टोपी

वयंगय - मथुरा कलौनी
अपनी एक पृ थक पहचान बनाने की इचछा सब मे होती ह , !या छोटे , !या
ब"े# म$ल मे %ाय& यही कार' रहा हो (ब म) बचपन मे *नरा*म+ होकर ,ा-.ी
टोपी पहनने ल,ा था# /से सच कह0- तो ,ा-.ी (ी 1र अनके 2&%3

का
45ा/ तो था ही #
6न *&न7 मेरी 6स टोपी से 8र मे मा- - बाप बह9 त परे %ान हो ,ए थे# मेरी *म:
मं ;ली को एक नया <ेल *मल ,या था *क *कस तरह मेरी टोपी 6"ा= (ाय#
मेरे *%>क,' मेरी टोपी को &े< कर ?सा मु -ह बनाते थे ( से अ@ल की <Aी
;कार 2= हो#
मुBे तरह- तरह से 6कसाया (ाने ल,ा *क बेटे यह !या टोपी पहनते हो !
इसका Cर/ा( नहD ह 2(कल# या, बेटे &े<ो मा- को *कतना कE होता ह (ब
8र मे सा*म+ 5ो(न बनता ह # तु@हारे Fलए अल, से <ाना बनाना प"ता ह #
मुBे GHथ*त */;ंबनाप$'I ल,ी थी# एक Jर तो हमे Hक
$
ल इसFलए 5े(ा (ाता
था *क हम ,ा-.ी नेहK की तरह महान बने# &$ सरी Jर ,ा-.ी (ी से 45ा*/त
हो कर एक छोटा सा क&म 6स *&%ा मे !या र< *&या बस स5ी राHते मे रो"े
अटकाने ल,े थे#
या तो ,ा-.ी (ी का 45ा/ मेरे Lपर अF.क था या म) बह9 त F(Mी था, !य7 *क
न म) ने टोपी पहनना छो"ा 1र न ही अपने 2हार मे पCर/तI न *कया# मुBे ले
कर मेरे मा- - बाप के चेहरे *चं*तत रहने ल,े थे# 6नकी कानाN$ सी बO ,= थी#
अPयापक एक &$ सरे को अथI प$'I QGE से &े<ते रहे 1र सहपाRी,' +"यं:
रचते रहे पर ,ा-.ी टोपी मेरे Fसर के Lपर *चपकी रही#
म) अपने ,*'त के अPयापक को बह9 त मानता था# एक /े ही थे (ो मेरी टोपी
को &े< कर अपना मु -ह */कृ त नहD करते थे# इSही अPयापक की क>ा मे एक
*&न एक ल"के ने पीछे से 2कर मेरे Fसर से टोपी 6Rा= 1र Tलकबो;I के
पास N) क &ी# प$री क>ा हो हो कर ह-सने ल,ी थी# अPयापक ने मेरी टोपी की
Jर &े<ा 1र *Nर मेरी Jर &े<ा 1र मुसकु राने ल,े# मेरे 2UचयI का
पारा/ार नहD# म) ने कहा, 'सर, 2प...'
' म) अ,र तु@हारा सहपाRी होता तो तु@हारी टोपी क5ी की 6"ा &ेता#' 6Sहोने
कहा था#
6नकी यह बात मुBे कहD ,हरे क7च ,=# म) ने टोपी Vया, &ी# *नरा*म+ से
सा*म+ हो ,या# समय ने 8ा/ तो 5र *&या ह पर अ5ी तक सरसराता ह #
बचपन की इस 8टना से मुBे टोपी कW@Xले!स हो ,या ह # ह ट हो या क प, टोप
हो या टोपी स5ी 4कार की टो*पय7 को &े< कर मेरा *&ल ललचाता ह # का%
म) ये सब बेFBBक पहन पाता! इ*तहास की पुHतक7 मे (ब म) स5ी महान
Fसर7 को *कसी ने *कसी 4कार की टोपी के अं&र पाता ह0- तो मेरे *&ल मे एक
मु!का ल,ता ह #
अ5ी कु छ *&न पहले टोपी को लेकर मेरे साथ एक 1र /ाकया ह9 2 ह # (ा"7
मे Rं ; से मेरी नाक बं& हो (ा रही थी# इला( मुBे माल$म था, यानी Fसर को
Yक कर र<ना# 6सके Fलए 2/Uयकता थी एक टोपी की# तो एक *&न
साहस करके Lन की एक मं की क प ले ही 2या# इरा&ा था के /ल रात को
पहनने का !य7*क रात को कौन &े<ता ह # / से 5ी Fसर Yकने की अF.क
2/Uयकता रात को ही होती ह # पVनी के सामने टोपी पहनने का तो <र
4Uन ही नहD 6Rता ह # (ब पVनी सो ,= तो म) 2.ी रात मे चुपके से 6Rा
1र टोपी *नकाल कर पहन ली# *कतनी तृGZ ह9 = मुBे# *कतना 2राम 2या#
बह9 त &ेर तक य$ - ही ब Rा रहा 1र इस न= अनु5$*त का 2नं & लेता रहा# *Nर
6स Rं ;ी रात मे Fसर मे ,माIहट Fलए म) सो ,या#
2प अनुमान ल,ा सकते ह) *क मेरी यह *हमाकत मेरे Fलए *कतनी महं ,ी
प"ी# (ब *कHमत ही <राब हो तो 2प !या कर सकते ह) # सा.ार'तया
,हन *न[ा मे सोने/ाली पVनी को 6स *&न 2.ी रात मे 6Rना ही था# /ह
इतनी (ोर से *च\ा= थी *क मेरे बाए- कान मे ,$ -( अ5ी तक बाकी ह # प"ोसी
तक 2 ,ए थे#
/ो *&न ह 1र 2( का *&न ह , म) अपनी टोपी पहनने की इचछा को &बाये
F(ए (ा रहा ह0-# का% म) */लायत मे प &ा होता# /े लो, टोपी के माहाV@य से
अचछी तरह पCर*चत ह) # सोने के Fलए Lनी *तकोनी टोपी से लेकर नहाने के
Fलए बे*&ं , क प तक, 4Vयेक अ/सर के Fलए टो*पया- *न.ाICरत ह) # 1र हमारे
यहा- ! हमारे यहा- कFलयु , इतना 8ोर हो ,या ह *क टोपी पहनना 1र टोपी
पहनाना, इनका अथI ही ब&ल ,या ह #
मथुरा कलौनी

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