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SSC CGL 2017
GENERAL AWARENESS
CAPSULE
{Science|Polity|History|Economics|Geography}

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SSC CGL 2017 General Awareness Capsule
Science|Polity|History|Economics|Geography
SCIENCE CAPSULE-2017

भौततक तिज्ञान
गततकी िेग
गततकी  एक पपड के तिस्थापन के पररितषन की समय दर इसका िेग कहलाती है।
गततकी याांतिकी की िह शाखा है जो िस्तुओं की गतत के कारण पर ध्यान न  िेग
तिस्थापन
समय
देते हुए, उनकी गतत के अध्ययन के साथ व्यिहार करती है।
 एक िस्तु को तब एकसमान िेग में गततमान कहा जाता है जब यह समय
के बारबर अांतराल में बराबर तिस्थापन से गुजरती है।
तिराम और गतत
 एक िस्तु को असमान िेग या पररितषनशील िेग में गततमान कहा जाता
एक िस्तु को तिराम तब कहा जाता है जब िह समय के साथ अपने पररिेश के
है जब यह समय के बराबर अांतराल में यह असमान तिस्थापन से गुजरता
क्रम में अपना स्थान नहीं बदलती है एिां इसे गतत में तब कहा जाता है जब से
है।
समय के साथ अपने पररिेश के क्रम में अपना स्थान बदल लेते हैं। तिस्थापन समय
 सरल रेखीय गतत क्षैततज सड़क पर चलती कार, गुरुत्िाकर्षण के अांतषगत  औसत िेग =
कु ल तलया गया समय
गतत आदद।
 कोणीय गतत जैसे दक एक िृत्त पर गततमान एक कण, प्रक्षेप्य गतत, मशीन त्िरण
शाफ़्ट का घूणषन आदद।  एक पपड के िेग के पररितषन की समय दर इसका त्िरण कहलाती है।
िेग में पररितषन
 घुणाषत्मक गतत जैसे दक पांखे की गतत।  त्िरण =
तलया गया समय
 यदद कोई िस्तु समय के बराबर अांतराल में बराबर दूरी की यािा करती  यह एक सददश रातश है और इसकी मानक इकाई है।
है तो इसे एकसमान गतत कहते हैं।  समय के एक तनतित पबदु पर होने िाला त्िरण को तात्क्षतणक त्िरण
 यदद कोई िस्तु समय के बराबर अांतराल में असमान दूरी की यािा करती कहते हैं।
है तो इसे असमान गतत कहते हैं।  जब एक पपड का िेग समय के साथ बढ़ता है, तो इसका त्िरण धनात्मक
होता है और यदद िेग समय के साथ घटता है तो इसका त्िरण ऋणात्मक
चाल
हो जाता है। यह मांदन कहलाता है।
 एक इकाई समय अांतराल में एक गततमान पपड द्वारा तय की दूरी को
 यदद त्िरण समय के साथ नहीं पररिर्ततत होता तो इसे तस्थर त्िरण कहते
इसकी चाल कहते हैं।
तय की दूरी
हैं।
 चाल =
तलया गया समय
 जब एक पपड और चाल से समान दूरी तय करता है, तो औसत समरूपी त्िरणशील गतत का समीकरण (सरल रेखा के साथ)
चाल को दोनों चालों का हरात्मक माध्य कहते हैं। . यदद एक पपड अपनी गतत आरतभभक िेग u के साथ आरभभ करता है और t
 अांतराल में अांततम िेग v तक पहुुँच जाता है, तो गतत में अनुमातनत समान
त्िरण a होता है और तय की गई दूरी s होती है, तो गतत का समीकरण है:
 जब एक पपड और चाल के साथ समान समय के तलए यािा करती

है तो इसे अांकगतणतीय माध्य कहते हैं।



 यदद कोई पपड गुरुत्िाकर्षण के अांतगषत मुक्त रूप से तगरता है, तो उपयुषक्त
समीकरण में a को g से प्रततस्थातपत दकया जाता है।
 यदद एक िस्तु को ऊध्िाषधर रूप ऊपर की ओर फें की जाती है तो गतत के
उपयुषक्त समीकरण में a, को (–g) से प्रततस्थातपत दकया जाता है।
 एक पपड के तलए शून्य त्िरण या तस्थर चाल में, िेग और समय के मध्य
का ग्राफ समय अक्ष के समरेखीय होगा।
 त्िरणशील या मांदन पपड के तलए ग्राफ सरलरेखीय समय अक्ष और िेग
अक्ष पर झुका होता है।
 एक त्िरणशील या मांदक पपड के तलए (दूरी)-समय के मध्य ग्राफ सदैि
परिलय होता है।
 समान त्िरणशील पपड के तलए त्िरण-समय ग्राफ समय- अक्षों के अक्ष के
समरेखीय होता है।
 समान त्िरण के सभबन्ध में, स्थान और िेग के मध्य का ग्राफ सदैि
परिलय होता है।
 समरूपी त्िरणशील गतत के सभबन्ध में िेग और समय के मध्य का ग्राफ
सदैि सरलरेखीय होता है।

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 तिस्थापन की ढाल समय ग्राफ िेग प्रदान करता है और िेग की ढाल –  एक िक्र सड़क पर मुड़ने के तलए, िाहन के टायरों के मध्य घर्षण बल
समय ग्राफ त्िरण प्रदान करता है। कायष करता है और सड़क अतभिेंफद्र बल के रूप में कायष कराती है

प्रक्षेप्य गतत  यदद एक बापटी तजसमें पानी भरा है एक ऊध्िाषधर समतल पर तेजी से
 जब एक पपड को क्षैततज रूप से एक कोण तनर्तमत करने के तलए फैं का ितलत होती है, तो पानी सांभित: नहीं तगरता है बतपक जब बापटी
जाता है के िल 90° को छोड़कर, तो इसकी गुरुत्िाकर्षण के अांतषगत इसकी तबपकु ल उलटी हो जाती है तब भी नहीं क्योंदक अपकें द्री बल पानी को
गतत िक्र परिलय पथीय होती है, जो प्रक्षेप पथ कहलाती है और इसकी बापटी के तल की ओर धके लने िाले पानी के भार से अतधक या बराबर
गतत प्रक्षेप्य गतत कहलाती है। होता है।
 बांदक ू से बुलेट शॉट की गतत  नातभक के चारों ओर इलेक्रान की कक्षीय गतत के तलए आकर्षण का
 जलने के बाद राके ट की गतत स्थैततक िैद्युत बल इलेक्रान और नातभक के मध्य अतभिेंफद्र बल के रूप
 तिमान इत्यादद से तगराए गए बम की गतत में कायष करता है।
प्रक्षेप्य गतत के गुण  मलाई को दूध से पृथक दकया जाता है , जब यह एक बतषन में समान अक्ष
यदद हम ऊांचाई से एक गेंद फें कते हैं और इसी समय एक दूसरी गेंद को क्षैततज पर घूणषन करता है। घूणषन के दौरान मलाई के हपके कण, दूध के भारी
ददशा में फें का जाता है, तो दोनों गेंदें धरती पर तभन्न-तभन्न स्थानों पर एक कणों की अपेक्षा कम बल महसूस करते हैं।
साथ तगरेंगी।  सूयष के चारों ओर पृथ्िी के घूणषन के तलए, पृथ्िी और सूयष के मध्य
आकर्षण का गुरुत्िाकर्षण बल अतभिेंफद्र बल के रूप में कायष करता है।
िृत्तीय गतत
 िृत्तीय पथ के साथ-साथ एक िस्तु की गतत, िृत्तीय गतत कहलाती है। न्यूटन का तनयम
 तस्थर चाल के साथ िृत्तीय गतत एकसमान िृत्तीय गतत कहलाती है। न्यूटन का पहला तनयम
 िृत्तीय गतत में दकसी पबदु पर गतत की ददशा उस पबदु पर िृत्त से स्पशष एक पपड एक सरल रेखा में तिराम की अिस्था में या एकसमान गतत में बना
रेखा द्वारा दी जाती है। रहता है जबतक दक कोई बाह्य बल इस पर प्रभािी नहीं होता। यह जड़त्ि के
 एकसमान िृत्तीय गतत में, िेग और त्िरण दोनों पररिर्ततत होते हैं। तनयम पर आधाररत है।
 असमान िृत्तीय गतत के सभबन्ध में चाल िृत्तीय पथ पर पबदु दर पबदु जड़त्ि पपड का एक गुण है तजसके द्वारा सरल रेखा में तिराम की तस्थतत या
पररिर्ततत होती है। एकसमान गतत में यह दकसी पररितषन का तिरोध करता है।

अतभिेंफद्र त्िरण तिराम का जड़त्ि
िृत्तीय गतत के दौरान एक त्िरण पपड पर कें द्र की ओर दक्रयात्मक होता है, तो  तिराम के जड़त्ि के कारण जब एक बस या रेन तिराम से अचानक से
यह अतभिेंफद्र त्िरण कहलाता है। चलने के तलए आरभभ होती है, तो इसमें बैठे यातियों को पीछे की ओर
अतभिेंफद्र त्िरण की ददशा सदैि के न्द्रीय पथ के कें द्र की ओर होती है। झटका लगता है। तजसका कारण तिराम का जड़त्ि है।
 तिराम के जड़त्ि के कारण जब एक कालीन पर डांडे से मारा जाता है तो
बल इसमें से धूल-कण बाहर आते हैं।
यह एक बाह्य दाब या पखचाि है जो तिराम की अिस्था या समान गतत को  तिराम के जड़त्ि के कारण तेजी से चलने िाली बस या रेन से कू दने िाले
पररिर्ततत या पररिर्ततत करने का प्रयास कर सकता है। मानक इकाई न्यूटन यािी को सलाह दी जाती है दक िह आगे की ददशा में कू दे या कु छ दूर
(N) और सीजीएस इकाई डाइन है। 1 N = डाइन। तक दौड़े।
यदद एक पपड पर दक्रयात्मक सभी बलों का योग शून्य हो तो पपड को गतत का जड़त्ि
साभयािस्था में कहा जाता है। जब एक चलती हुई बस या रेन अचानक से रुकती है, इसमें बैठे यातियों को
गतत के जड़त्ि के कारण आगे की ओर झटका लगता है।
अतभकें द्री बल
िृत्तीय गतत के दौरान बल पपड पर सदैि िृत्तीय पथ कें द्र की ओर दक्रयात्मक सांिग

होता है, यह अतभकें द्री बल कहलाता है। एक गततशील पपड का सांिेग इसके द्रव्यमान और िेग के गुणनफल के बराबर
होता है।
अपकें द्री बल
िृत्तीय गतत में हम अनुभि करते हैं दक बल अतभिेंफद्र बल के तिपरीत ददशा में रै तखक सांिग
े का सांरक्षण
कायष करता है तो इसे अपकें द्री बल कहते हैं। यह एक आभासी बल या कतपपत कणों के तांि का रैतखक सांिेग सांरतक्षत रहता है यदद तन्ि पर प्रभािी बाह्य बल
बल होता है, इसे छद्म बल भी कहते हैं। शून्य हो तो।
 जेट तिमान का रॉके ट नोदन और इांजन रैतखक सांिेग के सांरक्षण के
अतभकें द्री बल और अपकें द्री बल के अनुप्रयोग
तसद्ाांत पर कायष करता है। रॉके ट में तनष्कातसत गैस एक अग्रतनत बल
 साइदकल चालक आिश्यक अतभकें द्री बल प्राप्त करने के तलए स्ियां के
का तनष्पादन करती है जो रॉके ट को ऊपर की ओर त्िरण करने में
तलए ऊध्िाषधर रूप से झुकता है। सािधानी पूिषक मुड़ने के तलए साइदकल सहायता करते हैं।
चालक अपनी चाल धीमी कर लेता है और बड़ी तिज्या िाले पथ पर गतत
करता है। न्यूटन का दूसरा तनयम
 सड़के मोड़ों पर खाली होती हैं तादक मुड़ने के तलए आिश्यक अतभकें द्री एक पपड के सांिेग के पररितषन की दर इस पर आरोतपत बल के समानुपाती
बल प्राप्त दकया जा सके । होती है और सांिेग में पररितषन आरोतपत बल की ददशा में पररितषन का कारण
होता है।
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तस्थततज ऊजाष अतधकतम होती है।  टायर सूतित होते हैं जो टायर और सड़क के मध्य घर्षण को भी बढाते हैं। सरल लोलक  जब एक साइदकल पर पैडल मारा जाता है. उदाहरण के तलए क्योंदक अपने हाथ नीचे करके गेंद रोककर िह सांपकष समय में िृतद् करता .  जब एक पपड दकसी बाह्य आिती बल की सहायता से अपनी रक आदद जैसे िाहनों में शॉकर ददए जाते हैं। सहजआिृतत्त से तभन्न आिृतत्त के साथ दोलन करता है तो इसे प्रणोददत दोलन कहते हैं। घर्षण सरल आितष गतत (SHM) घर्षण एक बल है जो दो पपडों की सापेतक्षक गतत के तिपरीत होता है जब एक  प्रत्यानयन बल के अांतगषत तस्थर आयाम और एकल आिृतत्त गतत की पपड दूसरे पपड की सतह पर िास्ति में गतत करता है या गतत करने का प्रयास दोलन गतत तजसका पररमाण तिस्थापन के समानुपाती होता है और करता है। सदैि मध्य स्थान की ओर दक्रयात्मक होता है.bankersadda. आिेगी बल दोलन गतत कहलाता है।  एक आिती गतत एक तनतित पबदु के आगे-पीछे और ऊपर नीचे गतत  इसकी इकाई न्यूटन इकाई-सेकेण्ड है। करती है तो यह दोलन गतत कहलाती है।  एक दफपडर दक्रके ट गेंद को पकड़ते समय अपने हाथ नीचे करता है. कणों का त्िरण अतधकतम होता है। कम दकया जा सकता है। 2. और दकसी मशीन में 5. तो दोलन को अिमांददत दोलन कहा जाता  एक रेन के िैगन में बफर ददए जाते हैं जो झटकों के दौरान प्रभाि के है। समय में िृतद् करता है तजससे क्षतत में कमी होती है। स्कू टर.बस.com | www. शक्तत और आलभब लगभग 100 सेमी होती है।  भार: उत्तोलक द्वारा िहन दकया जाने िाला िजन भार कहलाता है।  गुरुत्िाकर्षण के कारण त्िरण ऊांचाई के साथ घटता है और इसतलए  शक्तत: उत्तोलक के सांचालन के तलए. कणों पर प्रभािी प्रत्यानयन बल अतधकतम होता है।  टायर पसथेरटक रबड़ से तनर्तमत होता है क्योंदक सड़क के साथ इसका 3. गततज ऊजाष अतधकतम होती है।  घर्षण चलने के तलए. जो मोड़ों पर दफसलन को कम करता है। 5. घर्षण बल तपछले पतहए पर  यदद एक भारहीन ि लांबाई में न बढ़नेिाली डोली के तनकले तसर से आगे की ददशा में होता है और आगे के पतहए पर तपछली ददशा में होता पदाथष के दकसी गोल परतु भारी कण को लटकाकर डोरी को दकसी दृढ़ है। आधार से लटका दें तो इस समायोजन को 'सरल लोलक' कहते हैं। उत्तोलक  सरल लोलक की समयाितध को √ के रूप में दशाषया जाता है। यह एक सरल यांि है तजसमने एक सीधी या झुकी हो रॉड एक पबदु पर मुक्त  अपररतमत लभबाई िाले सरल लोलक की समयाितध 84. कणों का िेग शून्य होता है। गुणाांक या घर्षण अतधक होता है और इसतलए. साधारण  एक तिशाल बल जो पपड पर समय के लघु अांतराल के तलए प्रभािी लोलक की गतत आदद। होता है और इसके सांिेग में बड़ा पररितषन करता है.दबाियुक्त पस्प्रग की गतत इत्यादद। होता है। गेंद भी दफपडर के हाथों में कम बल तनष्कातसत करती है तजससे  यदद एक कण सपनी सहजआिृतत्त में तबना दकसी बाह्य आिती बल की दफपडर को चोट नहीं लगाती है। सहायता के दोलन करता है.com 4 . तो :  घर्षण को स्नेहक या बॉल तबयररग के प्रयोग द्वारा सतह को पॉतलश करके 1.in | www.com | www.घड़ी की सुइयों की गतत. इस पर घर्षण का अतधक 4. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  आलभब: एक तनतित पबदु तजसके समीप उत्तोलक की रॉड स्ितांि रूप से घुमती है. बाह्य रूप से आरोतपत होने िाले लोलक घड़ी की समयाितध बढ़ जाएगी और घड़ी धीमी हो जाएगी। बल को शक्तत कहते हैं। www.6 तमनट होती रूप से या स्ितांि रूप मुड़ने या घूणषन करने के तलए बनाया जाता है। उत्तोलक है। सेकेण्ड लोलक की समयाितध 2 से.careerpower.साधारण लोलक की गतत है और इसतरह दफपडर को गेंद रोकने के तलए कम बल का प्रयोग करना . आिती गतत कहलाती है। उदाहरण के तलए आिेग . िाहनों में ब्रेक लगाने के तलए.adda247. आलभब कहलाती है। न्यूटन का तीसरा तनयम दोलन और तरांगें प्रत्येक दक्रया के तलए.कार. कण पर कोई बल प्रभािी नहीं होता है। पृथकीकरण को तनयतमत रखने के तलए गेंद का प्रयोग करता है। गेंद 2.sscadda. कणों का त्िरण शून्य होता है। तबयररग का उद्देश्य लोटतनक घर्षण को कम करना और लोड(भार) को 3. सरल आितष गतत कहलाती घर्षण का कारण िास्ततिक सांपकष पबदु में दो िस्तुओं की सतह पर आकर्षण के है। प्रबल परमातण्िक या आतण्िक बल का दक्रयात्मक होना है। सरल आितष गतत की तिशेर्ताएां घर्षण के अनुप्रयोग जब एसएचएम से तनष्पाददत कण मध्य स्थान से गुजरता है:  एक गेंद तबयररग लोटतनक तत्ि का प्रकार है जो तबयररग रे सेस के मध्य 1. तस्थततज ऊजाष शून्य होती है। नट और बोपटों पकड़ बनाए रखने के तलए आिश्यक है। जब के एसएचएम से तनष्पाददत अांततम तसरे पर होता है. िेग अतधकतम होता है। समथषन देना है। 4. एक बराबर या तिपरीत प्रततदक्रया होती है और दोनों आिती गतत तभन्न िस्तुओं पर दक्रयात्मक होती है।  एक गतत जो समय के एक तनतित अांतराल के बाद स्ियां को समान रूप रॉके ट न्यूटन के गतत के तीसरे तनयम के द्वारा नोदन होता है। से दोहराती है. कणों की गततज ऊजाष शून्य होती है। बल प्रभािी होता है . होती है। पृथ्िी पर इसकी लभबाई से सबांतधत तीन पबदु हैं तजनका नाम भार. सूयष के चारों ओर पृथ्िी का घूणषन.

दो क्रमागत सांपीडन या तिरलनों के मध्य की दूरी तरांगदैध्यष के बराबर होती हैं। द्रव्य या गैस) की आिश्यकता होती है उसे याांतिक तरांग या प्रत्यास तरांग कहते तरांग का िेग = आिृतत्त × तरांगदैध्यष हैं। याांतिक तरांगे दो प्रकार की होती है। 1. तो लोलक 5. तो पपड के दोलन को अनुनाद दोलन कहते हैं। भौततक रातश है जो उस पबदु पर स्थान साथ ही साथ कणों की गतत की ददशा को साभयिस्था के क्रम में व्यक्त करती है। तरांग तरांग ऊजाष या तिक्षोभों के सांचरण की िह तितध है तजसमें माध्यम के कण आयाम: आयाम को साभयािस्था के दोनों ओर कतभपत कणों के अतधकतम अपने स्थान पर ही कभपन करते हैं तथा ऊजाष एक स्थान से दूसरे स्थान तक तिस्थापन के रूप में पररभातर्त दकया जाता है। आगे जाती है। तरांग मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं: तरांगदैध्यष: दकसी माध्यम के दकसी कण के एक पूरा कभपन दकये जाने पर तरांग 1. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  यदद एक सरक लोलक का गोलक धातत्िक तार से तनकलता है.adda247.000 Hz) अयातन्िक तरांगे या तिद्युत-् चुभबकीय तरांग:े िे तरांगे तजसमें प्रसार के तलए श्रव्य तरांगे – (20 से 20. रेंटजेन  लोलक घड़ी अांतररक्ष यान में प्रयुक्त नहीं हो सकती है। परा-बैंगनी दकरणें ररटर अिमांददत सरल आितष गतत तितजबल रेतडएशन न्यूटन  जब घर्षण या अन्य कोई बल दोलन तन्ि में प्रभािी होता है. इसकी अिधारणा मैक्सिेल द्वारा प्रस्तातित की गई।  एक इको सुनने के तलए ध्ितन पराितषन से न्यूनतम दूरी लगभग 17 मी तनम्नतलतखत तरांगे तिद्युत-चुभबकीय नहीं हैं होती है। 1. ये अनुप्रस्थ तरांगों के रूप में प्रसाररत होती है। आधाररत है। 3. अनुप्रस्थ तरांग:े यदद माध्यम के कण तरांग की गतत की ददशा के लांबित् की आिश्यकता होती है। यह तनिाषत के माध्यम से प्रसाररत नहीं हो सकती हैं। दोलन करते हैं तो ऐसी तरांग को हम उसे अनुप्रस्थ तरांग कहते हैं। जब प्रसार चाल और तरांगदैध्यष पररिर्ततत होती हैं लेदकन आिृतत्त तस्थर रहती तनाि के अांतगषत पस्रग पर तरांग. ध्ितन के अिशोर्ण और पराितषन का पूरा ध्यान रखना चातहए। www.com | www. ताप अयाांतिक तरांगों के उदाहरण है। िास्ति में सभी तिद्युत् -चुभबकीय पराितषन तरांगे अयाांतिक तरांगे होती हैं।  ध्ितन जब एक कठोर सतह से टकराकर िापस आती है तो यह ध्ितन का सभी तिद्युत्-चुभबकीय तरांगों में फोटोन होते हैं। तिद्युत् चुभबकीय तरांगों की तरांगदैध्यष मी से मी होती है। पराितषन कहलाता है।  ध्ितन के पराितषन के दौरान प्रकाश के पराितषन के तनयम का भी पालन तिद्युत् चुभबकीय तरांगों के गुण होता है। 1.com | www.careerpower. ये उदासीन (अपररितषनशील) होते हैं।  मेगाफोन. पानी की सतह पर तरांग अनुप्रस्थ तरां गों के है। यह तीन प्रकार के होते हैं: उदाहरण हैं। अश्रव्य तरांगे – (0 से 20. अयाांतिक तरांग प्रदर्तशत करते हैं। अनुप्रस्थ तरांग में दो क्रमागत शृांगों या गतों के मध्य दूरी और अनुदध्ै यष तरांग में याांतिक तरांग: िे तरांगे तजनमें ऊजाष के प्रसार के तलए सामग्री माध्यम (ठोस.bankersadda.000 Hz) सकती हैं उसे अयातन्िक तरांगें कहते हैं। ध्ितन तरांगों की तिशेर्ताएां प्रकाश. β दकरणें  एक ऑतडटोररयम के तनमाषण के समय. तो इस इन्रा-रेड दकरणें हसेल अिमांददत गतत के तलए दोलन का आयाम समय के साथ घटता है। यह लघु रेतडयो तरांग या हर्तजजयन तरांगे हेनररक हजजष अिमांददत आितष गतत कहलाती है। दीघष रेतडयो तरांगे माकोनी अनुनाद दोलन  जब एक पपड अपनी सहज आिृतत्त (V0) से बाह्य आिती बल के सहयोग नोट: मी से मी की तरांगदैध्यष की तिद्युत-चुभबकीय तरांगें सूक्ष्म द्वारा दोलन करती है तो इसे प्रणोददत आितष गतत भी कहते हैं। और यदद तरांगें कहलाती हैं। दकसी बाह्य एजेंट द्वारा प्रदत्त आिृतत्त (v) पपड की सहज आिृतत्त के कभपन की अिस्थाएां: दकसी पबदु पर एक कतभपत कण के कभपन की अिस्थाएां बराबर है. साउां ड बोडष और इयर रभपेट ध्ितन के पराितषन के तसद्ाांत पर 2.sscadda.000 Hz) माध्यम की आिश्यकता नहीं होती अथाषत जो तनिाषत से भी प्रसाररत हो पराश्रव्य तरांगे – (>20. अनुदध्ै यष तरांग: यदद माध्यम के कण तरांग की गतत की ददशा के ददशा में ही ध्ितन दोलन करते हैं तो उसे अनुदध्ै यष तरांग कहते हैं। ध्ितन तरांगें याांतिक अनुदध्ै यष तरांगें होती हैं और इनके प्रसार के तलए माध्यम 2. याांतिक तरांग तजतनी दूरी तय करती है उसे तरांग दैध्यष कहते हैं। तरांग दैध्यष को λ (लेभड़ा) से 2.com 5 . α दकरणें  ध्ितनयों के बहु पराितषन से अनुरणन होता है। 4. अपरासोतनक तरांग समयाितध भी बढ़ जाती है। कु छ महत्िपूणष तिद्युत-चुभबकीय तरां गें  एक लड़की झूले पर झूल रही है। यदद िह झूले पर खड़ी हो जाती है. कै नल दकरणें तनिाषत होता है। 3. तो तिद्युत-चुभबकीय तरांगों के अतिष्कारक झूले की प्रभािी लभबाई घट जाती है और पररणामस्िरूप दोलन का γ-दकरणें हेनरी बेक्रेयल समय घट जाता है। X-दकरणें डब्लपयू. िे प्रकाश के िेग के साथ प्रसाररत होते हैं।  ध्ितन तरांगों के कारण ध्ितन की पुनरािृतत्त इको कहलाती है। 4. कै थोड दकरण  ध्ितन रोधी कमरे दीिार की दो परतों से बनी होती है तजनके मध्य 2. ध्ितन तरांग की लभबाई तापमान बढ़ने के साथ बढ़ जाती है और इसतलए इसकी 6. इनमें ऊजाष और सांिेग होता है।  मानि के कान में श्रव्य सातत्य ध्ितन का 1/10 होता है। 5.in | www.

रे.3).bankersadda. तो िे माध्यम में फ़ै ल तजसे कान कहते हैं। मानि के काम के तीन भाग हैं: जाती हैं और यदद माध्यम समाांगी हो तो यह दकनारों के आस-पास ध्ितन . दबाि की तभन्नताएुँ तिद्युत तसग्नलों में कॉतक्लया द्वारा की आिाज आसानी से सुन सकता है। मुड़ती हैं। ये तिद्युत तसग्नल श्रिण तांतिका द्वारा मतस्तष्क में भेजे जाते हैं भयूतजकल स्के ल और मतस्तष्क इन्हें ध्ितन के रूप में पररिर्ततत करता है।  सांगीत के तसद्ाांत में. म.in | www. म (341.careerpower.7) और तन (480)। सा द्वारा अांदकत अगला स्िर की इकाई जूल है और अन्य इकाई कै लोरी है (1 cal = 4.डॉपबी S कु छ हाई-फाई और सेमी प्रोफे शनल ररकॉर्डडग उपकरणों में — तापमान के तहमाांक पबदु का ररऑमर स्के ल 0° R. भयूतजकल स्के ल सांगीत के सुरों का समूह होता है तजसकी आिृतत्तयाुँ एक-दूसरे से सरल अनुपातों में होती हैं। सा. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  अनुरणन ध्ितन द्वारा इसकी तीव्रता को 106 के गुणज में घटाने के तलए सोनार (SONAR) तलया गया समय अनुरणन काल कहलाता है।  SONAR का अथष है साउां ड नेतिगेशन एांड रेंपजग। इसका प्रयोग समुद्र की गहराई.डॉपबी SR (स्पेक्रल ररकॉर्डडग) तांि में. प्रोफे शनल ररकॉर्डडग स्टू तडयो में प्रयुक्त होता है। यह ब्रॉडबैंड रि-न्यूनन का लगभग 10 dB प्रदान करता है। तापमान का पैमाना . लेदकन यह25 dB रि-न्यूनन उच्च-आिृतत्त सीमा में — तापमान के तहमाांक पबदु का के तपिन या तनरपेक्ष स्के ल = 273° K प्रदान करती है। जल का क्वथनाांक पबदु = 373° K होता है .67°R . उत्तेतजत रि-न्यूनन पहुुँच होती है। डॉपबी SR. ध.com | www.डॉपबी B को मुख्य रूप से कास्सेट के तलए 9 dB रि-न्यूनन प्राप्त करने • एक पपड के तापमान को मापने के तलए तनम्नतलतखत तापमान पैमाने का के तलए बनाया गया है। यह डॉपबी A से अतधक सरल है और इसतलए प्रयोग दकया जाता है। उपभोक्ता प्रयोग के तलए कम लागत िाला है। — तापमान के तहमाांक पबदु का सेतपसयस स्के ल 0°C है जल का क्वथनाांक . जल का क्वथनाांक पबदु = 80°R होता है। आिृतत्त में 24 dB प्रदान करने में सक्षम होता है। — तापमान के तहमाांक पबदु का रैंदकन स्के ल डॉप्लर का प्रभाि = 491.com | www.  जब ध्ितन तरांगे कभपन स्रोतों से तनसृत होती हैं. डॉपबी B या C से अतधक जल का क्वथनाांक पबदु = 212° F होता है। कीमती होती है. ग (320).डॉपबी C लगभग 15 dB राि-न्यूनन प्रदान करता है। पबदु = 100°C है। . पाया जाता है। यह तनम्न आिृतत्त पर 10 dB रि-न्यूनन और उच्चज.स के अन्तराल को अष्टक (8) कहते हैं। तापमान ररकॉर्डडग मीतडया में रि-न्यूनन • तापमान शरीर की गमाषहट या शीतलता का माप है।  ररकॉर्डडग मीतडया में पाांच प्रकार के रि-न्यूनन तांि होते हैं जो इस प्रकार • एक पपड से दूसरे तक ताप का प्रिाह पपड के अलग-अलग तापमान के कारण हैं: होता है। .641° R होता है। पररितषन डॉप्लर का प्रभाि कहलाता है। तापमान के तभन्न पैमानों के मध्य सभबन्ध डॉप्लर के प्रभाि का अनुप्रयोग तापमान के तभन्न पैमाने तनम्नतलतखत रूप से सभबतन्धत होते हैं: डॉप्लर तशफ्ट का माप(डॉप्लर के प्रभाि पर आधाररत) का प्रयोग दकया जाता है:  पुतलस द्वारा िाहनों की अतधक चाल की जाुँच के तलए । K =273+ °C  हिाईअड्डे पर एयरक्राफ्ट के तनदेशन के । •– 40°C तापमान पर = – 40°F  शरीर के तभन्न तहस्सों में ृददय और रक्त के सांचार के अध्ययन के • िह तापमान तजस पर पानी की तीनों अिस्थाएां सांतुतलत रहती हैं उसे जल तलए। का साभयािस्था पबदु कहते (273. जल का क्वथनाांक पबदु सापेतक्षक गतत के कारण श्रोत और तनरीक्षक के मध्य आिृतत्त में प्रत्यक्ष = 671. पहले िाले स का दो गुना है। स. पनडु तब्लबयों और जहाज़ों में छु पे शिुओं का पता लगाने के तलए अपितषन दकया जाता है।  जब एक ध्ितन तरांग एक याांतिक माध्यम से दूसरे याांतिक माध्यम में  सोनार का राांसमीटर लगभग हजजष आिृतत्त की अपरासोतनक 55555 गमन करता है.adda247. प • ऊष्मा ऊजाष का रूप है जो गमी की उत्तेजना उत्पन्न करती है। इसकी मानक (384).2 जूल) । आिृतत्त • ऊष्मा का स्थानान्तरण सदैि गमष से ठां डे पपड की ओर होता है।  512 है. डॉपबी A की तुलना में अतधक — तापमान के तहमाांक पबदु का फ़ारेनहाइट स्के ल = 32° F. तन एक ऐसा स्के ल है तजसे डायाटोतनक स्के ल कहते हैं। इन ऊष्मा स्िरों की आिृतत्त है स (256).16 K) हैं ।  खगोलतिदों दिारा ग्रहों और तारों के िेग के माप के तलए। थमाषमीटर • शरीर के तापमान को मापने िाले उपकरण जो थमाषमीटर कहते हैं। www.बाह्य कान को कणषपाली कहते हैं। यह आस-पास के पररिेश से ध्ितन तरांगों के मुड़ने का कारण बनता है। तजसे तिितषन के नाम से जाना जाता एकतित करता है। कान का मध्य भाग ध्ितन तरांगों से प्राप्त तितभन्न है। प्रिर्तधत दबािों को अांत: कान तक पहुांचाता है।  ध्िनी तरांगे व्यापक रूप से तििर्ततत होती हैं और कोई व्यतक्त दूसरे व्यतक्त  अांत:कान में. रे (288). ग. यह आपततत तरांग ले मूल पथ से तिचलन दशाषता है। इस ध्ितन तरांगों के स्पन्दन का उत्पादन करता है। परािर्ततत ध्ितन तरांगे घटना को अपितषन कहते हैं। यह माध््म में ध्ितन की चाल में तभन्नता के प्रापक द्वारा प्राप्त की जाती हैं। कारण होता है। मनुष्य के कान तिितषन  हम अपने शरीर के अन्यन्त सांिेदनशील अांग से सुनने में सक्षम होते हैं.sscadda. ऊष्मा प.com 6 .न्यूनन तांि.डॉपबी A रि. ध (426.

bankersadda. तापन के कारण आयतन में िृतद्.com | www. आयतन प्रसार या घनीय प्रसार कहलाता िाहन में रेतडएटर में शीतलक के रूप में जल का उपयोग दकया जाता है है। और गमष जल का उपयोग दकण्िन के तलए दकया जाता है। आयतन प्रसार या घनीय प्रसार का गुणाांक तनम्न रूप से दशाषया जाता है • पपड के तापमान में पररितषन के तलए ददये या तलये जाने िाले ताप को आयतन में िृतद् तनम्न रूप से दशाषते हैं: आरतभभक आयतन तापमान में िृतद् Q = ms∆θ — इसकी इकाई °C-1 है। जहाुँ . 3.sscadda. न्यूनतम 4° C हो जाता है और दफर बढ़ता है। 4°C के लगभग जल के  थमाषमीटर की खोज गैतलतलयो द्वारा की गई थी तजसने खोज की थी दक प्रसार का यह व्यिहार. इलेक्रॉतनक थमाषमीटर: एक इलेक्रॉतनक थमाषमीटर का मुख्य घटक ध्यान देने योग्य होता है तो तनरीक्षक इसे द्रव्य का िास्ततिक प्रसार कहते हैं। थर्तमस्टसष या थमोसाइस्टसष होता है। इलेक्रॉतनक थमाषमीटर की सीमा –40° से 450°F होती है। जहाुँ. द्रव्य के िास्ततिक और आभासी प्रसार का गुणाांक है और 3. तो इसका आयतन 4°C तक घट का प्रयोग दकया जाता है। जाता है.com | www.प्रतत इकाई दबाि. सतही प्रसार कहलाता है। सतही प्रसार • एक पदाथष के इकाई द्रव्यमान (m) को 1°C के माध्यम से बढाने के तलए के गुणाांक को तनम्न रूप से दशाषया जाता है: आिश्यक ताप की मािा को तितशष्ट ताप (s) कहते हैं। क्षेिफल में िृतद् • इसे s द्वारा दशाषया जाता है और इसकी इकाई ‘cal/g°C या जूल आरतभभक क्षेिफल तापमान में िृतद् /g°/C — इसकी इकाई °C–1 है। • जल का तितशष्ट ताप 4200 J/kg1/°C या 1000 cal/ g1/° C– है जो अतधकाांशत: अन्य पदाथों की तुलना में उच्च होता है। इसतलए. m = पदाथष का द्रव्यमान है। • द्रव्य में. कां टेनर के द्रव्य में तापन में िृतद् के कारण होने िाला प्रसार 2.com 7 . m = शरीर का तापमान और ∆θ = तापमान में पररितषन प्रसार के गुणाांकों के मध्य सांबध ां • एक गैस के 1 मोल के तापमान में 1°C िृतद् करने के तलए आिश्यक ताप • तापीय प्रसार के गुणाांक तनम्न रूप से सांबांतधत हैं: की मािा को मोलीय तितशष्ट ऊष्मा कहते हैं। β = 2α और γ = 3α और α : β : γ = 1 : 2 : 3 गुप्त ऊष्मा • अिस्था में पररितषन के लुए तस्थर तापमान पर प्रतत इकाई अिशोतर्त • एक रेलिे की पटरी तबछाते समय दो लोहे की रेल की पटररयों के मध्य या तनसृत तापीय ऊजाष को गुप्त ऊष्मा कहते हैं। थोड़ा सा अांतराल छोड़ा जाता है अन्यथा रेल की पटररयाां गमी के दौरान • इसे L द्वारा दशाषया जाता है और इसकी मानक इकाई cal/g या तापन के कारण िदक्रत हो जाएांगी। kcal/kg है। • टेलीफोन की तार खभबे से कसे नहीं जाते क्योंदक सर्ददयों में तारे सांकुतचत हो • अिस्था में पररितषन के दौरान अिशोतर्त या तनसृत तापीय ऊजाष तनम्न जाती हैं और टू ट सकती हैं। रूप से दशाषयी जाती है: Q = mL द्रव्यों का तापीय प्रसार यहाुँ . इसतलए. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography थमाषमीटर तनम्नतलतखत तीन प्रकार के होते हैं: द्रव्यों का प्रसार दो प्रकार का होता है: 1. आयतन में प्रतत इकाई आयतन प्रतत इकाई सेतपसयस पररितषन आयतन गुणाांक ( )कहलाता है। ठोस का तापीय प्रसार — तस्थर आयतन पर. ठां डे पपड द्वारा अर्तजत आरतभभक लभबाई तापमान में िृतद् ताप के बराबर होता है। — इसकी इकाई °C–1 है। तितशष्ट ताप 2.adda247. तापमान को बढ़ाने के तलए आिश्यक ऊष्मा की मािा 1 दशाषया जाता है। कै लोरी कहलाता है। लभबाई में िृतद् • ऊष्मातमतत कहती है दक गमष पपड द्वारा लुप्त ताप.careerpower. जल का असांगत प्रसार कहलाता है। तातपत होने पर गैस का प्रसार होता है। गैसों का तापीय प्रसार तापीय प्रसार गैसों में प्रसार के गुणाांक के दो प्रकार हैं:  ऊष्मा के कारण एक पपड का प्रसार तापीय प्रसार कहलाता है। — तस्थर दबाि पर. आयतन में िृतद् के िल तापन के कारण होती है। • तहम सांलयन की गुप्त ऊष्मा 80 cal/g है। www. अन्य थमाषमीटर: इनेमां तस्थर आयतन िाले गैस थमाषमीटर.in | www. तापन के कारण क्षेिफल का प्रसार. प्लैरटनम = कां टेनर के घनीय प्रसार का गुणाांक है। रेतजस्टेंस थमाषमीटर शातमल होते हैं  तक्लतनकल थमाषमीटर तापमान तडग्री फ़ारे नहाइट (°F) में मापता है। जल का असांगत प्रसार  थमाषमीटर में सामान्यत: –30°C से 300°C की व्यापक सीमा तक पारे जब जल का तापमान 0°C से बढ़ जाता है. और . तापन के कारण लभबाई का तिस्तार. तक्लतनकल थमाषमीटर: यह मानि शरीर के तापमान को मापने के तलए • जब कां टेनर. प्रतत तडग्री दबाि पररितषन ठोस का तापीय प्रसार तीन प्रकार का होता है दबाि गुणाांक ( ) कहलाता है। 1. कां टेनर के द्रव्य में तापन में िृतद् के कारण होने िाला प्रसार प्रयुक्त दकया जाता है और इसकी सीमा 96° F से 110°F या 35°C से 43°C ध्यान देने योग्य नहीं होता तो तनरीक्षक इसे द्रव्य का आभासी प्रसार कहते हैं। होता है। • जब कां टेनर. रेतखक प्रसार कहलाता है । एक पदाथष की इकाई लभबाई िाली रॉड की लभबाई में इसके तापमान में 1°C ऊष्मातमतत िृतद् होने से िृतद् होना गुणाांक या रेतखक प्रसार कहलाता है। इसे α द्वारा • जल के 1 ग्रा. दबाि में .

समुद्र का दकनारा समुद्र के पानी की तुलना में आद्रषता ज्यादा तेजी से गमष हो जाता है। समुांदर के दकनारे पर गमष हिा और समुद्र के • िातािरण में नमी की उपतस्थतत को आद्रषता कहा जाता है। पानी से ठां डी हिा समुद्र के दकनारा की ओर जाती है जो पररणामस्िरूप समुद्री • िायुमांडल की इकाई मािा में मौजूद िाष्प की मािा को तनरपेक्ष आद्रषता कहा हिाएां बनती है। जाता है। • भूतमगत हिाएां: राति में. साफ़ राति की तुलना में गमष होती है क्योंदक बादल राति • सापेक्ष आद्रषता को आद्रषतामीटर द्वारा मापा जाता है। में पृथ्िी द्वारा उत्सर्तजत तिदकरण दशाषते हैं और इसे गमष रखते हैं। • लगभग 50% की सापेक्ष आद्रषता 22 ° .com | www. कपास. गमष तरल ऊपर उठता है और इसका स्थान • कानेट का प्रमेय ऊष्मीय इां जन की अतधकतम क्षमता के बारे में बताता है। ऊपर से ठां डे तरल पदाथष द्वारा ले तलया जाता है। सांिहन धाराएां तरल में यह कानेट चक्र से सांबांतधत है। स्थातपत की जाती हैं जब तक दक पूरे तरल का तापमान एक न हो जाए। • एांरोपी एक प्रणाली के आणतिक अव्यिस्थता को मापता है और यह एक • रेदरजरेटर में शीतलन इकाई शीर्ष के तनकट दफट होती है क्योंदक ठां डी हिा थमाषइडैनातमक फ़ां क्शन है जो तांि के तापमान पर तनभषर करता है। नीचे की ओर जाती है और पूरे इांटीररयर को ठां डा करती है। • िाष्पीकरण एक प्रदक्रया है तजसमें अणु एक तरल की सतह से धीरे -धीरे न्यूटन का शीतलक का तनयम दूर होता जाता है। एक पपड से लुप्त ऊजाष की दर पपड और इसके पररिेश के तापमान में तभन्नता • ददए गए तरल के तलए िाष्पीकरण की दर तापमान और िाष्पीकरण के समानुपाती होता है। सतह के क्षेि पर तनभषर करती है। • यदद हम गमष पानी और ताजा पानी लेते हैं और इसे रेदरजरेटर में डालते हैं.25 तडग्री सेतपसयस तापमान तिदकरण तकसहज मानी जाती है। • तिद्युत चुभबकीय तरांगों के रूप में ऊष्मा के सांचरण की प्रदक्रया को तिदकरण • यदद सापेक्ष आद्रषता हिा में बहुत कम है तो होठ शुष्क हो जाते हैं और उन कहा जाता है पर दरारें ददखाई देती हैं। • तिदकरण के प्रसार के तलए दकसी भी माध्यम की आिश्यकता नहीं होती है • अगर सापेतक्षक आद्रषता हिा में बहुत अतधक है तो हमारे शरीर से स्िेद और यह मध्यिती माध्यम को गमष दकए तबना प्रसाररत करता है। सरलता से िातष्पत नहीं होता है और इसतलए हमें असहज महसूस होता है। कृ तष्णका • एयर कां डीशपनग तापमान और आद्रषता को तितनयतमत करके सुतिधाजनक • • एक पपड जो उस पर सभी तिदकरण घटना को अिशोतर्त करता है तस्थतत प्रदान करता है। उसे पूणषत: कृ तष्णका कहा जाता है। ऊष्मा का प्रसारण • • पपड के तलए कु ल घटना तिदकरण में ऊष्मा अिशोतर्त (तिदकरण) का • सांचरण की प्रदक्रया से ऊष्मा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानाांतररत अनुपात पपड की अिशोर्ण शतक्त (a) कहलाता है इसकी कोई इकाई दकया जा सकता है। नहीं है। • ऊष्मा के प्रसारण की तीन तितधयाां हैं www.com 8 . ग्लास ऊष्मा के कु चालक हैं.in | www. शुष्क हिा भी ऊष्मा का • ऊष्मप्रिैतगकी का ज़रोथ तनयम तापीय सांतुलन के तिर्य में बताता है। कु चालक है। • ऊनी कपड़े हमारे शरीर की ऊष्मा को तनकलने नहीं देते हैं और इसतलए हम पहला तनयम गमष महसूस करते हैं। • ऊजाष के पहले तनयम के अनुसार. जमीन समुद्र के पानी की तुलना में तेजी से ठां डी • दकसी ददए गए तापमान पर हिा की सापेक्ष आद्रषता िायु के एक तनतित जाती है। अब समुद्र के पानी पर गमष हिा और ठां डी हिा समुद्र की तरफ बढाती मािा की उपतस्थतत का जल की िाष्प से अनुपात है जो उसी तापमान पर हिा है और तजसके पररणामस्िरूप भूतमगत हिाएां बनती हैं। के समान मािा को 100 गुना सांतृप्त करने के तलए आिश्यक है। • बदली िाली राति. ऊन.sscadda. ऊष्मा सांिहन से प्रेतर्त होती है। करता है। अांत: दहन और बाह्य दहन इांजन. ऊष्मीय इांजन के दो प्रकार हैं। • जब एक बतषन में एक तरल तल पर गमष हो जाता है.bankersadda.com | www.careerpower. तो नीचे तरल ऊष्मीय • कार इांजन में शीतलक सांक्षारण या जांग इत्यादद के हातनकारक प्रभाि को हो जाता है और प्रसाररत होता है। कम करने के तलए जल युक्त शीतलक का प्रयोग दकया जाता है। • इसके तनचले घनत्ि के कारण. यह के तपिन का कथन है। सांिहन • ऊष्मा स्ित: एक ठां डे पपड से एक गमष पपड में नहीं जा सकती है। यह • कणों की िास्ततिक गतत के कारण तरल पदाथष (तरल पदाथष और गैस) में सेतपसयस का कथन है। रेरीजरेटर इसी कथन पर आधाररत है। ऊष्मा के प्रसार का तरीका सांिहन कहलाता है। • ऊष्मा इां जन एक उपकरण है जो ऊष्मा को याांतिक कायष में रूपाांतररत • तरल पदाथष और गैसों में.adda247. उसे ऊष्मप्रिैतगकी कहते हैं। है। • धातु ऊष्मा के सुचालक हैं ज़रोथ का तनयम • लकड़ी. रे दरजरेटर एक उपकरण है तजसका उपयोग ताांबे के तार के अांदर िाष्पीकरण तो गमष पानी ठां डा करने की दर ताजे पानी से तेज हो जाएगी। और अतस्थर तरल के सांपीड़न से पदाथों को ठां डा करने के तलए दकया जाता है। • समुद्री हिाएां ददन के दौरान. पदाथष को दी जाने िाली ऊष्मा • एक ठां डी रात पर दो पतले कां बल एक मोटे कां बल की तुलना में अतधक गमी आांतररक ऊजाष और दकये गए कायष के योग के बराबर होती है। देते हैं क्योंदक दो कां बल के बीच हिा की परत बेहतर अिरोधक के रूप में काम दूसरा तनयम करते हैं। • दूसरे तनयम में काम को ताप और ऊष्मा में तिपरीत क्रम में रूपाांतररत हो • रेदरजरेटर और बफष के बक्से में उन दोनों के बीच थमोकल िाली दोहरी सकती है लेदकन रूपाांतरण 100% क्षमता के साथ नहीं सांभि है। दीिारें होती हैं जो प्रिाहकत्त्ि से प्राप्त ऊष्मा के लाभ को कम करते हैं। • यह एक चक्रीय प्रदक्रया में मशीन सांचालन के तलए ऊष्मा को पूणषत: रूपाांतररत करने में असांभि है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography • भाप के िाष्पीकरण की लुप्त ऊजाष 536 cal/g है। सांचरण • कणों के िास्ततिक गतततितध के तबना उच्च तापमान भाग से कम तापमान • ऊष्मप्रिैतगकी भाग में ऊष्मा के प्रसार की तितध को प्रिाहकत्त्ि कहा जाता है। भौततकी की िह शाखा जो ऊष्मीय ऊजाष के ऊजाष के तभन्न रूपों के साथ सांबांध • ठोस पदाथों में ऊष्मा का प्रसार मुख्य रूप से प्रिाहकत्त्ि के माध्यम से होता का अध्ययन करती है.

सामान्य प्रततबल -स्पशषरेखीय प्रततबल अतधकतम तिरूतपत बल तजस पर एक पपड अपने लोच के गुण को बनाए रखता है उसे धातत्िक पपड के लोच की सीमा कहते हैं। एक तार को तोड़ने के तलए आिश्यक न्यूनतम प्रततबल को तिभांजन प्रततबल कहते हैं। एक खोखले बेलन में ददए गए तजिस्ट को बनाने के तलए आिश्यक टाकष इसी तजिस्ट को एक ठोस बेलन में एक बनाने के तलए आिश्यक टाकष से अतधक होता है। इसतलए. तरल और गैस। ठोस में.com | www. पदाथष के गुण ताांबे से अतधक होते हैं। पदाथष लोच सीमा पदाथष को दकसी भी चीज के रूप में माना जाता है तजसका भार हो और जो यह प्रततबल और तिकृ तत की िह सीमा है तजस पर तार की लोच बनी रहती स्थान लेता हो। है। यह तीन अिस्थाओं में मौजूद होता है: ठोस. उसे एक तिरूपक बल कहा यदद लोचदार सीमा और तिभांग पबदु के बीच बड़ा तिरूपण होता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography • • दकसी ददए गए तापमान पर सतह के प्रतत यूतनट क्षेिफल में ऊष्मा ठोस तिदकरण की मािा को पृष्ठ के तापोत्सजी शतक्त कहा जाता है। यह पदाथष की िह अिस्था है तजसका तनतित आकार और तनतित आयतन • • इसकी इकाई जे / एम 2 . न दक ताांबे से क्योंदक स्टील के लोच के नि-अणु. उसे लोच कहा जाता है। पराितषक हैं जबदक काला रांग अच्छा अिशोर्क है और गमी का कु . अणु ठोस पदाथों और तरल पदाथों की तुलना में बढ़ती है। यदद तनन बल हटा ददया जाता है. अथाषत् m। तन्य और भांगरु सामग्री एक बल जो एक पपड के तिन्यास को बदलता है. हपके रांग के कपड़े गर्तमयों में बेहतर महसूस कराते हैं और काले रांग के कपड़े सर्ददयों में बेहतर महसूस कराते हैं। नमनीयता एक पपड का िह गुण तजसके आधार पर यह तिरूपण को हटाने के बाद इसके स्टीफन का तनयम मूल तिन्यास को प्राप्त नहीं करता है. उसे नमनीयता कहा जाता है। इसमें कहा गया है दक "पूणषत: कृ तष्ण पपड के इकाई क्षेिफल द्वारा प्रतत सेकांड तिकृ तत तिदकररत ऊष्मीय ऊजाष (E) की मािा पपड के तनरपेक्ष तापमान (T) के तिन्यास अथाषत् लांबाई.bankersadda. अणु तनतित तस्थतत में कां पन करते हैं। प्लातस्टक व्यिहार तरल में.एस है होता है। इस अिस्था मे अणु बहुत तनकट एकतित होते हैं। • • एक शरीर की उत्सजषन शतक्त और अिशोर्ण शतक्त का अनुपात सदैि एक ही होता है। यह एक कृ तष्णका की तापोत्सजी शतक्त के बराबर होता ठोस के गुण है। इसे दकरचॉफ के तनयम के रूप में जाना जाता है। लोच दकरचॉफ का तनयम तिरूपण की शतक्त को हटाने के बाद एक पपड का िह गुण तजसके कारण इसके • सफे द रांग एक खराब अिशोर्क है और ऊष्मा के तिदकरणों का सु. मािा और आकार में पररितषन करने िाला भाग चौथेघात समानुपाततक होता है।" E ∝ T4 तिकृ तत कहलाता है। तिकृ तत की कोई इकाई नहीं है। अच्छा अिशोर्क अच्छा उत्सजषक और खराब अिशोर्क खराब उत्सजष क तिन्यास में पररितषन के आधार पर. लेदकन साथ ही िे मुक्त रूप से सामग्री में यदद तार लोचदार सीमा से बाहर फै ल जाता है. तो तार एक पबदु पर इलेक्रोस्टैरटक बल को अांत:आतण्िक बल कहा जाता है। टू ट जाता है तजसे तिभांग पबदु कहा जाता है। अांत:आतण्िक बल की श्रेणी परमाणु आकार के क्रम के बराबर होती है . खोखला शाफ्ट एक ठोस शाफ्ट से मजबूत होता है। पस्प्रग स्टील से बने होते हैं. तो जाता है। सामग्री को नमनीय कहा जाता है। www. मूल तिन्यास को प्राप्त करता है. क्वाजजष और फॉस्फोर काांस्य लगभग पूणषत: लोचदार तनकाय हैं। पराितषक है। इसतलए. तो तार पुन: अपनी प्राकृ ततक बहुत दूर होते हैं और उच्च िेग पर चलते हैं। लांबाई तक नहीं आती है। अांत:आतण्िक बल तिभांग पबदु दो या दो से अतधक परमाणुओं के बीच परस्पर दक्रया करने िाले यदद तिरूपण प्लातस्टक के व्यिहार में और बढ़ जाता है. तिकृ तत तीन प्रकार की हैं होता है। = अनुदध्ै यष तिकृ तत - = आयतन तिकृ तत - = अपरूपण तिकृ तत -θ प्रततबल एक तिरूतपत पपड के पार-अनुभाग के प्रतत इकाई क्षेिफल पर प्रभािी अांत: प्रत्यानयन बल. प्रततबल कहलाता है। प्रततबल दो प्रकार के होते हैं .careerpower.adda247.com 9 . तो तिकृ तत अतधक तेजी से स्थानाांतररत होते हैं। गैस में.in | www. अणु भी कां पन करते हैं.sscadda.com | www.

डू बने के कारण जल की सतह पर प्लतित िायुमांडलीय दबाि की अन्य इकाइयाां टॉर और बार हैं। मच्छरों के लािाष मृत हो जाते हैं। पास्कल का तसद्ाांत 3. कम होता है इसतलए. तजसे उत्प्लािन बल या उत्पेक्ष कहा तचकनाहट को बेहतर तरीके से साफ़ करते हैं। जाता है और द्रि के इस गुण को उत्प्लािन कहा जाता है। 6.com | www. तो इसका पृष्ठ तनाि घट जाता है। एनेरोइड बैरोमीटर का उपयोग एक स्थान के िायुमांडलीय दबाि और ऊांचाई 2. द्रि दबाि कहलाता है। पृष्ठ तनाि के अनुप्रयोग द्रव्य दबाि (p) = एक तरल का पृष्ठ तनाि क्राांततक तापमान पर शून्य हो जाता है। जब साबुन. गुरुत्िाकर्षण कें द्र (g) और प्लिन पपड के उत्प्लािन (B) का कें द्र एक ही सीधी रेखा पर तस्थत होना चातहए। www.in | www. हाइड्रोतलक प्रेस हाइड्रोतलक ब्रेक पास्कल के तसद्ाांत के घािों के छोटे दरारों में पहुांचता है और रोगाणुओं और जीिाणुओं को आधार पर काम करते हैं। साफ करता है। उत्प्लािन 5.sscadda. इसका ( ) िाां लोच श्रातन्त भाग जल में जलमग्न हो जाता है और (1/12) िाां भाग जल के बाहर रहता है। यह एक लोचदार पपड का गुण है तजसके आधार पर पुनरािृत्त तिकृ त बल की समुद्री जल में. • जल में साबुन के घोल का पृष्ठ सतह तनाि शुद् जल के सतह तनाि से जब एक पपड आांतशक रूप से या पूरी तरह से तरल पदाथष में तिसर्तजत होता है.adda247. बाररश की बूांदें गोलाकार होती हैं। पृष्ठ तनाि को प्रभातित करने िाले कारक हाइड्रोमीटर यह एक उपकरण है तजसका प्रयोग द्रव्य के घनत्ि या सापेक्ष तापमान. तो इसे भांगुर कहा जल की सतह पर बफष और तहमशैल प्लतित होते हैं क्योंदक इसका घनत्ि जाता है। (0. तो इसका पृष्ठ तनाि बढ़ जाता है। िायुमांडल द्वारा लगाए गए दबाि को िायुमांडलीय दबाि कहा जाता है। 1. के तशका दक्रया के कारण जल की हातन को रोकने के तलए. तमट्टी को "सांतुतलत अिस्था में तैरने पर िस्तु अपने भार के बराबर द्रि तिस्थातपत तशतथल कर ददया जाता है और दकसानों द्वारा टु कड़ों में तिभातजत दकया जाता करती है"। है। प्लिन की तस्थतत में.com | www.careerpower.bankersadda. फे तनल आदद पानी में तमतश्रत होते हैं तो इसका इसकी इकाई या पास्कल (Pa) पृष्ठ तनाि घट जाता है। िायुमण्डलीय दबाि जब जल में नमक डाला जाता है. के तशकत्ि उत्प्लािन बल शरीर के जलमग्न भाग से तिस्थातपत तरल के भार के बराबर 7. तो इसका पृष्ठ तनाि बढ़ जाता है। तिराम सभपकष की सतह के प्रतत इकाई पर लगने िाला प्रणोद (सामान्य बल). तो इसका पृष्ठ तनाि घट को मापने के तलए दकया जाता है। जाता है। पररणामस्िरूप.com 10 . उसे पृष्ठ तनाि कहा जाता है। जल का घनत्ि 1000 kg/ होता है। तरल की दी गई रातश का न्यूनतम पृष्ठ क्षेि गोलाकार आकर के तलए होता है। जल का घनत्ि अतधकतम 4°C होता है। इसतलए. साबुन का घोल शुद् जल की तुलना में कपड़ों की तो एक ऊपरी बल उस पर कायष करता है. के तशका ट्डूब ( काांच की नलीदार ट्डूब) में तरल स्तांभ के बढ़ने या तगरने होता है। की घटना को के तशकत्ि कहा जाता है उत्प्लािन बल पपड के जलमग्न भाग से तिस्थातपत अव्यिस्था के गुरुत्िाकर्षण 8.92 g/cm3) जल के घनत्ि से कम होता है। जब एक बफष का टु कड़ा जल की सतह पर प्लतित होता है. पौधों के जड़ रेशे के तशका के माध्यम से तमट्टी से पानी खींचते हैं। दकसी तरल में तनमतित पपड के भार में अनुभूत होने िाला ह्रास पपड द्वारा तिस्थातपत तरल के भार के बराबर होता है। प्लिन का तनयम 10. जब तेल जल के पृष्ठ पर फै लता है. तो इसके आधाररत है। पृष्ठ का तनाि कम हो जाता है। यदद तरल में अशुतद्याुँ अत्यतधक घुलनशील द्रव्य दबाि हैं. 2. • डेटोल जैसे एांटीसेप्टीक का पृष्ठ तनाि कम होता है और इसतलए यह हाइड्रोतलक तलफ्ट. तडटोल. • गमष सूप स्िाददष्ट होता है क्योंदक उच्च तापमान पर इसकी पृष्ठ का यदद दकसी बांद तरल पर बाहर से कु छ दाब लगाया जाए तो पररणाम स्िरूप तनाि कम है और फलस्िरूप जीभ के सभी भागों पर सूप फै लता है। िह दाब तरल में सभी ददशाओं में सांचररत होता है। 4. तजसे उत्प्लािन का कें द्र कहा जाता है। बढ़ जाता है। आर्दकतमडीज तसद्ाांत 9. 1. लांबे समय के उपयोग के बाद पुल कम लोचदार हो जाते समुद्र के जल में तैरना नदी के जल में तैरने से ज्यादा सरल होता है क्योंदक हैं और इसतलए उन्हें असुरतक्षत घोतर्त दकया जाता है। समुद्री जल का घनत्ि नदी के जल के घनत्ि से ज्यादा होता है। द्रव्य मानि शरीर का घनत्ि जल के घनत्ि से कम होता है लेदकन मानि के िह पदाथष जो एक बाह्य बल के अांतगषत प्रिातहत होता है उसे द्रव्य कहते हैं। मतस्तष्क का घनत्ि जल के घनत्ि से अतधक होता है। इसतलए तैरने के दौरान तरल और गैसें द्रव्य होते हैं। एक व्यतक्त अपने हाथ और पैरो से पानी तिस्थातपत करता है एिां तिशातपत द्रव्य का कु ल भार शरीर के भार के बराबर हो जाता है। द्रव्य घनत्ि द्रव्यमान का पपड के आयतन से अनुपात घनत्ि कहलाता है। (अथाषत इसके पृष्ठ तनाि आयतन में तस्थत द्रव्यमान)। यह एक अददश रातश है तजसकी मानक इकाई एक तरल का िह गुण तजसके आधार पर यह अपने मुक्त सतह क्षेि को कम kg/ है। करने का प्रयास करता है. बफष का (8/ 9) िाां भाग जलमग्न हो जाता है और (1/9) िाां प्रभाि के अांतगषत उसका व्यिहार कम लोचदार हो जाता है। भाग जल के बाहर होता है। लोच श्रातन्त के कारण. • जब जल पर के रोसीन तेल तछड़का जाता है. एक लैंप की बाती में तेल.तापमान में िृतद् के साथ तरल पदाथष के पृष्ठ का तनाि घट जाता है। घनत्ि को मापने के तलए दकया जाता है। इसका कायष फ्लोटेशन के तनयम पर घुलनशील अशुतद्याुँ यदद तरल में अशुतद्याुँ कम घुलनशील होती हैं. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography यदद लोचदार सीमा को पार करने के बाद तार टू ट जाता है. बाती में धागे की के तशका दक्रया के कारण के कें द्र में कायष करता है. तडटजेंट.

प्रकाश का पराितषन तजसे अांततम िेग कहा जाता है। जब एक मोटे काांच के स्लैब को कु छ मुदद्रत पदाथों पर रखा जाता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 11. शरीर से पजल-सोखने का तौतलये का कायष.careerpower. पाइप के पार-अनुभाग के क्षेिफल का गुणनफल और द्रव्य तनम्नतलतखत प्रकाश के पराितषन के तनयम हैं। की श्यानता तस्थर रहता है अथाषत A × v = तस्थर (I) आपततत दकरण.. तो गेंद हिा में अपनी गतत को बदल देती असांजक बल कहा जाता है। है। उदा.com | www. तो यह उड़ान भरने शुरू हो जाएगा। उदा. श्यानता के गुणाांक. कारण होती है। सचष-इांजन और िाहनों की हेडलाइजस में उपयोग दकया जाता है। गैसों की श्यानता तरल पदाथष की तुलना में बहुत कम होती है ठोस पदाथों में चेहरे की एक बड़ी छति देखने के तलए उन्हें अक्सर शेपिग दपषण के रूप में कोई श्यानता नहीं होती है। उपयोग दकया जाता है दांत तचदकत्सक रोतगयों के दाांतों की बड़ी छतियों को एक आदशष तरल पदाथष की श्यानता शून्य होती है। देखने के तलए अितल दपषण का उपयोग करते हैं। तापमान में िृतद् के साथ. तो इसका िेग धीरे -धीरे बढ़ता जाता है.in | www. परािर्ततत दकरण और सामान्य कोण आपतन पबदु पर दो इसतलए प्रिातहत द्रव्य की चाल (v) सांकुतचत पाइप में तीव्र होती है। पारदशी माध्यमों के इांटरफे स पर एक ही समतल पर तस्थत होता है। बनोली प्रमेय www. एक भारोत्तोलन बल छत पर काम करता है यदद यह छत के भार को सांसजक बल कहा जाता है। सांतुतलत करने के तलए पयाषप्त है. तब काांच गोलाकार बाररश की बूुँदों की तिज्या बहुत छोटी होती है इसतलए उनका के स्लैब के माध्यम से देखा जाने िाला अक्षर बड़ा ददखाई देता है. पेपर और गोंद. जब दकनारों से देखा जाता है। प्रिातहत होता है (अथाषत द्रव्य में िेग प्रत्येक पबदु पर तस्थर रहता है) तो ट्डूब के प्रत्येक भाग पर. तौतलये में सूत की के तशका बनोली के प्रमेय पर िेंचुरी ट्डूब और एतस्परेटर पांप काम करता है दक्रया के कारण होता है। बनोली के प्रमेय के अनुसार. तरल पदाथष की श्यानता घट जाती है और गैसों सौर अिशोर्ण में गमी का तनमाषण करने के तलए सूयष के प्रकाश को के तन्द्रत बढ़ती है। करने के तलए बड़े अितल दपषण का उपयोग दकया जाता है। तरल पदाथष की श्यानाता को श्यानता के गुणाांक द्वारा मापा जाता है। इसकी मानक इकाई डेका पोइस (kg/ms) या पास्कल है यह आमतौर पर η द्वारा उत्तल दपषण के उपयोग तचतननत की जाती है। उत्तल दपषण को आमतौर पर िाहनों में ररयर-व्यू (पिग) तमरर के रूप में उपयोग दकया जाता है. गततज ऊजाष और सांभातित ऊजाष. काांच के तगलास में आांतशक रूप एक तरल एक पाइप के माध्यम से प्रिातहत होता है. तजससे ड्राइिर को सुरतक्षत ड्राइपिग की सुतिधा के स्टोक्स का तनयम तलए उसके पीछे यातायात देखने में सक्षम बनाता है। िे हमेशा एक सीधी छति इस कानून के अनुसार. तपघलाया हुआ मोम. झोपतड़यों की छतों या रटतनड छतों को उड़ा ददया जाता है क्योंदक हिा छत के ऊपर उच्च गतत से चलती है और इसतलए ससांजक और असांजक बल हिा का दबाि घटता है छत के ऊपर और नीचे के हिा के दबाि के अांतर के एक ही पदाथष के अणुओं के बीच प्रभािी आकर्षण की अांत:आतण्िक बल को कारण. इसकी गतत धुरी के पास से डु बाई गई पेतन्सल बड़ी ददखाई देती है। यह हिा और पानी के इांटरफे स पर अतधकतम और पाइप की दीिारों के पास न्यूनतम होती है। तिस्थातपत होने लगता है। सातत्य का समीकरण एक काांच के तगलास में पानी में रखा नींबू अपने िास्ततिक आकार की तुलना जब एक गैर-श्यान द्रव्य एक असमान पार-अनुभाग पाइप के माध्यम से में बड़ा ददखाई देता है. एक मोमबत्ती में के तशका दक्रया द्वारा बाती तक बढ़ या बढ़ता है। जाता है। तूफान या चक्रिातों के दौरान. उत्तल दपषण समतल दपषण के साथ सांभि से अतधक बड़े क्षेि को देखने के तलए ड्राइिर को सक्षम अांततम िेग करता है। जब एक छोटा गोलाकार पपड एक लांबे तरल स्तांभ के माध्यम से तगरता है. पेपर और स्याही आदद के अणुओं के बीच में प्रभािी अांत:आतण्िक बल प्रकाश यानता: तरल या गैसों के तितभन्न परतों के बीच सापेतक्षक गतत का तिरोध प्रकाश का पराितषन करने िाले बल को यानता कहा जाता है। श्यानता: श्यानाता एक तरल पदाथष का गुण है तजसके आधार पर यह उसकी (I) आपतन कोण पराितषन कोण के बराबर है तितभन्न परतों के बीच सापेक्ष गतत का तिरोध करता है। (Ii) आपतन दकरण. पानी के अणुओ. पारा आदद के बीच प्रभािी आकर्षण का अांत:आतण्िक बल। मैगनस प्रभाि: तस्पपनग बॉल का गतत तितभन्न पदाथों के अणुओं के बीच प्रभािी आकर्षण की अांत:आतण्िक बल को जब पस्िग गेंदबाज़ गेंद को गेंद देते हैं. अथाषत् दबाि ऊजाष. तजसके साथ िे पृथ्िी की सतह पर टकरातीहैं। जब तल या पानी युक्त तालाब बड़ा ददखाई देता है. लेदकन बाद में यह तस्थर हो जाता है. अगर एक कृ तिम उपग्रह में जल में एक के तशका ट्डूब डू बा हुआ है. बढ़ जाता है क्योंदक इसका ऊजाष. श्यानता बल.com | www. एक टैंक के अांततम िेग भी कम होता है. सभी दकरणें एक ही सतह पर तस्थत होती हैं। तरल की श्यानताउसके अणुओं के बीच सांसजक बल के कारण होती है। अितल दपषण के उपयोग एक गैस की श्यानता उसके अणुओं के एक परत से दूसरे परत तक प्रसार के प्रकाश की समानाांतर बीम प्राप्त करने के तलए अितल दपषण सामान्यतः टॉचष.sscadda. द्रव्य के िेग में िृतद् के साथ इसका प्रसार घटता 13. तरल के प्रतत शून्य आभासी भार होता है। इकाई मािा तस्थर रहती है। 12.com 11 .adda247. तो जल यदद एक गैर-श्यान और असांपी्ड्य तरल धारा में प्रिातहत हो रहा है तो कु ल ट्डूब के दूसरे छोर तक तजतनी की ट्डूब लभबी हो.bankersadda. चलती िस्तु के िेग देता है हालाांदक धुांधली। साथ ही उनमें देखने का एक व्यापक क्षेि होता है और उसके आकार पर तनभषर करता है। क्योंदक िे बाहर की तरफ घुमािदार होते हैं। इस प्रकार. आपतन पबदु पर दपषण के तलए सामान्य होता है और श्यानता तरल पदाथष और गैसों दोनों का गुण है। परािर्ततत दकरण.

तो कोई प्रकीणषन नहीं होता। दफर. नीले प्रकाश से 1. तारों की चमक का नेिों www.8 गुना अतधक होती है। इस काांच के तप्रज्म द्वारा सफ़े द प्रकाश का तिचलन प्रकार. रांग का क्रम VIBGYOR होता है। प्रकाश का इसके घटक रांगों में नहीं होता. थोड़े धुांधले ददखाई देते हैं.bankersadda. इसतलए तारों की दृश्य दूरी के िगष के व्युत्क्रमानुपाती होती है। तस्थतत इसकी िास्ततिक तस्थतत से थोड़ा अलग होती है। क्योंदक तारों तक आने प्रकाश की दकरणों का पथ थोड़ा अलग होता है. तिशेर् रूप से हाइिे पर नमी ददखाई देती है। आसमान में ददखाई देता है। यह सूयष के प्रकाश के तिचलन से छोटे पानी की यह भी मीरीतचका के कारण होता है। बूांदों के कारण होता है.com | www. बस या कार में यािा करते समय जमीन के करीब तस्थत िायु गमष. िह इसे आतांररक रूप से अपिर्ततत करती है और अांत में इसे हैं। प्रकाश फाइबर के साथ-साथ कु ल आांतररक पराितषन के अांतषगत पुनरािृत्त पुन: अपिर्ततत करती है जब से िर्ाष की बूांदों से प्रकाश से तिचलन और अांत: होता रहता है। प्रकाश तसग्नल की तीव्रता में कोई भी हातन नहीं होती है। पराितषन के कारण बाहर हो जाती है. इसे स्थैततक पृथ्िी के िायुमांडल में प्रिेश करने पर तारों का प्रकाश. तो बीम का पथ ददखाई दे देता है। अतग्न के ठीक ऊपर की िायु इसके आगे की िायु की तुलना में गमष होती है। गमष जब सूयष के प्रकाश की महीन बीम धुांए से भरे कमरे में छोटे तछद्र से प्रिेश िायु. क्योंदक िे एक तप्रज्म के माध्यम से गुजरते हैं। लाल प्रकाश कु ल आांतररक पराितषन कम से कम मुड़ता है जबदक बैंगनी सबसे अतधक। इस प्रकार प्रत्येक रां ग की a) मीरीतचका दकरणें अलग-अलग पथों के साथ उभरती हैं और इस तरह अलग हो जाती हैं। गमष िायु कम घनी होती है.careerpower. प्रकाश की समानाांतर दकरणों का गठन करता है। ये दकरणें लेंस द्वारा कागज पर गहरे तेज दीप्त क्षेि पर एकतित की गईं। िास्ति में .कभी-कभी तारे अतधक प्रज्ज्ितलत ददखाई देते हैं. और एक करती है. धरती पर पहुांचने से तिद्युत कहते हैं. तो. ठां डी िायु की तुलना में हपकी होती है(कम घनत्ि िाली). धूल के कणों और िायु के अणुओं के महीन कणों का एक तिर्म तमश्रण है। जब प्रकाश दक एक बीम ऐसे महीन िायुमांडलीय अपितषन कणों से टकराती है. जब सूयष का प्रकाश िायुमांडल से गुजरता है. कागज प्रकाश का प्रकीणषन पर तमलने िाला दीप्त क्षेि सूयष की एक िास्ततिक छति है। सूयष के प्रकाश की आकाश का नीला रांग. यह रटमरटमाने का प्रभाि है। है। इस तनयम को स्नेल के अपितषन के तनयम के रूप में भी जाना जाता है। यदद i आपतन कोण है और r अपितषन का कोण है. आकाश में अांधेरा होता। तिभाजन तिचलन कहलाता है। अत्यतधक ऊांचाई पर उड़ान भरने िाले यातियों के तलए आकाश अांधकारमय प्रतीत होता है. और दकसी रांग की रोशनी के तलए और मीमाध्यम की दी गई जोड़ी के तलए तस्थर होता अन्य समय में.com 12 . जो दक िातािरण में मौजूद होता है। एक इां द्रधनुर् b) हीरे . और िायुमांडलीय है। तनम्न अपितषक सूचकाांक का दूसरा माध्यम ऑतप्टकली दुलषभ है। प्रकाश की अपितषन के कारण िास्ततिक सूयाषस्त के करीब 2 तमनट बाद। िास्ततिक गतत एक घने मध्यम से अतधक दुलषभ माध्यम में अतधक है। सूयाषस्त और आभासी सूयाषस्त के बीच का अांतर लगभग 2 तमनट है। सूयष से प्रकाश.ां छोटे पानी की बूांदों. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography (ii) अपितषन के कोण से आपततत कोण के साइन का अनुपात दकसी ददए गए में प्रिेश होता है . और ठां डी िायु की तुलना में इसका अपितषक सूचक यह एक तितशष्ट रांगों का बैंड है तजसे हम एक स्पेक्रम में देखते हैं। लघु होता है। गमी के तपते ददनों में. गहरे समुद्र में पानी का रांग का रांग.in | www.उच्च स्तर पर तस्थत िायु से गमष महसूस होती है। एक इांद्रधनुर् एक प्राकृ ततक स्पेक्रम होता है जो िर्ाष के बरसने के बाद सड़क पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर. टाइांडल का प्रभाि तब भी देखा जा सकता है जब सूयष का प्रकाश घने अपितषक सूचक है जो ठां डी िायु की तुलना में थोड़ा कम होता है। चूांदक जांगल के तिपाल से गुजरती है। अपितषक माध्यम (िायु) की भौततक तस्थततयाां तस्थर नहीं होती हैं.उनकी प्रततभा मुख्य रूप से उनके अांदर प्रकाश की कु ल आांतररक हमेशा सूयष के तिपरीत ददशा में बनता है। पानी की बूांदें छोटे तप्रज्म की तरह पराितषन के कारण होती है। काम करती हैं। िे अपिर्ततत होते हैं और सूयष के प्रकाश के आपतन का c) ऑतप्टकल फाइबर भी कु ल आांतररक पराितषन की घटना का उपयोग करते तिचलन करता है. अपितषक सूचकाांक के धीरे -धीरे पररिर्ततत होने के कारण होता है। चूांदक आिेश के पररमाण के गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके मध्य िायुमांडल तारों के प्रकाश को सामान्य की झुकता है. सूयष का जपदी उदय और देरी से सूयाषस्त Sin i/Sin r = constant बड़ा अपितषक सूचकाांक िाला एक दूसरे की तुलना में ऑतप्टकली घने माध्यम सूयष हमें सूयोदय से लगभग 2 तमनट पहले ददखाई देता है. सूयोदय और सूयाषस्त एकाग्रता एक पबदु पर ऊष्मा उत्पाददत करती है। तजसके कारण कागज़ जल पर सूरज की लातलमा जाता है। साफ़ आकाश का नीला क्यों होता है? तप्रज्म के माध्यम से प्रकाश का पराितषन लाल प्रकाश की तरांग दैध्यष है. तो हिा में महीन कणनीले रांग (कम तरांग दैध्यष) को लाल से अतधक मजबूती से प्रकीणष करते है। प्रदकर्तणत तप्रज्म सांभित: आपततत सफ़े द प्रकाश को रांगों के बैंड के रूप में तिभातजत नीला प्रकाश हमारी आुँखों में प्रिेश करता है। यदद पृथ्िी का कोई िायुमांडल करती है.sscadda. इसे घर्षण तिद्युत भी कहते हैं। पहले लगातार अपिजषन से गुजरता है। िायुमांडलीय अपितषन माध्यम में • दो तस्थर तबन्दुओं के मध्य प्रभािी आकर्षण का तस्थिैद्युत बल का आिेश. िस्तु की प्रदकर्तणत प्रकाश का रांग प्रदकर्तणत कण के आकार पर तनभषर करता है। बहुत तस्थतत गमष हिा के माध्यम से अतस्थर ददखाई देती है। इस तरह से यह तिकां प महीन कण मुख्य रूप से नीले रांग को प्रदकर्तणत करते हैं जबदक बड़े कण लभबी िायुमांडलीय अपितषन का प्रभाि है। (पृथ्िी के िायुमांडल द्वारा प्रकाश का तरांगदैध्यष िाले प्रकाश को प्रदकर्तणत करते हैं। अपितषन)। चुभबकत्ि और तिद्युत् तारों का रटमरटमाना तिद्युत तारों में रटमरटमाहट िायुमांडलीय अपितषन के कारण होती है। • तिद्युत् दो उपयुक्त पपडों के मध्य घर्षण से उत्पन्न होता है.adda247.com | www. इस प्रकार तितभन्न रांग पयषिेक्षक के नेिों टाइांडल प्रभाि तक पहुांचते हैं। पृथ्िी का िायुमांडल धुए. क्योंदक ऐसी ऊांचाइयों पर प्रकीणषन नहीं होता है। आपततत दकरण के सांबांध में अलग-अलग कोणों के माध्यम से प्रकाश के अलग- अलग रांग मुड़ते है.

sscadda.com | www. तजस पर इसके आयाम को बदले तिद्युत सेल तबना बड़ी रातश में आिेश सांग्रतहत दकया जा सकता है। • तिद्युत सेल एक उपकरण है जो रासायतनक ऊजाष को तिद्युत ऊजाष में चालक की धाररता. आिेश (q) के अनुपात के बराबर होती है। इसके तिभि रूपाांतररत करता है। (V) में पररितषन के तलए चालक को C = q/V के रूप में तचतननत दकया जाता • तिद्युत सेल दो प्रकार के होते हैं: है। • — प्राइमरी सेल आिेतशत नहीं हो सकते। िोपटेइक. V = . तादक दकसी पबदु पर इसकी प्रततरोधकता स्पशष रेखा उस पबदु पर तिद्युत् क्षेि िेक्टर की ददशा में हो। • सामग्री की प्रततरोधकता सामग्री के तापमान और प्रकृ तत पर तनभषर करती • दो रेखाएां कभी भी प्रततछेददत नहीं हो सकती। तिद्युत क्षेि रेखाएां सदैि है। यह चालक के आयाम से अलग है. जूल का ऊष्मा का तनयम जमेतनयम आदद जैसे सामतग्रयाां अधषचालक हैं। • धारा तीन प्रभाि उत्पाददत कर सकती है: ऊष्मीय प्रभाि चुभबकीय प्रभाि और रासायतनक प्रभाि। www. अथाषत्.in | www. दफर उनके बराबर • तिद्युत तिभि तिद्युत क्षेि में दकसी पबदु पर. पार-अनुभाग आदद का धनात्मक आिेश के साथ आरतभभक होती हैं और ऋणात्मक आिेश पर क्षेिफल। समाप्त होती हैं एिां मध्य स्थान से आरभभ या समाप्त नहीं होती है। • तापमान में िृतद् के साथ धातुओं की प्रततरोधकता बढ़ जाती है। • प्रततरोधों का सांयोजन तिद्युत तिभि • यह प्रततरोध और श्रृख ां ला में जुड़े हुए हैं. उस पबदु पर असीम से प्रततरोध द्वारा ददया जाता है। तनरीक्षण आिेश को िहन करने के तलए प्रतत इकाई आिेश में दकए गए • श्रृांखला के सांयोजन में.com | www. R चालक का तिद्युत प्रततरोधक है। आिेशों के मध्य अलगाि होता है। एक कै पेतसटर या कां डेनसर एक उपकरण है. डेतनयल और इसकी इकाई कू पभब/ िोपट या फै राड है। फै राड (F) धाररता की बड़ी इकाई है। लेक्लुँच सेल प्राइमरी सेल हैं। इसकी व्यािहाररक इकाई माइक्रो फै राड (μF) है। • —सेकेंडरी सेल पुन: आिेतशत हो सकते हैं। अभल और क्षार सांतचत करने िाले सेकेंडरी सेल हैं। पदाथों के प्रकार • तिद्युत सेल का कायष तिद्युत आिेश के रासायतनक प्रभाि पर तनभषर • चालक सामतग्रयों का िे प्रकार हैं तजनमें तिद्युत् सांचालन करने के तलए करता है। इलेक्रॉनों की स्ितांि सांख्या होती है। धातु तिद्युत् के सुचालक होते हैं। • इन्सुलेटर सामतग्रयों का िे प्रकार हैं तजनमें अपने आयतन में मुक्त सेल का इएमएफ इलेक्रॉन नहीं हैं और इसतलए. लांबाई. प्रततरोध ददया जाता है: • • तिद्युत तिभि िह भौततक रातश है जो तिद्युत क्षेि में दो तबन्दुओं के मध्य आिेश के प्रिाह की ददशा का तनधाषरण करती है। • समाांतर सांयोजन में तिभिान्तर प्रत्येक प्रततरोध पर समान रहता है। • धनात्मक आिेश सदैि उच्च तिभि से तनम्न तिभि की ओर जाने की प्रिृतत्त रखता है। ओम का तनयम • यह कहता है दक यदद दकसी चालक की भौततक अिस्थाएां जैसे तापमान. यह पूरी तरह से तिद्युत् का चालक नहीं • एक सेल द्वारा धनात्मक आिेश को इसके अपने टर्तमनल से अन्य तक ले होता है। जाने का कायष इसका इएमएफ (एलेक्रोमोरटि बल) कहलाता है। • सेमीकां डक्टर उस प्रकार की सामतग्रयाां हैं तजनमें सामान्य तापमान पर एलेक्रोमोरटि बल एक कायष है न दक बल। मुक्त इलेक्रॉन नहीं होते हैं.careerpower. लेदकन बढे हुए तापमान पर मुक्त इलेक्रोन होते हैं और इसतलए यह चालक की तरह व्यिहार करता है। तसतलकॉन. तिद्युत प्रिाह इलेक्रॉनों के प्रिाह के कारण प्रिातहत होता तनरीतक्षत आिेश (q) पर प्रभािी होता है। है.adda247. तिद्युत क्षेि कहलाता है। उसे प्रत्यक्ष धारा कहा जाता है.bankersadda. और तजनका पररमाण और ददशा पररितषनशील होता है उसे प्रत्यािती धारा कहते हैं। • तिद्युत क्षेि तीव्रता (E) दकसी पबदु पर तस्थिैद्युत बल (F) के रूप में • इनिटषर एक तडिाइस है जो डीसी से एसी को रूपाांतररत करता है। पररभातर्त की जाती है जो दकसी पबदु पर प्रतत इकाई धनात्मक • ठोस चालक में.com 13 . प्रभाि का अनुभि दकया जा सकता है. प्रत्येक प्रततरोधों के माध्यम से बराबर प्रिाह होता कायष के बराबर होता है। इसकी इकाई जूल/ कू लभब है। है। यदद प्रततरोध समाांतर रूप से जुड़े हैं. अथाषत भहो और चालकता के है। तिद्युत क्षेि रेखा • तिद्युत क्षेि रेखा एक कतपपत लाइन है. तिद्युत क्षेि तीव्रता आिेश पबदु से r दूरी के िगष के प्रिाहकत्त्ि और चालकता प्रततरोध के पारस्पररक और क्रमशः सामग्री की व्युत्क्रमानुपाती होती है। प्रततरोधकता है। प्रिाहकत्त्ि की मानक इकाई Ω^(-1) है. द्रव्य में आयनों साथ-साथ इलेक्रॉनों के प्रिाह के कारण प्रिातहत होता है। • अधषचालक में इलेक्रॉनों और छेदों के कारण प्रिातहत होता है। • इसकी इकाई न्यूटन/ कू लभब है। प्रिाहकत्त्ि • इसतलए. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography तिद्युत क्षेि तिद्युत प्रिाह • दकसी आिेश के पररिेश का िह स्थान तजसमें अन्य आिेश के द्वारा इसके • िह तिद्युत प्रिाह तजसकी पररमाण और ददशा समय के साथ बदलती नहीं है. तो उनका समतुपय • तिद्युत तिभि . इलेतक्रक डाइपोल और कै पेतसटर दबाि आदद अपररिर्ततत रहते है. तो इससे गुजरने िाला तिद्युत आिेश एक इलेतक्रक डाइपोल बहुत छोटी दूरी द्वारा पृथक दो बराबर और तिपरीत (l) इसके अांत तक प्रभािी तिभिान्तर के समानुपाती होता है। अथाषत आिेश पबदु से सतभमतलत होता है। • I ∝ V या V = IR डाइपोल की इलेतक्रक डाइपोल गतततितध आिेश का गुणनफल होता है और • जहाुँ .

पोल अलग नहीं होते हैं। तिद्युत शतक्त • प्रतत इकाई समय में उत्पाददत तिद्युततक ऊजाष.com | www.bankersadda.adda247. कोबापट. तो चुांबक के N और S . उसे कृ तिम चुांबक ऐमीटर और िोपटमीटर कहा जाता है। • एक ऐमीटर तिद्युत प्रिाह को मापने िाला एक उपकरण है। यह हमेशा • एक स्ितांि रूप से तनलांतबत चुांबक सदैि स्ियां को उत्तर-दतक्षण ददशा में श्रृांखला में जुड़ा होता है एक आदशष ऐमीटर का प्रततरोध शून्य होता है। सांरेतखत करता है। एक समान चुांबकीय ध्रुि परस्पर प्रततकर्तर्त होते है • एक गैपिेनोमीटर को समानाांतर में कम प्रततरोध को जोड़कर एक ऐमीटर और तिपरीत चुांबकीय ध्रुि परस्पर आकर्तर्त होते है। में पररिर्ततत दकया जा सकता है। • एक नरम लोहे के कोर िाली धारा िहन करने िाली कुां डली को तिद्युत • एक िोपटमीटर एक उपकरण है तजसका उपयोग इलेतक्रक सर्दकट में दो चुांबक कहा जाता है। पबदुओं के बीच तिभिान्तर को मापने के तलए दकया जाता है। • तिद्युत चुभबक. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography • ददए गए समय t में चालक में उत्पाददत ऊष्मा तनम्न रूप में दी जाती है: से अचुांबकीय नहीं दकया जा सकता है। नरम लोहे को आसानी से चुांबकीय • दकया जा सकता है या अचुांबकीय दकया जा सकता है। • इसे Joule’s law of heating के रूप में जाना जाता है। चुब ां क के गुण • तिद्युत बपब. टेतलफोन डायाराम. P = VI = का अनुभि दकया जा सकता है. जब मुक्त रूप से तनलांतबत दकया जाता है. दो टर्तमनलों को लाइि और न्यूरल के रूप में नातमत दकया • पृथ्िी का चुभबकीय क्षेि इसके ध्रुि की ओर अन्तररक्ष से आने िाले जाता है (न्यूरल स्थानीय उपकें द्रों पर भू -सांपर्दकत होता है)। तीसरे आिेतशत कणों को तिचतलत करती है और सजीिों के जीिन को इसके टर्तमनल को भिन में सुरक्षा के तलए अथष के रूप में लगाया जाता है। हातनकारक प्रभािों से बचाती है। • चुभबकीय कां पास एक चुभबकीय सुई जो सदैि उत्तर-दतक्षण (N-S) ददशा तिद्युत उपकरण को इांतगत करता है। • दो आिेतशत क्लाउड या एक आिेतशत क्लाउड एिां अथष के मध्य होने िाला तिद्युत तिसजषन घर या इमारतों को क्षतत पहुांचा सकता है। इससे सुरक्षा के चुभबकीय प्रक्षोभ तलए चालकों का प्रयोग दकया जाता है। • पृथ्िी के चुभबकीय क्षेि में स्थानीय तिक्षेप दूरसांचार को क्षतत पहुांचा • चुभबकत्ि सकते हैं जो दक सांभित: सूयष से आने िाले आिेतशत कणों की गाुँठ का • चुभबक कारण बन सकते हैं. यह अपने धनात्मक और ऋणात्मक आयनों में अपघरटत होती है। • सतह के साथ जुड़े चुांबकीय फ्लक्स साधारणत: उस सतह से गुजरने िाले धनात्मक आयन.sscadda. ऋणात्मक इलेक्रोड (कै थोड) पर और ऋणात्मक बल की कु ल चुांबकीय रेखा के बराबर होता है। इसकी इकाई िेबर है। आयन. या इलेक्रोमैग्नेजस • श्रृांखला में उच्च प्रततरोध को जोड़कर एक गैपिेनोमीटर को एक िोपटमीटर नरम लोहे के बने होते हैं क्योंदक स्टील आसानी से चुांबकीय नहीं हो में पररिर्ततत दकया जा सकता है। सकता है.com 14 .com | www. तिद्युत शतक्त कहलाती है। चुभबकीय क्षेि चुांबक के आस-पास या धारा िहन करने िाला चालक तजसमें चुांबकीय प्रभाि • तिद्युत् शतक्त . इसे चुभबकीय तिक्षोभ के नाम से जाना जाता है। • चुांबक एक ऐसी सामग्री है जो लोहे की िस्तुओं को आकर्तर्त कर सकती है। मूपिग कोइल गैपिेनोमीटर • एक प्राकृ ततक चुांबक लोहे का एक अयस्क (Fe_3 O_4) होता है तजसे • मूपिग कोइल गैपिेनोमीटर का उपयोग दकसी सर्दकट में धारा की मैग्नेटाइट या लैंडस्टोन कहा जाता है उपतस्थतत और धारा की ददशा का पता लगाने के तलए दकया जाता है। • एक चुांबक तजसे कृ तिम रूप से तैयार दकया जाता है.6 × J • बल की चुांबकीय रेखाएां चुांबकीय क्षेि में खींची गई कापपतनक रेखा है तजसमें एक चुांबकीय उत्तर ध्रुि होगा. तिद्युत के तली. लेदकन जब एक बार चुांबकीय दकया जाता है. राांसफामषर. टेलीग्राफ ररसीिर. तनकल आदद जैसे चुांबकीय ऊष्मीय प्रभाि के आधार पर काम करते हैं। पदाथों के छोटे टु कड़े को आकर्तर्त कर सकता है। आकर्षण पोल में अतधकतम • तिद्युत में अचानक से होने िाले पररितषनों से घरेलू उपकरणों को बचाने होता है। समान ध्रुि आकर्तर्त और तिपरीत ध्रुि प्रततकर्तर्त होते हैं। के तलए. लेड. स्टील. फ्युजों का प्रयोग दकया जाता है। यह रटन.careerpower. • एक आदशष िोपटमीटर का प्रततरोध अनन्त होता है। यह सदैि समानाांतर डायनेमो इत्यादद में एक तिद्युत चुांबक का उपयोग दकया जाता है। में जुड़ा होता है। • स्थायी मैग्नेट स्टील और अस्थायी चुांबक से बने होते हैं. को चुब ां कीय क्षेि कहा जाता है। • 1 kWh = 3. तो यह तमश्रधातुओं(63% + 37%) से बने होते हैं। भौगोतलक N-S लाइन के साथ-साथ अपने आप को सांरेतखत करता है। • श्रृांखला में सदैि कनेक्ट रहने के तलए इसका प्रततरोध उच्च और गलनाांक चुांबकीय ध्रुि जोड़े में मौजूद होते हैं यदद एक चुांबक को अपनी लांबाई के पबदु तनम्न होना चातहए। अनुरुप दो बराबर भागों में काटा जाता है. हीटर इत्यादद उपकरण तिद्युत धारा के आकर्षक गुण: एक चुांबक लोहे. यदद ऐसा करने के तलए िह स्ितांि है। तिद्युत धारा के रासायतनक प्रभाि • बल के चुांबकीय रेखा के दकसी भी पबदु पर खींची एक स्पशषरेखा उस पबदु पर • जब तिद्युत धारा दकसी क्षारीय या अभलीय घोल से होकर पाररत होती चुांबकीय क्षेि की ददशा का प्रतततनतधत्ि करती है। है. धनात्मक इलेक्रोड (एनोड) पर एकतित दकये जाते हैं। पृथ्िी का चुभबकत्ि • इस घटना को इलेक्रोतलतसस कहा जाता है। यह धारा का रासायतनक • पृथ्िी का एक अपना चुभबकीय क्षेि होता है। पृथ्िी के भौगोतलक उत्तर के प्रभाि है अतधक महांगी धातु की एक परत के साथ एक बेस धातु के तनकट ध्रुि को चुभबकीय उत्तरी ध्रुि कहा जाता है। इसी तरह पृथ्िी के कोरटग की प्रदक्रया को इलेक्रॉप्लेरटग कहा जाता है। भौगोतलक दतक्षण के तनकट तस्थत ध्रुि को चुभबकीय दतक्षणीय ध्रुि कहा घरेलू तिद्युतीकरण जाता है। • तितरण से.in | www. ददशात्मक गुण: एक चुांबक. तो इसे आसानी www.

तजन्हें मजबूत चुांबकीय क्षेि में रखे जाने पर चुांबकीय क्षेि की • इसकी इकाई हेनरी (H) है। तिपरीत ददशा में कमजोर रूप से चुांबदकत दकया जाता है तो उन्हें डायमैग्नेरटक पदाथष कहा जाता है। प्रत्यािती धारा • उदाहरण के तलए – सोना. एक परमॅग्नेरटक पदाथष डायमैग्नेरटक होते हैं डीसी मोटर • लौह के तलए क्यूरी तापमान 770 तडग्री सेतपसयस और तनकल के तलए • यह एक उपकरण है जो तिद्युत ऊजाष को याांतिक ऊजाष में रूपाांतररत 358 तडग्री सेतपसयस है। करता है। • इसका कायष इस तथ्य पर आधाररत है दक जब एक कोइल िहन करने तिद्युतचुब ां कीय प्रेरण (ईएमआई) िाली एक धारा को समान चुांबकीय क्षेि में रखा जाता है. पारा. • एक तिद्युत प्रिाह तजसका पररमाण और ददशा लगातार बदलती है उसे हाइड्रोजन आदद। प्रत्यािती धारा कहा जाता है। • ये पदाथष एक असमान चुांबकीय क्षेि में कमजोर चुांबकीय क्षेि की ओर • भारत में प्रत्यािती धारा की आिृतत्त 50 हजजष है। आकर्तर्त होते हैं। • एक पूणष चक्र के तलए एसी का औसत या मध्य मान शून्य होता है। • इन पदाथों में उत्पाददत चुांबकत्ि तापमान में िृतद् या कमी के साथ नहीं • एसी का िगषमाध्य मूल बदलता है। • द्वारा ददया जाता है। √ • एसी ऐमीटर और एसी िोपटमीटर क्रमशः प्रत्यािती धारा और फे रोमैग्नेरटक पदाथष प्रत्यािती िोपटेज के िगषमाध्य मूल दशाषते हैं। • उन पदाथों को जो चुांबकीय क्षेि में रखे जाने पर इसकी ददशा में दृढ़ता से चुांबदकत दकया जाता है. चाांदी. प्लैरटनम.careerpower. • उन पदाथों. तनके ल. मैंगनीज. डायमाग्नेरटक और भी जाना जाता है। फे रोमैग्नेरटक हैं। प्रयोग पैरामाग्नेरटक पदाथष भांिर धाराओं का प्रयोग मृत बीट गैपिेनोमीटर.com 15 . तब टु कड़े में प्रेररत धारा हिा की चुभबकीय पदाथष भुँिर जैसी होती है इसे भांिर धारा कहा जाता है। फौकापट की धारा के रूप में चुांबकीय पदाथष तीन प्रकार के होते हैं. नमक का घोल आदद स्ि और पारस्पररक प्रेरण • ये पदाथष गैर-समान चुांबकीय क्षेि में मजबूत चुांबकीय क्षेि की ओर • धारा में अपने प्रिाह में पररितषन के कारण सर्दकट में प्रेररत इएमएफ़ के आकर्तर्त होते हैं। उत्पादन की घटना को स्ि प्रेरण कहा जाता है। • इन पदाथों का चुांबकत्ि तापमान में िृतद् के साथ घट जाता है। • स्ि-प्रेरण की इकाई हेनरी (H) है • प्रततिेशी सर्दकट में चुांबकीय प्रिाह में पररितषन के कारण सर्दकट में प्रेररत डायमैग्नेरटक पदाथष इएमएफ़ के उत्पादन की घटना को पारस्पररक प्रेरण कहा जाता है। • िे पदाथष. तो इसमें • इसका कायष पारस्पररक प्रेरण पर आधाररत है। प्रेररत इभफ़ उत्पन्न होता है। • जब तक चुांबकीय प्रिाह में पररितषन जारी रहता है तब तक प्रेररत स्टेप-अप राांसफामषर इएमएफ़ लुप्त हो जाता है। • यह कम िोपटेज िाली धारा को उच्च िोपटेज में बदलता है। • राांसफामषर में लुप्त होने िाली मुख्य ऊजाष को तनम्न रूप से ददया जाता है: लेनज़ का तनयम • —आयरन हातन —फ्लक्स हातन प्रेररत इएमएफ़ या प्रेररत धारा की ददशा सदैि इस तरह से होती है जो कारण • —तहस्टेररतसस हातन —गुांजन हातन (ओतिक हातन) का तिरोध करती है तजसके कारण यह उत्पाददत दकया जाता है। www. प्रेरण मोटर.com | www. ताांबा. लोहे. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography • प्रततरोधक के माध्यम से तिद्युत् धारा की मािा कम करने के तलए एक भांिर धारा छोटा प्रततरोधक समाांतर में जोड़ा जाता है तजसे शांट कहते हैं। यदद धातु का एक टु कड़ा एक तभन्न चुांबकीय क्षेि में रखा जाता है या एक समान चुांबकीय क्षेि में उच्च गतत से घूमता है. पानी. शराब. जो मजबूत चुांबकीय क्षेि में रखे जाने पर चुांबकीय क्षेि की ऑटोमोबाइल के स्पीडोमीटर आदद में दकया जाता है। ददशा में कमजोर रूप से चुांबदकत दकए जाते हैं उन्हें पैरामाग्नेरटक पदाथष मानि शरीर के गहरे ऊष्मीय उपचार के तलए भांिर धाराएां डायथेरमी में कहा जाता है। प्रयोग की जाती हैं। • उदाहरण के तलए . िायु. तजसे क्यूरी तापमान कहा जाता है। • क्यूरी तापमान पर. ऑक्सीजन. तो उस पर एक • जब भी चुांबकीय प्रिाह एक इलेतक्रक सर्दकट पररितषन से जुड़ा होता है.bankersadda. जस्ता. टाकष काम करता है। तो एक इएमएफ सर्दकट में प्रेररत होता है। इस घटना को तिद्युत चुभबकीय प्रेरण कहा जाता है। राांसफामषर • यह एक ऐसा उपकरण है जो कम िोपटेज धारा को एक उच्च िोपटेज फै राडे का ईएमआई तनयम धारा और इसके तिपरीत बदल सकता है। • जब भी चुांबकीय फ्लक्स सर्दकट में पररितषन से जुड़ा होता है. तनकल.sscadda.adda247. प्रेरण भरट्टयों.com | www. कोबापट आदद • यह एक उपकरण है जो याांतिक ऊजाष को प्रत्यािती धारा में बदलती है। • इन पदाथों में उत्पाददत चुांबकत्ि तापमान में िृतद् और एक तिशेर् • इसका कायष तिद्युत चुभबकीय प्रेरण पर आधाररत है। तापमान पर घट जाता है.एपयूतमतनयम. क्रोतमयम.in | www.पैरामाग्नेरटक. तो इसे फे रामेग्नेरटक पदाथष कहा जाता है। सी जेनरेटर या डायनेमो • उदाहरण के तलए –आयरन.

उसकी तस्थततज -ऊजाष कहा जाता है। गुरुत्िाकर्ी तस्थततज ऊजाष.(जल.शतक्त और ऊजाष एक प्रकार की ऊजाष. श्यानता बल आदद की तरह क्षयकारी होते किच – आने िाली हातनकारक तिदकरण की जाांच करने के तलए पूरी हैं। असभबेली को भारी स्टील या कां क्रीट से किच बद् दकया जाता है। ऊजाष सांरक्षण का तनयम ऊजाष को न तो तनर्तमत दकया जा सकता है न ही नष्ट दकया जा सकता है. जो टबाषइन चला सकता है और तिद्युत का उत्पादन h = ऊांचाई तजसके माध्यम से गेंद को ऊपर दकया जाता है कर सकता है। ईंधन .sscadda. ऊजाष के दकसी अन्य रूप में सांचररत हो सकती है। कायष. S.(युरेतनयम 235 . शरीर का द्रव्यमान = m जाता है। तनयांतित तरीके से मुक्त ऊजाष को भाप का उत्पादन करने के तलए g = गुरुत्िाकर्षण के कारण त्िरण और उपयोग दकया जाता है. तो यह तिस्फोटक ऊजाष के उत्पादन का गततज ऊजाष कारण बनता है. तो ऊजाष उत्पाददत होती है। राांसफर करता है जो बदले में भाप उत्पन्न कर सकती है। भाप ड्राइि टबाषइन E= ∆ और तबजली उत्पन्न करता है। जहाां. प्रकृ तत में घर्षण बल. हैं। न्युरॉन को सांबांतधत समस्थातनक बनाने के तलए अिशोतर्त कर सकते हैं.(कै डतमयम. द्रव्यमान को ऊजाष में पररिर्ततत दकया जा सकता है और शीतलक . परमाणु तिखांडन को तिखांडन कायष को W = mgh के रूप में ददया जाता है। के दौरान जारी दकए गए न्यूरॉनों की सांख्या को तनयांतित करके तनयांतित दकया जहाां. भारी जल.adda247. सांरक्षक बल गुरुत्िाकर्षण बल. तरल सोतडयम. U = mgh पराितषक .ररएक्टर का कोर परमाणु सांचरण का स्थान है इसमें उपयुक्त रूप से अपनी तस्थतत या तिन्यास के आधार पर दकसी भी िस्तु से प्राप्त ऊजाष को तिचररत ईंधन तत्ि शातमल हैं।. c = तनिाषत में प्रकाश की चाल है तनयांिण छड़. डायनेमो याांतिक ऊजाष से तिद्युत ऊजाष में -पपड िास्ति में तिस्थातपत नहीं होता है.com | www. तिस्फोटक पदाथष ररएक्टर में एक छोटे से न्यूरॉन स्रोत के साथ प्रयोग दकया पररपि गतत में अतभिेंफद्र बल के द्वारा या इसके तिपरीत काम शून्य होता है। जाता है। ठोस ईंधन को छड़ों में बनाया जाता है और उसे ईंधन की छड़ कहा अगर एक कू तल उसके तसर पर भार ले जाता है और क्षैततज सतह पर चलता है. शतक्त और ऊजाष के िल सांरक्षण बल के तलए. अब भी एक पपड की ऊजाष काम करने की उसकी क्षमता होती है यह एक अददश रातश अतधक न्यूरॉन का तनमाषण कर सकते हैं.com | www. ( कु ल याांतिक ऊजाष) आरभभ में = ( कु ल याांतिक कायष ऊजाष) अांत में कायष एक अददश रातश है। इसकी एसआई यूतनट जूल है और CGS इकाई एगष ऊजाष सांचरण के तलए प्रयुक्त कु छ उपकरण है। 1 जूल = erg. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography परमाणु ररएक्टर पररितषनशील बल द्वारा दकया गया कायष एक परमाणु ररएक्टर एक प्रणाली है तजसमें परमाणु श्रृांखला की प्रततदक्रयाएां यदद हम ऊपर की तरफ एक गेंद फें कते हैं.bankersadda.ररसाि को कम करने के तलए कोर एक पराितषक से तघरा हुआ होता है। तिखांडन में ऊजाष (गमी) को लगातार एक उपयुक्त शीतलक द्वारा हटा आइांस्टीन का द्रव्यमान -ऊजाष सांबांध ददया जाता है। इस सांबांध के अनुसार. मोमबत्ती रासायतनक ऊजाष से प्रकाश और ऊष्मीय ऊजाष -पपड बल की ददशा में लांबित तिस्थापन करता है अथाषत θ = 95° में www. जो तनम्नानुसार हैं यदद श्रृांखला अतभदक्रया अतनयांतित है. तो गुरुत्िाकर्षण के तिरुद् होने िाले और तनयांतिण शातमल है। परमाणु ररएक्टरों में. गोल यािा के दौरान दकया गया कायष सदैि शून्य होता रेतडयोधमी नहीं हैं। है असांरक्षक बल.(जल. भारी जल (डी 2 ओ) और ग्रेफाइट) ऊजाष K = द्वारा दी जाती है। तीव्र न्यूरॉन को धीमा करने के तलए तिखांडनीय नातभक के साथ-साथ हपके नातभक को मॉडरेटर कहा जाता है। तस्थततज ऊजाष कोर . यह ऊष्मा के रूप में बड़ी रातश में ऊजाष उत्सर्तजत करता है। कहा जाता है। m द्रव्यमान िाले पपड जो v िेग से गततशील हो की गततज मॉडरेटर . अथाषत s = 0 2. जैसे परमाणु बम या एटम बम में। प्रत्येक बार एक परमाणु एक शरीर द्वारा अपनी गतत के आधार पर प्राप्त ऊजाष को उसकी गततज ऊजाष खांतडत हो जाता है. उपकरण ऊजाष सांचरण एक बल द्वारा दकया गया कायष शून्य होता है जब 1. जाता है। तो गुरुत्िाकर्षण के बल द्वारा दकया गया काम शून्य होता है क्योंदक तिस्थापन गुरुत्िाकर्षण के बल की ददशा के प्रत्यक्ष लभबित होता है। अततररक्त न्यूरॉन की भूतमका ऊजाष ये न्यूरॉन प्रततदक्रया स्िरूप तिखांडन प्रदक्रयाएां शुरू कर सकते हैं. के िल कायष. हीतलयम. और इसी तरह आगे भी। यह एक है और इसकी एसआई इकाई जूल है श्रृांखला प्रततदक्रया आरभभ करते हैं। धीमे न्यूरॉन (थमषल न्यूरॉन) सांभित: तीव्र कु छ याांतिक उपकरण की सहायता से ऊजाष को कायष में बदला जा सकता है न्यूरॉन की अपेक्षा 235 92 U में तिखांडन का कारण बनते हैं। तिखांडन में मुक्त और इसके तिपरीत हो सकता है। तीव्र न्यूरॉन एक अन्य तिखांडन प्रततदक्रया का कारक बनने से बच जाते हैं। याांतिक ऊजाष के दो प्रकार हैं.careerpower. जो सांरक्षक बलों के तलए.in | www. तस्थरतिद्युत बल आदद जैसी गैर-क्षयकारी बल कै डतमयम. तरल ऑक्सीजन) इसके तिपरीत भी हो सकता है। शीतलक एक कायषरत तरल पर तिखांडन के दौरान उत्पाददत ऊष्मा को जब ∆m तिस्थातपत दकया जाता है. बोरान) सांरक्षक और असांरक्षक बल ररएक्टर को छड़ के माध्यम से बांद दकया जा सकता है (उदाहरण के तलए. प्लूटोतनयम -239 ) अतभिेंफद्र बल गतत की ददशा में लांबित पपड पर कायष करता है। इसतलए.com 16 . बोरान) जो दक न्यूरॉन के उच्च अिशोर्क हैं। कै डतमयम और बोरोन.

कमानीदार तुला पर अांदकत भार पपड के िास्ततिक भार से अतधक होता है w’ = m(g + a) प्रत्येक द्रव्यमान युक्त पपड अपने द्रव्यमान के कारण एक दूसरे को आकर्तर्त जब तलफ्ट नीचे की ओर त्िररत होती है. माइक्रोफोन ध्ितन ऊजाष से तिद्युत् ऊजाष में गुरुत्ि के कारण त्िरण को प्रभातित करने िाले कारक 4. लाउड स्पीकर तिद्युत ऊजाष से ध्ितन ऊजाष में पुथ्िी का आकार पुथ्िी पूरी तरह से गोल नहीं है. तिद्युत मोटर तिद्युत ऊजाष से याांतिक ऊजाष में इसतलए ऊांचाई का प्रभाि. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 3.careerpower. उसे एक प्रत्यास्थ टक्कर कहा जाता है। एक प्रत्यास्थ टक्कर में. इसतलए चाुँद पर गुरुत्िाकर्षण इसका मान 6.com | www. होता है। पपड का भार (w) = mg.कमानीदार तुला पर आांका गया भार( अथाषत आभासी भार) पपड के िास्ततिक भार के बराबर होता है w = mg गुरुत्िाकर्षण जब तलफ्ट ऊपर की ओर त्िररत होती है.जगह नहीं बदलता है और तस्थर रहता है। एक टक्कर तजसमें तन्ि की गतत और साथ ही तन्ि की गततज ऊजाष सांरतक्षत एक पपड का भार िह बल है तजसके साथ यह पृथ्िी के कें द्र की ओर आकर्तर्त होती है.in | www. उत्पाददत समान त्िरण को गुरुत्िाकर्षण के कारण त्िरण कहा जाता है. सोलर सेल सौर ऊजाष से तिद्युत ऊजाष में तिज्या. g ऊांचाई के साथ घट जाती है। 10. भूमध्य रेखा पर इसका 5.sscadda. दो पपडों का भौततक सांपकष आिश्यक नहीं हैं। रातश है और इसका द्रव्यमान दकग्रा है। द्रव्यमान को एक साधारण समान्य तुला से मापा जाता है। पपड का द्रव्यमान जगह . तो इसे पूणष अप्रत्यास्थ कहा जाता है। पपड का भार तस्थर नहीं होता है. ध्रुि पर इसकी तिज्या से लगभग 42 दकमी अतधक होती है। 6.bankersadda. यह जगह . तजसमें िे एक-दूसरे पर अपेक्षाकृ त मजबूत बल लागू करते एक पपड का द्रव्यमान इसमें तनतहत पदाथष की मािा होती है। यह एक अददश हैं। टक्कर के तलए. शातमल सभी बल सांरक्षण बल होते हैं। एक पपड के गुरुत्ि का कें द्र िह पबदु है तजस पर पपड का पूरा भार दक्रयात्मक प्रतीत होता है। तजसमें के िल एक सांिेग सांरतक्षत होता है लेदकन तांि की गततज ऊजाष सांरतक्षत पपड के गुरुत्िाकर्षण का कें द्र पपड की सामग्री के अांदर या उसके बाहर हो नहीं रहती है. लेदकन पृथ्िी की सतह के पास भूसमकातलक कक्ष कहा जाता है। इन उपग्रहों की अितध 24 घांटे है। इसका मूपय 9.com 17 .8 है। गुरुत्िाकर्षण बल प्रकृ तत में सबसे कमजोर बल है यह तस्थरतिद्युत बल से ध्रुिीय उपग्रह 36 गुना छोटा और परमाणु शतक्त से 38 गुना छोटा होता है। ये उपग्रह लगभग 800 दकलोमीटर की ऊांचाई पर ध्रुिीय कक्षाओं में पृथ्िी के चारों ओर घूमते हैं। www.adda247.जगह पर बदल जाता है। पूणष अप्रत्यास्थ टक्कर में. तिद्युत् बल तिद्युत ऊजाष से प्रकाश और ऊष्मीय ऊजाष में ध्रुिों पर पृथ्िी के घूणषन का कोई प्रभाि नहीं होता है और भूमध्य रे खा पर 8. उपग्रह पृथ्िी के गुरुत्ि के कारण त्िरण एक कक्षा में ग्रह के चारों ओर घूमते हुए एक ब्रिाांडीय पपड को उपग्रह कहते पृथ्िी के गुरुत्िाकर्षण पुल के कारण एक स्ितांि रूप से तगरने िाले पपड में हैं। चांद्रमा पृथ्िी का एक प्राकृ ततक उपग्रह है। उपग्रह कृ तिम हो सकता है. टक्कर के दौरान गततज ऊजाष की हातन की भरपाई नहीं तलफ्ट में पपड का भार हो पाती है और दोनों पपड टक्कर के बाद एक-दूसरे से तचपक जाते हैं। जब तलफ्ट तिराम या समान गतत में हो.कमानीदार तुला पर आांका गया भार करते हैं। इस घटना को गुरुत्िाकर्षण कहते हैं। पपड के िास्ततिक भार से अतधक होता है w’ = m(g – a) जब तलफ्ट गुरुत्िाकर्षण के अांतगषत मुक्त रूप से तगरती है टन पपड का आभासी न्यूटन का गुरुत्िाकर्षण तसद्ाांत भार होता है। िस्तुओं के दो तबन्दुओं के मध्य प्रभािी गुरुत्िाकर्षण बल उनके द्रव्यमान के w' = m (g – g) (∵ a = g) गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके मध्य दूरी के िगष के w’ = 5 व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसतलए पपड भारहीन लगता है। गुरुत्िाकर्षण बल (F) = चाुँद पर पपड का भार यहाुँ .com | www. G सािषतिक गुरुत्िाकर्षण तस्थर है। चाुँद का द्रव्यमान और तिज्या पृथ्िी से कम है. उसे अप्रत्यास्थ टक्कर कहते हैं। सकता है। यह एक सददश मािा है और इसकी एसआई इकाई न्यूटन (N) है। यह यदद टक्कर के बाद दो टकराने िाले पपड एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं और समान कमानीदार तुला द्वारा मापा जाता है। िेग से गतत करते हैं. कृ तिम उपग्रह दो प्रकार के हैं। g= भूस्थैततक उपग्रह जहाां M= पृथ्िी का द्रव्यमान. R = पृथ्िी की तिज्या यह पृथ्िी के चारों तरफ भूमध्यीय कक्षाओं में घूमती है तजसे भूस्थैततक या g का मूपय जगह .जगह पर थोड़ा बदलता है.67 × – है। बल पृथ्िी से कम होता है। चाुँद की साथ पर इसका मान है । गुरुत्िाकर्षण बल के न्द्रीय साथ ही साथ सांरक्षक बल होता है। . बैटरी रसायतनक ऊजाष से तिद्युत ऊजाष में अतधकतम होता है। 9. तसतार याांतिक ऊजाष से ध्ितन ऊजाष में गहराई g का प्रभाि गहराई के साथ घटता है और पृथ्िी के कें द्र में शून्य हो जाता है। टक्कर दो या अतधक कणों के बीच टकराि एक बहुत ही कम अांतराल के तलए द्रव्यमान और भार अांतःदक्रया होती है. ट्डूब लाइट तिद्युत ऊजाष से प्रकाश ऊजाष में g का मान भूमध्य रेखा पर ध्रुि पर अतधकतम और न्यूनतम होता है। 7.

तजनमें तलटमस का रांग या तो लाल या नीले में पररिर्ततत नहीं होता है.in | www. क्षार और लिण • िे तिलयन. अभल एक ऐसा प्रकार है जो अन्य प्रकारों को प्रोटोन दे सकता है। अभल के प्रयोग: • हाइड्रोजन आयन अके ले नहीं पाए जाते हैं. तजसका उपयोग सोने और चाांदी जैसी कीमती धातुओं के • अभल सामान्यतः स्िाद में खट्टे और सांक्षारक होते हैं। शुद्ीकरण में दकया जाता है। • सूचक : परीक्षण कीतजये कोई पदाथष अभलीय है या क्षारीय। • (vii) बोररक अभल का उपयोग आांखों को धोने के तलए दकया जाता है। उदाहरण: हपदी.2 km/s है। चांद्रमा के तलए पलायन िेग = 2.6 तमनट है। पलायन िेग पलायन िेग : पलायन िेग िह न्यूनतम िेग हैं तजसके साथ एक पपड पुथ्िी की सतह से प्रक्षेतपत होती है तजससे यह धरती के गुरुत्ि क्षेि से बाहर जाता है और पृथ्िी पर िापस नहीं लौटता है। पलायन िेग पपड के द्रव्यमान. तजसमें हाइड्रोजन आयन पाए जाते हैं. तो T = 2π√ 84.bankersadda. िायुमांडलीय दबाि आदद में मौजूद नमी के बारे यदद उपग्रह का कक्षीय िेग √ गुना (41% िृतद्) बढ़ता है.careerpower. तो इसका रांग नीला हो जाता है। अभल फॉमूल ष ा क्षारकता हाइड्रोक्लोररक अभल HCL 1-मोनोबेतसक www.com | www. गुड़हल. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography मौसम की तनगरानी जो िायु. बतपक िे पानी के अणुओं के • (i) हमारे आमाशय में उपतस्थत हाइड्रोक्लोररक अभल भोजन के पाचन में साथ सांयोजन के बाद मौजूद होते हैं। अतः. पसथेरटक फाइबर इत्यादद के तनमाषण में दकया जाता है। कमजोर अभल: • (vi) नाइररक अभल का उपयोग एक्वा रेतजया को तैयार करने में दकया उदाहरण हैं: एसेरटक अभल. एक ध्रुिीय उपग्रह द्वारा छोड़ देगा और पलायन करेगा। प्राप्त की जाती है। हम एक सांचार उपग्रह की मदद से दक्रके ट तिश्व कप मैच या अन्य कायषक्रम का एक लाइि प्रसारण देखने में सक्षम होि हैं जो दक एक भूस्तरण उपग्रह है। एक उपग्रह की समयाितध यह उपग्रह द्वारा एक चक्र पूरा करने में लगने िाला समय है। यदद उपग्रह पृथ्िी की सतह के तनकट तस्थत हो. तिलयन में • गांध सूचक: कु छ पदाथष ऐसे होते हैं.com 18 .com | www. पानी में घोलने पर के िल मदद करता है। धनात्मक आयनों के रूप में हाइड्रोतनयम आयन (H3O+) प्राप्त होते हैं। • (ii) तिटातमन C या एस्कॉर्तबक अभल शरीर के तलए आिश्यक पोर्क तत्ि • हाइड्रोजन आयनों की मौजूदगी एतसड को प्रबल और अच्छा तिद्युत् प्रदान करता है। अपघट्ड बनाती है। • (iii) काबोतनक अभल का उपयोग काबोनेटेड पेय पदाथष और उिषरक प्रबल अभल: बनाने में दकया जाता है। • प्रबल अभल के उदाहरण हैं: हाइड्रोक्लोररक अभल. काबोतनक अभल इत्यादद। जाता है. उदासीन तिलयन कहलाते हैं। ये पदाथष न तो अभलीय होते 1.sscadda. एतसरटक एतसड का तनु रूप है। नाइररक अभल इत्यादद। • (v) सपफ्यूररक अभल का उपयोग उिषरकों. अभल हैं न ही क्षारीय। • अभल एक यौतगक है. तो उपग्रह कक्ष में जानकारी के आधार पर भतिष्यिाणी की जाती है. आकार और आकार और प्रक्षेपण की ददशा से स्ितांि है।. इत्यादद प्राकृ ततक रूप से पाए जाने • (viii) फॉस्फोररक अभल का उपयोग उिषरक और तडटजेंट बनाने में दकया िाले सूचकों में से कु छ हैं। जाता है। • तलटमस को थैलेफाइटा समूह से सांबांतधत एक पौधे लाइके न के तनकाला • दकसी अभल की क्षारकता को अभल के एक अणु में मौजूद आयनीकृ त होने जाता है। आसुत जल में इसका रां ग बैंगनी होता है। जब इसे अभलीय िाले हाइड्रोजन (H+) आयनों की सांख्या के रूप में पररभातर्त दकया तिलयन में रखा जाता है तो इसका रांग लाल हो जाता है और जब इसे जाता है। क्षारीय तिलयन में रखा जाता है.adda247. • (iv) एक परररक्षक तसरका. तजनकी गांध अभलीय या क्षारीय H+(aq). पलायन िेग को सेकेण्ड कॉतस्मक िेग भी कहा जाता है। पृथ्िी के तलए पलायन िेग = 11. तलटमस. फोर्तमक अभल.4 km/s है। एक उपग्रह का कक्षीय िेग √ और पलायन िेग v √ जहाुँ R = पृथ्िी की तिज्या अथाषत √ अथाषत पलायन िेह कक्षीय िेग का √ गुना है। रसायनतिज्ञान अभल. सपफ्यूररक अभल. पेंट. उसकी अभलीय तिशेर्ता के तलए उत्तरदायी होते हैं। मीतडयम में पररिर्ततत हो जाती है। • ब्रोंस्टेड-लोिरी तसद्ाांत के अनुसार.

पदाथष का परमाणु तसद्ाांत सबसे पहले जॉन डापटन द्वारा प्रस्थातपत दकया लिण गया था। एक परमाणु के मुलभूत कण इलेक्रॉन. तो दन्त क्षय शुरू हो जाता है। • दकसी क्षार की प्रबलता उसे पानी में घोलने पर प्राप्त हाइड्रॉतक्सल आयनों  अभल िर्ाष – जब िर्ाष जल का पीएच मान 5. अमोतनयम हाइड्रॉक्साइड: NH4OH.4 मजबूत क्षार:  तमपक ऑफ मैग्नीतशया .2 लेदकन सभी क्षार एलकली नहीं होते हैं।  नींबू का रस.sscadda. िॉपशग सोडा अभल युक्त काबोतक्जतलक अभल के तलए. सांतरे एस्कॉर्तबक अभल तमट्टी बहुत अभलीय होती है तो पीएच को चूना (या बुझा हुआ चूना) तमलाकर बढ़ाया जा सकता है.2. क्षार और एलकली 1. बादलों से बना है। कमजोर क्षार: परमाणु सांरचना उदाहरण: मैग्नीतशयम हाइड्रॉक्साइड: Mg(OH)2.2  शुद् जल . करौंदे टाटषररक अभल कहलाता है। यह मान 0 और 14 के बीच में होता है। खट्टा दूध लैतक्टक अभल  हाइड्रोतनयम आयन की अतधक सान्द्रता. कै तपशयम हाइड्रॉक्साइड: Ca(OH)2.bankersadda.2 है। हमारे पेट में हाइड्रोक्लोररक अभल स्रातित होता है. जो अभल या क्षार की प्रबलता को मापता है. इमली.adda247. प्रोटॉन और न्यूरॉन हैं। पोटाश दफटदकरी (पोटेतशयम एपयुतमतनयम सपफे ट KAl(SO₄)₂) 1. पीएच पैमाना खट्टे फल तसररक अभल पीएच मान में p से आशय है जमषन में ‘पोटेंज’. लाल चींरटयों का डांक और मधुमतक्खयाां फोर्तमक अभल एलकली की प्रबलता में िृतद्। प्रोटीन अमीनो अभल  अतधकाांश खाद्य फसलें 7-7. तो इसे की साांद्रता पर तनभषर करती है। अभल िर्ाष कहते हैं। • जल में घुलनशील क्षार एलकली कहलाते हैं। सभी एलकली क्षार होते हैं  जठर रस . बतपक काबोतक्जल समूह (अथाषत) (ii) अमोतनयम लिणों का उपयोग उिषरकों के रूप में दकया जाता है। -COOH की सांख्या देखते हैं। (iii) पोटेतशयम नाइरेट का उपयोग बांदक ू पाउडर बनाने और अतग्न कायों में दकया जाता है। रोज़मराष की पज़दगी में उपयोग होने िाले अभल (iv) तसपिर नाइरेट का उपयोग फोटोग्राफी में दकया जाता है। अभल दो अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त होते हैं। िे काबषतनक या खतनज अभल हो (v) पोटेतशयम क्लोरेट का उपयोग मैच उद्योग में दकया जाता है। सकते हैं। सभी अभलों में कु छ समान तिशेर्तायें होती हैं। (vi) एपयुतमतनयम सपफे ट का उपयोग दफटकरी बनाने में दकया जाता है। अभल के स्रोत अभल का नाम तिनेगर एसेरटक अभल 3.com | www. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography नाइररक अभल 1-मोनोबेतसक (i) इसका उपयोग कपड़े को डाई करने िाले उद्योगों में डाई करने के तलए काबोतनक अभल 2-डाईबेतसक दकया जाता है। सपफ्यूररक अभल 2-डाईबेतसक (ii) इसका उपयोग दाांतों को साफ़ करने में दकया जाता है। फॉस्फोरस अभल H3PO3 2-डाईबेतसक फॉस्फोररक अभल 3-डाईबेतसक उद्योगों में लिण का उपयोग: (i) सोतडयम क्लोराइड का उपयोग क्लोरीन.1. जो तमट्टी चातहए। में मौजूद अततररक्त क्षार को तनतष्क्रय कर सकते हैं।  हमारे पेट का मीतडयम अत्यतधक अभलीय है और उसका पीएच लगभग 2.7. गोपडस्टीन द्वारा की गई। • प्रोटोन पर धनात्मक आिेश होता है। www. अथाषत पाउडर।  िह पैमाना. यह तिलयन में OH–आयन साांद्रता में िृतद् दशाषता है. क्षार एक प्रोटोन स्िीकताष है। करता है। • क्षार कड़िे स्िाद के साथ साबुन पदाथष हैं।  जब मुांह का पीएच 5. यदद तमट्टी बहुत क्षारीय होती है तो इसके पीएच को से एक है। अभल को पानी में हमेशा धीरे-धीरे उसे लगातार तहलाते हुए डालना तजप्सम या कु छ अन्य पदाथष तमलाकर कम दकया जा सकता है. पोटेतशयम हाइड्रोक्साइड:  नोट . कम पीएच मान को दशाषती है। सेब मैतलक अभल  दकसी उदासीन तिलयन का पीएच 7 होता है। पीएच पैमाने पर 7 से कम दही ब्लयूररक अभल मान एक अभलीय तिलयन को दशाषता है। चूुँदक पीएच मान 7 से 14 तक चाय. अथाषत.com | www. कातस्टक सोडा. जो भोजन के • क्षार एक ऐसा पदाथष है. तजसे पानी में घोलने पर OH-आयन प्राप्त होते पाचन में मदद करता है। मैग्नीतशयम हाइड्रोक्साइड (मैग्नीतशया ऑफ हैं। क्षार सामान्यतः धातु हाइड्रोक्साइड (MOH) होते हैं। तमपक).10 उदाहरण:  सोतडयम हाइड्रॉक्साइड तिलयन . एक मांद क्षार.14 सोतडयम हाइड्रॉक्साइड: NaOH (कातस्टक सोडा).5 से कम होता है.com 19 .careerpower. टमाटर ऑक्जतलक अभल बढ़ता है.8 के पीएच पर सबसे अतधक पनपती हैं। यदद अमरूद. हम हाइड्रोजन परमाणुओं की सांख्या और बेककग सोडा बनाने में दकया जाता है। की गणना नहीं करते हैं.शुक्र का िायुमांडल सपफ्यूररक अभल के मोटाई िाले सफे द और पीले KOH (caustic potash).in | www.6 से कम होता है. प्रोटोन(p): खोज ई. जो तमट्टी में अतधक अभल को तनतष्क्रय कर नोट: पानी में अभल या क्षार को घोलने की प्रदक्रया अतत ऊष्मक्षेपी प्रदक्रयाओं में देता है। इसी प्रकार. पीएच पैमाना अांगूर. एक एांटीतसड है जो अततररक्त अभल को तनतष्क्रय • ब्रोन्सटेड-लोिरी तसद्ाांत के अनुसार.

फु लेररन और ग्रेफाइट।  परमाणु.  एक परमाणु का द्रव्यमान. जब िे एक-साथ तमलते हैं. नातभक के अपने सांघटकों में तिभातजत होने • एक न्यूरॉन के द्रव्यमान को एक इकाई प्रत्येक के रूप में तलया जाता है। के तलए आिश्यक ऊजाष है। 4. परमाणु नातभक– रदरफोडष  भारी नातभक के तलए. कोयला इत्यादद के रूप में मुक्त अिस्था में और CO2 के रूप तिशेर्ताएां तितशष्ट होती हैं. नातभक में उपतस्थत प्रोटॉन और न्यूरॉन के अथाषत.(इलेक्रॉन) भेदक में घूमने िाले इलेक्रॉनों की सांख्या पर तनभषर करता है। बीटा-प्लस कण.जे.careerpower.6 × 10-19 C होता है। • e/me के रूप में: = 1. बांधन ऊजाष  एक नातभक की बांधन ऊजाष. चैडतिक सांघटक न्यूतक्लओंस के तिराम द्रव्यमानों के योग के बीच का अांतर है। • इस पर कोई आिेश नहीं होता है और द्रव्यमान एक प्रोटॉन के बराबर होता है। 13. ऊजाष मुक्त होती है जब िे टू टते हैं. इलेक्रान (e): खोज जे. सांयोजकता कहलाती है।  चूांदक भारी परमाणु अतधक अतस्थर हो जाते हैं.(पॉतज़रॉन) भेदक गामा दकरणें. अतः कण और फोटॉन  उन तत्िों के परमाणु. समतिभि. परमाणु सांख्या परमाणु सांख्या को दकसी परमाणु के नातभक में मौजूद प्रोटॉनों की कु ल सांख्या अधष आयु. लेदकन जैसे N/Z का अनुपात 5.(2 प्रोटॉन और 2 न्यूरॉन) न्यूनतम भेदक  दकसी परमाणु का रासायतनक व्यिहार इसके नातभक के चारों ओर कक्षा बीटा-माइनस कण. तमतलकन द्वारा होती है। मापा गया था। 12. तो परमाणु क्षय होता है। Z > 82 िाले सभी तत्ि अतस्थर  सबसे बाहरी कक्षा में इलेक्रॉनों के अष्टक बनाने के तलए प्राप्त.कणों (दोगुने हीतलयम-आयन आिेश िाले) (तिखांडन)। को एक पतली सोने की शीट पर तगराने के तलए बनाया गया था।  हपके नातभक के तलए. तजसकी सबसे बाहरी कक्षा पूरी तरह से भरी हुई नातभक से उत्सर्तजत होते हैं और इसे रेतडयोधर्तमता कहा जाता है। A>82 है.adda247.6 × 10–19 C होता है।  (iii) आयोडीन के एक समस्थातनक का उपयोग घेंघा के उपचार में दकया जाता है। 2. हीरा.com | www. अथाषत-  तेजी से गततमान अपफा (α). न्यूरॉन (n) – जे. काबषन के अपररूपों में से एक है और प्राकृ ततक काबषन का सबसे शुद्तम रूप है। यह सबसे कठोर प्राकृ ततक पदाथष है।  (i) यूरेतनयम के एक समस्थातनक को परमाणु ररएक्टरों में ईंधन के रूप • ग्रेफाइट काबषन का एक अपररूप है.तितभन्न परमाणु सांख्या िाले तितभन्न तत्िों के परमाणु .सबसे अतधक भेदक.bankersadda.परमाणुओं/ अणुओं/ आयनों में इलेक्रॉनों की सांख्या समान • इलेक्रान पर आिेश को ऑइल ड्रॉप अनुप्रयोग में आर. समस्थातनक काबषन की तीन अपररूप हैं. समभाररक. जहाां n अधष आयु हैं। 7. तजन पर समान परमाणु सांख्या लेदकन तितभन्न द्रव्यमान सांख्या होती है। समस्थातनकों की रासायतनक तिशेर्ताएां समान होती हैं. ऊजाष मुक्त होती है. एक अष्टक युक्त कक्षा कहलाती है। परमाणु इस प्रकार से प्रततदक्रया करते हैं.द्रव्यमान िुरट एक नातभक के तिराम द्रव्यमान और उसके 3. तजनकी • आयररश भौततक तिज्ञानी जॉजष जॉनस्टोन स्टोनी ने 1891 में इस आिेश द्रव्यमान सांख्या समान होती है. समभाररक कहलाते हैं। को 'इलेक्रॉन' का नाम ददया। • इलेक्रॉनों पर ऋणात्मक आिेश होता है। 10.in | www.sscadda. जो उन्हें तितभन्न क्षेिों में उपयोगी बनाती हैं। में तमतश्रत अिस्था में भी दोनों ही रूप में पाया जाता है। उनमें से कु छ हैं: • हीरा. लेदकन • काबषन अपररूपता दशाषता है और अतधकतम श्रृांखलन प्रदर्तशत करता है। उनकी भौततक तिशेर्ताएां तभन्न होती हैं। लेदकन कु छ समस्थातनकों की • काबषन हीरा. तादक सबसे उदाहरण हैं: बाहरी कक्षा में एक अष्टक प्राप्त कर सकें । अपफा कण.com | www.दकसी समस्थातनक की अधष आयु िह समय है. द्रव्यमान सांख्या द्रव्यमान सांख्या को दकसी परमाणु के नातभक में मौजूद न्यूतक्लओंस (प्रोटॉन कु छ सामान्य तत्ि और यौतगक और न्यूरॉन) की कु ल सांख्या के योग के रूप में पररभातर्त दकया गया है। 1. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography • इलेक्रान पर सांपूणष आिेश + 1. उनकी सांयोजकता शून्य होती है। िाले सभी तत्ि रेतडयोधमी होते हैं।  िह सबसे बाहरी कक्षा. काबषन: 8. द्रव्यमान िुरट.न्यूरॉनों की समान सांख्या िाले परमाणु। • इलेक्रॉन पर सांपूणष आिेश.(सांलयन)। द्रव्यमानों का योग होता है।  परमाणु कण एक मजबूत परमाणु बल द्वारा एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। एक तस्थर नातभक हमेशा के तलए रहता है.com 20 . तजसमें आठ इलेक्रॉन होते हैं.758820 × 1011 C kg–1 11.1. प्रदान या होते हैं। साझा दकये गए इलेक्रानों की सांख्या. तजसमें उसके अतस्थर के रूप में पररभातर्त दकया गया है। इसे "Z" द्वारा दशाषया जाता है। नातभक का आधा तहस्सा क्षय होगा। N = N₀(1/2)n. सांयोजकता बढ़ जाता है. थॉमसन द्वारा की गई जब िे कै थोड दकरणों की तिशेर्ताओं का अध्ययन कर रहे थे। 9. समन्यूरॉतनक. जो बहुत नरम और तचकना है। में उपयोग दकया जाता है। ग्रेफाइट को एचेसन प्रदक्रया द्वारा कृ तिम रूप से तैयार दकया जाता है।  (ii) कोबापट के एक समस्थातनक का उपयोग कैं सर के उपचार में दकया जाता है। www. उच्च तिद्युत चुभबकीय तिदकरण। 6. कम रासायतनक सदक्रयता दशाषते हैं.

sscadda.  यह अत्यतधक दक्रयाशील अधातु है. नाइरोजन नाइरेजस उनकी ऑक्सीकरण क्षमता फ़्लोररन से आयोडीन तक घटती है। के रूप में पाई जाती है (तचली सापटपीटर—सोतडयम नाइरेट (NaNO3).in | www. लाइटेपनग और राइजोतबया कहलाने िाले तचली सापटपीटर या कै लीश में आयोडीन. अमोतनया: ऑक्सीकारक और तिरां जक के रूप में दकया जाता है। • इसे हैबर की प्रदक्रया द्वारा नाइरोजन और हाइड्रोजन से तैयार दकया एक अभलीय गैस होने के कारण क्लोरीन नम नीले तलटमस पेपर को लाल में जाता है। इसमें गहरी गांध होती है। पररिर्ततत करती है और दफर इसे तिरांतजत करती है। • अमोतनया का उपयोग उिषरकों और तिस्फोटकों इत्यादद में दकया जाता है। आयोडीन (I2) • नाइरोजन तनयतन में.com | www.careerpower. घुटन की तस्थतत  फॉस्फोरस हतड्डयों. रक्त और तांतिका ऊतकों का एक महत्िपूणष (एस्फाइतक्सया) होती है। सांघटक है। अतस्थ भस्म में लगभग 80% फॉस्फोरस पाया जाता है।  लकड़ी.com | www. ऑगषन (Ar). गैस काबषन. दक्रप्टॉन (Kr). इसतलए िे मजबूत ऑक्सीकारक के रूप में प्रततदक्रया करते हैं। • िायु में (आयतन द्वारा 79%). कोयले या बुझे हुए कोयले को जलाने से बांद कमरे में लोगों की मृत्यु हो जाती है और बांद बाथरूम में गैस गीजसष से काबषन सपफर (S): मोनोऑक्साइड बनने के कारण मृत्यु हो जाती है।  यह ज्िालामुखीय क्षेि में मुक्त अिस्था में पाया जाता है।  तिर्मकोण सपफर सामान्य तापमान पर सबसे तस्थर स्िरूप है और अन्य काबषन डाइआक्साइड (CO2) स्िरूप इस स्िरूप में धीरे धीरे पररिर्ततत होते हैं।  िायुमांडल में 0.bankersadda.यह पृथ्िी तक पराबैंगनी दकरणों को पहुुँचने से रोककर के 20 छः परतीय और 12 पाुँच परतीय ररग्स होते हैं। पृथ्िी पर जीिन की रक्षा करती है। सामान्य शीतलक. कोयला टार पेपर या दफपम पर अनपघरटत तसपिर हैलाइड को हटाने के तलए दकया और अमोतनकल शराब जैसे उत्पादों को प्रदान करता है। जाता है। • लैंप ब्ललैक को सूट के रूप में भी जाना जाता है। हैलोजन: 3. सोतडयम आयोडेट के रूप में (5- नाइरोजन तनयतन बैक्टीररया द्वारा िायुमांडलीय नाइरोजन का नाइरेट 20%) पाया जाता है। में तनयतन शातमल होता है। यह शकष रा तिलयन को नीले रांग में बदल देता है। KI/l2 के तिलयन का उपयोग घेंघा के उपचार में दकया जाता है। इसे आयोडीन के प्रबल तिलयन के ऑक्सीजन: रूप में एक एांटीसेतप्टक की तरह प्रयोग दकया जाता है।  ऑक्सीजन िायुमांडल का एक महत्िपूणष सांघटक है (आयतन द्वारा 21%)। दहन में सहायक होता है। उत्कृ ष्ट गैस:ें  ताजा तिभातजत काबषन के साथ तरल ऑक्सीजन को तमतश्रत करके .  हीतलयम (He). नाइरोजन के यौतगक क्लोरीन का उपयोग कागज़ और कपड़ा उद्योग में कीटाणुनाशक. दाुँत.adda247. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography • फु लेररन (C60) एक फु टबॉल की तरह ददखता है। इसमें काबषन परमाणुओं  ओजोन (O3). भारतीय सापटपीटर— पोटेतशयम नाइरेट (KNO3) क्लोरीन: क्लोरीन की खोज सबसे पहले शीले द्वारा की गई (1774)। 4. अतः यह के िल तमतश्रत अिस्था में काबोक्सीहीमोग्लोतबन बनाता है. काबषन के यौतगक काबषन मोनोऑक्साइड (CO) फॉस्फोरस (P):  काबषन मोनोऑक्साइड (CO) हीमोग्लोतबन के साथ सांघरटत होकर. तनसांक्रामक. इसकी तनजषलन दक्रया के कारण है। काबाषइड्स  हाइपो (सोतडयम तथओसपफे ट).05 प्रततशत पाई जाती है।  ठोस CO2 को शुष्क बफष के रूप में जाना जाता है। इसका उपयोग सपफर के यौतगक रेदरजरेटर में ड्रीकोपड नाम के तहत दकया जाता है। इसका उपयोग  सपफ्यूररक अभल को तिररयोल का तेल या रसायनों का राजा भी कहा खराब होने िाली खाद्य सामग्री के पररिहन में दकया जाता है क्योंदक यह जाता है। यह पानी से अतधक बांधुत्ि रखता है और इसतलए यह एक ठां डा और साथ ही तनतष्क्रय िातािरण प्रदान करती है। तनजषलीकारक है। सपफ्यूररक की सांक्षारक दक्रया. जो ऑक्सीजन को अिशोतर्त करने में पाए जाते हैं। सक्षम नहीं है और इसके पररणामस्िरूप. जीनोन (Xe) कोयला खनन में डायनामाइट की जगह इसका उपयोग दकया जाता है। और रेडोन (Rn) को उत्कृ ष्ट या तनतष्क्रय गैसें कहा जाता है।  इस तत्िों की सांयोजकता कक्षा पूरी तरह से भरी होती है। www. इसे मुख्यतः एक तस्थरण कारक के रूप िे धातुओं या इलेक्रोतनगेरटि तत्िों के साथ काबषन के यौतगक हैं। में फोटोग्राफी में उपयोग दकया जाता है। इसका उपयोग फोटोग्रादफक • कोयले का तिनाशकारी आसिन कोयला गैस . नाइरोजन: हैलोजन अत्यतधक सदक्रय तत्ि हैं और इसतलए िे मुक्त अिस्था में नहीं पाए • नाइरोजन एक उदासीन गैस है और न तो यह दहनशील है न दहन में जाते हैं बतपक तसफष तमतश्रत अिस्था में पाए जाते हैं। हैलोजन उच्चतर इलेक्रान सहायक है बांधुत्ि रखते हैं.com 21 . तनयोन (Ne). एलसीडी एिां एलईडी के तलए एक सांिाहक सामग्री के रूप में  इसकी तिरांजन दक्रया इसकी ऑक्सीकरण दक्रया के कारण होती है। इस्तेमाल दकया जाता है।  ओजोन का उपयोग पानी के कीटाणु-शोधन के तलए जीिाणुरोधी और तनसांक्रामक के रूप में दकया जाता है। 2.03-0. तमतश्रत अिस्था में. • ग्रेफेन काबषन का एक अपररूप है। यह एक कठोर पदाथष है और टच क्लोरोफ्लोरोकाबषन इस ओजोन परत का क्षरण करते हैं। स्क्रीन.

दकया जाता है। जो लोई को ऊपर उठाता है। बेककग सोडा गरम करने पर उत्पाददत सोतडयम काबोनेट कड़िा स्िाद देता है। इसतलए.10H2O है। लिण के समतुपय पररभातर्त दकया गया है।  िॉपशग सोडा. बेककग पािर (सोतडयम हाइड्रोजन काबोनेट और टाटषररक अभल का का उपयोग उच्च तीव्रता िाले फोटोग्रादफक फ्लैश ट्डूबों में दकया जाता है। तमश्रण) बनाने के तलए। बेककग के दौरान गमष करने पर. सोपिे की प्रदक्रया द्वारा तनर्तमत दकया जाता है। • भारी जल को या तो दीघषकातलक तिद्युत् अपघटन या साधारण जल के आांतशक आसिन द्वारा तैयार दकया जाता है। भारी जल (D2O) रांगहीन. बेककग पाउडर का इस्तेमाल दकया जाता है। • जल को "सािषभौतमक तिलायक" कहा जाता है। इसमें मौजूद टाटषररक अभल इसके कड़िे स्िाद को हटाने के तलए सोतडयम • जल की कठोरता – काबोनेट को उदासीन करता है। अस्थायी कठोरता– जल को अस्थायी रूप से कठोर कहा जाता है.sscadda. पेंजस. यह 2CaSO4. सोतडयम हाइड्रोजन काबोनेट NaHCO3 है।  हीतलयम और ऑक्सीजन का तमश्रण समुद्री गोताखोरों द्वारा श्वसन के  बेककग सोडा. अतग्नसह सामग्री बनाने के तलए। तिलीन नाइरोजन डाइऑक्साइड की उपतस्थतत के कारण पीला होता है। www. शीशा. बोरे क्स के िाले न्यूरॉन द्वारा होता है। इस प्रयोजन के तलए भारी जल का उपयोग तनमाषण में और कागज़ उद्योग में दकया जाता है। परमाणु ररएक्टरों में मांदक के रूप में दकया जाता है। 2.H2O) का उपयोग कच्चे माल के रूप में दकया जाता है। के उत्पादन और एक्वा-रेतजया को तैयारी में दकया जाता है। एक्वा रेतजया उपयोग नाइररक अभल और हाइड्रोक्लोररक अभल का तमश्रण है. 4. ड्रग्स. जल में हाइड्रोजन क्लोराइड गैस को घोलकर प्लास्टर ऑफ पेररस तैयार दकया जाता है।  प्लास्टर ऑफ पेररस को पीओपी भी कहते हैं। यह धातुओं से प्रततदक्रया करके उनके क्रतमक क्लोराइड बनाता है और  रासायतनक रूप से. इसका उपयोग कातस्टक सोडा.in | www. तसफष बेककग सोडा का पानी (H2O): उपयोग करने के बजाय.careerpower.com | www.1/2H2O (कै तपशयम सपफे ट हेमीहाइड्रेट) है। हाइड्रोक्लोररक अभल का अपयोग रां गों. फोटोग्रादफक रसायनों  तजप्सम. दिाओं में बेककग सोडा का इसमें कै तपशयम और मैग्नीतशयम के बायकाबोनेट (या हाइड्रोजन उपयोग दकया जाता है. अस्पतालों में टू टी हुई हड्डी को अपनी जगह पर सेट करने के तलए पलस्तर िाले ढाुँचे बनाने में। दांत तचदकत्सा में ढ़ाांचे बनाने के तलए भी नाइररक अभल (HNO3): इसका उपयोग दकया जाता है। इसे उत्प्रेरक के रूप में प्लेरटनम की उपतस्थतत में अमोतनया और िायु की 6.adda247. उपयोग स्िादहीन और गांधहीन तरल है। यूरेतनयम-235 में सांलयन धीमी गतत 1.जल को स्थायी रूप से कठोर कहा जाता है. सोपिे प्रदक्रया द्वारा बनाया जाता है। तलए उपयोग दकया जाता है।  हीतलयम का उपयोग रॉके टों में तरल ऑक्सीजन और तरल हाइड्रोजन को उपयोग तनकालने के तलए दबाि कारक के रूप में दकया जाता है। 1. जो पेट में अत्यतधक अभल को बेअसर करता है काबोनेट) शातमल होते हैं। इस तरह की कठोरता को उबालकर आसानी और राहत प्रदान करता है। तसररक या टाटषररक अभल जैसे ठोस खाद्य से हटाया जा सकता है। अभल के साथ तमलाकर. ब्ललैकबोडष पर तलखने के तलए 'चाक' बनाने के तलए। • नाइररक अभल शुद् रूप में रांगहीन होता है। कमर्तशयल नाइररक अभल. तो यह नैशेंट ऑक्सीजन पैदा करता है। के तलए उपयोग दकया जाता है।  85% हीतलयम+15% हाइड्रोजन का उपयोग गुब्लबारों को भरने के तलए बेककग सोडा और एयरतशप में दकया जाता है।  रासायतनक बेककग सोडा. ऑगषन सबसे प्रचुर मािा में पाई जाने िाली उत्कृ ष्ट गैस है • नाइररक अभल एक मजबूत मोनोबेतसक अभल है। यह पानी में आसानी से लेदकन ब्रिाांड में हीतलयम गैस सबसे प्रचुर मािा में पाई जाती है। आयतनत हो जाता है।  प्राकृ ततक गैस. हीतलयम का सबसे महत्िपूणष स्रोत है। • नाइररक अभल एक मजबूत ऑक्सीकारक है। जब इसमें ऊष्मा अपघटन  हीतलयम और ऑक्सीजन का तमश्रण अस्थमा रोतगयों को कृ तिम श्वास देने होता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  िायुमांडल में. दिाओं में मृद ु और गैर-सांक्षारक क्षार के तलए. िॉपशग सोडा सोतडयम काबोनेट डेकाहाइड्रेट. जब इसमें पेय में उपयोग दकया जाता है। कै तपशयम के सपफे ट और क्लोराइड शातमल होते हैं। इस तरह की 4.com 22 .bankersadda. तखलौनों और मूर्ततयों के तनमाषण के तलए ढ़ाांचा बनाने में। क्योंदक यह उत्कृ ष्ट धातुओं सोने और प्लेरटनम को घोल सकता है। 5. पानी की स्थायी कठोरता हटाने के तलए। 3. साबुन का पाउडर. (CaSO4. सोडा में अभल अतग्नशामक होता है। कठोरता को उबालकर नहीं हटाया जा सकता। िॉपशग सोडा • कठोरता-क्रमाांक.इसे CaCO3 के भागों की सांख्या के रूप में या द्रव्यमान  रासायतनक रूप से. 8.H2O या हाइड्रोजन मुक्त करता है। CaSO4. घरेलू प्रयोजन के तलए शोधन अतभकमषक के रूप में। हाइड्रोक्लोररक अभल (HCL): • हाइड्रोक्लोररक अभल. अतधकतम 1: 3 के ग्राम-अणुक अनुपात में। एक्वा रेतजया एक पीला-नारांगी सधूम तरल है. बेककग सोडा  रेडोन का उपयोग कैं सर के उपचार के तलए मरहम को तैयार करने में काबषन-डाइऑक्साइड उत्सर्तजत करता है। यह काबषन डाइऑक्साइड है. द्वारा जल के 106 भागों में मौजूद तितभन्न कै तपशयम या मैग्नीतशयम Na2CO3. जब 3. दीिारों और छत की सतह को तचकना बनाने के तलए। अतभदक्रया से ओस्िापड की प्रदक्रया द्वारा तनर्तमत दकया जाता है। 7.com | www. कु छ खाद्य पदाथों को बनाने के तलए।  जीनोन को स्रेंजर गैस के रूप में भी जाना जाता है और जीनोन-दक्रप्टोन 2. इसे अपच का इलाज करने के तलए बुद्बुद्कारी स्थायी कठोरता.

क्योंदक उसने सोचा दक यह  कठोर शीशा.com | www. प्रयोगशाला उपकरण और बतषनों के ऊपरी भाग को बनाने में दकया जाता है। www. इसे क्यूलेट (टू टे हुए काांच के टु कड़े) के साथ तमतश्रत दकया जाता है और दफर 1673 K पर टैंक भट्ठी में सांगतलत दकया जाता है। कु छ घांटे बाद. ऊन को तसकु ड़ने से बचाने में। पलस्तर करने और ईंटों एिां पत्थरों को जोड़ने के तलए दकया जाता है। 3. क्ले (एपयूतमना और  तिरांजन दकसी कपड़े को सफ़े द बनाने के तलए इससे रांग तनकालने की तसतलका प्रदान करती है).com 23 . जोसफ एस्पडीन द्वारा की में दकया जाता है। गई थी। उन्होंने इसे पोटषलैंड सीमेंट कहा.सीमेंट.in | www.bankersadda.com | www. दपषण और सामान्य काांच इत्यादद को बनाने  इसकी खोज 1824 में एक अांग्रेजी राजगीर. क्लोरोफॉमष के तनमाषण के तलए  गीले कां क्रीट में लोहे की छड़ डालकर बनाई गई सांरचना को प्रबतलत 5.adda247.यह पोटेतशयम और कै तपशयम तसतलके जस का तमश्रण है। यह पोटषलैंड में पाए जाने िाले चूना पत्थर जैसा है। कठोर शीशा सामग्री बनाने के तलए अभल की दक्रया के प्रतत अतधक  पोटषलड ैं सीमेंट के लगभग सांघटक प्रततरोधी है। कै तपशयम ऑक्साइड (CaO) 60-70%  पफ्लट शीशा. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography तिरांजन-चूणष  कच्ची सामग्री हैं. तो यह एक कठोर ढेर बन जाता है। इसे सीमेंट के सेट होने के रूप में जाना जाता है। यह एक ऊष्माक्षेपी प्रदक्रया है.sscadda. रेत और पानी का तमश्रण है। इसका उपयोग दीिारों पर 2. तपघला हुआ ग्लास प्राप्त होता है।  तपघला हुआ तगलास धीरे -धीरे और समान रूप से ठां डा होता है। धीमी और समान शीतलन की प्रदक्रया को तापानुशीतन या अनीलन के रूप में जाना जाता है।  तितभन्न तमश्रण अलग-अलग रांग के शीशों का उत्पादन कर सकते हैं। उपयोग दकये गए पदाथष शीशा का रांग कपरेज ऑक्साइड लाल क्यूतप्रक ऑक्साइड पीकॉक ब्ललू पोटेतशयम डाइक्रोमेट हरा या ग्रीतनश पीला फे रस ऑक्साइड हरा फे ररक ऑक्साइड भूरा मैंगनीज डाइऑक्साइड अत्यतधक काले में. रासायतनक उद्योग में एक ऑक्सीकारक के रूप में उपयोग दकया जाता कां क्रीट के रूप में जाना जाता है। है। शीशा ( )  यह तसतलके जस का एक अततशीततत तरल है।  शीशा के तनमाषण के तलए उपयोग होने िाली कच्ची सामग्री सोतडयम काबोनेट. पोटेतशयम और सीसा तसतलके जस तसतलका (Si ) 20-25% का तमश्रण है। इसका उपयोग बपब और ऑतप्टकल िाद्ययांिों को बनाने में एपयुतमना ( ) 5-10% दकया जाता है। फे ररक ऑक्साइड ( ) 2-3%  पायरे क्स शीशा (बोरोतजलेट शीशा). चूना पत्थर (चूना प्रदान करता है). कै तपशयम काबोनेट और रे त है।  अच्छी तरह से तैयार पाउडर तमश्रण को बैच के रूप में जाना जाता है.careerpower. तजप्सम (सीमेंट को सेट करने का समय कम प्रदक्रया है। करता है)।  रासायतनक रूप से.सीमेंट. बजरी या छोटे पत्थरों के टु कड़ों और पानी का एक उपयोग दकया जाता है। तमश्रण है इसका उपयोग फशष के तनमाषण के तलए दकया जाता है। 4. हपका गुलाबी कोबापट ऑक्साइड नीला दैतनक जीिन में रसायनतिज्ञान गोपड क्लोराइड रूबी कै डतमयम पीला सांतिष्ट सामग्री काबषन अांबर रांग प्राकृ ततक सामतग्रयों का उपयोग करते हुए मनुष्य द्वारा बनाई गई सामग्री को पसथेरटक सामग्री के रूप में जाना जाता है। शीशा के प्रकार और उपयोग  नरम शीशा– यह सोतडयम या कै तपशयम तसतलके जस का एक तमश्रण है। सीमेंट इसका उपयोग तखड़की के शीशे.इसका उपयोग फामाषस्यूरटकल कां टेनर. इसतलए सीमेंट उपयोग सांरचना को 7 ददनों तक पानी तछड़कर ठां डा दकया जाना चातहए। 1. रेत. पानी के कीटाणु-शोधन के तलए तनसांक्रामक और जीिाणुरोधी के रूप में  कां क्रीट.यह मुख्य रूप से सोतडयम. लाइनेन और लकड़ी की लुगदी के तिरांजन के तलए।  मोटाषर. यह कै तपशयम ऑक्सीक्लोराइड CaOCl2 है।  जब सीमेंट के साथ पानी तमलाया जाता है और कु छ समय के तलए छोड़  इसे हसन-क्लेिर तितध बनाया जाता है। ददया जाता है. कपास.

6. प्लेटलेट के स्कां दन को रोकती है। करने के द्वारा प्राप्त दकया जाता है। नारकोरटक ददषनाशक दिाओं का उपयोग मुख्य रूप से ऑपरेशन के बाद िाले ददष. उपयोगी है। एक बहुलक है तजसे सेलुलोज कहा जाता है। सेलुलोज एक बड़ी सांख्या में  सेफ्टी ग्लास.डाईकाबोक्जातलक अभल और तडओपस के बहुसांघनन उत्पाद। िाले ददष की राहत के तलए दकया जाता है। पॉतलएस्टर एक अन्य सांिेतर्त तांतु है। इस तांतु से बने कपड़े जपदी नहीं www. रेदरजरेटर इत्यादद में ऊष्मारोधी 2.इसे उच्च दाब और उच्च तापमान पर एतडतपक अभल के साथ हेक्जातमथाइलएनेतडयातमन के सांघनन बहुलकीकरण द्वारा तैयार दकया जाता एनापजेतसक (ददषनाशक) है। ये ददष को कम करते हैं। एतस्पररन और पेरातसटामोल गैर -मादक ददषनाशक (ii) नायलॉन 6.इसका उपयोग रासायतनक उपकरणों और बहुलकीकरण ऑतप्टकल साधनों को बनाने में दकया जाता है।  बहुलक को उच्च आणतिक द्रव्यमान िाले बड़े अणुओं के रूप में पररभातर्त  क्रूक्स शीशा – इसका उपयोग चश्मे के लेंस बनाने के तलए दकया जाता है। दकया जाता है.ऐसे प्लातस्टक जो गरम करने पर आसानी से तिरूतपत  ऑतप्टकल फाइबर. ृददय के ददष एिां टर्तमनल कैं सर के ददष और बच्चे को जन्म देते समय होने (b) पॉलीएस्टर. तजसमें सांबांतधत एकलक से प्राप्त सांरचनात्मक इकाइयों की  फोटोक्रोमैरटक शीशा. यह सूयष से बचने के रूप में बहुत  पॉतलमर प्राकृ ततक रूप से भी पाए जाते हैं। उदाहरण के तलए.कु छ प्लातस्टक.com | www. तजन्हें जब एक बार ढ़ाल ददया जाता है. तजसे पौधों द्वारा ग्रहण कर तलया जाता है। (a)पॉतलथीन  इसमें 46. उच्च दाब पर एक मुक्त मूलक या परसपफे ट उत्प्रेरक के साथ टेराफ्लोरोईथेन को गमष करने के द्वारा तनर्तमत दकया कीटनाशक जाता है। कीटनाशक रसायन हैं जो फसलों में उपयोग दकये जाते हैं.com 24 . हीरटग इसका उपयोग महांगे काांच के बतषनों को बनाने के तलए दकया जाता है। द्वारा नरम नहीं दकया जा सकता। इन्हें थमोसेरटग प्लातस्टक्स कहा जाता है।  शीशे का तनक्षारण. तापसुघट्ड कहलाते हैं। व्यापक रूप से दकया जाता है। ऑतप्टकल फाइबर. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  क्वाजजष शीशा (तसतलका शीशा). फोटोक्रोमैरटक शीशा पुनरािृतत्त शातमल होती है। अस्थायी रूप से काला हो जाता है। अतः.com | www.careerpower. पेरोक्साइड उत्प्रेरक की उपतस्थतत में एदक्रलोनाइराइल का बहुलक। तडतफ्थयालोन गलती से या जानबूझकर उपयोग दकये गए स्कां दनरोधी ज़हरों से तनरािरण सांघनन बहुलकीकरण हेतु पालतू जानिरों या मनुष्यों के तलए जहरनाशक के रूप में तिटातमन K का (a) पॉलीमाइड्स.ईथेन का डाइऑक्साइड या पेरोक्साइड आरां भकताष नहीं आता है। (उत्प्रेरक) के रेसेस की उपतस्थतत में उच्च दाब के तहत बहुलकीकरण।  Ca(CN)2 और C के तमश्रण को नीरोतलम के रूप में जाना जाता है। (ii) उच्च घनत्ि पॉतलथीन. डीडीटी और मैलातथयन। (c) पॉलीएदक्रलोनाइराइल. पॉलीस्टाइरीन.sscadda. अतः इसतलए इसे काांच के तनक्षारण में उपयोग दकया जाता है। तापदृढ़ बहुलक .ग्लास में हाइड्रोफ्लोरोररक अभल (एचएफ) डाला जाता एनजी: बीके लाइट.लैड ग्लास का अपितषक सूचकाांक अतधक होता है.इसे एक उच्च तापमान पर जल के साथ कै परोलैक्टम को गमष दिायें हैं। एतस्पररन बुखार को कम करती है. अतः 4. ब्लयूना-S. 6). मेलामाइन इत्यादद। उिषरक  यूररया सबसे अच्छा उिषरक है क्योंदक यह अमोतनया के बाद के िल कु छ महत्िपूणष बहुलक हैं: काबषन डाइऑक्साइड छोड़ता है. एनपीके उिषरक कहलाता है। (b) पॉलीटेराफ्लोरोईथेन (टेफ्लोन). प्रत्यास्थलक. फॉस्फे रटक और पोटाश उिषरकों का तमश्रण.इसका उपयोग दूरसांचार सर्तजकल सांचालन आदद में हो जाते हैं और इन्हें आसानी से मोड़ा जा सकता है. तनओप्रीन इत्यादद  ग्लास फाइबर.6% नाइरोजन होती है और इससे तमट्टी के पीएच में पररितषन (i) अपप घनत्ि पॉतलथीन. आदद सामग्री के रूप में दकया जाता है। 3. पॉलीतिनाइल. टेलीस्कोप और चश्मे के लेंस है: बनाने के तलए दकया जाता है। 1.bankersadda.इसका उपयोग माइक्रोस्कोप. उदा.चमकदार प्रकाश के सांपकष में. ब्लयूना-N. थमोसेरटग पॉलीमसष .एमाइड पलकों से युक्त सुझाि ददया जाता है और सफलतापूिषक उसका उपयोग दकया जाता है। दिाओं में रसायन (i) नायलॉन 6. पॉतलस्टर (टेरीलीन). मेलामाइन आदद। है.कु छ प्लातस्टक जो एक बार ढाला जाता है. कै तपशयम नाइरेट को नॉिेतजयन सापटपीटर के रूप टेराक्लोराइड (तज़गलर-नाट्टा उत्प्रेरक) जैसे उत्प्रेरक की उपतस्थतत में में जाना जाता है। बहुलकीकरण।  उपयुक्त मािा में नाइरोजनी.ईथेन का राईइथाइएपयुतमतनयम और टाइटेतनयम िातणतज्यक तौर पर.adda247.टेफ्लोन. इत्यादद। प्रसाररत कर सकते हैं।  लैड दक्रस्टल ग्लास. तापसुघट्ड बहुलक. पीिीसी. कपास.रबर. दफर कृ तर् में रसायन गमष करके नरम नहीं दकया जा सकता। इन्हें तापदृढ़ प्लातस्टक कहा जाता है। उदाहरण: बैकेलाइट. इमेजेस राउां ड कॉनषसष को पॉतलथीन. तांत–ु पॉतलएमाइड (नायलॉन 6.in | www.इसका उपयोग ओिन.तीन परतें ऊष्मा और दाब की दक्रया से एकसाथ जुड़ी होती ग्लूकोज इकाइयों से बना होता है। हैं। इस पर प्रहार करने से यह आसानी से नहीं टू टता है और इसका उपयोग ऑटो िाहन पिड शीपड में दकया जाता है। अांतरा-अणुक बलों के आधार पर बहुलक को तनम्नानुसार िगीकृ त दकया गया  ऑतप्टकल ग्लास.

ऊष्माशोर्ी अतभदक्रयाएुँ आिती फलन हैं।" कहलाती हैं। आितष सारणी का दीघष स्िरूप ऑक्सीकरण और अपचयन आितष सारणी का दीघष स्िरूप या बोर की सारणी इलेक्रॉतनक तिन्यास के  ऑक्सीकरण इलेक्रॉनों को हटाना है। बोर-बरी तसद्ाांत पर आधाररत है। इसमें 7 आितष (क्षैततज पांतक्तयाुँ) और 18  अपचयन इलेक्रानों को शातमल करना है। िगष हैं। www. तिद्युत तस्िच और तितभन्न बतषनों के तिद्युतऋणात्मकता हैंडल बनाने में दकया जाता है। यह दकसी परमाणु की इलेक्रानों के साझा युग्म को आकर्तर्त करने की क्षमता उदा. दक "तत्िों की भौततक और रासायतनक तिशेर्ताएां उनके ऊष्मक्षेपी और ऊष्माशोर्ी अतभदक्रयाएुँ परमाणु द्रव्यमानों का आिती फलन हैं।" तजन अतभदक्रयाओं में उत्पादों के बनने के साथ ही ऊष्मा मुक्त होती है. मोम रबर का िपकनीकरण. उबालकर.नायलॉन का उपयोग पहाड़ों पर चढ़ने के तलए पैराशूट और रतस्सयाुँ फलों का पकना. 4 -  इन्हें तापमान और दाब. जल में नमक घोलकर.adda247.in | www. पानी का तिद्युत् अपघटन। बनाने में भी दकया जाता है। एक नायलॉन रेशा िास्ति में एक स्टील के तार  एक रासायतनक अतभदक्रया में नए पदाथों के उत्पादन के तलए दकन्हीं भी से अतधक मजबूत होता है। दो परमाणुओं के बीच बांध टू टना या बांध बनना शातमल होता है। तत्िों का िगीकरण रासायतनक अतभदक्रयाओं के प्रकार मेंडलीफ की आितष सारणी (1896) उनका कहना है. प्रकाश-सांिर् े ण. एक रासायतनक पररितषन कहलाता है। रे योन.नोिोलैक का उपयोग पेंट इलेक्रोन लाभ तापीय धाररता में दकया जाता है। फोमाषपडेहाइड के साथ गमष करने पर नोिोलैक. लेदकन प्राकृ ततक रबर. लकड़ी की  रासायतनक पररितषन आम तौर पर अपररितषनीय होते हैं। रासायतनक लुगदी से प्राप्त दकया जाता है. पेड़ों को काटकर.इस प्रदक्रया में 373 K से 415 K के बीच सपफर और को तपघलाकर। एक उपयुक्त योतजत के साथ कच्ची रबर के तमश्रण को गमष करना शातमल है. 3-ब्लयूटाडीन) के रासायतनक सांघटक अपररिर्ततत रहते हैं. अथाषत आिती गुण एक िगष या आितष के साथ तनयतमत क्रम अच्छे तांतुओं में तगना जा सकता है तजसे दकसी अन्य धागे की तरह बुना जा दशाषते हैं। कु छ महत्िपूणष आिती गुण हैं: सकता है। आयनन तापीय धाररता (c) दफनॉल. जो के िल भौततक गुणों को प्रभातित करता है.bankersadda.com 25 . बैकेलाइट यह एक तत्ि द्वारा मुक्त होने िाली ऊजाष है. जब एक अततररक्त इलेक्रॉन को कहलाने िाले इन्फ्यूसेबल सॉतलड मास बनाने के तलए क्रॉस पलककग करता है। इसके उदासीन गैसीय अणु में जोड़ा जाता है। इसका उपयोग कां तघयाुँ.रे योन या कृ तिम रेशम। हालाांदक रेयोन एक प्राकृ ततक स्रोत. जो पदाथष के सांघटकों के साथ साथ उसके रासायतनक गुणों सांिेतर्त रबर- को प्रभातित करता है और नतीजतन एक नया रासायतनक पदाथष बनाता (i) तनओप्रीन. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography तसकु ड़ते हैं। ये कड़े रहते हैं और इन्हें धोना आसान होता है। अतः यह ड्रेस मैटेररअल बनाने के तलए काफी उपयुक्त हैं। आिती गुण उदा: टेरीलीन पॉलीएस्टर का सबसे अच्छा ज्ञात उदाहरण है। इसे ईथलीन एक तनयतमत अांतराल पर दोहराए जाने िाले गुणों को आिती गुणों के रूप में ग्लाइकॉल और टेरेफ्थैतलक अभल द्वारा तैयार दकया जाता है। इसे बहुत ही जाना जाता है. इलेक्रानों के नुकसान से बचाि करने की प्रिृतत्त है। बदाषश्त कर सकता है। इसका उपयोग फशष टाइलें . फोनोग्राफ ररकॉडष.1. मेलैमाइन. भौततक पररितषन कहलाते हैं। एक रैतखक बहुलक के रूप में माना जा सकता है और इसे cis .फोमाषपडेहाइड बहुलक (बैकेलाइट और सांबांतधत बहुलक) यह एक धनात्मक आयन बनाने के तलए एक तत्ि के पृथक गैसीय अणु से एक इसे या तो एक अभल या क्षार उत्प्रेरक की उपतस्थतत में फोमाषपडेहाइड के साथ इलेक्रॉन को हटाने हेतु आिश्यक न्यूनतम ऊजाष है। दफनोल की सांघनन अतभदक्रया द्वारा तैयार दकया जाता है। आरांतभक उत्पाद एक लीतनयर उत्पाद हो सकता है. तादक रबर कठोर हो जाए। रासायतनक पररितषन  िह पररितषन. दफर भी यह एक मानि-तनर्तमत रेशा है। पररितषनों के कु छ उदाहरण मोमबत्ती का जलना (गैसें).com | www.careerpower.com | www. की तस्थततयों में पररितषन करके उत्क्रतमत दकया पॉलीआइसोप्रीन भी कहा जाता है। जा सकता है.क्लोरोप्रीन के मुक्त मूलक बहुलकीकरण द्वारा। है.sscadda. बतषन और अतग्नरोधी कपड़ों को बनाने में दकया जाता है। इसका उपयोग अनब्रेकेबल क्रॉकरी बनाने में दकया रासायतनक अतभदक्रयाएुँ और समीकरण जाता है। भौततक पररितषन सहबहुलकन  िह पररितषन.मेलैमाइन फोमाषपडेहाइड बहुलक को मेलैमाइन और है। फोमाषपडेहाइड के सांघनन बहुलकीकरण द्वारा बनाया जाता है। मेलैमाइन एक धातत्िक गुण बहुउपयोगी सामग्री है। यह अतग्नरोधी है और अन्य प्लातस्टक से अतधक ऊष्मा यह दकसी तत्ि की. नायलॉन.प्राकृ ततक रबर को आइसोप्रेन (2-तमथाइल-1. ऊष्माक्षेपी अतभदक्रयाएुँ कहलाती हैं। ईंधन का जलना ऊष्माक्षेपी अतभदक्रया आधुतनक आितषता का तनयम का एक उदाहरण है। "तत्िों की भौततक और रासायतनक तिशेर्ताएां उनकी परमाणु सांख्या का तजन अतभदक्रयाओं में ऊष्मा अिशोतर्त होती है.

अतभदक्रया के िल एक बार होती है और एक अितध के  उत्प्रेरक स्ियां अतभदक्रया के दौरान पररिर्ततत नहीं होता है। बाद बैटररयाुँ खराब या समाप्त हो जाती हैं।  ऐसी घटना. जो एक परमाणु से इलेक्रॉन को तनकालता है। लैड स्टोरे ज बैटरी 3.com | www. ऑइपलग और ग्रीपसग.bankersadda. जो इलेक्रानों को एक परमाणु में शातमल करता है। सपफ़े ट से एनोड पर लैड प्राप्त होता है और कै थोड लैड डाइऑक्साइड में 3. इसमें एनोड के अपचयोपचय अतभदक्रया कहलाती है। पौधों में प्रकाश सांिेर्ण. जैसे दक श्रव्य उपकरण. जो चारों ओर से मैंगनीज डाइऑक्साइड नहीं करता है. तजसमें अतभदक्रया की दर एक पदाथष (उत्प्रेरक) की उपतस्थतत द्वारा बढ़ जाती है. इससे अपचयन होता है। पररिर्ततत हो जाता है। अपचयोपचय अतभदक्रया तनके ल कै डतमयम सेल एक अतभदक्रया तजसमें ऑक्सीकरण और अपचयन एकसाथ होता है. तो इसकी सतह  धातुओं के तनष्कर्षण में। पर भूरे रांग के परतदार पदाथष की एक परत जम जाती है. ताांबा धातु कै थोड पर जमा होती है और एनोड पर ताांबा घुल जाता है। सांक्षारण  अशुद् धातुओं के शुतद्करण में प्रयुक्त दकया जाता है।  जब लोहा लांबे समय तक नम हिा के सांपकष में आता है. इलेक्रॉनों के दाता। जाता है। बैटरी को चाजष करने पर. के िल इसे जपदी करता है। और काबषन के पाउडर से तघरी हुई है।  दकसी अतभदक्रया में एक उत्प्रेरक का मुख्य कायष सदक्रयण ऊजाष को कम करना है। www. ये िह पदाथष है. इलेक्रॉनों के स्िीकारकताष। 2. शुष्क और आद्रष बैटररयाुँ और धातुओं का क्षरण ऑक्सीकरण तिद्युत् अपघट्ड.com 26 . मीथेन जैसे ईंधनों के दहन से  तिद्युत् अपघटन तिद्युत् अपघटनी सेल में होता है। प्राप्त ऊजाष को सीधे तिद्युत ऊजाष में पररिर्ततत करते हैं।  एक साधारण तिद्युत् अपघटनी सेल में कॉपर सपफे ट के एक जलीय घोल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन िाले एक ईंधन सेल को अपोलो अांतररक्ष कायषक्रम में दो कॉपर तस्रप्स डू बे होते हैं। में तिद्युत् ऊजाष के तलए उपयोग दकया गया है।  दोनों इलेक्रोडों में से डीसी िोपटेज गुजरने पर.sscadda. अपचायक कहलाता है। (ZnO) का एक पूिष रूप है। ऑक्सीकारक तद्वतीयक बैटररयाां 1. अतभदक्रया उलट जाती है और क्रमशः लैड 2.com | www. उत्प्रेरण कहलाती है। शुष्क सेल या लेक्लाांश सेल  उत्प्रेरक अपकी दक्रया में तितशष्ट होते हैं। इसमें एक पजक कां टेनर होता है जो एक एनोड की तरह कायष करता है और  एक उत्प्रेरक एक उत्क्रमणीय अतभदक्रया की साभयािस्था को पररिर्ततत कै थोड एक काबषन (ग्रेफाइट) रॉड है. ये िह पदाथष है. काबषन मोनोऑक्साइड. एक धातु ऑक्सीजन को इलेक्रान देकर ऑक्सीकृ त हो जाती जाता है है और ऑक्साइड बनाती है।  लोहे को जांग से तचिकारी. इससे ऑक्सीकरण होता है। इसमें एनोड के रूप में एक लैड होता है और लैड की तग्रड कै थोड के रूप में लैड डाइऑक्साइड ( ) से तघरी होती है। अपचायक सपफ्यूररक अभल का 38% तिलयन तिद्युत् अपघट्ड के रूप में उपयोग दकया 1. जो ऑक्सीकरण का कारण होता है. अथाषत् प्राथतमक और तद्वतीयक। उत्प्रेरण प्राथतमक बैटररयाां  एक उत्प्रेरक िह पदाथष है. पोटेतशयम हाइड्रॉक्साइड (KOH) तिलयन है। और अपचयन प्रततदक्रयाओं के तितिध उदाहरण हैं। ईधन सेल तिद्युत् अपघटन ईंधन सेल. जो अपचयन का कारण होता है. ऑक्सीकारक कहलाता में उपयोग दकया जाता है। है। तिद्युत् अपघट्ड पोटेतशयम हाइड्रॉक्साइड (KOH) और पजक ऑक्साइड  िह पदाथष.in | www. इसका जीिन-काल लैड स्टोरेज सेल से अतधक लांबा होता है. जो अतभदक्रया की दर को बढ़ाता है। प्राथतमक बैटररयों में. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  ऑक्सीकरण का अथष अमोतनयम क्लोराइड ( ) और पजक क्लोराइड ( ) के एक नम (a) ऑक्सीजन का जुड़ना पेस्ट का उपयोग एक तिद्युत् अपघट्ड के रूप में दकया जाता है। शुष्क सेल का (b) हाइड्रोजन का बाहर तनकलना उपयोग आमतौर पर राांतजस्टसष और घतड़यों में दकया जाता है।  अपचयन का अथष (a) ऑक्सीजन का बाहर तनकलना मकष री सेल (b) हाइड्रोजन का जुड़ना यह आमतौर पर तनम्न धारा उपकरणों. घतड़याुँ इत्यादद  िह पदाथष. तजसे जांग कहा  टाइपपग उद्योगों में उपयोग दकए जाने िाले ब्ललॉक तिद्युत् अपघटन द्वारा जाता है। तैयार दकए जाते हैं।  जांग मुख्य रूप से हाइड्रेटेड आयरन (III) ऑक्साइड ( ) है।  गैपिनीकरण की प्रदक्रया के दौरान स्टील पर जस्ता धातु का लेप चढ़ाया  सांक्षारण में.careerpower. हाइड्रोजन. जानिरों में रूप में कै डतमयम और कै थोड के रूप में तनके ल डाइऑक्साइड शातमल होता है। भोजन का पाचन. क्रोम प्लेरटग इत्यादद द्वारा रोका जा ये रासायतनक ऊजाष को तिद्युत ऊजाष में बदलती हैं। मुख्य रूप से दो प्रकार की सकता है। बैटररयों का उपयोग दकया जाता है.adda247. गैपिनाइपजग (लौह बैटररयाुँ िस्तुओं पर पजक की परत चढ़ाकर).

तिलयन स्थायी है। I. सोडा पानी इत्यादद तिलयनों के  यूररया → अमोतनया + काबषन डाईऑक्साइड उदाहरण हैं। हमारे पास ठोस तिलयन (तमश्रधातुए)ां और गैसीय तिलयन (िायु) भी हो सकते हैं। • तिलेय कणों को तनस्यांदन की प्रदक्रया द्वारा तमश्रण से अलग नहीं दकया पदाथष और इसकी प्रकृ तत जा सकता। तिलेय कणों को जब तबना छेड़े हुए छोड़ ददया जाए. जबदक िे कु छ महत्िपूणष एांजाइम उत्प्रेरण अतभदक्रयाएुँ तनम्नानुसार हैं रासायतनक अतभदक्रयाएुँ तजनमें ऊष्मा बाहर आती है. द्रि प्रतत इकाई द्रव्यमान में मौजूद तिलेय की मािा है। तनलांबन एक III. तल में नहीं बैठते हैं. ऊष्माक्षेपी अतभदक्रयाएुँ कहलाती हैं। ऊष्मा के अिशोर्ण के साथ उनके तत्िों से बने डायस्टेज  स्टाचष → मापटोज यौतगकों को ऊष्माशोर्ी यौतगक कहा जाता है. कोबापट और एपयूतमना का उपयोग गैपिनीकरण कहा जाता है। उत्प्रेरक के रूप में दकया जाता है। • स्टेनलेस स्टील को काबषन और क्रोतमयम. तो इस पर भूरे रांग औद्योतगक प्रदक्रयाओं में उत्प्रेरकों के अनुप्र योग के पदाथष की एक परत जम जाती है. आद्रषता और हिा की गतत पर तनभषर करती  धातुयें आम तौर पर कठोर होती हैं.com | www. शीतलन का कारण है। इतने नरम होते हैं दक उन्हें आसानी से चाकू से काटा जा सकता है। • कोयले. ठोस अिस्था को द्रि अिस्था में पररिर्ततत धातुएां और अधातुएां करने को सांलयन के रूप में भी जाना जाता है।  धातुएां आमतौर पर ऊष्मा और तिद्युत् की सुचालक होती हैं। • बाष्पीकरण एक सतही घटना है। कण द्रव्य में मौजूद आकर्षण बल से  चाांदी. उसे प्रकीणषन माध्यम कहा जाता है। पररितषन करके पदाथष की अिस्था को पररिर्ततत दकया जा सकता है। • तपघलने की प्रदक्रया. तापमान. इस पदाथष को जांग कहा जाता है  अमोतनया के तलए हैबर प्रदक्रया— लोहे का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में और इस प्रदक्रया को जांग लगना कहते है। जांग लगने की प्रदक्रया दकया जाता है और मोतलब्लडेनम का उपयोग उत्प्रेरक लोहे के िधषक के रूप तनम्नतलतखत समीकरण द्वारा प्रदर्तशत की जा सकती है: लोहा (Fe) + में दकया जाता है। ऑक्सीजन (O2. ठोस • एक तिलयन की साांद्रता तिलयन/तिलायक के प्रतत इकाई आयतन या II. ऊष्मा की सिषश्रेष्ठ सुचालक है. तनकल एिां मैंगनीज जैसी धातुओं के साथ लोहे के तमश्रण से बनाया जाता है। इसमें जांग नहीं लगती एांजाइम उत्प्रेरण है। एांजाइभस द्वारा अतभदक्रया की दर में िृतद् को एांजाइम उत्प्रेरण के रूप में जाना • गमी के अिशोर्ण के कारण होने िाले पररितषनों को ऊष्माशोर्ी जाता है। िे जैिउत्प्रेरक होते हैं. लौह.adda247. हिा से). तो ये • पदाथष तीन अिस्थाओं में पाया जाता है. जबदक तजनमें ऊष्मा मुक्त होती है.careerpower. जबदक ऊष्मा के तनकास के साथ उनके तत्िों से बने यौतगकों को ऊष्माक्षेपी यौतगक कहा जाता है। मापटेज  मापटोज → ग्लूकोज तिलयन जाइमेज • एक तिलयन दो या दो से अतधक पदाथों का एक समाांग तमश्रण है। दकसी  ग्लूकोज → ईथाइल एपकोहल इन्िटेज तिलयन के प्रमुख घटक को तिलायक कहा जाता है और कम मािा िाले  सुक्रोज → ग्लूकोज + रक्टोज को तिलेय कहा जाता है। नींबू पानी. अथाषत्. उसके बाद ताांबा। बाहर तनकलने के तलए सतह से पयाषप्त ऊजाष प्राप्त करते हैं और िाष्प  पारा. है। उन्हें ऊष्माशोर्ी अतभदक्रयाओं के रूप में जाना जाता है. तजसमें कण आकार नग्न आांखों से होता है. लेदकन प्रकाश को तततर तबतर करने कणों के बीच की जगह और कणों की गततज ऊजाष ठोस में सबसे कम. लेदकन सोतडयम और पोटेतशयम है। िाष्पीकरण. एक सरल तरीका उस पर रांग या ग्रीस की परत चढ़ाना  क्लोरीन के तलए डेकॉन प्रदक्रया— क्यूतप्रक क्लोराइड का उपयोग है। एक अन्य तरीका लोहे पर क्रोतमयम या जस्ता जैसी धातु की एक परत उत्प्रेरक के रूप में दकया जाता है। चढ़ाना है। लोहे पर पजक की एक परत चढ़ाने की प्रदक्रया को  पेरोल का सांिेर्ण— तनके ल. पानी (H2O) जांग (आयरन ऑक्साइड-  सपफ्यूररक अभल के तलए सांपकष प्रदक्रया— िैनेतडयम पैन्टॉक्साइड का Fe2O3) जांग लगने के तलए. गैस तिर्माांगी तमश्रण है। • कणों के बीच आकर्षण बल.sscadda. ऑक्सीजन और पानी दोनों की उपतस्थतत उपयोग एक उत्प्रेरक के रूप में दकया जाता है। आिश्यक होती है। यह एक रासायतनक पररितषन है।  नाइररक अभल के तलए ओस्िापड प्रदक्रया— प्लैरटनम गेज का उपयोग • लौह िस्तुओं को ऑक्सीजन या पानी या दोनों के साथ सांपकष में आने से उत्प्रेरक के रूप में दकया जाता है। बचाने के तलए. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography समय के तलए खुले में लोहे का एक टु कड़ा छोड़ देते हैं. लकड़ी या पतत्तयों का जलना एक रासायतनक पररितषन है।  धातुयें नरम और तन्य होती हैं। सोना और चाांदी सबसे अतधक लचीली आततशबाजी का तिस्फोट एक रासायतनक पररितषन है। यदद आप कु छ और सबसे अच्छी तन्य धातु होती हैं। www.com | www. (अांतर आणतिक बल) ठोस में सबसे अतधक • कोलोइड्स तिर्माांगी तमश्रण होते हैं.com 27 . द्रि में बीच में होता है और गैसों में न्यूनतम होता है। सांघटक देखे जाने के तलए बहुत छोटे होते हैं.bankersadda. के तलए पयाषप्त होते हैं। तरल पदाथों में बीच में और गैसों में अतधकतम होती है। • कणों को प्रकीणषन चरण कहा जाता है और तजस माध्यम में िे तबखर जाते • पदाथष की अिस्थायें अांतर-पररितषनीय होती हैं। तापमान या दाब में हैं. अथाषत. ऊष्माक्षेपी एांजाइमी अतभदक्रयाओं की दर पीएच पररितषन से बहुत अतधक प्रभातित होती पररितषन कहलाते हैं। तजन अतभदक्रयाओं में ऊष्मा अिशोतर्त होती है.in | www. सभी प्रकृ तत में प्रोटीन हैं। पररितषन कहते हैं. तिद्युत धारा के प्रिाह के तलए अत्यतधक उच्च प्रततरोध प्रदान करता अिस्था में पररिर्ततत हो जाते हैं। िाष्पीकरण की दर िायुमांडल के सांपकष है। में पृष्ठीय क्षेिफल.

सोने के तनष्कर्षण में इसे बॉक्साइट ( ) से तनकाला जाता है। एपयुतमतनयम पाउडर और कृ तर् में एक रोगाणुनाशक के रूप में दकया जाता है। KCN. यह बोरै क्स के रूप में तमतश्रत  सोतडयम काबोनेट और पोटेतशयम काबोनेट का तमश्रण फ्यूजन तमश्रण के अिस्था में पाई जाती है। रूप में जाना जाता है। बोरान और बोरान काबाषइड रॉड का उपयोग परमाणु अतभदक्रयाओं को  सोतडयम सपफे ट ( ) ग्लॉबर का लिण है। इसे रे चक के तनयांतित करने के तलए दकया जाता है। रूप में उपयोग दकया जाता है। बोरान काबाषइड ( ) सबसे कठोर है. िे इलेक्रॉन देकर आयतनत होती हैं और धनात्मक आयन बनाती हैं। कै तपशयम हाइड्रॉक्साइड. िॉपशग पाउडर के तनमाषण और कठोर जल को नरम करने के तलए बोरोन (B) दकया जाता है। यह एक अधष-धातु (उपधातु) है. सोतडयम का उपयोग आततशबाजी. [ ] बनाने के तलए. बुझा तडग्री सेतपसयस) 30 तडग्री सेतपसयस से ऊपर तरल होते हैं. 120 तडग्री सेतपसयस तक गमष होने पर  धातत्िक सोतडयम. पोटाश या पलष ऐश है। लाल होता है और नीलम Fe और Ti के कारण नीला होता है। पन्ना हरा होता है. इनको हुआ चूना के तनमाषण में. बेररयम और रेतडयम को है। स्टैनीक क्लोराइड का पेंटाहाइड्रेट ( ). सीमेंट. एक डाउन्स सेल में 40% सोतडयम क्लोराइड और दक्रस्टलीकरण के पानी का एक भाग गांिा देता है। 60% कै तपशयम क्लोराइड के तपघले हुए तमश्रण के तिद्युत् अपघटन द्वारा प्लास्टर ऑफ पेररस एक सफे द पाउडर है.8 काांच. मैग्नीतशयम. इस प्रदक्रया को रटन तडजीज या रटन प्लेग के रूप में जाना जाता है। लोहे को जांग से बचाने के तलए रटन की एपकलाइन भू-धातुयें और उनके यौतगक परत चढ़ाई जाती है। रटन अमलगम का उपयोग दपषण बनाने में दकया जाता बेररतलयम.com 28 . सोडालाइम के तनमाषण और कठोर पानी को मृद ु बनाने के तलए दकया ऑक्साइड और एपयूतमतनयम ऑक्साइड उभयधमी होते हैं। जाता है।  लीतथयम. क्योंदक यह ऑक्सीजन उत्पन्न करती है तथा काबषन डाइऑक्साइड और काबषन मोनोऑक्साइड को एपयूतमतनयम (Al) हटाती है। यह पृथ्िी की क्रस्ट का तीसरा सबसे प्रचुर मािा में पाया जाने िाला तत्ि है।  पोटेतशयम साइनाइड (KCN) का उपयोग चाांदी. एक िाले कातस्टक पोटाश के रूप में जाना जाता है। इसके जलीय तिलयन को तिस्फोटक के रूप में प्रयोग दकया जाता है। पोटाश लाइ कहा जाता है। रूबी और नीलम अतनिायष रूप से हैं। रूबी Cr की उपतस्थतत के कारण  पोटेतशयम काबोनेट ( ). द्रव्य और का भी रटन का एक महत्िपूणष अयस्क कै तसटेराइट ( ) या रटन स्टोन है। ठां डे देशों उपयोग दकया जाता है। में सफे द रटन. लेदकन पजक सोडा. फ्लैश लाइट पाउडर और थमाषईट िेपपडग में दकया साइनाइड की तुलना में अतधक जहरीला होता है। जाता है।  पोटेतशयम हाइड्रोक्साइड (KOH) को नरम साबुन बनाने में प्रयुक्त होने अमोनल (एपयूतमतनयम पाउडर और अमोतनयम नाइरेट का तमश्रण). तजससे उन्हें हिा से दक्रया करने से बचाया जा सके । तजसे प्लास्टर ऑफ पेररस कहते हैं.bankersadda. तखलौने  सोतडयम बाइकाबोनेट ( ). स्रोंरटयम. सीतज़यम कै तपशयम ऑक्साइड (CaO) को दक्वक लाइम भी कहा जाता है। इसका उपयोग (गलनाांक पबदु 28. इसमें Ca/Cr और एपयुतमतनयम तसतलके जस ( ) होते हैं। बफष बारी के बाद सड़क पर डी-आइपसग डी-आइपसग. रूबेतडयम और सीतज़यम एलकली धातुयें हैं। एलकली धातुओं को कै रोसीन या तरल पैरादफन के अन्दर रखा जाता कै तपशयम सपफे ट. साबुन. प्रकृ तत में. तजप्सम ( ). जो पानी के साथ गीला करने पर तैयार दकया जाता है। कठोर बॉडी के रूप में सेट हो जाता है और इसका इस्तेमाल मूर्ततयाां . सोतडयम. िॉपशग सोडा का उपयोग काांच.com | www. तजसका www. तजसे डाईंग में मोडेंट के रूप में उपयोग दकया जाता है। ( ) प्रकृ तत में उभयधमी है। Mg ( ) को तमपक ऑफ मैग्नीतशया कहा जाता है और एक एांटीतसड के रूप में उपयोग दकया जाता है। लैड (Pb) लैड मुख्य रूप से सपफाइड अयस्क के रूप में पाया जाता है तजसे गैलन े ा (PbS) कहा जाता है। लाल लैड (तमतनयम या पसधुर) है. पोटेतशयम. बेककग सोडा का उपयोग उत्तेजक आदद बनाने में. कै तपशयम काबाषइड. टू टी हुई हतड्डयों को सही तस्थतत में लाने के तलए तचदकत्सा पेय पदाथों और फलों के लिण में. अतग्नरोधकों में दकया जाता है और उपकरणों में और दन्त तचदकत्सा में दकया जाता है। इसका उपयोग सेस्क्वीकाबोनेट को बनाने में भी दकया जाता है। यह ऊन धोने के तलए प्रयोग दकया जाता है। कु छ महत्िपूणष धातुएां और उनका उपयोग  सोतडयम काबोनेट ( ). कै तपशयम.in | www. तजसे हीरे के बाद एक कृ तिम पदाथष के  सोतडयम तथयोसपफे ट ( ) या हाइपो का उपयोग रूप में जाना जाता है और नॉर्तबया के रूप में जाना जाता है। फोटोग्राफी में एक तस्थरण कारक के रूप में दकया जाता है। ऑथोबोररक अभल ( ) का उपयोग बोररक लोशन के नाम से एक  पोटेतशयम सुपरऑक्साइड ( ) का उपयोग स्पेस कै प्सूलों.adda247.sscadda. ग्रे रटन (पाउडर) में बदल जाता है. ब्ललीपचग पाउडर. पनडु तब्लबयों एांटीसेतप्टक और आई िॉश के रूप में दकया जाता है। और ब्रीपथग मास्क में दकया जाता है.4 तडग्री सेतपसयस) और गैतलयम (गलनाांक पबदु 29. बटर ऑफ रटन सामूतहक रूप से एपकलाइन भू-धातुओं के रूप में जाना जाता है। Be कहलाता है. बुझा हुआ चूना [ ( )] का उपयोग कातस्टक  लगभग सभी धातु ऑक्साइड प्रकृ तत में क्षारीय होते हैं. है. सतह पर लिण का उपयोग करके एक सतह से बफष को हटाने की रटन (Sn) प्रदक्रया है। आजकल इस उद्देश्य के तलए.careerpower.com | www. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  पारा (गलनाांक पबदु -39 तडग्री सेतपसयस) जो तरल है. लोहे के तनष्कर्षण में तथा अमोतनया और अपकोहल के छोड़कर धातुएां कमरे के तापमान पर ठोस होती हैं। तलए एक शुष्कन कारक के रूप में दकया जाता है।  धातुयें प्रकृ तत में तिद्युत् धनात्मक होती हैं. कै तपशयम क्लोराइड.

अयस्क कहलाते हैं। गैंग या मैररक्स अयस्क में शातमल अशुतद्याां हैं। िेनेतडयम (V) धातु अयस्क रासायतनक सांघटक िेनेतडयम पेन्टॉक्साइड ( ) सांपकष प्रदक्रया द्वारा सपफ्यूररक एतसड के सोतडयम रॉक सापट NaCI तनमाषण के तलए एक बहुत अच्छा उत्प्रेरक है। तचली सापटपीटर बोरेक्स टांगस्टन पोटेतशयम कानाषपलाइट टांगस्टन दफलामेंजस तबजली के बपबों में उपयोग दकये जाते हैं। एक्स-रे ट्डूब में KCI तसपिाइन कै तपशयम टांगस्टेट का उपयोग दकया जाता है। मैग्नीतशयम कानाषपलाइट KCI.5%) शातमल होती है। क्रायोलाइट आयरन (II) हीमोग्लोतबन (रक्त) में मौजूद होता है। फे पसपार मैंगनीज पायरोपयुसाईट Mn माइपड इस्पात में 0.25% -0. लुनार कातस्टक कहलाता रूबी तसपिर है। सोना कापिेराइट को नीला तिररयल या नीला थोथा कहते हैं और को तसपिानाइट फू पस गोपड कहा जाता है। पजक पजक ब्ललेंडे ZnS कै लेमाइन Zn पारा (Hg) तजन्काईट ZnO मक्यूषररक सपफाइड (HgS) का उपयोग मकरध्िज के रूप में आयुिेददक दिा में ZnO. क्रोतमयम (Cr) और तनके ल (Ni) की तमश्रधातु है। मैग्नेटाईट फे ररक क्लोराइड ( ) का उपयोग कट लग जाने पर रक्तस्राि को रोकने के आयरन पाइराइजस तलए स्टाईतपक के रूप में दकया जाता है। फे रस सपफे ट ( ) का उपयोग तसड्राईट नीली काली स्याही बनाने में दकया जाता है। कॉपर कॉपर ग्लाांस कॉपर पायराइजस ताांबा. िापि एिां हीट पाई जाती हैं.adda247. चाांदी और सोना (Cu.bankersadda.sscadda. आयरन (Fe) मैगनेसाइट इसे हेमेटाइट अयस्क से तनकाला जाता है। एस्बेस्टोस कच्चा लोहा. एक कॉस्मेरटक की तरह दकया जाता है। रैं कतलनाईट पारा तसनाबार HgS पजक (Zn) रटन कै तस्सटेराईट इसका उपयोग लोहे को जांग से बचाने के तलए गैपिनीकरण में दकया जाता है। लैड गैलेना PbS एक्स-रे स्क्रीन को बनाने में पजक सपफाइड का उपयोग दकया जाता है। के रूसाईट पजक ऑक्साइड को दफलोतसफसष िूल के रूप में जाना जाता है। पजक सपफे ट एांगलेसाइट ( ) सफे द तिररयोल है। कु छ महत्िपूणष तमश्रधातुएां और उनका उपयोग धातुकमष www. तजसमें धातुयें और अन्य अशुतद्याुँ तमतश्रत अिस्था में इसका इस्तेमाल परमाणु ररएक्टरों के कोर बनाने और पांप.5% काबषन होता है। नरम इस्पात में 0.com | www.लोहा (Fe).com 29 .25% तक काबषन होता है। मैंगनीज ब्ललेंडे MnS लोहा हैमेटाईट स्टेनलेस स्टील.5-4% काबषन होता कै तपशयम लीमा स्टोन है। तजप्सम फ्लोसषपार तपटिाां लोहा या आघातिध्यष लोहा लोहे का सबसे शुद्तम रूप है और इसमें एपयुतमतनयम बॉक्साइट न्यूनतम काबषन मािा (0. Ag और Au) मैलेकाईट ( ) इन्हें तसक्का धातु कहा जाता है। चाांदी को दाांतों में दफपलग करने के तलए ( ) एज्युराइट अमलगम के रूप में और चाांदी के दपषणों में उपयोग दकया जाता है। तसपिर चाांदी तसपिर ग्लाांस ब्रोमाइड (AgBr) का उपयोग फोटोग्राफी में दकया जाता है। स्याही और बालों AgCI हॉनष तसपिर की डाई तैयार करने में उपयोग होने िाला .in | www.com | www. उन्हें खतनज कहा जाता है। एक्सचेंजसष बनाने के तलए दकया जाता है। िे खतनज. तजनसे धातुओं को आसानी से और लाभपूिषक तनकाला जा सकता है.5% काबषन होता है। जबदक कठोर इस्पात में मैंगनाइट 0. अयस्क और गैंग तज़रकोतनयम (Zr) िह प्राकृ ततक पदाथष.12-0. यह लोहे का सबसे अशुद् रूप है और इसमें 2.5% -1.careerpower. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography उपयोग लोहे के तलए सुरक्षात्मक पेंट बनाने के तलए और मैच उद्योग में दकया धातुओं को उनके अयस्कों से तनकालने की प्रदक्रया को धातुकमष कहा जाता है। जाता है। खतनज.

और कम मािा में लोहे. उपयोग . Cd 12.sscadda. बतषन और मूर्ततयाां बनाने में पांप. sn 33% उपयोग . जैसे पीतल पर सोने की एक पतली परत का लेप चढ़ा कॉइन मेटल - ददया जाए.कॉपर 75%.careerpower. दफरटग्स. Sn 50% अमलगम: उपयोग – इसका उपयोग मुख्यतः तिद्युत् तारों को जोड़ने में दकया जाता है। सोतडयम. काबषन और तसतलकॉन के ब्रोंज साथ ताांबा। सांघटक . Tl तत्ि. Ni 15-26% . गैर-ध्िन्यात्मक तथा ऊष्मा और तिद्युत् की उपयोग – हिाईजहाज और जहाज इत्यादद के भागों को बनाने में। कु चालक होती हैं। इनके गलनाांक और क्वथनाांक पबदु कम होते हैं। ये ऑक्सीजन के साथ ऑक्साइड बनाती हैं.सर्तजकल उपकरणों. Sn 10%.5%.Pb 50%. शाफ्ट. मशीन के भागों और कै नोन इत्यादद को बनाने में उपयोगी तमश्रधातुओं को तमश्रण के रूप में माना जाता है क्योंदक ये अपने सांघटकों के है। गुणों को प्रदर्तशत करती हैं और इनके पररितषनीय सांघटक हो सकते हैं। सोपडर मेटल सांघटक .Mn 0.5%. सोना और जस्ता इत्यादद जैसी अन्य धातुओं के साथ पारा की तमश्रधातुओं को अमलगम कहा जाता है। बेल मेटल- अमलगम को लोहे की बोतलों में रखा जाता है.bankersadda.यह सांक्षारण और अभल के तलए प्रततरोधी है और इस प्रकार िापि.चाांदी 92.77%.in | www.Al 8-12% .क्लोरीन ( ).Al 95%. ऑटोमेरटक तस्प्रन्कलसष सांघटक .(Ni + Cr) 18 प्लांबसष सोपडर उपयोग . Zn 33% मोनेल उपयोग – हाडषिेयर िस्तुएां सांघटक.U.com | www.गहने. तनयॉन सांघटक . कला िस्तुएां तमश्रधातुए.तसक्के. अथाषत. उनका उपयोग उद्योग में उपयोग – यह इलेक्रोप्लेरटग और बतषनों को बनाने में उपयोगी है। उनके शुद् रूप में नहीं दकया जाता है। उनके गुणों को अन्य तत्ि तमलाकर सांशोतधत दकया जाता है। स्टेर्डलग तसपिर सांघटक . आमतौर पर 9 कै रेट से अतधक शुद्ता िाली। सांघटक . घतड़याां और बतषन आदद बनाने में सांघटक . SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography अधातुयें ड्यूरापयुतमन ये ठोस.Cu 67%. फास्टनरों और हीट एक्सचेंजसष बनाने के तलए इसका उपयोग दकया जाता है। स्टेनलैस स्टील सांघटक .Bi 50%. Pb 25%.कॉपर 90%.Mg 5% रासायतनक बांधन उपयोग – हपकी िस्तुएां और दफतजकल बैलेंस इत्यादद बनाने में रासायतनक बांधन www. Co 5-24% .Ni 67%. Ni 20% शुद् धातुओं में कमजोर याांतिक गुण होते हैं। इसतलए.Zn 20%.Fe 82%.5% ये नरम.23% तमश्रण नहीं बना सकता है। उपयोग – बेल बनाने में रोपड गोपड एक धातु है. भांगुर.adda247.5% येलो ब्रास उपयोग – फ्यूज प्लग. तनके ल 25% ब्रास उपयोग . जीनोन (Xe) और कु छ अन्य p-ब्ललॉक के शेर्: Fe.Pb 67%.Zn 2% चुांबकीय एिां तन्य होती हैं। उपयोग – यह गन.जोड़ों पर टाांका लगाने में मैग्नते लयम सांघटक . पोटेतशयम. क्योंदक लोहा पारा के साथ सांघटक . कॉपर 70% िुड्स मेटल उपयोग – बतषन. गहने. ताांबा 7. मैंगनीज. तरल या गैस हो सकती हैं (ब्रोमीन एक-माि तरल अधातु है)। सांघटक . रटन .हीतलयम (He).Cu 6% (Ne). गैर-चमकदार. रटन 10% उपयोग. आगषन (Ar).पजक 30%. जैसे.com 30 .5% तमश्रधातुओं की तिशेर्ताएां: उपयोग .Cu 60% .Cu 88%. धातुओं का समाांग तमश्रण हैं और भौततक तितधयों द्वारा उन्हें उनके जमषन तसपिर सांघटकों में अलग नहीं दकया जा सकता। सांघटक .com | www.S तसक्के सांघटक .ां क्षारीय धातुओं की तुलना में कठोर और कड़ी होती हैं और सांक्षारण के तलए प्रततरोधी होती हैं। गन मेटल िे आमतौर पर उपयोग दकए जाने िाले रसायनों के तलए तनतष्क्रय होती हैं और सांघटक .ताांबा . Sn 12. दक्रप्टोन (Kr). ब्रोमीन ( ) और फॉस्फोरस (P) इत्यादद। उपयोग – यह चुांबकों को बनाने में उपयोगी है। तमश्रधातुयें.Al 95% . Cu 4% . जो आमतौर पर अभलीय होते हैं। अपनीको इनके उदाहरणों में उत्कृ ष्ट गैसें शातमल हैं. पाइप और रेतडएटर मूर्ततयाां आदद बनाने में सांघटक .

यदद A (या B) पर एकाकी युग्म को इलेक्रोन की कमी िाले बल प्रकारों के आधार पर तिभातजत दकया गया है B (या A) को ददया जाए। .com | www. डबल या ररपल हो सकता है. जैतिक प्रणाली में तथा प्रोटीन और न्यूतक्लक अभल के स्थातयत्ि में एक महत्िपूणष भूतमका भी तनभाता है। www.उपसहसांयोजी या दाता सहसांयोजी बांध . उसके पास कम से कम इलेक्रॉनों का एक o तग्लसरॉल तचपतचपा है और अांतरातण्िक H-बांधन की उपतस्थतत के कारण एकाकी-युग्म होना चातहए और दूसरे परमाणु को कम से कम इलेक्रॉनों के एक इसका क्वथनाांक पबदु बहुत अतधक होता है। युग्म की कमी होनी चातहए। o H-बांधन. लेदकन काबषतनक तिलायक में घुलनशील होते हैं। o इांटरमोलीक्यूलर H. यदद तिद्युतऋणात्मकता के बीच अतधक अांतर हो। रासायतनक बांध के प्रकार – सहसांयोजी.हाइड्रोजन बांध आयतनक और सांयोजी बांध िाले यौतगक . यह एक यौतगक कु छ सहसांयोजी यौतगक के तितभन्न अणुओं के बीच पाया जाता है और पररणामस्िरूप पानी में नाम सूि तत्िों के भाग घुलनशीलता बढ़ जाती है और क्वथनाांक पबदु अतधक हो जाता है। अपकोहल (एथेनोल) C. अणु या आयन) के पूणष अष्टक होने िाला परमाणु जो साझा करने के तलए इलेक्रॉन युग्म प्रदान पूणष अष्टक नहीं होते हैं. सहसांयोजी और उपसहसांयोजी बांधों िाले यौतगक अमोतनयम क्लोराइड और नाम सूि कै तपशयम क्लोराइड और अमोतनयम क्लोराइड अमोतनयम ब्रोमाइड सहसांयोजी बांध िह बांध. इलेक्रोन राांसफर या साझा इलेक्रॉन या आकर्षण – उपसहसांयोजी.com 31 .िान डीर िापस' बल नाम सूि पोटेतशयम साइनाइड KCN तिद्युतसांयोजक बांध सोतडयम हाइड्रोक्साइड NaOH एक परमाणु से दूसरे परमाणु तक इलेक्रॉनों के हस्ताांतरण द्वारा बनाया गया कै तपशयम काबोनेट Ca बांध तिद्युतसांयोजक बांध कहलाता है और यह यौतगक तिद्युतसांयोजक यौतगक या आयतनक यौतगक कहलाता है। ये बांध धातुओं और अधातुओं के बीच बनते सहसांयोजी और उपसहसांयोजी बांध िाले यौतगक हैं। नाम सूि इन्हें जब जल में घोला जाता है. H और O अमोतनया N और H o इांरामोलीक्यूलर H. तो ये तिद्युतीय व्यिहार करते हैं और जल में काबषन मोनोक्साइड CO घुलनशील भी हैं। ये अपकोहल इत्यादद जैसे काबषतनक तिलायकों में ओजोन अघुलनशील हैं। डाईनाइरोजन ऑक्साइड डाईनाइरोजन कु छ तिद्युतसांयोजक यौतगक (आयतनक यौतगक) राईऑक्साइड नाम सूि आयन उपतस्थतत नाइररक अभल एपयुतमतनयम ऑक्साइड और (एपयुतमना) िैद्यत ु सांयोजक. HF. जो समान (या अलग-अलग) तत्िों के दो परमाणुओं के बीच हाइड्रोजन बांध इलेक्रॉनों के साझाकरण द्वारा तनर्तमत होता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography उत्कृ ष्ट गैसों को छोड़कर तितभन्न तत्िों के सांघटकों (परमाणु.बांधन (उदा. यदद A और B दोनों पर तिद्युतऋणात्मकता का समान मान हो। उन्हें तनम्नतलतखत प्रकारों में. यह समान अणु के एसेटाइलीन (एथाइन) C और H तितभन्न भागों में पाया जाता है और पररणामस्िरूप पानी में घुलनशीलता घट जाती है और क्वथनाांक पबदु कम हो जाता है। उपसहसांयोजी या दाता बांध यह बांध दो परमाणुओं के बीच इलेक्रानों के एक युग्म की एक तरफा साझेदारी o O—H. o-नाइरोदफनोल). सहसांयोजी बांध कहलाता है। हाइड्रोजन परमाणु (जो एक अत्यतधक तिद्युतऋणात्मक परमाणु के साथ सहसांयोजी बांध पसगल.तिद्युतसांयोजक या आयतनक बांध . जल ( ) अणु).sscadda.in | www.बांधन (उदा.com | www.सहसांयोजी बांध . यह इलेक्रॉनों के साझा सहसांयोजी रूप से जुड़ा हुआ है) और समान या तितभन्न अणुओं में उपतस्थत दकए जाने िाले युग्मों की सांख्या पर तनभषर करता है। दकन्हीं अन्य तिद्युत्ऋणात्मक परमाणुओं के बीच स्थैततक तिद्युत आकर्षण बल सहसांयोजी यौतगक आमतौर पर कम गलनाांक और क्वथनाांक पबदु िाले तरल या को हाइड्रोजन बांध कहा जाता है। गैस होते हैं। ये तिद्युतीय व्यिहार नहीं करते हैं और जल में अघुलनशील होते यह ठोस अिस्था में अतधकतम और गैसीय अिस्था में न्यूनतम होता है। हैं.careerpower. इसतलए िे पूणष अष्टक (स्थायी) प्राप्त करने के तलए करता है. को दाता के रूप में जाना जाता है। अन्य परमाणु जो इलेक्रॉन युग्म रासायतनक बांधों द्वारा अन्य सांघटक परमाणुओं के साथ जुड़ जाते हैं। उनके को स्िीकार करता है. ग्राही कहलाता है। सांयोजन की प्रदक्रया को रासायतनक बांधन कहा जाता है। रासायतनक बांधन परमाणुओं की सांयोजकता पर तनभषर करता है। A और B के बीच बांधन तितशष्ट रूप से होता है: – आयतनक.bankersadda. N—H या H—F बांध िाले अणु H-बांध बनने के कारण असामान्य से बनता है। उपसहसांयोजी बांध बनने के तलए आिश्यक शतष यह है दक एक गुण दशाषते हैं। उदाहरण के तलए- परमाणु का अष्टक पूणष होना चातहए.adda247.

com | www. मीथेन ( ) सबसे प्रचुर हाइड्रोकाबषन प्रदूर्क है। हातनकारक होती है. अतग्नशामकों में और एयरोसोल स्प्रेयर में दकया जाता है। www. फामाषपडेहाइड) का तमश्रण होता है। धूम्रकोहरे में उपतस्थत पेरोक्सीएसेटाइल नाइरेट (PAN) और एपडेहाइड आुँखों काबषन मोनोऑक्साइड (CO) में जलन पैदा करते हैं। PAN में पौधों के तलए अत्यतधक तिर्ाक्तता होती है। हीमोग्लोतबन के साथ और अतधक तस्थर काबोक्सीहीमोग्लोतबन के तमश्रण से यह नई पतत्तयों पर प्रहार करती है और इसके कारण उनकी सतहों पर ब्रोंपजग प्राप्त. अथाषत. पृथ्िी अत्यांत ठां डे ग्रह में पररिर्ततत हो जायेगी। जब ग्रीन हाउस प्रदूर्ण का कारण बनने िाले पदाथष को प्रदूर्क के रूप में जाना जाता है। गैसों की साांद्रता बढ़ जाती है. मीथेन और जल िाष्प जैसी ग्रीन हाउस गैसें पृथ्िी से तलए के िल एक पैर के अांगूठे पर लटक सकती है. सतह और पैरों के बीच िान तनकलने िाली गमी को सोख लेती हैं। इससे पृथ्िी के तापमान में िृतद् होती डीर िापस बल को दशाषती है। है। िायुमांडल में ग्रीन हाउस गैसों द्वारा अिरक्त तिदकरण के सोखने के कारण पृथ्िी और इसकी िस्तुओं का गमष होना. जो अभल िर्ाष करने के तलए एक (नाइरोजन ऑक्साइड और काबषन मोनोऑक्साइड) और तद्वतीयक प्रदूर्कों महत्िपूणष कारक है। (ओजोन. अिशोतर्त कर लेती है। हाइड्रोकाबषनों की उच्च साांद्रता कैं सरजनक. तजसके कारण पतत्तयाां ईंधन के दहन से प्राप्त अतभकण पदाथष क्लातसकल धूम्रकोहरे के मुख्य घटक हैं। तगरने लगती हैं। यह एक सांक्षारक ऑक्साइड है और धूम्रकोहरे के तनमाषण में मदद करता है। फोटोके तमकल धूम्रकोहरा ऑक्सीजन की उपतस्थतत में. नाइररक ऑक्साइड (NO). माबषलों (ताज महल) और उद्योगों को क्षतत पहुांचाता है। व्हाइट लांग तडजीज कपड़ा उद्योग के मजदूरों में पाई जाती है .sscadda.यानी कैं सर होने िाले ओजोन परत का क्षरण मानि में त्िचा कैं सर एिां मोततयापबद और महासागरों प्रभाि उत्पन्न करती है। िे पौधों की उम्र बढ़ने. क्लोरोप्लास्ट के बनने की दर को कम करता है और इस जाने के कारण प्रकार क्लोरोतसस का कारण बनता है। अत्यतधक सांक्षारक है और ब्ललैक लांग तडजीज कोयले की खानों के कमषचाररयों में पाई जाती है इमारतों. नाइरोजन अभल िर्ाष डाइऑक्साइड ( ) आदद। यह हिा में नाइरोजन और सपफर के आक्साइड्स की उपतस्थतत के कारण — तद्वतीयक प्रदूर्क प्राथतमक प्रदूर्कों की अतभदक्रया के उत्पाद हैं.adda247. तीक्ष्ण गांध के साथ एक भूरे रांग की क्लातसकल धूम्रकोहरा गैस. िातस्फीतत हो जाते हैं। यह आांख और गले में जलन एिां कारण ब्रीथलेसनेस का कारण भी है। तसतलकोतसस मुक्त तसतलका ( ) साुँस के साथ अांदर ले सपफर डाइऑक्साइड. तजनका प्रयोग शीतलन में. सपफर डाइऑक्साइड ( ). SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography िान डीर िापस बल िायुमड ां लीय प्रदूर्ण के पररणाम तछपकली की क्षमता.com | www.careerpower. उदा. पानी या नमी से प्रततदक्रया करता है और ये गमष. क्योंदक इसकी िायुमड ां लीय प्रदूर्ण अनुपतस्थतत में. आद्रष जलिायु में पाया जाता है। सपफर डाईऑक्साइड ( ) और सजीि ऊतकों के तलए अत्यतधक खतरनाक है. ओजोन परत सूयष की पराबैंगनी दकरणों को. ग्रीन हाउस प्रभाि कहलाता है। िायुमड ां लीय प्रदूर्ण ग्रीन हाउस प्रभाि जीिन के अतस्तत्ि के तलए बहुत जरूरी है.bankersadda. अस्थमा. ऑक्सीकृ त होकर बनाता है. तो ग्रीन हाउस प्रभाि भी बढ़ जाता है। इसे प्रदूर्क दो प्रकार के होते हैं ग्लोबल िार्डमग के रूप में जाना जाता है। — प्राथतमक प्रदूर्क पयाषिरण में उसी रूप में मौजूद रहते हैं तजसमें उन्हें उत्पाददत दकया जाता है. तजसके कारण अांगों और ऊतकों को ऑक्सीजन का तितरण बांद हो जाता और ग्लेपज़ग हो जाती है। है। स्रैटोतस्फयररक प्रदूर्ण हाइड्रोकाबषन स्रैटोतस्फयर में. काबषन और हाइड्रोकाबषन के अतभकण आक्साइड हैं। अतभकणों के कारण होने िाले रोग सपफर डाइऑक्साइड ( ) रोग कारण यह जानिरों और पौधों दोनों के तलए अत्यतधक जहरीला है. जो जीिों के तलए हाइड्रोकाबषनों में से. तजसके कारण िह शीशे की लांबित सतह पर चढ़ने के काबषन डाइऑक्साइड. जो जल से दक्रया करके बाईतसनोतसस कपास रेशे की धूल को साांस के साथ अन्दर ले देता है शेर् ड्रोप्लेजस के रूप में तनलांतबत हो जाता है और जाने के कारण अभल िर्ाष के रूप में नीचे आ जाता है। धूम्रकोहरा नाइरोजन के ऑक्साइड इसके दो प्रकार हैं: नाइरोजन के ऑक्साइड में से. होती है। ये ऑक्साइड बाररश के पानी में घुल जाते हैं और क्रमशः नाइररक पेरोक्सीसाइट नाइरेट (PAN). रोपोस्फे ररक प्रदूर्क के रूप में कायष करता है। यह ठां डे.com 32 . गांधहीन गैस और नाइरोजन डाइऑक्साइड ( ). एतपडहाइड आदद। अभल एिां सपफ्यूररक अभल बनाते हैं। अभलों सतहत बाररश को अभल िर्ाष कहा जाता है। प्रमुख गैसीय िायु प्रदूर्क प्रमुख गैसीय िायु प्रदूर्ण सपफर. पौधे में ऊतकों की कमी और में प्लैंकटांस की कमी एिां पौधों की कमी का कारण बनता है। पतत्तयों की शेपडग का कारण होते हैं। ओजोन परत के क्षरण का कारण क्लोरोफ्लोरो काबषन है. इसके कारण क्लोमगोलाणुरुग्णता कोयले की धूल साुँस के साथ अांदर ले जाने के ब्रोंकाइरटस.in | www. नाइरोजन. एक रांगहीन. ओजोन ( ). शुष्क और साफ़ जलिायु में पाया जाता है। इसमें प्राथतमक प्रदूर्कों नाइररक एतसड ( ) बनाता है. उदा.

adda247.com | www. 5 ppm से कम होता है जबदक उच्च प्रदूतर्त जल के इस सांख्या को एिोगाडो सांख्या के रूप में जाना जाता है और यह तलए.com | www. DO का अतधकतम मान 5-6 ppm होता है। यदद DO. तस्थर होता है"। इस तछद्र का तनमाषण पोलर स्रैटोतस्फयररक क्लाउड्स (PSCs) कहलाने िाले • चापसष का तनयम: "तस्थर दाब पर. फ्लोराइड. जबदक कै तमकल ऑक्सीजन तडमाांड (COD). ओजोन परत के क्षरण से ओजोन तछद्र हो गया है. तापमान में प्रतत तडग्री सेतपसयस जल प्रदूर्ण िृतद् या कमी के तलए गैस के ददए गए द्रव्यमान का दाब. दाब ऑगषतनक रसायनतिज्ञान और तापमान के तीन िैररएबल के बीच सांबांध स्थातपत करता है। काबषतनक रसायन तिज्ञान को हाइड्रोकाबषन और उनके डेररिेरटव्स के अध्ययन के रूप में पररभातर्त दकया गया है। अतधकाांश परमाणु के िल छोटे अणुओं को www.sscadda. कु छ तिलीन ऑक्सीजन (DO) भी मौजूद होती है। स्िस्थ जलीय आयतन. तजसमें एक पदाथष दूसरे के साथ आणतिक गतत के कारण तमतश्रत हो जाता है.careerpower. हम जानते हैं दक सभी आिश्यक ऑक्सीजन की मािा ( में) गैसों के समान आयतन में सामान्य तापमान और दाब पर समान सांख्या जल सैभपल का आयतन ( में) में अणु होते हैं। स्िच्छ जल के तलए. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography स्रैटोतस्फयर में. पानी के 1ली सैभपल में उपतस्थत • गे-लुसाक का तनयम: जब गैसीय पदाथों का उत्पादन करने के तलए काबषतनक पदाथष के अपघटन के तलए सूक्ष्म जीिों द्वारा आिश्यक ऑक्सीजन की तितभन्न गैसें एक दूसरे के साथ प्रततदक्रया करती हैं.bankersadda. गैसों के गुण कहा जाता है. T और n (मोल गैसों के गुण की सांख्या) के ज्ञात मान होते हैं. गैस के मोल की सांख्या और इसके आयतन के बीच समानुपाततक सांबांध दशाषता है। बायोकै तमकल ऑक्सीजन तडमाांड (BOD). गैसों के समान आयतन में. जो गैसों के आयतन. गैस के ददए गए द्रव्यमान का आयतन इस क्षेि में स्पेशल क्लाउड्स के सांचयीकरण और क्लोरोफ्लोरो काबषन (CFCs) 32˚F पर इसके मूल आयतन से 1/273 बढ़ जाता है या घट जाता है. V. यह मुख्य • बॉयल का तनयम: "शुष्क गैस के ददए गए द्रव्यमान के आयतन और दाब रूप से अांटाकष रटका के स्रैटोतस्फयर में देखा गया है। का गुणनफल. एक जल की समान तस्थतत में. तो अन्य िैररएबल बदल जाते हैं। इस प्रकार ये गैस तनयम गैस के आयतन.com 33 . इत्यादद दाब की एक तस्थर तभन्न (= 1/273) द्वारा बढ़ता या घटता है। अशुतद्यों द्वारा दूतर्त होता है। • एिोगाडो का तनयम: यह काफी सहजज्ञ है: एक तनतित दाब बद् गैस का पानी में. पीने का पानी आसेतनक. के अांतिाषह के कारण हुआ है। तापमान में प्रतत तडग्री सेंटीग्रेड की िृतद् या कमी के तलए। • दाब का तनयम: आयतन तस्थर रहता है. BOD. तनरांतर गतत में होने पर. तो तापमान और दाब कु ल मािा (mg में) है. एक तनतित आयतन प्राप्त करता है। जब तीन िैररएबल में से दकसी को भी बदल ददया जाता है. तजसका अथष है दक गैस के अन्य सभी भौततक गुण भी • गैस का कोई तनतित आयतन या आकार नहीं होता है। िर्तणत हैं। इन अिस्था िैररएिल के बीच सांबांध को अिस्था के समीकरण • गैसों की अन्य उत्कृ ष्ट तिशेर्ता.in | www. यह 17 ppm या इससे अतधक होता है। 6. यहाां तक दक गुरुत्ि के तिपरीत- तिसरण कहलाता है। • गैस का दाब: दकसी गैस के अणु. तरल पदाथष और ठोस पदाथों की तुलना के रूप में जाना जाता है। में उनका कम घनत्ि है। • एक आदशष गैस एक कापपतनक गैस है जो गैस तनयमों का पालन करती है • सभी गैसों का फै लाि समान तापाांतर के कारण बराबर होता है। और इसका आयतन 0 K पर 0 है. समान सांख्या में अणु होते हैं। से कम है तो मछतलयों की िृतद् रुक जाती है। एिोगाडो का तनयम इस प्रकार. तापमान और दाब के बीच सांबांध को तनयांतित करते हैं। तापमान और दाब की तनतित शतों के तहत.06X1023 के बराबर होती है। • अिस्था का आदशष गैस समीकरण: यदद िैररएबल P. अपने रासायतनक सांघटकों से अलग. यूरेतनयम. दकसी गैस का ददया गया द्रव्यमान. दक्रया करने िाली गैसों और उत्पाद गैसों की मािा सैभपल में प्रदूर्कों द्वारा खपत की गई ऑक्सीजन की कु ल मािा (ppm में) को एक दूसरे में एक साधारण अनुपात रखती है। दशाषती है। • एिोगाडो सांख्या: एिोगाडो की अिधारणा से. तब एक गैस को एक तनतित अिस्था में 1. तस्थर तापमान पर. अथाषत ऐसी गैस मौजूद नहीं है। • गैसों का तिसरण: िह प्रदक्रया. 5 ppm मापे गए. कु छ तनतित तनयमों का पालन करती हैं. गैस की मािा के समानुपाती है। समान तापमान और दाब पर जीिन के तलए. 5˚C पर इसके भारत के कु छ तहस्सों में. अक्सर अपने कां टेनर की आांतररक दीिारों पर प्रहार करते हैं। • तापमान और तापमान के पैमाने: तापमान को औसत ऊष्मा के माप के रूप में पररभातर्त दकया गया है। तापमान कणों की सांख्या या आकार और िस्तु के आकार से स्ितांि है। • सांपीड़नशीलता: गैस के कणों में उनके बीच अतधक अन्तरातण्िक स्थान होता है। दाब के अनुप्रयोग द्वारा इस स्थान को अतधकतम कम दकया जा सकता है और कणों को नजदीक लाया जा सकता है। अतः गैस की मािा को बहुत कम दकया जा सकता है। इसे गैस का सांपीड़न कहा जाता है। गैस तनयम • सभी गैसें.

R-22 के उत्पादन प्राकृ ततक गैस में ईथेन. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography बनाने में सक्षम होते हैं। हालाांदक एक या दो बड़े अणुओं का तनमाषण कर सकते बेंजीन ( ) हैं। यह साधारण सुगतन्धत हाइड्रोकाबषन है। इसकी खोज फै राडे द्वारा 1825 में की यूररया प्रयोगशाला में बनाया जाने िाला पहला काबषतनक यौतगक था। यह गई थी। इसका उपयोग बेंज़ोल नाम से मोटर ईंधन के रूप में भी दकया जाता व्होलर (1828) द्वारा अकाबषतनक यौतगक अथाषत अमोतनयम साइनेट से तैयार था। दकया गया था। एसेरटक अभल कोपबे द्वारा तत्िों से सांिेतर्त पहला काबषतनक यौतगक था। टोपयून ( ) फां क्शनल समूह अणुओं के रासायतनक गुणों के तलए उत्तरदायी है। उदा. ड्रग्स (क्लोरेमाइन-T) और डाईस्टफ्स को एपकोहोतलक समूह है। बनाने में िातणतज्यक तिलायक के रूप में दकया जाता है। सैकेरीन और मुद्रण आइसोमर यौतगकों का आणतिक सूि समान होता है लेदकन सांरचना अलग स्याही के तनमाषण में उपयोग दकया जाता है। टोपयून का उपयोग एक एांटीरीज अलग होती है. अथाषत. OH इसका उपयोग तिस्फोटक (TNT).sscadda.careerpower. कपड़ों को कीटों से बचाने के तलए ये के िल काबषन और हाइड्रोजन के यौतगक हैं। दकया जाता है। सांतप्त ृ हाइड्रोकाबषन में के िल एक ही बांध होता हैं। इन्हें अपके न या पैरादफन भी कहा जाता है और सामान्य सूि है। मीथेन इस समूह का पहला हाइड्रोकाबषन के हैलोजेन डेररिेरटि सदस्य है। क्लोरोफोमष ( ) असांतप्त ृ हाइड्रोकाबषनों का सामान्य सूि अपके न के तलए और अपकाइन  इसकी खोज 1831 में लीतबग द्वारा की गई थी। के तलए है। इनमें कम से कम एक डबल (=) या ररपल (≡) बांध होता  इसे पूरी तरह से भरी हुई गहरे रांग की बोतलों में रखा जाता है. इसे माशष गैस या नम आग के रूप में भी जाना जाता है।  आज क्लोरोफॉमष का मुख्य उपयोग दरओन शीतलक. C2H6O की सांरचनाएां हो सकती हैं. तस्पररट ऑफ िाइन या ग्रेन अपकोहल के रूप में प्रयोग दकया जाता है। www. ब्लयूटेन आदद के साथ मुख्य रूप से 90% मीथेन में दकया जाता है। पाई जाती है। चािल कृ तर् िायुमांडलीय मीथेन का एक बड़ा स्रोत है। • यह खानों में तिस्फोट की घटना का कारण है। आइडोफोमष ( ) • इसका उपयोग काबषन ब्ललैक बनाने में एक ईंधन गैस के रूप में दकया जाता इसका उपयोग मुक्त आयोडीन के तनस्तार के कारण एांटीसेतप्टक के रूप में है। दकया जाता है। बायोगैस काबषन टेराक्लोराइड ( ) ऑक्सीजन की अनुपतस्थतत में बायोमास के क्षय के दौरान उत्पाददत। मीथेन पायरीन के नाम से अतग्नशामकों के रूप में उपयोग दकया जाता है। (75%) बायोगैस का मुख्य सांघटक है। डाइक्लोरो तडफे नील राइक्लोरो ईथेन (DDT) ईथेन ( ) यह पहला क्लोरीनीकृ त जैतिक कीटनाशक था और मूल रूप से 1873 में तैयार प्राकृ ततक गैस में लगभग 10% ईथेन होती है। इसके हेक्जाक्लोरो डेरीिेरटि दकया गया था। का उपयोग एक कृ तिम कपूर के रूप में दकया जाता है। एपकोहोल ब्लयूटेन ( ) तमथाइल अपकोहल ( ) यह LPG (तलदक्वफाइड पेरोतलयम गैस) का मुख्य सांघटक है।  इसे िुड तस्पररट या िुड नेफ्था के रूप में भी जाना जाता है।  तमथाइल अपकोहल जहरीली प्रिृतत्त की होती है और जब इसे अन्दर एथलीन ( ) तलया जाता है तो इससे अांधापन हो सकता है और मौत भी हो सकती है। तिश्व युद् (1914-18) में.com | www.com 34 .CH3OCH3 के रूप में दकया जाता है। (डाईतमथाइल ईथर) और C2H5OH (एथेनोल)। नेफ्थलीन ( ) हाइड्रोकाबषन इसका प्रयोग एक कीटनाशक के रूप में. उनकी अपटरनेट डबल बोंड्स और (4n + 2) – है और एक अत्यतधक जहरीली गैस फॉस्जीन ( ) का तनमाषण होता (हकल का तनयम) के साथ ररग सांरचना होती है। है।  यह साांदद्रत के साथ दक्रया करती है और क्लोरोतपकररन ( ) बनाती है। क्लोरोतप्सदकन एक कीटनाशक है और युद् महत्िपूणष हाइड्रोकाबषन और उनका उपयोग के समय जहरीली गैस के रूप में भी इसका प्रयोग दकया गया था। मीथेन (CH4).bankersadda. इसका उपयोग मस्टडष गैस (जहरीली गैस) के  इसका प्रयोग अपकोहल के डीनेचररग के तलए दकया जाता है तनमाषण के तलए दकया गया था। इसका प्रयोग सांरक्षण के तलए एक एनेस्थेरटक (मेथाइलेरटड तस्पररट डीनेचडष एथाइल अपकोहल है)। के रूप में और हरे फलों को कृ तिम रूप से पकाने के तलए दकया जाता है। एथाइल अपकोहोल ( ) एसेटीतलन (CH ≡ CH) इसे सामान्यतः अपकोहल.in | www.adda247. उदा.com | www. प्रोपेन. क्योंदक है और क्रमशः अपके न और अपकाइन कहलाते हैं। सूयष की रोशनी की उपतस्थतत में हिा द्वारा इसका ऑक्सीकरण हो जाता सुगांतधत हाइड्रोकाबषन.

यह लगभग 700 पदाथों का तमश्रण है।  फ्लेम का सबसे आांतररक भाग.जैलीन (BTX) सामान्य एांटीनॉक यौतगक हैं। क्लोरेट.careerpower. तबटु तमनस  गैसोहोल + यह ईथाइल अपकोहल (10%) और पेरोल (90%) का (70% काबषन). SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography तग्लसरॉल ( ) गुणित्ता बेहतर होती है। ऑटोमोबाइल में उपयोग दकए जाने िाले  यह तग्लसरीन के रूप में जाना जाने िाला एक महत्िपूणष राईहाइतड्रक गैसोलीन की ऑक्टेन सांख्या 80 या इससे अतधक.5 मायक्रोमीटर है। प्रिाह की प्रदक्रया है। जल भी तिसरण के तनयम का अनुशासन करता है। यह सबसे बड़े आकार की कोतशका 170 तमलीमीटर × 130 तमलीमीटर. ईथेन की कु छ मािा के साथ भोपाल गैस िासदी के तलए इस गैस का ररसाि तजभमेदार है। प्रोपेन. सीएनजी की ओक्टेन रेरटग 130 है। कोयले की तितभन्न दकस्में हैं: एन्रेसाइट (90% काबषन). प्रोपीन. तबटु तमन का उपयोग सड़कों को पक्का उपतस्थतत के कारण काला होता है। बनाने के तलए कोल टार के स्थान पर दकया जाता है।  मध्य भाग.  तरल नोदक अपकोहल. यूकेररयोरटक – कोतशका तजनमें तनतित नातभक होता है। उदहारण: बैक्टीररया और नीला-हरा शैिाल के अलािा परासरण के प्रकार: www. तो ईंधन की जीि तिज्ञान कोतशका कोतशका तझपली का अतधकाांश भाग प्रोटीन और फॉस्फोतलतपड यौतगकों से बना होता है। कोतशका : यह जीिन की मूल सांरचनात्मक इकाई है। सबसे पहले कोतशकाओं की खोज रोबटष हुक द्वारा की गई थी। तिसरण. अपकोहल है। इसमें ऑक्टेन सांख्या 100 या इससे अतधक होती है।  यह स्िाद में मीठा होता है और यह बहुत ही हाइग्रोस्कोतपक प्रकृ तत का है। इसका उपयोग सौंदयष प्रसाधन बनाने और पारदशी साबुनों के तनमाषण ईंधन: में दकया जाता है।  प्रोड्यूशर गैस. पेरोल की िाष्प और िायु पहले कम रॉके ट ईंधन: आयतन में सांकुतचत होते हैं और दफर एक स्पाकष द्वारा प्रज्ितलत होते हैं।  रॉके ट में उपयोग दकया जाने िाला ईंधन रॉके ट नोदक कहलाता है। यदद पेरोल की गुणित्ता अच्छी नहीं है.1 से 0.sscadda.in | www. प्रज्िलन की अगुिाई करता है। इससे एक धातत्िक आिाज़ उत्पन्न होती है के रोतसन तेल इत्यादद हैं। तजसे नॉककग के रूप में जाना जाता है। टेराइथाइल लैड (TEL) और  ठोस नोदक पॉलीब्लयूटाडीन और ऐक्रेतलक अभल हैं. आइसोब्लयूटेन और तितभन्न ब्लयूटेन जैसे हाइड्रोकाबषनों का तमश्रण है। एलपीजी का मुख्य स्रोत प्राकृ ततक गैस है। कोल  सीएनजी (कभप्रेस्ड नैचुरल गैस). यह ईंधन के आांतशक दहन के कारण पीला चमकदार होता है।  भारतीय कोयले की सबसे महत्िपूणष तिशेर्ताएां इसकी अतधक राख  बाहरी भाग.यह उच्च साांद्रता के क्षेि से कम साांद्रता के क्षेि की ओर पदाथष की नोट: बैक्टीररया में सबसे छोटी कोतशका 0. तलग्नाइट (40% काबषन) और पीट (10-15% काबषन)। तमश्रण है।  हिा की अनुपतस्थतत में 1270-1675 K पर गमष करने से.एक पेरोल इांजन में. इन्हें एपयूतमतनयम पर बेंजीन. यह प्राकृ ततक गैस का अत्यतधक  ऐसा माना जाता है दक इसका तनमाषण (काबोनाइजेशन) द्वारा हुआ था। सांपीतड़त रूप है. नाइरोजन और ऑक्सीजन का तमश्रण है। या बेंज़ोनोल के रूप में जाना जाता है।  ऑइल गैस और पेरोल गैस मीथेन.com | www. जबदक हिाई जहाज में. मीथेन.bankersadda. प्रोकायोरटक कोतशकाएां .तजन कोतशकाओं में कोई पररभातर्त नातभक नहीं होता है। परासरण: जल के अणुओं के सांचालन को परासरण कहा जाता है। परासरण उदाहरण: बैक्टीररया और नीला-हरा शैिाल एक चयतनत पारगभय तझपली के माध्यम से तिसरण की एक तिशेर् प्रदक्रया है। 2. यह ईंधन के पूणष दहन के कारण नीला (गैर -चमकदार) सामग्री. और कै रोतसन के क्रैककग से प्राप्त होती है। तमथाइल आइसोसाइनेट ( )  एलपीजी (तलदक्वफाइड पेरोतलयम गैस). कोयले का अपघटन होता है और तनम्नतलतखत उत्पाद बनते हैं। फ्लेम:  कोक आसिन के बाद शेर् बचा ठोस अिशेर् है। यह आग का गमष तहस्सा है और इसके तीन भाग हैं।  कोल टार. ईथेन. तरल हाइड्रोजन. n-ब्लयूटेन.com 35 . तो यह तसलेंडर में ईंधन के पूिष. एतसटीलीन.पेरोल की एांटीनॉककग तिशेर्ता को ऑक्टेन सांख्या के जाता है। सन्दभष में मापा जाता है। अतधक ऑक्टेन सांख्या होती है.टोपयून . काबषन मोनोऑक्साइड और नाइरोजन का तमश्रण है। िॉटर गैस. नाइरेट या क्लोरेट जैसे ऑक्सीकारकों के साथ प्रयोग दकया  ऑक्टेन सांख्या . एांरेन्ड गैसीफायसष और कम सपफर सामग्री हैं। होता है। यह फ्लेम का सबसे गमष तहस्सा होता है और सोने को गमष करने  पेरोतलयम के तितभन्न सांघटकों/ अांशों को अलग करने की प्रदक्रया को के तलए सुनारों द्वारा उपयोग दकया जाता है। ररफाइपनग के रूप में जाना जाता है।  नॉककग .adda247. यह एक मोनोहाइतड्रक बेंजीन डेररिेरटि है। इसे आमतौर पर काबोतलक अभल काबषन डाइऑक्साइड. एक सांचलन की एक प्रदक्रया है। शुतुरमुगष का अांडा होता है। उदाहरण: Co2 और O2 जैसे पदाथष तिसरण की प्रदक्रया द्वारा कोतशका तझपली अमीबा एन्डोसाइटोतसस के माध्यम से अपना भोजन प्राप्त करता है। से होकर प्रिातहत होते हैं। 1. एतथलीन और एतसरटलीन आदद का तमश्रण है. काबषन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का तमश्रण है। फे नोल ( )  कोल गैस हाइड्रोजन. यह तबना जले हुए काबषन कणों की  आजकल एक पेरोतलयम उत्पाद. काबषन मोनोऑक्साइड. तरल अमोतनया ( ).com | www.

careerpower.com . तो कोतशका में सांकुचन या कोतशका तभतत्त से दूर कोतशका के पदाथों का सांकेन्द्रण होता है इस घटना को प्लास्मोतलतसस कहा जाता है। कोतशका कें द्रक: नातभक कोतशका. कोतशका के मतस्तष्क की तरह कायष करता है। यह खाने के तनयांिण.sscadda. उसी  तितशष्ट प्रततरूप में डीएनए के भाग को जीन कहा जाता है। प्रकार का एक अन्य पैकेपजग अांग है।  प्रोक्योरायजस में.com | www. सांचलन और प्रजनन में सहायता करता है। सभी कोतशका द्रव्य : यह एक तरह का द्रव्य है जो कोतशका को भरता है। िैज्ञातनक कोतशकाओं मे नातभक नहीं होता है। इसे तरल प्रोटॉप्लाज्म कहते हैं। नातभक के तनम्न घटक होते हैं: (a) नातभक आिरण राइबोसोम: यह प्रोटीन का सांिेर्ण करता है और अन्तद्रषव्यी जातलका कोतशका (b) क्रोमेरटन: जब कोतशका शाांत अिस्था में होती हैं. तमटोतसस और तमओतसस। कोतशकाओं में अनुपतस्थत होता है। (a) तमटोतसस: यह अपने डीएनए का तद्वगुनन करता है और दो नई कोतशकाओं (अनुजात कोतशका) में समान जाततगत कोड होते हैं। इस प्रदक्रया के चार चरण तारककें द्रक: तारककें द्रक कोतशका तिभाजन से सभबतन्धत है। यह कोतशका हैं। आपको शब्लद PMATI याद रखना है। इसका अथष तनम्न है: तिभाजन शुरू करता है। 1. टेलोफ़े ज़  क्रोमोप्लास्ट (रांगीन प्लातस्टड) फू लों और फलों को रांग प्रदान करता है। 5. तेल और प्रोटीन सांतचत रहता है।  जानिरों में तांतिका कोतशका सबसे लांबी कोतशका है।  प्लातस्टड्स आत्म-प्रतततलतपकारक होते हैं अथाषत.adda247.bankersadda. स्तनधारी और उच्चतर जानिरों के लाल रक्त कोतशका तिभाजन दो प्रकार के होते हैं. आरएनए के तनमाषण में मदद करती है। और नातभक प्रोटीन से होता है। डीएनए और आरएनए कोतशका के नातभक में पायें जाने िाला अभल है। जब कोतशका तिभातजत होता है तब क्रोमेरटन बहुत प्रोटीन और िसा के कायष: कॉभपैक्ट हो जाता है। जब क्रोमेरटन एक साथ आ जाते हैं. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 1. मेटाफ़े ज़ प्लातस्टड: यह के िल पादप कोतशकाओं में मौजूद होता है। 3. डीएनए तजस साइटोप्लाज्म में तैरता है उसे  यह िह कोतशकाांग है जो लाइसोसोम (कोतशकाओं को पचाने का तांि) का न्यूतक्लयॉइड कहाुँ जाता है। तनमाषण करती है।  क्रोमोजोम हमेशा ददखाई नहीं देते हैं। यह हमेशा चारों तरफ घूमते रहते हैं और लूज शाड्सष को क्रोमेरटन कहाुँ जाता है। लाइसोसोम (आत्महत्या की थैली): यह कोतशका की एक प्रकार की अपतशष्ट  क्रोमोजोम आमतौर पर युग्म में पाए जाते हैं। तनपटान प्रणाली है।  मनुष्य में सभभितः 46 क्रोमोजोम (23 युग्म) होते हैं।  मटर में 12. आरएनए और राइबोसोम होते हैं।  सबसे बड़ी मानि कोतशका मादा तडभब है।  प्लातस्टड में रांगद्रव्य क्लोरोदफल होता है तजसे क्लोरोप्लास्ट कहा जाता  तिश्व की सबसे बड़ी कोतशका शुतुरमुगष का अांडा है। है। यह प्रकाश सांिेर्ण का स्थान है। 36 www. इन्टरफे ज  पयूकोप्लास्जस (सफे द या रांगहीन प्लातस्टड्स) यह उनमे पाया जाता है कोतशकाओं के बारे में कु छ महत्िपूणष तथ्य: तजसमे स्टाचष. एनाफ़े ज़ प्लातस्टड के प्रकार:- 4. उनमे तिभाजन की  सबसे छोटी मानि कोतशका लाल रक्त कोतशका है। शतक्त होती है. तिकतसत करने और प्रजनन में मदद करने के तलए भूतमका तनभाती है। उपयोगी सभी सूचनाओं का िहन करते हैं।  क्रोमोसोम डीएनए से बने होते हैं। गोलगी उपकरण : यह तजस प्रकार अन्तद्रषव्यी जातलका कायष करती है. इसतलए माइटोकॉतन्ड्रया अपना प्रोटीन कोतशका तिभाजन बनाने में सक्षम है। कोतशका तिभाजन के माध्यम से जीि बढ़ते और कम घटते हैं।  माइटोकॉतन्ड्रया बैक्टीररया. आइसोटोतनक: कोतशका में जल के आने की माि इससे बाहर तनकलने आकार छोटा होता है और पौधों में इसका आकार बड़ा होता है। ककी मािा के बराबर होती है। कोतशका का आकार समान बना रहता है। अमीनो एतसड और शकष रा ररतक्तका में सांग्रतहत होते हैं। 3.in| www. हाइपरटोतनक: कोतशक में जल के प्रिाह की मािा इससे बाहर तनकलने की मािा से कम होती है इसतलए कोतशकाएां सांकुतचत हो जाती हैं। कतणका: यह दकसी भी तझपली से तघरा नहीं होता है। यह िसा. कु त्ते में 78 क्रोमोजोम होते हैं। माइटोकॉतन्ड्रया (पॉिर हाउस): जीिन के तलए आिश्यक तितभन्न रासायतनक  क्रोमोजोम की सांख्या प्राणी की बुतद्मत्ता या जरटलता से सांबांतधत नहीं गतततितधयों के तलए आिश्यक ऊजाष एटीपी (एडीनोतसन-तिकोणीय-फॉस्फे ट) होता है। अणुओं के रूप में माइटोकॉतन्ड्रया द्वारा जारी की जाती है। (d) नातभक: यह नातभक के भीतर तनतहत सघन गोलाकार ग्रेन्युल है। यह  एटीपी को कोतशका की ऊजाष करेंसी के रूप में जाना जाता है। प्रोटीन का सांचय करता है।  माइटोकॉतन्ड्रया इस अथष में असामान्य ऑगेनपस हैं दक उनके पास अपना डीएनए और राइबोसोम है. क्योंदक उसमें डीएनए. हाइपोटोतनक: कोतशका से जल के बाहर तनकलने की तुलना में आगमन कोतशका में तस्थत अजैतिक अांग: अतधक होता है। तजससे कोतशका के फू लने की सांभािना होती है। ररतक्तका: यह तझपली द्वारा सांलग्न एक तरल भरा स्थान है। जांतुओं में इसका 2. तब यह सांघतनत प्रोटीन और िसा (तरल) कोतशका तझपली के तनमाषण में मदद करती हैं। इस प्रदक्रया को होता है तब हम क्रोमोजोम को देख सकते हैं। तझपली जीिजनन कह जाता है। (c) क्रोमोसोम: क्रोमोसोम जीिों के जैसे ही अन्य जीि को बनाते हैं। ये एक  तचकनी अन्तद्रषव्यी जातलका कई तिर् और ड्रग्स को दूर करने में महत्िपूणष कोतशका को बढ़ाने. प्रोटीन और जब एक जीतित पादप कोतशका में परासरण के माध्यम से जल की हातन होती काबोहाइड्रेट का सांचय करता है। है. प्रोफे ज 2.com| www. तो इसके नातभक में कु छ के तितभन्न भाग में प्रोटीन भेजती है। जबदक तचकनी अन्तद्रषव्यी जातलका िसा होता है तजसे क्रोमेरटन कहाुँ जाता है। क्रोमेरटन का तनमाषण डीएनए.

मुांह में रहने िाला. आांतों. कां कालीय ऊतक: स्तनपायी के इांटरिटेब्रल तडस्क. अश्रु ग्रांतथ. तांतिका ऊतक: यह ऊतक तिद्युत आिेगों को पूरा करने और व्यक्त करने की  पपड़ीदार : जब यह रक्त िातहकाओं के रूप में एक जीतित रूप बनाता है. तितभन्न जांतओं ु के कां काल तांि: ऊतकों की मरभमत में मदद करना है। जबदक स्नायु का मुख्य कायष कां काल या तो एक द्रि से भरा शरीर गुहा. लार ग्रांतथयों.careerpower.bankersadda. गाल के भीतर C.adda247. बाह्यकां काल या आांतररक कां काल है। 37 www. जीतित रक्त िातहका. कां कालीय माांसपेशी: यह मुख्य रूप से हतड्डयों से जुड़ा हुआ है।इसका मुख्य (a) जब एतपथीतलयल में कोतशका की एक परत होती है तो इसे साधारण कायष गतत के तलए बल और शरीर के सभी अन्य स्िैतच्छक गतततितधयाुँ प्रदान एतपथीतलयल कहा जाता है। करता है। (b) हालाुँदक कोतशकाओं की बहु-श्रेणी को स्राटीफाइड एतपथीतलयम कहाुँ B. यह पानी के साथ सांतृप्त रहता है। है और यह शरीर में रक्षा प्रणाली का तनमाषण करती है। मस्कु लर ऊतक ऊतक यह माांसपेशी कोतशकाओं को अनुबांतधत करने की क्षमता के तलए तिशेर् है। एतपथीतलयल ऊतक मस्कु लर ऊतक के प्रकार: (i) कोतशका तझपली के आधार पर A. ृददय माांसपेशी: यह के िल ृददय में होता है। ृददय की माांसपेतशयों के जाता है। सांकुचन और तिश्राम से रक्त को पांप करने और शरीर के तितभन्न भागों में (ii) कोतशकाओं के साधारण आकार के आधार पर: तितररत करने में मदद तमलती है।  घनाभाकार : इसकी उपतस्थतत िृक्क नतलका. सांयोजी ऊतक: यह माांसपेतशयों. िृक्क नतलका. उपकां ठ और नाक में हड्डी  शुक्राणु कोतशकाओं के लातयसोमेल एांजाइमों को तडभब (अांडा) की सीतमत और कार्टटलेज होता है। इसका मुख्य कायष शरीर के अांग को सहारा और तझपली को पचाने में मदद करता है इस प्रकार शुक्राणु पडब में प्रिेश करने लचीलापन प्रदान करना है। जबदक हड्डी आांतररक अांगों की सुरक्षा करती है में सक्षम होता है। माांसपेतशयों के तलए सलग्नक प्रदान करती है. िसा ऊतक : यह त्िचा के नीचे. सुचारू माांसपेशी: यह पेट. रक्त िातहकाओं और तांतिकाओं के माांसपेशी एिां कां काल तांि आसपास के अांगों में स्थान की पूर्तत करता है। इसका मुख्य कायष माांसपेतशयों को त्िचा से जोड़ना. द्रि ऊतक: खून और लसीका रक्त हॉमोन से ऊतक और अांग में 02 पोर्क  माइटोकॉतन्ड्रया में डीएनए होता है.com . अतस्थ मिा रक्त कोतशकाएां  टेडपोल का मेढ़क बनने के दौरान तगपस और पूांछ जैसे भ्रूण के ऊतकों को बनाती हैं। लाइसोसोम द्वारा पचाया जाता है। D. आांतररक अांगों और पीले अतस्थ मिा में नहीं है। होता है। इसका मुख्य कायष िसा का भांडारण और ताप का सांरक्षण करना है।  लाल रक्त कोतशका में श्वसन गैस होती है।  पौधों की तसि कोतशकाएां पौधों में पोर्क तत्िों का पररिहन करती है। C. इसतलए पुनरािृतत्त में सक्षम होते हैं। तत्ि का पररिहन करती है। जबदक पयूकोसाइजस रोगों से लड़ते हैं और  मैररक्स एक पारदशी.com | www. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  सबसे छोटी कोतशका माइकोप्लाज़्मा है हतड्डयों को माांसपेतशयों से जोड़ना और हतड्डयों. क्षमता के साथ तितशष्ट है शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक जानकारी इसे एांडोथेतलयम कहा जाता है। इसका मुख्य कायष चोट के अांतर्तनतहत सभप्रेतर्त करता है। अतधकाांश तांतिका ऊतक (98%) कें द्रीय स्नायुतांि में तस्थत भाग को कीटाणुओं से बचाना आदद है। है। मतस्तष्क और रीढ़ की हड्डी  सांयोजी ऊतक : इसका मुख्य कायष ऊतकों को एक साथ बांधना और सहारा तांतिका ऊतक के प्रकार: देना है।  न्यूरॉन्स सांयोजी ऊतक के कु छ प्रकार :  न्यूरोतग्लय सांयोजी ऊतक पशु ऊतक के बारे में महत्िपूणष तथ्य: एररलोर  अनुबांध और आराम के कारण माांसपेतशयों में तिशेर् प्रोटीन होता है तजसे (i) स्नायु सांकुचनशील प्रोटीन कहते हैं। (ii) अतस्थबांध  िसा सांग्रतहत िसा ऊतक त्िचा के नीचे और आांतररक अांगों के बीच पाया जाता है। िसा उत्तक कां काल  दो हतड्डयाां तलगमेंट ऊतक के द्वारा जुड़ी होती हैं। यह ऊतक बहुत (i) हड्डी लचीला होता है। (ii) उपातस्थ  त्िचा. लार ग्रांतथ में होती अनैतच्छक हैं। है इसका मुख्य कायष स्राि के साथ याांतिक शतक्त देना है। D. सभी एतपथीतलयल ऊतक से बने होते हैं। द्रि  स्िैतच्छक माांसपेतशयों और ृददय की माांसपेतशयों को रक्त से भरपूर (i) रक्त आपूर्तत होती है जबदक अनैतच्छक माांसपेतशयों को रक्त से खराब आपूर्तत (ii) लतसका की जाती है। A.sscadda. समाांगी अद्षतरल पदाथष है। अपनी सदक्रय तस्थतत प्लेटलेजस रक्त के थक्के में मदद करते हैं। लसीका. और रक्त िातहकाओं में पाया जा सकता है की परत में होती है। इसका मुख्य कायष याांतिक शतक्त देना है। यह माांसपेतशयों को धीमा और लांबे समय तक सांकुचन का कारण है जो  स्ताभभाकार : इसकी उपतस्थतत स्िेद ग्रांतथ. अतस्थरिु को एक-  प्रतत तमनट हमारे शरीर में लगभग 30 लाख कोतशकाओं की मृत्यु हो दूसरे से जोड़ना है। जाती हैं।  पौधों में तसि ट्डूब और प्रौढ स्तनपायी लाल रक्त कोतशकाओं में नातभक B. ह्रदय में पोर्क तत्ि पहुांचाती में.in| www. आांतररक अांगो को सहारा देना.com| www.

हालाांदक ियस्कों में उपातस्थ पाए जाते हैं: तनयांतित करता है। यह मुख्य रूप से सांरक्षण और तिकास से जोड़ों और पसतलयों. इस प्रदक्रया को ऐन्टैगतनज़म कहा जाता है। प्यूतपल -> प्यूतपल आांख के आइररस के कें द्र में तस्थत एक छेद है जो प्रकाश को माांसपेतशयों में तिद्युत और रासायतनक दोनों गतततितधयाुँ होती हैं। रेरटना में आने से रोकता है। यह काला ददखाई देता है क्योंदक प्यूतपल में प्रिेश की जाने िाली हपकी दकरणों को सीधे आुँखों के अांदर के ऊतकों द्वारा गैर पेशी कोतशकाओं का सांकुचन अिशोतर्त दकया जाता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography नोट : मकड़ी सांरक्षण के तलए बाह्य कां काल के सांयोजन और सांचलन के तलए न्यूरॉन के तीन भागों के कायष: द्रि दबाि के दबाब का उपयोग करते हैं।  एक्सोन: यह कोतशकाओं के द्वारा सांदेशों को सांचातलत करता है।  शाकष और रे के कां काल पूरी तरह से उपातस्थ से बने होते हैं। अन्य  डेन्ड्राइट: यह अन्य कोतशका के एक्सोन से जानकारी प्राप्त करता है कशेरुकाओं में एक भ्रूणयुक्त कार्टटलेज कां काल होता है जो धीरे -धीरे और कोतशकाओं के द्वारा सांदश े सांचातलत करता है। पररपक्व और तिकतसत होकर अतस्थ में बदल जाते हैं।  कोतशका-तपण्ड: यह नातभक. िायु नली. रे रटना पर ऑब्लजेक्ट की उपटी िास्ततिक छति बनाती है। पाया जाता है. टनषपस गुपफसांतध में है। मानि नेि मनुष्य की आुँख एक कै मरा की तरह होता है। इसकी लेंस प्रणाली प्रकाश- अतस्थ सुग्रराही स्क्रीन पर एक छति बनाती है तजसे रेरटना कहा जाता है।  हतड्डयों में कोतशकाओं को खतनज (कै तपशयम) मैररक्स और कोलेजन नेिगोलक लगभग 2. प्रगांतडका और उरातस्थ की स्पांजी अतस्थयों में लाल मिा नेि लेंस.careerpower. नाक और कान जैसे लचीली सांरचनाओं सांबांतधत है। में। सूियुग्मन  हाथों और पैरों की उपरी हड्डी एकल होती है: प्रगांतडका (बाांह) और जाांघ तांतिका कोतशका और अन्य कोतशका के बीच के सांयोजन को सूियुग्मन कहा (टाांग)। जाता है।  जोड़ के नीचे (कोहनी या घुटने). माइटोकॉतन्ड्रया और अन्य अांग को  मानि शरीर के कु छ भागों.bankersadda. या आांखों में फै लाने िाले प्रभाि के बाद अिशोतर्त  कु छ मछतलयों में सांशोतधत माांसपेतशयाां होती है जो तिद्युत उत्पन्न करते होता है। प्यूतपल आांख में प्रिेश करने िाले प्रकाश की मािा को तितनयतमत हैं हैं। इन मछतलयों में सांशोतधत पेतशयों सतहत तिद्युत अांग होते हैं तजन्हें और तनयांतित करता है। इलेक्रॉप्लेट कहा जाता है। दतक्षण अमेररकी इलेतक्रक ईईल में 6000 आइररस -> यह एक डाकष मस्कु लर डायाराम है जो प्यूतपल के आकार को प्लेट होते हैं जो 70 कॉलम में व्यितस्थत होते हैं। अतधकतम तनिषहन 100 तनयांतित करता है और इस तरह प्रकाश की मािा रेरटना तक पहुुँचती है। िाट है। तसतलअरी माांसपेशी -> तसतलअरी माांसपेशी आांख की मध्य परत में तचकनी माांसपेतशयों का िृत्त है जो अलग-अलग दूरी पर िस्तुओं को देखने के तलए तांतिका तांि आिास को तनयांतित करती है और िेम की नहर में जलीय हास्य के प्रिाह को तनयांतित करती है। यह आांखों के भीतर लेंस के आकृ तत को बदलता है. और (न्यूरॉन्स के बांडल) यह तिद्युत सांकेत उत्पन्न करती है। इन सांकेतों को ऑतप्टक तांतिकाओं के माध्यम से मतस्तष्क में भेजा जाता है। मतस्तष्क इन सांकेतों की व्याख्या करता है और न्यूरॉन अांत में. दोनों अांगों में हतड्डयों का युग्म पाए जाते दो कोतशकाओं के बीच के स्थान को अन्तग्रषथनी फाांक कहा जाता है। हैं जैसे (रेतडयस और अलना हाथों में. तांतिका के सांदेशों को प्रेतर्त करते हैं। तग्लयाल कोतशका न्यूरॉन्स के साथ सीधा सांपकष करती हैं और अक्सर उनके आस-पास घुमती हैं। नोट: जब प्रकाश बहुत चमकीला होता है. तजसमें स्टेम कोतशकाएां रक्त और प्रततरक्षा प्रणाली के सेलुलर घटकों का पुनरुत्पादन होता हैं। इन हतड्डयों के कें द्र में पीले मिा रे रटना -> रेरटना एक नाजुक तझपली है तजसमें बहुत अतधक प्रकाश-सुग्रराही का उपयोग िसा को सांग्रतहत करने के तलए दकया जाता है। हतड्डयों की कोतशकाएां होती है। बाहरी परत को पेरोस्टेम के रूप में जाना जाता है।  जब रै क्चर होते हैं.com | www. तो आईररस प्यूतपल को सांकुतचत कर न्यूरॉन तांतिका तांि की कायाषत्मक इकाई है। देता है तादक आुँखों में कम प्रकाश प्रिेश हो सके लेदकन कम प्रकाश की तस्थतत मनुष्य के मतस्तष्क में लगभग 100 अरब न्यूरॉन्स हैं। जबदक आकार और रूप में आखों में अतधक प्रकाश के पहुुँचने के तलए यह प्यूतपल को फै ला देता है। में पररितषन होता है। एक मनुष्य के पास एक आांख के साथ लगभग 150° और दोनों आुँखों के साथ लगभग 180° क्षैततज क्षेि दृश्यमान होता है। 38 www.adda247. रटतबया और दफबुला पैरों में) जो  दो न्यूरॉन्स के बीच के कायष को 'नाड़ीग्रतन्थ' कहा जाता है। अन्य जोड़ से जुड़ते हैं। (कलाई या टखना)  कू चाषस्थीय कलाई के जोड़ को एकतित करती है. न दक  कें द्रीय तांतिका तांि (सीएनएस) में मतस्तष्क और मेरुदांड शातमल है। प्यूतपल के आकार को बदलता है।  पररधीय तांतिका तांि (पीएनएस) के न्द्रीय तांतिका तांि सीएनएस को शरीर के अन्य तहस्सों से जोड़ता है और तांतिकाओं से बना होता है प्रकाश-सांिेदनशील कोतशकायें प्रकातशत दकये जाने पर सदक्रय हो जाते हैं.3 सेमी के व्यास के साथ आकार में लगभग गोलाकार फाइबर में सतन्नतहत दकया जाता है। होता है। जाांघ की हड्डी.com| www.in| www. जानकारी को सांसातधत करता है तादक हम उन िस्तुओं देख सकें जैसे िे तांतिका ऊतक दो मुख्य कोतशका प्रकारों से बना है: न्यूरॉन्स और तग्लयाल हैं। कोतशकाएां। न्यूरॉन्स.sscadda. पेरोस्टेम के माध्यम से चलने िाली तांतिकाओं से ददष कॉर्तनया -> प्रकाश एक पतली तझपली के माध्यम से नेि में प्रिेश करता है मतस्तष्क में होता है। तजसे कॉर्तनया कहा जाता है। यह आांख की सबसे बाहरी परत है। यह स्पष्ट रूप से गुभबद के आकार की सतह है जो नेि के अग्रभाग को किर करती है। यह कां काल पेशी तांि आपकी दृतष्ट को कें दद्रत करने में एक महत्िपूणष भूतमका तनभाती है । जब एक माांसपेशी मुड़ता या सांकुतचत होता है तो दूसरा तशतथल हो जाता है.com .

SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  यह तितभन्न अनैतच्छक कायों को तनयांतित करता है। मानि मतस्तष्क  उदाहरण: ह्रदय गतत.गांध.careerpower.adda247. रक्तचाप. लार और उपटी आदद। मतस्तष्क मानि शरीर का सबसे जरटल अांग है। तीन-पाउां ड यह अांग बुतद् का ➽ थैलमस आसन.in| www.com | www.दृतष्ट और आगे इसी प्रकार से हैं। है तजसे हम हामोन कहते हैं। इन सांकेत लक्ष्य अांग तक पहुांचने के तलए रक्त के मध्यमतस्तष्क. स्पशष और श्रिण दृतष्टकोण की महाकायता उत्पन्न कर सकता है। तरह प्रोलैतक्टन का स्राि गभाषिस्था के अांत में होता है और यह दुग्ध उत्पादन के  यह दो गोलाद्ों में तिभातजत है तजसे मतस्तष्क गोलाधष कहा जाता तलए स्तनों को तैयार करता है। है। II. प्यूतपल का आकार. पॉतस्टरीएर तपट्डूटरी ➽ हाइपोथैलम े स एडीएच (एांरटडायरे तक्टक हामोन) शरीर में जल के सांतुलन और रक्तचाप को  यह मतस्तष्क के आधार पर तस्थत है। तनयांतित करता है। ऑक्सीटोतसन एक छोटा पेप्टाइड हामोन है जो प्रसि के  यह शरीर से नींद और जागृत चक्र (सकै तडयन लय) पर तनयांिण दौरान गभाषशय के सांकुचन को उत्तेतजत करता है। करता है। थाइराइड का स्राि प्रायः गर्तमयों की तुलना में सर्ददयों में अतधक होता है।  यह खाने और पीने के आग्रह को भी तनयांतित करता है। अांत:स्रािी ग्रांतथ: सांचार एिां समन्िय की डाक प्रणाली है  परीक्षा या नौकरी के साक्षात्कार के दौरान यह एड्रेनालाईन हॉमोन  अांतःस्रािी ग्रांतथ या डक्टलेस ग्रांतथ द्वारा तनर्तमत रासायतनक पदाथों को का इसमें प्रिाह होता है। हॉमोन कहते हैं। डक्टलेस ग्रांतथयों को कभी-कभी बतहस्राषिी ग्रांतथ भी कहा जाता है। ➽ सेररबैलम  यह सेरब्रम मतस्तष्क के नीचे और पूरे ढाांचे के पीछे तस्थत होता है। शरीर की अांत: स्रािी ग्रांतथ  यह मोटर दक्रयाओं का समन्िय करता हैI  यह स्िैतच्छक दक्रयाओं की सटीकता और शरीर की मुद्रा और अतधिृक्क ग्रांतथ सांतुलन बनाए रखने के तलए उत्तरदायी है। अतधिृक्क ग्रांतथ (तजसे सुपररे नल ग्रांतथयों के रूप में भी जाना जाता है) अांत:  उदाहरण: जब आप अपनी साइकल चला रहे हैं.bankersadda. श्वसन. आपको कपपना करने और सोचने में सक्षम बनाता है। पीयूर् ग्रांतथ (अक्सर मास्टर ग्रांतथ कहा जाता है) मतस्तष्क के आधार पर एक छोटी हड्डी  यह आपको दोस्तों को पहचानने. आपको योजना की अनुमतत तांतिका और अांत: स्रािी प्रणाली देता है. शारीररक गतततितधयों का सांचालक और व्यिहारों  मेरुदण्ड और मतस्तष्क में जाने िाली जानकारी के तलए एक प्रमुख का तनयांिक है। क्लीररग हाउस है।  सेरेब्रोतस्पनल द्रि (सीएसएफ) एक तरल द्रि है जो मतस्तष्क के मतस्तष्क को तीन मूल इकाइयों में तिभातजत दकया जा सकता है: तनलय (गुहा या खोखले स्थान) के माध्यम से फै लता है और  अग्रमतस्तष्क. अमाइन  यह बौतद्क गतततितधयों का स्रोत है।  यह आपकी स्मृतत को बनाए रखता है. जो दक के तलए अनुमतत देता है। पीयूर् ग्रांतथ के हामोन के उत्सजषन को तनयांतित करता है। पीयूर् ग्रांतथ में दो भाग होते  यह स्िैतच्छक दक्रयाओं को तनयांतित करता है। हैं: एन्टीरीअर और पॉतस्टरीएर भाग  यह अतधगम और स्मरणशतक्त का आसन है। बहुत कम या बहुत ज्यादा जीएच (िृतद् हामोन) क्रमशः बौनापन या  यह सांिेदी धारणाओं का स्थान है.com . आपके पेडपलग स्रािी ग्रांतथयाां हैं जो एड्रेनालाईन सतहत तितभन्न प्रकार के हामोन का उत्पादन और स्टीयररग कां रोल के बीच सही समन्िय सेररबैलम द्वारा प्राप्त करते हैं। होता है। ये गुदे के ऊपर पायें जाते हैं। ➽ मिा हाइपोथेलमे स  यह पोंस (सांयोजक अांश अथिा अांग) के साथ मतस्तष्क स्टेम बनाता हाइपोथैलेमस मतस्तष्क का एक तहस्सा होता है तजसमें तितभन्न कायों के साथ है। कई छोटे नातभक होते हैं।  यह मतस्तष्क के आधार और मेरुदण्ड पर तस्थत है। कायष: पीयूर् ग्रांतथ के माध्यम से तांतिका तांि अांतःस्रािी तांि को जोड़ती है। 39 www. लार ग्रांतथ और पाचक ग्रांतथ बतहस्राषिी ग्रांतथ का उदाहरण है। ➽ सेरब्रम [मानि मतस्तष्क का सबसे बड़ा अांग] हामोन को उनकी सांरचना के आधार पर तीन श्रेतणयों में बाांटा गया है:  यह मतस्तष्क के सबसे ऊपरी अांग में होता है। 1. स्टेरॉइड 2.sscadda.com| www. इतन्द्रयों का बोधक. मतस्तष्क और मेरुदण्ड की सतह के आसपास होता है।  मध्यमतस्तष्क और  पूिषितीमतस्तष्क अांतःस्रािी तांि मतस्तष्क का सबसे बड़ा और मुख्य तिचार का अांग अग्रमतस्तष्क है। इसमें ऐसे हामोन अांग हैं जो तितभन्न अतभग्राहक से सांिेदी आिेगों को प्राप्त करते हैं। अग्रमतस्तष्क अांतःस्रािी तांि ग्रांतथयों का एक सांग्रह है जो रासायतनक सांदश े ों का स्राि करती के अलग-अलग अांग तिशेर् हैं श्रिण. दकताबों को पढ़ने और गेम खेलने की गुहा में तस्थत है। एक डांडी हाइपोथैलेमस को पीयूर् ग्रांतथ से जोड़ता है. तजसमें उतचत प्रापक िाली कोतशकाएां होती हैं। पूिषितीमतस्तष्क शरीर के महत्िपूणष कायों जैसे श्वसन और ृददय गतत को बतहस्राषिी ग्रांतथयाुँ(अांतःस्रािी तांि का तहस्सा नहीं है) शरीर में तछपे हुए तनयांतित करता है। उत्पादों को तनसृत करती है। स्िेद ग्रांतथ.अग्रमतस्तष्क को पूिषितीमतस्तष्क से जोड़ता है। माध्यम से प्रिातहत होते हैं. पेप्टाइड 3.

सामान्य होने या घटने से सभबांतधत हो सकता है। रक्त के चार घटक हैं: भारत सरकार ने 1986 में यूतनिसषल नमक के आयोडीनकरण कायषक्रम शुरू 1. जीिाणु दकया था। 2. अन्य हामोनों से शरीर की अतस्थ-मिा में रक्त कोतशकाओं का उत्पादन दकया जाता है: सांिेदनशीलता को तनयांतित करता है। रक्त का मुख्य कायष ऑक्सीजन.com| www. काबषन डाइऑक्साइड. प्रोटीन. सफे द रक्त कोतशकाएां अग्न्याशय पाचन तांि में ग्रांतथयों का अांग और कशेरुकाओं के अांतःस्रािी तांि है। 4.adda247. प्रोटीन सांिेर्ण. यह आमाशय के पीछे उदर गुहा में तस्थत है । जीिाणु -> रक्त के तरल भाग यह कई महत्िपूणष हामोन का उत्पादन करता है:  यह 54% हमारा रक्त तनर्तमत करता है और 92% पानी है।  इांसुतलन. और अभलान्न में तलतपड को अतधक टू टने में लाल रक्त कोतशकाएां -> ऑक्सीजन का िहन करती हैं। मदद करते हैं।  लाल रक्त कोतशकाओं में हीमोग्लोतबन युक्त तडस्क-आकार की प्रभािी इांसुतलन की मािा में कमी से मधुमेह मेतलटस (मधुमेह. प्लेटलेजस मनुष्य में.in| www. साइफ़ोन. आांतररक गदषन में पाया जाता है। रक्त  रक्त एक तरल सांयोजी ऊतक है।  यह दो हॉमोन का स्राि करता है: राईओडोथाइरो (टी3) और  मानि शरीर में रक्त की मािा कु ल िजन का 7% है। टेराआयोडोथाइरोतनन (टी4). जो छोटी आांत में पाचन और अिशोर्ण की सहायता करते हैं। मदद करता है.  सांतोर्जनक रक्तदाब बनाए रखना  खून के थक्के और प्रततरक्षा के तलए महत्िपूणष प्रोटीन की आपूर्तत  ग्लूकागन. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography पीयूर् ग्रांतथ लार में 'एलाक्सा' नामक एक एांजाइम होता है जो भोजन में स्टाचष को यह एक मटर के आकार की अांत: स्रािी ग्रांतथ है और मानि में इसका िजन मापटोस का तिकार करता है।िसा के पाचन के तलए तिश्राम एांजाइम के तलए 0. इन्हें टायरोतसन कहा जाता है। इन दोनों  रक्त का पीएच मान 7. के मधुमेह) बड़ जाता है तजसे डायतबटीज कहा जाता है।  हीमोग्लोतबन (हाम = लौह =युक्त) 40 www. जो कोतशका कायष के तलए महत्िपूणष है। यह एांजाइम काबोहाइड्रेट. अग्नाशय के रस का स्राि.  प्लीहा रक्त के तलए एक जलाशय के रूप में कायष करता है.bankersadda. मधु कोतशकाएां हैं. लाल रक्त कोतशकाएां अग्न्याशय 3.careerpower. गण्डमाला या घेंघा: थायरॉयड ग्रांतथ के बढ़ने को गण्डमाला या घेंघा कहा हामोन और शरीर के चारों ओर अपतशष्ट तनसृत करना है। रक्त भी सांक्रमण से जाता है। यह गदषन में सूजन के रूप में होता है। यह थायरॉयड ग्रांतथ की लड़ता है और तापमान को तनयांतित करता है। सदक्रयता के बढ़ने.com | www.sscadda.5 ग्राम है। बाईट एक आिश्यक पररतशष्ट है। तपयूर् ग्रांतथ से स्रातित हॉमोन तनम्न के तनयांिण में सहायता करता है:  िृतद् . 'अांडर') – यह थायराइड की गतततितध को  मतहलाओं में पुरुर् की तुलना में आधा लीटर रक्त कम होता होता कम करता है। बचपन में हाइपोथायरायतडज्म एक तस्थतत उत्पन्न करता है। है तजसे बौनापन कहा जाता है।  यह सांक्रमण से लड़ता है और तापमान को तनयांतित करता है। यह तनयांतित करता है:  ऊजाष स्रोतों के उपयोग की दर. लसीका तांि  गभाषिस्था. पोर्क तत्िों. बहती है।  जल / नमक साांद्रता  यदद प्लीहा क्षततग्रस्त या अलग कर ददया जाता है. करने के तलए मािा  सोमेटोस्टैरटन और  महत्िपूणष खतनजों के आदान-प्रदान का माध्यम जैसे सोतडयम और  अग्नाशयी पॉलीपेप्टाइड जो रक्त को सांचाररत करता है। पोटेतशयम अग्न्याशय भी एक पाचन अांग है.4 है। हामोन में आयोडीन होता है।  मानि शरीर में 5-6 लीटर रक्त का औसत होता है।  हाइपोथायरायतडज्म (हाइपो. लसीका तन्ि  जनन अांगों के कु छ कायष  उपापचय . तो यह व्यतक्त  तापमान तितनयमन सांक्रमण के तलए अतधक सांिेदी है।  ददष से राहत प्रततरक्षा थाइराइड  एांटीबॉडी: एांटीबॉडी प्रोटीन अणु का एक प्रकार है तजसे इभयुनोग्लोबुतलन थाइराइड ग्रांतथ या तसफष थायराइड शरीर में सबसे बड़ी अांतःस्रािी ग्रांतथयों में कहा जाता है। से एक है। यह एडम के एप्पल के नीचे. लसीका तरल पदाथष को दफपटर या शुद् करता है जो इसके माध्यम से  नर्डसग .com . और रक्त या  प्रसि . लसीका तांि और उन्मुतक्त  रक्त दाब . पानी. तजसमें पाचन  शरीर में उतचत पीएच (अभल क्षार) सांतुलन को बनाए रखने में एांजाइम होते हैं.

आिृत होता है. ृददय के दायें आपलद में दफर से प्रिेश करता है। ृददय तांि ृददय से फे फड़े और शरीर के चारों ओर रक्त िातहकाओं के माध्यम से रक्त सांचाररत करता है। दकसी भी धमनी के रुकािट से ृददय की माांसपेतशयों को ृददय आघात हो सकता है या क्षतत हो सकती है। ृददय आघात पूणषृदद्रोध से तभन्न होता है.com| www.बी. ऊतकों को तनकाल ददया जाता है।  बायें आतलन्द और बायें तनलय “लेफ्ट हाटष” बनाते हैं।  इसकी जीिन अितध 20 से 120 ददनों तक है और दफर यकृ त में  माांसपेतशयों की तभतत्तयों को सेप्टम कहा जाता है. तजससे ृददय दक्रया में क्षतत होती है जो आमतौर पर ृददय का धड़कना तिद्युत तिकशोभ के कारण होता है। ृददय में तिद्युत "पेसमेकर" कोतशकाएां होती हैं.sscadda. दैतहक धमनी रक्त का अध्ययन = रुतधरतिज्ञान फु फ्फु सीय धमनी में. दफर फु फ्फु सीय नस के माध्यम से ृददय के बाएां आपलद को ऑक्सीजन युक्त रक्त देता है। दैतहक धमनी में. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  हीमोग्लोतबन कोतशकाओं को शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन का मानि ृददय के चार चैभबसष हैं: पररिहन करने में सक्षम बनाते हैं. पेररकार्तडयल तरल पदाथष का प्रिाह करता है. यह छाती के भीतर ृददय और तस्थरक की रक्षा करता है। बाह्य  डीआक्सीहीमोग्लोतबन=तनम्नऑक्सीजनहीमोग्लोतबन परत के बीच. ृददय के माध्यम से रक्त का एक ददशा आरबीसी का ग्रेि कहा जाता है। में पररिहन करता है।  यह अतस्थ मिा में बने होते हैं. डीओक्सीजेनेटेड रक्त फु फ्फु सीय धमनी के माध्यम से ृददय का दायें तनलय छोड़ देता है और फे फड़ों में सांचारण करता है.in| www. ऊतकों में ऑक्सीजन और पोर्क तत्िों की आपूर्तत करता है और फे फड़े की धमनी फे फड़ों के तलए ऑक्सीजन रतहत रक्त का िहन करती है। काबषन डाइऑक्साइड और अन्य अपतशष्ट को हटाता है। नसों में िापि होते हैं जो रक्त चाप के प्रततिाह को रोकते हैं। 41 www. फु प्फस धमनी 2.careerpower. दफर काबषन डाइऑक्साइड में से  दायें आतलन्द और दाएां तनलय एक साथ "राईट हाटष" बनाते हैं.com | www. जो फे फड़ों और श्वेत रक्त कोतशकाएां -> शरीर की रक्षा करते हैं (लड़ने िाला) डायाराम के सांकुचन और गतततितध के दौरान ृददय को लुतब्रके ट करता है।  श्वेत रक्त कोतशका. उन माांसपेतशयों को तनयांतित करता है जो  इसका जीिन काल 1 से 2 ददनों का है। अनुबांध करती हैं।  श्वेत रक्त कोतशकाओं में नातभक होता है और अतस्थ मिा में भी  आांतररक परत या एन्डोकार्तडयम अस्तर है जो रक्त सांपकष करता है । बनाया जाता है। तसनोरायल नोड तिद्युत नसों को उत्पन्न करता है जो ृददय सांकुचन करता है । प्लेटलेजस -> थक्के के तलए उत्तरदायी मानि ृददय का कायष प्लेटलेजस कोतशकाएां हैं जो हमारे रक्त में पररिहन करती हैं और एक साथ ृददय दो दक्रया के माध्यम से रक्त सांचाररत करता है: बाुँधती हैं जब िे नष्ट रक्त िातहकाओं को पहचानते हैं। 1.adda247.  इनमें कोई नातभक नहीं होता है। एक दोहरी तभतत्त िाले कोर् को पेरीकार्तडयम कहा जाता है ृददय के साथ  एन.ओक्सीहीमोग्लोतबन=ऑक्सीजनसमृद् हीमोग्लोतबन. पार्तश्वक पेररकार्तडयम और आांतररक परत के बीच में सीरस पेररकार्तडयम.com .bankersadda. ृददय के दो सतह को तबलीरूतबन और तबलीिरडीन नामक रांजक पदाथों में टू ट जाता है। अलग करता है।  इसका नष्ट यकृ त और प्लीहा में होता है।इसतलए. यकृ त को  िापि बैकफ्लो को रोकने के तलए. ऑक्सीजन युक्त रक्त शरीर को बाएां तनलय के माध्यम से महाधमनी तक छोड़ देता है और िहाां से धमतनयों और के तशकाओं में प्रिेश करता है जहाां यह ऑक्सीजन के साथ शरीर के ऊतकों को प्रदान करता है। ऑक्सीजन रतहत रक्त नसों के माध्यम से महातसरा को िातपस ले जाता है. तजन्हें पयूकोसाइजस भी कहा जाता है।  श्वेत कोतशका सांक्रमण के तखलाफ शरीर की प्राथतमक रक्षा होती हैं। ृददय के बाहरी तभतत्त में तीन परतें होती हैं:  यह रक्त प्रिाह से बाहर तनकल सकते हैं और सांक्रमण से लड़ने के  बाह्यतम तभतत्त परत या एतपकार्तडयम. जो इसे सांक्रतमत करने के तलए ृददय में धड़कन उत्पन्न करती हैं। सांचार तांि महाधमनी ृददय सजषन करने िाली मुख्य धमनी है। मानि ृदद्य फु फ्फु सीय धमनी ही एकमाि ऐसी धमनी है तजसमें ऑक्सीजन की मािा कम मानि ृददय एक अांग है जो पूरे शरीर में रक्त पररसांचरण तांि के माध्यम से पांप होती है। करता है. पेररकार्तडयम की आांतररक तभतत्त तलए ऊतकों तक पहुांच सकते हैं। है।  यह अच्छे स्िास्थ्य के तलए आिश्यक हैं।  मध्य परत या मायोकार्तडयम.

गदषन. ➧तसरा तजसमें हर ददन सौ करोड़ शुक्राणु पैदा होते हैं। शुक्राणु के एक बार िे एक बड़ी नस जो मतस्तष्क .com| www.दोनों से रक्त प्राप्त कर सकते हैं ➧ऑक्सीजनरतहत रक्त -> कम ऑक्सीजनयुक्त लेदकन आरएच. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography ➧एरोस्क्लेरोतसस िसायुक्त जमाओं के तनमाषण के कारण धमनी की तभतत्त महत्िपूणष पबदु : कठोर होती है। ➧महाधमनी ➧धूम्रपान के कारण ृददय की गतत और रक्तदाब बड़ता है। सांतृप्त िसा में आहार यह शरीर की सबसे बड़ी धमनी है। यह ऑक्सीजन युक्त रक्त को ृददय से उच्च रक्तचाप और एथोरोसलेरोतसस बढ़ता है। व्यायाम रक्तचाप को कम करने तनरांतर ले जाता है और शरीर के बाकी तहस्सों तक पहुांच जाता है। में मदद करता है। ➧आपलद ृददय के चेभबसष. जो अांडे (ओिा) और मतहला पलग लौटते हैं।नसें जो ऑक्सीजनयुक्त रक्त को फे फड़ों से ृददय की बाएां आपलद में हामोन बनाते हैं। िातपस आती हैं। ➧महातसरा पुरुर् प्रजनन तांि मतस्तष्क.हो सकता है। ➧ऑक्सीजनयुक्त रक्त -> ऑक्सीजनसमृद् रक्त  आरएच + आरएच + और आरएच. अण्डाणु (अण्डाणु पराितषन) मतहला युग्मक है। फु फ्फु सीय धमनी और इसके सहायक काबषन डाइऑक्साइड (और ऑक्सीजन  अधषसूिीतिभाजन कोतशकाओं का उत्पादन करती है जो आनुिांतशक रूप की कमी) में समृद् खून को पेश करती है जो दक िायु कोर् के चारों ओर तस्थत से एक दूसरे से अलग होते हैं। होती हैं।  उिषरता दो ऐसे तितशष्ट कोतशकाओं का तमश्रण है। ➧फु फ्फु सीय पररसांचरण मानि प्रजनन और तिकास फे फड़ों के माध्यम से रक्त का सांचलन  जननग्रतन्थ पलग का अांग हैं जो युग्मक का उत्पादन करते हैं। पुरुर् ➧फु फ्फु सीय नस जननग्रतन्थ िृर्ण होते हैं. रक्त िातहका हैं जो दकसी भी प्रिाह में ृददय को रक्त िहन करता है है। उनके पास पतली तभतत्त हैं तजनमें बड़े पयूमेंस और िापि हैं। ➧एक नाड़ी िैकतपपक सांकुचन और धमनी की तिश्राांतत है क्योंदक रक्त उसके यौन सांचाररत रोग माध्यम से गुजरता है। एसटीडी पलग पाटषनर. भ्रूण और निजात तशशुओं को प्रभातित कर सकते हैं ➧रक्तदाब रक्त पेशी को रक्त िातहकाओं की तभतत्त पर बल देता है। एसटीडी को तीन श्रेतणयों में बाांटा गया है। ➧रक्तदाब को मापने के तलए रक्तदाबमापी का उपयोग दकया जाता है(आम तौर पर 120/80 तममी एचजी) 42 www.से रक्त प्राप्त कर सकता है। ➧ृददय तनलय डॉ.adda247. स्टारदफ़श मूल शरीर के एक टु कड़े छाती में अांगों में से एक जो ऑक्सीजन के साथ शरीर की आपूर्तत करता है और से एक पूरे शरीर को पुनजषन्म कर सकता है। शरीर से काबषन डाइऑक्साइड तनसृत करता है। ➧मायोकार्तडयम लैंतगक प्रजनन ृददय की पेशी पदाथष. B और O रक्त समूहों की खोज की। तभतत्त से पररिहन करते हुए कोतशकाओं में प्रिेश करती हैं। अपतशष्ट उत्पादों  डेकास्टेलो और स्टलष ने AB रक्त समूहों की खोज की। जैसे काबषन डाइऑक्साइड कोतशकाओं से के तशकाओं के माध्यम से रक्त में िापस जाते हैं। आरएच कारक ➧कार्तडएक िापि (ृददय के िापि)  यह आरबीसी के रक्त एांटीजन में पाया जाता है। ृददय के चैभबर के माध्यम से रक्त के प्रिाह को तनयांतित करने िाले चार ृददय  आरबीसी में आरएच कारक की उपतस्थतत के आधार पर एक व्यतक्त िापिों में से कोई भी। आरएच+ या आरएच. गदषन और ऊपरी ओर से ृददय को रक्त प्रदान एतपडीतडतमस में जाते हैं. बाांह और छाती को ृददय से रक्त में ले जाने िाली बड़ी नस है।  शुक्राणु उत्पादन प्रौढ़ता से शुरू होता है और पूरे जीिन में जारी रहता है . मानि ृददय की बाहरी तभतत्त बनाने िाली तीन परतों  लैंतगक प्रजनन में नए व्यतक्त हाप्लोइड युग्मक के सांलयन द्वारा तडप्लोइड के मध्य है। युग्गोट बनाने के तलए तैयार होते हैं। ➧फु फ्फु सीय धमनी  शुक्राणु पुरुर् युग्मक हैं.sscadda.careerpower.bankersadda. जो शुक्राणु और पुरुर् पलग हामोन में बनते नसें जो ऑक्सीजनयुक्त रक्त को फे फड़ों से रक्त की ृददय के बाएां आपलद में हैं।मतहला जननग्रतन्थ अांडाशय हैं.com | www. जहाां िे पररपक्व होते हैं और सांग्रहीत होते हैं। करता है। ➧एन्डोतथतलयम रक्त िातहकाओं की अांदरूनी परत है तजसमें कोतशकाओं की बाहरी गुप्ताांग तसफष एक परत होती है।  मतहला बाह्य जननाांगों को सामूतहक रूप से िापि के रूप में जाना जाता ➧नस.के िल आरएच. जो रक्त पररसांचरण से िापस आ जाता है। रक्त समूह ➧के तशका  रक्त समूह के जनक : कालष लैंडस्टाइनर यह शरीर की सबसे छोटी रक्त िातहका है।ऑक्सीजन और शकष रा के तशका  उन्होंने A. जेभस ब्ललांडेल द्वारा रक्त सांक्रमण तकनीक द्वारा तिकतसत की गई थी। ृददय के तनचले दायें और बाएां चैभबर प्रजनन तांि ➧इांटरिेंरीकु लर सेप्टम  अलैंतगक प्रजनन दकसी जीि को दकसी समय और अपने साथी के साथ इांटरिेंरटकु लर सेप्टम एक दूसरे को ृददय के तनचले चैभबरों (तनलय) को प्रजनन के स्रोत के तबना जपदी जपदी कई सांतानों को जन्म देने की अलग करते हुए स्टाउट तभतत्त है। अनुमतत देता है । ➧फे फड़ा  हाइड्रा कतलयों का उत्पादन करती है.in| www.com .

5 तक घटा देता है। फू ल  यह अमाशय के पीएच को कम करता है तादक पेतप्सन सदक्रय हो। फू लों के प्रजनन के तहस्से पुांकेसर (नर. में से एक का अिरोध करता है।  पेतप्सनोजेन. तनष्कासन: अपचनीय भोजन और अपतशष्ट का तनष्कासन एसटीडी जो बाहरी जननाांगों पर घािों का बनाते हैं। जननाांग दाद इस िगष में सबसे आम रोग है। दाद के लक्षण एांटीिायरल दिाओं द्वारा इलाज दकया जा मानि पाचन तांि. पाचन : जीिाणु को रोकने के तलए पयाषप्त आणतिक घटकों में भोजन का पैदा करता है। इस श्रेणी में प्रमेह और क्लैमाइतडया सबसे आम एसटीडी हैं। तिकार एक बार तनदान होने पर.बीज अांकुररत होते हैं और भ्रूण अगले पीढ़ी के स्पोरोफाइट में बड़ते हैं।  छोटी आांत पोर्क तत्ि के पाचन और अिशोर्ण के तलए प्रमुख तस्थतत है। पाचन तांि  यह लगभग 22 फीट (6. पौधों का प्रजनन  यह अमाशय पीएच को 1. हेतलकोबैक्टर पाइलोरी के कारण होते हैं फल तनाि और एतस्पररन सतहत अन्य कारक. एतपतडडीतमस. रोग एांटीबायोरटक दिाओं से ही मुहां और ग्रसनी ठीक हो सकता है। हालाांदक. चमगादड़. अिशोर्ण: शरीर के अभ्यांतर में अणुओं का पारगमन और पूरे शरीर में एांटीबायोरटक दिाओं से ठीक हो सकता है। उनका गमन श्रेणी दो 5. और  युग्मक का पररिहन और मुक्त करना  आांि  तनर्ेचन  आरोपण हाइड्रोक्लोररक एतसड (एचसीएल) के कायष:  यह सूक्ष्मजीिों को मारता है. बहुल या एकल हो सकते हैं। छोटी आुँत नोट :. कठोर.com | www.7 मीटर) लांबी है। पाचन प्रदक्रया की अिस्था 1. तनर्ेचन के बाद. अपसर उत्पन्न कर सकते हैं। अांडाशय की तभतत्त . दोनों रोग का इलाज दकया जा सकता है और 4. कु ण्डतलत मुांह से मलद्वार तक तनन एक कुां डली.5 से 2. पानी और मनुष्य शातमल हैं। जब ऊतक क्षतत अतधक गांभीर होती है अमाशय में रक्त बहता है यह ब्ललीपडग अपसर का पररणाम है। दोगुना उिषरक तछदद्रत अपसर जीिन के तलए खतरे िाली तस्थततयाां हैं जहाां अमाशय तभतत्त में अांडाशय में बीजाांड की ओर कु तक्ष और शैली के माध्यम से पराग ट्डूब बढ़ती है. एक छेद होता जाता है । इससे परागण की प्रदक्रया को पूरा होती है। कम से कम 90% पेतप्टक अपसर.sscadda.com .bankersadda. एक फल में तिकतसत होती है। फल माांसल.careerpower. सांचार : पाचन तांि के माध्यम से भोजन आगे बड़ाता है। 43 www. अमाशय से पराग के तबज में पौधे के नर युग्मक युग्मकोतिद् (माइक्रोग्रमेटोफाइट) तनकलता है और छोटी आांत में प्रिेश करता है। अिस्था होती है। िह पुांबीजाणु की मदर सेल के अधषसूिीतिभाजन द्वारा तनर्तमत होते हैं जो दक गरठया थैलों (माइक्रोस्पोरैंतगया) के अांदरूनी दकनारे पर एपकोहोल और एतस्पररन रक्त में अमाशय अस्तर के माध्यम से अिशोतर्त तस्थत होते हैं। होते हैं। पराग के परागकोश से मतहला कु तक्ष के समपषण को परागण कहा जाता है। यह उपकला कोतशकाएां आिां स्रातित करती हैं जो कोतशकाओं और अमाशय के परागन एतसड के बीच एक सुरक्षात्मक अिरोध बनाती हैं। तितभन्न तितधयों से पूरा दकया जाता है: एांटॉमोफीली एक कीट द्वारा पराग का सांचरण करता है। अपसर एनीमोफीली. रोग एांटीबायोरटक दिाओं के साथ ठीक है। लार ग्रांतथयों से ग्लूकोज में लार अमीलेज़ के उत्पादन के द्वारा स्टाचष का श्रेणी तीन रासायतनक तिघटन होता है। भोजन और लार का यह तमश्रण दफर ग्रसनी और एसटीडी के इस िगष में तिर्ाणुजतनत बीमाररयाां शातमल हैं जो प्रजनन प्रणाली अन्नप्रणाली में डाल ददया जाता है। के अलािा अन्य अांगों को प्रभातित करती हैं। एड्स और हेपेटाइरटस बी इस अमाशय श्रेणी में हैं। दोनों यौन सांपकष या रक्त द्वारा फै ल सकता है। सांक्रतमत व्यतक्त सांक्रमण के बाद कई िर्ों तक लक्षण-मुक्त ददखाई दे सकते हैं। आमाशय में आमाशय रस होता है: गभषधारण से सांभोग अलग होने के तरीकों का इस्तेमाल प्रजनन के तीन चरणों  हाइड्रोक्लोररक एतसड (एचसीएल). स्राि : एक तितशष्ट उत्तेजना की अनुदक्रया में पाचक रस का सांचरण एसटीडी जो मूिमागष.in| www. पेप्सीनोज़ एक एांजाइम है जो प्रोटीन पाचन शुरू करता है और पेप्टाइड्स में मतहलाओं के सामूतहक रूप से तगनीतशयम कहा जाता है)। प्रोटीन के हाइड्रोतलतसस को तनयांतित करता है। पराग अभलान्न. लेदकन सांक्रमण ठीक नहीं दकया जा सकता है। उपदांश एक जीिाणु (6-9 मीटर लांबी जब पूरी तरह तिस्ताररत) होती है। सांक्रमण का कारण बनता है और यदद उपचार न दकया जाए तो गांभीर लक्षण और मृत्यु का कारण बन सकता है। हालाांदक. गभाषशय ग्रीिा. या पडबिातहनी में सूजन 3. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography श्रेणी एक 2. पेशी ट्डूब सकता है.adda247. हिा से पराग का सांचरण है। पेतप्टक अपसर का पररणाम जब सुरक्षात्मक तांि तिफल होते हैं। अन्य परागणकों में पतक्षयों.com| www. सामूतहक रूप से एांड्रोएतसअम कहलाते हैं) और कापेल (अक्सर कापेल को तपतस्टल के रूप में सांदर्तभत दकया जाता है. अमाशय में एतसड और भोजन का तमश्रण करता है.

तो एतमनो एतसड को 1. हामोन इांसुतलन ग्लूकोस को यकृ त कोतशकाओं में ले जाने और ग्लाइकोजन में इसके  शकष रा और अमीनो एतसड प्रत्येक अांकुर में के तशका के माध्यम से रक्त में गठन को बढ़ािा देता है। जाते हैं।  तग्लसरॉल और फै टी एतसड लसीका तांि में जाते हैं। यकृ त रोग पीतलया तब होता है जब रक्त में अतधक हीमोग्लोतबन हो जाता है  स्टाचष और ग्लाइकोजन छोटे आांत एांजाइमों द्वारा मापटोस में टू ट जाते हैं। और त्िचा पीले रांग की हो जाती है. (4) तपत्त की उत्पतत्त.com | www. यकृ त कई अन्य कायष करता है: (1) रक्त का तिर्हरण . SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography छोटी आांतों के भाग : जब कोई ग्लूकोज या ग्लाइकोजन उपलब्लध नहीं होता है. इसका सांकेत यह होता है दक यकृ त ठीक  छोटी आांत में मौजूद मुख्य काबोहाइड्रेट. यकृ त िातहनी के माध्यम से छोटी आांत में तपत्तरस बनता और भेजता तिटातमन है। के माध्यम से पैदा करता है और यकृ त नाच के माध्यम से छोटी आांत को तिटातमन: तिटातमन चयापचय प्रततदक्रयाओं के तलए आिश्यक काबषतनक अणु तपत्त भेजता है। हैं। ये आम तौर पर शरीर द्वारा नहीं बनाया जा सकता और रेस मािा में तपत्त में कोलेस्रॉल. पररतशष्ट और मलाशय द्वारा बनाई गई है। यकृ त यकृ त. अांडे की जदी आदद। तिकार में उद्दीप्त करते हैं. गेहां अनाज. जो यकृ त में पररिहन करते हैं और ग्लूकोज में ग्लाइकोजन के हरी पत्तेदार सतब्लजयाां. और इसका सांचरण जब रक्त शकष रा के स्तर में तगरािट होती है.in| www. जो ग्लूटेन आांितिकृ तत. (5) ग्लाइकोज़ के रूप में ग्लूकोज का भांडारण. सुक्रोज और लैक्टोस हैं. नजस.sscadda. (2) रक्त प्रोटीन का सांिेर्ण . डु ओडेनम यकृ त में ग्लूकोज में बदल ददया जाता है। डीतमनेशन की प्रदक्रया अमीनो एतसड 2. (3) शीणष एरररोसाइजस का तिनाश और हीमोग्लोतबन का तपत्त के एक घटक में रूपाांतरण. लस को ग्रहण ऐपकहॉल की मािा को खत्म होने के कारण यकृ त को तनाि की तस्थतत में करने में असमथष है। रखता है। तसरोतसस के कारण यकृ त अपने जैि रासायतनक कायों को करने में  आम तौर पर िसा पाचन को पूरा दकया जाता है जब भोजन छोटी आांतों असमथष हो सकता है। रक्त के थक्के लगाने के तलए उत्तरदायी रसायन यकृ त में के शेर्ान्ि (तीसरे से कम) तक पहुांचता है। तपत्त लिण शेर्ान्ि में सांिेतर्त होते हैं. जेजेनुम से अमीनो समूहों को हटा देती है। यूररया का गठन और शरीर से तनयाषत के 3.careerpower. से काम नहीं करता है। यह माइक्रोतिली द्वारा अिशोतर्त होते हैं। कर रहे हैं। हेपेटाइरटस A. अांकुररत. जैसे श्वेतक . सोया सेम। मानि शरीर तिटातमन-K का (छोटी आांत यह बाद में सांचरण के तलए अतधक तपत्त को स्टोर करता है। का एक तहस्सा) कीटाणुओं के माध्यम से बृहदान्ि में भी उत्पादन कर सकता है। कायष-  रक्त का थक्का बनाने में सहायक एिां अतधक रक्त बहने से रोकता है। हम अपने तपत्ताशय के तबना जीतित रह सकते हैं. जो रक्त में (रक्त शकष रा का स्तर बढ़ाने)सांचरण करता है। कायष- 44 www. सहकारकों या सहएांजाइमों. फास्फोतलतपड्स. जैसे स्रोत- दक ग्लूकागन. एांजाइम के है। रूप में कायष कर सकते हैं। पाचन कायों के अलािा.K (दफलोदक्वनों ) स्रोत- तपत्ताशय हरी पत्तेदार सतब्लजयाां. दफर हो सकती हैं। कोतशका से तनकलकर के तशका में प्रिेश करते हैं। तसरोतसस : यकृ त के तसरोतसस सामान्यतः ऐपकहॉतलक में होता है. जबदक जानिरों को समान उद्देश्य के तलए ग्लाइकोजन का इस्तेमाल होता है। तिटातमन. तबलीरुतबन और लिण का तमश्रण होता इसकी जरूरत होती है। तिटातमन. और (6) एतमनो समूह और अमोतनया से यूररया की उत्पतत्त तिटातमन. इतलयम तलए गुदे को रक्त के माध्यम से पाररत दकया जाता है। इसके तिपरीत. B और C सभी िायरल बीमाररयाां हैं तजससे यकृ त की क्षतत  कोतशकाओं में एांजाइम तडसैक्राइड को मोनोसैक्राइड में बदलते हैं. मापटोस.com| www. िास्ति में बहुत से लोग  यकृ त के स्िास्थ्य को बनाये रखता है। इसको तनकाल देते हैं हालाांदक दोर्.com . अांधान्ि . जो दक  गेहां में एक प्रोटीन पाया जाता है.bankersadda. रक्त में प्रमुख प्रोटीन है। अिशोतर्त होते हैं और यकृ त और तपत्ताशय द्वारा पुनरािर्ततत होते हैं। (D) बड़ी आुँत बड़ी आांत को बृहदान्ि. िे खाने के भोजन में िसा की मािा के कमी के लक्षण बारे में पता करने की आिश्यकता है क्योंदक तपत्ताशय की सांग्रहीत तपत्त अब रक्त का थक्का न बनने के कारण घाि से अतनयांतित स्त्राि होना। उपलब्लध नहीं है। अतधकता के लक्षण ग्लाइकोजन ग्लूकोस अणुओं की चेन से बना एक पॉलीसेकेराइड है। यकृ त की क्षतत का कारण बन सकता है। पौधे स्टाचष में ग्लूकोज के रूप में सांग्रहीत दकया जाता है .E (टेकोफे रोल) = सौंदयष तिटातमन इसे एांटीस्टेररतलती तिटातमन के नाम से भी जाना जाता है। रक्त में जब ग्लूकोज कम स्तर कम होता है इससे हामोन सांचरण होता है.adda247.

छीलने. भूख न लगना तिटातमन . सूजन और जोड़ों का ददष  अपप तिकास 45 www.B6 (पाईरीडातक्सन) व्यसक: अतस्थमृदत ु ा. तशमला तमचष. हड्डी में ददष अतधकता के लक्षण  घबराहट. दस्त माांसपेतशयों की ऐंठन  आखों का दुखना तिटातमन. ब्ललैक करांट. कीिी फल.adda247. रोग- अांडे की जदी. नाखूनों और त्िचा को बनाए रखता है।  सूजन और खून बहना.sscadda.in| www.C (एस्कोर्तबक अभल)  त्िचा में खुजलाहट स्रोत- खट्टे फल (नारांगी.B1 (थायमीन) स्रोत- तिटातमन. खमीर स्रोत. स्रॉबेरी. गाय के दूध में मौजूद (तपला पदाथष ) करते हैं तजससे हतड्डयाुँ. छाले कमी के लक्षण बच्चों में : सूखा रोग तिटातमन . और खुजली िाली त्िचा.B2 (राइबोफ्लेतिन) कायष. दाांतों और मतस्तष्क को स्िस्थ रखता हैं रोग-  रक्त में कै तपशयम के स्तर को बनाए रखता है। के लोतसस. ऑतस्टयोपोरोतसस कायष- अतधकता के लक्षण यह सपनों को याद रखने के तलए तजभमेदार है।  चूर्तणतयत उपातस्थ कमी के लक्षण  रक्त में उच्च कै तपशयम स्तर के कारण असामान्य ददल की धड़कन और अनीतमया अांगों को नुकसान पहुांचाता है जैसे गुदाष । घबराहट. अांगूर. थकान  पेट की तकलीफ. मसुडो. थकान निजात तशशु: रक्तसांलायी रक्तापपता  उलटी.careerpower. पेट की परेशातनयाुँ ियस्क : कमजोरी  यकृ त घाि  तसरददष. हरी तमचष स्रोत- डेयरी उत्पाद. चक्कर आना. थकान  पेट में परेशानी  हड्डी में ददष. और स्िस्थ त्िचा और ऊतकों को बनाये  कमजोर हतड्डयाुँ और दाांत रखता है।  लाल रक्त कोतशकाओं की रक्षा करता है अतधकता के लक्षण  ऑक्सीकरण  सूखी.com | www. टमाटर.D (के तपसफे रोल) =( सनशाइन तिटातमन) स्प्राउजस. िातहकाओं और हतड्डयों की मरभमत एिां तिकास को बढ़ािा देता है  आखों को स्िस्थ बनाए रखता है।  सांचालन और चोट के बाद तचदकत्सा में मदद करता है  शारीररक िृतद् को बढ़ािा देता है और स्िस्थ हतड्डयों और दातों के  कै तपशयम और लोहे के अिशोर्ण में मदद करता है। तिकास को बनाए रखता है।  प्रततरक्षा को बढ़ाता है।  सांरक्षण बढ़ाता है और कोतशकाओं और िेष्मा तझपली के उत्थान को कमी के लक्षण बढ़ाता है।  स्किी  स्िस्थ आांतों और श्वसन भागों को बनाये रखता है।  मसूड़े  स्िस्थ बाल. कॉड तलिर तेल. दाांतों. गहरे हरे और पीले रांग की सतब्लजयों और कायष - फल आदद।  कोलेजन के सांिेर्ण में मदद करता है और कोतशकाओं.bankersadda.com . रक्त कायष.B  तसरददष. कॉड तलिर तेल. नींबू). के तशका िातहकाओं का  रात अांधापन. तजगर. दाांत का पतन कमी के लक्षण  त्िचा से खून बहने के तलए अततसांिेदनशीलता. अतनद्रा. तजगर.com| www. अिसाद  उपटी. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography  कोतशकाओं के सामान्य तस्थतत.A (रे टीनॉल ) पत्तेदार सतब्लजयाां. मछली। हमारी त्िचा भी जब सूयष के बेरी-बेरी प्रकाश के सांपकष में आती है तिटातमन D का उत्पादन होता है। तिटातमन. तचड़तचड़ापन  कम थायरोतक्सन स्तर  फर्टटतलटी रोग तिटातमन. दररद्र. लाल चकत्ते  प्रततरक्षा बेहतर बनाता है।  बालों का तगरना कमी के लक्षण  भूख में कमी. हरी तिटातमन . स्रोत  शरीर को अिशोतर्त करता है और कै तपशयम और फास्फोरस का उपयोग स्प्राउट. सूखी आांखें फटना ।  सूखी त्िचा  कमजोरी.

थकान। मनुष्य में मूि प्रणाली िृक्क. डेयरी में ऐंठन। उत्पाद। एक रोग तजस में उत्सजषन तांि के कायष चमड़ा फट जाता है 1. जीभ की सूजन. मछली रक्तक्षीणता. मछली. पानी के नलीदार पुनषअिशोर्ण और अणुओं को सांरतक्षत रक्त में िापस प्रकाश.com . पनीर सूखापन। और तजगर आदद। उत्सजषन तांि B1 थायमीन फतलयाां. यह खाद्य कणों के आसपास प्रक्षेपण की तरह िाले रोग एक या अतधक उां गली से बाहर धक्का लगाता है और तनगल जाता है तो A रेटीनॉल दूध. बाहर की छोटी नली में के तशकाओं आसपास आयनों और अन्य अपतशष्ट E टेकोफे रोल िनस्पतत तेलों. नेरॉन. तमचली. 1. माांसपेतशयों पानी के प्रिाह से तनपटते रहने को सांदर्तभत करता है। दाल. और मूिमागष से बनी है। C एस्कोर्तबक अभल सांतरे . माांस. अततररक्त अपतशष्ट के कारण िृक्क की पथरी हो जाती है। ये ‘नाफथोकु ईनो’ पत्तेदार सतब्लजयों. प्रजनन बादाम.िृक्क की तमठाई और सफे द सांक्रमण से लड़ने की कायाषत्मक इकाई है। आलू। क्षमता कम हो नेरॉन के तीन कायष हैं: जाती है। 1. जलीय जानिरों जो मीठे पानी से तघरे रहे हैं और लगातार B5 तनयातसन यीस्ट. 3. तस्थतत में अपरासाउां ड उपचार या सजषरी की आिश्यकता हो सकती है। माांस। िृक्क (गुदाष) के कायष खतनज: लौह (हीमोग्लोतबन के तलए). पीएच और बाह्य तरल पदाथष की आसमारटक एकाग्रता बनाए रखता है। 4. सारे बेरीबेरी तितभन्न जीिों में उत्सजषन तांि अनाज. पागलपन। करने के तलए तजभमेदार है। अनाज। परासरणतनयमन. अांडे. कब्लज.com| www. एनीतमया. रक्तापपता. मतस्तष्क सांबांधी उत्पादों का ट्डूबलर स्राि करता है। जैतून. मछली के अतस्थमृदत ु ा। करता है। तेल. तिर्ाक्त चयापचय उत्पादों जैसे यूररया.bankersadda. और सोतडयम (तांतिका सांदश े सांचरण) खतनजों के 2. ब्रेड उत्पाद के कोनों में घाि। पानी और नमक का सांतल ु न B3 पेंटोथेतनक अभल माांस.. अांडे। 3. मूििातहनी.com | www. नेदरतडयम की एक तिकासिादी रूपाांतरण प्रणाली ही जो. शरीर से उत्सजषन उत्पादों को तनकालता है। अिसाद। B12 क्यानोकोबलातमन माांस. दस्त. पनीर. अांडे. आयोडीन (थायरोतक्सन के तलए). जमता बढती रहती है और एक ददषनाक अड़चन पैदा करती है यही कारण है दक इस डेयरी उत्पाद.sscadda. उत्सजषन तांि शरीर के तितभन्न तरल पदाथों में जल सांतुलन को तितनयतमत पागल.careerpower. दायीं ओर यकृ त होता है। यह शरीर में सबसे बड़ी  अततसार ग्रांतथ है।  गुदे की पथरी  पाचन की प्रदक्रया में काबोहाइड्रेट. और यूररक एतसड को एनसीईआरटी से जांतओं ु में पाचन के तथ्य बाहर करता है।  स्टारदफश कै तपशयम काबोनेट के आधे गोले के अांतगषत आने िाले जानिरों को खाती है। िृक्क (गुदाष) एक आकर्षक तनस्पादक 46 www. यकृ त. मूिाशय. मुांह नजस. अमोतनया. शरीर के तरल पदाथष और अन्य पदाथों से अपतशष्ट उत्पादों को तनकालता है पाईरीडातक्सन अांग माांस. हरी रक्त का थक्का नहीं कु छ मामलों में. मांड को चीनी में बदलती है।  पेट में ददष  पेट के ऊपरी तहस्से में. मटर त्िचा रोग. थकान. सामान्य चीनी में टू टते हुए ग्लूकोज के रूप में बदल जाती है। िसा. पीली मानि उत्सजषन तांि त्िचा. यकृ त. अनाज. बाह्य तरल पदाथष में आयतनक सांतुलन बनाए रखता है। उदाहरण हैं। 3. पानी को एकि करता है और शरीर के तरल पदाथष को छानता है। B6 2. समस्याओं. त्िचा का दफर एक खाद्य ररतक्तका में फां स कर भोजन बन जाता है। मक्खन. मछली. िृक्क. गुदे की और शरीर के आिश्यक तरल पदाथों को समतस्थतत के तलए िापस लाता है। मक्का। पथरी. टमाटर. टमाटर. साबुत अिसाद.रक्त से घुले हुए पदाथष और पानी को छानता है। D के तपसफे रोल प्रत्यक्ष सूयष के ररके जस. अांडे। प्रणाली की समस्या। िृक्क की पथरी K ‘दफलोदक्वनों’ या सोयाबीन. बाह्य तरल पदाथष की मािा को बनाए रखता है। कै तपशयम (हतड्डयों के तलए). और त्िचा शातमल हैं। B2 राइबोफ्लेतिन अांडे. नट। कशेरुकी में इस तांि के घटकों में रीढ़. 2.in| www. फे फड़े. फै टी एतसड और तग्लसरॉल में और प्रोटीन धुम्रपान करने िालों और शराब पीने िालों में तिटातमन C अनुपतस्थत होता एतमनो एतसड के रूप में बदल जाती है। है।  घास में सेलूलोज प्रकार का काबोहाइड्रेट होता है इसे मानि पचा नहीं सकता है। तिटातमन के प्रकार:  अमीबा एक कोशीय सूक्ष्म जीि है जो तालाब के पानी में पाया जाता है। तिटामन रासायतनक नाम खाद्य स्रोत इनकी कमी से होने जब यह भोजन भािना से. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography अतधकता के लक्षण  लार. रतौंधी. स्किी. दूध.adda247.

इजीपोमोस पत्ती की कोतशकाओं में प्रिेश करते हैं और प्रकाश सांिेर्ण. नकारात्मक प्रततदक्रया में एतन्टडाययूरेरटक हॉमोन  इस समूह के पौधों में नग्न बीज और यह सामान्यत: बारहमासी और (ADH) द्वारा तनयांतित होता है। सदाबहार और काष्ठीय पौधे होते हैं। उदाहरण . ऑक्सीजन का उत्पादन प्रकाश सांिर् े ण के दौरान होता है. उदाहरण-मेंडक. सैलामैंडर जो हमारी आुँखों द्वारा परािर्ततत होता है।  काला िणषक सभी तरांग दैध्यष का अिशोर्ण करता है जो उस पर पड़ता सरीसृप है।  .careerpower.com| www. । पानी और नमक का हामोन तनयांिण तजम्नोस्पमष पानी पुनषअिशोर्ण. कछु आ. तनों और पतत्तयों में तिभक्त होता है कहते हैं। और पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक पानी और अन्य पदाथों के  िृक्क प्रत्यारोपण या डायतलतसस (कृ तिम गुद)े सहायक उपाय हैं जब गुदे सांचालन के तलए एक तिशेर् ऊतक होता होता है। उदाहरण. क्योदक सांरचनाओं बुलाया में सांयांि रक्त से सोतडयम के हस्ताांतरण को तनयांतित करता है। जब रक्त में सोतडयम का भ्रूण है। बीजपि बीज पत्ते कहा जाता है क्योंदक कई मामलों में िे उभरने स्तर तगरता है. क्लाड़ोफोरा देते हैं। ये फे फड़ो से साुँस लेते हैं। सभी पक्षी इस श्रेणी में आते हैं। 47 www. लेदकन यह दो गाडष कोतशकाओं से तघरे माध्यम से पत्ती में  कां काल के साथ कु छ हतड्डयों और उपातस्थ दोनों के बने होते हैं जैसे- प्रिेश कर सकता है।  इसी तरह. एक हामोन है जो गुदे द्वारा स्रातित होता है. Eg. को एक तनतित पबदु पर क्षतत होती है। फनष. टोड(तिर्दार मेंडक).paphiopedilum.sscadda.साांप. टू ना या रोह । यह पत्ती से बाहर खुले रांध्र के माध्यम से प्रसाररत होता है। उभयचर क्लोरोदफल और सहायक तपग्मेंजस  िे त्िचा में बलगम ग्रांतथयों और एक तीन कक्षीय ह्रदय के होते हैं। श्वसन क्लोरोदफल का हरा रांग सभी सांिेर्क कोतशकाओं के तलए आम है.com . SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography नेरॉन िृक्क की शोधन इकाई है। ब्रायोफाइटा  अत्यतधक खाना (पोलीफे तगया).देिदार के पेड़। एडीएच मतस्तष्क में तपट्डूटरी ग्रांतथ से स्त्रातित होता है। रक्त में तरल पदाथष के स्तर को तगराने में तपट्डूटरी हाइपोथेलेमस का कारण बनता है जो रक्त में आिृत्तबीजी एडीएच का स्त्राि करता है। एडीएच गुदे में पानी अिशोर्ण बढ़ाने के तलए  बीज एक अांग के भीतर तिकतसत होता है जो एक फल के रूप में कायष करता है। रूपाांतररत होता है। इन्हें फू लों िाले पौधे भी कहते हैं। बीजों में पौधों के अपररपक्व भाग की सांरचना को बीजपि कहते हैं। एपडोस्टीरोन.com | www. बीज के करने के तलए खून में स्त्रातित दकया जाता है। साथ पौधों का एक बीजपि होने को एकबीजपी या मोनोकोटीलेडन कहा जाता है। उदाहरण – पदफओपेडीलम प्रकाश सांिर् े ण  बीजों के साथ िे पौधे तजनमें दो बीजपि होते हैं उन्हें डाइकोट कहते हैं  प्रकाश सांिेर्ण के कच्चे माल के रूप में पानी और काबषन डाइऑक्साइड उदाहरण. यह नेरॉन के तलए बीजपि को बीज पत्ते कहा जाता है. अत्यतधक शराब पीना (पोलीतडतप्सया) इस प्रकार के पौधों की प्रजातत को उभयचर कहा जाता है। इनमें कोई और मूि (पोपयुतसया) का बहुत अतधक होना मधुमेह के तीन प्रमुख तिशेर् ऊतक नहीं होता है जो पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक पानी और लक्षण हैं। रासायतनक पदाथष की पररकपपना को एांटीतडव्रेरटक अन्य पदाथों के सांचालन करता है। हामोन(ADH) कहा जाता है। जैसे : मॉस (फु माररया) और मचंरटया  अतधिृक्क ग्रांतथ शरीर में नमक को बनाये रखता है और यह अांग िृक्क के ठीक ऊपर होता है। जैसे ही नमक (सोतडयम) एकाग्रता सामान्य से ठीक टेररडोफे स्टा थोडा कम होती है. तो यह रक्त में स्त्रातित पदाथष है तजसे 'एपडोस्टेरोन'  इस समूह के पौधों के शरीर जड़ों.मसेतलया.adda247. तछपकली और मगरमच्छ। थैलोफाइटा  इस समूह के पौधों को आमतौर पर शैिाल कहा जाता है। ये पौधे पोपरी मुख्य रूप से जलीय होते हैं।  ये गमष रक्त के जांतु होते हैं और इनमे चार कक्षीय ह्रदय होता है। ये अांडे जैसे : स्पाइरोगाइरा. यह या तो तगपस या फे फड़ों के माध्यम से होता है। हरे को छोड़ कर दृश्य प्रकाश के सभी तरांग दैध्यष को अिशोतर्त करता है. तजसके और बीज हरे अांकुररत हो जाते हैं। कारण अतधक मािा में नेरॉन से रक्त में सोतडयम पहुुँचता है। इस कारण  Plants with seeds having a single cotyledon are called परासरण द्वारा रक्त में पानी प्रिातहत होता है। रेतनन एपडोस्टेरोन तनयांतित monocotyledons or monocots.bankersadda. ये जानिर ठां डे खून के होते हैं और फे फड़ों से साुँस लेते हैं। इनमे से कु छ जीतित जीिों में तितिधता का एक तीन कक्षीय ह्रदय होता है जबदक मगरमच्छ के चार कक्षीय ह्रदय पौधों में तिभेदन होता है। उदाहरण . तो रक्त में एपडोस्टीरोन का स्त्राि दकया जाता है.in| www. चीनी और पाइसीज़ ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं।  ये मछली हैं। ये ठां डे खून की हैं और इनके मानि में ह्रदय में चार कक्ष के  पानी जड़ में प्रिेश करने और तिशेर् सांयांि द्वारा पौधे की पतत्तयों तक तिपरीत के िल दो कक्ष होते हैं। पानी ले जाने के माध्यम को जाइलम कहते हैं  इनमें से कु छ पूणष रूप से उपातस्थ की बनी हुई कां काल के साथ तिकतसत  काबषन डाइऑक्साइड पट्टी की सुरक्षात्मक मोमी परत (छपली) को भेद होती हैं जैसे –शाकष नहीं सकता है.

के शरीर में) उगाया जाता है। लाल रक्त कोतशकाओं 1.सी. भोजन. खाांसी होती है। अचार को खराब होने से रोकता है. सदी और फ्लू के तखलाफ प्रभािी नहीं हैं.adda247. इस िातािरण में जीिाणु उत्पन्न  गांभीर बीमाररयाुँ जैसे पोतलयो और चेचक भी िायरस के कारण होती है। नहीं हो सकते हैं।  सूक्ष्मजीि भी एक कोशकीय हो सकते हैं जैसे जीिाणु.sscadda. ये िायरस के कारण होते हैं। . किक.हैजा.000 .) का अन्य नाम टीका (िैक्सीन) सबसे बड़ी श्वेत रक्त कोतशकाएां: मोनोसाइट  एडिडष जेन्नर ने चेचक के तलए रटका (िैक्सीन) की खोज की। सबसे छोटी श्वेत रक्त कोतशकाएां: तलभफोसाइट रक्त समूह की खोज दकसने की कालष लैंडस्टीनर हातनकारक सूक्ष्मजीि थी:  सूक्ष्मजीिों के कारण होने िाले रोगों को रोगाणु कहते हैं रक्त प्लेटलेजस की सांख्या : 150. चेचक और का 100 सी. प्रोटोजोआ और शैिाल। जीिाणुओं की िृतद् को कम करता है।  िायरस : ये के िल जीिधाररयों की कोतशकाओं के भीतर होते हैं जो  Use of oil and vinegar prevents spoilage of pickles become जीिाणु. उन्हें एांटीबायोरटक कहा जाता है। श्वेत रक्त कोतशकाओं का जीिन 3-4 ददन  स्रेप्टोमाइतसन. शैिाल और  पािरीकृ त दूध : दूध को 75˚C पर 15 से 30 सेकांड तक गरम दकया प्रोटोजोआ। बहुकोतशकीय जैसे-शैिाल और किक। जाता है और दफर तत्काल ठां डा करके सांग्रहीत करते हैं।  सूक्ष्मजीि जैसे अमीबा अके ला रह सकता है.000 प्लेटलेजस प्रतत  माइक्रोतबयल रोग जो एक सांक्रतमत व्यतक्त से एक स्िस्थ व्यतक्त में हिा. सूक्ष्म जीिों का और्धीय उपयोग लाल रक्त कोतशकाओं का जीिन 100 से 120 ददन  सूक्ष्म जीिों के कारण होने िाले रोगों को ख़त्म करने और रोकने के तलए काल (आर. माइक्रो लीटर पानी.com .  इस प्रदक्रया की खोज लुईस पािर ने की थी। इस प्रदक्रया को पािुराइजेशन कहते हैं। सूक्ष्मजीिों के लाभ  दही बनाने में और दूध के अनेक पदाथष बनाने में जीिाणुओं का योगदान SOME IMPORTANT TABLES होता है। जीिाणु “लेक्टोबेतसलस” दही के गठन को बढ़ािा देता है।  खमीर स्िसन के दौरान तेजी से उत्पाददत होता है। गुांथे हुए आटे में गैस मानि शरीर से सभबांतधत महत्िपूणष तथ्य: के बुपबुलों को भरता है और आयतन में िृतद् करता है। शरीर में सबसे बड़ी और सबसे फीमर (जाांघ की हड्डी)  खमीर का प्रयोग अपकोहल और िाइन के िातणतज्यक उत्पादन के तलए मजबूत हड्डी: दकया जाता है। खमीर के रूप में इसे जौ.bankersadda.36-7.बी.बी.बी.सी को लगने िाला समय  एांटीबायोरटक्स.मी. चािल के अनाज और शरीर में सबसे छोटी हड्डी: कान में ‘स्टेपीज़’ हड्डी कु चले फलों का रस आदद में स्िाभातिक रूप से मौजूद शकष रा के रूप में शरीर में रक्त की मािा: 6 लीटर (70 दक.मी. कहा जाता है। लुइस पास्चर ने दकण्िन की खोज की थी। 2.41 48 www.बी एरररोसाइट सी.  चीनी पदाथष की नमी को कम करता है जो खराब होते भोजन में जीिाणु.): तजस दिा का प्रयोग होता है. टेरासाइतक्लन और ए्रोपभ्स सामान्यतः ज्ञात काल (डब्लपयू. तेल और तसरका  िायरस के कारण सामान्य सदी.  डेंगू िायरस के िाहक के रूप में मादा एडीज मच्छर तजभमेदार है। शरीर में एचबी की मािा : 500-700 जीएम  रॉबटष कोच ने जीिाणु (बेतसलस अन्रेतसस ) की खोज की जो एांरेक्स मूि का पीएच मान : 6.com| www. एक पुरुर् में: 14-15 जीएम / रक्त सांक्रामक रोग कहा जाता है। उदाहरण.सी. आम सदी.बी. एक मतहला में:: 11-14 जीएम /  मादा एनोफे लीज मच्छर जो मलेररया के परजीिी का िाहक है। रक्त का 100 सी.सी. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography स्तनपायी घरों में खाद्य सांरक्षण के आम तरीके  ये गमष खून िाले जांतु होते हैं तजनमें चार कक्षीय ह्रदय होता है। रासायतनक तितध : नमक और खाद्य तेल आमतौर पर प्रयोग दकए जाने िाले  इनमें स्तन ग्रांतथयाां होती है तजससे ये अपने तशशुओं को पोतर्त करते हैं। रासायतनक हैं। ये अपने जांतुओं को पैदा करते हैं। सोतडयम बेंजोएट और सोतडयम मेटातबसुफाइट आम सांरक्षक हैं। इनका  हालाुँदक इनमे से कु छ प्लेरटपस और इदकडना (काांटे दार जीि जो चीटी प्रयोग जैभस और स्क्वैश के खराब जोने की जाुँच के तलए भी दकया जाता खाता है) अांडे देते हैं। है। सूक्ष्मजीि : दोस्त और दुश्मन चीनी द्वारा सांरक्षण : सूक्ष्मजीिों को चार मुख्य समूहों में िगीकृ त दकया जाता है। ये समूह है. लाल रक्त कोतशकाओं (आर.) की सांख्या: /क्यूतबक तम. गेहां.400. एक पुरुर् में: 5 से 6 तमतलयन  चीनी का शराब के रूप में रूपाांतरण करने की इस प्रदक्रया को दकण्िन (आर. एक मतहला में : 4 से 5 तमतलयन /क्यूतबक तम.careerpower.com | www.in| www. टीबी। 2.5-8 रोग का कारण बनता है। रक्त का पीएच: 7. या शारीररक सांपकष के माध्यम से फै ल सकता है इन्हें हीमोग्लोतबन (एचबी): 1.सी): एांटीबायोरटक दिाओं में से कु छ हैं। सांचलन का एक चक्र पूरा करने में 20 सेकांड  अलेक्जेंडर फ्लेपमग पेतनतसतलन की खोज की। आर. इफ्लूएज ां ा.सी. पौधे या जांतु हो सकते हैं। bacteria cannot live in such an environment.ग्रा.

तम. क्षयरोग. तडप्थीररया – यह ‘कोरीबैक्टीररयमतडप्थीररया’ जीिाणु द्वारा होता है। सबसे बड़ी कोतशका : न्यूरॉन्स (तांतिका कोतशका) 3.यह राइनोिायरस के कारण होता है। शरीर का सामान्य तापमान: 37 तडग्री सेतपसयस 4. एड्स (एक्वायडष इभयून डेदफतसएांसी पसड्रोम) . डेंगू बुखार – यह डेंगू िायरस के कारण होता है। सबसे बड़ी ग्रांतथ: यकृ त 9. शरीर में सबसे बड़ा स्नायु: ग्लुजस मेक्सीमस या कू पहा स्नायु (Herpessimplex). अमीबा पेतचश यह एटामोइबा तहस्टोतलरटका के कारण होता है। देने के तलए प्रयोग की जाती है। उदाहरण के तलए 3.com . SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography िीयष की मािा: 2-5 तम. िायरस. हैजा .com | www.com| www. 3.यह ‘तितब्रयो कॉलेरी’जीिाणु के कारण होता है। उतचत दृतष्ट के तलए न्यूनतम दूरी: 25 से.adda247. इस दिा का प्रयोग कब्लज में राहत रजोतनिृतत्त उम्र:: 45-50 िर्ष प्रदान करने के तलए दकया जाता है। रक्त का थक्का बनने का समय: 3-5 तमनट मतस्तष्क का िजन: 1300-1400 जीएम.यह माइकोबैक्टीररयम जीिाणु के कारण होता है। सामान्य ड्रग और उनके प्रयोग: 9. काली खाांसी . टैपिामष ये आांि परजीिी हैं। यह अपने आप नहीं रह सकता। यह एांटीतथस्टेमाइांस यह िह दिा है जो ठां ड और एलजी के लक्षणों से एक पशु सतहत मानि की आांत के भीतर रहता है। राहत प्रदान करती है। 2. बैक्टीररया. पतली.यह ‘माइकोबैक्टीररयम लेप्री’ जीिाणु के कारण होता है। नाड़ी दर: 72 प्रतत तमनट 5.यह ‘येर्तसतनया पेतस्टस’ जीिाणु के कारण होता है। ड्रग्स/ दिाएां प्रयोग ऐतनस्थेरटक यह एक दिा है जो ददष की असांिेदनशीलता को प्रोटोजोआ के कारण होने िाले रोग: लाती है। 1.तनद्रा रोग यह ररपैनोसोमा ब्रूसी के कारण होता है। एतस्पररन। 4.ग्रा.in| www. तपनिमष यह छोटी.यह िैररसेला -जोस्टर िायरस के कारण होती है। यूतनिसषल रक्त प्राप्तकताष: AB 2. मलेररया यह एनोफ़े लीज़ मच्छरों से फै लता है। प्लाज्मोतडयम एांटीफ्लेटूलेंट यह एक दिा है जो आांत गैस को कम करती है। परजीिी मलेररया न तो एक िायरस है और न ही ऐन्टीपाइरेरटक यह िह दिा है जो शरीर का तापमान कम करने के बैक्टीररया है . प्रोटोजोआ और कृ तम के कारण होने िाले रोगों की सूची: सामान्य रक्तचाप (बी. चेचक (बड़ी माता) – यह िराइअल िायरस के कारण होती है। शरीर का औसत भार : 70 दक. खसरा – यह मीज़पज़ िायरस के कारण होता है। सबसे बड़ी अांतःस्रािी ग्रांतथ: थायराइड ग्रांतथ 6. यह मनुष्य की लाल रक्त कोतशकाओं में तलए प्रयोग की जाती है। एक कोशीय परजीिी पालता है। ऐनपजीतसक यह एक दिा है जो ददष को रोकने या ददष से राहत 2.यह ‘सापमोनेला टाइफी’ के कारण होता है। 8.यह ‘स्रैपटोकोकस तनमोतनया’ के कारण होता है। सबसे पतली त्िचा: पलकें 6. िायरस के शरीर में सबसे छोटी स्नायु: स्टेपेडीयस कारण होता है। सबसे बड़ी धमनी: महाधमनी जीिाणु (बैक्टीररया) द्वारा होने िाले रोग: सबसे बड़ी तशरा: इन्फीररयर िेना कािा 1. िायरल इन्सेफेलाइरटस .पी. सामान्य सदी. और जे.मी 4. सफे द राउां डिॉमष के कारण होता है रोकथाम या सही करने में प्रयोग की जाती है। तजसे इांटरोतबयसिर्तमचुलाररस कहते हैं। डाइयुरेरटक इस दिा का प्रयोग मूि के उत्पादन को बढ़ािा देने 49 www.): 120/80. तनमोतनया.यह ‘बोडेटेला परटू तसस’ जीिाणु द्वारा होता है। सबसे बड़ी और सबसे लांबी नस: तनतांभ (साइऐरटक नस) 2. रेबीज . ियस्क मनुष्य रोगों के प्रकार में.यह मानि द्वारा शारीररक सामान्य तस्थतत में साुँस लेने की 12-16/तमनट सांबांध के कारण होता है दर: इभयूनो िायरस (एचआईिी)। रीड की हतड्डयों की सांख्या: 31जोड़े 5. टाइफाइड .sscadda. कु ष्ठ रोग .careerpower./ स्खलन के तलए दकया जाता है। शुक्राणुओं की सामान्य सांख्या: 250-400 तमतलयन / स्खलन लैक्सरटि It is a drug used to provide relief in मातसक धमष चक्र: 28 ददन constitpation. फाइलेररया यह फाइलेररया तनमेटोड कृ तम के कारण होता है। ऐन्टीस्पैज़्मातडक यह दिा आमतौर पर पेट में अनैतच्छक माांसपेतशयों फाइलेररया के अतधकाांश मामले परजीिी-िुचेररररया की ऐंठन से राहत के तलए प्रयोग की जाती है। बैन्क्रॉफ्टी की िजह होता हैं। ऐन्टैतसड यह िह दिा है जो तिशेर् रूप से पेट में अभलता की 3.यह मतस्तष्क की सूजन है। यह रेबीज िायरस. काला अजार यह लीशमैतनया डोनोिनी के कारण होता है। ऐतन्टबाइआरटक यह एक दिा है जो सूक्ष्म जीिों की िृतद् न होने (प्रततजैतिक) देने या इन्हें नष्ट कर देती है। उदाहरण – कृ तम द्वारा होने िाले रोग: पेतनतसतलन । 1.bankersadda. रटटेनस -यह ‘क्लोस्रीतडयम रटटेनी’ जीिाणु के कारण होता है। ह्रदय का िजन: 200-300 जीएम 7. प्लेग .मी.यह रेबीज िायरस (Rhabdoviridae family) के कारण होता है। धड़कन: 8. पोतलयो िायरस खसरा िायरस.ली. चेचक . मभप्स -यह मभप्स िायरस के कारण होता है। सामान्य अिस्था में ह्रदय की 72 धड़कन प्रतत तमनट 7. एचजी िायरस द्वारा होने िाले रोग: यूतनिसषल रक्त दाता: O 1.सी.

com| www.adda247.careerpower.B कोई नहीं के िल AB सिषग्राह्य तडप्थीररया गला O कोई नहीं A.रक्त का थक्का न बनना यह तिटातमन K की कमी के कारण होता है। मेरुरिुशोथ (Myelitis) रीढ़ की हड्डी 6. अररबोफ्लातिनोतसस यह तिटातमन बी2 की कमी के कारण होता हैपेटाइरटस यकृ त है। पीतलया (Jaundice) यकृ त 3. सूखा रोग यह तिटातमन D की कमी से होता है। पयीररया दाांत 10. मूिाशयशोध (Cystitis) मूिाशय रक्त समूह प्रततजन प्रततरक्षी रक्त दान कर दकससे रक्त कोलाइरटस आांत सकता है प्राप्त कर नेििेष्मलाशोथ आुँख सकता है। (Conjunctivitis) A A B A. क्वैशीऑकॉर यह प्रोटीन की कमी के कारण होता है। न्युरैरटस तांतिका 7. गलगण्ड (Goitre) यह आयोडीन की कमी के कारण होता है। मतस्तष्क ज्िर मतस्तष्क और रीढ़ की हड्डी 5.sscadda.com .B सािषभौतमक के िल O एतक्जमा त्िचा दाता 50 www. लैंड्सटीनर : रक्त की प्रततदक्रयाओं के आधार पर मानि शरीर के रक्त को मोततयापबद आुँख 1900 में चार समूहों में बाांटा गया। अथाषत A.com | www.bankersadda.O त्िचाशोथ (Dermatitis) त्िचा B B A B. B.AB B. AB और O.in| www. बेरीबेरी यह तिटातमन B की कमी के कारण होता है। मलेररया प्लीहा 4. रक्त हीनता यह लौह अयस्क की कमी के कारण होता है। मोततयापबदु (Glaucoma) आुँख (अनेतमया) जठर-शोथ (Gastritis) पेट 2.O मधुमेह अग्नाशय और रक्त AB A.AB A. ऑतस्टयोपोरोतसस यह खतनज कै तपशयम की कमी के कारण होता अतस्थमिा का प्रदाह हतड्डयाां है। पक्षाघात नसों और अांग 9. Scurvy यह तिटातमन C की कमी के कारण होता है। पेररटनाइरटस पेट तनमोतनया फे फड़े मनुष्य की सामान्य बीमाररयाुँ और शरीर के प्रभातित भाग: रायनाइरटस नाक बीमाररयाुँ शरीर का प्रभातित भाग गरठया जोड़ों में एड्स शरीर की प्रततरक्षा प्रणाली क्षय रोग फे फड़े गरठया रोग जोड़ तुतण्डका-शोथ (Tonsillitis) टॉतन्सल अस्थमा ब्रोतन्कयल माांसपेतशयाां रेकोमा आुँख ब्रोंकाइरटस फे फड़े रक्त समूह और इनका िगीकरण: कारडाइरटस ह्रदय के . SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography गलगण्ड थायराइड ग्रांतथ तिटातमन और खतनज की कमी से होने िाले रोग: तजनिा की सूजन (Glossitis) तजनिा 1. रतौंधी यह तिटातमन A की कमी के कारण होता है। ओरटरटस कान 8.

सभबांतधत िस्तुओं की कीमत 4.उसकी 1. पसांद एिां िररयता 5.in | www. जो िस्तु के मूपय और तस्थर रहते हैं। खरीदी गयी मािा के मध्य के सभबन्ध दशाषता है । B) माांग में कमी:. िैकतपपक िस्तु की कीमत में िृतद्। 3. तितशष्ट रूप से A) माांग का तिस्तार: कम कीमत पर अतधक माांग उन बाजारों में सीतमत सांसाधनों के आिांटन का तनणषय करते हैं. चयन और िरीयता में बढ़ोतरी / अनुकूल बदलाि। 1. पररिार एिां फमष. ये दो प्रकार के होते हैं: पर खरीदने में सक्षम और इच्छु क हो। A) माांग में िृतद् :. पूरक िस्तु की कीमत में िृतद् नोट: आय के कारणों में कमी सामान्य अच्छे के तलए माांग में कमी नोट: साधारण िस्तुओं के तलए माांग में कमी के कारण आय में कमी होती है। िस्तुओं के प्रकार िैकतपपक िस्तुए:ां अन्य िस्तु के मूपय में िृतद् होने के कारण दकसी िस्तु के मूपय में भी िृतद् होना। उदाहरण. आय में िृतद् तनधाषरक 2.adda247. उपभोक्ता की आय 3. जहाां िस्तुएां B) माांग का सांकुचन: उच्च कीमत पर कम माांग एिां सेिाएां खरीदी एिां बेचीं जाती हैं। अथषव्यिस्था: अथषव्यिस्था एक ऐसी प्रणाली है तजसके द्वारा लोगों अपनी माांग की गयी मािा में पररितषन जीतिका प्राप्त करते हैं। मूपय में पररितषन के कारण → उतार-चढ़ाि होगा → तिस्तार और सांकुचन उत्पादन सांभाव्यता िक्र (PPC): उत्पादन सांभाव्यता िक्र दो िस्तुओं के सभी माांग में पररितषन सांभातित समुच्चयों को दशाषता है.com | www.अन्य कारकों में पररितषन के कारण माांग अतधक होना. भतिष्य में कीमत में 4. स्ियां िस्तु की कीमत 2. दकस प्रकार अथषव्यिस्था के व्यतक्तगत अियि. तजनका 1 ) माांग की गयी मािा में पररितषन (एक ही माांग िक्र के साथ उतार-चढ़ाि) िैकतपपक उपयोग होता है”। 2) माांग में पररितषन (माांग में बदलाि) समतष्ट अथषशास्त्र: आर्तथक तििेर्ण की िह शाखा है. तजसमें समुच्चय का तििेर्ण सभपूणष अथषशास्त्र के सन्दभष में दकया जाता है। समतष्ट अथषशास्त्र में 1) माांग की गयी मािा में पररितषन: - समस्त आर्तथक दक्रयाओं का सांपूणष रूप से अध्ययन दकया जाता है। िस्तु के मूपय में पररितषन के कारण माांग में बदलाि.careerpower. तजसे उपलब्लध सांसाधनों ि तकनीक की मूपय में पररितषन के अलािा अन्य कारण → पररितषन होगा → िृतद् और कमी सहयाता से उत्पाददत दकया जा सकता है। सीमान्त उपयोतगता लागत(MOC): पीपीसी के साथ तिशेर् रूप से एमओसी एक अन्य िस्तु की अततररक्त इकाई है. जो यह अध्ययन करता है दक दो प्रकार के होते हैं.sscadda.अन्य कारकों में पररितषन के कारण माांग कम होना. उस िस्तु की इकाइयों का अनुपात है तजसकी दकसी अन्य िस्तु की अततररक्त इकाई के उत्पादन हेतु हातन उठाई जाती है। माांग में पररितषन माांग की अिधारणा िस्तु की कीमत के अलािा अन्य कारकों में पररितषन के कारण माांग में माांग: िस्तु की िह मािा.com .bankersadda. ये व्यतष्ट अथषशास्त्र: यह अथषशास्त्र की एक शाखा है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography एसएससी एिां अन्य परीक्षाओं के तलए अथषशास्त्र कै प्सूल 2017 पररचय माांग में पररितषन अथषशास्त्र: अथषशास्त्र िह तिज्ञान तजसमें अन्त्य एिां दुलषभ िस्तुओं के बीच इसके दो प्रकार हैं: सभबांधो के रूप में मानि व्यिहारों का अध्ययन दकया जाता है. मूपय माांग अनुसूची: यह एक तातलकाबद् प्रदशषन है. तजसकी दकसी अन्य िस्तु की अततररक्त इकाई के उत्पादन हेतु हातन उठाई जाती है। रूपाांतरण की सीमान्त दर(MRT): MRT. िस्तु के तिकपप की कीमत में कमी 4. चयन और िरीयता में प्रततकू ल / कमी 3. अन्य कारक तस्थर हों. तजसे उपभोक्ता ददए गए समय ि तनयत मूपय पररितषन होते हैं. Pr. पूरक िस्तु की कीमत में तगरािट। पररितषन की प्रत्याशा माांग सूि: Dx = f( Px. आय में कमी माुँग घटती जाएगी। यही माुँग का तनयम है। 2. T) नोट : साधारण िस्तुओं के तलए माांग में िृतद् के कारण आय में िृतद् होती है। माांग के तनयम: यदद सभी कु छ यथाित् रहे तो िस्तु की माुँग उसके मूपय के माांग में कमी के कारण: घटने के साथसाथ बढ़ती जाएगी और िस्तु के मूपय में िृतद् के साथ. Y.com | www. चाय और कॉफ़ी। 51 www. मूपय माांग िक्र: यह मान अनुसूची का एक सतचि प्रदशषन है। तस्थर रहते हैं। व्यतक्तगत माांग: व्यतक्तगत उपभोक्ता द्वारा की गयी माांग। माांग में िृतद् के कारण दकसी िस्तु की व्यतक्तगत माांग को प्रभातित करने िाले कारक / माांग के 1.

करना सांतमश्र माांग कहा जाता है। जब माांग िक्र लोचदार होती है। माांग की कीमत लोच (Ed) कीमत लोच के तनधाषरक दकसी िस्तु की कीमत में होने िाले पररितषन के फलस्िरूप उस िस्तु की माुँगी तिकपप की उपलब्लधता गई मािा में होने िाले पररितषन की माप को माुँग की कीमत लोच कहा जाता खचष की गयी आय का अनुपात है। समय सीमा 52 www.sscadda. = िस्तु की माुँगी गई मािा में होने िाला प्रततशत पररितषन/ कीमत में मूपय में भी िृतद् होना। उदाहरण. माांग की मािा में िृतद् करती हैं। हालाांदक. तो साधारण िस्तुओं की P = िास्ततिक कीमत Q = िास्ततिक मािा Δ = पररितषन कीमतों में भी िृतद् होती है। गौण िस्तुए:ां िे िस्तुए. होटल के अतततथयों द्वारा भोजन जब कीमत में हपका पररितषन होने से माांग में कीमत की तुलना से अतधक की माांग करना। अनुपाततक पररितषन होता है. लोगों को अतधक िस्तुएां खरीदनी होती है. ऑटोमोबाइल. तो इस प्रकार की माांग पूणषतया बेलोचदार माांग कहलाती है। पररणामस्िरूप होती है। इस प्रकार की माांग प्रततस्थापन िस्तुओं अथिा बेलोचदार (कम लोचदार) माांग (e < 1) पूरक िस्तुओं के सांबांध में पाई जाती हैं। प्रततस्थापन िस्तुएां िे हैं . कीमत में पररितषन की तुलना में कोई पररितषन नहीं न होकर दकसी अन्य सांबांतधत िस्तु की कीमत में पररितषन के आता.कीमती िाइन. एक साथ प्रयोग में लाई जाती हैं। इकाई लोचदार माांग (e = 1) आय माांग: प्राथतमक रूप से आय पर तनभषर करने िाली माांग को आय माांग जब माांग में प्रततशत पररितषन. आय का प्रभाि हािी हो जाता है. तो उसे व्युत्पन्न माांग कहा जाता है। क्योंदक श्रम होता है। की सहायता से अन्य िस्तुओं का उत्पादन दकया जाता है। सांयुक्त माांग: जब कभी एक उद्देश्य की पूर्तत के तलए एक साथ दो िस्तुओं पूणत ष या लोचदार माांग (e = ∞) की माांग की जाती है. यह इसतलए नहीं है दक उपभोक्ता को बजटीय बाधाओं (तगफे न िस्तुओं के मामले में) के कारण अतधक िस्तुएां खरीदनी पड़ती हैं। बतपक. अन्य दकसी िस्तु की सेिा इसका अथष है. जो उस िस्तु तिशेर् की कीमत में पररितषन जब िस्तु की माांग में. तो माांग कम लोचदार या बेलोचदार होता है। होती हैं. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography पूरक िस्तुए:ां अन्य िस्तु की माांग में कमी होने के कारण दकसी िस्तु के Ed. = P/q X Δq/Δp होता है। इसका अथष है दक जब आय बढती है. िेब्ललेन िस्तुएां उच्च-दजे िाली िस्तुएां हैं. जो दकसी उद्देश्य की पूर्तत के तलए. जैसे.ां िे गौण िस्तुएां होती हैं तजन्हें लोग कीमत बढ़ने पर अतधक उपभोग करना शुरू कर देते हैं.bankersadda.पैरोल और कार। होने िाला प्रततशत पररितषन साधारण िस्तुए:ां िे िस्तुए.ां तजनका आय के साथ सकारात्मक सभबन्ध Ed.careerpower.ां तजनका आय के साथ नकारात्मक सभबन्ध होता है। इसका अथष है दक जब आय बढती है. या इि। ऐसी िस्तुओं की उपयोतगता तस्थतत को तनरूतपत करने की उनकी क्षमता से जुड़ी हुई हैं। उनकी कीमत कम होने पर.in | www. दक्रके ट बैट और बॉल की माांग। है तो यह अिस्था पूणषतया लोचदार होती है। इसमें तस्थर कीमत पर माांग सांतमश्र माांग: तितभन्न उद्देश्य हेतु प्रयोग के तलए दकसी एकल िस्तु की माांग बदलती रहती है। यह तस्थतत पूणष प्रततयोतगता की अिस्था में पाई जाती है. तजसकी बढ़ी हुई कीमतें. तो माांग में कमी आ जाती है. जो एक जब कीमत में पररितषन के कारण माांगी गयी मािा में अनुपाततक पररितषन की दूसरे के बदले में प्रयोग में लाई जाती हैं। जबदक पूरक िस्तुएां िे िस्तुएां अपेक्षा से कम होता है. माांग की तसद्ाांत का उपलांघन करते हैं। तगफन िस्तुओं की तस्थतत में. तो लोचदार माांग की तस्थतत उत्पन्न होती है व्युत्पन्न माांग: जब दकसी िस्तु की माांग के कारण. यहाां तक दक इसकी कीमत बढ़ जाने पर भी। िेब्ललेन िस्तुएां (उफष उपतनिेशिादी िस्तुएां): अक्सर तगफे न िस्तुओं के साथ भ्रतमत करने िाली िेब्ललेन िस्तुएां िे िस्तुएां हैं.com | www.com . कीमत में प्रततशत पररितषन के बराबर होता है. घतड़याां.com | www. दकसी िस्तु के तलए माांग की पूणत ष या बेलोचदार माांग (Ed = 0) उन मािाओं के पररितषन से है. तो उसे सांयुक्त माांग कहा जाता है। उदाहरण के तलए जब दकसी िस्तु की कीमत में पररितषन हुए तबना माांग में कमी या िृतद् होती बे्रड और बटर की माांग. आयताकार हाइपरबोला इस प्रकार का लोच दशाषता है। आिश्यकताओं को पूरा करने के तलए िस्तुओं ि सेिाओं के तलए माांग को लोचदार माांग (अतधक लोचदार) (e > 1) प्रत्यक्ष माांग कहते हैं। उदाहरण के तलए. कहा जाता है। तो िस्तु की माांग इकाई लोचदार कहलाती है। जैसा दक इस आकृ तत में प्रत्यक्ष माांग: अांततम उपभोक्ताओं द्वारा अपनी इच्छाओं अथिा ददखाया गया है. कीमत में एक छोटे पररितषन से ही माांग में अतधक पररितषन की माांग उत्पन्न होती है. माांग की मािा भी कम हो जाती है क्योंदक उनकी स्टेजस-डीनोरटग उपयोतगता मध्यमागी बन जाती है। माांग के प्रकार आड़ी या ततरछी माांग: आड़ी माांग का अथष. और ठीक इसके तिपरीत भी यही होता है। तनम्नस्तरीय िस्तुए:ां तगफन िस्तुए.adda247. सस्ते नजदीकी तिकपप उपलब्लध नहीं हैं। तिकपपों की कमी के कारण.

व्यिसाय में प्रिेश और तनकास की स्ितांिता होती है। 4.sscadda. िस्तुओं और सेिाओं को कै टररस पेररबस। खरीदने और बेचने के तलए एकि होते हैं। EI = (माांग में % ) / (आय में % ) बाजार सांरचना : एक उद्योग में सदक्रय कां पतनयों की सांख्या. फामों का तनबाषध प्रिेश और बतहगषमन होता है।. पररिहन लागत की अतधकता होती है। 7. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography आय लोच बाजार के प्रकार और मूपय तनधाषरण आय में एक प्रततशत पररितषन के कारण माांग में प्रततशत पररितषन . कीमतों पर पूणष तनयांिण होता है। आपूर्तत का तनयम हमें आपूर्तत की मािा कीमत में बदलाि का जिाब देंगा। 6. तजसमे एक िस्तु के कु छ माांग की आड़ी-लोच के मापक बड़े तिक्रेता होते हैं और क्रेता बड़ी सांख्या में होते हैं। इतन्फतनटी . दकसी एक िस्तु का एकमाि तिक्रेता होता है। तगरती हैं. िैसे भोजन पर व्यय होने a) पूणष प्रततयोतगता.com | www.in | www. नकारात्मक ढलान माांग िक्र (AR>MR) आपूर्तत की लोच 5. उत्पाद तिभेदन होता है। 3. उत्पादन के कारक की पूणष गततशीलता होती है। पररभातर्त दकया जा सकता है जो िास्ति में उस कीमत पर प्रतत इकाई तबक्री 8.िस्तुएां x और y सांबांतधत नहीं हैं पूणष प्रततयोतगता की तिशेर्ताएुँ : नकारात्मक – िस्तुएां x और y पूरक हैं 1. िस्तु िस्तु के मूपय में X / c) एकातधकारी बाजार: एक बाजार तस्थतत को सांदर्तभत करता है. कीमत तिभेदन या भेदभाि मौजूद होता है। आपूर्तत की लोच की अिधारणा मूपय में पररितषन की िजह से. तजसका कीमत पर पूणष तनयांिण होता है। ec = िस्तु एक्स की कीमत में प्रततशत में पररितषन. पूणषतया लोचदार माांग िक्र (AR=MR) होता है। दकसी िस्तु के दकसी िस्तु की आपूर्तत को उस मूपय के रूप में 7. तबक्री लागत होती है। 5. तजसमे एक िस्तु की कीमत में पररितषन के कारण सभबांतधत िस्तु की माांगी गयी मािा खरीदारों और तिक्रेताओं की बड़ी सांख्या होती है। फमें सजातीय उत्पादों को में होने िाले पररितषन के माप को माांग की आड़ी-लोच कहा जाता है। (सांबांतधत एक समान कीमत पर बेचती हैं। िस्तुओं तिकपप या पूरक सामान हो सकते हैं) दूसरे शब्लदों में. एक नई फामष के प्रिेश में करठनाई होती है। 4.com . कमोतडटी y की b) एकातधकार बाजार: एकातधकार एक बाजार तस्थतत है. कु छ प्रमुख फमें होती हैं. बाजार : बाजार एक स्थान है जहाुँ क्रेता और तिक्रेता.careerpower. जो आकार में बड़ी होती हैं। 2. तो इसकी आपूर्तत तिस्तृत हो जाती है.adda247. अन्य चीजें समान रहती हैं. मूलभूत खाद्य पदाथष बाजार के प्रकार एांजल का तनयम: जैसे-जैसे आय में िृतद् होती है.com | www. पूणष जानकारी का आभाि होता है।. तजसमे प्रततशत पररितषन अनेक फमें सभबांतधत िस्तुएां बेचती हैं. सजातीय या समान उत्पाद होते हैं। आपूर्तत का तनयम 3. उत्पाद की पूणष जानकारी होती है। बाजार में बेचने के तलए तैयार िस्तुए।ुँ यह तितशष्ट कीमत पर तबक्री के तलए 5. b) एकातधकार बाजार. आपूर्तत में 7. इसकी आपूर्तत कम हो जाती 2. क्रेता और तिक्रेता अतधक सांख्या में होते हैं। 2. क्रेताओं और तिक्रेताओं की अतधक सांख्या लेदकन पूणष प्रततयोतगता से कम आनुपाततक पररितषन होती है। 2. पररिहन लागत का अभाि होता है। के तलए पेश दकया जाता है। 9. 6. फमष एक कीमत लेने िाली है और उद्योग कीमत तनधाषरक है। माल और सेिाओं का उत्पादन करने के तलए तनमाषता की क्षमता और उद्देश्य 6. असामान्य लाभ का अतस्तत्ि होता है। पररितषन की दर की व्याख्या करती है। यह नीचे उपलेतखत सूि द्वारा मापी जाती है। एकातधकारी बाजार की तिशेर्ताएुँ : आपूर्तत की लोच = आपूर्तत की मािा में आनुपाततक पररितषन / कीमत ने 1. c) एकातधकारी बाजार. d) िाली आय का % घटता है। अपपातधकार बाजार. लेदकन ये तिभेददत उत्पाद होते हैं। d) अपपातधकार बाजार: यह एक बाजार सांरचना है. उत्पाद के तनकटतम स्थानापन्न का अभाि होता है। है" 3. माांग की आड़ी-लोच a) पूणष प्रततयोतगता: एक बाजार तस्थतत को सांदर्तभत करती है. तबक्री लागत की अनुपतस्थतत होती है। आपूर्तत का तनयम मूपय और आपूर्तत के बीच एक सीधा सांबांध स्थातपत करता है। फमष कम कीमतों पर कम और अतधक कीमतों पर अतधक आपूर्तत करेगी। " एकातधकार बाजार की तिशेशताएुँ : जब िस्तु की कीमत बढ़ जाती है. जब कीमत 1.bankersadda.िस्तु x लगभग और y के तलए एक आदशष तिकपप है शून्य . (I / Q) प्रततस्पधाष की प्रकृ तत और उत्पाद की प्रकृ तत को सांदर्तभत करता है। आिश्यकताएां (0< EI ≤ 1): उदाहरण. परस्पर तनभषरता होती है। 53 www. उनके बीच EI = (Q/ I). तजसमे एक तिक्रेता कीमत में बदलाि के तलए िस्तु X की माांग का उत्तरदातयत्ि है। का बोलबाला होता है. कीमत पर आांतशक तनयांिण होता है। अपपातधकार बाजार की तिशेर्ताएुँ: 1. आपूर्तत का अथष है तनयत समय में ददये गये दाम पर उत्पादक या तिक्रेता 4.

sscadda.com | www. सजातीय या समरूप उत्पाद होता है। TPn = अतस्थर कारक की n िीं इकाई का कु ल उत्पाद. बाजार में उपलब्लध अन्य उत्पादों हुए जब के िल एक अतस्थर कारक में िृतद् होती है. अन्य कारक तस्थर रखते की पेशकश की जाती है तादक उनका उत्पाद. उत्पादन फलन एक अपप अितध उत्पादन फलन है.com .careerpower.in | www. पैककग. कु ल उत्पाद(TP) आरभभ से पृथक लगे। क्रेताओं को आकर्तर्त करने के तलए तिभेदन रांग. n= अस्थाई कारक की इकाइयों की सांख्या तिक्रय लागत क्या है? MP = ΔTP / Δn उत्तर: एक फमष द्वारा तबक्री के सांिधषन या प्रचार के तलए दकए गए व्यय को हम MP TP = ΣMP के सांक्षेप द्वारा TP तनकालते हैं। तिक्रय लागत कहते हैं। (तिज्ञापन लागत) अतस्थर समानुपात का तनयम लघु अितध उत्पादन फलन या एक तस्थर उत्पाद तिभेदन क्या है? कारक की िापसी उत्तर : इसका अथष है दक तितभन्न उत्पादकों द्वारा तनकटतम स्थानापन्न िस्तुओं अतस्थर समानुपात के तनयम का कथन: लघु अितध में. कु छ स्थाई कारकों के साथ सांयोतजत होते हैं। यह इसकी व्याख्या नहीं करता है दक कै से कीमत िास्ततिक रूप से तनधाषररत की गई थी। उत्पाद की अिधारणा : कु ल उत्पाद: ददए गए इनपुजस की सांख्या के साथ. 2. एक तिशेर् अतधकार है या एक कां पनी को एक तितशष्ट प्रौद्योतगकी द्वारा एक तिशेर् उत्पाद का उत्पादन करने का लाइसेंस प्रदान अिस्था I / चरण I / एक कारक के तलए बढ़ता हुआ प्रततफल करना है। · TPP एक बढ़ती हुई दर से बढ़ जाती है। · MPP भी बढ़ जाती है। कीमत तिभेदन क्या है? उत्तर: .com | www.bankersadda. दफर एक घटती दर से बढ़ता है और अांत में TP ब्राांड-नाम आदद में हो सकता है। घटता है। MPP आरां भ में बढ़ता है दफर तगरता है लेदकन सकारात्मक बनी रहती है तो पेटेंट अतधकार से क्या मतलब है? तीसरे चरण में यह ऋणात्मक हो जाएगी। उत्तर:.adda247. उत्पादन फलन एक लांबी अितध का उत्पादन फलन है. फमष के प्रिेश और बतहगषमन की स्ितांिता होती है। TPn-1= अतस्थर कारक की (n-1) इकाई का कु ल उत्पाद. सजातीय या अलग-अलग उत्पाद होते हैं। उत्पादन फलन और समय की अितध 5. तजसका उत्पाद के स्तर के साथ पररणाम तस्थर रहता है। एक कारक के तलए ह्रासमान प्रततफल के कारण- अतस्थर कारक : िे आगतें जो उत्पादन के स्तर के साथ पररिर्ततत होती हैं। · कारकों की अतिभाज्यता. 3. 54 www.यह समान उत्पाद की तितभन्न इकाइयों के तलए अलग-अलग ग्राहकों से अिस्था II / चरण II / एक कारक के तलए ह्रासमान प्रततफल तितभन्न कीमतें िसूलने को सांदर्तभत करता है। · TPP घटती दर से बढती है · MPP कम हो जाती है / तगरता है तिज्ञापन क्या है? · जब MPP शून्य होता है और TPP अतधकतम होता है तो यह अिस्था समाप्त तिज्ञापन उत्पाद तिभेदन को प्राप्त करने का एक तरीका है। तिज्ञापन का उद्देश्य हो जाती है। माांग िक्र को दायीं ओर तखसकाना और माांग को कम लोचदार बनाना है। अिस्था III / चरण III / एक कारक के तलए ऋणात्मक प्रततफल उत्पादन · TPP कम / घट जाती है। · MPP ऋणात्मक हो जाती है। उत्पादन : उत्पाद प्राप्त करने के क्रम में आदानों के सांयोजन को उत्पादन कहते हैं। एक कारक के तलए बढ़ते हुए प्रततफल के कारण उत्पादन फलन: यह प्रौद्योतगकी के ददए गए क्षेि के बीच. तो यह कु ल उत्पाद में िृतद् को सांदर्तभत करता है। शुद् प्रततयोतगता की तिशेर्ताएुँ : MPn = TPn – TPn-1 1. में एक िृतद् दर से बढ़ता है. L: · अतस्थर कारक की दक्षता में िृतद् होती है. प्रिेश पर प्रततबांध या रूकािट होती है। 4. क्रेताओं और तिक्रेताओं की बड़ी सांख्या होती है। MPn = अतस्थर कारक की nिीं इकाई का सीमाांत उत्पाद. इनपुट और आउटपुट · तस्थर कारक का बहतर प्रयोग. यदद सभी इनपुट तभन्न-तभन्न है। तिकां तपत माांग मॉडल (The Kinked Demand Model) 2.K) यहाुँ: Q आउटपुट है. K: पूांजी है। · कारकों का इष्टतम सांयोजन. कीमत में तस्थरता होती है। 1. आकार. के बीच कायाषत्मक सांबांध को दशाषता है। Q= f(L. यदद कु छ अतस्थर एक अपपातधकार बाजार में कीमत की तस्थरता को व्यक्त करता है। कारक. श्रम है. स्थाई कारक : िह कारक. ददए गए समय के दौरान एक फमष / उद्योग द्वारा उत्पाददत िस्तुओं की कु ल मािा। औसत उत्पाद = अतस्थर इनपुट का प्रतत इकाई उत्पाद। APP = TPP / अतस्थर कारक की इकाइयाुँ औसत उत्पाद को औसत िास्ततिक उत्पाद के नाम से भी जानते हैं। सीमाांत उत्पाद (MP): जब अतस्थर कारक की एक अततररक्त इकाई कायषरत होती है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 3.पेटेंट अतधकार.

अथाषत सभी साधनों में 5% की िृतद्.िी कॉब’ और · जब MPP ऋणात्मक होती है तो TPP घटना आरांभ हो जाती है। पी. कच्चे यह ‘बढ़ता हुआ पैमाने का प्रततफल’ कहलाता है। उदाहरण के तलए- माल की लागत आदद। यदद सभी आगतों में 5% की िृतद् होती है. तो TPP अतधकतम होती है। एक साांतख्यकीय उत्पादन फलन है तजसे प्रोफे सरों ‘सी. अिसर लागत: अगला सबसे अच्छा पूिष तनतित तिकपप तो उत्पादन समान अनुपात में बढ़ेगा. तो भुगतान.डगलस उत्पादन फलन · जब तक MPP बढ़ता है. q=उत्पाद की चरणों में अध्ययन दकया जा सकता है। िे हैं मािा उत्पादन में पररितषन. a = श्रम प्रततपादक.com | www. C = पूांजी. यह ह्रासमान पैमाने का प्रततफल कहलाता है अथाषत यदद सभी साधनों में 5% · अस्थाई और स्थाई कारकों के बीच खराब समन्िय.adda247. c= उत्पादन की लागत. इस अिस्था में सीमाांत उत्पादन में कमी आएगी । MPP और TPP के बीच सांबांध कॉब . जब आगतों में 1% की िृतद् होती है.in | www.careerpower. ऊपर ददए गए उत्पादन फलन के अनुसार. उत्पादन में आनुपाततक िृतद् कम होती है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography · अपूणष स्थानापन्न. ह्रासमान पैमाने का प्रततफल एक कारक के तलए ऋणात्मक प्रततफल के कारण यदद सभी साधनों में िृतद् से. स्थायी लागत: िह लागत जो उत्पादन के स्थायी साधनों पर खचष की उत्पादन में 5% की िृतद् के समानुपाती होगी। यहाुँ सीमाांत उत्पाद तस्थर जाती है। जो कु छ भी उत्पादन के पैमाने तय दकए जा सकता है. 1-a = पूांजी का प्रततपादक. तो उत्पादन में भी 1% की िृतद् होती है। इसप्रकार.एच डगलस ने ददया था। कॉब . तो उत्पादन (कु ल उत्पाद) श्रम और पूांजी के प्रततपादक के योग द्वारा बढ़ जायेगा अथाषत (a+1-a) हो जायेगा। a+1-a =1 के बाद से.sscadda.डगलस उत्पादन फलन के िल तस्थर पैमाने के प्रततफल को िर्तणत करता है। ऊपर ददए गए उत्पादन फलन में. पैमाने में पररितषन के पररणाम में रूप में इसका तीन अिस्थाओं में अध्ययन दकया जा सकता हैं। ये इस प्रकार हैं.डगलस उत्पादन फलन है। यह · जब MPP शून्य होती है. स्ियां की इमारत का दकराया.com . प्रततपादकों का योग उत्पादन फलन में “पैमाने के प्रततफल की तडग्री को दशाषता है। a + b >1 : बढ़ता हुआ पैमाने का प्रततफल a + b =1 : तस्थर पैमाने का प्रततफल दीघषकातलक उत्पादन फलन – पैमाने के प्रततफल a + b <1 : ह्रासमान पैमाने का प्रततफल दीघषकाल में. तो उत्पादन में 5% से अतधक अांतर्तनतहत लागत: स्ियां के स्िातमत्ि िाले उत्पादन के साधनों पर आने िृतद् होती है अथाषत 10%. उत्पादन में आनुपाततक िृतद् अतधक होती है. समीकरण के अनुसार.डगलस उत्पादन फलन तनम्न प्रकार से अनुसरण करता है : Q = bLaC1− a तजसमे Q = िास्ततिक उत्पादन. L =श्रम. TPP एक बढ़ती हुई दर से बढ़ती है। अथषशास्त्र में सबसे सरल और सबसे व्यापक रूप से तजस उत्पादन · जब MPP घटती है. की िृतद् होती है तो उत्पादन में 5% से कम िृतद् होगी अथाषत 3% की िृतद्। · अस्थाई कारकों की दक्षता में कमी. इस तस्थतत में सीमाांत उत्पाद बढ़ता जायेगा। िाले खचष की लागत। उदाहरण के तलए – स्िामी की पूांजी पर लगने िाला ब्लयाज. लागत के प्रकार (i)बढ़ता हुआ पैमाने का प्रततफल (ii) तस्थर पैमाने का प्रततफल (iii) ह्रासमान नगदी लागत: एक फमष द्वारा िस्तु या सेिा के उत्पादन के तलए दकया गया पैमाने का प्रततफल नगदी खचष । स्पष्ट लागत: उत्पादन के साधनों को रखने में दकया गया िास्ततिक बढ़ता हुआ पैमाने का प्रततफल भुगतान। उदाहरण के तलए-कायष पर रखे गए मजदुर को मजदूरी का यदद सभी साधनों में िृतद् से. TPP घटती हुई दर से बढती है। फलन का प्रयोग होता है िह कॉब . यदद उत्पादन के दोनों साधनों (श्रम और पूांजी) में 1% की िृतद् होती है. सभी साधन या कारक बदल सकते हैं। पैमाने का प्रततफल उत्पाद में पररितषन का अध्ययन करता है.com | www. जब सभी साधन या आगत लागत पररिर्ततत होते हैं। पैमाने में िृतद् का अथष है दक सभी आगतें और साधन उत्पादन की लागत:: िस्तुओं और सेिाओं के तलए तितभन्न आदानों पर दकया समानुपात में बढ़ते हैं। जाने िाला व्यय । पैमाने के प्रततफल की तीन अिस्थाएां - लागत फलन: लागत और उत्पादन के बीच कायाषत्मक सांबध ां । पैमाने में पररितषन का एक पररणाम के रूप में उत्पादन में पररितषन तीन C=f(q) जहाुँ f= कायाषत्मक सांबांध. तो · स्थाई कारकों का पररसीमन. ये लागतें होता है। स्थायी रहती हैं। ये लागतें सम दशाषती हैं जब उत्पादन शून्य होता है। ये 55 www. दकराए पर तलए गए आिास के तलए दकया गया भुगतान. b = श्रम की इकाइयों की सांख्या. उद्यमी की सेिाओं के तलए िेतन तस्थर पैमाने का प्रततफल आदद। यदद हम ददए गए अनुपात में (अथाषत पैमाने में) सभी साधनों में िृतद् करते हैं.bankersadda. कॉब .

तब तिक्रेता कोई भी मािा इस कीमत पर बेच 3. कु ल राजस्ि में तस्थर दर से िृतद् होती है (MR x-अक्ष से क्षैततज है) 4. AR = MR. x-अक्ष के क्षैततज होता है। 2. एकातधकार बाजार में कम लोचदार होता है क्योदक इसका जाता है। कोई स्थानापन्न िस्तुएां नहीं होता है।  AR िक्र.TR n-1 · TR = Σ MR उत्पादन के पररिती साधनों पर व्यय की जाती है। इन लागतों को “प्रधान लागतें”. उत्पादन के शून्य स्तर पर. TFC के बराबर होता है। सकता है. TC से उत्पन्न होते हैं। नीचे आता है।  AC और MC दोनों. कु ल लागत : ये िस्तुओं और सेिाओं के उत्पादन में साधनों और गैर-साधन पूणष प्रततयोतगता के तहत.bankersadda. जो अतधक इकाइयों को के िल एक कम कीमत पर बेच सकता है। AC और MC के बीच सांबध ां  MR . TFC और TVC के बीच सांबध ां या पूणष प्रततयोतगता हो) 1. बाजार मूपय पर सकल घरेलू उत्पाद। दशाषता है 2.sscadda. तिक्रेता कीमत लेने िाला होता है. जहाुँ MC = AC. “प्रत्यक्ष लागत” या “पररहायष लागत” भी कहते हैं। ये लागतें शून्य AR और MR के बीच सांबध ां (जब कीमत तस्थत बनी रहती है या पूणष होती हैं जब उत्पादन शून्य होता है। प्रततयोतगता हो). एकातधकारी बाजार में अतधक लोचदार होता है क्योदक यहाुँ औसत कु ल लागत (ATC) या औसत लागत (AC): यह उत्पादन की प्रतत इकाई कु ल लागत को सांदर्तभत करता है। स्थानापन्न िस्तुएां होती हैं। सीमाांत लागत : जब उत्पादन की एक अततररक्त इकाई का उत्पादन दकया TR और MR के बीच सांबांध(जब कीमत उत्पादन की तबक्री में िृतद् के साथ जाता है.careerpower.com | www. बाजार मूपय पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद। 56 www. MR के ऊपर है। AVC. पररणाम के अनुसार AR और पर TFC और TVC के योग द्वारा प्राप्त होता है। MR िक्र ox-अक्ष के क्षैततज समानाांतर रेखा में हो जाएगा। (जब कीमत तस्थर TC. राजस्ि कहते हैं सूि एक नजर में : कु ल राजस्ि: ददए गए उत्पादन की तबक्री से प्रातप्तयाां या कु ल प्रातप्तयाां।  TR = कीमत या AR × बेचा गया उत्पादन या TR = Σ MR TR = बेचीं गई मािा × कीमत (या) बेचा गया उत्पाद × कीमत  AR (कीमत) = TR ÷ बेची गई इकाइयाुँ औसत राजस्ि: बेचे गए उत्पाद की प्रतत इकाई प्राप्त रसीद या राजस्ि. फमष सामान्य लाभ प्राप्त करेगी। राजस्ि नीचे जाता पबदु : एक तस्थतत जब एक फमष के िल पररिती लागतों को बचाने राजस्ि : एक फमष द्वारा ददए गए उत्पाद की बाजार में तबक्री से प्राप्त धन को में सक्षम होती है या TR = TVC. TFC द्वारा प्रभातित नहीं होती है।  अपूणष प्रततयोतगता के तहत AR नीचे की ओर झुकेगा. तो यह कु ल लागत में योग को बनाता है। तगरती है) MCn = TCn-TCn-1 or MC = ΔTC / ΔQ नोट : MC. TFC. AR/ कीमत के प्रत्येक बार तगरने के साथ तगरता है और AR िक्र के  AC और MC दोनों. दफर अांततम रूप से बढ़ती हुई दर से बढ़ता है) में हो) होते हैं। जब के िल एक कीमत होती है. TC और TVC िक्र एक दूसरे के समानाांतर होते हैं। एकातधकार और एकातधकारी बाजार के तहत. “U” आकृ तत में होते हैं ( पररिती अनुपात का तनयम)  जब तक TR में िृतद् होती है.  MR n = MR n – MR n-1   AR = TR / बेचा गया उत्पादन  AR और कीमत समान है। MACRO ECONOMICS  TR = बेचीं गई मािा × कीमत या बेचा गया उत्पादन × कीमत  AR = (उत्पादन / मािा ×कीमत ) / उत्पादन / मािा समतष्ट अथषशास्त्र  AR= कीमत राष्ट्रीय आय की महत्िपूणष अिधारणाएां:  AR और माांग िक्र समान हैं। यह तितभन्न कीमतों पर माांगी गई मािा को 1. तो AVC बढ़ना आरांभ हो  AR िक्र. AR और MR के बीच सांबध ां ( औसत पररिती लागत कीमत में पररितषन या अपूणष प्रततयोतगता के तहत) यह उत्पादन की पररिती लागत की प्रतत इकाई लागत है।  दोनों बाजारों में AR और MR िक्र का नीचे की और ढलान हो जाएगा। AVC = TVC / उत्पादन  AR. AC को काटता है जब यह न्यूनतम होता है. S आकृ तत(ये आरभभ TR और MR के बीच सांबध ां (जब कीमत तनरांतर तस्थर हो या पूणष प्रततयोतगता ने ह्रासमान दर से बढ़ता है. आरांतभक उत्पादन में प्रत्येक िृतद् के साथ तगरता है।  AR ऋणात्मक कभी नहीं हो सकता। जब उत्पादन का इष्टतम स्तर प्राप्त होता है. TC और TVC. पररिती अनुपात के तनयम के कारण.in | www. TC. MR सकारात्कम रहता है।  जब AC तगरता है तो MC भी तगरता है और यह AC िक्र के नीचे होता  TR तगरता है जब MR ऋणात्मक होता है। है।  TR अतधकतम होता है जब MR शून्य है।  जब AC बढ़ता है तो MC भी बढ़ता है और AC िक्र के ऊपर होता है। ब्रेक-ईिन पबदु: यह उस पबदु पर होता है जहाुँ TR = TC या AR=AC होता है।  MC.com | www.com . बाजार में एकल कीमत प्रचलन में होती है। इस कारण से सभी िस्तुएां समरूप होती हैं ओ आगतों पर दकया जाने िाला कु ल व्यय है। यह उत्पादन के तितभन्न स्तरों समान कीमत पर बेचीं जाती हैं.adda247. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography लागतें अपपकाल के तलए उपतस्थत होती हैं लेदकन दीघषकाल में लुप्त हो जाती हैं। सीमाांत राजस्ि: उत्पादन की एक अततररक्त इकाई को तिक्रेता द्वारा बेचने पर कु ल पररितषनीय लागत: TVC या पररिती/ अस्थायी लागत– िे लागतें जो प्राप्त अततररक्त राजस्ि। उत्पादन में परितषन के साथ प्रत्यक्ष रूप से अलग-अलग होती है। ये लागतें MRn = TR n .

तिदेशों से प्राप्त शुद् साधन आय भी जोड़नी होगी| इसके अततररक्त तनजी आय में सरकार के चालु (3) बाजार मूपय पर शुद् घरेलू उत्पाद (MP पर NDP):. तनजी आय। (7) साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद (FC पर GDP): 10. मूपयह्रास पर यह सकल राष्ट्रीय उत्पाद है। इसे आउटपुट पूांजी पररसांपतत्तयों के व्यापाररक भुगतानों तथा सरकार से प्राप्त शुद् ब्लयाज को जोड़ देते हैं| उत्पादन में लगातार उपयोग दकया जाता है। इस तनतित पूांजी की खपत को मूपयह्रास कहा जाता है। मूपयह्रास तनयत पूांजी के मूपय की हातन का गठन (11) व्यय योग्य व्यैतक्तक आय:- करता है। इस प्रकार शुद् राष्ट्रीय उत्पाद एक िर्ष के दौरान उत्पाददत अांततम व्यय योग्य व्यैतक्तक आय ज्ञात करने के तलए.शुद् साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद को ही राष्ट्रीय आय कहते हैं| राष्ट्रीय आय अप्रत्यक्ष कर अथिा साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद मजदूरी. GNP को ितषमान बाजार मूपय के सांदभष में जीएनपी को नाममाि जीएनपी कहा जाता है। 57 www. दकराया.sscadda. व्यैतक्तक आय। साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद का सभबन्ध दकसी देश के घरेलू क्षेि के 11. समस्त साधन भुगतानों की योग को ही राष्ट्रीय आय कहते हैं| Ans. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 3. ददया जाए. तजसे कहते हैं| उत्पादन के सभी साधनों द्वारा एक िर्ष के दौरान दकसी राष्ट्र के घरेलू क्षेि के भीतर िेतन.careerpower.adda247. जो आय शेर् रह जाती है उसे व्यय योग्य व्यैतक्तक आय साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद या घरेलू आय िह आय होती है. साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद। साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद अथिा राष्ट्रीय आय कहलाता है| 6. साधन लागत पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद। 9.bankersadda. व्यैतक्तक आय को ज्ञात शुद् राष्ट्रीय उत्पाद. दकसी व्यतक्त के पास. तमतश्रत आय आदद) है। लघु जीएनपी में जीडीपी और शुद् साधन आय तिदेशों से अर्तजत की गई तथा गैर-आय भुगतान(जैसे सभी प्रकार के राांजेक्शन भुगतान ) आते हैं| इसमें है। जीएनपी में देशिातसयों द्वारा देश के बाहर उत्पाददत िस्तुओं के मूपय भी तिदेशों से प्राप्त शुद् आय भी शातमल है| तनजी क्षेि की आय ज्ञात करने क सतभमतलत दकया जाता है। तलए. बाजार मूपय पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद सतभमतलत दकया जाता है| तथा तिदेश से सकल शुद् साधन आय के मध्य का अांतर है। (10) व्यैतक्तक आय:- (4) बाजार मूपय पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद (MP पर NNP):.  NNP Mp = GNP mp –मूपयह्रास अन्य साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद. दकसी देश में एक िर्ष में उत्पाददत अांततम िस्तुओं ि करने के तलए राष्ट्रीय आय में से तनगम करों तथा सामातजक सुरक्षा प्रािधानों सेिाओं की चालू कीमत पर शुद् धन मूपय का मापक है। बाजार मूपय कम के तलए दकये गए भुगतान घटाते हैं तथा सरकारी नस्तान्तरण भुगतानों. तिदेश से शुद् साधन आय से कम  NDP Mp = GDPmp – मूपयह्रास साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद के समान है|  NDP Fc = NDP mp – शुद् अप्रत्यक्ष कर (अप्रत्यक्ष कर – सतब्लसडी)  GDP Fc = NDP fc + मूपयह्रास (6) साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद (FC पर NNP)  NNP Fc = GDP mp . बाजार मूपय पर शुद् घरेलू उत्पाद। दकसी एक लेखा िर्ष में दकसी देश की घरेलू सीमा में अर्तजत कु ल साधन आय 4. साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद। अथाषत साधन लागत पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद एक िर्ष में एक देश के सामान्य 7. अिधारणा साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद प्रादेतशक अिधारणा है| दूसरे शब्लदों में. राांजेक्शन.com | www.in | www. व्यय योग्य व्यैतक्तक आय। भीतर उत्पाददत सभी अांततम िस्तुओं और सेिाओं की कीमत से है| यदद साधन लागत पर शुद् घरेलू उत्पाद को तनयत पूुँजी के मूपयह्रास या खपत से जोड़ (1) बाजार मूपय पर सकल घरेलू उत्पाद (MP पर GDP):. बाजार मूपय है और Q लागत पर सकल घरेलू उत्पाद से तिदेशों से शुद् साधन आय जोड़कर प्राप्त अांततम सामान और सेिाएां है। दकया जाता है। (2) बाजार मूपय पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद (MP पर GNP):. जो तनजी क्षेि के लोगों को दकसी बाजार मूपय पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद तिदेशों से प्रतत काउां टर प्लस शुद् भी स्त्रोत से प्राप्त होती है| इसके अांतगषत तनजी क्षेि को तमलने िाली सभी आय साधन आय में सालाना उत्पाददत सभी अांततम उत्पादों के धन मूपय को मापता भुगतान (जैसे. बाजार मूपय पर शुद् राष्ट्रीय उत्पाद। (लगान+मजदूरी+ब्लयाज तथा लाभ) तथा तिदेशों से शुद् साधन आय का योग 5. तनजी क्षेि को घरेलू उत्पाद से प्राप्त आय में.िेतन ि मजदूरी. (9) तनजी आय:- बाजार मूपय पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद एक व्यापक और तिस्तृत अिधारणा है। तनजी आय से अतभप्राय उस आय से होता है. साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद। तनिातसयों द्वारा अर्तजत कु ल साधन आय का जोड़ होता है| 8. अथाषत िह आय तजसे लोग अपनी इच्छा से छोड़कर शुद् धन मूपय प्राप्त दकया जा सकता है। व्यय करने के तलए स्ितांि हो. ब्लयाज और लाभ के रूप में उत्पादन के साधनों को ददए जाने िाले भुगतानों को सांदर्तभत करती नाममाि GNP को पररभातर्त करें: है| सांक्षेप में. व्यय योग्य व्यैतक्तक आय या प्रयोज्य आय कहलाती है| अन्य शब्लदों में सभी प्रकार के प्रत्यक्ष कर चुकता करने के बाद (5) साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद (FC पर NDP):. व्यैतक्तक आय में से व्यैतक्तक िस्तुओं और सेिाओं का शुद् धन मूपय है। कु ल उत्पादन से मूपयह्रास भत्ते को प्रत्यक्ष करों को घटाया जाता है.लगान.ब्लयाज.मूपयह्रास + तिदेश से शुद् साधन आय . तो इसे साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है| बाजार मूपय पर सकल घरेलू उत्पाद देश के अपने क्षेि के भीतर तनर्तमत अांततम सामान और सेिाओं का कु ल धन मूपय है। इसतलए एमपी पर जीडीपी की (8) साधन लागत पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद (FC पर GNP):- गणना के तलए घरेलू क्षेि में साधन लागत पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद. िह आय जो देशिातसयों को िास्ति में प्राप्त होती है. बाजार मूपय पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद उत्पाददत सभी िस्तुओं और सेिाओं को उनके सांबांतधत मूपयों से गुणा दकया से अप्रत्यक्ष कर घटाकर ि सतब्लसडी जोड़कर प्राप्त दकया जाता है अथिा साधन जाता है। प्रतीकात्मक MP पर GDP = PXQ। जहाां P. लाभ.com . शेर् तिश्व से शुद् चालु राांजेक्शन ि राष्ट्रीय ऋणों पर ब्लयाज को बाजार मूपय पर शुद् घरेलू उत्पाद.लाभ और दकराए के रूप में की गयी कमाई है| इस प्रकार. ब्लयाज.com | www.

सकल घरेलू पूांजी तनमाषण = सकल घरेलू तनधाषररत पूांजी तनमाषण + स्टॉक में बढ़ाती है और कु ल आपूर्तत से अतधक हो जाती है. जनसांख्या तिस्फोट 3. तो मुक्त  NNP Fc (N. बुजुगष पेंशन.adda247. इसे कॉस्ट -पुश (सप्लाई-साइड) मुद्रास्फीतत के रूप में तो हम NDPmp. बेकार व्यापाररयों और काले बाजाररयों द्वारा बुतनयादी िस्तुओं का (अप्रत्यक्ष कर . मािात्मक शब्लदों सांपतत्त से आय – दकराया ि रोयपटी ब्लयाज में. कमषचाररयों का मुआिज़ा अतत मुद्रास्फीतत: अतत मुद्रास्फीतत एक ऐसी तस्थतत को सांदर्तभत करती है. तो उत्पादन समतष्ट का पररचय की इकाई लागत भी बढ़ जाती है। पररणामस्िरूप.I) = GDPMp (-) तनतित पूांजी की खपत(अिमूपयन) मुद्रास्फीतत होती है।  (+) तिदेश से शुद् साधन आय (-) शुद् अप्रत्यक्ष कर। अिरुद् मुद्रास्फीतत: जब सरकार मूपय तनयांिण. कॉपोरे ट लाभाांश. और कु ल माांग को 4.sscadda.bankersadda. आय या व्यय रातश पर तनभषर नहीं करती है। मुद्रा आपूर्तत- भारतीय ररजिष बैंक भारत का के न्द्रीय बैंक है। यह हमारे देश की मौदद्रक स्िायत्त तनिेश: िह तनिेश. सरकार अांततम उपभोग व्यय तो कीमतें बढ़ जाती हैं। 2. तनर्तमत ि आपूर्तत दकये जा रहे अांततम उत्पादों या अांततम सेिाओं की कीमतों में स्ित: िृतद् हुई है। स्िायत्त खपत: िह खपत जो आय शून्य होने पर. स्ि-रोजगार की तमतश्रत आय क्रेतडट मुद्रास्फीतत: क्रेतडट मुद्रास्फीतत अथषव्यिस्था में अत्यतधक बैंक क्रेतडट या  NDP fc = (1) + (2) + (3) मुद्रा आपूर्तत की कारण क्रेतडट मुद्रास्फीतत होती है।  NNP fc = NDP fc (+) तिदेश से शुद् साधन आय दुलषभता मुद्रास्फीतत: दुलषभता मुद्रास्फीतत. GNP की तस्थर कीमतों पर गणना (आधार िर्ष मूपय) की िास्ततिक तनिेश गुणक. कारण कीमतें बढ़ती हैं.in | www.लाभ. भुगतान राांजेक्शन: यदद भुगतान की िापसी में सेिा या िस्तुएां देने में कोई k और MPC के मध्य सीधा सभबन्ध है। बांधन नहीं हो. इसे दमनकारी मुद्रास्फीतत के रूप में भी जाना जाता है। 1. इसे मुक्त मुद्रास्फीतत के रूप में जाना जाता है। मुक्त बाजार (जीडीपीएमपी) अथषव्यिस्था में अपनी कीमतों को स्ियां तय करने की अनुमतत है. क्योंदक उसने इसके तलए काम दकया था। गुणक का मूपय उपभोग के तलए सीमाांत प्रिृतत्त के मूपय पर तनभषर करता है। (MPC). सामान और सेिाओं को उपलब्लध कराने के तनिेश गुणक.  तबक्री + स्टॉक में बदलाि = आउटपुट का मूपय यह प्रकृ तत में अनुभागीय है।  स्टॉक में बदलाि = स्टॉक बांद – स्टॉक आरभभ मुक्त मुद्रास्फीतत: जब सरकार मुद्रास्फीतत को खाररज करने की कोतशश नहीं  आउटपुट का मूपय .तनधाषररत पूांजी की खपत + NFIA.शुद् अप्रत्यक्ष कर कॉस्ट -पुश मुद्रास्फीतत: जब माल और सेिाओं के उत्पादन के बढ़ते रहने के नोट : यदद पूांजी तनमाषण को. बेरोजगारी भत्ता.सतब्लसडी) अततररक्त सांग्रहण होता है। व्यय तितध: लाभ मुद्रास्फीतत: जब उद्यमी अपने लाभ मार्तजन को बढ़ाने में रुतच रखते हैं. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography िास्ततिक GNP को पररभातर्त करें: तनिेश गुणक और इसका कायष Ans. तित्तीय अिमूपयन के कारण होती है। 3.careerpower. 1. यह आय तनरथषक है। स्िायत्त में िगीकृ त दकया है। तनिेश का दायरा आय के सभी स्तर पर समान है। जो इस प्रकार हैं: 58 www. और तब िस्तुओं और सेिाओं पररितषन की कीमतें बढ़ा देती है। यह माांग-प्रेररत या अततररक्त माांग मुद्रास्फीतत के रूप GDPmp = (1) + (2) + (3) + (4) में जानी जाती है। NNP fc = GDPmp . छाििृतत्त आदद। मुद्रास्फीतत के प्रकार व्यापक मुद्रास्फीतत: जब अथषव्यिस्था में सभी िस्तुओं की कीमत में िृतद् होती राष्ट्रीय आय की गणना की तितधयाां है। I – उत्पाद तितध (मूपय िर्तधत तितध): तछटपुट मुद्रास्फीतत: जब कु छ क्षेिों में के िल कु छ िस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं. राशपनग इत्यादद के माध्यम से कीमतों में िृतद् को रोकती है. तो इसे अिरुद् मुद्रास्फीतत के रूप में जाना आय तितध: जाता है. तनजी अांततम उपभोग व्यय माुँग प्रेररत मुद्रास्फीतत: िह मुद्रास्फीतत जो आय बढ़ने. पूांजी तनमाषण पर पहुुँचते हैं = तनिेश जाना जाता है। उदाहरण के तलए. जमाखोरी के कारण होती है।  GNP mp = NDP fc + तनधाषररत पूांजी की खपत + शुद् अप्रत्यक्ष कर जमाखोरी. भुगतान होता है.com | www. तनिेश में िृतद् और आय में पररणामी िृतद् के बीच सांबांध जीएनपी कहा जाता है। दशाषता है। साधन भुगतान: साधन भुगतान.मध्यिती उपभोग = सकल मूपय जोड़ा करती है. शुद् तनयाषत आदद. पररचालन अतधशेर् इसके पररमाण को मापना बहुत करठन हो जाता है। हालाांदक. जहाां कीमतें खतरनाक उच्च दर से बढ़ जाती हैं। दाम इतनी तेजी से बढ़ते हैं दक 2. जो आय के स्तर के बािजूद दकया जाता है। यह प्रणाली का प्रबांधन करता है। इसने हमारे देश में मुद्रा आपूर्तत को चार घटकों आमतौर पर सरकारी क्षेि द्वारा चलाया जाता है.com . टैक्स बचत (शुद् प्रततधाररत बढ़ती हैं. शुद् घरेलू पूुँजी तनमाषण के रूप में ददया गया है. जैसे तितभन्न कारकों के कारण उत्पन्न होती है. इसे अतत मुद्रास्फीतत कहा जाता है। कमाई) घाटा जतनत मुद्रास्फीतत: घाटा जतनत मुद्रास्फीतत. तनिेश में पररितषन के तलए आय में बदलाि का अनुपात है। एिज में दकया गया भुगतान है। एक श्रतमक को श्रम का भुगतान साधन गुणक (k) =Δy/ΔI. तो इसे भुगतान राांजेक्शन कहा जाता है। उदाहरण: दान. जब कीमतें 1000% प्रतत िर्ष (चौगुनी या चार अांक मुद्रास्फीतत दर) से उद्यतमता से आय .com | www.यदद मजदूरों का िेतन बढ़ता है.

जल तनकासी आदद जैसी  उत्पाद शुपक उपयोतगताओं के पर भी कर लगाने का अतधकार है।  एांटी डांपपग ड्यूटी  मनोरां जन कर प्रत्यक्ष कर –  पथकर (TOLL TAX)  सेिा कर ये कर प्रत्यक्ष रूप से लोगों पर लगाया जाता है| भारत में एकतित होने िाले  जीएसटी. धन की िह रातश होती है तजसे सरकार द्वारा दकसी व्यतक्त या तनगमों पर के कोर् में जाता है। अत: यह ज्ञात होता है दक यह कर आम नागररकों से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से लगाया जाता है तादक राजस्ि उत्पन्न हो तजससे दक अप्रत्यक्ष रूप से तलया जाता है। भारत में दकसी भी काले धन की गतततितधयों की जाांच कर सकें । अप्रत्यक्ष कर :- कें द्रीय सरकार द्वारा आय. जो इदक्वटी (यानी शेयर.  िैट (मूपय योतजत कर) मूपयिर्तधत कर (िैट) / तबक्री कर. भूतम राजस्ि.sscadda. कें द्रीय उत्पाद शुपक और सेिा कर पर  तबक्री कर कर लगाया जाता है। राज्य सरकार.com | www. भारत से कॉपोरेट आयकर तनयाषततत होने िाली िस्तुओं पर लगने िाला एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर है। यह कर. बाांड और कीमती िस्तुओं आदद पर लाभ M3 = M1 + बैंक के साथ जनता का समय जमा। M3 को व्यापक मुद्रा के रूप कमाते हैं. सीमा शुपक. सीमा शुपक के करारोपण और सांचयन के तलए सीमा शुपक जाता है। भारत में कॉपोरेट कर की दर. और • सांपतत्त कर M4 = M3 + कु ल डाक घर ऑदफस जमा। • उपहार कर नोट: बचत जमाओं के अलािा.in | www. स्टैभप ड्यूटी. जैसा दक नाम से पता चलता है दक यह पूांजी में लाभ पर कर M2 = M1 + डाक घर बचत जमा. सेिा कर- तडबेंचरों या अन्य कोई सुरक्षा) की तबक्री और खरीद पर लगाया जाता है। भारत में सेिाओं को प्रदान करिाने पर भारत सरकार द्वारा सेिा कर लगाया दूसरे शब्लदों में. तजसे उन लोगों पर लगाया जाता है तजनकी आय रातश का भुगतान करते हैं. चुांगी कर / प्रिेश कर और जल आपूर्तत. है। यदद आप तबक्री सांपतत्त. कभपतनयों से एकि दकया गया कर है। अतधतनयम. शेयरों के माध्यम से या तडबेंचर के माध्यम से भारत सरकार द्वारा है। यह सेिाओं की नकारात्मक सूची में सेिाओं को छोड़कर सभी सेिाओं पर कर लगाया जाता है और उसी कर को तसक्योररटीज राांजैक्शन टैक्स या शुपक तलया जाता है। प्रततभूतत लेनदेन कर कहा जाता है। तबक्री कर:- बैंककग नकद लेनदेन कर तबक्री चलायमान िस्तुओं की तबक्री पर लगाया जाता है। बैंककग लेनदेन कर. शेयर. यह अततररक्त रातश ही अप्रत्यक्ष-कर कहलाती है. सरकार को भुगतान कर देता िाली आय. लोग पोस्ट ऑदफस के साथ तितभन्न पररपक्वता • आिास कर अितध की साितध जमा रखते हैं। • व्यािसातयक कर • डीटीसी कागजी मुद्रा: सांचलन में करेंसी नोट सामान्य रूप से कागजी मुद्रा के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के तलए. पूुँजी लाभ कर. तो इस अततररक्त रातश को िैट कहा जाता है। अब करयोग्य श्रेणी (2.com . 1962 है। यह आयात और तनयाषत पर सीमा शुपक के करारोपण और सांचयन को प्रदान करिाता है। प्रततभूतत लेनदेन कर प्रततभूतत लेनदेन कर को 2004 में प्रस्तुत दकया गया. तो आप को पूुँजी लाभ कर का भुगतान करना चातहए। में भी जाना जाता है .adda247. जो तबचौतलयों द्वारा एकि की जाती है और जब भारत में कर सांरचना तबचौतलयों की आय पर सरकार ‘कर’ लगाती है तो यह अततररक्त धन सरकार कर. कृ तर् आयकर (के िल बागानों से आय). िह कर है तजसे बैंक खातों के डेतबट (और/या क्रेतडट) पर लगाया जाता है। यह स्िचातलत रूप से समाशोधन या तनपटान की प्रदक्रया में सीमा शुपक और चुग ां ी (िस्तुओं पर):- एक कें द्रीय प्रततपक्ष द्वारा स्ित: एकतित दकया जा सकता है। 59 www.5 लाख प्रततिर्ष) के अांतगषत आती है। भारतीय आयकर इस कर को ‘िस्तु एिां सेिा कर से प्रततस्थातपत कर ददया गया है। तिभाग.com | www. उससे नोजस होते हैं। अतधक धनरातश रे स्तराां द्वारा आपसे ली जाती है. एक िर्ष में दकसी कॉपोरेट द्वारा अर्तजत दकये गए लाभ पर लगाया भारत में.िस्तु एिां सेिा कर कर में ये लोग बड़ा योगदान देते हैं| मूपय सांिधषन कर आयकर - जब हम ग्राहक या खरीददार िस्तुओं और सेिाओं की कीमत के तलए अततररक्त यह एक प्रकार का कर है.bankersadda.careerpower. तो आप अक्सर देखते हैं दक आपने तजतनी धनरातश का आनांद तलया. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography M1 = जनता के साथ मुद्रा। इसमें तसक्के और मुद्रा नोट + जनता की माांग जमा। पूज ां ी लाभ कर: M1 को सांकीणष मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है. भारत सरकार द्वारा जारी दकए गए एक अप्रत्यक्ष कर रुपए का नोट कागजी मुद्रा है। आरबीआई द्वारा जारी दकए गए नोटों को आम आप सुपर बाजार में िस्तुएां खरीदने जाते हैं या एक रेस्तराां में खाना खाने जाते तौर पर बैंक नोजस के रूप में सांदर्तभत दकया जाता है। िे प्रकृ तत में प्रोतमसरी हैं.  सीमा शुपक तिलातसता कर और व्यिसायों पर कर लगाती है। स्थानीय तनकायों को  चुांगी सांपतत्तयों. CBDT द्वारा सातर्त होता है तथा भारत सरकार के तित्त मांिालय के राजस्ि तिभाग का एक भाग है। सीमा शुपक सीमा शुपक भारत में आयाततत होने िाली िस्तुओं के साथ. राज्य एक्साइज. दकसी व्यतक्त पर तसक्योररटीज माके ट के जररए उत्पन्न होने जाता है। सेिा प्रदाता इस कर को एकि करके .

E > R.. =बजटीय व्यय . iii) तबक्री कर ii) पूजां ी व्यय:.com .D= R. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography सीमा शुपक भारत में आयाततत िस्तुओं पर लगाया जाने िाला अप्रत्यक्ष कर a) प्रत्यक्ष कर: i) आय कर. R. भिन.D=तित्तीय घाटा. = बजट प्रातप्तयाां अतधक होता हैं। c) राजस्ि घाटा : . उत्तर : एक बजट अतधशेर् िह है जहाुँ अनुमातनत राजस्ि. बजट I.sscadda. iii) सांपतत्त कर है। भारत में तिदेशी देशों से आयाततत िस्तुओं पर यह कर लगाया जाता है। b) अप्रत्यक्ष कर: i) सीमा-शुपक.E . ii) उत्पाद शुपक.इसमें सरकार का राजस्ि व्यय. अनुमातनत व्यय से 2. = राजस्ि प्रातप्तयों.R= 8. उपकरण आदद तरह की सांपतत्तयों के अतधग्रहण पर खचष आदद और कें द्र सरकार और कें द्र शातसत प्रदेशों 6. मशीनरी. राजस्ि प्रातप्तयाां ii) ब्लयाज भुगतान + िह पूांजी प्रातप्तयाां जो सरकार से अांततम रूप से उपार्तजत होती हैं। 9. बजट घाटे की चार अलग-अलग अिधारणाएां क्या हैं? सूि : R. P.E > B.तिकास सांबध ां ी व्यय के दो उदाहरण दीतजए? 1. B.यह सरकार के कु ल व्यय के बीच अांतर है.D = B. उधारी से अलग) F. राजस्ि प्रातप्तयों से अतधक होता है।. बजट को पररभातर्त कीतजए? उत्तर: i) रक्षा पर व्यय ii) ब्लयाज भुगतान उत्तर: यह तित्तीय िर्ष जो 1 अप्रैल से 31 माचष तक चलता है इसमें सरकार की प्रातप्तयों और व्यय के आांकलनों का िार्तर्क तििरण होता है। बजट अतधशेर् को पररभातर्त कीतजए? उत्तर: एक बजट अतधशेर् िह है जहाुँ अनुमातनत राजस्ि. दो बजट प्रातप्तयाां क्या हैं? a) बजट घाटा b) राजस्ि घाटा उत्तर: i) राजस्ि प्रातप्तयाां ii) पूांजी प्रातप्तयाां c) प्राथतमक घाटा d) राजकोर्ीय घाटा 4. अनुमातनत व्यय से B.D – I.D= तित्तीय घाटा. बजट घाटे की चार तितभन्न अिधारणाएां इस प्रकार है- a) बजट घाटा:. R.D= राजस्ि घाटा.R. iii) तबक्री कर चुगां ी िह कर है जो एक राज्य से अन्य राज्य में प्रिेश करने के तलए िस्तुओं की खपत या तबक्री के तलए लागू होता है। सामान्य शब्लदों में इसे प्रिेश कर करते पूज ां ी प्रातप्तयों की मुख्य मदें क्या हैं?? हैं। a) बाजार ऋण (जनता से सरकार द्वारा उठाए गए ऋण) b) सरकार द्वारा उधार रातशयाुँ उत्पाद शुपक :. R. 10.R.R (B.B. मौजूदा राजस्ि और शुद् आांतररक 7.R.E= राजस्ि उत्तर: a) बजटीय घाटा b) राजस्ि घाटा व्यय.P. तिकास सांबधां ी व्यय के दो उदाहरण दीतजए? और बाह्य पूांजी प्रातप्तयों के बीच अांतर है। उत्तर: रेलिे और डाक का योजना व्यय सूि : B.B.E > B. पूज ां ी प्रातप्तयों की मुख्य मदें क्या हैं? द्वारा ऋण और अतग्रम को मांजूरी देने से सभबांतधत है। उत्तर: a) बाजार ऋण (जनता से सरकार द्वारा उठाए गए ऋण) b) सरकार द्वारा उधारी बजट घाटे की चार तितभन्न अिधारणाओं को स्पष्ट कीतजए? c) तिदेशी सरकारों और अांतरराष्ट्रीय तित्तीय सांस्थाओं से प्राप्त ऋण.D = B. ii) ब्लयाज कर..com | www.bankersadda.यह सरकार के कु ल व्यय.यह तित्तीय घाटा को ब्लयाज भुगतान से घटाने से प्राप्त होता है। सूि : P.E. iii) सांपतत्त कर b) अप्रत्यक्ष कर: i) सीमा-शुपक.यह मुख्य रूप से भूतम. B.E= बजटीय व्यय.adda247. राजस्ि प्रातप्तयों के दो प्रकारों के नाम बताइए? राजस्ि व्यय और पूजां ी व्यय का क्या अथष है? उत्तर: i) कर राजस्ि ii) गैर-कर राजस्ि i) राजस्ि व्यय:. बजट के दो व्यापक भागों के नाम बताइए? अतधक होता हैं। उत्तर: i) राजस्ि बजट ii) पूांजी बजट बजट घाटे की चार तितभन्न अिधारणाओं को बताइए? 3.R. ii) उत्पाद-शुपक.यह सरकारी तिभागों को सामान्य रूप से सांचातलत करने और तितभन्न सेिाओं के तलए प्रािधान जैसे ऋण पर ब्लयाज शुपक. गैर-तिकास सांबध ां ी व्यय के दो उदाहरण दीतजए? बजटीय राजस्ि उत्तर: i) रक्षा पर व्यय b) तित्तीय घाटा:.in | www. F.E – R. ii) ब्लयाज कर. c) प्राथतमक घाटा d) तित्तीय घाटा d) प्राथतमक घाटा : .R.com | www. c) तिदेशी सरकारों और अांतरराष्ट्रीय तित्तीय सांस्थाओं से प्राप्त ऋण। उत्पाद शुपक देश के भीतर िस्तुओं के उत्पादन पर लगने िाला एक प्रकार का कर है। इस कर का अन्य नाम सेनिैट (CENVAT) (के न्द्रीय मूपय िर्तधत कर) है तिकास सांबध ां ी व्यय के दो उदाहरण दीतजए? उत्तर: रेलिे और डाक का योजना व्यय सरकारी बजट और अथषव्यिस्था गैर. जब R. कर के दो प्रकार कौन से हैं? आदद पर आने िाला व्यय है। उत्तर: a)प्रत्यक्ष कर : i) आय कर.D= प्राथतमक घाटा.P= ऋण भुगतान। दो प्रकार की राजस्ि प्रातप्तयों के नाम बताइए? उत्तर: i) कर राजस्ि ii) गैर कर राजस्ि भुगतान शेर् : अथष और घटक करों के दो प्रकार क्या हैं। 60 www.D= बजटीय घाटा.R (B. बजट अतधशेर् को पररभातर्त कीतजए? सूि : F.D= F.careerpower. सतब्लसडी 5.

तिदेशी तितनमय बाजार का क्या अथष है? उत्तर: तिदेशी तितनमय बाजार. मुद्राओं के अतधमूपयन का क्या अथष है? भुगतान शेर् एक देश के आर्तथक लेन-देनों का तिश्व के शेर् देशों के साथ उत्तर: मुद्राओं का अतधमूपयन तब होता है जब अन्य देशों की मुद्राओं के सांबांध व्यापार शेर् का स्पष्ट तचि प्रस्तुत करता है। में तितनमय मान में िृतद् होती है। भुगतान शेर् की सांरचना का लेखाांकन 7. जो एक देश के नागररकों को तबना की दकसी भुगतान के प्राप्त होती है.com | www. िह दर है तजस पर एक देश की मुद्रा को अन्य देश की मुद्रा से बदला जा सकता है। 2. चालू खाते पर शेर् कहलाता है। 2. तस्थर तितनमय दर का क्या अथष है? उत्तर:तस्थर तितनमय दर. कै तबनेट तमशन योजना (1946) के अन्तगषत स्थातपत की गई थी.adda247. तिदेशी तितनमय दर को पररभातर्त कीतजए? उत्तर: तिदेशी तितनमय दर. एक दी गई समय अितध में एक देश के तितभन्न मुद्राओं की माांग और आपूर्तत को तनधाषररत करता है। नागररकों और तिदेशी देशों के तनिातसयों के बीच सभी आर्तथक लेन-देनों का व्यितस्थत ररकोडष होता है। इसमें दृश्य और अदृश्य मदें शातमल हैं। अत: 6.com | www. िह दर है जो एक देश की सरकार द्वारा तस्थर और तनधाषररत होती है और के िल सरकार ही इसे पररिर्ततत कर सकती है। भारतीय राजव्यिस्था कै प्सूल सांतिधान का तनमाषण : c) इस दौरान कु ल 165 ददनों के 11 सि आयोतजत दकये गए. d) कै तबनेट तमशन की सांस्तुततयों के आधार पर सांतिधान सभा की रचना की b) सांतिधान सभा ने स्ितांि भारत के तलए सांतिधान बनाने का यह गई थी तजसके सदस्यों का अप्रत्यक्ष चुनाि प्राांतीय तिधानसभाओं के ऐततहातसक कायष लगभग 3 िर्ों (2 िर्ष. भुगतान शेर् से क्या अतभप्राय है? b) अदृश्य व्यापार: सेिाओं के तनयाषत और आयात को अदृश्य व्यापार का शेर् उत्तर : भुगतान शेर् एक देश का. इसकी रचना तनम्नतलतखत प्रकार से थी : पूरा दकया. तिश्व के शेर् देशों के साथ दकए गए सभी कहते हैं। उदाहरण. उदाहरण के तलए उपहार आदद। दृश्यमान व्यापार . चालू खाता: तनम्नतलतखत तीन मदों को इसमें ररकोडष दकया जाता है। बाजार के रूप में जाना जाता है। a) व्यापार की दृश्यमान िस्तुए:ां तनयाषत और आयात की िस्तुओं के शेर् को. तनयाषत के मुद्रा मूपय और भौततक िस्तुओं के आयात 5. (i) 292 सदस्य प्राांतीय तिधानसभाओं से चुने गए थे 61 www. स्पॉट तितनमय दर को पररभातर्त कीतजए? उत्तर: स्पॉट तितनमय दर. पूज ां ी खाता: यह उन सभी अांतराषष्ट्रीय लेन-देनों का ररकॉडष है जो एक देश के नागररकों द्वारा उसकी पररसांपतत्तयों को एक तिदेशी नागररक के साथ बदलने या एक तिदेशी नागररक के साथ उसकी देयताओं को बदलना शातमल है। तितनमय 1. अग्रसर बाजार को पररभातर्त कीतजए? उत्तर: भतिष्य की सुपुदग ष ी के तलए तिदेशी तितनमय के बाजार को अग्रसर 1.तशपपग बीमा आदद। आर्तथक लेन-देनों के लेखा तििरण के ररकोडष को सांदर्तभत करता है। c) एकतरफा स्थानान्तरण: एकतरफा स्थानान्तरण िे प्रातप्तयाां है जो एक देश के नागररक प्राप्त करते हैं या भुगतान करते हैं.com .bankersadda.in | www. िह बाजार है जहाुँ अन्तराषष्ट्रीय मुद्राओं का एक-दूसरे के तलए व्यापार दकया जाता है। 3. 11 महीने और 18 ददन) में सदस्यों द्वारा दकया गया था.अदृश्यमान व्यापार और एकतरफा स्थानान्तरण के शेर् का शुद् मान.sscadda. एक दी गई समय अितध में एक देश के नागररकों और तिदेशी देशों के तनिातसयों के बीच सभी आर्तथक लेन-देनों का 4. लोचदार तितनमय दर को पररभातर्त कीतजए? के मूपय (दृश्य आइटम) के बीच अांतर है। उत्तर: लोचदार तितनमय दर. दृश्यमान व्यापार का शेर् कहते हैं। 9.careerpower. िह दर है जो तिदेशी तितनमय बाजार में भुगतान शेर्: एक देश का भुगतान शेर्. तितनमय की सांतल ु न दर क्या है? व्यितस्थत ररकोडष होता है। उत्तर: तितनमय की सांतुलन तब होती है जब आपूर्तत और तिदेशी मुद्रा के तलए माांग एक-दूसरे के बराबर हो। व्यापर शेर् और भुगतान शेर् व्यापर शेर्: व्यापर शेर्. उस दर को सांदर्तभत करता है तजस पर तिदेशी एक भुगतान शेर् तििरण एक देश के कु ल आर्तथक लेन-देनों के अन्तराषष्ट्रीय मुद्राएुँ स्पॉट पर उपलब्लध होती हैं। लेखा का सांतक्षप्त तििरण है। ये दो प्रकार के खाते होते हैं। 8. इसमें से 114 a) भारत के सांतिधान का तनमाषण एक सांतिधान सभा द्वारा दकया गया जो ददन तक सांतिधान के प्रारूप पर तिचार और चचाष के तनतमत्त लगे. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography अथष: एक देश का भुगतान शेर्.

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(ii) 93 सदस्य भारतीय ररयासतों के प्रतततनतधत्ि थे 8. सदन सतमतत बी पट्टातभ सीतारामै्या
(iii) 4 सदस्य चीफ कतमश्नर प्रान्तों के प्रतततनतध थे
इस प्रकार कु ल सदस्यों की सांख्या 389 थी. 9. सांतिधान सभा के कायष जी.िी. मािलांकर
e) हालाुँदक 3 जून, 1947 की माउन्टबटन योजना के तहत तिभाजन के सांबध
ां ी
कारण, पादकस्तान के तलए एक पृथक सांतिधान सभा बनाई गई और कु छ सतमतत
प्रान्तों के प्रतततनतध सभा के सदस्य नहीं बन पाए. पररणामस्िरूप सांतिधान 10. अपपसांख्यक उप एच.सी. मुखजी
सभा के सदस्यों की सांख्या घटकर 299 रह गई. सतमतत

कै तबनेट तमशन 11. मूल अतधकार जे.बी. कृ पलानी
यूरोप में तद्वतीय तिश्व युद् 09 मई 1945 को एक अांत पर आ चुका था. नई उप-सतमतत
तब्ररटश सरकार ने भारत सांबांधी अपनी नीतत की घोर्णा करते हुए सांतिधान
12. पूिोत्तर रां रटयर गोपीनाथ बारदोलोई
तनमाषण तनकाय बनाने की बात की. तीन तब्ररटश कै तबनेट मांिी भारत की
जनजातीय क्षेि एिां असम को
स्ितांिता के सिाल के हल के तलए भारत भेजे गए. मांतियों (लाडष पैतथक
छोड़कर तथा आांतशक
लारेंस, सर स्टैफ़ोडष दक्रप्स, ए िी अलेक्जेंडर) के इस समूह को कै तबनेट तमशन
रूप से छोड़े गए क्षेि के
कहा गया. यह तमशन भारत में माचष 1946 से मई 1946 तक रहा. कै तबनेट
तलए उप सतमतत
तमशन ने सांतिधान के
तब्ररटश भारत में सांिध
ै ातनक सुधार
रे मिकष पर चचाष की और सांतिधान तनमाषण तांि द्वारा अपनाये जाने िाली
प्रदक्रया के सांबांध में कु छ तिस्तृत तििरण तनधाषररत दकये. तब्ररटश भारत के रेग्युलरे टग एक्ट, 1773:
प्रान्तों के 296 सीटों के चुनाि जुलाई-अगस्त तक सांपन्न हो गए. सभा ने 09 द्वैध शासन की समातप्त
ददसभबर 1946 को कायष आरभभ कर ददया. बांगाल के गिनषर को ‘बांगाल का गिनषर जनरल’ पद नाम ददया गया
तजसके अधीन सभी तब्ररटश क्षेि ददए गए.
प्रथम अांतररम राष्ट्रीय सरकार
कलकत्ता में सुप्रीम कोटष की स्थापना
सांतिधान सभा
4 िर्ों के तलए कोटष ऑफ़ डायरे क्टसष का तनिाषचन
a) भारत के लोगों ने प्राांतीय तिधानसभाओं के सदस्यों का चुनाि दकया
डायरे क्टसष की सांख्या 24 सीतमत कर दी गई, तजसमें से एक चौथाई
तजन्होंने दफर सांतिधान सभा का चुनाि दकया.
प्रततिर्ष सेिातनिृत्त हो जाते थे.
b) डॉ राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद और डॉ
बांगाल में गिनषर जनरल िारेन हेपस्टग्स और एिां उनकी सहायता के
श्यामा प्रसाद मुखजी सभा में कु छ प्रमुख नेता थे.
तलए चार सदस्यीय कायषकारी पररर्द् का गठन दकया गया. 4 सदस्य
c) रैं क एांथनी एांग्लो-भारतीय समुदाय का प्रतततनतधत्ि कर रहे थे.
थे – दफतलप राांतसस, क्लािेररग, मोंसोन और बारिेल.
d) पारतसयों के प्रतततनतध एच.पी. मोदी थे.
e) अपपसांख्यक सतमतत के प्रमुख एक प्रतततष्ठत ईसाई हीरे न्द्र कु मार मुखजी
सांशोतधत अतधतनयम 1781 :
थे जो एांग्लो-भारततयों के अततररक्त शेर् सभी ईसाईयों का प्रतततनतधत्ि
कर रहे थे. अपनी अतधकाररक क्षमता में कां पनी के सरकारी कर्तमयों के कायों को
f) सतच्चदानांद तसन्हा सांतिधान सभा के प्रथम अध्यक्ष थे. बाद में, डॉ राजेंद्र सुप्रीम कोटष के क्षेि से बाहर रखा गया.
प्रसाद सांतिधान सभाके अध्यक्ष चुने गए जबदक डॉ भीमराि अभबेडकर सुप्रीम कोटष का अतधकार क्षेि पररभातर्त दकया गया. उसे अपनी प्रदक्रया
प्रारूप सतमतत के अध्यक्ष तनयुक्त दकए गए. एिां तनणषय देते समय भारतीयों के धार्तमक एिां सामातजक रीतत ररिाजों
और परभपराओं को ध्यान में रखना था है और उनका सभमान करना था.
सतमततयाां
गिनषर जनरल की पररर्द् में तनर्तमत तनयम एिां रेगुलेशांस सुप्रीम कोटष के
1. प्रदक्रया तनयम सतमतत डॉ राजेंद्र प्रसाद
साथ पांजीकृ त नहीं होते थे.
2. सञ्चालन सतमतत
3. तित्त एिां 1784 का तपट्टस इांतडया एक्ट:
स्टाफ सतमतत कां पनी और सांसदीय बोडष ऑफ़ डायरेक्टसष के रूप में सरकार द्वारा द्वैध
4. राष्ट्र ध्िज सांबध
ां ी तदथष शासन लागू हुआ.
सतमतत कां पनी के मामलों में तब्ररटश सरकार को और अतधक तनयांिण ददया गया.
5. राज्य सतमतत पांतडत जिाहरलाल नेहरु कां पनी, राज्य के अधीनस्थ एक सहायक तिभाग बन गई.
. सांघ शतक्त सतमतत गिनषर जनरल की पररर्द् के सदस्यों की सांख्या घटाकर तीन कर दी गई.
. सांघ सांतिधान सतमतत
1786 का एक्ट :
6. मूल अतधकार, अपपसांख्यक िपलभभाई पटेल गिनषर जनरल को पररर्द् से भी ऊपर प्रबल बनाने के तलए अतधक
जनजाततय एिां बतहष्कृ त अतधकार ददए गए और कमाांडर इन चीफ बना ददया गया. यह
क्षेिों के तलए परामशष कानषिातलस को भारत की गिनषर जनरलतशप स्िीकारने के तलए दकया
सतमतत गया.
7. प्रारूप सतमतत डॉ बी आर अभबेडकर

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1793 का चाटषर एक्ट : हस्ताांतररत
कां पनी को और 20 िर्ों तक व्यापर करने का एकातधकार ददया गया. इसमें तिधान पररर्द् के प्रतत उत्तरदायी मांतियों की सहायता से गिनषर
कोटष द्वारा व्याख्यातयत तलतखत कानून द्वारा सरकार की नींि राखी गई. शासन करता था.

1813 का चाटषर एक्ट : आरतक्षत
चीन के साथ व्यापर एिां पूिी देशों के साथ व्यापर के अततररक्त कां पनी आरतक्षत तिर्यों पर गिनषर कायषपातलका पररर्द् की सहायता से शासन
का भारत में व्यापर करने का एकातधकार छीन तलया गया. करता था, जो तिधान पररर्द् के प्रतत उत्तरदायी नहीं थी.
पहली बार, भारत में तशक्षा व्यिस्था के तलए एक लाख रुपये की रातश पहली बार देश में तद्वसदनात्मक व्यिस्था प्रारांभ हुई, हालाुँदक िास्ततिक
की व्यिस्था की गई. रूप में यह 1935 के अतधतनयम के बाद ही सांभि हो पाया.
राज्य सतचि को तब्ररटश कोर् से भुगतान दकया गया.
1833 का चाटषर एक्ट : भारत का आयुक्त पद
चाय और चीन के साथ व्यापार में कां पनी के एकातधकार को समाप्त कर
ददया गया. भारत शासन अतधतनयम, 1935:
कां पनी को अपनी व्यापाररक गतततितधयाुँ बांद करने को कहा गया. इसने अतखल भारतीय सांघ की स्थापना की, तजसमें शातमल थे-
बांगाल के गिनषर जनरल को भारत का गिनषर जनरल बना ददया गया. तब्ररटश प्रान्त
(भारत के प्रथम गिनषर जनरल लाडष तितलयम बेंरटक बने). देसी ररयासतें

1853 का चाटषर एक्ट : देसी ररयासतों को सांघ से जुड़ने का तनणषय स्िेच्छा से करना था और इसतलए
इस एक्ट ने कां पनी के अतधकारों को नये तसरे से तय दकया और तब्ररटश यह सांघ कभी अतस्तत्ि में आया ही नहीं क्योंदक सांघ के तलए न्यूनतम आिश्यक
क्राउन के तहत भारतीय क्षेिों को अपने कब्लजे में बनाये रखने की अनुमतत ररयासतों ने भी अपनी सहमती नहीं दी.
दी. कें द्र में द्वैध शासन प्रणाली प्रारांभ की (जैसे- तिदेश मामलों का और रक्षा
तसतिल सेिकों के भरती हेतु खुली िार्तर्क प्रततयोतगता की व्यिस्था की. तिभाग गिनषर जनरल के पास आरतक्षत कर ददए गए)
(भारतीयों के तलए नहीं) प्रान्तों में द्वैध शासन प्रणाली समाप्त कर प्राांतीय स्िायत्ता दी गई.
बमाष (अब भयाांमार) को भारत से अलग कर ददया गया.
भारत सरकार अतधतनयम, 1858:
भारत में कां पनी का शासन समाप्त कर तब्ररटश क्राउन के हाथों में सौंपा भारतीय सांतिधान के भाग
गया. 1. भाग I अनुच्छेद 1-4 भारत का राज्यक्षेि,
प्रिेश, स्थापना और नये राज्यों का तनमाषण
भारत के तलए राज्य सतचि पद (तब्ररटश कै तबनेट का एक सदस्य) का 2. भाग II अनुच्छेद 5-11 नागररकता
सृजन 3. भाग III अनुच्छेद 12-35 मूल अतधकार
िह ताज की शतक्तयों का प्रयोग करता था.
भारत सतचि भारत पर गिनषर जनरल के माध्यम से शासन करते थे. 4. भाग IV अनुच्छेद 36-51 राज्य की नीतत के तनदेशक तत्ि
गिनषर जनरल को िायसराय पदनाम ददया गया. िह भारत सतचि का
प्रतततनतधत्ि करता था, उसकी सहायता के तलए एक कायषकारी पररर्द् भाग IV A अनुच्छेद 51-क मूल कत्तषव्य. यह 1976 में 42िें सांशोधन द्वारा
बनाई गई तजसमें सदस्य सरकार के उच्च अतधकारी थे. जोड़ा गया.
तपजस इांतडया एक्ट 1784 द्वारा स्थातपत द्वैध शासन प्रणाली को अांततः
समाप्त कर ददया गया. 5. भाग V अनुच्छेद 52-151 सांघ सरकार
6. भाग VI अनुच्छेद 152-237 राज्य सरकार
भारत पररर्द् अतधतनयम, 1861: 7. भाग VII अनुच्छेद 238 1956 में 7िें सांशोधन से तनरतसत
अब कायषकारी पररर्द् को कें द्रीय तिधानपररर्द कहा जाने लगा. 8. भाग VIII अनुच्छेद 239-241 सांघ राज्य क्षेि
गिनषर गिनषर जनरल को अध्यादेश जारी करने के तलए अतधकृ त दकया. 9. भाग IX Article 242-243 पांचायतें
10. भाग X अनुच्छेद 244-244क अनुसूतचत और
भारत पररर्द् अतधतनयम, 1892: जनजातत क्षेि
प्राांतीय तिधान पररर्दों में भारतीयों के तलए भी रास्ता खुला. 11. भाग XI अनुच्छेद 245-263 सांघ और राज्यों के
चुनाि के कु छ तत्ि प्रस्तातित दकये गए. बीच सांबांध
12. भाग XII अनुच्छेद 264-300 तित्त, सांपतत्त,
भारत पररर्द् अतधतनयम, 1909 या माले-तमन्टो सुधार: सांतिदाएां और िाद
इसमें मुतस्लम के तलए पृथक प्रतततधत्ि की व्यिस्था की गई. 13. भाग XIII अनुच्छेद 301-307 भारत के राज्यक्षेि के
भीतर व्यापार, िातणज्य और समागम
भारत शासन अतधतनयम, 1919 या मोंटेग-चेभसफोडष सुधार:
14. भाग XIV अनुच्छेद 308-323 सांघ और राज्यों के अधीन
प्रान्तों में तद्वशासन प्रणाली का प्रितषन दकया गया.
सेिाएुँ
प्राांतीय शासन के तिर्यों को दो िगों में तिभातजत दकया गया :
भाग XIV-क अनुच्छेद 323ए-323 ख 1976 में 42िें सांशोधन द्वारा
जोड़ा गया और इसमें तििादों एिां अन्य तशकायतों के तलए प्रशासतनक

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अतधकरण की व्यिस्था 3. सांयक्त
ु राज्य अमेररका का सांतिधान – मूल अतधकार, न्यायपातलका की
15. भाग XV अनुच्छेद 324-329 तनिाषचन और तनिाषचन स्ितांिता, न्यातयक पुनरािलोकन का तसद्ाांत, उपराष्ट्रपतत का पद,
आयोग उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का पद से हटाया
16. भाग XVI अनुच्छेद 330-342 एससी/एसटी और एांग्लो जाना और राष्ट्रपतत पर महातभयोग
भारतीयों के तलए तिशेर् प्रािधान 4. आयरलैंड का सांतिधान – राज्य के नीतत-तनदेशक तसद्ाांत, राष्ट्रपतत के
17. भाग XVII अनुच्छेद 343-351 राजभार्ा तनिाषचन की पद्तत और राज्यसभा के तलए सदस्यों का नामाांकन
18. भाग XVIII अनुच्छेद 352-360 आपात उपबांध 5. कनाडा का सांतिधान- सशक्त कें द्र के साथ सांघीय व्यिस्था, अितशष्ट
19. भाग XIX अनुच्छेद 361-367 प्रकीणष अथाषत तितभन्न शतक्तयों का कें द्र में तनतहत होना, कें द्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की
तिर्यों से सांबांध तितभन्न उपबांध तनयुतक्त और उच्चतम न्यायलय का परामशी न्याय तनणषयन
6. ऑस्रेतलया का सांतिधान- समिती सूची, सांसद के दोनों सदनों की सांयुक्त
20. भाग XX अनुच्छेद 368 सांतिधान का सांशोधन बैठक, व्यापार, िातणज्य और समागम की स्ितांिता
21. भाग XXI अनुच्छेद 369-392 अस्थायी, सांक्रमणशील 7. जमषनी का सांतिधान- आपातकाल के समय मूल अतधकारों का स्थगन
और तिशेर् उपबांध 8. फ़्ाांस का सांतिधान- गणतांिात्मक और प्रस्तािना में स्ितांिता, समता और
22. भाग XXII अनुच्छेद 393-395 सांतक्षप्त नाम, बांधुता के आदशष
9. दतक्षण अरीका का सांतिधान- सांतिधान में सांशोधन की प्रदक्रया और
प्रारांभ, पहदी में प्रातधकृ त पाठ और सांतिधान का तनरसन राज्यसभा के सदस्यों का तनिाषचन
10. जापान का सांतिधान – तितध द्वारा स्थातपत प्रदक्रया
11. सोतियत सांघ (पूि)ष का सांतिधान: मूल कत्तषव्य और प्रस्तािना में न्याय
सांतिधान की सूतचयाुँ
(सामातजक, आर्तथक एिां राजनीततक) का आदशष
1. पहली अनुसच ू ी – राज्य और सांघ राज्यक्षेि
2. दूसरी अनुसच ू ी – राष्ट्रपतत, राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम और
सांतिधान की प्रस्तािना
उच्च न्यायलय के न्यायाधीश, तनयांिक-महालेखापरीक्षक की आय एिां
हमारा सांतिधान प्रस्तािना से प्रारां भ होता है. पांतडत नेहरु द्वारा ददया गया
उनके बारे में उपबांध
उद्द्शेय प्रस्ताि अांततोगत्िा प्रस्तािना बना. यह सांतिधान का सार अथिा
3. तीसरी अनुसूची- शपथ या प्रततज्ञान के प्रारूप मूलतत्ि है. यह 42िें सांतिधान सांशोधन अतधतनयम (1976) द्वारा बदला गया
4. चौथी अनुसच ू ी- राज्य सभा में स्थानों का आिांटन और इसमें तीन नए शब्लद जोड़े गए – समाजिादी, पांथतनरपेक्ष और अखांडता.
5. पाांचिी अनुसच ू ी- अनुसूतचत क्षेिों और अनुसूतचत जनजाततयों के प्रशासन
और तनयांिण के बारे में उपबांध ितषमान में प्रस्तािना इस प्रकार है:
6. छठी अनुसूची- असम, मेघालय, तिपुरा, तमजोरम और अरुणाचल प्रदेश “हम भारत के लोग, भारत को एक सभपूणष प्रभु त्ि सांपन्न, समाजिादी,
राज्यों के जनजातत क्षेिों के प्रशासन के बारे में उपबांध पांथतनरपेक्ष, लोकतांिात्मक गणराज्य बनाने के तलए और इसके समस्त
7. सातिीं अनुसूची- सांघ और राज्य के बीच शतक्तयों और कायों के तिभाजन नागररकों को :
सांबांधी सूतचयाुँ. इसमें 3 सूतचयाुँ – सांघ सूची (कें द्र सरकार के तलए), सामातजक, आर्तथक और राजनीततक न्याय,
राज्य सूची (राज्य सरकार के तलए) और समिती सूची (सांघ और राज्य तिचार, अतभव्यतक्त, तिश्वास, धमष
दोनों) और उपासना की स्ितांिता,
8. आठिीं अनुसूची- सांतिधान द्वारा मान्य 22 भारतीय भार्ाओं की सूची प्रततष्ठा और अिसर की समता
9. नौंिीं अनुसच ू ी- 1951 में पहले सांशोधन से जोड़ी गई. इसमें भूतम प्राप्त कराने के तलए,
स्िातमत्ि, भूतम कर, रेलिे, उद्योग सांबांधी अतधतनयम और आदेश तथा उन सब में व्यतक्त की गररमा और
10. दसिीं अनुसच ू ी- 1985 में 52िें सांशोधन से जोड़ी गई. दल पररितषन के राष्ट्र की एकता तथा अखांडता
बारे में तनरअहताष के बारे में उपबांध सुतनतित करने िाली बांधुता बढ़ाने के तलए
11. ग्यारहिीं अनुसूची- 1992 में 73िें सांशोधन से जोड़ी गई. पांचायती राज दृढ़ सांकतपपत होकर अपनी इस सांतिधान सभा में आज ददनाांक 26 निभबर,
सांबांधी उपबांध 1949 ईस्िी (तमतत मागषशीर्ष शुक्ल सप्तमी, सांित दो हजार छह तिक्रमी) को
12. बारहिीं अनुसूची- 1992 में 74िें सांशोधन से जोड़ी गई. नगर पातलका एतद द्वारा इस सांतिधान को अांगीकृ त, अतधतनयतमत और आत्मार्तपत करते हैं.”
सांबांधी उपबांध
प्रस्तािना में सांशोधन ?
हमारे सांतिधान के स्रोत क्या सांतिधान के अनुच्छेद 368 के तहत प्रस्तािना में सांशोधन दकया जा
सकता है? यह प्रश्न पहली बार ऐततहातसक के स के शिानांद भारती मामले
भारतीय सांतिधान, तिश्व के लगभग सभी प्रमुख देशों से तमलकर बना है (1973) में उठा. यह तिचार सामने आया दक इसमें सांशोधन नहीं दकया जा
लेदकन दफर भी इसकी अपनी तितशष्ट तिशेर्ताएां हैं. प्रमुख स्रोत हैं : सकता क्योंदक यह सांतिधान का भाग नहीं है. लेदकन उच्चतम न्यायलय ने
1. भारत शासन अतधतनयम, 1935 – सांघीय तांि, राज्यपाल का कायाषलय,
व्यिस्था दी दक प्रस्तािना सांतिधान का भाग है. अब तक प्रस्तािना को के िल
न्यायपातलका, लोक सेिा आयोग, आपातकालीन उपबांध ि प्रशासतनक
एक बार 42िें सांतिधान सांशोधन अतधतनयम 1976 के द्वारा सांशोतधत दकया
तििरण
गया है. इसके जररये इसमें तीन नए शब्लद – समाजिादी, पांथतनरपेक्ष और
2. तब्ररटश सांतिधान – सांसदीय शासन, तितध का शासन, तिधायी प्रदक्रया,
अखांडता को जोड़ा गया.इस सांशोधन को िैध ठहराया गया.
एकल नागररकता, मांतिमांडल प्रणाली, परमातधकार लेख, सांसदीय
तिशेर्ातधकार और तद्वसदनिाद

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जब युद् या तिदेशी उपतस्थत होने के बारे में स्ितांिता आक्रमण के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोर्णा की गई हो. मूल. रखें. इसे सांतिधान में अनुच्छेद 300-क के राज्य की नीतत के तनदेशक तत्त्ि की उतक्त से यह स्पष्ट होता है दक नीततयों एिां तहत एक कानूनी अतधकार बना ददया गया.in | www. व्यापार.bankersadda. • अनुच्छेद 23 :. • अनुच्छेद 25 :. धमष. एकता और अखांडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण 4. 2002 द्वारा 51 A (k) के रूप में 11िाां कत्तषव्य जोड़ा गया. • अनुच्छेद 31 :.तितध के समक्ष समानता एिां तितधयों का समान सांरक्षण उन्हें लागू नहीं कराया जा सकता.” 3. व्यिसाय और रोजगार की स्ितांिता है: • अनुच्छेद 20 :. तनदेशक तत्िों की प्रकृ तत गैर न्यायोतचत है यातन दक उनके हनन पर न्यायालय द्वारा • अनुच्छेद 14:.धार्तमक कायों के प्रबांध की स्ितिता पीतड़त व्यतक्त सीधे उच्चतम न्यायालय जा सकता है. स्ितांिता का अतधकार [अनुच्छेद 19-22] अनुच्छेद 51 क के रूप में 10 मूल कतषव्यों की सूची जोड़ी गई. • अनुच्छेद 22: कु छ दशाओं में तगरफ़्तारी और तिरोध से सांरक्षण 3.सेना या तिद्या सांबांधी सभमान के तसिाय सभी उपातधयों पर मूल कत्तषव्य रोक भारतीय सांतिधान में 42िें सांतिधान सांशोधन अतधतनयम. आचरण करने और प्रचार करने की स्ितांिता इन्हें उच्चतम न्यायालय द्वारा गारांटी एिां सुरक्षा प्रदान की जाती है. ‘सांपतत्त का अतधकार’ 44िें सांतिधान सांशोधन अतधतनयम.इस भाग द्वारा प्रदत्त अतधकारों को प्रिर्ततत कराने के तलए 6. अनुच्छेद 19 में उतपलतखत 6 मूल • अनुच्छेद 28 :-कु छ तशक्षा सांस्थाओं में धार्तमक तशक्षा या उपासना में अतधकारों को के िल तब स्थतगत दकया जा सकता है.दकसी तितशष्ट धमष के तिकास के तलए करों से छू ट की सदक्रयता के दौरान अनुच्छेद 20 और 21 में प्रत्याभूत अतधकारों को छोड़कर स्ितिता इन्हें तनलांतबत दकया जा सकता है. 1976 द्वारा 2. स्ितांिता के तलए हमारे राष्ट्रीय आांदोलन को प्रेररत करने िाले उच्च • अनुच्छेद 21: प्राण और दैतहक स्ितांिता का सांरक्षण आदशों को ह्रदय में सांजोये रखे और उनका पालन करे.अपपसांख्यक िगों के तहतों का सांरक्षण मूलतः सांतिधान में सात मूल अतधकार ददए गए थे: • अनुच्छेद 30 :. पलग और जन्म के भेदभाि का प्रततर्ेध करने के तलए बाध्य नहीं हैं. इसके अलािा. शोर्ण के तिरुद् अतधकार [अनुच्छेद 23-24]. समानता का अतधकार [अनुच्छेद 14-18] अपपसांख्यक िगों का अतधकार 2. कतषव्यों पर एक अलग अध्याय जोड़ने का 3. सांतिधान का पालन करे और उसके आदशों.com | www. सांस्कृ तत और तशक्षा सांबांधी अतधकार [अनुच्छेद 29-30] • अनुच्छेद 32 :. स्ितांिता का अतधकार [अनुच्छेद 19-22] 6. सांपतत्त का अतधकार [अनुच्छेद 31] अतधकार 7. अतः सरकार (कें द्र या राज्य) इन्हें लागू • अनुच्छेद 15:. सभी 1.com | www.44िें सांशोधन द्वारा तनरतसत 4.लोक तनयोजन के तिर्य में अिसर की समता न्याय ददलाना है.तशक्षा सांस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का 1. शोर्ण के तिरुद् अतधकार [अनुच्छेद 23-24]. शोर्ण के तिरुद् अतधकार [अनुच्छेद 23-24]. िांश. इनका उद्देश्य लोगों को सामातजक और आर्तथक • अनुच्छेद 16:.अपराधों के तलए दोर्तसतद् के सांबांध में सांरक्षण "भारत के प्रत्येक नागररक का यह कत्तषव्य होगा दक िह “6 से 14 िर्ष तक की आयु के बीच अपने बच्चों को तशक्षा उपलब्लध कराए. देश की रखा करे और आनिान दकये जाने पर राष्ट्र की सेिा करे. 11 मूल कत्तषव्य 4. साांतिधातनक उपचारों का अतधकार [अनुच्छेद 32] भाग-IV: राज्य की नीतत के तनदेशक तत्त्ि [अनुच्छेद 36 to 51] हालाुँदक. हालाुँदक • अनुच्छेद 26 :. 1978 द्वारा मूल अतधकारों से हटा ददया गया.कारखानों आदद में 14 िर्ष से कम आयु के बच्चों के तनयोजन का प्रततर्ेध ये न्यायोतचत हैं। इनके उपलांघन होने पर.मानि के दुव्याषपार और बलात श्रम का प्रततर्ेध 4. 2. धमष की स्ितांिता का अतधकार [अनुच्छेद 25-28] 7.careerpower.sscadda. धमष की स्ितांिता का अतधकार [अनुच्छेद 25-28] के तलए ये व्यतक्त को न्यायलय जाने की अनुमतत देते हैं. www. 1. धमष की स्ितांिता का अतधकार भारत के प्रत्येक नागररक का यह कत्तषव्य होगा - 1. तनिास की स्ितांिता अतधतनयम. िाक् एिां अतभव्यतक्त की स्ितांिता 2.यह भारतीय नागररकों को तनम्न छः अतधकार देता है :. सांतिधान में एक नया भाग IV क को जोड़ा गया. सांगम एिां सांघ बनाने की स्ितांिता सुझाि स्िणष पसह सतमतत ने इस आलोक में सुझाया था दक अतधकार और 4. राष्ट्रीय आपातकाल की • अनुच्छेद 27 :.छु आछू त का अांत •अनुच्छेद 18 :. सांस्थाओं. • अनुच्छेद 29 :. इसतलए अब के िल छः मूल कानूनों को प्रभािी बनाते समय राज्य इन तत्िों को ध्यान में रखेगा. बाद में सांतिधान (86िाां सांशोधन) 5. सभमलेन की स्ितांिता यह जापानी मॉडल पर आधाररत है. राष्ट्र ध्िज और राष्ट्र 5.adda247. इसमें कें द्र अतधकार हैं. और राज्य सरकारों की तिधातयका और कायषपातलका के सभी अांग. सांपतत्त का अतधकार [अनुच्छेद 31] 3.अांतःकरण की और धमष के अबाध रूप से मानने. इसके तलए • अनुच्छेद 19 :. समानता का अतधकार [अनुच्छेद 14-18] स्थानीय तनकाय और देश में सभी अन्य लोक प्रातधकरण शातमल हैं. मूल अतधकारों को सुतनतित कराने 5. सिषिसांचरण की स्ितांिता कत्तषव्य एक दुसरे के पूरक हैं. •अनुच्छेद 17 :. सांस्कृ तत और तशक्षा सांबांधी अतधकार गान का आदर करें. यह 6. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography मूल अतधकार • अनुच्छेद 24 :. भारत की सांप्रभुता.com 65 . साांतिधातनक उपचारों का अतधकार [अनुच्छेद 32] 5.

नागररकों से कु छ अततररक्त कतषव्यों की माांग करता है जो गैर-नागररकों से राष्ट्रपतत अपेतक्षत नहीं होते. 7 िर्ों तक िह भारत में रह तिरुद् हों. www. िैज्ञातनक दृतष्टकोण मानििाद और ज्ञानाजषन तथा सुधार की भािना का एक का अच्छा ज्ञाता हो. 6 से 14 िर्ष तक की उम्र के बीच अपने बच्चों को तशक्षा उपलब्लध कराए. उनका चुनाि एक कोई व्यतक्त जो भारत का नातगरक नहीं है और तनम्न में से दकसी श्रेणी से तनिाषचन मांडल द्वारा आनुपाततक प्रतततनतधत्ि के आधार पर एकल सांक्रमणीय सभबांतधत है तो िह नागररकता के तलए आिेदन दे सकता है मत प्रणाली द्वारा दकया जाता है. 4) उसका चररि अच्छा होना चातहए. बन सकता है यदद उसके तपता उसके जन्म के समय भारत का नागररक हो. नागररक बने हर व्यतक्त को भारत के सांतिधान के प्रतत तनष्ठाां की शपथ लेनी होगी. यदद िह तनम्नतलतखत योग्यताएां रखता हो. (िह भारत में कम से कम पाांच िर्ों से रह रहा हो): अनुच्छेद 54 – 1) भारतीय मूल का व्यतक्त जो नागररकता आिेदन देने से ठीक पूिष 5 िर्ों तनिाषचक मांडल में तनम्न लोग शातमल होते हैं: तक भारत में रह चुका हो. जहाुँ भारतीय नागररक प्राकृ ततक रूप से सांशोतधत हुआ. 7) हालाुँदक भारत सारकार उपरोक्त शतों के मामलों पर एक या सभी दािों 10.: के माध्यम द्वारा करेगा. 1952 में ददए गए हैं जो बाद में 1974 में 1) ऐसे देश से सभबांतधत नहीं हो. 5) भारतीय सांतिधान की आठिीं अनुसूची में उतपलतखत भार्ाओुँ में से दकसी 8. d) प्राकृ ततक रूप से नागररकता राष्ट्रपतत चुनाि की प्रदक्रया कें द्र सरकार आिेदन प्राप्त होने पर दकसी तिदेशी व्यतक्त को नागररकता दे भारत के राष्ट्रपतत के चुनाि सांबांधी उपबांध अनुच्छेद 55 में और राष्ट्रपतत एिां सकती है. 9.in | www. ये हैं. नागररकता e) क्षेि समातितष्ट द्वारा नागररकता नागररक िह व्यतक्त होता है जो उस समुदाय या राज्य की पूणष सदस्य का लाभ यदद कोई नया क्षेि भारत का तहस्सा बनता है तो सरकार उस क्षेि से प्राप्त करता है.com | www. सािषजतनक सांपतत्त को सुरतक्षत रखें और पहसा से दूर रहें.careerpower. कायषकारी शतक्त के जन्मा प्रत्येक व्यतक्त अपने माता तपता की जन्म की राष्ट्रीयता के बािजूद सांचालन में सहयोग और सुझाि देने के तलए राष्ट्रपतत मांतिपररर्द का भारत का नागररक होगा. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 5. उसके माता तपता शिु देश के हों (3) िह भारत का प्रथम नागररक होता है और िरीयता अनुक्रम में प्रथम b) िांश के आधार पर नागररकता स्थान पाता है.adda247.sscadda. 1986 के तहत पाांच इसका प्रयोग इस सांतिधान के अनुसार स्ियां या अपने अधीनस्थ अतधकारीयों तरीकों से भारत की नागररकता प्रदान करता है.com 66 . यद्यतप. दशषन. उसका परररक्षण करें. तिकास करें. उपराष्ट्रपतत (चुनाि) अतधतनयम. प्राकृ ततक पयाषिरण की रक्षा करें और उसका सांिधषन करें. राज्य अपने सभबांतधत व्यतक्तयों को भारत का नागररक घोतर्त कर सकती है. (a) सांसद के दोनों सदनों के तनिाषतचत सदस्य (मनोनीत सदस्य शातमल नहीं) 2) मतहलाएां तजन्होंने भारतीय नागररकों से तििाह दकया हो. यह 4 िर्ष से कम नहीं 6. व्यतक्तगत और सामूतहक गतततितधयों के सभी क्षेिों में उत्कर्ष की और को हटा सकती है यदद व्यतक्त की तिशेर् सेिा तिज्ञानां. सातहत्य. से पूिष भारत में (2) सभी शासन सांबांधी कायष उसके नाम पर दकये जाते हैं. राष्ट्रपतत का चुनाि c) पांजीकरण द्वारा नागररकता भारत के राष्ट्रपतत अप्रत्यक्ष तनिाषचन से चुने जाते हैं. तिश्व शाांतत या मानि उन्नतत से सांबांध हो. 42िें और 44िें सांतिधान सांशोधन उसके जन्म के समय : अतधतनयम के अनुसार राष्ट्रपतत मांतिपररर्द की सलाह मानने के तलए उसके माता तपता तिदेशी राजनतयक हों या बाध्य है. इन 12 माह से पूिष. नागररकता अतधतनयम (सांशोतधत). िरीयता पि (Warrant of Precedence) राज्य के कोई व्यतक्त तजसका जन्म 26 जनिरी 1950 को या उसके बाद परन्तु 10 तितभन्न सरकारी कायषक्रमों में गणमान्य व्यतक्तयों का अनुक्रम दशाषता है. एक तिधायक के मत का मूपय = राज्य की कु ल जनसुँख्या/ (कु ल तनिाषतचत 2) भारतीय नागररकता के तलए आिेदन करने पर अन्य देश की नागररकता तिधायकों की सांख्या) x 1000 त्याग दे. 7. कला. तजसमें िह रहता है या सामान्यतः रहता है. a) जन्म से नागररकता 26 जनिरी. बढ़ने का सतत प्रयास करें. ददपली और कें द्र शातसत प्रदेश पुद्दुचेरी तिधानसभाओं के तनिाषतचत 4) अतधतनयम की पहली अनुसूची में उतपलतखत देशों का नागररक जो पूरी सदस्य) आयु तथा क्षमता का हो. नागररकता अर्तजत करने के तरीके अनुच्छेद 53 –सांघ की कायषपातलका शतक्त राष्ट्रपतत में तनतहत होगी और िह भारत का सांतिधान. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्ि की भािना का 3) आिेदन से ठीक 12 माह पूिष से िह भारत में रह रहा हो या भारत तनमाषण करे और ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो तस्त्रयों के सभमान के सरकार की सेिा में हो. सांतिधान के अनुच्छेद 55 में सुझाई गई प्रदक्रया है : नागररक नहीं बन सकते.bankersadda. (b) राज्यों के तिधानसभाओं के तनिाषतचत सदस्य (राष्ट्रीय राजधानी क्षेि 3) भारत के नागररक के नाबातलग बच्चे. 6) प्राकृ ततक रूप से नागररकता तमलने के बाद भारत में रहने का इच्छु क हो. हमारी सामातसक सांस्कृ तत की गौरिशाली परांपरा का महत्ि समझें और होना चातहए. 1950 को या उसके बाद भारत में जन्मा प्रत्येक व्यतक्त इस प्रकार राष्ट्रपतत है : भारत का नागररक होगा यदद उसके जन्म के समय उसके माता तपता में (1) गणतांि का कायषकारी प्रमुख से कोई एक भारत का नागररक हो और 1 जुलाई 1947.com | www. रहा हो और/या भारत सरकार की सेिा में हो. अनुच्छेद 52 – भारत का एक राष्ट्रपतत होगा. इस प्रकार से 11. ददसभबर 1992 से पूिष हुआ हो िह िांश के आधार पर भारत नागररक (4) िह सशस्त्र बालों का सिोच्च कमाांडर होता है. िह भारत का नागररक नहीं होगा यदद गठन करता है [अनुच्छेद 74(1)].

सांतिधान का अनुच्छेद 62 यह व्यिस्था देता है दक पद ररक्तता को भरने के (2) यदद ितषमान राष्ट्रपतत अनुपतस्थतत. 3. राष्ट्रपतत की कायषकारी शतक्तयाां तनम्न हैं: (3) यह एक अधष न्यातयक प्रदक्रया होती है. लोकसभा भांग कर सकता है.com | www. 2. भारत के उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपतत को देना आिश्यक होगा. को सांबोतधत कर सकता है.bankersadda. िह प्रधान मांिी की अध्यक्षता िाले मांतिपररर्द की सलाह पर (a) िह भारत का नागररक हो. कारण से हो सकती है). राष्ट्रपतत तितभन्न महत्िपूणष तनयुतक्तयों के तलए तजभमेदार होता है. (d) िह भारत सरकार या दकसी राज्य की सरकार के अधीन अथिा दकसी सािषजतनक प्रातधकरण में लाभ के पद पर न हो. सांसद द्वारा पाररत सभी तिधेयक राष्ट्रपतत की अनुमतत के बाद ही कानून उपराष्ट्रपतत. िह प्रधानमांिी और मांतियों की तनयुतक्त करता है और पीएम की सलाह (4) महातभयोग प्रदक्रया सांसद के दकसी भी सदन से शुरू की जा सकती है. साांसदों और तिधायकों के बीच मतों में बराबरी लाने के उद्देश्य से मुख्य न्यायाधीश और उनकी अनुपतस्थतत में सिोच्च न्यायलय का अपनाया गया. 5. राष्ट्रपतत दकसी तबल को सांसद में पुनर्तिचार के तलए दकसी लाभ के पद पर नहीं माना जाता. िह प्रत्येक नए चुनाि के बाद तथा प्रत्येक िर्ष सांसद के प्रथम अतधिेशन (c) लोकसभा का सदस्य चुने जाने के योग्य हो. बीमारी या अन्य कारणों से अपने पद तलए तजतना जपदी सांभि हो चुनाि करा तलए जाएुँ. हो. पुनर्तिचार के बाद तिधेयक पास होकर जब राष्ट्रपतत के समक्ष रखा जाएगा तो उसे अनुमतत देना उनके तलए अतनिायष होगा. और दकसी भी हालात में पर कायष करने में असमथष हों तो उपराष्ट्रपतत उसके पुनः पद ग्रहण करने पद ररक्त होने की तततथ से इसमें छः महीने से अतधक देरी नहीं होनी चातहए तक कायषिाहक राष्ट्रपतत के रूप में कायष करेगा और िह सांतिधान में (यह पद ररक्तता राष्ट्रपतत की मृत्यु. होता है. िह सांसद का सांयुक्त अतधिेशन बुला सकता है और उसे स्थतगत कर राष्ट्रपतत के तलए योग्यताएां सकता है. इस पर मांतियों को उनके तिभाग का बांटिारा करता है.in | www. इसमें यह भी खा गया है दक राष्ट्रपतत की पदाितध की समातप्त से हुई ररतक्त को भरने के तलए तनिाषचन. (b) 35 िर्ष की आयु पूरी कर चुका हो. (2) उन पर महातभयोग के िल तभी चलाया जाएगा जब उन्होंने सांतिधान का राष्ट्रपतत की कायषकारी शतक्तयाां उपलांघन दकया हो. एक साांसद के मत का मूपय = सभी राज्यों और दो के न्द्रशातसत प्रदेशों (ददपली और पुद्दुचेरी) के तिधायकों के मतों का कु ल मूपय/ (तनिाषतचत साांसदों की कायषकारी राष्ट्रपतत द्वारा पदररक्तता को भरना कु ल सांख्या) (1) उप राष्ट्रपतत की अनुपतस्थतत में यदद राष्ट्रपतत की मृत्यु. पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य िर्तणत राष्ट्रपतत के समान िेतन. पुनः चुने जाने के तलए योग्य अनुमतत के तलए असीतमत समय के तलए अपने पास रोक सकता है.adda247.com 67 . एक ितषमान राष्ट्रपतत. पुनः चुने जाने के तलए योग्यता 4.com | www. कोई भूतमका नहीं होती जबदक िे राष्ट्रपतत का चुनाि करते हैं. यह जनसुँख्या के सांबांध में (a) राज्यों की तिधानसभाओं के तनिाषतचत सदस्यों की महातभयोग प्रदक्रया में बराबर प्रतततनतधत्ि देने के तलए दकया गया. राष्ट्रपतत भारत की सशस्त्र बालों का सिोच्च कमाांडर होता है. यह प्रस्ताि उस सदन की कु ल सदस्य उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश/महान्यायिादी/तनयांिक एिां सांख्या के कम से कम दो ततहाई बहुमत द्वारा पाररत दकया गया हो. (b) सांसद के मनोनीत सदस्यों को महातभयोग प्रस्ताि की चचाष के दौरान इसी प्रकार एक साांसद के मत का मूपय होता है : तिमशष करने और मत देने का अतधकार है जबदक राष्ट्रपतत के चुनाि में उनका मत नहीं होता.careerpower. (7) यदद दूसरा सदन आरोपों को सही पाता है और महातभयोग प्रस्ताि को दो तित्तीय शतक्तयाां ततहाई बहुमत से पाररत कर देता है तो राष्ट्रपतत को प्रस्ताि पाररत होने की तततथ से उसके पद से हटाना होगा. 1. आरोपों की आयुक्त/सांघ लोक सेिा आयोग के अध्यक्ष ि अन्य सदस्य/ अन्य देशों में जाुँच करेगा. सांसद के दोनों सदनों की सिािसान की अितध में सरकार को तु रांत दकसी कायष की आिश्यकता होती है तो राष्ट्रपतत अध्यादेश जारी कर सकता है राष्ट्रपतत पर महातभयोग प्रदक्रया [अनुच्छेद 61] जो उतना ही शतक्तशाली होता है तजतना दक सांसद से पास कोई अन्य (1) राष्ट्रपतत के कायषकाल समाप्त होने से पूिष उनको महातभयोग प्रदक्रया द्वारा तिधेयक. राजदूत एिां उच्चायुक्त (6) राष्ट्रपतत को इसमें उपतस्थत होने औ अपना प्रततनतधत्ि करने का 3. हटाया जा सकता है. ऐसा प्रस्ताि पाररत करने से पूिष 14 ददन का नोरटस राज्यों के राज्यपाल/मुख्य न्यायाधीश. यदद िह धन तिधेयक या सांतिधान सांशोधन तिधेयक न तलए अहषक उभमीदिार होता है. अतधकार होगा. पदाितध की समातप्त से पहले राष्ट्रपतत की तिधायी शतक्तयाां ही पूणष कर तलया जाएगा. इस प्रकार िह राष्ट्रपतत पद के भेज सकता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography इसका अथष यह है दक एक राज्य के तिधायक के मत का मूपय दकसी अन्य राज्य नोट: के तिधायक के मत के मूपय से अलग हो सकता है. भत्ते और तिशेर्ातधकार के पि होगा. प्रस्ताि पर उस सदन के कु ल सदस्यों के न्यूनतम ¼ सदस्यों के हस्ताक्षर 2. राष्ट्रपतत की तिधायी शतक्तयाां तनम्न हैं: 1. पदत्याग या महातभयोग के कारण पद खररक्त हो जाता है तो सिोच्च न्यायलय के यह फामूषला. राष्ट्रपतत पॉके ट िीटो की शतक्त का प्रयोग करते हुए तिधेयक को अपनी िह व्यतक्त जो राष्ट्रपतत के पद पर हो या रहा हो. महालेखा परीक्षक/मुख्य तनिाषचन आयुक्त और अन्य तनिाषचन (5) तब सांसद का दूसरा सदन तजसे जाुँच सदन कहा जाएगा. धन तिधेयक राष्ट्रपतत की पूिाषनुमतत से ही सांसद में प्रस्तुत दकया जा www. 1. ये हैं: होने चातहए.sscadda. िररष्ठतम न्यायाधीश नए चुनाि सांपन्न होने तक कायषिाहक राष्ट्रपतत के रूप में कायष करेगा और उसके कतषव्यों का तनिाषह करेगा. दकसी राज्य का राज्यपाल और सांघ अथिा राज्य का मांिी का रूप ले सकते हैं.

in | www. अनुपतस्थतत. राज्य सभा में पूणष बहुमत (कु ल सदस्य कें द्रीय मांतिपररर्द सांख्या के 50% से अतधक) से सांकपप प्रस्ताि पाररत कर हटाया जा सकता है भारत के सांतिधान में सरकार की सांसदीय व्यिस्था तब्ररटश मॉडल पर और इसे लोकसभा की सामान्य बहुमत (मत करने िाले में से 50%) से www. बीमारी या अन्य दकसी कारण से अपने कायों को करने में क्षमादान – अपराधी को पूणषतः क्षमा असमथष हो तो िह राष्ट्रपतत के पुनः कायष करने तक उसके कतषव्यों का स्थगन आदेश – फाांसी को अस्थायी रूप से स्थगन तनिाषह करता है. • राज्यसभा सदस्य बन्ने की योग्यता रखता हो. • िह दकसी भी समय लोकसभा तिघरटत करने की तसफाररश राष्ट्रपतत से • िह कें द्र सरकार अथिा राज्य सरकार अथिा दकसी स्थानीय प्रातधकरण कर सकता है. प्रधानमांिी सैन्य शतक्तयाां सांतिधान द्वारा प्रदत्त सरकार की सांसदीय व्यिस्था में राष्ट्रपतत के िल नाममाि राष्ट्रपतत भारत के सैन्य बलों का सिोच्च सेनापतत होता है. 4. उसे क्षमादान देने का अतधकार है. 2. उपराष्ट्रपतत सांसद के दोनों सदनों के सदस्यों के तनिाषचक मांडल द्वारा आनुपाततक प्रतततनतधत्ि के आधार पर एकल सांक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा गुप्त कायषकाल मतदान से चुना जाता है. उपराष्ट्रपतत को हटाना सांतिधान के अनुसार राष्ट्रपतत को.adda247. इस अितध में उसके घटाि – सजा की प्रकृ तत बदले तबना उसे कम करना कायों का तनिाषह उपसभापतत द्वारा दकया जाता है. तहदायतुपलाह ने राष्ट्रपतत के रूप में कायष दकया था का प्रतततनतधत्ि करता है.bankersadda. अांतराषष्ट्रीय मांचों ि् मामलों में भारत मुख्य न्यायाधीश एम्.careerpower. मृत्यु या अन्य कारणों से 2. राष्ट्रपतत राज्य का प्रमुख होता है जबदक प्रधानमांिी सरकार और अनुबांध उसके नाम से ही होते हैं. अनुच्छेद 75 क अनुसार प्रधानमांिी को राष्ट्रपतत तनयुक्त करेगा. यद्यतप. उपराष्ट्रपतत के कायष और शतक्तयाां उप राष्ट्रपतत के कायष दोहरे होते हैं: न्यातयक 1. उसकी सलाह पर अन्य न्यायाधीशों को तनयुक्त करता है. इसके अततररक्त ितषमान राष्ट्रपतत तनलांतबत. माफ़ या पररिर्ततत कर सकता है. पर बना रह सकता है. तनष्कासन. राष्ट्रपतत दकसी व्यतक्त के मृत्युदड ां को नया राष्ट्रपतत चुन तलया जाना चातहए. राष्ट्रपतत के रूप में कायष दकया था. 3. िह औपचाररक कायषक्रमों में. इनके तलए सांसद की अनुमतत गया था और उपराष्ट्रपतत िी.िी. यदद िह सांसद या दकसी राज्य तिधानसभा का सदस्य है तो उसे उसे हटा सकते हैं. प्रधानमांिी के कायष और शतक्तयाां एक व्यतक्त को उप राष्ट्रपतत तनिाषतचत नहीं दकया जा सकता जबतक दक िह- पीएम के कायष और शतक्तयाां तनम्न हैं: • भारत का नागररक हो और 35 िर्ष की आयु पूणष कर चुका हो. इस बीच 3.com | www. िह सांसद की का कायषकारी पमुख होता है तथा िास्ततिक कायषकारी शतक्तयाां प्रधानमांिी में अनुमतत से युद् और उसकी समातप्त की घोर्णा करता है. िह राजदूतों ि उच्चायुक्तों को भेजता है एिां बुलाता है. कायषिाहक राष्ट्रपतत के रूप में कायष करने के दौरान उपराष्ट्रपतत घटाि/तिलभब – तिशेर् मामले में सजा कम करना या देरी करना राज्यसभा के सभापतत के रूप में कायष नहीं करता है. तथातप यदद िह लोकसभा का उप राष्ट्रपतत न तो सांसद का और न ही दकसी राज्य तिधानसभा का सदस्य तिश्वास खो देता है तो उसे अतनिायष रूप से त्यागपि देना होगा या राष्ट्रपतत होना चातहए. सभी प्रमुख सांतधयाुँ तनतहत होती हैं.com 68 . राष्ट्रपतत सिोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की तनयुतक्त करता है और उसकी शतक्तयाां ि् कायष लोकसभा अध्यक्ष की भाांतत ही होते हैं. िह राष्ट्रपतत के रूप में के िल छः महीने ही कायष कर सकता है. 2. राष्ट्रपतत प्रत्येक 5 िर्ष पर एक तित्त आयोग तनयुक्त करता है. तगरी ने त्यागपि दे ददया था तब देश के अतनिायष है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography सकता है.com | www. राष्ट्रीय तिकास पररर्द्. इस सन्दभष में 1. अनुमतत आिश्यक है. अतः जब तक पीएम लोकसभा में अपना बहुमत रखता है राष्ट्रपतत द्वारा उसे हटाया नहीं जा सकता. हो. • िह राष्ट्रपतत को तसफाररश करता है दक दकसे मांिी बनाया जाएगा. या अन्य दकसी सािषजतनक प्रातधकरण के अांतगषत दकसी लाभ के पद पर न • िह नीतत आयोग. राष्ट्रीय एकता पररर्द्. िह राज्यसभा के पदेन सभापतत के रूप में कायष करता है. का प्रमुख होता है. प्रथम बार. ये बातचीत सामान्यतः पीएम द्वारा अपने मांतिमांडल की 5. उपतस्थत सदस्यों के दो ततहाई बहुमत से ऐसा प्रस्ताि पाररत करते हैं. सजा को हपका करना – सजा का प्रकार बदलना जो हलके प्रकृ तत की सजा हो 3. राष्ट्रपतत राज्य/राष्ट्रपतत शासन और तित्तीय आपातकाल लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को पीएम तनयुक्त करता है. लेदकन जब लोकसभा में कोई भी दल स्पष्ट बहुमत में न हो तो राष्ट्रपतत पीएम के चयन भारत का उपराष्ट्रपतत और तनयुतक्त में अपनी िैयतक्तक तििेक स्ितांिता का प्रयोग कर सकता है. जब राष्ट्रपतत डॉ जादकर हुसैन का तनधन हो सहायता (तिशेर्कर तिदेश मांिी) से की जाती हैं. िह िार्तर्क बजट और पूरक बजट को सांसद के समक्ष रखता है. उपराष्ट्रपतत का पद ग्रहण करते ही अपनी सीट खली करनी होगी. इस तनिाषचक मांडल में सांसद के दोनों सदनों के सभी पीएम का कायषकाल तय नहीं होता और िह राष्ट्रपतत के प्रसाद पयंत अपने पद सदस्य शातमल होते हैं. अांतरराज्यीय पररर्द् और राष्ट्रीय जल सांसाधन पररर्द् का अध्यक्ष होता है. िह न्यायाधीश को पदच्युत कर सकता है यदद सांसद के दोनों सदन ररक्त हो जाता है तो िह कायषिाहक राष्ट्रपतत के रूप में कायष करता है. आपातकालीन शतक्तयाां प्रधानमांिी की तनयुतक्त राष्ट्रपतत तीन प्रकार का आपातकाल घोतर्त कर सकता है-राष्ट्रीय.sscadda. जब राष्ट्रपतत का पद उसके त्यागपि. जून 1969 में. िास्ति में. जून 1960 में डॉ राजेंद्र प्रसाद के 15 ददन के सोतियत सांघ के कू टनीततक शतक्तयाां दौरे के समय उपराष्ट्रपतत डॉ सिषपपली राधाकृ ष्णन ने कायषिाहक सभी अांतराषष्ट्रीय सांतधयाुँ और समझौते राष्ट्रपतत के नाम पर दकये जाते हैं. प्रथम बार.

चर्तचत सदन है क्योंदक इसके सदस्य भारत के आम अध्यक्ष को ही है. बहुमत से उनके पद से हटाया जा सकता है. लोकसभा की कु ल सांख्या अितध के पूिष भी सदन को भांग दकया जा सकता है. 4. उत्तरदातयत्ि. तित्त और तिदेश ि् अन्य मांिालय होते हैं. 5. अध्यक्ष. 20 के न्द्रशातसत प्रदेशों से और 2 एांग्लो-भारतीय समुदाय से हो सकते हैं) कु छ सतमततयों के सदस्य होते हैं. भारत का नागररक होना चातहए. दकए जाते हैं. इसके सदस्यों की अतधकतम सांख्या 552 (530 राज्यों के अध्यक्ष भी यही तनयुक्त या मनोनीत करता है. राज्य मांिी: राज्य मांतियों को मांिालय/तिभगों का स्ितांि प्रभार ददया जा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सकता है अथिा उन्हें कै तबनेट मांिी के साथ लगाया जा सकता है. मतदाताओं द्वारा सीधे चुन कर आते हैं. धन तिधेयक पास करने के सांबांध में तिशेर् तिशेर् तिधायी अतधकार 3. मांतिपररर्द के िल लोकसभा के प्रतत उत्तरदायी होती है. इसीतलए अतधकारी मांतिपररर्द् होती है तजसका नेतृत्ि प्रधानमांिी करता है. धन और तित्तीय तिधेयक के िल लोकसभा में ही पुनस्थाषतपत दकया जा 1. हमारी राजनीततक-प्रशासतनक व्यिस्था की मुख्य कायषकारी 3. कै तबनेट मांिी: इनके पास कें द्र सरकार के महत्िपूणष मांिालय जैसे गृह. राज्यसभा के सदस्य भी से. सहायता के तलए तनयुक्त दकया जाता है. तनधाषररत की गई है. दूसरे सदन की मत बराबर होने की दशा में मत दे सकता है और यह तनणाषयक मत कायषिाही में भाग लेने और बोलने का अतधकार है परन्तु िह उसी सदन में मत कहलाएगा. अध्यक्ष सांसद के दोनों सदनों के सांयुक्त अतधिेशन की अध्यक्षता करता है. दे सकता है तजसका िह सदस्य है. 2003] राष्ट्रीय आपातकाल के समय इसका कायषकाल बढाया भी सकता है. राजनैततक और सांसदीय कायों में उसके फै सले अांततम होते हैं. 2001 में सरकार ने 84िें सांतिधान सांशोधन अतधतनयम 2001.com | www. लेदकन राष्ट्रपतत द्वारा सामान्य पीएम सतहत मांतिपररर्द के सदस्यों की कु ल सांख्या. लोकसभा की पहली बैठक तक अपने पद पर बना रहता है. राज्यसभा को नहीं.adda247. रक्षा. यदद लोकसभा अध्यक्ष दकसी सतमतत का सदस्य है तो िह उस सतमतत का पदेन अध्यक्ष होगा. सांतिधान में लोकसभा सदस्यों के सांबांध में अनुच्छेद 81 में 3. मांतिपररर्द लोकसभा के प्रतत सामूतहक रूप से उत्तरदायी होगी.com | www.sscadda. दकसी तिधेयक के धन तिधेयक होने या न होने का तनणषय अध्यक्ष करता रखती है. कोई व्यतक्त लोकसभा सदस्य के तलए योग्यताएां जो सांसद के दकसी भी सदन का सदस्य नहीं है िह भी मांिी बन सकता है लोकसभा सदस्य बनने के तलए एक व्यतक्त : लेदकन उसे छः माह के भीतर सांसद के दकसी भी सदन की सदस्यता लेनी होगी 1. 74 में मांतिपररर्द के सांबांध में और अनुच्छेद 75 में मांतियों की तनयुतक्त.careerpower. 6. उन्हें कै तबनेट 2) िह सदन की बैठकों की अध्यक्षता करता है और सदन की कायषिाही पर अथिा राज्य मांतियों को उनके प्रशासतनक. [91िाां सांतिधान सांशोधन अतधतनयम. अनुच्छेद 352 के तहत के 15% से अतधक नहीं होगी. 4) अपने पद की तनष्पक्षता और गररमा बनाये रखने के तलए अध्यक्ष के िल एक मांिी को जो सांसद के दकसी एक सदन का सदस्य है. और उसकी अनुपतस्थतत में उपाध्यक्ष. 4. ये हैं - 1. राज्य मांिी और उप मांिी. उपबांध है. द्वारा सीटों की इसी व्यिस्था को 2026 तक के तलए बाधा ददया है. सांसदीय सतमततयाां अध्यक्ष के अांतगषत ही कायष करती हैं और उन सतमततयों प्रािधान दकया गया है. इस प्रकार लोकसभा 2. पागल या ददिातलया नहीं होना चातहए. (तनिाषचन या नामाांकन द्वारा) [अनुच्छेद 75(5)] 2. 3. [अनुच्छेद 88] अध्यक्ष की तिशेर् शतक्तयाां भारतीय सांसद कु छ ऐसी शतक्तयाां हैं जो के िल लोकसभा अध्यक्ष को ही प्राप्त हैं जबदक समान लोगों का सदन (लोक सभा) शतक्तयाां उसके समकक्ष. www. यद्यतप यह लोक सभा का एक तनिाषतचत सदस्य होता है तब भी िह नई सकता है. उच्च सदन के अध्यक्ष को भी नहीं प्राप्त हैं. योग्यताएां. अनुच्छेद 352 के तहत लोकसभा तिशेर् बैठक में राष्ट्रपतत द्वारा घोतर्त कायषकाल. एक बतपक लोकसभा सतचिालय के प्रमुख के रूप में भी कायष करता है जो धन तिधेयक उच्च सदन द्वारा 14 ददन में पास करना पड़ता है. शपथ एिां िेत्तन और भत्तों के सांबांध में आअत्कलीन घोर्णाओं को स्िीकार अथिा रद्द कर सकती है.com 69 . यह इसतलए 2. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography आधाररत है. के िल एांग्लो-भारतीय समुदाय से दो सदस्य राष्ट्रपतत द्वारा तनिाषतचत सांयुक्त अतधिेशन में पीठासीन होगा. दकसी तिधेयक के धन तिधेयक होने या न होने के तनणषय का अतधकार लोक सभा सांसद का प्रतसद्द. मांतिपररर्द तीन श्रेतणयों की होगी: कै तबनेट मांिी. उप मांिी : उप मांतियों को स्ितांि प्रभार नहीं ददया जाता है. लोकसभा की तिशेर् शतक्तयाां कु छ शतक्तयाां ऐसी हैं जो सांतिधान द्वारा के िल लोकसभा को ही प्रदान की गई अध्यक्ष का तिशेर् स्थान हैं. सांसद की दकसी तितध के अांतगषत अयोग्य न हो. िे कै तबनेट के सदस्य नहीं होते और 3) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को 14 ददन पूिष नोरटस देकर सदन द्वारा प्रभािी कै तबनेट की बैठक में भाग नहीं लेते. 4. अनुच्छेद तिश्वास और अतिश्वास प्रस्ताि के िल इसी सदन में रखा जा सकता है. सांसद के दोनों सदनों के होते हैं. 25 िर्ष से कम आयु का न हो. इस सदन के सभी सदस्य तनिाषतचत 2. भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन दकसी लाभ के पद पर न हो. तिधेयक सदन से स्ितः पास मान तलया जाएगा. धन तिधेयक के सांबांध में राज्यसभा के िल तसफाररश कर सकती है और क्योंदक िह न के िल सदन की सांसद की कायषिाही की अध्यक्षता करता है लोकसभा इन तसफाररशों को स्िीकार या अस्िीकार कर सकती है. लोकसभा का अध्यक्ष - 1) लोकसभा का सिोच्च पीठासीन अतधकारी होता है.in | www.ये शतक्तयाां हैं - सांतिधान लोकसभा अध्यक्ष के तलए एक तिशेर् स्थान की व्यिस्था देता है - 1.bankersadda. भारत के दकसी भी सांसदीय क्षेि का पांजीकृ त मतदाता हो. लोकसभा की अितध नोट: सामान्यतः लोकसभा की अितध 5 िर्ष है. अन्यथा सदन के भांग होने के बाद भी कायष करता रहता है.

सांसद सांबध ां ी शब्लदािली a) आहत करना राज्य सभा सांसद के प्रत्येक सदन को राष्ट्रपतत समय-समय पर समान जरी करता है. (ii) राष्ट्रपतत द्वारा तिशेर् अतभभार्ण – प्रत्येक आम चुनाि के बाद प्रथम (b) 30 िर्ष या उससे अतधक आयु होनी चातहए.com | www. िहाां पाररत होकर सिािसान कर सकता है. यह प्रस्ताि सांसद का ध्यान अपनी और खींचता है. सिािसान की अतधसूचना जारी करता है. तिज्ञान और होना चातहए. िह नि तनिाषतचत रूप में अपना िेतन पाते हैं. सि के प्रारां भ में. दोनों सदनों की सांयुक्त बैठक तनम्न दो तिर्यों के तलए बुलाई जा सकती है - सदस्य (i) दकसी तिधेयक को पाररत करने में गततरोध की तस्थतत को दूर करने के एक व्यतक्त को राज्यसभा का सदस्य बनने के तलए तलए (a) भारत का नागररक होना चातहए.पोटेम स्पीकर को राष्ट्रपतत स्ियां शपथ ददलाते हैं. नई लोकसभा की पहली तद्वतीय. राष्ट्रपतत सि के दौरान भी धन तिधेयक के िल लोकसभा में प्रस्तुत दकया जा सकता है. राज्य सभा की प्रथम बैठक 13 मई 1952 में हुई प्रािधान है.com 70 . ‘अिकाश’ कहते हैं. लोकसभा के सबसे िररष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर तनयुक्त करते हैं. धन तिधेयक के तिर्य में राज्य सभा को कोई अतधकार नहीं तमला है.ये सदन का नेता तनम्न हैं : अध्यक्ष (भारत के उप-राष्ट्रपतत) और उपाध्यक्ष के साथ ही एक सदन का नेता (i) मई 1961 में दहेज़ तनर्ेध तिधेयक. तपछली लोकसभा का अध्यक्ष. लोकसभा अध्यक्ष सांयुक्त बैठक की अध्यक्षता करता है [अनुच्छेद. हालाुँदक. d) स्थगन यह सदन के सभापतत द्वारा सांसद के सि में छोटे समय के तलए अिकाश होता उच्च सदन के रूप में राज्यसभा के कायष है. प्रस्ताि की िैधता के िल सांसदीय सांघ के रूप में कायष करता है. पोटा (POTA-आतांकिाद तनिारण तिधेयक) प्रथम पांतक्त में होती है. एक ततहाई सदस्य प्रत्येक दो िर्ष पर सेिामुक्त हो जाते हैं. c) सिािसान राज्य सभा की शतक्तयाां पीठासीन अतधकारी (स्पीकर या अध्यक्ष) सदन को सि के पूणष होने पर धन तिधेयक को छोड़कर अन्य सभी तिधेयकों के सांबांध में समान अतधकार अतनतित काल के तलए स्थतगत करता है. जब यह राज्यसभा में आता है तो यहाुँ इसे 14 ददन में पाररत करना होता है अथिा यह स्ितः पाररत मान तलया जाता है.careerpower. भारतीय सांसद के इततहास में अब तक सांयुक्त बैठक के के िल तीन अिसर हैं. प्रतत िर्ष प्रथम सि में (बजट सि) नोट: “धन तिधेयक” और “सांतिधान सांशोधन तिधेयक” सांबांधी गततरोध दूर (c) कें द्र सरकार या राज्य सरकार के अधीन दकसी लाभ के पद पर न हो और करने के तलए सांयुक्त बैठक नहीं बुलाई जा सकती (d) सांसद द्वारा समय समय पर पाररत योग्यताओं को पूरा करता हो. दूसरे शब्लदों में.com | www. उपाध्यक्ष. इसकी अितध कु छ तमनट से लेकर कु छ घांटे.bankersadda. सांसद के दोनों सदनों की सांयुक्त बैठक बुलाने का प्रततददन के कायष सांभालता है. इसकी लेदकन सांसद के दोनों सिों के बीच अतधकतम अांतराल 6 माह से ज्यादा नहीं सदस्यता 250 सीतमत है तजसमें से 12 सदस्य. इसके सदस्यों का कायषकाल 6 िर्ष होता है तजसमें से • शीतकालीन सि (निभबर से ददसभबर). कला. दफर राष्ट्रपतत.in | www. अथिा कोई अन्य मनोनीत सदस्य होता है. सकती है. राज्य सभा या राज्यों की सभा भारतीय सांसद का उच्च सदन है. e) अतनतित काल के तलए स्थगत इसके पिात सांसद एक िर्ष तक उस राज्य सूची के तिर्य पर कानून बना जब सदन पुनः बैठने के ददन की घोर्णा के तबना ही स्थतगत कर ददया जाता है www. िह अध्यक्ष की अनुपतस्थतत में सदन के ददन अनुच्छेद 108 के अांतगषत. राज्य सभा अनुच्छेद 312के अांतगषत राष्ट्रीय तहत में तिशेर् बहुमत बैठक से ठीक पहले अपना पद खाली कर देता है. यह एक कै तबनेट मांिी-प्रधान मांिी. सातहत्य. सामान्यतः द्वारा अतखल भारतीय सेिाओं का सृजन कर सकती है. थी.adda247.sscadda. एक िर्ष होती है लेदकन इसे तिस्तार देकर एक और िर्ष के तलए बढाया जा सकता है. राज्यसभा अनुच्छेद 249 के अांतगषत. राज्यसूची के दकसी तिर्य को उपतस्थत सदस्यों के दो ततहाई बहुमत से राष्ट्रीय महत्ि का तिर्य घोतर्त कर सकती है. 118(4)]. सांसद को कम से कम िर्ष में दो बार तमलना समाज सेिा के क्षेि में अपने योगदान के तलए राष्ट्रपतत द्वारा मनोनीत दकये चातहए. राज्य सभा को उप-राष्ट्रपतत को हटाने के तलए प्रस्ताि लाने का तिशेर् अतधकार है. यदद िह सदन का सदस्य है (ii) मई 1978. उसका प्रमुख कायष नए सदस्यों को शपथ ददलाना और अध्यक्ष का चुनाि कराना होता है. लोकसभा की पहली बैठक की अध्यक्षता करता है. नेता की कु सी अध्यक्ष के बाद (iii) 2002. प्रोटेम स्पीकर सांतिधान के अनुसार. ऐसा इसतलए क्योंदक उप-राष्ट्रपतत इसके अध्यक्ष होते हैं और उसी प्रोटेम स्पीकर के पास अध्यक्ष की सभी शतक्तयाां होती हैं. सामान्यतः िर्ष में तीन सि होते हैं:- जाते हैं. ददन या सप्ताह हो सकता है. भारत के उप-राष्ट्रपतत (ितषमान में हातमद अांसारी) इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं और इसकी बैठकों की अध्यक्षता करते हैं. तृतीय. भी होता है. राज्यसभा सदस्यों का चुनाि राज्यों और के न्द्रशातसत प्रदेशों के तनिाषतचत • मानसून सि (जुलाई से तसतभबर) और सदस्यों द्वारा होता है. 4. जो राज्यसभा के b) सांयक्त ु बैठक तनिाषतचत सदस्यों में से होता है. िह भारतीय सांसदीय समूह का पदेन अध्यक्ष होता है जो भारत में अांतर. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography है और इस सांबांध में यह तनणषय अांततम होता है. इसके कु छ ददनों में ही राष्ट्रपतत सदन प्राप्त हैं. बैंककग सेिा आयोग तिधेयक 1977 तो. 1959. राज्य सभा के सिों एक सि के सिािसान एिां दूसरे सि के प्रारांभ होने के मध्य की समयाितध को का तो अांत होता है दकन्तु तनचले सदन की तरह यह कभी भांग नहीं होती. • बजट सि (फरिरी से मई).

www. सांसद (सदस्य की अयोग्यता (7) उपरोक्त तितनर्ददष्टदकसी तिर्य का आनुर्ाांतगक कोई तिर्य. इसके दकसी भी सदन में प्रस्तुत दकया जा सकता है.com | www. यह तिधेयक.in | www. सरकारी तिधेयक (इन्हें क्रमशः सरकारी तिधेयक और गैर सरकारी सदस्यों के (iii) यदद राज्यसभा तिधेयक को 14 ददनों में पाररत नहीं करती है तब तिधेयक भी कहा जाता है). सांसद में तिधायी प्रदक्रया तिधायी प्रदक्रया सांसद के दोनों सदनों में सांपन्न होती है. यदद लोकसभा एक या अतधक सांशोधनों को स्िीकार साधारण तिधेयक कर लेती है तब तिधेयक अपने नए रूप में पाररत माना जाएगा. तिधेयक कानून बनाने के राज्यसभा के पास तनम्न चार तिकपप होते हैं: तलए एक प्रस्ताि है और जब यह तितधित अतधतनयतमत हो जाता है तो यह (i) िह तिधेयक पाररत कर दे. दकसी तिदेशी राज्य की नागररकता स्िेच्छा से अर्तजत कर ली है या िह लोकसभा धन तिधेयक के सांबांध में अतधक तिधायी शतक्त रखती है और दकसी तिदेशी राज्य के प्रतत तनष्ठा को अतभस्िीकार दकये हुए है. ने ऐसी घोर्णा की है.com | www. राज्यसभा अपनी तिधायी शतक्त के तहत धन तिधेयक को ख़ाररज या स्िीकार  अनुच्छेद 102(2): यदद िह सांसद द्वारा बनाई गई दकसी तितध द्वारा नहीं कर सकती.com 71 . धन तिधेयक के िल लोकसभा में ही राष्ट्रपतत की तसफाररश से प्रस्तुत दकया जा  अनुच्छेद 102(1) (d): यदद िह भारत का नागररक नहीं है या उसने सकता है. प्रत्येक सदन में हर लोकसभा से पाररत होने के बाद यह राज्यसभा में भेज ददया जाता है. या अतभरक्षा या इनसे व्यय या इनका कें द्र या राज्य की तनतधयों का  अनुच्छेद 102(1) (a): यदद िह भारत सरकार या दकसी राज्य सरकार लेखा पररक्षण. साधारण तिधेयक धन. (ii) िह सीधे ही तिधेयक को अस्िीकृ त कर दे. पररहार. प्रत्येक िर्तणत एक या अतधक या समस्त उपबांध होंगे: सदन की कु ल सदस्य सांख्या के बहुमत द्वारा तथा उस सदन के उपतस्थत और (1) दकसी कर का अतधरोपण. यद्यतप दोनों समान प्रदक्रया के तहत सदन में तिधेयक प्रातप्त के 14िें ददन की समातप्त के बाद तिधेयक को स्ितः ही पाररत होते हैं दकन्तु उनमें तितभन्न प्रकार का अांतर होता है. यह तनणषय लोकसभा अयोग्य ठहरा ददया जाता है. यह तनणषय अांततम तनणषय होता है और उसे दकसी न्यायालय. यह दोनों सदनों में साधारण बहुमत से पाररत दकया जाता है. सांतिधान सांशोधन तिधेयक सांतिधान के एक या अतधक प्रािधानों में सांशोधन के तलए अनुच्छेद 368 के धन तिधेयक अांतगषत लाये गए तिधेयक सांतिधान सांशोधन तिधेयक कहलाते हैं. दोनों सदनों से पाररत मान तलया जाएगा. इसे प्रस्तुत करने के तलए अनुसार कोई तिधेयक तब धन तिधेयक माना जाएगा जब उसमें तनम्न राष्ट्रपतत की तसफाररश की भी आिश्यकता नहीं होती. यह दोनों तिधेयक की तरह ही प्रस्तुत दकया जाता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography तो उसे अतनतित काल के तलए स्थगन कहते हैं.bankersadda. यह धन नहीं पड़ती (तसिाय अनुच्छेद 3 के अांतगषत लाये गए तिधेयक के ).  अनुच्छेद 102(1) (c): यदद िह न्यायालय द्वारा घोतर्त ददिातलया है. कोई गततरोध उत्पन्न होता है तो इसे सांसद के दोनों सदनों की सांयुक्त बैठक से समाप्त दकया जा सकता है. या के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है. सांसद या राष्ट्रपतत द्वारा चुनौती नहीं दी जा सकती. सांतिधान सांशोधन तिधेयक इसमें दोंनो सदनों के बीच असहमतत का कोई अिसर नहीं होता. पररितषन या तितनयमन मत देने िाले सदस्यों के कम से कम दो ततहाई बहुमत द्वारा पाररत दकया (2) कें द्रीय साकार द्वारा उधर तलए गए धन का तितनयमन जाना चातहए. सांबांधी) अतधतनयम 1959 के अनुसार सांसद द्वारा तय कोई पद या मांिी भारत की सांतचत तनतध या लोक लेखा में दकसी प पद लाभ के पद नहीं हैं. ऐसी गततरोध को दूर करने के तलए सांतिधान दोनों सदनों की सांयुक्त बैठक की दकसी तनतध में धन जमा करना या उसमें से धन तनकालना. दूसरी धन तिधेयक तरफ यदद लोकसभा सांशोधन को अस्िीकार कर देती है तब तिधेयक को तित्त तिधेयक स्ितः ही दोनों सदनों से अपने मूल रूप में पाररत मान तलया जाएगा. (दसिीं अनुसूची) अध्यक्ष का होता है.adda247. सांसद में तिधेयक (iv) राज्यसभा तिधेयक में सांशोधन सुझा सकती है तब तिधेयक तनम्न सदन में सांतिधान में तनम्न चार श्रेतणयों के तिधेयकोण का िणषन है: िापस आ जाता है. तिधेयक समान चरणों के माध्यम से पाररत होता है.ऐसे में तिधेयक को स्ितः ही सांसद में पेश होने िाले तिधेयक दो तरह के होते हैं: सरकारी तिधेयक एिां गैर दोनों सदनों से पाररत मान तलया जाएगा. अतधतनयम या कानून बन जाता है. यह सांसद के सांतिधान के अनुच्छेद 110 में धन तिधेयक की पररभार्ा दी गई है. उत्सादन. कोई तिधेयक धन तिधेयक है या नहीं. दोनों सदन गैर-धन सांबांधी तिर्य है यह साधारण तिधेयक की तरह ही पाररत दकया साधारण तिधेयक पाररत करने के तलए बराबर तिधायी शतक्त रखते हैं. (4) भारत की सांतचत तनतध से धन का तितनयोग. यह सांसद के दकसी भी सदन में प्रस्तुत दकया एक या अतधक धन सांबांधी तिर्य और यदद एक या अतधक गैर -धन सांबांधी जा सकता है. तितनयोग – भारत की सांतचत तनतध से धन तितनयोग तिधेयक के द्वारा ही  अनुच्छेद 102(1) (b): यदद सांसद सदस्य तिकृ त तचत्त है और न्यायालय तनकाला जा सकता है. तित्तीय और सांतिधान सांशोधन तिधेयक के अततररक्त सभी तिधेयक तित्त तिधेयक साधारण तिधेयक कहलाते हैं. (5) भारत की सांतचत तनतध पर भाररत दकसी व्यय की उद्घोर्णा या इस सांसद सदस्य की अयोग्यता के पबदु प्रकार के दकसी व्यि की राशी में िृतद् (6) भारत की सांतचत तनतध या लोक लेखा में दकसी प्रकार के धन की प्रातप्त सांसद सदस्य को तनम्न आधारों पर अयोग्य ठहराया जा सकता है. सांतिधान सांशोधन तिधेयक पाररत करने में बनी असहमतत या (3) भारत की सांतचत तनतध या आकतस्मकता तनतध की अतभरक्षा. प्रस्तुत करने के बाद जब तक इसमें सदनों द्वारा साधारण बहुमत द्वारा पाररत दकया जाता है. राष्ट्रपतत द्वारा इसे अस्िीकृ त या पाररत तो दकया जा सकता है दकन्तु पुनर्तिचार के तलए लौटाया नहीं जा सकता है. इसे प्रस्तुत करने के तलए राष्ट्रपतत की तसफाररश की जरुरत तिर्य से अलग जो तिधेयक होता है िह धन तिधेयक कहलाता है. यदद जाएगा.careerpower.sscadda.

राष्ट्रपतत इस िीटो का माह के भीतर साधारण बहुमत के सांकपप से पाररत करनी होगी.com | www. सांसद द्वारा पाररत होने के पिात् उद्घोर्णा की तततथ से आपातकाल अतधकतम 6 महीने के तलए प्रभािी रहेगा. यदद इस उद्घोर्णा को 1 साल से अतधक के तलए बढ़ाना हो तो तनम्न रूप में इस िीटो के अांतगषत तिधेयक पर राष्ट्रपतत के तनणषय के तलए कोई समय सीमा आश्वस्त होना चातहए - नहीं है. सामान्यतः यह तिधेयक तनम्न दो b) राष्ट्रपतत को आपात उद्घोर्णा िापस लेने अथिा उसमें पररितषन का मामलों में प्रयोग दकया जाता है: अतधकार है. तजसमें िह सांसद द्वारा पाररत दकसी आपात की घोर्णा कर सकता है. उद्घोर्णा अप्रभािी हो जाएगी. सांसद से यह पॉके ट िीटो स्िीकृ तत साधारण बहुमत द्वारा ली जा सकती है. • सभबांतधत राज्य के पूरे क्षेि में या उसके दकसी भाग में राष्ट्रीय आपात घोतर्त हो. और न ही लौटाता है परन्तु एक अतनतित काल के तलए तिधेयक को पुनगषठन के 1 माह में इसे पाररत करना होगा. यदद लोकसभा आपातकाल को जरी रखने से मना कर देती है तो राष्ट्रपतत को आपातकाल समाप्त करना होगा. यदद लोकसभा भांग हो जाती है तो यह अतनिायष रूप से राज्यसभा द्वारा 1 माह में पाररत होना चातहए और नई लोकसभा भी 1 महीने में इसे पुनः पाररत करे.in | www. आपातकाल स्िीकृ तत के बाद 6 महीने से दे. भारतीय राज्य तिधानमांडल के चुनाि कराना सांभि नहीं है.com | www. c) 6 माह पिात् इसे पुनः सांसद से पाररत कराना होगा अन्यथा यह समाप्त हो जाएगी. न अस्िीकृ त जाती है तो राज्यसभा को इसे 2 माह में स्िीकृ तत देनी होगी और लोकसभा के करता है. की (सकारात्मक या नकारात्मक) शतक्त. www. और भेजनी होगी और यह सांसद के दोनों सदनों में एक माह के अन्दर सदन के b) सरकारी तिधेयक के सांबांध में जब मांतिमांडल त्यागपि दे दे (जब तिधेयक बहुमत और उस सदन के उपतस्थत तथा मत देने िालों के दो ततहाई पाररत हो गया हो और राष्ट्रपतत की अनुमतत तमलना शेर् हो) और नया तिशेर् बहुमत से पाररत करना होगा अन्यथा उद्घोर्णा एक माह के मांतिमांडल राष्ट्रपतत को ऐसे तिधेयक पर अपतन सहमती न देने की सलाह पिात् प्रितषन में नहीं रहेगी. के तबना अथिा सांशोधन के साथ पाररत कर राष्ट्रपतत के पास भेजती है तो उस अनुच्छेद 356 के अांतगषत की गई प्रत्येक उद्घोर्णा सांसद के प्रत्येक सदन में दो पर राष्ट्रपतत को अपनी स्िीकृ तत देना बाध्यकारी है. यह तिधेयक इस प्रकार समाप्त हो घोर्णा के िल कै तबनेट की तलतखत सलाह पर ही कर सकता है.adda247. आपातकाल की सभी उद्घोर्णाएां सांसद की स्िीकृ तत के तलए a) गैर-सरकारी सदस्यों के तिधेयक के सांबांध में.sscadda. पॉके ट िीटो के नाम से जानी जाती है. जाता है और तिधेयक नहीं बन पाता है. हालाुँदक राष्ट्रपतत के पास सांसद द्वारा पाररत तिधेयकों के सांबांध में िीटो की शतक्त होती है जैसेदक िह तिधेयक पर अपनी स्िीकृ तत को राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) सुरतक्षत रख सकता है. यदद लोकसभा तिघरटत हो इस मामले में राष्ट्रपतत तिधेयक पर न तो कोई सहमती देता है. d) लोकसभा आपातकाल को दकसी भी समय समाप्त कर सकती है. राष्ट्रपतत राष्ट्रीय आपातकाल की तिधेयक को अपने पास सुरतक्षत रखता है. और (b) यहाुँ यह बात ध्यान देने योग्य है दक सांसद राज्य से सभबांतधत तिर्यों में तनलांबनकारी िीटो राज्य तिधातयका की शतक्तयों का प्रयोग करेगी दकन्तु राष्ट्रपतत को राष्ट्रपतत इस िीटो का प्रयोग तब करता है जब िह दकसी तिधेयक को सांसद के सभबांतधत उच्च न्यायालय की शतक्तयाां प्राप्त नहीं होती हैं और िह उनसे पुनर्तिचार हेतु लौटता है. a) यदद राष्ट्रपतत समझे दक भारत की अथिा इसके दकस भाग की सुरक्षा को युद् अथिा बाह्य आक्रमण अथिा सशस्त्र तिद्रोह के कारण खतरा उत्पन्न अत्याांततक िीटो हो गया हो तो राष्ट्रपतत पूरे देश में अथिा इसके दकसी भाग में राष्ट्रीय इसका सांबांध राष्ट्रपतत की उस शतक्त से है. अतधक समय तक नहीं लागू रहना चातहए. हालाुँदक सांसद इसे अतधकतम 6 लांतबत कर देता है. अन्यथा प्रयोग धन तिधेयक के सांबांध में नहीं कर सकता है. हालाुँदक यदद सांसद तिधेयक को पुनः दकसी सांशोधन सभबांतधत सांिैधातनक प्रािधानों को तनलांतबत नहीं कर सकता. राष्ट्रपतत की तिधेयक पर दकसी भी प्रकार का तनणषय न देने माह के तलए और बढ़ा सकती है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography अनुमतत नहीं देता. राष्ट्रपतत शासन (अनुच्छेद 356) अनुच्छेद 356 के अांतगषत राज्यपाल की सूचना के आधार पर या दूसरे ढांग से यदद राष्ट्रपतत आश्वस्त है दक राज्य सरकार सांतिधान के उपबांधों के अनुरूप नहीं चल सकती तो िह ऐसा कर सकते हैं : (a) राज्य का प्रशासन अपने हाथ में ले लेता है.bankersadda. इस मामले में यदद लोकसभा की कु ल सदस्य सांख्या के 1/10 सदस्य स्पीकर/अध्यक्ष को अथिा राष्ट्रपतत को (यदद सदन नहीं चल रहा हो) तलतखत रूप से नोरटस दें तो 14 ददन के अन्दर उद्घोर्णा के जरी रहने के प्रस्ताि को अस्िीकार करने के तलए सदन की तिशेर् बैठक तिचार-तिमशष के उद्देश्य से बुलाई जा सकती है. सांतिधान में तीन प्रकार के आपातकालीन उपबांध हैं : (1) अनुच्छेद 352 – राष्ट्रीय आपातकाल राष्ट्रपतत की िीटो की शतक्त (2) अनुच्छेद 356 – राष्ट्रपतत शासन सांसद द्वारा पाररत कोई तिधेयक तभी अतधतनयम बनता है जब राष्ट्रपतत उसे (3) अनुच्छेद 360 – तित्तीय आपातकाल अपनी सहमती देता है.com 72 .careerpower. भारत में आपातकालीन उपबांध • तनिाषचन आयोग यह प्रमातणत कर दे दक तत्कालीन पररतस्थततयों में भारत में आपातकालीन उपबांध जमषनी के सांतिधान से तलए गए हैं.

राज्यपाल को हटाए जाने होना चातहए. धन तिधेयक के अततररक्त अन्य तिधेयकों के सांबांध में तिधानसभा की आिश्यकता पड़ेगी. 25 िर्ष की आयु पूणष कर चुका हो. (3) िह राज्य की सेिा में दकसी भी अथिा सभी िगों के सेिकों के िेतन एिां • 30 िर्ष की आयु पूणष कर चुका हो. हैं. कणाषटक. 3.in | www. के तलए सांतिधान में कोई व्यिस्था नहीं दी गई है जैसादक राष्ट्रपतत के सांबांध में 4. तिधानसभा की अतधकतम सांख्या 500 और चुनते हैं लेदकन ये अध्यापक माध्यतमक स्कू लों (कॉलेज. इस प्रकार 1. गोिा. अतधक मजबूत है. प्रसादपयंत कायष करता है.sscadda.bankersadda. इसे और अतधक बढ़ाने के तलए सांतिधान सांशोधन की 2. िह कें द्र की मांतिपररर्द द्वारा मनोनीत होता है. तस्थतत लोकसभा की अपेक्षा मजबूत है. कें द्र में या राज्य में उच्च सदन को सांशोधन या तिधेयक को रोकने के • िह राज्य के महातधिक्ता और लोक सेिा आयोग के अध्यक्ष एिां सदस्यों www.careerpower. प्रत्येक तिधानसभा 5 िर्ष के तलए चुनी जाती है और दफर सभी सीटों के • 1/12 सदस्यों का तनिाषचन उस राज्य में 3 िर्ष से अध्यापन कर रहे लोग तलए पुनः चुनाि कराए जाते हैं. भत्तों में कटौती के तलए कह सकता है. तबहार. तिधानपररर्द के सदस्यों का चुनाि राज्य तिधानमांडल • एक-ततहाई सदस्य स्थानीय तनकायों जैसे. नगरपातलका राज्य तिधानमांडल (तिधान सभा) और तजला पररर्द्/बोडष आदद द्वारा चुने जाते हैं. राष्ट्रपतत के 2. ितषमान में भारत के छह राज्यों में तिधानपररर्द है :आांध्र (1) राष्ट्रपतत तित्तीय सांसाधनों के राज्यों के साथ बांटिारे पर रोक लगा सकते प्रदेश. तिधान सभा. तिधानसभा की इच्छा ही अांततः प्रबल होती है. सहकाररता आांदोलन और समाज प्रतततनतधत्ि के तलए एक सदस्य मनोनीत कर सकता है यदद उसे लगता है दक सेिा का तिशेर् ज्ञान ि व्यािहाररक अनुभि रखते हों. तिधानसभा की सदस्य सांख्या 60 से कम भी हो सकती है. नहीं चल रही है. कर सकता है. सदन में उस समुदाय का पयाषप्त प्रतततनतधत्ि नहीं है. (b) तित्तीय आपात उद्घोर्णा के दो माह के भीतर सांसद से स्िीकृ त होना तिधान पररर्द् आिश्यक है. िह मानतसक रूप से स्िस्थ होना चातहए (4) राष्ट्रपतत राज्य तिधातयका द्वारा पाररत उसके तिचार हेतु लाए गए सभी िह ददिातलया नहीं घोतर्त होना चातहए धन तिधेयकों अथिा अन्य तित्तीय तिधेयकों को आरतक्षत रख सकता है. राज्य में गततरोध दूर करने का ऐसा तित्तीय आपातकाल कोई प्रािधान नहीं है. कला. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश. हालाुँदक सांसद के एक अतधतनयम द्वारा भी शातमल) से कम के नहीं होने चातहए. हैं. उसे यह शपथपि देना होगा दक उसके तखलाफ कोई अपरातधक कारषिाई है. (a) राष्ट्रपतत द्वारा िापस ली जा सकती हैं. (2) राष्ट्रपतत दकसी राज्य को तित्तीय औतचत्य सांबांधी तसद्ाांतों के पालन का तिधानपररर्द् सदस्य बनने के तलए योग्यताएां तनदेश दे सकता है. तिधायी प्रदक्रया में तनम्नतलतखत अांतर है: • ज्यपाल मुख्य मांिी की सलाह पर अन्य मांतियों की भी तनयुतक्त करता है 1. तिधानसभा के सदस्य है दकन्तु ये उभमीदिार तिधानसभा के सदस्य नहीं होने चातहए. जभमू और कश्मीर. िह 3. जहाुँ सांघीय सांसद में सांयुक्त बैठक द्वारा गततरोध दूर दकया जाता है. राज्यपाल तिधानसभा सदस्य बनने के तलए योग्यताएां राज्यपाल की तनयुतक्त राष्ट्रपतत के मुहर लगे आज्ञापि से होती है. राज्यपाल. अनुच्छेद 360 राष्ट्रपतत को तित्तीय आपात की घोर्णा की शतक्त प्रदान करता राज्य स्तर पर उच्च सदन अतधकतम 4 माह तक तिधेयक पाररत करने में है.नगर तनगम. एिां भत्तों में कटौती के तनदेश जारी कर सकता है. ज्ञान. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography लेदकन दकसी भी हालात में राष्ट्रपतत शासन 3 िर्ष से अतधक समय तक नहीं तलए अतधकतम 14 ददन का समय ही तमलता है. तिश्वतिद्यालय न्यूनतम सांख्या 60 हो सकती है.com | www. लगाया जा सकता. यदद िह सांतुष्ट हो की ऐसी तस्थतत हो गई है.com | www. धन तिधेयक के सांबांध में तिधानसभा की तस्थतत लोकसभा के समान ही और उन्हें उनके तिभाग बाांटता है. तनकाय है जो कभी तिघरटत नहीं होती. एक बार स्िीकृ तत तमलने के बाद यह राष्ट्रपतत द्वारा िापस भारतीय सांसद के उच्च सदन राज्यसभा की तरह तिधानपररर्द एक स्थायी न तलए जाने तक बढ़ाई जा सकती है. तसक्की और • शेर् या 1/6 सदस्यों का नामाांकन राज्यपाल द्वारा उन व्यतक्तयों में से तमजोरम के तिर्य में ऐसा ही है. िह व्यतक्त भारत का नागररक हो. ियस्क मतातधकार के अांतगषत उस राज्य के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष चुने जाते • 1/12 सदस्यों का तनिाषचन राज्य में 3 िर्ष से रह रहे स्नातक करते हैं.com 73 . राज्यपाल की शतक्तयाां कायषकारी शतक्तयाां तिधानसभा बनाम लोकसभा • िह उसे मुख्यमांिी तनयुक्त करता है तजसके पास तिधानसभा में बहुमत उच्च सदन से सांबांध के तिर्य में तिधानसभा की तस्थतत लोकसभा की अपेक्षा हो. इसका प्रत्येक सदस्य (एमएलसी) छह िर्ष के तलए अपनी सेिा देता है और इसके एक-ततहाई सदस्य प्रत्येक दो िर्ष में तित्तीय आपात के प्रभाि सेिामुक्त हो जाते हैं. तितभन्न राज्यों और 2 के न्द्रशातसत प्रदेशों (ददपली और • एक-ततहाई सदस्यों का चुनाि तिधानसभा के सदस्यों द्वारा दकया जाता पुद्दुचेरी) के राज्य तिधानमांडल का तनम्न सदन है.adda247. राज्यसभा से एक तिधेयक (धन तिधेयक के अततररक्त) पाररत करने की ये घोर्णाएां : समय सीमा जहाुँ 6 माह है िही ुँ तिधानपररर्द में यह के िल 3 मास है. िह उस राज्य की मतदाता सूची में पांजीकृ त होना चातहए जहाुँ से िह (5) राष्ट्रपतत उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के िेतन चुनाि लड़ रहा हो. राज्यपाल. िह मानतसक रूप से स्िस्थ होना चातहए और ददिातलया नहीं घोतर्त राष्ट्रपतत द्वारा कभी भी िापस बुलाया जा सकता है. एांग्लो-भारतीय समुदाय के दकया जाता है जो सातहत्य. है. तजसमें भारत अथिा उसके देरी कर सकता है तजसमें भी 3 माह प्रथम बार में और 1 माह दूसरी बार दकसी क्षेि की तित्तीय तस्थतत अथिा प्रत्यय खतरे में है तो िह ऐसी घोर्णा में. उसके कायषकाल की कोई सुरक्षा नहीं होती. िह व्यतक्त भारत का नागररक हो.

• पांचायती राज व्यिस्था लोकताांतिक सरकार की प्रथम श्रेणी या स्तर है.sscadda. तिधेयक को (यदद िह धन-सांबांधी तिधेयक न हो) तिधानमांडल के पास 7. • भारत में ‘पांचायती राज’ शब्लद का अतभप्राय ग्रामीण स्थानीय स्िशासन • जब राज्य तिधानमांडल का सि न चल रहा हो और दकसी कानून की पद्तत से है. यदद िह धन तिधेयक नहीं है तो.adda247.com | www. • स्ितांिता के बाद देश के समक्ष गाांिों के तिकास की तत्कातलक समस्या थी. (ii) ब्ललाक स्तर पर पांचायत सतमतत/क्षेि पांचायत • राज्यपाल. • राज्य तिधानमांडल द्वारा पाररत कोई तिधेयक राज्यपाल के हस्ताक्षर के स्थानीय स्िशासन बाद ही कानून बन सकता है. • िह सुतनतित करता है दक िार्तर्क तित्तीय तििरण (राज्य-बजट) राज्य तिधानमांडल के सामने रखा जाए. जोड़ी गई तजसमें पांचायतों से सभबांतधत 29 तिर्यों का िणषन दकया गया • िह तित्त आयोग का गठन करता है.bankersadda. पांचायतों में चुनाि लड़ने के तलए न्यूनतम आयु 21 िर्ष होनी चातहए 4. • इस भाग को “पांचायत” नाम ददया गया जो अनुच्छेद 243(क) से 243 • िह दकसी अप्रत्यातशत व्यय के िहन के तलए राज्य की आकतस्मकता (ण) तक है. (अनुच्छेद 200) 3. • धन तिधेयकों को राज्य तिधानसभा में उसकी पूिष सहमती के बाद ही • राजस्थान 1959 में पांचायती राज व्यिस्था लागू करने िाला पहला प्रस्तुत दकया जा सकता है. है. घोर्णा कर सकता है. 3. कभी कु छ ऐसी पररतस्थततयाां बन जाती हैं जब राज्यपाल को अपने तििेक के • सभी स्तरों पर पांचायतों में 1/3 भाग (सदस्य और सरपांच दोनों) तस्त्रयों अनुसार स्ियां तनणषय करना पड़ता है. राष्ट्रपतत तनम्न कायषिाही कर सकते तिधायी शतक्तयाां हैं : • िह राज्य तिधानमांडल के दोनों सदनों का सि आहत कर सकता है और 1. सभी स्तरों पर (प्रमुख एिां सदस्य दोनों के तलए) अनुसूतचत जातत एिां गिनषर की िीटो की शतक्त जनजाततयों के तलए आरक्षण जब राज्य तिधानमांडल से पाररत कोई तिधेयक राज्यपाल के समक्ष आता है तो 5.com | www. समय से पूिष 2.com 74 . नीततयों की रूपरेखा होती है. 6. जा सकती. धन तिधेयक के सांबध ां में राष्ट्रपतत अपनी स्िीकृ तत दे सकते हैं अथिा उन्हें सांबोतधत कर सकता है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography की भी तनयुतक्त करता है. तब राज्यपाल सबसे बड़े दल के नेता को (i) ग्राम स्तर पर ग्राम पांचायत मुख्यमांिी तनयुक्त करता है. यह औपचाररक शतक्तयाां हैं तिधातयका दकसी सांशोधन के तबना अथिा सांशोधन करके पुनः तिधेयक और इनके प्रयोग के समय राज्यपाल मुख्यमांिी के नेतृत्ि िाली को पाररत कर राष्ट्रपतत के पास भेजती है तो राष्ट्रपतत उसे सहमतत देने के मांतिपररर्द की सलाह के अनुसार ही कायष करेगा. पांचायती राज • राज्यपाल.यदद राज्य • िह तिधानसभा को तिघरटत कर सकता है. ऐसी शतक्तयाां तििेकाधीन शतक्तयाां के तलए आरतक्षत होंगें. इसका अथष है दक राज्य तिधातयका राष्ट्रपतत के िीटो • इन अिसरों पर राज्यपाल का सांबोधन सामान्यतः राज्य सरकार की नई को तनरस्त नहीं कर सकती. एक गाुँि या गाांिों के समूह में ग्राम सभा का गठन • राज्यपाल को कु छ तिधेयकों को राष्ट्रपतत के तलए आरतक्षत रखने की 2. तिधेयक को राष्ट्रपतत के तिचार के तलए आरतक्षत रख सकता है. 1. राज्यपाल द्वारा उनके तलए आरतक्षत तिधेयकों के सांबांध में आत्यांततक िीटो की शतक्त होती है. की स्थापना www. राष्ट्रपतत के पास. राष्ट्रपतत को सूतचत करते हुए ररपोटष भेज सकते हैं दक राज्य तजला स्तर पर तजला पांचायत/तजला पररर्द् पांचायती राज सांस्थाओं के तलए का सांिैधातनक तांि तिफल हो चुका है और राष्ट्रपतत शासन लगाने की अतनिायष प्रािधान तसफाररश कर सकते हैं. 4. स्िीकृ तत के तलए उसे रोक सकता है. तलए बाध्य नहीं है. सभी स्तरों पर पांचायतों का कायषकाल 5 िर्ष का तनधाषररत. • सभी स्तरों पर पांचायतों का कायषकाल 5 िर्ष का है. ग्राम. पांचायत भांग होने पर 6 महीने में चुनाि कराने होंगे. • ज्यपाल तजला न्यायालयों के न्यायाधीशों को तनयुक्त करता है.in | www. अतः 1952 में सभपूणष ग्रामीण तिकास कायष को ध्यान में रखकर तित्तीय शतक्तयाां सामुदातयक तिकास कायषक्रम प्रारांभ दकया गया. 73िें सांशोधन अतधतनयम के मुख्य प्रािधान • तबना राज्यपाल की सहमतत के दकसी तरह के अनुदान की माांग नहीं की • इसने भारतीय सांतिधान में भाग 9 का उपबांध दकया. नहीं है) को राज्य तिधातयका के पास पुनर्तिचार हेतु लौटा दे.careerpower. पुनर्तिचार के तलए भेज सकता है. आरतक्षत रख सकते हैं. िह राज्यपाल को तनदेश दे सकता है दक िह तिधेयक (यदद धन तिधेयक सि को सम्नोतधत कर सकता है. कहलाती हैं : • यह अतधतनयम राज्यों में तिस्तरीय पांचायत की व्यिस्था करता है जो इस • जब तिधानसभा में दकसी दल को बहुमत प्राप्त न हो तब राज्यपाल सबसे प्रकार है : बड़े दल को अथिा दो या अतधक दलों के नेताओं को आम सहमतत से सरकार बनाने को कह सकता है. िह तिधेयक को स्िीकार कर सकता है. उसके बाद आांध्र प्रदेश ने इसे अपनाया. राज्य बना. 1992 के 73िें सांतिधान सांशोधन अतधतनयम द्वारा इसे आिश्यकता लग रही हो तो राज्यपाल औपचाररक रूप से अध्यादेश की सांतिधान में शातमल दकया गया. इसे सुदढ़ृ ता प्रदान करने के तलए सांतिधान में 11िीं अनुसूची तनतध से अतग्रम ले सकता है. • िह तिधानमांडल के प्रत्येक चुनाि के पिात पहले और प्रततिर्ष के पहले 2. दकसी तिधेयक को. समय से पूिष भांग तििेकाधीन/न्यातयक शतक्तयाां होने पर 6 महीने में चुनाि कराने होंगे. माध्यतमक और तजला स्तर पर पांचायतों की स्थापना शतक्त होती है. पांचायती राज सांस्थानों में चुनाि कराने के तलए राज्य तनिाषचन आयोग पुनर्तिचार के तलए भेज सकता है. सभी स्तरों पर (प्रमुख एिां सदस्य दोनों के तलए) एक ततहाई पद िे तनम्न कदम उठा सकते हैं: मतहलाओं के तलए आरतक्षत 1.

सदन के सभापतत को लगाये आरोपों की जाुँच और दुव्यषिहार या सांरचना: नगरपातलका के सभी सदस्यों का प्रत्यक्ष चुनाि उस क्षेि की जनता असमथषता का सबूत उपलब्लध करने के तलए तीन सदस्यीय जाुँच सतमतत द्वारा दकया जाएगा. तिभातजत दकया जाएगा. मतहलाओं के discretionary power it is called Judiciary act and the judge तलए आरतक्षत होंगे. भारतीय सांतिधान के अनुसार.com 75 . तिधानमांडल बनाएगा. भारत में ‘शहरी स्थानीय स्िशासन’ का अथष शहरी क्षेि के लोगों द्वारा चुने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाना प्रतततनतधयों से बनी सरकार से है.com | www. सतमततयों की गतततितधयों को तनदेतशत करती है. 10 िर्ष तक िकील होना चातहए. ऐसे ही. अनुच्छेद 124(4) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की व्यिस्था देता 1992 का 74िाां सांशोधन है. या राष्ट्रपतत के मत में उसे सभमातनत न्यायिादी होना चातहए. भारत का उच्चतम न्यायालय सिोच्च न्यातयक मांच है और अपील का अांततम न्यायालय है. “उच्चतम न्यायालय की भूतमका साांगठतनक ढाांचा एक सांघीय न्यायालय और सांतिधान के सांरक्षक की है. की व्यिस्था करता है: न्यायाधीश जाुँच अतधतनयम (1968) के अनुसार दकसी न्यायाधीश को हटाने • नगर पांचायत – यह ग्रामीण क्षेिों से नगरीय क्षेिों में पररिर्ततत हो रहे सांबांधी प्रस्ताि सांसद के दकसी भी सदन में रखा जा सकता है. (ii) ब्ललाक लेिल पर पांचायत सतमतत तदनुसार सांसद ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की सांख्या) सांशोधन पांचायत सतमतत के अांतगषत अनेक ग्राम पांचायत होते हैं. concerned does not enjoy the right to be heard in such नगरपातलका का कायषकाल: प्रत्येक नगरपातलका का कायषकाल 5 िर्ष का cases. अनुच्छेद 124(1) के अनुसार मूलतः भारत के एक मुख्य न्यायाधीश और 7 नोट: ग्राम सभा से तात्पयष उस तनकाय से है तजसमें गाुँि स्टार पर गरठत अन्य न्यायाधीशों की व्यिस्था थी. ग्राम सभा का प्रधान उच्चतम न्यायालय की सांरचना (अध्यक्ष) ग्राम पांचायत का पदेन सदस्य होगा. सांतिधान.sscadda. दो अन्य सदस्यों में एक दकसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश और एक स्थानों का आरक्षण: नगरपातलका क्षेि की कु ल जनसुँख्या में अनुतचत कोई प्रतततष्ठत न्यायिादी होगा. • नगरपातलका – यह 20000 से 3 लाख तक की • इसका समथषन कम से कम 50 राज्यसभा सदस्यों द्वारा दकया जाना जनसुँख्या िाले छोटे शहरों के तलए होती है. SSC CGL 2017 General Awareness Capsule Science|Polity|History|Economics|Geography 8. साथ ही सांतिधान में इसके कायों से यातन सदन की कु ल सदस्यता का बहुमत तथा सदन के उपतस्थत एिां मत देने सभबांतधत 12िीं अनुसच ू ी जोड़ी गई. िाले सदस्यों का दो-ततहाई समथषन प्राप्त होना चातहए. अन्य न्यायाधीश) हो गई. िह राष्ट्रपतत द्वारा हटाया जा सकता है जब सांसद के दोनों सदनों द्वारा उसी इस अतधतनयम के द्वारा सांतिधान में एक नया भाग 9(क) जोड़ा गया जोदक सि में ऐसा सांबोधन दकया गया हो और उसे दोनों सदनों के तिशेर् बहुमत अनुच्छेद 243(त) से 243(यक्ष) तक है. पांचायती राज की सिोच्च सांस्था है. पीठासीन अतधकारी एक तीन सदस्यीय न्यातयक सतमतत तनयुक्त करता www. उस ब्ललाक के सभी अतधतनयम. तजला पररर्द् िास्ति में तजला स्तर पर तिकास की योजनायें बनाती है. • दकसी भी सदन में तनष्कासन प्रस्ताि स्िीकार कर तलए जाने के बाद उस िहाां नगर तनगम होते हैं. चातहए. उसे हटाने का आधार 1. पांचायतों की तित्तीय तस्थतत की समीक्षा करने के तलए प्रत्येक 5 िर्ष बाद एक राज्य तित्त आयोग की स्थापना की जतन चातहए. होगा.careerpower. • इसका समथषन कम से कम 100 लोकसभा सदस्यों द्वारा दकया जाना क्षेिों में होती है. सांसद ने यह सांकपप पाररत दकया हो.” (i) गाुँि के स्तर पर ग्राम पांचायत ग्राम पांचायत के सदस्य ग्राम सभा द्वारा चुने जायेंगे. मतहलाओं के तलए सुरतक्षत होंगेऔर ियस्क मतातधकार के आधार पर भरे जाने Whenever the authority concerned does not enjoy िाले स्थानों में 1/3 स्थान तजसमें सुरतक्षत स्थान भी शातमल हैं. राष्ट्रपतत को उसे हटाने का आदेश उसी सि में जारी करना पड़ेगा तजस सि में 2. नगरपातलका के अध्यक्ष के चुनाि का तिधान राज्य • न्यातयक सतमतत के प्रमुख उच्चतम न्यायालय का कोई न्यायाधीश होगा. या उसे उच्च न्यायालय या तितभन्न न्यायालयों में तमलकर तितनमय करती है. इसके तलए प्रत्येक नगरपातलका क्षेिों को िाडों में गरठत करनी होगी. शहरी स्थानीय स्िशासन 3. न्यायालय के न्यायाधीशों की सांख्या बढ़ाने के तलए अतधकृ त करता है. जातत/जनजातत की जनसुँख्या के अनुपात में स्थान आरतक्षत होंगे. हालाुँदक इसे समय पूिष भी भांग दकया जा सकता है. अनुच्छेद जोड़े गए.adda247. उस व्यतक्त को भारत का नागररक होना चातहए.in | www. सुरतक्षत स्थानों की कु ल सांख्या में 1/3 स्थान अनुसूतचत जातत/जनजातत की न्यातयक कायषिाही और राजनीततक कायषिाही में तिभातजत करता है. सांसद को कानून द्वारा उच्चतम पांचायत क्षेि में तनिाषचक सूची में पांजीकृ त व्यतक्त होते हैं. • न्यायालय एक न्यायाधीश को हटाने की पूरी प्रदक्रया को दो प्रमुख भागों. 2008 पाररत दकया और यह सांख्या 31 (1 मुख्य न्यायाधीश+30 ग्राम पांचायतों के प्रमुख पांचायत सतमतत के पदेन सदस्य होते हैं. उसे दकसी उच्च न्यायालय का कम से कम पाांच साल के तलए न्यायाधीश पांचायत सतमतत की सहायता से ये ग्राम पांचायतों के बीच धनरातश का होना चातहए. स्िशासन की सांस्थाओं को एक सामान्य नाम “नगरपातलका” ददया गया. अनुच्छेद 124(5) के अधीन सांसद दकसी आिेदन के रखे जाने की तथा न्यायाधीश के कदाचार या असमथषता की जाुँच नगरपातलका के तीन प्रकार: अतधतनयम राज्यों में तीन प्रकार के नगरपातलका और सातबत करने की प्रदक्रया का तितध द्वारा तितनयमन कर सके गी. (iii) तजला स्तर पर तजला पररर्द् उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के तलए अहताषए:ां तजला पररर्द्.com | www.bankersadda. चातहए. सांशोधन द्वारा सांतिधान में शहरी स्थानीय तनकायों से सभबांतधत 18 नए उसका दुव्यषिहार या कदाचार होना चातहए. न्यातयक भाग में शातमल हैं: भारत का उच्चतम न्यायालय 1. यह तितभन्न पांचायत 1. • नगर तनगम – एक बड़े शहरी क्षेि जहाुँ जनसुँख्या 3 लाख से अतधक है. 2.

सबसे लांबे कायषकाल िाले मुख्य न्यायाधीश िाई.sscadda. सांसद प्रस्ताि को आगे नहीं d) मूल अतधकारों के पालन कराने से सांबांतधत तििाद बढ़ा सकती. उच्चतम न्यायालय को यह अतधकार है दक िह एक उच्च न्यायालय के मामले को दूसरे में और यहाुँ तकदक दकसी एक राज्य के तजला न्यायालय के मामले को उच्च न्यायालय दूसरे राज्य के तजला न्यायालय में हस्ताांतररत कर सकता है. िर्ष की आयु तक अपने पद पर बने रहते हैं और उच्चतम न्यायालय की 2. उच्चतम न्यायालय की प्रथम मतहला न्यायाधीश 1987 में फाततमा बीिी की तनयुतक्त भी इसी प्रकार की जाएगी. उच्चतम न्यायालय उच्च न्यायालय. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 बनी. 2. क्षेिातधकार का तिस्तार दकसी कें द्र शातसत प्रदेश तक कर सकती है. अब तक सबसे कम कायषकाल के मुख्य न्यायाधीश के एन पसह रहे हैं. और असमथषता के सबूत प्राप्त नहीं कर पाती है तो. प्रततमाह है. हालाुँदक यदद न्यातयक सतमतत दुव्यषिहार c) दो या अतधक राज्यों के बीच तििाद. 5.000 और मुख्य न्यायाधीश का 1. हालाुँदक. न्यायाधीशों को हटाना (निभबर 1991 – ददसभबर 1991. भारत के उच्चतम न्यायालय का 1) सांतिधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार सांघ के प्रत्येक राज्य में एक उच्च उद्घाटन 28 जनिरी 1950 को दकया गया. उच्चतम न्यायालय में ही तनपटाए जा सकते हैं.000रु हैं. चांद्रचूड़ थे (1978 – तलतखत रूप में राष्ट्रपतत को अपना त्यागपि दे सकता है. 3) एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तनयुतक्त राष्ट्रपतत. इस सलाह को स्िीकार करना के न्यायालयों के तनणषयों पर सुनिाई करता है. ि