जला श ा एवं श ण सं ान, मऊ (उ. .
)
वषय :- इंटन शप प ात अनुभव
लेखन एवम् स्तु तकरण
नाम :- अंजली यादव
स :- 2024 - 2026
वग :- अ
रोल न. :- 30
डी. एल. एड. :- थम सेमेसटर
्
इंटन शप अव ध :- 30 दन
माध्य मक व ालय :- इं लश मी डयम कं पो जट स्कू ल
सरवा , परदाहा - मऊ
वषय :- इंटन शप प ात अनुभव लेखन एवम् स्तु तकरण
मुख ब ए :-
• व ालय के अपने अनुभव को सुनाना।
• व ालय का शै क वातावरण।
• समुदाय का सहयोग एवम् तभा गता।
• दए गए नदशानुसार ाथ मक व ालय अथवा उ ाथ मक व ालय के चय नत
वषय के श ण पर आख्या।
• क ा के अंदर क ग त व धय पर अपने वचार।
• छा ोफाइल का व ेषण एवम् योजना नमाण।
• पा ् सहगामी याकलाप (सांसकृ् तक, सा ह यक, खेलकू द तथा अन्य) पर।
• ोजेक्ट, के स स्टडी, बेसट् ै टस, पा पुसतक
् का व ेषण, ए न रसच आ द पर।
• चुनौ तयां एवं अपने स्तर पर उनके समाधान य द कये गए ह पर अपने वचार स्तुत
करना।
व ालय के अपने अनुभव को सुनाना।
डी. एल. एड. इंटन शप के दौरान ब त अ े अनुभव इस कार है -
• पहली बार कसी व ालय मे अध्यापन करने का
अनुभव ाप्त आ।
• ब ो को कै से पढाना है, कन तरीक से और
आसानी से सीख पाएंगे।
• व ालय क दनचया को समझने का अवसर
ाप्त आ।
• व ालय के सभी श क तथा श काएँ
सहयोगात्मक वृ के है।
व ालय का शै क वातावरण।
• स्व व ालय
• पंखे क सु वधा
• ब्लैकबोड क सु वधा
• व ालय क शै क त अ थी।
• ब ो क पढाई के लए सभी चीज़ उपल थी।
समुदाय का सहयोग एवं तभा गता।
• हर माह के अंत मे P. T. M (मी टग) मे
अ भभावक और श क के बीच बैठक होती थी।
• जसमे ब ो से संबं धत रोज स्कू ल भेजने और
ब ो के पढाई पर उनका ध्यान दे ने आ द के बारे मे
बात - चीत कया जाता था।
• व ालय के सभी श क और छा आपस मे
मल जुलकर रहते थे।
• व ालय के श क ब ो क पढाई मे चपूण
ढं ग से सहयोग करते थे।
ाथ मक व ालय अथवा उ ाथ मक व ालय के चय नत
वषय के श ण पर आख्या।
वषय 1 2 3 4 5
हद सारंगी सारंगी वीणा फू लवारी वा टका
ग णत आनंदमय आनंदमय ग णत मेला अंक - जगत ग णत ान
संसकृ् त संसकृ् त
संसकृ् त - -
पीयूषम् संसकृ् त सुधा सुबोध
अं ेजी मृदंग मृदंग संतूर ग पेटल्स
हमारा - -
हमारा अ तु पयावरण कृ त
प रवेश संसार
क ा के अंदर क ग त व धय पर अपने वचार।
• क ा के अंदर श क ारा क वता को ग त व ध के माध्यम
से पढ़ाते ह।
• क ा के अंदर ब े ग त व धय के ारा ध्यानपूवक पढ़ते
थे।
• ब ो ारा पुसतक
् मे रंग भरवाते ह और च बनवाते ह।
• ब ो के साथ उनको एक गोले के आकार मे खड़ा कराकर
और अपने बीच मे होकर ग त व धय से पढ़ाते थे।
छा
ोफाइल का व ेषण एवं योजना
नमाण।
व ालय क श क क ोफाइल
क. स. श क/ श का का नाम पदनाम वषय
1. वीनीता दवेद इंचाज धाना यपका
2. ज्यो त सह सहायक अध्या पका
3. व ेश कु मार पांडे सहायक अध्यापक
4. अमृता सह सहायक अध्या पका
5. सीमा यादव सहायक अध्या पका
6. नीरज यादव सहायक अध्या पका
7. रोशन हारा अनुचर
8. कौ शल्या मौया श ा म
9. आशा दे वी श ा म
व ालय के ब ो का ोफाइल
(क ा 1 से 8 तक)
क ा छा छा ाएं योग श क
1 10 7 17 आशा देवी
2 6 8 14
कौ शल्या
मौया
3 8 11 19
व ेश कु मार
पांडे
4 12 10 22 ज्यो त सह
5 9 5 14 वनीता देवी
6 5 15 20 अमृता सह
7 9 8 17 सीमा यादव
8 12 17 29 नीरज यादव
कु ल योग 71 81 152
पा ् सहगामी याकलाप (सांसकृ् तक, सा ह यक,
खेलकू द तथा अन्य)
• छा क चय तभाओ को बढ़ावा दे ना।
• छा के बौ धक, शारी रक और सामा जक
वकास को बढ़ावा दे ना।
• खेल, मण और अन्य ग त व धय के माध्यम से
वहा रक अनुभव दान करना।
चुनौ तयां एवं अपने स्तर पर उनके समाधान य द
कये गए ह पर अपने वचार स्तुत करना।
चुनौ तया :-
• ब ो के लए व ालय मे भोजन अ ा नही
मलता ह।
• ब े आपस मे लडाई करते थे।
• ब े अपना गृह काय करते थे और अगले दन
गायब हो जाते थे।
• हद वषय मे नकल लखने के लए दे ने पर
संसकृ् त मे लख कर लाते थे।
चुनौ तयां एवं अपने स्तर पर उनके समाधान य द
कये गए ह पर अपने वचार स्तुत करना।
समाधान :-
• ब ो को अ तरह समझाया जा सकता ह।
• ब ो मे पढाई के त उत्साह लाने के लए
त दन याकलाप करते थे।
• त दन असबली के बाद वज़ पूछा जाता था।
Thank You