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National Documentation Centre (NDC)

गर्भवती महिलाओं को जकड़ रिा स्वाइन फ्लू (Dainik Jagran-21 July 2010)

ठ्ठजागरण ब्यरू ो, नई दिल्ऱी स्वाइन फ्ऱू (एच1एन1) के ताजा िौर में इसका सबसे ज्यािा शिकार गभभवती
मदिऱाएं िो रिी िैं। स्वास््य मंत्राऱय के एक आकऱन के मत
ु ाबबक िाऱ के दिनों में इस वायरस के
संक्रमण के बाि मारे गए ऱोगों में ऱगभग 25 फीसिी शसफभ गभभवती मदिऱाएं िी िैं। स्वाइन फ्ऱू के ताजा
िौर में इसका सबसे ज्यािा प्रभाव मिाराष्ट्र, केरऱ, आंध्र प्रिे ि और कनाभटक में िे खा जा रिा िै । ऱेककन
पिछऱे कुछ दिनों से दिल्ऱी में भी इसके मामऱों की तािाि बढ़ती जा रिी िै । पिछऱे िफ्ते इस बीमारी
से मिाराष्ट्र में 11 और केरऱ में 8 ऱोगों की मौत के अऱावा दिल्ऱी और गुजरात में भी एक-एक मौत िुई
िै । स्वास््य मंत्राऱय के अधिकाररयों के मुताबबक पिछऱे दिनों िुई मौतों में सबसे ज्यािा संख्या गभभवती
मदिऱाओं की िी िै । इसकी एक बडी वजि यि िै कक इस मिामारी के टीके और िवा िोनों में से ककसी
का भी गभभवती मदिऱाओं िर िरीक्षण निीं ककया गया िै । इसशऱए आम तौर िर डॉक्टर गभभवती
मदिऱाओं को टीके ऱगाने की सऱाि निीं िे त।े इसी तरि ऐसे मामऱों में इसकी िवा ओसेल्टाशमवीर िे ने
में भी डॉक्टर अततररक्त एिततयात बरतते िैं। जिां िस
ू रे मामऱों में तेज बुखार और िस
ू रे ऱक्षण िाए
जाने िर ऱैब जांच में िुष्ष्ट्ट िोने से ििऱे भी ओसेल्टाशमवीर िे ना िुरू कर दिया जाता िै । ऐसे मामऱों में
िवा के कुप्रभावों को िे खते िुए डॉक्टर िो से तीन दिन इंतजार करते िैं। यिी िे री इन मामऱों में
जानऱेवा साबबत िो जाती िै । अब तक भारत में 34,115 ऱोगों को एच1एन1 संक्रमण िोने की िष्ु ष्ट्ट िो
चक
ु ी िै जबकक 1,646 जानें जा चक
ु ी िैं।