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ककाल भभैरव कका नकाम ससनतते हही एक अजहीब-सही भय मममशशरत अनसभमभ त हहोतही हभै। एक हकाथ ममें बशरहकाजही

कका कटका हसआ
मसर और अन्य तहीनहोनों हकाथहोनों ममें खप्पर, मतशरशभल और डमरू मलए भगवकान मशव कते इस रुदशर रूप सते लहोगहोनों कहो डर भही
लगतका हभै, लतेमकन यते बडते हही दयकालस-ककपकालस और जन कका कल्यकाण करनते वकालते हहैं।

भभैरव शब्द कका अथर्थ हही हहोतका हभै भरण-पहोषण करनते वकालका, जहो भरण शब्द सते बनका हभै। ककाल भभैरव कही चचकार्थ रुदशरयकामल
तनोंतरश और जभैन आगमहोनों ममें भही मवस्तकारपभवर्थक कही गई हभै। शकास्तशरहोनों कते अनससकार कमलयसग ममें ककाल भभैरव कही उपकासनका शहीघशर
फल दतेनते वकालही हहोतही हभै। उनकते दशर्थन मकातशर सते शमन और रकाहस जभैसते कशरूर गशरहहोनों कका भही कस पशरभकाव समकाप्त हहो जकातका हभै।
ककाल भभैरव कही सकामतवक, रकाजमसक और तकामसही तहीनहोनों मवमधियहोनों ममें उपकासनका कही जकातही हभै।

इनकही पभजका ममें उडद और उडद सते बनही वस्तसए नों जभैसते इमरतही, दहही बडते आमद शकाममल हहोतते हहैं। चमतेलही कते फभल इन्हमें मवशतेष
मपशरय हहैं। पहलते भभैरव कहो बकरते कही बमल दतेनते कही पशरथका थही, मजस ककारण मकानोंस चढकानते कही पशरथका चलही आ रहही थही,
लतेमकन अब पमरवतर्थन आ चसकका हभै। अब बमल कही पशरथका बनोंद हहो गई हभै।

शरकाब इस मलए चढकाई जकातही हभै क्यहोनोंमक मकान्यतका हभै मक भभैरव कहो शरकाब चढकाकर बडही आसकानही सते मन मकानोंगही मसरकाद हकामसल
कही जका सकतही हभै। कस छ लहोग मकानतते हहैं मक शरकाब गशरहण कर भभैरव अपनते उपकासक पर कस छ उसही अनोंदकाज ममें मतेहरबकान हहो
जकातते हहैं मजस तरह आम आदमही कहो शरकाब मपलकाकर अपतेककाककत अमधिक लकाभ उठकायका जका सकतका हभै। यह छहोटही सहोच
हभै।

आजकल धिन कही चकाह ममें स्वणकार्थकषर्थण भभैरव कही भही सकाधिनका कही जका रहही हभै। स्वणकार्थकषर्थण भभैरव ककाल भभैरव कका सकामतवक
रूप हहैं, मजनकही पभजका धिन पशरकामप्त कते मलए कही जकातही हभै। यह हमतेशका पकातकाल ममें रहतते हहैं , जभैसते सहोनका धिरतही कते गभर्थ ममें हहोतका
हभै। इनकका पशरसकाद दभधि और मतेवका हभै। यहकानों ममदरका-मकानोंस सख्त वमजर्थत हभै। भभैरव रकामतशर कते दतेवतका मकानते जकातते हहैं। इस
ककारण इनकही सकाधिनका कका समय मध्य रकामतशर यकानही रकात कते 12 सते 3 बजते कते बहीच कका हभै। इनकही उपमस्थमत कका अनसभव
गनोंधि कते मकाध्यम सते हहोतका हभै। शकायद यहही वजह हभै मक कस तका इनकही सवकारही हभै। कस तते कही गनोंधि लतेनते कही कमतका जगजकामहर
हभै।

दतेवही महकाककालही, ककाल भभैरव और शमन दतेव ऐसते दतेवतका हहैं मजनकही उपकासनका कते मलए बहसत कडते पमरशशरम, त्यकाग और ध्यकान
कही आवश्यकतका हहोतही हभै। तहीनहोनों हही दतेव बहसत कडक, कशरहोधिही और कडका दनोंड दतेनते वकालते मकानते जकातते हभै। धिमर्थ कही रकका कते
मलए दतेवगणहोनों कही अपनही-अपनही मवशतेषतकाएनों हभै। मकसही भही अपरकाधिही अथवका पकापही कहो दनोंड दतेनते कते मलए कस छ कडते मनयमहोनों
कका पकालन जरूरही हहोतका हही हभै। लतेमकन यते तहीनहोनों दतेवगण अपनते उपकासकहोनों, सकाधिकहोनों कही मनकाककामनकाएनों भही पभरही करतते हहैं।
ककायर्थमसमद्धि और कमर्थमसमद्धि कका आशहीवकार्थद अपनते सकाधिकहोनों कहो सदका दतेतते रहतते हहैं।

भगवकान भभैरव कही उपकासनका बहसत जल्दही फल दतेतही हभै। इस ककारण आजकल उनकही उपकासनका ककाफही लहोकमपशरय हहो रहही
हभै। इसकका एक पशरमसख ककारण यह भही हभै मक भभैरव कही उपकासनका कशरूर गशरहहोनों कते पशरभकाव कहो समकाप्त करतही हभै। शमन
कही पभजका बढही हभै। अगर आप शमन यका रकाहस कते पशरभकाव ममें हहैं तहो शमन मनोंमदरहोनों ममें शमन कही पभजका ममें महदकायत दही जकातही हभै मक
शमनवकार और रमववकार कहो ककाल भभैरव कते मनोंमदर ममें जकाकर उनकका दशर्थन करमें। मकान्यतका हभै मक 40 मदनहोनों तक लगकातकार
ककाल भभैरव कका दशर्थन करनते सते मनहोककामनका पभरही हहोतही हभै। इसते चकालहीसका कहतते हहैं। चन्दशरमकास कते 28 मदनहोनों और 12
रकामशयकानों जहोडकर यते 40 बनते हहैं।

पभजका ममें शरकाब, मकानोंस ठहीक नहहीनों हमकारते यहकानों तहीन तरह सते भभैरव कही उपकासनका कही पशरथका रहही हभै। रकाजमसक, सकामतवक और
तकाममसक। हमकारते दतेश ममें वकामपनोंथही तकाममसक उपकासनका कका पशरचलन हसआ, तब मकानोंस और शरकाब कका पशरयहोग कस छ
उपकासक करनते लगते। ऐसते उपकासक मवशतेष रूप सते श्मशकान घकाट ममें जकाकर मकानोंस और शरकाब सते भभैरव कहो खसश कर लकाभ
उठकानते लगते।

लतेमकन भभैरव बकाबका कही उपकासनका ममें शरकाब, मकानोंस कही भमेंट जभैसका कहोई मवधिकान नहहीनों हभै। शरकाब, मकानोंस आमद कका पशरयहोग
रकाकस यका अससर मकयका करतते थते। मकसही दतेवही-दतेवतका कते नकाम कते सकाथ ऐसही चहीजहोनों कहो जहोडनका उमचत नहहीनों हभै। कस छ
लहोगहोनों कते ककारण हही आम आदमही कते मन ममें यह भकावनका जकाग उठही मक ककाल भभैरव बडते कशरूर, मकानोंसकाहकारही और शरकाब पहीनते
वकालते दतेवतका हहैं। मकसही भही दतेवतका कते सकाथ ऐसही बकातमें जहोडनका पकाप हही कहलकाएगका।

जहो अनतेक बकाधिकाओनों सते मसमक्त मदलकातका हभै। ककाल भभैरव तनोंतरश कते अमधिष्ठकातका मकानते जकातते हहैं। ऐसही मकान्यतका हभै मक तनोंतरश उनकते मसख सते पशरकट हहोकर उनकते चरणहोनों ममें समका जकातका हभै। लतेमकन.गकहस्थ कते मलए इन दहोनहोनों चहीजहोनों कका पभजका ममें पशरयहोग वमजर्थत हभै। गकहस्थहोनों कते मलए ककाल भभैरवकाष्टक स्तहोतशर कका मनयममत पकाठ सवहोर्थतम हभै. भभैरव कही तकानोंमतशरक सकाधिनका गसरुगम्य हभै। यहोग्य गसरु कते मकागर्थदशर्थन ममें हही यह सकाधिनका कही जकानही चकामहए। .