UP
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
शिक्षण की प्रशिशिय ाँ / युक्तिय ाँ
एस. के. क्रोचर - "जिस प्रकार एक सैजिक को अिेक हजियारोों का ज्ञाि आवश्यक है ।
उसी प्रकार जिक्षक को भी जिक्षण की जवजभन्न जवजियोों का ज्ञाि होिा चाजहए। जकस समय
उसे कौि-सी जवजि अपिािी है । यह उसके जिणणय पर जिभणर करता है ।"
बी. ओ. क्तिथ के अनुस र - रीजतयााँ उि कायों के रूपोों की द्योतक हैं जििसे कुछ पूवण
जििाण ररत उदे श्योों की प्राप्ति होती है ।
िैस्ले के अनुस र- जिक्षण प्रजवजि जिक्षक द्वारा सोंचाजित वह जिया है जिससे छात्ोों को
ज्ञाि की प्राप्ति होती है ।"
शिक्षण शिशि तथ शिक्षण प्रशिशि में अन्तर
शिशि प्रशिशि
1. जवजि स्वतन्त्र होती है। 1. प्रजवजि, जवजि पर जिभणर होती है ।
2. जवजि का क्षेत् व्यापक होता है । 2. प्रजवजि का क्षेत् सोंकुजचव होता है ।
3. जवजि पाठ्य वस्तु की प्रकृजत पर 3. प्रजवजि उदे श्योों की पू जतण पर जिभणर
जिभणर करती है । करती है
शिक्षण प्रशिशियोों क िणणन
1. प्रश्नोत्तर प्रजवजि 2. जववरण प्रजवजि
3. वणणि प्रजवजि 4. व्याख्याि प्रजवजि
5. स्पष्टीकरण प्रजवजि 6. कहािी किि प्रजवजि
7. जिरीक्षण एवों अविोकि प्रजवजि 8. उदाहरण प्रजवजि
9. खेि / गजतजवजि जवजि 10. समूह चचाण प्रजवजि
11.प्रयोगात्मक कायण प्रजवजि 12. वाद - जववाद प्रजवजि
13. भ्रमण प्रजवजि 14. कायणिािा प्रजवजि 15. आगमि जिगमि प्रजवजि
Search in : - Shailesh Classes
D.EL.ED. 1st Semester Batch
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
पर
Call us -7388997875
77754641021485747
Lecture - 02 शिक्षण की प्रशिशिय ाँ 9670024821
1. शिक्षण प्रशिशियोों के प्रक र हैं - (2018)
(अ) प्रश्नोत्तर (ब) खेि/गजतजवजि प्रजवजि
(स) कहािी /किि (द) उपयुणक्त सभी
2. प्रश्नोतर शिक्षण शिशि शकसके समय से चली आने ि ली एक प्र चीन पद्धशत है -
-(2024, 23, 22, 19, 18)
(अ) सुकरात (ब) िॉि डी. वी.
(स) रूसो (द) प्तिि
3. प्रयोग प्रदिणन शिशि सि णशिक उपयोगी है - (2017)
(अ) जवज्ञाि जिक्षण में (ब) भाषा जिक्षण में
(स) इजतहास जिक्षण में (द) िागररक िास्त्र जिक्षण में
4. छ त्ोों को अपने भ िोों एिों शिच रोों को व्यिक्तित ढों ग से अशभव्यि करन शकस प्रशिशि में
आत है- - (2019)
(अ) प्रश्नोत्तर प्रजवजि (ब) वाद-जववाद प्रजवजि
(स) प्रयोगिािा प्रजवजि (द) पाठ्य-पुस्तक प्रजवजि
प्रश्नोत्तर प्रशिशि
जन्म - एिेन्स
जनक- सुकरात
" प कणर" के अनुस र - "प्रश्न आदत, कौिि' के स्तर से ऊपर उठकर समस्त जियाओों की कुोंिी है ।"
"क उलर" के अनुस र- “जिक्षण मुख्य रूप से प्रश्नोों के द्वारा होिा चाजहए।
प्रश्नोत्तर प्रशिशि' क उद्दे श्य
1. पूवणज्ञाि से िये ज्ञाि का सोंबोंि स्थाजपत करिा ।
2. छात्ोों में िए ज्ञाि के प्रजत जिज्ञासा उत्पन्न करिा ।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
3. छात्ोों में रुजचयोों आदतोों एवम् आदिों का जिमाणण करिा। 77754641021485747
4. छात्ोों में सृििात्मक क्षमता का जवकास करिा।
अच्छे प्रश्नोों की शििेषत एाँ :-
1. प्रश्न सरि व स्पष्ट होिे चाजहए |
2. प्रश्न बच्चे के रुजच, स्तर व आयु के अिुरुप होिा चाजहए ।
3. प्रश्न प्रेरणा उत्पन्न करिे वािे होिे चाजहए ।
4. प्रश्न जिजित उत्तर वािे होिे चाजहए ।
5. प्रश्न सम्बन्धिात्मक जवषय अिुरूप होिा चाजहए।
6. प्रश्न जचोंति व तकण को िन्म दे िे वािे होिे चाजहए।
प्रश्न पूछने की आिश्यकत एिों महत्त्व
(Need and Importance of Questioning)
1. पूवण ज्ञाि का पता िगाकर आगे आिे वािे ज्ञाि से सम्बन्ध िोड़िे के जिए।
2. बच्चे के अविाि को आकजषणत करिे हेतु ।
3. बच्चोों िे पढा हुआ पाठ जकतिा अजिणत जकया है इस हेतु प्रश्नोों की आवश्यकता पड़ती है।
4. बच्चोों की समस्याओों को िाििे और उिके जिवारण हेतु प्रश्न आवश्यक होते हैं।
5. पाठ के पुिराविोकि के जिए भी प्रश्नोों के आवश्यकता पड़ती है।
प्रश्न पूछने के समय रखी ज ने ि ली स िि शनय ाँ :-
1. प्रश्न स्पष्ट रूप से पूछे िायें।
2. प्रश्न पूछिे के बाद बच्चोों को सोचिे का पयाणि अवसर प्रदाि जकया िाये।
3. प्रश्न सभी कक्षा को ध्याि में रखते हुए पूछे िायें।
4. प्रश्न प्रेररत करिे वािे होों।
5. प्रश्नोों का जवतरण समस्त कक्षा में होिा चाजहए।
6. प्रश्न कक्षा के स्तरािुकूि हो।
7. प्रश्नोों की िब्दाविी उजचत हो ।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
8. प्रश्न आत्मजविास के साि पूछे िािे चाजहए। 77754641021485747
शििरण प्रशिशि/ कथन प्रशिशि
जववरण दे िा एक किा है । इस किा में जिपुण होिे के जिए जिक्षक अपिी कल्पिा िप्तक्त का सहारा
िेते हुए जकसी वस्तु या घटिा का जववरण इतिे उत्साह एवों प्रभाविीिता के साि करता है जक कक्षा के
सभी छात्ोों को उसका ज्ञाि सरितापूवणक हो िाता है ।
शििरण प्रशिशि की शििेषत एाँ
1. इस प्रजवजि के माध्यम से जदया गया ज्ञाि छात्ोों के मप्तस्तष्क पर स्थाई हो िाता है ।
2. इस प्रजवजि से छात्ोों को पुस्तकोों की अपेक्षा कम समय में आवश्यक ज्ञाि प्राि हो िाता है।
3. इस प्रजवजि में जवषय वस्तु के प्रत्येक पक्ष पर प्रकाि डािकर उसकी पूणण रूप से समीक्षा की िाती
है।
4. यह प्रजवजि छात्ोों की ताजकणक िप्तक्त के जवकास में योगदाि दे ती है।
5. यह प्रजवजि छात्ोों में जिज्ञासा उत्पन्न करती है।
6. इस प्रजवजि में जकसी बात को इतिा प्रभाविािी तरीके से प्रस्तुत जकया िाता है जक जिर उसे जवषय
के जिए छात्ोों को पुस्तक पढिे की आवश्यकता िहीों होती ।
िणणन प्रशिशि
जिस प्रजवजि के माध्यम से जकसी जवषय-वस्तु एवों घटिा का छात्ोों के समक्ष पूणण िाप्तब्दक जचत् प्रस्तुत
जकया िाता है उस प्रजवजि को वणणि प्रजवजि कहते हैं।
इस प्रजवजि के माध्यम से जकसी घटिा, दृश्य तिा जियम, जसद्धान्ोों का जवस्तारपूवणक वणणि जकया िाता
है।
िणणन करने में स िि शनय ाँ
1. जिक्षक उि तथ्ोों को भिी-भााँजत िािता हो, जििका वह वणणि करिे िा रहा है ।
2. वणणि सरि भाषा में जकया िािा चाजहए।
3. वणणि को सिीव बिािे के जिए जिक्षक को अपिे हाव-भावोों की सहायता िेिी चाजहए।
4. जिक्षक को यह पूवण में ही जिजित कर िेिा चाजहए जक उसे जकस स्थाि का वणणि करिा है।
5. वणणि बािकोों के बौप्तद्धक स्तर के अिुकूि होिा चाजहए।
6. वणणि िमबद्ध होिा चाजहए।
7. वणणि में सहायक सामग्री का प्रयोग भी करिा चाजहए।
Search in : - Shailesh Classes
D.EL.ED. 1st Semester Batch
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
पर
Call us -7388997875
Lecture - 03
77754641021485747
शिभ जन क शसद्ध न्त (Theory of Division)
जवभािि के जसद्धान् को िघु सोपािोों का जसद्धान् भी कहते हैं। जिक्षण एक व्यापक प्रजिया है। यजद
पाठ को जवभाजित करके पढाया िाए तो जिक्षण सिि एवों सरि बि िाता है। पाठ को जवभाजित करिे
के उपरान् सरि से कजठि जवजि को अपिािा चाजहए
" र यबनण के अनुस र "
"एक शिभ जन दू सरे शिभ जन तक
पहाँच दे त है , शजसके फलस्वरूप
कक्ष के शलए समझन
सहज बन ज त है।"
क शसद्ध न्त (Theory of Revision)
यह जसद्धान् इस बात पर बि दे ता है जक जकसी जिया या जवषय वस्तु को सीखिे पर आत्मसात करिे के
बाद उसको कई बार दोहरािा चाजहए, इससे जवषय का ज्ञाि जटकाऊ तिा उपयोगी हो िाता है।
पाठ्य सामग्री के प्रजत छात्ोों के मप्तस्तष्क में स्थायी जवचार बिािे के जिए जिक्षक को पाठ पढािे के पिात्
छात्ोों को आवृजत्त का अवसर दे िा चाजहए।
शनम णण एिों मनोरों जन क शसद्ध न्त
(Theory of Construction and Recreation)
जिक्षण करते समय इस बात का भी ध्याि दे िा चजहए जक िो भी पाठ पढािा हो उसको कक्षा में सीखिे
वािोों की अिाणत छात्ोों की सृििात्मक जियाओों को जवकजसत करिे वािी जिक्षण जवजियोों द्वारा पढाया
िाए। इसके दो िाभ होोंगे-पाठ रुजचकर होगा एवों अजिगमकताण तिा जिक्षक के मध्य अन्ः जिया का भी
पयाणि अवसर जमिेगा।
प ठ्य-स मग्री के चयन क शसद्ध न्त
(Principle of Selection of Subject Matter)
पाठ्य सामग्री चुिते समय जिक्षक को यह ध्याि रखिा चाजहए जक वह छात्ोों के स्तर के अिुकूि हो साि
ही उससे जिक्षा के उदे श्योों की प्राप्ति हो सके। िहााँ तक सम्भव हो पाठ्य-वस्तु में उपयोगी तत्ोों का ही
समावेि होिा चाजहए।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
मनोिैज्ञ शनकत क शसद्ध न्त 77754641021485747
(Theory of Psychologic)
जिक्षण में जिक्षकोों को मिोवैज्ञाजिक जसद्धान्ोों का प्रयोग करिा चाजहए जिससे जक छात् वाोंजछत जदिा में
अपिा कायण कर सकें। प्रत्येक बािक की रुजचयोों और बौप्तद्धक क्षमताओों कोध्याि में रखकर पाठ्यिम
एवों पाठ योििा का जियान्वयि करिा चाजहए।
जिस कायण को सीखिे के प्रजत बािक की िैसी मिोवृजत्त होती है , उसी अिुपात में वह उसे सीखता है।
1. (i) शिक्षक शकस प्रक र क व्यिह र करते हैं ,
(ii) िे िैस व्यिह र क्ोों करते हैं , तथ
(iii) उस व्यिह र क क् प्रभ ि होत है ?" कथन है -
(अ) प्तिि का (ब) गेि का
(स) ब्रूिर का (द) कारजिोंगर का
2. शनम्न में से शिक्षण क स म न्य शसद्ध न्त नही ों है - (2022)
(अ) जियािीिता का जसद्धान् (ब) रुजच का जसद्धान्
(स) जियोिि का जसद्धान् (द) पररमाण का जसद्धान्
3. छ त्ोों में शक्रय िीलत क आन्दोलन सिणप्रथम शकसने शकय – 2024
(अ) रूसो (ब) जकिपेजटि क
(स) फ्राबेि (द) माण्टे सरी
4. शिक्षक द्व र कक्ष में अन्त्य क्षरी एिों क व्य प ठ प्रशतयोशगत कर न कौन-स शिक्षण
शसद्ध न्त है – (2019)
(अ) जियोिि का जसद्धान् (ब) जिजित उदे श्य का जसद्धान्
(स) जियािीिता का जसद्धान् (द) अजभप्रेरण एवों रुजच का जसद्धान्
5. शिक्षण अशिगम शसद्ध न्त नही ों है - (2018)
(अ) ज्ञािात्मक उदे श्य (ब) भावात्मक उदे श्य
(स) जियात्मक उदे श्य (द) उपयुणक्त स
Search in : - Shailesh Classes
D.EL.ED. 1st Semester
UP D.El.ed बैच लेने के ललए सम्पकक करें । पर
प्रथम सेमेस्टरBatch
Call us -7388997875
Lecture - 04 जिक्षण की प्रजवजियााँ 77754641021485747
9670024821
1. व्य ख्य न शिशि में छ त् बने रहते हैं -(2023, 2022)
(अ) सजिय (ब) उत्साही
(स) जियािीि (द) जिप्तिय
2. शकस शिक्ष ि स्त्री ने शिक्ष को सम्पूणण जीिन म न है -2023
(अ) टी. पी. िि (ब) स्पेन्सर
(स) िॉि िॉक (द) आजद िोंकराचायण
3. सम्प्रेषण के घटक हैं- (2018)
(अ) प्रेषक (ब) सोंदेि
(स) ग्राही (द) उपयुणक्त सभी
4. 'सा जवद्या या जवमुक्तये ' जिक्षा का उदे श्य जकस जवचारिारा का माििा है -(2022)
(अ) आदिणवादी (ब) प्रकृजतवादी
(स) प्रयोििवादी (द) अप्तस्तत्वादी
स्पष्टीकरण प्रशिशि
(Explanation Technique)
स्पष्टीकरण प्रजवजि में जिक्षक द्वारा तथ्ो, बातो, जसद्धान्ोों को स्पष्ट जकया िाता है जिसे
छात् समझिे में असमिण होता है । स्पष्टीकरण करिा भी एक "किा" है ।
"ग शलणक के अनुस र -
“स्पष्टीकरण क अशभप्र य उस
प्रशक्रय से है शजसके द्व र शकसी
िब्द, िब्द-समूह य कथन के अथण
की समस्त जशटलत दू र हो सकती
है।"
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
स्पष्टीकरण प्रशिशि क प्रयोग करते समय ध्य न दे ने योग्य ब तें - 77754641021485747
1) स्पष्टीकरण केवि उपयुक्त स्थािोों पर ही जकया िािा चाजहए।
2) स्पष्टीकरण की भाषा सरि, बोिगम्य व स्पष्ट हो।
3) स्पष्टीकरण जवद्याजिणयोों के मािजसक स्तर के अिुरूप होिा चाजहए।
4) जकसी भी कजठि िब्द, प्रत्यय अिवा तथ् का स्पष्टीकरण पूणण आत्मजविास के साि
जकया िािा चाजहए।
5) जिक्षक में रोचक ढों ग से स्पष्टीकरण करिे की योग्यता व क्षमता होिी चाजहए।
6) यजद आवश्यक हो तो स्पष्टीकरण के समय जिक्षक को (सहायक सामग्री का प्रयोग
भी करिा चाजहए।
कह नी - कथन प्रशिशि (Story Telling) -
कहािी कहिे का अजभप्राय है बच्चोों की भाविाओों, उिके सोंवेगोों को स्पिण कर उन्हें
रचिात्मक कायण करिे के जिए प्रेररत करिा।
च र्ल्ण िैरेट के अनुस र-
" कह नी एक लघु िणणन त्मक
रचन है, शजसमें ि स्तशिक जीिन
को शकल त्मक रूप में प्रस्तुत
शकय ज त है। कह नी क प्रमुख
उद्दे श्य मनोरों जन करन है।"
कह नी को मुख्यतः तीन भ ग -
1. सत्य कहाजियाों
2. काल्पजिक कहािी
3. पौराजणक कहाजियाों
बच्चे का प्रारप्तम्भक अवस्था में पररयोों की बाल्यावस्था में मारिाड़ और जकिोरावस्था में
साहजसक कहाजियोों को सुििे में आिन्द आता है ।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
कह नी सुन ते समय ध्य न दे ने योग्य ब तें -
1. कहािी सरि, स्पष्ट व रोचक हो।
2. कहािी की भाषा सरि तिा बच्चोों को ग्राह्य होिी चाजहए।
3. कहािी को कल्पिा का पुट दे कर इस रूप में प्रस्तुत करिा चाजहए जक रोचक होिे के
साि-ही-साि सत्यता को ि समाि कर दे ।
4. कहािी समय तिा पररप्तस्थजत को ध्याि में रखते हुए प्रस्तुत की िािी चाजहए।
5. कहािी में घटिाओों की िमबद्धता रहिी चाजहए।
6. जिक्षक का जवषय पर पूणण अजिकार हो तिा उसमें कोई व्यप्तक्तगत भाव ि आये।
7. जिक्षक का कहािी कहिे का ढों ग स्वाभाजवक होिा चाजहए और उसे एप्तटोंग का भी
ज्ञाि होिा चाजहए।
अिलोकन प्रशिशि / शनरीक्षण प्रशिशि (Observation Method) -
जकसी पररप्तस्थजत में जकसी व्यप्तक्त के कायण के बाह्य व्यवहार को दे खिा ही अविोकि है ।
दू सरे रूप में हम कह सकते हैं जक जकसी घटिा अिवा कायण का ध्यािपूवणक अध्ययि ही
अविोकि है।
शनरीक्षण प्रशिशि के प्रक र
औपच ररक अिलोकन अनौपच ररक अिलोकन
सज्ञ न सोंज्ञ न में न रहे
शनरीक्षण करते समय ध्य न रखने योग्य ब तें-
1. अविोकिकताण का दृजष्टकोण व्यापक व पक्षपातहीि होिा चाजहए।
2. इसमें उदे श्योों का जििाण रण पहिे से होिा चाजहए।
3. यह सुव्यवप्तस्थत तिा जियोजित रूप में चििा चाजहए।
4. अविोकिकताण को अविोकि करिे वािे की जवजभन्न पररप्तस्थजतयोों का भी अध्ययि
करिा चाजहए।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
5. अविोकि बहुत ही सतकण तिा इस रूप में जकया िाये जिससे अविोकि करिे वािे
को उसका पता ि चिे। यजद ऐसा िहीों होगा तो अविोकि करिे वािे का व्यवहार
अजिक जदखावटी हो िायेगा।
उद हरण प्रशिशि :-
जिक्षण प्रजिया में उदाहरण रीजत बहुत महत्त्वपूणण है चूाँजक यह जिक्षण को प्रभाविािी व
रोचक बिािे में मदद दे ती है ।
"अच्छे उदाहरण बौप्तद्धक रूप से मृत प्रस्तुतीकरण को िीवि प्रदाि करते हैं ।"
उद हरणोों के प्रक र (Types of Illustration)-
मौक्तखक उद हरण क प्रयोग कैसे करें ?
1. उदाहरण छात्ोों के स्तर के अिुकूि होिे चाजहए।
2. यह पाठ्य-वस्तु से सम्बप्तन्धत हो।
3. छात्ोों की रुजच के अिुकूि होिे चाजहए।
4. जिक्षण सूत्ोों को ध्याि में रखकर प्रस्तुत जकये िायें तिा सरि से कजठि की ओर, मूतण
से अमूतण की ओर।
5. उदाहरण यिािण पर आिाररत होों, कल्पिा पर िहीों।
Q . दृश्य त्मक उद हरण क प्रयोग कैसे करें ?
1. प्रदिणिात्मक उदाहरण स्पष्ट व आकषणक होिे चाजहए।
2. उन्हें इस प्रकार जदखाया िाये जक अजिक समय ि िगे।
3. इिका आकार इतिा बड़ा हो जक कक्षा के सभी स्थिोों पर बैठे छात् इसे दे ख सकें।
4. इिका प्रयोग उदे श्य व आवश्यकताओों के अिुरूप हो।
5. यह बहुत अजिक खचीिे ि होों।
6. प्रयोग के पिात् इन्हें आवश्यक स्थि पर रख दे िा चाजहए।
Search in : - Shailesh Classes
D.EL.ED. 1st Semester Batch
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
पर
Call us -7388997875
1) शनरीक्षण प्रशिशि के प्रक र हैं। 77754641021485747
a) दो b) तीि
c) चार d) पााँ च
2) बच्चे में कल्पन िक्ति क शिक स शकय ज सकत है -
(2017, 2018, 2020, 2022, 2023)
a) कहािी दवारा b) प्रश्नोत्तर द्वारा
c) समूह कायण द्वारा d) व्याख्याि द्वारा
3) कह नी कहने में क्रमबद्ध घटन ओों के िणणन पर ध्य न रख ज त
है यह शकस प्रक र की शिक्षण प्रशिशि है- (2016)
a) प्रश्नोत्तर प्रजवजि b) जववरण प्रजवजि
c) वणणि प्रजवजि d) व्याख्याि प्रजवजि
4) शिक्षण शिशिय ाँ आि ररत होती हैं-2017
a) बच्चोों की सोंख्या पर b) गजतजवजियोों पर
c) िोि पर d) जिक्षण-सूत्ोों पर
5) छ त्ोों को अपने भ िोों एिों शिच रोों को व्यिक्तित ढों ग से अशभव्यक्ति करन
शकस प्रशिशि में आत है ? (2019)
a) प्रश्नोत्तर प्रजवजि b) प्रयोगिािा प्रजवजि
c) वाद-जववाद प्रजवजि d) पाठ्यपुस्तक प्रजवजि
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
उद हरण प्रशिशि 77754641021485747
(Illustration Technique)
जिक्षण प्रजिया में उदाहरण रीजत बहुत महत्त्वपूणण है चूाँजक यह जिक्षण को प्रभाविािी व
रोचक बिािे में मदद दे ती है ।
"शप-सेष्ट" के अनुस र - "अच्छे उदाहरण बौप्तद्धक रूप से मृत प्रस्तुतीकरण को िीवि
प्रदाि करते हैं ।"
उद हरणोों के प्रक र
(Types of Illustration)
मौक्तखक उद हरण दृश्य त्मक उद हरण
उद हरण उपम तुलन शचत सोंग्रह लय ग्लोब
मौक्तखक उद हरण क प्रयोग कैसे करें ?
1. उदाहरण छात्ोों के स्तर के अिुकूि होिे चाजहए।
2. यह पाठ्य-वस्तु से सम्बप्तन्धत हो।
3. छात्ोों की रुजच के अिुकूि होिे चाजहए।
4. जिक्षण सूत्ोों को ध्याि में रखकर प्रस्तुत जकये िायें तिा सरि से कजठि की ओर, मूतण
से अमूतण की ओर।
5. उदाहरण यिािण पर आिाररत होों, कल्पिा पर िहीों।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
दृश्यात्मक उदाहरण का प्रयोग कैसे करें ?
(ग्लोब, म नशचत्व, िरीर के अोंग)
1. प्रदिणिात्मक उदाहरण स्पष्ट व आकषणक होिे चाजहए।
2. उन्हें इस प्रकार जदखाया िाये जक अजिक समय ि िगे।
3. इिका आकार इतिा बड़ा हो जक कक्षा के सभी स्थिोों पर बैठे छात् इसे दे ख सकें।
4. इिका प्रयोग उदे श्य व आवश्यकताओों के अिुरूप हो।
5. यह बहुत अजिक खचीिे ि होों।
6. प्रयोग के पिात् इन्हें आवश्यक स्थि पर रख दे िा चाजहए।
खेल शिशि
(Playway Method)
बािक स्वाभाजवक रूप से खेििे में रुजच िेते हैं । वे खेि के द्वारा ही अपिी इच्छाओों की
प्रवृजत्तयोों को प्रकट करते हैं । बािक खेििे में जविेष रुजच िेते हैं। बािक के िीवि में
खेि का जविेष महत्त्व होता है ।
" म्यूशलख" के अनुस र- "िो कायण अपिी इच्छा से स्वतन्त्रतापूवणक करें , वही खेि है ।"
"िेलेण्ट इन " के अनुस र - “खेि जकसी कायण में एक प्रकार का मिोरों िि है ।"
खेल प्रशिशि की शििेषत एाँ :-
(1) खेिोों के द्वारा बािकोों में कुििता का जवकास जकया िा सकता है ।
(2) खेिोों के द्वारा छात् अपिी कुििता सम्बन्धी गुणोों का पररमािणि कर सकते हैं ।
(3) खेि सामाजिक भाविा का जवकास करते हैं ।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
(4) खेि बािकोों का बौप्तद्धक जवकास करते हैं।
(5) खेि बािकोों के अिुभव में वृप्तद्ध करते हैं ।
6. "जिया द्वारा सीखिा" (Learning by Doing) खेिोों के द्वारा ही सम्भव होता है ।
7. खेिोों के द्वारा बािकोों का िारीररक जवकास होता है ।
8. खेिोों के द्वारा बािकोों में सहयोग की भाविा िाग्रत होती है ।
समूह / स मूशहक चच ण प्रशिशि
(Group Discussion Technique)
वाताण िाप/वाद-जववाद एवों वाद एवों िाजयका पररचचाण इसी जवजि के उपिाम हैं ।
इस जवजि से छात्ोों के समूह को आमिे -सामिे बैठाकर जिजित जवषय-वस्तु पर जवचार-
जवमिण जकया िाता है तिा छात् उसमें से प्रश्न भी पूछते िे और पाठकगण उन्हें सन्ुष्ट
करिे का प्रयास करते हैं ।
"हरबटण गुली " के अनुस र - "वाताणिाप उस समय होता है , िब व्यप्तक्तयोों का एक
“
समूह आमिे-सामिे एकजत्त होकर मौप्तखक अन्ः जिया द्वारा सूचिाओों का आदाि-प्रदाि
करते हैं ।“
समूह/स मूशहक चच ण प्रशिशि की शििेषत एाँ -
1) जकसी प्रकरण एवों समस्या के जवजभन्न पक्षोों का व्यापक रूप में बोि होता है ।
2) समायोिि तिा सहयोग की भाविाओों का जवकास जकया िाता है।
3) प्रकरण या समस्या सम्बन्धी दोिोों प्रकार के जवरोिी तिा पक्षीय जवचारोों को सुििे तिा
िाििे का अवसर जमिता है ।
4) श्रोतागणोों को जिणणय िेिे की स्वतन्त्रता होती है तिा वक्ताओों को प्रकरण सम्बन्धी
अपिे जवचारोों को प्रस्तुत करिे की स्वतन्त्रता दी िाती है ।
5) मूल्याों कि तिा सोंश्लेषण की क्षमताओों का जवकास जकया िाता है।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
प्रयोग त्मक प्रशिशि Call us -7388997875
(Experimental Technique) 77754641021485747
प्रयोग प्रदिणि एक ऐसी युप्तक्त है , जिसका उपयोग जवज्ञाि के कई प्रकरणोों या उपजवषयोों
के जिक्षण में और कई पररप्तस्थजतयोों या प्रसोंगोों में जकया िा सकता है । प्रयोग प्रदिणि को
सभी आयु के छात्ोों द्वारा प्रयोग जकया िा सकता है ।
जिस प्रजवजि में प्रयोग करके जसखाया िाता है वह जिक्षण की प्रयोगात्मक प्रजवजि
कहिाती है ।
प्रयोग त्मक प्रशिशि की शििेषत एाँ
(Characteristics of Experimental Technique)
1) समस्या समािाि की यह उत्तम जवजि है । इसमें समस्या का समािाि प्रयोग के आिार
पर जकया िाता है ।
2) उच्च कक्षाओों में इिका िैजक्षक महत्त्व बढ िाता है ।
3) छात्ोों को जवषय सम्बन्धी जियमोों एवों तथ्ोों की िााँ च करिे का अवसर जमिता है।
4) छात्ोों में जिरीक्षण िप्तक्त तिा तकण िप्तक्त का जवकास होता है ।
5) छात्ोों में उपकरणोों को साविािी से उपयोग करिे की क्षमता जवकजसत होती है ।
6) इस प्रजवजि से छात्ोों में आत्मजिभणरता, आत्मजविास तिा आत्म-अिुिासि का जवकास
होता है ।
7) छात् हाि से कायण करिा सीखते हैं जिससे कायण के प्रजत आदर का भाव
सोंचाररत होता है ।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Lecture - 06 Call us -7388997875
77754641021485747
आगमन शनगमन शिशि
(Inductive Deductive Method)
आगमन शिशि = उदाहरण से जियम की ओर
शनगमन शिशि = जियम से उदाहरण ओर
आगमन शिशि
(Inductive Method)
पहले उद हरण शफर शनयम |
"शिशिष्ट से स म न्य की ओर" -
उद हरण - राम, जिजि, आरिू, िैिेि, साजबर, आिमगढ सोंतरा,
शनयम :- जकसी व्यप्तक्त, वस्तु स्थाि के िाम को सोंज्ञा कहते है ।
शनगमन शिशि
(Deductive Method)
शनयम से उद हरण की ओर
स म न्य से शिशिष्ट की ओर
शनयम :- जकसी व्यप्तक्त, वस्तु स्थाि के िाम को सोंज्ञा कहते है ।
िस्तु - िोि,किम, अिार
व्यक्ति - रािा, अिाजमका, जिजि, िैिेि,
ि न - प्रयागराि, आिमगढ, कािपुर आजद।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
प्रयोग त्मक प्रशिशि
(Experimental Technique)
प्रयोग प्रदिणि एक ऐसी युप्तक्त है , जिसका उपयोग जवज्ञाि के कई प्रकरणोों या उपजवषयोों
के जिक्षण में और कई पररप्तस्थजतयोों या प्रसोंगोों में जकया िा सकता है । प्रयोग प्रदिणि को
सभी आयु के छात्ोों द्वारा
प्रयोग जकया िा सकता है । जिस प्रजवजि में प्रयोग करके जसखाया िाता है वह जिक्षण की
प्रयोगात्मक प्रजवजि कहिाती है
प्रयोग त्मक प्रशिशि की शििेषत एाँ
(Characteristics of Experimental Technique)
1) समस्या समािाि की यह उत्तम जवजि है । इसमें समस्या का समािाि प्रयोग के आिार
पर जकया िाता है ।
2) उच्च कक्षाओों में इिका िैजक्षक महत्त्व बढ िाता है ।
3) छात्ोों को जवषय सम्बन्धी जियमोों एवों तथ्ोों की िााँ च करिे का अवसर जमिता है।
4) छात्ोों में जिरीक्षण िप्तक्त तिा तकण िप्तक्त का जवकास होता है ।
5) छात्ोों में उपकरणोों को साविािी से उपयोग करिे की क्षमता जवकजसत होती है ।
6) इस प्रजवजि से छात्ोों में आत्मजिभणरता, आत्मजविास तिा आत्म-अिुिासि का जवकास
होता है ।
7) छात् हाि से कायण करिा सीखते हैं जिससे कायण के प्रजत आदर का भाव
सोंचाररत होता है ।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
समूह क यण एिों क्षेत्ीय पयणटन युक्ति
(Group Working and Field Trip Technique)
"बािकोों का अिुभव बढािे के जिए अध्यापकोों द्वारा आयोजित जवद्याियी यात्ा को क्षेत्ीय
पयणटि कहते हैं ।"
क्षेत्ीय पयणटि में अध्यापकोों द्वारा जकसी जिजित स्थाि पर छात्ोों को एक जििाण ररत
कायणिम के अिुसार िेकर िाया िाता है और वहााँ छात्ोों को मूि पाठ्यवस्तु से
सम्बप्तन्धत जबन्दु का अध्ययि साक्षात् अविोकि, स्पिण करिा आजद माध्यम से कराया
िाता है ।
क्षेत्ीय पयणटन के प्रक र
(Types of Field Tour)
िघु क्षेत्ीय पयणटि 2/3 घन्टे
मप्तन्दर, कृजष, जमि, तािाब
सामान्य क्षेत्ीय पयणटि सुबह-िाम
मप्तन्दर, स्थाि, िरोहर,
व्यापक क्षेत्ीय पयणटि अजिक समय के जिए भ्रमण
पहाड़ोों बिणबारी, पठार, िाजमणक स्थाि
पयणटन के उद्दे श्य -
1. छात्ोों में करके सीखिा (Learning by doing) का जसद्धान् प्रजतपाजदत करिा है ।
2. छात्ोों को अिुभव के द्वारा ज्ञाि प्रदाि करिा।
3. छात्ोों में सामाजिकता एवों साों स्कृजतकता का जवकास होता है ।
4. छात्ोों में सहयोग की भाविा का जवकास करिा।
5. छात्ोों में िाििे की जिज्ञासा उत्पन्न करािा।
6. छात्ोों में अविोकि एवों जिरीक्षण करिे की िप्तक्त का जवकास करिा।
7. छात्ोों में सृििात्मकता का जवकास करिा।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
8. छात्ोों में ज्ञािात्मक, भावात्मक, बोिात्मक तत्त्वोों को जवकजसत करिा।77754641021485747
क्षेत्ीय पयणटन युक्ति की उपयोशगत
(Utility of Field Tour Teaching Techniques)
1. प्रािजमक स्तर पर छात्ोों को वस्तु जदखाकर ज्ञाि प्रदाि जकया िाता है ।
2. छात् िो भी ज्ञाि प्राि करते हैं पहिे अिुभव बाद में ज्ञाि प्राि करते हैं ।
अिुभव) बाद में िाि 35 m km
3. छात्ोों को मिोरों िि के माध्यम से उपयोगी ज्ञाि प्रदाि जकया िाता है ।
4. छात्ोों में िवीि रुजचयोों का जवकास होता है ।
5. छात्ोों की मािजसक िप्तक्तयोों को प्रत्यक्ष ज्ञाि प्रदाि करके जवकजसत करिा।
6. यह युप्तक्त सभी स्तर के छात्ोों के जिए उपयोगी।
7. सैर-सपाटे से ज्ञाि प्रदाि करिा।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
Lecture - 07 77754641021485747
1. पयणटन शिशि से छ त्ोों में शिक स होत है- (2023)
(अ) समय का सदु पयोग (ब) मिोरों िकता
(स) बौप्तद्धकता (द) जिरीक्षण या अविोकि
2. भ्रमण-प्रशिशि के चरण हैं- (2018)
(अ) िैजक्षक उदे श्य या प्रकरण का चुिाव (ब) पयणटि स्थि का चयि
(स) पयणटि स्थि हे तु सामग्री (द) उपयुणक्त सभी
3. शकस सूत् क सम्बन्ध 'आगमन शिशि' से है-
(अ) स्थूि से सूक्ष्म की ओर (ब) जवजिष्ट से सामान्य की ओर
(स) ज्ञात से अज्ञात की ओर (द) मूतण से अमूतण की ओर
4. आगमन शिशि क प्रयोग शकय ज त है- 2019
(अ) व्याकरण में (ब) जिबन्ध में
(स) गद्य जिक्षण में (द) पद्य जिक्षण में
5. पयणटन सबसे अशिक सह यक है-
(अ) भाषा जिक्षण (ब) गजणत जिक्षण
(स) सोंगीत जिक्षण (द) भूगोि जिक्षण
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
प्रयोग प्रदिणन युक्ति Call us -7388997875
77754641021485747
(Demonstration Techniques)
जिक्षण युप्तक्तयोों में प्रयोग प्रदिणि युप्तक्त का महत्पूणण स्थाि है क्ोोंजक इसके माध्यम से
छोटे स्तर पर छात्ोों को ज्ञाि प्रदाि जकया िाता है | इस स्तर पर बािक ज्ञाि प्राि करिे
में अबोि होता है । उिको जकसी पाठ्यवस्तु उससे सम्बप्तन्धत वस्तु को जदखाकर ज्ञाि जदया
िाता है
जिससे बािक आसािी से ज्ञाि को ग्रहण कर िेते हैं । इसके साि ही यह ज्ञाि
स्थायी होता है क्ोोंजक युप्तक्तयोों से साक्षरता प्राि ज्ञाि अजिक स्थायी होता है ।
प्रदिणन शिशि की उपयोशगत
1. छोटी कक्षाओों को कम समय में उपयुक्त ज्ञाि जदया िाता है ।
2. बािक दृश्य-श्रव्य सामग्री के माध्यम से सीखता है अतः उसकी पाठ में रुजच उत्पन्न
होती है तिा ज्ञाि स्थायी होता है ।
3. उपकरणोों की कमी होिे पर भी जिक्षण प्रभाविािी होता है ।
4. छात् स्वयों दे खकर सीखते हैं ।
5. छात्ोों की जिरीक्षण, तकण व जवचार िप्तक्त का जवकास होता है ।
6. जिक्षण जवजि कम खचीिी व कम समय में प्रयुक्त की िा सकती है ।
प्रयोग प्रदिणन प्रशिशि क प्रयोग करते समय स िि शनय ाँ -
1. प्रयोग प्रदिणि में सुरक्षा अजत आवश्यक है।
2. प्रयोग प्रदिणि में आग बुझािे का सभी सामाि हो।
3. बािक को स्वाभाजवक वातावरण दे िा चाजहए।
4. अध्यापक की उपप्तस्थजत में ही कायण करिा चाजहए।
5. अध्यापक के बताए गए जिदे िोों पर ही कायण करिा चाजहए।
Search in : - Shailesh Classes
UP D.El.ed प्रथम सेमेस्टर बैच लेने के ललए सम्पकक करें ।
Call us -7388997875
77754641021485747
अनुभि से युक्तियुि की ओर (From Empirical to Rational)
प्रारप्तम्भक अवस्था में बािक की मािजसक िप्तक्तयााँ या जिज्ञासा इतिी तेि होती है जक वह
बहुत सा ज्ञाि दे खकर व अिुभव करके प्राि करता है परन्ु वह प्राि ज्ञाि तकण पर
आिाररत िहीों होता है । बािक को ज्ञाि तो होता है पर वह उस ज्ञाि को तकण का प्रयोग
करके सत्य जसद्ध िहीों कर पाता है ।
अध्यापक को जिक्षण कायण करते समय इसी िम को आगे बढािा है उसे उस ज्ञाि को
युप्तक्त सोंगत बिािा है जिससे बािक में समझिे व तकण करिे की िप्तक्त
का जवकास हो सके।
Search in : - Shailesh Classes