Astrostudents - A Group of Lalkitab Students

लाल कताब 1952 सफा 18,

फरमान नं० 4
आलम को इ म के शक

या है .

ज़ म व
समा करे या ना करे

ts

ह सब1 ह पर होगा प र द, पशु इं सान.

en

असर

समा बडा बलवान

ब चा गैबी पद से माता के पेट म आया।

फर बंद हवा से इस दु िनयां म

ud

पहु ँ चा तो उसके साथ क दो जहानी हवा उसका सांस हु ई, जसके लेते ह

st

जमाने क दोरं गी चाल के मैदान का लँबा-चौड़ा हसाब कताब खुल गया।

As
tro

जस पर हर बात के दो पहलू होने लगे या यूँ कहो क:- ज म का व
पता लग जाने से ज़ दगी के

वाब क ताबीर (नतीजा या हालात) मालूम

करने का खाका (ज म कु डली) इ म

योितष के मुता बक तैयार होता

हु आ माना गया। मगर शक हु आ क एक बाप2 के दो बेटे,

1

ज म व

को बुिनयाद मान कर जस तरह ये मज़मून इं सान के ता लुक म काम दे ता है , हू बहू उसी तरह ह इस इ म का

असर प र द , मकान या दू सरे दु िनयावी अहम (बहु त ज र वा यात) और काम के ता लुक म पाया गया है . यािन अगर व
क पैदाइश के मुताबक कसी इं सान क ज म कुँडली इसके हालात से खबर दे गी,तो इस व
बनाया हु आ मकान
2

पर पैदा शुदा है वान(है वान) या

ह चाल असर से खाली न होगा.

एक बाप क एक ह औरत से दो जौडे (जु वाँ) ब चे या उस क दो मुखलफ औरत से एक ह व

म दो इक ठे पैदा शुदा

ब चे

in case of any error in the document please mail to nirbhar@gmail.com

Page 1 / 3

Astrostudents - A Group of Lalkitab Students

लाल कताब 1952 सफा 19

एक घर के दोन 1 भाई , एक शहर दो2 िनवासी, एक वतन दोनो3 साथी,
हम उ

4

, एक जमान एक नसल खवाह बेगाना, सब ह का ज म व

ह होने पर हालात क दु

ती क बुिनयाद

एक

या होगी. बर अ स इस के

भूँचाल, हादसा, द रयाओ, क त यानी , ज़ँग ए अज़ीम क गोलाबार , या
द गर दबाई और जहर ले वा यात से हज़ार लाख का आ खर व (मौत)

ts

भी एक ह जैसा और एक ह होता हु आ दे खा गया, तो फर सब का सब
याल गुजरा क ह त

en

िन य(िनसचा)जाता ह मालूम होने लगा. इस पर
रे खा और इ म

याफा के मुताबक जब हर एक क रे खा और लक र जुदा

ud

जुदा ह हालात का न शा तस ली ब श न होगा. मगर फर भी वहम पैदा
हु आ, क जब 12 साला ब चे क रे खा का कोई एतबार नह और 18 साला

st

उमर से बड रे खा म कोई तबद ली नह मानते(मगर शाख का बदलना
माना गया है ) तो यक न कस बात पर होगा.इस तरह दोनो इ म से कोई
क एक तो ज म व (लगन) गलत

As
tro

दलजोई न हो सक , य

होने क

वजह से ह बे बुिनयाद हो गया, और दू सरा िसफ एक अकेले ह क
ज दगी का नेक बद (तबीयत क नरमी गम ) बता कर चुप हु आ. और
कसी दू सरे साथी या ता लुकदार का कोई
1

ताया चाचा जाव या खालू मामू के घर एक ह व

2

वाह आलीशान राजा,

म पैदा शुदा ब चे

3

मे इक ठे पैदा भाई

वाह िनधन दु खया फक र मगर दोनो एक ह शहर म इक ठे रहने वाले िनवािसय के यहां एक ह

एक कशमीर - दू सरा मदरासी – तीसरा महारा

तो चौथा बंगाली,मगर सब इलाक के वािसय के यहाँ एक ह व

म पैदा

स हदा ब चे
4

एक मु क से गए हु ए, मगर एक लंका म दू सरा अमर का म तीसरा इं लड तो चौथा जापान म . अगर व

कर कराने के बाड़ा सबा के ब चो का ज म व

क जमा ताफर क

एक ह हो तो सब का ज म लगन भी एक ह होगा . मगर ज़ंदगी के हालात

अमूमन कभी एक ह न ह गे .

in case of any error in the document please mail to nirbhar@gmail.com

Page 2 / 3

Astrostudents - A Group of Lalkitab Students

लाल कताब 1952 सफा 20

वा ता न बता सका. तो आ खर पर हर अमल को इक ठा कया
गया.मगर फर भी यह मालूम हु आ क बुिनयाद असूल क
वाक फयत के बगैर कोई मतलब हल न होगा. हज़ा शक को दू र करने
के िलये या इस का फायदा उठाने के िलये इस इ म म

ामर-

फलादे श और योग बँधन वगैरह के अल दा अलहदा ह से मुकरर

As
tro

st

ud

en

ts

हु ए.।

in case of any error in the document please mail to nirbhar@gmail.com

Page 3 / 3

Sign up to vote on this title
UsefulNot useful