ टे बल म0 सयL ू को खाना नंबर 3 वाले खाने के ऊपर लखकर खाना नंबर 4 के ऊपर चx‡. तथा खाना नंबर 7 के सयL ू को खाना नंबर 5 कJ सतर (लाईन) कJ पेशानी पर केवल उस समय जब खाना नंबर 1 खाल हो. खाना नंबर 9 के सयL ू को खाना नंबर 6 कJ सतर (लाईन) कJ पेशानी पर. सयL ू को खाना नंबर 9 कJ -तर (लाईन) कJ पेशानी पर. िजसके भले-बरेु असर के लए मफि-सल ु (Kव-तारपवL ू क) परा ू हाल खाना नं० 10 म0 दे ख0 | सरज ू नंबर 12 वाल1 कंु डल1 . पेज नंबर 148 3. खाना नं० 6 के. औसत आयु के 120 साल को 12 X 10 = 120 खानE कJ फेहVर-त (सची ू ) टे बल म0 लख कर पेशानी (सामने का भाग) खाल छोड़ द0 और सयL ू जxम कंु डल के अनसार ु िजस खाना नंबर म0 बैठा हो उसी खाना नंबर वाले अंक के खानE कJ पेशानी (सामने का भाग) पर सयL ू लख द0 सवाय. खाना नंबर 5 के ऊपर केतु आ. वह ह उस साल धोखे का ह होगा.

9. अगर जxम कÀडल ु के . खाना नं० 8 के लए मंगल तथा शWन. उदाहरण के लए शº ु पहले का 20 वां साल मंदा असर न दे गा. जब शº ु कJ लगातार 2 महादशाएँ शु हो जाएगी। .जxम कंु डल के हE का कोई «याल न करगे 0 . 12 खाल हो तो. और जxम कंु डल के बा"क हE का कोई «याल न करगे 0 पेशानी मR 'हD क2 तरतीब जxम कÀडल ु के खाना नं० 10 का ह जब वषLफल के अनसार ु दोबारा खाना नंबर 10 म0 ह आ जाये तो वह धोखे (अMछे या बरा ु ) का ह होगा। अब अगर वह नीचे द गई सची ू टे बल के अनसार ु भी वह खाना नं० 10 म0 आया हआ ु ह धोखे का ह साPबत हो तो ऐसा ह अव‰य ह धोखा दे गा । अMछा या बरा ु िजसके फैसले के लए खाना नंबर 10 Kव-तारपवL ू क लखा है (bच· नंबर 3) 1. 9-12 के लए बह-पत ृ । नोट :-कोई ह दो बार लखा जाने का वहम न कर0 | इसके बाद दसर ू दो लगातार महादशा के व•त दोनE का बीच का वषL बरा ु Cभाव न दे गा.हसाब खाना नं० 8. सफL सरज ू को हम जxम कंु डल से दे ख ल0 गे. पेज नंबर 149 याद रखने यो¦य :.

पेज नंबर 150 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.in .blogspot.

या इन हE से संबंbधत चीजE से उनका आशीवाLद या उनसे माफJ मांगना फायदे मंद होगा | 3. उसी तरह ह :- 1. और इसके लए (याWन ऐसे ह िजसको हटाना है ) कोई ऐसा ह कायम कर0 जो बरेु फल के .दये हए ु दो हE म0 से उसी एक ह को हटाना चा. तो शWन के मंदे Cभाव को कम करने के लए कौए को अपने . पापी ह सब हE पर अपना ध•का लगाते ह>. उनका अपना ह पाप (श3द पाप से मतलब राहु केतु है | पापी का मतलब शWन राहु केतु तीनE है ) महाबल हEगे। याWन राहु के मंदे असर को केतु का उपाय नेक (याWन दरू) करे गा। केतु के मंदे असर को राहु का उपाय नेक (याWन दरू) करे गा। 2. और पाप कJ बेड़ी भर कर डबे ू गी. हर एक ह कJ मसनई ू हालत (बनावट हालत) म0 दो ह एक साथ याWन इकwे माने गए ह।> प•के ह का िजस चीज का असर या जो असर मंदा हो उस असर के दे ने वाले ह को उसकJ मसनई ू जज़ ु (बनावट जगह) जड़ भाग से हटाने कJ को शश कर। 0 उदाहरणत: शº ु जब खराब करे या खराब हो तो. उपायE के इलावा हर एक प•के ह का उपाय तो लाल "कताब के अनसार ु ल0 गे या करगे 0 । 3.ह-से को दे ने वाले ह को ह गम ु ह या नेक कर दे । उदाहरणत:. या याWन पापी हE का उपाय.हए. औलाद के लए दWनया ु के दरवेश केतु को अपने . इन हE से संबंbधत व-तओं ु कJ पालना करनी होगी.ह-से का भोजन द0 या ऐसा समझ0 "क केतु मदद पाने के लए दरवेश क€ते ु को रोट का टकड़ा ु डाले | बे) हर ह कJ मसनई ू (बनावट ) हालत म0 दो ह होते ह> . अब ह को ह और रा श को बत ु माने. तो ह के फल के उपाय कJ इस इQम (Kवधा) कोई गंुजाइश नह ं मानी गई है | रा श या ह या रा श/ ह फल के शक का इलाज और हE से धोखे के ह के ध•के (Cभाव) से बच कर चलना मानव कJ ताकत म0 माना गया है । िजस तरह बध ु के ह का ह रा (Wनहायत कJमती प€थर) सब को काटता और मारता है . रा श को बत ु (पतला ु ) कJ तरह. 1. मगर वह -वयं उसी बध ु कJ Wनहायत नमL चीज़ कलई (टांका लगाने वाल धातु) उस ह रे म0 सराख़ ु कर दे ती है .द बध ु कायम करे तो शº ु बाकJ रह जायेगा । अब शº ु के साथ बध ु मलने पर शWन नेक होगा या नेक असर दे गा । 2. शº ु के मसनई ू जज़ ु (बनावट जगह भाग) से राहु व केतु म0 से राहू को हटा द0 तो बाकJ केतु बचा याWन शº ु को नेक करने के लए राहु को नेक कर लेना मददगार होगा। बध ु -बह-पत ृ दोनE को ह कायम रख कर चलाने के लए .ह-से का भोजन द0 | 5. िजस ह के हटने से नतीजा नेक हो जाये. उदारहरण : शº ु से संबंbधत चीज़ गाय और आम इxसान का भोजन या सब अनाज़ मले- जले ु मकरL ु र ह> मतलब ये "क शº ु कJ मदद के लए गाय को अपने भोजन का भाग द। 0 4. पेज नंबर 151 अ लफ़) ह को Ÿह.शWन मंदा हो जाये तो उसकJ मसनई ू हालत (बनावट हालत के ह) के ह "शº ु व बह ृ -पत" म0 से बह-पत ृ को हटाने के लए य. क़ाग रे खा याWन धन दौलत कJ हाWन होने पर मतलब शWन मंदा होने कJ Wनशानी. मगर उनको (पापी हE को) को मारने के लए. जब कोई ह मंदा हो जाए तो इसकJ मसनई ू (बनावट ) हालत म0 .

हत ऊंट) के कJने के न•स ु (दोष) उसके . वहां मौत कहाँ होगी। इसी उसल ू पर मंगल बद का इलाज चं‡ कJ पजना ू -अचLना या सहायता ढंू ढना मददगार होगा । मंगल बद का इलाज़ :. िजस पर शWन का साँप न चढ़े गा। याWन मंगल बद का दो-त शWन मदाL ु . और जहाँ मंगल बाद होगा वहां पर चं‡ न होगा याWन िजस जगह आयु होगी.दल या चx‡ नह ं होता या ऊँट को उसके पांव के नाखन ू केतु (कJना) कJ सजा . शº ु . या चx‡ कJ उपासना पजा ू भी मदद करे गी याWन चx‡ िजस घर का कÀडल ु म0 हो वह इलाज होगा । 2. शतर ु बेमुहार (नकेल र. एक क€ते ु को व एक कâवे को दे ना मबारक ु फल याWन अMछा फल दे गा और औलाद के लए नेक व उlदा असर आ. जैसे मंगल बद के Cभाव से मगछाला ृ बचायेगी। मंगल बद का इलाज मंगल बध ु = मंगल बद. शWन कJ म‰तरका ु ( मल -जल ु ) एक चीज गाय ास दे ना लाभदायक होगा। गाय ास का मतलब :.हरण कJ खाल) पसxद कJ है । 1.दल कJ बात उसके नाखनE ू से जा.हर कर दगे 0 .हरण कJ मगशाला ृ (.हरण कJ खाल) र•ा करे गी.राहु का मंदा Cभाव दरू करने के लए जौ (अनाज) को "कसी बंद जगह म0 बोझ के नीचे दबाया जाये या दबा द0 या जE (अनाज़) को दध ू से धोकर चलते पानी म0 बहा द।0 अगर तपे. शWन म‰तरका ु (एक साथ) हो तो मगछाला ृ (.हरण कJ खाल) पर ज़हर ला सांप हरbगज़ न चढ़े गा | इसी कारण से साधु ने मगशाला ृ (. शWन के साँप कJ जहर या मंगल. बध ु .अपनी खराक ु याWन भोजन म0 से तीन टकड़े ु लेकर उनमे से एक गाय को.तxदरू म0 मीठ£ रोट बनाकर बांटने से मंगल बद का असर दरू होगा | राहु का मंदा असर का इलाज़ :. •यE"क उसका .दलाते ह> या केतु के बरेु असर को बबाLद करने के इलाज से काबू होगा.द मतलब यह "क मंदे फल वाले ह के लए मंदा करने वाल चीज़ को दरू करे गा.दक वगैरह या लlबा बखार ु तं ग कर0 तो जौ को गाय के पेशाब म0 धोकर लाल सखL ु कपड़े म0 बंद कर0 और गाय के पेशाब से ह दांत साफ कर। 0 जो 'ह उ€च हो उसक2 सHबिNधत चीज क2 मदद से मंदे 'ह का असर दरू हो जाता है । अपनी Wनि‰चत जगह कJ बजाय जब काग़ रे खा या मMछ रे खा और जगह हो तो िजस ह . चx‡ उ± का मा लक है और हर एक पर मेहरबान होगा। मंगल बद मौत का फंदा हर एक के लए "फरता है । इस लए ये समझा जाये "क जहाँ चx‡ होगा वहाँ मंगल बद न होगा. पेज नंबर 152 बध ु कJ स3ज़ रं ग अ‰या (हरे रं ग कJ व-तएं ु ) जैसे सोने के जेवर को स3ज़ कागज़ (हरे रं ग का कागज़ कJ तह) म0 रखने कJ तरह मददगार होगा और बध ु .

पेज नंबर 153 कJ रा श या प•के घर (पवLत के .. 6.गऊ दान या चर -ƒवार दान कर0 ii) बह-पत ृ :. 7 या 9 का न हो.पानी म0 गड़ ु बहा द0 | viii) बध ु :. अगर शº ु पर हो तो -याह (काल ) गाय वगैरह कJ पजा ू करना पालना मबारक ु फल पैदा करे गा धोखे का ह जो छपा ु छपाया ु होता है इलाज (उसे भी) दे ख लेना ज र होगा. शº ु ) म0 बध ु कJ ताकत मदद दे गी.हसाब से.रे व ड़याँ पानी म0 बहा द0 | vi) शº ु :. अगर लडक़ा- लडक़J दोनE ह बाप के लए मंदे फल वाले पैदा हो जाएँ तो सयL ू (लडक़ा).द मंगल खाना नं० 1 या 3 या 8 म0 हो तो मंगल का उपाय न कर0 . बशत‹ "क जब"क बध ु खाना नं० 3. ऐसी हालत म0 मंगल मददगार होगा । सं•ेप म0 उपाय के समय दे ख ल0 िजस ह कJ मदद लेनी हो वह खद ु कह ं ह फल का ह तो नह ं है । खाना नं० 9 के हE का उपाय.तेल का छाया पा· कर0 | .मठाई.द हो तो उनके म· ह कJ पालना कर0 या कम से कम उस नेक ह के रं ग कJ चीज0 फशL पर न लगाय0 जो "क खाना नंबर 9 के ह के रं ग से मतािQलका ु (संबंbधत) है । जब आम उपाय काम न द0 तो घंटE के अंदर-अंदर ह फैसला करने के लए Wनlन ल खत उपाय मददगार हEगे :- i) मंगल बद :.दध ू या पानी का बतLन सरहाने ix) राहु :.. पापी हE के साथ जब वह अकेले (एक खद ु ) कJ बजाय कोई दो इकwे हE तो मंगल को कायम रखना मबारक ु (उ€तम) रहे गा. रा शफल का हो। याWन य.हसाब से व रे खा) म0 हो तो उस ह कJ पजना ू से नेक फल हो। उदाहरणत : मMछ रे खा बध ु कJ सर रे खा पर ि-थत हो तो शWन व बध ु कJ चीजE कJ पालना याWन -याह (काला) प•ी कJ पालना करना व क•वे (कौआ) कJ पपालना करना मबारक ु होगा. जो बध ु को दबा लेगा. रं ग कJ ज़Vरए फशL मकान होगा । याWन जो ह मंदा हो और खाना नंबर 9 म0 शº ु या बध ु या मंगल बद आ.मल ू दान कर0 या कोयले दVरया रखकर "क•कर के दर«त (व• ृ ) को डाल0 | म0 डाल0 v) शWन :...केसर ना भ या धxनी ु या vii) मंगल नेक :.. या लडक़J के गले म0 तांवे का टकड़ा ु मबारक ु होगा.म0 मंगल.. मीठा भोजन दान ज़बान ु पर लगे द0 या खाने को द0 | कर0 या बताशा दVरया म0 डाल0 | iii) सरज ू :. बशत‹ "क उस कुं डल वाले का अपनी कÀडल ु के .तांबे के पैसे म0 सराख़ ु कर के दVरया म0 बहा द0 | iv) चं‡ :. यहाँ बध ु काम दे गा। इसी Cकार ह -·ी हE (चx‡.. बध ु (लडक़J).

रा शफल का होगा.दन होगी । खानदानी उपाए (कल ु कJ बेहतर के लए उपाय) Kपत ृ ऋण.दन का पहला . जो 40 से 43 हÁते हEगे | उपाय के व•त चाहे आ खर . .दन 39 व0 या 40 व0 ह भल ू हो जाये या बंद कर द0 तो सब "कया कराया Wन¥फल हो जायेगा और नये सरे से "फर से दोबारा से शु करके परू मयाद तक करने के बाद फल दे गा | याWन "कसी कारण उपाय बंद ह करना वांWछत या ज र हो तो मगर पहला असर भी कायम रखना हो तो चावल दध ू म0 धोकर पास रख ल0 । ऐसा करने से पहले "कये का फल Wन¥फल नह ं होगा। जNम Kदन और जNम वCत के Kहसाब से मददगार उपाय उदाहरण :. ."कसी का जxम -मंगलवार कJ सबह ु के बाद. याWन हर आठव0 . िजसका कोई उपाय नह ं होता है । इस लए जxम कंु डल (जातक) के लए जब कभी और जो भी खाना नंबर 4 का असर होगा.दन का ह है ) के प•के घर म0 (सची ू के अनसार ु प•कJ जगह) खाना नं० 4 होगा | चं"ू क जxम .क€ते ु को रो.ह-सा जxम समय ह :. चx‡ जो जxम . हफल बरा ु या भला अटल. व•त प•कJ शाम का. तो .हसाब से जो भी आए) ऊपर के मसाल (उदाहरण) के अनसार ु हर ह के खास-खास घर रा शफल वालE म0 आ जाये.बह-पत ृ का समय अब जxम समय के व•त का ह बह-पत ृ का ह मंगल के प•के घर खाना नंबर 3 म0 होगा। . जxम समय का नह ं | उदाहरण :.दन का ह ल0 गे.दन का ह रा शफल (काPबले उपाय) और जxम व•त का ह. मात ृ ऋण वगैरह या घर के सद-यE कJ मदद के लए उपाय कJ मयाद (समय सीमा) होगी तो वह याWन 40 या 43 मगर हर रोज लगातार के बजाए हÉतेवार लगातार करना होगा.जxम सोमवार का हो.दया हआ ु उपाय मददगार होगा। िजसके लए बदला जाने वाला या उपाय के यो¦य जxम .टयां डाल0 वगैरह | Pमयाद व उपाय :- 14.दन. हर एक उपाय कJ मयाद (सीमा समय) 40 या अbधक से अbधक 43 .दन का ह चx‡ होगा और समय का ह राहु होगा 1) जxम समय के ह को जxम . िजसका चx‡ के उपाय से नेक असर होगा | या राहु इस श«श (आदमी) के खाना नंबर 4 कJ चीजE पर बरा ु Cभाव करने के समय रा शफल का होगा। «वाह (चाहे ) वह ह (जxम समय का) रा शफल का न भी हो.दन के मतािQलका ु ह के प•के घर म0 लखगे 0 । इस तरह पर अब राहु (जो जxम समय का ह है ). ले"कन अगर जxम समय का ह (जxम के . पेज नंबर 154 x) केतु :.

इसी तरह रा श के Wनशान कJ बजाय अगर ह का Wनशान पाया गया तो िजस खाना नंबर म0 वह Wनशान हो. कंु डल के प•के घरE के . मगर मंगल केवल खाना नंबर 4 और खाना नंबर 6 म0 रा शफल का लखा है | मगर "फर भी ऐसी हालत म0 मंगल का ह आम उपाय मददगार होगा और बह-पत ृ का उपाय फायदे मंद न होगा | 'ह राPश का eनशान 1. उपाय का समय सयL ू उदय होने से अ-त तक .चं‡ का Wनसह हाथ पर खाना नंबर 5 पर मौजद ू हो तो चं‡ के खाना नंबर 5 म0 लखगे 0 | इस तरह पर चं‡ जातक वाले के लए खाना नंबर 5 कJ ताQलक ु म0 (खाना नंबर 5 कJ चीजE का कारोबार या Vर‰तेदार मतािQलका ु खाना नंबर 5 हमेशा) ह फल का होगा | 'ह का उपाय 1.दन का ह bगना था.दन का ह असाL है . रा शफल हर व•त काPबले उपाय यो¦य होगा । 2. अगर "कसी रहसी का Wनशान अपनी मकरL ु र जगह कJ बजाय "कसी दसर ू जगह हथेल या ऊँगल पर पाया जाये तो उस Wनशान का मतािQलका ु रा श नंबर कंु डल के इस प•के घर म0 लख दगे 0 .मथन ु रा श का Wनशान (जोड़ा II जो रा शयE कJ bगनती म0 नंबर 3 पर है ) "कसी इ हाथ खाना नंबर 12 म0 पाया गया तो कंु डल के प•के घर नंबर 12 म0 अंक नंबर 3 लख . ह फल का उपाय नह ं मानते. िजस नंबर पर "कस वह Wनशान हथेल या ऊँगल पर पाया गया हो | उदाहरण :. रात को शWन का राƒय माना है या यूँ समझ0 "कस शWन कर राज होता है . पेज नंबर 155 अनमाWनत ु – अब बह-पत ृ का ह खाना नंबर 3 म0 होता हआ ु बीमार ह बीमार खड़ा करता जाये तो मंगल का ह रा शफल का होगा.हसाब से उसी नंबर पर उस ह को लख द0 | उदाहरण :. िजसका मिQलक ह (बहै सयत घर कJ माल"कयत) कंु डल वाले के लए हमेशा रा शफल का होगा | 2. िजसम0 याWन "क शWन के समय म0 उपाय करना कई बार खतरनाक भी हो सकता है । इस लए बेहतर होगा "क रात के कोई उपाय न "कया जाये | .दए | इस तरह पर जो अंक नंबर ल¦न म0 आए वह उस श«श कJ जxम रा श होगी.दया और bगनती कJ तरतीब म0 कंु डल के 12 के 12 ह खाने परु कर . जो जxम .

परxतु मदL कJ कंु डल के मंदे ह के उपाय को अव‰य कर लेना चा.दन होगा | उपाय शु करने के लए "कसी ख़ास सोमवार या मंगलवार आ. कोई सोमवार-मंगलवार आ.दन और ƒयादा से ƒयादा 43 . उपाय करने के व•त नागा हो जाने पर. अपने खन ू का कोई भी नाती उपाय कर सकता है जो जायज़ और फलदायक होगा | मरने से पहले बतौर आखर आशीवाLद (अिxतम) "कसी ह कJ चीज0 पीछे रह जाने वालE को .द के . मयाद उपाय याWन उपाय का समय कम से कम 40 . •यE"क शाद कJ र-मE के परा ू होते ह मदL कJ कंु डल के ह औरत कJ कुं डल पर पर हावी (Cबल) हो जाते bगने ह।> . पेज नंबर 156 3.दन ह भल ू हो जाये. सब कछ ु "कया कराया Wन¥फल होगा और दोबारा नये सरे से उपाय करना मददगार होगा | 5. चाहे 39व0 .हxद ू धमL के अनसार ु ) मंदे हE का उपाय सब से कारगर रहे गा। चाहे मंदा ह औरत कJ कुं डल म0 हो या चाहे आदमी कJ कंु डल म0 .द के लए Wनlन ल खत सची ू अनसार ु उपाय कारगर हEगे। 1 2 3 4 5 6 7 ग़ैबी ताकत "क़-म ह नंबर ह नाम ह रं ग ह उपाय वा-ते औलाद व उपाय आम चीज0 द गर वजहात ू ¹°मा जी नर ह 1 बह-पत ृ ज़दL हर पजन ू दाल-चना-सोना Kव¥णु भगवान नर ह 2 सरज ू गंदबी ु कथा हVरबंस गंदब ु -सखL ु -तांबा शव भोले -·ी ह 3 चं‡ दध ू का आराyय दे व पजन ू चावल-दध ू -चांद ल¬मी जी -·ी ह 4 शुº दह का लोगE का पालना घी-दह -काफर ू . Kववाह के समय के उपाय :. न¥ट हो चक ु े ह या Kपत ृ ऋण. मोती सफेद -रे त हनमान ु जी नर ह 5 मंगल सखL ु गाय·ी पाठ दाल मसरू लाल दगाL ु जी Cभावह न 6 बध ु स3ज दगाL ु पाठ मंग ू सालम-लोहा भैरE जी Cभावह न 7 शWन -याह रजा कJ उपासना माश सालम-लोहा सर-वती जी Cभावह न 8 राहु नीला कxया दान सरसE-नीलम Bी गणेश जी Cभावह न 9 केतु bचतकबरा दान कKपला गाय Wतल जो 'ह नीच फल दे वे उस 'ह के बचाव के Pलए इस जगह Kदया हआ ु दान करR | 7.दन करने कJ कोई शतL न होगी । .हए.द न होगा | 4.दन से मराद ु सरज ू के व•त का ज़माना होगा.दया जाना शभ ु होगा या लाभ करे गा। 6. कJ हालत म0 या औलाद आ.Kववाह के समय (.

हदायत सफL इतनी होगी "क वह लड़कJ (सार आयु इस टकड़े ु को अपने पास रखे) उस Cाdत सोने के टकड़े ु को "कसी कJमत पर भी उसे बेच न खाये (उस सोने को बेचकर Cाdत धन को खचL न करे )। जब तक यह टकड़ा ु उसके पास रहे गा बह-पत ृ के मंदे असर से बचाव होता रहे गा। ऐसा टकड़ा ु अममन ू चोर भी नह ं चराया ु करते या नह ं चरा ु सकते | और न ह इस तरह से Cाdत सोना या टकड़ा ु गम हआु करता है | य.दए हए ु मंदे बह-पत ृ के हाल म0 सMचा ु मोती (दधू रं ग) bगन ल0. और सMचाु मोती न मलने कJ हालत म0 चाँद . मगर हो हम वज़न या बराबर वजन के. नद . बह6पत ृ मंदा हो लड़कJ का संकQप (शाद कJ समय र‰मE-Vरवाज़) करने के ठ£क उसी व•त. ले"कन बेहतर यह होगा "क ख़ा लस (श‚ ु ) सोना ह "कसी न "कसी तारा महŠया ु कर लया जाये 2. नाला) म0 बहा द0 दसरा ू लडक़J को (जो अब औरत बनी) दे द0 .ं अगर "कसी वज़ह से सोने के टकड़े ु न मले तो केसर कJ दो पु डय़ां या हQद कJ दो गं. पेज नंबर 157 तफ़सील के तौर पर अगर बमिज़ब ू जNम कXडल1 ु 1. बाद म0 ख़ा लस (श‚ ु ) सोने के दो टकड़े ु (वज़न कJ कोई शतL नह ं) मगर दोनE टकड़े ु «वाह (चाहे ) "कसी भी वज़न के हE. नद . एक जैसे ठ£क उसी तरह दान "कये जाय0 जैसे "क लडक़J का दान "कया गया.ठया ऊपर के ढं ग से कायम कJ गई. "फर उन दो टकड़E ु म0 से एक टकड़े ु को चलते पानी (पानी से भाव दVरया. चावल और मन¥य ु के भार के बराबर दVरया या नद . नाल म0 बहाने कJ ज रत नह .दया.com . नाले का पानी शाद के समय घर म0 कायम कर लया जाये या रख ल0 । 4. सयL ू र6ी हो तो ऊपर . असर म0 वैसी ह हEगी जैसा "क ख़ा लस (श‚ ु ) सोना हो सकता है .द "कसी कारण सोना गमु या चोर हो ह जाये तो कोई वहम कJ बात न होगी | गये हए ु टकड़े ु कJ एवज़ म0 एक और नया सोने का टकड़ा ु कायम कर ल0 वह भी वह असर दे गा जो पहले टकड़े ु से bगना गया है । ऐसा टकड़ा ु दोबारा कायम करते व•त दसरा ू और टकड़ा ु (पीला कJ तरह) दोबारा . शº ु रदद हो तो ऊपर . चं‡ रदद हो तो ऊपर .दए हए ु मंदे बह-पत ृ के हाल म0 लÉज़ सोने कJ जगह सखL ु तांबा (ख़ा लस) bगन ल0 । 3.दए हए ु मंदे बह-पत ृ के हाल म0 लÉज़ सोने कJ जगह सफेद मोती (दह रं ग) bगन ल0 या कायम रख।0 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. .

हरा bगने लं न मलने कJ हालत म0 सीप ल0 । 7. चx‡-शº ु ) चाहे "कसी भी घर म0 . राहु रदद हो तो वह उपाय जो चं‡ म0 लखा है . 9 म0 हो या केतु खाना नंबर 8 म0 अकेला हो. 7. शº ु खाना नं० 6 कJ मंद हालत को ठ£क रखेगा। बे) थोड़ा सा ख़ा लस (श‚ ु ) सोना लडक़J कJ शाद के दहे ज म0 दे छोड़ना ठ£क है . केतु रदद हो तो ऊपर .दए हए ु मंदे बह-पत ृ के हाल म0 लÉज़ सोने कJ जगह दो रं गा प€थर bगन ल0 | अPलफ़).«याल रहे "क मंदे राहू के व•त कभी नीलम कJ अंगूठ£ नह ं .दए हए ु मंदे बह-पत ृ के हाल म0 लाल कJमती प€थर जो रं ग म0 सखL ु तो हो लाल मगर चमकJला रं ग न हो.दया करते वरना दQहा ु -दQहन ु के जबरद-त हाथी परानीु खंदकE म0 bगरकर Mयंट ू यE से मरते हEगे । 9.दए हए ु मंदे बह-पत ृ कJ हाल म0 लोहा या फौलाद bगन ल0 . मंगल रदद हो तो ऊपर . सयL ू -शº ु . बध ु रदद हो तो ऊपर . 5 म0 या iv) शWन खाना नंबर 5.दए गये मंदे बह-पत ृ के हाल म0 . न मलने कJ हालत म0 -याह (काला) नमक या -याह (काला) सरमा ु ल0 | 8. शº ु नं० 6 के समय वालदै न (लडक़J के माता-Kपता) कJ ओर से शाद के समय लडक़J के लए उसके सर पर कायम रखने के लए ख़ा लस (श‚ ु ) सोना बतौर दान लडक़J को दे ना िजसे वह गहे -बगाहे (कभी-कभार) इ-तेमाल म0 लाती रह0 . जब तक लडक़J -वयं उसे न बेचे. खाना नंबर 2-7 म0 उसके द‰मन ु हE | या ii) शº ु अकेला या म‰तरका ु ("कसी के साथ म0 ) खाना नं० 4 म0 या iii) राहु अकेला खाना नंबर 1. उlदा बह-पत ृ के असर को उ€तम करता होगा | प5ष ु या 6]ी के टे वे मR जब eनHनPलƒखत 'हचाल हो याeन i) शº ु के साथ या शº ु के घर या खाना (मसलन राहु शº ु .com . bगन ल0 । 6. शWन रदरदद हो तो ऊपर . पेज नंबर 158 5. या लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

मंगल बद तंदरू म0 मीठ£ रोट बनाकर क€ते ु को द0 या खैरात कर0 | जौ (अनाज़) को दध ू से धो कर चलते पानी म0 बहा द0 | गौ पेशाब से जौ को धोकर लाल रं ग के कपड़0 म0 बांधे (ƒवर के लए) | और गऊ पेशाब से दांत साफ़ कर0 | रे व ड़यां पानी म0 बहाएं . केतु-बध ु केतु चाहे "कसी भी घर म0 हो तो औरत के वालदै न (लडकJ के माता-Kपता कJ ओर से) के घर से ह खा लस चाँद या मंदे केतु का इलाज. पानी म0 गड़ ु बहाएं | . केतु कJ न3ज़ अममन ू खाना नंबर राहु 10 म0 होगी | राहु. जातक का हाथ लगवा कर नद म0 बहा द0 और वैसा ह दसरा ू छQला वैसा ह लोहे का. "कस ह का उपाय मददगार होगा. याWन केतु. "कस ह का उपाय मददगार होगा. धमL -थान पर दो रं गE का कlबल दे ना या केतु जब Kपत ृ ऋण से मंदा हो तो 100 क€तE ु को बारात कJ तरह एक ह . मंदे का इलाज आमतौर केतु पर खाना नंबर 10 के हE कJ माफLत आसानी से हो सकेगा | पापी हE का उपाय उन हE से संबंbधत चीज़E कJ पालना करनी होगी | धन शWनMचर दौलत मंद के व•त कौवE को रोट डाल0 | औलाद कJ मंद हालत के वãत क€ते ु को रोट डाल0 | गाय को अपनी ख़राक ु का . पेज नंबर 159 v) केतु के साथ उसके श·ु मसलन मंगल केतु म-तरका ु -चं‡. जातक अपने हाथ म0 हमेशा पहनता रहे तो बध ु खाना नंबर 12 हमेशा ह मददगार होगा। नीचे Pलखे 'हD का मंदा असर नेक करने के Pलए कस 'ह का उपाय ठ„क है नाम ह जो "कस ह का उपाय मददगार होगा मंदा हो केतु. केतु-सरज ू . केसर ना भ म0 लगाएं.दन म0 खराक ु दे ना याWन खराक ु साथ लेकर क€तE ु को तकसीम (बांटते जाय0) करते जाएँ और सयL ू अ-त होने से पहले पहले 100 कJ तादाद (गणना) परू कर द0 । बे) पहल -·ी से पहला ह मदL (पŸष ु ) दो दफ़ा (बार) व•फादे (कछ ु समय दे कर) कर शाद (Kववाह कर ल0 ) कJ र-म अदा कर ल0 तो शº ु खाना नंबर 4 कJ दो औरत0 (ि-·याँ जीKवत) िजंदा होने कJ शतL दरू होगी। बध ु खाना नंबर 12.हरण कJ खाल) मददगार. शाद के समय लोहे का छQला िजसम0 जोड़ न लगा हो.ह-सा दे व0 शº ु मगशाला ृ (.

पŸष ु कJ जxम कÀडल ु खद ु पŸष ु के पŸष ु कJ चx‡ कÀडल ु -वयं पŸष ु के लए पŸष ु पर असर ह फल का लए पŸष ु पर रा शफल का कVर‰मा. पŸष ु कJ चx‡ कÀडल ु उसकJ -·ी पर मदL कJ जxम कंु डल उसकJ -·ी पर हफल का नेक नज़ारा याWन महादशा के राशी फल ( आम साधारण) का असर असाL म0 खाल साल रखे हओं ु म0 "क़-मत दे गी। का नेक और अचानक असर दे गी 3. याWन महादशा कJ हालत के उQट नेक और अचानक चमकारा 2. -·ी कJ चx‡ कÀडल ु उसके खाKवंद -·ी कJ चx‡ कÀडल ु उसके खाKवंद (पWत) के लए ह फला का नेक नजारा. -·ी का बायाँ हाथ उसके खाKवंद (पWत) -·ी का दायाँ हाथ उसके खाKवंद के लए हफल का नेक नज़ारा दे ने वाला (पWत) के लए रा शफल का बMचा दोनE के लए रा शफल के दे ने वाला हआ ु करता है । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. (पWत) के लए आम हालत कJ महादशा के खाल सालE म0 भा¦य कJ रा शफल का असर दे गी | औरत कJ अचानक व नेक चमक होगी। चं‡ कंु डल औरत के लए औरत पर रा शफल 5.com . पेज नंबर 160 1. -·ी का बायाँ हाथ उस -·ी के अपने -·ी का दायाँ हाथ -·ी के अपने लए लए हफल का रा शफल का। 7. पŸष ु के लए दायाँ हाथ पŸष ु के खद ु के पŸष ु का बायाँ हाथ पŸष ु के खद ु लये हफल का। अपने लए रा शफल। 6. पŸष ु का बायाँ हाथ उसकJ -·ी के लए पŸष ु का दायाँ हाथ उसकJ -·ी के हफल का नेक नज़ारा दे ने वाला लए रा शफल का। 8. -·ी कJ जxम कÀडल ु -·ी के लए -·ी मदL कJ जxम कंु डल उसकJ औरत पर पर हफल का दे गी राशी (आम साधारण) का असर दगी 0 4.

तो सबसे पहले खाल खानE के घर के मा लक ह का उपाय कर0 .द यह भी मदद न द0 तो पापी हE के उपाय कर0 और सबसे अंत म0 बध ु का उपाय कर।0 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.द यह भी काम न दे तो सरज ू को कायम कर।0 य.com . जब"क वह ऐसे ह के बराबर का या ह हो या दो-त हो इस के बाद महादशा के समय म0 काम दे ने वाले ह ल0 । "फर श·ु हE कJ श·ता ु हटा द0 या रा शफल कJ हालत का फ़ायदा उठाय0 । य. पेज नंबर 161 हर ह अपने बैठा होने वाले घर का फल (अMछा या बरा ु ) न दे गा जब तक उस घर कJ मतािQलका ु तरफ़ या जगह म0 उस ह कJ मतािQलका ु (सlबिxधत) व-तु न हो। य.द "कसी Kपत ृ ऋण (खानदानी पाप) िजसका जदा ु िज़º है महादशा या दसरे ु सबब म0 कोई ह सो जाये या न¥ट बबाLद या गम ह हो जाये.

blogspot. पेज नंबर 162 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.in .

उसका घर.हर होगा | लैlप बझ ु गया ( ह का असर ख€म हआ ु ) या जलने लगा ( ह का असर शु हआ ु ) या एक घर म0 दसरा ू और ह (लैlप) जलने लगा | इस अदला-बदल से "क़-मत के मैदान म0 रं ग Pबरं bगयाँ तो ज र हEगी. बहै सयत माल"कयत प•का घर ऊंच हालत. दौलत. मयाद ह से मराद ु लैlप "कतने असाL जल सकता है 'ह क2 ताकत :. धमL--थान खाना नंबर 3 . पेज नंबर 163 इQम सामिx‡क ु म0 हE को रा श के घरE म0 रोशनी के जलते हए ु लैlप माना गया है | इस तरह पर एक लैlप के साथ ह दसरे ू लैlप कJ रोशनी का शु हो जाना उन दोनE लैlपE के नज़ारे म0 तबद ल कर दे ता है | उदाहरण :.com . नीच हालत वगैरह हमेशा के लए मकरL ु र है «वाह (चाहे ) वह ह "कसी भी ह के घर मेहमान बन कर चला जाए.हर खाना नंबर कJ मतािQलका ु अ‰या (चीज0) खाना नंबर 1 अपना राज दरबार लैlप खाना नंबर 2 .एक घर या खाना नंबर से दसरे ू खाना नंबर म0 असर जाने का दजाL याWन 25 फ़Jसद -एक चौथाई 50 फ़Jसद Wन-फ़ -आधी 100 फ़Jसद -कल ु कJ कल ु बाहमी दो-ती द‰मनी ु :.भाई बंद.इƒज़त. हू-बा-हू वह रं ग इंसानी "क-मत के लहाज़ से िजंदगी का जा. जंगल कJ जगह (1) हर ह अपनी मकरL ु र रा श म0 नेक फल दे गा बेशक उसकJ वह रा श "कसी दसरे ू ह का प•का घर मकरL ु र हो चकJ ु है लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.सरज ू का लैlप िजसका रं ग गxदबी ु भरा ू है .लैlप कJ कडल > -पावर (ब€ती कJ ताकत) 'ह (ि*ट :. उसके साथ ह दसरा ू लैlप बह-पत ृ का शु हो जाये िजसका रं ग ज़दL है तो दोनE लैlपE कJ मल हई ु रोशनी का जो रं ग होगा.लैlपE कJ रोशनी के मखत ु लफ़ रं ग वगैरह लैHप क2 जगह :. मगर हE कJ अपने-अपने घरE कJ मकरL ु र माल"कयत से कोई फकL न होगा | मतलब यह "कस हर ह के लए.

मगर केतु व दसरE ू पर मंदा होगा 7 शº ु शº ु बध ु शº ु के नेक.दया गया है . बध ु बा"कयE को भी मदद दे वे 8 मंगल मंगल शWन अगर तीनE म0 से एक अकेला हो तो अMछा फल वनाL मंदा फल होगा (चं‡ उ€तम) 11 शWन बह-पत ृ शWन का नेक. वह इसकJ नेक हालत पर होने का असर होगा. सो बह-पत ृ के उMच होने का असर सफL उस साल होगा िजस साल "क वह वषLफल i) फेहVर-त (सची ू ) खानावार अ‰या और हर ह कJ खाना कJ चीजE कJ फेहVर-त म0 दे ख0 | ii) हर ह के लए उसके घर माल"कयत या ऊंच होने के घर म0 जो असर . ऊंच. जहाँ "क वह नीच bगना गया है | .द) केवल सफL उस साल दे गा िजस साल "क वह वषLफल के .हरा उlदा मगर भाग के पताशे (याWन धोका और अममन ू मंदा असर) (बे) ह बैठा होने वाले घर म0 ह मतािQलका ु (संबंbधत) चीज0 (i) कायम होने से उस ह का असर पाएदार(ii) (बढ़ता है ) होगा | मसलन केतु खाना नंबर 9 हो तो ज6ी मकान म0 केतु कJ अ‰या (चीज0) क€ता ु या दोहता आ. मंदा. बा"क ह बेर (शWन का दर«त. नीच आ. व• ृ ) के गला घEटने वाले बेर ज़ा. इसी तरह भी ह के मंदा होने के व•त का वह असर जो इस घर नंबर म0 लखा. अगर दोनE म‰तरका ु हE तो बध ु का और बध ु कJ चीजE पर अMछा.द कायम कर।0 (2) जxम कÀडल ु म0 कोई भी ह िजस है सयत से बैठा हो वह ह अपनी उस है सयत का असर (अMछा-बरा ु .हसाब से इस म0 आ बैठा होने वाल है सयत के लए मकरL ु र (Wनि‰चत) कJ हई ु रा श या प•के घर म0 आ जाये। उदाहरण : बह-पत ृ ऊंच है खाना नंबर 4 म0 . पेज नंबर 164 राशी "कस ह "कस ह का इस राशी नंबर म0 मस ह का नेक असर होगा नंबर कJ रा श प•का घर है मकरL ु र हो चकJ ु है 2 शº बह-पत ृ शº ु का नेक असर होगा 3 बध ु मंगल बध ु का नेक असर होगा बशत‹ "क मंगल नेक हो 5 सरज ू बह-पत ृ सरज ू सरज ू के नेक असर होगा म‰तरका ु 6 बध ु केतु केतु बध ु का उ€तम. केतु का ख़द ु केतु कJ चीजE पर मंदा मगर दसरE ू पर अMछा.

मसलना :.हर होगा (असर अब केवल 2. अगर उस व•त जब "क या िजस साल वषLफल वगैरह के . िजस व•त वह खाना नंबर 8 म0 आ जाये | इस तरह ह वषLफल के . ले"कन अगर खद ु ज़ाती को शश से कोई नया वा•य खड़ा करे .राहु खाना नंबर 4 म0 पाप ना करने कJ हलफ़ (कसम) लए हए ु होता है . जो "क उस ह कJ मतािQलका ु चीज या असर के खलाफ़ होवे.हसाब से राहु खाना नंबर 4 म0 आया हआ ु हो और श«श मतािQलका ु राहु कJ चीज0 खड़ी कर ले. याWन धोका का ह (धोखे कJ सची ू के अनसार ु ) िजस साल खाना नंबर 10 धोखा का घर म0 जावे.द. धोखा परू दे गा.हसाब से अपने नेक होने के खाना नंबर 4.दया गया है वह उसकJ नेक हालत पर होने का असर होगा | इस तरह ह ह के मंदा होने के व•त का वह असर होगा जो इस नंबर म0 लखा है जहाँ "क वह नीच लखा गया है ) असर हो जायेगा वगैरह-वगैरह | नेक ह का मंदा असर हर ह अपने खानावार हाल म0 . 4 खानE पर ह दे गा)। इसी तरह सभी हE का और सब तरह का होगा न हमेशा अMछा और ने हमेशा ह मंदा bगना जायेगा | **यह हाल धोखा के ह का है . तो असर म0 त3द ल हो जाएगी | मसलन :. करे तो राहु शरारत.दया हआ ु असर "कया करता है . कोयलE कJ बोVरयां दर बोVरयां अlबार जमा करना लावQदE या काने आद मयE को . बिQक क€ते ु मारना शु कर दे तो केतु का फल मंदा होगा वगैरह-वगैरह. 2 आ.हसाब से हर घर म0 आने पर असर कJ हालत होगी | याWन खाना नंबर 6 म0 राहु का ताQलक ु और खाना नंबर 8 म0 मंदे बध ु और खाना नंबर 12 म0 ऊंच केतु के ताQलक ु का (फेहVर-त खानवार और हर ह कJ चीजE कJ सची ू म0 दे ख0 ) (हर ह के लए उसके घर माल"कयत या ऊंच होने के घर म0 जो असर . झगड़े-फ़साद पैदा कर दे गा | इसी तरह ह बह ृ -पत ऊंच (चाहे जxम कंु डल चाहे वषLफल म0 ) वाला अगर बह-पत ृ कJ मतािQलका ु चीज0 पीपल के दर«त (व• ृ ) कटवाना. तो बह-पत ृ का सोना मटट हो जायेगा | अगर केतु नंबर 12 म0 हो और कंु डल वाला न ह क€ते ु कJ सेवा करे और न ह खद ु अपने घर म0 रखे. "क़-मत के ह का घर खाना नंबर 11. पेज नंबर 165 के . और मंदा घोखा या धोखे का ह जब खाना नंबर 2.गरकJ बनाना. साधू संतो को सताना या बबाLद करना वगैरह करे . "क-मत को जगाने वाले ह के घर आ जाये तो धोखा दे गा | नेक मायनE म0 मदा ह असल मंदा उस व•त होगा. ˆि¥ट के खानE म0 टकराव के घरE का भी हू -बी-हू यह असल ू होगा | .ह-सेदार बना या पखाने कJ नई जगह बनाना या मकानE कJ सफ़L छत उतरवा कर नई बदलना या पखाने कJ ह छत बदलवा दे ना आ.द म0 आ जाये व जxम से उMच है मगर अपना उMच सफL साल मकरL ु र और राशी या खाना नंबर प•का घर मकरL ु र म0 आने पर ह ज़ा.

दया गया. मंगल) का राज या असर करने का व•त .ख़ब ू ज़ोर से मलने पर रे खा िजस तरफ से Ïयादा सखL ु (लाल रं ग) हो जावे वह तरफ उस रे खा या शाख के शु होने कJ तरफ होगी | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दन होगा. माय पापी) का राज . सब के सब 35 के च•कर म0 शा मल ह> . 12 मह ने का साल. पेज नंबर 166 (बे) हर ह कJ अपना ज़ा. और ज़माना कJ हवा या बह-पत ृ कJ तलाश कJ "फ़º म0 ज़दL रं ग हो रहे ह> . 12 साला मासम ू बMचा और 12 साल के बाद अMछे .हसाब से माहवार च•कर पर जब ह मतलबा ू वषLफल वाले घर आवे. जब कबी उस ह के असर का व•त होगा. 12 रा शयE का असर. वह ह उस रं ग कJ मतािQलका ु चीजE पर उस रं ग कJ चीजE के ज़Vरये अपना असर ज़ा. जहाँ "क वह जxम कंु डल म0 बैठा हो.दनE कJ उlमीद. वषLफल म0 सरज ू के .हर करे गा. सरज ू . नंबर 2 के बाद नंबर 3 वगैरह) बताLव करे गा | कयाफा :.com . तमाम ग हE का जो रं ग भी . तो अपना असर दे गा जो "क उस ह का इस घर के लए मकरL ु र है (अMछा हो या बरा ु ) i) 12 घंटे का . सरज ू के बाद चं‡ वगैरह) असर करे गा | अगर कंु डल के खानE म0 दो-त ह अलाहदा और द‰मन ु ह अलाहदा घरE म0 ह होवे तो खानE कJ तरतीब से (नंबर 1 के बाद नंबर 2. उसके बाद अपने द‰मन ु हE पर चाहे वह द‰मन ु ह उस घर म0 हE जहाँ "क वह ख़द ु बैठा था | कभी-कभार दो-तE पर और "फर अपने ¹C के हE पर.दन रात दोनE के मलने का व•त या सभ ु और शाम होगा | 3.हर करने कJ Wनशानी के लए ह मतािQलका ु कJ खानावार अ‰या हEगी | नर हE (बह-पत ृ . -·ी हE (चं‡. या शº ु ) का राज रात के व•त और मखxxस ु (नपंुसक) हE (बध ु .दन 12 घंटे कJ रात. अगर "कसी घर म0 एक से ƒयादा ह बैठे हE तो हकमत ु ू का मा लक खाना नंबर 1 का ह हर एक ह के ऊपर कJ तरतीब से बार -बार द‰मनE ु से टकराएगा और दो-तE से दो-ताना बताLव करे गा | अगर एक ह घर के दौरा वाले ह के कई दो-त ह या कई द‰मन ु ह ह बैठे हE तो ह चल कJ तरतीब से (बह-पत ृ के बाद सरज ू .हर करे गा | ii) वषLफल के मताPबक ु कंु डल के ल¦न के घर या खाना नंबर 1 म0 आया हआ ु ह अपनी हकमत ु ु के दौरा के व•त सब से पहले उस घर पर अपना असर (अMछा या बरा ु ) ज़ा.

भला असर चाहे दे वे या न दे वे. कभी बुरा असर न दे गा. खाना नंबर 2 के ह हमेशा नेक फल दगे 0 .शº ु खाना नंबर 1. मगर वह बद न करगे 0 | . बिQक वह अ‰या मददगार होगी | उदाहरण :. पेज नंबर 167 4) खाना नंबर 11 के ह वषLफल के अनसार ु त«त पर आने के . खासकर जब वह जxम कंु डल म0 सोये हए ु ह हE.दन से उlदा हEगे. 9 म0 सफेद गाय आने या शाद 25 व0 साल होने से मंदा फल शु होगा | हर ह जहाँ "क वह बहै सयत माल"कयत घर का मकरL ु र है . गज‹"क (ऊंच घर) के ह अपना नेक फल दगे 0 और नेकJ न छोड़गे 0 | द‰मन ु ह के साथ भी वह नेकJ छोड़ दे तो मम"कन ु .ह-से म0 िजस ह का Wनशान हो वह ह अपना फल हमेशां ह नेक दे गा | 5) मंदे ह के बैठा होने वाले घर कJ मतािQलका ु अ‰या का हाल मंदा न होगा.दाएँ हाथ कJ हथेल के दाएँ .दन से उ€तम हो जायेगा | 6) हर ह के खानावार अ‰या कJ फेहVर-त (सची ू ) म0 जो चीज0 लखी ह> .दया हआ ु असर शु होगा | उदाहरण :. शWन 36 साल वगैरह) के बाद अममन ू नाकारा हो जाया करते ह>. मगर अपनी आम उ± (सरज ू 22 साल. जब वह पैदा हEगी तो उस खाना म0 .सरज ू खाना नंबर 6 का राजदरबार लड़के (केतु का प•का घर खाना नंबर 6) के जxम . जब तक खाना नंबर 8 खाल हो | (बे) खाना नंबर 2 के ह टे वे वाले के बढ़ापे ु म0 अपना असर नेक करते ह> | Cयाफा :.सरज ू खाना नंबर 5 अपना राजदरबार (अज़ सरज ू ) और औलाद (अज़ खाना नंबर 5 हर दो उlदा और नेक असर दगे 0 | बे) ऊंच ह "कसी द‰मन ु कJ वज़ह से बबाLद भी हो जाये तो भले असर कJ बजाय बरा ु असर कभी न दगे 0 | जीम) हर ह अपनी रा श (बहै सयत मा लक) म0 हमेशा नेक फल दे गा | दाल) जब कोई ह "कसी ऐसे ह म0 बैठा हो जहाँ "क वह ऊंच फल का माना गया है ट वह (ऊंच ह) अपने साथ बैठे हए ु द‰मन ु ह या "कसी ऐसे घर म0 बैठे हए ु द‰मन ु ह पर जहाँ "क वह (ऊंच ह) बŸए ˆि¥ट वगैरह "कसी तरह से भी अपना असर भेज सके. बैठा होने के व•त अपना बैठा होने वाले घर कJ मतािQलका ु अ‰या पर नेक असर दे गा | उदाहरण :.

6 म0 और उसके द‰मन ु ह शº ु सरज ू मंगल हE खाना नंबर 12 म0 केतु :.हlमत का मा लक होगा और हर तरह से उ€तम फल दे गा | vii) बनावट : बनावट के हE का असर ख़ास बातE का होगा उदाहरण :- लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.बैठा हो खाना नंबर 2 म0 और उसके द‰मन ु ह बध ु शº ु पापी हE खाना नंबर 6-12 म0 शf ु :.com .दया हो वह अपने दसरे ू 35 साला च•कर म0 (वा•याती वषLफल से पता चलेगा कभी बरा ु असर न दगे 0 .हlमत हो या चाहे न हो | (बे) अगर वषL कंु डल के अनसार ु टे वे म0 सभी ह मंदे हE तो एक ह आदमी लाखE का मकाबला ु करने कJ .बैठा हो खाना नंबर 9. बले असर कJ चाहे उनम0 .बैठा हो खाना नंबर 12 म0 और उसके द‰मन ु ह सरज ू चx‡ राहु हE खाना नंबर 2 म0 मंगल :.बैठा हो खाना नंबर 3. 12 म0 और उसके द‰मन ु ह चx‡ मंगल हE खाना नंबर 2 म0 vi) अ लफ़) िजन हE ने अपने पहले 35 साला च•कर म0 बरा ु फल . पेज नंबर 168 मसलन : बह6पत ृ : बैठा हो खाना नंबर 4 म0 और उसके द‰मन ु ह शº ु बध ु हो खाना नंबर 10 म0 सरज ू : बैठा हो खाना नंबर 1 म0 और उसके द‰मन ु शº ु पापी हE खाना नंबर 7 म0 :- औरत क2 मंद1 सेहत (तपेKदक वगैरह के Pसवाय सरज ू अब खाना नंबर 7 वालD पर कोई बरा ु असर न दे गा | चNb :.बैठा हो खाना नंबर 7 म0 और उसके द‰मन ु ह चx‡ सरज ू चx‡ मंगल हE खाना नंबर 7 म0 राहु :.बैठा हो खाना नंबर 6 म0 और उसके द‰मन ु ह चx‡ हE खाना नंबर 12 म0 शeन :.बैठा हो खाना नंबर 8 म0 और उसके द‰मन ु ह बध ु केतु हE खाना नंबर 2 म0 बध ु :.

चाहे वह "कसी घर म0 इकwे •यE न हE."क़-मत कJ हे राफेर प•का ह. बध ु . ह शº ु .12). चx‡ शWन (नीच) हवाई मंगल बद मंगल बध ु . शायद ह कभी बदला करती है | मसनई ू ह याWन शाखE का बदलना मम"कन ु है. शWन (ऊंच). बध ु सरज ू राहु केतु सरज ू . (नीच) राहु सभाव ु मसनई ू औलाद सेहत वाQदै नी दWनयावी ु औलाद नVरना इƒज़त सेहत बीमार झगड़े ऐश का बनावट कJ का खन ू व सख ु रखने का शौहरत फ़साद मा लक के ह पौदाइश मा लक ज़€फा ु (बजVरया) मा लक का का है (वीयL) औलाद असर मा लक का है ताQलक ु Wनlन ल खत म‰तरका ु हE से उनके सामने . पेज नंबर 169 बनावट बह-पत ृ सरज ू चx‡ शº ु मंगल बध ु शWन राहु केतु ह बनावट सरज ू . वह भी उ± के हर सातव0 साल (7. बह-पत ृ . मगर 21 साल कJ उ± से रे खा म0 कोई त3द ल होने नह ं मानते | वह बा लग होने का ज़माना है | उ± का हर सातव0 साल त3द ल | . राहु बह-पत ृ -केतु (ऊंच).दए हएु खाना नंबर का असर पैदा होगा | दसरे ू लÉज़E म0 उनके सामने . मंगल शWन शº ु .दए हए ु खाना नं ब र का असर इxह0 ज र बहाल होगा. सरज ू शWन होगा खाल सरज ू शWन. शº ु बह-पत ृ मंगल नेक. याWन सरज ू मंगल के लए खाना नंबर 1 म0 जो असर लखा है या बगैर "कसी घर के ताQलक ु से खाना नंबर 1 कJ जो आम तासीर मकरL ु र कJ गई है या सरज ू मंगल के म‰तरका ु के असर म0 ज़ र खानदानी खन ू कJ तरह बहाल रहगे 0 चाहे वह दोनE म‰तरका ु ह "कसी भी घर म0 और "कसी भी तरह "कतने ह मंदे •यE न हE ह म‰तरका ु खाना नंबर िजसका असर ह म‰तरका ु ह मंदे •यE नह ं खाना नंबर िजसका असर मंदा होगा और बहाल रहे गा मंदा होगा और बहाल रहे गा सरज ू मंगल 1 शº ु बध ु 7 शº ु बह-पत ृ 2 मंगल शWन चx‡ 8 बध ु मंगल 3 बध ु शWन दोनE का जाती सभाव ु 9 मंगल शº ु 4 शWन 10 सरज ू बह-पत ृ 5 बह-पत ृ शWन 11 बध ु केतु 6 बह-पत ृ राहु 12 मसनई ू बनावट के ह कJ हालत म0 उसके हर दो हE का असर जदा ु -जदा ु कर लेना मम"कन ु होगा या दोनE का असर म‰तरका ु कर लेना हो सकेगा | दसरे ू श3दE म0 ऐसा असर रा शफल का होगा | "कयाफा :. बड़ी रे खा. शº ु . सभाव ु .

मगर लाल रं ग का साथ हो तो.ह-त रे खा म0 . अगर वह -याह रं ग कJ हो तो शWन कJ चीज ह bगनी जाएगी. बध ु नबातात पर (जमीन पर उगने वाल चीज0). सीधे ख़त –मदL और दो शाखी से मराद ु औरत होगी नाम ह "कन पर असर दगे 0 नाम ह "कन पर असर कर0 गे बह-पत ृ ह के ताQलकदारE ु पर चx‡ माता कJ है सयत वाल पर असर दे गा असर दे गा सरज ू िज़-म के ताQलकदारE ु पर शº ु औरत के दजाL वा लयE पर असर दे गा असर दे गा मंगल खन ू के ताQलकदारE ु पर (बध ु शº ु का शाद के हाल म0 जदा ु असर दे गा दजL है ) म<NNस ु 'ह :-शाWनMäर धाती जमादात (Minearls). 21 साला उ± से बा लग और 12 साल उ± तक नाबा लग bगनते ह।> . केतु हरकात पांवE पर असर करे गा मसनई ू 'ह :. मगर वो अपने असर म0 बध ु bगना जायेगा | इसी तरह भस > शWन कJ मतािQलका ु चीज है . अगर ज़दL रं ग का हो तो चx‡ को बह-पत ृ कJ मदद और साथ होगा ले"कन अगर -याह घोड़ा हो तो शWन का असर Cबल ल0 ग0 जो चx‡ के असर को दबाता होगा | हर श«श के टे वे म0 जो ह भी िजस असर का हो. पेज नंबर 170 हाल (चाहे बरु तरह हो चाहे भल तरह) मानते ह> | अQपायु (छोट उ±) िजसका िजº उ± रे खा म0 होगा. ले"कन अगर दो रं गा तो हो. राहु हरकात . वालE कJ उ± के 8व0 साल (8-16-24-32-40-48-56-64) िजंदगी खतरे म0 bगनते ह> | 'ह चाल मR चीजD पर रं ग का असर तमाम चीज0 "कसी न "कसी ह के मतािQलका ु मुकरL र हो चकJं ु ह> मगर चंद एक चीजE म0 कछ ु फकL है :- मसलन : दो रं गा क€ता ु . ले"कन अगर लाल रं ग (भरू ) हो तो सरज ू का ताQलक ु या सरज ू के असर कJ bगनेग0 | इसी तरह -याह भस > और सफL माथा सफेद हो तो शWन के साथ चx‡ का असर शा मल ल0 गे | घोड़ा चx‡ कJ चीज है . उस ह कJ मतािQलका ु चीज और रं ग का ताQलक ु वह असर दे गा जैसा "कस उस चीज और रं ग का ह उस श«श को अपने टे वे के मताPबक ु अMछा या बरा ु साPबत हो रहा हो "कयाफा :. बेशक वह क€ता ु केतु कJ ह चीज है . अगर सफL -याह व सफेद दो ह रं ग का bचतकबरा क€ता ु हो तो केतु होगा या केतु ह माना जायेगा.है वानात -बेजानE पर असर करे गा | Cयाफा :.दमाग पर.

पेज नंबर 171
मगर कÀडल
ु म0 वषLफल के ,हसाब से आयु के िजस ,दन (सबसे पहल दफ़ा) सयL

का राƒय या दौरा शŸ
ु हो जाये उस ,दन से सारे ह बा लग bगने जाते ह> चाहे आयु
21 साल से "कतनी ह कम या ƒयादा हो।
दध
ू से मराद
ु , ह का वषLफल के ,हसाब से खाना नंबर 1 म0 आने से है |
2. सयL
ू य,द कÀडल
ु के खाना नं० 1, 5, 11 (जxम ल¦न को खाना नंबर 1 मानकर)
म0 चाहे अकेला हो या और हE के साथ तो जxम ,दन से सब ह बा लग bगने
जाते ह।>
3. सयL
ू का दौरा शु होने से पहले मन¥य
ु पर उसके Kपछले कम¤ का फैसला
(अममन
ू 7 या 8 साल कJ आयु या हर सातव0 या आठव0 साल) Cभाव "कया करता है
जो तबद ल का ज़माना हआ
ु करता है।
कयाफा के बगैर रे खा वाला हाथ :- डाकू या संग,दल का होगा, साथ ह सब घर
नीच फल के रा श के हE
बहत
ु …यादा रे खा वाला हाथ :मंद भाग और वहमी होगा । एक ह घर म0 बहत

अbधक ह दोष य•त
ु या नीच ह हE तो मंदे भाग वाला होगा।
अtधक चौड़ी रे खाएँ :- बहत
ु कम नेक असर दे गी जैसे कई तरफ कJ ˆि¥टयE से
टकराए हए
ु द‰मन
ु ह।
मuयम सी रे खा :- बेमायनी होगी, दे र बाद असर दे गी, बहत
ु श·ु ह मकाबले
ु पर
हE।

कसी ताकत के 'ह क2 पहचान ब5ए Cयाफ़ा :-
इxसान िजस ह का साPबत हो तो वह ह उसे खाना नंबर 9 का काम दे गा, बेशक वह ह
कंु डल म0 कह ं भी बैठा हो

(इNसान कस घर का है या मकान कस 'ह है यह जद1
ु जगह Pलखा है )

(2) िजस "कसी •यि•त म0 िजस ह कJ शि•त अbधक होगी, वह मन¥य
ु अbधक ताकत वाले ह
कJ व-तओं
ु का अbधक Cयोग करने वाला न होगा। मसलन सयL
ू को नमक (सफेद) माना है और
मंगल को मीठा । अब सयL
ू जबरद-त वाल मी आम आदत होगी "क वह ƒयादा नमक इ-तेमाल
करने का आ,द न होगा, और अपनी कमी परा
ू करने के लए (य,द मंगल उसका कमजोर हो तो)
मीठा ƒयादा इ-तेमाल करने का आ,द होगा | इस तरह मंगल कायम और जबरद-त वाला मीठा
ƒयादा इ-तेमाल न करे गा, नमक ƒयादा इ-तेमाल करने का आद होगा या नंद Ïयादा मकदार
म0 खाने वाला होगा |

पेज नंबर 172

9 'हD का सHबिNधयD से सHबNध
1. जब "कसी का बह-पWत
ृ Cबल लगे तो िजस घर म0 वह-पWत
ृ बैठा हो उस मन¥य
ु के खाना नं०
के ताQलकदार
ु म0 बह-पWत
ृ कJ लखी हई
ु शत¤ के हEगे। य,द बह-पWत
ृ हो तो अपने घरE म0 या
घरE का तो उसके दादा या बाप कJ वह हालत होगी जो बह-प
ृ Wत कJ कह गयी है | इसी Cकार
और ह ल0 गे।

2. य,द "कसी का सयL
ू Cबल साPबत हो मगर सरज
ू पड़ा हो केतु के खाना नं० 6 म0 तो उस श«श
का लडक़ा (केतु) सयL
ू कJ लखी शत¤ का मा लक होगा |

3. य,द केतु हो तो मंगल के प•के घर नंबर 3 म0 तो उसके भाई म0 केतु कJ लखी बात0 पायीं
जाएँ गी |

मBतरका
ु 'हD का असर

ह म‰तरका
ु बरा
ु नह ं करते, बंद मwी
ु के खानE म0
हर दो ¦यारह अपनE अपना, धमL मं,दर(2) गरदआरा
ु ु (11) म0
1. बह-पत
ृ -सरज
ू -, बह-पत
ृ -बध
ु , बह-पत
ृ -शWन, सरज
ू -बध
ु , सरज
ू -शWन, बध
ु -शWन, इकwे होने पर के
समय माता-Kपता के सख
ु सागर और जायदाद ज6ी के सख
ु से कोई सlबxध न होगा बिQक
केवल जाती गह-थी
ृ सख
ु से भरपरू होगी। चाहे अकेले-अकेले यह सब ह टे वे म0 अपनी-अपनी
मतािQलका
ु चीज0 कारोबार या Vर‰तेदार ह मतQलका
ु के ताQलक
ु े म0 कैसे ह •यE न हो।

2. -·ी ह (चx‡ या शº
ु ) या दोनE माय (साथ म0 ) बध
ु के साथ जब नर ह हो तो नेक फल
होगा।

3. जब दो या दो से अbधक ह एक ह घर म0 इकwे बैठे हE तो उनम0 आपसी श·ता
ु वाले ह
अपनी श·ता
ु छोड़ दगे
0 मगर बाहमी म·ता को न छोड़ेग0 । चाहे वह "कतने ह श·ओं
ु के साथ
एक ह घर म0 अपने म·E से मल कर बैठे हE।

4. बध
ु अपने प•के घर खाना नंबर 7 म0 बैठा हआ ु और नर हE सयLू , मंगल, बह-पत
ृ , या शWन म0
से कोई भी बंद मåट
ु के खाना नंबर (1, 4, 7, 10) म0 आया हआ
ु या धमL मं,दर खाना नंबर 2,
11 म0 बैठा हआ
ु टे वे वाले का सेहत िज़-मानी (-वा-æय) और उ± आम मतािQलकाु जाने (चाहे
इंसानE कJ चाहे है वानE कJ) पर कभी बरा
ु Cभाव (मौत) नह ं दे गा । बशत‹ "क इन घरE म0 बैठा
होने के समय शWन के साथ -·ी ह (चx‡ या शº
ु ) का संबंध या साथ न हो जावे, शWन के
साथ -·ी हE के ताQलक
ु हो जाने के व•त के असर के लए "शWन के हाल" Kव-तार से दे ख0 ।

पेज नंबर 173

मBतरका
ु घरD का असर दे खने का ढं ग
((ि*ट क2 शतF नह1ं परNतु दोनD घरD के 'हD को इकMे ह1 tगन कर)
(ˆि¥ट के हाल म0 ˆि¥ट का दजाL मकरL
ु र है )

याWन के ह घर म0 बैठे हए
ु ह दसरे
ू घर म0 बैठे हए
ु हE को ख़ास ख़ास दजाL नजर से दे ख
सकते ह>

ले"कन अमल तौर पर उस दजाL ˆि¥ट याWन 100 फ़Jसद , 50 फ़Jसद , 25 फ़Jसद का «याल रखने
का कोई ज रत महसस
ू नह ं होती, सफL इतना याद रखना पड़ता है "क "कस घर के ह दसरे

कौन से घर के ह को दे ख सकते ह>

मसलन : खाना नंबर 1 के ह अगर दे ख सकते ह> तो सफL खाना नंबर 7 का हE को दे ख
सकते ह> , मगर खाना नंबर 7 के ह कभी खाना नंबर 1 के हE को नह ं दे ख सकते

इस बात का अथL यह है "क खाना नं० 1 म0 य,द कोई ऐसा ह बैठा हो जो खाना नं० 7 म0 बैठे
हए
ु ह का द‰मन
ु हो तो खाना नंबर 1 वाला ह अपनी द‰मनी
ु का ज़हर (असर) खाना नंबर 7
पर डाल सकता है , परxतु खाना नंबर 7 वाले कJ जहर का (य,द कोई मंदा Cभाव या असर इस
खाना नंबर 7 वाले का खाना नंबर 1 वाले के ह के लए हो) खाना नंबर 1 वाले पर कोई बरा

Cभाव न हो सकेगा । इस बात को yयान म0 रखते हए ु नीचे ,दये हएु घरE के हE को इकwे
मलाका दे ख0 तो उनके बाहमी मले हए
ु Cभाव से जो बात0 ज़ा,हर हEगी, वो Wनlन ल खत हEगी :-

1. खाना नं० 1-7-11-8 का मतािQलका
ु असर
अ लफ़) राजा वज़ीर हालत ---अगर खाना नंबर 11 खाल तो राजा बेलगाम, अगर खाना नंबर 8
खाल तो वज़ीर बेदल ल होगा |

इसी तरह ह खाना नंबर 8 म0 ऐसा ह बैठा हो जो तµत यंक खाना नंबर 1 म0 बैठे हए
ु ह
का द‰मन
ु हो तो खाना नंबर 8 काह तµत पर बैठे हए
ु राजा को इसी तरह चलाएगा िजस
तरह "क "कसी श«श कJ आँखE म0 ज़हर दाल द गई हो िजससे "क वह रा-ता चलते व•त
दे खने कJ बजाए, ददL के मारे अपना सर पीट रहा हो,

दसर
ू तरफ खाना नंबर 11 का ह खाना नंबर 1 का द‰मन
ु हो तो वह तµत पर बैठे हए

राजा को इस तरह चलाएगा, िजस तरह "कसी Cाणी कJ टांगो म0 ज़हर भर द गई हो,िजसके
कारण तµत पर बैठा हआ
ु राजा अगर "कसी और श«श का हाथ पकड़ कर (िजस राजा कJ आँखे
खराब हो रह हE) बल भी पड़े तो अपनी टांगE म0 ज़हर भार होने के कारण चलने कJ बजाए डर
से द ु खया हो कर bचQलाता और कराहता होगा |

पेज नंबर 174
उसके बर खलाफ अगर 11-1 और 8 बाहम दो-त हE तो तµत खाना नंबर 1 पर बैठा हआ
ु राजा
अपनी टाँगे खाना नंबर 11 और आँख0 खाना नंबर 8 कJ हमेशा मदद पाता रहे गा और इसकJ
वजारत म0 मदद के लए खाना नंबर 7 के ह मददगार होते हEगे, बशत‹ "क खाना नंबर 1 म0
खाना नंबर 7 से ƒयादा ह न हE | सफL तादाद का «याल है , उनकJ बाहमी दो-ती द‰म
ु नी का
«याल नह ं |
मसलन :- अगर खाना नंबर 1 म0 दो या दो से ƒयादा ह बैठे हE और खाना नंबर 7 म0 सफL
एक ह ह बैठा हो तो वह खाना नंबर 7 वाला ह, खाना नंबर 1 वाले हE के बोझ तले आकर
अपनी जड़ कटवा रहा होगा,
फजFन (मान लो) : खाना नंबर 1 म0 राहु के साथ कोई एक और, या Ïयादा ह हE और खाना
नंबर 7 म0 अकेला केतु ह हो तो खाना नंबर 7 के केतु को अकेला ह वज़ीर bगना (माना)
जायेगा, िजसे खाना नंबर 1 म0 बैठे हए
ु तमाम राजाओं का एक ह व•त म0 ,दया हआ
ु ह•म
ु एक
ह व•त म0 परा ू करना होगा या परा ू करना पड़ेगा |

इसका मतलब यह हो जायेगा "क ऐसे वज़ीर कJ अपनी जड़ कटती होगी | अब ये ह उस
मसाल म0 bगना है , केतु का ह गोया अब केतु कJ मतािQलका
ु अ‰या कारोबार या Vर‰तेदार
मतािQलका
ु , केतु सब का फल मंदा होगा याऐसे टे वे वाले कJ औलाद नVरना का मंदा ह हाल
होगा या यह Cाणी अपनी औलाद को तरसता ह होगा या औलाद कम दे र बाद या न ह होगी |

2) खाना नंबर 7 के हE को अगर वज़ीर माना तो खाना नंबर 8 का ह•मनामा
ु बतौर रहनमाई

इन वज़ीरE कJ ,दमागी दल लबाज़ी होगी |
मसलन : खाना नंबर 7 मंगल बैठा हो तो कहगे
0 "क ऐसे श«श का सब कछ
ु उlदा, धन दौलत
पVरवार सब का सब ह उlदा होगा |
ले"कन अगर खाना नंबर 8 म0 (जब "क खाना नंबर 7) म0 मंगल बैठा हो बध
ु आ जाये तो वह
मंगल खाना नंबर 7 का ,दया हआ ु उlदा फल सबका ह सब याWन सारे का सारा ह र6ी,
Wनकlमा या बबाLद ज़हर ला या न¥ट हो चका
ु , bगना जायेगा |
याWन ऐसे Cाणी का िजसके खाना नंबर 8 म0 बध
ु बैठा हो और खाना नंबर 7 म0 मंगल, धन
दौलत और पVरवार सब का सब ह नाश करने वाला और दःख
ु का कारण होगा |
इसी तरह ह अगर खाना नंबर 1 म0 बध
ु आ जाये और मंगल खाना नंबर 7 म0 ह bगने तो
भी मंगल खाना नंबर 7 का ,दया हआ
ु फल Wनकlमा होगा |
बध
ु खाना नंबर 8 या बध
ु खाना नंबर 1 कJ ज़हर जब खाना नंबर 7 के मंगल म0 मलती हई

मानी तो सफL फकL यह होगा "क बध
ु खाना नंबर 1 म0 होने के व•त ऐसे Cाणी का धन दौलत,
पVरवार, राजा खाना नंबर 1 कJ बेहद ƒया,दWतयE और ज़ लमाना कारवाईयE या शरारतE से बबाLद
होगा, मगर कदरत
ु कोई धोखा न दे गी |
ले"कन बध
ु के खाना नंबर 8 म0 होने के व•त उसी मंगल का खाना नंबर 7 म0 होने के व•त
का फल याWन धन दौलत, पVरवार क़दरत
ु कJ तरफ

पेज नंबर 175
से ह र6ी या Wनकlमा होता चला जायेगा | बेशक व•त का हा"कम ज़माने का राजा
उसे "कतनी ह मदद दे ता चला जाये, नतीजा चीनी (मंगल) म0 रे त (बध
ु ) और खन
ू म0
अंत ड़यE का रा-ता बंद याWन सेहत और गह-त
ृ दोनE ह मंदे होते चले जायगे
0 |

खाना नंबर 2-8-12-6-11का मBतरका
ु असर
रात का आराम और साधू समाbध वगैरह जब नेक हालत हE, ले"कन मंद हालत म0 नागहानी,
मौत, मसीबत
ु , इxसान है वान चVरंद, पVरxद उस ह कJ मतािQलका
ु हEगी | जो खाना नंबर 8 म0 हE
| दसरे
ू दWनयावी
ु साbथयE के ताQलक
ु से "क़-मत का असर (ब लहाज़ उ±)

अ लफ़) खाना नं० 8 का असर मल सकता खाना नंबर 2 म0 ,
मगर खाना नंबर 2 का असर नह ं मला करता खाना नंबर 8 म0

खाना नंबर 2 और खाना नंबर 12 आपस म0 बहै सयत साधू (खाना नंबर 2) और समाbध (खाना
नंबर 12) मलते मलाते रहा करते ह> | इनमे "कसी ˆि¥ट दज‹ का कोई लहाज़ नह ं हआ
ु करता
है

उसी तरह ह खाना नंबर 2 अपना असर मला ,दया करता है खाना नंबर 6 म0

और खाना नंबर 6 अपना असर खाना नंबर 2 म0 मलाया करता है ( सफL वह असर जो खाना
नंबर 6 के ह का हो, जो खाना नंबर 6 का अपना ख़द
ु का असर हो सकता है , इसम0 खाना नंबर
2 का कोई असर नह ं मला हआु होगा याWन "क खाना नंबर 2 के असर के बगैर ) और खाना
नंबर 12 अपना असर खाना नंबर 6 म0 नह ं मलाता | इस उसल
ू से खाना नंबर 12 का बध
ु और
खाना नंबर 6 का शWन अलाहदा हEगे याWन खाना नंबर 12 का बध
ु अपनी ज़हर खाना नंबर 6 म0
फक
0 े गा और खाना नंबर 6 का शWन (सांप) अपने ज़हर भरे फराLटे (सांस) से खाना नंबर 2 के ह
को फंू क दे गा |

बे) खाना नंबर 6 और खाना नंबर 8 के ह भी आपस म0 ऐसे ह मले-जले
ु रहा करते ह> जैसे "क
खाना नंबर 2 व खाना नंबर 12 के ह आपसे म0

याWन अगर खाना नंबर 2 व 12 के ह आपस म0 साधु और समाbध या रात कJ नींद कJ नेकJ
बद म0 असर करते ह>

वैसे ह खाना नंबर 6 और खाना नंबर 8 के ह ख़"फ़या
ु तौर पर पाताल म0 गैबी ढं ग पर मंद
लहरE का कारण होते रहते ह> |

ऊपर के उसलE
ू से ज़ा,हर होगा "क खाना नंबर 8, खाना नंबर 6 कJ सलाह लेता हआ
ु खाना
नंबर 11 के रा-ते

साथ ह खाना नंबर 8 और 11 आपस म0 द‰मन ु हE. पेज नंबर 176 खाना नंबर 2 म0 अपनी नागहाWन. तो न कोई अचानक मसीबत ु आएगी और न ह कोई दWनयादार ु साथी मसीबत ु के व•त धोखा दे गा | अगर "कसी वजह से कोई मंद हवा का झEका आ जाये तो दसरे ू हमराह साथी हर तरह से मदद दे कर रात कJ नींद या आराम होने के सामान पैदा कर दगे 0 | िजस तरह अचानक मंद हवा आ Wनकले उसी तरह ह मददगार साथी Pबन बलाये ु ज़ा. हैवान चVरंद (चरने वाले जानवर) पVरxद (उड़ने वाला जानवर) जो "क खाना नंबर 8 म0 बैठे हए ु ह से मतािQलका ु हE.दर म0 आने-जाने लग जाये तो खाना नंबर 12 और खाना नंबर 8 के बाहम द‰मन ु हE का बरा ु असर होना शु हो जायेगा | दसरे ू श3दE म0 ऐसा Cाणी अगर धमL--थान के अंदर जाने से परहे ज करे तो खाना नंबर 12 और खाना नंबर 8 के बाहम द‰मन ु हE को बरा ु असर न होगा | ऐसी हालत म0 धमL--थान के अंदर मWतL ू वगैरह को अपना िज़-म का कोई अंग लगा कर आराधना करना मना होगा | धमL--थान के अहाता से बाहर खड़े हो कर अपने इ¥ट-दे व को सर झका ु कर Cणाम कर लेना कोई बरा ु न होगा | उसके बर खलाफ़ ii) अगर खाना नंबर 8 और खाना नंबर 12 म0 कोई बाहम दो-त ह बैठे हE या खाना नंबर 6 म0 कोई उ€तम ह बैठा हो और ऐसी हालतE म0 खाना नंबर खाल हो तो ऐसे Cाणी को धमL--थान के अंदर अपने इ¥ट-दे व को अपना कोई न कोई अंग लगाकर Cणाम करना सब तरह से नेक फल दे गा | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.हरा व गैबी ढं ग से दम के दम म0 मदद दे दगे 0 | जीम) (i) अगर खाना नंबर 12 और खाना नंबर 8 म0 कोई ऐसे ह बैठे हE.com . मसीबत ु (अचानक आने वाल मसीबत ु ) (िजनकJ बWनयाद ु "कसी इxसान. पर होगी) भेजा करता है | अगर ऐसी ह चाल म0 इxसान पर अचानक मसीबत ु या मौत का भय (डर) आ खड़ा हो तो दWनया ु के दसरे ू दWनयावी ु साbथओं के ताQलक ु म0 भी जो "क ऐसे Cाणी कJ उ± के साथी हE ("क़-मत का कोई नेक असर न होगा) ले"कन अगर खाना नंबर 2-12 अMछे हE. जो आपस म0 मल जाने पर द‰मनी ु भाव पैदा कर ल0 या एक दसरे ू के ऊपर असर बबाLद कर द0 और साथ ह साथ खाना नंबर 2 ख़ाल हो तो ऐसी हालत म0 अगर ऐसे टे वे वाला Cाणी धमL मं.

दन से उस खाना नंबर 9 के ह का असर टे वे वाले पर शु होगा. और खाना नंबर 8 म0 कोई कोई द‰मन ु ह या मंदा ह बैठ रहा हो तो खाना नंब 11 का ह Pबजल कJ तरह बरेु असर कJ चमक दे नी शु कर दे गा और Pबजल आ ख़र पर या खाना नंबर 8 के ह के मतािQलका ु Vर‰तेदार या खाना नंबर 5 के Vर‰तE कJ माफLत या उस पर (8 या 5) पड़ेगी | अगर खाना नंबर 11 खाल हो तो अपनी आमदन के ताQलक ु म0 सोई हई ु "क़-मत का ज़माना होगा और भाई बxदE से कोई भी ऐसा फायदा नह ं bगनते अगर खाना नंबर 10 और खाना नंबर 5 म0 दोनE ह कोई न कोई ह बैठे हE तो इन दोनE घरE के ह बाहम ज़हर द‰मन ु हEगे.दन से अपना अहद जवानी और अपन बMचE क जxम . खाना नं० 9 अपने बजग¤ ु ु कJ हालत बताता है ले"कन जब नंबर 3 म0 कोई ह हो तो भाइयE के जxम .दन से उसम0 तबद ल आएगी.दन स आइxदा िज़xदगी का हाल अपने बजग¤ ु ु और अपनी औलाद का हाल या अपना माज़ी अपने जxम से पहले का ज़माना और अपना म-तकPबल ु जो आइxदा न-लE का हाल होगा 1. अगरçL खाना नंबर 5 और खाना नंबर 9 म0 पापी बैठे हE तो औलाद के .दन से कोई ख़ास ने हालत हो जाने कJ उlमीद नह ं लेते बिQक जब खाना नंबर 5 म0 पापी बैठे हE. और औलाद के पैदा होने के . मसलन : खाना नंबर 10 म0 चx‡ हो और खाना नंबर 5 म0 मंगल. पेज नंबर 177 खाना नंबर 3-11-5-9-10 का मBतरका ु असर "क़-मत का ग़ैबी असर व हवाई बाVरश या अचानक उताड़ चढ़ाव मतिQलका ु बजगाL ु ु न बचपन और शबाब (जवानी "क़-मत कJ चमक का ज़माना यानी भाइयE के जxम . मगर ऐसे Cाणी कJ 24 साला उ± (चx‡ का ज़माना) और 28 साला उ± (मंगल का ज़माना) माता (चx‡) और भाई (मंगल) पर भला न होगा | अगर खाना नंबर 9 म0 सरज ू या चx‡ बैठे हE तो खाना नंबर 5 म0 पापी बैठे हओं ु का खाना औलाद पर कोई बरा ु असर न होगा और न ह िज़xदगी को तQख करने वाल "कसी मंद Pबजल के पड़ने का खौफ़ होगा | खाना नंबर 9 को एक समx‡ ु bगन0 तो खाना नंबर 2 पहाड़E का लlबा चौड़ा सल सला होगा | . अब यह दोनE ह जो आपस म0 दो-त ह>.

हर (Cकट) होगा। य. मगर ऐसा कोई फायदा नह ं होगा 2) अगर खाना नं० 2 म0 कोई ह हो और खाना नं० 9 खाल हो तो पहाड़ तो होगा मगर उस पर स3जबार कछ ु न होगा याWन ऐसे Cाणी कJ आमदन या ज़र व माया चाहे "कतनी ह हो मगर वह सर एक .) "क़-मत के मैदान का •े·फल याWन लlबाई चौड़ाई खाना नंबर 10 का ह बता दे गा मगर उस मैदान कJ मटट कJ चमक खाना नंबर 2 (पहाड़ी या मैदानी) (पथर ल या ख‰कJ ु का हम वार टकड़ा ु ) और ऐसे मैदान म0 आबोहवा कJ मतLब ू (पानी से तर) या ख‰क ु चरागाहE. ले"कन अगर खाना नंबर 2 खाल हो तो खाना नंबर 9 से Wनकल हई ु हवा खाल ह चल जाएगी | याWन अगर खाना नंबर 9 म0 उlदा ह हE और खाना नंबर 2 म0 भी कोई न कोई ह बैठा हो तो ऐसे Cाणी को खाना नंबर 2 म0 बैठे हए ु ह कJ उ± म0 अपने बजग¤ ु ु कJ शान व दौलत का फायदा होता होगा. खशगवार ु इलाके या पानी के च‰मE का हाल खाना नंबर 4 से ज़ा. औरत या औलाद का ताQलक ु न होगा 1.com . ऐसे मैदान म0 "कसी भी दसरे ू संबंधी का भाईबंद. पेज नंबर 178 दोनE को मलाने के लए यह हवाई ताकत का मा लक दोनE ह जहाँ का ह बह-पत ृ (खाना नंबर 9 और खाना नंबर 2) दोनE ह का मा लक बह-पत ृ माना है . 10. "कतना लlबा चौड़ा होगा. सअर ू . हाथी ( राहु). गधे वगैरह (केत)ु लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. हवा कJ लहरE से अपना सनहर ु असर पैदा करता या फ़ोकJ (बनावट ) उlमीदE म0 पहाड़ी और समंद ु र सैर करता कराता होगा | अगर खाना नंबर 9 से बाVरश से लद हई ु मानसन ू कJ हवा चल Wनकले तो खाना नंबर 2 के पहाड़ से टकरा कर "क़-मत के ताQलक ु म0 सोने कJ बाVरश कर दे गी.दखावे का धन और जले हए ु पहाड़ का नज़ारा .द खाना नंबर 4 खाल हो या जब उसम0 पापी बैठे हE तो भा¦य के मैदान म0 खाना नंबर 2 कJ चाहे लाख चमक हो परxतु अपनी dयास के लए पानी कJ ज रत के समय वहाँ बैठे पापी सांप (शWन). माता Kपता. ले"कन अगर खाना नंबर 2 खाल ह हो तो बजग¤ ु ु के धन- दौलत का ऐसे Cाणी को सफL वहम या गमान ु ह रहे गा.दखलाता होगा | खाना नं० 4. 2 का मBतरका ु असर भाव भा¦य के मैदान कJ लlबाई-चौड़ाई याWन ऐसे Cाणी कJ "क़-मत का मैदान िजसमे वह फ़ैल सकेगा.

दो ह रं गE का Cभाव जगन ु ू कJ तरह .द खाना नं० 2 उ€तम हो तो गर बी कJ काल रातE म0 मामल ू से मामल ू bचराग कJ बजाय CाकWतक ृ रोशनी रा-ता . मगत¥णा ृ ृ म0 ऐसा Cाणी बे-उlमीद म0 उlमीद0 बांधता हआ ु अपनी "क़-मत के . बेशक चाहे कोई भी मौत का सदमा या न•सान ु हआ ु हो या न हआ ु हो.दखाने के लए अपने आप पैदा हो जायेगी. चाहे ऐसा •यि•त बजाते खद ु जxम से या अपनी उम के ज़माने से "कतना ह नीच दज‹ का हो | याWन "क नीच जाWत का ह •यE न हो। ब) य. याWन ऐसा •यि•त अपनी "कतनी ह .टम. PबMछू (शWन) और जलते हए ु काले कोयले (राहु) और फट हई ु रं ग Pबरं गी धिƒजयाँ (केत)ु अपना जलवा .द "कया मगर वह वाKपस न मला और ऐसा Cाणी उसकJ उlमीद से रा-ता दे खता ह दे खता थक गया। जीम) य.दखा रहे हEगे | 2. इसके बर खलाफ़ (KवŸ‚) य.द खाना नंबर 2 खाल हो तो खाना नंबर 10 याWन भा¦य का मैदान चाहे "कतना ह लlबा-चौड़ा हो मगर उसम0 कोई चमक या शान या दWनयावी ु िजंदगी का साजो-सामान और आराम शायद ह महैु या होता होगा | इसी Cकार य.हlमत से कछ ु भी बना ले मगर जब अपनी थैल म0 हाथ डाल कर नकद माया bगननी चाहे तो उस थैल म0 प€थर के छोटे -छोटे टकड़े ु सांप. िजसकJ तलाश के लए कई कसीद भेजे मगर वो बाKपस न आए या काफJ य€न आ. पेज नंबर 179 के भयानक नजारे पैदा करते रहगे 0 । याWन धन दौलत के च‰मे पर गxदा पहरे दार (पापी) होने कJ वजह से च‰मा का पानी कछ ु अपनी शान न दे गा. शाहजहाँ या समय के खानदान गलामE ु के खन ू का सबत ू दे ने वाला. याWन अगर खाना नंबर 8 मंदा हो तो मंद हवा और मातम का ज़माना Pबन बलाये ु तंग कर रहा होगा.टमाता या खानE के कJमती प€थर लाल ह रे कJ रोशनी कJ चमक से अंधेर रात म0 भी चमकते हएु चाँद से उ€तम रोशनी दे ने वाला होगा.द खाना नंबर 10 और खाना नंबर 2 दोनE ह खाल हE और खाना नंबर 4 म0 कोई अMछा ह बैठा हो तो पीने के लए पानी नजर तो आता होगा मगर पता नह ं चलता होगा "क इस जगह तक पहंु चने का रा-ता "कधर है .द खाना नंबर 2 म0 कोई ह बैठा हो और खाना नंबर 10 खाल हो तो भा¦य म0 लखे हएु मालधन का पासLल डाकखाने या रे लवे -टे शन पर चाहे पहच ु ँ जाये पर उसको लेने के लए अपनी पहचान का सबत ू सामान कJ िज़lमेदार कJ कJमत और बाकJ रसीद पचाL शायद रा-ते म0 ह कह ं गम ु ह हो गया होगा.) खाना नं० 10 कJ शानदार ईमारत या Pब-तरा तक जला हआ ु .

झगड़ा कराते दसरे ू ह> शWन रKव दो इकwे बैठ0. पेज नंबर 180 मैदान म0 बंधा हआ ु पसीने के पानी से तरबतर होता चलेगा. ह म‰तरका ु होते ह> श·ु गो ह कभी न मलते. उस ह के मतािQलका ु (संबिxधत) Vर‰तेदार आल-औलाद कJ मौतE से द:ु खी होगा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. जो ह उन (-·ी ह और शWन म‰तरका ु बैठे हE) को ˆि¥ट के असलE ू पर दे खेगा. 4. 11. मरते आल औलाद से हE इस ज़हर को घर 9 व0 से. जायदाद. 9. 11 का मBतरका ु असर भाव :- इन सब का हाल जैसा भी एक का हो. 7.दवार के घर दो साथी. 2. 4. दो-त मले ह लगते ह> 1. राहु केतु हटाते ह> अगर मदद न उनकJ लेव0. मंगल केतु मर जाते ह> एक . 3 का मBतरका ु असर भाव बीमार का बहाना-सेहत का आ ख़र व•त कच ू . लड़ते ह -·ी से ह> -·ी ह जब शWन से मलकर. याWन िज़xदगी और माया दौलत होगी तो ज़ र मगर कब अपनी ज़ रत के लए मकिlमल ु उस बात का जवाब दे ने वाला शायद "फर कभी आएगा | खाना नं० 1.com . 7 का मBतरका ु असर भाव :- धन कJ आमद. चारE घरE म0 सबका वैसा ह होगा | खाना नं० 3. फ़ालतू धन और खचL कJ नहर कJ हालत ( मफि-सल ु धन दौलत के हाल म0 दे खे) खाना नं० 8. -·ी ह जब शWन से मल कर खाना नंबर 2 म0 या कह ं भी और बैठे हो तो. बैठे दो या कह ं भी उन बैठे ह जो कोई दे ख0. ज6ी चोर ऐ यार दो-ती वगैरह मफि-सल ु हाल सेहत बीमार और इंसानी उ± के हाल म0 दे खो | ख़ास-ख़ास असर ह दो-त नह ं बाहम लड़ते.

पेज नंबर 181 वज़ह "कसी द वार(१) फटे गर. वैर ख€म हो जाता है माता चx‡ जब साथी होव0. मौत खड़ी हो जाती है ह श·ु म0 गŸ ु जो आवे. जब कोई ह ऐसे घर म0 आये या बैठा हो तो जहाँ "क वह नीच मकरL ु र हो चका ु है या वह ऐसे घर म0 बैठा हो जो "क उस ह के द‰मन ु ह के द‰मन ु ह का घर हो (बहै सयत माल"कयत या प•का घर) तो ह का Cभाव दे खने म0 Cाय: मंदा होगा | इसके उQट जब वह ऐसे घरE म0 हो जो उसके लए उMच हालत का मकरL ु र है या अपने म· हE के घर म0 (बहै सयत मलकJयत या प•का घर ) बैठा हो तो उसका Cभाव अममन ू नेक होगा। जब कोई ह अपने प•के घर म0 बैठा हो या कायम हो या उसके साथ बराबर कJ है सयत का मकरL ु रशदा ु ह बैठा हो तो औसत दशा म0 उसका Cभाव नेक ह होगा। . म· सभी बन जाता है "कस खाना खाने म0 तो "कस ह पर असर हो और •या असर होगा नंबर म0 हो कौन ह हो 1 केतु सरज ू हर तरह से ऊंच फल दे गा राहु सरज ू हर तरह से सरज ू िजस घर म0 बैठा हो उस घर म0 सरज ू हण होगा 2 बध ु बह-पत ृ हर तरह से बबाLद होगा 4 बध ु चx‡ हर तरह से बबाLद होगा 6 मंगल सरज ू हर तरह से ऊंच होगा मंगल केतु हर तरह से बबाLद होगा 11 राहु बह-पत ृ हर तरह से बबाLद होगा केतु चx‡ हर तरह से बबाLद होगा जब बध ु खाना नंबर 9 म0 हो बह-पत ृ राहु हर तरह से बबाLद होगा जब बध ु मंदा हो 12 चx‡ केतु हर तरह से बबाLद होगा १. दगनी ु ु ज़हर हो जाती है अ•ल बरु "क़-मत हो मंद .

हसाब कJ कमी-बेशी को जानो याWन िजस मज’ हो कम व बेश कर लो लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. हर दो हालत म0 या अपना असर दे ने के लए राहु के इशारE पर चलेगा और हर व•त यह असल ू बनाए रखेगा | सपदF ु ु म बतो मायये <वैशरा तू दानी Kहसाबो कमो बेशरा याWन म> (केतु ने) ख़द ु अपनी ताकत तlहारे ु हवाले (राहु के) कर द अब तो .com . जब कभी बरा ु होगा तो उस बराई ु करने कराने म0 कोई न कोई दसरा ू और साथी ज र होगा 5 अकेला मंगल bच ड़या घर का कैद या बकVरयE म0 पला हआ ु शेर 6 अकेला बध ु लालची दे श परदे श म0 खाल च•कर | मखxxस ु हालत का असर होगा 7 अकेला शWन अकेले सरज ू के साथ खाल बध ु का ह काम दे गा 8 अकेला राहु के अकेला तमाम हE कJ परवाह न करे गा और ज़माने के सब द‰मनE ु पर कड़कती हईु Pबजल कJ तरह चमकता और टे वे वाले का हर तरह से तमाम मसीबतE ु के ताQलक ु म0 बचाव परा ू परा ू करे गा | मगर माल हालत कJ शतL न होगी. यह मतलब नह ं "क गर ब ह बना दे गा. मगर ज र ह आ मर बनाने कJ शतL नह ं | 9 अकेला केतु चाहे कंु डल म0 राहु के पहले घरE म0 बैठा हो चाहे बाद के घरE म0 . पेज नंबर 182 कौन सा 'ह PसफF अकेला ह1 बैठा हो तो Cया असर होगा ºमांक ह •या असर होगा 1 अकेला टे वे वाले पर कभी मंदा असर न दे गा बह-पत ृ 2 अकेला सरज ू खद ु अपनी ज6ो-जहद कर के ख़द ु सा«ता अमीर होगा 3 अकेला चx‡ हमेशा अपनी दयालता ु और नरमी से फांसी तक कJ सज़ा मुआफ़ करवा कर टे वे वाले कJ कल ु (खानदान) न¥ट न होने दे गा 4 अकेला शº ु कभी बरा ु न होगा.

पेशाब या ददL जोड़ कJ कान म0 सराख़ ु करवाना | केतु कJ पालना बीमाVरयाँ. िज़-म के अंगो को पी कर काम शु करना मबारक ु होगा हरकत करने कराने कJ ताकत (खींचना या फैलाना) जाती रहे या मंह ु से हर दम थक ू जार रहे 3 चं‡ घर म0 दध ू वाले जानवर मर जाएँ | घोड़े कJ मौत दसरE ू के चरण छू कर उनका आशीवाLद हो जाए | कआँ ु या तालाब ख‰क ु हो जाएँ | लेना मददगार होगा महसस ू करने कJ ताकत ख€म हो जाये 4 शº ु अंगठा ू बगैर बीमार बेकार हो जाये या िजQद पोशाक का «याल रखना मददगार होगा (इxसान कJ चमड़ी Skin) ख़राब हो जाये 5 मंगल बMचा पैदा हो कर ख€म हो जाए | आंख कानी हो मंगल बद म0 .दांत-सफ़ा रखना मददगार | क••ते ू बाह धोखा दे वे होगा 7 शWन मकान bगर जाये | भस > मरे -आग लगे | िज़-म म-वाक दातन ु का इ-तेमाल करना पर बाल Pबना बीमार झड़ जाएँ. खाम-«वाह द‰मन ु पैदा हE करना. पेज नंबर 183 हर 'ह के अ€छे या मंदे हो जाने क2 आम eनशानी ºमांक नाम ह मंदा होने कJ आम WनशाWनयाँ मंद हालत म0 मददगार बाते सर पर चोट (बोद ) कJ जगह के बाल खद ु बा माथे या पगड़ी पर ज़दL Wतलक (Wनशान) 1 बह-पत ृ खद ु "कसी बीमार कJ वजह के बगैर उड़ जाएँ | लगाना-नाक का पानी ख‰क ु (नाक़ सफ़ा) गले म0 हरदम माला (त-वीह) रखने का आद हो कर के काम शु करना मददगार होगा | जाये | सोने का नकसान ु या गम हो जाये | झठ£ं ू बचपन कJ उ± म0 िजस .दन नाक से अफवाह0 का कारण हो | ताल म खाम-«वाह बंद पानी ख़द ु बा ख़द ु ख‰क ु हो जाये.दमाbगयाँ ताQलक ु न Pबगाड़ना. हो जाये | बबह-पत ृ मददगार bगना जायेगा 2 सरज ू सरज ू रं ग (लाल) गाय या भरू भस > का मर जाना महं ु म0 मीठा डाल कर पानी कJ चंद घँूट या घर से गम ु हो जाना. ख़ासकर पलकE मददगार होगा और भवE के 8 राहु भरेू -याह रं ग के क€तE ु कJ मौत हो जाए या गम म‰तरका ु खानदान रहना. खद ु -म«€यार ु हो कर न चलना मदद दे गा 9 केतु पाँव के नाख़न ू झड़ जाना. खशब ु ू या बदब ु ु कर फकL मालम ू न हो नाक छे दन. औलाद के Kव¼न या तकल फ0 और करना मदद दे गा खराPबयां . सर पर चोट कायम खराPबयां. ससराल ु से हो जाएँ | हाथ के नाख़न ू झड़ जाएँ | .दया हआ ु इलाज मदद दे गा जाये | खन ू खराब हो बैठे | िज़-म कJ जोड़ चलने | सरमा ु सफेद का इ-तेमाल करना से रह जाएँ | खन ू का रं ग मद‹ु कJ तरह नजर मददगार होगा आने लगे | क••ते ू बाह मगर बMचा पैदा करने कJ ताकत न रहे 6 बध ु दांत बबाLद.

जो घर के "कसी ह के लए बतौर प•का घर मकरL ु र नह ं | क़ायम और नेक हालत का असर उस व•त होगा.) जब ऐसे घरE म0 हो जहाँ "क वह नीच मकरL ु र "कये गये ह> या अपने द‰मन ु घर के घर म0 बैठे हEव0 ३. पेज नंबर 184 औसत हालत का असर अममन ू उन घरE म0 होगा. जब"क उस ह का साथ हो जाये जो उस ह के बराबर का ह मकरL ु र है और वह ह जागता हो :- जब(१) ˆि¥ट कJ "कन घरE पर अममन ू मंदा होगा(२) कहाँ अममन ू अMछा होगा (३) नज़र से बाहर ह अकेला ह बैठा हो बह-पत ृ 6-7-10-11 1 से 5-8-9-12 मंदे गŸ ु को केतु कJ मदद होगी सरज ू 6-7-10 1 से 5-8-9-11-12 चं‡ 6-8-10 से 12 1 से 5-7-9 शº ु 1-6-9 2 से 5-7-8-10 से 12 मंगल 4-8 1 से 3-5 से 7-9 से 12 बध ु 3-8 से 12 1-2-4-5 से 7 खाना नंबर 9 हमेशा ह मंदा नह ं और न ह खाना नंबर 11 हमेशा लानती होगा शWन 1-4 से 6 1-3-7 से 12 राहु 1-2-5-7 से 12 3-4-6 केतु 3 से 6-8 1-2-7-9 से 12 १.) ˆि¥ट कJ नज़र से बाहर मराद ु यह है "क उस ह कोई भी और ह "कसी तरह कJ ˆि¥ट वगैरह से दे ख न सकता हो या ऐसा ह अकेला ह बैठा हो २.) जब ऐसे घरE म0 हE जहाँ अपने घर का मा लक/ऊंचे मकरL ु र "कया जाये घर म0 या अपने दो-त घर के घर म0 होवे .

पेज नंबर 184 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.blogspot.in .

अपनी कमाई से माता Kपता कJ सेवा करने लगा तो चx‡मा का ज़माना आया उ± हई ु 24 साल | 4.com . अब हरकत से गम’ आग या दWनया ु म0 उसका मजि-सम ु (सा•ात) दे वता सरज ू Wनकल आया. बह-पत ृ हE का गŸ ु या Kपता था. Wतजारत. लाल घट और हवा ने सरज ू का Ÿख "कया. अपने आप से जब दWनया ु का गोरख-धंधा हल न हआ ु तो इधर-उधर सलाह मशKवरा के लए पाँव कJ न•ल व हरकत शु हई ु या बMचा चलने और दौड़ने लगा तो केतु का ज़माना उभरा और उ± हो गई 48 साल या दWनया ु का मअlमा ु (CWतयोगी) लाल ह चाल बMचा 12 रा श के चार च•कर लगा कर दWनया ु कJ चारE खंूट म0 आ रोशन हआ ु | दसरे ू श3दE म0 जब खाल आकाश (खाल जगह) म0 बह-पत ृ (हवा) का असर हआ ु या ज़माने कJ हवा म0 इxसान "फरने लगा तो उसम0 हरकत कJ ताकत पैदा हो गई. इQमE हनर ु के बाद राजदरबार से खदु अपने हाथE से धन कमाना शु "कया | तो यह व•त अहद सरज ू हआ ु या बMचा बा लग हआ ु तो उ± हई ु 22 साल | 3. . िज-मानी द:ु ख बीमार वगैरह का व•त मंगल (नेक-बद) bगना गया तो उ± हई ु 28 साल | 6. यह नज़ारा . बMचा पैदा हआ ु बंद हवा से इस ज़माने कJ हवा म0 आया | यह ज़माना वह ज़माना है जब"क बMचे का िज़-म नमL. तो उ± का ज़माना वह आया जो हानी हालत का हआ ु | पठठे अब जो बढ़ने थे बढ़ चक ु े . जो Wनकलते ह सखL ु रं ग दे खा गया (सखL ु रं ग मंगल का है ). पोला और तPबयत Pबलकल ु भोल -भाल है | अभी सात ह का असर पणLू नह ं हआ ु और लोक-परलोक के म‰तरका ु «यालात उसम0 पैदा हो रहे ह> | गŸ ु से ता लम हा सल कJ तो उस पर इस ज़माना कJ हवा का असर सोलह आने होने लगा. अपनी -·ी ताQलक ु बढ़े . द-तकार . बK‚ ु के काम.दमागी लया•तE वगैरह से धन दौलत का ज़माना बधु का अहद बना और उ± हई ु 34 साल | 7. गम’ बढ़ . हनर ु .दन के नाम से मौसम ू (जाना गया) हआ ु | सरज ू िजस क़दर ऊँचा हआ ु . पVरवार गह-थ ृ धमL और बाल बMचे के बरकत का ज़माना शº ु का अहद शु हआ ु तो उ± हई ु 25 साल | 5. जंगो-जदल. सxयास या मकान ƒयादा. खाना-पीना भाई-बxदE कJ सेवा. तब कमL-धमL करना सीखा और इƒजत बेइƒजती का फकL मालम ू होना शु हआ ु . दWनया ु के अंदेशा कJ फज’ सोच-Kवचार और «यालात कJ नकलE हरकत का जोर हआ ु तो राहु का ज़माना आया और उ± हई ु 42 साल | 9. लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. गोया बह-पत ृ कJ उ± हई ु सोलह साल | 2. चालाकJ कJ आंख से धन दौलत का ढं ग पकड़ा तो शWनMचर का राज फैला और उ± हई ु 36 साल | 8. पेज नंबर 186 ‡dमांड मR 'ह चाल1 ब€चे के बदलती हई ु अव6था 1. •यापर.

जो मेख (मेष) के नंबर 1 को ऊंच कर रहा है .दया (सरज ू को रथ माना गया है ).दल बैठा हआ ु नज़ारा दे ख रहा है | फ़ैसला होता है "क पांव पड़ी नीचे लेट एक ह आँख कJ मा लक .दल के अंदर बैठ गया या इxसान का . "करणE को वाKपस ले आता है और सरज ू और बह-पत ृ के शेरE को (कानी अबला) Wनहायत गर ब कJ हकJक़त बयान करता है | मंगल आ. इस लए मंगल उस पर हमला नह ं करता. जो हर एक के मड़ने ु का हाथ है . पेज नंबर 187 मगर सरज ू दWनया ु का Kपता और हानी मा लक बना | बध ु कJ अ•ल का गोल दायरा भी सरज ू का अपना आकार है | सरज ू Wनकला तो बह-पत ृ मंगल चं‡ और बध ु सबके सब एक हो गये और शº ु राहु और सरज ू का लड़का शाWनMä केतु को साथ लए बा½ तरफ हो बैठे.दल दWनया ु और दWनया ु का .हरा ग-से ु के अंद नी वज़द ू म0 चx‡मा का शांWत वाला . और खद ु सरज ू के . ƒय-ूँ ƒयँू सरज ू ऊँचा हआ ु सफेद म0 बदलती गई और दWनया ु को रोशन करने लगी | गोया मंगल अपनी "करणE से सरज ू और दWनया ु कJ ज़मीन शº ु के दर मयान खब ू ज़ोर से तन गया | दWनया ु का . न उसने अपना रा-ता बदला न ह पीछे हटा | मंगल दो-त कJ लाल . "कसी ने उसे मड़ते ु हए ु नह ं दे खा.दल "चं‡मा" सरज ू के िज़-म म0 जा बैठा | बह-पत ृ कJ हवा या राजा इं‡ ने परलोक से इस दWनया ु का Ÿख "कया और Wनकलते ह सरज ू (आग गम’) के ह•म ु को परा ू करने के लए ज़दL (पीले) हवाई शेर को संह रा श के मा लक सरज ू का Cणाम करने को भेजा. •यE"क उसके जा. "कसी से द‰मनी ु नह ं करता | सरज ू मिxसफ ु (xयायकताL) है िजस म0 रहम (दया) और अदल (इंसाफ करने वाला) दोनो शा मल ह>.दल या इxसान के . और मंगल कJ "करणे बना-बना कर शº ु कJ ज़मीन को खनी ु झंडे के मा लक से मैदाने जंग बना रहा है | संह का सरज ू ख़द ु शेर है | मंह ु लाल करने वाला मंगल उसे और भी ऊँच दर ऊँच हालत म0 कर रहा है | शेर के मंह ु को मैदान जंग के खन ू कJ लाल का रं ग नह ं चढ़ता.दल चx‡मा ने अपनी अलाहदा खचड़ी पकानी छोड़ द और अपना घोड़ा (चं‡ को घोड़ा भी माना है ) और दध ू सफेद रं ग सरज ू के रथ म0 जोड़ . वह लाल होने कJ बजाय और भी चमकता चला जा रहा है | मंगल भी नर ह है | मैदाने जंग के उसलE ू को चलाने वाला है | मकाबले ु पर शº ु कJ ज़मीन सबको एक ह आँख से दे खने वाल कानी औरत है . मगर मड़े ु गा कौन ? सरज ू जो अपनी गोलाई के च•कर के सबब हमेशा आगे को ह चलता जा रहा मालम ू होता चला आया है .दल (WनणाLयक) है या अदल का मा लक (WनणLय करने का मा लक) है | बह-पत ृ हवाई शेर रह म (दयाल)ु या रहम (दया) का मजि-सम ु (सा•ात) दे वता है .

वह सरज ू के ह•म ु या मंगल कJ "करणE को कभी इघर कभी उधर करता है | कशमकश पैदा हो गई | "करणे शº ु का कछ ु Pबगाड़ नह ं सकती | बह-पत ृ कJ हवा जोर पकड़ रह है | शº ु कJ माया लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. मथन ु रा श नंबर 3 पैदा हो जाती है या मेख नंबर 1 के मंगल व सरज ू मलकर 3 होने पर मथन ु मैथनु मलावट या मदL औरत का जोड़ा या मदL औरत कJ मलावट कJ बाहमी अ•ल या कामदे व Kवषय कJ ताकत साथ मल बैठती है | बध ु शº ु कJ अपने ह घर म0 पालना करने लग जाता है . गोया वह राहु बन गया. जो ज़ा. मगर उसकJ शैतान आँख के एक ह तब-सम ु (म-कराहट ु ) के कVर‰मे ने सरज ू और बह-पत ृ के शेरE को नीचा कर . गोया शाWनMä ने अपने बाप सरज ू के बर खलाफ़ भी औरत को सलाह द . मगर मंगल द‰मनी ु नह ं छोड़ता. दसर ू तरह शाWनMäर िजसने शº ु (जमीन औरत) को दे खने के लए अपनी आँख उधर द थी समझाता है "क मेरे होते हए ु यह सब तेर (शº ु कJ) आँख कJ नज़र का सफL एक मामल ू कVर‰मा है . अब मंगल के पेश नह ं जाती | वह सरज ू और बह-पत ृ . दोनE कJ खाWतर जो सबके Kपता ह>. पेज नंबर 188 कानी औरत पर मदL का हाथ उठाना मंगल का काम.दल ु ) के करवाई कर जाये | इस लए चपु है और मं ग ल के मौजद ू होते हए ु राहु भी गम ु है | िजसकJ वजह से मदL औरत का जोड़ा कामदे व को अंदर छपाये ु "फर रहा है . जब काबू आया औरत को मार दे ने का उसल ू बरतने लगा | "क-सा कोताह शº ु को केतु कJ मदद मलने पर या कामदे व कJ मेहरबानी और मंगल कJ सलाह से "करणे "फर जमीन पर शºु को मार दे ने या नीच करने के बजे उसे चमकाने को वाKपस ह½ ु | अब ज़मीन •या चमके सब हE को शाWनMचर कJ शैतानी मालम ू हो गई | बह-पत ृ कJ हवा ह•म ु बजा ला रह है . ऐसी हालत म0 अगर वह अकेला हो तो कायराना (बज़. मंगल का मैदानेजंग अंद नी तौर पर गम’ छोड़ता.दया | सब तरफ नीच फल पैदा हो गया.com . उसके (शWन) फ़रे ब म0 आ गई. मगर मटट कJ शº ु कJ.दमाग म0 न•ल व हरकत होने लगी. जो अममन ू भोल -भाल ह मानी गई है . िजस पर दWनया ु म0 जानकार जार हई ु और मंगल चौकोर (चतभL ु ुज जैसी श•ल) श•ल के पेट म0 छVरL ु याँ "फरने लगी. आँख से मार दे ने वाल अबला से तंग होने लगा और ख़द ु अपने हाथ से उसे मार दे ने पर तैयार हआ ु .हरा भोल -भाल गऊ नज़र आर रह है . उसकJ आँख शाWनMä कJ. िजसके . और हमला करना शेरE और बहादरE ु का काम नह ं | चपचाप ु बैठा हआ ु बध ु अपनी अ•ल का दायरा बड़ा करता है .

इस लय उनसे वह बचा. जौ के पौधे और व~D ृ के पvते भी eनकलते ह1 ज़दF रं ग के होते हs. रात हो गई | सरज ू कJ पराणी ु चमक बह-पत ृ कJ ठं डी हवा के साथ चं‡ कJ ताकत से "फर दोबारा ज़ा. मगर उसकJ आँख (शº ु कJ आँख जो शाWनMचर ने उधार द थी शº ु को) बद-तरू दे ख रह है . बK‚ ु या अ•ल आने लगी और ज़दL से स3ज (हरा रं ग) रं ग होने लगा जो बध ु कर रं ग व ज़माना है | अब ज़माने कJ हवा अ•ल तो दे गी मगर ज़दL से स3ज़ करे गी याWन बह-पत ृ कJ मदद कम होती जाएगी और उसके बध ु के स3ज़ रं ग से मल हईु अ•ल से इxसान धन दौलत के कमाने कJ धन ु और लगन म0 . िजस पर रात के बाद . मंगल चला गया और मंगल कJ गैर हाज़र म0 राहु भी आ Wनकला. •यE"क शाWनMचर कJ बनी हई ु है | वह जर‹ दWनया ु के झगड़े ह>. या अब "फर नये सरजू कJ उlमीद हई ु अ रा श मंडल म0 ह चाल बMचा को ƒयE-ƒयE हवा लगने लगी. मगर उसके (सरज ू के) रथ को न रोक सके और आ खर म0 सबने अपना आप ह खराब "कया और सरज ू को कछ ु न Pबगाड़ न सके | सं•ेप म0 आ.हर होने लगी | गम’ घट . िजसने शनीMचर कJ आँख से आँख न मलाई | जर¤ से गम’ बढ़ . यहाँ तक "क दWनया ु लड़ाई का मैदान बन गई और सख ु -दःख ु कJ न. चx‡ ने तमाशा दे खा.दन के फकL कJ हदबंद या केतु Wनकल आया | . "फर ठं डी हवा चलने लगी.दखाया. मगर रे खाओं के समंदर (चं‡ का दसरा ू नाम) ने शांWत न छोड़ी | पानी आ. जो सरज ू कJ तKपश को म‚म "कया.ह-ता सरज ू का रथ छपने ु लगा और काल रात (शाWनMä का पहरा) होने लगी | "करण0 ख€म हई ु . मगर ऊंचे पहाड़ ठं डे रहे और कायनात के सदL और गमL दो पहलू हो गये | गज‹ "क औरत के ताब--म ु (म-कराहट ु ) कJ आँख के शरारE से सकड़E > बखेड़े और जंगो-बदल होने लगे. पेज नंबर 189 के झगड़े और मटट के जर‹ साथ उड़कर सब कJ आँखE म0 पड़ने लगे.ह-ता गमL हआ ु .ह-ता-आ.दन ख€म और रात शु के बाद राहु .दन रात मरते "फरना सीखेगा •यE"क बध ु बह-पत ृ 1) ज़दF कनक. मगर ख‰कJ ु का तमाम ¹ा°मÀड या शº ु कJ कलु ज़मीन या हाथ का महा वीप. सरज ू और शºु कJ बाहमी द‰मनी ु के सबब से इंतना तंग हआ ु "क सरज ू को दबा लेने के लए सारे का सारा ह उठकर दौड़ता हआ ु मालमू होने लगा | बह-पत ृ कJ हवा म0 शº ु कJ मटट के ज़र‹ तफ ू ानी जोर से फ़ैल गये | तमाम मतिQQकन ु तंग हए ु . बंद बतFन मR पैदा हए ु पौधे इस बात को साफ़ करते हs . सदË बढ़ | ज़मीन को कछ ु शांWत हई ु और समxदर ु ने भी गम’ को अपने घर के अंदर से दर-बदर करना शु "कया | राहु ने रात ख€म कJ तो.ह-ता-आ.दयाँ या रे खाएं हाथ के बर‹ आज़म (महा वीप) म0 बहने लगी | मंगल ने नज़ारा . मैदान गमL हए ु .

हश करता है "क एक साँस बाहर को गया हआ ु है तो दसरा ू मेरे अंदर ह आ जाये याWन अगर दाएँ ने "क़-मत हार द है तो बायाँ ह मदद करे | वह दायाँ बायाँ करता रात . आग से पानी. पानी से मटट बनी.दन के थके हारे सोने लगे. िजसकJ जांच पड़ताल इस इQम साम.दन 24 घंटे म0 12 रा श जरब (गणा ु ) 7 ह या 84 लाख साँस परेू कर लेता है और इस दWनया ु कJ नकL चौरासी या बारह रा शयE म0 सातE हE कJ ज़रब या चौट को सहारता चला जा रहा है | अगर यह साँस हवा या बह-पत ृ न होता तो सब चौरासी ख€म हो जाती. मगर हरदम यह ख़वा. जो बह-पत ृ व राहु के दर मयान हदबंद करने वाल चीज आसमान कJ बWनयाद ु (°•फ़ या Wनगाह कJ हद) कहलाएगी. पेज नंबर 190 से द‰मनी ु पर है या कहते ह> "क बMचा बड़ा हआु . कई तरह कJ खराPबयां होने लगी.‡क ु से होगी | . •यE"क बह-पत ृ बध ु म‰तरका ु ह चाल बMचे से बह-पत ृ उड़ जाने पर. या बMचा ज़माने कJ हवा से गम’ सदË महसस ू करने और माता-Kपता के साये म0 आराम करने लगा और वह बंद मwी ु के आकाश कJ हवा अब उसे सांस का काम दे ने लगी | इसी उसल ू पर माना है "क हर सांस के आने और जाने म0 इxसान कJ "क़-मत का ताQलक ु होता है . बध ु का गोल अंडा या सफ़र खाल «याल ह रह जायेगा. िजसकJ वज़ह से कोई बK‚मान ु या बध ु का मा लक या अ•लमंद यह दावा नह ं बांध सकता "क एक के बाद दसरा ू सांस आएगा या नह ं. िजसके पद‹ म0 हवा से आग हई ु . मगर बह-पत ृ कJ उ± घटती जाएगी | पैदाइश के व•त बह-पत ृ परू उ± का था.दमाग म0 नकल व हरकत पैदा हो गई और नेकJ के साथ बद करने का बीज आ मला | आ खर यहाँ तक "क सब ज़माना उलझ गया | "फºो गम खड़े हएु | मगर शº ु का मकाम ु है "क राहु और बह-पत ृ बराबर ह> और बाहम कभी द‰मन ु नह ं होते | दोनE के मलाप से स3ज़ रं ग (हरा रं ग बध ु का ) पैदा हआ ु तो बध ु आ Wनकला और ज़दL (पीला रं ग) Pबलकल ु ह जाता रहा याWन अ•ल परू हई ू तो ज़माने कJ हवा का ऐतबार ह उठ गया "नीले Vरजक बहाने मौत" का मसला खड़ा हो गया | गोया फ़Vर‰ते का का लखा हआ ु या कदरत ु का लखा हआु ह भल ू गया | इतना ह नह ं बिQक जब इस बध ु या बK‚ ु कJ अ•ल का गोल दायरा बह-पत ृ के बजL ु पर आया तो बह-पत ृ कJ हवा का वह या ऐसा चº बंधा "क उसे Wनकलने को वह खाल जगह "आकाश" बाकJ रह गई | "क़-मत कJ हवा के बात बबले ू बनने और आसमान कJ तरफ उठने लगे | स•ेप म0 "क़-मत का ऐतबार ह न रहा | बहरलाल इतने म0 सरज ू आसमान सर नजर से गायब हआ ु . हर तरह से साफ़ था | ज़माने कJ हवा से कई रं ग बनने लगे | ज़दL से स3ज़ हआ ु तो राहु (नीला रं ग) साथ मला गोया . जो दWनयावी ु «याल म0 अंडे से बह-पत ृ कJ ज़दË Wनकला हआ ु अंडे का खाल खेल या ढांचा सर या बMचे के ऊपर "क झQल या ज़ेर होगी. रात आई | आग बझने ु और सदË उभरने लगी | घबराहट ख€म और शांWत आने लगी | चं‡ चमक रहा है | .

पेज नंबर 191 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.in .blogspot.

मकान आम व जाए Vरयाइश µवाब शगन ु . ज़हर व अमत ृ . "क आया गज़रा ु हआ ु हाल मल गया | ह -पि¥ट के लए हर ह म0 इस के खाना वार असर कJ द हई ु चीजE व ह मजकर ू कJ आम चीजE का ताQलक ु भी बोलकर दे ख ल0 | जब परू तसQल हो जावे "क मकान कंु डल के मताPबक ु भी अब वह टे वा दŸ-त ु हो गया है . दWनयावी ु द गर साbथयE और इQम •याफ़ा वगैरह से जो साम. पेज नंबर 192 कंु डल1 कयाफ़ा :. उसे उस घर म0 मकरL ु र करके बाकJ सब हE को बतदर ज लख दे व0 | अब ल¦न सारणी के मताPबक ु दे ख ल0 "क जxम व•त दरअसल •या हआ ु . अब तमाम हालात आम उ± और सालवार दे ख ल0 | दसर ू हालत म0 दे ख0 "क हाथ रे खा के उसलE ू पर कंु डल बनाने के ढं ग से नर ह कहाँ-कहाँ मालम ू हो रह0 ह> | िजस घर म0 कोई एक नर ह भी परेू तौर पर तसQल का मालम ू होवे. दो-त द‰मन ु . चVरंद-पVरxद-दVरंद. इxसनात (कौम0 ) "क़-म "क़-म के लोग हैवानात. तो आगे फलादे श दे खना शु कर0 | .हाथ पांव कJ ऊँगल के नाख़न ू के सरे से कलाई व टखने तक और 9 ह व 12 रा श कJ कंु डल से 12 तरफE के दर मयानी मैदान मन नबातात (ज़मीन से उगने वाल चीज0) जमादात.‡क ु के ज र .ह-से ह>. साथ ह उस तरह पर दŸ-त ु "कये हए ु टे वे का पहला फलादे श बोल कर दे ख ल0. व•त से पहले ह लखे हए ु नौ Wनbध बारह सK‚ के खज़ाने कJ कमी बेशी के मतािQलका ु क़दरती ु और अन मट (जो मटाया न जा सके) लेख या ह•नमा ु को पढ़ा जा सकता है | टे वे क2 आसान द56ती ु इQमे ƒयोWतष के मताPबक ु बनाई हई ु जxम कंु डल के ल¦न के खाना नंबर को 1 का अंक दे कर जब कंु डल बन चकJ ु तो मालम ू हो जायेगा "क ल¦न से हर ह कौन-कौन से घर है | इस तरह बैठे हएु हE के मताPबक ु मकान कंु डल जो दसर ू जगह दजL है बनाई और हर एक ह के मतािQलका ु चीजो से पड़ताल कJ या उसके खन ू के Vर‰तेदारE हर एक से मतािQलका ु का हाल और सब हE का फल मलाया गया. मॉल मवेशी.

डे म0 अंक नंबर 11. जीम को 3. बात एक ह है | खाना नंबर (1) मेष (2) वष ृ (3) मथन ु (4) ककL (5) संह (6) कxया (7) तला ु (8) व‰Mक ृ (9) धनु (10) मकर (11) कंु भ (12) मीन. चे म0 अंक नंबर 4. बे को 2. रे म0 2. चे को 4.‡क ु वालE के लए भी यह खाना नंबर 2 ह होगा | खाना नंबर 2 से खाना नंबर 12 तक खाना नंबर अ लफ़ से दोनE इQम वालE ने शु करना है.‡क ु वाले उस ऊपर के चौकोर खाना को खाना नंबर 1 दे द0 . खे म0 10. ज़ाल म0 अंक नंबर 9.‡क ु वालE ने लगन से हर एक घर bगन लया | अब यह रा श नंबर का अंक नह ं ल0गे या .‡क ु म0 इसी ऊपर के चौकोर खाने को खाना नंबर 1 दे .हये "क पंजाब म0 कंु डल के बारह खानE कJ श•ल प•के तौर पर मकरL ु र है | चाहे इQम ƒयोWतष वले ऊपर के चौकोर खाने म0 जxम व•त कJ रा श के नंबर का अंक लख द0 चाहे साम.‡क ु म0 रा श न•· को बाद म0 उड़ा ह . ज़े म0 अंक नंबर 12 लख0 गे | ƒयोWतष वाले खाना नंबर बे वाले खाने को कहगे 0 "क वह बे वाला खाना नंबर जxम ल¦न से दसरे ू नंबर पर है | इQम साम. हे म0 अंक नंबर 5. डाल म0 अंक नंबर 8.दया गया है. ज़ाल म0 1.‡क ु म0 रा शयE के एक ह नंबर मकरL ु र ह> | कंु डल वाले के जxम के मताPबक ु जो रा श नंबर होता है . डे म0 3. ता"क बार-बार न bगनना पड़े "क हर के ह जxम ल¦न के कौन से नंबर के घर म0 या यँू क. ƒयोWतष म0 वह ल¦न कहलाता है. पेज नंबर 193 इQम ˆयोeतष क2 बनाई हई ु जNम कंु डल1 इQम ƒयोWतष और साम. खे म0 अंक नंबर 6. बे म0 6. मान लो "कसी कJ जxम रा श या जxम ल¦न कJ रा श है संह. जीम म0 7. इQम साम.दया गया है | कंु डल के अंक बदलने से इQम साम. दाल म0 11. डाल म0 12. रे म0 अंक नंबर 10. पंजाब म0 इQम ƒयोWतष वाले वह अंक सब से ऊपर का चौकोर खाने म0 लखते ह> | इस नंबर को वह लोग जxम ल¦न bगनते ह> | इQम साम.‡ ु क वाले खाना अ लफ़ म0 अंक नंबर 1.‡क ु म0 खाना नंबर 4 और ƒयोWतष म0 जxम ल¦न से चौथा घर है | इQम साम.‡क ु म0 यह अ लफ़ का मकाम ु खाना नंबर 1 होता है | गोया खाना अ लफ़ से अंक नंबर 1 लखने से इQम साम. दाल म0 अंक नंबर 7. जीम म0 अंक नंबर 3. हे म0 9. दरअसल यह हर इQम साम. चे म0 8. बे म0 अंक नंबर 2. ƒयोWतष वाले तो लखगे 0 | खाना नंबर अ लफ़ म0 अंक नंबर 5. िजसका नंबर है 5वां. वगैरह Pबलतरतीब अंक दे कर लखी हई ु कंु डल मंददरजाजैल (Wनlन ल खत) होगी | लाल "कताब कJ प•कJ कंु डल खाना नंबर चे म0 4 का अंक दे कर ƒयोWतष वाले कहगे 0 "क वह चे का घर ककL रा श नंबर 4 है मगर नह ं. ज़े म0 4 लखगे 0 | साम.‡क ु म0 रा श नंबर एक मेख मराद ु नह ं हॉग जाती वह ल¦न है | अ लफ़ के एक.

हसाब से हर ह का पता लग गया "क वह जxम ल¦न से कौन से घर है .दया तो वह चx‡ कंु डल Wनxम ल खत .दखाई गई लाल "कताब चं‡ कंु डल का असर अचानक और स°वन और भल ू -भलाए ु कभी-कभी ज़ा. और जहाँ इQम साम.दया करे गी | मगर शाद के .दखाए bच· अनसार ु होगी या अंक नंबर 1 को अपनी ऊपर कJ जगह (चौकोर खाना म0 ) "कया तो लाल "कताब के मताPबक ु लाल "कताब कJ अब चx‡ कंु डल होगी अब दा½ तरफ .‡क ु वाले एक प•कJ कंु डल बनाकर उसमे सबसे ऊपर के चौकोर खाना म0 एक का अंक लख कर तमाम 12 खानE म0 अंक लख दगे 0 .दन या औरत आने पर परा ू -परा ू फल दे गी जो औरत का मफ--ल ु हाल होगा और रा शफल बनकर मदद दे गी | . फकL सफL यह है "क शाद से पहले ऊपर कJ चं‡ कंु डल अचानक और स°वन असर .दन वाल चx‡ कंु डल म0 चx‡ जxम ल¦न रा श याWन अंक नंबर 11 . जो अंक के उxहEने व•त कJ जxम रा श का सबसे ऊपर के चौकोर खाने म0 लखा है | अब इQम साम. उस घर म0 ƒयोWतष वालE कJ बनाई हई ु कंु डल के उस घर के अंक वाले ह को लख दगे 0 .दन शाWनMचर सन 14-03-1936 बमकाम ु लाहौर छावनी ख़ास 5.‡क ु वालE का अंक नंबर 1 है. तो लाल "कताब के मताPबक ु ज़वाब दे खना शु कर0 | लाल कताब क2 चंb कंु डल1 िजस घर म0 ƒयोWतष वालE ने लÉज़ चx‡ का ह लखा जxम कंु डल कlभ ु ल¦न जो उस घर म0 जxम ल¦न वाल रा श का नंबर लगाकर तमाम खानE म0 12 अंक परेू कर दगे 0 | इस तरह से जहाँ भी एक का अंक आये वह घर इQम साम.‡कु वालE कJ कंु डल के .54 (N) रे खांश 74.00 बजे सबह ु अ•ांश 31.34 (E) का हो तो उस . पेज नंबर 193 यँू कहो "क इQम साम.‡क ु म0 चं‡ कंु डल दे खने के लए पहला खाना होगा | मसलन पैदाइश 2 चैत संवत 1992 .हर होगा और वह भी महादशा के खाल रखे हए ु सालE म0 यह होगा प•का भेद िजसे रा शफल कहकर शक का फायदा उठा ल0गे | रा शफल ह फल का फकL वगैरह जडी ु जगह लखा गया है | उस श«श कJ औरत का हाल उसी तरह ह दे ख ल0 िजस तरह "क जxम कंु डल से मदL का हाल दे खते ह> | वषLफल भी उसी .हसाब से और ढं ग पर होगा िजस तरह "क जxम कंु डल और मदL का है . इस तरह जब पता लग गया "क हर एक खाने म0 कौन कौन सा ह है .दन कJ अब चx‡ कंु डल ƒयोWतष कJ लाल "कताब के लए पैदाइश के .

उस ल¦न सारणी म0 हर एक रा श नंबर के सामने व•त घंटो और मनटE म0 लखा है याWन हर मह ने कJ एक तार ख म0 व•त के अंक लख0 ह> | हर एक तार ख म0 पहल रा श के सामने जो व•त लखा है . िजसके बाद उस रा श के बाद कJ रा श चलेगी | . वह सबह ु (A.) सरज ू Wनकलने कJ तरफ से शु होता है | हर रा श के सामने जो व•त लखा है वह व•त इस रा श के ख€म होने का है याWन उस रा श का ज़माना .M.दए हए ु हर व•त पर ख€म हो जाये गा. पेज नंबर 195 इQम ˆयोeतष मR जNम कंु डल1 बनाने का तर1का बमिजब ू इQम ˆयोeतष सरज ू tगना जायेगा िजस राPश नंबर मR एक घड़ी = 24 मनट 1 घंटा 12 मनट = 3 घड़ी रा श नंबर 2 व रा श नंबर 11 = 4 घड़ी रा श नंबर 3 व रा श नंबर 10 = 5 घड़ी रा श नंबर 2 व रा श नंबर 11 = 4 घड़ी रा श नंबर 4 से रा श नंबर 9 = 6 घड़ी पXय ु काल : उसल ू वCत सरज ू का राPश मकरF ु र मR दाƒखल होने का | मीज़ान कल ु (कल ु जोड़) = एक Kदन मR 60 घŠड़याँ मसाल व•त पैदाइश सबह ु 5 बजे शWनMचरवार 2 चै· संवत 1992 मताPबक ु 14 माचL 1936 ई-वी सबसे पहले कंु डल कJ श•ल बनाई मगर इसम0 कोई भी अंक वगैरह नह ं लखा | उदL ू कJ जx·ी 1936 मसनफा पं डत दे वी दयाल म0 ल¦न सारणी 12 मह नो कJ द हई ु है .

दया होता है बस इस तरह से पता चल गया "क कल "कतने बजे के व•त चं‡मा द हई ु रा श म0 जायेगा | (6) इस मसाल के मताPबक ु चं‡मा तो 13-03-1936 से ह व‰चक ृ रा श म0 30 घड़ी 45 पल .दन चढ़ने पर जा चका ु है और 15-03-1936 को 53 घड़ी 19 पल पर व‰चक ृ रा श के बाद कJ रा श म0 जायेगा | सं•ेप म0 14-03-19636 को चं‡मा वि‰चक ृ रा श म0 ह है | इस लए कंु डल म0 िजस खाना नंबर म0 अंक नंबर 8 (वि‰चक ृ ) है वहाँ चं‡मा लख .दए याWन अंक 11 से बाद से िजस-िजस अंक नंबर के साथ जो जो ह जं·ी म0 लख0 ह> वह हू-ब-हू वैसे के वैसे ह नकल कर .दया और बाकJ के खानE म0 बाकJ अंक लख . पेज नंबर 196 (2) .दया | (7) िजस अंक नंबर म0 चं‡मा लखा हौ उस खाना नंबर को ल¦न कJ जगह कर दे व0 तो चं‡मा सबसे ऊपर के खाना नंबर म0 आ जायेगा | ऐसी कंु डल ƒयोWतष कJ चं‡ कंु डल कहलाएगी | (8) ल¦न सारणी म‡ास के व•त कJ बWनयाद ु पर बनाई गई ह> और म‡ास के व•त के मताPबक ु ह सब घ ड़यां घंटे चल रहे ह> और घड़ी टाईम पीस के ज़Vरए ह व•त पैदाइश दे खा गया | इस लए "कसी हालत म0 भी सरज ू उदय के ढं ग पर कंु डल बनाने के जो एक तर के म0 पड़ने कJ ज रत नह ं | .दए हएु व•त पैदाइश के मताPबक ु जxम व•त कJ रा श का नंबर 11 या कंु भ मालमू हु आ तो Kपछल पो-ट म0 .दए हएु व•त पर जाये ग ा मगर उस व•त से पहले नह ं यस उस व•त के शु होने से पहले चx‡मा पहल ह द हई ु रा श म0 bगना जायेगा | (5) सरज ू Wनकलने का व•त सभी जिx·यE म0 .दखाई गई कंु डल म0 सबसे ऊपर के चौकोर खाना नंबर म0 अंक नंबर 11 लख .दए हए ु व•त से मराद ु यह है "क सरज ू Wनकलने के बाद चx‡मा उस रा श म0 उस .दए तो मालम ू हए ु "क चं‡ बाकJ रह गया है | (3) जं·ी म0 दा खला औकात चx‡मा के खानE म0 तार ख पैदाइश के सामने रा श का नाम लखा है और चx‡मा इस रा श म0 िजस व•त दा खल होगा वह व•त घड़ी-पलE म0 लखा है िजसको घंटो और मनटE म0 हल कर ल0 गे | (4) क खला औकात चx‡माके सामने .

पेज नंबर 197 जNम कंुडल1 ˆयोeतष क2 चं‡ कंु डल म0 िजस खाना नंबर म0 चं‡मा ऊपर के .ह-सा ग़ैबी मदद के हालात से मतािQलका ु है | औरत का यह हाल उQट हाथE से माना है | अगर "कसी श«स का दायाँ हाथ और बायाँ हाथ. मगर बाएँ का असर भी अचानक होगा. मगर ज र बात तो यह होगी "क फकL Wनकाल ह लया जाये | मदL का दायाँ हाथ (सरज ू ) तदबीर ज़ा.दोनE हाथ आपस म0 फकL करते हE तो दोनE हाथE का हाल Pबलकल ु जदा ु -जदा ु दे खकर "फर दोनE के ऊपर का ख़लासा ु लेकर मकlमल ु नतीजा होगा | उसकJ आम िजंदगी म0 दायाँ हाथ Ïयादा असर करे गा. ऐसी हालत म0 दोनE को गलत समझ लेना मना ु सब न होगा | फकL यह होगा "क अगर इQम ƒयोWतष वाल कंु डल ने सफ़L 3 श«श का ज़ाती हाल बोला तो ह-त रे खा कJ कंु डल इस बMचे कJ गिज़‰ता ु प‰तE ु का हाल बताएगी.‡क ु म0 12 साला या नाबा लग़ बMचे कJ रे खा का ऐतबार नह ं bगनते | ऊपर के दोनE वहमE का ज़वाब दोनE इQमE कJ कंु ड लयE के मल जाने पर दरू होगा.हसाब से हालात दे खने के लए वह ƒयोWतष वाल जxम कंु डल पेज नंबर 195 पो-ट नंबर 141 वाल होगी | सफL अंक नंबर बदला गया. याWन अगर उस ह-त रे खा वाल कंु डल के ज़वाब इस श«स से न मले तो उसके बाप या दादा से ज़ र जा मल0 गे | ऐसी हालत म0 Kपत ृ या मात ृ ऋणE कJ वज़ह फकL का सबब होगी | मगर कंु ल गलत न समझी जाएगी | इस लए ऐसे इQम ƒयोWतष / ह-त रे खा वाले टे वे के लए सबसे पहले ऋण का उपाय कर0 | इस फकL का यह मतलब ने ल0 "क दोनE इQमE कJ कंु ड लयE पर नजरसानी ह न कJ जाये "क फकL •यE है .com . जो चं‡मा और शº ु के व•त ज़ र असर दे गा | नर ह सरज ू . ले"कन मकसद यह है "क हर चंद दे खभाल कJ और "फर भी फकL रहा तो ऊपर का इलाज मददगार होगा. बाकJ वह ह बद-तर ू ƒयोWतष वाले जो जxम कंु डल म0 थे लखे गये | वहम (1) इQम ƒयोWतष म0 कंु डल कJ बWनयाद ु जxम व•त का ल¦न है . िजसका व•त तक़र बन 2-2 घंटे लगातार एक ह होता है | मान लो 2 बजे से लेकर 4 बजे तक के पैदा शदा ु बMचे के लए ल¦न एक ह होगा | वह एक ह ल¦न के सब ह "क "क़-मत का ज़वाब तक़र बन एक ह होगा (2) इQम साम.हसाब से आये वह खाना नंबर ऊपर के चौकोर खाना नंबर म0 लखकर वह ह नक़ल कर द0 | ऊपर कJ मसाल से चं‡ कंु डल होगी लाल "कताब के . बह-पत ृ और मंगल का फल दाएँ हाथ पर Ïयादा होगा | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. ले"कन हो सकता है "क आ ख़र पर वह कंु ड लयाँ "कसी भी तरह न मल0 .हर अपने आपका काम और बायाँ हाथ (चं‡) तदबीर बजग¤ ु ु का .

दमाग के दाएँ तरफ के खानE से कम ह काम लेता है | िजनका ताQलक ु बाएँ हाथ से है . पेज नंबर 198 बाकJ ह मखxxस ु (न ह नर ह और न ह मादा ह याWन खसरे ु ह) ह> . नीच फल और नीच रा श का होगा और अगर बज़L ु क़ायम हो और Wनशान उसका न मले तो अपने घर का मा लक bगना जायेगा | बज़L ु कJ मतािQलका ु रे खा से शक दरू होगा | हाथ पर जNम कंु डल1 के खाने :- (1) हर ह कJ मकरL ु र रे खा भी कंु डल का खाना नंबर हो जाती है | (2) तजLनी और मyयमा के दर मयान अ लफ़ खाना नंबर 11 शनीMचर का है ड•वाटर लÉज़ बे कJ जगह खाना नंबर 8 होता है . वह ह उसी नंबर पर कंु डल म0 होगा | याWन अगर चौकोर शWनMचर के बज़L ु पर हो तो मंगल खाना नंबर 10 म0 होगा वगैरह-वगैरह | हाथ म0 कोई रे खा (या Wनशान) न हो तो बज¤ ु कJ ऊंचाई-Wनचाई से ह कंु डल मकlमल ु होगी | इसी तरह से बज¤ ु म0 घर और Wनशान और तरतीब हमेशा के लए मकरL ु र है | िजस बज़L ु पर जो Wनशान जहाँ कह ं पाया जाये. िजनका ताQलक ु दाएँ हाथ पर होता है और . इस लए कोई रे खा बाएँ हाथ पर ह होवे और दाएँ हाथ पर ज़ा.दमाग के दाएँ तरफ के खानE से काम लेता है . •यE"क इस असर को पैदा करने के लए इxसान कभी «वाबE «याल म0 ह न लायेगा | कदरती ु तौर पर इसका असर ज़ा. जहाँ जाकर रे खा ख€म हईु | याWन अगर चं‡ से शाWनMचर को रे खा हो तो कंु डल म0 शाWनMचर को खाना नंबर 4 मलेगा और चं‡ को खाना नंबर 10 मलेगा – बाकJ िजस ह का Wनशान और िजस बज़L ु पर पाया जाये . इस लए दोनE तरफ याWन दाएँ और बाएँ के . उसी .हसाब से हE को कंु डल म0 भर लया जायेगा | नीचा बजL ु और वह ह िजसका Wनशान न मले. उस तरफ का बज़L ु का घर कंु डल म0 वह होगा.हसाब व अपना-अपना असर दोनE के व•त म0 दे .हर न हो तो इस रे खा का असर कम ह bगना है .हर हो जाये तो मम"कन ु है | कयाफा क2 मदद ह-त रे खा से जxम कंु डल बनाने का ढं ग जब कोई रे खा एक बज़ ु से दसरे ु बज़L ु म0 चल जाये तो िजस बज़L ु से Wनकल थी.दया करते ह> | आमतौर पर इxसान .

शंख होवे सफL एक चx‡ रे खा बह-पत ृ के बज़ ु L 4 पर ख€म हो 5 सदफ़ या 5 च•कर या 5 ख़त तमाम उँ ग लयE पर हE या सेहत रे खा नीचे जा कर 5 "क़-मत रे खा के शु . उधL रे खा पाई जाए लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दल रे खा दो शाखी < "क़-मत रे खा कJ जड़ पर P·भज ु हो "क़-मत रे खा सीधी डंडे कJ तरह शु होकर खड़ी हो सरज ू के बज़L ु पर बतरफ़ बध ु एक एक सदफ़ हो. और हाथ पर 9 P·भज ु हो | "क़-मत रे खा या .com . 6 ख़त. 10 च•कर हो या उ± रे खा चं‡ पर ख€म 10 हो. Kपत ृ रे खा बनी हो. 4 च•कर 5 शंख या शº ु बह-पत ृ 7 होव0 याWन या तो बबह-पत ृ का बज़L ु बहतु बड़ा होवे या नरम हाथ का बह-पत ृ होवे | औलाद रे खा शाद रे खा को काटे "क़-मत रे खा कJ जड़ म0 बध ु का दायरा हो | शº ु के बज़Lु पर भाइयE कJ रे खा लlबी और टे ढ़ हो | सर रे खा उ± रे खा से जद ु हो कर बह-पत ृ के बज़L ु का Ÿख करे 2 शंख 8 सीधे ख़त गह-त ृ रे खा माWनxद अ लफ़ हE | 8 च•कर या 11 च•कर जब 6 8 उँ ग लयाँ हE "क़-मत रे खा सरज ू रे खा से न मले | बह-पत ृ का बज़L ु Pबलकल ु न होवे. पेज नंबर 199 बह6पत ृ कंु डल का खाना नंबर "क़-मत रे खा कJ जड़ चाहार ख़त हE | सरज ू के बज़L ु पर बतरफ़ बध ु एक च•कर हो बह-पत ृ 1 का ख़ास अपना Wनशान या दोनE हाथE को इकwा bगनकर उँ ग लयE पर तादाद म0 सफL एक शंख या एक च•कर या एक सीधा ख़त बह-प ृ त के अपने बजL ु पर पाया जाये तो बह-पत ृ को मलेगा खाना नंबर 1 2-सदफ़ या बह-पत ृ के बजL ु पर 2 सीधे ख़त 2 3-सदफ़ 7 च•कर या 7 सीधे ख़त या गह-त ृ रे खा बह-पत ृ के बज़L ु पर हो 3 4-सदफ़ या 4 शंख या 2 च•कर चं‡ पर. याWन कलाई से "क़-मत रे खा Wनकल कर सेहत रे खा से मल जाये 6 च•कर या "क़-मत रे खा कJ जड़ म0 केतु का Wनशान हो या बह-पत ृ के शाख खाना नंबर 6 6 हाथ कJ म-तील ु (आयत) म0 ख€म हो 3 च•कर या 3 शंख या 3 सदफ़ या 3 ख़त.ह-सा म0 मल जाये.

दल रे खा पर ख€म हो सरज ू रे खा Pबलकल ु सीधी सरज ू के बज़L ु पर ह हो और सरज ू के अपने घर म0 ह 5 मालम ू होवे और सरज ू का बज़L ु क़ायम हो | सेहत रे खा बध ु से चलकर हथेल म0 खाना नंबर 11 तक ख€म होवे .उँ ग लयE कJ पोVरओं से लया हआु बह-पत ृ सफL रा श नंबर का होगा. सफL बह-पत ृ कJ रे खा या बह-पत ृ का ख़ास Wनशान इिx‡या से लया बह-पत ृ बज़L ु नंबर का होगा सरज ू का 'ह सरज ू का 'ह खाना नंबर शº ु बध ु दोनE सरज ू कJ सेहत रे खा से मल जाएँ और सरज ू रे खा 1 दŸ-त ु हालत म0 बज़L ु नंबर 1 म0 पाई जाए | सरज ू का सतारा सरज ू के अपने बज़L ु पर बतरफ़ बध ु हो | सरज ू का बज़L ु कंु डल का खाना नंबर 1 है . 12 च•कर (जब उँ ग लयाँ 6 हE) "क़-मत रे खा कJ जड़ पर राहु का Wनशान 12 हो या मMछ रे खा या शº ु के बज़L ु पर या शº ु व चx‡ के बज¤ ु के दर मयान मंुह ऊपर को "कये हE और उधL रे खा या उ± रे खा उसके मंह ु म0 हो नोट :. 6संख. मगर दरअसल मलावे न | शराफ़त रे खा जब दर मयान से उdCो को झकJ ु हो | सरज ु रे खा . 9 च•कर या सर कJ रे खा Bे¥ठ रे खा 11 हो 3 ख़त. मगर सरज ू खाना नंबर 1 म0 तब ह होगा जब"क सरज ु पर बध ु कJ तरफ़ सरज ू का सतारा क़ायम हो वरना सरज ू खाना नंबर 5 होगा (सरज ू रे खा या सेहत रे खा खाना नंबर 11 के आ ख़र तक) "क़-मत रे खा या सरज ू रे खा जब P¹‰पट का Ÿख करे मगर शWनचर के 2 बजL ु पर न हो | सरज ू रे खा से शाख मंगल नेक को 3 सरज ू के बज़L ु से शाख चं‡ के बज़L ु को. मगर मंगल बद का ताQलक ु न 4 हो | चं‡ और सरज ू के बज¤ ु के दर मयान रे खा दोनE बज¤ ु को मलाती हई ु मालम ू होवे. पेज नंबर 200 बह-पत ृ और शाWनMचर के बज़L ु दो शाखी से मले हE. बज़Lु नंबर का न होगा | हाथ के हथेल से लया हआ ु बह-पत ृ बज¤ ु के खाना नं ब र का होगा बशत‹ "क बह-पत ृ के Wनशान च•कर शंख सदफ से न लया हआ ु हो •यE"क ऐसे WनशानE से लया हआ ु बह-पत ृ भी रा श नंबर का होता है .

शº ु का पतंग हथेल पर क़ायम हो (खाना नंबर 7 7 म0 जो बध ु का भी घर है बध ु जदा ु जदा ु नह ं करता) सरज ू के बज़L ु से शाख मंगल बद को. पेज नंबर 201 सरज ू का 'ह खाना नंबर सरज ू रे खा हाथ कJ बड़ी आयत पर ख€म हो 6 शº ु के बज़L ु से शाख सरज ू के बज़L ु को.दल रे खा जब कWन¥का कJ जड़ या बध ु के बज़L ु पर ह ख€म हो जावे | चं‡ रे खा सर 7 रे खा से मलकर ख€म हो जावे तो उ± ख€म मालम ू होगी.दल रे खा मल जाव0 | सेहत रे खा . "क़-मत रे खा चं‡ से शु होकर बह-पत ृ पर ख€म होवे 2 मंगल नेक से शाख चं‡ को हो या चं‡ रे खा मंगल नेक के बज़L ु पर ख€म होवे 3 4 .blogspot.in .दल रे खा को काटे 8 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread. "क़-मत रे खा न होवे.दल रे खा सरज ू के बज़L ु के जड़ तक ह ख€म होवे | चं‡ के बज़L ु से शाख सेहत रे खा से 5 जा मले चं‡ रे खा जब सर रे खा को अबरू करके हाथ कJ बड़ी आयत पर ख€म होवे 6 . ऐसी हालत म0 फ़कJर रे खा नशा बाज़ी कJ रे खा. शराफ़त रे खा.सर रे खा और . सरज ू रे खा न होवे उया 8 "क़-मत रे खा और सरज ू रे खा दोनE बाहम न मल0 "क़-मत रे खा कJ जड़ पर चाहार शाखा ख़त हE 9 सरज ू रे खा शाWनMचर के बज़L ु पर हो 10 सरज ू रे खा हथेल पर खाना नंबर 11 बचत म0 ख€म होवे 11 सरज ू रे खा हथेल पर खाना नंबर 12 खचL म0 ख€म होवे 12 चNb का 'ह चNb का 'ह खाना नंबर चं‡ से सरज ू को रे खा 1 मह3बत ु रे खा.

और टे ढ़ बह-पत ृ को हो गह-त ृ रे खा मंगल नेक से शº ु के बज़L ु म0 अंगूठे ई जड़ म0 झक ु जाये | धनु रे खा 3 शº ु के बजL ु से शु होकर मंगल नेक पर ख€म होवे फ़कJर रे खा नशा रे खा शराफ़त रे खा सीधी लकJर लेट हई ु चं‡ शº ु को मलावे 4 सेहत रे खा या सरज ू कJ तर•कJ रे खा शº ु से चलकर बध ु पर ख€म होवे 5 सेहत रे खा या सरज ू कJ तर•कJ रे खा जब शº ु से चलकर हथेल कJ आयत खाना 6 नंबर 6 म0 ख€म होवे | शº ु पर राहु का Wनशान हो 7 शº ु से मंगल बद को शाख 8 धनु रा श से आकर कोई ख़त शाद रे खा को काट दे वे 9 शº ु का पतं ग या शº ु रे खा शाWनMä के बज़L ु पर म‚मा कJ जड़ म0 मौजद ू हो 10 . 2 शाद रे खा को को काटे | भाइयE कJ रे खा लlबी.दल रे खा बह-पत ृ को जा Wनकले मगर बह-पत ृ तक न हो या हथेल पर 11 खाना नंबर 11 बचत म0 हो ख€म हो जाये चं‡ रे खा हथेल पर खाना नंबर 12 खचL म0 ख€म हो जाये 12 शf ु का 'ह शf ु का 'ह खाना नंबर शº ु के बज़L ु पर अंगठे ू कJ जड़ म0 सरज ू का सतारा हो | शº ु से शाख. पेज नंबर 202 चNb का 'ह खाना नंबर "क़-मत रे खा चं‡ के बज़L ु से कलाई पर शु हो 9 . सरज ू के 1 बज़L ु को हो | शº ु का पतं ग परा ू हो | अकेल शº ु रे खा बह-पत ृ के बज़L ु पर मौजद ू हो | मह3बत ु रे खा.दल रे खा म‚मा कJ जड़ शाWनMä के बज़L ु तक हो | उ± रे खा .दल रे खा तीनो मल जाएँ चं‡ या . औलाद रे खा.दल रे खा से मल 10 जाये | सर रे खा उ± और .

पेज नंबर 203 शf ु का 'ह शº ु से शाख हथेल पर खाना नंबर 11 बचत म0 ख€म होवे 11 शº ु से शाख हथेल पर खाना नंबर 12 खचL म0 ख€म होवे या हाथ म0 मMछ रे खा हो 12 मंगल नेक का 'ह मंगल नेक का ह खाना नंबर सरज ू के बजL ु पर चतभL ु ज ु हो | मंगल नेक से शाख सरज ू के बज़L ु म0 चाल जावे 1 गह-त ृ रे खा बह-पत ृ के बज़L ु म0 जा Wनकले 2 मंगल नेक पर चौकोर या गह-त ृ रे खा मंगल नेक के अंदर अंदर ख€म होवे 3 Bे¥ठ धन रे खा या Kपत ृ रे खा चं‡ से शु होकर मंगल नेक पर ख€म होवे 4 मंगल नेक से शाख जब सेहत रे खा को काटे 5 मंगल नेक से शाख जब आयत खाना नंबर 6 म0 ख€म हो 6 मंगल नेक से गह-त ृ रे खा जब शº ु से ख€म हो | मंगल नेक से शाख बध ु म0 जा Wनकले 7 मंगल नेक से शाख मंगल बद को 8 "क़-मत रे खा कJ जड़ म0 चतभL ु ज ु हो 9 गह-त ृ रे खा शाWनMचर पर ख€म होवे 10 मंगल नेक से शाख खाना नंबर 11 बचत म0 होवे 11 मंगल नेक से शाख खाना नंबर 12 खचL म0 होवे 12 मंगल बद का 'ह मंगल बद का 'ह खाना नंबर मंगल बद से शाख सरज ू के बज़L ु को 1 मंगल बद से शाख बह-पत ृ के बज़L ु को 2 मंगल बद से शाख मंगल नेक को 3 मंगल बद से शाख चं‡ को 4 मंगल बद से शाख सेहत रे खा को काटे या कलाई रे खा हथेल के अंदर चल जावे 5 मंगल बद से शाख खाना नंबर 6 आयत म0 हो 6 .

पेज नंबर 204 मंगल बद का 'ह मंगल बद का ह खाना नंबर शº ु से शाख मंगल बद म0 या सर रे खा मंगल बद म0 या सर क‹हा आ ख़र पर दो शाखी 7 सर रे खा के ऊपर P·भज ु होवे 8 "क़-मत रे खा कJ जड़ म0 P·भज ु हो या दो शाखी रे खा (< ^) होवे 9 उ± रे खा दो शाखी रे खा (<^) मंगल बद से शाWनMचर के बज़L ु को रे खा चले 10 मंगल बद से शाख खाना नंबर 11 बचत म0 होवे 11 मंगल बद से शाख खाना नंबर 12 खचL म0 होवे | काग रे खा मंगल बद कJ परू Wनशानी होगी 12 बुध का 'ह बध ु का 'ह खाना नंबर सरज ू के बजL ु से बध ु के बज़L ु को रे खा 1 सर रे खा जब उ± रे खा से जडी ु होकर बह-पत ृ के बज़L ु का Ÿख करे 2 सर रे खा मंगल नेक म0 ख€म होवे 3 .दल रे खा और सर रे खा मल जाएँ | सेहत रे खा . सर रे खा कJ Bे¥ठ रे खा मौजद ू होवे 6 सर रे खा कJ लlबाई सेहत रे खा कJ हद तक होवे | शाद रखे बध ु रे खा पर तादाद 7 म0 दो हE सर रे खा मंगल बद म0 ख€म होवे या आ खर पर दो शाखी होवे 8 धनु रा श से शाख बध ु पर या "क़-मत रे खा कJ जड़ म0 o दायरा हो 9 बध ु का दायरा शनीMचर के बज़L ु पर होवे 10 बध ु से शाख खाना नंबर 11 बचत म0 होवे 11 बध ु से शाख खाना नंबर 12 खचL म0 होवे 12 . ज र नह ं "क शº ु के बज़L ु कJ जड़ तक होवे | 5 सह हालत यह होगी "क हथेल म0 खाना नंबर 11 कJ जड़ तक ह हो बध ु से शº ु तक सेहत रे खा क़ायम हो.दल रे खा को काटे | सर रे खा 4 झक ु कर चं‡ के बज़L ु पर ख€म होवे सेहत या तर•कJ रे खा क़ायम हो.

पेज नंबर 205 शनी€चर का 'ह शनी€चर का 'ह खाना नंबर सरज ू का सतारा शाWनMä के बज़L ु पर या सरज ू के बज़L ु पर बतरफ़ शनीMचर हो 1 या शनीMचर से शाख सरज ू के बज़L ु को चल जावे शनीMचर बह-पत ृ के बज़L ु से शु होवे 2 शनीMचर से शाख उ± रे खा को काट कर मंगल नेक से गह-त ृ रे खा शनीMचर के 3 बज़L ु पर शनीMचर रे खा और . शनीMचर का है ड•वाटर खाना नंबर 8 होता है 8 "क़-मत रे खा कJ जड़ म0 + P·शल ू हो ऊधL रह होवे 9 शनीMचर के बज़L ु पर पानी रे खा 10 बह-पत ृ शनीMचर के बज़L ु कJ दर मयानी जगह खाना नंबर 11 होगा 11 मMछ रे खा जब उ± रे खा या ऊधL रे खा मछल के मंह ु पर होवे 12 राहु-केतु :. केतु खाना नंबर 12-9 ऊंच घर.इन हE कJ कोई रे खा मकरL ु र नह ं है | सफL Wनशान मकरL ु र ह> | जहाँ Wनशान मले वह घर कंु डल का होगा और अगर Wनशान भी न हE तो दोनE ह अपने अपने घर के हEगे याWन राहु खाना नंबर 12 म0 होगा और केतु खाना नंबर 6 म0 होगा | मMछ रे खा के व•त केतु ऊंच घरE म0 याWन राहु खाना नंबर 6-3.दल रे खा मल जाएँ 4 शनीMचर से शाख सेहत रे खा को काटे 5 शनीMचर से शाख आयत म0 जावे 6 शनीMचर रे खा और सर रे खा मल होवे या शनीMचर से शाख सर रे खा पर या 7 शº ु के बज़L ु म0 होवे मंगल बद से शाख शनीMचर म0 . काग रे खा के व•त यह दोनE ह नीच घरE के हEगे याWन राहु 9-12 नीच घर. केतु 6-3 नीच घर बंद मMी ु व कंु डल1 का बाहमी ताQलक ु बध ु (आकाश) और बह-पत ृ (हवा) को गांठ लगाकर बांध लेने वाल चीज को बMचा bगना तो बMचे कJ हर गांठ से नौ हE कJ मलाई हई ु चमक इंसानी "क़-मत का खज़ाना हई ु और इन सब गांठो से गांठा हआ ु .

जो आगे के बजे पीछे को दे खने वाला मौत Wनमाणी का फंदा है | अ लफ़) 100 फ़Jसद ˆि¥ट के खाने 1-7-4-10 हEगे साथ लाये हए ु भरे खज़ाने बे) 50 फ़Jसद ˆि¥ट के खाने 3-11-5-9 हEगे.‡क ु का इQम सब भेड़E को खोलने वाला मकरL ु र हआ ु िजसमे बंद मwीु का ह कंु डल माना गया तो (यह कंु डल तमाम हE के अपने-अपने ऊंच होने के घरE कJ बWनयाद ु पर रखी गई है ) बंद मwी ु के अंदर या बMचा के साथ लाया हआ ु अपनी "क़-मत का खजाना (तमाम ह नर ह) जवानी का हाल दे खने के लए खाना नंबर 1-7-4-10 हEगे | खद ु अपना बचपन और जxम से पहले वालदै न कJ हालत खाना नंबर 9-11-12 हEगे | औलाद कJ जxम . दसरE ू कJ मदद से पैदा करदा हालत जीम) 25 फ़Jसद ˆि¥ट के खाने 2-6-12 हEगे. जनब ू (दŒ•ण). मगVरब (पि‰चम) वगैरह मकरL ु र ह> | मानलो जxम कंु डल म0 सरज ू खाना नंबर 9 . मशVरक (पवL ू ).दन से अपना बढ़ापा ु मरने पर उसके बाकJ रहे हओं ु का हाल खाना नंबर 2-3-5-6 हEगे | मौत बीमार मंदा ज़माना खाना नंबर 8 मागL -थान होगा. पेज नंबर 206 साम. Vर‰तेदारE से ल हई ु चीज0 'ह कंु डल1 क2 मकान के Kहसाब से द56ती ु क2 जाँच कंु डल के खाना नंबर 1 से चल कर अगर नौव0 को जाएँ या मकान से बाहर को Wनकल0 तो िजस तरफ़ दायाँ हाथ होगा उस तरफ़ मकान के तमाम ह जो खाना नंबर 1 से 8 हE. अपना सबत ु ू दगे 0 | उसी तरह अगर -12 नंबर खाने से अपने आपको खाना नंबर 9 कJ तरफ आते हए ु bगन0 या मकान से बाहर से आकर दा खल होने लग0 तो खाना नंबर 12 से 12-11-10 के घरE के ह दाएँ तरफ मकान का सबत 0 | ु ू दगे मकान से टे वे क2 द56ती ु लाल "कताब के मताPबक ु जब खाना नंबर 1 ल¦न को दे कर कंु डल तैयार हो जाये तो मकान कंु डल म0 तमाम हE को नकल कर लेव0 | अब मकान कंु डल म0 तमाम तरफ0 शमाल ु (उ€तर).

कMची द वार गाय या द गर शº ु कJ चीज0 मंगल :. पेज नंबर 207 म0 हो तो मकान कंु डल म0 सरज ू कंु डल के व-त या मरकज़ (क‡ 0 ) म0 लखा जायेगा.हवाई रा-ते से दरवाजे या सामान बह-पत ृ सरज ू :.रौशनी धप ु राज हकमत ु ू राजदरबार से मतािQलका ु सामान या चीज0 चंb :. मगर सबका ज6ी मकान एक ह हो तो ज र नह ं "क हर एक लड़के के टे वे से मकान कंु डल मलती हो | मकान क2 हालत मालम ू होने से टे वे बनाने का ढं ग पहले अपने मकान कंु डल कJ श•ल बना लेव0 | अब दे ख0 "क इस घर म0 कहाँ-कहाँ ह बैठे ह> :- बह6पत ृ :.लक ड़यE कJ जगह वनाL सामान शWनMचर िजस जगह हो चाहे जानदार चाहे बेजान राहु :.खाने पीने कJ जगह या मंगल का सामान या जानदार चीज0 बध ु :.बचाव सफL यह होगा "क टे वे म0 मंदे ह कJ चीज मकान म0 इस खाना नंबर (मकान कंु डल के अनसार ु ) क़ायम न होने द0 िजसम0 "क वह जxम कंु डल म0 ह> | एक बाप के कई बेटे. अगर वह न हो तो धंए ु कJ जगह केतु :.रोशनदान अगर ƒयादा तरफ हE तो रोशनदान सब से कम तादाद म0 िजस कमरे म0 हE उस जगह केतु होगा | अगर जाxदरौर बेजान चीजE दोनE ह हE तो जानदार चीजE कJ जगह को बWनयाद ु रख0 | िजस ह कJ कोई चीज न हो वह ह प•के घर का होगा | ऊपर के ढं ग पर जब मकान कंु डल बन जाये तो आम कंु डल म0 नकल कर ल0 | . िजसकJ दŸ-ती ु के लए उस के ज6ी मकान के मरकज़ (क‡ 0 ) म0 खला ु सेहन (आंगन) या सरज ू कJ रौशनी पड़ती होगी | जxम कंु डल म0 शº ु खाना नंबर 5 का हो तो मकान कंु डल म0 शº ु कJ मशVरकJ (पवL ू ) द वार होगी जो कMची मटट कJ होगी या गाय ताQलक ु मशVरकJ द वार के साथ होगा वगैरह-वगैरह | सब हE कJ चीज0 हEगी.चं‡ कJ चीज0 जानदार या बेजान शf ु :.मकान कJ नाल गxदा पानी-गरकJ.बध ु कJ जानदार या बेज़ान चीज0 शाeन€चर :.

हो इसी घर म0 टे वे वाले कJ कंु डल म0 ऊपर 3 नीचे. -·ी मंगल-बड़ा ससराल ु केत-ु औलाद बह-पत ृ लख0. Vर‰ता म0 फकL. 3 चं‡-माता शº ु . जो दर मयान म0 सरज ू भाई बध ु -बहन लड़का Vर‰तेदार हE या मर चक ु े हE | इन खद ु टे वे वाला Vर‰तेदारE के मतािQलका ु ह टे वे वाले के अपने ह टे वे म0 बद-तरू लेव0 कंु डल1 क2 जाँच एक श«स ने फ़रमाया "क 3 भादE संवत 1968 मताPबक ु 18 अग-त 1911 को शायद सरज ू Wनकलने से पहले 3 या 5 बजे के दर मयान और शायद सरज ू छपने ु के बाद 3 या 5 घंटे गजरे ु हए ु अरसा के अंदर मेरा जxम हआु था | माता Kपता गज़र ु गये ह> और आज 39 साला उ± गज़रु रह है | कोई प•कJ शहादत मौजद ू नह ं है. सफ़L हाथ का खाका दे सकता हँू या अपनी ज6ी घर-घाट का हाल जानता हँू | कभी-कभी अपनी माता से सफ़L इतना सना ु करता था "क मेरा जxम Bी क¥ण ृ जी महाराज के जxम व•त से मलता जलता ु है सबह ु के 3 बज़े और 5 बज़े के दर मयान (ककL ल¦न) सबह ु के 3 और 5 बज़े के दर मयान (ककL ल¦न) 5-19 ता 1-3 पढने के लए और फलादे श दे खने के लए 5-19 तक 1-3 रात के 11 ½ बज़े 3 घंटे 7 बज़े के बाद 12 बज़े और 5 घंटे गजरने ु पर 12 बज़े या 12:10 कJ दर मयान वष ृ ल¦न-18 अग-त को तल ु ु आफ़ताब वगैरह 6 और ग ब 7-12 बज़े दर मयान वष ृ ल¦न . राहु. इसी तरह सब Vर‰तेदार. पेज नंबर 208 कंु डल1 म6तरका ु खानदान सरज ू जहाँ "क खद ु टे वे वाले कJ अपनी कंु डल म0 हो म-तरका ु असर सात बह-पत ृ -बाबा शनीMचर-हम उ± मगर जहाँ "क बाबे कJ कंु डल म0 बह-पत ृ लखा प‰त ु तक होगा.

पेज नंबर 209 उसी क2 'ह चाल मौजदा ू ƒयोWतष के मताPबक ु बनी हई ु जxम कंु ड लयE म0 रखे हए ु अंक मटा .com .दशा) पहले ह मकरL ु र है | हर एक ह कJ मतािQलका ु अ‰या कारोबार या Vर‰तेदार मतािQलका ु हर ह भी मकरL ु र है | इस लए Kपछल पो-ट म0 द गई कंु ड लयE के मताPबक ु ह चाल नीचे लखी हई ु होगी | सबह ु 3-5 बज़े वाल1 कंु डल1 के मताcबक ु नाम ह "कस घर म0 मकान के "कस तरफ सरज ू बध ु 2 शमाल ु (उ€तर) मगVरब (पि‰चम) म0 शº ु 3 दŒ•ण म0 बह-पत ृ केतु 4 शमाल ु (उ€तर) मशVरक (पवL ू ) म0 मंगल राहु शनीMचर 10 मगVरबी (पि‰चम) (मकान के अंदर) चं‡ 11 मगVरबी द वार रात के 11.दवार म0 बह-पत ृ केतु 6 शमाल ु (उ€तर) द वार म0 मंगल राहु शनीMचर 12 जनब ू (दŒ•ण) मशVरक (पवL ू ) म0 चं‡ 1 मशVरक (पवL ू ) .30 बज़े वाल1 कंु डल1 के मताcबक ु सरज ू बध ु 4 शमाल ु (उ€तर) मशVरक (पवL ू ) म0 शº ु 5 मशVरक (पवL ू ) कJ .दवार के अंदर 'ह 6पि*ट ('हD क2 द56ती ु ) ह चाल के मताPबक ु •या होना चा.दए गये और "फर ल¦न के घर को दोबारा अंक नंबर 1 दे कर कंु ड लयE म0 तरतीबवार एक दो तीन और आ खर पर जो नंबर 12 लखे गये तो यह नई जxम कंुड लयाँ फलादे श दे खने के काPबल हो गई | मकान कंु ड लयE म0 सब हE को हू -ब-हू उसी अंक नंबर पर "कया गया जो बदल कर लखे जाने के बाद कJ जxम कंु ड लयE म0 मकरL ु र हए ु | मकान म0 सlत (. ठ£क-ठ£क •या है सरज ू बध ु खाना नंबर 2 वजीफ़ा अग-त 1935 म0 मला था और तार ख शायद 17- 18 अग-त थी.दन के लगभग थी साला उ± म0 शु हई ु लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.हए मगर दरअसल. 20-22 अग-त बहरलाल 18 अग-त जxम खद ु कमाई (नौकर या वजीफ़ा वगैरह) 25 .

ह-सा शº ु खाना नंबर 5 मकान कMचा होगा मशVरक (पवL ू ) कJ तरफ का . राय बहादरु होवे ठे केदार था | खद ु मय भाई बाल बMचे कJ बरकत का मा लक मगर ससरु और चाचा दोनE लावैQद चं‡ खाना नंबर 11 औलाद माता के मरने के बाद कायम शाद ह माता मरने के बाद हई ु | होगी और माता शाद से पहले चल ससराल ु लावाQद | औरत का कोई बसेगी.हब.हब के घर के ताQलकदार ु माWनxद राजा बहादरु और तीसरा भार सरकार राय सा. ससरु. तीनE ह गवनLमट > दो सरकार के घर म0 राय सा.हए सरज ू बध ु खाना नंबर 4 ख़द ु कमाई 24 साल उ± म0 शु हई ु बध ु अकेला खाना नंबर 2 Kपता कJ उ± 16 से 21 तक श•कJ Kपता 10 साला उ± म0 और माता 20 साला उ± म0 गजरे ु बध ु अकेला खाना नंबर 4 माता कJ उ± 16 से 21 तक श•कJ शº ु खाना नंबर 3 मकान कMचा होगा जनब ू (दŒ•ण) कJ मकान सारे का सारा कMचा था तरफ का . पेज नंबर 210 ह चाल के मताPबक ु •या मगर दरअसल.दर है | Kपता जब तक था शाहाना ठाठ थे बह-पत ृ केतु खाना नंबर 6 धरम -थान शमाल ु (उ€तर) म0 औलाद 29व0 साल क़ायम हई ु लड़कJ पैदा हई ु केतु अकेला खाना नंबर 4 औलाद 29 साला उ± म0 क़ायम मगर लड़का नह ं और उसी व•त के लगभग बहन के यहाँ भी औलाद हई ु केतु अकेला खाना नंबर 6 औलाद के . -·ी के तीन भाई ज र हEगे भाई नह ं लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com .दन ह बहन के घर भी औलाद मंगल शWन राहु खाना नंबर 10 बड़ा भाई चचा. ठ£क-ठ£क •या है होना चा.ह-सा बह-पत ृ केतु खाना नंबर 4 धरम -थान शमाल ु (उ€तर) मशVरक शमाल ु (उ€तर) और शमाल ु (उ€तर) (पवL ू ) म0 होगा मशVरक (पवL ू ) के दर मयान धरम मं.

हए चं‡ खाना नंबर 1 मकान के मशVरक म0 (पवL ू ) म0 कआँ ु मशVरक (पवL ू ) म0 मौजद ू है जो पानी कंु आं हो नंबर 2 खाल जो ख‰क ु से भरा रहना होगा मंगल शWन राहु खाना नंबर 10 अगर शराब का आ.द हो तो 34 कभी कभी मामल ू शराब बतौर ज़ायका साला उ± म0 मैदाने जंग मद¤ ु के और शग ु लया 34 साल उ± म0 मैदाने जंग दर मयान माWनxद मदाL ु या म0 7 गो लयE से ज«मी हो कर मद¤ ु कJ Pबजल सांप का वा•य भी हो लाशE म0 से उठाकर लाया गया | अंगठा ू सकता है )बनावट शº ु ) और बाजु (मंगल) दोनE ह कट गये मगर कटे अंगूठे और कटे बाजु का हाथ परा ू काम करता है बह-पत ृ केतु खाना नंबर 9 घर म0 पजा ू -थान जान ब«शवा दरअसल घर म0 एक ख़ास जगा पजा ू गया | लड़का मौजद ू न था | -थान (.com .दया जलाने कJ जगह पजा ू कJ) -·ी (चलन उ€तम( मदद दे गी मकरL ु र थी जो हमेशा परू B‚ा से मानी गई | अपनी औरत के बगैर दसर ू औरत से कोई ताQलक ु नह ं 34 साला उ_ वषFफल के अनसार ु वष ृ लkन लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 211 ह चाल के मताPबक ु •या मगर दरअसल. ठ£क-ठ£क •या है होना चा.

बाकJ सब बात0 दोनE तरफ ह मलती जलती ु एक जैसी ह श•कJ हालत बता रह ं ह> | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 212 ककL ल¦न वाला टे वा दŸ-त ु माना गया | हाथ पर बह-पत ृ कJ रे खा खाना नंबर 4 म0 है.com .

in . पेज नंबर 213 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.blogspot.

तो जxम रा श के घर का -वामी ह याWन जो भी ठ£क और दŸ-त ु व प•कJ घटना मल सके.दन तक शº ु का दौरा था। >> वषLफल बनाने के लए हE का च•कर.दन से तीन साल पहले चल कर मरने के . . वाला ह.दन (तार ख पैदाइश नह ं बिQक इतवार सोमवार वगैरह) मन¥य ु "कस ह का है .दन और साल "कसी हक़JकJ (अपने) खन ू के ताQलकदार ु (संबंधी कJ जxम) कJ पैदाइश और मौत. याWन 17 साल से शº ु Cारlभ हो गया। >> अगर शाद का साल.दया है । >> सभी ह हE कJ कल ु अवbध का योग 35 साल कJ उ± का एक चº होगा जैसे "कसी •यि•त का शº ु आरlभ हआ ु 17 साल कJ उ± म0 तो वषLफल Wनlन अनसार ु होगा लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दन मालम ू न हो और पहल शाद कJ औरत का का मरण .दन. पेज नंबर 214 वषFफल भा¦य का हाल साल बार दे खने के लए यह ज र भाग है । जब जxम व•त. . -·ी हE या मखxxस ु (नपंुसक) हE से मत ु ािQलका (संबंbधत) असर म0 से "कसी व-तु कJ प•कJ घटना । जxम .द आ खर केतु का नंबर है .‡क ु म0 द हईु वा"कया (घटना कJ नींव) पर बनाया हआ ु वषL फ ल Ïयादा त-सल ब«श (अbधक ठ£क) होगा। वा"कयात से मराद ु (घटनाओं का अथL) खशी ु या ग़मी के वाकया (कJ घटनाओं) से है । मसलन (जैसे) शाद का मास. (वाला ह) जxम कÀडल ु म0 ल¦न के खाने का ह और ल¦न खाल हो.दया हआ ु है । याWन सबसे पहले बह-पWत ृ के बाद सयL ू के बाद चx‡ आ. मह ना या साल ह मालम ू हो तो औरत के गजर ु जाने या उसे शº ु के समाdत होने का साल ल0 गे। >> हरे क ह कJ द हई ु आम मयाद म0 शº ु का समय तीन साल . हE कJ आम अवbध के सालE म0 bगनती और ºम भी .दन bगनने के काPबल होगा)। >> जो उसकJ 17 साल कJ उ± म0 हई ु . मह ना.com . तरतीबवार . ले ल0 गे। उदाहरणत : "कसी कJ शाद कJ वा"कया (घटना) का परा ू पता मल गया हो | पहल शाद का (अगर शाद कई बार हई ु हो तो पहल शाद का . नर हE.दया है । >> 17 साल कJ आयु म0 शाद हई ु तो उसका शº ु का ह 17 साल से Cारlभ हो गया मान कर तीन साल 19 साल कJ उ± के आ खर तक रहा। >> अगर 17 साल कJ उ± म0 -·ी मर गई तो 17 व0 साल औरत के मरने के . मास प•कJ उ± गिज‰ता ु (गजर ु ) मालम ू न हो तो साम. . या उसका ज6ी (पैतक ृ ) मकान या ख़दसा«ता ु (अपना बनाया) मकान "कस ह का है . अथाLत कौन ह "कस ह के पहले या बाद अपना असर दे गा.दन.दन शº ु ख€म हआु या औरत कJ मौत के .

119-120 िजतने साल तक उ± चलती या हो जाने वाल होव0 लख ल0 118 पहचान क वषFफल ठ„क है या नह1ं उ± के शु होने का पहला साल या अंक नं: 1 िजस खाने म0 हो वहां दे ख0 "क सामने कौन से ह का नाम है । ठ£क हालत म0 अंक नं:1 के खाने वाला ह इस कÀडल ु के खाना नं: 9 या नं: 1 म0 होगा या वह •यि•त -वयं उस ह का होगा । जxम . पेज नंबर 215 6 साल 2 साल 1 3 साल 6 साल 2 साल 6 साल 6 साल राहु 3 साल केतु ह कJ मयाद होगी बह-पत ृ सरज ू था साल शº ु हो मंगल बध ु होगा शाWनMचर होगा होगा था चx‡ होगा होगा था 1 ता 4 5 ता 7 दोनE अंक शा मल bगनकर हर 8-13 14-15 16 17-19 20-25 26-27 28-33 34-39 40-42 43-48 49-50 51 52-54 55-60 61-62 63-68 69-74 75-77 78-83 84-85 86 87-89 90-95 96-97 98-103 104-109 110-112 113.दन का ह भी अंक नं: 1 के ह का हो सकता है । इस जांच के लए मंगल और शWन या सयL ू और बध ु या सयL ू चं‡ एक ह bगने जायेग0 । वरना दसरा ू वषLफल Cयोग म0 लायगे 0 । अगर ऊपर कह हई ु बातE से कोई भी ठ£क न हो तो कोई और घटना लेकर वषLफल बनायगे 0 । असर ह अज़ साल ता अज़ साल ता अज़ साल ता अज़ साल ता 6 शWन १ से ६ ३६ से ४१ ७१ से ७६ १०६ से १११ 6 राहु ७ से १२ ४२ से ४७ ७७ से ८२ ११२ से ११७ 3 केतु १३ से १५ ४८ से ५० ८३ से ८५ ११८ से १२० 6 बह-पत ृ १६ से २१ ५१ से ५६ ८६ से ९१ 2 सरज ू २२ से २३ ५७ से ५८ ९२ से ९३ 1 चx‡ २४ ५९ ९४ 3 शº ु २५ से २७ ६० से ६२ ९५ से ९७ 6 मंगल २८ से ३३ ६३ से ६८ ९८ से १०३ .

दया हआु न•शा . "क वह ह जxम कÀडल ु म0 बैठा हो । बाकJ बचने वाले अंक के खाना नंबर म0 ह मतािQलका ु यह ह उस उ± के साल म0 अपना Cभाव करगा 0 । खाना नं: 1 म0 बैठे हए ु ह कJ हालत (दशा) म0 उ± के अंक को 12 पर.हर होगी | हर एक आम दWनयावी ु इxसान पर हर ह का दौरा इस इQम के साल से और होगा | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.‡क ु के .com हर 'ह के आम साधारण असर का समय हर ह के संबbं धत जानदार चीजE पर उसका आम साधारण Cभाव दे खने के लए टे वे वाले कJ उ± के साल को उस अंक नंबर पर भाग द0 .दखलाता है . िजस खाना नंबर म0.हसाब से . ७० साल के बाद मदL कJ अपनी "क़-मत का कोई ऐतबार नह ं | बMचE कJ "क-मत होगी | वह सतर य बहतVरया हो गया | ३५ साल से तमाम ह चल कर च•कर परा ू करते ह> | हर एक ह के असर के साल वगैरह सफL उस श«स कJ उकर के .दए ह> | जो श«स के लाल "कताब म0 हर ह के ऐन मकरLु र मयाद के अंदर अंदर पैदा हआ ु हो या .हसाब से हो उ± म0 "क हर ह कJ मकरL ु र है. खाना नंबर 2 के लए 11. "क इQम साम. पेज नंबर 216 बारह साल बMचे कJ "क़-मत का कोई ऐतबार नह ं. खाना नंबर 3 कJ हालत म0 10 पर भाग द0 । . वह हर ह कJ कब ज़ा.

दया शेष बचा सफर तो संतान का वह हाल ल0गे जो जxम कÀडल ु के अनसार ु खाना नंबर 5 का हो । अगर 26व0 साल दे खना पड़े तो औलाद के मतािQलका ु खाना नंबर 5 से ह . पेज नंबर 217 बाकJ सब घरE के हE के लए अपने अपने खाना नंबर म0 बैठे हए ु अंकE पर भाग द0 । सफर बाकJ बचने या बाकJ बचे हए ु अंक नंबर वाला घर खाल होने कJ हालत म0 "संबंbधत ह" जxम कÀडल ु वाले घर म0 ह असर कर रहा bगना जाएगा । उदाहरणत:- अ लफ़) "कसी श«स कJ आयु का 25वां साल शु है और चं‡ टे वे म0 खाना नंबर 3 म0 बैठा है .दया तो बाकJ बचा 1 (एक) याWन 26व0 साल औलाद का वैसा ह हाल होगा जैसा "क इस जxम कंु डल के मताPबक ु खाना नंबर 1 का है अगर खाना नंबर 1 खाल हो तो वह हाल ल0 गे जो खाना नंबर 5 का है (2) टे वे के 12 खानE म0 बैठे हए ु हE कJ आपसी ˆि¥ट का दजाL मकरL ु र (-थान Wनि‰चत) है (दे ख0 ह ˆि¥ट) । उनकJ आपसी दो-ती द‰मनी ु कJ और मयाद0 (अवbध) भी मकररL ु है । अत: जब कभी दो या दो से अbधक हE का Cभाव उनकJ ˆि¥ट या आपसी संबध ं होने के कारण मल मला कर इकwा हो रहा हो तो उनके Cभाव के समय और तासीर (असर) म0 अMछ£ या बरु हालत के दजाL का फकL ज र हो जाया करता है । लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. आयु के 25व0 साल वह ं Cभाव दे रहा होगा जो "फलादे श" के अनसार ु चं‡ खाना नं० 1 म0 .द संतान का हाल 25व0 साल दे खना हो तो दे ख0 संतान के लए कौन सा घर मकरL ु र है वह है खाना नंबर 5.com . पो-ट नंबर 42 । अब य. 25 के अंक को तीन पर भाग .दया है । इसी Cकार सब हE का हाल होगा | बे) हर काम के लए जxम कÀडल ु के Kवशेष-Kवशेष खाने भी Wनि‰चत है या कÀडल ु के 12 ह खानE का िजन-िजन व-तओं ु या काय¤ से संबंध है वह सदा के लए ि-थत है (दे ख0 प•का घर नं० 1 से 12) लाल "कताब 1952 पेज नंबर 56. जो भी वषLफल के अनसार ु होगी. अगर जxम कंु डल म0 खाना नंबर 5 खाल हो तो संतान के लए केतु के ह कJ हालत. ल0 गे । इस लए 25 के अंक को 5 पर भाग .दया तो बाकJ बचा 1 अथाLत इस टे वे का चं‡ जो खाना नंबर 3 का टे वे म0 था. अब अगर 26 को पांच से भाग .

इस लए प•का उसल ू यह है "क सयL ू कJ बWनयाद ु (नींव) पर ƒयोWतष चलता है और सयL ू कJ तबद ल वैशाख से खाना नंबर 1 या मेष रा श म0 कJ गई है इसी वजह से बाकJ सभी मह नE कJ भी त3द ल हो सकती है | . वो अपना Cभाव उस खाना नंबर के लए Wनि‰चत "कए हए ु मह ने म0 . •यE"क सयL ू कJ बदल पहल वैशाख से म0 मानी गई है.दखाएगा । मसलन :. िजस नंबर म0 "क सयL ू वषLफल के अनसार ु बैठा हो । जैसे य. खाना नंबर 2 ƒये¥ठ और खाना नंबर 3 के लए आषाढ़ आ. पेज नंबर 218 (3) अ लफ़ :.दन नह ं आती ह> और न ह Kवºमी संवत के मह नE से मलती ह>. (दे ख0 फलादे श बध ु खाना नंबर 2) ऐसी ह चाल के व•त Kपता पर हर व•त मxदगी न होगी मगर ƒये¥ठ के मह ने म0 (बह-पत ृ कJ अ‰या व Vर‰तेदार मताQQका ु बह-पत ृ ) पर मंद हवा के झEके ज र साथ हEगे | (बे) जxम कÀडल ु के अनसार ु जो घर खाल हEगे उन घरE म0 वषLफल के अनसार ु जो ह आयगे0 वह (आये हए ु ह) अपना Wनि‰चत फल उस मह ना नंबर म0 दगे 0 .दन से 8 व0 मह न0 म0 Cकट होगा। (4) उ± के साल का आरlभ अथाLत वषL का आरlभ और अxत दे सी मह नE कJ तार ख के . अं ेजी मास कJ तार खE से हमेशां एक ह .खाना नंबर 1 वैशाख.हसाब से कई बार 11 अCैल या 12 अCैल बिQक 13 अCैल को भी हो जाता है | बहत ु से इलाकE म0 दे सी मास कJ तार ख0 .जxम कंु डल म0 खाना नंबर 2 म0 कोई ह बैठा हो तो उसका अथL है "क खाना नंबर 2 का Cभाव ƒये¥ठ म0 होगा । अब वषLफल के अनसार ु "कसी भी साल म0 वहाँ (खाना नं० 2 म0 ) बध ु आ गया जो Kपता के लए अशभ ु है. •यE"क अं ेजी व दे सी तार ख0 आपस म0 नह ं मेल खाती | वैशाख अं ेजी तार ख के .द खाना नंबर 4 जxम कंु डल म0 खाल हो और वषLफल के अनसार ु मंगल खाना नंबर 4 म0 आ जाये और उस साल के वषLफल के मताPबक ु सयL ू खाना नंबर 8 म0 हो तो मंगल खाना नंबर 4 का .दया हआ ु फल जxम . जब कभी भी उन घरE म0 जो कोई भी ह बैठा हो जब कभी भी उन घरE म0 कोई भी ह वषLफल के अनसार ु आयेगा.हसाब से लेग0.द इस तरह ह 12 खानE को 12 मह नE म0 बांटा गया है । इस तरह जxम कंु डल के िजन-िजन घरE म0 जो कोई भी ह बैठा हो.

जxम कÀडल ु म0 जो. बाकJ सब ह उसी तरह (जxम कंु डल के खानE म0 ) होग।0 इस Wनयम पर सभी हE को अकेला कर के घमा ु कर जो कंु डल बनायगे 0 वह उस साल कJ औसत हालत का Cभाव दे गी। दसरा ू Kह6सा :. रख कर सयL ू से संबbं धत चीजE का Cभाव दे खा जायेगा। इसी Cकार C€येक ह का हाल सालवार दे खते जाय।0 यह yयान रहे "क िजस ह से संबbं धत चीजE का हाल दे खना है केवल उसी ह को घमायगे ु 0 . आगे द हई ु ल-ट के अनसार ु पालन कर।0 सालाना हालात के Pलए Kदया हआ ु वषFफल मR माहवार हालात के लए सरज ू को चलाय0 ड ी के हालात के लए चx‡ को चलाय0 रोजाना हालात के लए मंगल को चलाय0 हÉतE के हालात के लए शº ु को चलाय0 घंटो के हालात के लए बह-पत ृ को चलाय0 रातE के हालात के लए राहु को चलाय0 मनटE के हालात के लए शनीMचर को चलाय0 . चाहे इQम ƒयोWतष के मताPबक ु कंु डल बनाकर और लगन को नंबर 1 दे कर शेष खाने परेू "कये हE और चाहे साम. वह उ± का कौन सा साल है । उस उ± के साल के अकं को उस नंबर पर भाग द0 िजसम0 "क वह ह बैठा है ( टे वे म0 ) शेष जो अंक बचे. जैसा "क वो टे वे म0 हो.दनE के हालात के लए केतु को चलाय0 ं के हालात के लए बध सै"कड ु को चलाय0 याWन वषLफल कJ कंु डल को घमाएँ ु लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.‡क ु शा-· से बनाई हो. दे ख0 "क िजस साल का हाल दे खना है. पेज नंबर 219 (जीम) C€येक ह भी (केवल अकेला-अकेला) उसी तरह घमाया ु जा सकता है अथाLत िजतने नंबर के खाने म0 कोई ह जxम कंु डल म0 बैठा हो. उस खाना नंबर म0 उस साल (िजतने साल कJ आयु का हाल दे खा जा रहा है ) वह ह Cभाव करता और बोल रहा होगा। सफर बाकJ बचने कJ दशा म0 उसी घर (टे वे म0 िजस नंबर पर है ) म0 Cभाव दे रहा होगा। उदाहरणत : "कसी जxम कंु डल म0 है सयL ू है खाना नंबर 11 म0 और उ± का 52वां साल चल रहा है । इस 52 के अंको को 11 पर भाग .दया तो शेष बचा 8. अब 52 साल कJ उ± म0 सयL ू खाना नंबर 8 म0 bगना जायेगा और बाकJ ह. परा ू करने के बाद.com .

या यँू कहो "क 12 खानE का असर हर मह ने Wनlन ता लका अनसार ु .हसाब से वषLफल कJ कंु डल म0 िजस खाने म0 सयL ू बैठा हो.दसंबर जनवर 10 माघ जनवर फरवर 11 फाQगन ु फरवर माचL 12 चै· माचL अCैल एक साल के के उ± के बMचे के लए भी यह उसल ू होगा उदाहरण:- जxम कÀडल ु (ल¦न से हरbगज) जxम व•त 11-5-1941 कJ शाम 5 बजकर 43 मनट के बाद 44 वां साल शŸु हआ। ु जार ल¦न से हर ह (सालाना कंु डल ) वषLफल सची ू अनसार ु बदला गया . रोजाना वगैरह) म0 असर होगा | एक वषL के अxदर के हालात के लए ऊपर के .दन दे सी मह नE के अनसार ु से ठ£क bगना जायेगा | अंìरçजी तार ख के अनसार ु से सयL ू के Cभाव म0 अxतर हो सकता है। (2) कंु डल के 12 खाने दरअसल Kवºमी साल जो तक़र बन 13 अCैल से शु होता है. तो दसरे ू मह ने कJ 30 तक परा ू म. मसलन वषLफल म0 सरज ू खाना नंबर 7 म0 हो तो सरज ू का मंदा असर याWन "राज दरबार म0 खराPबयां" वगैरह उस साल के जxम .दन से सातव0 मह ने पैदा हEगी.दन से bगने).दसंबर 9 पौष . माहवार . पेज नंबर 220 वषLफल का असल Cभाव उस मास म0 होगा िजस खाना नंबर म0 उस साल सयL ू बैठा हो। (मह ना जxम . उस खाने को उ± के मह ने का अंक दे कर सार कडल ु परू कर द।0 मह ने का शŸ ु जxम समय से लेग0 | मसलन 31 कJ पैदाइश हो.हना होगा | सयL ू का बदलाव चँ"ू क एक बैशाख से होती है अत: जxम . के 12 मह ने ह ह>. मगर बाकJ सब मह नE म0 सरज ू का मंदा असर नह ं मान सकते | इसी तरह ह बाकJ सब कंु ड लयE (सालाना.दए व•त पर होगा असर का खाना नंबर मह ना तक़र बन १० से १२ 1 वैशाख अCैल मई 2 जेठ मई जन ू 3 अषाढ़ जन ू जलाई ु 4 सावन जलाई ु अग-त 5 भा‡पद अग-त सतlबर 6 असज़ ु सतlबर अ•टबर ू 7 काWतLक अ•टबर ू नवंबर 8 म¦घर नवंबर .

दया गया . पेज नंबर 221 वषLफल कJ सची ू अनसार ु वषLफल बदला गया (४४वां साल) 11-9-41 शाम 5.दया गया वषLफल कJ कंु डल को माहवार1 कंु डल1 5व0 मह ने का 17 वां .दन से 12 व0 .43 बज़े के बाद 5वां म.दन तक 1 से 5व0 मह ने का 23वां घंटा रोज़ाना कंु डल म0 बह-पत ृ वाले 12 माहवार कंु डल म0 िजस जगह मंगल बैठा है उस घर को घर को एक bगन कर 23वां नंबर बह-पत ृ को एक से bगनकर 17 व0 नंबर याWन नंबर .दन पहले .दया गया मंगल को घंटा कंु डल Kदन कंु डल1 घंटो वाल कंु डल से 25वां मनट शWनMचर को चलाया गया ं 28 व0 सै"कड मनटE वाल कंु डल से अब बध ु को चलाया मनट कंु डल गया ं कंु डल सै"कड ं वाल कंु डल से 53 ड ी पर अब चx‡ को चलाया गया सै"कडो 24व0 साल कJ कंु डल को रातE के हाल के लए राहू को ड ी कंु डल चलाया गया याWन उसे खाना नंबर 2 या अपने हैड•वाटL र म0 कर .हना शु सरज ू बैठा होने वाले घर को खाना नंबर 5 .

और उ± के नीचे वह अंक ह> जहाँ "क उ± के साल म0 जxम कंु डल के खाना नंबर का ह चल कर आया हआ ु होगा | मसलन जxम कंु डल के खाना नंबर 5 म0 मंगल है तो उ± के 16व0 साल वह मंगल वषLफल म0 खाना नंबर 12 म0 होगा वगैरह वगैरह वषFफल सारणी आयु वषL 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 1 1 9 10 3 5 2 11 7 6 12 4 8 2 4 1 12 9 3 7 5 6 2 8 10 11 3 9 4 1 2 8 3 10 5 7 11 12 6 4 3 8 4 1 10 9 6 11 5 7 2 12 5 11 3 8 4 1 5 9 2 12 6 7 10 6 5 12 3 8 4 11 2 9 1 10 6 7 7 7 6 9 5 12 4 1 10 11 2 8 3 8 2 7 6 12 9 10 3 1 8 5 11 4 9 12 2 7 6 11 1 8 4 10 3 5 9 10 10 11 2 7 6 12 4 8 3 1 9 5 11 8 5 11 10 7 6 12 3 9 4 1 2 12 6 10 5 11 2 8 7 12 4 9 3 1 13 1 5 10 8 11 6 7 2 12 3 9 4 14 4 1 3 2 5 7 8 11 6 12 10 9 15 9 4 1 6 8 5 2 7 11 10 12 3 16 3 9 4 1 12 8 6 5 2 7 11 10 17 11 3 4 9 1 10 5 6 7 8 2 12 18 5 11 6 9 4 1 12 8 10 2 3 7 19 7 10 11 3 9 4 1 12 8 5 6 2 . पेज नंबर 222 राहु कJ तरह अब केतु को खाना नंबर 2 म0 .दनE के लए कर .दया गया Kदन कंु डल1 वषLफल सची ू म0 पेशानी पर जो अंक लख0 ह> वह जxम कंु डल के खाना नंबर ह> .

पेज नंबर 223 आयु वषL 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 20 2 7 5 12 3 9 10 1 4 6 8 11 21 12 2 8 5 10 3 9 6 1 11 7 6 22 10 12 2 7 6 11 3 9 5 1 4 8 23 8 6 12 10 7 2 11 3 9 4 1 5 24 6 8 7 11 2 12 4 10 3 9 5 1 25 1 6 10 3 2 8 7 4 11 5 12 9 26 4 1 3 8 6 7 2 11 12 9 5 10 27 9 4 1 5 10 11 12 7 6 8 2 3 28 3 9 4 1 11 5 6 8 7 2 10 12 29 11 3 9 4 1 6 8 2 10 12 7 5 30 5 11 8 9 4 1 3 12 2 10 6 7 31 7 5 11 12 9 4 1 10 8 6 3 2 32 2 7 5 11 3 12 10 6 4 1 9 8 33 12 2 6 10 8 3 9 1 5 7 4 11 34 10 12 2 7 5 9 11 3 1 4 8 6 35 8 10 12 6 7 2 4 5 9 3 11 1 36 6 8 7 2 12 10 5 9 3 11 1 4 37 1 3 10 6 9 12 7 5 11 2 4 8 38 4 1 3 8 6 5 2 7 12 10 11 9 39 9 4 1 12 8 2 10 11 6 3 5 7 40 3 9 4 1 11 8 6 12 2 5 7 10 41 11 7 9 4 1 6 8 2 10 12 3 5 42 5 11 8 9 12 1 3 4 7 6 10 2 43 7 5 11 2 3 4 1 10 8 9 12 6 44 2 10 5 3 4 9 12 8 1 7 6 11 45 12 2 6 5 10 7 9 1 3 11 8 4 46 10 12 2 7 5 3 11 6 4 8 9 1 47 8 6 12 10 7 11 4 9 5 1 2 3 48 6 8 7 11 2 10 5 3 9 4 1 12 49 1 7 10 6 12 2 8 4 11 9 3 5 50 4 1 8 3 6 12 5 11 2 7 10 9 51 9 4 1 2 8 3 12 6 7 10 5 11 52 3 9 4 1 11 7 2 12 5 8 6 10 .

पेज नंबर 224 आयु वषL 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 53 11 10 7 4 1 6 3 9 12 5 8 2 54 5 11 3 9 4 1 6 2 10 12 7 8 55 7 5 11 8 3 9 1 10 6 4 2 12 56 2 3 5 11 9 4 10 1 8 6 12 7 57 12 2 6 5 10 8 9 7 4 11 1 3 58 10 12 2 7 5 11 4 8 3 1 9 6 59 8 6 12 10 7 5 11 3 9 2 4 1 60 6 8 9 12 2 10 7 5 1 3 11 4 61 1 11 10 6 12 2 4 7 8 9 5 3 62 4 1 6 8 3 12 2 10 9 5 7 11 63 9 4 1 2 8 6 12 11 7 3 10 5 64 3 9 4 1 6 8 7 12 5 2 11 10 65 11 2 9 4 1 5 8 3 10 12 6 7 66 5 10 3 9 2 1 6 8 11 7 12 4 67 7 11 5 3 10 4 1 9 12 6 8 2 68 2 3 5 11 9 7 10 1 6 8 4 12 69 12 8 7 5 11 3 9 4 1 10 2 6 70 10 12 2 7 5 11 3 6 4 1 9 8 71 8 6 12 10 7 9 11 5 2 4 3 1 72 6 7 8 12 4 10 5 2 3 11 1 9 73 1 4 10 6 12 11 7 8 2 5 9 3 74 4 2 3 8 6 12 1 11 7 10 5 9 75 9 10 1 3 8 6 2 7 5 4 12 11 76 3 9 6 1 2 8 5 12 11 7 10 4 77 11 3 9 4 1 2 8 10 12 6 7 5 78 5 11 4 4 7 1 6 2 10 12 3 8 79 7 5 11 2 9 4 12 6 3 1 8 10 80 2 8 5 11 4 7 10 3 1 9 6 12 81 12 1 7 5 11 10 9 4 8 3 2 6 82 10 12 2 7 5 3 4 9 6 8 11 1 83 8 6 12 10 3 5 11 1 9 2 4 7 84 6 7 8 12 10 9 3 5 4 11 1 2 85 1 3 10 6 12 2 8 11 5 4 9 7 .

पेज नंबर 225 आयु 1 2 3 4 5 6 8 9 10 11 12 वषL 86 4 1 8 3 6 12 2 7 9 10 5 87 9 4 1 7 3 8 5 2 6 11 10 88 3 9 4 1 8 10 7 12 5 6 11 89 11 10 9 4 1 6 12 3 8 5 2 90 5 11 6 9 4 1 8 10 2 7 12 91 7 5 11 2 10 4 9 8 3 12 1 92 2 7 5 11 9 3 4 1 12 8 6 93 12 8 7 5 2 11 1 6 10 3 4 94 10 12 2 8 11 5 6 9 7 1 3 95 8 6 12 10 5 7 3 4 11 2 9 96 6 2 3 12 7 9 10 11 1 4 8 97 1 9 10 6 12 2 5 3 4 8 11 98 4 1 6 8 10 12 2 9 7 3 5 99 9 4 1 2 6 8 12 5 3 10 7 100 3 10 8 1 5 7 12 2 9 11 4 101 11 3 9 4 1 6 10 7 5 12 2 102 5 11 3 9 4 1 6 8 12 7 10 103 7 5 11 3 9 4 8 12 10 2 6 104 2 7 5 11 3 9 1 6 8 4 10 105 12 2 4 5 11 3 7 10 6 1 8 106 10 12 2 7 8 5 9 4 11 6 1 107 8 6 12 10 7 11 3 1 2 5 9 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.com .

Bन: लाल "कताब कJ वषL कुं डल और वै.दखाई गई है । जxम कंु डल म0 ह िजस भाव म0 ि-थत हो उस भाव और िजस वषL कJ वषLफल कंु डल बनानी हो उसके आगे जो अंक लखा गया हो उस अंक के भाव म0 ह कJ ि-थWत वषLफल कंु डल म0 होगी। जैसे जxम कंु डल म0 मंगल íटे भाव म0 हो और 46व0 वषL कJ वषLफल कंु डल म0 मंगल कJ ि-थWत जाननी हो तो ता लका म0 46 व0 वषL कJ पंि•त पर íटे भाव को दे ख0 तो सं«या 3 आएगी अथाLत वषL कंु डल म0 मंगल तीसरे भाव म0 रहे गा। इसी Cकार सभी हE को वषL कंु डल म0 -थाKपत "कया जाता है । उपरो•त उदाहरण लाल "क़ताब का . पेज नंबर 225A आयु वषL 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 108 6 8 7 12 2 10 5 4 11 1 9 3 109 1 9 10 6 12 2 7 11 5 3 4 8 110 4 1 6 8 10 12 3 5 7 2 11 9 111 9 4 1 2 5 8 12 10 6 7 3 11 112 3 10 8 9 11 7 4 1 2 12 6 5 113 11 3 9 4 1 6 2 7 10 5 8 12 114 5 11 3 1 4 10 6 8 12 9 7 2 115 7 5 11 3 9 4 1 12 8 10 2 6 116 2 7 5 11 3 9 10 6 4 8 12 1 117 12 2 4 5 6 1 8 9 3 11 10 7 118 10 12 2 7 8 11 9 3 1 6 5 4 119 8 6 12 10 7 5 11 2 9 4 1 3 120 6 8 7 12 2 3 5 4 11 1 9 10 उदाहरण :. दोनE वषLफल कंु ड लयE म0 बहत ु अंतर है और फ लत करने का ढं ग भी अलग-अलग है । लाल "कताब कJ वषLफल कंु डल बनाने के लए एक ता लका बनाई गई है जो कंु डल के भावE और वष¤ के आधार पर है । यह ता लका बारह भाव और 120 वषL के अनसार ु बनाई गई है जो Wनlन bच·E म0 .com .ह-सा नह ं ह> सफ़L लाल "क़ताब के अनसार ु वषLफल म0 हE कJ ि-थWत कैसे जानगे 0 को बताने का Cयास भर है लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दक ƒयोWतष म0 वषLफल कंु डल •या भxन- भxन होती ह> ? उvतर: हां.

टे वा बा लग़ ह होता हो खाल (२) मwी ु या बध ु पापी(३) वां. पापी (राहु केतु शWन) तीनE के लए एक ह नाम "पापी" होता है | शº ु के साथ बह-पत ृ या सयL ू या चx‡ या राहु हो | शWन के साथ सयL ू या चx‡ या मंगल हो। राहु के साथ सयL ू या चx‡ या मंगल या बह-पत ृ हो। केतु के साथ सयL ू या चx‡ या मंगल हो। अंधे हE के मंदे असर के समय केतु का उपाय या केतु (लड़का-केतु से संबbं धत चीज0) के ज़Vरये या केतु (सबह ु सवेरे. असर नाबा लग़ दे ता हो 1. बध ु के साथ बह-पWत ृ या चx‡ या मंगल हो | 2. Cात:) के समय "कये काम के फल मबारक ु हEगे । एक ह समय 10 अंधE को खैरात खराक ु दे ने से खाना नंबर 10 कJ ज़हर दरू होगी। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. टे वे होता ह अँधा हो सात शWन हो सरज ू चौथे बैठे. पेज नंबर 226 फरमान नंबर 14 टे वे क2 क6मR श·(ु १) बाहम घर 10 म0 बैठे.com . आधा अँधा नहोरता हो बध ु íटे रKव 1-5-11. मwी ु का अंदर से मराद ु है कंु डल के खाना 1-7-4-10 खाल | 3.

धरमी टे व सख ु दे वे जो गŸ ु शº ु हो टे वे मलते.दन के समय म0 करने म0 मदद दे ग0 । बा लग टे वे का असर ख़द ु -बख़द ु हो होता रहता है. मगर ह चाल हालत का नाबा लग टे वा सार उ± नाबा लग टे वा bगना जायेगा। टे वा मदF का बल होगा या क औरत का पŸष ु का टे वा -·ी के टे वे को Wछपा लेता है । मगर कई बार आपसी बे लहाजी भी हआ ु करती है । शाद से पहले -·ी अपनी टे वे पर चलती रह शाद के समय से पŸष ु के टे वे का असर दोनE के भा¦य पर Cभावशाल होता रहा। कोई ऐसा व•त भी आया या "कसी कारण से पŸष ु का साथ छट ू गया (मर गया-छोड़ गया-भाग गया- गम हो गया आय दो पŸषE ु कJ एक ह इकwी -·ी बन बैठ£ वगैरह वगैरह). चलता जxम ख़द ु अपना हो असर जxम न ल0गे Kपछले. पाप चx‡ 10 चौथे हो Kपछले जxम का साधु होगा.com . साल गज़रते ु 12 जो नहोरता वाले टे वे म0 नेक हE के संबbं धत कारोबार रात के व•त और मंदे हE के संबbं धत काम . तो "फर वह -·ी अपना टे वा "क-मत के मैदान म0 बहाल हो गया । इसी तरह जब तक बMचा था तो माता Kपता के भा¦य का असर और अपने Kपछले कमÎ का फल सहायक हआ। ु लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 227 11 शWन या सात गŸ ु का. कोई को शश कJ ज रत नह ं | गŸ ु शº ु म‰तरका ु टे वे वाले कJ हालत म0 12 साला उ± के प‰चात Kपछले जxमE के ध•के या ध•के का डर न होगा। धम’ टे वे वाले C€येक के लए मददगार और सख ु दे ने वाला हआ ु करते ह> । नाबा लग टे वे वाले को दसरE ू कJ सहायता लेकर चलते रहना मदद दे गा । •यE"क मन¥य ु का बMचा तो नाबा लग से बा लग हो जायेगा.

com . ले"कन Wनहायत ह कम तादाद म0 और वह उस व•त. पेज नंबर 228 शाद हई ु -·ी का टे वा रा श फल कJ तरह सहायक होता रहा। औरत चल बसी (मर गई-चल गई-छोड़ गई-गम हई ु या बे-वतन हई ु वगैरह वगैरह) या कोई और साथ साथ (दसर ू शाद माशका ू या वैसे ह दWनयावी ु तमाशबीन कJ रं ग-Pबरं bगयां वगैरह) हई ु तो "क़-मत के समंदर म0 कई तरह कJ हवाओं के झEके आने लगे | सं•ेप म0 -·ी और पŸष ु कJ जोड़ी का मलना और टटना ू "क़-मत के मैदान म0 अxतर अव‰य दे गा। ले"कन कई बार Pबना टटे ू हए ु भी या Pबना मले मलाये भी भा¦य कJ दोरं bगया दे खने म0 आएँगी. जब ऐसी जोड़ी जोड़ी कJ खराक ु म0 शWन कJ चीजE कJ लहर0 या Kपत ृ ऋण के सम‡ ु का तफान ू ठाठे मार रहा होगा। लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.

in . पेज नंबर 229 लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952mustread.blogspot.

दया गया है | अब लाल "कताब के अनसार ु कहगे 0 के सरज ू -बध ु ल¦न से दसरे ू घर म0 ह> | अब इसी उसल ू पर फलादे श के लए सरज ू या बध ु का खाना नंबर 2 (सरज ू खाना नंबर 2 या बध ु खाना नंबर 2 या सरज ू -बध ु खाना नंबर 2) का ."कसी के पैदाइश 15-02-1993 सब ु ह 5:00 बजे.दये है छोड़ कर ल¦न वाले खाना नंबर पर अंक नंबर 1 दे कर बा½ तरफ को चलते हए ु सभी 12 खानE म0 तरतीबवार 12 अंक लख द0 | मसलन :.दखाई दे रह जxम कंु डल म0 इसे खाना नंबर 2 .दया हआ ु फलादे श दे ख ल0 4) म‰तरका ु ( मले-जले ु या इकwे ) हE कJ हालत – फलादे श एक .दए गये और ल¦न के अंक को (जो इलाका पंजाब म0 कंु डल का सबसे ऊपर का चौकोर खाना होता है ) अंक नंबर 1 दे कर तरतीबवार 12 अंक सब घरE को .दखाई दे रह कंु डल को खाना नंबर 1 . मगर हE को उxह ं खानE म0 जैसे "क वह कंु डल म0 . सफL अंक नंबर बदला गया तो वह जxम कंु डल ह-बेजैल होगी | गो पहल जxम कंु डल म0 ल¦न के खाना नंबर को 8 का अंक .दए मगर ह सब के सब उसी तरह ह लखे गये.दखाई दे रह जxम कंु डल म0 पहले खाना नंबर 9 मला था मगर बा½ तरफ .ह-से म0 हर एक अकेले अकेले ह म0 .दया हआ फल . पेज नंबर 230 फलादे श दे खने का ढं ग Cयाफा :-एक ह ह/रे खा को दे खकर "कया गया फैसला कोई परा ू फैसला नह ं होता.दया है | ल¦न से दसरे ू घर को दा½ तरफ . 6 फाQगन ु संवत 1949 बधवार ु को हो तो उसकJ जxम कंु डल Wनlन अनसार ु होगी :- 2) अब इस जxम कंु डल से फलादे श दे खने के लए सब के सब अंक मटा .दया है मगर बा½ तरफ . बिQक शक पैदा करने का कारण और धोखे म0 रख लेने वाला हआ ु करता है । 1) तार ख पैदाइश और जxम व•त का लहाज़ रखते हए ु Cाचीन और Cच लत ƒयोWतष के अनसार ु जब जxम कंु डल बन जाये तो उसके सभी अंको रा शयE को मटा कर.

दया हआ ु फलादे श दे ख0.दए गये ह> | ऐसे इकwे . जब कहते ह> "क उसका . "फर 6 ह म‰तरका ु . हE के हाल म0 . दे . शराब पीना. औलाद के योग चाहे लाख मंदे हE | इसी तरह शº ु केतु म‰तरका ु अगर खाना नंबर 1 म0 हE तो मदL नाकाPबले (अयो¦य) औलाद होगा हालाँ"क शº ु खाना नंबर 1 सदाबहार फल ू और केतु खाना नंबर 1 म0 सरज ू को ऊंच कर दे ता है . "फर म‰तरका ु हE का फल ज र दे ख ल0. बद चलन का आ. मगर इकwे हो जाने पर कई दफ़ा उQट ह हो जाता है | मसलन :. "फर 4 ह म‰तरका ु .दया हआ ु फलादे श दŸ-त ु होगा | गज‹"क सबसे पहले सात ह म‰तरका ु .बध ु खाना नंबर 3 या शº ु खाना नंबर 9 म0 अममन ू मंदे और मंगल बद का असर . "फर 3 ह म‰तरका ु . ले"कन जब जxम कंु डल म0 मंगल बध ु म‰तरका ु शº ु के पहले घरE म0 हE तो बध ु अपनी नाल कJ ˆि¥ट के उसल ू पर मंगल और शº ु को आपस म0 मला दे गा.हए) से मराद ु है "क वह Cाणी (ऐसे टे वे वाला जहाँ "क "कसी काम कJ मनाह कJ गई है ) सफL उस न•स ु का आद होगा. "फर 2 रहा म‰तरका ु और आ खर म0 अकेले अकेले हE का हाल.हदायत है "क गो‰त खाना. •यE"क बाज़-औकात जदा ु -जदा ु तो भले ह नजर आते हEगे. बेशक सरज ू टे वे म0 कैसा भी मंदा बैठा हो | ब) "कताब के हE के म‰तरका ु bगरोह (Group) जो भी उसल ू के तौर पर जायज़ हो सकते ह>. दोनE का म‰तरका ु फल Wनहायत उ€तम होगा | दसर ू मसाल :. िजससे टे वे वाला लावाQद (संतानह न) कभी न होगा.द होना वगैरह वगैरह से ऐसे (ख़ास हE के टे वे वाले को परहे ज चा.दया हआ ु फलादे श दे ख0 | अपनी ह मज’ कJ मनघड़र जो ड़याँ (Group) बनाकर फलादे श बना लेना नावािजब बिQक वहम का बहाना होगा | (5) "कताब म0 जगह-जगह . पेज नंबर 231 म‰तरका ु हE कJ हालत म0 इए हएु फलादे श के इलावा होगा | सबसे पहले तो हर के ह का जदा ु -जदा ु . "फर 5 ह म‰तरका ु . मगर जब दोनE इकwे खाना नंबर 8 म0 हE तो उ€तम हEगे | इसी तरह ह शº ु खाना नंबर 9 म0 मंदा होता है ले"कन जब शº ु केतु म‰तरका ु खाना नंबर 9 म0 हE तो. िजसकJ .दया करते ह>.दए हए ु हE के इलावा जो भी ह बाकJ बचे उसके लए अलाहदा-अलाहदा हE म0 .दवानतीह करना. बद.हदायत कJ गई है .मंगल खाना नंबर 8 म0 जदा ु ह और बध ु खाना नंबर 8 म0 जदा ु ह का फलादे श खाना नंबर 8 के लए बरा ु ह लखा है . झठ ू बोलना.

के मताPबक ु फलादे श म0 फकL डाल दे गा । गज‹"क हर खाना नंबर और हर ह का खानावार फलादे श दे खते व•त इसी उसल ू को नज़र म0 रखना मददगार होगा | उदाहरण (1) :. जो उस खाने के लए बहै सयत प•का घर Wनि‰चत है . पेज नंबर 232 माता खानदान मातमी हालत म0 होगा तो मराद ु होगी "क मामू तबाह. असर हो रहा होगा। इस तरह उन दो हE कJ (एक तो तह जमीन का मा लक जो घर कJ मालकJयत कJ वजह से है और दसरा ू बहै सयत प•का घर ताQलकदार ु है ) कJ आपसी दो-ती द‰मनी ु उस खाना नंबर के फलादे श म0 अxतर डालती है । अगर दोनE दो-त हए ु नेक असर और भी बढ़ गया. याWन वह ह जो उस खाना नंबर का पहले कहे हए ु सबबE (कारणE) के .हसाब से तो कोई संबंध नह ं रखता. बबाLद और उसकJ न-ल घटती होगी | ऐसे ह जब कह0 "क आपके घर म0 आपकJ उ± सबसे लlबी होगी. . और अगर आपस म0 द‰मन ु हएु तो उस खाना नंबर का असर दोनE कJ द‰मनी ु कJ वज़ह से बबाLद हो गया । इसके अWतVर•त अह तीसरा संबंधी और भी बन जाया करता है . इxसान कJ आमदन व ज़ाती (खद ु ) कमाई.खाना नंबर 11 म0 बहै सयत घर कJ माल"कयत शWन का संबंध है और बहै सयत प•का घर बह-पत ृ का माना गया है । अब अगर उस खाना नंबर 11 म0 शनीMचर और बह-पत ृ के इलावा राहु आ बैठे तो असर म0 तबद ल Wनlन Cकार होगी :- तह जमीन का मा लक शनीMचर है . मगर ह चाल ग. के इलावा वह खदु अपनी दो-ती-द‰मनी ु जो "क उसकJ (बाहर से आने वाले ह कJ) उन दो हE (एक तो तह जमीन का मा लक और दस ू रा मकान कJ इमारत का मा लक) से है .दL श के . तो मराद ु होगी "क उसके घर के सब जीव जंतु मर जायगे 0 और वह सबसे बाद म0 मरे गा वगैरह-वगैरह | असल मतलब यह है "क "कताब के लÉज़E को शांWत से पढ़0 उसके बाद ह मंह ु से Wनकाल0 | फलादे श क2 बeनयाद ु का आम eनयम:- कÀडल ु म0 घर कJ मालकJयत के अनसार ु से तो कोई और ह होता है और बहै सयत प•का घर उसी खाने का मा लक कोई और ह हआ ु करता है | या यँू कह0 "क अगर कÀडल ु के C€येक खाना नंबर को एक मकान मान ल0 तो उस मकान कJ तह जमीन म0 तो उस खाना के मा लक ह (बहै सयत घर कJ मालकJयत) कJ तासीर होगी और उसकJ ईमारत पर उस ह का.हसाब से वहां आ Wनकलता है । अब वह बाहर से आया हआु ह भी उन दोनE हE कJ आपसी म·ता व श·ताु जो उन दो कJ आपस म0 थी. और यह घर खाना नंबर 11 संसार का आरlभ.

नीचे से भचाल ू आ जाने का पता ह न लगा "क वह इमारत (मकान) गई कहां | धरम पजा ू पाठ का Wनशान न रहा और हर तरफ़ बदनामी का पहरा हो गया.दलE को खशु कर रहा है अब इस धरम अदालत पर राहु शर फ़ का ताQलक ु राज आ हआ ु . ज़दL रं ग (बह-पत ृ ) से नीला रं ग (राहु) मलने पर सब रं ग (बध ु खाल खला ु आकाश) पर शनीMचर कJ -याह रं ग ज़हर (शनीMचर ज़हर का मा लक है ) का काला रं ग चमकने लगा | सं•ेप म0 समझ0 "क बह-पत ृ न¥ट हआ ु . आकाश म0 राहु का मंदा धआं ु भर गया और ज़माने म0 हर तरफ़ राहु के ज़ा लम जQलाद कJ कारवाइयां ज़ोर पर होने लगी. इस लए राहु खाना नंबर 11 म0 लखा है "क बह-पत ृ कायम करना (िज़-म पर सोना पहनना या पीला धागा पहनना) मददगार बिQक जŸर होगा •यE"क राहु कJ मेहरबानी से बह-पतृ न¥ट हो चका ु होगा | इस «याल (असल ू ) को yयान म0 रखते हए ु राहु का खाना नंबर 11 म0 . पेज नंबर 233 या संसार म0 आना. शनीMचर अगर -याह रं ग महमार म-·ी था तो बह-पत ृ ज़दL रं ग का भÀडार या सनार ु या पजा ू पाठ£ Cाणी धमL दे वता ज़माना का गŸ ु था. जो (राहु का ह) शWन का ऐजट 0 और सफL बद का ताQलकदार ु है . याWन वह व•त जब "क आगाज़ हआ ु या वह जगह जहाँ से कल ु ¹°मÀड और तमाम ह वगैरह Wनकले हए ु माने गये ह> वगैरह वगैरह का है. उस पर जो मकानबना है वह जगमग करने वाले (बह-पत ृ ) दमकते हए ु ज़दL रं ग सोने से दWनयावी ु . िजसकJ ईमारत पर बह-पWत ृ काPबज है. और उस खाना नंबर 11 को ज़माने के (गŸ ु बह-पत ृ ) ने धमL अदालत के लए Wनि‰चत कर . सोने कJ इमारत (बह-पWत ृ ) का रं ग -याह बिQक नीला हो गया.com . इन दो कJ राजधानी (शनीMचर व बह-प ृ त) पर राहु का राज आ हआ ु जो ज़माने म0 -याह चमकता नीले रं ग हाथी कJ तरह भ6ा सा वज़द ू जमीन के अं द र भचाल ू पैदा करता है | नतीजा •या हआु – राहु कJ मेहरबानी से शरारत पर शरारत.दया है या ऐसे भी कह सकते ह> "क खाना नंबर 11 कJ जमीन शनीMचर कJ होने के कारण लोहे या प€थर या सफेद संगमरमर (जो शनीMचर कJ चीज0 ह>).हर होगा "क दोनE कJ मलावट लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952.दए गये फलादे श से ज़ा.दया हआ ु फलादे श दे खने पर मालम ू होगा "क ऐसा Cाणी अपनी माता के पेट म0 आने से अपने Kपता (बह-पत ृ ) पर गोल (राहु को गोल भी माना है ) कJ तरह हमला करने लग जाता है और बह-पत ृ के ज़दL रं ग सोने को पीतल बनाकर उस पर अपने नीले रं ग का जंग लगा दे ता है | इसी तरह राहु बह-पत ृ म‰तरका ु म0 .

com .दन फ़कJर या फ़कJर से बादशाह होगा | ऊपर कहे उसल ू पर ह सब हE का फलादे श मज़मन ू (Kवषय) कJ अस लयत समझा दे गा और इस मज़मन ू का वा"कफ़ हर जगह मौके के मताPबक ु हर एक ह का असल फलादे श सह सह ढं ग से समझ लेगा | लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. पेज नंबर 234 से मसनई ू (बनावट ) बध ु या खाल आकाश बन जायेगा | बह-पत ृ दोनE जहाँ का मा लक है और राहु का नीला आसमान और उसकJ दो जहानी म0 हदबंद करता है | इस लए वहाँ िजº हआु है "क राजा फ़कJर होते हए ु भी "क़-मत दो रं गी होगा याWन राजा होते हए ु भी एक .

क क "क़-मत भा¦य कशादा ु चौड़ा कराहत घणा ृ . काPबज़ अbधकार. नफरत कƒज़ाक डाकू.हश इMछा. लटे ु रा. टकड़ा ु .दया जाने वाला "क-सा कोताह संŒ•dत. रा-ता ख़ाकJ मटमैला गह-त ृ गह-थ ृ «वा. लालसा. द-यु क़Jमत मQय ू . सlमान "कयाफा साम. क3ज़ा पवLतमाला. Cभावशाल क़दरत ु CकWत ृ क•वे कौआ कमी नयनतम ू कनक गेहूं कोहसार पहाड़ो का लंबा सल सला. चाह घ खाने बंद मwी ु 1-7-4-10 धोका धोखा खालू मौसा च खैरात दान चचाजान चाचाखानदान खदसा«ता ु अपने आप बना हआ ु ट ख़‰क ु सखा ू हआ ु ट पड़ा जxम कंु डल टे वा जxमप·ी ज ज ज़ा. थोडा कपड़ा ख़ ग ख़याल Kवचार. यो¦य क़दर आदर-स€कार. …ानी. पहाड़ी इलाका कफ़न मद‹ ु को . "कसी के हवाले से जनब ु ु दŒ•ण . बल काPबल Kव वान. दाम क••ते ु शि•त. •यि•तगत ज़Vरया दवारा. मानो «वाह चाहे ग़ैबी दे वी ख़द ु ब ख़द ु अपने आप गज़रगाह ु मागL. yयान गोया जैसे. •य•त ज़रब गणा ु ज़ाती Wनजी ज़ाती Wनजी.दशा जदा ु ज़दL पीला िज़º चचाL जज़ ु खंड.हर Cकट. भाग.‡क ु Kवधा कारआमद असरदार.

दरवेश फ़लक आसमान. बराबर मेख मेष मसावी ु समान. राजधानी मकदार मा·ा मगVरब पि‰चम . गगन फलकJ आसमानी. सी मत म-त"कल ु अटल. शक. जार म म मज़बन ू Kवषय मरकज़ क‡ 0 . लखा तक़र बन आमतौर से हआ ु न न Wनहायत अंत. Cय€न तासीर असर तहर र लखावट. त त तमाम सम-त या सभी तक़द र भा¦य. ˆि¥ट बशर मन¥य ु . आदमी बाकJ शेष. बराबर म«तसरन ु सं•ेप म0 मसलन उदहारण मयादE अवbध . ˆढ़ Wन‰चय. मyय प‰त ु वंश फ फ फ़कL अंतर फरमान ह•म ु . सीमा. परख तक़सीम बांटना. "क़-मत तजबाL ु पर •ा. को शश.दशा महदद ू थोड़े. bचर-थाई मताPबक ु समान. बंटवारा तपे. लखना. धोखेबाज़ बर‹ आजम भमं ू डल बद-तरू Wनयम.दक •य रोग तादाद सं«या तदबीर उपाय. बचा हआ ु बददयानती बेईमान.दशा मता ु िQलका संबंbधत मशVरक पवL ू . बहत ु अbधक नाक़ाPबले अयो¦य नMछतर न•· Wनहायत बहत ु ह नफ़स अि-त€व नहोराता आधा अँधा न•स bच·. त-वीर द प दर मयानी बीच. आकाशीय ब ब बेशक़ Wन:संदेह बाहमी आपस म0 बदखोई Wनंदा ब«श •मा करने वाला Pबनाई नज़र. आ…ा फ़ेहVर-त सची ू फ़कJर साधता ु .

उदाहरण मामंू माता का भाई. सेवा माल"कयत मा लक मसQलस ु P·कोण. तQय ु म-तक़Pबल ु भKव¥यकाल मकदार अंदाजा मयाद समय मक़ाम ु पड़ाव मआफ़ ु माफ़ करना. बराबर मराद ु इMछा.हजा ु WनVर•ण म‰तरका ु मले जले ु मकlमल ु संपणL ू . ल¬य मन ु सफ xयायकताL मारग घर आठवां घर मातहत अधीन. Kव-तारपवL ू क मसलन जैसे. यो¦य मकlमल ु संपणL ू . मामा मंदरजाजैल Wनlन ल खत मताPबक ु समान. P·भज ु मसाल उदाहरण.com . ठ£क. अxय मफि-सल ु Kववरण म«xxस ु नंपसक ु मातहत अधीन मीज़ान संखयाओं का जोड़ महदद ू सी मत मागL -थान मारक -थान मफि-सल ु -प¥ट. कामना मक़ाम ु पड़ाव. परा ू म‰तर ु बह-पत ृ ह मकरL ु र WनधाLVरत मसनई ू बनावट मखािQतफ ु Kव भxन. हािज़र मतकि3बर ु घमंडी मखाले ु फ़Jन Kवरोध करने वाले मलाज़मत ु नौकर . घटाना मला. म म मला.हज़ा Wनर •ण मतिQQकन ु घर के लोग मम"कन ु संभव मअlमा ु CWतयोbगता मताPबक ु समान . अ भलाषा. कंगाल मनतकJ तकL शा‰·ी माWनंxद कJ तरह से. हर तरह से पणL ू म-तल ु ल आयत मौजदा ू उपि-थत मातमी म€य ृ ु शोक माशका ू Cे मका लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. नमना ू मनफ़J न¥ट "कया हआ ु . बराबर मना ु सब उbचत. •मा करना मक ु lमल परू तरह से मौजद ू उपि-थत. आ…ाधीन गलाम ु मि-€क3ल ु आगे आने वाला- भKव¥य मफ ु लस WनधLन.

छाया आगाज़ आरlभ ए इ एवज़ बदले म0 इQम …ान. सƒजनता. Kवधा.हxदसा अंक सदफ़ सीप हजारह हजारE सबबE कारण हकमत ु ु राजा सा. पं डत अंग¥ठ ु अंगूठा अŸbच शराफ़त. हाल शमाल ु उ€तर . •यि•त वाकै घटना.com . तरफ़ हरbगज़ हमेशा सेहन अ अ अलाहदा अलग अ‰या चीज0. हदबंद सीमा WनधाLरण सlत . आज़म बहत ु बड़ा. सं«या स ह सरताज -वामी ह-बेजैल Wनlन ल खत संख शंख . सMचा. व-तएं ु आ लम Kव वान ्.दशा शमस सयL ू शमार ु bगनती. Cातः. Kवशाल सशीलता ु अममन ू आमतौर से अस लयत सMचाई अ•स साया. Cदे श लाल "कताब 1952 को आनलाइन पढने के लए इस लंक कर ि•लक कर0 http://lalkitab1952. श3दE म0 वा"कयात घटनाएँ ल मू नींबू Kवधाता ई‰वर लावQद संतानह न वा"कफ़ जानकार श वालदै न माता Kपता श«श मन¥य ु .दक सवेरा.दशा. जानकार इलाका •े·. व ल वाक"फयत जानकार लÉज़ श3द.