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National Documentation Centre (NDC)

जनसंख्या
थमी जनसंख्या वद्धृ ि की रफ्तार (Amar Ujala-28 July 2010)
मह कुछ अजीफ हुआ है कक आऩातकार के फाद से हभायी सार्वजननक चचाव से जनसंख्मा का भसरा गामफ
हो गमा है । तफ नसफंदी अभबमान एक ज्मादती की तयह चरा था, जजसके याजनीनतक नतीजे फहुत
नुकसानदे ह हुए। कपय कांग्रेस ही क्मों, अन्म दरों ने बी इससे कन्नी काटना शुरू ककमा- ऩरयर्ाय ननमोजन

भंत्रारम का नाभ फदरकय ऩरयर्ाय कल्माण भंत्रारम कय ददमा गमा। जनसंख्मा का फढ़ना नहीं रुका-जादहय
है , अभशऺा, कुऩोषण, फीभायी, गयीफी र्गैयह के आंकडे बी इस कायण कभ नहीं हुए। चाहे नीनतमोंप्राथभभकताओं की गडफड हो मा रोगों का ‘दोष’, इस फीच आफादी दोगुनी हो गई। अफ सैंऩर यजजस्ट्रे शन

भसस्ट्टभ के सर्ेऺण से, जजसभें ७१ राख रोगों का नभूना यखा गमा था, मह तथ्म साभने आमा है कक

जन्भ दय, भत्ृ मु दय औय स्ट्र्ाबावर्क जनसंख्मा र्वृ ि भें बायी गगयार्ट आई है । इस स्ट्र्ागत मोग्म तथ्म के
ऩीछे साऺयता भें र्वृ ि, आगथवक वर्कास दय की अच्छी यफ्ताय औय जनसंख्मा ननमंत्रण के प्रनत फढ़ी

साभाजजक चेतना का मोगदान हो मा गबवननयोध के साधनों की उऩरब्धता का फढ़ना, ऩय मह खफय अऩने
आऩ भें फहुत भहत्र्ऩण
ू व है ।
र्षव १९९८ से २००८ के फीच के आंकडे फताते हैं कक प्रनत हजाय आफादी ऩय जन्भ दय २६.४ से घटकय
२२.८ यह गई है । इसी प्रकाय, भत्ृ मु दय बी १५ पीसदी कभ हुई है । हारांकक अफ बी आफादी फढ़ने की दय
ज्मादा नहीं गगयी है , ऩय स्ट्र्ाबावर्क जनसंख्मा र्वृ ि भें ११ पीसदी की गगयार्ट कभ नहीं है । इन ‘अच्छे ’

आंकडों के फीच बी सफसे अच्छी सूचना तथाकगथत ‘फीभारू’ घोवषत दहंदीबाषी प्रदे शों से औसत से फेहतय
आंकडों का आना है । भत्ृ मु दय के भाभरे भें बफहाय (२२ पीसदी) औय उत्तय प्रदे श (२० पीसदी) से बी
आगे याजस्ट्थान औय भध्म प्रदे श हैं, जहां २३ पीसदी की गगयार्ट आई है । भशशु भत्ृ मु दय भें २६ पीसदी
की कभी आई है । आफादी र्वृ ि दय गगयार्ट के भाभरे भें ऩंजाफ, केयर, भहायाष्ट्र औय ऩजचचभ फंगार आगे

हैं, ऩय दहंदीबाषी प्रदे श बी ज्मादा ऩीछे नहीं हैं। मे सायी सूचनाएं खश
ु कयती हैं, ऩय ज्मादा जरूयी है कक
हभ उन कायणों को ये खांककत कयें , जजनसे मे नतीजे आए हैं। वऩछरे दशक की तेज वर्कास दय के साथ
असभानता फढ़ने की प्रर्जृ त्त फढ़ी है , ऩय उसका राब बी फंटा है । हारांकक जनसंख्मा र्वृ ि योकने के भरए

अन्म कायण बी जजम्भेदाय हैं। इनभें साऺयता/स्ट्त्री भशऺा के प्रसाय की फडी बूभभका है । कपय स्ट्र्ास्ट्थ्म के
प्रनत फढ़ी चेतना औय सयकायी-गैय सयकायी प्रमासों से कुछ खास फीभारयमों की योकथाभ भें सपरता का
बी राब भभरा है । गांर्-दे हात का नीनतगत प्राथभभकताओं भें आने से र्हां फडे फदरार् हुए हैं। जादहय है ,
इन सफकी यफ्ताय फढ़ाकय हभ औय अच्छे ऩरयणाभ ऩा सकते हैं।

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