स्वस्थ जीवन से फढ्कय कुछ हो ही नही सकता

बायत भे 121 कयोड रोगो भे से 100 कयोड ककसी न ककसी फीभायी से ऩीकडत है, हभे ऩूये बायत को स्वस्थ फनाना है
हभ फीभाय क्मो होते है: शयीय भे सुऺभ ऩोषक तत्वो (MICRONUTRIENT) की कभी
वह बोजन ना कये जजसे सूमय का प्रकाश व ऩवन का स्ऩशय ना मभरे: क्मो? क्मंकक वह बोजन जहय है: ववश्लेषण: कुक्कय मह
एक ऐसी तकनीक है जजसभे ना तो सूमय का प्रकाश औय ना ही ऩवन का स्ऩशय जा सकता है. उदाहयण:- जैसे हभने कुक्कय भे
दार फनाई मा सब्जी, नीचे से अजनन ऊऩय से वाष्ऩ का दफाव ऩडा, उससे दार पट गई मा मू कहे कक भुरामभ हो गमी है,
असर भे उसे ऩकने के मरमे सभम रगने ही वारा है. जैसे अयहय की दार: उसे खेत भे ऩकने भे 7-8 भहीने रगते है उसी
प्रकाय दार को बी शयीय के मरमे बोजन के रूऩ भे प्रमोग भे आने भे सभम रगेगा ही, दार के जो सुक्ष्भ ऩोषक तत्व(
MICRONUTRIENT ) शयीय को चाकहमे वे (DISSOLVE ) घुर,े उनको घुरने भे सभम रगता ही है जैस,े मशशु को गबय भे
ववकमसत होने भे 9 भाह का सभम रगेगा ही, असर भे हवा के दफाव से (PRESSURE ) दार के (MOLECULES ) अणु टू ट
गमे है उसकी भुराममभमत फढ गमी है वह ऩकी नही है. बोजन को फनाने औय यखने के मरमे सफसे खतयनाक कोई धातु है
तो वह एरुमभमनअभ ही है . आऩने दे खा होगा कक सबी भजददयो मा धभय स्थरो भे मभट्टी की हाडी, फतयनो भे ही बोजन तैमाय
ककमा जाता है . कायण ् ऩववत्रता :क्मो? क्मोकक मभट्टी सुक्ष्भ ऩोषक तत्वो का खजाना है. औय हभाये शयीय को योजाना 18 प्रकाय
के सुक्ष्भ ऩोषक तत्व चाकहमे जो मभट्टी से ही आते है.
जैस:े CALCIUM,MEGNESIUM,SULPHER,IRON,SILICON,COBOLT,ZIPSUM. आकद-2, हभाये शयीय को नही मभरते है तो
हभ फीभाय ऩडते है . हभाया जो मह शयीय 70-80 ककरो का है वह जरने के फाद भात्र 20 ग्राभ याख भे फदर जाता है, कपय
हभने मह याख बी जफ रेफ भे चेक कयवाई तो उसभे बी 18 प्रकाय के ही सुक्ष्भ-ऩोषक तत्व मभरे इस प्रकाय हभ कह सकते
है कक जो मभट्टी भे है वह शयीय भे है अत: मभट्टी ऩववत्र तो है ही वैऻामनक बी है.
हभने जफ मभट्टी के फतयन की दार रेफ भे टे स्ट कयवाई: तो उसभे 100% सुक्ष्भ ऩोषक सुयजऺत मभरे औय कपय हभने कुक्कय
की दार को बी जफ (C.D.R.I.) रैफ भे टे स्ट कयवामा तो ऩता चरा कक उसभे भात्र 13% ही सुक्ष्भ ऩोषक तत्व फचे थे 87%
नष्ट हो चुके थे. इसीमरमे हभे अफ सभझ भे आमा कक क्मो ऩूये बायत भे मसपय मभट्टी के ही फतयन उऩमोग भे रामे जाते थे.
एरुमभमनअभ: जो कक फाक्साइटसे फनता है, हभाये दे श भे फाक्साइट के फडे फडे बदडाय है, ऩयं तु हभने उसके फतयन नही फनामे
कायण: क्मंकक मह जहय है , जहय दो प्रकाय के होते है, एक तत्कामरक औय एक दीघयकामरक हभाये दे श भे एरुमभमनअभ के
फतयन 100-125 सार ऩहरे ही आए है , आऩको जानकय है यानी होगी कक मह अंग्रेजो की सयकाय द्वाया NOTIFICATION रामा
गमा था कक जेर के कैकदमो को खाना केवर एरुमभमनअभ के फतयनो भे ही फनामा जामे औय कदमा जामे ताकक मे क्रांमतकायी
जल्दी भये मा भयने की जस्थमत भे ऩहुच जामे. इसके फाद एरुमभमनअभ के फतयन हभाये घयो भे आ गमे, औय गयीफो के घयो भे
तो कुछ ज़्मादा ही आ गए. एरुमभमनअभ के फतयन के उऩमोग से 48 योग होते है जैस.े अस्थभा, वात योग, टीफी, शुगय,दभा
इत्माकद, एरुमभमनअभ अगय आऩ 8-10 सार इस्तेभार कय रे तो टीफी, शुगय होने की ऩक्की गायं टी है. इसमरमे इसका
इस्तेभार तुयंत फदद कय दीजजमे, हभने मभट्टी के फतयनो का ऩरयऺण हभाये कई शुगय के योमगमो ऩय ककमा उन योमगमो को
कहा गमा, कक आऩ केवर मभट्टी की हांडी, फतयनो का ऩका हुआ बोजन ही कये , जैसे दार, चावर, सब्जी दध
ू , योटी इत्माकद औय
फगैय कोई टोमनक मा दवाई कदए जफ 8 भहीने के फाद हभने उनकी जांच की तो ऩता चरा कक जजन भयीज का शुगय रेवर
480 था वह 180 ऩय आ गमा. मह है मभट्टी की ऩववत्रता, वैऻामनकता. इसीमरमे मभट्टी के फतयन भे ऩकाए गए बोजन की
क्वामरटी बी भंटेन यहे गी औय स्वाद बी, तो हभे INDIA से बायत की मात्रा कयनी ही ऩडे गी. आज बी अमधकांश उधोगऩमतमो
के घयो भे मभट्टी के ही फतयनो भे खाना तैमाय ककमा जाता है जैस:े धीरूबाई अम्फानी, टी वी एस ग्रुऩ के भामरक आकद-2 हभे
तो कुम्हायो का वददन कयना चाकहमे जो हज़ायो सार से हभाये स्वास््म की यऺा कय यहे .है
REFRIGERATOR (किज) :इसभे बी सूमय का प्रकाश एव ऩवन का स्ऩशय नही मभरता:- अत: इसभे यखा बोजन बी जहय ही
है , भत खाईमे.कायण:-मह एक ऐसी तकनीक है जजसभे हभाये द्वाया एक मनजित स्थान के ताऩभान को मनमंवत्रत ककमा जाता
है . जैसा कक आऩ जानते है इसभे C.F.C.नाभ की 12 जहयीरी गैसो का इस्तेभार होता है C.F.C 1, 2,3.....से रेकय C.F.C 12
तक 1 क्रोयीन: जहय 2फ्रोयीन: तीव्र जहय 3 काफयनडाईओक्साइड: जहय का फाऩ. मे सबी गैसे इतनी खतयनाक है कक मे स्टीर
की भोटी प्रेट तक को पाड सकती है. असर भे किज मूयोऩ के रोगो के मरमे ही सही है क्मोकक वहा अत्ममधक ठं ड होती है
औय आठ-आठ भहीने तक सूयज मनकरता नही, वहा का ताऩभान -40 कडग्री तक ऩहुच जाता है. इसमरमे वहा किज का
आववष्काय हुआ ताकक आरू प्माज स्टोय कयके यखा जा सके शुरू भे मे केवर दवाईमो के मरमे ही फना था क्मंकक कई
दवाईमा अमधकतभ ताऩभान तथा कई दवाईमा दमूनतभ ताऩभान भे खयाफ हो जाती है ऩयं तु हभ इसे मूयोऩ-ववदे शो की नकर
कयके अऩने अऩने घयो भे रे आमे, मह तो मूयोऩ वारो की भजफूयी की चीज है. जो साईंस के प्रोपेसय है वो यात कदन C.F.C.
1,2,3 ऩढ्ते औय ऩढाते है वे बी अऩने-अऩने घयो भे रे आमे. जफ उनसे ऩूछा गमा तो फोरे कक बाई ऩत्नी नही भानती, फच्चे
नही भानते क्मा कये , तो भेयी सराह तो मही है कक इसे फेच ही दे, नही तो रोहे के बाव ही फेच दे , आऩ पामदे भे ही यहं गे
औय आऩका घय औय ऩमायवयण इस जहय के प्रबाव से सुयजऺत हो ही जामेगा.
बोजन फनने के 48 मभनट के अददय ही खा रे: क्मो? क्मंकक 48 मभनट के फाद बोजन की ऩोषकता कभ होती जाती है जैस,े 24-6-8-10 मा 12 घंटे फाद तो ऩोषकता नाभ भात्र के मरमे ही फचती है औय 24 घंटे फाद तो मे बोजन जानवयो के खाने के
रामक बी नही यहता, इसमरमे बोजन फनते ही खा रे फासी बोजन सार भे केवर एक कदन ही कये उस कदन एक त्मौहाय
आता है जजसे फासोडा कहा जाता है उस कदन शयीय की जस्तमथ फडी ही ववमचत्र होती है (वात, वऩत्त, कप) इस कदन शयीय को
प्रोटीन वफल्कुर बी नही चाकहमे तो कपय हभ एक कदन के मरमे ही किज क्मो रे,औय हभे फासी बोजन खाना नही क्मोकक
उसभे सुक्ष्भ ऩोष्कतत्व है ही नही.
आटा 15 कदन से ज़्मादा ऩुयाना ना हो: गेहू का 15 कदन, फाजया, भक्का, जौ 7 कदन से ज़्मादा ऩुयाना नही, कायण: 15 कदन से
ऩुयाने आटे के ऩोष्क तत्व नष्ट हो जाते है केवर हभाया ऩेट ही बयता है शयीय को कुछ बी नही मभरता ऩरयणाभ: फीभायी.
इसमरमे हभाये दे श भे गभय योटी औय गभय खाना खाने औय जखराने की ऩयम्ऩया है, गभय योटी खाने का सौबानम केवर बायत
के ही रोगो को नसीफ है , मूयोऩ,अभयीका आकद दे शो के रोगो को तो इस्का स्वाद तक भारूभ नही. ऩूये ववश्व भे 330 कयोड
भकहरामे है जजसभे भात्र 50 कयोड ही योटी फनाना जानती है औय वो दे श बायत ही है. मूयोऩ भे तो केवर ऩाव योटी मा डफर
योटी ही है , उसे फगयय कह रो, वऩज्जा कह रो, होटडोग कह रो, PREPRATION तो एक ही है , चाहे आरू से खामे मा प्माज से,
फकये के भांस से मा गाम के भांस से मा भछ्री से वहा कुछ औय है ही नही इसमरमे हजायो सार ऩहरे बोजन की खोज

बायत भे ही हुई औय हजायो सार फाद बी होगी तो बायत भे ही होगी. मूयोऩ भे तो बोजन ही नही है , बोजन हो तो खोज हो,
वहा तो आटे मा भैदे को सडा कयके (FERMANTATION) कयके ऩाव योटी मा डफर योटी ही है. तो: ना खामे, इसीमरमे हभे अफ
सभझ भे आमा कक हभाये ऩास ककतनी VALUEABLE (कीभती)चीज है "गभय योटी" "ताजा आटा" "भतरफ ऩोष्कता" आऩ कहं गे
कक कहा से रामे:चक्की, आज से 40-50 सार ऩहरे बायत के हय घय भे चक्की से ही ताजा आटा ऩीसा जाता था. हभने एक
गांव की 90 भाताओ ऩय सवे ककमा तो ऩता चरा कक उन 90 भाताओ भे से ककसी को बी ओऩये शन से फच्चे का जदभ नही
हुआ भतरफ साप है कक फगैय ककसी डाक्टय की भदद के फच्चे का जदभ कयवाना. कायण:भाताओ के शयीय के भध्म भे नाबी
के ऩास एक गबायश्म जस्थत है, जफ भाताए चक्की चराती है तो दफाव हाथ के फजाम ऩेट ऩय ऩडता है, जजससे गबायश्म के
आस ऩास हरन- चरन (ELASTICITY) फढती है , शयीय की भांस ऩेमशमो भे भुराममभमत (FLEXIBLITY) फढती है औय फच्चे
का जदभ आसानी से हो जाता है. कायण: चक्की की भदद से, जफ भाताए 45 सार की आमु ऩय ऩहुचती है तो शयीय भे कुछ
हाभोन फनने फदद हो जाते है जजसे मभनोऩाज़ ् कहते है उस सभम शयीय भे इतने VARIATION होते है कक भाताए सभझ ही
नही ऩाती कक क्मा हो यहा है. जैसे गुस्सा, तनाव, कडप्रेशन, ठं ड रगना उसके तुयंत फाद ऩसीना आना, घफयाहट आकद-2 मह सफ
हाभोन के फदराव के कायण होता है, इसे ही भाताओ का दस
ू या जदभ कहा जाता है. फाघ ् बट्ट जी के अनुसाय इसे कंट्रोर
ककमा जा सकता है कैसे:चक्की की भदद से, भाताए गबय की जस्तमथ भे 7 भाह तक चक्की चरा सकती है. अफ सभझ भे
आमा कक ककतनी अदबुत है मे चक्की. इसीमरमे जफ बी चक्की का आववष्काय हभाये ऋवषमो ने ककमा होगा तो अवश्म ही
ककसी भाता को ध्मान भे यखकय ही ककमा होगा. भाताए H.R.T.(HARMONS REPLACEMENT THERAPHY)ना
कयवाए,अगय कयवा मरमा तो दमु नमा का कोई बी डा0 मा बगवान बी भेध/भोटाऩा फढ्ने से योक नही सकता. आऩ दे खते है ना
स्वाभी याभ दे व जी मोगा क्रास भे धीये-2 चक्की चरवाते है, आऩ सच भे चरा रे BY PRODUCT कुछ तो मभरेगा इसमरमे
एक चक्की रे ही रे.
शायीरयक श्रभ: 14 से 60 वषय तक अवश्म कये , अफ हभाये घयो भे सबी काभ भशीनो से होने रगे जैसे भसारा ऩीसना, कऩडे
धोना आकद-2 तो जो हभाये शयीय को स्वस्थ यखने के जो उऩकयण थे वो मनकर गमे औय फीभारयमा आ गमी औय जीवन का
जो यस था वह चरा गमा कैसे: जफ ऩहरे घयो भे भाताए चक्की चराती थी, भसारा ऩीसती थी, मा खेतो भे काभ कयते हुए
जो गीत गाती थी वे सफ खत्भ हो गमे इसमरमे ऩहरे भातामे काभ कयते हुए थक सकती थी ऩयं तु फोय नही क्मोकक हय
सभम के मरमे गीत फने हुमे थे, ऩयं तु दब
ु ायनमवश हभ उदहे मरवऩफद्ध नही कय ऩामे, ककताफे नही मरखी गमी, इसमरमे जीवन
का जो भधुय यस था वो कही खो गमा औय इसमरमे आज कानपोडू संगीत, डी.जे. रे आमे जजसभे ना सुय है ना रम, आज
फच्चे के जदभ के सभम बी डी.जे. चारू कय कदमा जाता है औय गाना रगा दं गे कक, आती क्मा खंडारा जाती क्मा खंडारा,
ऩहरे काभ कयते सभम गाने भे जो INTERACTION ऩैदा होता था आज वो सभम टीवी ने रे मरमा, तो फोरयमत ही आने
वारी है .
बोजन हभेशा तासीय, आफोहवा के अनुसाय ही कये: जैसे आऩ चेनई
ै भे है तो चावर ही बोजन के रूऩ भे रे.
हभाये दे श भे बायत सयकाय के आंकडो के अनुसाय 27 राख REGISTERED डाक्टय है MBBS,MD,BAMS,BHMS एरौऩेमथक
ने 250 वषो भे केवर एक ही काभ ककमा है वह है "ददय से रडने का" औय सबी डा0 इस फात से सहभत है , चाहे ज़ाकहय भे वो
कहते नही,तफ हभे प्रेयणा हुई कक हभे तो बायत के रोगो को फहुत कुछ फताने की ज़रूयत है. कपय हभने दे श के फडे -2 उच्च
कोकट के वैध जैसे हकडय कय जी, ऩूना के है उम्र 89 सार है औय ऐसे ही उच्च कोकट के ववशेषऻो की भदद री. आज से 3500
सार ऩहरे चयक ऋषी हुए उनके मशष्म फाघबट्टजी हुए जजदहोने उनसे डे ढ गुणा ज़्मादा काभ ककमा औय हय सूत्र का 50-50
फाय प्रमोग ककमा तफ जा कय उसे मरखा वही सूत्र याजीव कदजऺत जी ने जो 7000 थे उनको 50 की संख्मा भे रामे वही हभ
आऩको फता यहे है , ताकक हय व्मवि अऩनी मचककत्सा स्वम कय सके. औय हभ 85% तो डा0 हो ही सकते है जजसभे सफसे
अमधक फीभारयमा है,भात्र 15% भे ही डा0 की ज़रूयत ऩडती है . औय अगय आऩ शयीय को जान रे औय बोजन को ऩहचान रे
तो आऩ100% डा0 फन ही जामंग.े
बोजनांते ववशम्फायी: बोजन के अंत भे ऩानी ऩीना ववष है: कफ वऩमे? एक से डे ढ घंटे के फाद, क्मो: क्मोकक जैसे ही आऩने
बोजन ककमा वह सीधा जठय (अभाश्म)भे जाता है औय जठय अजनन प्रकदप्त हो जाती है, बोजन का ऩाचक ऩहरे ऩेस्ट भे
फदरता है , कपय यस भे, औय कपय शयीय को ऩोष्कता दे ता है औय हभने अगय ऩानी ऩी मरमा तो वह अजनन जो प्रकदप्त हुई वह
फुझ जाएगी,कपय बोजन सडे गा, गैस फनेगी ऩूये शयीय भे घूभेगी उससे कब्ज़, ACCIDITY, ULSAR, फवासीय, बगददय औय अंत
भे कंसय तक की मात्रा कया सकती है. सडे हुए बोजन का BY PRODUCT है कोरेस्ट्रोर. भनुष्म भे जठय अजनन का प्रबाव डे ढ
घंटे तक यह्ता है , जानवयो भे 4 घंटे तक यहता है , जैसे अगय गाम को चाया डार दो ऩजऺमो को दाना डार दो औय साथ ही
ऩानी बी यख दो तो वे खाना खाने के फाद 3-4 घटे तक ऩानी को छुएंगे तक नही क्मोकक वे सफ ईश्वय के द्वाया
DOMINATED है , हभे सफ कुछ सीखना ऩडता है . अगय बोजन के फाद ऩीना ही है तो सुफह परो का यस,कदन भे केवर
छाछ–भट्ठा, यात भे दध
ू , इस क्रभ को उल्टा सीधा ना कये. आऩ कहे गे कक जठय अजनन कपय नही फुझेगी. 'नही' क्मोकक ऩानी
का अऩना कोई गुण धभय नही होता उसे जजसके बी साथ मभरा कदमा जामे वह उसी के गुण अऩना रेता है.
ऩानी हभेशा घूट-घूट कयके वऩमे: इसभे ज़भीन आसभान का अंतय है क्मोकक भुह भे राय( SLIVA )है , ऩेट भे अभर H.C.L.
(HYDRO CLORIC ACID): राय ऺारयम है , ऺाय+ अभर= दमुट्रर, ऩेट का साभादम होना फहुत ज़रूयी है. सबी जानवय ऩशु-ऩजऺ,
घूट-घूट कयके ऩानी ऩीते है औय ककसी को बी शुगय नही है, ओवय वेट नही है मे सबी जानवय हभसे ज़्मादा स्वस्थ है. हभने
कुछ प्रमोग ककमे जजनका वजन 140 ककरो था केवर घूट-घूट ऩानी ऩीने से उनका वजन आधा हो गमा, जफ हभने डा0से
ऩूछा, कक इसभे क्मा है ,तो उसने कहा मे राय है ना, सफसे अच्छा MEDICINE है , बगवान ने इसको फनाने भे एक राख
ग्रंमथमा भुह भे फनाई है , राय से सबी प्रकाय के त्व्चा योग ठीक होते है.अगय सुफह का फासी थूक रगामा जामे जैस,:े
(एजनज़भा, सोयाईमसस, गंगयीन-8 भहीने) ,वऩम्प्ल्स, कटना, जरना, आकद-2 आंखो की सबी प्रकाय की फीभायी: (कारा भोमतमा,
नरुकोभा, करय ब्राइं ड नेस-8 भहीने), (RETENAL DETECHMENT-1 सार) (चश्भा हटाना-4 भहीने) आऩ मनयोग हो जामंगे
इसकी MEDITIONAL PROPERTY फडी प्रफर है , कैसे रगामे: (काजर की तयह) आऩने दे खा होगा कक सबी जानवय अऩने
घाव अऩनी जीब द्वाया चाट कय ही ठीक कयते है.
ठं डा ऩानी कबी ना वऩमे: गुनगुना ऩानी वऩमे मा गमभयमो भे घडे का ऩानी ही वऩमे, क्मो? शयीय के सबी अंग ऩेट से जुडे होते
है , फपय का गुण है ठं डा कयना जफकक भुह औय ऩेट का ताऩभान 38-39 कडग्री के आसऩास होता है . ठं डा ऩानी ऩीते ही ऩहरे
कदभाग का यि कपय हार्टय का यि ऩेट भे वऩमे गमे ऩानी को गभय कयने आता है अगय थोडी दे य बी भजस्तश्क मा हार्टय को यि
ना मभरे तो आऩ सभझ सकते है. ऩरयणाभ: जो ठं डा ऩानी ऩीते है वो घंटो फाथरूभ भे फैठे यहते है, ववदे शो भे तो फाथरूभ भे

राइब्रेयी तक होती है कायण: टामरट भे सभम कैसे ऩास कये , (CONSTIPATION) कोश्ट्फध्ता, हभायी आंते संकुमचत हो जाती
है .आऩ दे ख रीजजमे जजसका बी ऩेट साप नही होता उसके फार कडक होते है तो ववदे शी( मूयोवऩमन) रोग शेम्ऩू रगाते है ,
उनके भुह से फदफू आती है , इसमरमे वो भाउथ-वाश कयते है , तो हभ क्मो उनकी नकर कये. खाने के फाद ठं डी आइसक्रीभ
कबी ना खामे(सवयनाश)
कदन की शुरूआत भे ऩानी अवश्म वऩमे: (उषाऩान) वफना कुल्रा कये वफना दांत धोमे क्मो? क्मोकक मह फेश्कीभती है इसका
औष्धीम गुण अदबुत है. ककतना वऩमे? (1-14 सार तक 2 मगरास) (15-60 तीन मगरास) (61-100 दो मगरास) वैऻामनक कहते है
कक जो कुछ बी मभट्टी भे है वह राय भे बी है.
यि की अभल्ता( ACIDITY) हटय अटै क राती है: सुफह अगय अजुन
य की छार का चूया आधा चम्भच, एक मगरास दध
ू भे
मभराकय वऩमे तो हटय अटै क की सम्बावना से भुवि औय यि भे जो कोरेस्ट्रोर है वह ऩूया-ऩूया सभाप्त.
बोजन का सभम मनजित कये: जैसे जठय अजनन सुफह 7 से 9:30 तक सफसे तीव्र यहती है आऩ बायी से बायी बोजन कय
सकते है ( नाश्ता ना ही कये तो अच्छा ) शाभ का बोजन बी सूमय अस्त से ऩहरे ही कय रे क्मोकक उसके फाद जठय अजनन
धीये धीये शांत होती जाती है, जैस:े हभाया जो हार्टय है वह सफसे ज़्मादा सकक्रम ब्रह्म भहुतय से ढाई घंटे ऩहरे तक यहता है
इसीमरमे हाटय अटै क बी यात 1:30 से 4:00 फजे तक ही 99% आते है चाहे दमु नमा के ककसी बी डा0 से ऩूछ रीजजमे. इसमरमे
शयीय के सबी अंगो के कामय कयने का सभम मनजित है. जैसे फददय, मचकडमा, गाम व सबी जानवय सुफह-सुफह ही बयऩेट खाना
शुरु कय दे ते है . आऩ जानते है फददय शयीय यचना भे भनुष्म के ही सभान है मसपय एक ही अंतय है उसको ऩूछ है औय हभको
नही. सुफह का खाना सफसे अच्छा, नाश्ता फदद कये. मह केवर अंग्रेजो औय मूयोऩ के रोगो के मरमे ही है कायण: आठ-आठ
भहीने सूमय नही मनकरता, ताऩभान 18 से -40 तक, वहा सूमय मनकरने ऩय मे सफ ऩागर हो जाते है,, जोय-जोय से मचल्राएंगे
GOOD MORNING-GOOD MORNING.बई हभाये बायत भे तो 12 भहीने सूमय मनकरता है , हभ क्मो GOOD MORNING के
चक्कय भे ऩडे , महा तो EVERY MORNING IS GOOD MORNING इसमरमे नभस्काय मा नभस्ते ही ककहमे.
दवाईमा:- हभाये दे श भे हय वषय 7 राख कयोड की दवाईमा फेची जाती है. ऩयं तु हभाये कुछ मचककत्सक इन ववदे शी क. की भदद
कय यहे है , जैसे कुछ डा0 PROCTOR & GAMBLE की ही दवाई मरखंगे जजसका भुनापा 20 हजाय % है कुछ ELEE-LILY की
ही मरखंगे जजसका भुनापा 35 हजाय % है , जफकक बायत भे 350 प्रकाय की दवाईमा ही ऩमायप्त है, मह फात M.C.I. बी कहती है ,
ऩयं तु हभाये दे श भे 84 हजाय दवाईमा फेची जाती है "कुछ गैयजरूयी" जो कक मूयोऩ भे 20-20 सारो से प्रमतफजदधत है.तो क्मा
कये : अऩने आऩ को स्वस्थ यखे.
दमु नमा का हय व्मवि ववषेशऻ हो सकता है मसपय थोडी सी जानकायी चाकहमे
: हभाये शयीय भे तीन दोष है .
वात, वऩत्त, कप: इनसे ही शयीय चरता है ऩयं तु मे तीनो सभान होने चाकहमे इनके ऊऩय नीचे होने से फीभायी आती है. 1. वात
के योग: ( हजडडमो के योग): घुटना, कभय, कदधा,हटय, ब्रैन, मभगी, JOINT PAIN,HEART,BRAIN, क्मा कये :-शुद्ध सयसो का तेर
ही खामे: क्मोकक सयसो के तेर से हभे H.D.L. मभरता है (HIGH DENSITY LIVO PROTINE )आऩ कहं गे मचऩमचऩा है, फास
आती है : जफ रयसचय हुआ तो ऩता चरा कक जो फास आती है वह इसका प्रोटीन घटक है, दारो के फाद सफसे ज़्मादा प्रोटीन
तेरो से ही मभरता है . अगय मचऩमचऩाऩन मनकर गमा तो वह मसपय ऩानी है हभने छ्त्तीस गढ भे कुछ प्रमोग ककए औय ऩता
चरा कक मह हार्टय की बमंकय से बमंकय ब्रोकेज़ को बी सभाप्त कय दे ता है. इसके ऩरयणाभ अदबुत है. हभाये शयीय को 20
ग्राभ तेर योज़ मभरना ही चाकहमे. 2. REFINED AND DOUBLE REFINED: वफल्कुर भत खाईमे REFINED तेर फनाने भे 67 जहयीरे यसामन रगाए जाते है औय DOUBLE REFINED भे तो 12से13 जहयीरे यसामन इस्तेभार होते है मे सबी IN
ORGANIC CHEMICAL है औय मे सफ जहय ही ऩैदा कयते है . डा0 PRESCRIPTION के साथ मरखना नही बूरता कक सपोरा
ही रेना मा पोचुन
य ही रेना, कायण: फडी-2 कम्ऩमनमो द्वाया मूयोऩ की सेय, अिीका की सपायी की सेय फडे-2 तोहपे, मह सफ डा0
नही उनकी ऩजत्नमा स्वीकाय कयती है, जजतना फडा डा0 उतनी फडी कभीशन, छोटे -2 डा0 को तो मे ऩेऩय वेट दे कय ही काभ चरा
रेते है . आज से भात्र 15-20 सार ऩहरे ही मे REFINED तेर आमे है , ऩहरे हभ नही सुनते थे कक ककसी को हटय अटै क हो
गमा ऩहरे हटय अटै क के भाभरे न के फयाफय थे, ऩहचान: आज फाज़ाय भे 99 से 100% तक सयसो का तेर नकरी आ यहा है तो
आऩ सयसो का तेर अऩने गांव से, मा याभ दे व जी के मचककत्साल्मो से ही रे, जजसभे फास आती हो,आंखो भे रगता हो.
2. वऩत्त के योग:ACIDITY, जरन, गैस, फवासीय, ऩेट की सबी फीभारयमा आकद-2. को सभ यखने के मरमे दे सी गाम का घी खाए
3. कप के योग: ज़ुकाभ, फरगभ:- इनको शांत यखने के मरमे गुड/शहद खाए, क्मो वफगडता है: शयीय भे पास्पोयस की कभी.
गदने से ही चीनी फनी औय गदने से ही गुड फना ऩयं तु हभने गुड फनामा औय ग़ुड भे पास्पोयस बयऩूय भात्रा भे होता है
जफकक भूखय अंग्रेजो ने चीनी फनाई जजसभे नाभ भात्र के मरमे बी पास्पोयस नही होता. आऩको भारूभ है फगैय सल्पय के
चीनी फन ही नही सकती औय सल्पय वह तत्व है जो हभ दीवारी ऩय ऩटाखे चराते है उसी फारूद से फनाई जाती है, चीनी
खाने से यि भे मूयीक एमसड की भात्रा फढती है, चीनी एक CHEMICAL ही है , तो वफल्कुर भत खाईमे. गुड खाए, जजसका यं ग
ताम्फे जैसा हो ऩीरा मा सपेद गुड ना खाए क्मोकक वह WASHING POWDER से साप ककमा जाता है. दध
ू -चाम भे गुड की
शक्कय का ही इस्तेभार कये.जैसे अगय आऩने दध
ू भे चीनी डारी, तो वह दध
ू ऺारयम ना होकय, अभर ही फन जाता है . वात,
वऩत्त, कप इन तीनो को एक साथ सभ यखने के मरमे वत्रपरा अदबुत है, भात्रा: हडय -100ग्राभ, फहे डा-200 ग्राभ, आंवरा 300 ग्राभ
तीनो को ऩीसकय. अगय एक चम्भच सुफह गुड मा शहद के साथ रे तो अदबुत राब होगा. 2. औय शाभ को एक चम्भच दध

के साथ रे तो ये चक भतरफ ऩेट साप, मह ANTI-OXIDENT बी है . मह शयीय के ऺम को बी योकता है. दभा/सांस योग: एक
चम्भच दारचीनी+एक चम्भच शहद+50ग्राभ नारयमर सुफह शाभ खारी ऩेट रेने से दभा तीन भहीने भे जड भूर से खत्भ हो
जाता है . BLOOD PRESSURE: एक चम्भच दारचीनी+एक चम्भच शहद सुफह शाभ खारी ऩेट रेने से तीन भहीने भे जड
भूर से खत्भ. सदी-जुकाभ: एक चम्भच दारचीनी+एक चम्भच शहद के साथ रे दो कदन भे ठीक एरोऩेमथक दवाई ना रे.
खाना जफ बी खाए फैठ कय खाए:-चौकडी भाय कय क्मोकक जफ हभ फैठते है तो कहप्स के ऊऩय एक चक्र होता है, उसका
जठय अजनन से सम्फदध होता है औय फैठते ही जठय अजनन तीव्रता से कामय कयती है, ऩयं तु जफ हभ कुसी ऩय फैठते है तो
केवर 50% तक ही कामय कयती है औय जफ हभ खडे हो कय बोजन कयते है तो वफरकुर कभ. इसमरमे DINNING TABLE
ऩय भत खाईए क्मोकक मह बी घय का कचया ही है, हभने फगैय सोचे सभझे अंग्रेजो की नकर कय री क्मोकक उनकी भांस
ऩेमशमा तो ठं ड के कायाण अकडी (STIFF) हुई यहती है , मे तो उनकी भजफूयी भे से मनकरी हुई चीज़ है, हभ क्मो भूखय फने.
बोजन खाने के फाद अगय आऩ वज्र आसन भे 10 मभनट फैठे तो शयीय वज्र के सभान हो ही जामेग.ा
गाम औय गौ भूत्र:- इससे 48 योग दयू होते है जैसे कंसय: क्मो होता है , कयक्मुमभन की कभी से, गाम के भूत्र भे कयक्मुमभन
बयऩूय भात्रा भे होता है , दे सी गाम के गौ भूत्र से गरे का, आहाय नरी का, ऩेट का कंसय दयू कयने भे अच्छे ऩरयणाभ आमे है.

गौ भूत्र से त्वचा के सबी योग, वात वऩत्त कप के सबी योग ठीक होते है. टी.फी. के भयीजो को जफ हभने डाट की गोरी के
साथ गौ भूत्र कदमा तो टी.फी. ढाई भहीने भे ही ठीक हो गमी, औय मह गौ भूत्र 20 गुना ज़्मादा काभ कयता है औय जीवन बय
टी.फी. दफ
ु ाया आती नही. अगय केवर गौ भूत्र कदमा जाए तो टी.फी. 4 भहीने भे ही ठीक हो गमी. हभने गौ भूत्र के फाये भे जफ
MEDICAL COUNCIL OF INDIA ( M.C.I.) से सम्ऩकय ककमा तो उदहोने नाक बौ चढाई औय एक कुतकय कदमा कक अगय गौ
भूत्र इतना ही अच्छा होता तो गाम छोडती ही क्मो, ऩयं तु जफ हभने कही से दफाव डरवामा तो उदहोने कुछ टे स्ट ककमे तो
रयऩोटय चंकाने वारी आमी तो उदहोने भाना.मह गाम नही गौ भाता है ,औय भाता जो होती है वह हय ज़रूयी चीज़ छोडती है,
दध
् ु भूत्र अऩने जीवन के आजखयी कदन तक दे ती है,अगय फीभाय व्मवि 100 ग्राभ गौ भूत्र ऩी रे तो 48
ू तो फोनस है ऩयं त
फीभारयमो से भुवि औय स्वस्थ व्मवि 50 ग्राभ ऩी रे तो ऩोषकता. गाम भे 33 कोकट दे वी दे वता है भतरफ (33 प्रकाय के)
कहददओ
ु के 33 प्रकाय के ही दे वी दे वता है (33 कयोड नही) गोभम फसते रक्ष्भी:- गौ भूत्र भे धनवंत्री, गोफय भे रक्ष्भी, गरे भे
मशव, भाथे ऩय बगवान श्रीकृ ष्ण का वास, हभने एक फाय प्रमोग के तौय ऩय 6 भहीने तक गाम को धीभा जहय कदमा ऩयं तु
उसके भूत्र, गोफय,दध
ू भे जहय की एक फूदद मा अंश तक नही आमा. हा गौ भाता का गरा ज़रूय नीरा ऩड गमा ऐसी अदबुत
है गौ भाता, गौ भूत्र का जफ हभने ऩयीऺण कयामा तो उसभे बी वे सबी सुऺभ-ऩोषक तत्व (MICRONUTRIENT) है जो
मभट्टी भे है , मह दे सी गाम मसपय बायत भे ही उऩरब्ध है. जफकक जसी, होमरजस्टमन, किजज़मन आकद गामो के भूत्र भे केवर 3
प्रकाय के ही सुऺभ-ऩोषक तत्व होते है .
I.I.T की सबी गाकडमा गोफय गैस से ही चरती है, गाम के गोफय से खेती, वफजरी, गाडी, गैस चूल्हा,सफ कुछ हभे तो ऩेट्रोर मा
डीज़र की एक फूदद बी नही चाकहमे फस जगह-2 गोफय गैस के प्रांट रग जामे. हभाये दे श भे आज 17 कयोड गाम फची है (
ऩौने चाय कयोड गाम हय सार कत्र खानो भे फफयताय से काट दी जाती है.( गाम के गोफय से मूरयमा की अऩेऺा डे ढ गुना
ज़्मादा औय अच्छी पसर होती है) मह प्राणी नही प्राण है, मह जानवय नही जान है इस दे श की, मह तो ऩयभात्भा की कृ ऩा
है इस दे श ऩय जो हभे गाम दे दी. हभ गाम को नही ऩारते, गाम हभे ऩारती है . संकल्ऩ रे कक आज से हभ दे सी गाम का ही
दध
ू वऩमंगे इससे ऩोवष्टक दध
ू ऩूयी दमु नमा भे नही है, आऩ कहं गे कहा से रामे, तो सुने आज का भाकेट फामसय भाकेट है, आऩ
कडभांड कयं गे तो मभर ही जामेगा, एव गाम का कत्र बी फदद होगा(दे सी गाम जजसका कदधा होता है) दे सी गाम के घी की
अगय एक-एक फूदद नाक भे डार री जाए तो कदभाग की सबी फीभारयमा खत्भ. मह घी कदभाग भे वहा ऩय बी ऩहुच जाता है
जहा ऩय कोई दवाई नही ऩहुच ऩाती. नीदद ना आने ऩय एक एक फूदद दे सी गाम का घी नाक भे डारे.
दो ववयोधी वस्तुए एक साथ ना खाए जैस:-े दध
ू +प्माज, दध
ू +कटहर, दध
ू +शहद, दही+उडद की दार का वडा.
दांत साप:- मे जजतने बी टू थ ऩेस्ट है सबी भे गाम, बंस, फकयी की हजडडमो का चूया मभरा होता है तो कपय हभ सुफह-2
अऩने दांतो ऩय हजडडमा क्मो मघसे, सफसे अच्छा नीभ का दातून मा फफूर, मभस्वाक, ऩतंजरी का दं तकांती.
ऩीने का ऩानी:- सफसे अच्छा वषाय का जर, कुए का, R.O. का ऩानी ना वऩमे क्मोकक मह ऩानी की ब्रीमचंग कय दे ता है मा मू
कहे कक ऩानी के सबी प्राकृ मतक गुणो को सभाप्त कय दे ता है. घयो भे वफल्कुर साधायण कपल्टय ही रगाए मा उफार कय
वऩमे.ऩानी हभेशा फैठ कय ही वऩमे अदमथा घुटनो का ददय होने ही वारा है.
नभक: सभुद्री नभक तुयंत फदमरमे केवर सेदधा नभक मा कारा नभक ही खाए, क्मोकक हभ जो बी साग,सब्जी, आटा,बोजन
के रूऩ भे खाते है इनभे बयऩूय (DAP, DTD, UREA, ANDOSALPHAN) आकद-2 जहय खेतो भे डारे जाते है तो मे जहय ऩहरे
ऩौधे की जड भे आते है कपय तने भे आते है कपय पर भे, कपय मही जहय पर के साथ हभाये शयीय भे ऩहुचता है, इस प्रकाय
हभ हय सार 700 ग्राभ जहय खा जाते है तो मह सेदधा नभक इस जहय को 25 % तक कभ कयता है . हभाये शयीय भे जो मह
ककडनी है शयीय का सफसे भजफूत ऩाटय है ऩयं तु मह बी इसी जहय के कायण खयाफ हो जाती है, सेदधा नभक थाइयाइड, रक्वा,
मभगी आकद को आने से योकता है.
कंसय:-क्मो होता है ? बायत भे 1965 तक केवर गोफय की खाद ही खेतो भे डारी जाती थी.ऩयं तु दस
ू ये ववश्व मुद्ध के फाद मूयोऩ
के गोरा फारूद फनाने वारे कायखाने फदद हो गए.तो वहा की फेयोजगायी को खत्भ कयने के मरमे उदहोने बायत के नेताओ से
सम्ऩकय ककमा. क्मोकक बायत भे कोइ बी कयोडो की रयश्वत दे कय आसानी से राइसंस रे रेता है ,औय 1965 भे हभाये ककसानो
को भुफ्त भे फी.डी.ओ. द्वाया मूरयमा कदमा जाता था. ऩयं तु आज मूरयमा का कट्टा 700 रुऩम भे मभरता है .ऩंजाफ के बकटं डा एव
जरदधय जजरे के हय घय भे कैसय का भयीज है, कायण: सफसे ज़्मादा मूरयमा की खऩत इदही दो जजरो भे होती है, वही से
योजाना एक कंसय स्ऩेशर ट्रे न जमऩुय के मरमे चरती है.हभ कहा आ कय पंस गमे.कंसय का भुख्म कायण मूरयमा ही है.
भांस:- वफल्कुर बी ना खाए. क्मोकक एक कुतकय कदमा जाता है कक इसभे प्रोटीन होता है ऩयं तु ववऻान ने मसद्ध कय कदमा है कक
एक ककरो भांस भे एक ककरो दध
ू से बी कभ प्रोटीन होता है एव इसभे दमु नमा बय के जीवाणु होते है, इसभे कुछ है ही नही.
तो भत खाइए, औय जानवय बी कटने से फच जाएगा.
भछ्री: कुछ रोग कहते है कक मे तो जरतोयी है. ऩयं तु आऩ जानते है मे भछ्री, कछुआ आकद-2 नकदमो, तारफो, सभुद्रो की
सपाई के मरए ऩयभात्भा ने फनाई है, ना कक भायकय खाने के मरए. उस ईश्वय ने प्रकृ मत औय हभे फडे कहसाफ से सेट ककमा है
ज़्मादा नीदद आना, शयीय भे गांठे ऩडना:- चूने की कभी के कायण, तो चूना खाए, 1 ग्राभ ऩानी भे मा दही भे घोरकय योजाना
रे ( ऩान की दक
ु ान से 1 रुऩम की एक ऩुकडमा रे रे 3-4 भहीने चर जामगी) 45 वषय के फाद चूना अवश्म खाए क्मोकक शयीय
को अमधक केजल्शमभ चाकहमे. (ऩथयी के भयीज चूना ना खाए.)
गकठमा:- (JOINT PAIN) भे हाय मसंगाय के ऩेड के 5-6 ऩत्ते चफाकय मा ऩीसकय उफार रे, 3 भहीने खारी ऩेट रे.
ऩीरयमड: भाताओ को अगय इस दौयान ददय की मशकामत है तो एक चम्म्च दे सी गाम का घी गयभ ऩानी भे उफार कय कदन भे
दो फाय रे, ददय से भुिी. 2.सपेद ऩानी:- की मशकामत है तो शताफयी दध
ू के साथ सुफह-2 वऩमे.
NOODLES:-ना खाए, क्मो:- क्मोकक मह सुअय के भांस के यस के फगैय फन ही नही सकता.
ऩेप्सी, कोक, मरम्का, आकद-2: वफरकुर ना वऩमे मह बी सफ जहय ही है , इसका P.H. LAVEL 2.4 है एव हावऩयक, कपनाइर इनका
बी ऩी एच रेवर 2.4ही है चाहे तो आऩ टामरट साप कयके दे ख रे. अबी-2 हार ही भे जो सुऩय स्टाय एक्टय अमभताब
फच्चन की आंतो का ओप्रेशन हुआ औय आंते काट कय मनकारी गमी थी ऩयं तु वे तो भांस, शयाफ, गुट्खा, फयगय, वऩज्जा मा
भैदा आकद-2 खाते नही थे, तो आंते क्मो सडी, जफ हभने डा0से औय स्वम उनसे ऩूछा तो ऩता चरा कक वे 8-9 सार से कोल्ड
किं क्स ऩी यहे थे तो हभने कहा टीवी ऩय फोरो तो उदहोने कहा कक भैने उनसे 100 कयोड रुऩम ववऻाऩन के मरमे है एव अगय
भे उनके जखराप फोरा तो 500 कयोड दे ने ऩडं गे. ऐसा एग्रीभंट है, तो हभने कहा कक हभ आऩका नाभ रेकय फोरे, तो उदहोने
कहा कक आऩ फोर सकते है क्मोकक एग्रीभंट भैने ककमा है, आऩने नही. कोल्ड किं क्स भे तीन जहय होते है POTASIUM
SORBET, SODIUM GLUTAMATE, CARBON DYOXIDE ना वऩमे वयना कंसय होने की ऩूयी गायं टी है.

COMPLAIN, BOURNVITA, HORLICS: पूड सप्रीभंट्स ना रे, क्मोकक मे ववदे मशमो के मरमे ही है, वहा ऩय बोजन को
FERMANTATION (सडा कय) तैमाय कयते है कायण: ठं ड, वहा बोजन है ही नही औय सडे हुमे बोजन भे सुक्ष्भ-ऩोषक तत्व
होते नही, तो मे सप्रीभंट्स रेना उनकी भजफूयी है, औय अगय हभ रंगे तो जैस:े हभाये शयीय भे केजल्शमभ ऩमायप्त भात्रा भे है
औय हभने सप्रीभंट्स औय ् रे मरमा, ऩरयणाभ ् केजल्शमभ औय आमा, तो ऩथयी फनने की ऩूयी सम्बावना है: तो ना रे.
शयाफ, गुट्खा,तम्फाकू आकद: अगय छोडना है तो तुयंत चीनी फदद कय दे क्मोकक चीनी URIC ACID फढाती है औय उससे हभ
शयाफ की ओय आकवषयत होते है चीनी वैसे बी एक CHEMICAL है , तो क्मा कये :अदयक चफाए. नशे छूट जामंग.े
मोगा: आऩ केवर 20 मभनट ही कय रे,: 10मभनट कऩार बामत औय 10 मभनट रोभ ववरोभ, रोभ ववरोभ भानमसक तनाव जैसी
फीभायी का नाश कयता है तथा जजतने बी TOXIN(जहय)हभाये कदभाग भे फनते है उन सबी को नष्ट कयता है, कऩार बाती:
मह ऩेट, हटय , ककडनी, रीवय, आंत,े ऩेनकक्रमास आकद सबी को मनयोग कयता है, आऩ दो ही कय रो, वैसे है तो आठ. स्वाभी याभदे व
जी ने इसको ऩूयी दमु नमा भे ऩहुचामा है, एव ऩूयी दमु नमा को मोग से मनयोग फनामा है,इसीमरमे ऐसे मोगी ओजस्वी,तेजस्वी
चरयत्रवान,ववद्द्द्वान याष्ट्र बि जो कक दे श को स्वदे शी के यास्ते ऩय रे जाकय एव सत्ता भे सत्म को स्थावऩत कयने के मरमे
संकजल्ऩत है , इसी प्रकाय श्री अदना जी,केजयीवार जी,ककयण जी, मे सबी बायत को भ्रष्टाचाय से भुवि कदराने के मरमे संघषय
कय यहे है , तो हभे बी अऩने घयो भे मा टी.वी. के साभने ना फैठकय उनके सभथयन भे आगे आना है.
ववदे शी वस्तुए वफल्कुर ना अऩनाए: क्मोकक हभाया 7 राख कयोड रुऩमा हय सार ववदे श चरा जाता है, कहददस्
ु तान रीवय मह
एक ववदे शी क. है ऩयं तु नाभ इस प्रकाय यखते है कक हभ सफ भ्रमभत हो जाए, जैस:े -रक्स, राइपफोम, कोरगेट, ऩेप्सोडं ट
जंसन-जंसन, सपय, रयन व्हीर, एरयमर, जेरेट, केप्टनकुक,,
ऩाभोमरव,नाइक,अदनऩूणाय,संमसल्क,ऩंडस,डव,फाटा,एकुआकपना,ब्रूक्फंड,ताजभहर,ककसान,मरप्टन, केडफयी, नेस्रे, ये क्सोना आकद-2,
तो हभ सुफह से शाभ तक अऩने बायत का नुकसान ही कयते यहते है.ववऻाऩनो के रुबावने भ्रभ जार भे ना पसे.
स्वदे शी अऩनाए:- गोद्रे ज, ऩाकय एव्मेदमु, एभाभी,हे मय न केमय, वाकटका, सनतूय, नीभ, मसंथोर, वफस्रेरय, गंगा, डाफय, मभस्वाक, फफूर,
मनयभा, पेना,घडी, अभूर, ऩयाग,टाटा, टाइटन, गेरंट, उजारा एव ऩतंजरी की दक
े है.
ु ानो के सबी उत्ऩाद दमु नमा बय भे सवयश्रष्ट
चाहे आऩ जांच रे. एव कीभत भे 5 गुना सस्ते. जाऩान भे ऩोदो नाभ का चावर होता है जो स्वाद भे वफल्कुर खयाफ है,जफकक
हभाये महा फासभती चावर जो ऩूयी दमु नमा भे उत्तभ है, हभने जाऩामनमो से कहा कक आऩ हभसे फासभती रे रो, तो उदहोने
कहा चाहे हभाया चावर कैसा बी है, है तो स्वदे शी, हभ ऩोदो चावर ही खामंग.े 2.इसी प्रकाय जाऩान तो ऩांच दे शो का गुराभ
था वहा ऩय भेजी नाभ का व्मवि हुआ, जजसने ऩूये जाऩान को केवर स्वदे शी के फर ऩय ही आजादी कदराई. इसी तयह चीन
जजसको अंग्रेजो ने अपीभ जखरा-जखरा कय ऩूये चीन को गुराभ फना मरमा था. वहा ऩय बी भाउथ डंग ने स्वदे शी के फर ऩय
ही चीन को आज़ाद कयामा, एक ववदे शी क. को बगाने भे 250 सार रग गमे, ऩयं तु दब
ु ायनम से आज 5000 ववदे शी क. बायत
भे आ गमी है कुछ रोग कुतकय दे ते है कक ऩूज
ं ी आती है, आती नही जाती है ,योजगाय आता है , आता नही जाता है , तकनीकी
आती है , तकनीकी है ही नही, तकनीकी वह है जैस,े सेट्राइट फनाना,ऩंडुब्फी फनाना मभसाइर फनाना ऩयभाणु फभ फनाना आकद.
मह सबी स्वदे शी है इसे कहते है तकनीक ऩयं तु जैस,े साफुन, टू ्ऩेस्ट, ऩाऩड,शेम्ऩू आकद-2 मह तो एक आभ आदभी बी अऩने
घय भे आसानी से फना सकता है . तो हभ प्रण रे कक आज से स्वदे शी ही अऩनामंग.े बायत का 1857 तक ववश्व भे 33%
मनमायत था जफकक आज भात्र 0.5% ही यह गमा है .
वैश्मावृमत के यास्ते ऩय ढकेरना: बायत भे 1760 के ऩहरे तक कोइ वैश्माघय नही था ऩयं तु इन दष्ट
ु अंग्रेजो ने 1760 भे
करकत्ता भे ऩहरा ये ड राइट एरयमा(सोनागाछी) फसामा, उसके फाद ऩूये बायत भे 350 छावमनमा फनाई गमी, जजदहे आज कंट
के नाभ से जाना जाता है . इदही छावमनमो भे अंग्रेजी सैमनको की हवस, वासना की ऩूती के मरमे बायत की भाताओ फहनो
को रामा जाता था औय उनकी आफरू को वऩशाचो की तयह नोचा जाता था. ऩयं तु अंग्रेजो के जाने के फाद तो मे वैशाल्म
फदद होने चाकहमे थे. सयकायी आंकडो के अनुसाय 20 राख 80 हजाय ् भाताए-फहने इस काभ भे चरी गमी है . औय गैय
सयकायी आंकडो के अनुसाय 1 कयोड 50 राख भाताए-फहने भजफूयी भे इस काभ भे रगी हुई है . कायण: ऩमत शयाफी, भायता
ऩीट्ता है , घये रु कहं सा, इतना ऩीटता है कक घय छोडकय जाने ऩय भजफूय. 2. उनभे से 34% ने वऩटाई, भाय खाते-खाते
(अऩनी इच्छा से स्वीकाय नही ककमा.) इससे बी ज़्मादा दख
ु की फात है कक 18 सार से बी कभ उम्र की फहने-फेकटमा 30%
से बी ज़्मादा जो इस ये कड भे ढकेरी गमी जजदहे दरार रा-राकय फेच यहे है . उडीसा: जैसे काराहांडी, ढे कानर सफसे गयीफ
जजरे 6, जो कक उडीसा भे ही है , गयीफी के कायण फेटी-फेटे को फेचने भे भजफूय, औय कुछ जजदहे ऩैसे की आकांशा ज़्मादा हो
गमी जजनका खचय 5-10 हजाय भे बी नही चरता जजदहे आज हभ CALL GIRL कहते है अऩने शयीय की नुभाइश कय यही है .
अफ हभाये बायतवासी चरयत्र औय नैमतकता भे डू फते ही जा यहे है . इमसमरम जो फहने औय फेकटमा इस काभ भे रगी हुई है
उदहे बी उच्च चरयत्र औय नैमतकता दे नी है , औय हभे शयाफ भुि औय वासना भुि बायत फनाना है .(जफकक जीवन अत्मंत
सयर है मे सभझे क्मो हभने केवर भूखय फनकय अऩनी आवश्मकता फढा री)
इस्कान: अफ हभ आऩसे कहे कक स्वदे शी भजददय भे ही जामे क्मो:? क्मा आऩ जानते है , मह अभेरयकन भजददय बी कोरगेट,
से बी तीन गुना ज़्मादा प्रोकपट कभाकय, धन अभेरयका बेज दे ते है . क्मंकक हभ बायतीमो भे धभय के प्रमत आस्था अमधक है ,
तो इन ववदे मशमो ने महा भजददय तक खोर मरमे.
अंडा ना खाए: क्मोकक मह कंसयस है, तो दार खाईए,अंडे से ज़्मादा प्रोटीन दारो भे होता है
MRS.:-क्मा आऩ जानते है MRS का भतरफ, इसका भतरफ होता है यखैर, क्मोकक मूयोऩ भे 70% रोग शादी ही नही कयते
औय वहा जैसे मभसेज़ गेयी, मभसेज़ जोन, मभसेज़ ववमरमभ आकद-2 नाभो से सम्फोधन ककमा जाता है ताकक दोनो को ऩता रग
जाए कक मह परा-परा की यखैर है,इसमरमे कभ से कभ हभ तो ना ही फोरे.मूयोऩ भे तो वहा का भशहूय दाजनयक प्रेटो,
अयस्तु, रूसो सबी एकभत है , औय कहते है कक स्त्री भे तो आत्भा ही नही होती. मूयोऩ भे स्त्री को भेज कुसी की तयह ही
सभझा जाता है उदहे तो वहा 1950तक वोट दे न,े फंक भे खाता खोरने तक की बी अनुभमत नही थी आऩ चाहे तो वहा के
ककसी बी फंक के खाते दे ख सकते है, इतनी शभयनाक जस्तमथ थी ऩूये मूयोऩ की. जफकी बायत भे बायतीम दशयन कहता है कक
स्त्री भे आत्भा तो होती ही है वह ऩयभात्भा के सफसे नज़दीक बी होती है क्मोकक उसभे कुछ ववशेष गुण है जैस,े हटय अटै क
ना आना, भानमसक ऩीडा को ऩी जाना (जफकक ऩुरुष भे मह गुण नही होता) तो ऩमत को बी फचा रेती है औय ऩरयवाय को बी,
बायत भे तो ऩरयवाय ही स्त्री से फनता है, स्त्री के फगैय तो ऩरयवाय की कल्प्ना बी नही की जा सकती, "जत्र नायीमस्ते ऩुज्मंते
यभंते तत्र दे वता" जहा नायी का सम्भान है वहा दे वता मनवास कयते है. सबी रयवषमो ने तो महा तक कहा है कक फगैय स्त्री के
तो ऩुरुष ऩववत्र ही नही होता, उससे ऩहरे वह रंऩट होता है . स्त्री के फगैय तो ईश्वय की प्राप्ती हो ही नही सकती तो श्रीभमत
ककहए. श्री=रक्ष्भी, भमत=फुवद्ध, रक्ष्भी एव फुवद्ध का संगभ श्रीभमत कहराता है.

भ्रष्ट:-अगय आऩ भ्रष्ट है तो तुयंत छोड दीजजमे, आऩ शुरू तो करयए आऩको अच्छा रगेगा, आनदद मभरने रगेगा,फरात्कायी एव
भ्रष्टाचायी, दोनो एक सभान है . जैस:े भ्रष्टाचायी जफ रोगो का काभ नही कयते तो ऩीकडत रोगो को ककतनी भानमसक मातना
होती होगी, आत्भा मचत्काय कयती होगी औय फरात्कायी बी जफ ककसी भा,फहन, फेटी की इज्जत को ताय ताय कयता है औय
वह मचत्काय कयती है, ऐसे आतातामी, वऩशाचो को भृत्मु दं ड ही मभरना चाकहमे.
कपल्भी हीयो एव कक्रकेटय:- मह सफ केवर औय केवर एजक्टं ग ही तो कयते है, इससे ज़्मादा कुछ बी नही औय कक्रकेट मह बी
एक प्रकाय का खेर ही तो है औय मे सबी कयोडो-कयोड कभाते है . जजब्क एक आभ भजदयू को 20 रुऩम बी खचय कयने के
मरमे नही है , तो हभ क्मो इनके मरए इतने भूखय फने हुए है.
वददे भातयभ : मह गीत फंककभ चदद्र चटजी द्वाया मरखा गमा. 1905 तक मह गीत चाय कयोड क्रांमतकारयमो का गीत फन चुका
था जगह-2 मही गीत गामा जाता था, चाहे वे पांसी का पददा ही क्मो ना चूभ यहे होते थे, ऐसी शवि थी इस गीत भे. 1911
भे इं नरैड का याजा जाजय ऩंचभ बायत आमा औय उसकी स्तुमत-प्रशंसा भे जन गण भन गीत श्री यववदद्र नाथ टै गोय ऩय बायी
दफाव डारकय मरखवामा, स्वम यववदद्र नाथ टै गोय जी ने स्वीकाय ककमा औय जो नोफेर ऩुयस्काय गीतांजरी नाभक ऩुस्तक के
मरमे जानफूझ कय अंग्रेजो द्वाया कदमा गमा था वह बी उदहोने वाऩस ककमा, मह गीत सुनकय तो स्वम जाजय ऩंचभ ने कहा कक
इतनी खुशाभद तो भेयी कोई रददन भे बी नही कयता, जफ 1947 भे दे श आज़ाद हुआ तो जन गण भन ऩय केवर नेहरू जी
ही सहभत थे, जफकक संसद भे फकामदा वोकटं ग हुई औय 319 सद्द्स्मो भे से 318 सद्द्स्मो के वोट वददे भातयभ के ही ऩऺ भे
ऩडे , औय 2006 भे सुप्रीभ कोटय से आडय य ऩास हुआ कक आऩ चाहे तो जन गण भन ऩय खडे हो मा ना हो मे आऩ के ऊऩय है,
तो ककहमे न वददे भातयभ.
याष्ट्र बाषा:- हभ सफ बायतीम है औय हभ सबी को अऩनी बाषा भे ही फात कयनी चाकहए.क्मोकक सबी दे श अऩनी ही बाषा भे
फात कहते है औय कयते है , जैसे चीन,स्ऩेन,जाऩान,जभयन,िांस, आकद-2, मसपय बायत को छोडकय,जफकक कोई दे श अगय ् तयक्की
कय सकता है तो वह अऩनी केवर बाषा के फर ऩय ही सम्बव है ऐसा गादधी जी बी भानते थे औय वे 5 पयवयी 1948 से
याष्ट्र बाषा कहददी, शयाफ फददी,गौ हत्मा फदद आकद के मरमे आददोरन कयने ही वारे थे ऩयं तु दब
ु ायनमवश 30 जनवयी 1948 को
उनकी हत्मा कय दी गमी, कुछ भूखय रोग कुतकय दे ते है कक अंग्रेज़ी के फगैय तयक्की सम्बव ही नही तो क्मा इन सबी दे शो
ने तयक्की नही की.क्मा आऩ जानते है अऩनी बाषा भे मशऺा ऩाने वारे का आई क्मु रेफर हभेशा अंग्रेजी जानने वारो से 6
गुणा अमधक होता है, जैसे हभाये दे श भे 72 उद्योगऩमत है उनभे सबी की मशऺा अऩनी भात्र बाषा भे ही हुई (केवर 3 को
छोडकय) आज उनके महा मे अंग्रेजी जानने वारे दस-दस हजाय रुऩल्री की नौकयी कयते है.जजतने बी वैऻामनक हुए जैसे
भाननीम ए. ऩी. जे. अब्दर
ु कराभ मभसाइर भैन,श्री ववजम बट्ट्कय भहायाष्ट्र के, इदहोने बायत के मरमे सुऩय कम्प्मुटय फनामा
जो कक अभेरयका, केनाडा, आकद दे शो को हभ मनमायत कयते है इन सबी की मशऺा अऩनी भात्र बाषा भे ही हुई. मह है बाषा की
वैऻामनकता.. क्मंकक जजतने बी गुराभ दे श, जो आज़ाद हुए उन सबी ने सफसे ऩहरे अऩनी मशऺा एव बाषा को ठीक ककमा.
आऩने दे खा होगा कक कई बायतीम पयायटे से अंग्रेजी फोरंग,े ऩयदतु घय भे, घमनष्ट मभत्रो के साथ कहददी भे मा अऩनी भात्र बाषा
भे ही फात कये ग,े ऐसे खंकडत चरयत्र वारे रोग दे श को बी खजदडत ही कयं ग.े जफ हभाया संववधान फना तो सयदाय ऩटे र जो
कक गयभ दर के नेता थे एव रगबग सबी नेता मही चाहते थे कक जजस प्रकाय अंग्रेजो को बगामा है उसी प्रकाय सात सभुदद्र
ऩाय अंग्रेजी बाषा को बी बगामा जाए, आज औय अबी. उसके फाद संववधान भे मरखा गमा कक अंग्रेजी को 15 सार फाद
सभाप्त कय कदमा जामेगा, ऩयं तु दब
ु ायनम से ऐसा नही हो ऩामा औय आज अंग्रेज़ी भहायानी की तयह याज कय यही है औय कहददी
दासी की तयह. अंग्रेजी के कायण ही आज बायत का ववनाश हुआ है क्मोकक जो सही कदभाग था वह अंग्रेजी बाषा के कायण
दफा कदमा गमा. अंग्रेजी मसपय एक बाषा भात्र है इससे ज़्मादा कुछ नही इसमरमे अऩना भुल्मांकन कबी कभ न सभझे.
नाभ:- हभ अऩना नाभ ऩूया नही मरखते जैसे आय के शभाय, "क्मा भतरफ ”ऩता नही"तो ऩूया ही मरखे जैस:े याभ कृ ष्ण शभाय.
इस दमु नमा भे 90% रोग सकायात्भक सोच के होते है केवर 10% रोग ही नकायात्भक सोच के है तो इन रोगो से फहस ना
कये तो ही अच्छा, इन रोगो को आऩ ककतने ही तकय दे रे चाहे तो उरटे रटक जाओ इनकी सभझ ने कुछ नही आमगा.
ईश्वय ने इदहे ऐसा ही फनामा है .
गुराभी की मनशामनमा:- बायत भे जगह-जगह अंग्रेज़ो कक भुमतयमा उनके नाभ ऩय सडके, इभायते आकद-2 है , जैसे म्मोय, कजयन,
नीर,व्हीरय, रयप्ऩन, मभंटो, रायं स, एजल्पंस्टन आकद-2 इन सबी ने बायत की भा-फहन, फेकटमो, कक इज्जत आफरू को नोचा,
फरात्काय ककमा,कानऩुय के ऩास वफठू य भे छोटे -2 फच्चो को उछार-2 कय गोमरमो से उडामा था, इतने मनदय मी थे मे सफ, जफकक
ये रवे स्टे शनो ऩय आज बी व्हीर नाभ की फुक शोऩ उसी व्हीरय ऩरयवाय के नाभ से चरती है औय फकामदा हभ उसकी
याममरटी दे ते है . कैसे भूखय है हभ सफ, हभे ऩूये बायत भे इन सफ गुराभी की मनशामनमो को मभटाना है. हभ बायतीम अऩना
सफ कुछ बूर गमे, औय वो सफ कुछ सीख गमे जो इन भूखय अंग्रेजो ने मसखामा.
ऩहरे अऩने दख
ु दयू कय रे, कपय दस
ू यो के दख
ू दयू कये.: तबी आऩको भोऺ/मा ईश्वय की प्राप्ती सम्बव है इसके अरावा कोई
यास्ता है ही नही. हभाया स्वम का आचयण, ववचाय,चरयत्र, इतना ऊंचा हो कक हभे स्वम ऩय गवय होने रगे, बगवान श्री कृ ष्ण ने
बी गीता भे कभय की ही मशऺा दी है, औय कहा है कक भनुष्म कभय कयने के मरमे वववश है, चाहे वह अच्छा कये मा फुया,कभय
तो कयना ही ऩडे गा. तो क्मो ना अच्छा ही कये . जफ सूम,य चदद्रभा, जर, ऩेड-ऩौधे, ऩशु-ऩऺी,ऩूयी ऩृ्वी,साया स्रवष्ट भानव के
कल्माण भे रगी हुई है तो कपय भानव क्मो भानव की सेवा नही कय सकता
.
ऩयभात्भा/ प्रकृ ती:- ने भनुष्म की ककतनी अदबुत यचना की है कबी गहयाई से सोचना.जजसने ऩूया ब्रह्मांड फनामा, उसने केवर
औय केवर भनुष्म को ही कभय कयने की आज़ादी दी है,तो मह बी ऩक्का है कक हभाये कामय की रयकाकडं ग होती यहती है तो
आऩके औय हभाये खाते भे बी कुछ ना कुछ अच्छा जभा होते यहना ही चाकहमे. तो आऩ बी कभ से कभ बायत के रोगो को
अच्छा स्वस््म तो दे ही सकते है,जफ भंने स्वगीम याजीव कदजऺत जी को सुना तो भुझे प्रेयणा हुई कक इसको मरखा जाए
ताकक मे बायत के प्रत्मेक ऩरयवाय तक ऩहुचे औय वे स्वस्थ हो ही जाए. अगय आऩने बी RAJIVDIXIT.COM ऩय जाकय
उनको सुन मरमा तो आऩ तो सवस्थ हो ही जामंगे एव हजायो राखो रोगो को स्वास्थ दे ऩामंग.े जैसे भैने संकल्ऩ मरमा है
कक भै इस कामय को अऩने जीवन के अंमतभ कदन तक करुं गा.मही काभ आऩ बी कये तो फहुत अच्छा.
मह बायत बूमभ अबी वीय ववकहन, मनऩुमत नही हुई है औय हभ बायत को कपय से बायत फनाएगे
.
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